बदरीनाथ धाम के कपाट बंद, मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं

भू-बैकुंठ श्री बदरीनाथ धाम की कपाट बंदी के साथ ही चारधाम यात्रा का भी विधिवत समापन हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर देश-विदेश के तमाम श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए यात्रा के सफल संचालन हेतु तमाम विभागों का भी आभार प्रकट किया है।
गौरतलब है कि इस बार रिकॉर्ड साढ़े छियालीस लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चारधामों के दर्शन किये। अकेले 17 लाख 60 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान बदरीविशाल के दर्शन कर पुण्य कमाया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री चारधामों के कपाट बंद होने के अवसर पर तीर्थयात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस बार रिकॉर्ड यात्रियों का चारधाम की यात्रा पर आना यह भी परिलक्षित करता है कि राज्य सरकार द्वारा की गई बेहतर व्यवस्थाओं के चलते संभव हो सका है। उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में वर्तमान में श्री केदारनाथ धाम एवं श्री बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है जिससे आने वाले यात्राकाल में तीर्थयात्रियों एवं आम जनमानस को पर्याप्त सुविधाएं मिलेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने हालिया दौरे के दौरान केदारनाथ धाम एवं हेमकुंड धाम के लिए रोपवे की आधारशिला रखी है जिससे आने वाले दिनों में यह दोनों यात्राएं न केवल सुगम बल्कि सुरक्षित हो सकेंगी। मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं में जुटे रहे तमाम विभागों के कार्मिकों का भी आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों के बीच बेहतर सामंजस्य एवं स्थानीय लोगों की भागीदारी से ही कुशलता पूर्वक यात्रा संभव हो सकी है।

छठ् पूजा के कार्यक्रम में हुए शामिल सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार सायं को खटीमा पहुंचकर संजय पार्क तथा 22 पुल खिलड़िया में आयोजित छठ पूजा कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी प्रदेशवासियों को छठ पूजा की हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि छठ मईया की कृपा सदैव सभी पर बनी रहे। सूर्याेपासना का यह पावन पर्व हमें प्रकृति से जोड़ता है और शुद्धता, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है। उन्होंने कामना करते हुए कहा कि भगवान भास्कर एवं छठी मइया सबकी मनोकामना पूर्ण करें। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने झंकैया में आयोजित रामलीला में भी प्रतिभाग किया।

भैया दूज पर शीतकाल के लिए बंद हुए बाबा केदारनाथ के कपाट

भैया दूज के पावन अवसर पर प्रात: 8.30 बजे 11वें ज्योर्तिलिंग भगवान केदारनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो गए। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बाबा के कपाट बंद हुए और सेना के बैंड की मधुर धुन के बीच बाबा केदार की चल विग्रह डोली को मंदिर से बाहर लाकर ऊखीमठ के लिए प्रस्थान कराया गया। इस अवसर पर 2500 से ज्यादा श्रद्धालु कपाट बंद होने के साक्षी बने। (portal of shri kedarnath dham closed for winter season)

प्रांत 3.30 बजे ही केदारनाथ मंदिर खुल गया था। चार बजे से कपाट बंद करने की समाधि पूजन प्रक्रिया शुरू हो गयी। पुजारी टी गंगाधर लिंग ने भगवान केदारनाथ के स्यंभू ज्योर्तिलिंग को श्रृंगार रूप से समाधि रूप दिया गया ज्योर्तिलिंग को बाघंबर, भृंगराज फूल,भस्म, स्थानीय शुष्क फूलों- पत्तों, आदि से ढ़क दिया गया।इसके साथ ही भकुंट भैरव नाथ के आव्हान के साथ ही गर्भगृह तथा मुख्य द्वार को जिला प्रशासन की मौजूदगी में बंद किया गया। इसके साथ ही पूरब द्वार को भी सीलबंद किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने के अवसर पर तीर्थयात्रियों का आभार जताया। कहा कि इस बार चारधाम यात्रा रिकार्ड पैंतालीस लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में नयी केदार पुरी अस्तित्व में आ चुकी है जहां तीर्थयात्रियों को हर संभव सुविधाएं मुहैया हो रही है। गौरीकुंड- केदारनाथ रोप वे के बनने से केदारनाथ यात्रा अधिक सुगम हो जायेगी।

