एमपी के सीएम भी पहुंचे, धामी के साथ घटनास्थल का भी किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के रिखाऊखड्ड डामटा के समीप बस दुर्घटना स्थल का स्थलीय निरीक्षण कर जायजा लिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने बस दुर्घटना में मृतक रामसजी एवं बांके बिहारी के रिश्तेदार कृष्ण बिहारी द्विवेदी से बातचीत की तथा वाहन दुर्घटना में मृतक सभी श्रद्धालुओं के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने एक अन्य बस में सवार मध्यप्रदेश के तीर्थ यात्रियों से भी बातचीत की।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। कल घटना की सूचना मिलते ही हम लगातार उत्तराखंड सरकार के सम्पर्क में थे। जिला प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री के निर्देशन में राहत और बचाव कार्य तत्काल प्रारम्भ किए। रेस्क्यू ऑपरेशन में जितनी जल्दी हो सकता था सभी ने तेजी से काम किया। जिला प्रशासन और स्थानीय निवासियों द्वारा रात में ही पार्थिव शरीर को गहरी खाई से निकाला। पोस्टमार्टम व पंचनामा की कार्यवाही तेजी से की गई। यात्रियों के पार्थिव शरीर को जौलीग्रांट देहरादून भेजा गया है। यात्रियों के पार्थिव शरीर को सेना के हेलीकॉप्टर के माध्यम से खजुराहो (मध्यप्रदेश) पहुंचाया जाएगा। जहां से उनके पार्थिव शरीर को उनके घर भेजा जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हृदयविदारक बस दुर्घटना के मजिस्ट्रियल जाँच के आदेश दिए है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा करने आ रहें तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने एवं सुगम व सुदृढ़ यात्रा को लेकर लगातार रजिस्ट्रेशन कि व्यवस्था कर रहे है उसके बावजूद यह घटना हुई जो बेहद दुःखद है इस घटना का संज्ञान प्रधानमंत्री ने भी स्वयं व्यक्तिगत रूप से लिया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री जी लगातार पहले दूरभाष पर घटना की जानकारी लेते रहें और उसके बाद घटनास्थल पहुंचे है। जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस द्वारा तेजी से रेस्क्यू अभियान चलाया गया। तीर्थ यात्रियों के पार्थिव शरीर को खाई से निकाला। राज्य सरकार की यही कोशिश है की उनके पार्थिव शरीर जल्द उनके घरों को पहुंच जाएं। तीर्थ यात्रियों के पार्थिव शरीर को डामटा से सड़क के माध्यम से जॉली ग्रांट एयरपोर्ट के लिए भेजा गया है। प्रधानमंत्री राहत कोष और मध्य प्रदेश सरकार ने मृतक के परिजनों एवं घायलों को मुआवजा राशि देने का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतक परिजनों को 2 लाख एवं घायलों को 50 हजार एवं मध्यप्रदेश की सरकार मृतक के परिजनों को 5 लाख एवं घायलों को 50 हजार की राशि देगी। हमारी सरकार भी मृतक के परिजनों को 1 लाख एवं घायलों को 50 हजार रुपये मुआवजा राशि देगी।
इस दौरान गढ़वाल कमिश्नर सुशील कुमार, डीआईजी पुलिस करन सिंह नगन्याल, डीएम उत्तरकाशी अभिषेक रुहेला, डीएम टिहरी इवा आशीष श्रीवास्तव, एसपी अपर्ण यदुवंशी, पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल, जिलाध्यक्ष भाजपा रमेश चौहान, प्रदेश मीडिया प्रभारी भाजपा मनबीर सिंह चौहान, एसडीएम चतर सिंह चौहान, शालिनी नेगी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

आपदा कंट्रोल रूम पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों की ली जानकारी

