सरकार की मजबूत पैरवी से हाईकोर्ट ने चारधाम यात्रा से प्रतिबंध हटाया

उत्तराखंड चारधाम यात्रा पर लंबे समय से लगी रोक पर गुरुवार को हुई सुनवाई के बाद माननीय उच्च न्यायालय ने चारधाम यात्रा पर लगी रोक को कुछ प्रतिबंधों के साथ हटा दिया है।

मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने केदारनाथ धाम में प्रतिदिन 800, बद्रीनाथ धाम में 1000, गंगोत्री में 600, यमनोत्री धाम में 400 श्रद्धालुओं को दर्शन करने की अनुमति दे दी है।

चारधाम यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को 72 घंटे पूर्व तक की कोविड जांच की नेगेटिव रिपोर्ट अथवा दोहरी वैक्सीन का प्रमाण पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा। साथ ही तीर्थ यात्रियों को देवस्थानम बोर्ड में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। न्यायालय ने चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों में होने वाली चारधाम यात्रा के दौरान आवयश्यक्तानुसार पुलिस फोर्स लगाने को कहा है। भक्त किसी भी कुंड में स्नान नहीं कर सकेंगे।

मुख्य सचिव डॉ एसएस संधू ने सचिवालय में चारधाम त्यारियो की बैठक के दौरान सम्बंधित सभी विभागों को निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा के लिए समय काफी कम बचा है वे अपनी सारी तैयारियां पूरी करें। उन्होंने कहा कि चारधाम प्रदेश के लाखों व्यक्तियों के रोजगार और आजीविका का साधन है। चारधाम आने वाले सभी श्रद्धालुओं को मास्क पहनना, शारीरिक दूरी के मानक का अनुपालन कराना और सैनिटाइजेशन कराना सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि माननीय हाईकोर्ट ने स्थानीय लोगों की आजीविका, कोविड नियंत्रण में होने, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, एसओपी का कड़ाई से पालन आदि के आधार पर चारधाम यात्रा पर लगी रोक को हटाया है। यात्रा शुरू होने से हजारों यात्रा व्यवसायियों व तीर्थ पुरोहितों समेत उत्तरकाशी, चमोली व रुद्रप्रयाग जिले के निवासियों की आजीविका पटरी पर लौट सकेगी।

तीर्थ पुरोहितों के हक हकूक रहेंगे सुरक्षित, सीएम ने दिलाया विश्वास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में चारधाम तीर्थ पुरोहित हक-हकूकधारी महापंचायत समिति के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट वार्ता की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के चारधाम देश-दुनियां के लिए आस्था के प्रमुख केन्द्र हैं। सरकार का काम मंदिरों में अवस्थापना विकास को सुदृढ़ बनाना है। चारधाम यात्रा जल्द शुरू हो इसके लिए राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम से जुड़े लोगों के हक-हकूक को किसी भी प्रकार से प्रभावित नहीं होने दिया जायेगा। देवस्थानम बोर्ड के तहत बनाई गई उच्च स्तरीय समिति द्वारा चारधाम से जुड़े तीर्थ पुरोहित की बात सुनकर सरकार के समक्ष अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। कमेटी में चारों धामों से दो-दो तीर्थ पुरोहितों को भी शामिल किया जायेगा। कमेटी की रिपोर्ट के बाद सरकार को निर्णय लेना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य हित में जो होगा, वह कार्य किया जायेगा।
बैठक के बाद गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष एवं चारधाम महापंचायत समिति के संयोजक सुरेश सेमवाल ने कहा कि आज बड़ा सौभाग्य है कि ऊर्जावान मुख्यमंत्री ने हमें आज आमंत्रित किया था। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट यह बात कही कि जो हाई पॉवर कमेटी बनाई गई है, उसमें आपकी ओर से आठ लोगों को मेंबर बनाया जायेगा। जो रिपोर्ट होगी, उसके आधार पर आगे उचित समाधान निकाला जायेगा। चारधाम महापंचायत समिति द्वारा मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया गया है कि हमारा जो भी धरना प्रदर्शन एवं आन्दोलन है, हम इसे स्थगित करते हैं। 30 अक्टूबर 2021 तक हमें इसे स्थगित रखेंगे। सभी विषयों को गंभीरता से लेने वाले मुख्यमंत्री हमें मिले हैं, उसके लिए उनका धन्यवाद भी व्यक्त किया।
चारधाम महापंचायत सदस्य उमेश सती ने कहा कि मुख्यमंत्री से आज सकारात्मक बातचीत हुई है। हमें पूरी उम्मीद है कि इस बातचीत से जल्द से जल्द उचित निष्कर्ष तक पहुंचेगे। मामले का उचित हल निकलने की पूरी आशा है। हम चारों धामों के लोगों ने निर्णय लिया है कि 30 अक्टूबर 2021 तक हम अपना आन्दोलन स्थगित रखेंगे। उसके बाद जैसा आउटकम सरकार की तरफ से आएगा, आगे के बारे में उसके बाद तय करेंगे।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री अरविंद पाण्डेय, गणेश जोशी, सचिव शैलेश बगोली, सीईओ देवस्थानम् बोर्ड रविनाथ रमन, सचिव एच.सी. सेमवाल, एसीईओ देवस्थानम् बोर्ड बी.डी. सिंह एवं चारधाम तीर्थ पुरोहित हक-हकूकधारी महापंचायत समिति के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

