आवेदन की तिथि बढ़ाने की मांग उठाई

ऋषिकेश।
बार एसोसिएशन ऋषिकेश ने जिलाधिकारी देहरादून से जिला शासकीय अधिवक्ता दीवानी और फौजदारी के आवेदन की तिथि बढ़ाने की मांग उठाई है। बार एसोसिएशन ने गुरुवार को जिलाधिकारी को पत्र भेजा है। इसमें जिला शासकीय अधिवक्ता दीवानी और फौजदारी के रिक्त पदों पर आवेदन की तिथि बढ़ाने का अनुरोध किया है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह सजवाण ने बताया कि 22 अक्तूबर से दो नवंबर के बीच अधिकांश दिन अवकाश रहा। साथ ही अधिवक्तागणों के कार्य से विरत रहने के कारण योग्य अधिवक्ता आवेदन नहीं कर पाए।
jobs-1एसोसिएशन को भी अभी तक विज्ञप्ति की प्रतिलिपि प्राप्त नहीं हुई है। इसलिए रिक्त पदों पर आवेदन को कम से कम दस दिनों का समय बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने बढ़ाए जाने वाले समय की सूचना भी एसोसिएशन को भेजने का अनुरोध किया है। पत्र भेजने वालों में महासचिव नरेश शर्मा, उपाध्यक्ष राकेश कंडवाल, संयुक्त सचिव आशुतोष डिमरी, कोषाध्यक्ष अजय सिंह वर्मा, पुस्तकालय अध्यक्ष अभिषेक प्रभाकर, शशि गौनियाल आदि शामिल हैं।

सड़क दुर्घटना में सुरक्षा गार्ड की मौत

रायवाला।
टिहरी हाइड्रो कारपोरेशन लिमिटेड ऋषिकेश से ड्यूटी कर घर लौट रहे सुरक्षा गार्ड कार की चपेट में आने से घायल हो गये। घायल को एम्बुलेंस की मदद से हिमालयन हॉस्पीटल ले जाया गया। जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
गुरूवार सुबह छिद्दरवाला निवासी प्रेम बहादुर क्षेत्री 57 पुत्र शेर बहादुर क्षेत्री टीएचडीसी से रात्रि ड्यूटी करके घर लौट रहे थे। छिद्दरवाला में ग्रीन वैली होटल के समीप होंडा सिटी कार ने उनकी साइकिल को टक्कर मार दी। जिससे वे गम्भीर रूप से घायल हो गए।
110घायल अवस्था में उनको जौलीग्रांट हॉस्पीटल ले जाया गया। जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। थानाध्यक्ष नत्थी लाल उनियाल ने बताया कि कार चालक कार छोडकर फरार हो गया। अज्ञात कार चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जबकि कार को थाने में खड़ा करवा दिया गया है।

डोईवाला-ऋषिकेश रेल लाइन की फिर उठी मांग

ऋषिकेश।
डोईवाला-ऋषिकेश रेल लाइन की मांग फिर तेज हो गई है। राष्ट्रीय दलित जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को रेल मंत्री को संबोधित ज्ञापन स्टेशन अधीक्षक को सौंपा। रेल मंत्री से ऋषिकेश से डोईवाला के बीच रेल लाइन और स्टेशन पर रेल सुविधाएं बढ़ाने की मांग उठाई है।
राष्ट्रीय दलित जागरण मंच के कार्यकर्ता गुरुवार को ऋषिकेश रेलवे स्टेशन पहुंचे। अध्यक्ष डॉ. कदम सिंह बालियान के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। उन्होंने स्टेशन अधीक्षक को पांच सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। रेल मंत्री को संबोधित ज्ञापन में ऋषिकेश से डोईवाला के बीच रेल लाइन निर्माण की मांग प्रमुख है। इसके अलावा राप्ती गंगा एक्सप्रेस ऋषिकेश से चलाने, ऋषिकेश स्टेशन में कैंटीन की सुविधा बहाल करने, हरिद्वार तक आने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों को ऋषिकेश से चलाने और लक्सर से ऋषिकेश तक डबल रेल लाइन की मांग भी शामिल हैं।
कार्यकर्ताओं ने मांगों पर सकारात्मक कार्यवाही नहीं होने से आंदोलन को चेतावनी दी।
106ज्ञापन में अजय मनिहारिया, अमित मोहन, सागर राणा, बबलू लाल, तेजपाल सिंह फौजी, रजनीश सैनी, ऋषिपाल, राजेश कुमार, माया देवी, निकिता देवी, सुमित चौरसिया, मनोज थापा, कमलेश देवी, पप्पू जाटव, अनिल कुमार, आकाश, स्वर्ण सिंह, बलराम, नीटू, किरनपाल, रविन्द्र कुमार, अनिल जाटव आदि के हस्ताक्षर हैं।

