भाजपा प्रदेश चुनाव प्रभारी दो सदस्यीय टीम के साथ पहुंचे देहरादून

राज्य में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही सतारुढ़ दल भाजपा ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री व भाजपा के चुनाव प्रभारी प्रह्लाद जोशी अपने दो दिवसीय दौरे पर आज उत्तराखंड पहुंच गये है। उनके साथ सह प्रभारी लॉकेट चटर्जी और आरपी सिंह भी मौजूद है। चुनाव प्रभारी टीम के राज्य पहुंचने पर जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया। जिसके बाद रैली के माध्यम से विभिन्न स्थानों में उनका स्वागत करते हुए चुनाव प्रभारी टीम को भाजपा मुख्यालय देहरादून लाया गया।
इस दौरान केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री व भाजपा के चुनाव प्रभारी प्रहलाद जोशी ने कहा कि उत्तराखंड में चुनाव के लिए वह तैयारियों का जायजा लेने के लिए आये है। उन्होंने कहा कि 2017 के चुनाव में भाजपा ने 57 सीटें जीती थी और अब 2022 के चुनाव में 60 से ज्यादा सीटें लाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि संगठन और युवा मुख्यमंत्री के नेतृत्व में यह आकंड़ा भी भाजपा जरुर हासिल करेगी।
वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने बताया कि चुनाव प्रभारी के दो दिवसीय दौरे में संगठन और सरकार आगामी चुनाव को लेकर कई तैयारियों को अंतिम रुप देगी। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं की पार्टी है और कार्यकर्ताओं को जो जिम्मेदारी दी जाती है उसे वे पूरी निष्ठा के साथ पूरा करते है।

ई-सेवा केन्द्र, अब वादी और प्रतिवादी को भटकना नहीं पड़ेगा

उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय न्याय प्रणाली को और अधिक सरल व सुगम बनाने की दिशा में लगातार आगे कदम बढ़ा रहा है। इस दिशा में एक कदम और आगे बढ़ाते हुए उच्च न्यायालय परिसर में ई-सेवा केन्द्र की स्थापना की गयी है। जिससे न्याय प्रणाली में वादियों एवं प्रतिवादियों को जानकारी के अभाव में होने वाली दिक्कतों से बचाव हेतु जानकारी उपलब्ध कराने के लिए मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आरएस चौहान की पहल पर न्यायालय परिसर में ई-सेवा केन्द्र की स्थापना की गयी है। जिसका शुभारंभ गुरूवार को मुख्य न्यायमूर्ति आरएस चौहान द्वारा फीता काट कर किया गया।
रजिस्ट्रार जनरल धनन्जय चतुर्वेदी ने बताया कि ई-सेवा केन्द्र उत्तराखण्ड राज्य का पहला सेवा केन्द्र है। इसके बाद अल्मोड़ा में शीघ्र ही ई-सेवा केन्द्र खोला जायेगा। इसकी महत्ता को देखते हुए भविष्य में सभी जनपदों के जिला न्यायालयों में ई-सेवा केन्द्रों की स्थापना की जायेगी। उन्होंने बताया कि स्थापित ई-सेवा केंद्र में वादो की अद्यतन स्थिति तथा सुनवाई तिथि के साथ ही सुनवाई हेतु निर्धारित कोर्ट की भी जानकारी उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि ई-न्यायालय परियोजना के तहत डिजिटल रूप से उपलब्ध सुविधाओं के सम्बन्ध में पूछताछ एवं सहायता, जजों के अवकाश की सूचना, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरणों, उच्चतम न्यायालय विधिक सेवा समिति से निःशुल्क कानूनी सेवाओं का लाभ उठाने के बारे में लोगों का मार्गदर्शन भी किया जायेगा। जस्टिस एप की जानकारी मुहैया कराने के साथ ही एप डाउनलोड करने में भी सहायता प्रदान की जायेगी।
इस अवसर पर न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी, न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा, न्यायमूर्ति एनएस धानिक, न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे, न्यायमूर्ति रविन्द्र मैथानी, न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा, रजिस्ट्रार कम्प्यूटर अम्बिका पन्त, एडवोकेट जनरल एसएन बाबुलकर, बार अध्यक्ष एएस रावत, सचिव विकास बहुगुणा सहित सभी रजिस्ट्रार व अधिवक्तागण उपस्थित थे।

