परंपरा से परे निर्णय: धामी नेतृत्व ने बदली उत्तराखंड की राजनीतिक धारा

उत्तराखंड की राजनीति में वर्षों से एक अनकही परंपरा चली आ रही थी कार्यकाल का अंतिम वर्ष आते-आते, विशेषकर मार्च के आसपास, नेतृत्व परिवर्तन लगभग तय मान लिया जाता था। यह एक तरह से राजनीतिक अस्थिरता का प्रतीक बन चुकी थी। लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस स्थापित धारणा को न केवल चुनौती दी, बल्कि उसे निर्णायक रूप से ध्वस्त कर दिया।

धामी के नेतृत्व में पहली बार भाजपा ने उत्तराखंड में मुख्यमंत्री को रिपीट कर स्थिरता का संदेश दिया था और अब पांचवें वर्ष में मंत्रिमंडल विस्तार कर यह स्पष्ट कर दिया गया है कि यह सरकार परंपरागत राजनीति से अलग, आत्मविश्वास और प्रदर्शन की राजनीति पर चल रही है। जहां विरोधी दल यह अनुमान लगा रहे थे कि इतिहास खुद को दोहराएगा और धामी को भी बदला जाएगा, वहीं धामी ने एक सधे हुए राजनीतिक कौशल के साथ पूरा परिदृश्य ही बदल दिया।

इस महत्वपूर्ण मंत्रिमंडल विस्तार के साथ सरकार ने क्षेत्रीय और राजनीतिक संतुलन को भी साधने का प्रयास किया है। शपथ लेने वाले जनप्रतिनिधियों में भीमताल से विधायक राम सिंह कैड़ा, राजपुर रोड (देहरादून) से खजान दास, रुड़की से प्रदीप बत्रा, रुद्रप्रयाग से भरत सिंह चौधरी तथा हरिद्वार से मदन कौशिक शामिल हैं। इन नेताओं का अनुभव, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और संगठनात्मक पकड़ न केवल मंत्रिमंडल को और सशक्त बनाएगी, बल्कि धामी सरकार की विकासात्मक प्राथमिकताओं को भी नई गति प्रदान करेगी।

यह मंत्रिमंडल विस्तार केवल एक प्रशासनिक कवायद नहीं, बल्कि एक सशक्त राजनीतिक संदेश है नेतृत्व में विश्वास, संगठन में संतुलन और भविष्य की स्पष्ट रणनीति। धामी ने यह दिखाया है कि वे परिस्थितियों के शिकार नहीं बल्कि उन्हें अपने पक्ष में मोड़ने वाले नेतृत्वकर्ता हैं।

सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि धामी ने न केवल प्रदेश में अपनी पकड़ मजबूत की है बल्कि केंद्रीय नेतृत्व का भी पूर्ण विश्वास अर्जित किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर गृह मंत्री अमित शाह और शीर्ष संगठन तक, जिस प्रकार धामी को निरंतर समर्थन मिला है, वह उनकी विश्वसनीयता और कार्यक्षमता का प्रमाण है।

एक युवा मुख्यमंत्री के रूप में धामी ने जिस प्रकार निर्णायक फैसले लिए हैं, उसने उनकी छवि को ‘अस्थायी विकल्प’ से आगे बढ़ाकर ‘स्थायी नेतृत्व’ में परिवर्तित कर दिया है। आज उत्तराखंड की राजनीति में यदि कोई चेहरा स्थिरता, निर्णायकता और भविष्य की दिशा का प्रतीक बनकर उभरा है, तो वह पुष्कर सिंह धामी हैं।

मंत्रिमंडल विस्तार के इस फैसले ने एक और संकेत साफ कर दिया है भाजपा अब उत्तराखंड में नेतृत्व को लेकर किसी प्रयोग के मूड में नहीं है। धामी केवल वर्तमान के मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि भविष्य की राजनीति के केंद्र बिंदु बन चुके हैं। यही कारण है कि अब यह चर्चा केवल अटकल नहीं, बल्कि एक संभावित रणनीति के रूप में देखी जा रही है कि 2027 का विधानसभा चुनाव भी धामी के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा।

उत्तराखंड की राजनीति में यह एक युगांतकारी परिवर्तन है जहां अस्थिरता की जगह स्थिरता ने ली है और परंपरा की जगह प्रदर्शन ने। इस परिवर्तन के केंद्र में हैं—एक युवा, आत्मविश्वासी और निर्णायक नेता, पुष्कर सिंह धामी।

