सीएम बोले, युवा आयोग और अग्निवीर सेल से सुरक्षित होगा युवाओं का भविष्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने काशीपुर स्थित एक निजी होटल में आयोजित युवा विद्यार्थी संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं से संवाद करते हुए उनके विचार और सुझाव सुने तथा विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में युवाओं की भूमिका पर चर्चा की। विद्यार्थी संवाद कार्यक्रम में 17 विद्यालयों के 1400 से अधिक विद्यार्थियों प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत 2047 का संकल्प देश के सामने रखा है। इस संकल्प को सिद्धि तक पहुँचाने में युवाओं का योगदान सबसे महत्वपूर्ण रहने वाला है। उन्होंने कहा युवाओं के पास नया विजन है, आउट-ऑफ-द-बॉक्स थिंकिंग है और सबसे बड़ी बात कुछ कर गुजरने का जुनून है। उन्होंने कहा जब भी उन्हें प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर विद्यार्थियों और युवाओं से मिलने का अवसर मिलता है, तो वो युवाओं से अवश्य संवाद करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा युवाओं के विचार सुनकर महसूस होता है कि देश का युवा बहुत जागरूक है, युवाओं को हर विषय की गहरी समझ है। उन्होंने कहा हाल ही में सरकार ने युवाओं से ष्मेरे सपनों के उत्तराखंडष् को लेकर सुझाव मांगे थे। इन सुझावों के माध्यम से विद्यार्थियों ने राज्य के अलग-अलग विषयों को लेकर बहुत अच्छे सुझाव दिए। युवाओं के विचारों को पढ़कर उनका विश्वास और मजबूत हो गया है कि उत्तराखंड का भविष्य बेहद ही सुरक्षित और सक्षम हाथों में है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड छोटा राज्य जरूर है, लेकिन यहां के युवाओं के सपने छोटे नहीं हैं। उन्होंने आज की पीढ़ी सपने देखने के साथ उन सपनों को पूरा करने का भी साहस रखती है। विकसित उत्तराखंड और विकसित भारत में युवाओं का योगदान सबसे महत्वपूर्ण होने वाला है। युवाओं में वो क्षमता है कि जो दुनिया के किसी भी बड़े मंच पर जाकर अपने प्रदेश और अपने देश का नाम रोशन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आगे चलकर आपमें से कोई वैज्ञानिक शिक्षक, खिलाड़ी बनेगा, तो कई युवा अपना स्टार्टअप शुरू करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा जब से उन्हें ष्मुख्य सेवकष् के रूप में काम करने का अवसर मिला, उनका यह संकल्प रहा है कि उत्तराखंड का कोई भी होनहार बेटा या बेटी अवसरों के अभाव में पीछे नहीं छूटना चाहिए। उन्होंने कहा राज्य सरकार, वर्चुअल क्लासरूम नेटवर्क का लगातार विस्तार कर रही है। शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत करने के लिए प्रदेश में 189 अटल उत्कृष्ट विद्यालय संचालित किए हैं तथा सरकारी विद्यालयों में एन.सीई.आर।टी आधारित पाठ्यक्रम लागू किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा सरकार द्वारा छात्राओं को नंदा गौरा योजना के माध्यम से आर्थिक सहायता दी जा रही है। विद्यार्थी विज्ञान और नई तकनीक से भी अवगत हो इसके लिए देहरादून में देश की पाँचवीं साइंस सिटी विकसित की जा रही है। प्रदेश में स्टेम लैब्स, साइंस और इनोवेशन से जुड़ी गतिविधियों तथा बाल विज्ञान कार्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, क्रिएटिविटी और प्रैक्टिकल लर्निंग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि उत्तराखंड का हर विद्यार्थी ज्ञान, कौशल और तकनीक से सशक्त होकर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार का प्रयास है कि युवा जॉब सीकर के साथ जॉब क्रिएटर बनने का सपना देखें। जिसके लिए प्रदेश में स्टार्टअप और नवाचार को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। युवाओं को बदलती जरूरतों के अनुसार आधुनिक और डिमांड-बेस्ड स्किल्स से जोड़ने का प्रयास जारी है। युवाओं को बेहतर अवसरों के लिए अपना घर और अपना पहाड़ छोड़ने की मजबूरी न हो, इसके लिए प्रदेश में लगातार औद्योगिक और रोजगार के नए अवसर विकसित किए जा रहे हैं। खेल के क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा विश्वस्तरीय खेल नीतियां और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तैयार किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा सरकार युवाओं को बेहतर अवसर, संसाधन और प्लेटफॉर्म दे सकती है, लेकिन उन अवसरों को सफलता में बदलना सिर्फ और सिर्फ युवाओं के अपने हाथों में है। मुख्यमंत्री ने सभी युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सभी युवा खूब मेहनत करें, खूब पढ़ाई करें और सबसे बढ़कर अपने आप पर विश्वास रखें। उन्होंने कहा कोई भी लक्ष्य युवाओं के लिए बड़ा नहीं है, और युवा अपने सपनों को पूरा करने का संकल्प लेकर किसी भी कार्य में सफलता ले सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है। उनका जीवन हमें सिखाता है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों,अगर सीखने की इच्छा हो तो इंसान अपनी मंजिल तक जरूर पहुंचता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में नशा, बड़ी चुनौती बनकर सामने खड़ी है। नशा व्यक्ति के साथ पूरे परिवार के सपनों को बर्बाद कर देता है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से नशे से दूर रहने का संकल्प लेने की भी बात कही। उन्होंने कहा स्वयं के साथ अपने दोस्तों,साथियों को भी इससे दूर रहने के लिए प्रेरित करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की इस विकास यात्रा के युवा असली कर्णधार हैं युवाओं की सोच और मेहनत ही देवभूमि को विकास की नई ऊँचाइयों पर ले जाएगी। राज्य सरकार युवाओं की प्रतिभा को नए अवसर देने और रास्ते को आसान बनाने के लिए हरसंभव प्रयास करती रहेगी। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि आप जैसे प्रतिभाशाली व मेहनती युवा उत्तराखंड को देश का सबसे अग्रणी और सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के ष्विकल्प रहित संकल्पष् को पूर्ण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न मुद्दों पर विद्यार्थियों के सवालों का सहजता व सरलता जवाब देते हुए सरकार की प्राथमिकताओं और आगामी योजनाओं को स्पष्ट किया। विद्यार्थी शौर्य, दक्ष, चंद्रा, प्रभजोत, खुशी, सिमरन, कात्यायनी ,आरती, वैष्णवी और आद्रिका द्वारा पूछे गए प्रश्नों पर मुख्यमंत्री ने युवा आयोग, उत्तराखंड के विकास, अग्निवीर योजना, साईबर क्राइम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर विचार साझा किए। छात्र शौर्य के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि युवा आयोग युवाओं की पढ़ाई पूरी होने के बाद उनके लिए रोजगार के अवसर पैदा करने और सरकारी सेवाओं से जोड़ने का काम करेगा। छात्र दक्ष के श्सपनों का उत्तराखंडश् से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ऐसा उत्तराखंड बनाना चाहती है जहाँ युवाओं को शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के लिए पलायन न करना पड़े। राज्य में ही स्वास्थ्य, शिक्षा और बेहतर कनेक्टिविटी जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही किसानों को उनके उत्पादों का स्थानीय स्तर पर बाजार मिले ताकि फसलों का उचित मूल्य प्राप्त हो सके।