कांग्रेस नेता ने प्रदेश की खुशहाली की कामना की

उत्तराखंड कांग्रेस के महासचिव राजपाल खरोला ने जानकारी देते हुए बताया कि आज ऋषिकेश विधासनभा क्षेत्र के अंतर्गत श्री गणपति सेवा मण्डल ऋषिकेश द्वारा गणपति महोत्सव 2021 के दौरान मूर्ति स्थापना दिवस के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि पहुँच कर पूरी विधि विधान से भगवान श्री गणेश जी की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
श्री गणेश जी के स्थापना दिवस के मौके पर राजपाल खरोला ने कहा की भगवान विघ्नहर्ता से यही प्रार्थना करते है कि प्रदेश की जनता को सुख, समृद्धि व सफलता का आशीर्वाद प्रदान करें और सबकी मनोकामनाएं पूरी करें द्य कार्यक्रम में मनोज धींगरा, नितिन गुप्ता, योगेश कालड़ा, प्रिंस मनचंदा, कमल शर्मा, मुकेश जैन, आलोक चावला, राकेश मनचंदा, योगेश जैन उपस्थित रहे।

30 सितम्बर तक सभी 13 जिलों में आयोजित होंगे 240 शिविर, मौके पर होगा आवेदनों का निस्तारण


अगले 30 दिनों में राज्य में स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरे करने का काम अभियान के रूप में चलेगा। युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उनकी विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए सभी जनपदों में ’स्वरोजगार शिविर’ लगाये जायेंगे। इन शिविरों में जिला स्तरीय अधिकारी एवं बैंक के अधिकारी स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही मौके पर ही आवेदकों की समस्याओं का समाधान करेंगे। इस माह 30 सितम्बर से पहले ये शिविर आयोजित कर लिए जाऐंगे। शिविरों के आयोजन का रोस्टर सभी जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों ने शासन को उपलब्ध करवा दिया है।

प्रदेश में स्वरोजगार की योजनाओं के आवेदनों के निस्तारण के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में कार्यवाही शुरू हो गई है। प्रदेश के सभी 13 जिलों में 30 सितम्बर से पहले स्वरोजगार शिविर आयोजित होंगे। बीते 5 अगस्त को समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वरोजगार योजनाओं के जुड़े आवेदकों के ऋण की प्रक्रिया यथाशीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए थे। उनके निर्देश के बाद सभी जनपदों में विकासखंड स्तर पर स्वरोजगार शिविरों के आोजन का रोस्टर तैयार कर लिया गया है। इसके तहत अलग- अलग स्थानों में अल्मोड़ा जनपद में 45, उत्तरकाशी में 11, चमोली में 9, देहरादून में 16, टिहरी गढ़वाल में 9, पौड़ी गढ़वाल में 15 तथा जनपद रुद्रप्रयाग में 7 स्वरोजगार शिविरों का आयोजन किया जाएगा।

