परिवार की प्रताड़ना से शिक्षा से वंचित रुद्र प्रताप नेगी का सहारा बने डीएम दून

परिवार की प्रताड़ना और विषम परिस्थितियों के चलते शिक्षा से वंचित हुए रुद्र प्रताप नेगी के लिए जिला प्रशासन सहारा बना है। जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान के निर्देश पर बाल कल्याण समिति द्वारा प्रकरण की समुचित जांच कर प्रस्तुत की गई रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने रुद्र प्रताप की सुरक्षा, पुनर्वास एवं शिक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की है। प्रशासन के हस्तक्षेप से जहां रुद्र प्रताप को बाल गृह में शिफ्ट कराया गया है, वहीं उसकी शिक्षा को पुनः सुचारू करने के लिए विद्यालय से टीसी जारी करवाकर गुरु राम राय स्कूल में दाखिला भी दिलाया गया है।

प्रकरण के अनुसार रुद्र प्रताप नेगी की माता की मृत्यु के बाद उसके पिता नशे की गिरफ्त में चले गए, जिसके चलते परिवार में बालक के लिए परिस्थितियां लगातार कठिन होती चली गईं। पारिवारिक प्रताड़ना एवं आर्थिक संकट के कारण रुद्र प्रताप की पढ़ाई प्रभावित हुई और वह विद्यालय की फीस जमा न कर पाने के कारण दसवीं की परीक्षा भी नहीं दे पाया। फीस संबंधी स्थिति के चलते पूर्व विद्यालय द्वारा टीसी जारी किए जाने में भी कठिनाई आ रही थी।
बताया गया कि रुद्र प्रताप के पिता एवं उनके भाई द्वारा पुश्तैनी मकान बेच दिए जाने के बाद बालक के समक्ष रहने की भी गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई और वह दर-दर भटकने को मजबूर हो गया। ऐसी परिस्थितियों में रुद्र प्रताप ने जिला प्रशासन से सहायता की गुहार लगाई।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने तत्काल प्रकरण का संज्ञान लेते हुए बाल कल्याण समिति को पूरे मामले की समुचित स्टडी एवं जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बालक की सुरक्षा, शिक्षा एवं पुनर्वास को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बाल कल्याण समिति द्वारा प्रकरण की जांच कर अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की गई। समिति की रिपोर्ट एवं उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जिलाधिकारी ने रुद्र प्रताप के हित में आवश्यक कदम उठाते हुए उसे बाल गृह में शिफ्ट कराने के निर्देश दिए, ताकि उसे सुरक्षित वातावरण, संरक्षण एवं आवश्यक देखभाल उपलब्ध हो सके।

इसके साथ ही रुद्र प्रताप की शिक्षा बाधित न हो, इसके लिए जिला प्रशासन के स्तर से पूर्व विद्यालय से टीसी जारी करवाने की प्रक्रिया पूर्ण कराई गई। प्रशासन के प्रयासों से रुद्र प्रताप का गुरु राम राय स्कूल में दाखिला कराया गया है। इससे उसकी शिक्षा को पुनः गति मिलने के साथ ही उसके भविष्य को बेहतर दिशा देने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि रुद्र प्रताप की शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं पुनर्वास की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए तथा उसे किसी प्रकार की कठिनाई न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विषम पारिवारिक परिस्थितियों में रह रहे बच्चों की पहचान कर उन्हें आवश्यक संरक्षण एवं सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।

जिला प्रशासन की इस पहल से लंबे समय से पारिवारिक एवं आर्थिक संकट से जूझ रहे रुद्र प्रताप को सुरक्षित आश्रय के साथ ही शिक्षा से दोबारा जुड़ने का अवसर मिला है। प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण किसी भी बच्चे की शिक्षा और भविष्य प्रभावित न हो।

देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के टॉपर विद्यार्थियों ने मुख्य सचिव से की मुलाकात

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में विधायक विनोद कंडारी के नेतृत्व में भारत भ्रमण पर निकले देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के मेधावी एवं टॉपर विद्यार्थियों से मुलाकात की। इस दौरान मुख्य सचिव ने विद्यार्थियों के साथ विभिन्न विषयों पर संवाद किया एवं अपने अनुभव साझा किए।

मेहनत का कोई विकल्प नहीं, सफलता का कोई शॉर्टकट नहींः मुख्य सचिव
मुख्य सचिव ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए विधायक विनोद कंडारी को अपने क्षेत्र के मेधावी विद्यार्थियों के लिए इस प्रकार की पहल शुरू करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अभिभावक की इच्छा होती है कि उनके बच्चे जीवन में अच्छा करें और आगे बढ़ें। विद्यार्थियों ने पढ़ाई के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन किया है, जो उनकी मेहनत का परिणाम है।

