अग्रवाल ने प्राधिकरण के रिक्त पदों को भरने के दिए निर्देश

कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन के साथ विभागीय कार्यों के अध्ययन की स्थिति को लेकर बैठक की। इस दौरान डॉ. अग्रवाल ने प्रदेश के अधिकांश प्राधिकरण में अधूरी रिक्तियों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए।
शासकीय आवास में हुई बैठक के दौरान डॉ अग्रवाल को अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने विभाग में चल रहे कार्यों की अध्ययन स्थिति से अवगत कराया। जिस पर डॉ अग्रवाल ने निर्देशित करते हुए कहा कि जनहित के कार्यों को तत्परता से किया जाए। साथ ही डॉ अग्रवाल ने विभागीय कार्यों को धरातल पर उतारने के लिए भी शीघ्र निर्देश दिए। इसके अलावा डॉ अग्रवाल ने प्रदेश के प्राधिकरणों में अधूरी रिक्तियों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तब तक वैकल्पिक व्यवस्था भी की जाए। जिस पर आनंद वर्धन ने बताया कि रिक्तियों के लिए अध्याचन भेजा गया है।
वही, हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अंशुल सिंह ने कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान डॉ वालों ने अवैध रूप से बन रहे भवनों को शुरुआती दौर पर ही लगाम लगाने को कहा। उन्होंने कहा कि विभाग अपनी कार्यशैली में सुधार लाएं जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना ना करना पड़े।

राज्य सरकार ने 10वीं और 12वीं के 94 मेधावी छात्रों को सम्मानित किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को आई.आर.डी.टी. सभागार, सर्वे चौक देहरादून में आयोजित 10वीं एवं 12वीं परीक्षा में उत्तीर्ण मेधावी छात्र-छात्राओं के ‘सम्मान समारोह’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की ओर से 94 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी मेधावियों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें गर्व का अनुभव हो रहा है, आज वे प्रदेश के उन सर्वश्रेष्ठ बच्चों से मिल रहे हैं, जिन्होंने अपनी प्रतिभा के बल पर यह दिखाया है कि शिखर पर जाने के लिए एक स्पष्ट उद्देश्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन में कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता है। शिक्षा से जीवन की सभी चुनौतियों का सामना किया जा सकता है। शिक्षा में भक्ति जैसी सारगर्भिता होनी चाहिए। उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों से कहा कि यह जीवन की प्रारंभिक सीढ़ी है। जीवन की प्रत्येक सीढ़ी पर आपको चुनौतियां मिलेंगी, जिन पर आपको विवेक और बुद्धि के बल पर पार पाना होगा। न तो मेहनत का कोई विकल्प होता है और न ही शॉर्ट कट कभी हमें स्थायी सफलता की ओर ले जाता है। इसलिए हमें विकल्प रहित संकल्प लेकर लगातार मेहनत करनी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रश्न पत्र के माध्यम से ही जीवन में हमेशा परीक्षा नहीं आती। कई बार ऐसी चुनौतियां आती हैं, जिनका समाधान अपनी पूरी मेधा लगाकर ही पाया जा सकता है। कार्य करने का अवसर जिस भी क्षेत्र में मिले उस क्षेत्र में लीडर की भूमिका में कार्य करें, उस कार्य के प्रति अपना सर्वश्रेष्ठ दें। चुनौतियों का धैर्यपूर्वक सामना करते हुए अपने पुरुषार्थ के बल पर मंजिल प्राप्त करना ही वास्तविक सफलता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी देश का सामाजिक एवं आर्थिक विकास उस देश में विद्यार्थियों को मिलने वाली शिक्षा की गुणवत्ता पर निर्भर करता है। वर्ष 2020 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नए युग की नई चुनौतियों से निपटने के लिए नई शिक्षा नीति को हमारे सम्मुख रखा गया। नई शिक्षा नीति से जहां एक ओर स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा को नए आयाम प्राप्त होंगे वहीं इससे सभी वर्ग के लोगों को समानता के आधार पर शिक्षा प्राप्त करने के अवसर भी मिलेंगे। स्कूली स्तर पर कौशल विकास से युवा कार्य कुशल बनेंगे। नई शिक्षा नीति के माध्यम से बच्चों को रोजगार परक शिक्षा के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने में भी सहायता मिलेगी। इससे शोध एवं अनुसंधान को भी बढ़ावा मिलेगा तथा विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित होगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश का प्रथम राज्य है जिसने स्कूली शिक्षा में नई शिक्षा नीति को लागू किया है।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार के लिए राज्य में तेजी से प्रयास किये जा रहे हैं। देश की रैंकिंग में हमारे 5 विश्वविद्यालयों के नाम हैं। इस बार एनडीए एवं सीडीएस की परीक्षा में राज्य से सर्वाधिक बच्चे चयनित हुए। राज्य में पहली बार मेधावियों को सम्मान देने का कार्य मुख्यमंत्री द्वारा किया गया है। राज्य सरकार छात्रों के बेहतर भविष्य के लिए समर्पित सरकार है। सरकार द्वारा मेधावी बच्चों के लिए चार छात्रवृत्ति योजनाएं चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि स्कूलों की प्रवक्ता व एलटी शिक्षकों की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए प्रधानाचार्यों को नामित किया गया है। प्रदेश में अंक सुधार परीक्षा आयोजित की जा रही है।

