प्रत्येक विभाग सघन मिशन इंद्रधनुष-5.0 को लेकर आपसी सामंजस्य बनाएंः मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में ‘‘सघन मिशन इंद्रधनुष – 5.0‘‘ के संचालन के सम्बन्ध में शासन के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित हुयी। मुख्य सचिव ने प्रत्येक सम्बन्धित विभाग को आपसी सामंजस्य के साथ मिशन को सफल बनाने हेतु कार्य किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि किसी भी कारण से टीकाकरण से वंचित रह गए बच्चों का 100 प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल कल्याण विभाग, पंचायती राज विभाग, शिक्षा एवं स्थानीय निकायों द्वारा अपने-अपने स्तर पर किए जाने वाले कार्यों को करते हुए, मिशन को सफल बनाए जाने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने टीकाकरण के सम्बन्ध में आमजन को जागरूक किए जाने के लिए गहन प्रचार प्रसार भी किए जाने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि सघन मिशन इंद्रधनुष – 5.0 के लिए तीन राउंड में टीकाकरण किया जाएगा। राउण्ड-1 में 07 अगस्त से 12 अगस्त, राउंड-2 में 11 सितंबर से 16 सितम्बर और राउण्ड-3 में 09 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा। इसके तहत सभी प्रकार की तैयारियां पूर्ण की जा चुकी हैं। राज्य स्तरीय एवं जिला स्तरीय कार्यशालाएं आयोजित की जा चुकी हैं। 28 जुलाई तक ब्लॉक स्तर की कार्यशालाएं आयोजित कर ली जाएंगी।

इस अवसर पर सचिव हरिचन्द्र सेमवाल सहित एवं अपर सचिव अमरदीप कौर सहित संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों को ऑनलाइन भी उपलब्ध कराएंगी सरकारः सीएस

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में सचिवालय में डॉ. आर.एस. टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल की गवर्निंग बॉडी की बैठक आयोजित हुयी। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को मांग आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का अधिक से अधिक संचालित किए जाने की बात कही।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों को ऑनलाइन भी उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए ऐप भी तैयार किया जा सकता है, जिसमें सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए उनके कार्य के अनुरूप प्रशिक्षण मॉड्यूल उपलब्ध रहें। उन्होंने भारत सरकार के सभी प्रशिक्षण मॉड्यूल्स के साथ ही राज्य में पहले से उपलब्ध प्रशिक्षण मॉड्यूल्स को भी इससे जोड़े जाने के निर्देश दिए। उन्होंने ऑनलाईन कोर्सेज को अधिक से अधिक बढ़ावा दिए जाने की बात कही। उन्होंने अकादमी के ई-लाईब्रेरी सिस्टम में नेशनल लाईब्रेरी को शामिल किए जाने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने मिशन कर्मयोगी को गेम चेंजर बताते हुए इसे अधिक से अधिक लागू किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि इसके लिए एटीआई की पूरी टीम का मजबूतीकरण किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने गवर्निंग बॉडी और कार्यकारिणी समिति में 2-2 विशेषज्ञों को रखे जाने के भी निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने एटीआई को शहरी स्थानीय निकायों को गोद लिए जाने का भी सुझाव दिया। कहा कि स्थानीय निकाय को गोद लेकर इसमें पूर्ण रूप से प्रशिक्षण मॉड्यूल को लागू किया जाए।
इस अवसर पर महानिदेशक डॉ. आर.एस. टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल बी.पी. पाण्डेय, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली एवं दिलीप जावलकर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या में वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर देश के लिये अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की है।
अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की सेना ने अपने शौर्य और पराक्रम से हमेशा देश का मान बढ़ाया है। हमें अपने जवानों की वीरता पर गर्व है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में भी देश के लिये बलिदान की परम्परा रही है। कारगिल युद्ध में बड़ी संख्या में उत्तराखण्ड के सपूतों ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुती दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों के कल्याण के लिये वचनबद्ध है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारतीय सेना के अदम्य साहस व शौर्य का लोहा पूरी दुनिया मानती है। भारतीय सेना के वीर जवानों ने कारगिल में विपरीत परिस्थितियों में भी दुश्मन को भागने पर मजबूर किया था। कारगिल युद्ध में देश की सीमाओं की रक्षा के लिए वीर सैनिकों के बलिदान को राष्ट्र हमेशा याद रखेगा।

