इन्वेस्ट इंडिया द्वारा तेयार वैलनेस रिपोर्ट का सीएम ने किया विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उद्योग विभाग द्वारा आयोजित “स्टार्ट-अप ग्राण्ड चौलेंज” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान 10 प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में घोषणा की कि स्टार्ट अप उत्तराखंड के तहत “आइडिया ग्रेट चौलेंज” के रूप में दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि को 50 हज़ार रुपए से बढ़ाकर 2 लाख तथा स्टार्टअप को एक साल तक दिया जाने वाला मासिक भत्ता 10 हज़ार से बढ़ाकर 15 हज़ार रुपए किया जायेगा। जबकि एससी,एसटी, दिव्यांग और महिलाओं को दिया जाने वाले मासिक भत्ता 15 हज़ार से बढ़ाकर 20 हज़ार रुपए किये जाने की मुख्यमंत्री ने घोषणा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इन्वेस्ट इंडिया द्वारा तैयार की गई वैलनेस रिपोर्ट का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार युवाओं को इनोवेटिव कार्यों एवं उनके विचारों को प्रोत्साहित कर रही है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2014 से देश के हर क्षेत्र में नवाचार हुए हैं। स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया जैसे तमाम योजनाओं के जरिए देश में काम करने वाले उद्यमियों को प्रोत्साहन मिला है। मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप करने वाले युवाओं को कहा कि आज उनकी पहचान अपने क्षेत्र और जिले स्तर की है, आने वाले समय में कई युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फलक पर अपनी पहचान बनाएंगे। मेहनत के सुखद परिणाम अवश्य मिलते हैं। उन्होंने कहा कि धैर्य एवं दूरदर्शिता ही मनुष्य को कर्मयोगी बनाती है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड धर्म एवं आध्यात्म का केन्द्र है। इस साल अभी तक 34 लाख से अधिक श्रद्धालु चार धाम यात्रा कर चुके हैं । प्रदेश में अब कांवड़ यात्रा शुरू होने जा रही है, उन्होंने सभी शिव भक्तों से आग्रह किया है कि उत्तराखंड में आने वाले प्रत्येक शिवभक्त यहां एक-एक पौधा जरूर लगाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 3 साल बाद जब उत्तराखण्ड राज्य स्थापना के 25 वर्ष की यात्रा पूर्ण करेगा, तब हमारा राज्य देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो, इसके लिए राज्य सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। उत्तराखण्ड के विकास की यात्रा हम सबकी है, राज्य के समग्र विकास के लिए सबकी भूमिका भी बढ़ जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में एक नई कार्य संस्कृति एवं कार्य व्यवहार आया है। हम उत्तराखण्ड में भी कार्यसंस्कृति में सुधार ला रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से राज्य में रोजगार के अवसरों में वृद्धि का प्रयास किया गया है वहीं नवोन्मेषी विचारों को उद्यम में परिवर्तित करने तथा युवाओं की सृजनशीलता को सकारात्मक दिशा देने के उद्देश्य से स्टार्ट-अप नीति लागू की गई है। इस नीति के माध्यम से युवाओं को रोजगार सृजन एवं की ओर प्रेरित कर स्टार्ट-अप इको सिस्टम तैयार करने का प्रयास किया गया है। राज्य सरकार स्टार्ट-अप नीति के माध्यम से कॉलेज स्तर से उद्यमिता को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है।

इस अवसर पर विधायक विनोद चमोली, सचिव उद्योग डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, महानिदेशक/आयुक्त उद्योग रणवीर सिंह चौहान, टाई देहरादून के चेयरमैन प्रकाश, उद्योग निदेशक सुधीर चन्द्र नौटियाल, संयुक्त निदेशक शिखर सक्सेना, औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधिगण एवं स्टार्टअप से जुड़े उद्यमी मौजूद थे।

