टेक्स चोरी के आरोप में मंडी समिति ने जुर्माना भी वसूला
ऋषिकेश।
मंडी समिति के सचल दल ने बुधवार सायं नेपाली फॉर्म के नजदीक एक वाहन से पतंजली का घी टेक्स चोरी के आरोप में पकड़ लिया। पचास हजार रुपये की जुर्माना राशि वसूलने के बाद वाहन को छोड़ दिया गया। गौरतलब है कि पतंजली का घी तीसरी बार मंडी समिति ने टेक्स चोरी के आरोप में पकड़ा है। 
मंडी समिति के सचल दल ने बुधवार देर सायं नेपाल फार्म के नजदीक वाहन संख्या यूके 08सीए् 2049 को रोका। वाहन में मैण् पतंजली एग्रो प्रालि हरिद्वार का गाय का देशी घी 2 कुन्तल 80 किलो, बासमति चावल 1 कुन्तल 50 किलो सामग्री थी। मंडी शुल्क से संबधित कोई कागज चालक के नही दिखा पाने पर मंडी सचल दल ने पचास हजार तीन रुपये का शुल्क वसूला। वहींए एक अन्य वाहन संख्या डीएल 1एलके 0178 विशाल मेगा मार्ट देहरादून जा रहा था, को भी सचल दल ने रोक दिया। वाहन में 3 कुन्तल 40 किलो बासमति चावल लदा था। अभिलेख नही दिखाने पर सचल दल ने दस हजार पांच सौ पिचानवे रुपये का जुर्माना वसूला।
मंडी समिति अध्यक्ष रामविलास रावत ने बताया कि सचल दल ने अलग.अलग तीन वाहनों से मंडी शुल्क के तेहत्तर हजार नौ सौ अड़तालीस रुपये की जुर्माना राशि वसूली। बताया कि सचल दल का अभियान आगे भी जारी रहेगा। सचल दल में मंडी सहायक चंद्रशेखर, किशन पाल सिंह, अनुपम सक्सेना, देवेन्द्र कुमार, भगवती सिल्सवाल, संजीव कुमार शामिल थे।
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डोईवाला में सड़क पर पैदा हुआ बच्चाए मौत
108 एंबुलेंस पर समय पर नहीं पहुंचने का आरोप
डोईवाला।
डोईवाला क्षेत्र में एक महिला ने सड़क पर बच्चे को जन्म दे दिया। इस दौरान नवजात की मौत हो गई। 108 एंबुलेंस पर समय पर नहीं पहुंचने का आरोप है। 
जानकारी के अनुसार मणिमाई मंदिर से एक किलोमीटर दूर जंगल में कुछ गुज्जर परिवारों की बस्ती है। बस्ती की एक महिला को बुधवार दोपहर डोईवाला अस्पताल लाया गया। चेकअप कराने के बाद परिजन घर लौट गए। बुधवार रात को महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। परिजनों ने 108 एंबुलेंस को फोन लगाया। परिजन महिला को मणिमाई मंदिर तक लाए और एंबुलेंस का इंतजार करने लगे। इसी दौरान महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया। लेकिन नवजात की मौत हो गई। इसके बाद पहुंची 108 एंबुलेंस ने महिला को डोईवाला अस्पताल पहुंचाया। महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया। गुरुवार शाम को महिला को अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई। डोईवाला सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसके पांडे ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी गुरुवार की सुबह मिली। उन्होंने यह जानकारी देहरादून के सीएमओ को दे दी है।
मानवअधिकार आयोग में याचिका दर्ज
ऋषिकेश।
राजस्व ग्राम की मांग को लेकर धरने पर बैठे विस्थापितों को बांध प्रभावित संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष दिनेश डोभाल ने समर्थन दिया। उन्होंने बताया कि मांग को लेकर मानवाधिकार आयोग में याचिका दर्ज की गई है। उधर, मांग को लेकर धरना 44वें दिन भी जारी रहा।