फिल्म पहाड़ी रत्न श्रीदेव सुमन का प्रोमो हुआ लांच, सीएम ने दी बधाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में उत्तराखण्डी फीचर फिल्म पहाड़ी रत्न श्रीदेव सुमन का प्रोमो तथा पोस्टर का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महान क्रांतिकारी श्री देव सुमन की पुण्य तिथि पर उनका स्मरण करते हुए कहा कि लोग श्रीदेव सुमन के जीवन एवं कार्यों पर आधारित इस फिल्म के माध्यम से श्रीदेव सुमन को अनुभव करेंगे। इस फिल्म के निर्माण के लिए कार्य कर रहे सभी कलाकारों की इसमें भूमिका अहम होगी। श्रीदेव सुमन द्वारा समाज के लिए दिया गया योगदान हम सभी को प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने हमेशा अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाई और तानाशाही के खिलाफ जन-आंदोलन चलाए। अनेक अमानवीय यातनाओं को झेला लेकिन सच्चाई के मार्ग से विचलित नहीं हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीदेव सुमन केवल एक जननायक ही नहीं थे, बल्कि उनके भीतर एक अटल देशभक्ति थी। वे एक क्रांतिकारी, बुद्धिजीवी, रचनाकार, पत्रकार एवं दूरदृष्टि की सोच रखने वाले महापुरुष थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भारत में अंग्रेजों के विरुद्ध आंदोलन चल रहा था तभी एक आंदोलन टिहरी प्रजामण्डल के द्वारा चलाया जा रहा था, जिसका नेतृत्व श्रीदेव सुमन कर रहे थे। इस लड़ाई को लड़ते-लड़ते उन्होंने कई बार शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन किए, बहुत प्रताड़ना सहनी पड़ी, कई बार आमरण अनशन भी किया। उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन में बढ़-चढ़ कर भाग लिया और वर्षों तक जेल में रहे, जेल में उनके ऊपर अनेक अमानवीय अत्याचार हुए। इसके बावजूद भी सुमन जी का संघर्ष जारी रहा उन्होंने 3 मई 1944 को अपना ऐतिहासिक अनशन शुरू किया और 25 जुलाई 1944 के शाम को उन्होंने प्राणोत्सर्ग कर दिया। सुमन जी की शहादत स्वाधीनता सेनानियों के लिए प्रेरणा स्रोत बन गई। मातृभूमि के लिए स्वयं को आहूत कर श्रीदेव सुमन जी ने पूरे राष्ट्र में क्रांति की अलख जगा दी। सुमन जी के विचार जितने उस वक्त प्रासांगिक थे, उतने ही आज भी हैं। वे सदैव एक प्रेरणापुंज की तरह हमारे हृदय में जीवित रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रवासी उत्तराखण्ड वासियों को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड का नैसर्गिक सौंदर्य फिल्मकारों को देवभूमि उत्तराखण्ड के लिए आकर्षण का केन्द्र बना है। राज्य में फिल्मांकन के लिए क्षेत्रीय फिल्मों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केदारपुरी का भव्य पुनर्निर्माण का कार्य हो रहा है। बद्रीनाथ में भी मास्टर प्लान के तहत तेजी से कार्य हो रहे हैं। चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या में हर साल वृद्धि हो रही है। कांवड़ यात्रा में भी इस वर्ष चार करोड़ से अधिक शिवभक्त देवभूमि उत्तराखण्ड आये और सकुशल कांवड़ यात्रा सम्पन्न हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय निवेशकों को राज्य में आकर्षित करने के उद्देश्य से दिसम्बर 2023 में देहरादून में “वैश्विक निवेशक सम्मेलन-2023“ आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। इसमें प्रधानमंत्री को उत्तराखण्ड निवेशक सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया गया है। राज्य में निवेशकों के लिए निवेश के लिए राज्य सरकार द्वारा हर संभव मदद दी जा रही है। कृषि और उद्यान के क्षेत्र में भी राज्य में तेजी से कार्य हो रहे हैं। एप्पल, कीवी, तेजपत्ता और तिमुर मिशन पर तेजी से कार्य हो रहे हैं। औषधीय पौधों की खेती पर भी तेजी से कार्य किये जा रहे हैं, ये पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन को रोकने में भी मददगार होंगे। उत्तराखण्ड देश का पहला ऐसा राज्य है, जिसने समान नागरिक संहिता को लागू करने की दिशा में पहल की है। राज्य में भर्ती परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता के साथ हों, इसके लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है।