छात्रा चंद्रा द्वारा अग्निवीर सैनिकों के भविष्य को लेकर पूछे गए प्रश्न पर उन्होंने बताया कि सरकार अग्निवीरों के भविष्य को लेकर पूरी तरह सजग है और इसके लिए अग्निवीर सेल का गठन किया जा रहा है। छात्रा ख़ुशी द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी पर किए गए सवाल के जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एआई हमारे लिए चुनौती के साथ-साथ एक बेहतरीन अवसर भी है। आधुनिकता के इस दौर में हमें इसके अनुरूप खुद को ढालना होगा। टेक्नोलॉजी से अनभिज्ञ न रहने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि साइंस एंड टेक्नोलॉजी के नए शोधों ने कठिन कार्यों को आसान बना दिया है।

छात्रा प्रभजोत ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने को लेकर मुख्यमंत्री से सवाल किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छात्रों से संवाद करते हुए एक पारदर्शी, भ्रष्टाचार-मुक्त और सशक्त उत्तराखंड के निर्माण का संकल्प दोहराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ श्जीरो टॉलरेंसश् की नीति पर काम कर रही है और इसे पूरी तरह समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति काम के बदले रिश्वत मांगता है या अनुचित दबाव बनाता है, तो नागरिक निसंकोच टोल-फ्री नंबर 1064 या संबंधित मोबाइल ऐप पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाती है और प्राप्त शिकायतों पर विशेष टीमों द्वारा त्वरित जांच की जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा हमारा राज्य देवभूमि है और देवभूमि की कार्यप्रणाली पूरी तरह पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त होनी चाहिए।

इस दौरान विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, मेयर दीपक बाली, दायित्वधारी उत्तम दत्ता, फ़रजाना बेगम, मनजीत सिंह राजू, सुरेंद्र सिंह नामधारी, मुकेश कुमार, जिलाध्यक्ष मनोजपाल, खिलेंद्र चौधरी, मोहनपाल, गुरविंदर सिंह चंडोक, एसएसपी अजय गणपति एवं अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहे।

महिलाएं सकारात्मक होकर अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें, सरकार देगी पूरा साथः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के बनाए उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति को सकारात्मक होकर, अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना होगा, सरकार पूरी तरह उनके साथ है।

मुख्य सेवक सदन में मातृशक्ति संवाद एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। आयोजन के दौरान मुख्यमंत्री ने महिलाओं से सीधा संवाद किया, जिसमें महिलाओं ने विभिन्न सरकारी योजनाओं पर अपने विचार रखे साथ ही सुझाव दिए। एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं में कौशल और उद्यमिता विकास से लेकर उनके बनाए उत्पादों का वैश्विक स्तर पर पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इसके लिए मुख्यमंत्री उद्यमशाला जैसी योजना लागू की गई है। महिला उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए आसान लोन उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश की महिलाएं लगातार सशक्त हो रही हैं, खासकर हिमालय जैसी हिम्मत वाली उत्तराखंड की महिलाओं को केंद्र और राज्य सरकार की महिला केंद्रित नीतियों का विशेष लाभ मिला है।

महिला स्वयं सहायता समूहों को बड़े कारोबारी समूहों के रूप में विकसित करने के सुझाव पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि, सरकार इसके लिए मुख्यमंत्री सशक्त बहना योजना, संचालित कर रही है। साथ ही उत्तराखंड की महिलाओं के तैयार विशिष्ट उत्पादों को हाउस ऑफ हिमालय ब्रांड के जरिए नई पहचान दी गई है। अब सरकार देहरादून के सहस्रधारा रोड पर एक बड़ा सेंटर विकसित कर रही है, जहां सभी 13 जिलों की महिलाओं के बनाए विशिष्ट उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों से प्रदेश की महिलाएं सिलाई, बुनाई से लेकर कारखाना चलाने तक में सक्षम हो रही हैं। महिलाओं को सकारात्मक होकर, अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना होगा, सरकार पूरी तरह उनके साथ है।
जीएमवीएन, केएमवीएन के गेस्ट हाउस के जरिए समूहों के उत्पाद बिक्री के सुझाव पर मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला समूहों के उत्पादों को विभिन्न मेलों और आयोजनों के अलावा एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस अड्डे पर बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के उत्पाद ऑनलाइन बिक्री के लिए उपलब्ध हैं, उन्होंने कहा कि महिलाएं अपने उत्पाद की क्वालिटी पर ध्यान दें, एक बार भरोसा बन जाएगा तो लोग खुद खरीदने के लिए आगे आएंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की महिलाओं के उत्पाद गुणवत्ता में बहुराष्ट्रीय कंपनियों के उत्पादों पर भारी पड़ते हैं। एक सवाल पर सीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना को वर्षभर लागू किए जाने पर विचार किया जाएगा।