मंगलवार को धरना स्थल पर पहुंचे राज्यआंदोलनकारी व टिहरी बांध संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष दिनेश डोभाल ने बताया कि राजस्व ग्राम की मांग को लेकर उनके द्वारा मानवाधिकार में याचिका दर्ज की गई। जिसमें सुनवाई के दौरान बताया गया कि राजस्व ग्राम में टिहरी बांध विस्थापित क्षेत्र पशुलोक के शामिल न होने से ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिस पर आयोग ने टीएचडीसी, राजस्व विभाग व सिंचाई विभाग से मानवाधिकार आयोग ने तत्काल स्टेट्स रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा कि वह विस्थापितों की समस्या के निदान के लिए आंदोलनरत रहेंगे। मंगलवार को धरने पर बैठने वालों में लक्ष्मी प्रसाद भट्ट,दुर्गा प्रसाद भट्ट, विक्रम सिंह गुलियाल, राम किशन कोठियाल, गोविंद शामिल रहे।
हाथी ने ग्रामीणों की गन्ने की फसल भी रौंद डाली
आबादी क्षेत्र में हाथी घुस आने से लोगों में दहशत
रानीपोखरी के घमंडपुर क्षेत्र में देर रात हाथी ने प्राथमिक विद्यालय की बाउंड्रीवाल तोड़ डाली। साथ ही खेतों में घुसकर ग्रामीणों की गन्ने की कई बीद्या फसल को नष्ट कर दी।
सोमवार देर रात को घमंडपुर में एक हाथी आ धमका। हाथी ने पहले तो प्राथमिक विद्यालय की बाउंड्रीवॉल को क्षतिग्रस्त कर दी। खेतों में घुसकर हाथी ने करीब दस बीघा गन्ने की फसल रौंद दी। ग्रामीण जयप्रकाश, सुमेर चंद, पुष्कर, यशपाल, रामप्रकाश, धर्मपाल, दीपचंद का कहना है कि सोमवार देर रात इलाके में जंगल से हाथी घुस गया। उन्होंने कहा कि आए दिन हाथी रिहायशी क्षेत्र में प्रवेश कर नुकसान पहुंचा रहे हैं। वन विभाग को इस बाबत कई बार शिकायत की जा चुकी है। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। चेताया कि जल्द ही हाथी के रिहायशी क्षेत्र में प्रवेश करने पर रोकथाम न लगी तो ग्रामीण वन विभाग के खिलाफ आंदोलन करेंगे।
वायरल पीड़ित मरीजों में संक्रामक रोग का खतरा बढ़ा
मंगलवार को सरकारी अस्पताल की लैब ने दो ओर मरीजों में डेंगू की पुष्टि की
मलेरिया के 2 व टाइफाइड से 14 पीड़ित मरीज मिले
ऋषिकेश।
मंगलवार को सरकारी अस्पताल की पैथोलॉजी लैब ने दो ओर मरीजों में डेंगू की पुष्टि कर दी। मलेरिया के दो और टाइफाइड से 14 पीड़ित मरीज भी मिले। सरकारी अस्पताल के आंकड़ों को पर यकीन करें तो अब तक डेंगू के कुल 20 मामले सामने आ चुके है। सरकारी अस्पताल में मरीजों की ब्लड सैंपल रिपोर्ट बता रही कि वायरल पीड़ित मरीजों में मलेरिया व टाइफाइड के मामले भी बढे है। 
मंगलवार को सरकारी अस्पताल की ओपीडी में वायरल पीड़ित मरीज की संख्या 200 के पार चली गई। पीड़ित मरीज लंबी लाइन लगाकर जांच कराते देखे गये। फिजिशियन डॉ. ऋचा रतूड़ी ने बताया कि मौसम में परिर्वतन के चलते ओपीडी में वायरल पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। मंगलवार को डेंगू की आशंका के चलते 22 मरीजों के सैंपल लिये गये थे, जिसमें से 2 मरीजों में डेंगू पॉजीटिव मिला है। 52 मरीजों में मलेरिया व 72 मरीजों में टाइफाइड के लक्षण दिखने पर ब्लड के सैंपल लिये गये।
दो मरीजों में मलेरिया व 14 मरीजों में टाइफाइड पॉजीटिव मिला है। संक्रामक रोग नियंत्रक एसएस यादव ने बताया कि सोमवार के 2 डेंगू पीड़ित मरीजों की पहचान कैलाशगेट व ऋषिकेश निवासी के रुप में हुई है। बताया कि दोनों मरीजों ने प्राईवेट अस्पताल में अपना इलाज करवा रहे है। मंगलवार को हुई जांच रिपोर्ट मरीज के द्वारा नही ली गयी है। जांच रिपोर्ट के लिए आने पर मरीज से संपर्क करने की बात कही।
मुख्यगेट पर अव्यवस्था का आलम
ऋषिकेश। सरकारी अस्पताल को स्वयं संजीवनी की जरुरत पड़ रही है। मरीज जिस मुख्य गेट से अस्पताल में प्रवेश करते है, कुछ रसूखदार लोग व स्टाफ कर्मी अपने वाहन वहीं पर खड़े कर अव्यवस्था फैलाने से बाज नही आ रहे। इन वाहनों के कारण मरीज व तीमारदारों को आने-जाने में परेशानियां झेलनी पड़ रही है। किसी का मरीज गंभीर बीमार है और वह अपनी गाड़ी या एंबुलेंस से मरीज को अस्पताल के मुख्य गेट तक लाना चाहे तो यह उसकी लाचारी ही कही जायेगी कि अव्यवस्थाओं के कारण वह मुख्यगेट तक वाहन से मरीज को नही ला सकता है।