प्राध्यापकों को चेकिंग करते देख कई छात्र बैरंग ही वापस लौटे

आईकार्ड मांगे तो छात्रों में मची अफरा-तफरी
बाहरी छात्रों के चलते कॉलेज प्रशासन ने उठाया कदम

ऋषिकेश।
गुरुवार को ऑटोनॉमस कॉलेज में प्राचार्य ने प्राध्यापकों के साथ मिलकर छात्रों के आईकार्ड की जांच की। अचानक कॉलेज प्रशासन के द्वारा आईकार्ड जांचने से कॉलेज के छात्रों में हड़कंप मच गया। कुछ छात्र तो डर के चलते मुख्य गेट से ही बैरंग लौट गये। वहीं, कुछ छात्रों ने आइकार्ड नही होने की बात कही। टीम के सदस्यों ने छात्रों से कॉलेज आते समय आइकार्ड अपने साथ लाने के निर्देश दिये। गौरतलब है कि कॉलेज की दिवार बीते छह माह से क्षतिग्रस्त है। ऐसे में बाहरी लोग भी कॉलेज में आसानी से आ जा रहे है।
ऑटोनॉमस कॉलेज में छात्राओं की संख्या अधिक है। बाहरी लोगो से कॉलेज का माहौल खराब होने का खतरा बना रहता है। प्राचार्य डॉ. डीसी नैनवाल व अन्य प्राध्यापकों ने खेल मैदान में बैठे छात्रों से क्लास की जानकारी भी ली। कई छात्र क्लास छोड़ खेल मैदान में खाली बैठे मिले। टीम ने क्लास पढ़ने को चेताया। कहाकि 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है। ऐसे में छात्रों को क्लास नही छोडनी चाहिये।
105टीम ने अलग-अलग गेट व कॉलेज परिसर में लगातार दो घंटे तक अभियान जारी रखा। टीम में प्राचार्य डॉ. डीसी नैनवाल, डॉ. वीपी अग्रवाल, डॉ. एमपी नगवाल, डॉ. अंजू भटट, डॉ. पूनम रावत आदि मौजूद थे।

कोठारी बंधुओ की याद में ब्लड कैंप

ऋषिकेश।
राम जन्म भूमि आंदोलन में शहीद हुए कोठारी बंधुओं की याद में विश्व हिन्दू परिषद व बजरंग दल ने संयुक्तरुप से रक्तदान शिविर का आयोजन किया। शिविर में 102 यूनिट ब्लड एकत्र किया गया।
गुरुवार को लक्ष्मणझूला रोड़ स्थित कबीर चौरा आश्रम में विश्व हिन्दू परिषद व बजरंग दल ने संयुक्तरुप से रक्तदान शिविर का आयोजन किया। बजरंग दल के विभाग मंत्री दिलीप कुमार मिश्रा व जिला संयोजक शिवम गुप्ता ने बताया कि राम जन्म भूमि के आंदोलन में कोठारी बंधुओं की शहादत पर रक्तदान शिविर लगाया गया है। पूरे देश में संगठन रक्तदान शिविर का आयोजन कर रहा है। इससे पहले महंत प्रदीप दास, योगी बुद्धि प्रकाश ने रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया।
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रक्तदान शिविर में 102 यूनिट ब्लड एकत्र हुआ। मौके पर विहिप के प्रदेश उपाध्यक्ष भारत गगन अग्रवाल, विनय कुमार, अशोक गुप्ता, नरेन्द्र कैंतुरा, अशोक कपरुवान, अनिल खत्री, रमन सिंह, अर्जुन, नीरज, अजय सिंह, आशीष, विनोद मिश्रा आदि ने रक्तदान किया।