इस अवसर पर उत्तराखण्डी फीचर फिल्म के निर्माता बिक्रम नेगी, फिल्म निर्देशक, ब्रिज रावत, इस फिल्म में संगीत देने वाले श्रवण भारद्वाज व सुमित गुसाईं, गीत देने वाले पदम गुसाई व बृज मोहन शर्मा वेदवाल, पटकथा व संवाद लिखने वाले देवी प्रसाद सेमवाल, छायांकन देने वाले राजेन्द्र सिंह, नृत्य निर्देशक अरविन्द नेगी, शोध संकलन-कथा सार देने वाले डा.एम आर सकलानी, एसोसिएट डायरेक्टर, राजेन्द्र नेगी, कार्यकारी निर्माता, राजेश मालगुड़ी, प्रेमा नेगी पहाड़ी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

उत्तराखंडः पहली बार परीक्षाफल सुधार परीक्षा

राज्य सरकार ने 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षा में अनुत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को परीक्षाफल सुधार कार्यक्रम के तहत उत्तीर्ण होने का एक मौका दिया है। यह योजना प्रदेश में पहली बार शुरू की गई है, जिसमें वर्ष 2022-23 में उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाओं में अनुत्तीर्ण छात्र-छात्राएं अपने परीक्षाफल को सुधार सकेंगे। परीक्षा का आयोजन प्रदेश के सभी विकासखंडों के 96 परीक्षा केन्द्रों पर किया जा रहा है, जिसमें हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के 23706 छात्र-छात्राएं शामिल होंगे।
सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा में परीक्षाफल सुधार के दृष्टिगत राज्य सरकार ने एक नई पहल शुरू की है।

जिसके तहत 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षा में अनुत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को उत्तीर्ण होने का एक मौका दिया जा रहा है। इसके अलावा ऐसे परीक्षार्थी जो किसी विषय में कम अंक लाये हों वह भी परीक्षा में शामिल होकर लाभान्वित हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि अक्सर कई छात्र-छात्राएं बोर्ड परीक्षाओं में अच्छा स्कोर तो कर देते थे लेकिन किसी एक या दो विषय में फेल हो जाते थे, जिससे उनका साल बर्बाद हो जाता था। छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुये परीक्षाफल सुधार परीक्षा में परीक्षार्थी हाईस्कूल में अधिकतम दो विषयों तथा इंटरमीडिएट में एक विषय में परीक्षा दे सकता है। परीक्षा के आयोजन के लिये प्रदेशभर के सभी विकासखंडों में एक-एक परीक्षा केन्द्र बनाये गये हैं जबकि जनपद ऊधमसिंह नगर के रूद्रपुर विकासखंड में अधिक परीक्षार्थी होने के कारण दो परीक्षा केन्द्र बनाये गये हैं। परीक्षा का आयोजन 7 अगस्त से 12 अगस्त 2023 तक किया जायेगा। सभी परीक्षाएं एकल पाली में प्रातः 10 से दोपहर 1 बजे तक संपादित की जायेंगी। उत्तर पुस्तिकाओं के संकलन के लिये प्रत्येक जनपद में एक-एक संकलन केन्द्र बनाया गया है। जबकि उत्तर पुस्तिकाओं के मुल्यांकन हेतु मंडल स्तर पर एक-एक मुल्यांकन केन्द्र बनाये गये हैं। परीक्षाफल सुधार परीक्षा में इस बार हाईस्कूल के 13587 छात्र-छात्राओं ने 8 अगल-अलग विषयों तथा इंटरमीडिएट के 10119 छात्र-छात्राओं ने 28 अलग-अलग विषयों में आवेदन किया है। विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा. रावत ने सभी छात्र-छात्राओं को परीक्षाफल सुधार परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के लिये अग्रिम शुभकामनाएं दी।

