विपक्ष के हंगामे के बीच तीन घंटे छह मिनट चला मानसून सत्र

कोरोना संक्रमण के चलते उत्तराखंड विधानसभा का मानसून सत्र बुधवार को तीन घंटे छह मिनट ही चला। इसमें 19 विधेयक और 10 अध्यादेश पारित किए गए। विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चैहान की मौजूदगी में आयोजित मानसून सत्र में उत्तराखंड राज्य विधानसभा सदस्यों की उपलब्धियां एवं पेंशन संशोधन विधेयक, हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा शिक्षा विवि संशोधन विधेयक, उत्तराखंड राज्य कृषि उपज और पशुधन विपणन प्रोत्साहन एवं सुविधा विधेयक, महामारी संशोधन विधेयक, उत्तराखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन संशोधन विधेयक, उत्तराखंड माल एंव सेवाकर संशोधन विधेयक, उत्तराखंड पंचायतीराज द्वितीय संशोधन विधेयक, उत्तराखंड उत्तर प्रदेश राज्य विधान मंडल अधिकारियों के वेतन तथा भत्ते संशोधन विधेयक, बोनस संदाय उत्तराखंड संशोधन विधेयक, व्यवसाय संघ उत्तराखंड संशोधन विधेयक, औद्योगिक विवाद उत्तराखंड संशोधन विधेयक, उत्तराखंड उत्तर प्रदेश औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 संशोधन विधेयक, कारखाना उत्तराखंड संशोधन विधेयक, उत्तराखंड जौनसार बाबर जमीदारी विनाश और भूमि व्यवस्था अधिनियम 1956 संशोधन विधेयक, उत्तराखंड उत्तर प्रदेश जमीदारी विनाश एंव भूमि व्यवस्था अधिनियम 1950 संशोधन विधेयक, उत्तराखंड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक, उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक शामिल हैं।

ये अध्यादेश बने कानून
सदन में पारित होने के बाद उत्तराखंड राज्य विधान सभा सदस्यों की उपलब्धियां और पेंशन संशोधन अध्यादेश, उत्तराखंड माल एंव सेवाकर द्वितीय संशोधन अध्यादेश, महामारी रोग संशोधन अध्यादेश, उत्तराखंड पंचायतीराज द्वितीय संशोधन अध्यादेश, उत्तराखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन संशोधन अध्यादेश, हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा शिक्षा विवि संशोधन अध्यादेश।

कोरोना महामारी से नुकसान में चल रहे पर्यटन कारोबारियों के लिए सरकार की पहल, होटल और होम स्टे पर मिलेगी छूट

कोरोना महामारी से आर्थिक नुकसान पर चल रहे पर्यटन कारोबारियों को अब सरकार राहत देने जा रही है। सरकार ने राज्य में पर्यटन प्रोत्साहन कूपन योजना को अपनी मंजूरी दी है। होटलों और होम स्टे में तीन दिन तक ठहरने की बुकिंग करने पर सरकार की ओर से 25 प्रतिशत या अधिकतम एक हजार रुपये की छूट के लिए कूपन दिया जाएगा। इस कूपन पर होटल और होम स्टे में कमरे के बिल पर छूट मिलेगी।

देहरादून स्मार्ट सिटी पोर्टल पर पर्यटक श्रेणी में पंजीकरण करने वाले पर्यटकों को कम से कम तीन दिन ठहरने पर उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के माध्यम से अधिकतम एक हजार और कम से कम 25 प्रतिशत प्रतिदिन छूट का कूपन जारी किया जाएगा।

बता दें कि छूट का लाभ ऑनलाइन बुकिंग पर ही मिलेगा। कूपन के माध्यम से गढ़वाल मंडल पर्यटन विकास निगम, कुमाऊं मंडल पर्यटन विकास निगम के साथ ही निजी होटल और होम स्टे में कमरे के बिल में छूट दी जाएगी। देहरादून जिले में मसूरी, चकराता, ऋषिकेश नगर निगम क्षेत्र, हरिद्वार जिले में नगर निगम क्षेत्र, पौड़ी जिले में कोटद्वार को छोड़ कर पूरा जिला, नैनीताल जिले में हल्द्वानी ओर काठगोदाम क्षेत्र को छोड़ कर पूरे जिले में योजना लागू होगी। ऊधमसिंह नगर जिले में यह योजना लागू नहीं होगी।