इस अवसर पर विधायक दलीप रावत, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, नेहा शर्मा, किरण भट्ट, डॉ. प्राची कंडवाल एवं मातृशक्ति उपस्थित थी।

संवाद में भावुक पल
संवाद के दौरान एक महिला लाभार्थी ने बताया कि जीवन में एक क्षण ऐसा भी आया जब उनका घर तक बिक गया था, बच्चे खाना खाने के लिए भी मोहताज हो गए थे, लेकिन महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़कर उन्होंने फिर अपने परिवार को संभाला। सरकार की बिना गारंटी का ऋण समूहों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। उक्त महिला लाभार्थी ने केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित गीत स्वतरूस्फूर्त तरीके से प्रस्तुत किया। उन्होंने ‘हमें तो मोदी ने बहुत कुछ दिया है, बहुत शुक्रिया है’ गीत के जरिए महिलाओं को बिना ब्याज के ऋण, लखपति दीदी योजना, महिला स्वयं सहायता समूहों के गठन सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए, कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की महिला सशक्तिकरण को समर्पित नीतियों के चलते महिलाएं लगातार मजबूत हो रही हैं।

उत्तराखंड में धामी सरकार की नीति से मिला रिवर्स पलायन को बढ़ावा

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार की होम स्टे नीति पहाड़ के गांवों में पर्यटन को नई रफ्तार देने के साथ ही रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित हुई है। आज बड़ी संख्या में युवाओं और महिलाओं ने होम स्टे व्यवसाय को अपनाकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। रिवर्स पलायन की बात करें तो करीब साढ़े छह हजार प्रवासी अपने गांव लौटे हैं। इनमें 22 फीसदी से अधिक प्रवासियों ने होम स्टे व्यवसाय को अपनाया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन को गांव-गांव तक पहुंचाने पर विशेष जोर दे रही है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में होम स्टे को बढ़ावा दिया जा रहा है। एक अनुमान के मुताबिक प्रदेश भर में अब तक लगभग पांच हजार से अधिक होम स्टे संचालित हो रहे हैं। इस दिशा में दीनदयाल उपाध्याय होम स्टे विकास योजना कारगर सिद्ध हुई है। योजना के तहत चार वर्षों में 537 लाभार्थियों को 79 करोड़ 28 लाख 18 हजार की धनराशि होम स्टे निर्माण के लिए अनुदान के रूप में दी जा चुकी है। योजना के तहत पर्वतीय क्षेत्र में परियोजना लागत की 50 फीसदी (अधिकतम 15 लाख) और मैदानी क्षेत्रों में लागत की 25 प्रतिशत सब्सिडी (अधिकतम 7.50 लाख) दी जा रही है।

योजना को लेकर युवाओं और महिलाओं में खासा उत्साह है। धामी सरकार की यह योजना गांवों के पर्यटन विकास का बड़ा आधार बनी है। रुद्रप्रयाग जिले का सारी गांव इसका बड़ा उदाहरण है। यहां 40 से अधिक होम स्टे संचालित हो रहे हैं और बड़ी संख्या में ट्रेकर्स और पर्यटक पहुंच रहे हैं।

पर्यटकों से गुलजार होगा जादुंग गांव
उत्तरकाशी जिले में भारत-चीन सीमा पर स्थित जादुंग गांव अब पर्यटकों से गुलजार होगा। धामी सरकार ने इस गांव को होम स्टे क्लस्टर के रूप में विकसित करने का बीड़ा उठाया है। यहां छह होम स्टे का निर्माण अंतिम चरण में है। बता दें कि वर्ष 1962 में भारत-चीन युद्ध के दौरान सामरिक कारणों से सेना ने सीमांत नेलांग और जादुंग गांव को खाली करा दिया था। अब यह दोनों गांव केंद्र सरकार के वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के अंतर्गत शामिल हैं।

ट्रेकिंग ट्रेक्शन सेंटर होम स्टे योजना में 258 लाभान्वित
ष्मेरी योजना मेरी सरकारष् कार्यक्रम के तहत ट्रेकिंग ट्रेक्शन सेंटर होम स्टे अनुदान योजना लागू की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य पर्यटन के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ ही इसमें स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना है। इस योजना के तहत बीते चार वर्षों में 258 पात्र लोगों को लाभान्वित किया जा चुका है।

’योजना की खास बातें

-दीनदयाल उपाध्याय होमस्टे विकास योजना पूरे राज्य में लागू है लेकिन नगर निगम और नगर पालिका क्षेत्र को इसके दायरे से बाहर रखा गया है।

-उत्तराखण्ड के मूल निवासी ही योजना का लाभ लेने के लिए पात्र हैं।

-होम स्टे का निर्माण या पुराने भवन के नवीनीकरण के बाद उसे पर्यटन विकास परिषद में पंजीकृत कराना अनिवार्य है।

-योजना के लिए उत्तराखण्ड सरकार के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया जाता है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित समिति की बैठक में आवेदक के साक्षात्कार के बाद प्रस्ताव स्वीकृत होने बाद आवेदन ऋण स्वीकृति के लिए बैंक को भेजा जाता है।

कोट—-

हमारे गांव खुशहाल होंगे तो प्रदेश और देश भी खुशहाल होंगे। इस
ध्येय वाक्य के साथ हम पर्यटन को गांव-गांव तक पहुंचाना चाहते हैं। इस दिशा में होम स्टे योजना कारगर सिद्ध हुई हैं। बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के होम स्टे व्यवसाय अपनाने से जहां युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं, वहीं हमारे गांव देश विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
-पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड

स्वास्थ्य जांच में बीमारी सामने आने वाले श्रमिकों के उपचार की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के अंतर्गत 10,709 पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में एक क्लिक के माध्यम से 18 करोड़ 49 लाख रूपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण श्रमिक राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि श्रमिकों और उनके परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का लाभ सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से मिले। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रमिक कल्याण योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र श्रमिक परिवार तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि श्रमिकों की स्वास्थ्य जांच के दौरान जिन लोगों में किसी बीमारी की पहचान हुई है, स्वास्थ्य विभाग से समन्वय कर उनके समुचित उपचार की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारी सीजन शुरू होने वाला है। सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि अपनी विभागीय योजनाओं के माध्यम से अधिक से अधिक जनसुविधा और जनसेवा के कार्य किए जाएं। मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा, परिवारों के पोषण, महिलाओं के स्वास्थ्य तथा कार्यस्थल पर स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता के साथ पात्रता सत्यापन और जनपदवार कवरेज की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले पात्र श्रमिक भी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहें।

कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि वर्तमान डीबीटी के अंतर्गत प्रसूति एवं प्रसविधा हेतु सहायता के 95, मृत्युपरांत सहायता के 177, विवाहोपरांत (पुत्री विवाह) सहायता के 2,354 तथा शिक्षा सहायता के 8,083 लाभार्थी शामिल हैं। इस प्रकार कुल 10,709 लाभार्थियों को सहायता राशि हस्तांतरित की गई। बैठक में उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा निर्माण श्रमिक परिवारों के लिए संचालित समेकित कल्याण मॉडल की प्रगति की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि अब तक 33,429 शिक्षण सामग्री किट, 26,674 स्वच्छता सामग्री किट और 23,216 पोषाहार किट वितरित की गई हैं। इस प्रकार कुल 83,319 किट का वितरण किया जा चुका है। श्रमिक स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत 20,527 स्वास्थ्य स्क्रीनिंग और 2,32,281 स्वास्थ्य परीक्षण किए गए हैं।

प्रस्तुतीकरण के दौरान Labour Cess Collection Management System (LCCMS) की प्रगति की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि इस प्रणाली को वर्ष 2025 में ई-गवर्नेंस श्रेणी में SKOCH Gold Award से सम्मानित किया गया है। भारत सरकार के स्तर पर भी इस प्रणाली की सराहना की गई है तथा इसे Best Practices Compendium में शामिल किया गया है। इस प्रणाली के माध्यम से 21,200 प्रतिष्ठानों का ऑनलाइन पंजीकरण किया गया है और सेस संग्रह में 47.21 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। LCCMS को देशभर में अपनाए जाने योग्य डिजिटल गवर्नेंस मॉडल के रूप में भी प्रस्तुत किया गया है।

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री श्रमिक स्वास्थ्य योजना की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत श्रमिकों की नियमित स्वास्थ्य जांच से कुछ गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान होने में भी मदद मिली है। प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि मुंबई में आयोजित राष्ट्रीय भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार सम्मेलन में इस योजना को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली तथा पश्चिम बंगाल, दिल्ली, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधियों ने उत्तराखण्ड के इस मॉडल को अपने राज्यों में अपनाने में रुचि व्यक्त की। मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से श्रमिकों को कार्यस्थल पर ही जांच, परामर्श और रेफरल सेवाएं उपलब्ध कराने की इस पहल को विस्तार योग्य एवं अनुकरणीय मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया।

इस अवसर पर राज्य सलाहकार संविदा बोर्ड के अध्यक्ष कैलाश पंत, सतर्कता समिति की अध्यक्ष गीता रावत, उपाध्यक्ष मोहनी पोखरिया, उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. श्रीधर बाबू अदांकी, सचिव प्रकाश चन्द्र दुम्का सहित श्रम विभाग एवं बोर्ड के अधिकारी उपस्थित रहे।

स्वच्छ, स्वस्थ और हरित देहरादून के संकल्प को मिल रही नई गतिः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा मुख्यमंत्री की घोषणा के अंतर्गत मियांवाला, देहरादून में लगभग ₹8 करोड़ 64 लाख की लागत से विकसित ‘जल सृष्टि पार्क’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों को नए पार्क की सौगात मिलने पर बधाई दी और इसे स्वच्छ, स्वस्थ एवं हरित देहरादून के संकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि रायपुर क्षेत्र के लोगों के बीच इस सुंदर पार्क का लोकार्पण उनके लिए प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने कहा कि ‘जल सृष्टि पार्क’ आधुनिक सुविधाओं और प्राकृतिक सौंदर्य का सुंदर समन्वय प्रस्तुत करता है। पार्क को इस प्रकार विकसित किया गया है कि यहां बच्चों से लेकर बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं तक सभी आयु वर्ग के लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

पुराने तालाब का पुनर्जीवन कर विकसित किया गया आकर्षक पार्क
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि पार्क के निर्माण के दौरान यहां पहले से मौजूद पुराने तालाब को समाप्त करने के बजाय उसका पुनर्जीवन किया गया है। उन्होंने कहा कि तालाब के संरक्षण और उसके आसपास सुविधाओं के विकास से इस स्थान को नई पहचान मिली है। तालाब के मध्य सुंदर आइलैंड विकसित किया गया है तथा लोगों के मनोरंजन के लिए पेडल बोटिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि अब रायपुर क्षेत्र के लोगों को देहरादून में ही एक खूबसूरत प्राकृतिक स्थल के साथ ‘नैनीताल जैसी फीलिंग’ का अनुभव प्राप्त हो सकेगा।

जल और जंगल हमारी संस्कृति का हिस्सा, संरक्षण हमारी जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में जल और जंगल को केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं माना गया, बल्कि इन्हें जीवन और संस्कृति का अभिन्न हिस्सा समझा गया है। ऐसे में पुराने तालाबों और जल स्रोतों का पुनर्जीवन केवल पर्यावरण संरक्षण का कार्य नहीं है, बल्कि यह हमारी विरासत को बचाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल एवं प्रकृति को सुरक्षित रखने का भी महत्वपूर्ण प्रयास है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है। विकास का अर्थ केवल बड़ी इमारतें और कंक्रीट के ढांचे तैयार करना नहीं है। वास्तविक विकास वही है, जिससे लोगों का जीवन सुगम हो, शहर सुंदर बने, पर्यावरण सुरक्षित रहे और आने वाली पीढ़ियों को बेहतर भविष्य मिल सके। उन्होंने जल सृष्टि पार्क को इसी सोच का एक सुंदर उदाहरण बताया।

रायपुर क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और पेयजल सुविधाओं को मिल रही गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय से उत्तराखंड में विकास की गति को लगातार तेज किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि विकास का लाभ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे।

