स्नातक में सीबीसीएस सेमेस्टर सिस्टम का विरोध

ऋषिकेश।
रविवार को देहरादून रोड स्थित एक कार्यालय में एबीवीपी के प्रदेश मंत्री सुधीर जोशी ने कार्यकर्ताओं की बैठक ली। कार्यकर्ताओं ने प्रदेश मंत्री के सामने ऑटोनॉमस कॉलेज के स्नातक में सीबीसीएस सेमेस्टर सिस्टम को खत्म किये जाने की मांग को लेकर चर्चा की। प्रदेश मंत्री सुधीर जोशी ने कार्यकर्ताओं से इस ओर संगठन के बैनरतले आंदोलन करने को कहा।
प्रदेश मंत्री ने वामपंथी संगठनों का विरोध करने को लेकर भी चर्चा की। बताया कि कार्यकर्ताओं को महाविद्यालयों में वामपंथी संगठन की गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिये। कैंपस में देश विरोधी गतिविधियां होने पर कार्यकर्ताओं को विरोध करना चाहिये। मौके पर जिला सह संयोजक अंकित पंवार, नगर अध्यक्ष राकेश भंडारी, ऋषि जायसवाल, विनोद चौहान, अभिषेक रावत, मंदीप डबराल, अमित पंवार, संदीप शर्मा, अभिषेक भट्ट आदि मौजूद थे।

योगी आदित्यनाथ के पैतृक गांव में जश्न

ढोल-दमाऊ की थाप पर खूब थिरके पंचूर के ग्रामीण

ऋषिकेश।
रविवार को सुबह से ही पंचूर गांव में अलग माहौल रहा। पंचूर से सटे विथ्याणी, कांडी, ठांगर, शीला, दमराडा, भृगुखाल के ग्रामीण योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने की जानकारी मिलने पर उनके पिता सेवानिवृत्त रेंजर आनंद सिंह बिष्ट और माता सावित्री देवी से मिलने गांव पहुंचने लगे। योगी के परिजनों ने पहले से ही घर पर लोगों के लिए चाय-पानी और भोजन की व्यवस्था करवा रखी थी। जैसे ही योगी आदित्यनाथ ने शपथ ली पूरा गांव खुशी से झूम उठा। आतिशबाजी के साथ एक-दूसरे को मिठाई खिलाने का सिलसिला शुरू हो गया। ढोल-दमाऊ की थाप पर ग्रामीण शाम तक झूमते रहे। योगी के पिता आनंद सिंह बिष्ट, मां सावित्री देवी, भाई महेंद्र सिंह बिष्ट, मानेंद्र सिंह बिष्ट ने परिवार के साथ शपथ ग्रहण समारोह को टीवी पर देखा। स्थानीय लोगों को इस बात का भरोसा है कि योगी के मुख्यमंत्री बनने से यमकेश्वर क्षेत्र की अलग से पहचान बनेगी। पलायन का दंश झेल रहे क्षेत्र में उन्हें विकास की बयार बहने की उम्मीद है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि योगी स्थानीय लोगों को मूलभूत समस्याओं से निजात दिलाएंगे। योगी के छोटे भाई महेन्द्र सिंह बिष्ट ने बताया कि हमें अपने भाई पर गर्व है और आशा है कि उन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है उसे वह बेखुबी से निभाएंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने से यमकेश्वर का विकास निश्चित है। वहीं यमकेश्वर की ब्लॉक प्रमुख कृष्णा नेगी, एसडीएम सोहन सिंह सैनी, तहसीलदार सुशील कुमार, सभासद हरीश तिवारी, योगी आदित्यनाथ के बड़े भाई के मित्र विनोद प्रसाद भट्ट, नंद किशोर नौटियाल, इंद्रेश बडथ्वाल, शोभाराम रतूड़ी, राहुल रावत आदि योगी के माता-पिता से मिलने उनके पैत्रृक गांव पंचूर पहुंचे।