तहसील दिवस पर जनता रही नदारद
जनप्रतिनिधियों ने ही उठायें अधिकतर मामले, रखी समस्याऐं
ऋषिकेश।
ऋषिकेश तहसील में जिलाधिकारी देहरादून रविनाथ रमन ने फरियादियों की समस्याऐं सुनी। तहसील दिवस में कुल 85 मामलें पंजीकृत हुए। जिलाधिकारी ने कार्यक्रम में मौजूद विभागों के अधिकारियों को समस्या निस्तारण के मौके पर ही दिशा-निर्देश दिये। तहसील दिवस में अधिकतर मामले जनप्रतिनिधियों ने ही रखें। जनता कम ही नजर आयीं।
मंगलवार को ऋषिकेश तहसील में तहसील दिवस का आयोजन किया गया। जिसमें जिलाधिकारी रविनाथ रमन, सीडीओ आलोक कुमार पाण्डेय, एसडीएम कुश्म चौहान ने संयुक्तरुप से जनसमस्याएं सुनी। तहसील दिवस में सड़क, पानी, समाज कल्याण विभाग की पेंशन, सड़क, पालिका की शिकायत, ग्राम समाज की भूमि पर अतिक्रमण, रानीपोखरी भूमिगत सिंचाई नहर के कार्य को लेकर जनप्रतिनिधियों ने बात रखी। जिलाधिकारी ने तहसील दिवस में उपस्थित अधिकारियों से वार्ताकर मामले में उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिये। जनसमस्याओं पर भी कई जनप्रतिनिधियों ने अपनी बात रखीं। जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लेने की बात कही। 
जिलाधिकारी रविनाथ रमन ने बताया कि तहसील दिवस में पेंशन, जंगली जानवरों के आंतक, सड़क आदि के मामले आये है। बताया कि समाज कल्याण विभाग द्वारा पेंशन की धनराशि खाताधारकों के खाते में डाली जा रही है। सड़क का कार्य बरसात के बाद शुरु होने की उम्मीद जताई। बताया कि अगस्त माह में सड़कों का पैसा रिलीज कर दिया गया। जंगली जानवरों के आंतक से निजात के लिए वन विभाग द्वारा कार्य किया जा रहा है। उन्होंने तहसील दिवस का अधिक से अधिक प्रचार करने और फरियादियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने के अधिकारियों को निर्देश दिये।
एसडीएम कुश्म चौहान ने बताया कि तहसील दिवस में कुल 85 समस्याएं पंजीकृत हुई, जिसमें से 50 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। मौके पर सीओ चक्रधर अंथवाल, डीएफओ प्रश्नकुमार पात्रौ सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
अव्यवस्था हावी रही
ऋषिकेश। तहसील दिवस में मीटिंग हॉल अधिकारियों से ही भर गया। फरियादियों को जगह नही मिलने व डीएम के देर से पहुंचने के कारण कुछ तो बैरंग ही लौट गये। गर्मी की अधिकता होने के चलते भी पीने के पानी की कोई व्यवस्था नही रही। हॉल में सिर्फ दो ही पंखे होने से पसीने के मारे लोग बेहाल रहे। बाहर टेंट जरुर लगा था लेकिन उसमें भी कई विभागों के अधिकारी ही मौजूद रहे।
साहब पहले तहसील की व्यवस्था तो सुधारिये
ऋषिकेश। तहसील दिवस में जिलाधिकारी को मांगों का पुलिंदा देने वालों की भरमार रही। एडवोकट भूपेन्द्र कुकरेती ने डीएम से ऋषिकेश तहसील में जन सुविधाएं दुरस्त करने की मांग रखी। बताया कि जनरेटर की सुविधा नही होने से फरियादियों के कार्य लटक जाते है। पीने का पानी और सुलभ शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की।
पालिका समिति की बैठक निरस्त करने की मांग
ऋषिकेश। भाजपा सभासद कविता शाह ने नगर पालिका की समितियों के क्रियाकलापों पर रोक लगाने की मांग की। बताया कि समिति चुनाव की प्रकिया गतिमान होने पर नाम वापसी के दिन चुनाव स्थगित कर दिये गये। चुनाव आचार संहिता प्रभावित करने व पुरानी समितियों को बहाल करने के निर्णय को निरस्त करने की मांग की।
तहसील दिवस में रखी गयी मांगे …