जन सेवा हमारा भाव, उत्तराखण्ड का समग्र विकास हमारा ध्येय- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता मिलन हॉल में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमारे युवाओं का भविष्य उज्ज्वल हो, उन्हें रोजगार, स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हों इसके लिये राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ योजनाओं का क्रियान्वयन कर रही है। युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिये लगभग 24 हजार सरकारी विभागों में उपलब्ध पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया प्रारम्भ की गई है। युवाओं को समूह ‘ग’ की परीक्षा में शामिल होने के लिये अधिकतम आयु सीमा में एक साल की छूट दी गई है। भर्ती हेतु आवेदन शुल्क को माफ किया गया है। युवाओं को अधिक से अधिक स्वरोजगार से जोड़ने के लिये विभिन्न क्षेत्रों में कैम्पों का आयोजन का फार्म जमा करने तथा उनकी स्वीकृति प्रक्रिया की कार्यवाही पूर्ण करने की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गई है। युवाओं की मनोस्थिति से वे परिचित हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के कारण प्रभावित हुए पर्यटन आदि क्षेत्रों में स्वरोजगार से जुड़े लोगों के लिये राहत पैकेज स्वीकार किया गया है। उत्तराखण्ड हर क्षेत्र में आगे बढे, देश के अग्रणी राज्यों में हमारे राज्य का नाम हो इसके लिये हम निरंतर प्रयासरत हैं। जनसेवा का हमारा भाव है। उत्तराखण्ड का समग्र विकास ही हमारा ध्येय है। सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि का मंत्र लेकर हम अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं। राज्यहित में जो भी अच्छा होगा वह हम करेंगे।
मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम में विभिन्न वक्ताओं द्वारा रखे गये सुझावों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य हित में जो भी उपयोगी सुझाव होंगे उन पर बिना किसी भेदभाव के कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने इस प्रकार के आयोजनों को भी राज्य हित में बताया।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि किशोर उपाध्याय ने कहा कि हमारी माता व बहनों के सिर का बोझ कम हो, युवाओं के सपने साकार हो, हमारे जल, जंगल की उपयोगिता का लाभ राज्य को मिले। राज्यवासियों को उनके हक हकूक मिलें, इस दिशा में पहल होनी चाहिए। उन्होंने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर राज्य के विकास में सभी से सहयोगी बनने की अपेक्षा की।
पद्मश्री वैद्य बालेंदु प्रकाश ने राज्य को जड़ी-बूटी के जरिये आयुष प्रदेश बनाने की दिशा में प्रभावी कार्ययोजना बनाये जाने की अपेक्षा की। सामाजिक कार्यकर्ता अनूप नौटियाल ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन जागरूकता के प्रसार तथा प्लास्टिक के उपयोग को प्रतिबन्धित करने की दिशा में युवाओं को जागरूक किये जाने की जरूरत बतायी। वरिष्ठ पत्रकार अनुपम त्रिवेदी ने कहा कि युवा प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री से युवाओं को बड़ी उम्मीद है। उन्होंने ऐसे युवा संवाद कार्यक्रम को सार्थक बताते हुए कहा कि युवा मीडिया के विभिन्न माध्यमों से जुडकर भी अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, स्वामी यतीश्वरानंद, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, आदेश चौहान, राजीव शुक्ला, सुरेश राठौर, सुशीला बलूनी आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम में आयोजक नारायण परगाई ने आभार व्यक्त किया।

सरकार की मजबूत पैरवी से हाईकोर्ट ने चारधाम यात्रा से प्रतिबंध हटाया

उत्तराखंड चारधाम यात्रा पर लंबे समय से लगी रोक पर गुरुवार को हुई सुनवाई के बाद माननीय उच्च न्यायालय ने चारधाम यात्रा पर लगी रोक को कुछ प्रतिबंधों के साथ हटा दिया है।

मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने केदारनाथ धाम में प्रतिदिन 800, बद्रीनाथ धाम में 1000, गंगोत्री में 600, यमनोत्री धाम में 400 श्रद्धालुओं को दर्शन करने की अनुमति दे दी है।

चारधाम यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को 72 घंटे पूर्व तक की कोविड जांच की नेगेटिव रिपोर्ट अथवा दोहरी वैक्सीन का प्रमाण पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा। साथ ही तीर्थ यात्रियों को देवस्थानम बोर्ड में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। न्यायालय ने चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों में होने वाली चारधाम यात्रा के दौरान आवयश्यक्तानुसार पुलिस फोर्स लगाने को कहा है। भक्त किसी भी कुंड में स्नान नहीं कर सकेंगे।