शपथ ग्रहण पर भर आईं माता-पिता की आंखें
जैस ही योगी आदित्यनाथ शपथ के लिए मंच पर पहुंचे माता सावित्री देवी और पिता आनंद सिंह की आंखें भर आईं। पिता ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें जो जिम्मेदारी दी है वह उसे बखूबी निभाएंगे। सीएम बनने की घोषणा के बाद उनके घर पर नात-रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों का बधाई देने के लिए तांता लगा रहा।

कॉलेज के उच्चीकरण की उम्मीद
प्रदेश सरकार से उपेक्षित विथ्याणी में गुरु गोरखनाथ महाविद्यालय के भी उच्चीकरण की उम्मीदें लोगों में हैं। महाविद्यालय में संकाय बढ़ने से स्थानीय छात्र-छात्राओं को क्षेत्र में ही पढ़ने का बेहतर अवसर मिल पाएगा।

भाषण नहीं देने पर कांग्रेसियों का पारा चढा, प्रदर्शन

ऋषिकेश।
इसके चलते कांग्रेसियों ने रविवार को पीएम मोदी के खिलाफ प्रदर्शन किया। रविवार को नटराज चौक पर कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी के खिलाफ नारे लगाए। राजपाल खरोला ने कहा कि मोदी के आह्वान पर प्रदेश ने दो-तिहाई बहुमत देकर भाजपा की सरकार बना दी। शपथ ग्रहण समारोह में पीएम मोदी पहुंचे तो लोगों में आशा थी कि चुनाव के दौरान किए गए वादों के अनुसार कोई बड़ी घोषणा वह करेंगे।
राजपाल खरोला ने आरोप लगाया कि पीएम ने घोषणा तो दूर लोगों को संबोधित ही नहीं किया। ऐसे में उनको सुनने आए लोगों में घोर निराशा का माहौल है। प्रदर्शन करने वालों में वेद प्रकाश शर्मा, अरविन्द जैन, चन्दन पंवार, मनीष शर्मा, मधु जोशी, केदार सिंह रावत, सावित्री देवी, मधु मिश्रा, देवेन्द्र प्रजापति, राकेश मियां, सरोजनी थपलियाल, अब्दुल रहमान, लोकपाल कैंतुरा आदि मौजूद थे।

सुबोध की ताजपोशी पर केक काटकर मनाई खुशी

ऋषिकेश।।
रविवार को व्यापार सभा चौदह बीघा के अध्यक्ष रवि शास्त्री के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने भजनगढ़ स्थित कुष्ठ कॉलोनी में केक काटकर खुशी का इजहार किया। रवि शास्त्री ने कहा कि विधायक सुबोध उनियाल तीसरी बार नरेन्द्र नगर से विधायक निर्वाचित हुए हैं। पहली बार क्षेत्र से कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। सुबोध उनियाल को कैबिनेट मंत्री बनाए जाने से क्षेत्र के विकास में और तेजी आएगी।
मौके पर मंडल अध्यक्ष भाजपा सुरेन्द्र कुलियाल, चन्द्रवीर पोखरियाल, सूरत सिंह रौतेला, रवि शास्त्री, मनोज मलासी, सुनील दत्त थपलियाल, हृदयराम सेमवाल, राम कुमार रयाल, राधे श्याम शर्मा, विनय रावत, वेद प्रकाश धींगड़ा, सीताराम, चंडी प्रसाद बड़ोनी, अशोक क्रेजी, दीपक मोहन भट्ट, नरेन्द्र मैठाणी, हीरा रमोला, चन्द्र प्रकाश अमोला, सतीश अरोड़ा, डीके शर्मा, गजेन्द्र सजवाण, आशीष जोशी, अनुराग जोशी, रमाकांत, कुबेरदत्त आदि मौजूद थे।