कैबिनेट बैठकः केदारनाथ में हेलीपैड का विस्तार, वायुसेना का चिनूक हेलीकाॅप्टर लाएगा भारी भरकम मशीनें

उत्तराखंड में कैबिनेट बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। इसमें युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए यह निर्णय लिया गया कि उपनल के माध्यम से पूर्व सैनिकों के साथ ही सिविल लोगों को भी नौकरी दी जाएगी। पड़ोसी देशों से सीमा मसले में चीन व नेपाल सीमा से सटे सीमावर्ती इलाकों में मोबाइल नेटवर्क को मजबूत किए जाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए कपंनियों को सरकार एकमुश्त राशि देगी। इसी के साथ ही सरकार केदारनाथ नव निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए यहां हेलीपैड का विस्तार करने जा रही है। इसके बाद यहां वायुसेना का चिनूक हेलीकाॅप्टर आ सकेगा। जो भारी भरकम मशीनों को लाने में सक्षम है।
राज्य कैबिनेट ने शुक्रवार को केदारनाथ हेलीपैड विस्तार की योजना पर मुहर लगाई है। योजना के तहत अभी धाम में मौजूद 40 मीटर चैड़ा और 50 मीटर लंबा हेलीपैड को, 100 मीटर लंबा और 50 मीटर चैड़ा किया जाना है। इसके लिए कुछ भवनों को भी ध्वस्त किया जाएगा, जिससे हेलीपैड के सामने पचास मीटर और खुली जगह उपलब्ध हो पाएगी।

सरकार ने कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया कि उपनल में अब पूर्व सैनिकों के साथ सिविल वालों को भी नौकरी का मौका मिलेगा। मगर, नौकरी पर पूर्व सैनिकों को पहले प्राथमिकता दी जाएगी। उत्तराखण्ड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक 2020 को लाने पर मंजूरी हुई है। कोरोनाकाल में विधायकों के वेतन कटौती को लेकर सरकार विधानसभा में विधेयक लाएगी। राजकीय महाविद्यालयों में 257 संविदा-गेस्ट टीचरों की अवधि एक साल तक बढ़ाई गई।

मेडिकल कॉलेज में मेडिकल सोशल वर्कर्स सेवा नियमावली को भी मंजूरी दी गई है। उत्तराखण्ड नागरिक सुरक्षा क और ख नियमावली में संशोधन किया गया है, कृषि विभाग का शासन स्तर में अनुभाग एक हुआ, पहले चार अनुभाग थे। हरिद्वार स्थित माया देवी व जूना अखाड़ा की ऊंचाई की परमिशन कैबिनेट ने दी ।

सतर्कता विभाग को आरटीआई के नियम से बाहर किया है। प्रदेश में 25 किलोवाट के सौर्य मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना को मंजूरी दी गई है साथ ही स्टाम्प पेपर में 100 प्रतिशत की छूट। देहरादून के मेहर गांव में शहीद के नाम पर बनने वाले पेट्रोल पंप में नियमों में दी गई छूट गई है। पर्यटन को बढावा देने के लिए पर्यटक प्रोत्साहन कूपन योजना को शुरू किया गया, ई-बुकिंग करने वाले पर्यटकों को पर्यटक स्थलों पर 3 दिन रहने पर 1000 रूपए की छूट मिलेगी।

सिंचाई विभाग में निर्माण कार्यों में छोटे ठेकेदारों के लिए रास्ता तलाशने के लिए सरकार ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति का गठन किया है। यह समिति नहरों के निर्माण, बाढ़ सुरक्षा, रिवर ट्रेनिंग आदि कामों में टेंडर की वर्तमान शर्तों शिथिलता का अध्ययन करेगी। राज्य के छोटे ठेकेदारों की सुविधा के लिए सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने इसका प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए थे।

देहरादून। सीएम सोलर स्वरोजगार योजना में स्टांप ड्यूटी पूरी तरह माफ कर दी गई है। इसमें दो लाख रुपये तक सब्सिड़ी मिलेगी और भूउपयोग परिवर्तन की जरूरत नहीं होगी। इस तरह सरकार ने 25 किलोवॉट के सोलर प्लांट के जरिए राज्य के दस हजार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में कदम उठाया है।