इस अवसर पर सेना की 11 मराठा लाईट इ़फ्रंट्री रूद्रप्रयाग के बैंड की भक्तिमय धुनों तथा बाबा केदार की जय उदघोष से केदारनाथ धाम गुंजायमान रहा। मंदिर समिति अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने कहा कि सामूहिक सहयोग समन्वय से यात्रा का सफलतापूर्वक समापन हुआ है।

कपाट बंद होने के बाद भगवान केदारनाथ जी की पंचमुखी डोली शीतकालीन गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ के लिए प्रस्थान हुई। आज पंचमुखी डोली प्रथम पड़ाल राम पुर पहुंचेगी। कल 28 अक्टूबर शुक्रवार को देवडोली श्री विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी प्रवास करेगी तथा 29 अक्टूबर शनिवारको श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंचेगी। इसी के साथ इस वर्ष श्री केदारनाथ यात्रा का समापन हो जायेगा तथा पंचकेदार गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में भगवान केदारनाथ जी की शीतकालीन पूजाएं शुरू हो जायेगी।

इस यात्रा वर्ष चार धाम यात्रा में 43 लाख से अधिक तीर्थ यात्री दर्शन को पहुंचे। हेमकुंट साहिब को मिला कर यह संख्या पौने छयालीस लाख पहुंच गयी। 26 अक्टूबर गौवर्धन पूजा के अवसर पर श्री गंगोत्री धाम के कपाट शीतकाल हेतु बंद हो गये है। आज दोपहर में श्री यमुनोत्री धाम के कपाट शीतकाल हेतु बंद हो जायेंगे।

पीएम मोदी के नेतृत्व में देश में संवर रही संस्कृतिः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टपकेश्वर महादेव मंदिर देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए जा रहे श्री महाकालेश्वर उज्जैन में महाकाल लोक लोकार्पण कार्यक्रम का वर्चुअल रूप से अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संपूर्ण देश के अंतर्गत धर्म संस्कृति को संवारने एवं उन्हें मजबूती प्रदान करने का कार्य किया जा रहा है, उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही केदारनाथ धाम, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का भव्य एवं दिव्य निर्माण कार्य हुआ है, साथ ही अयोध्या में भव्य राम मंदिर का कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा उज्जैन में महाकाल लोक के लोकार्पण के बाद महाकाल मंदिर का भव्य रूप देखने को मिलेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इससे पूर्व टपकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर केबिनेट मंत्री गणेश जोशी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