मुख्य सचिव ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने का कोई शॉर्टकट नहीं है। किसी भी क्षेत्र में कुछ हासिल करने के लिए मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। कड़ी मेहनत के बाद ही व्यक्ति अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि आज तकनीक तेजी से बदल रही है। ऐसे में स्वयं को अपडेट और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आज प्रतिस्पर्धा केवल अपने गांव, क्षेत्र या विधानसभा क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर के विद्यार्थियों के साथ है। इसलिए विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं को पहचानते हुए निरंतर सीखने और स्वयं को बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए।

मोबाइल और तकनीक का सदुपयोग करने की दी सलाह
मुख्य सचिव ने मोबाइल फोन के उपयोग को लेकर भी विद्यार्थियों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि मोबाइल और तकनीक के जितने फायदे हैं, उतने ही नुकसान भी हो सकते हैं। इसका उपयोग किस प्रकार करना है, यह व्यक्ति स्वयं तय करता है। विद्यार्थियों को तकनीक का सदुपयोग करते हुए इसके दुष्प्रभावों से बचना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में यदि उनसे कोई गलती हो जाए अथवा उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़े तो उसे अपने माता-पिता और गुरुजनों से जरूर साझा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों में तनाव और अवसाद जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। कई बार बच्चे सही और गलत के बीच अंतर को पूरी तरह समझ नहीं पाते और किसी गलत निर्णय की ओर बढ़ जाते हैं। ऐसे में अपने माता-पिता, शिक्षकों और भरोसेमंद लोगों से बातचीत करना बेहद जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि अपने माता-पिता से कोई महत्वपूर्ण बात न छिपाएं।

नशे से दूर रहें, मित्रों का चयन सोच-समझकर करें
मुख्य सचिव ने नशे के बढ़ते प्रकोप पर चिंता व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को इससे दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कई बार बच्चे दोस्तों के दबाव में आकर गलत आदतों को अपना लेते हैं। नशा हमारी युवा पीढ़ी के भविष्य को प्रभावित कर रहा है। विद्यार्थियों को अपने मित्रों का चयन भी सोच-समझकर करना चाहिए तथा किसी भी प्रकार के गलत दबाव में नहीं आना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ अपनी रुचि के किसी क्षेत्र में हॉबी विकसित करने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि म्यूजिक, सिंगिंग, स्पोर्ट्स अथवा अपनी पसंद की किसी अन्य गतिविधि से जुड़ना मानसिक तनाव को कम करने में सहायक होता है। पढ़ाई के साथ जीवन में संतुलन बनाए रखना भी आवश्यक है।

लक्ष्य पर पूरा फोकस रखें, स्वयं पर भरोसा रखें
मुख्य सचिव ने विद्यार्थियों से कहा कि वे हमेशा अपने आप पर भरोसा रखें। जीवन में कोई भी लक्ष्य निर्धारित करें तो उस पर पूरा ध्यान और फोकस रखें। उन्होंने कहा कि व्यक्ति अपनी मेहनत और लगन से अपने भाग्य को बदल सकता है। उन्होंने कहा कि भारत भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को नई जगहों पर जाने, नई संस्कृति को समझने और नए लोगों से मिलने का अवसर मिलेगा। इस उम्र में इस प्रकार का अनुभव बहुत कम बच्चों को मिल पाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से इस यात्रा के दौरान नई चीजें सीखने और अपने अनुभवों को संजोकर रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के बाद जब वे इन पलों को याद करेंगे तो निश्चित रूप से उन्हें खुशी महसूस होगी।

अन्य क्षेत्रों में भी शुरू की जाए ऐसी पहल
मुख्य सचिव ने विधायक विनोद कंडारी की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे अन्य क्षेत्रों में भी शुरू किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी प्रयास कर रही है कि अपने विद्यालयी एवं उच्च शिक्षा के छात्र-छात्राओं को भारत भ्रमण कराया जाए।

इस अवसर पर विधायक विनोद कंडारी, सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, ज्योति यादव, उपाध्यक्ष ग्रामीण अभियंत्रण सेवा सलाहकार समिति जोत सिंह बिष्ट, अपर सचिव नमामि बंसल सहित शिक्षा विभाग से उच्चाधिकारी एवं देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के मेधावी छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

बीते तीन माह में बाल कल्याण समिति के समक्ष 236 प्रकरण प्रस्तुत हुए, जिनमें 120 का हुआ निस्तारणः डीएम