कंट्रोल रूम से जनवद वार प्रत्येक दिन की आपदा के नुकसान का आंकलन करेंः गणेश जोशी

प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की गई।
बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को दिशा निर्देश देते हुए कहा कि किसान हमारा अन्नदाता है और भारी बारिश से किसान को हुए नुकसान की भरपाई करना सरकार की जिम्मेदारी है। मंत्री ने कृषि सचिव तथा कृषि महानिदेशक को 27 जुलाई को प्रभावित क्षेत्र में कैंप करने और विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में मंत्री ने निदेशालय स्तर के अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त करते हुए गढ़वाल मंडल में उत्तरकाशी के पुरोला तथा कुमाऊं मंडल के नैनीताल के प्रभावित क्षेत्र में राजस्व की टीम के साथ सर्वेक्षण कर रिपोर्ट प्रेषित करने के भी निर्देश दिए। बैठक में मंत्री ने निदेशालय स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम के माध्यम से जनपद वार प्रत्येक दिन की आपदा के नुकसान का आंकलन किया जाए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आपदा के मानकों के पुनरीक्षण करने पर विचार करते हुए भू-राजस्व, सिंचाई, विद्युत बिल को माफ करना एवं राज्य स्तर पर टॉपअप आदि के माध्यम से किसानों को स्पेशल पैकेज के ज़रिए सहायता की जाएगी। उन्होंने कहा हरिद्वार जनपद के आपदा प्रभावित में कुछ जगह पर यह देखा गया कि सिडकुल और शुगर मिल का केमिकल से कृषि को बहुत ज्यादा क्षति हुई है। इस संबंध में मंत्री ने डीएम हरिद्वार को पॉल्यूशन विभाग से जांच कराने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने कहा किसानों को फलसों के बीमा कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाए, फसल बीमा का अधिक से अधिक प्रचार प्रसार के भी निर्देश दिए।
बैठक में अधिकारियों द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि अब तक प्रदेश में सेब की पेटियों की मांग 5.10 लाख आई हैं, इसके सापेक्ष विभाग द्वारा अबतक 2.20 लाख की आपूर्ति की जा चुकी है।
इस अवसर पर कृषि सचिव दीपेंद्र चौधरी, कृषि महानिदेशक रणवीर सिंह चौहान सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

ऑनलाईन लाटरी के जरिये पीएम आवास योजना के लाभार्थियों को मिले प्रपत्र

शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने विधानसभा स्थित सभागार कक्ष में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत ऑनलाईन लॉटरी के माध्यम से लाभाथियों को आवास आवंटन के प्रपत्र वितरित किये।

मंत्री ने कहा कि विभाग द्वारा केन्द्र एवं राज्य सरकार की अत्यन्त महत्त्वपूर्ण प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत संचालित दो परियोजनाओं में मटकोटा, उधमसिंह नगर तथा झब्बरपुर, हरिद्वार के लाभार्थियों को ऑनलाइन लॉटरी पद्यति से आवास आवंटन किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व में विभाग द्वारा 07 परियोजनाओं के माध्यम लाभार्थियों को आवास आवंटन किये जा चुके हैं।

शहरी विकास मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत आवास विकास परिषद द्वारा संचालित कुल 16 परियोजनाओं में लगभग 14200 आवास आवंटन किये जाने हैं। उन्होंने कहा कि उक्त योजनाएं वर्ष 2017-18 के उपरान्त समय-समय पर भारत सरकार द्वारा स्वीकृत की गयी थी किन्तु विधिक समस्याओं के कारण परियोजनाओं का कार्य मार्च 2022 के उपरान्त मौके पर विधिवत रूप से प्रारम्भ किया गया है।

मंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत लाभार्थियों को आवास आवंटन के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केन्द्र तथा राज्य सरकार समाज के अन्तिम व्यक्ति को छत तथा अन्य मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण को ध्यान रखते हुए आवास आवंटन हेतु प्राथमिकता महिला को दी जा रही है अन्यथा की स्थिति में महिला एवं पुरूष को संयुक्त रूप से आवास आवंटन किया जा रहा है।

मंत्री ने आवास विकास परिषद के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा बिल्डर्स के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि विभाग द्वारा पारदर्शिता को ध्यान में रखकर लाभार्थियों को आवास आवंटन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने लाभार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि सितम्बर 2024 तक 16 परियोजनाओं के आवासों को लाभार्थियों तक हस्तान्तरित कर दिया जायेगा।

इस अवसर पर अपर आवास आयुक्त प्रकाश चन्द्र दुम्का, अधिशासी अभियन्ता आनन्द राम, सहायक अभियन्ता विनोद चौहान एवं टीएस पंवार तथा विकासक अजय मंगल, घनश्याम तिवारी भी मौजूद रहे।