नवरात्रों में मां की पूजा का है विशेष महत्व-अग्रवाल

हिमालय देवी मंदिर समिति की ओर से मां कालरात्रि का पूजन धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने मुख्य अतिथि के रुप में शिरकत करते हुए मां कालरात्रि की विशेष आरती में प्रतिभाग किया।
छिद्दरवाला में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्री डॉ अग्रवाल ने माँ कालरात्रि के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस मौके पर मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं को माता का रूप माना जाता है। माँ कालरात्रि ने महिषासुर जैसे दैत्य का संहार कर भक्तों का दुख दूर किया था। उसी प्रकार आज भी माँ अपने भक्तों के लिए सदैव तत्पर रहती है। उन्होंने कहा कि माँ का सच्चे मन से स्मरण करने पर सारे दुःखों का निवारण होता है।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि मां कालरात्रि भयानक ​दिखती हैं लेकिन वे शुभ फल देने वाली हैं। मां कालरात्रि से काल भी भयभीत होता है। कहा कि देवी अपने भक्तों को भय ये मुक्ति और अकाल मृत्यु से भी रक्षा करती है। शत्रुओं के दमन के लिए भी इस देवी की पूजा की जाती है। डॉ अग्रवाल ने इस सुंदर आयोजन के लिए हिमालय देवी मंदिर समिति को बधाई दी।
इस मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष डोईवाला सुमित्रा मनवाल, ब्लॉक प्रमुख भगवान सिंह पोखरियाल, हरभजन सिंह सौंधी, प्रधान सोबन सिंह कैंतुरा, पूर्व प्रधान हरीश कक्कड़, प्रधान प्रतिनिधि बलविंदर सिंह लाला, अध्यक्ष गोरखा सुधार सभा कृष्ण कुमार थापा, अध्यक्ष माता हिमालय देवी मंदिर दिल बहादुर खत्री, शम्भू गुरुंग, बुद्ध बहादुर, दिगंबर थापा, क्षेत्र पंचायत सदस्य अमर खत्री, अम्बर गुरुंग, आनंद भंडारी, रोबिन राणा, सन्तोषी शर्मा, संजना भंडारी, ममता भंडारी, संगीता गुरुंग, राज कुमार भंडारी, आरती थापा, स्नेह लता भंडारी, गीता भंडारी, अनिल भंडारी, गणेश शर्मा, रमन रांगड़, हरीश पैन्यूली आदि उपस्थित रहे।

धर्मगुरु शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती जी को अर्पित की भावभीनी श्रद्धाजंलि

द्वारकापीठ के व हिंदुओं के सबसे बड़े धर्मगुरु शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती का निधन 99 साल की उम्र में निधन पर ऋषिकेश गंगा आरती ट्रस्ट ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुये उनकी आत्मा की शान्ति हेतु मौन रखा।

पूर्णानंद घाट मुनी की रेती गंगा तट पर महिलाओं द्वारा होने वाली माँ गंगा की आरती द्वारकापीठ के शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती को समर्पित की। वह आजादी की लड़ाई में भाग लेकर जेल भी गए थे। स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों का डटकर किया था मुकाबला। उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए लंबी कानूनी लड़ाई भी लड़ी थी।

पंडित हरिओम शर्मा ज्ञानी ने कहा कि अद्भुत व्यक्तित्व, सरल हृदय और प्रभु के श्री चरणों में समर्पित जीवन था द्वारकापीठ के शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती जी का ईश्वर उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान प्रदान करे।

द्वारकापीठ के व हिंदुओं के सबसे बड़े धर्मगुरु शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती को भावभीनी श्रद्धाजंलि ईश्वर उनकी आत्मा को शान्ति प्रदान करे।