पलायन रोकने और रोजगार देने का काम करेगी सरकार

ऋषिकेश।
रविवार को देहरादून रोड स्थित होटल अमेरिस में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज का स्थानीय लोगों व भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने भाजपा सरकार की प्राथमिकतायें बताई। कहाकि उत्तराखंड में पलायन एक बड़ा मुद्दा है। इसे रोकने के लिए पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना होगा। धार्मिक पर्यटन से स्थानीय लोगों को जोड़ना होगा। भाजपा सरकार की प्राथमिकतायें बताते हुए कहाकि प्रदेश में भगवती के सिद्धपीठों की श्रृखंला बनाई जायेगी। शिव और विष्णु भगवान के पौराणिक मंदिरों का कायाकल्प किया जायेगा।
देव डोलियों के दर्शन के साथ ही प्रदेश की संस्कृति को पर्यटकों को दिखाया जायेगा। स्क्रीन रिजॉर्ट बनाकर विदेशी पर्यटकों को बर्फ दिखाने का भी प्रयास होगा। आयुर्वेद व पंचकर्म को बढ़ावा देने के साथ ही उत्तराखंड में पायी जाने वाली जड़ी बूटियों के उत्पादन को बढ़ाया जायेगा। इन उत्पादों की बड़े स्तर पर ब्रांडिंग कराई जायेगी। जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए ठोस कार्य योजना बनाई जायेगी।
मौके पर विधायक प्रेमचन्द अग्रवाल, देवेन्द्र दत्त सकलानी, अनिता ममगाईं, भगतराम कोठारी, चेतन शर्मा, उषा रावत, स्नेहलता शर्मा, संजीव गोयल, संजय शास्त्री, सीएल धीगंड़ा, इन्द्र कुमार गोदवानी, अभिनव अक्षत गोयल, दिनेश सती, पंकज शर्मा, कविता शाह, पंकज भट्ट, सरोज डिमरी आदि मौजूद थे।

गैरसैंण ग्रीष्मकालीन राजधानी
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहाकि गैरसैंण को भाजपा अपने घोषणा पत्र के अनुसार ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने पर विचार कर रही है। उन्होंने सदन में गैरसैंण को लेकर चर्चा करने व आम सहमति बनाकर निर्णय लेने की बात कही।

उत्तराखंड की ओर से बधाई दी
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश का सीएम बनाने पर बधाई दी है। कहाकि मेरा सौभाग्य रहा कि सुबह ही मेरी उनसे मोबाईल पर वार्ता हुयी। मैनें पूरे उत्तराखंड की ओर से योगी जी को बधाई दी।

त्रिपल इंजन की सरकार
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहाकि अब त्रिपल इंजन की सरकार कार्य कर रही है। यूपी में योगी के आने से परिसंपत्ति बंटवारे की समस्या हल होगी। जिससे दोनों राज्यों का विकास होगा। अब डबल नही त्रिपल इंजन की सरकार विकास की रफ्तार से दौड़ेगी।

मेरी कोई नाराजगी नही
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहाकि लोग मुझसे कह रहे है कि आपने छोटा ओहदा ले लिया है। आपका कद बडा है। कहाकि कोई पद छोटा या बड़ा नही होता है। राज्य के विकास के लिये सभी को मिलकर काम करना होगा।

मुलायम की गुफ्तगु से सियासी हलचल तेज

लखनऊ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शपथ ग्रहण समारोह में एक बड़ा ही दिलचस्प नजारा देखने को मिला जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव ने गर्मजोशी के साथ मंच पर मुलाकात की। मंच पर मुलायम और पीएम मोदी की मुलाकात एक नहीं बल्कि दो बार हुई।
योगी आदित्यनाथ के कैबिनेट मंत्रियों का जैसा ही शपथ ग्रहण समारोह खत्म हुआ तो पीएम मोदी मंच में मौजूद सभी अतिथियों से मिलने गए। इस दौरान वहां मौजूद अखिलेश थोड़ा आगे निकल गए। इसके बाद बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने अखिलेश यादव को बुलाया। अखिलेश यादव जब पीएम मोदी के पास आए तो उन्होंने गर्मजोशी के साथ हाथ मिलाया।
इस दौरान अखिलेश ने पीएम मोदी को यूपी में जीत के लिए बधाई दी। इस बीच साथ में खड़े मुलायम सिंह यादव भी पीएम मोदी से मुलाकात की और उनको बधाई दी। इसके बाद पीएम मोदी अन्य लोगों से मुलाकात करने लगे। इस बीच मुलायम सिंह यादव एक बार फिर लौटे और पीएम मोदी के साथ हाथ मिलाकर उन्हें फिर से बधाई दी। इस दौरान उन्हें पीएम मोदी से बातचीत भी की। हालांकि चुनावों के दौरान पीएम मोदी और अखिलेश यादव में जो जुबानी जंग देखने को मिली थी। उसका असर आज के शपथ ग्रहण समारोह में मुलाकात के दौरान नजर नहीं आया।