इसके अलावा जनपद उधमसिंहनगर में 11, पिथौरागढ़ में 21, बागेश्वर में 16, हरिद्वार में 13, नैनीताल 28 और चंपावत में 39 स्वरोजगार शिविर लगेंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरे करने के निर्देश आधिकारियों को दिए हैं। उनका कहना है कि सरकारी नौकरियां सीमित होने के कारण स्वरोजगार से आत्मनिर्भर भारत का मार्ग प्रशस्त होगा। खासकर पहाड़ी राज्य उत्तराखण्ड स्वरोजगार से ही आर्थिक समृद्धि की ओर आगे बढ़ सकता है।

अफगानिस्तान से श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप को सुरक्षित भारत पहुंचाने पर धन्यवाद

देहरादून के गुरूद्वारों के अध्यक्ष और प्रतिनिधियों ने विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय सभागार में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट की। उन्होंने अफगानिस्तान से श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप को सुरक्षित भारत पहुंचाए जाने पर मुख्यमंत्री के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद ज्ञापित किया। कहा कि प्रधानमंत्री ने सिक्ख समाज का मान बढ़ाया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के विधानसभा कार्यालय में पहली बार अरदास सम्पन्न की गई और कढाह प्रसाद बांटा गया। मुख्यमंत्री को शॉल और कृपाण भी भेंट की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में दुनिया में देश का मान बढा है। अफगानिस्तान से भारतीयों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा रही है। उत्तराखण्ड के लोगों को वहां से सुरक्षित लाने के लिए राज्य सरकार विदेश मंत्रालय के सम्पर्क में है। बहुत से लोग वापिस लाए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे हर पल सिक्ख समाज के साथ हैं। जब भी जरूरत होगी, उन्हें अपने साथ पाएंगे।
इस अवसर पर विधायक राजेश शुक्ला, उत्तराखण्ड सिक्ख विकास परिषद के अध्यक्ष बलजीत सोनी, गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष गुरबक्श सिंह, गुलजार सिंह, गुरप्रीत सिंह, सुरेन्द्र बत्रा, जगमिंदर सिंह छाबड़ा, चरणजीत सिंह, सेवा सिंह मठारू सहित अन्य उपस्थित थे।

कोर्ट परिसर में हिंदू देवी देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी, 4 गिरफ्तार

ऋषिकेश कोर्ट परिसर में हिंदू देवी देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी वाली पुस्तक बांटने पर पुलिस ने 4 लोगों को हिरासत में लिया है।

अधिवक्ता आरके जोशी ने बताया कि ऋषिकेश कोर्ट परिसर में एक युवक आया और निशुल्क पुस्तक बांटने लगा, उन्होंने भी इस पुस्तक को लिया और पढ़ने पर पता लगा कि इसमें हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है। इस संबंध में अधिवक्ता ने उस युवक से पूछा कि इस पुस्तक के अंदर धार्मिक भावना आहत किया जा रहा है यह पुस्तक किस के निर्देश पर बांटी जा रही है। इस बात पर युवक ने तीन अन्य साथियों के नाम लिए।

इसके बाद अधिवक्ता ने उन तीनों लोगों को फोन पर बात कर मौके पर बुलाया। जब यह लोग मौके पर आए तो अधिवक्ता ने उनसे भी वही प्रश्न किया। अधिवक्ता के प्रश्न के जवाब में उक्त तीन लोगों ने भी देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी को सही ठहराया। साथी फर्जी बाबा रामपाल के शिष्य होने की बात कही।

अधिवक्ता ने इस मामले में कोतवाली ऋषिकेश में तहरीर दी है। वही सूचना पाकर पुलिस ने इन चारों लोगों को हिरासत में लिया और कोतवाली लेकर गई। पुलिस ने इन चारों के कब्जे से पुस्तके भी बरामद की है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस देर रात चारों पर धार्मिक भावनाएं आहत करने के मामले में मुकदमा दर्ज कर सकती है।

सूरत में न हो कांवड़ यात्रा, आईएमए ने सीएम को लिखा पत्र


देहरादून। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) उत्तराखंड ने कांवड़ यात्रा को मंजूरी न देने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखा है।

