युवाओं को तिरंगे से मिलेगी देशभक्ति की प्रेरणा-सुबोध उनियाल

नगर पालिका मुनिकीरेती की ओर से नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर 100 फीट ऊंचा तिरंगा फहराकर देशभक्ति का परिचय दिया गया।
ढालवाला स्थित सुमन पार्क में कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने बतौर मुख्य अतिथि के रुप में तिरंगा फहराया। इसके साथ ही कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने नटराज चैक से भद्रकाली मंदिर तक के सड़क का नाम स्व. इंद्रमणि बडोनी के नाम का भी उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आज पूरा भारत नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मना रहा है। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस भारत के एक अनमोल रत्न थे, जिन्होंने देश को आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती वास्तव में एक ‘पराक्रम दिवस’ है। नेताजी में कुशाग्र बुद्धि के साथ संगठन की भी अद्भुत क्षमता थी। उनके विचार आज भी जनमानस में देशभक्ति का जज्बा और जोश पैदा करते हैं। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के हृदय में अपनी मातृभूमि के प्रति अगाध श्रद्धा और प्रेम था। उनके इन शब्दों में उस प्रेम के साक्षात दर्शन होते है।

हमारी मातृभूमि स्वतन्त्रता की खोज में है। तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा। भारत और भारतीय सदैव उनके प्रयत्नों के लिये आभारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि आईये आज उनकी जयंती पर संकल्प लेते हैं कि उन्होंने जो राष्ट्रीयता की मशाल जलायी है उसे हमेशा अपने दिलों में प्रज्वलित रखेंगे। इस मौके पर उन्होंने क्रेजी पर्यटन एवं विकास मेले के तहत आयोजित की गई भाषण शतरंज मेहंदी पतंग आदि प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

कृषि मंत्री नगर पालिका परिषद की प्रशंसा करते हुए कहा कि तिरंगा हमारे देश की शान है। युवाओं को देश भक्ति की ओर प्रेरति करने के लिए पालिका प्रशासन का प्रयास सराहनीय है। उन्होंने नौजवानों से नेजाती के आदर्शों पर चलने का भी आह्वान किया।
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष रोशन रतूड़ी, अधिशासी अधिकारी बद्री प्रसाद भट्ट, सभासद मनोज बिष्ट, बबीता रमोला, बंदना थलवाल, विनोद सकलानी, गजेंद्र सजवान, सुभाष चैहान, धर्म सिंह, शोभिता भंडारी, विनोद सकलानी, क्रेजी पर्यटन एवं विकास मेले के अध्यक्ष मनीष डिमरी, प्रधानाचार्य मेजर गोविंद सिंह रावत, सुनील थपलियाल, राकेश भट्ट सतीश चमोली ब्लॉक प्रमुख राजेंद्र भंडारी आदि मौजूद थे।