जब मुलायम ने गले लगकर दी योगी को बधाई

लखनऊ।
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री के रूप में योगी आदित्यनाथ की ताजपोशी के कार्यक्रम का गवाह बनने देश के कई राज्यों के मुख्यमंत्री के साथ ही केंद्रीय मंत्री तथा कई पूर्व मुख्यमंत्री भी आज लखनऊ में हैं। इनमें मुलायम सिंह यादव के रूप में एक चौंकाने वाला नाम है।समारोह में शामिल होने स्मृति उपवन के लिए अपने आवास से निकले सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव।
योगी आदित्य नाथ ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर मुलायम सिंह यादव को शपथ ग्रहण समारोह में आने का न्यौता दिया। जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। आज असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनवाल के साथ ही गोवा के सीएम मनोहर पर्रिकर, अरुणाचल के चैमा खांडू, छत्तीसगढ़ के सीएम रमन सिंह आज लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरे। यह सभी योगी आदित्यनाथ के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल होने आए हैं।
इनके साथ ही उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी भी लखनऊ पहुंच चुके हैं। एनडी तिवारी ने भी बीते दो महीने पहले ही पुत्र के साथ भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायड के साथ ही केंद्रीय मंत्री कृष्णा राज व रामदस अठावले भी लखनऊ पहुंचे हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी आज लखनऊ पहुंचे। उन्होंने मीडिया से कहा कि देश में 2019 नहीं 2024 में भी भाजपा की लहर रहेगी। प्रचंड जीत के लिए उत्तर प्रदेश भाजपा को बधाई।

सबको साथ लेकर चलने से होगा विकास: योगी

लखनऊ।
योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कुर्सी संभालते हुए आज भाजपा के-सबका साथ सबका विकास-का नारा दोहराया और कहा कि प्रदेश सरकार सभी वर्गों के लिए समान रूप से कार्य करेंगी।
महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए हर संभव प्रयास होगा। किसानों के विकास के लिए योजनाएं लाई जाएंगी।चुनाव घोषणा पत्र में किए सारे वादे पूरे करेंगे।
यूपी की सत्ता संभालने के बाद अपनी पहली प्रेसवार्ता में योगी ने कहा कि हमने जनता से जो वादा किया है, उसे हम पूरा करेंगे। जनता के सामने हमने जनसंकल्प पत्र रखा था, उस पर पूरा काम किया जाएगा। राज्य के विकास के लिए औद्योगिक विकास पर जोर दिया जाएगा। प्रदेश ने जो जनादेश दिया है, उस पर हम पूरी तरह से खरे उतरेंगे। प्रदेश बीते 15 साल में काफी पिछड़ गया है। भोजन, आवास, पेयजल और शौचालय जैसी व्‍यवस्‍था का विकास किया जाएगा। केंद्र में भाजपा की सरकार ने ‘सबका साथ और सबका विकास’ का जो संकल्‍प लिया है, उसी प्रकार प्रदेश में काम किया जाएगा।
इससे पहले आज योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। केशव प्रसाद मौर्या और दिनेश शर्मा ने उप मुख्यमंत्री पद के लिए शपथग्रहण किया। इसके लिए समारोह दिन में दो बजे कांशीराम स्मृति उपवन में शुरू हुआ। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, 13 राज्यों के मुख्यमंत्री, 15 केंद्रीय मंत्री तथा दर्जनों सांसद, भाजपा नेता शामिल हुए। इसके बाद योगी ने लोकभवन जाकर सीएम पदभार संभाला और पत्रकारों से मुखातिब हुए। उन्होंने अपनी कैबिनेट के सभी मंत्रियों के साथ बैठक भी की।