आईएमए ने अपने पत्र में लिखा है कि तीसरी लहर देश में दस्तक देने वाली है। कोरोना की पहली लहर के बाद कोविड गाइडलाइन का पालन नहीं किया। जिस वहज से कोरोना की दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक साबित हुई।

अपनी पिछली विफलता से सीखते हुए हमें कांवड़ भक्तों को राज्य की सीमाओं में प्रवेश नहीं करने देना चाहिए और उत्तराखंड को कोविड की तीसरी लहर से सुरक्षित रखना चाहिए। यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आज कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने में हमारी लापरवाही पर चिंता प्रकट की है।

लोगों का जीवन हमारे लिए सर्वोपरिः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांवड़ यात्रा को लेकर रविवार को कहा था कि बात आस्था की है, लेकिन लोगों की जिंदगी भी दांव पर है। भगवान को भी यह अच्छा नहीं लगेगा यदि लोग कांवड़ यात्रा के कारण कोविड से अपनी जान गंवाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने 30 जून की कैबिनेट की बैठक में फैसला किया था कि इस साल कांवड़ यात्रा नहीं होगी। कांवड़ यात्रा आस्था से जुड़ी है। फिर भी हम सोच रहे हैं कि अगर कोई गुंजाइश है तो उस बारे में हम उच्चस्तरीय बैठक करेंगे। लेकिन लोगों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि हम सिर्फ मेजबान राज्य हैं। 15 दिनों में तीन करोड़ से अधिक कांवड़िये राज्य का दौरा करते हैं। बात आस्था की है, लेकिन लोगों की जिंदगी भी दांव पर है। लोगों का जीवन बचाना हमारी पहली प्राथमिकता है।

किसी भी कीमत पर लोगों को जान का खतरा न हो, किसी की भी जान जाए। जान बहुत कीमती है और हम किसी भी जान को खतरा नहीं होने देंगे।

सीमित संख्या में दें बाहरी श्रद्धालुओं को प्रवेश

एक तरफ जहां व्यापारी चारधाम और कांवड़ यात्रा खोलने की मांग के लिए आंदोलन कर रहे हैं, वहीं, दूसरी तरफ हरिद्वार मशाल संगठन ने धर्मनगरी में बाहरी श्रद्धालुओं को समिति संख्या में प्रवेश देने की मांग की है। संगठन ने कहा है कि बाहरी यात्री तीर्थनगरी का माहौल बिगाड़ रहे हैं और कोरोना संक्रमण को भी बढ़ावा दे रहे हैं। ऐसे में उन्हें बॉर्डर पर कोरोना टेस्टिंग के बाद ही अनुमति देने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।

श्रवणनाथ नगर में हुई संगठन की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर मनोज कुमार ने कहा कि राज्य सरकार ने लंबे समय से स्थानीय लोगों को कभी लॉकडाउन तो कभी कोविड कर्फ्यू करके कैद करके रखा है। इससे शहर के व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है, लेकिन बाहरी लोग बे-रोक टोक गंगा घाटों पर पहुंचकर तीर्थनगरी की मर्यादा को तार-तार कर रहे हैं।

इससे विश्वभर में गलत संदेश जा रहा है। महासचिव कुलदीप सिंह ने कहा कि अनाधिकृत रूप से प्रवेश करके बाहरी लोग स्थानीय व्यवस्थाओं को बिगाड़ रहे हैं। संगठन ने पांच से 10 हजार लोगों को कोरोना टेस्टिंग के बाद प्रवेश देने की मांग उठाई है।

कहा कि अगर प्रशासन ने ऐसा नहीं किया तो धर्मनगरी के लोगों को कोरोना काल में भयंकर महामारी से जूझना पड़ सकता है। इस मौके पर जिला प्रवक्ता राजू भाई, मुन्नी चैहान, अनिता बंसल, कुलदीप सिंह, सुनील कुकरेती और मोनिका सिंह आदि मौजूद रहे।