हेमकुण्ट एक्सप्रेस का इंजन फेल

ऋषिकेश।
ऋषिकेश से कटरा माता वैष्णो देवी स्टेशन के बीच एकमात्र ट्रेन हेमकुण्ट एक्सप्रेस (14609-10) चलती है। ऋषिकेश रेलवे स्टेशन से ट्रेन रोजाना शाम को चार बजकर 20 मिनट पर हरिद्वार के लिए रवाना होती है। शाम सवा पांच बजे ट्रेन हरिद्वार पहुंचती है और यहां से पांच बजकर 50 मिनट पर चलती है। गुरुवार को ऋषिकेश स्टेशन पर जैसे ही ट्रेन की रवानगी की तैयारी शुरू हुई, अचानक इंजन ने काम करना बंद कर दिया। चालक राम प्रसाद ने इंजन को चलाने के काफी प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। तुरंत इंजन फेल होने की सूचना जारी की गई। इसके बाद हरिद्वार से दूसरा इंजन ऋषिकेश भेजा गया। नए इंजन को हेमकुण्ट एक्सप्रेस से जोड़कर ट्रेन को रवाना किया। छह बजकर 50 मिनट पर ढाई घंटा देरी से ट्रेन रवाना हो पाई।
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परिवार के साथ वैष्णो देवी यात्रा पर जा रहे गुमानीवाला निवासी गणेश भट्ट ने बताया कि एक घंटे पहले ही रेलवे स्टेशन पहुंच गए, लेकिन इंजन में खराबी आने के कारण परेशानी उठानी पड़ी। कहा ट्रेन लेट होने से उनका यात्रा का शेड्यूल गड़बड़ा जाएगा। स्टेशन अधीक्षक आरपी मीणा ने बताया कि हेमकुण्ट एक्सप्रेस के इंजन में तकनीकी खामी आ गई। चालक दल ने फाल्ट ठीक का काफी प्रयास किया, लेकिन इंजन चालू नहीं होने पर हरिद्वार से दूसरा इंजन मंगाया गया। ट्रेन अपने नियत समय से ढाई घंटे देरी से रवाना हुई।

4.20 बजे ऋषिकेश स्टेशन से रवाना होने का तय समय
6.50 बजे ट्रेन स्टेशन से जम्मूतवी के लिए हुई रवाना

आठ महीने बाद भी नहीं मिला जनगणना का मानदेय

ऋषिकेश।
आठ महीने बाद भी जनगणना अद्यतन कार्य का मानदेय नहीं मिलने से यमकेश्वर ब्लॉक के शिक्षकों और राजस्व कर्मचारी नाराज हैं। गुरुवार को जिलाधिकारी पौड़ी को ज्ञापन सौंपकर मानदेय का जल्द भुगतान करने की मांग उठाई।
अप्रैल में यमकेश्वर ब्लॉक अंतर्गत जूनियर और माध्यमिक के शिक्षकों व राजस्व कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से जनगणना अद्यतन का कार्य किया था, लेकिन आठ माह बाद भी कर्मचारियों को उनका मानदेय नहीं दिया गया। इससे कर्मचारियों में रोष है। गुरुवार को राजकीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ की बैठक में महामंत्री गिरीश बडोला ने कहा कि जनगणना अद्यतन का कार्य बड़ी मेहनत और सावधानी का कार्य है। सभी कर्मचारियों ने अपना शतप्रतिशत समय देकर कार्य को संपन्न कराया, लेकिन आठ महीने के बाद भी मानदेय नहीं मिल पाया है।
01_05_2013-11censusसंघ के माध्यम से जिलाधिकारी पौड़ी को पत्र लिखकर मानदेय भुगतान की मांग की है। इस अवसर पर मेहरबान बिष्ट, ओमप्रकाश लखेड़ा, देवेन्द्र नेगी, दिनेश रावत, रेनू भण्डारी, सुमनलता शाह, सविता नौटियाल, चन्द्रपाल असवाल, सुधीर अमोली आदि उपस्थित थे।

रिहायशी इलाकों में हाथी रोकने को जुटा वन विभाग

मस्तकाल में हाथी को जंगल में रोकने के चल रहे प्रयास

ऋषिकेश।
रिहायशी क्षेत्रों में हाथी की चहल-कदमी रोकने के लिए वन विभाग ने कसरत तेज कर दी है। जंगल में सूखे जलाशयों को तलाश कर उनमें पानी भरा जा रहा है। दूसरी ओर जंगल से सटे इलाकों में गहरी खाई खोदने का काम भी चल रहा है। वन विभाग का प्रयास हाथी को जंगल के भीतर ही रोकना है।
नवंबर शुरू होते ही वन विभाग हाथी से लोगों की सुरक्षा में जुट गया है। जनवरी माह तक हाथी का मस्तकाल रहेगा। इन दिनों हाथी का स्वभाव काफी उग्र और हिंसक होता है। लिहाजा ऋषिकेश वन विभाग ने इससे निपटने के लिए पहले से ही तैयारियां तेज कर दी हैं। विभाग के सामने सबसे पहली चुनौती हाथी को रिहायशी इलाकों में जाने से रोकना है। हाथी को सबसे बड़ी जरूरत पानी की होती है। इसकी खोज में वे जंगलों को छोड़कर इंसानी बस्तियों का रुख करते हैं।
लिहाजा वन विभाग जंगलों में सूखे जलाशयों की तलाश कर उनमें पर्याप्त पानी भरने में जुटा है। वहीं जंगलों से सटे इलाकों में ऊर्जा बाड़ भी लगाई जा रही है। बीवीवाला बीट अंतर्गत वन विभाग भट्टोवाला, बडीर, रूषा फार्म, गुलरानी, नेपाली फार्म और ठाकुरपुर क्षेत्र में एक-एक किलोमीटर ऊर्जा बाड़ व दीवार लगाने जा रहा है। रेंजर गंगासागर नौटियाल ने बताया कि इन दिनों वे अपनी टीम के साथ मिलकर जंगल से सटे रिहायशी इलाकों में हाथी सुरक्षा से संबंधित जनजागरूकता अभियान भी चला रहे हैं।
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मॉर्निंग वॉक वालों पर लगेगी पाबंदी
हाथियों से सुरक्षा के मद्देनजर वन विभाग ने ऋषिकेश वनक्षेत्र से सटे हाईवे को डेंजर जोन घोषित किया है। इसमें मॉर्निंग वॉक और शाम को टहलना मना किया गया है। वहीं बाहर से ऋषिकेश घूमने वाले पर्यटकों को भी वाहन जंगल के आस-पास खड़ा न होने की सूचना अंकित की जा रही है।