केंद्रीय मंत्री गिरीराज सिंह से मुख्यमंत्री धामी ने की मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केन्द्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री गिरीराज सिंह से भेंट कर उत्तराखण्ड में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से सम्बन्धित मुद्दों पर चर्चा की।
बैठक में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना-1 व 2 के कार्याे को पूर्ण करने की अवधि बढ़ाये जाने के लिये 03 अप्रैल, 2023 को अनुरोध किया गया था जिसके क्रम में अवशेष कार्याेे को पूर्ण करने हेतुु भारत सरकार द्वारा 31 मार्च, 2024 तक समय-सीमा बढ़ाये जाने के लिये मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास मंत्री का आभार व्यक्त किया।
बैठक में केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना-3 के अन्तर्गत प्रेषित प्रस्तावों को जल्द से जल्द स्वीकृति करने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत 150 से 249 जनसंख्या वाले बसावटो को भी इस योजना के अन्तर्गत स्वीकृति हेतु पुनः अनुरोध किया गया जो कि उत्तराखण्ड जैसे भौगोलिक राज्य के लिये नितान्त आवश्यक है। केन्द्रीय मंत्री ने इसका परीक्षण कराने का आश्वासन दिया।
बैठक में प्रधानमंत्री आवास के अवशेष लक्ष्य के विषय में आश्वासन दिया कि उत्तराखण्ड सरकार की वर्तमान स्थिति को देखते हुये अतिरिक्त आवंटन के लिए प्रयास किया जायेगा।

उत्तराखंड को मिली 250 करोड़ रूपये की सीआईआरएफ में परियोजना को स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भेंट कर उत्तराखण्ड में सड़क कनेक्टीवीटी से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को कंडाली (बिच्छु घास) से बनी स्टॉल के साथ ही राज्य के अन्य स्थानीय उत्पाद भी भेंट किये। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री से सी.आईआर.एफ के प्रस्तावों पर वित्तीय एवं प्रशासकीय अनुमोदन के लिए अनुरोध किया। केन्द्रीय संड़क परिवहन मंत्री ने कहा कि सी.आईआर.एफ में राज्य को 250 करोड़ रूपये की परियोजना की स्वीकृति प्रदान की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों में स्थित आपदा से क्षतिग्रस्त हुये राष्ट्रीय राजमार्गों को सुचारू किये जाने के लिए एफ0डी0आर0 (सी0) के अन्तर्गत धनराशि का भुगतान किये जाने का अनुरोध केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री से किया। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इसके लिए बाढ़ क्षति की मरम्मत के तहत पुनः प्रस्ताव भेजा जाय। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग -109 ा के ज्यामितीय सुधार एवं चौड़ीकरण कार्य के लिये उत्तराखण्ड लोक निर्माण विभाग को निर्माण एजेन्सी के रूप में नामित किये जाने की स्वीकृति प्रदान किये जाने का भी अनुरोध किया। इसके लिए केन्द्रीय मंत्री ने सहमति दी। मुख्यमंत्री के अनुरोध पर केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री ने मसूरी की महत्वपूर्ण 02-लेन टनल परियोजना के कार्य को शीघ्रता से करने के एन.एच.ए.आई के अधिकारियों को निर्देश दिये।
यमुनोत्री धाम को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-123(507) डामटा से बड़कोट के 2-लेन चौड़ीकरण हेतु डी0पी0आर0 लागत रू0 367.35 करोड़ मात्र की स्वीकृति प्रदान करने का भी मुख्यमंत्री ने अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि यह मार्ग चारधाम यात्रा का वैकल्पिक मार्ग है। केन्द्रीय मंत्री द्वारा इसकी स्वीकृति जल्द दिये जाने का आश्वासन दिया गया।
मुख्यमंत्री ने खटीमा – पीलीभीत बाईपास का निर्माण एन0एच0ए0आई0 के माध्यम से कराये जाने का अनुरोध किया जिस पर केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इस पर विचार किया जायेगा। खटीमा मेलाघाट वनमहोलिया मार्ग तथा खटीमा लोहियाहैड मार्ग में आर0ओ0बी0 का निर्माण के लिए मुख्यमंत्री के अनुरोध पर केन्द्रीय मंत्री ने आरओबी के लिए परीक्षण करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देहरादून रिंग रोड निर्माण कार्य के लिए एन0एच0ए0आई0 द्वारा संरेखण के अंतिमीकरण की कार्रवाई की जा रही हैै। मुख्यमंत्री ने एन0एच0-(ओ0) के अन्तर्गत इनकी जल्द स्वीकृति का अनुरोध केंद्रीय मंत्री से किया। केन्द्रीय मंत्री ने इस पर त्वरित कार्यवाही के लिए एनएचएआई को निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री से कुमॉऊ से गढ़वाल मण्डल को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-87ई0 (109) (ज्योलीकोट से कर्णप्रयाग) और उत्तराखण्ड एवं हिमाचल राज्य को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-72बी0 (707)(फेडिज से सनैल) के 2-लेन में परिवर्तन के समरेखण प्रस्ताव पर शीघ्र अनुमोदन दिये जाने का अनुरोध किया। श्रीनगर शहरी क्षेत्र में अत्यधिक यातायात घनत्व को दृष्टिगत रखते हुये बाईपास निर्माण के लिए भी मुख्यमंत्री ने अनुरोध किया। केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री ने इन तीनों योजनाओं की डीपीआर पर इस माह में स्वीकृति प्रदान करने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री से अनुरोध किया कि जनपद पिथौरागढ़ के जौलिंगकांग (व्यास घाटी) से बेदाग के मध्य 5 कि०मी० टनल का निर्माण वेदांग से गो एवं सिपु तक 20 कि०मी० मार्ग सहित किये जाने से बी०आर०ओ० एवं सी0पी0डब्लू0डी० द्वारा निर्मित तवाघाट से वेदांग तक का मार्ग संयोजित हो जायेगा। यह जौलिंगकांग एवं बेदांग की दूरी 161 कि०मी० कम कर देगा। सिपु से तोला के मध्य लगभग 22 कि०मी० लम्बाई की टनल का निर्माण किये जाने से दारमा वैली तथा जोहार वैली एक दूसरे से कनेक्ट हो जायेंगे। उन्होंने कहा मिलम से लथल तक 30 कि०मी० टनल का निर्माण होने से जनपद पिथौरागढ़ की जोहार घाटी एवं जनपद चमोली का लप्थल सड़क मार्ग को कनेक्ट किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन 03 टनल मार्गों एवं 20 कि०मी० सड़क मार्ग के निर्माण से जौलिंगकांग से लप्थल की दूरी लगभग 42 कि०मी० हो जायेगी, जो कि वर्तमान में 490 कि0मी0 है। मुख्यमंत्री ने गो गांव से आगे बेदांग तक मोटर मार्ग निर्माण किये जाने एवं व्यास वैली में जौलिंगकांग से दारमा वैली के बेदांग गांव को जोड़ने हेतु दोनों ओर से लगभग 19 कि०मी० लम्बाई के मोटर मार्ग एवं लगभग 3 कि०मी० लम्बाई के टनल निर्माण की किये जाने का भी अनुरोध किया।
बैठक के दौरान उत्तराखण्ड के कैबिनेट मंत्री लोक निर्माण विभाग सतपाल महाराज, सचिव पीडब्लूडी डॉक्टर पंकज पांडेय भी उपस्थित थे।