अमृत काल में देश को नई ऊंचाइयों पर ले जायेंगे हमारे युवा-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार की सांय मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में उत्तराखण्ड परिषदीय परीक्षा 2023 में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले छात्र छात्राओं को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति उसके शिक्षित एवं सभ्य मानव संसाधन पर निर्भर करती हैं। आज के बच्चे भविष्य के नागरिक है इसलिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि आज बच्चे किस प्रकार की शिक्षा एवं संस्कार से जुड़े हैं। छात्रों को भविष्य में इस प्रदेश एवं देश का उत्तरदायित्व लेना है। आने वाले समय में प्रदेश एवं देश की दिशा एवं दशा हमारे मेधावियों द्वारा निर्धारित की जानी है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश में युवा पीढ़ी का बौद्धिक स्तर बहुत ऊंचा है तथा शैक्षिक एवं खेल कूद दोनों क्षेत्रों में नवीन प्रतिमान स्थापित कर रहे हैं। हमारे प्रदेश की युवा पीढ़ी न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर भी देश का प्रतिनिधित्व कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारे छात्र-छात्राओं की यह उपलब्धि सामान्य नहीं है तथा इसे बनाये रखना आसान भी नहीं है। छात्रों द्वारा स्वयं के लिए ऐसा बेंचमार्क बनाया गया है जो कठिन अवश्य है लेकिन असम्भव नहीं है। इस उपलब्धि के लिए छात्रों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने लिए बड़ा लक्ष्य निर्धारित करो तथा उसको प्राप्त करने के लिए छोटे-छोटे पड़ाव बनाओ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति उसके शिक्षित एवं सभ्य मानव संसाधन पर निर्भर करती है। आज के बच्चे भविष्य के नागरिक है इसलिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि आज बच्चे किस प्रकार की शिक्षा एवं संस्कार से जुड़े है। अमृत काल के समय में प्रदेश एवं देश की दिशा एवं दशा आप जैसे होनहारों, मेधावियों द्वारा ही निर्धारित की जानी है। हमारे प्रदेश को युवा पीढ़ी न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर भी देश का प्रतिनिधित्व कर रही है। आज हमारे प्रदेश के बच्चे प्रत्येक वर्ष सीबीएसई, आईसीएसई एवं अन्य बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षाओं में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों की सूची में तो सम्मिलित रहते ही हैं, साथ ही अखिल भारतीय स्तर की आईएएस एवं पीसीएस आदि परीक्षाओं की चयन सूची में भी शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले युवाओं में सम्मिलित रहते हैं। हमारे छात्र सुशांत ने हाईस्कूल परीक्षा में 99 प्रतिशत अंक तथा हमारी छात्रा तन्नू ने इण्टरमीडिएट में 97.6 प्रतिशत अंक प्राप्त किये है। यह हमें बताता है कि आज हमारे बच्चों का बौद्धिक स्तर कितना ऊंचा हो गया है। हाईस्कूल में यदि द्वितीय स्थान की बात करें तो 12 बच्चों के 98 प्रतिशत अंक है तथा इसी प्रकार इण्टरमीडिएट स्तर पर 21 बच्चे ऐसे हैं जिनके 95 प्रतिशत या इससे अधिक अंक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सामान्य परिवार के बच्चों की प्रतिभा स्वयं के साथ समाज के लिए भी प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि हमारे महान लोगों ने साधारण परिवेश में रहकर साधारण से असाधारण की यात्रा तथा धरती से आसमान छूने का कार्य किया है
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का छात्रों से परीक्षा पर चर्चा उन्हें प्रेरणा देने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि परीक्षा में अंक प्राप्त करने के साथ ज्ञान प्राप्त करना भी महत्वपूर्ण होता हैं। उन्होंने छात्रों से जीवन में सफलता के लिए विकल्प रहित संकल्प के साथ आगे बढ़ने को कहा। उन्होंने कहा कि छात्रों के बेहतर भविष्य के लिए प्रदेश में देश का सक्षम नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इसके तहत अब तक 80 लोगों को जेल में पहुंचाया गया है। हाल ही में हुई 4-5 परीक्षाओं में 5-50 लाख युवाओं ने प्रतिभाग किया तथा साधारण परिवार के युवाओं ने उसमें सफलता पाई है। अब प्रतिभाओं का सम्मान हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्ञान की परम्परा हमारी विरासत है। प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में देश ज्ञान विज्ञान के साथ हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। विविधता वाले हमारे देश को कोरोना काल में सबको सुरक्षित रखने का प्रधानमंत्री के प्रयासों को आज दुनिया के देश अध्ययन कर रहे है। देश की अर्थव्यवस्था 5वें नंबर की हो गई है।
शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में पहली बार मेधावियों को सम्मान देने का कार्य मुख्यमंत्री द्वारा किया गया है। राज्य सरकार छात्रों के बेहतर भविष्य के लिए समर्पित सरकार है। 70 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले कक्षा 6 से स्नातक तक के छात्रों को प्रतिमाह छात्रवृत्ति की व्यवस्था की गई है। राज्य के 146 छात्रों ने एनडीए, सीडीएस की परीक्षा पास की है। उन्हें एक लाख का पारिश्रमिक दिया जा रहा हैं उन्होंने मेधावी छात्रों से अपने सुझाव लिखने को कहा जिसे पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्कूलों की प्रवक्ता व एलटी शिक्षकों की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए प्रधानाचार्यों को नामित किया गया है। प्रदेश में अंक सुधार परीक्षा आयोजित की जा रही है। इस वर्ष 78 बच्चे टॉपर आए है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के विकास में धन की कमी नही होने दी जाएगी।
महानिदेशक शिक्षा बंशीधर तिवारी ने कहा कि परीक्षा कोई भी हो उसके परिणाम हमें बेहतर मुकाम तक ले जाते है। छात्रों की सफलता का सम्मान उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने मेधावी छात्रों को उत्तराखण्ड का भावी कर्णधार बताते हुए कहा कि देश के सुनहरे भविष्य की महती जिम्मेदारी भी उन्हें निभानी हैं सकारात्मक ऊर्जा एवं प्रेरणा भी दूसरे छात्रों को उनके प्रयासों से मिलती हैं तथा समाज एवं राष्ट्र सेवा के लिए भी प्रेरित करने का कार्य करती है।
इस अवसर पर 100 मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया तथा अनेक छात्रों ने अपने सुझाव भी रखे। विद्यालयी शिक्षा निदेशक सीमा जौनसारी ने आभार व्यक्त किया।