देवस्थानम बोर्ड को लेकर तस्वीर साफ करें सीएम तीरथ सिंह रावत

उत्तराखंड में नेतृत्व परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री बनें तीरथ सिंह रावत ने तीर्थ पुरोहित हक हकूकधारियों को भरोसा दिया था कि सरकार देवस्थानम बोर्ड पर पुर्नविचार करेगी। मगर, ऐसा होता नहीं दिख रहा है। इस पर चारधाम तीर्थ पुरोहित हक हकूकधारी महापंचायत के अध्यक्ष ने सवाल किए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार को देवस्थानम बोर्ड पर स्टैंड क्लीयर करना चाहिए। सरकार को बताना चाहिए कि आखिर मुख्यमंत्री का पुर्नविचार से संबंधित आश्वासन का क्या हुआ। कोटियाल ने कहा कि एक ओर सरकार पुर्नविचार का आश्वासन देती है और दूसरी ओर बोर्ड को पूरा आकार देने में जुटी हुई है। कहा कि चारधाम तीर्थ पुरोहित हक हकूकधारी महापंचायत का स्टैंड क्लीयर है।

महापंचायत चार धामों में पहले जैसी व्यवस्था चाहती है। धामों में सरकार के बहुत अधिक दखल के पक्ष मे ंनहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस तर्क में कोई दम नहीं है कि इससे विकास होगा। उन्होंने सवाल किया कि धामों के विकास के लिए तीर्थों की व्यवस्था में छेड़छाड़ ठीक नहीं है।

महापंचायत के अध्यक्ष कोटियाल ने दो टूक कहा कि गांधीवादी तरीके से सरकार के सम्मुख पक्ष रखा जा चुका है। तीर्थ पुरोहित हक हकूकधारी याचक कतई नहीं बनेंगे। संघर्ष जारी रखेंगे। कहा कि सरकार की उन्हें थकाने की स्ट्रेटजी कामयाब होने वाली नहीं है।

विश्वप्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम के खुले कपाट, अखंड ज्योति के हुए दर्शन


श्री बदरीनाथ धाम के कपाट आज मंगलवार को वैदिक मंत्रोचार एवं शास्त्रोक्त विधि-विधान से आज मेष लग्न पुष्य नक्षत्र में प्रातः 4 बजकर 15 मिनट पर खोल दिये गये है। ग्रीष्म काल में निरंतर भगवान बदरीविशाल की पूजा- अर्चना होगी।

मंदिर तथा मंदिर मार्ग को श्री बदरी-केदार पुष्प सेवा समिति द्वारा लगभग 20 क्विंटल फूलों से सजाया गया था‌। प्रातः तीन बजे से ही कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू हो गयी श्री कुबेर जी बामणी गांव से लक्ष्मी द्वार से मंदिर प्रांगण पहुंचे। श्री उद्धव जी भी मुख्य द्वार से अंदर पहुंचे। ठीक प्रातः 4 बजकर 15 मिनट पर श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुले इस अवसर पर कुछ ही लोग अखंड ज्योति के गवाह बने। रावल द्वारा गर्भगृह में प्रवेशकर मां लक्ष्मी को उनके परिक्रमा स्थित मंदिर में विराजमान किया तत्पश्चात भगवान के सखा उद्धव जी एवं देवताओं के खजांची श्री कुबेर मंदिर गर्भगृह में विराजमान हो गये। डिमरी पंचायत प्रतिधियों द्वारा भगवान बदरीविशाल के अभिषेक हेतु राजमहल नरेन्द्र नगर से लाये गये तेल कलश( गाडू घड़ा) को गर्भ गृह में समर्पित किया।

इसके साथ ही भगवान को माणा गांव के महिला मंडल द्वारा शीतकाल में कपाट बंद करते समय औढाया गया घृतरू कंबल उतारा गया तथा प्रसाद स्वरूप बांटा गया। भगवान के निर्वाण दर्शन के बाद अभिषेक किया गया। तत्पश्चात भगवान बदरीविशाल का श्रृंगार किया गया। इस तरह निर्वाण दर्शन से श्रृंगार दर्शन की प्रक्रिया पूरी होती है। इस संपूर्ण पूजा प्रक्रिया में रावल, डिमरी भीतरी वडुवा, आचार्यों, हक हकूकधारियों, तीर्थ पुरोहितों की भूमिका रही।
श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने पर प्रथम महाभिषेक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से जनकल्याण एवं आरोग्यता की भावना से समर्पित किया गया है। श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने पर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सभी श्रद्धालुजनों को बधाई दी है तथा सभी के आरोग्यता की कामना की। कहा कि लोग अपने घरों में रहकर पूजापाठ करें।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कपाट खुलने पर प्रसन्नता जताई कहा कि कोरोना की समाप्ति के बाद चारधाम यात्रा पुनः शुरू होगी।

पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर बधाई दी है कहा कि श्री बदरीनाथ धाम को आध्यात्मिक हब के रूप में विकसित करने हेतु शासन के स्तर पर प्रयास जारी है। कई संस्थाये इसके लिए आगे आ रही है।

गढ़वाल आयुक्त व उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन ने कहा कि श्री बदरीनाध धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारों धामों के कपाट खुलने पर प्रसन्नता जताई। कहा अभी यात्रियों को यात्रा की अनुमति नहीं है लेकिन स्थितियां सामान्य होने पर यात्रा को चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जा सकता है।
कपाट खुलने के अवसर पर रावल ईश्वरीप्रसाद नंबूदरी, देवस्थानम बोर्ड के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.डी.सिंह, उपजिलाधिकारी कुमकुम जोशी, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चैहान, उप मुख्य कार्याधिकारी सुनील तिवारी, डिमरी पंचायत पदाधिकारी आशुतोष डिमरी, विनोद डिमरी, तहसील दार चंद्रशेखर वरिष्ठ पुलिस जिला प्रशासन आईटीबीपी, सेना के अधिकारी मौजूद रहे।

देवस्थानम बोर्ड के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी. डी. सिंह ने बताया कि देवस्थानम बोर्ड द्वारा मंदिर परिसर,बस टर्मिनल तथा स्वागत कार्यालय, आवासों में पर्याप्त सेनिटाईजेशन किया है, कपाट खुलने के दौरान कोविड बचाव मानकों का पालन हुआ मास्क पहनना, सोशियल डिस्टेंसिंग, सेनिटाईजर, थर्मल स्क्रीनिंग का प्रयोग हो रहा है।
देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने जानकारी दी कि श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही मंदिर परिक्रमा स्थित मंदिरों माता लक्ष्मी मंदिर, हनुमान जी, गणेश जी, श्री आदि केदारेश्वर, श्री शंकराचार्य मंदिर, माता मूर्ति मंदिर माणा तथा पंच बदरी में एक श्री भविष्य बदरी मंदिर के कपाट भी खुल गये है जबकि चारधामों में से श्री यमुनोत्री धाम के कपाट 14 मई, श्री गंगोत्री धाम के 15 मई, श्री केदारनाथ धाम के कपाट 17 मई को खुल चुके है। तृतीय केदार तुंगनाथ जी एवं चतुर्थ केदार रूद्रनाथ जी के कपाट भी 17 मई को खुल गये है। द्वितीय केदार श्री मदमहेश्वर के कपाट 24 मई को खुल रहे हैं जबकि श्री हेमकुंड गुरूद्वारा साहिब तथा लोकपाल श्री लक्ष्मण मंदिर के कपाट खुलने की तिथि अभी तय नहीं है।

श्री केदारनाथ धाम के खुले कपाट, पीएम ने नाम से किया गया रूद्राभिषेक

ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग भगवान केदारनाथ धाम के कपाट विधि विधान पूर्वक मंत्रोचारण के साथ आज सोमवार मेष लग्न, पुनर्वसु नक्षत्र में प्रातरू पांच बजे खुल गये हैं। कपाट खुलने की प्रक्रिया प्रातरू तीन बजे से शुरू हो गयी थी। रावल भीमाशंकर एवं मुख्य पुजारी बागेश लिंग तथा देवस्थानम बोर्ड के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.डी. सिंह एवं जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग मनुज गोयल ने पूरब द्वार से मंदिर मुख्य प्रांगण में प्रवेश किया।