मुख्य सचिव डॉ एसएस संधू ने सचिवालय में चारधाम त्यारियो की बैठक के दौरान सम्बंधित सभी विभागों को निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा के लिए समय काफी कम बचा है वे अपनी सारी तैयारियां पूरी करें। उन्होंने कहा कि चारधाम प्रदेश के लाखों व्यक्तियों के रोजगार और आजीविका का साधन है। चारधाम आने वाले सभी श्रद्धालुओं को मास्क पहनना, शारीरिक दूरी के मानक का अनुपालन कराना और सैनिटाइजेशन कराना सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि माननीय हाईकोर्ट ने स्थानीय लोगों की आजीविका, कोविड नियंत्रण में होने, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, एसओपी का कड़ाई से पालन आदि के आधार पर चारधाम यात्रा पर लगी रोक को हटाया है। यात्रा शुरू होने से हजारों यात्रा व्यवसायियों व तीर्थ पुरोहितों समेत उत्तरकाशी, चमोली व रुद्रप्रयाग जिले के निवासियों की आजीविका पटरी पर लौट सकेगी।

तीन संतुष्टि मंत्रों से व्यापार जगत की होंगी समस्यायें दूर-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को देहरादून में औद्योगिक संस्थानों एवं संगठनों के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार सरलीकरण, समाधान व निस्तारण के मंत्र को लेकर काम कर रही है। हम उद्योगों से जुड़े लोगों की समस्याओं का सरलीकरण कर समाधान करेंगे और साथ ही उनकी समस्याओं का निस्तारण भी होगा। उद्योगों की संतुष्टि का हमारा प्रयास है। उत्तराखंड में जितने भी उद्योग स्थापित हुए है, उनकी समस्याओं को दूर कर उन्हें विकास और ग्रोथ के हर अवसर दिए जायेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व. अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा राज्य को दिये गये औद्योगिक पैकेज से प्रदेश में बड़ी संख्या में उद्योगों की स्थापना हुई है। भविष्य में राज्य में और अधिक उद्योग स्थापित हों इसके लिये हमारे उद्यमी ही हमारे ब्राण्ड एम्बेसडर रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में देश-विदेश से उद्योगपति आये इसमें हमारे उद्यमियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य का वातावरण पूर्णतः उद्योगों के अनुकूल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्पूर्ण देश में भी यह संदेश जाना चाहिए कि उत्तराखंड उद्योगों के लिए एक श्रेष्ठ डेस्टिनेशन है। उन्होंने कहा कि सरकार और उद्योगपतियों के बीच लगातार संवाद कायम रहेगा।
उन्होंने कहा की प्रधानमंत्री हमेशा उत्तराखण्ड के विकास को प्राथमिकता देते हैं। आज उत्तराखंड में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। परिवहन, कनेक्टिविटी और इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में उत्तराखंड में तेजी से काम हो रहा है। कोरोना काल मे हर किसी के लिए समस्या पैदा हुई। लेकिन सरकार ने कोविड प्रभावित अर्थव्यवस्था को मज़बूती देने के लिए कई निर्णय लिए है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले 10 सालों में उद्योग के क्षेत्र में उत्तराखंड देश का नंबर वन राज्य बने, इसके लिये हम प्रयासरत हैं। इसमें उद्योगों को भी सहयोगी बनना होगा। राज्य सरकार सभी के सहयोग के लिये है। अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिये भी बड़ी संख्या में उद्योगों की स्थापना जरूरी है। इसके लिये जो बेहतर होगा वह किया जायेगा। राज्य के सभी क्षेत्रों के साथ ही राष्ट्रीय राजधानी के लिये सड़क एवं हवाई सेवाओं की बेहतर सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है।
राज्य में उद्योगों की बेहतरी के लिये ऊर्जा, चिकित्सा, परिवहन, राजस्व, वन आदि विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कोरोना से बचाव के लिये हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती पर ध्यान दिया गया है। आगामी दिसम्बर तक राज्य के सभी लोगों का वैक्सीनेशन कर दिया जायेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उद्योग विभाग के वार्षिक प्रतिवेदन का भी विमोचन किया।
उद्योग मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रदेश के विकास में उद्योगों की बड़ी भूमिका है। बड़ी संख्या में उद्योग रोजगार के भी माध्यम हैं। राज्य सरकार उद्योगों के हित में निरंतर प्रयासरत है। उद्योगों से आपसी संवाद के माध्यम से उनकी समस्याओं का समाधान किया जायेगा। यह प्रक्रिया निरंतर चलती रहेगी।
मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु ने कहा कि राज्य सरकार संवेदनशीलता के साथ उद्योगों के हित में कार्य कर रहे है। खनन आदि नीतियों को पब्लिक डोमेन में डाला जा रहा है, ताकि सभी के सुझावों पर ध्यान देते हुए बेहतर नीतियां तैयार हो सके। उन्होंने कहा कि उद्योगों के हित में सेल्फ सर्टिफिकेशन की व्यवस्था 10 साल के लिये की जा रही है। उद्योगों को भी विश्वास एवं ईमानदारी का वातावरण बनाने में सहयोगी बनना होगा। उन्होंने कहा कि औद्योगिक संगठनों द्वारा दिये गये सुझावों पर शीघ्र कार्यवाही कर समस्याओं का समाधान किया जायेगा।
सचिव उद्योग राधिका झा ने औद्योगिक संगठनों से हुई वार्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राप्त सुझावों के निराकरण का प्रयास किया जायेगा। उन्होंने कहा कि मेगा इंडस्ट्रियल पॉलिसी, एक्सपोर्ट पॉलिसी, टेक्सटाइल पॉलिसी के साथ ही अवस्थापना विकास, पर्यावरण व राजस्व से सम्बन्धित समस्याओं के समाधान के लिये जिला उद्योग मित्र तथा सिंगल विंडो सिस्टम को भी प्रभावी बनाया जायेगा।
इस संवाद कार्यक्रम में पीएचडीसीसीआई, केजीसीसीआई, सीआईआई, आईएयू सिडकुल मैन फोर्स एसोसिएशन, टूरिज्म एसोसिएशन आदि के प्रतिनिधि उपस्थित थे। सभी ने राज्य सरकार के इस प्रकार के प्रयासों की सराहना करते हुए सरकार को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव अमित नेगी, शैलेश बगोली, नितेश झा, सचिन कुर्वे, बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम आदि उपस्थित थे।