मंत्री डा. अग्रवाल ने भारत गौरव ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

देशभर के 11 ज्योतिर्लिंग की रामकथा यात्रा का शुभारंभ आज योगनगरी रेलवे स्टेशन से हुआ। 1008 श्रद्धालु कैलास और चित्रकूट ट्रेनों में सवार होकर तीर्थस्थलों के दर्शन के लिए रवाना हुए। इन ट्रेनों को कथा मर्मज्ञ मोरारी बापू और मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल नेभगवान श्रीराम के जयकारों के बीच हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

योगनगरी रेलवेस्टेशन पर भारतीय रेलवे कैटरिंग एंडएं टूरिज्म कॉरपोरेशन नेट्रेनों को हरी झंडी दिखाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान मोरारी बापू ने कहा कि भगवान श्रीराम ने सेतु बनाकर सभी को जोड़ा। जगद्गुरू शंकराचार्य ने पूरे भारत को जोड़ा। ऐसेही यह उत्तर, पूर्व और पश्चिम तथा दक्षिण को आध्यात्म द्वारा जोड़नेका पवित्र प्रयास है। कहा कि उत्तराखंड मेंगंगा का उद्गम स्थल हैऔर गंगा ऊपर से नीचे की ओर बहती है, इसके चलते रामकथा यात्रा को यहां से शुरू करने का फैसला लिया गया। यह यात्रा सनातन धर्म के प्रति लोगों को बड़ा संदेश देगी।

मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल नेकहा कि इस यात्रा के कार्यक्रम का हिस्सा बनकर उन्हे ंबेहद खुशी महसूस हुई। भारतीय संस्कृतिकी समृद्ध विरासत के संवर्द्धन में रेल यात्रा बेहतर कदम है। मौके पर रेलवेके मुरादाबाद मंडल के डीआरएम राजकुमार सिंह, एडीआरएम निर्भय नारायण सिंह, कविता शाह, सुमित पंवार, इंद्रकुमार गोदवानी, दिनेश सती, पवन शर्मा आदि मौजूद रहे।