पंकज गुप्ता द्वारा निराश्रित पशुओं के लिए स्थान उपलब्ध कराने की मांग, रामकुमार संगर द्वारा शिवा इन्कलैव व भरत विहार मेंपानी की सप्लाई, सीवर लाइन बिछाने व दाखिला खारिज की सुविधा देने की मांग, नशबंदी पट्टे धारकों को जमीन नही मिलने का मुद्दा, अमितग्राम में गुज्जर प्लाट से आने वाले पानी की निकासी की मांग, अमित ग्राम में पीने के पानी की सप्लाई दुरस्त करने की मांग, कपिल गुप्ता द्वारा एचडीए के अनापत्ति प्रमाण पत्र के नाम पर उत्पीड़न रोकने की मांग, संजय कुमार द्वारा ऋषिकेश की खाता खतौनी की एनओसी व दाखिला खारिज की कार्रवाई में सर्वे नायब तहसीलदार द्वारा परेशान करने का मामला, राकेश पारछा द्वारा सरकारी अस्पताल की ओपीडी में डॉक्टरों के समय से नही बैठने का मामला, ग्राम सभा छिद्दरवाला में सड़क के डामरीकरण का मामला, रायवाला प्रतीतनगर में राजकीय डिग्री कॉलेज खोलने की मांग।
शिक्षकों के बिना राष्ट्र निर्माण संभव नहीं: राज्यपाल
देहरादून।
प्रदेश में शिक्षक दिवस पर जगह-जगह सम्मान समारोह आयोजित कर शिक्षकों को सम्मानित किया गया। राजभवन में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में राज्यपाल डा. कृष्ण कांत पाल ने प्रदेश के 26 शिक्षकों को ‘गवर्नर्स टीचर्स अवार्ड’ से सम्मानित किया। इस अवसर पर अपने सम्बोधन में राज्यपाल ने कहा कि बच्चों और युवाओं को आकार देकर राष्ट्रनिर्माण में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण है जिसके बिना देश की प्रगति संभव नहीं है।
गवर्नर्स अवार्ड से सम्मानित श्क्षिकों को शिक्षक दिवस व गणेश चतुर्थी की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह विशिष्ट अवसर देश के उन सभी शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करने का है जिनके सतत् प्रयासों से देश प्रगति के पथ पर अग्रसर है। शिक्षकों, गुरूआंे का सम्मान हमारे देश की संस्कृति व परम्परा है। इस गौरवशाली परम्परा को बनाये रखना सारे समाज का दायित्व है।
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षक संस्थान, स्कूल, शैक्षणिक ज्ञान से ज्यादा सामाजिक शिक्षा के स्थल हैं। उन्हांेने शिक्षकों का आह्वाहन करते हुए कहा कि वे निरन्तर अपने ज्ञान और कौशल को अद्यतन करते रहें। पढ़ने की आदत डालें, अच्छी पुस्तकों का अध्ययन स्वयं भी करें और बच्चों को भी अच्छी पुस्तकों के अध्ययन के लिए प्रेरित करते रहें। अच्छी पुस्तकें अच्छे व्यक्तित्व के निर्माण में सहायक होती हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को शिक्षण की उन सभी आधुनिक तकनीकों और विधियों को अमल में लाना चाहिए जो विद्यार्थियों को सीखने में मदद कर सकें। उन्होंने कहा कि ‘‘आज के समय में अधिकांश अभिभावकों के नौकरी पेशा होने के कारण बच्चों को अपेक्षित भावनात्मक सहयोग नहंी मिल पाता ऐसे में शिक्षकों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। सूचना तकनीकी के इस आधुनिक युग में शिक्षकों को अपनी भूमिका मार्गदर्शक के रूप में केन्द्रित करनी होगी। विद्यार्थियों को इन्टरनेट में उपलब्ध अथाह जानकारी से दिशाहीन और भ्रमित होने से बचाने के लिए शिक्षकों का दायित्व है कि बच्चों को रचनात्मक सोच और विचारों के लिए प्रोत्साहित करें। न्यूक्लियर फैमिली के इस युग में बच्चे दिग्भ्रमित होकर अपनी जड़ों और संस्कृति से विमुख हो रहे हैं ऐसे में शिक्षकों का यह भी दायित्व है कि वे स्कूलों में ऐसा वातावरण सृजित करें कि विद्यार्थी भारत की गौरवशाली सभ्यता, संस्कृति और मूल्यों की विरासत को आत्मसात कर उन्हें जीवित रख सकें। अच्छा विद्यार्थी वही है जो एक अच्छा इंसान और अच्छा नागरिक बने। शिक्षकों को राष्ट्रनिर्माण के लिए विद्यार्थियों के चरित्रनिर्माण पर विशष ध्यान देना है, मूल्य विहीन शिक्षा निरर्थक है।’’