मंत्री ने सचिव कृषि को किसान भवन में कॉल सेंटर स्थापित करने के भी दिए निर्देश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 14वीं किस्त जारी की। राजस्थान के सीकर से देशभर के साढ़े 8 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में 2000 रुपए की किस्त ट्रांसफर की गई। इसी क्रम में देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी भी जुड़े। कार्यक्रम में विधायक मुन्ना सिंह चौहान जिला पंचायत मधु चौहान सचिव कृषि दीपेंद्र चौधरी कृषि महानिदेशक रणवीर सिंह चौहान सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने प्रधानमंत्री का आभार प्रकट करते हुए कहा कि आज पीएम मोदी द्वारा प्रदेश के 708148 (सात लाख साठ हजार एक सौ अडतालीस) किसानों को रुपये (168.94 लाख) एक सौ अडसाठ करोड़ चौरान्वे लाख धनराशि सीधे उनके खातों में हस्तांतरित की हैं। मंत्री ने कहा भारत सरकार द्वारा किसानों को वित्तीय सहायता दिये जाने के लिए दिनांक 01 दिसम्बर 2018 से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पी.एम किसान) योजना लागू की गई है। योजना में पात्र किसानों को प्रति वर्ष छह हजार रुपये की धनराशि दो हजार रुपये की तीन समान किस्तों में प्रदान की जा रही है। प्रदेश में योजनान्तर्गत वर्तमान में पंजीकृत सक्रीय किसानों की संख्या नौ लाख अठारह हजार है। अब तक किसान सम्मान निधि योजना के तहत जारी की गई तेरह किश्तों में प्रदेश के किसानों को रुपये दो हजार पैसठ करोड अठासी लाख धनराशि उपलब्ध करायी गयी है। कार्यक्रम के दौरान मंत्री गणेश जोशी ने सचिव कृषि को देहरादून स्थित किसान भवन में कॉल सेंटर स्थापित करने के भी निर्देश दिए, ताकि किसानों को किसी भी समस्या के समाधान या जानकारी मिल सके।
मंत्री ने आगामी किश्तों का लाभ लेने के लिए सभी किसानों को मज्ञल्ब् अभिलेखों से सम्बन्धित कार्य समय पर करा ले। इसके लिए अपने निकटतम कृषि कार्यालय तथा राजस्व कार्यालय से सम्पर्क कर लें। मंत्री ने कहा केन्द्र के तर्ज पर प्रदेश सरकार द्वारा भी राज्य में मुख्यमंत्री प्राकृतिक कृषि योजनाष् प्रारम्भ की जा रही है, जिससे अधिक से अधिक क्षेत्र को प्राकृतिक कृषि के अन्तर्गत आच्छादित किया जा सके। उन्होंने कहा गंगा नदी स्वच्छता कार्यक्रम के तहत प्रदेश सरकार द्वारा ष्नमामि गंगे प्राकृतिक कृषि कोरिडोर योजनाष् प्रारम्भ की जा रही है।