धामों में मोबाइल, पर्स मंदिर के अंदर ले जाने पर पूरी तरह नियंत्रित करने की मांग

श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने प्रदेश के मुख्य सचिव एसएस संधू को पत्र लिखकर श्री केदारनाथ एवं श्री बदरीनाथ मंदिरों के निकट क्लॉक रूम बनाने का सुझाव दिया है, ताकि मंदिर में दर्शन हेतु जा रहे तीर्थयात्रियों के मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैग इत्यादि वहां जमा हो सकें।
उल्लेखनीय है कि विगत दिवस बीकेटीसी ने श्रद्धालुओं की संख्या में कमी को देखते हुए केदारनाथ मंदिर के गर्भ गृह में प्रवेश की छूट दे दी थी। ऐसे में कतिपय शरारती तत्वों द्वारा गर्भ गृह का वीडियो बनाकर इंटरनेट पर वायरल कर दिया गया। जिस पर श्रद्धालुओं व तीर्थपुरोहितो ने कड़ी आपत्ति जताई है।
वीडियो बनाकर वायरल होने की घटना पर बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र ने भी कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने इस मामले में मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह को प्रकरण की जांच कर वहां ड्यूटी पर तैनात कार्मिकों से स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही अजेंद्र ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर श्री केदारनाथ व श्री बदरीनाथ मंदिर की सुरक्षा की दृष्टि से एहतियाती कदम उठाने को कहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान यात्रा काल में अब तक लाखों लोग दोनों धामों की यात्रा कर चुके हैं। कतिपय यात्री मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैग इत्यादि के साथ मंदिर में प्रवेश कर जाते हैं, जो मंदिर के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए उचित नहीं है। लिहाजा, दोनों मंदिरों के निकट क्लॉक रूम बनाया जाए। जहां पर यात्रियों के मोबाइल, बैग इत्यादि सामान जमा कर सकें।

पशु पालन को आर्थिकी का जरिया बनाने के निर्देश

कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने मंगलवार को सचिवालय में मत्स्य, डेयरी विकास एवं पशुपालन विभाग की समीक्षा की। इस बैठक में सभी जनपदों के जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।
कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने प्रदेश में व्यावसायिक बकरी पालन हेतु बकरी घाटियां तैयार किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने बकरियों के उत्पादन, परिवहन व विपणन आदि में सुगमता हेतु वर्तमान में चल रही इससे सम्बन्धित सभी योजनाओं के लिये विशेष क्षेत्र चिह्नित कर उस क्षेत्र को बकरी घाटी कलस्टर के रूप में विकसित करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक बकरी पालन के माध्यम से स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे, जिससे ग्रामीण आर्थिकी और मजबूत होगी।
कैबिनेट मंत्री ने डेयरी विकास विभाग के अंतर्गत आँचल के दूध एवं दुग्ध पदार्थों की बिक्री हेतु मिल्क बूथों की स्थापना में तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दुग्ध समितियों के दुग्ध उत्पादकों को तकनीकी निवेश सुविधाएं उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से आंचल दुग्ध उत्पादक सेवा केन्द्रों की स्थापना की जाय। उन्होंने समस्त जिलाधिकारियों को जनपदों में आँचल मिल्क बूथ स्थापित किये जाने हेतु सरकारी कार्यालयों एवं शहरी स्थानों में भूमि का चयन करते हुए उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होंने माह सितम्बर तक चारधाम यात्रा मार्गों में उक्त मिल्क बूथ एवं कैफे को स्थापित करने के भी निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिये।
कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने मत्स्य पालन विकास विभाग के अंतर्गत प्रत्येक जनपद में अमृत सरोवरों के निर्माण संबंधी कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना, जिला योजना एवं राज्य योजना के अन्तर्गत मात्स्यिकी विकास हेतु कन्वर्जन्स कर कार्यक्रमों का संचालन किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने रोजगार की अपार संभावनाओं के दृष्टिगत मात्स्यिकी क्षेत्र के विकास हेतु सभी जनपदों के अधिकारियों से व्यक्तिगत रूप से रूचि लेकर इस योजना को आगे बढ़ने पर बल दिया।
बैठक में सचिव डा वी0बी0आर0सी0 पुरुषोत्तम एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रथम कार्यकाल के दौरान 600 से अधिक जनकल्याणकारी निर्णय लिए-अग्रवाल

