सीएम धामी ने संत समागम और हरि कथा को जीवन का सर्वोच्च सौभाग्य बताया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज देहरादून स्थित रेंजर्स ग्राउंड में विश्व शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित संतजनों, श्रद्धालुओं एवं गणमान्य नागरिकों का अभिनंदन करते हुए कार्यक्रम की गरिमा को नमन किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि श्रीमद्भागवत कथा जैसे आध्यात्मिक आयोजनों में सम्मिलित होना जीवन का अत्यंत सौभाग्यपूर्ण क्षण होता है। उन्होंने संतों के सानिध्य और उनके मार्गदर्शन को जीवन के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि ऐसे अवसर व्यक्ति को आध्यात्मिक उन्नति और आत्मिक शांति की ओर अग्रसर करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कथा व्यास ‘धर्मरत्न’ परमपूज्य देवकीनंदन ठाकुर महाराज के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनके जीवन को भक्ति, साधना और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराज जी ने अल्पायु में ही श्रीमद्भागवत महापुराण को कंठस्थ कर समाज को आध्यात्मिक दिशा देने का कार्य प्रारंभ कर दिया था, जो अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि महाराज जी का अनुशासन और तपस्या समाज के लिए अनुकरणीय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे सेवा कार्य मानवता के कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। विशेष रूप से “प्रियाकांत जू विद्या धन योजना” के माध्यम से बेटियों की शिक्षा के लिए किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं और समाज को नई दिशा प्रदान करते हैं।

मुख्यमंत्री ने श्रीमद्भागवत महापुराण को आध्यात्मिक चेतना का आधार बताते हुए कहा कि यह ग्रंथ भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और धर्म का समन्वय प्रस्तुत करता है। इसमें भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और उपदेशों के माध्यम से जीवन के गूढ़ रहस्यों का सरल समाधान मिलता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब भौतिकता की दौड़ में मनुष्य मानसिक रूप से अशांत है, ऐसे में श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण आंतरिक शांति और आत्मबोध का मार्ग प्रशस्त करता है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण, केदारनाथ और बद्रीनाथ धामों का पुनर्निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर तथा महाकाल लोक जैसी परियोजनाएं भारत की सांस्कृतिक चेतना को पुनर्स्थापित कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और विकसित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। केदारखंड और मानसखंड के मंदिरों के सौंदर्यीकरण के साथ ही हरिपुर कालसी में यमुनातीर्थ के पुनरुद्धार का कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं के माध्यम से श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज’ की स्थापना कर भारतीय संस्कृति, दर्शन और इतिहास के अध्ययन को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सनातन मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और इसी क्रम में धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है। साथ ही समानता और न्याय की स्थापना हेतु समान नागरिक संहिता लागू करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है।

उन्होंने अंत में कहा कि सरकार समाज में समरसता, सांस्कृतिक गौरव और आध्यात्मिक चेतना को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।