उत्तराखंड का लाल आदित्यनाथ उर्फ अजय यूपी का सीएम

सात भाई बहनों में पांचवें नंबर पर हैं योगी आदित्यनाथ
बचपन का नाम अजय सिंह बिष्ट, प्राथमिक शिक्षा ग्राम ठांगर के विद्यालय में हुई
ऑटोनॉमस पीजी कॉलेज ऋषिकेश से एमएससी की, पौड़ी के यमकेश्वर ब्लॉक के पंचूर गांव के निवासी

ऋषिकेश।
पिता आनंद सिंह बिष्ट एवं माता सावित्री देवी के लाडले योगी (मूल नाम अजय)बचपन से ही मेघावी छात्र रहे। पिता आनंद सिंह 1991 में वन विभाग में रेंजर पद से सेवानिवृत्त हुए जबकि माता सावित्री देवी गृहणी हैं। योगी आदित्यनाथ के बचपन का नाम अजय सिंह बिष्ट है। प्राथमिक शिक्षा ग्राम ठांगर के प्राथमिक विद्यालय में हुई। 1983 में इंटर कॉलेज चमकोटखाल से नौवीं एवं 1984 में टिहरी के गजा से हाईस्कूल प्रथम श्रेणी में पास किया। 1986 में भरत मंदिर इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की। राजकीय डिग्री कॉलेज कोटद्वार से 1989 में बीएससी एवं 1991 में ऑटोनॉमस कॉलेज से एमएससी प्रथम श्रेणी में पास की। बचपन से ही होनहार रहे योगी आदित्यनाथ ऋषिकेश के इंदिरानगर में किराए का कमरा लेकर रहे। 1993 में गोरखपुर चले गए। वर्ष 1994 में गोरखपुर के सांसद और महंत अवेद्यनाथ ने अजय सिंह को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया। 1998 में सबसे कम उम्र में वह पहली बार सांसद चुने गए। इसके बाद 1999, 2004, 2009 एवं 2014 को पांचवीं बार सांसद चुने गए। 2002 में योगी आदित्यनाथ ने हिन्दू युवा वाहिनी का गठन भी किया।

ऋषिकेश में रहे दो साल
योगी आदित्यनाथ उर्फ अजय बिष्ट ऋषिकेश के इंदिरानगर में दो साल रहे हैं। अशोक भद्री के आवास में रहकर उन्होंने श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। उसके बाद उन्होंने कोटद्वार से बीएससी की पढ़ाई की। अपने भाई की शादी में पिछले वर्ष यमकेश्वर स्थित गांव में पहुंचे योगी अपने पुराने मकान मालिक से मिलना नहीं भूले। योगी भाई की शादी में जाने से पहले अशोक भद्री के आवास इंदिरानगर पहुंचे थे जहां स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया था। उनके भाई के मित्र विनोद भट्ट ही उन्हें लेकर गांव पहुंचे थे।

ऋषिनगरी में भी है पीठ की धर्मशाला
ऋषिनगरी में लक्ष्मणझूला स्थित योगेन्द्र श्री शीलनाथ समाधि मंदिर और धर्मशाला गोरखपुर पीठ का ही अंग है। योगी जब भी ऋषिनगरी पहुंचते हैं तो शीलनाथ मंदिर में आना नहीं भूलते हैं। ऋषिकेश निवासी विनोद भट्ट बताते हैं कि पिछली दफा जब वह अपने भाई की शादी में पहुंचे थे तो उन्होंने अपनी वाई श्रेणी की सुरक्षा को दिल्ली वापस भेज दिया था। उन्होंने कहा था कि उनको अपने मूल गांव जाने के लिए कोई सुरक्षा नहीं चाहिए। उत्तराखंड की शांत वादियों में सुरक्षा की कोई जरूरत नहीं है।