उत्तराखंड में कैबिनेट मंत्रियों की संख्या में वृद्धि, इन विधायकों ने ली शपथ

कैबिनेट विस्तार आंखिरकार हो गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पांच विधायकों को मंत्री बनाया है। इनमें खजान दास, प्रदीप बत्रा, राम सिंह कैड़ा, भरत सिंह चौधरी और मदन कौशिक हैं। इन मंत्रियों को कम से कम 10 महीने के समय काम करने के लिए मिलेगा।

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने लोक भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में उत्तराखण्ड सरकार के मंत्रिपरिषद के नवनियुक्त मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उपस्थित रहे। राज्यपाल ने विधायक खजान दास, मदन कौशिक, भरत सिंह चौधरी, प्रदीप बत्रा एवं राम सिंह कैड़ा को मंत्री पद की शपथ दिलाई।

शपथ ग्रहण समारोह में महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल एवं उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, रेखा आर्या, गणेश जोशी एवं सौरभ बहुगुणा, सांसद महेन्द्र भट्ट और नरेश बंसल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन द्वारा किया गया।

मंत्री सतपाल महाराज का स्वास्थ्य हाल जानने एम्स पहुंचे सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एम्स ऋषिकेश पहुंचकर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के स्वास्थ्य की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से सतपाल महाराज जी के स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को उनके उपचार में सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री ने किया सनातन परंपरा पर आधारित पंचांग कैलेंडर का भव्य विमोचन

हिन्दू नववर्ष के शुभ अवसर पर आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास पर सूचना एवं लोक संपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित पंचांग कैलेंडर का विधिवत विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इसे राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को सहेजने एवं जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड अपनी सनातन परंपराओं, धार्मिक आस्थाओं और सांस्कृतिक मूल्यों के लिए देश-विदेश में विशिष्ट पहचान रखता है। यहां की परंपराएं केवल आस्था का विषय नहीं हैं, बल्कि यह हमारी जीवनशैली, सामाजिक संरचना और सांस्कृतिक चेतना का अभिन्न अंग हैं। ऐसे में पंचांग कैलेंडर का प्रकाशन राज्य की इस गौरवशाली विरासत को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पंचांग कैलेंडर राज्यवासियों को न केवल तिथि, वार, पक्ष, मास, पर्व एवं विशेष दिवसों की सटीक जानकारी प्रदान करेगा, बल्कि पारंपरिक त्योहारों, व्रतों और धार्मिक आयोजनों की महत्ता से भी अवगत कराएगा। इससे लोगों को अपनी संस्कृति और परंपराओं के साथ और अधिक गहराई से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि इस पंचांग में देवभूमि उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक एवं आस्था स्थलों को विशेष रूप से स्थान दिया गया है। ये स्थल न केवल श्रद्धा के केंद्र हैं, बल्कि राज्य की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत के प्रतीक भी हैं। इस प्रकार यह कैलेंडर एक जानकारीपरक दस्तावेज होने के साथ-साथ उत्तराखंड की सांस्कृतिक झलक प्रस्तुत करने वाला प्रेरणादायक संकलन भी है।

मुख्यमंत्री ने सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के इस प्रयास की सराहना करते हुए आशा व्यक्त की कि यह पंचांग कैलेंडर राज्य के प्रत्येक नागरिक के लिए उपयोगी सिद्ध होगा और आने वाले समय में इसे और अधिक समृद्ध एवं व्यापक स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

इस अवसर पर सचिव विनय शंकर पांडेय, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।

एलपीजी सिलेंडर होमडिलिविरी सुनिश्चित कराने को जिले की प्रत्येक गैस एजेंसी पर अधिकारी तैनात

जिलें में एलपीजी गैस की आपूर्ति, वितरण, बैकलॉग के सम्बन्ध में जिलाधिकारी सविन बसंल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार कलेक्ट्रेट में जिला प्रशासन की क्यूआरटी एवं सम्बन्धित जिला स्तरीय अधिकारी, गैस एजेंसियों के स्वामी एवं तेल कम्पनियों के पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिला प्रशासन ने गैस एजेसियों पर होमलिडिविरी व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने हेतु एजेंसियों पर अधिकारी तैनात कर दिए गए है, जो एजेंसी पर होने वाली प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखेंगे वस्तुस्थिति से अवगत कराएगें।