यमुनोत्री मार्ग पर डामटा के समीप रविवार को हुई बस दुर्घटना की जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सचिवालय स्थित आपदा कंट्रोल रूम पहुंचे। उन्होंने बस दुर्घटना पर शोक व्यक्त करते हुए अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्याे में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने दुर्घटना में मारे गये लोगों की आत्मा की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी ईश्वर से कामना की है। उन्होंने घायलों के उपचार की समुचित व्यवस्था के निर्देश भी जिलाधिकारी उत्तरकाशी को दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने आपदा कंट्रोल के संचालन व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया तथा ड्यूटी पर तैनात कार्मिकों से भी कंट्रोल रूम के संचालन से सम्बन्धित प्रक्रियाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में यात्रा अपने चरम पर है। यात्रा संचालन में व्यवस्थाओं के साथ ही किसी भी प्रकार की अनहोनी पर त्वरित राहत सम्बन्धी कार्य संचालित हो। इसके लिए कारगर व्यवस्था बनायी जाए। सभी जनपदों से आपदा कंट्रोल रूम को 24 घंटे सूचनाएं उपलब्ध कराये जाने के साथ ही जनपदों के आपदा कंट्रोल रूमों को भी और अधिक सक्रिय किये जाने के उन्होंने निर्देश दिए।
दुर्घटनाग्रस्त हुई बस में सवार लोग मध्यप्रदेश के होने के कारण मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से दूरभाष पर वार्ता कर दुर्घटना की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समस्या में राहत एवं बचाव कार्य तेजी से किये जा रहे है।

शिवराज और धामी ने मिल पुराने दिनों को किया याद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बृहस्पतिवार को देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से शिष्टाचार भेंट की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र तथा पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से पौधा भेंट किया। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ व प्रतीक चिह्न भेंट किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय परिसर स्थित शौर्य दीवार पर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके पश्चात उत्तराखंड के मुख्यमंत्री एवं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय परिसर में मौलश्री के पौधे का रोपण भी किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द, देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पाण्डया, जिलाधिकारी हरिद्वार विनय शंकर पाण्डेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. योगेन्द्र सिंह रावत उपस्थित रहे।

भारतीय साहित्य संगम ने ऑनलाइन अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का किया आयोजन

भारतीय सहित्य संगम के तत्वावधान में गूगल मीट पर ऑनलाइन अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जेएमसी शासकीय महिला महाविद्यालय मंडला मध्य प्रदेश के प्राचार्य प्रोफेसर शरद नारायण खरे, विशिष्ट अतिथि शंखनाद वेब न्यूज़ उत्तराखंड के संपादक भारतेंदु शंकर पांडे तथा अध्यक्षता हाईकोर्ट बार एसोसिएशन इलाहाबाद की संयुक्त सचिव मंजू पांडे ’महक जौनपुरी’ ने की।
देशभर से जुटे कवियों ने काव्य धारा बहाते हुए समसामयिक विषयों पर रचनाएं प्रस्तुत की।
भारतीय साहित्य संगम के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कार्यक्रम संयोजक डॉ धीरेंद्र रांगड़ ने शब्दों का कारवां की 110वीं श्रंखला पर साहित्य मनीषियों को स्वागत किया तथा हिन्दी पखवाड़ा की शुभकामनाएं प्रेषित की। कार्यक्रम में अरुणा वशिष्ठ द्वारा सुमधुर वाणी में सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई।

आमन्त्रित रचनाकारों ने राष्ट्र भाषा हिंदी की महत्वता पर अपनी रचनाएँ प्रस्तुत की। इस अवसर पर कवि डॉ अशोक गुलशन ने हिन्दी भाषा है सभी भाषाओं की जान, इसको पढ़ करके हुये, तुलसी-सूर महान। शम्भु प्रसाद भट्ट स्नेहिल ने भारतीयता की पहिचान, हिंदी बिना अधूरी है। इसीलिए हिंदी की शिक्षा, सबके लिए जरूरी है। डॉक्टर धीरेंद्र रांगड़ ने मैं दीवाना हिंदी का और तू दीवाना हिंदी का, ये जग दीवाना हिंदी का वो रब दीवाना हिंदी का की शानदार प्रस्तुति दी। महक जौनपुरी ने ग़ैर के ग़म से जो बाख़बर हो गया, जग में सच है वो आला बशर हो गया, मनोज कुमार गुप्ता आचार्य मनुश्री ने साहित्य से कैसी ढिढोली हो रही है, जिसे देख मेरी कलम रो रही है, राजेश डोभाल राज ने सब्र करता रहा मुद्दतों से यूं ही कागज, सब्र टूटा तो सरे बाजार फट गया कागज, अरुण कुमार शास्त्री ने कितनी हंसी है ये जिन्दगी के जबसे, तुमने ये कहा है तेरे होने से सब कुछ यहां है। कवि उमेश पटेल श्रीश ने खड़े हैं बीच चौराहे पर अपनी मंजिल की राह भूलकर, सोचते हैं इन राहों में से कोई राह मेरी मंजिल की भी होगी रचनाये प्रस्तुत की।
इसके अतिरिक्त आमंत्रित कविगणों में डॉ. बालकृष्ण पांडेय, प्रयागराज, डॉ वर्षा पुनवटकर, वर्धा महाराष्ट्र, बबिता शर्मा, कोटा, राजस्थान, डॉ. सत्यानन्द बडोनी, देहरादून, शिवकुमार चंदन, रामपुर उ.प्र., डॉ देवीदीन अविनाशी, हमीरपुर, नवीन डिमरी बादल, कर्णप्रयाग, शिव प्रसाद बहुगुणा आदि ने भी शानदार प्रस्तुति दी। कवि सम्मेलन का संचालन शंभू प्रसाद भट्ट ने किया।