14 सितंबर से श्रीदेव सुमन की परीक्षा, शिक्षकों को लाना होगा मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र

14 सितंबर से श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय की परीक्षा शुरू होने जा रही है। परीक्षा में बाहरी राज्यों से आने वाले छात्रों को कोविड निगेटिव रिपोर्ट अपने साथ लानी होगी। साथ ही परीक्षा में तैनात रहने वाले शिक्षकों को भी मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र देना होगा। श्रीदेव सुमन विवि की परीक्षा के लिए गढ़वाल मंडल में 180 केंद्र बनाए गए हैं।
विवि के परीक्षा नियंत्रक डा. आरएस चैहान ने बताया कि श्रीदेव सुमन विवि की स्नातक, स्नातकोत्तर अंतिम सेमेस्टर, स्नातक प्रथम वर्ष और बीएड की मुख्य परीक्षाएं 14 सितंबर से 12 अक्तूबर के बीच संपन्न होनी है। विवि की परीक्षाएं बहुविकल्पीय प्रश्नों के आधार पर ओएमआर शीट के माध्यम से संपन्न कराई जाएगी। परीक्षा के लिए डेढ़ घंटे का समय निर्धारित किया गया है।
बताया कि परीक्षा केंद्र में बिना मास्क प्रवेश नहीं, कंटेनमेंट जोन से आने वाले छात्र को एडमिट कार्ड या कॉलेज का आईकार्ड लाना होगा, अन्य राज्यों से आने वाले छात्रों को कोविड-19 रिपोर्ट अपने साथ लानी होगी। परीक्षा कक्ष, एंट्री गेट से लेकर वॉशरूम तक सैनिटाइज किया जाएगा। साथ ही सभी दरवाजों के हैंडल, रेलिंग, लिफ्ट बटन को भी सैनिटाइज करना होगा। बताया कि हर पाली की परीक्षा के बाद छात्रों की टेबल और कुर्सी को सैनिटाइज, परीक्षा कार्य में लगे पूरे स्टाफ को अपने स्वास्थ्य को लेकर सेल्फ डिक्लरेशन देना होगा। साथ ही पूरे स्टाफ की थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य तौर पर करनी होगी।

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे प्रोजेक्ट में गुणवत्ता, गति व पारदर्शिता का रखा जाए विशेष ख्यालः मुख्य सचिव

मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित जिलाधिकारियों से ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन निर्माण के प्रगति के सम्बन्ध में समीक्षा की। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) के साथ समन्वय बनाकर हर तरह की प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराएं। उन्होंने सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को भी निर्देश दिये कि अवशेष कार्य को जल्द से जल्द टाईमलाईन सहित पूर्ण कर लिया जाए साथ ही कार्यों में गुणवत्ता, गति एवं पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जाय। मुख्य सचिव ने आर.वी.एन.एल. के अधिकारियों से कहा कि किसी भी समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार की ओर से पूरा सहयोग दिया जायेगा।
मुख्य सचिव ने कहा कि जल संस्थान जल्द से जल्द पाईप लाइन शिफ्टिंग का कार्य पूर्ण कर लें उसमें आ रही समस्याओं से समय-समय पर शासन को अवगत कराया जाए ताकि समस्याओं का निराकरण हो। रेल लाइन से संबंधित भूमि अधिग्रहण के कार्य के पश्चात् भूमि मुआवजा सम्बन्धी कार्य प्राथमिकता के आधार पर किये जाए। टनल निर्माण एवं अन्य निर्माण से होने वाले मलबा के निस्तारण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को अवशेष निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये।
मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने निर्देश दिये कि रेलवे लाइन में बनने वाले टनलों में विशेषकर जो वन क्षेत्र में हो उन टनलों में सेंसरयुक्त गेट लगाये जाएं जिससे जंगली जानवरों के टनल में जाने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिल सके। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 58 के 03 स्थानों ब्यासी डायवर्जन, नरकोटा डायवर्जन व सुमेरपुर डायवर्जन के प्रकरणों पर भी चर्चा की गई।