जिलाधिकारी ने बढते बैकलॉग का कारण जाना तो तेल कम्पनियों के अधिकारियों ने बताया कि 03 दिन जब बुंकिग सोफ्टवेयर में काईसिस आ गई थी तो मैन्युअल रजिस्टर में अंकन कर उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति की गई, जिसकी लगभग 25 से अधिक की एन्ट्री साफ्टवेयर पर अद्यतन होनी बाकी है तथा 11 मार्च से गैस बुकिंग व डिलिविरी के समय शहरी क्षेत्र में 25 दिन तथा ग्रामीण क्षेत्रों 45 दिन कर दिया गया है उससे पूर्व की जो एडवांस बुकिंग हो रखी हैं वह बैकलॉग में दर्शाई गयी है, जिससे बैकलॉग बढा हुआ दिख रहा हैं। जिस पर जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिए कि तेल कम्पनियों से सम्पर्क करते हुए आज शाम तक मैन्युअल एन्ट्री को साफ्टवेयर पर एजेंसी के माध्यम से एन्ट्री कराएं तथा जिन उपभोक्ताओं की एडवांस बुकिंग 25 एवं  45 दिन का बैकलॉग दिख रहा है उनकी संख्या अलग-2 दर्शाते हुए शाम तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। निर्देशों का अनुपालन न करने पर सम्बधित गैस एजेसीं तेल कम्पनियों पर कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक नगर को निर्देश दिए कि छापेमारी में जो अवैध रूप सिलेंडर पकड़े जा रहे हैं उनको ट्रेस किया जाए कि वह किस गैस एजेंसी के है, सम्बन्धित गैस एजेंसी की पहचान करते हुए एजेंसी स्वामी को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज कर जेल भेजे। जिलाधिकारी ने जिले की गैस एजेंसीवार नामित क्यूआरटी में शामिल 30 अधिकारियों को निर्देश दिए कि गैस एजेंसी पर स्टॉक, बैकलॉग, वितरण आदि रजिस्टर का अवलोकन कर प्रतिदिन की सम्पूर्ण आख्या प्रेषित करें। साथ ही निर्देशित किया यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि किसी भी गैस एजेंसी व गोदाम से सिलेंडर न दिया जाए तथा उपभोक्ताओं को सिलेंडर होमडिलिवरी के माध्यम से ओटीपी आधार पर ही दिया जाए तथा एजेंसियों पर उपभोक्ता जागरूकता फ्लैक्सी, बुकिंग नम्बर, उपभोक्ताओं के लिए बड़े-बडे अक्षरों में जानकारी चस्पा रहे।

जिला प्रशासन की होमडिलिविरी व्यवस्था से एजेंसियों पर जुटने वाली भीड़ से हो रही अव्यवस्था से निजात मिला है वहीं कानून व्यवस्था भी नियंत्रण में है। जिला प्रशासन की क्यूआरटी के औचक निरीक्षणों एवं  एलपीजी कालाबाजारी करने वालों पर दर्ज हुए मुकदमों एवं एजेंसियों की नाफरमानी पर की गई प्रवर्तन की कार्यवाही से गैस की कालाबाजारी करने वालों में भी भय का माहौल है। उपभोक्ताओं को होमडिलिविरी के माध्यम से ओटीपी आधार पर गैस उपलब्ध कराई जा रही है।  जिला प्रशासन द्वारा गैस की कालाबाजारी पर 05 मुकदमें दर्ज किए गए हैं तथा 03 को जेल भेजा, 150 घरेलू, 139 व्यवसायिक तथा 07 छोटे सिलेंडर जब्त किए हैं।

बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार, नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह, नगर आयुक्त नगर निगम ऋषिकेश गोपालराम बिनवाल, उप जिलाधिकारी हरिगिरि, उप जिलाधिकारी अपर्णा ढौंडियाल, उप जिलाधिकारी अपूर्वा सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी के.के अग्रवाल, निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार एवं  क्यूआरटी के सभी अधिकारी सहित तेल कम्पनियों एवं गैस एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे तथा उप जिलाधिकारी ऋषिकेश योगेश मेहर,  उप जिलाधिकारी विकासनगर विनोद कुमार सहित क्यूआरटी में शामिल अन्य अधिकारी एवं तेल कम्पनियों के प्रतिनिधि ऑनलाईन माध्यम से जुडे़ रहे।

धामी सरकार की पहल, सर्किट हाउस एनेक्सी का होगा कायाकल्प

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व मुख्य सचिव के दिशा-निर्देशों में राज्य की अतिथि सुविधाओं को आधुनिक और आकर्षक बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इसी क्रम में गुरुवार को राज्य अतिथि गृह सर्किट हाउस एनेक्सी, देहरादून में नवीनीकरण कार्य को लेकर स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण की अध्यक्षता आवास व राज्य संपत्ति सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने की। इस दौरान उन्होंने नवीनीकरण की प्रस्तावित योजना का गहन अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