मुनिकीेरेती पुलिस का पसीजा दिल, पर्यटकों को घर लौटने के लिए दिए सात हजार रूपए

मुनिकीरेती पुलिस ने मध्य प्रदेश के नागरिकों को घर जाने के लिए सात हजार रूपए की मदद की है। उक्त नागरिकों का पर्स व आवश्यक दस्तोवज गंगा स्नान के दौरान गायब हो गए थे। इसके उनके समक्ष घर जाने तक के रूपए नहीं थे।

दरअसल, हरिद्वार कुंभ मेला स्नान के लिए मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर से घूमने पहुंचे रेखा बाई चैहान व उनके परिजन राहुल भूरी बाई, आलोक गंगाबाई, जिगर चैहान उस समय भारी मायूस हो गए। जब नाव घाट पर नहाते समय उनका पर्स कहीं गायब हो गया। पुलिस के अनुसार जरूरी दस्तावेजों में आधार कार्ड, एटीएम आदि थे। आज थाना प्रभारी राम किशोर सकलानी ने उन्हें घर उज्जैन तक जाने के लिए सात हजार रूपए की आर्थिक मदद प्रदान की। इसके लिए उक्त नागरिकों ने मुनिकीरेती पुलिस धन्यवाद अदा किया।

मुंबई से अरेस्ट कर ला रही यूपी पुलिस की गाड़ी एमपी में पल्टी, गैंगस्टर की मौत

मध्य प्रदेश के गुना में मुंबई से अरेस्ट कर ला रही यूपी पुलिस की गाड़ी पलट गई। इससे कार में सवार गैंगस्टर फिरोज उर्फ शमी की मौत हो गई। जबकि रिंगरोड चैकी प्रभारी जगदीश पांडेय सिपाही समेत चार लोग गम्भीर रूप से घायल हो गए। इससे एक बार पुनः विकास दुबे की मौत की तस्वीर पुनः सामने आ गई।

पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय के मुताबिक बहराइच निवासी फिरोज उर्फ शमी के खिलाफ ठाकुरगंज कोतवाली में छह मुकदमे दर्ज थे। इनमें तीन लूट के, दो चोरी और एक गैंगस्टर एक्ट का था। वर्ष 2014 से वह फरार चल रहा था। इसके बाद ही उस पर गैंगस्टर लगा था। तीन दिन पहले उसके मुंबई में होने की खबर मिलने पर ठाकुरगंज कोतवाली की रिंगरोड चैकी के प्रभारी जगदीश पांडेयए सिपाही संजीव सिंहए मुखबिर और ड्राइवर के साथ सड़क मार्ग से 25 सितंबर को मुंबई गए थे। शनिवार रात को इस टीम ने मुंबई पुलिस की मदद से फिरोज को गिरफतार कर लिया। फिरोज का गैरजमानती वारन्ट कोर्ट से जारी हुआ था।

पुलिस के मुताबिक रविवार तड़के तीन बजे उसे लेकर टीम लखनऊ के लिए निकली। करीब सात बजे गुना में चचोड़ा इलाके के पास कार के सामने अचानक नील गाय आ गई। उससे बचने के प्रयास में गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में कार सवार पांचों लोग घायल हो गए। घायलों को अस्पताल ले जाया गया जहां फिरोज को मृत घोषित कर दिया गया। जबकि जगदीशए सिपाहीए मुखबिर व ड्राइवर का इलाज चल रहा है।