भाई से मिलने जाएंगे लखनऊ
योगी के भाई मानेन्द्र ने हिन्दुस्तान को बताया कि भाई की उत्तर प्रदेश में ताजपोशी से पूरा क्षेत्र खुशी से झूम उठा है। घर में बधाई देनेवालों का तांता लगा हुआ है। उन्होंने बताया कि वह योगी के पीआरओ से बात करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका नम्बर व्यस्त जा रहा है। शीघ्र ही एक-दो दिन में लखनऊ जाकर भाई को बधाई देंगे। उन्होंने बताया कि परिवार के सदस्यों को लेकर लखनऊ जाने पर विचार चल रहा है।

तीन माह बाद भी नही पहुंची अंकतालिका

ऋषिकेश।
उत्तराखंड ओपन यूनिवर्सिटी हल्द्वानी प्राइवेट व दूरस्थ शिक्षा पाने वाले छात्रों के लिए किसी वरदान से कम नही है। लेकिन यूनिवर्सिटी के केन्द्रों से छात्रों को निराशा हाथ लग रही है। कारण कि परीक्षा परीणाम तीन माह पूर्व आ चुका है। लेकिन केन्द्रों से अंकतालिका नही मिल रही है। छात्र इन केन्द्रों के चक्कर काटने को मजबूर है, लेकिन संतोषजनक जवाब नही मिल रहा है। केन्द्र सीधे यूनिवर्सिटी के हल्द्वानी स्थित मुख्यालय से संपर्क करने को कह रहे है।
छात्र संतोष, रमेश, सुभाष आदि ने बताया कि ओपन यूनिवर्सिटी के केन्द्र ओमकारानंद इंस्टीट्यूट से उन्होंने परीक्षा दी। जिसका परिणाम तीन माह पूर्व आ चुका है। लेकिन लंबे समय के बाद भी परीक्षा केन्द्र में अंकतालिका नही पहुंची है। केन्द्र के टेलीफोन नंबर पर संपर्क करने का प्रयास करते है लेकिन कोई फोन रिसीव नही करता है। तीन माह में कई बार चक्कर काट चुके है, लेकिन संतोषजनक जवाब नही मिल रहा है।
मार्च के पहले सप्ताह में केन्द्र से जानकारी मिली कि हल्द्वानी स्थित मुख्यालय से संपर्क कर अंकतालिका की जानकारी ले। हल्द्वानी स्थित मुख्यालय से टेलीफोन पर संपर्क किया तो उन्होंने नामाकंन संख्या के आधार पर कम्प्यूटर में सर्च कर बताया कि आपकी अंकतालिका 10 जनवरी को रुड़की जोनल ऑफिस को डिस्पेच कर दी गयी है। रुड़की दफ्तर में टेलीफोन पर संपर्क किया तो कोई फोन रिसीव नही कर रहा है। केन्द्र संचालक भी मोबाईल नही उठा रहे है।
छात्रों ने बताया कि परीक्षा केन्द्र को जानकारी दी कि हल्द्वानी के मुख्यालय से उनकी अंकतालिका रुड़की जोनल कार्यालय में डिस्पेच कर दी गयी है। केन्द्र की ओर से रुड़की कार्यालय से उनकी अंकतालिका मंगवायी जाये। लेकिन दो हफ्ते से भी अधिक का समय बीत चुका है। परीक्षा केन्द्र की ओर से उनकी अंकतालिका नही मंगवायी जा रही है। अब केन्द्र के अधिकारी कोई संतोषजनक जवाब भी नही दे रहे है। इस संदर्भ में ओमकारानंद इंस्टीट्यूट के डीन प्रमोद उनियाल से मोबाईल पर वार्ता करनी चाही तो उन्होंने फोन नही उठाया।