उन्होंने कहा कि इसी क्रम में रायपुर क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, पार्क, सीवर और बाढ़ सुरक्षा से जुड़े अनेक कार्य आगे बढ़ाए गए हैं। युवाओं को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए उच्च शिक्षण संस्थानों में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है तथा क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि क्षेत्र में सड़कों के डामरीकरण, नवीनीकरण और चौड़ीकरण के साथ सीवर व्यवस्था को बेहतर बनाने का कार्य भी जारी है। पेयजल की समस्या के समाधान के लिए नए ट्यूबवेल और ओवरहेड टैंक बनाए गए हैं। पुरानी पाइपलाइनों को बदलने तथा नई पेयजल लाइनें बिछाने का कार्य भी निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है।

हरित क्षेत्रों के विकास से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को मिल रही बेहतर सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि डिफेंस कॉलोनी, सिंयावाला, नेहरू कॉलोनी सहित विभिन्न क्षेत्रों में पार्कों के निर्माण एवं सौंदर्यीकरण के कार्य किए गए हैं। इसका उद्देश्य लोगों को अपने आसपास ही ऐसे सुंदर और हरित स्थान उपलब्ध कराना है, जहां वे स्वस्थ वातावरण में समय बिता सकें।

उन्होंने कहा कि आईटी पार्क से पॉलीटेक्निक होते हुए मंगलूवाला की ओर सड़क व्यवस्था को बेहतर बनाने के कार्य भी आगे बढ़ाए जा रहे हैं। इससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ यातायात व्यवस्था को भी सुगम बनाने में मदद मिलेगी।

सौंग डैम से मजबूत होगी देहरादून की पेयजल व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून लगातार विस्तार ले रहा है और बढ़ती आबादी के साथ पानी की आवश्यकता भी बढ़ रही है। ऐसे में सौंग डैम जैसी महत्वपूर्ण परियोजना पर भी कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे भविष्य में देहरादून की पेयजल व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने में सहायता मिलेगी।

उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान बाढ़ और जलभराव की समस्या से लोगों को राहत दिलाने के लिए रायपुर क्षेत्र में नदियों और बरसाती नालों पर बाढ़ सुरक्षा तथा चौनलाइजेशन के कार्य भी किए जा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि जहां सड़क की आवश्यकता हो वहां सड़क बने, जहां पेयजल की समस्या हो वहां पानी पहुंचे, जहां जलभराव हो वहां उसका स्थायी समाधान हो और जहां हरियाली की आवश्यकता हो वहां सुंदर पार्क विकसित किए जाएं।

विकास का उद्देश्य लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को बेहतर बनाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास किसी एक परियोजना का नाम नहीं है, बल्कि इसका वास्तविक उद्देश्य लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को बेहतर बनाना है। जल सृष्टि पार्क भी इसी व्यापक सोच का हिस्सा है, जहां पर्यावरण संरक्षण के साथ लोगों के लिए मनोरंजन, स्वास्थ्य और प्रकृति से जुड़ने की सुविधाएं विकसित की गई हैं।

उन्होंने इस कार्य के लिए एमडीडीए के अधिकारियों, इंजीनियरों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में यह पार्क केवल रायपुर क्षेत्र ही नहीं, बल्कि पूरे देहरादून के लोगों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा।

पार्क को अपना समझकर स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने की अपील
मुख्यमंत्री धामी ने क्षेत्रवासियों से अपील की कि सरकार पार्क का निर्माण कर सकती है, उसे सुंदर बना सकती है और सुविधाएं उपलब्ध करा सकती है, लेकिन उसे लंबे समय तक स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से पार्क को केवल सरकारी संपत्ति न मानकर अपना पार्क समझने और अपने घर की तरह इसकी स्वच्छता एवं देखभाल करने का आग्रह किया।

उन्होंने विशेष रूप से बच्चों और युवाओं से पार्क का अधिक से अधिक उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बच्चे और युवा यहां खेलें, दौड़ें, योग करें और प्रकृति के बीच समय बिताएं, लेकिन इसके साथ पार्क और जलाशय की देखभाल की जिम्मेदारी भी समझें। सरकार और समाज के सामूहिक प्रयास से ही कोई विकास कार्य लंबे समय तक सुंदर और उपयोगी बना रह सकता है।

आधुनिक सुविधाओं के साथ देहरादून की हरियाली और प्राकृतिक पहचान को बनाए रखने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून अपनी प्राकृतिक सुंदरता और हरियाली के लिए देशभर में जाना जाता है। विकास की यात्रा में इस पहचान को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। सरकार का प्रयास है कि देहरादून में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार हो, लेकिन इसके साथ ही शहर के प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरण का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यही राज्य सरकार के विकास मॉडल की मूल भावना है।

मुख्यमंत्री ने रायपुर क्षेत्र के लोगों को विश्वास दिलाया कि उनके जीवन को अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और बेहतर बनाने के लिए सरकार इसी प्रकार निरंतर कार्य करती रहेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने तथा इसे देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने ‘विकल्प रहित संकल्प’ को पूरा करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने में रायपुर क्षेत्र के लोग भी इसी प्रकार अपना सहयोग और योगदान प्रदान करते रहेंगे।

जल सृष्टि पार्क में हर आयु वर्ग के लिए सुविधाएं, प्राकृतिक सौंदर्य बना विशेष आकर्षण