टिकटॉक को आ गया बाय-बाय करने का समय, स्वदेशी एप मित्रों हो रहा पॉपुलर

भारत में टिकटॉक का बाय-बाय करने का वक्त आ गया है। भारत के युवाओं की जुबां पर अब टिकटॉक नहीं बल्कि स्वदेशी निर्मित एप मित्रों का नाम है। अभी तक इस एप को 50 लाख से ज्यादा युवा गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर चुके है। इसे आईआईटी रूड़की के पूर्व छात्रों ने बनाया है। इसे टिकटॉक का क्लोन भी कहा जा रहा है।

आईआईटी के पूर्व छात्रों का कहना है कि एप लांच करते समय हमें ऐसे ट्रैफिक की उम्मीद नहीं थी। इसे बनाने के पीछे लोगों को सिर्फ भारतीय विकल्प देना था। आईआईटी रुड़की में वर्ष 2011 में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग ब्रांच से पासआउट छात्र शिवांक अग्रवाल ने अपने चार साथियों के साथ मित्रों एप बनाया है।

11 अप्रैल को हुआ था मित्रों एप लांच
पेटीएम के पूर्व सीनियर वाइस प्रेजिडेंट दीपक के ट्वीट के बाद इसकी चर्चा हर किसी की जुबान पर है। अचानक बड़ी संख्या में लोगों के एप डाउनलोड करने से नेटवर्क ट्रैफिक भी प्रभावित होने लगा। टीम मेंबर ने बताया कि वास्तव में 11 अप्रैल को एप लांच करते समय यह नहीं सोचा था कि इसे इतनी सफलता मिलेगी। टिकटॉक को पीछे छोड़ना जैसी कोई बात नहीं है। हमारा उद्देश्य लोगों को सिर्फ एक भारतीय विकल्प देना था। लोग इसका इस्तेमाल करना चाहेंगे या नहीं यह हमारे हाथ में नहीं है, लेकिन हमें लोगों से जो आशीर्वाद मिला, उससे हम बहुत खुश हैं। उन्होंने बताया कि हमें किसी ने फंड नहीं दिया है, उनका फंड लोगों का प्यार ही है।

मित्रों स्वदेशी नाम, इसलिए देना उचित
टीम मेंबर ने बताया कि मित्रों का अर्थ मित्र ही है। एक तो यह भारतीय उपभोक्ताओं को भारतीय मंच के जरिए सेवा देने के लिए है। हम स्वदेशी नाम देकर भारतीय नामों के खिलाफ पूर्वाग्रहों को भी दूर करना चाहते हैं।