मुख्यमंत्री के रूप में एक वर्ष पूर्ण करने पर कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बधाई दी। इस दौरान मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दी।
मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में हुई मुलाकात में मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि राज्य के युवा मुख्यमंत्री के रूप में एक वर्ष का कार्यकाल सराहनीय रहा है। कहा कि सीएम के रूप में प्रथम कार्यकाल के दौरान 600 से अधिक जनकल्याणकारी निर्णय लिए गए। कहा कि ऐतिहासिक निर्णय के चलते ही जनता ने पुनः बहुमत देकर सत्ता में वापसी कराई है।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री की विकासपरक सोच और युवा नेतृत्व के चलते प्रदेश में पहली बार सत्ता में आने का मिथक भी टूटा है। भारतीय जनता पार्टी की लगातार सत्ता में आई है।
डॉ अग्रवाल ने मुख्यमंत्री के 100 दिनों के कार्यकाल की सराहना भी की। इस अवसर पर डॉ अग्रवाल ने सीएम को भविष्य के लिए भी शुभकामनाएं दी। इस दौरान अन्य विषयों पर भी वार्ता हुई। मौके पर मिष्ठान खिलाकर मुँह मीठा भी कराया गया।

उत्तराखण्ड में आतिथ्य क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर सीएम ने निवेशकों से की चर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को राजपुर रोड स्थित होटल में उत्तराखण्ड में पर्यटन क्षेत्र के विकास और निवेशकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद (यूटीडीबी) की ओर से उत्तराखण्ड में आतिथ्य क्षेत्र में निवेश की संभावना विषय पर चर्चा कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथ प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन से संबंधित योजनाओं पर तेजी से क्रियान्वयन के लिए सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया जायेगा। जिसमें वित्त, आवास, लोक निर्माण विभाग, पुलिस, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं सबंधित विभागों के अधिकारी सदस्य होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड निवेशकों को सुरक्षित निवेश की गारंटी देता हैं। निवेशकों को हर संभव मदद देने के लिए प्रदेश सरकार प्रयासरत है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य आने वाले 5 साल में उत्तराखण्ड को पर्यटन क्षेत्र में सर्वाेपरि बनाने का है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए जो भी सुझाव प्राप्त हुए हैं। इन सुझावों को आगे की कार्ययोजना में शामिल किया जायेगा। जो भी समस्याएं पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारकों द्वारा रखी गई, उनकी निदान के हर संभव प्रयास किये जायेंगे। सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवं संतुष्टि के भाव से कार्य किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। राज्य में हवाई, सड़क एवं रेल कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार हो रहा है। राज्य में हवाई कनेक्टिविटी बढ़े इसके लिए ए.टी.एफ में 18 प्रतिशत की कमी की गई है। उत्तराखण्ड का नैसर्गिक सौन्दर्य पर्यटकों को उत्तराखण्ड आने के लिए आकर्षित करता है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य में पर्यटन नीति लागू की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में नई कार्य संस्कृति आई है। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास के मूल मंत्र पर देश आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा। 2025 तक उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में देश को अग्रणी राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। सभी विभागों को अगले 10 सालों का रोडमैप बनाने के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 3 माह बाद भी पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों से संवाद किया जायेगा।
सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि निवेशकों के लिए सरकार की ओर से बनाई गई नीतियों का सरलीकरण किया जाएगा। जिससे निवेशकों को उत्तराखण्ड में पर्यटन के क्षेत्र में निवेश करने में आसानी हो सके। सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर ने कहा कि पर्यटन से उत्तराखण्ड का जहां राजस्व बढ़ता हैै वहीं बड़ी संख्या में लोगों के रोजगार के साधन भी उपलब्ध होते हैं। पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के बाद पर्यटन में निवेश की असीम संभावनाएं हैं। कार्यक्रम में पर्यटन क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों व निवेशकों ने पर्यटन और प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए अपने सुझाव भी दिए।
इस अवसर पर सचिव एस.एन. पाण्डेय, पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारक एवं विभिन्न राज्यों से आये पर्यटन व्यवसायी मौजूद रहे।