हमें अपने लोक कलाकारों पर गर्व-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित लोक संध्या कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सांस्कृतिक विरासत को देश व दुनिया में पहुंचाने का कार्य हमारे लोक कलाकार एवं संगीतकारों ने किया है। हमें अपने इन कलाकारों पर गर्व है। यह हमारे प्रदेश की पहचान है।
उन्होंने कहा कि पवनदीप राजन ने पूरी दुनिया में उत्तराखंड की पहचान बनाई है। यह साधारण से असाधारण की यात्रा का प्रतीक बन गया है। उन्होंने कहा कि हमें अपने जीवन में अनुशासन का ध्यान रखना चाहिए। उन्हें यह संस्कार अपने परिवार से मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे राज्य में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, हम अपने प्रतिभाशाली लोगों को आगे लाने तथा उनकी प्रतिभा को पहचान दिलाने का हमारा प्रयास है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पवनदीप राजन, कल्पना चौहान, राघव जुयाल के साथ ही अन्य कलाकारों को सम्मानित भी किया। लोक संध्या कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने जन्म दिन की पूर्व संध्या पर अपनी माताजी के पैर छूकर प्रदेश के सर्वांगीण विकास का आशीर्वाद भी प्राप्त किया।
कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल, सांसद नरेश बंसल के साथ ही अधिकारीगण एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

चुनावी मोड में कांग्रेस का ऐलान, 10 लाख नए सदस्य बनायेगी कांग्रेस

प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 10 लाख सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा है। प्रत्येक बूथ में कम से कम 50 सदस्य बनाए जाएंगे। इसके लिए गुरुवार से कांग्रेस पार्टी प्रदेशभर में सदस्यता अभियान शुरू करने जा रही है। 

प्रदेश कांग्रेस महामंत्री संगठन मथुरा दत्त जोशी ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कांग्रेस सदस्यता अभियान के लिए पूर्व में ही सदस्यता अभियान समिति का गठन किया था।

16 सितंबर को प्रदेश कांग्रेस कमेटी सभागार में जिला और महानगर अध्यक्षों की बैठक के माध्यम से विधिवत रूप से पार्टी के सदस्यता अभियान की शुरुआत की जाएगी। विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी सदस्यता अभियान को गति दी जाएगी। सभी जिला एवं शहर अध्यक्षों को निर्धारित लक्ष्य दिया जाएगा। 

कल हरिद्वार से कांग्रेस परिवर्तन यात्रा का दूसरा चरण
प्रदेश कांग्रेस कमेटी की परिवर्तन यात्रा का दूसरा दौर शुक्रवार को शाम छह बजे हरिद्वार में हरकी पैड़ी पर गंगा आरती के साथ शुरू होगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में शुरू होने वाली यात्रा में पार्टी के तमाम बड़े नेता और कार्यकर्ता भाग लेंगे। इससे पहले परिवर्तन यात्रा का प्रथम चरण कुमाऊं में संपन्न हो चुका है। प्रथम चरण की सफल यात्रा के बाद दूसरे चरण की यात्रा को लेकर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं में उत्साह है। 

यह जानकारी देते हुए प्रदेश कांग्रेस मीडिया प्रभारी राजीव महर्षि ने बताया कि कांग्रेस पार्टी की परिवर्तन यात्रा 18 सितंबर को हरकी पैड़ी से शुरू होकर एक बजे ज्वालापुर, दो बजे बीएचईएल, तीन बजे बजे बहादराबाद होते हुए शाम चार बजे रुड़की पहुंचेगी। यहां पर बीएसएम डिग्री कॉलेज मैदान में जनसभा के साथ पहले दिन की यात्रा का समापन होगा।