इस अवसर पर विधायक मुन्ना सिंह चौहान, जिला पंचायत मधु चौहान, सचिव कृषि दीपेंद्र चौधरी, कृषि महानिदेशक रणवीर सिंह चौहान, सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम के अनुरोध पर राज्य में 13 निर्भया हॉस्टल को केंद्र से मिली स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, के अनुरोध पर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा राज्य की कार्यशील महिलाओं व उच्च शिक्षा की छात्राओं हेतु कुल 13 निर्भया हॉस्टल की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके लिये मुख्यमंत्री ने केन्द्र सरकार का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन छात्रावासों के निर्माण से राज्य के विभिन्न जनपदों में कार्यशील महिलाओं एवं उच्च शिक्षा में अध्ययनरत छात्राओं को आवासीय सुविधायें उपलब्ध होंगी।

50 बेड के ये निर्भया हॉस्टल प्रदेश में भीमताल, हल्द्वानी, भगवानपुर, सेलाकुई, पिथोरागढ़, चम्पावत, अल्मोड़ा, कर्णप्रयाग, टिहरी गढ़वाल, उत्तरकाशी, पौड़ी गढ़वाल, बागेश्वर, एवं रूद्रप्रयाग में बनाये जायेंगे। इसके लिये लगभग 48 करोड की धनराशि की भी मंजूरी प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री बोले, सीएम हेल्पलाइन में शिकायतकर्ता के पूर्ण रूप से संतुष्ट होने के बाद ही शिकायत क्लोज की जाए

जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए जब तक शिकायतकर्ता पूर्ण रूप से संतुष्ट नहीं हो जाता है, उनकी शिकायत फोर्सली क्लोज न की जाए, यदि कोई अधिकारी ऐसा कर रहे हैं तो उन पर सख्त कारवाई की जाए। यह निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में सीएम हेल्पलाइन-1905 की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को दिये। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री जन समर्पण दिवस (सहयोग से समाधान की ओर) डिजिटाइजेशन प्रक्रिया द्वारा तहसील दिवस एवं जिलाधिकारी जनता दिवस पोर्टल का शुभारंभ किया। यह पोर्टल सीएम हेल्पलाइन 1905 से कनेक्ट होगा। इससे तहसील दिवस एवं जिलाधिकारी के समक्ष प्रत्येक माह प्राप्त शिकायतों एवं उनमें कितनों का समाधान किया गया इसकी पूरी जानकारी प्राप्त होगी। यह सभी जानकारी डिजिटल माध्यम से प्राप्त होगी। इसके लिए अलग से रजिस्टर मेंटेन करने की आवश्यकता नहीं होगी।
लोक निर्माण विभाग और नगर निगम में एक ही दिन में कई शिकायतों के निस्तारण होने पर मुख्यमंत्री ने सचिव लोक निर्माण विभाग एवं आयुक्त गढ़वाल मण्डल इसकी जॉच करने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने सभी उच्चाधिकारियों को निर्देश दिये कि सीएम हेल्पलाईन पर आ रही शिकायतों के सबंध में शिकायतकर्ताओं से वार्ता कर उनका समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि अगली बैठकों में यह भी देखा जायेगा कि कौन अधिकारी शिकायतकर्ताओं से लगातार बातचीत कर रहे हैं और कौन लापरवाही बरत रहे हैं।

सतर्कता अधिष्ठान को मजबूत बनाने के लिए सभी विभाग नोडल अधिकारी नियुक्त करें।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि सभी विभाग सतर्कता अधिष्ठान को मजबूत बनाने के लिए अपने विभागों में एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त करें। सीएम हेल्पलाइन की पिछले माह हुई बैठक में सतर्कता अधिष्ठान को मजबूत करने के निर्देश दिये थे। इस सबंध में उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से इस दिशा में किये जा रहे प्रयासों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाईन 1905 के सफल संचालन के लिए कार्य कर रहे लोगों को और अधिक प्रशिक्षित किया जाए। समय-समय पर विभागीय अधिकारियों को भी प्रशिक्षण दिया जाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिये जिन शिकायतों के समाधान में अधिक समय लगने की संभावना है। ऐसी शिकायतों पर शिकायतकर्ताओं से बात कर उनको जानकारी दी जाय और कार्य में लेट होने की स्पष्ट वजह भी बताई जाय।

सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत करने वाले शिकायतकर्ताओं से मुख्यमंत्री ने फोन से बात कर वस्तुस्थिति जानी।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कुछ शिकायतकर्ताओं से फोन से वार्ता की एवं उनकी समस्याओं की जानकारी ली। कुछ शिकायतों का समाधान किया जा चुका था। जिन समस्याओं का समाधान अभी नहीं हुआ था, मुख्यमंत्री ने सबंधित अधिकारियों को शीघ्र उनका समाधान करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर देहरादून के श्री आलोक शर्मा, उत्तरकाशी के राहुल राणा, कमला चौहान, मारथा डेविड, मोहन चन्द्र उप्रेती एवं कुशलपाल सिंह राणा से बातचीत कर उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली।
बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द बर्द्धन, डीजीपी अशोक कुमार, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, अरविन्द सिंह ह्यांकी, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, सचिन कुर्वे, विनय शंकर पाण्डेय, निदेशक आईटीडीए नितिका खण्डेलवाल अपर सचिवगण, विभागीय एचओडी एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री से मिले आईपीएस कैडर में प्रोन्नत पुलिस सेवा के अधिकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सचिवालय में आई.पी.एस. कैडर में प्रोन्नत पुलिस सेवा के अधिकारियों ने भेंट की। इनमें प्रमेन्द्र डोभाल, कमलेश उपाध्याय, तथा ममता बोहरा शामिल थे। मुख्यमंत्री ने तीनों अधिकारियों का बैच अलंकरण कर शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार, सचिव मुख्यमंत्री आर. मीनाक्षी सुन्दरम, विनय शंकर पाण्डेय उपस्थित थे।