जिलाधिकारी व अध्यक्ष जिला बाल संरक्षण इकाई, देहरादून डा. आशीष चौहान की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में देर शाम बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति, बाल कल्याण समिति, चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 तथा बाल भिक्षावृत्ति निवारण प्रयास/इंटेंसिव केयर सेंटर, साधु राम इंटर कॉलेज की त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में बाल संरक्षण, पुनर्वास, दत्तक ग्रहण, शिक्षा, स्वास्थ्य, बालश्रम, बाल विवाह एवं बाल भिक्षावृत्ति उन्मूलन से संबंधित कार्यों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रकरण में बच्चे के सर्वाेत्तम हित, सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पुनर्वास को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाए। बाल संरक्षण से जुड़े सभी विभाग एवं संस्थाएं आपसी समन्वय से प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें तथा लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय की जाए।

बैठक में बताया गया कि विगत तीन माह में बाल कल्याण समिति के समक्ष 236 प्रकरण प्रस्तुत हुए, जिनमें 120 का निस्तारण किया जा चुका है। संस्थागत बालगृहों में निवासरत 06 बच्चों को दत्तक ग्रहण हेतु विधिक रूप से मुक्त किया गया। वित्तीय वर्ष 2026 में अब तक 05 बच्चों को दत्तक ग्रहण में दिया गया है। वर्ष 2016 से अब तक जनपद से कुल 109 बच्चों को देश एवं विदेश में दत्तक ग्रहण में दिए जाने की जानकारी दी गई।

चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 की समीक्षा में अप्रैल-जून के दौरान 200 तथा जुलाई से अब तक 174 प्रकरण प्राप्त होने की जानकारी दी गई। बाल विवाह के 02 मामले तथा बालश्रम के 46 प्रकरण प्राप्त हुए हैं। जिलाधिकारी ने पारिवारिक समस्याओं एवं अन्य संवेदनशील प्रकरणों में काउंसलिंग और नियमित फॉलोअप के निर्देश दिए।

जनपद में संचालित 19 राजकीय एवं स्वैच्छिक बालगृहों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने आवास, भोजन, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं को मानकों के अनुरूप बनाए रखने तथा कमियों का समयबद्ध समाधान कराने के निर्देश दिए। समीक्षा अवधि में बालगृहों के 16 निरीक्षण किए गए। संस्थाओं में कार्यरत 156 कार्मिकों में से 138 का पुलिस सत्यापन हो चुका है तथा शेष का सत्यापन शीघ्र कराने को कहा गया।

बालगृहों में निवासरत 302 बच्चों की दस्तावेजी स्थिति की समीक्षा में बताया गया कि 236 के आधार कार्ड, 95 के आयुष्मान कार्ड एवं 116 के राशन कार्ड बनाए जा चुके हैं तथा 219 बच्चे विद्यालयों में अध्ययनरत हैं। शेष बच्चों के दस्तावेज प्राथमिकता से तैयार कराने के निर्देश दिए गए।

बैठक में बाल भिक्षावृत्ति एवं बालश्रम उन्मूलन अभियान की समीक्षा में बताया गया कि दिसंबर 2024 से अब तक 744 बच्चों को चिन्हित/रेस्क्यू किया गया, जिनमें 111 बाल भिक्षावृत्ति, 173 कूड़ा बीनने वाले, 101 बालश्रम, 307 ड्रॉपआउट एवं 52 अन्य श्रेणी के बच्चे शामिल हैं। इनमें से 216 बच्चों का विद्यालयों में प्रवेश कराया गया है। जिलाधिकारी ने रेस्क्यू के बाद शिक्षा, स्वास्थ्य, काउंसलिंग एवं पुनर्वास के लिए प्रभावी फॉलोअप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने मिशन वात्सल्य के तहत ब्लॉक, ग्राम, नगर निकाय एवं वार्ड स्तर पर बाल संरक्षण समितियों को सक्रिय करने तथा उपलब्ध अनटाइड अनुदान की 5 प्रतिशत धनराशि बच्चों के कल्याण एवं सुरक्षा पर नियमानुसार व्यय करने के निर्देश दिए। साथ ही अनाथ एवं परित्यक्त बच्चों के प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, दत्तक ग्रहण, अन्य राज्यों के बच्चों को गृह राज्य भेजने तथा बच्चों के अभिलेख अद्यतन रखने की कार्रवाई समयबद्ध रूप से करने को कहा।

बैठक में संयुक्त मजिस्ट्रेट हर्षिता सिंह, अध्यक्ष जिला बाल कल्याण समिति नमिता ममगाईं, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलाल भारती, पुलिस क्षेत्राधिकारी वंदना वर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर हीपसकपलंस, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेंद्र कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