मुख्य सचिव ने जारी किये आदेश, अलर्ट रहने की दी हिदायत

मानसूनी आपदा को देखते हुए सीएम पुष्कर सिंह धामी ने एक्शन प्लान बनाया है। उतराखंड सरकार ने 30 सितम्बर 2022 तक राज्य में सरकारी कर्मचारियों की छ़ुट्टियों पर रोक लगा दी है। मुख्य सचिव डॉ एसएस संधू की ओर से इस संदर्भ में आदेश किए गए हैं। पर्वतीय जिलों में अधिकारियों को अलर्ट रहने की हिदायत दी गई है।
मुख्य सचिव ने सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव और विभागाध्यक्षों को दिए निर्देश में कहा है कि मानसून के समय राज्य में बड़े स्तर पर आपदा की घटनाएं होती है। इन घटनाओं से प्रभावित लोगों के राहत बचाव के साथ ही पेयजल, बिजली, सड़क आदि व्यवस्थाओं को ठीक करने में भी कर्मचारियों की जरूरत होती है। ऐसे में सभी कर्मचारियों के अवकाश पर 30 सितम्बर तक रोक लगाई जाती है। उन्होंने कहा कि राज्य में यह देखने को मिल रहा है कि कई कर्मचारी उच्च अधिकारियों से लम्बी अवधि का अवकाश मंजूर करा लेते हैं जिससे राहत बचाव के काम प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि अब अपरिहार्य परिस्थितियों के अलावा कर्मचारियों के अवकाश मंजूर नहीं किए जा सकेंगे।
यदि किसी कर्मचारी को अपरिहार्य परिस्थिति में अवकाश मंजूर किया जाता है तो उसके आदेश में ही प्रतिस्थानी की व्यवस्था भी करनी होगी। उन्होंने इन आदेशों को कड़ाई से लागू करने के निर्देश भी दिए हैं। विदित है कि पूर्व में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अफसरों के अवकाश पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। उसके बाद लोनिवि मंत्री सतपाल महाराज ने लोनिवि और सिंचाई विभाग में अवकाश पर रोक लगाई थी। इसके बाद अब मुख्य सचिव ने सभी कर्मचारियों के अवकाश पर रोक लगा दी है।

जीवन में बचत को प्रोत्साहन देना जरुरी है-डॉ. अग्रवाल

देवभूमि किसान विकास निधि लिमिटेड संस्थान की छठवीं वर्षगांठ धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने संस्थान के कार्यों की सराहना करते हुए युवाओं के लिए रोजगार की दृष्टि से अहम बताया। इस मौके पर संस्थान के कार्यकर्ताओं को मंत्री डा. अग्रवाल ने सम्मानित भी किया।
रविवार को कारगी चौक देहरादून स्थित एक वेडिंग प्वाइंट में संस्थान की छठवीं वर्षगांठ पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने की। इस अवसर पर डा. अग्रवाल ने कहा कि मनुष्य जीवन में यह महत्वपूर्ण नहीं है कि मनुष्य कितनी कमाई करता है बल्कि अपने भविष्य की जिम्मेदारियों के निर्वहन के लिए बचत कितनी करता है।