*लोकसंस्कृति के साथ विकसित होगा आधुनिक गेस्ट हाउस*
निरीक्षण के दौरान यह तय किया गया कि सर्किट हाउस एनेक्सी को केवल मरम्मत तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और आधुनिक सुविधाओं के समन्वय के रूप में विकसित किया जाएगा। विशेष रूप से मीटिंग हॉल के संपूर्ण नवीनीकरण के साथ उसकी दीवारों पर राज्य की लोक संस्कृति को दर्शाने वाली पेंटिंग्स लगाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे यहां आने वाले अतिथियों को प्रदेश की समृद्ध परंपरा की झलक मिल सके।

*पहले चरण में कमरों और डोरमैट्री का होगा कायाकल्प*
नवीनीकरण कार्य को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। प्रथम चरण में मुख्य भवन के कक्ष संख्या 1 से 12 तक (भूतल के 1 से 6 और प्रथम तल के 7 से 12) का कायाकल्प किया जाएगा। इसके साथ ही डोरमैट्री के भूतल पर स्थित कक्ष संख्या 19 से 22 तक के चार कमरों का भी नवीनीकरण किया जाएगा। इन कमरों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने के साथ उनकी आंतरिक साज-सज्जा को भी बेहतर बनाया जाएगा।

*कोरिडोर लाइटिंग और लॉन क्षेत्र में खुलापन बढ़ाने के निर्देश*
आवास व राज्य संपत्ति सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कोरिडोर में बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि आवागमन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही डोरमैट्री के कक्षों से सटे लॉन क्षेत्र में खुलापन बढ़ाने के लिए बाउंड्री हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

*दूसरे चरण में विस्तार और नई सुविधाओं पर फोकस*
द्वितीय चरण में गेस्ट हाउस परिसर में उपलब्ध स्थान का उपयोग करते हुए इसके विस्तार की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, गेस्ट हाउस में ठहरने वाले अतिथियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नए गद्दों की खरीद और प्रत्येक कक्ष में डीटीएच कनेक्शन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। इस मौके पर अपर सचिव लक्ष्मण सिंह, मुख्य व्यवस्थाधिकारी आलोक सिंह चौहान, वरिष्ठ व्यवस्थाधिकारी पी.एल. शाह तथा पेयजल निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर राकेश चंद्र तिवारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

आवास व राज्य संपत्ति सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार राज्य के अतिथि गृहों को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में कार्य तेजी से किया जा रहा है। सर्किट हाउस एनेक्सी का नवीनीकरण केवल संरचनात्मक सुधार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को भी प्रमुखता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि चरणबद्ध तरीके से सभी कक्षों का कायाकल्प किया जाएगा और अतिथियों को उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही, भविष्य में गेस्ट हाउस के विस्तार की भी योजना है, जिससे बढ़ती आवश्यकता को पूरा किया जा सके।

मुख्य सचिव बर्द्धन ने ली कुंभ 2027 को लेकर उच्च स्तरीय बैठक

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में कुंभ – 2027 के सम्बन्ध में उच्च स्तरीय समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान उच्च स्तरीय समिति द्वारा कुंभ – 2027 से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों को संस्तुति प्रदान की गई।

मुख्य सचिव ने विभिन्न ऐसे कार्यों जिनके अभी तक जीओ जारी नहीं हुए हैं, उनके जीओ तत्काल जारी किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अस्थायी प्रकृति के छोटे कार्यों की संस्तुती के लिए पॉवर डेलीगेशन किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि एक करोड़ से कम के अस्थायी कार्यों को आयुक्त गढ़वाल की अध्यक्षता वाली समिति अनुशंसा करेगी।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि कुंभ से सम्बन्धित चंडीदेवी एवं मनसा देवी का काम शीघ्र शुरू किया जाए। कार्यों को आवश्यकता के अनुरूप प्राथमिकता तय करते हुए संस्तुति प्रदान की जाए।

मुख्य सचिव ने विभिन्न विभागों द्वारा कराए जाने वाले टेंट एवं बैरीकेडिंग आदि की व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाने वाले कार्यों के लिए एजेंसीज एंपैनल्ड करने हेतु बिडिंग प्रोसेस तत्काल शुरू कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के सचिव और विभागाध्यक्षों को अपने – अपने स्तर से शीघ्र कार्यवाही शुरू करें।

मुख्य सचिव ने कुंभ कार्यो के लिए ऑडिट टीम भी शीघ्र तैनात किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सूचना, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग को अगली एचपीसी में अपनी अपनी कार्ययोजना प्रस्तुत किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने मेलाधिकारी को कुंभ के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कार्ययोजना भी प्रस्तुत की जाने की बात कही।