राज्य युवा आयोग युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं को नीति निर्माण से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रेंजर्स ग्राउंड, देहरादून में आयोजित “युवा संकल्प दिवस” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई फोटो प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री ने अपने जन्मदिवस को “युवा संकल्प दिवस” के रूप में मनाए जाने पर प्रदेश के युवाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अपने जन्मदिवस पर युवा शक्ति के बीच उपस्थित होना उनके लिए सबसे बड़ा उपहार है। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, उत्साह और संकल्प उन्हें भी निरंतर नई ऊर्जा प्रदान करता है। युवाओं की आंखों में उन्हें भविष्य का विकसित और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड दिखाई देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को साकार करने में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। वर्ष 2047 में जब देश स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूर्ण करेगा, तब आज की युवा पीढ़ी विभिन्न क्षेत्रों में देश और प्रदेश के विकास का नेतृत्व कर रही होगी। विकसित भारत के निर्माण के लिए विकसित उत्तराखण्ड के संकल्प को साकार करने में युवाओं की प्रतिभा, परिश्रम और नवाचार महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड का युवा मेहनती, प्रतिभाशाली, अनुशासित और चुनौतियों का सामना करने में सक्षम है। युवाओं को सही दिशा, बेहतर अवसर और पारदर्शी वातावरण उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार शिक्षा से कौशल, रोजगार से स्वरोजगार और स्टार्टअप से खेल तक प्रत्येक क्षेत्र में युवाओं के लिए नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के युवाओं को अपने सपनों को साकार करने के लिए मजबूरी में अपना घर, गांव और प्रदेश न छोड़ना पड़े। युवा केवल रोजगार तलाशने वाले न बनें, बल्कि उद्यमिता के माध्यम से रोजगार सृजित करने वाले भी बनें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और डिजिटल टेक्नोलॉजी रोजगार तथा उद्योग के स्वरूप को तेजी से बदल रहे हैं। राज्य सरकार युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक कौशल से जोड़ने पर विशेष ध्यान दे रही है। पर्यटन, होमस्टे और स्थानीय उत्पादों के माध्यम से भी स्वरोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में औद्योगिक विकास और स्थानीय स्तर पर रोजगार को बढ़ावा देने के लिए चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा जनपदों में विशेष औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य युवा आयोग का गठन युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं को नीति निर्माण से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार चाहती है कि युवाओं से संबंधित नीतियों के निर्माण में उनकी आवाज और भागीदारी भी सुनिश्चित हो। युवा आयोग कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने के साथ युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने तथा नशे, साइबर अपराध और अन्य सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूक करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के युवा खेल के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के बाद देवभूमि उत्तराखण्ड खेलभूमि के रूप में भी अपनी नई पहचान बना रही है। राज्य सरकार खेल सुविधाओं के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने और मेहनती युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए राज्य में कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। सरकार का संकल्प है कि किसी भी युवा की वर्षों की मेहनत, उसके सपनों और उसके अधिकार के साथ अन्याय न हो। कोई भी नियुक्ति केवल एक आंकड़ा नहीं होती, उसके पीछे किसी युवा की मेहनत और उसके परिवार की आशाएं जुड़ी होती हैं।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए समर्पण के साथ मेहनत करने का आह्वान किया। स्वामी विवेकानंद के संदेश “उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए” का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि युवा मेहनत को अपनी आदत, अनुशासन को अपनी पहचान और सीखने की इच्छा को जीवन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने युवाओं से तकनीक और मोबाइल का सकारात्मक उपयोग करने का आह्वान करते हुए कहा कि डिजिटल माध्यमों का उपयोग केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि ज्ञान और कौशल बढ़ाने के लिए भी किया जाना चाहिए। सोशल मीडिया के दौर में आधी-अधूरी और भ्रामक सूचनाओं से सतर्क रहते हुए युवाओं को प्रत्येक जानकारी को तथ्यों की कसौटी पर परखना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नशा केवल शरीर को कमजोर नहीं करता, बल्कि व्यक्ति के सपनों और भविष्य को भी प्रभावित करता है। जिन हाथों में किताब और हुनर होना चाहिए, उनमें नशा नहीं होना चाहिए। उन्होंने युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने और अपने मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने अपने जन्मदिवस पर युवाओं से “तीन संकल्पों का गुलदस्ता” मांगा। उन्होंने युवाओं से पहला संकल्प जीवन में एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित कर उसे प्राप्त करने के लिए पूरी मेहनत करने, दूसरा संकल्प स्वयं नशे से दूर रहने और अपने साथियों को भी इससे दूर रखने तथा तीसरा संकल्प जीवन में जिस भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त करें, अपने ज्ञान, अनुभव और सामर्थ्य का कुछ अंश उत्तराखण्ड की पावन भूमि के विकास के लिए देने का लेने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा डॉक्टर बनें, इंजीनियर बनें, वैज्ञानिक बनें, खिलाड़ी बनें, शिक्षक बनें, उद्यमी बनें अथवा जनसेवा के क्षेत्र में जाएं, सबसे पहले एक अच्छा इंसान और जिम्मेदार नागरिक अवश्य बनें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के युवाओं के सपने, उनका परिश्रम और संकल्प विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण की मजबूत आधारशिला बनेंगे।