भारत और नेपाल का रहन-सहन, रीति रिवाज लगभग एक जैसाः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में नेपाल के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमण्डल ने भेंट की। उन्होंने भारत-नेपाल से जुड़े विभिन्न सम सामयिक विषयों पर मुख्यमंत्री से चर्चा की। प्रतिनिधिमण्डल में पम्पा भूसाल, रामेश्वर राय यादव, सत्या पहाड़ी, सुरेश कुमार राय, चक्रपाणि खनल ‘बलदेव’ शामिल थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारत और नेपाल के लोगों में रहन-सहन, धार्मिक रीति-रिवाजों में काफी समानताएं हैं। उत्तराखण्ड का बड़ा क्षेत्र नेपाल की सीमा से लगा हुआ। भारत और नेपाल की चुनौतियां भी लगभग एक जैसी हैं। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमण्डल के सदस्यों से कहा कि नेपाल के विकास के लिए जो भी सहयोग की आवश्यकता होगी, हर संभव मदद की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखण्ड में मानसखण्ड मंदिरमाला मिशन के तहत कार्य किये जा रहे हैं, इसके तहत पहले चरण में 16 मंदिरों को इससे जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि नेपाल का भी काफी क्षेत्र मानसखण्ड में आता है। नेपाल में भी मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत कार्य हों, तो पर्यटन एवं तीर्थाटन के लिए उत्तराखण्ड आने वाले लोगों का रूझान नेपाल की ओर भी बढ़ेगा। जिससे लोगों को आजीविका बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में जन सुविधाओं के दृष्टिगत अनेक योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना के तहत पर्वतीय जनपदों में बहुत कम रेट पर साइलेज उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य के गढ़वाल एवं कुमायूं मण्डल में एक-एक इंक्यूबेटर सेंटर बनाया गया है। जिनके माध्यम से लोगों की आजीविका बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण एवं अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं। इस तरह के मॉडल पर नेपाल में कार्य किये जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में महिला स्वयं सहायता समूहों को 05 लाख रूपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है, इसके माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से आगे बढ़ी हैं। अपणि सरकार पोर्टल के माध्यम से अधिकांश जन सुविधायें ऑनलाइन की गई हैं। इस तरह की योजनाओं को नेपाल में आगे बढ़ाने के लिए राज्य से उनको जो भी सहयोग की अपेक्षा होगी, वह सहयोग दिया जायेगा।
पम्पा भूसाल ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश को एक युवा और उर्जावान नेतृत्व मिला है। उन्होंने कहा कि मानसखण्ड के तहत जिस योजना से उत्तराखण्ड सरकार कार्य कर रही है, नेपाल के पर्यटन मंत्री को वे इसकी जानकारी देंगी। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं का क्रियान्वयन उत्तराखण्ड में बेहतर तरीके से हो रहा है और वे नेपाल के हित में भी होंगी, इन योजनाओं के अध्ययन के लिए समय-समय पर नेपाल से डेलिगेशन भेजने के लिए भी नेपाल सरकार से वार्ता की जायेगी।
इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, मेयर सुनील उनियाल गामा, भाजपा के प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