19 को यात्रा के दूसरे दिन रुड़की से प्रारंभ होकर यात्रा दस बजे मेवड, इमलीखेड़ा होते हुए 12 बजे चुड़ियाला रोड भगवानपुर पहुंचेगी। यहां पर जनसभा का आयोजन किया गया है। दो बजे झबरेड़ा में जनसभा और शाम पांच बजे बजे मंगलौर में जनसभा के साथ दूसरे दिन की यात्रा का समापन होगा। 20 सितंबर को सुबह 11 बजे ढंढेरा के गौतम पार्क में जनसभा के साथ यात्रा प्रारंभ होकर साढ़े 12 बजे लंढौरा और डेढ़ बजे बजे लक्सर में जनसभा होगी।

तीन बजे बजे सुल्तानपुर, चार बजे फेरूपुर में जनसभा के बाद शाम छह बजे कनखल में जनसभा के साथ दूसरे चरण की यात्रा का समापन होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की ओर से शुरू की गई परिवर्तन यात्रा के पहले चरण में जनता में उत्साह देखने को मिला। इसका पार्टी को आगामी विधानसभा चुनाव में निश्चित रूप से फायदा मिलेगा।

आठवें राज्यपाल के रुप में सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने लीं शपथ

लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम, वीएसम (सेवानिवृत्त) ने बुधवार को राजभवन में उत्तराखंड के आठवें राज्यपाल के रूप में शपथ ली। उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राघवेंद्र सिंह चौहान ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथग्रहण समारोह के बाद राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड की महिलाएं स्वावलंबी और बहादुर हैं। यहां की बेटियों को सैनिक स्कूलों व एनडीए के लिए प्रेरित कर राज्य में महिला सशक्तीकरण का नया अध्याय लिखा जाएगा। इससे पहले बुधवार को राजभवन में राष्ट्रगान के साथ शपथग्रहण समारोह की शुरुआत हुई। कार्यक्रम का संचालन मुख्य सचिव एसएस संधू ने किया।
 
मुख्य सचिव ने राज्यपाल की नियुक्ति का राष्ट्रपति की ओर से भेजा गया अधिपत्र पढ़कर सुनाया। शपथ ग्रहण के बाद राज्यपाल ने भारतीय सेना की चार मराठा बटालियन रेजीमेंट द्वारा दिए गए सम्मान गार्ड का निरीक्षण किया। समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत, सतपाल महाराज, सुबोध उनियाल, अरविंद पांडेय, गणेश जोशी, डॉ. धनसिंह रावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक समेत कई गण्यमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

पैतृक गांव से बड़ी संख्या में पहुंचे लोग
राज्यपाल के पैतृक गांव जालाल (अमृतसर) से भी कुछ ग्रामीण करीब तीन हजार गांववासियों की शुभकामनाएं लेकर राजभवन पहुंचे और शपथग्रहण समारोह में शामिल हुए। अपने गांव के व्यक्ति के राज्यपाल बनने पर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था। समारोह में राज्यपाल के परिजनों, स्कूल कॉलेज और सेना में सेवा के दौरान रहे मित्र और सहपाठी भी शामिल हुए।

सैन्य पृष्ठभूमि वाले पहले और प्रदेश के दूसरे सिख राज्यपाल
गुरमीत सिंह प्रदेश के पहले सैन्य पृष्ठभूमि वाले राज्यपाल हैं। सुरजीत सिंह बरनाला के बाद वह राज्य के दूसरे सिख राज्यपाल हैं। सुरजीत सिंह बरनाला उत्तराखंड के पहले राज्यपाल थे।

पूर्व सैनिक और उनका परिवार मेरी प्राथमिकता
राज्यपाल ने कहा कि पूर्व सैनिक, सैनिकों के बुजुर्ग माता-पिता और परिवार उनकी प्राथमिकता हैं। इनके स्वास्थ्य, पेंशन संबंधी समस्याओं के निस्तारण, पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना के लिए काम करेंगे।

पवित्र भूमि की सेवा करना सौभाग्य की बात
राज्यपाल ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड पवित्र भूमि है, इसकी सेवा करना सौभाग्य की बात है। यहां यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ चार धाम हैं। गंगा और यमुना का मायका है। नानकमत्ता साहिब, रीठा साहिब, हेमकुंड साहिब जैसे अनेक प्रसिद्ध तीर्थ स्थल हैं। उन्होंने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया कि उनको उत्तराखंड का राज्यपाल बनने का मौका दिया।