सीएम ने किया पुरकुल गांव में राज्य स्तरीय सैन्य धाम का शिलान्यास

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पुरकुल गांव में भारतीय सेना के जज्बे, शौर्य और बलिदान के प्रतीक राज्य स्तरीय सैन्य धाम का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि विभिन्न युद्धों व सीमान्त झडपों तथा आन्तरिक सुरक्षा में शहीद हुये सैनिकों व अर्द्ध सैनिक बलों की विधवाओं, आश्रितों को एकमुश्त 10 लाख रूपये के अनुदान को बढ़ाकर 15 लाख रूपये किया जायेगा। इस अवसर पर उन्होंने उपनल के मुख्यालय का शिलान्यास भी किया। नेताजी सुभाषचन्द्र बोस की 125वीं जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। सुभाष चन्द्र बोस के जन्म दिवस को ‘‘पराक्रम दिवस’’ के रूप में मनाये जाने पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के पंचम धाम के रूप में आज सैन्यधाम का शिलान्यास किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब सैन्यधाम को पंचम धाम की संज्ञा दी गई उसके बाद इस दिशा में तेजी से प्रयास किये गये। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि यह सैन्यधाम जीवंत और जागृत हो। यहां कोई भी आये तो उसको इसकी वास्तविकता की पूर्ण अनुभूति हो। जो लोग यहां आयेंगे इस सैन्यधाम की मिट्टी पर पैर रखें तो उन्हें इससे प्रेरणा मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं चाहता हूं कि भविष्य में उत्तराखण्ड में सरकार का शपथ ग्रहण इस शहीद स्थल (सैन्यधाम) में हो। प्रदेश की राजधानी में अन्य देशों एवं अन्य राज्यों से कोई देहरादून आते हैं तो सैन्यधाम में जरूर आयें। उन्होंने कहा कि राज्य के शहीदों के गांवों की मिट्टी और शिला इस सैन्यधाम में आनी चाहिए। राज्य की प्रमुख नदियों एवं प्रमुख धार्मिक स्थलों की मिट्टी सैन्यधाम में आये। गढ़वाल राइफल, कुमायूं रेजीमेंट और गोरखा रेजीमेंट में दुश्मनों के दांत खट्टे करने की ताकत एवं पहचान हैं। हमारे सैनिकों की प्रेरणा देशवासियों को प्रेरित करती रहे यह परिकल्पना सैन्यधाम के पीछे है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि और वीरभूमि है। जब भी देश को जरूरत पड़ी हमारे जवानों ने देश की सेवा के लिए अपना सब कुछ अर्पित कर दिया और पूरी बहादुरी का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि हमारे शहीद सैनिकों के घरों में यदि उनकी कोई निशानी हो तो उनके संरक्षण के लिए सैन्यधाम में एक संग्रहालय बनाया जायेगा। लोगों को प्रेरित करने वाली अनेक स्मृतियां यहां पर होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग सेना में जाना चाहते हैं, उनके लिए यहां पर प्रशिक्षण की व्यवस्था की जायेगी। यहां पर एडवेंचर एवं उससे संबंधित गतिविधियां कर सकते हैं। देहरादून में इस भव्य सैन्यधाम को बनाने के लिए सुझाव भी आमंत्रित किये जायेंगे। विशेषज्ञ समिति इन सभी सुझावों को देखेगी, जो सुझाव सही लगेंगे। अपर मुख्य सचिव सैनिक कल्याण को सभी लोग अपने सुझाव भेज सकते हैं।
विधायक गणेज जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में राज्य सरकार ने सैनिकों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये हैं। सैनिकों और पूर्व सैनिकों की समस्याओं के समाधान के लिए शासन स्तर अपर मुख्य सचिव और जिला स्तर अपर जिलाधिकारी को नोडल अधिकारी तैनात किया है। सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिये सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं। राज्य सरकार द्वारा शहीद सैनिकों व अर्ध सैनिकों के एक परिजन को योग्यता के अनुसार सरकारी नौकरी में समायोजित करने की व्यवस्था की है। सचिवालय में प्रवेश के लिए सैनिकों और पूर्व सैनिकों को अलग से प्रवेश पत्र बनवाने की आवश्यकता नहीं है। वे अपने आईकार्ड से ही सचिवालय में प्रवेश कर सकते हैं। वीरता पदक प्राप्तकर्ता सैनिकों एवं उनकी विधवाओं को दी जाने वाली वार्षिकी राशि 30 वर्ष के स्थान पर अब आजीवन दिये जाने की व्यवस्था की गई है। पूर्व सैनिकों को राज्य सरकार की सेवाओं में समूह ‘ग’ की रिक्तियों में 5 प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण अनुमन्य किया गया हैं।