मुख्य सचिव ने कनखल में यातायात संकुलन दूर करने हेतु योजना तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने मेलाधिकारी को गतिमान निर्माण कार्यों को अक्टूबर 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कराये जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मेलाधिकारी को सभी कार्यों की प्राथमिकता तय किए जाने की बात भी कही।

मेलाधिकारी सोनिका ने बताया कि विभिन्न विभागों के ₹ 191.30 करोड़ लागत के कुल 33 कार्य हैं, जिनमें से 31 कार्यों में कार्य प्रारम्भ हो चुका है और शेष 2 कार्यों की निविदा प्रक्रिया गतिमान है। उन्होंने सभी कार्यों को अक्टूबर 2026 तक पूर्ण किए जाने का आश्वासन भी दिया।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, सी. रविशंकर, रणवीर सिंह चौहान एवं विनोद कुमार सुमन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

थारू संस्कृति उत्तराखंड की शान, इसे सहेजना हम सबकी जिम्मेदारी: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में आयोजित थारू होली महामहोत्सव को मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित समस्त जनसमुदाय को नमन करते हुए अपनी प्रशासनिक व्यस्तताओं के कारण प्रत्यक्ष रूप से शामिल न हो पाने पर खेद व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि थारू समाज की सांस्कृतिक परंपराएं अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि थारू समाज के रीति-रिवाज, लोकगीत, पारंपरिक नृत्य और प्रकृति के प्रति उनका गहरा जुड़ाव राज्य की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि खटीमा ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए थारू संस्कृति गर्व का विषय है। विशेष रूप से थारू समाज की होली, जो कई दिनों तक उल्लास और उत्साह के साथ मनाई जाती है, अपनी विशिष्टता के लिए जानी जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य भी करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका मन सदैव खटीमा की जनता के साथ जुड़ा हुआ है, भले ही वे इस बार कार्यक्रम में प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित नहीं हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में जनजातीय समुदाय को सशक्त बनाने हेतु अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। अटल आवास योजना में आय सीमा को व्यावहारिक बनाते हुए निर्माण लागत में वृद्धि की गई है, जिससे अधिकाधिक परिवारों को लाभ मिल रहा है। उधम सिंह नगर में इस योजना के अंतर्गत करोड़ों रुपये की सहायता प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत भी बड़ी संख्या में जनजातीय परिवारों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं तथा इस वर्ष प्राप्त आवेदनों में लगभग 28 प्रतिशत आवेदन जनजातीय परिवारों के हैं। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत जनपद में कई आवासों का निर्माण किया गया है।

शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आश्रम पद्धति विद्यालयों, छात्रावासों एवं आईटीआई संस्थानों के विकास के लिए धनराशि प्रदान की जा रही है तथा इन विद्यालयों को कक्षा 12 तक अपग्रेड किया जा रहा है। एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से जनजातीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। खटीमा, बाजपुर और गदरपुर में छात्रावासों एवं शैक्षिक अवसंरचना के विकास हेतु महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत रोजगार एवं प्रशिक्षण के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। वन धन केंद्रों के माध्यम से उत्पादों को बाजार से जोड़कर आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। महिलाओं को चक्रीय निधि एवं निवेश सहायता प्रदान कर उनके स्वरोजगार को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत अनेक योजनाओं को सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया है तथा हजारों परिवारों को पेयजल, बिजली और गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही थारू विकास भवन के निर्माण एवं जनजातीय क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए भी धनराशि स्वीकृत की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनजातीय परिवारों को बेटी के विवाह हेतु आर्थिक सहायता भी प्रदान कर रही है, जिसका लाभ बड़ी संख्या में लोगों को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि जनजातीय क्षेत्रों के विकास को गति देने के लिए विभिन्न जनपदों में जनजाति कल्याण अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारकर वास्तविक परिवर्तन लाने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक जनजातीय परिवार को सम्मानजनक जीवन, बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हों।

मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर जनजातीय समाज की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार जनजातीय समाज के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ घोषित करना जनजातीय समाज के सम्मान का प्रतीक है।

अंत में मुख्यमंत्री ने थारू समाज के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प दोहराया तथा जनता से सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनसमर्थन के साथ उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का लक्ष्य अवश्य प्राप्त होगा।