मिलकर संवारेंगे राज्य
राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड राज्य प्रकृति का खजाना है। इसका सौंदर्य आलौकिक है। उत्तराखंड में पर्यटन आधारित बिजनेस, जैविक कृषि, योग-आयुर्वेद, खाद्य प्रोसेसिंग पर आधारित लघु उद्योगों को बढ़ावा देकर पहाड़ों में रोजगार और उद्यमिता के अपार अवसर पैदा किए जा सकते हैं। वर्तमान सरकार इस दिशा में अच्छा प्रयास कर रही है। आगे भी इसके लिए हर संभव सहयोग राज्य सरकार को हमेशा रहेगा। राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि समय तेजी से बदल रहा है। यह टेक्नॉलोजी का युग है। राज्य दो अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं से लगा है। इसलिए कनेक्टिविटी, पुल, सड़क, टनल का संपर्क भी महत्वपूर्ण है। समय के अनुसार विकास और तरक्की की नई इबारत लिखनी है। 

वीर शहीदों को किया याद
राज्यपाल ने प्रथम परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा और परमवीर चक्र विजेता लेफ्टिनेंट कर्नल धन सिंह थापा के साहस, शौर्य और पराक्रम को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने उत्तराखंड से राष्ट्र सुरक्षा के लिए सम्मानित 23 महावीर चक्र, 147 वीर चक्र, 6 अशोक चक्र, 19 कीर्ति चक्र प्राप्त करने वाले वीर योद्धाओं को नमन किया।

उत्तराखंड में राज्यपाल का विवरण
सुरजीत सिंह बरनाला-09 नवंबर 2000 से 07 जनवरी 2003
सुदर्शन अग्रवाल-08 जनवरी 2003 से 28 अक्टूबर 2007
बीएल जोशी-29 अक्टूबर 2007 से 05 अगस्त 2009
मार्गेट आल्वा-06 अगस्त 2009 से 14 मई 2012
डॉ. अजीज कुरैशी-15 मई 2012 से 07 जनवरी 2105
डॉ. केके पॉल-08 जनवरी 2015 से 25 अगस्त 2018
बेबी रानी मौर्य-26 अगस्त 2018 से 08 सितंबर 2021
ले.ज. गुरमीत सिंह (सेनि.)-09 सिंतबर 2021 से शुरु …

होमवर्क करे और स्पष्ट कार्य योजना तैयार कर मजबूती से राज्य का रखें पक्ष-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड के मध्य आस्तियों एवं दायित्वों के लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के निर्देश सम्बन्धित विभाग के उच्चाधिकारियों को दिये हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सभी सम्बन्धित विभाग इस सम्बन्ध में पूरा होमवर्क तैयार कर स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करें ताकि उच्चस्तर पर होने वाली बैठकों में संबंधित विषयों पर मजबूती से राज्य का पक्ष रखा जा सके।
मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में राज्य पुनर्गठन द्वारा आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभाग अपनी कार्ययोजना 10 अक्टूबर तक तैयार कराना सुनिश्चित करें ताकि उत्तर प्रदेश व उत्तराखण्ड के मुख्य सचिवों की आयोजित होने वाली बैठक में इन पर नीतिगत निर्णय लिये जाने के सम्बन्ध में आपसी सहमति बन सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य सचिवों की बैठक में होने वाले विचार विमर्श के बाद संबंधित विषयों पर अंतिम निर्णय लिये जाने के सम्बन्ध में वे स्वयं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से वार्ता करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लम्बे समय से लंबित प्रकरणों का निस्तारण राज्य हित में जरूरी है। अतः सभी सम्बन्धित विभागीय अधिकारी उत्तर प्रदेश व उत्तराखण्ड के विषयों का स्पष्ट विवरण भी तैयार करें ताकि आगामी बैठकों में इन पर निर्णय लिये जाने में सुविधा हो। उन्होंने भारत सरकार के स्तर पर लिये जाने वाले निर्णयों तथा मा. उच्चतम न्यायालय में लंबित प्रकरणों की प्रभावी पैरवी किये जाने के भी निर्देश दिये। इस सम्बन्ध में सचिव ऊर्जा के साथ शासन के किसी उच्चाधिकारी को नामित किये जाने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि टीएचडीसी में उत्तर प्रदेश सरकार की अंशपूजी उत्तराखण्ड को हस्तांतरित किये जाने का जो प्रकरण वर्तमान मा. उच्चतम न्यायालय में लम्बित है उसके लिये भी प्रभावी पैरवी कर मजबूती के साथ राज्य का पक्ष रखा जाय। उन्होंने कहा कि राज्य के वाजिब हितों के लिये सभी स्तरों पर प्रभावी कार्यवाही की जानी चाहिए।
सचिव पुनर्गठन डॉ. रणजीत सिन्हा ने इस सम्बन्ध में अब तक हुई प्रगति का विवरण प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि सिंचाई विभाग उत्तराखण्ड को जनपद उधमसिंह नगर हरिद्वार एवं चम्पावत में कुल 379.385 हेक्टेयर भूमि के हस्तांतरण, जनपद हरिद्वार में आवासीय/अनावासीय भवनों का हस्तांतरण गंग नहर से 665 क्यूसेक जल उपलब्ध कराने, जनपद उधमसिंह नगर तथा हरिद्वार की नहरों को राज्य को दिये जाने, नानक सागर, धौरा तथा बेंगुल जलाशय को पर्यटन एवं जल क्रीड़ा हेतु उपलब्ध कराये जाने के साथ टीएचडीसी में उत्तर प्रदेश की अंश पूंजी उत्तराखण्ड को हस्तांतरित करने, मनेरी भाली जल विद्युत परियोजना हेतु लिये गये ऋण के समाधान के साथ परिवहन, वित्त, आवास, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति वन कृषि से सम्बन्धित कतिपय विषयों पर निर्णय लिया जाना अपेक्षित है।
बैठक में कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव शैलेश बगोली, आर मीनाक्षी सुन्दरम, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, प्र. सचिव एस. मनराल, अपर सचिव डॉ. अहमद इकबाल, उमेश नारायण पाण्डेय, प्रबन्ध निदेशक यूजेवीएनएल मुकेश सिंघल, प्रबंध निदेशक वन विकास निगम डॉ. जे.के. शर्मा आदि उपस्थित थे।