केंद्रीय शहरी विकास मंत्री को डा. अग्रवाल ने बताई प्रदेश की योजनाएं

शहरी विकास मंत्री उत्तराखंड सरकार डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी जी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान स्वच्छता रैंकिंग में उत्तराखंड की स्थिति में लगातार सुधार आने पर केंद्रीय मंत्री ने डॉ अग्रवाल को बधाई दी।

नई दिल्ली में हुई मुलाकात में डा. अग्रवाल ने राज्य में शहरी विकास के अंतर्गत चल रही योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही केंद्र सरकार के कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड में चल रहे विकास कार्यों के लिए आभार व्यक्त किया।

इस मौके पर मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि पहली बार स्वच्छ भारत मिशन में उत्तराखंड में 6 पुरस्कार हासिल किए। उन्होंने बताया कि लगातार नगर निकायों को स्वच्छ भारत मिशन के तहत कार्य करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

उन्होंने अवगत कराया कि राज्य में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा में भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। डॉ अग्रवाल ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि राज्य में जी-20 के अंतर्गत तीन कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित हुए, जिसमें शहरी विकास विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बताया कि जी-20 के तहत नगर का सुनियोजित विकास हुआ। जिसमें सड़क, फ़साड़ योजना, नालियों की स्थिति, गंगा तट को भव्यतापूर्वक बनाने आदि कार्य किये गए।

इस मौके पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी जी से शहरी विकास मंत्री उत्तराखंड सरकार डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने अन्य विषयों को लेकर भी विस्तार से वार्ता की।