एमडीडीए द्वारा मियांवाला, देहरादून में ₹8.64 करोड़ की लागत से विकसित यह जल सृष्टि पार्क एक बहुआयामी हरित एवं मनोरंजन स्थल है, जिसमें पुराने तालाब का पुनर्जीवन करते हुए उसके आसपास आधुनिक सुविधाओं का विकास किया गया है। पार्क में सुबह-शाम भ्रमण एवं दौड़ने के लिए जॉगिंग ट्रैक, योग के लिए योगा डेक, बच्चों के लिए चिल्ड्रन पार्क, फूलों एवं वनस्पतियों की जानकारी देने वाला एजुकेशनल फ्लावर गार्डन, आकर्षक लैंडस्केपिंग, हरित क्षेत्र तथा बैठने की सुविधाएं विकसित की गई हैं। तालाब के मध्य सुंदर आइलैंड बनाया गया है और लोगों के मनोरंजन के लिए पेडल बोटिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इस प्रकार एमडीडीए ने पुराने जल स्रोत के संरक्षण को आधुनिक शहरी सुविधाओं के साथ जोड़ते हुए एक ऐसे खूबसूरत पार्क का विकास किया है, जो पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन, स्वास्थ्य, मनोरंजन और प्राकृतिक सौंदर्यकृसभी को एक स्थान पर समाहित करता है। यह कार्य देहरादून में हरित एवं पर्यावरण अनुकूल शहरी विकास की दिशा में एमडीडीए के प्रयासों का एक उल्लेखनीय उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने नेपाल आपदा राहत सहायता दल को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से गोर्खाली सुधार सभा के केंद्रीय अध्यक्ष पदम सिंह थापा के नेतृत्व में आठ सदस्यीय नेपाल आपदा राहत सहायता दल को हरी झंडी दिखाकर नेपाल के लिए रवाना किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नेपाल हमारा पड़ोसी ही नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक रूप से भी भारत के साथ गहरे संबंध रखने वाला देश है। प्राकृतिक आपदा की इस कठिन घड़ी में उत्तराखंड और भारत के लोग नेपाल के प्रभावित परिवारों के साथ खड़े हैं। उन्होंने राहत दल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संकट के समय जरूरतमंदों की सहायता करना हमारी मानवीय जिम्मेदारी है।

गोर्खाली सुधार सभा के अध्यक्ष पदम सिंह थापा ने बताया कि गोर्खाली सुधार सभा के आपदा राहत सहायता दल द्वारा प्रभावितों की सहायता के साथ नेपाल में एक गांव को गोद लेकर प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। साथ ही बच्चों के लिए स्कूल भवन निर्माण में सहयोग तथा विद्यार्थियों को पुस्तकें एवं पठन-पाठन सामग्री वितरित की जाएगी। राहत कार्यों के लिए नेपाल सरकार एवं वहां की स्वयंसेवी संस्थाओं से भी निरंतर समन्वय किया जा रहा है।

गोर्खाली सुधार सभा की मीडिया प्रभारी प्रभा शाह ने बताया कि आपदा के बाद गोर्खाली सुधार सभा द्वारा नेपाल राहत सहायता के लिए कमेटी गठित कर सहयोग का आह्वान किया गया था। सभा की विभिन्न शाखाओं एवं सहयोगी संस्थाओं ने राहत कार्यों में सहयोग किया है।

इस अवसर पर गोर्खा कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष अभिषेक शाही, शहीद मेजर दुर्गा मल्ल मंडल के अध्यक्ष राजीव गुरूंग, शमशेर थापा, टेकू थापा मगर, शंकर थापा, डम्मर थापा एवं लव तमांग आदि शामिल हैं।

राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को टैब देने को उनके खातों में डीबीटी के माध्यम से दी जाएगी धनराशिः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में प्रदेशभर से चयनित 140 छात्र-छात्राओं से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के विचारों, सुझावों और भविष्य के उत्तराखण्ड को लेकर उनके विजन को जाना। उन्होंने कहा कि युवाओं से प्राप्त उपयोगी और व्यावहारिक सुझावों को राज्य सरकार की योजनाओं और नीति-निर्धारण से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को टैब उपलब्ध कराने के लिए उनके खातों में डीबीटी के माध्यम से धनराशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने और विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ के विभिन्न उप-विषयों में उत्कृष्ट विचार प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों को भी मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया। ‘शिक्षा एवं युवा अवसर’ विषय में मयूह भंडारी और रवीना, ‘पर्यावरण, वन एवं आपदा प्रतिरोधक क्षमता’ में शेरोन कपूर, ‘स्वास्थ्य एवं जन सेवाएं’ में सतीश कुमार, ‘पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन एवं रोजगार’ में माही बलाई, ‘सड़क, संपर्क एवं आधारभूत संरचना’ में श्रितिका रावत, ‘प्रौद्योगिकी एवं सुशासन’ में प्रियांशु सजवाण, ‘पर्यटन एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था’ में दृष्टि चौहान तथा ‘महिला एवं बाल कल्याण’ विषय में अनुष्का नेगी विजेता रहे।

मुख्यमंत्री ने चयनित सभी छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ अभियान में प्रदेश के 2 लाख 67 हजार 744 विद्यार्थियों ने अपने निबंध, विचार और सुझाव साझा किए। इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की भागीदारी दर्शाती है कि उत्तराखण्ड का युवा अपने राज्य के भविष्य और विकास को लेकर जागरूक और गंभीर है। उन्होंने कहा कि अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, सड़क, वन एवं पर्यावरण, खेल, पलायन, स्वरोजगार, स्टार्टअप तथा गांवों में रोजगार के नए अवसर सृजित करने जैसे अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर सुझाव दिए हैं। युवाओं की सोच और नवाचार विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और युवाओं के बीच संवाद निरंतर बना रहना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान शासन के वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों द्वारा विद्यार्थियों के साथ किए गए संवाद का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन और युवाओं के बीच इस प्रकार का वैचारिक मंथन नई सोच और बेहतर नीति-निर्माण में सहायक होगा। मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि आज की युवा पीढ़ी तकनीक, नवाचार और नई सोच के साथ तेजी से आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य रखा है और इस लक्ष्य को हासिल करने में आज की युवा पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के युवाओं में प्रतिभा और सामर्थ्य की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता उन्हें सही अवसर, सही दिशा और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराने की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय में युवाओं को एआई, रोबोटिक्स, डिजिटल एवं आधुनिक मांग आधारित कौशल से जोड़ना आवश्यक है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को केवल रोजगार के लिए तैयार करना नहीं, बल्कि उन्हें उद्यमिता और स्वरोजगार के माध्यम से रोजगार सृजित करने के लिए भी प्रोत्साहित करना है। पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अधिक अवसर सृजित करने के लिए औद्योगिक एवं आर्थिक गतिविधियों को विस्तार दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने, निरंतर मेहनत करने और अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता और लक्ष्य प्राप्ति के लिए निरंतर परिश्रम आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को स्मरण करते हुए विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए पूरे समर्पण से मेहनत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा उत्तराखण्ड की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उनकी ऊर्जा, नवाचार तथा परिश्रम राज्य को विकास के नए आयाम तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ अभियान एवं निबंध प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए विद्यालयी शिक्षा विभागकी पूरी टीम को बधाई दी।