इस अवसर पर विभिन्न संत-महात्मा, विश्व शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने किया निकाय कर्मचारी संयुक्त मोर्चा द्वारा आयोजित आभार रैली में प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में उत्तराखंड निकाय कर्मचारी संयुक्त मोर्चा द्वारा आयोजित आभार रैली में प्रतिभाग किया। उन्होंने कर्मचारियों द्वारा व्यक्त किए गए सम्मान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे प्रदेश की देवतुल्य जनता को समर्पित बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य के विकास में कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है और नगर निकाय कर्मचारियों की जिम्मेदारी विशेष रूप से अहम है। उन्होंने कहा कि निकाय कर्मियों के अथक प्रयासों से ही शहरों और कस्बों में स्वच्छता एवं बुनियादी सुविधाएं सुचारु रूप से संचालित होती हैं। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान कर्मचारियों द्वारा निभाई गई जिम्मेदारी और सेवा भाव को सराहते हुए इसे मानवता की उत्कृष्ट मिसाल बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आस्था, संस्कृति और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है, यहां नगर निकायों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है, विशेषकर चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा और कुंभ जैसे आयोजनों के दौरान। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों के सशक्तिकरण, सुरक्षा एवं संतुष्टि को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है और चरणबद्ध तरीके से सभी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा नगर निकाय कर्मचारियों एवं पर्यावरण मित्रों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं, जिनमें पर्यावरण मित्रों का मानदेय बढ़ाकर ₹500 प्रतिदिन करना, चारधाम क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों को अतिरिक्त मानदेय प्रदान करना, वर्दी एवं स्नोबूट हेतु ₹2500 की सहायता, स्वास्थ्य एवं कल्याण योजनाओं के लिए वित्तीय प्रावधान, ₹5 लाख का ग्रुप टर्म लाइफ इंश्योरेंस लागू करना, ईपीएफ एवं ईएसआई लाभ सुनिश्चित करने हेतु निर्देश जारी करना, संविदा कर्मचारियों का वेतन ₹7,500 से बढ़ाकर ₹15,000 करने के साथ ही कई और निर्णय लिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा ‘स्वच्छ भारत मिशन’, ‘अमृत योजना’, ‘स्मार्ट सिटी मिशन’ एवं ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ जैसी योजनाओं के माध्यम से देश में व्यापक विकास कार्य किए जा रहे हैं। राज्य सरकार इन योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू कर प्रदेश के समग्र विकास को गति दे रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सफाई कर्मचारियों को ‘स्वच्छता मित्र’ के रूप में सम्मानित करते हुए उनके सुरक्षा और कल्याण हेतु ‘नमस्ते योजना’ तथा ‘आयुष्मान भारत योजना’ जैसी पहलें संचालित की जा रही हैं।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, उत्तराखंड निकाय कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के मुख्य संयोजक सुरेन्द्र तेश्वर, सह संयोजक संतोष गौरव, नरेश वेद एवं अन्य पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

सीएम धामी निर्देश पर पुलिस ने चलाया ऑपरेशन प्रहार, कई गिरफ्तार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में उत्तराखंड पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के अन्तर्गत देहरादून पुलिस द्वारा अंतर्गत विभिन्न आपराधिक मामलों में प्रभावी कार्यवाही करते हुए महत्वपूर्ण सफलताएं प्राप्त की गई हैं।
▪️*राजपुर क्षेत्र में हुई फायरिंग एवं हत्या की घटना में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई* करते हुए *03 अन्य अभियुक्तों—आदेश गिरी पुत्र ओमप्रकाश गिरी निवासी शिवपुरी गडीपुता, थाना गडीपुता जनपद शामली (उ0प्र0), समीर चौधरी पुत्र चरमेनदर सिंह निवासी ग्राम गदर जुड्डा, थाना मंगलौर जनपद हरिद्वार तथा मोहित अरोड़ा पुत्र रमेश अरोड़ा निवासी बी-43 रामा पार्क रोड, मोहन गार्डन, उत्तम नगर, नई दिल्ली*—को गिरफ्तार किया है। उक्त घटना बार में हुए विवाद के बाद दो पक्षों के बीच रोड रेंज करते हुए पीछा करने के दौरान हुई फायरिंग से संबंधित है, जिसमें मॉर्निंग वॉक पर जा रहे एक वृद्ध व्यक्ति की गोली लगने से मृत्यु हो गई थी। *प्रकरण में पूर्व में भी 04 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है,* जबकि अन्य की गिरफ्तारी हेतु लगातार दबिश दी जा रही है।
▪️इसके अतिरिक्त, *महाराष्ट्र के रायगढ़ जनपद के अलीबाग क्षेत्र में हुई 18.5 लाख रुपये की डकैती के मामले में फरार* चल रहे अभियुक्त योगेश रमेश लहारे पुत्र रमेश लहारे निवासी पडसगांव बुधरु, थाना मानगांव, जिला रायगढ़ (महाराष्ट्र) उम्र 31 वर्ष को दून पुलिस एवं महाराष्ट्र पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा ऋषिकेश क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त लंबे समय से फरार चल रहा था, जिसे *सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर तंत्र एवं सघन चेकिंग अभियान के माध्यम से चिन्हित कर गिरफ्तार किया गया।* आवश्यक विधिक कार्यवाही उपरांत अभियुक्त को महाराष्ट्र पुलिस के सुपुर्द किया गया।
▪️इसी क्रम में, उड़ीसा के कटक जनपद से जेल तोड़कर फरार हुए 01 लाख रुपये के इनामी अपराधी राजा साहनी पुत्र महेश साहनी निवासी लोदिया नगर, थाना मीरगंज, जिला बेगूसराय (बिहार), उम्र 34 वर्ष को भी ऋषिकेश क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु उड़ीसा पुलिस से प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीमों द्वारा सीसीटीवी विश्लेषण, मुखबिर तंत्र एवं सघन चेकिंग अभियान चलाया गया, जिसके फलस्वरूप *अभियुक्त को टिहरी एवं देहरादून पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा वाहन सहित घेराबंदी कर पकड़ा गया।* अभियुक्त के विरुद्ध विभिन्न प्रांतों में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनके संबंध में विस्तृत जानकारी संकलित की जा रही है।