राज्यपाल ने यह भी कहा कि शिक्षकों को, युवा शक्ति को सही दिशा देते हुए यह सुनिश्चित करना है कि वे राष्ट्रीय उत्थान व पुनर्निर्माण में सहयोग कर सकें। राज्यपाल ने विगत वर्ष के सापेक्ष इस वर्ष के बेहतर शिक्षा परिणामों से शिक्षा में सुधार की स्थिति पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने शिक्षकों पर विश्वास व्यक्त किया कि उनके सहयोग से राज्य में शिक्षा के स्तर में उत्तरोतर वृद्धि होगी। इस अवसर पर राज्यपाल ने देश के पूर्व राष्ट्रपति, चिन्तक, शिक्षाविद् और महान शिक्षक डा0 एस राधाकृष्णन को विनम्र श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शिक्षक दिवस व गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षक अपने ज्ञान के माध्यम से दीप श्रंृखला आभासित कर उत्तराखण्ड निर्माण में योगदान कर रहे हैं। गर्वनर्स टीचर्स अवार्ड से सम्मानित किए गए अध्यापकों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री श्री रावत ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि सम्मानित होने वाले अध्यापकों में अधिकाश महिलाएं व दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यालयों में कार्य कर रहे अध्यापक हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर परिणाम देने वाले अध्यापकों को आदर्श अध्यापक के रूप में लेते हुए दूसरे अध्यापकों को उनका अनुकरण करने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। इस वर्ष परिणाम में प्राथमिक शिक्षा में 3 प्रतिशत व माध्यमिक शिक्षा में 4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है इसे 10 प्रतिशत तक ले जाना होगा। हमारे प्रकाश स्तम्भ हमारे शिक्षक हैं। प्रतिस्पर्धी भारत में आगे बढ़ना है तो हमें अपने मानव संसाधन पर अधिक ध्यान देना होगा। मानव संसाधन को संवारने का काम शिक्षक ही कर सकते हैं। राज्य सरकार एक-एक कर शिक्षकों की सभी समस्याओं को दूर कर रही है।
शिक्षा मंत्री मंत्रीप्रसाद नैथानी ने कहा कि हमें विश्व गुरू के गौरव को फिर से पाना है तो इसमें शिक्षकों को अहम भूमिका निभानी होगी। हमारा देश ऋषि मुनियों की भूमि रहा है। यहां प्राचीन समय से ही अनेक शोध हुए हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि विश्व प्रसिद्ध भारतीय ऋषियों व विद्वानों के नाम से भी पुरस्कार प्रारम्भ किए जाने चाहिए। मुख्यमंत्री एवं शिक्षामंत्री ने शिक्षकों को ‘गवर्नर्स अवार्ड’ से सम्मानित किए जाने की परम्परा शुरू करने के लिए राज्यपाल का आभार व्यक्त किया। आज, के समारोह में विद्यालयी शिक्षा के अन्तर्गत राजकीय विद्यालयों के 26 उत्कृष्ट शिक्षक, शिक्षिकाओं को ‘गवर्नर्स टीचर्स अवार्ड’ के अन्तर्गत प्रत्येक अवार्डी को 10 हजार रूपये की नकद धनराशि, एक प्रशस्ति पत्र तथा महान शिक्षाविद् डा0 एस.राधकृष्णन की पुस्तकें प्रदान की गई। अवार्ड के लिए परिषदीय परीक्षा 2016 के परिणामों के आधार पर श्रेष्ठ शिक्षकों का चयन किया गया।
अपर मुख्य सचिव डा0 रणबीर सिंह ने अथितियों का स्वागत तथा सचिव विद्यालयी शिक्षा विनोद शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। सम्मान समारोह में मंच पर मुख्य सविव शत्रुघ्न सिंह, सचिव राज्यपाल अरूण ढौंडियाल तथा दर्शक दीर्घा में शिक्षा विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य प्रबुद्ध नागरिकों सहित राजभवन के सभी अधिकारी भी मौजूद थे।
उत्तराखंड में 24 नये जिलो के प्र्रस्ताव!