इस अवसर पर विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से संवाद करते हुए राज्य के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव साझा किए तथा सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में संचालित योजनाओं के संबंध में जानकारी भी प्राप्त की। उत्तरकाशी के अनमोल प्रमार ने सुझाव दिया कि सरकार द्वारा संचालित स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी ग्राम स्तर तक लोगों को उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए करियर काउंसलिंग के साथ ही सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने का भी सुझाव दिया। रुद्रपुर की वैष्णवी ने वरिष्ठ नागरिकों के ज्ञान और अनुभवों को संरक्षित एवं उपयोग में लाने के लिए ‘नॉलेज बैंक’ की व्यवस्था विकसित करने का सुझाव दिया। कालसी की कसिस ने कहा कि उत्तराखण्ड में औषधीय वनस्पतियों के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं और इनके माध्यम से वैश्विक बाजार में राज्य की विशिष्ट पहचान बनाई जा सकती है। अल्मोड़ा के भरत ने कहा कि उत्तराखण्ड में पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि पर्यटन क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनाई जा रही श्रेष्ठ प्रथाओं का अध्ययन कर उन्हें राज्य की परिस्थितियों के अनुरूप लागू किया जाना चाहिए।

इस अवसर पर सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, चन्द्रेश कुमार, ज्योति यादव, धीराज गर्ब्याल, सी. सविशंकर, अपर सचिव आलोक कुमार पाण्डेय, बंशीधर तिवारी विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री धामी ने GPS मैपिंग एवं तकनीकी सर्वेक्षण के लिए अभियान दल को किया फ्लैग ऑफ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड के 100 प्रमुख ट्रेक एवं हाइक रूट्स की GPS/GIS मैपिंग एवं तकनीकी सर्वेक्षण के लिए जाने वाले अभियान दल को फ्लैग ऑफ किया। उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद द्वारा गठित टीमें चयनित ट्रेक रूट्स का स्थलीय सर्वेक्षण कर उनकी विस्तृत GPS/GIS मैपिंग करेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में साहसिक एवं ट्रेकिंग पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। राज्य के प्रसिद्ध ट्रेकिंग क्षेत्रों के साथ ही दूरस्थ एवं कम प्रसिद्ध ट्रेक रूट्स को सुव्यवस्थित रूप से पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए आधुनिक तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस पहल से ट्रेकिंग को अधिक सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ पर्यटकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ट्रेक रूट्स की वैज्ञानिक मैपिंग से ट्रेकर्स को मार्ग से संबंधित आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराने के साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने में भी सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास के साथ उत्तराखण्ड की संवेदनशील हिमालयी पारिस्थितिकी के संरक्षण की दिशा में विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से राज्य के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय युवाओं के लिए गाइडिंग, होमस्टे एवं पर्यटन से जुड़ी अन्य गतिविधियों के माध्यम से रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना के क्रियान्वयन में स्थानीय लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल ने जानकारी दी कि परियोजना के तहत राज्य के 100 प्रमुख ट्रेक एवं हाइक रूट्स की GPS/GIS मैपिंग तथा तकनीकी सर्वेक्षण किया जाएगा। मैपिंग के आधार पर ऑफलाइन एवं ऑनलाइन GPS नेविगेशन ऐप विकसित किया जाएगा, जिससे नेटवर्क कनेक्टिविटी उपलब्ध न होने की स्थिति में भी ट्रेकर्स अपने मोबाइल फोन पर ट्रेल एवं रूट से संबंधित आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि परियोजना के सफल क्रियान्वयन के बाद उत्तराखण्ड सभी 100 मैप किए गए ट्रेक मार्गों को कवर करने वाला ऑफलाइन एवं ऑनलाइन GPS नेविगेशन ऐप विकसित करने वाला देश का पहला राज्य बनेगा। ऐप ट्रेकर्स को बेहतर नेविगेशन सुविधा उपलब्ध कराने के साथ आपातकालीन परिस्थितियों में रेस्क्यू ऑपरेशन में भी उपयोगी होगा।

सचिव पर्यटन ने बताया कि मैपिंग के दौरान ट्रेक रूट्स पर कैंप साइट्स, डस्टबिन एवं शौचालय के लिए उपयुक्त स्थानों की भी पहचान की जाएगी। इससे भविष्य में ट्रेकिंग रूट्स पर आवश्यक सुविधाओं के विकास, बेहतर कूड़ा प्रबंधन तथा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा सकेगा। उत्तराखण्ड पर्यटन के आधिकारिक मास्टर प्लान में भी ट्रेक मार्गों की सुरक्षा, संचार सुविधा, संकेतक और आपातकालीन निकासी जैसी व्यवस्थाओं को महत्वपूर्ण माना गया है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना राज्य में सतत एवं विज्ञान आधारित पर्यटन मॉडल विकसित करने में सहायक होगी। परियोजना के अंतर्गत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और कॉफी टेबल बुक भी तैयार की जाएगी, जिससे राज्य के कम प्रसिद्ध ट्रेकिंग क्षेत्रों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मदद मिलेगी।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, अपर सचिव पर्यटन एवं अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद अभिषेक रुहेला, अपर निदेशक पर्यटन पूनम चंद एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम आवास में धामी ने पीएम के जन्मदिन पर जलाया आशीर्वाद का दीया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर 17 सितंबर, गुरुवार रात्रि को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्वलित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दीर्घायु, स्वस्थ एवं यशस्वी जीवन की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में देश निरंतर विकास एवं प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है तथा उत्तराखंड को भी उनके मार्गदर्शन का निरंतर लाभ मिल रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नाम से दीप प्रज्वलित करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर राष्ट्रसेवा की कामना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने नेतृत्व में देश की विकास यात्रा को नई दिशा और नई गति प्रदान की है। उनके नेतृत्व में भारत वैश्विक स्तर पर अपनी एक अलग पहचान स्थापित कर रहा है तथा देश आत्मनिर्भरता और विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड के प्रति विशेष स्नेह रहा है। उनके मार्गदर्शन में राज्य में कनेक्टिविटी, धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन, सीमांत क्षेत्रों के विकास, अवस्थापना सुविधाओं और जनकल्याण से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं को नई गति मिली है। प्रधानमंत्री के विजन और मार्गदर्शन से उत्तराखंड विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है।