जनपद देहरादून पुलिस द्वारा ट्रैफिक पुलिस एवं कैंटोनमेंट बोर्ड के सहयोग से *डाकरा बाजार क्षेत्र में अतिक्रमण के विरुद्ध सघन अभियान* चलाया गया। अभियान के दौरान सड़क किनारे किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाते हुए *06 व्यक्तियों के विरुद्ध धारा 83 पुलिस एक्ट एवं 14 व्यक्तियों के विरुद्ध धारा 81 पुलिस एक्ट* के अंतर्गत विधिक कार्यवाही की गई।
इसके अतिरिक्त, नो पार्किंग जोन एवं फुटपाथ पर खड़े 08 वाहनों को क्रेन के माध्यम से हटाकर कोतवाली कैंट लाया गया तथा संबंधित वाहन चालकों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान किया गया।

*डीजीपी उत्तराखंड दीपम सेठ ने बताया कि ऑपरेशन प्रहार के अंतर्गत पूरे प्रदेश में* पुलिस टीमों द्वारा व्यापक स्तर पर *सघन चेकिंग एवं सत्यापन अभियान* चलाया जा रहा है। विभिन्न *बैरियर एवं संवेदनशील स्थानों पर संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की गहन जांच* की जा रही है, साथ ही *जनसुरक्षा के दृष्टिगत पीजी, हॉस्टल, होटल, आश्रम एवं धर्मशालाओं में ठहरने वाले व्यक्तियों का सत्यापन* किया जा रहा है। *यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध निरंतर चालान एवं वैधानिक कार्यवाही* की जा रही है।
इसके अतिरिक्त, *नियमों का उल्लंघन करने वाले पब एवं बार के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जा रही है,* जबकि शहरों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की विजिबिलिटी बढ़ाकर कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है।

सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर मुकेश जोशी के निधन पर सीएम ने परिजनों से व्यक्त की संवेदनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर मुकेश जोशी के निधन पर उनके जोहड़ी, देहरादून स्थित आवास पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान उनके परिजनों से भेंट कर अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवारजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में शामिल दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि आम जनता की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। अधिकारियों को प्रदेश में ऑपरेशन प्रहार चलाकर अवांछित और हुड़दंग करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी भी मौजूद थे।

भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल और उत्तराखंड औद्यानिक परिषद के मध्य हुआ समझौता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में मुख्यमंत्री आवास में ‘वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम’ के अंतर्गत भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (ITBP) की उत्तराखंड में तैनात वाहिनियों के लिए स्थानीय उत्पादों (ताज़े फल एवं सब्जियों) की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल और उत्तराखंड औद्यानिक परिषद के मध्य समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड औद्यानिक परिषद और आईटीबीपी के मध्य हुए इस समझौता ज्ञापन (MoU) को राज्य के किसानों, स्थानीय उत्पादकों एवं सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समझौते के माध्यम से राज्य में तैनात भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों को स्थानीय स्तर पर ताज़े फल एवं सब्जियों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इससे एक ओर हमारे जवानों को गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक खाद्य सामग्री उपलब्ध होगी, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल “स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा” देने के राज्य सरकार के संकल्प को सशक्त करेगी तथा किसानों को अपनी उपज के विपणन के लिए एक सुदृढ़ एवं स्थायी मंच प्रदान करेगी। इस व्यवस्था के तहत चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ एवं चंपावत जैसे दूरस्थ एवं सीमावर्ती क्षेत्रों के साथ ही देहरादून में भी स्थानीय उत्पादों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समझौता सीमांत क्षेत्रों में किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने में सहायक होगा और उन्हें बाजार तक पहुँचने में आने वाली कठिनाइयों से भी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा एवं हमारे जवानों के कल्याण के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। यह समझौता दोनों पक्षों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।

वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड सरकार और आईटीबीपी के मध्य स्थानीय उत्पादों की खरीद के लिए पहले भी समझौता किया गया, जिसके काफी अच्छे परिणाम रहे हैं। अभी तक आईटीबीपी 14 करोड़ 77 लाख रुपये के स्थानीय उत्पादों की खरीद कर चुका है, जिसे और बढ़ाने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। उत्तराखंड में आईटीबीपी वार्षिक मांग की 25 प्रतिशत फल एवं सब्जियाँ भी खरीदती है, तो इससे स्थानीय किसानों को लगभग 6 करोड़ रुपये की आमदनी होगी।

इस अवसर पर कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, सचिव कृषि एस.एन. पाण्डेय, आईजी आईटीबीपी मनु महाराज, अपर सचिव आनन्द श्रीवास्तव, निदेशक उद्यान एस.एल. सेमवाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी उत्तराखंड औद्यानिक परिषद नरेन्द्र कुमार यादव एवं आईटीबीपी के अन्य अधिकारी मौजूद थे।

दून में आयोजित कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री धामी ने किया प्रतिभाग

देहरादून के एक स्थानीय होटल में आयोजित विकसित “उत्तराखंड कॉन्क्लेव” में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सम्मिलित हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न समसामयिक विषयों पर पूछे गए प्रश्नों का विस्तारपूर्वक उत्तर देते हुए राज्य सरकार की उपलब्धियों, नीतियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में पारदर्शिता और सुशासन को प्राथमिकता देते हुए सख्त नकल विरोधी कानून लागू करना शामिल है। इस कानून के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है और युवाओं का विश्वास सरकार पर मजबूत हुआ है। उन्होंने बताया कि अब तक 30,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की जा चुकी है, जो राज्य के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 19,000 करोड़ रुपये से अधिक के जेंडर बजट प्रावधान किए हैं। साथ ही, 2.65 लाख से अधिक महिलाओं को “लखपति दीदी” बनाने का लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं प्रभावी रूप से संचालित की जा रही हैं, जिससे राज्य में महिलाओं की भागीदारी निरंतर बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता (UCC) को भी अपनी सरकार की प्रमुख उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड इस दिशा में अग्रणी राज्य बना है और यदि अन्य राज्य भी इसे अपनाते हैं तो उन्हें अत्यंत प्रसन्नता होगी। उन्होंने कहा कि “यूसीसी की गंगा उत्तराखंड से निकलकर पूरे देश में प्रवाहित होनी चाहिए”, जिससे सामाजिक समरसता और समानता को बल मिलेगा।

कानून व्यवस्था और पारदर्शिता के विषय में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने नकल प्रकरणों में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की है। इसके साथ ही, चर्चित अंकित भंडारी मामले में सीबीआई जांच की मांग और अन्य संवेदनशील मामलों में निष्पक्ष जांच के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी उन्होंने विस्तार से स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि सरकार हर स्थिति में न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने अग्निवीर योजना के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा किए गए विशेष प्रावधानों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अग्निवीरों को भविष्य में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने हेतु राज्य स्तर पर कई योजनाएं और प्राथमिकताएं तय की गई हैं, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल में कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं, जिनमें पारदर्शी भर्ती प्रणाली, निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक नीतियां, पर्यटन को सशक्त बनाने के प्रयास, धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का विकास, सड़क एवं कनेक्टिविटी में सुधार, डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा, और पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस कदम शामिल हैं। इन सभी पहलों के माध्यम से उत्तराखंड को एक सशक्त, आत्मनिर्भर और अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार के इन प्रयासों से उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित करेगा और देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक आदर्श मॉडल बनेगा।

यूजेवीएन लिमिटेड के निदेशक मंडल ने नई परियोजनाओं के निर्माण को गति प्रदान करने वाले प्रस्तावों को मंजूरी

यूजेवीएन लिमिटेड के निदेशक मंडल की 133वीं बैठक आज मुख्य सचिव उत्तराखण्ड शासन एवं अध्यक्ष यूजेवीएन लिमिटेड आनंद वर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित की गई। बैठक में निदेशक मंडल द्वारा निगम के विभिन्न विषयों से जुड़े अनेक प्रस्तावों पर विचार‐विमर्श किया गया।