सूचना अधिकार में हुआ खुलासा, आरटीआई कार्यकर्ता को दी सूचना से प्रकाश में आया मामला
देहरादून।
उत्तराखंड में 24 नये जिलो की मांग सम्बन्धी प्रस्ताव तथा प्रत्यावेदन जिला गठन आयोग के विचार हेतु रखने हेतु आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद को शासन द्वारा भेजे गये हैं। वर्ष 2012 से 2016 तक कुल 113 प्रत्यावेदन व प्रस्ताव जिला पुनर्गठन आयोग के विचारार्थ प्रेषित किये हैं। सूचना अधिकार के अंतर्गत राजस्व विभाग द्वारा सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन को उपलब्ध करायी गयी सूचना से यह जानकारी प्रकाश में आयी है।
काशीपुर निवासी सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन ने उत्तराखंड शासन के राजस्व विभाग से उत्तराखंड में नये जिलों के गठन सम्बन्धी कार्यवाही की सूचना मांगी थी। इसके उत्तर में राजस्व विभाग के लोक सूचना अधिकारी/अनुभाग अधिकारी भगत सिंह नेगी ने पत्रांक 1085 दिनांक 29 अगस्त 2016 से 2012 से 2016 तक के नये जिलों से संबंधी 113 प्रत्यावेदन व प्रस्तावो को राजस्व परिषद को भेजने सम्बन्धी 8 पत्रों की प्रतिलिपियां उपलब्ध करायी है। इन पत्रों से मुख्यमंत्री कार्यालय तथा अन्य विभागों से प्राप्त प्रस्तावों एवं प्रत्यावेदनो को 17 मई 2012 के शासनादेश से अध्यक्ष, राजस्व परिषद की अध्यक्षता में गठित जिला गठन आयोग के विचारार्थ रखने हेतु राजस्व परिषद के आयुक्त एवं सचिव को भेजा गया है।
नदीम को उलपब्ध कराये गये पत्रों से स्पष्ट है कि राजस्व विभाग द्वारा जिन नये जिलों के गठन के सम्बन्ध में प्र्राप्त प्रत्यावेदनों व प्रस्तावों को भेजा है उसमें काशीपुर, रूड़की, कोटद्वार, रानीखेत, यमुनोत्री, डीडीहाट जिलों के अतिरिक्त रामनगर, खटीमा, ऋषिकेश, पश्चिमी दून, घनसाली, बीरोखाल, रवाई क्षेत्र, गैरसैंण, नरेन्द्र नगर, लैन्सडौन, थराली, थलीसैंण, प्रतापनगर, नवीन चकराता, धुमाकोट, नवीन बालगंगा, नागचूलाखान तथा टनकपुर शामिल है।
नदीम को उपलब्ध कराये गये पत्र संख्या 368 दिनांक 21 मार्च 2016 से 22 प्रत्यावेदन व प्रस्ताव जिला पुनर्गठन आयोग को विचारार्थ रखने हेतु राजस्व विभाग द्वारा भेजे गये है। इसमें काशीपुर जिले के सम्बन्ध में 3 प्रत्यावेदन, पूकवर्ती शासनकाल के दौरान 04 जनपदों हेतु नेता प्रतिपक्ष के 7 प्रत्यावेदन, रूड़की, कोटद्वार पश्चिमी देहरादून, (नन्दा चौकी से लेकर जौनसार भावर तक) घनसाली, बीरोखाल, रवाई क्षेत्र, चौखुटिया, गैरसैंण तथा यमुुनोत्री जिले के लिये 1-1 प्रत्यावेदन शामिल हैं।
काशीपुर को जिला बनाने को भेजे गये प्रत्यावेदन में काशीपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आनन्द स्वरूप रस्तौगी, बार एसोसिएशन जसपुर तथा जनजीवन उत्थान समिति के अध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार मिश्रा का प्रत्यावेदन शामिल है। रूड़की को जिला बनाने के लिये लोकतांत्रिक जन मोर्चा रूड़की का प्रत्यावेदन, कोटद्वार को जिला बनाने के लिये चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री का प्रत्यावेदन, पश्चिमी देहरादून के लिये अखिल भारतीय स्वतंत्र लेखन मंच का प्रत्यावेदन, घनसाली के लिये जिला बनाओ संघर्ष समिति घनसाली के अध्यक्ष श्रीराम सेमवाल का प्रत्यावेदन, पौड़ी गढ़वाल के बीरोखाल को जिला बनाने के लिये जिला संघर्ष समिति बीरोखाल के स्वतंत्रता संग्राम सैनानी जयानंद भारतीय का प्र्रत्यावेदन, उत्तरकाशी के रवाई क्षेत्र को जिला बनाने के लिये पूर्व विधायक राजेश जुवांठा का प्रत्यावेदन, चौखुटिया गैरसैंण को जिला बनाने के लिये उत्तराखंड चाय विकास बोर्ड अल्मोड़ा के उपाध्यक्ष कुवर सिंह कठामत तथा बड़कोट को जिला मुख्यालय बनाते हुये यमुनोत्री जिला गठन का नगर पंचायत बड़कोट के अध्यक्ष अतोल सिंह रावत का प्रत्यावेदन शामिल है। नदीम को उपलब्ध करायी गयी सूचना के अनुसार वर्ष 2015 में तीन पत्रों से जिलों से सम्बन्धित 63 प्रत्यावेदन विचारार्थ भेजे गये हैं। 2013 में तीन पत्रों से 22 प्रत्यावेदन तथा 2012 में दो पत्रों से 28 प्रत्यावेदन शासन द्वारा आयोग के विचारार्थ भेजे गये हैं।