डा. अग्रवाल ने कहा कि राज्य में बहुत सारे ऐसे लोग हैं जिनकी आमदानी अच्छी खासी है परन्तु इसके बावजूद भी अपनी भविष्य की योजनाओं के लिए बचत नहीं कर पाते है, जिस कारण वे परेशान रहते है। कहा कि इसके विपरीत ऐसे लोग भी होते हैं, जिनकी कमाई औसतन होती है लेकिन वह उसमें से भी एक बडे़ हिस्से की बचत कर पाने में सफल रहते हैं साथ ही ऋण के माध्यम से रोज मर्रा की जरूरतों को पूर्ण कर पा रहे हैं।
डा. अग्रवाल ने कहा कि देवभूमि किसान विकास निधि लिमिटेड संस्थान आम जन को बचत की ओर प्रोत्साहित करके उनका जीवन आसान बना रहा है, जो कि सराहनीय है।
संस्थान के निदेशक प्रशासन मुकेश भट्ट ने बताया कि संस्थान को उत्तराखण्ड राज्य में कार्य करते हुए छह वर्ष का समय पूर्ण हो गया है जिसके अन्तराल में काफी लोगों को बचत के साथ-साथ स्वयं की आजीविका बढ़ाने व व्यवसाय में वृद्धि हेतु निरन्तर सहयोगरत रही है।
भट्ट ने बताया कि संस्थान में रोजगार की अपार सम्भावना है तथा काफी लोग रोजगार भी प्राप्त कर अपनी दैनिक दिनचर्या का निर्वहन कर रहे है तथा आगे आने वाले समय में और तीव्र गति से रोजगार का सृजन करने का लक्ष्य है, जिससे राज्य में बढ़ती हुई बेरोजगारी को कुछ हद तक कम किया जा सकता है।
बता दें कि देवभूमि किसान विकास निधि लिमिटेड की स्थापना 3 जूलाई 2016 को निधि एक्ट 2013 में निहित नियमो एवं प्राविधानो के अर्न्तगत हुई है। जो कारपोरेट मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन पंजीकृत तथा उत्तराखण्ड राज्य में पैरा बैकिंग के क्षेत्र में कार्य करने के लिए अधिकृत है। संस्थान का कार्य पूर्णतः बैंक की भॉति ही होता है, जैसे बैकों से वित्तीय लेन देन करने हेतु खाता खुलवाने की जरूरत होती है वैसे ही संस्थान से वित्तीय लेने-देन के लिए सदस्यता लेनी पड़ती है।
संस्थान के माध्यम से विभिन्न प्रकार की बचत की योजनायें जैसे, रिकरिंग डिपोजिट, फिक्स डिपोजिट, डेली, डिपोजिट, मन्थली, इन्कम योजना इत्यादि के साथ-साथ लोन की योजनायें संचलित की जा रही है, जिनके माध्यम से आम जन को छोटी-छोटी बचत से एक बड़ी पूंजी के रूप में एकत्र करवाकर लोगों के भविष्य को संवारने हेतु प्रयासरत है।
इस अवसर पर पूर्व दर्जाधारी राज्यमंत्री आदित्य कोठारी, निदेशक मुकेश भट्ट, सतीश रतूड़ी, लोक गायक वीरेंद्र राजपूत, सौरभ मैथानी, लोक गायिका पूनम सती, सुरेंद्र कोहली, प्रदीप असवाल सहित आयोजक समिति के पदाधिकारी मौजूद रहे।