मुख्यमंत्री ने नेताजी के जन्म दिवस पर छात्रों को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता दर्शन हॉल में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा राष्ट्रीय युवा चेतना दिवस एवं नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। इस प्रतियोगिता में प्रथम तीन विजेताओं को क्रमशः 1 लाख, 75 हजार एवं 50 हजार रूपये की धनराशि का चेक दिया गया। राज्य स्तर पर निबंध प्रतियोगिता में डी.डब्ल्यू.टी कॉलेज की बीएड की छात्रा सौम्या ने प्रथम, डीएवी पीजी कॉलेज के छात्र उज्जवल शर्मा ने द्वितीय एवं बाल गंगा महाविद्यालय सैन्दूल कैमर की छात्रा अंजलि मंमगाई ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। युवा कल्याण विभाग द्वारा ‘‘ नेताजी सुभाष चन्द्र बोस युवाओं की प्रेरणा’’ विषय पर राज्य स्तरीय भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें देहरादून के श्री गौतम खट्टर ने प्रथम, अल्मोड़ा की हिमानी दुर्गापाल ने द्वितीय एवं नैनीताल के रोहित सिंह रावत एवं हरिद्वार की कुमारी अक्षी गौड़ ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि शीघ्र ही राज्य में युवा आयोग का गठन किया जायेगा, ताकि हमारे युवा क्या सोचते हैं, अपने लक्ष्यों को पूरा करने की उनकी क्या आकांक्षायें हैं। इसका स्पष्ट रोड मेप तैयार हो सके। उन्होंने कहा कि आज के युवा हर क्षेत्र में अपडेट हैं वे अपनी आकांक्षाओं को पूर्ण कर स्वयं के भाग्य विधाता बन सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी जो वीर गाथायें तथा समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है उसे हमारे विश्वविद्यालयों को आगे बढ़ाना होगा ताकि हमारी भावी पीढ़ी अपनी संस्कृति से जुड़े तथा देश व दुनिया को भी इसकी जानकारी हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। भारत सरकार ने उन्हें जो सम्मान दिया है वह सराहनीय है। वे सच्चे अर्थों में देश के सच्चे सपूत थे। इसी प्रकार स्वामी विवेकानन्द ने तमाम देशों का भ्रमण कर लोगों को भारत की संस्कृति से परिचित कराया। अमेरिका में उनका सम्बोधन भारत की वैश्विक सांस्कृतिक एकता की पहचान बना। वे सच्चे अर्थों में हमारे सांस्कृतिक गुरू थे।
उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा चेतना दिवस से 23 जनवरी तक युवा चेतना और ऊर्जा में नवीन प्रवाह गतिमान करने के उद्देश्य से युवा पखवाड़ा का आयोजन किया गया। इसमें उच्च शिक्षा विभाग एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा अनेक कार्यक्रम आयोजित किये गये। ’’स्वामी विवेकानन्द जी के विचारों की उत्तराखण्ड राज्य में प्रासंगिकता’’ विषय पर राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें कुल 5229 प्रतिभागियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। इस पखवाड़े में 1005 रक्तदाताओं द्वारा 545 यूनिट रक्तदान किया गया।
मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द जी ने सनातन धर्म की संस्कृति एवं उच्च आदर्शों का परिचय विश्वभर में कराया। उन्होंने भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं का व्यापक स्तर पर प्रसार किया। नेताजी सुभाषचन्द्र बोस ने राष्ट्र को स्वतंत्र कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनमें साम्प्रदायिक एकता एवं सबको साथ लेकर चलने की भावना थी।
इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी साधू सिंह बिष्ट ने अपने विचार व्यक्त किये। स्वामी नरसिम्हानन्द ने स्वामी विवेकानन्द के जीवन दर्शन एवं प्रो. संजय कुमार ने सुभाष चन्द्र बोस के जीवन दर्शन के बारे में जानकारी दी।

त्रिवेंद्र सरकार का बड़ा फैसला, उत्तराखंड में 108 सेवा को 132 नई एंबुलेंस से मिलेगी संजीवनी