जन्मदिन पर दिव्यांग बच्चों के बीच बिताया गया समय जीवन को नई ऊर्जा और प्रेरणा देता हैः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने जन्म दिवस के अवसर पर देहरादून स्थित राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान पहुंचकर वहां अध्ययनरत बच्चों के साथ अपना जन्म दिवस मनाया। मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ केक काटा और उनके बीच रहकर जन्म दिवस की खुशियां साझा कीं।

मुख्यमंत्री बच्चों से बेहद आत्मीयता और स्नेह के साथ मिले। उन्होंने बच्चों के बीच जाकर उनसे संवाद किया, उनका उत्साहवर्धन किया और उनके साथ समय बिताया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर बच्चे भी उत्साहित और प्रसन्न नजर आए। इस दौरान पूरा वातावरण आत्मीयता, स्नेह और अपनत्व से भरा रहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के बीच बिताया गया समय जीवन को नई ऊर्जा और प्रेरणा देता है। प्रत्येक बच्चे में अपार प्रतिभा और संभावनाएं होती हैं। उन्हें आगे बढ़ने के लिए अवसर, प्रोत्साहन और विश्वास मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन का सशक्तिकरण केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह समाज की सामूहिक जिम्मेदारी भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास से जीवन की प्रत्येक चुनौती को पार किया जा सकता है। उन्होंने बच्चों को अपने लक्ष्य की ओर पूरे विश्वास और उत्साह के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर, सम्मान और आगे बढ़ने के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बच्चों का स्नेह और उनके चेहरों की खुशी उनके लिए जन्म दिवस का सबसे विशेष और यादगार उपहार है।

इस अवसर पर गीता पुष्कर धामी, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी एवं संस्थान के शिक्षक मौजूद थे।

चारधाम यात्रा दौरान यात्रियों की सुरक्षा, सुगम यात्रा एवं बेहतर यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करेंः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चारधाम यात्रा-2026 की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने यात्रा से जुड़े जनपदों के जिलाधिकारियों से यात्रा मार्गों, यातायात, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यात्रा मार्गों पर मौसम एवं भूस्खलन की स्थिति की निरंतर निगरानी करने, संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था रखने तथा संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्गों पर यातायात दबाव को नियंत्रित करने के लिए होल्डिंग एरिया में आवश्यक सुविधाएं सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था ऐसी हो कि श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री ने यमुनोत्री धाम में भीड़ एवं आवागमन को देखते हुए धाम से लगभग 500 मीटर पहले दूसरा घोड़ा पड़ाव विकसित करने, डंडी-कंडी सेवाओं को व्यवस्थित करने तथा खरसाली से वैकल्पिक मार्ग के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने पैदल मार्ग पर यात्रियों और घोड़े-खच्चरों की आवाजाही सुव्यवस्थित रखने तथा सूर्यकुंड क्षेत्र में प्रभावी भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने घोड़े-खच्चरों के संचालन में निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने, पशुओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। केदारनाथ पैदल मार्ग के चीरबासा एवं भैरव ग्लेशियर क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संवेदनशील स्थानों पर यात्रियों, घोड़े-खच्चरों एवं डंडी-कंडी की आवाजाही व्यवस्थित रखी जाए
आवश्यकता पड़ने पर तत्काल रेस्क्यू की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने यमुनोत्री पैदल मार्ग के चौड़ीकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने तथा गंगोत्री मार्ग पर चौड़ीकरण एवं गड्ढामुक्त करने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने यात्रा मार्गों के भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की निरंतर निगरानी करने तथा स्यानाचट्टी क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने ज्योतिर्मठ – मारवाड़ी मार्ग पर प्रभावी यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने तथा मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में उसे शीघ्र खोलने के लिए आवश्यक मशीनरी की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने चारों धामों में मौसम की स्थिति को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए अलाव सहित आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से श्री केदारनाथ और श्री बदरीनाथ यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, ऑक्सीजन तथा आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्गों पर स्वच्छता की बेहतर व्यवस्था रखने तथा घोड़े-खच्चरों की लीद का समुचित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए सुगम दर्शन की व्यवस्था प्रभावी बनाए रखने को कहा।