केदारनाथ मंदिर में अब गर्भगृह के भी होंगे दर्शन

केदारनाथ जाने वाले तीर्थ यात्री अब मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कर स्वयंभू शिवलिंग के दर्शन कर सकेंगे। अब तक धाम में भारी भीड़ को देखते हुए श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की ओर से तीर्थ यात्रियों को सभामंडप से ही बाबा के दर्शन कराए जा रहे थे। लेकिन, मानसून सीजन में तीर्थ यात्रियों की संख्या में कमी आने के कारण शुक्रवार से उन्हें गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति दे दी गई।
मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि इस वर्ष मई-जून में रिकार्ड तीर्थ यात्री बाबा के दर्शनों को केदारनाथ धाम पहुंचे। इसके चलते गर्भगृह में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया था और तीर्थ यात्री सभामंडप से ही बाबा के दर्शन कर रहे थे। लेकिन, मानसून सीजन में तीर्थ यात्रियों की संख्या काफी कम हो गई है, लिहाजा अब वे गर्भगृह में जाकर पूजा-अर्चना कर सकते हैं।
मंदिर समिति के अध्यक्ष ने बताया कि शुक्रवार से मंदिर में दर्शनों का समय भी बदल दिया गया है। अब सुबह चार बजे के स्थान पर पांच बजे से धर्म-दर्शन शुरू हो रहे हैं। दोपहर बाद तीन से शाम 4ः45 बजे तक भोग-पूजा व सफाई के लिए मंदिर के कपाट बंद रखे जा रहे हैं। शाम को शृंगार पूजा के बाद रात नौ बजे मंदिर के कपाट बंद कर दिए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बदरीनाथ धाम में भी भगवान नारायण की अभिषेक पूजा सुबह पांच बजे से शुरू हो रही है। पूजा के दौरान तीर्थ यात्रियों को धर्म दर्शन की अनुमति है। शाम को विभिन्न पूजाओं के बाद रात नौ बजे कपाट बंद कर दिए जा रहे हैं। बताया कि दोनों धाम में अब तक 17 लाख 38 हजार 499 तीर्थ यात्री दर्शनों को पहुंच चुके हैं।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने वाला देश का पहला राज्य होगा उत्तराखंड-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को इण्डियन पब्लिक स्कूल, झाझरा में विद्यालयी शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय शैक्षिक चिंतन शिविर में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ‘बाल वाटिका’ पुस्तक एवं शिक्षा विभाग की मार्गदर्शिका के साथ ही पुस्तक ‘निपुण भारत’ एवं ‘सामान्य ज्ञान एक पहल’का विमोचन भी किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आशा व्यक्त की, कि शिक्षा विभाग के इस चिंतन शिविर में जो चिंतन होगा, उसके आने वाले समय में सुखद परिणाम आयेंगे। उन्होंने सरकारी स्कूलों में घटती छात्र संख्या पर चिन्ता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ाने की चुनौती एवं गुणात्मक शिक्षा के उपायों पर इस शिविर में गहनता से मंथन किये जाय। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या घटने के कारणों एवं इसको बढ़ाने के लिए गहनता से ध्यान देने की जरूरत है। नौनिहालों के व्यक्तित्व निर्माण में शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में शिक्षा के क्षेत्र में नई शिक्षा नीति एक क्रान्तिकारी परिवर्तन है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का लक्ष्य विद्यालयी शिक्षा के सभी स्तरों पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करते हुए श्रेष्ठ मानव का निर्माण करना है। यह शिक्षा नीति प्राचीन भारतीय सनातन ज्ञान और विचार की समृद्ध परंपरा के आलोक में तैयार की गयी है, जो प्रत्येक व्यक्ति में निहित रचनात्मक क्षमताओं के विकास पर विशेष ज़ोर देती है। इस नीति का लक्ष्य एक ऐसी शिक्षा प्रणाली को विकसित करना है, जो भारतीय ज्ञान परंपरा और मूल्यों से परिपूर्ण हो। उन्होंने कहा कि हर्ष का विषय है कि उत्तराखण्ड राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों को यथावत् लागू करने वाला देश का प्रथम राज्य बनने जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 09 नवम्बर 2025 को उत्तराखण्ड राज्य स्थापना की रजत जंयती मनायेगा। शिक्षा विभाग तब तक बेस्ट प्रैक्टिस के तहत क्या कर सकता है, इस पर आज से ही ध्यान देना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड महामारी के कारण शैक्षिक हानि हुई है, वहीं दूसरी ओर बच्चों के मानसिक व्यवहार पर भी बुरा प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों के नियमित अनुश्रवण एवं प्रशासकीय कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विकास खण्ड स्तरीय अधिकारियों को भी वाहन देने अथवा मासिक रूप में धनराशि उपलब्ध कराने हेतु शिक्षा विभाग द्वारा शासन को प्रस्ताव भेजा जाय, ताकि इस समस्या का निदान हो सके।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि शिक्षा के गुणात्मक सुधार के लिए राज्य में यह पहला शैक्षिक चिंतन शिविर आयोजित किया जा रहा है। इसके बाद प्राचार्यों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को भी इस तरह के शैक्षिक चिंतन शिविर में बुलाया जायेगा। इस तरह के शैक्षिक चिंतन शिविरों के आयोजन से शिक्षा के क्षेत्र में आगे का रोडमैप तैयार होगा। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत 30 छात्रों पर एक टीचर का होना जरूरी है। उत्तराखण्ड में अभी 15 छात्रों पर एक टीचर है। उन्होंने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने वाला उत्तराखण्ड पहला राज्य बनने जा रहा है। नई शिक्षा नीति राज्य में बहुत जल्द लागू हो जायेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में नई शिक्षा नीति के तहत सिलेबस परिवर्तित किया जा रहा है। भारतीय ज्ञान परंपरा आधारित शिक्षा, योग, वेद, पुराणों, स्थानीय बोलियों एवं संस्कृत आधारित शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में विद्या समीक्षा केन्द्र एक साल में बनकर तैयार हो जायेगा।
इस अवसर पर विधायक सहदेव सिंह पुण्डीर, पूर्व राज्यसभा सांसद आर.के सिन्हा, सचिव शिक्षा रविनाथ रमन, महानिदेशक शिक्षा बंशीधर तिवारी, शिक्षा निदेशक आर.के कुंवर, निदेशक एस.सी.ई.आर.टी सीमा जौनसारी, शिक्षा विभाग के निदेशालय एवं जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