मुख्य द्वार पर पूजा अर्चना की मंत्रोचार के पश्चात ठीक पांच बजे भगवान केदारनाथ मंदिर के कपाट खोल दिये गये। मंदिर के कपाट खुलने के पश्चात मुख्य पुजारी बागेश लिंग ने स्यंभू शिवलिंग को समाधि से जागृत किया तथा निर्वाण दर्शनों के पश्चात श्रृंगार तथा रूद्राभिषेक पूजाएं की गयी। श्री केदारनाथ धाम में भी प्रथम रूद्राभिषेक पूजा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से की गयी तथा जनकल्याण की कामना की गयी। कोरोना महामारी को देखते हुए चारधाम यात्रा अस्थायी तौर पर स्थगित है धामों में केवल पूजापाठ संपन्न हो रही है यात्रियों को आने की अनुमति नहीं है। केदारनाथ के कपाट खुलते समय पूजापाठ से जुड़े चुंनिंदा लोग मौजूद रहे। धाम में मौसम सर्द है मंदिर के कुछ दूरी पर बर्फ मौजूद है। तथा रास्ते में कहीं- कहीं हिमखंड नजर आ रहे है।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने केदारनाथ धाम के कपाट खुलने पर प्रसन्नता ब्यक्त की है तथा भी के आरोग्यता की कामना की है। कहा है कि कोरोना महामारी के कारण अस्थाई तौर पर यात्रा स्थगित है सभी लोग वर्चुअली दर्शन करें तथा अपने घरों में पूजा-अर्चना करें।

पर्यटनमंत्री सतपाल महाराज ने कहा है कि कोरोना महामारी समाप्त होगी तथा शीघ्र चारधाम यात्रा शुरू होगी। उल्लेखनीय है कि पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की पहल पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से जनकल्याण की भावना के साथ सभी धामों में प्रथम पूजा संपन्न करवायी जा रही है।

श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर ऋषिकेश के दानीदाता सौरभ कालड़ा ग्रुप द्वारा श्री केदारनाथ मंदिर को 11 क्विंटल फूलों से सजाया गया था। इस अवसर पर रावल भीमाशंकर लिंग, केदार लिंग, मुख्य पुजारी बागेश लिंग, देवस्थानम बोर्ड के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.डी. सिंह, जिलाधिकारी मनुज गोयल, पुलिस क्षेत्राधिकारी अनिल मनराल बीकेटीसी पूर्व सदस्य शिवसिंह रावत, एसडीएम रवीन्द्र वर्मा, तहसीलदार जयराम बधाड़ी, धर्माधिकारी आचार्य औंकार शुक्ला, मंदिर प्रशासनिक अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, प्रबंधक अरविंद शुक्ला एवं प्रदीप सेमवाल, पारेश्वर त्रिवेदी, महावीर तिवारी,मृत्युंजय हीरेमठ, विपिन कुमार आदि मौजूद रहे।

पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने बताया की श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के पश्चात केदारनाथ मास्टर प्लान कार्यों में अधिक गति आयेगी।

कपाट खुलने के दौरान कोरोना बचाव मानकों का पालन किया गया। मास्क, सेनिटाईजर, थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य किया गया। उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन ने कपाट खुलने के लिए एसओपी द्वारा ब्यापक दिशा निर्देश जारी किये हैं। केदारनाथ में जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ तथा स्वास्थ्य विभाग, विद्युत, जल संस्थान की टीम अपना कार्य कर रही हैं।

देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 18 मई प्रातः 4 बजकर 15 मिनट पर खुल रहे है। आज श्री योगध्यान बदरी मंदिर पांडुकेश्वर से आदि गुरू शंकराचार्य की गद्दी के साथ उद्धव, कुबेर तथा तेलकलश (गाडू घड़ा) श्री बदरीनाथ धाम पहुंचेगा। तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट आज दोपहर में खुल रहे है जबकि चतुर्थ केदार रूद्रनाथ के कपाट भी आज खुल रहे हैं। द्वितीय केदार मदमहेश्वर के कपाट 24 मई को खुल रहे हैं। जबकि गुरूद्वारा श्री हेमकुंड साहिब एवं श्री लक्ष्मण मंदिर के कपाट खुलने की तिथि अभी निश्चित नहीं है।