श्री श्री रविशंकर और सीएम ने की सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक जागरूकता से जुड़े विभिन्न विषयों पर वार्ता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश में श्री श्री रविशंकर से शिष्टाचार भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान दोनों के बीच सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक जागरूकता से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पद्म विभूषण से सम्मानित श्री श्री रविशंकर जी द्वारा स्थापित आर्ट ऑफ़ लिविंग संस्था विश्वभर में शांति, योग और मानवीय मूल्यों के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उनके मार्गदर्शन से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो रहा है, जो उत्तराखंड जैसे आध्यात्मिक प्रदेश के लिए अत्यंत प्रेरणादायक है।

श्री श्री रविशंकर ने मुख्यमंत्री को आशीर्वाद देते हुए राज्य की उन्नति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की आध्यात्मिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य इसे वैश्विक स्तर पर विशिष्ट पहचान प्रदान करते हैं और इसे और सशक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। मुख्यमंत्री ने संत-महात्माओं के मार्गदर्शन को राज्य के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण बताया।

भूमि एवं समन्वय से जुड़े मामलों का समाधान स्थानीय स्तर पर मिलकर करते हुए कार्यों को समय पर प्रारंभ कराएं: बर्द्धन

डॉ आर. एस. टोलिया प्रशासनिक अकादमी नैनीताल में मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने नैनीताल जिले में संचालित विभिन्न परियोजनाओं सहित अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश देते हुये मुख्य सचिव ने कहा कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक, तकनीकी एवं प्रक्रियागत बाधा आ रही है, तो उसका त्वरित समाधान किया जाए यदि समस्या शासन स्तर की है तो तत्काल शासन के संज्ञान में लाया जाए। विकास कार्य रुकने नहीं चाहिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि सभी विभाग मासिक लक्ष्य निर्धारित कर उसके अनुरूप नियमित कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि लंबित टेंडर, स्वीकृतियों और तकनीकी अनुमोदनों को शीघ्र पूरा किया जाए तथा जिलास्तर पर जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी परियोजनाओं एवं विकास कार्यों की नियमित समीक्षा करें।

उन्होंने कहा कि योजनाओं की प्रगति बढ़ने से राज्य के विकास कार्यों को गति मिलेगी व जनसुविधाओं में भी सुधार होगा।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को सुव्यवस्थित दीर्घकालिक योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए, वर्क प्लान के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण कार्य किए जाएं, पब्लिक ग्रीवांस व मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के प्रकरणों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करते हुए जनपद को एक आदर्श, योजनाबद्ध एवं तेज गति से विकसित होने वाले जनपद के रूप में स्थापित करें।

बैठक में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने स्वागत करते हुए मुख्य सचिव को जिले में संचालित महत्वपूर्ण परियोनाओं एवं विकास कार्यों की जानकारी से अवगत कराया।

नैनीताल जिले में 20 करोड़ रुपये से अधिक लागत की परियोजनाओं के अंतर्गत कराए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान लगभग 41 करोड़ की लागत से मानस खण्ड मन्दिर माला मिशन के अन्तर्गत कैंची धाम सौन्दर्यीकरण एवं प्रकाशीकरण का कार्य जो जून 2026 तक पूर्ण होना है इन कार्याें में गुणवत्ता एवं समयबद्वता का विशेष ध्यान देकर कार्य पूर्ण करने के निर्देश कार्यदाई संस्था लोकनिर्माण विभाग को दिए।

पेयजल कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने जल जीवन मिशन के तहत कराए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए समयान्तर्गत कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा गर्मी का सीजन आ रहा है पेयजल से संबंधित कार्यों को समय पर पूर्ण किया जाय।
लगभग 24 करोड़ की लागत से इन्द्रानगर नाले के कैचमेंट सीवरेज एवं प्रदूषण रोकथाम कार्ययोजना, विधानसभा ओखलकांडा में कालाआगर पम्पिंग पेयजल योजना जो लगभग 23 करोड़ की लागत से बनने वाली योजना है, उक्त योजना को समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि पम्पिंग योजना से सुचारू तौर पर लोगों को पेयजल उपलब्ध हो। इस संबंध में कुमाऊं आयुक्त ने इन कार्यों में हो रही देरी एवं अन्य समस्याओं से मुख्य सचिव को अवगत कराया।
*मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग की समीक्षा के दौरान 3678.23 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित जमरानी बांध परियोजना की वर्तमान प्रगति की विस्तार से जानकारी ली, तथा निर्धारित समय जून 2029 तक परियोजना को पूर्ण करने के निर्देश दिए। टनल निर्माण की प्रगति की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि इस परियोना के अधिकारियों का विजिट शीघ्र ही ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन टनल एवं अन्य निर्माण कार्य स्थलों का कराएं ताकि वहॉं के कार्यों से अनुभव लेकर यहॉं के कार्यों में प्रगति आए*