समाज की बेहतरी के लिए सामाजिक संथाओं का आगे आना जरुरी-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि रोटरी क्लब सेवा, सहायता एवं समर्पण का पर्याय बन चुका है और समाज सुधार में बेहतर कार्य कर रहा है। ऐसी संस्थाएं जब भी आगे आकर जनहित में काम करती हैं तो और अधिक तेजी से सामाजिक विकास होता है। उन्होंने कहा कि अपने लिए कोई भी जी सकता है, परन्तु अच्छा जीवन वह है जो दूसरों के लिए जिया जाये। समाज एवं देशहित में काम करने वाला व्यक्ति लम्बे समय तक याद किया जाता है।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद ऊधमसिंहनगर में रामनगर रोड स्थित होटल अनन्या में रोटरी क्लब द्वारा आयोजित कन्याश्री कार्यक्रम का शुभारम्भ करते हुए कहा कि रोटरी क्लब ने निःस्वार्थ सेवाएं देने व समाज को आगे बढ़ाने का काम किया है। रोटरी क्लब राज्य की 25वी वर्षगांठ तक के लिए कोई न कोई लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करें ताकि उस कार्य को पूरे विश्व में रोटरी क्लब नज़ीर के रूप में पेश कर सके। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कक्षा 9 से 11 तक की 200 बालिकाओं को साइकिल वितरित की गई। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आगे भी रोटरी क्लब इसी तरीके के कार्य करता रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो छात्राएं काफी दूर से पैदल चलकर स्कूल आती है उनके लिए क्लब ने एक बहुत अच्छी शुरुआत की है, इससे छात्राओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा, समय की बचत होने के साथ कि उनकी पढ़ाई में भी रूचि रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने बेटियों के मान-सम्मान एवं मातृ शक्ति के उत्थान हेतु हरियाणा से शुरू की गई बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना आज पूरे देश में चल रही है। उन्होंने कहा कि देश को स्वस्थ एवं स्वच्छ रखना सभी का दायित्व है। स्वच्छ भारत अभियान के अन्तर्गत औपचारिकता न करते हुए सभी को अपनी दैनिक आदतों में बदलाव लाते हुए देश को स्वच्छ एवं स्वस्थ रखने में योगदान करना होगा। उन्होंने कहा कि हमें स्वच्छता सम्बन्धित आदतों को पीढ़ी दर पीढ़ी संस्कार के रूप में देना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सर्वांगीण विकास हेतु 10 साल का रोड मैप तैयार हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शी एवं भ्रष्टाचार मुक्त सुशासन के प्रति कटिबद्ध है। राज्य में भ्रष्टाचार को किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। राज्य में भ्रष्टाचार पर सीधे वार हेतु 1064 नम्बर जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति भ्रष्टचार से सम्बन्धित शिकायत दर्ज करा सकता है, शिकायत दर्ज कराने वाले व्यक्ति का नाम और पहचान गोपनीय रखी जायेगी। इसके तहत 8 से ज्यादा व्यक्तियों पर कार्यवाही हो चुकी है तथा अनेक शिकायतें सर्विलांस पर हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पर्वत माला श्रृंखला के अन्तर्गत हेमकुण्ड साहिब सहित राज्य के 35 स्थानों पर रोपवे की सुविधा मिलने वाली है। उन्होंने कहा कि इस बार चारधाम यात्रा एवं पर्यटन सीजन पिछले सभी रिकोर्ड तोड़ने वाला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार कावड़ यात्रा में 4 करोड़ से अधिक शिव भक्तों के पहुॅचने की संभावना है, कावड़ में आने वाले शिव भक्तों का देवभूमि में स्वागत है। उन्होंने कहा कि यात्राएं सरल, सुगम एवं सुरक्षित हो। इसके साथ ही उन्होंने राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे विभिन्न विकास कार्यों एवं योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, दीवान सिंह बिष्ट, मेयर ऊषा चौधरी, वन विकास निगम अध्यक्ष कैलाश गहतोड़ी, पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा, सहित दीपिका गुड़िया आत्रेय, मुक्ता सिंह, अनुराग, डिस्ट्रिक्ट गवर्नर प्राची अग्रवाल, जिलाधिकारी युगल किशोर पन्त, एसएसपी मंजुनाथ टीसी, उप जिलाधिकारी अभय प्रताप सिंह सहित बालिकाएं एवं क्लब के सदस्य मौजूद थे।