कारगिल शहीदों को दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कारगिल विजय दिवस (शौर्य दिवस) पर गांधी पार्क में आयोजित कार्यक्रम में शहीद स्मारक पर कारगिल शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कारगिल शहीदों के परिवारजनों को भी सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि देहरादून एवं पिथौरागढ़ में एक-एक अतिरिक्त जिला सैनिक कल्याण कार्यालय खोला जायेगा। प्रदेश में सैनिक द्वार एवं स्मारकों की देखरेख सैनिक कल्याण विभाग एवं जिला प्रशासन के द्वारा की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल लड़ाई में हमारे जवानों ने अदम्य साहस, वीरता एवं पराक्रम का परिचय देते हुए माँ भारती की रक्षा की। कारगिल में भारत के रणबांकुरों का दुश्मन के खिलाफ किया गया सिंहनाद आज तक उसी वेग से गूंज रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सैनिकों ने कारगिल युद्ध में जिस प्रकार की विपरीत परिस्थितियों में वीरता का परिचय देते हुए घुसपैठियों को सीमा पार खदेड़ा, उससे पूरे विश्व ने भारतीय सेना का लोहा माना। कारगिल युद्ध में देश की सीमाओं की रक्षा के लिए वीर सैनिकों के बलिदान को राष्ट्र हमेशा याद रखेगा। कारगिल युुद्ध में उत्तराखण्ड से 75 वीर सपूत शहीद हुए। जिस सांस्कृतिक परिवेश और विचारों ने हम सभी को पोषित किया है, उस संस्कृति में मान्यता है कि देशभक्ति सभी प्रकार की भक्तियों में सर्वश्रेष्ठ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना के साथ उनका रिश्ता आत्मीयता का रिश्ता है। उन्होंने कहा कि अपने पिता जी से सुनी सैन्य वीरों की गाथाओं ने उन्हें बचपन से ही बहुत प्रभावित किया और उनके अंदर राष्ट्र के प्रति संपूर्ण समर्पण की भावना को जागृत किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से सेना ना केवल पहले से और अधिक सक्षम और सशक्त हो रही है बल्कि उसकी यश और कीर्ति भी बढ़ रही है। सरकार जहां एक तरफ सेना के आधुनिकीकरण पर बल दे रही है तो वहीं सैनिकों और उनके परिवारों को मिलने वाली सुविधाओं को भी बढ़ा रही है। भारत सरकार हर स्तर पर सेना को सुदृढ़ करने का कार्य का रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पूर्व सैनिकों, शहीद सैनिकों के आश्रितों के कल्याण के प्रति वचनबद्ध है। शहीद सैनिकों के परिवार के एक सदस्य को उसकी योग्यता अनुसार सरकार द्वारा सेवायोजित किया जा रहा है। उत्तराखण्ड सरकार द्वारा राज्य के वीरता पदक से अलंकृत सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त तथा वार्षिकी में अभूतपूर्व वृद्धि की गई है। परमवीर चक्र विजेता को 30 लाख से 50 लाख, अशोक चक्र 30 लाख से 50 लाख, महावीर चक्र 20 लाख से 35 लाख, कीर्ति चक्र 20 लाख से 35 लाख, वीर चक्र और शौर्य चक्र 15 से 25 लाख और सेना गेलेन्ट्री मेडल 07 लाख से 15 लाख करने को मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून के गुनियालगाँव में शहीदों की स्मृति में अत्याधुनिक एवं विभिन्न सुविधाओं से युक्त ’शौर्य स्थल (सैन्य धाम) का निर्माण किया जा रहा है, जिसका निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा । उत्तराखण्ड सरकार द्वारा युद्ध विधवा एवं युद्ध अपंग सैनिकों को दो लाख रुपये की आवासीय सहायता प्रदान की जा रही है। उत्तराखण्ड में सेवारत एवं पूर्व सैनिकों को 25 लाख मूल्य की सम्पत्ति के खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में 25 प्रतिशत की छूट अनुमन्य की गयी है ।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि भारतीय सेना ने सदैव राष्ट्र की अखंडता एवं सम्प्रभुता बनाए रखने के लिये अनुकरणीय साहस और देशभक्ति का प्रदर्शन किया है। हमारा प्रथम कर्तव्य है कि देश की सीमाओं की रक्षा तथा देश की संप्रभुता एवं अखंडता बनाये रखने के लिए सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिक सपूतों, पूर्व सैनिकों तथा उनके परिजनों के मान-सम्मान एवं कल्याणार्थ सदैव तत्पर रहें। भारतीय सैनिक हमारे देश के सच्चे नायक हैं। वे दिन-रात हमारी राष्ट्रीय सीमाओं की रक्षा करते हैं। सैनिक कल्याण मंत्री ने कहा कि कारगिल युद्ध के दौरान उत्तराखण्ड के वीर योद्धाओं ने मातृभूमि के लिए अपने प्राणों की बाजी लगा दी और हमेशा-हमेशा के लिए अमर हो गए। इस कारगिल युद्ध में देवभूमि उत्तराखण्ड के 75 जांबाज सैनिक शहीद हुए थे। मातृभूमि पर सर्वस्व न्यौछावर करने वाले अमर बलिदानी भले ही अब हमारे बीच नहीं हैं, मगर इनकी यादें हमारे दिलों में हमेशा के लिए बसी रहेंगी। प्रदेश में सैनिकों के सम्मान और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए राज्य सरकार निरंतर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में 36 सैनिक विश्राम गृह संचालित हैं तथा सैनिक विश्राम गृह टनकपुर को अत्याधुनिक बनाया जा रहा है।
सैनिक कल्याण मंत्री ने कहा कि सरकार ने वीरता पदक से अलंकृत पदकधारकों को देय अनुदान राशि में अभूतपूर्व वृद्धि की है तथा उन्हें निःशुल्क बस यात्रा अनुमन्य की गयी है। उन्होंने कहा राज्य सरकार द्वारा सैनिक विधवाओं की पुत्रियों के विवाह के लिए 01 लाख का अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में सैनिकों के सम्मान में भव्य सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है जिसका निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है।
कार्यक्रम में विधायक खजानदास, सविता कपूर, मेयर सुनील उनियाल गामा, भाजपा के महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, अनिल गोयल, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, एस.एस.पी दलीप सिंह कुंवर, निदेशक सैनिक कल्याण ब्रिगेडियर अमृत लाल, पूर्व सैन्य अधिकारी मेजर जनरल शम्मी सभरवाल, मेजर जनरल देवेश अग्निहोत्री, ब्रिगेडियर दिनेश बडोला पूर्व सैनिक और शहीदों के परिवार जन उपस्थित थे।