उन्होंने कहा कि ‘आशीर्वाद का दीया’ केवल एक दीप प्रज्वलन कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति उत्तराखंड की जनता के स्नेह, सम्मान और शुभकामनाओं का प्रतीक है। दीप की यह ज्योति प्रधानमंत्री के स्वस्थ, दीर्घ और यशस्वी जीवन के साथ राष्ट्र की निरंतर प्रगति और समृद्धि की मंगलकामना को भी अभिव्यक्त करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर प्रदेशभर में विभिन्न सेवा एवं जनकल्याणकारी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इन आयोजनों के माध्यम से सेवा, समर्पण और जनकल्याण की भावना को और मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उत्तराखंड भी ‘विकसित उत्तराखंड’ के लक्ष्य के साथ इस विकास यात्रा में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।

हरिपुर कालसी में मां यमुना का जयघोष, सीएम धामी ने माँ यमुना की प्रतिमा का अनावरण कर किया हरिघाट का लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिपुर कालसी पहुंचकर क्षेत्र को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विकास की महत्वपूर्ण सौगातें दीं। मुख्यमंत्री ने माँ यमुना की प्रतिमा का अनावरण, हरिघाट का लोकार्पण तथा माँ यमुना कृष्ण मंदिर का शिलान्यास किया। इस अवसर पर माँ यमुना के पावन तट पर ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के साथ यमुना आरती का आयोजन भी किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी साधु-संतों एवं बड़ी संख्या में उपस्थित जनसमूह के साथ यमुना आरती में श्रद्धापूर्वक प्रतिभाग किया। श्रद्धा और आस्था से ओतप्रोत इस आयोजन से कालसी का यमुना तट आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर नजर आया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कालसी की धरती इतिहास, आस्था और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं की भूमि है। माँ यमुना की प्रतिमा का अनावरण, हरिघाट का लोकार्पण और यमुना आरती जैसे आयोजन इस क्षेत्र की आध्यात्मिक पहचान को और मजबूती प्रदान करेंगे। माँ यमुना कृष्ण मंदिर का शिलान्यास भी कालसी के धार्मिक एवं सांस्कृतिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

‘ आशीर्वाद का दीया’ और यमुना आरती, 2100 दीपो से जगमगाया माँ यमुना का पावन तट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर माँ यमुना के पावन तट पर आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम एवं यमुना आरती श्रद्धा और आध्यात्मिक भाव के साथ संपन्न हुई। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी माँ यमुना के तट पर एक दीया प्रज्वलित कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति एवं जनकल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री के साथ साधु-संतों, श्रद्धालुओं और बड़ी संख्या में उपस्थित जनसमूह ने दीप प्रज्ज्वलित किए। इस अवसर पर कुल 2100 दीपों से माँ यमुना का पावन तट जगमगा उठा।

एक साथ प्रज्ज्वलित 2100 दीपों की रोशनी ने यमुना तट को भव्य और दिव्य आभा से भर दिया। दीपों की जगमगाहट के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साधु-संतों एवं बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं और स्थानीय जनसमूह के साथ माँ यमुना की आरती में श्रद्धापूर्वक प्रतिभाग किया। इस दौरान प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की गई। आस्था, प्रकाश और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर यह दृश्य कालसी की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत की जीवंत अभिव्यक्ति बन गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी सनातन परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने के साथ ही प्रदेश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

हनोल मास्टर प्लान को ₹150 करोड़ की स्वीकृति
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जौनसार-बावर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हनोल मास्टर प्लान के लिए ₹150 करोड़ की स्वीकृति इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन से जुड़ी अवस्थापना सुविधाओं के विकास और श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य आगे बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि लाखामंडल सहित जौनसार क्षेत्र के अन्य ऐतिहासिक, धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के सौंदर्यीकरण और विकास पर भी सरकार विशेष ध्यान दे रही है। इन क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के साथ ही पर्यटन की संभावनाओं को विकसित किया जा रहा है।

धार्मिक पर्यटन के साथ स्थानीय लोगों की आर्थिकी को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास केवल तीर्थ एवं पर्यटन स्थलों के विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि इन विकास कार्यों का लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंचाना भी प्राथमिकता है। पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से होमस्टे, स्थानीय उत्पाद, हस्तशिल्प, परिवहन, खान-पान और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय युवाओं और उद्यमियों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे तथा क्षेत्र की आर्थिकी को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि जौनसार-बावर की विशिष्ट लोक संस्कृति, परंपराएं, वास्तुकला और प्राकृतिक सौंदर्य उत्तराखंड की अमूल्य धरोहर हैं। विकास के साथ इन परंपराओं और विरासत का संरक्षण सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

आस्था, विरासत और विकास का संगम बन रहा उत्तराखंड
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों के विकास को नई गति मिली है। चारधाम के साथ ही प्रदेश के विभिन्न पौराणिक, ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों को बेहतर सुविधाओं से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में कालसी, हनोल, लाखामंडल और जौनसार-बावर क्षेत्र के धार्मिक एवं पर्यटन महत्व को नई पहचान देने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य हो रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड की आस्था और आध्यात्मिक विरासत आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के साथ जुड़कर प्रदेश के विकास और स्थानीय रोजगार का आधार बने।

इस अवसर पर विधायक मुन्ना सिंह चौहान, सचिव रणवीर सिंह चौहान, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद मुनि, अन्य जनप्रतिनिधि, विभिन्न साधु-संत तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।