शादाब शम्स का बड़ा बयान, उत्तराखंड में गरजेंगे वक्फ बोर्ड के बुलडोजर

भाजपा के तेजतर्रार नेताओं में शुमार शादाब शम्स के हाथों में उत्तराखंड वक्फ बोर्ड की कमान आ गई है। बोर्ड का अध्यक्ष चुने जाने के बाद शम्स ने बोर्ड के अन्य सदस्यों के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। बाद में उन्होंने बोर्ड के सदस्यों और अधिकारियों के साथ विभिन्न विषयों पर विमर्श किया। मीडिया से बातचीत में शम्स ने कहा कि वर्ष 2000 में उत्तराखंड में वक्फ बोर्ड की परिसंपत्तियां डेढ़ लाख करोड़ रुपये की थीं, जो अब काफी बढ़ चुकी हैं। उन्होंने बताया कि बोर्ड की जमीनों पर जगह-जगह बड़े पैमाने पर अतिक्रमण है। माफिया के कब्जे से इन जमीनों को मुक्त कराने के लिए बोर्ड के बुलडोजर गरजेंगे। उन्होंने कहा कि बेहतर शिक्षा व्यवस्था पर भी जोर रहेगा। इसके लिए ऐसे शिक्षण संस्थान खोले जाएंगे, जिनमें सभी धर्मों के बच्चे पढ़ाई कर सकें। उन्होंने कहा कि बोर्ड की व्यवस्थाओं को भी चुस्त-दुरुस्त किया जाएगा।
बतातें चले कि बुधवार को सचिवालय में हुए उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के चुनाव में शम्स को निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया गया। 10 सदस्यीय बोर्ड शामिल विपक्ष के चार सदस्यों ने भी उनके पर सहमति जताई। बोर्ड के नवनिर्वाचित अध्यक्ष शम्स ने कहा कि उनकी प्राथमिकता बोर्ड की जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराना है। इसके लिए दो बुलडोजर खरीदे जाएंगे। इनमें एक गढ़वाल और दूसरा कुमाऊं क्षेत्र में तैनात रहेगा। वक्फ बोर्ड के चुनाव की प्रक्रिया पिछले आठ माह से चल रही थी। 10 सदस्यीय बोर्ड का गठन होने के बाद इन्हीं में से अध्यक्ष का निर्वाचन किया जाता है। अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया पूर्व में चम्पावत उपचुनाव के कारण शुरू नहीं हो पाई थी। बाद में इसके लिए सात सितंबर की तिथि तय की गई। सचिवालय में निर्वाचन अधिकारी एवं प्रमुख सचिव अल्पसंख्यक कल्याण एल फैनई की देखरेख में चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई। बोर्ड के सभी सदस्यों की ओर से शादाब शम्स के नाम पर सहमति जताए जाने के बाद शम्स ने नामांकन भरा। तय समयावधि बीतने पर निर्वाचन अधिकारी ने शम्स के निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा की। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रहे शम्स पूर्व में 15 सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष का दायित्व भी निभा चुके हैं। बोर्ड के अध्यक्ष का कार्यकाल पांच वर्ष का है।

सितंबर को होगी बोर्ड की पहली
नवनिर्वाचित वक्फ बोर्ड की पहली बैठक 15 सितंबर को होगी। बोर्ड के अध्यक्ष के अनुसार बैठक का एजेंडा तय किया जा रहा है। इसमें बोर्ड की जमीनों से अतिक्रमण हटाने समेत अन्य विषय शामिल किए जा रहे हैं।

भाजपा की सक्रिय राजनीति में अहम चेहरा
शादाब शम्स उत्तराखंड भाजपा की सक्रिय राजनीति में एक अहम चेहरा हैं। बता दें 2021 में भाजपा राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा द्वारा उत्तराखंड के भाजपा नेता शादाब शम्स को पश्चिम बंगाल का प्रभारी बनाया था। भाजपा नेता शादाब शम्स 15 सूत्रीय कार्यक्रम कियान्‍वयन समिति के उपाध्‍यक्ष भी रहे हैं।

वक्फ बोर्ड क्या होता है
वक्फ बोर्ड इस्लामिक इमारतों, संस्थान और जमीनों के सही रख-रखाव के साथ ही इनके इस्तेमाल की व्‍यवस्‍था देखता है। वक्फ बोर्ड न्यायिक व्यवस्था के तहत गठित कानूनी बोर्ड है। वक्फ बोर्ड अपनी संपत्ति का अपने हिसाब से इस्तेमाल कर सकता है। लेकिन इसके लिए उसे बोर्ड के सदस्यों की मंजूरी लेनी जरूरी होती है।