बहुमत का आंकड़ा दूर, कमलनाथ दे सकते है इस्तीफा

मध्यप्रदेश की सियासत के ताजा घटनाक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने स्वीकार कर लिया है कि अब उनकी सरकार सुरक्षित नहीं है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि पैसे और सत्ता के दम पर बहुमत वाली सरकार को अल्पमत में लाया गया है। वहीं राज्य के सियासी गलियारों से खबर है कि कमलनाथ बहुमत परीक्षण से पहले ही इस्तीफा दे सकते हैं। यह संकट कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक कांग्रेस के सभी बागी 16 विधायकों के इस्तीफे मंजूर होने के बाद और पुख्ता हो गया है।
मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने कल देर रात कांग्रेस के 16 बागी विधायकों के इस्तीफे मंजूर कर लिए। इन सभी विधायकों ने छह अन्य विधायकों के साथ 10 मार्च को अपना इस्तीफा दिया था लेकिन प्रजापति ने इनके इस्तीफों पर कोई फैसला नहीं लिया था। हालांकि उन्होंने छह अन्य के इस्तीफे मंजूर कर लिए थे। ये सभी 16 विधायक अभी बंगलूरू में ठहरे हुए हैं।
कांग्रेस के बागी 16 विधायकों के इस्तीफे मंजूर करने के बाद विधानसभा स्पीकर एनपी प्रजापति का दर्द छलक गया है। स्पीकर एनपी प्रजापति ने कहा कि वे दुखी हैं। कहा कि और उन्होंने भारी मन से ये इस्तीफे इसलिए स्वीकार किए क्योंकि बागी विधायक मेरे खिलाफ ही कोर्ट में खड़े हो गए… ये लोकतंत्र की बिडंबना है।
इससे पहले के घटनाक्रम में मध्यप्रदेश कांग्रेस विधायक दल ने कल को अपने सभी विधायकों को व्हिप जारी किया। इसमें कहा गया है कि वे सभी 20 मार्च को विधानसभा में मौजूद रहें और बहुमत परीक्षण के दौरान कमलनाथ सरकार के पक्ष में मतदान करें। वहीं दूसरी ओर, भाजपा ने भी अपने विधायकों को व्हिप जारी कर कमलनाथ सरकार के खिलाफ मतदान करने को कहा है।
जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस हेमंत गुप्ता की पीठ पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान समेत अन्य भाजपा विधायकों की कमलनाथ सरकार के बहुमत परीक्षण की मांग वाली याचिकाओं पर दो दिन से सुनवाई कर रही थी। पीठ ने विधानसभा के स्पीकर को विशेष सत्र बुलाने और राज्य सरकार को सदन में अपना बहुमत साबित करने का निर्देश दिया।
पीठ ने विधायकों से अपना हाथ उठाकर मत प्रकट करने का निर्देश दिया। विधानसभा की पूरी कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग का भी आदेश दिया गया है। पीठ ने यह भी साफ किया, विधानसभा सत्र बुलाने का एकमात्र एजेंडा बहुमत परीक्षण कराना होगा। संबंधित अथॉरिटी यह सुनिश्चित करेगी कि बहुमत परीक्षण के दौरान सदन में कानून व्यवस्था कायम रहे।

हाईकोर्ट के निर्देश पर प्रशासन की टीम ने किया परमार्थ निकेतन का निरीक्षण, हुआ चौकाने वाला खुलासा

51 वर्षों से बिना लीज अनुबंध के परमार्थ निकेतन चल रहा है। इसका खुलासा शनिवार को हुई पैमाइश के बाद हुआ है। हाईकोर्ट के आदेश पर जिलाधिकारी पौड़ी धीरज गर्ब्याल ने प्रशासन की एक टीम को पैमाइश करने के लिए परमार्थ निकेतन भेजा। इस दौरान राजस्व, सिंचाई और वन विभाग के अधिकारियों ने परमार्थ निकेतन स्थित गंगा घाट की पैमाइश की। इस दौरान सामने 51 वर्ष पहले ही परमार्थ निकेतन की वन विभाग से हुई लीज डीड की अवधि समाप्ति वाली बात निकलकर आई।

हाईकोर्ट ने पौड़ी डीएम को सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में 16 दिसंबर को रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने यह आदेश एक याचिका के बाद दिया है। याचिका में यह आरोप है कि परमार्थ निकेतन ने सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण किया है। पैमाइश के दौरान खुलासा हुआ कि वन विभाग ने परमार्थ निकेतन को 2.3912 एकड़ भूमि लीज पर दी थी। लीज की अवधि वर्ष 1968 में ही समाप्त हो चुकी है। इस तथ्य की पुष्टि राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक पीके पात्रो ने की है। उन्होंने बताया कि परमार्थ निकेतन का वन विभाग के साथ केवल 15 वर्षों का अनुबंध हुआ था, लेकिन लीज अनुबंध खत्म होने के बाद अफसरों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। पैमाइश करने वाली टीम में एसडीएम श्याम सिंह राणा, सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सुबोध मैठाणी, रेंज अधिकारी धीर सिंह, पटवारी कपिल बमराड़ा शामिल थे।

परमार्थ निकेतन का भूमि संबंधी विवाद वीरपुर खुर्द में भी जोर पकड़ रहा है। दरअसल यहां परमार्थ की ओर से संचालित गुरुकुल भी वन विभाग की भूमि पर संचालित है। आरोप है कि निकेतन ने यहां 27 एकड़ भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है। इस संदर्भ में पशुपालन विभाग ने भी कोर्ट में काउंटर दाखिल कर स्पष्ट किया है कि उक्त भूमि वन विभाग की है। इस मामले में डीएफओ देहरादून राजीव धीमान का कहना है कि परमार्थ निकेतन की ओर से वीरपुर खुर्द में संचालित गुरुकुल का लीज अनुबंध 1978 में समाप्त हो चुका है। फिलहाल यहां हुए अवैध कब्जे को खाली करवाने के मामले में अफसर अभी चुप्पी साधे हुए हैं। परमार्थ निकेतन के प्रभाव को देखते हुए अफसरों में भी कार्रवाई को लेकर संशय बना हुआ है।