सरकार की दरों से अधिक वसूली करने पर निजी अस्पताल पर होगी कार्रवाई

केंद्र सरकार की तय दरों के आधार पर प्रदेश के निजी अस्पताल कोरोना मरीजों से इलाज का खर्चा 20 प्रतिशत कम लेंगे। यानी निजी अस्पताल केवल 80 प्रतिशत तक खर्च वसूल कर सकेंगे। इसके विपरीत यदि कोई निजी अस्पताल तय दरों से अधिक वसूली करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।

निजी अस्पतालों में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए नीति आयोग के सदस्य डॉ.विनोद पाल की अध्यक्षता में गठित समिति की सिफारिशों के आधार पर सरकार ने इलाज की दरें तय की हैं। केंद्र की ओर से तय दरों का 80 प्रतिशत उपचार शुल्क निजी अस्पतालों की ओर से लिया जाएगा। इसमें 1200 और 2000 रुपये पीपीई किट का खर्च और बिस्तर, भोजन, निगरानी, नर्सिंग देखभाल, डॉक्टरों का परामर्श, कोविड जांच, ऑक्सीजन समेत अन्य सुविधाएं भी शामिल हैं। 

प्रभारी सचिव स्वास्थ्य डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने कोरोना इलाज की दरों को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि केंद्र की ओर से जो दरें तय की गई हैं, उसके आधार पर प्रदेश में निजी अस्पताल कोरोना मरीजों से इलाज के लिए 80 प्रतिशत उपचार शुल्क लेंगे। शासन की ओर से जारी आदेश में भी 80 प्रतिशत के हिसाब से इलाज की दरें तय करने का उल्लेख किया गया है। 

आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए 25 प्रतिशत बेड रखने होंगे आरक्षित

राज्य अटल आयुष्मान योजना के तहत प्रदेश में पंजीकृत निजी अस्पतालों में कोरोना मरीजों का उपचार निशुल्क किया जाएगा। गोल्डन कार्ड धारकों के उपचार का खर्च सरकार तय दरों के आधार पर ही करेगी। साथ ही पंजीकृत अस्पतालों को 25 प्रतिशत बेड आरक्षित भी रखने होंगे।

राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अध्यक्ष डीके कोटिया ने बताया कि गोल्डन कार्ड पर पंजीकृत निजी अस्पतालों में कोरोना का मुफ्त इलाज किया जाएगा। सरकार ने अटल आयुष्मान योजना में प्रदेश के 23 लाख परिवारों को पांच लाख तक के मुफ्त इलाज की सुविधा दी है।

प्रदेश में लगभग 40 लाख से अधिक लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बन चुके हैं। जिन पात्र लाभार्थियों ने अभी तक गोल्डन कार्ड नहीं बनाया है, उन्हें भी मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। अस्पताल में आरोग्य मित्रों के माध्यम से ऐसे लाभार्थियों का तुरंत गोल्डन कार्ड बनाया जाएगा। 

निर्धारित दर से ज्यादा वसूला तो कोविड-19 एक्ट के तहत होगी कार्रवाई 

राज्य सरकार ने निजी अस्पतालों को कोरोना मरीजों के उपचार की अनुमति देने के बाद इलाज की दरें तय कर दी हैं। कोरोना की गंभीर स्थिति और सुविधा के अनुसार निजी अस्पताल इलाज का खर्च मरीजों से वसूल सकेंगे। एनएबीएच से मान्यता प्राप्त और गैर मान्यता वाले निजी अस्पतालों में आठ हजार से 18 हजार रुपये तक दरें तय की गई है। 
सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी ने बुधवार को इलाज के लिए तय दरों के आदेश जारी किए हैं। सरकार की ओर निर्धारित दरों से ज्यादा इलाज का खर्च वसूलने वाले निजी अस्पतालों के खिलाफ कोविड-19 एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश सरकार ने केंद्र की ओर से नीति आयोग के सदस्य डॉ. विनोद पाल की अध्यक्षता में गठित कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर इलाज की दरों को लागू किया है। नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर हास्पिटल(एनएबीएच) से मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों में आईसोलेशन बेड का प्रतिदिन 10 हजार रुपये(1200 रुपये पीपीई किट खर्च समेत), बिना वेटीलेंटर के आईसीयू बेड का 15 हजार (दो हजार रुपये पीपीई किट समेत), आईसीयू वेटीलेंटर का 18 हजार रुपये तय किया है।
जिसमें दो हजार रुपये पीपीई किट का खर्च भी शामिल है। इसी तरह एनएबीएच से गैर मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों में आईसोलेशन बेड का आठ, हजार, आईसीयू का 13000, आईसीयू वेटीलेंटर का 15000 रुपये तय किया है। इसमें पीपीई किट का खर्च भी शामिल होगा। 
कोविड इलाज के लिए तय दरों में बेड, भोजन, निगरानी, नर्सिंग देखभाल, डॉक्टरों का परामर्श शुल्क, सैंपल जांच भी शामिल है। इसके लिए निजी अस्पताल मरीज से अलग से शुल्क नहीं लेंगे। इलाज में अस्पतालों को केंद्र और राज्य सरकार की गाइडलाइन का पूरा पालन करना होगा।