मुख्यमंत्री ने मोबाइल नेटवर्क की समस्या वाले क्षेत्रों में आपातकालीन संचार व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए संबंधित विभागों एवं दूरसंचार कंपनियों के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने यात्रा मार्गों पर पर्याप्त शौचालय, पेयजल, विद्युत, प्रकाश एवं शटल सेवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा शौचालयों की नियमित सफाई और औचक निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने हेली सेवाओं के टिकट निर्धारित दरों पर ही उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित दर से अधिक वसूली अथवा अनधिकृत टिकट बिक्री की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाए। मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देकर हेली सेवाओं का संचालन किया जाए।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों एवं संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा से किसी भी स्तर पर समझौता न हो। यात्रा मार्गों एवं संवेदनशील स्थलों की निरंतर निगरानी करते हुए किसी भी समस्या की स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में बताया गया कि चारधाम यात्रा-2026 के लिए अब तक 66,07,749 यात्रियों का पंजीकरण हो चुका है। 14 सितम्बर 2026 की शाम 7 बजे तक 50,56,160 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इनमें यमुनोत्री में 7,08,407, गंगोत्री में 7,89,773, श्री केदारनाथ में 14,98,544, श्री बदरीनाथ में 17,36,619 तथा श्री हेमकुंड साहिब में 3,22,817 श्रद्धालु शामिल हैं।

बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, गृह सचिव शैलेश बगौली सहित शासन, प्रशासन एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम धामी के निर्देश पर राजस्व, वन विभाग और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम पहुंची सकण्ड गांव

चमोली जिले के कर्णप्रयाग विकासखंड के अंतर्गत सकण्ड (स्कंद) गांव में सड़क सुविधा को लेकर ग्रामीणों द्वारा स्वयं गेती, फावड़े और कुदाल उठाकर श्रमदान किए जाने की खबरों का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए संबंधित जिलाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए तथा सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रामीणों की सड़क संबंधी समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और सड़क निर्माण की कार्रवाई को तीन माह के भीतर पूरा करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जाए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार के लिए गांवों का विकास और ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में है। दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए किसी भी प्रकार की परेशानी न उठानी पड़े, इसके लिए शासन-प्रशासन को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ और विकास कार्य धरातल पर गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में आज राजस्व विभाग, वन विभाग और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम सकण्ड पहुंचकर मौके का निरीक्षण किया और सड़क निर्माण से संबंधित आवश्यक कार्रवाई शुरू की। संयुक्त टीम ने ग्रामीणों को सड़क निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा तीन माह के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री के त्वरित हस्तक्षेप और शासन-प्रशासन की कार्रवाई पर ग्राम प्रधान शिवानी चौधरी ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने ग्रामीणों की समस्या का तत्काल संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को निर्देश दिए , जिसके क्रम में आज राजस्व, वन विभाग और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम ग्राम सकण्ड पहुंची है। उन्होंने कहा कि टीम द्वारा मामले में तीन माह के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। ग्राम प्रधान ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ-साथ शासन एवं जिला प्रशासन का भी आभार व्यक्त किया।

आतंकवाद निरोधी नीति प्रहार के धरातल पर क्रियान्वित करने पर बल दिया जाएः दीपम सेठ

उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने अभिसूचना एवं सुरक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान महानिदेशक अभिसूचना व सुरक्षा अभिनव कुमार, आईजी एसटीएफ नीलेश आनन्द भरणे, आईजी कार्मिक सुनील कुमार मीणा, आईजी मुख्यालय बरिंदरजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक, अभिसूचना मणिकांत मिश्रा, पुलिस अधीक्षक एटीएस सरिता डोबाल, अपर पुलिस अधीक्षक क्राइम लोकजीत सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक अभिसूचना व सुरक्षा अंकुश मिश्रा, पुलिस उपाधीक्षक सुरक्षा जी.डी. जोशी, पुलिस उपाधीक्षक अभिसूचना मनोज केएस असवाल आदि मौजूद रहे।

डीजीपी दीपम सेठ ने बैठक के दौरान निर्देश देते हुए कहा कि आंतकवाद नियंत्रण के दृष्टिगत राष्ट्रीय स्तर पर संचालित भारत की पहली आंतकवाद निरोधी नीति “प्रहार” को धऱातल पर क्रियान्वित किये जाने पर बल दें।

कहा कि पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को कट्टर बनाने के इनपुट्स एवं उसके साथियों की देशभर में गिरफ्तारियों के दृष्टिगत जनपदों में विशेष सर्तक दृष्टि रखी जाये। कहा कि देश के बडे राज्यों की कार्यप्रणाली और सफल ऑपरेशनों के मॉडल का अध्ययन कर राज्य एटीएस के ऑपरेशनों को उसी उच्च पेशेवर स्तर पर अपग्रेड किया जाए।

कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव एवं बढ़ती सुरक्षा संवेदनशीलता के दृष्टिगत माव मुख्यमंत्री उत्तराखंड महोदय की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ की जाए।

कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमाओं (चीन एवं नेपाल सीमा) से सटे जनपदों में संदिग्ध गतिविधियों, सीमा पार से घुसपैठ तथा राष्ट्रविरोधी तत्वों की आवाजाही पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु आईटीबीपी, एसएसबी, सेना, आईबी, राज्य पुलिस एवं एटीएस के शीर्ष अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय श्इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन बैठकश् आयोजित करने के निर्देश दिए गए।

कहा कि राज्य में लगातार बढ़ रही पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं की संख्या तथा वर्तमान में गतिमान चारधाम यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के निर्देश दिए गए।

कहा कि आगामी कुम्भ मेला तथा अन्य प्रमुख धार्मिक आयोजनों के निर्बाध एवं सकुशल संचालन हेतु ठोस सुरक्षा कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया।

कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों तथा विशिष्ट महानुभावों के प्रस्तावित कार्यक्रमों के दृष्टिगत कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा के कड़े इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा गया। कहा कि सभी महत्वपूर्ण आयोजनों व व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए आवश्यक जनशक्ति, तकनीकी उपकरणों और संसाधनों का प्रबंधन समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

कहा कि केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी नीति, रणनीति के अन्तर्गत विभिन्न रूपों में सामने आ रही आंतकवाद की चुनौतियों हेतु विशेष प्रयास पर बल दिया गया। कहा कि आगामी राज्य स्थापना दिवस, नवरात्र, दशहरा, दीपावली आदि महत्वपूर्ण पर्वों के दृष्टिगत व्याप्त संवेदनशीलता पर सतर्कता बरतने के निर्देश दिये।

कहा कि राष्ट्रपति द्वारा उत्तराखण्ड पुलिस को प्रदत्त विशिष्ट प्रतीक चिह्न प्रदान करने हेतु प्रेसिडेंट पुलिस कलर सेरेमनी की तैयारियों के दृष्टिगत आवश्यक निर्देश दिये। कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों, कुंभ मेले और धार्मिक आयोजनों के दृष्टिगत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप ग्रुप्स) पर 24 घंटे सघन निगरानी रखी जाए, ताकि किसी भी भड़काऊ सामग्री या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले तत्वों को समय रहते चिह्नित कर लिया जाये ।

कहा कि संवेदनशील मामलों व सांप्रदायिक मुद्दों को लेकर फैलने वाली भ्रामक खबरों, छेड़छाड़ किए गए वीडियो/डीपफेक और अफवाहों का तत्काल आधिकारिक खंडन जारी किया जाए।

किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना को लेकर छह राज्यों के बीच हुआ एमओयू

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में वर्षों से लंबित किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। लगभग आठ दशकों से प्रतीक्षित इस परियोजना के लिए हुआ यह समझौता जल सुरक्षा, ऊर्जा, सिंचाई, पेयजल तथा यमुना के पुनर्जीवीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं निर्णायक कदम है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज का दिन केवल एक समझौते पर हस्ताक्षर का अवसर नहीं, बल्कि लगभग आठ दशकों से प्रतीक्षित किशाऊ परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में बढ़ाया गया एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने देवभूमि उत्तराखण्ड की ओर से भारत सरकार सहित सभी सहभागी राज्य सरकारों का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किशाऊ परियोजना की परिकल्पना वर्ष 1940 में की गई थी। इतने लंबे समय में परियोजना को आगे बढ़ाने के अनेक प्रयास हुए, लेकिन विभिन्न कारणों से यह परियोजना आगे नहीं बढ़ पाई। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दशकों से लंबित महत्वपूर्ण परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में 16 जून 2026 की बैठक में किशाऊ परियोजना से जुड़ी कई महत्वपूर्ण अड़चनों के समाधान का मार्ग प्रशस्त हुआ। इसके बाद केंद्र एवं सहभागी राज्य सरकारों के बीच निरंतर समन्वय से परियोजना को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण प्रगति हुई और आज MoU पर हस्ताक्षर के साथ इसे औपचारिक रूप दिया गया है।

राष्ट्रीय महत्व की बहुउद्देशीय परियोजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि किशाऊ कोई सामान्य बांध परियोजना नहीं है, बल्कि यह जल सुरक्षा, ऊर्जा, सिंचाई, पेयजल और यमुना के पुनर्जीवीकरण से जुड़ी राष्ट्रीय महत्व की बहुउद्देशीय परियोजना है।

उन्होंने कहा कि परियोजना से लगभग 1562 MCM क्षमता का विशाल जलाशय बनेगा तथा 422 मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता विकसित होगी। इसका लाभ उत्तराखण्ड और हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान सहित पूरे अपर यमुना बेसिन को मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किशाऊ परियोजना केवल एक राज्य या क्षेत्र की परियोजना नहीं है, बल्कि यह अंतरराज्यीय सहयोग और सहकारी संघवाद का महत्वपूर्ण उदाहरण है। केंद्र और राज्य सरकारों के सामूहिक प्रयासों तथा सहभागी राज्यों के बीच बेहतर समन्वय से दशकों से लंबित परियोजना को अब निर्णायक गति मिली है।