सामान्यज्ञान प्रतियोगिता में नीलकंठ कॉलेज अव्वल

ऋषिकेश।
विकासखण्ड यमकेश्वर के ब्लॉक स्तरीय सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में नीलकंठ इंटर कॉलेज ने प्रथम स्थान प्राप्त कर परचम लहराया। जबकि इण्डर कॉलेज पोखरखाल दूसरे स्थान पर रहा। विजेता टीम को ट्रॉफी देकर पुरस्कृत किया गया। गुरूवार को विकासखण्ड यमकेश्वर अंर्तगत राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तिलधारखाल में चतुर्थ ब्लॉक स्तरीय सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता का शुभारम्भ यमकेश्वर खण्डशिक्षाधिकारी अमित कोटियाल ने किया। प्रतियोगिता में यमकेश्वर ब्लॉक के 18 विद्यालयों के 60 छात्र-छात्राओं की टीम ने भाग लिया।
101प्रतियोगिता में इंटर कॉलेज नीलकंठ के मनीष कुमार, रितेष भण्डारी व शुभम पयाल की टीम ने पहला स्थान पाया। जबकि इंटर कॉलेज पोखरवाला के अमित, रोबिन रावत व विकास कण्डवाल की टीम दूसरे स्थान पर रही। वहीं इंटर कॉलेज बंचूरी के शिवम, शबनम व अर्पित की टीम ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। अव्वल रही टीम को ट्रॉफी देकर पुरस्कृत भी किया गया। इस अवसर पर राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तिलधारखाल के प्रधानाचार्य सत्येन्द्र सिंह रावत, संदीप कुकरेती, राजेश भट्ट, रामेश्वर कुकरेती आदि उपस्थित रहे।

गुणवत्ता पर सवाल उठाने के बाद रुका है डामरीकरण का काम

ऋषिकेश।
नगर पालिका क्षेत्र में सड़कों की मरम्मत का काम ठप पड़ा हुआ है। स्थानीय सभासद ने आवास विकास क्षेत्र में बनी सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग उठाई थी। आईआरआई रुड़की की टीम ने सड़कों की गुणवत्ता जांचने पहुंची थी। इसके बाद से काम रुका पड़ा है।
ऋषिकेश में करीब 17 किमी लंबी 52 सड़कों के डामरीकरण का काम होना है। इसके लिए नगर पालिका को दो करोड़ पांच लाख रुपये का बजट है। पालिका प्रशासन पर आरोप लगे थे कि व्यस्त इलाकों को छोड़कर पहले पॉश कॉलोनियों में सड़कों को बनाया जा रहा है। इस दौरान आवास विकास क्षेत्र में सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए स्थानीय सभासद विकास तेवतिया ने जांच की मांग उठाई थी। उन्होंने प्रशासन को भी शिकायत भेजी थी। इसपर 25 अक्तूबर को पालिका प्रशासन ने सिंचाई अनुसंधान संस्थान रुड़की (आईआरआई) से निर्माण कार्य की जांच कराई। जांच टीम ने पाया कि सड़कों का कार्य मानकों के तहत नहीं हो रहा है। सड़कों पर सीलकोट करने और बनी सड़कों को नए सिरे से बनाने के निर्देश टीम ने दिए। इससे पालिका प्रशासन सकते में आ गया और तब से सड़कों का निर्माण कार्य ठप पड़ा है।
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सवाल उठ रहे हैं कि तापमान में गिरावट होने लगी है। सुबह और शाम के समय ठंड हो रही है। ऐसे में हॉटमिक्स सड़कों का निर्माण करने में दिक्कत आएगी। अगर सर्दियों में कार्य होता है तो सड़कों के ज्यादा दिन चलने की गारंटी नहीं है।