298 करोड़ रुपये की लागत से बलियानाला भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के उपचारात्मक कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए इस प्रमुख परियोजना को निर्धारित समय 2028 तक पूरा करने के निर्देश सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दिए।

मुख्य सचिव ने कार्यदाई संस्था पेयजल निर्माण निगम द्वारा 67 करोड़ रुपये की लागत से काठगोदाम में बस टर्मिनल का निर्माण कार्य तथा 28 करोड़ रुपये की लागत से रामनगर में रोडवेज बस टर्मिनल निर्माण एवं बस डिपो निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान कहा कि काठगोदाम बस टर्मिनल एवं रामनगर बस टर्मिनल का कार्य समय से पूर्ण करना सुनिश्चित करें। इन कार्यों में गुणवत्ता एवं समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाय।

ब्रिडकुल कार्यदायी संस्था द्वारा जनपद में कुमाऊ विश्वविद्यालय में 45 करोड़ रुपये की लागत से बीएड विधि संकाय भवन निर्माण, 44 करोड़ रुपये की लागत से 100 शैया मानसिक चिकित्सालय गेठिया, तथा 39 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कालेज में स्टेट कैसर संस्थान के निर्माण कार्याें की प्रगति की समीक्षा के दौरान धीमी प्रगति पर अधिकारियो से कहा कि निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुए गुणवत्ता एवं समयबद्धता से कार्य किया जाय।

लगभग 47 करोड़ से हल्द्वानी शहर हेतु सीवरेज कार्य पैकेज वन, 56 करोड़ से हल्द्वानी शहर हेतु सीवरेज कार्य पैकेज दो एवं तृतीय पैकेज 41 करोड की लागत से शहर में होने वाले कार्याें की विस्तृत समीक्षा की। इसके साथ ही हल्द्वानी में 397 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले नमो भवन, बहुउउदेशीय भवन निर्माण की वर्तमान प्रगति भी समीक्षा की। *समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने नमो भवन के निर्माण कार्य में हो रही देरी के कारणों तथा इस संबंध में बनाई गई डीपीआर आदि के संबंध में कार्यदाई संस्था के अधिकारियों के साथ विस्तारपूर्वक बैठक लेते हुए रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश कुमाऊं आयुक्त को दिए।*

इस दौरान 96 करोड़ रुपये की लागत से नैनीताल शहर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण के संबंध में की जा रही कार्यवाही की भी जानकारी ली।

समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने जिले में राजस्व वसूली, वन भूमि हस्तांतरण , मुख्यमंत्री जी द्वारा जनपद में की गई घोषणाओं की स्थिति, नशामुक्त उत्तराखंड अभियान सहित अन्य विकास कार्यों की भी समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये।

बैठक में आयुक्त कुमाऊं व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने विभिन्न संचालित योजनाओं व विकास कार्यों की वर्तमान प्रगति की जानकारी देने के साथ ही विकास से संबंधित विभिन्न बिन्दु मुख्य सचिव के समक्ष रखे।

बैठक में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने मुख्य सचिव को जिले में व्यस्ट प्रक्टिसेज के अंतर्गत किए जा रहे अभिनव प्रयासों व कार्यों से मुख्य सचिव को अवगत कराया। उन्होंने अवगत कराया कि राजस्व विभाग द्वारा जिले में विशेष अभियान चलाकर निर्विवाद वारिसान नामांतरण के अंतर्गत जिले में सभी तहसीलों में विरासत दर्ज की गई, वर्तमान तक 21452 वारिसानों एवं लाभार्थियों को इसका लाभ प्रदान कराया गया है।

इसी प्रकार जनपद में स्थल स्तरीय राजस्व प्रकृति के विवादों का त्वरित गति से निस्तारण किया जा रहा है।वर्तमान तक कुल 2207 में से 2056 का निस्तारण किया जा चुका है इस हेतु लगातार विभिन्न स्थानों में कैंप लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा जिले में सीमा विवाद,अतिक्रमण अभिलेख दुरुस्ती समाधान अभियान भी चलाया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि जिले में सरकारी एवं सार्वजनिक संपत्तियों से अतिक्रमण हटाए जाने हेतु प्रभावी रूप से कार्यवाही गतिमान है। इस हेतु तहसील स्तर पर राजस्व प्रवर्तन टीम तैयार कर तेजी से कार्यवाही की जा रही है।

जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि जिले में सरलीकरण, समयबद्ध एवं निस्तारण के तहत त्वरित कार्यवाही की जा रही है।
विगत 14 अक्टूबर 2025 से 15 मार्च 2026 तक कुल 2221 जन्म प्रमाण पत्र हेतु आवेदन प्राप्त हुए थे,सभी को प्रमाण पत्र नियत समय पर जारी किए गए हैं। इसी प्रकार 1693 मृत्यु प्रमाण पत्रों के आवेदन प्राप्त हुए थे सभी को तुरंत ही ये प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं।

सेवा का अधिकार के अंतर्गत राजस्व विभाग द्वारा सभी तहसीलों में 20454 आवेदनों में से 12101 आवेदनों का निस्तारण त्वरित गति से किया गया है। 3820 आवेदन जिनमें अभिलेख पूर्ण नहीं थे उन्हें रिजेक्ट किए गए। शेष में कार्रवाई गतिमान है।

जिलाधिकारी ने *जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार* कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्र में लगाए गए कैंपों की प्रगति के संबंध में अवगत कराया की जनपद में कुल 50 स्थानों में यह कैंप आयोजित किए गए जिनके माध्यम से लोगों को सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। इन कैम्पों का 10746 लोगों को सीधा लाभ मिला। कुल 3671 शिकायतें इन शिविरों में प्राप्त हुई जिनमें से 3162 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया।

इस दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि जनहित से जुड़े जो भी महत्वपूर्ण व आवश्यकीय कार्य हैं जिलाधिकारी उन कार्यों को अनटाइट फंड से कराएं। जिले में बजट उपलब्ध नहीं होने पर इन महत्वपूर्ण कार्यों को किए जाने हेतु प्रस्ताव शीघ्र ही शासन को भेजें।

बैठक में जिले में मानव वन्य जीव संघर्ष में राहत राशि वितरण के संबंध में अवगत कराया कि मानव वन्य जीव संघर्ष में जिले में 29 मानव क्षति हुई थी, सभी परिवारों को मुआवजा राशि वितरण कर दी गई है।
मानव वन्य जीव संघर्षों में 93 लोग घायल हो गए थे सभी को राहत राशि वितरित कर दी गई है।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी नैनीताल ने अवगत कराया कि वन विभाग द्वारा वर्तमान तक इन सभी नुकसानों में कुल लगभग 2 करोड़ 91 लाख रुपए की धनराशि संबंधितों प्रभावितों को वितरित कर दी गई है।

जिले में लंबित वन भूमि हस्तांतरण के प्रकरण के संबंध में मुख्य सचिव ने कहा कि प्रत्येक माह इन लंबित प्रकरणों की समीक्षा करें। और समय पर इनका निस्तारण करें।

उन्होंने कहा कि नेटवर्क कनेक्टिविटी बेहतर करने हेतु जिला टेलीकॉम कमेटी की बैठक में मोबाइल टावरों से संबंधित प्रस्ताव को स्वीकृत करने के साथ ही इनके संचालन की शीघ्र कार्रवाई दूरसंचार विभाग के माध्यम से कराई जाए।

बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ मंजूनाथ टीसी द्वारा जनपद में यात्रा सीजन हेतु तैयार ट्रैफिक प्लान सटल सेवा आदि के बारे में जानकारी दी। उन्होंने जिले में नशा मुक्त उत्तराखंड अभियान के अंतर्गत की जा रही कार्रवाई से भी मुख्य सचिव को अवगत कराया। उन्होंने यात्रा सीजन हेतु जनपद को 160 अतिरिक्त होमगार्ड उपलब्ध कराने की मांग मुख्य सचिव के समक्ष रखी।

बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि भवाली बायपास मार्ग सहित आवश्यक स्थानों में जहां-जहां स्ट्रीट लाइट की आवश्यकता है ऐसे स्थानों में जिलाधिकारी,जिला विकास प्राधिकरण या अन्य मद से यात्रा सीजन से पूर्व स्ट्रीट लाईट लगाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आने वाले पर्यटन सीजन के लिए पर्याप्त पार्किंग व्यस्था सुनिश्चित की जाय। पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
बैठक में मुख्य सचिव ने एस आई आर तथा जनगणना कार्य की तैयारी के बारे में भी जानकारी ली।

बैठक में आयुक्त कुमाऊं व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत, जिला अधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ मंजूनाथ टीसी, प्रभागीय वनाधिकारी आकाश गंगवार, पुलिस अधीक्षक डॉ जगदीश चंद्रा, मनोज कत्याल,अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी,लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता मनोहर सिंह धर्मशक्तू,पेयजल निर्माण निगम के अधीक्षण अभियंता अनूप पाण्डे सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।