उधर, टाईगर रिजर्व के निदेशक पीके पात्रों ने अनुसार केवल 15 वर्षों के लिए परमार्थ को लीज पर भूमि दी गई थी। वर्ष 1968 में परमार्थ निकेतन के साथ वन विभाग का लीज अनुबंध समाप्त हो गया था। वर्ष 2003 तक परमार्थ निकेतन टाईगर रिजर्व को कर शुल्क जमा करता रहा। लीज के नवीनीकरण के लिए आश्रम की ओर से कई बार कहा गया। वर्ष 1980 में वन अधिनियम के तहत लीज पर देने का प्रावधान खत्म कर दिया गया है। इस कारण लीज के नवीनीकरण का मामला रुक गया।

भारत में जासूसी को आईएसआई ले रहा हनीट्रैप का सहारा

इंटेलिजेंस ब्यूरो द्वारा हनीट्रैप से संबंधित जारी अलर्ट के एक दिन बाद ही मध्य प्रदेश के जबलपुर में इंडियन आर्मी के एक लेफ्टिनेंट कर्नल को हिरासत में लिया गया है। इंटेलिजेंस विंग के अफसर संदिग्ध गतिविधियों की वजह से आरोपी से पूछताछ कर रहे हैं। उस पर हनीट्रैप में फंसकर गोपनीय जानकारियां लीक करने का आरोप लगा है।

13 फरवरी को आईबी ने चेताते हुये कहा था कि खूबसूरत चीनी और पाकिस्तानी लड़कियों के जरिए दुश्मन देश सेना के अफसरों को हनीट्रैप में फंसा सकता है। फेसबुक और व्हाट्सअप के जरिए उनसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां हासिल कर सकता है। इंटेलिजेंस ब्यूरो ने इस बाबत भारत सरकार को अलर्ट किया है।

हाल ही में खुफिया जानकारी लीक करने के आरोप में भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन अरुण मारवाह को गिरफ्तार किया गया है। कैप्टन मारवाह को हनीट्रैप के जरिए फंसाया गया था। फेसबुक के जरिए वह दो महिलाओं के संपर्क में आया था। वह खुफिया जानकारी व्हाट्सअप के जरिए भेजने लगा था।

कैप्टन अरुण मारवाह पर सरकारी गोपनीयता कानून के तहत केस दर्ज किया गया। पटियाला हाउस कोर्ट ने उसे 14 दिन के लिए जेल भेज दिया है। वायुसेना मुख्यालय में तैनात रहे ग्रुप कैप्टन को काउंटर इंटेलिजेंस विंग की ओर से करीब 10 दिनों तक की गई पूछताछ के बाद दिल्ली पुलिस को सौंपा था।

वायुसेना के केंद्रीय सुरक्षा एवं जांच दल ने एक नियमित जासूसी रोधी चौकसी के दौरान पाया था कि ग्रुप कैप्टन अरुण मारवाह अनाधिकृत इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए अवांछित गतिविधियों में शामिल था। बताते चलें कि भारतीय सेना के लिए सोशल मीडिया पर सक्रिय होने के लिए एक सख्त संहिता है।

इसके तहत सैनिकों को अपनी पहचान, पद, तैनाती और अन्य पेशेवर विवरण साझा करने पर पाबंदी है। उन्हें वर्दी में अपनी तस्वीर भी लगाने पर पाबंदी है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई भारत में जासूसी करने के लिए हनीट्रैप का सहारा ले रही हैं। भारतीय जवानों को मोहरा बनाया जा रहा है।

इसी कड़ी में साल 2015 में रंजीत केके नामक एक एयरमैन को गिरफ्तार किया गया था। बर्खास्त होने से पहले वह बठिंडा बेस पर तैनात था। उसे दिल्ली पुलिस, सैन्य खुफिया और वायुसेना यूनिट ने ज्वाइंट ऑपरेशन चलाकर पकड़ा था। उसे एक पाकिस्तानी लेडी एजेंट ने अपने जाल में फंसाया था।