राहत पैकेज की घोषणा की समीक्षा, एसीएस ने तेजी लाने के दिए निर्देश

अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में विभिन्न विभागों में कोविड-19 राहत पैकेज एवं इससे सम्बन्धित घोषणाओं की समीक्षा की। इसमें मुख्य रूप से पर्यटन, परिवहन, शहरी विकास, सिंचाई, ऊर्जा, विद्यालयी शिक्षा, उच्च शिक्षा, महिला बाल विकास, आयुष, राजस्व, युवा कल्याण, गृह, पेयजल, संस्कृति व चिकित्सा शिक्षा विभाग आदि शामिल थे। ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव आनन्द वर्द्धन द्वारा मुख्यमंत्री की घोषणाओं की समीक्षा की जा रही है।
अपर मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिये कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध रूप से किया जाये।

विद्यालयी शिक्षा
ऑनलाईन शिक्षा को और अधिक सुगम बनाने के लिये विद्यालयी शिक्षा के अन्तर्गत राज्य के छात्र-छात्राओं को निशुल्क मोबाईल टैबलेट प्रदान करने सम्बन्धी घोषणा को उन्होंने 30 नवम्बर तक पूर्ण करने के निर्देश दिये।

पर्यटन विभाग
बैठक में बताया गया कि पर्यटन विभाग के अन्तर्गत पंजीकृत पर्यटन व्यवसाय की विभिन्न गतिविधियों के संचालन में संलग्न लगभग 50,000 व्यक्तियों को धनराशि रू0 2000 प्रतिमाह की दर से 6 माह हेतु आर्थिक सहायता सम्बन्धी घोषणा के क्रम में स्वीकृत 6000 लाख के सापेक्ष 1500 लाख (लगभग 25 प्रतिशत) धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है। 11813 लाभार्थियों के खाते में कुल रूपये 440.54 लाख डाला चुका है। 655 पंजीकृत टूर ऑपरेटरों एवं एडवेंचर टूर ऑपरेटरों को 10,000 प्रति की दर से सहायता सम्बन्धी घोषणा के क्रम में 208 लाभार्थियों के खाते में कुल रूपये 20.80 लाख डाला जा चुका है। 630 पंजीकृत रिवर गाईड को 10,000 प्रति की दर से सहायता उपलब्ध कराया जाना सम्बन्धी घोषणा के क्रम में 209 लाभार्थियों के खाते में कुल रूपये 20.90 लाख डाला जा चुका है। टिहरी झील के अन्तर्गत पंजीकृत 93 वोट संचालकों को रु० 10,000 की दर से आर्थिक सहायता सम्बन्धी घोषणा के क्रम में 86 लाभार्थियों के खाते में कुल रूपये 8.60 लाख डाला जा चुका है। बताया गया कि पर्यटन विभाग में पंजीकृत लाईसेन्स नवीनीकरण शुल्क में छूट सम्बन्धी घोषणा के क्रम में इस प्रयोजन हेतु 06 लाख रुपये स्वीकृत किया जा चुका है। पंजीकृत राफ्टिंग एवं एयरोस्पेस सेवा प्रदाताओं को लाईसेंस नवीनकरण में छूट सम्बन्धी घोषणा के क्रम में रूपये 65 लाख स्वीकृत किया जा चुका है। टिहरी झील के अन्तर्गत पंजीकृत 98 वोट संचालकों को वर्ष 2021-22 में नवीनीकरण शुल्क में छूट सम्बन्धी घोषणा के क्रम में 98 लाभार्थियों के लिये रूपये 58 लाख स्वीकृत किया जा चुका है। वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली दीनदयाल होम स्टे योजना ऋण पर 06 माह के ब्याज़ की प्रतिपूर्ति सम्बन्धी घोषणा के क्रम में शासनादेश निर्गत किये जाने की कार्यवाही गतिमान है।