राज्य में संचालित 108 इमरजेंसी सेवा की अहमियत को त्रिवेंद्र सरकार बखूबी समझ रही है। यही वजह रही कि 108 सेवा के बेड़े को विस्तार देने में राज्य सरकार ने देर नहीं लगाई। 108 सेवा के बेड़े में 132 नई एंबुलेंस शामिल करने पर राज्य कैबिनेट की मुहर इसी ओर इशारा कर रही है।
पर्वतीय राज्य उत्तराखंड में दशक भर पहले 108 इमरजेंसी सेवा का सफर शुरू हुआ था। अपनी शुरूआत से ही इस सेवा ने आम उत्तराखंडी के दिलों-दिमाग पर गहरी छाप छोड़ी है। खासतौर से पर्वतीय जिलों के लिए यह सेवा किसी वरदान से कम साबित नहीं हुई। बीते वर्षों में 108 इमरजेंसी सेवा की एंबुलेंसों में हजारों नौनिहालों की किलकारियां गूंजी तो हजारों-लाखों घायलों को अस्पतालों तक उपचार के लिए पहुंचाया गया। यहां तक की पहाड़ के दूरस्थ गांवों में अगर कोई गंभीर बीमार हो जाता तो उसे बस यही इंतजार रहता कि किसी तरह रोड हेड तक 108 पहुंच जाए। इसके बाद मरीजों को आसानी से नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया जाता रहा।
अब यह कहना कतई अतिश्योक्ति नहीं होगा कि स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव से जूझते राज्य को इस सेवा ने हमेशा सहारा देने का काम किया है। यही कारण भी है कि त्रिवेंद्र सरकार शुरू दिन से इस सेवा के सुदढ़िकरण के लिए तत्पर रही है। राज्य सरकार ने अब 108 सेवा को और मजबूती प्रदान करते हुए इसके बेड़े में 132 नए वाहनों को जोड़ने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। जानकारों का कहना है कि निश्चित तौर से सरकार का यह निर्णय सराहनीय है। दरअसल, यह एक ऐसी इमरजेंसी सेवा है जिसके लिए कई बार जिलों में एबुलेंस कम पड़ जाती हैं। ऐसे में इसके बेड़े में वाहनों का इजाफा कर सरकार ने इसे मजबूती प्रदान करने का कार्य किया है। अधिक से अधिक वाहन होने का लाभ यह मिलेगा कि जिन इलाकों में अभी तक इस सेवा के वाहनों को लंबी दूरी तय करके पहुंचना पड़ता था, अब नए वाहन मिलने से इमरजेंसी प्वाइंट तक पहुंचने में आसानी होगी।

विस्तारीकरण के नाम पर टिहरी बांध विस्थापितों को न किया जाए दुबारा विस्थापित- निशंक

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण देहरादून हवाई अड्डा सलाहकार समिति की राज्य अतिथि गृह भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण में एक बैठक आयोजित की गई।
बैठक में समिति के अध्यक्ष देश के शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक की अध्यक्षता में हुई। बैठक में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण देहरादून हवाई अड्डा सलाहकार समिति के समक्ष निदेशक डीके गौतम ने एयरपोर्ट के विकास कार्यों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं के एजेंडे को रखा।
बैठक में डाॅ. निशंक ने देहरादून एयरपोर्ट के विस्तारीकरण एवं विकास के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने देहरादून एयरपोर्ट को देश का नंबर वन एयरपोर्ट बनाने के लिए हर सम्भव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने सभी फ्लाइट प्रबंधकों को सुझाव दिया कि देहरादून से रात्रि 9 बजे भी फ्लाइट जानी चाहिए। जिससे आम जनमानस को सुविधा मिल सके। उन्होंने जीएमवीएन और केएमवीएन के साथ मिलकर पर्यटन के लिए एक अच्छी सी योजना बनाने के निर्देश दिये।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड बहुत ही खूबसूरत जगह है इसके लिए एक हिमालय दर्शन योजना बनानी चाहिए। जिससे देश विदेश से आने वाले पर्यटकों को हिमालय दर्शन का अवसर मिले। बैठक में डीके गौतम ने बताया की अभी आने वाले समय में एयर टैक्सी नामक एक योजना शुरू होने वाली है जो चंडीगढ़ से हिसार के लिए शुरू होगी। इसमें लगभग 3 लोग जा पाएंगे और जिसका किराया लगभग ढाई हजार के करीब होगा।
केन्द्रीय मंत्री डाॅ. निशंक जी ने कहा की एयरपोर्ट को सुंदर और नंबर वन बनाने के लिए हमें पूरा प्रयास करना होगा और एयरपोर्ट विस्तारीकरण, विकास कार्य का कार्य तेजी से हो, इसमें ढिलाई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि टिहरी बांध विस्थापित पहले ही अपना घर बार छोड़कर यहां विस्थापित हुए हैं, विस्तारीकरण में दोबारा टिहरी बांध के विस्थापितों को घर ना छोड़ना पड़े, इस पर गहनता से विचार होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि एक हिमालयन लाइब्रेरी, एयरपोर्ट के सौजन्य से किसी स्थान पर बने और सीएसआर फंड द्वारा स्थानीय स्कूलों का विकास किया जाए। जिस पर एयरपोर्ट डायरेक्टर ने माजरी इंटर कॉलेज को गोद लेने को बात कही। उन्होंनेे कहा कि हमारी प्राथमिकता स्थानीय लोगों के प्रति संवेदना होनी चाहिए। स्थानीय लोगों को रोजगार मिले, किसी भी कारण से उनका रोजगार ना छीन पाए। वहीं, सलाहकार समिति सदस्य रविंद्र बेलवाल के द्वारा स्थानीय जन समस्याओं को लेकर केन्द्रीय मंत्री को अवगत कराया गया। जिस पर उन्होंने गंभीरता लेते हुए उक्त मार्ग को चैड़ा करने के लिए शीघ्र प्रयास करने के निर्देश दिए।
केन्द्रीय मंत्री ने एयरपोर्ट पर बीएसएनल की कनेक्टिविटी में सुधार हेतु केन्द्रीय राज्य मंत्री संजय धोत्रे से फोन पर वार्ता की। बैठक में डायरेक्टर ने एयरपोर्ट बिल्डिंग की आख्या प्रस्तुत की। उसके बाद डाॅ निशंक ने निर्माणाधीन नई टर्मिनल बिल्डिंग का भी निरीक्षण किया और कार्य को शीघ्र पूरे करने के निर्देश दिए।
बैठक में सदस्य रविन्द्र बेलवाल, संजीव चैहान, पूर्व मित्तल, राजीव तलवार, मोहन सिंह बर्निया, राजेंद्र सिंह खाती, एसडीएम लक्ष्मी राज चैहान, मनवीर चैहान आदि उपस्थित रहे।