द्रोणनगरी में निकली भव्य जगन्नाथ रथयात्रा
रथ का रस्सा खींचने को भक्तों में होड़ मच रही, सीएम भी हुए रथयात्रा में शामिल
देहरादून।
द्रोणनगरी में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकाली गई। भगवान जगन्नाथ के दर्शन और रथ का रस्सा खींचने को भक्तों में होड़ मच रही। रथयात्रा के दौरान द्रोणनगरी जगन्नाथ पुरी सी हो गई। रथ यात्रा में सीएम हरीश रावत, कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल, विधायक गणेश जोशी, प्रेमचंद अग्रवाल भी शामिल हुए। 
रथयात्रा परेड मैदान से आरंभ हुई। रथयात्रा का मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शुभारंभ किया। इस दौरान काबीना मंत्री दिनेश अग्रवाल, विधायक गणेश जोशी और प्रेमचन्द अग्रवाल आदि मौजूद रहे। रथ एस्लेहॉल, गांधी पार्क, घंटाघर, पलटन बाजार, धामावाला, दर्शनी गेट, लक्खीबाग चौकी, गांधी रोड, प्रिंस चौक होते हुए हरिद्वार रोड स्थित एक वेडिंग प्वाइंट में पहुंचकर विश्राम लिया। जिस भी मार्ग से रथयात्रा गुजरी, श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा से उसका अभिनंदन किया। गुंबद सहित 40 फीट ऊंचे, 12 फीट चौड़े व 20 फीट लंबे रथ पर आरूढ़ हो भगवान जगन्नाथ जब भाई बलभद्र व बहन सुभद्रा के साथ नगर भ्रमण पर निकले तो जय जगन्नाथ के घोष से द्रोणनगरी गूंज उठी। भगवान के दर्शन और रथ का रस्सा खींचने को भक्तों में होड़ मच गई। कुछ घंटों के ऐसा लगा, जैसे हम जगन्नाथ पुरी में हैं।
रास्तेभर श्रद्धालुओं में प्रसाद बांटा जा रहा था। साथ ही वातावरण श्हरे कृष्ण-हरे कृष्ण, कृष्ण-कृष्ण, हरे-हरे, हरे राम-हरे राम, राम-राम, हरे-हरे की मधुर लहरियों से आलोकित हो रहा था। शोभायात्रा में स्वामी भक्ति योग महाराज, रामकुमार अग्रवाल, पुष्पा अग्रवाल, भूपेंद्र चड्ढा, सुशील मग्गो, अजय भटनागर और संजय गर्ग आदि मौजदू रहे।
देश की आजादी में शहीदों के योगदान को भुलाया नहीं जा सकताः सीएम
सीएम ने गंगादत्त शास्त्री की वीरगाथा सुनाई
अल्मोड़ा।
सल्ट को उनके महान त्याग और बलिदान के आधार पर कुमाऊॅ की बारदोली की संज्ञा दिलवाना समस्त सल्ट निवासियों की सुसंगठित एवं सुढढ़ शक्ति का परिणाम है। भारत माता को स्वतन्त्र कराने के लिए देश में सर्वत्र बलिदान एवं आहुतियां हुई पर इतिहास प्रसिद्व बारदोली क्षेत्र को कहा गया। यह बात मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोमवार को खुमाड़, सल्ट में शहीदों को श्रद्वांजलि देते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी में हमारे शहीदों का अभूतपूर्व योगदान है, जिसे भुलाया नही जा सकता है।
मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि 1942 की जनक्रान्ति का व्यापक असर पूरे देश के साथ सल्ट में भी पड़ा। सल्ट के कार्यकर्ताओं ने सभाओं द्वारा सरकार की नीतियों की निन्दा करते हुए आजादी की घोषणा की तथा भारत छाड़ों नारे को बुलन्द किया। आन्दोलन के तहत कार्यकर्तागण 01 सितम्बर, 1942 को खुमाड़ पहुचे, 03 सितम्बर को इलाका हाकिमपाली पुलिस जत्थे सहित देघाट (चोकोट) में गोली चलाकर भिकियासैंण पहुचा और 05 सितम्बर को पुलिस फोर्स क्वैराला पहुच गया इस सूचना के खुमाड़ पहुचने पर सत्याग्रहों की भीड़ इकटठा होने लगी और रास्ते भर मारपीट करते आ रहे हाकिम ने खुमाड़ पहुचकर मोर्चा बांध लिया सामने निहत्थी भीड़ खड़ी थी आगे से गंगादत्त शास्त्री थे निहत्थी भीड़ पर अंग्रेज हाकिम द्वारा गोली चला दी गयी जिससे दो सगे भाई गंगा राम व खीमानन्द पुत्र टीका राम खुमाड़ घटनास्थल पर ही शहीद हो गये। 02 अन्य व्यक्ति चूणामढ़ी व बहादुर सिंह महर 04 दिन बाद स्वर्गवासी हो गये अन्य 05 व्यक्ति गंगा दत्त शास्त्री, मधुसूदन, गोपाल सिंह, बचे सिंह, नारायण सिंह गोली लगने से घायल हो गये थे। स्वतन्त्रता संग्राम में सल्ट का बलिदान सदा अविस्मरणीय रहेगा। 
मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड देश के सबसे ज्यादा विकास करने वाले 06 अग्रणी राज्यों में एक है। राज्य के और अधिक विकास के लिये सभी वर्गों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि हमें महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को आधार बनाकर आगे बढ़ाना होगा तभी हमारा प्रदेश सही मायनों में शहीदों के सपनों के अनुरूप तेजी से प्रगति कर सकेंगा। उन्होंने महिलाओं से सामूहिक खेती एवं अन्य आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी करने को कहा। शिक्षक दिवस के अवसर पर सभी को शुभकामनाएं देते हुये उन्होंने कहा कि शिक्षा के द्वारा ही हम विकास की नई बुलंदियों तक पहुंच सकते है। इस अवसर पर उन्होंने अनेकों शिक्षकों को उनके शिक्षा के क्षेत्र में किये गये सराहनीय कार्यों के लिये शॉल भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री रावत ने मछोड उप तहसील को पूर्ण तहसील बनाने की घोषणा, मालनचौड़ में डिग्री कालेज खोलने, हसीढूंगा पेयजल पम्पिंग योजना का निर्माण करने एवं कोठीयार से सिरसौण मोटर मार्ग, हरूली से कालीगांव मोटर मार्ग, टटलगांव से गढ़कोट मोटर मार्ग, भरसोली से मेलगांव मोटर मार्ग सहित आधा दर्जन मोटर मार्गों की घोषणा की।
मुख्यमंत्री रावत ने खण्ड शिक्षाधिकारी कार्यालय सल्ट के रू. 60 लाख लागत के भवन का लोकार्पण, तथा चांदीखेत ग्राम समूह पेयजल योजना चौखुटिया लागत 1039.43 लाख रू0 , विजयपुर ग्राम समूह पेयजल योजना लागत 367.86 लाख रू0 एवं बरकिन्डा मानिला पम्पिंग पेयजल योजना के फेज-2 अर्न्तगत बुंगीधार खाल्यों ग्राम समूह पेयजल योजना लागत 320.84 लाख रू0 का शिलान्यास किया। राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा ने शहीदों को श्रदांजलि देते हुये कहा कि शहीदों के सपने तभी साकार हो पायेंगे, जब हम सब मिलकर विकास से प्रेरित भावना को जन्म देगें।
इस अवसर पर पूर्व विधायक रणजीत रावत ने शहीदों को श्रद्वाजंली देते हुए कहा कि सल्ट क्षेत्र वीरो की भूमि रही है। इन शहीदों को हमारी सच्ची श्रद्वाजंली तभी सही साबित होगी, जब हम उनकी भावनाओं के अनुरूप क्षेत्र के विकास के लिए संगठित होकर कार्य करेगें। उन्होंने मुख्यमंत्री रावत को क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं से भी अवगत कराया।
इस दौरान प्रसिद्ध लोक गायक नरेन्द्र सिंह नेगी एवं हीरा सिंह राणा ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये। इससे पूर्व केन्द्रीय कपड़ा राज्य मंत्री अजय टम्टा एवं स्थानीय विधायक सुरेन्द्र सिंह जीना ने भी शहीद स्मारक जाकर शहीदों को श्रद्वांजली अर्पित की।
इस कार्यक्रम में विधायक कपकोट ललित फर्स्वाण, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पार्वती मेहरा, उपाध्यक्ष अनुसूचित जाति आयोग राजेन्द्र बाराकोटी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मोहन सिंह मेहरा, ब्लॉक प्रमुख मुन्नी आर्या, सचिव गृह/महानिदेशक सूचना विनोद शर्मा, पुलिस उप महानिरीक्षक अजय रौतेला, जिलाधिकारी सविन बंसल, पुलिस अधीक्षक के0एस0 नगन्याल आदि उपस्थित थे।