परिवहन विभाग
परिवहन विभाग के अन्तर्गत सार्वजनिक सेवायानों के लगभग 1,03,235 चालकों/परिचालकों/क्लीनर्स को 6 माह हेतु रूपये 2000 प्रतिमाह की दर से आर्थिक सहायता सम्बन्धी घोषणा के क्रम में 32486 लाभार्थियों के लिये रुपये 2381.70 लाख स्वीकृत कर जिलाधिकारी के अवमुक्त किया जा चुका है।

शहरी विकास
शहरी विकास विभाग के अन्तर्गत नैनीताल जनपद के अन्तर्गत नैनीताल में पंजीकृत कुल 549 वोट संचालकों को रूपये 10,000 प्रति की दर से आर्थिक सहायता सम्बन्धी घोषणा के क्रम में 415 लाभार्थियों के लिये रुपये 41.50 लाख स्वीकृत किया जा चुका है। नैनी झील के अन्तर्गत पंजीकृत 671 वोट संचालकों के वित्तीय वर्ष 2021-22 में लाइसेंस नवीनकरण में छूट सम्बन्धी घोषणा के क्रम में वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जा चुकी है।

संस्कृति विभाग
संस्कृति विभाग के अन्तर्गत सांस्कृतिक कलाकारों एवं ढोल वादकों को 2000 की दर से 05 माह हेतु प्रोत्साहन सम्बन्धी घोषणा के क्रम में 57 लाभार्थियों के लिये रुपये 1.14 लाख स्वीकृत किया जा चुका है।

वन
वन एवं पर्यावरण विभाग के अन्तर्गत ट्रैकिंग एवं पीक फीस पर छूट प्रदान किये जाना सम्बन्धी घोषणा के क्रम में शासनादेश निर्गत किया जा चुका है।

सिंचाई
सिंचाई विभाग के अन्तर्गत नौकुचियाताल, भीमताल, सातताल एवं सड़ियाताल के अन्तर्गत वोट नवीनीकरण में शुल्क में छूट हेतु सम्बन्धी घोषणा के क्रम में शासनादेश निर्गत किया जा चुका है।

राजस्व
राजस्व विभाग के अन्तर्गत पटवारी/लेखपाल/राजस्व निरीक्षक एवं नायब तहसीलदार को कोविड-19 में उनके द्वारा किये जा रहे सराहनीय कार्यों व सेवाओं हेतु रूपये 10,000 की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि दी जायेगी सम्बन्धी घोषणा के क्रम में बताया गया कि शासनादेश निर्गत किया जा चुका है। रुपये 137.20 लाख आयुक्त, राजस्व परिषद के निवर्तन पर रख दिया गया है।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्तर्गत आशा वर्करों इत्यादि को रूपये 2000 की प्रोत्साहन राशि पांच माह तक दी जायेगी सम्बन्धी घोषणा के क्रम में शासनादेश निर्गत किया जा चुका है। जनपद हरिद्वार एवं पिथौरागढ़ के मेडिकल कालेज हेतु 70-70 करोड़ की धनराशि दी जायेगी सम्बन्धी घोषणा के क्रम में शासनादेश निर्गत किया जा चुका है। एएनएम/एमएलएचपी को टैबलेट दिया जायेगा सम्बन्धी घोषणा के क्रम में समस्त 1913 एएनएम एवं समस्त 732 एमएलएचपी को टेबलेट उपलब्ध कराया जा चुका है।

समीक्षा के दौरान अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने घोषणाओं के क्रियान्वयन हेतु टाईमलाइन निर्धारित करते हुये अवशेष घोषणाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा जिन घोषणाओं के क्रियान्वयन के लिए शासनादेश निर्गत कर दिया गया है, विभाग द्वारा निरन्तर प्रभावी अनुश्रवण सुनिश्चित किया जाय। निर्धारित प्रारूप के अनुसार विभागीय स्तर पर भी समय-समय पर समीक्षा की जाय।