कोटद्वार से श्रीनगर के बीच बनेगी ऑलवेदर रोड

ऑलवेदर रोड की तर्ज पर कोटद्वार से श्रीनगर तक हाईवे का निर्माण किया जाएगा। इसके तहत कोटद्वार से श्रीनगर तक हाईवे की चैड़ाई 12 मीटर होगी। एनएच के चैड़ीकरण और डामरीकरण का कार्य चार चरणों में किया जाएगा। कोटद्वार-पौड़ी-श्रीनगर हाईवे चारधाम यात्रा का वैकल्पिक मार्ग बनेगा और इसके बनने से यूपी, दिल्ली के पर्यटकों को आवाजाही में सुगमता होगी। यह बातें वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने पत्रकार वार्ता में कहीं।

वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने बताया कि कोटद्वार-पौड़ी-श्रीनगर हाईवे पौड़ी गढ़वाल जिले की लाइफ लाइन बनेगी। इस हाईवे के बनने से जिले में पलायन पर रोक लगेगी और टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि कोटद्वार से श्रीनगर तक हाईवे की चैड़ाई 12 मीटर होगी, जबकि मेरठ से कोटद्वार तक एनएच को फोर लेन बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि गत विधानसभा चुनाव के दौरान नितिन गडकरी ने एनएच को आलवेदर रोड की तर्ज पर निर्माण कराने की घोषणा की थी, जिसे सरकार जल्द पूरा करने जा रही है। कहा कि पहले चरण में सतपुली से अगरोड़ा के लिए वन भूमि क्लीयरेंस के साथ ही 82 करोड़ की धनराशि की स्वीकृति मिल चुकी है। अगले तीन-चार दिनों में टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कहा कि कोटद्वार से दुगड्डा के लिए 196 करोड़, दुगड्डा से गुमखाल के लिए 225 करोड़, गुमखाल से सतपुली के लिए 250 करोड़ और अगरोड़ा से श्रीनगर के लिए 280 करोड़ के प्राक्कलन को भी जल्द स्वीकृति मिल जाएगी। इस मौके पर वन मंत्री के ओएसडी विनोद रावत, पीआरओ सीपी नैथानी, सुरेंद्र सिंह गुसाईं, मुकेश नेगी आदि मौजूद रहे।

द्वितीय चरण में बनेंगी सुरंग
वन मंत्री ने कहा कि एनएच के चीफ और मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल की बैठक में वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया की जा रही है। द्वितीय चरण में दुगड्डा से सतपुली और सतपुली से खंडाह के लिए सुरंगें प्रस्तावित की जाएगी।

25 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करेंगे अनुराग रमोला

दून के अनुराग रमोला प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2021 के लिए चुने गए हैं। महिलाएं बाल विकास मंत्रालय ने उनका चयन किया है। उत्तराखंड से वह इकलौता छात्र है। जिन्हें इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चुना गया है। 25 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनसे संवाद करेंगे।