निदेशक मंडल द्वारा राज्य में नई परियोजनाओं के निर्माण से संबंधित कई प्रस्तावों को स्वीकृत किया गया। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में प्रस्तावित 120 मेगावाट की सिरकारी भ्योल रूपसियाबगड़ जल विद्युत परियोजना के सिविल कार्यों को प्रारंभ करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी गई। निदेशक मंडल के इस निर्णय से निश्चित रूप से इस महत्वपूर्ण परियोजना के कार्यों को गति मिलेगी। साथ ही जनपद देहरादून में 600 मेगावाट की इछाड़ी पंप स्टोरेज परियोजना के निविदा प्रपत्र तैयार करने हेतु सक्षम स्तर से ही स्वीकृत करने के निर्देश दिए गए। इसी के टौंस नदी पर जनपद देहरादून में प्रस्तावित 72 मेगावाट की त्यूणी पलासू परियोजना के सिविल तथा हाइड्रो-मैकेनिकल निर्माण कार्य आवंटित करने के प्रस्ताव को भी निदेशक मंडल द्वारा स्वीकृत कर दिया गया। निदेशक मंडल द्वारा पबर नदी पर प्रस्तावित 81 मेगावाट की आराकोट त्यूणी जल विद्युत परियोजना की डी.पी.आर. की स्वीकृति हेतु भी दिशानिर्देश दिए गए।

बैठक में मुख्य सचिव उत्तराखंड शासन एवं अध्यक्ष यूजीवीएन लिमिटेड आनंद वर्धन, प्रमुख सचिव ऊर्जा डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव वित्त दिलीप जावलकर के साथ ही स्वतंत्र निदेशक इंदु कुमार पांडेय, बी.पी. पांडेय, पराग गुप्ता के साथ ही यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक ए.के.सिंह, निदेशक परियोजनाएं सुरेश चन्द्र बलूनी, अधिशासी निदेशक सुधाकर बडोनी, आशीष जैन उपस्थित रहे।

हरिद्वार में तेजी से बन रहा पीएम यूनिटी मॉल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में हरिद्वार में प्रस्तावित पीएम यूनिटी मॉल परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज देहरादून स्थित राज्य सचिवालय में सचिव आवास डॉ आर राजेश कुमार की अध्यक्षता में पीएम यूनिटी मॉल के निर्माण कार्यों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। राज्य सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना की लगातार मॉनिटरिंग कर रही है, जिसके चलते अब तक करीब 46 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है। यह मॉल न सिर्फ व्यापार, बल्कि पर्यटन और स्थानीय उत्पादों के प्रमोशन का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA) के अनुसार 160.57 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस यूनिटी मॉल का निर्माण कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए तेजी से किया जा रहा है। फरवरी 2023 में घोषित इस परियोजना को सरकार की प्राथमिकता में रखा गया है। इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर सचिव आवास विनोद गिरी, सचिव हरिद्वार-विकास प्राधिकरण मनीष सिंह सहित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

*‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ को मिलेगा मंच*
पीएम यूनिटी मॉल को ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) की अवधारणा पर विकसित किया जा रहा है। इसके तहत देशभर के राज्यों और उत्तराखंड के जिलों के पारंपरिक और विशिष्ट उत्पाद एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगे। इससे स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों और छोटे उत्पादकों को बड़ा बाजार मिलने की उम्मीद है।

*56 दुकानें और मल्टीप्लेक्स की सुविधा*
प्रस्तावित मॉल में 56 दुकानों की व्यवस्था की जा रही है, जहां विभिन्न राज्यों के उत्पाद प्रदर्शित और बेचे जाएंगे। इसके साथ ही तीन मल्टीप्लेक्स भी बनाए जाएंगे, जिससे यह मॉल व्यापार के साथ-साथ मनोरंजन और पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र बनेगा।

*पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा*
अधिकारियों का मानना है कि इस परियोजना से हरिद्वार में पर्यटन गतिविधियों को नया आयाम मिलेगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उत्तराखंड के पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में भी यह मॉल अहम भूमिका निभाएगा।

*दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य*
परियोजना को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। समय पर निर्माण पूरा होने पर यह यूनिटी मॉल देश की सांस्कृतिक विविधता और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने वाला एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।