पुलिस लाइन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव कार्यक्रम मनाया

पुलिस लाइन, देहरादून में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि) ने बतौर मुख्य अतिथि एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बतौर विशिष्ट अतिथि प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के दौरान कलाकारों द्वारा भगवान कृष्ण और राधा पर आधारित गीतों को प्रस्तुत किया गया जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय कर दिया। इस मौके पर छोटे बच्चों ने कृष्ण और राधा पर आधारित नृत्य प्रस्तुत किए।
इस दौरान राज्यपाल ने जन्माष्टमी पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्रीकृष्ण जन्मोत्सव हमारे लिए सदैव एक उत्साह, आनंद, प्रेरणा और उमंग लेकर आता है। भगवान श्रीकृष्ण का जीवन चरित्र, व्यक्तित्व और उनके उपदेश हमें अलौकिक मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने कहा की पुलिस प्रशासन का यह एकमात्र त्यौहार होता है जिसे काफी बेहतर तरीके से मनाया जा रहा है। पुलिस प्रशासन 24 घंटे जनता की सेवा में तत्पर रहती है और आज उनके के लिए यह त्योहार महत्वपूर्ण होता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्री कृष्ण का प्रत्येक अवतार मनुष्य को जीवन जीने कि नई सीख देता है। भगवान श्री कृष्ण की प्रेरणा मनुष्य को सफल एवं समृद्ध बनाती है। उन्होंने कहा जब-जब धर्म की हानि हुई भगवान श्री कृष्ण ने विभिन्न अवतारों में धर्म एवं संसार की रक्षा की है।
कार्यक्रम में प्रथम महिला गुरमीत कौर, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ’निशंक’, कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजान दास, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, विधायक सविता कपूर, विधायक खजान दास, गीता धामी, डीजीपी अशोक कुमार एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

शिवभक्तों का किया स्वागत, फल, जूस और बेलपत्र वितरित किये

कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने पवित्र सावन मास के चतुर्थ सोमवार को शिव भक्तों को फल, जूस और बेलपत्र वितरित किये।
सोमवार को चंद्रभागा के समीप आयोजित कार्यक्रम में शिव भक्तों को फल, जूस और बेलपत्र वितरित कर मंत्री डॉ अग्रवाल ने बोल बम के जयकारे भी लगाए। उन्होंने कहा कि सावन मास में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है, ऐसे में भगवान शिव के दर्शन करने वालों की सेवा करने से भी विशेष फल की प्राप्ति होती है।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि भगवान शिव को बेलपत्र बहुत प्रिय है। डा. अग्रवाल ने कहा कि भगवान शिव को जल की धारा अधिक प्रिय है। कहा कि ऐसी मान्यता है कि इस दिन जलाभिषेक से शिवभक्तों के सारे कष्ट दूर होते है।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि सावन मास सबसे पवित्र महीना है, यह भगवान शिव को समर्पित है। उन्होंने शिव भक्तों का स्वागत करते हुए आभार जताया और यात्रा की मंगल कामना की। वहीं, शिव भक्तों ने सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल का अभिवादन स्वीकारते हुए सरकार की व्यवस्था की प्रशंसा की।
इस मौके पर आयोजक यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष अमरजीत धीमान, अजय धीमान, संदीप तोमर, शुभम ओमकार, सुमित सेठी, दिव्यांशु नारंग, योगेश ध्यानी, अंशुम चावला, कपिल शर्मा, शिवम कुकरेजा, शंकर नौटियाल, रवनीत सिंह आदि उपस्थित रहे।

श्री शिव महापुराण कथा सुनने में उमड़ रहा श्रद्धालुओं का सैलाब

ग्राम सभा खदरी खड़क माफ में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन कथा व्यास वैष्णवाचार्य पण्डित शिव स्वरूप नौटियाल ने कहा कि श्रावण मास में शिव महा पुराण कथा सुनाने और सुनने का बड़ा महात्म्य है। हरिनाम कथाएं सुनने से जीवन की व्यथाएं समाप्त होती हैं। उन्होंने कहा कि शिवलिंग पर बिल्वपत्र चढ़ाने से कोटिशः कन्याओं के विवाह के समान पुण्य की प्राप्ति होती है।
कथा श्रवण करने वालों में गीता देवी, नीलिमा कोठियाल, सुनीता चौहान, कुसुम ढोंडियाल, ज्योति राणा, अनिता राणा, आशा भट्ट, शशि भट्ट, डोली बोरा, अनुराधा कोठियाल, श्यामा देवी, रामेश्वरी देवी, भागा देवी, संतोषी सिलस्वाल, मधु चमोली, मधु पैन्यूली, संतोषी बलूनी, रजनी बलूनी, बीना पाण्डेय, रामेश्वरी बेड़वाल, जमुना चौहान, चन्द्रकला कुकरेती, कुसुम भट्ट, लखमा देवी नौटियाल, दयाश्वरी देवी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।