दून निवासी अनुराग रमोला के पिता सीएस रमोला नगर निगम में कार्यरत हैं। इस अवार्ड के लिए केंद्रीय विद्यालय ओएनजीसी में 16 वर्षीय 10वीं के छात्र अनुराग का चयन कला एवं संस्कृति की श्रेणी में किया गया है। मंत्रालय की संयुक्त सचिव आस्था सक्सेना खटवानी ने राज्य की सचिव महिला एवं बाल विकास सौजन्य को पत्र लिखकर अनुराग के चयन की सूचना दी है। उन्होंने लिखा है कि अवार्ड विजेताओं के साथ 25 जनवरी को प्रधानमंत्री मोदी वीडियो कॉलिंग से बात करेंगे।

कोविड-19 टीकाकरण हेतु किए जाएं पुख्ता इंतजामः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कोविड-19 के टीकाकरण हेतु पुख्ता इंतजाम किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में अधिकारियों एवं स्वास्थ्य विभाग ने कोविड टीकाकरण की दृष्टि से अच्छी तैयारी की है। जो कार्य लगन, धैर्य एवं विश्वास से किया जाता है, उसमें सफलता जरूर मिलती है। मुख्यमंत्री ने कोविड-19 टीकाकरण की तैयारियों हेतु जिलाधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बात की। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में जल्द टीकाकरण की शुरूआत होने की संभावना है। जिस तरह से इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम और अधिकारियों द्वारा पूर्वाभ्यास कराये गये हैं, इसके परिणाम अच्छे होंगे।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि बेहतर तालमेल के साथ कार्य करने के अच्छे परिणाम मिलते हैं। उन्होंने कहा कि टीकाकरण के लिए किसी के मन में भ्रांतियां न रहे, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। इसके लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों, व्यापारी मण्डलों एवं समाज के बुद्धिजीवी वर्गों के साथ बैठकें आयोजित की जाएं। जिलों में मुख्य चिकित्साधिकारियों द्वारा कोविड टीकाकरण के बारे में जानकारी दी जाए एवं इसके लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाए।

मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने निर्देश दिए कि 12 जनवरी को प्रदेश कि सभी टीकाकरण स्थलों में ड्राई रन आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी जनपद अपने सभी सेशन साइट्स में ड्राई रन आयोजित कराए जाने हेतु सभी तैयारियां सुनिश्चित कर लें। सेशन साइट्स में ड्यूटी चार्ट्स अवश्य लगाएं जाएं, ताकि टीकाकरण अभियान में लगे सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को अपने कार्यों और टाईमिंग की जानकारी रहे। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के रिएक्शन की स्थिति से निपटने के लिए सभी सेशन साइट्स पर ब्लॉक कंट्रोल रूम, डिस्ट्रिक्ट कंट्रोल रूम, पी.एच.सी. एवं सी.एच.सी. इंचार्ज-डॉक्टर का नाम और कॉन्टैक्ट नंबर जरूर प्रदर्शित किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि वैक्सीनेसन का डाटा ऑनलाईन या ऑफलाईन उसी दिन पोर्टल पर अपलोड किया जाना सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि सेशन साइट्स में मास्क और सेनिटाइजर की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लिए 140 और एम्बुलेंस की व्यवस्था कर ली गई हैं, जो शीघ्र ही जनपदों को भेजी जाएंगी। उन्होंने कहा कि सभी सेशन साइट के आसपास 108 और अन्य एम्बुलेंस की व्यवस्था रखी जानी चाहिए ताकि आवश्यकता पड़ने पर एम्बुलेंस उपलब्ध रहें। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग, जो टीकाकरण स्थल पर अकेले नहीं आ सकते, उनके साथ आने वाले परिवार के सदस्य की उम्र 18 वर्ष से कम ना हो इसका भी ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने टीकाकरण की भ्रांतियों को दूर करने हेतु अखबार, सोशल मीडिया आदि के माध्यम से प्रचार प्रसार एवं समाज की बुद्धिजीवियों एवं गणमान्य लोगों के साथ बैठकें आयोजित करा कर इस टीकाकरण के प्रति जागरूकता फैलाए जाने पर बल दिया।