*आवास सचिव डॉ. आर राजेश कुमार का बयान*
आवास सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देश हैं कि पीएम यूनिटी मॉल परियोजना को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने बताया कि यह मॉल ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ जैसी पहल को मजबूत करेगा। इससे स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को अपने उत्पादों के लिए बड़ा बाजार मिलेगा। उन्होंने कहा कि परियोजना की नियमित समीक्षा की जा रही है और निर्माण कार्य में तेजी लाई गई है, ताकि दिसंबर 2026 तक इसे पूरा कर प्रदेश को एक बड़ा व्यापारिक और पर्यटन केंद्र दिया जा सके।

पुलिस मुख्यालय में लॉ एंड ऑर्डर को लेकर उच्च स्तरीय बैठक, डीजीपी ने दिए अधिकारियों को कड़े निर्देश

देहरादून में हाल ही में हुई आपराधिक घटनाओं की संवेदनशीलता के दृष्टिगत पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड दीपम सेठ द्वारा आज पुलिस मुख्यालय में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, आईजी एसटीएफ नीलेश आनन्द भरणे, एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोबाल तथा एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह उपस्थित रहे।

बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट रूप से जिम्मेदारियां निर्धारित करते हुए निम्न निर्देश दिए गए—

▪️ *आईजी गढ़वाल* को देहरादून की कानून-व्यवस्था की दैनिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

▪️ *एसएसपी देहरादून* को अधीनस्थ अधिकारियों की स्पष्ट टास्किंग कर उनकी जवाबदेही सुनिश्चित करने को कहा गया, साथ ही क्षेत्र में प्रभावी पुलिसिंग बनाए रखने के निर्देश दिए ।

▪️ *क्षेत्राधिकारी एवं थाना प्रभारी* स्वयं फील्ड में सक्रिय रहकर चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में पुलिस की विजिबिलिटी बढ़ाएं तथा बैरियर्स पर सघन चेकिंग सुनिश्चित करें। *विशेष रूप से प्रातःकालीन समय में क्षेत्राधिकारी पुलिसबल की उपस्थिति और सक्रियता बढ़ाएं।*

▪️ *आईजी एसटीएफ एवं एसएसपी एसटीएफ* को देहरादून में सक्रिय आपराधिक तत्वों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

▪️ *सत्यापन अभियान* के अंतर्गत पीजी एवं किरायेदारों का सघन सत्यापन कराने तथा होम-स्टे में संचालित गतिविधियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया।

▪️ *निर्धारित समय के बाद संचालित हो रहे बार एवं पब्स पर सख्त कार्रवाई* करने के निर्देश दिए गए।

पुलिस महानिदेशक ने स्पष्ट कहा कि राजधानी देहरादून में आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु एक विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जाय। उन्होंने सभी अधिकारियों को पूर्ण मुस्तैदी, सतर्कता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

काशीपुर से सड़क मार्ग से खटीमा पहुंचे सीएम धामी, हुआ भव्य स्वागत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सड़क मार्ग से काशीपुर से खटीमा पहुंचे। इस दौरान यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर स्थानीय लोगों द्वारा उनका भव्य एवं अभूतपूर्व स्वागत किया गया। कई स्थानों पर बुलडोजर के माध्यम से भी स्वागत कर जनता ने अपना उत्साह और समर्थन प्रदर्शित किया।

यात्रा के दौरान काशीपुर, बाजपुर, गदरपुर, रुद्रपुर, दिनेशपुर, किच्छा, सितारगंज सहित कई स्थानों पर भारी संख्या में लोग अपने लोकप्रिय नेता के इंतजार में सड़कों के किनारे खड़े रहे। युवाओं, माताओं-बहनों एवं बुजुर्गों ने फूल-मालाओं और पुष्पवर्षा के साथ मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। हर जगह जनसैलाब उमड़ा और लोगों ने मुख्यमंत्री से मिलने के लिए उत्साहपूर्वक भागीदारी दिखाई।

जगह-जगह आयोजित स्वागत कार्यक्रमों ने यह स्पष्ट किया कि प्रदेश की जनता राज्य सरकार की विकास नीतियों और जनहितकारी निर्णयों के साथ मजबूती से खड़ी है और इस विकास यात्रा की सक्रिय सहभागी बन रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता का यह अपार स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद उन्हें प्रदेश के विकास, सुशासन और जनसेवा के लिए और अधिक ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समग्र और संतुलित विकास के लिए संकल्पबद्ध है, ताकि विकास का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सुनिश्चित किया जा सके।