प्रभावित परिवारों का पुनर्वास सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना के निर्माण में कुछ महत्वपूर्ण चुनौतियां भी सामने आएंगी। परियोजना से प्रभावित परिवारों का उचित, संवेदनशील एवं सम्मानजनक पुनर्वास उत्तराखण्ड सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं के साथ प्रभावित परिवारों के हितों का संरक्षण सुनिश्चित करना आवश्यक है और राज्य सरकार इस दिशा में पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करेगी।

क्षतिपूरक वनीकरण के लिए भूमि उपलब्ध कराना चुनौती

मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना के लिए लगभग 2500 हेक्टेयर वन भूमि के हस्तांतरण की आवश्यकता होगी। इसके कारण क्षतिपूरक वनीकरण के लिए बड़ी मात्रा में भूमि की आवश्यकता पड़ेगी।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड जैसे वनाच्छादित और पर्वतीय राज्य के लिए इतनी बड़ी मात्रा में भूमि उपलब्ध कराना एक महत्वपूर्ण चुनौती है। इसलिए उन्होंने भारत सरकार तथा सभी सहभागी राज्यों से अनुरोध किया कि क्षतिपूरक वनीकरण के लिए आवश्यक भूमि चिन्हित करने में उत्तराखण्ड को सहयोग प्रदान किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है तथा परियोजना से जुड़े सभी पर्यावरणीय एवं वन संबंधी प्रावधानों का नियमानुसार अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।

‘विकल्प रहित संकल्प’ के साथ समयबद्ध क्रियान्वयन

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सभी सहभागी राज्य किशाऊ परियोजना को समयबद्ध रूप से धरातल पर उतारने के अपने ‘विकल्प रहित संकल्प’ को पूरा करने में सफल होंगे।

उन्होंने कहा कि आज हुआ MoU हस्ताक्षर केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि ऐसी महत्वपूर्ण परियोजना की शुरुआत का ऐतिहासिक पड़ाव है, जिसका लाभ आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किशाऊ परियोजना के क्रियान्वित होने से जल उपलब्धता, सिंचाई, पेयजल, ऊर्जा उत्पादन और यमुना के पुनर्जीवीकरण को नई गति मिलेगी तथा अपर यमुना बेसिन के राज्यों के विकास को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू तथा केंद्रीय मंत्रिगणों, सहभागी राज्य सरकारों एवं उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।

हिंदी दिवस पर सीएम ने किया हिमालयन संस्कृति पत्रिका का विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिन्दी दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में हिमालयी संस्कृति, परंपराओं और लोक जीवन को समर्पित पत्रिका ‘हिमालयन संस्कृति‘ के प्रवेशांक का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हिमालयन संस्कृति’ पत्रिका के माध्यम से हिमालयी राज्यों की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, लोक आस्थाओं, रीति-रिवाजों, लोक कला, लोक साहित्य, इतिहास, विरासत तथा पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन से जुड़े विविध आयामों को जन-जन तक पहुंचाने के साथ ही हिमालय की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान से युवा पीढ़ी को परिचित कराने के प्रयास सराहनीय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय केवल भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक चेतना का महत्वपूर्ण आधार है। हिमालयी लोक परंपराओं और विरासत का संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यह विशेषांक हिमालयी समाज की जीवंत सांस्कृतिक विरासत का संदर्भ-स्रोत बनने के साथ संस्कृति के संरक्षण के साथ-साथ हिमालयी पर्यावरण के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता को भी नई दिशा प्रदान करने में भी सहायक होगा।

पत्रिका के संपादक रजनीश कौंसवाल ने कहा कि इस विशेषांक में हिमालयी संस्कृति के विविध पक्षों को एक मंच पर लाने तथा हिमालय की लोक स्मृतियों, परंपरागत ज्ञान, लोक कलाओं, सामाजिक जनसरोकारों और पर्यावरणीय चेतना को दस्तावेज के रूप में संरक्षित करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रयास किया है।

इस अवसर पर उपस्थित रायपुर विधायक उमेश शर्मा (काऊ), भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, विनोद खंडूरी, बद्री केदार मंदिर समिति के उपाध्यक्ष प्रसाद सती, सदस्य राजपाल जड़धारी, विपिन, वरिष्ठ पत्रकार हरीश कोठारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों एवं संस्कृति प्रेमियों ने संपादक रजनीश कौंसवाल को इस अभिनव एवं सराहनीय पहल के लिए शुभकामनाएं दी।