इस अवसर पर सचिव अमित नेगी, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, महानिदेशक स्वास्थ्य अमिता उप्रेती आदि उपस्थित रहे।

हिमांशु संगतानी को मिली भाजपा प्रदेश आईटी सेल के संयोजक की जिम्मेदारी

ऋषिकेश भाजपा मंडल महामंत्री हिमांशु संगतानी को भाजपा प्रदेश आईटी सेल में संयोजक की नई जिम्मेदारी मिली है। उन्हें नई जिम्मेदारी मिलने पर आज भाजपा कार्यालय में पदाधिकारियों ने उनका पुष्प माला पहनाकर स्वागत किया।

आज मंडल कार्यालय में मंडल अध्यक्ष दिनेश सती के नेतृत्व में 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री व भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेई के जन्म दिवस को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में उक्त दिवस को सुशासन दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया। मौके पर हिमांशु संगतानी को नई जिम्मेदारी मिलने पर अध्यक्ष दिनेश सती ने कहा प्रदेश आईटी का दायित्व मिलने से हमारे मंडल का भी सम्मान बढ़ा है। इसके लिए मंडल अध्यक्ष ने प्रदेश नेतृत्व का आभार व्यक्त किया।

मौके पर हिमांशु संगतानी ने कहा कि वह एक साधारण कार्यकर्ता बनकर सदैव पार्टी का कार्य करते रहेंगे। उनकी यह जिम्मेदारी से संगठन को मजबूती दिलाने पर काम किया जाएगा। साथ ही उन्होंने पार्टी के प्रति सदैव निष्ठा के साथ कार्य करने की शपथ भी ली।

बैठक में वरिष्ठ नेता बृजेश शर्मा, पार्षद शिव कुमार गौतम, महामंत्री सुमित पवार, ऋषि राजपूत, अनीता तिवारी, महिला मोर्चा की अध्यक्ष उषा जोशी, राकेश चंद्र, सचिन अग्रवाल, सुजीत यादव, चंदू यादव, हरिशंकर प्रजापति, राजेश दिवाकर, नितिन सक्सेना, सिद्धार्थ डंगवाल आदि उपस्थित थे।

मकर सक्रांति के बाद ऋषिकेश में काॅलेज में होगा कैंपस का उद्घाटन

विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल से उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने शिष्टाचार भेंट की। भेंटवार्ता के दौरान उन्होंने अवगत कराया है कि जनवरी माह में मकर संक्रांति पर्व के बाद ऋषिकेश स्थित श्री देव सुमन विश्वविद्यालय के कैंपस का विधिवत उद्घाटन किया जाएगा।

इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने विधानसभा अध्यक्ष को अवगत किया कि विश्वविद्यालय के छात्रों को डीजी लॉकर के माध्यम से डिग्री प्राप्त होगी इससे अब कोरोना संक्रमण के चलते छात्र-छात्राओं को घर पर ही ऑनलाइन माध्यम से डिग्री प्राप्त होगी।इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि छात्रों की सुविधा को देखते हुए सभी विश्वविद्यालयों को डीजी लॉकर व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को अपनी मार्कशीट और डिग्री के लिए विश्वविद्यालय के चक्कर काटने पड़ते थे लेकिन डिजिटल लॉकर की व्यवस्था से छात्रों का कोई परेशानी नहीं होगी।डिजिटल लॉकर पर मार्कशीट और डिग्री अपलोड करने के बाद छात्र घर बैठकर निर्धारित कोड लगाकर अपने दस्तावेज डाउनलोड कर सकेंगे।

इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल ने कहा है कि ऋषिकेश में श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय परिसर स्थापित करने को लंबे समय से कवायद चल रही थी जनवरी माह के दूसरे सप्ताह में विधिवत इसका शिलान्यास हो जाएगा। अग्रवाल ने कहा है कि श्री देव सुमन विश्वविद्यालय का विधिवत उद्घाटन होने से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा। अग्रवाल ने कहा कि ऋषिकेश के निकटवर्ती क्षेत्र के बच्चों को अब महाविद्यालय में प्रवेश पाने के लिए समस्या नहीं होगी। अग्रवाल ने इसके लिए उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत का भी आभार व्यक्त किया।