कोरोना की पुष्टि के बाद विधायक हुए आइसोलेट

कोरोना संक्रमण प्रदेश में लगातार बढ़ता जा रहा है। हालांकि यहां मरीजों की रिकवरी दर करीब 68 प्रतिशत के आस-पास बनी हुई है, लेकिन अब आम से लेकर खास लोगों को भी कोरोना से जूझना पड़ रहा है। अब देहरादून के धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा विधायक कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। वहीं दूसरी पौड़ी विधायक मुकेश कोली के गनर भी कोरोना की चपेट में आया है।
धर्मपुर विधायक विनोद चमोली ने अपने सोशल मीडिया में कोरोना पॉजीटिव होने की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा है कि उनकी रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। ऐसे में उनके संपर्क में आने वाले सभी लोग अपनी जांच करवा लें। इसके अलावा पौड़ी के विधायक मुकेश कोली के गनर भी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। कोली ने भी इसकी जनकारी अपने सोशल मीडिया पर साझा की है। उन्होंने कहा है कि उनके गनर गंभीर टम्टा की कोरोना रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। जिसके बाद उनका और उनके पूरे स्टाफ का कोरोना टेस्ट लिया गया है। उन्होंने अपील करते हुए कहा है कि जब जरूरी हो, तभी घर से बाहर निकलें व बेवजह बाजारों में न जाएं। घर पर रहें, सुरक्षित रहें। इसके अलावा देहरादून स्थित सचिवालय के एक अपर सचिव भी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। जिसके बाद उनका कार्यालय बंद कर दिया गया है।
संक्रमण की आशंका को देखते हुए सचिवालय में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम इन सभी जगहों पर सघन सैनिटाइजेशन के कार्य में जुटी हुई है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

अनलॉक-चार में बाजार, धार्मिक स्थलों, मॉल, बाजार आदि को खोलने की अनुमति मिली

राज्य सरकार ने अनलॉक-चार की एसओपी जारी कर नीट और जेईई परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों को छूट दी है। नई एसओपी में बाहर से आने वाले लोगों को तीन दिन की बजाय अब चार दिन की एनटीपीसीआर निगेटिव टेस्ट रिपोर्ट पर छूट मिलेगी। स्मार्ट सिटी की वेबसाइट http://dsclservices-org-in/apply-php पर पंजीकरण की शर्त को बरकरार रखा गया है। 
मुख्य सचिव ओमप्रकाश की ओर से जारी की गई एसओपी में वे तमाम रियायतें हैं जो केंद्रीय गृह मंत्रालय की एसओपी में दी गईं थीं। बाजार, धार्मिक स्थलों, मॉल, बाजार आदि को खोलने की अनुमति दी गई है। प्रदेश में भी 21 सितंबर के बाद पहले के अधिकतम 50 लोगों की शर्त को हटाकर 100 कर दिया गया है। स्कूल, कॉलेज में छात्र 21 के बाद सशर्त जा सकेंगे। पार्कों आदि में 21 के बाद अधिकतम 100 लोग सुबह की सैर आदि कर पाएंगे। 
स्मार्ट सिटी की वेबसाइट पर पंजीकरण की शर्त को बरकरार रखा गया है। यह भी साफ कर दिया गया है कि व्यक्ति और सामान की आवाजाही में किसी तरह का प्रतिबंध नहीं रहेगा। कंटेनमेंट जोन की पाबंदियों को बरकरार रखा गया है। वरिष्ठ नागरिक, गर्भवती महिलाओं आदि को पहले से मिल रही छूट जारी रहेगी। 
वहीं, राज्य से बाहर हाई कोविड लोड शहरों को जाने वालों को पांच दिन में वापस लौटने पर क्वारंटीन नहीं होना होगा। सात दिन से अधिक की वापसी पर इन्हें 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन होना होगा। विदेश से आने वाले लोगों को सात दिन संस्थागत और सात दिन होम क्वारंटीन में रहना होगा। 

– राज्य में बाहर से आने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना होगा और स्मार्ट सिटी की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होगा। 
– कोविड हाई लोड शहरों से आने वालों को सात दिन संस्थागत और सात दिन के लिए होम क्वारंटीन होना होगा। लेकिन, बिना लक्षण वाले और आरटीपीसीआर की निगेटिव टेस्ट रिपोर्ट वालों को क्वारंटीन नहीं होना होगा। 
– ऐसे सभी लोग जो सात दिन के लिए अंतिम संस्कार या अन्य वजहों से आते हैं, उन्हें भी क्वारंटीन नहीं होना होगा।
– कोविड हाई लोड वाले शहरों से होकर हवाई जहाज से आने वालों को 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन होना होगा।

बाहर से आने वाले और उद्योग प्रबंधन की सहमति वाले कर्मियों, विशेषज्ञों को क्वारंटीन नहीं होना होगा। इसी तरह वीवीआईपी मूवमेंट पर भी रोक नहीं है। सेना को क्वारंटीन से लेकर अन्य सभी इंतजाम अपने स्तर पर करने होंगे।

– प्रदेश में अधिक संक्रमण वाले इलाकों में कंटेनमेंट जोन बनेंगे और जिला प्रशासन अपनी विभागीय वेबसाइट पर जोन की सूचना प्रदर्शित करेंगे और इसकी सूचना राज्य सरकार के साथ ही केंद्र को भी दी जाएगी।
– 30 सितंबर तक शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे
– ऑनलाइन शिक्षा जारी रहेगी और इसे प्रोत्साहित किया जाएगा। 21 सितंबर से 50 प्रतिशत स्टाफ स्कूल आ सकेगा।
– कंटेनमेंट जोन से बाहर के स्कूलों में कक्षा नौ से 12 तक के छात्र 21 सितंबर से स्कूल आ सकेंगे। अभिभावकों की लिखित अनुमति लेनी होगी और स्कूल आना स्वैच्छिक होगा।

वहीं, 21 सितंबर से राजनीतिक सभा, खेल, धार्मिक गतिविधियों के लिए सौ तक की संख्या में लोग भाग ले सकेंगे। 20 सितंबर तक अंतिम संस्कार में 20 से ज्यादा और विवाह समारोह में 50 ज्यादा लोग शामिल नहीं होंगे। इसके बाद सौ की संख्या की अनुमति होगी। 21 सितंबर से ओपन एअर थियेटर खुल सकेंगे।

– जिला प्रशासन कंटेनमेंट जोन के बाहर बिना राज्य सरकार की अनुमति के लॉकडाउन नहीं करेगा।
– सामाजिक दूरी के नियम का पालन कराने के लिए धारा 144 लगाई जा सकेगी।
जेईई, नीट सहित अन्य परीक्षा के छात्रों और अभिभावकों को भी कराना होगा पंजीकरण
– इन सभी को स्मार्ट सिटी की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होगा। इनको क्वारंटीन नहीं होना होगा। राज्य से बाहर से आने वाले और राज्य में जिलों के बीच आवागमन करने वाले छात्रों पर भी यह नियम लागू होगा। जिला प्रशासन इनके आने जाने की व्यवस्था करेगा।
– प्रदेश में एक जिले से दूसरे जिले में जाने वाले लोगों को भी स्मार्ट सिटी की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होगा। इनको भी क्वारंटीन नहीं किया जाएगा।