चमोली घटना-दो जिम्मेदार अधिकारी निलंबित और कंपनी पर मुकदमा दर्ज

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर चमोली हादसे के प्रकरण में मुख्य महाप्रबंधक उत्तराखण्ड जल संस्थान द्वारा एस०टी०पी० का संचालन एवं रखरखाव करने वाली फर्म के कार्यों के समुचित अनुश्रवण का दायित्व देख रहे हरदेव लाल, अपर सहायक अभियंता को निलंबित किया गया है। इस सम्बन्ध में जारी आदेश में मुख्य महाप्रबंधक द्वारा स्पष्ट किया गया है कि प्रथम दृष्ट्या हरदेव लाल अपर सहायक अभियन्ता के द्वारा विभागीय कार्यों एवं दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरते जाने का दोषी पाये जाने के दृष्टिगत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसी प्रकरण में महाप्रबंधक उत्तराखण्ड पावर कारपोरेशन लि. द्वारा कुन्दन सिंह रावत, प्रभारी अवर अभियन्ता विद्युत वितरण खण्ड गोपेश्वर को भी निलंबित किया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राजस्व उप निरीक्षक तहसील चमोली द्वारा सुपरवाइजर ज्वाइंट वेंचर कम्पनी एवं अन्य संबंधित के विरूद्ध नमामि गंगे के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पर विद्युत उपकरणों के संचालन में घोर लापरवाही बरते जाने के संबंध में एफ. आई. आर. दर्ज कर दी गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जिला अस्पताल गोपेश्वर में भर्ती चमोली हादसे के बाकी सभी 5 घायलों को भी गुरुवार को एयरलिफ्ट कर ऋषिकेश एम्स में भर्ती किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एम्स ऋषिकेश में घायलों को मानसिक दबाव से मुक्त करने और उच्च स्तरीय स्वास्थ्य जांच के लिए भेजा गया है। इससे उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधा भी उपलब्ध हो सकेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को पूर्वाह्न में स्वयं चमोली पहुंचकर अत्यंत पीड़ादायक व हृदय को झकझोर देने वाले हादसे में हताहत हुए लोगों के परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने हादसे में अपने प्राणों की आहुति देने वाले होमगार्ड्स के जवानों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चमोली हादसे में मृतकों के सभी परिजनों से एक-एक कर मिले। उन्होंने सभी को सांत्वना दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुःख की इस घड़ी में राज्य सरकार उनके साथ है, सरकार द्वारा इनकी हर संभव मदद की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भावुक क्षण को वे अपने शब्दों में बयान नही कर पा रहे हैं। जिन लोगों ने अपने परिजन खोए हैं वे उनकी पीड़ा भली-भांति समझ सकते हैं। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की है कि शोकाकुल परिवारों को इस कष्ट को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस हृदय विदारक घटना की गहनता से जांच की जाएगी और दोषियों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

परियोजनाओं में विद्युत सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने चमोली की घटना के मद्देनजर सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों एवं सचिवों को समस्त परियोजनाओं, आस्थानों एवं शासकीय कार्यालयों में विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था के मानकों का अविलम्ब परीक्षण कराए जाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव ने सभी उच्चाधिकारियों को अपने प्रभाराधीन विभागों के विभागाध्यक्षों को इस बाबत निर्देशित किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि विभागाध्यक्ष अपने नियंत्रणाधीन समस्त परियोजनाओं, आस्थाओं एवं शासकीय कार्यालय परिसरों आदि में विद्युत सुरक्षा सम्बन्धी किए गए उपायों का अविलम्ब परीक्षण कराए जाने के साथ ही प्रभारी अधिकारी से सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाने का प्रमाण पत्र भी प्राप्त किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सुरक्षा मानकों के परीक्षण की कार्रवाई विभाग के मानकों के अनुसार अथवा प्रत्येक 3 माह में किया जाना सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिजनों को सांत्वना दी, हर संभव मदद का दिलाया भरोसा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली हादसे में हुई जनहानि पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गुरुवार को चमोली पहुंचे। चमोली हादसे में हताहत लोगों के परिजनों से मिलकर मुख्यमंत्री काफी भावुक नजर आए। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों को सांत्वना देते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। पुलिस मैदान गोपेश्वर में मुख्यमंत्री ने चमोली हादसे में हताहत होमगार्ड के तीनों जवानों के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित करते हुए नम आंखों से श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये बहुत हृदयविदारक घटना है। हम ईश्वर से प्रार्थना करेंगे कि इस घटना में जो हताहत हुए हैं उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दें और उनके परिजनों को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। राज्य सरकार की तरफ से मुआवजा, इलाज आदि से संबंधित सभी व्यवस्थाएं की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्घटना के कारणों की गहन जांच की जायेगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जायेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चमोली में हुए हादसे में मृतकों के परिजनों से एक-एक कर मिले। उन्होंने सभी को सांत्वना दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुःख की इस घड़ी में राज्य सरकार उनके साथ है, सरकार द्वारा इनकी हर संभव मदद की जाएगी।
इस दौरान पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, विधायकगण एवं अधिकारीगण मौजूद रहे।

सीएम के निर्देश पर पीड़ित परिवार को मिला अपना मनचाहा वकील, आदेश जारी

अदालत में अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले की पैरवी के लिए सरकार ने अधिवक्ता अवनीश नेगी को सरकारी वकील नियुक्त किया है। अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी की इच्छा से नए वकील की नियुक्ति की है। इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की संस्तुति के बाद शासन ने आदेश जारी कर दिये हैं।
सरकार ने इस मामले में सरकारी वकील (विशेष लोक अभियोजक) अंकिता के पिता की पसंद का नियुक्त किया है। पूर्व में अंकिता हत्याकांड में सरकार की ओर से जितेंद्र रावत को सरकारी वकील नियुक्त किया गया था, लेकिन अंकिता के परिजनों ने सरकारी वकील पर आरोप लगाया था कि वह अदालत में मामले की कमजोर पैरवी कर रहे हैं।
मामला संज्ञान में आने के बाद मुख्यमंत्री ने अपर निजी सचिव जगदीश चन्द कांडपाल को डीएम पौड़ी से अंकिता के परिजनों से मुलाकात कर उनकी इच्छा के अनुरुप मदद और कार्रवाई करने के निर्देश दिये गये थे। डीएम ने अंकिता के परजिनों को मुख्यमंत्री के द्वारा दिये गये निर्देश से अवगत कराया और आप्शन दिये। उनका वकील बदलने और उनके अनुसार वकील रखने। डीएम ने वकील का पूरा खर्च सरकार द्वारा वहन करने की बात भी कही।
इसके बाद 19 जुलाई 2022 को अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान को पत्र लिखकर इच्छा जताई कि वह इस मामले में अवनीश नेगी पूर्व डीजीसी क्रिमिनल को विशेष लोक अभियोजन नियुक्त किया जाए। जिलाधिकारी ने इस पत्र को शासन की अनुमति के लिए भेजा था। मुख्यमंत्री की हरी झंडी के बाद शासन ने अंकिता के पिता की इच्छा के अनुसार ही अवनीश नेगी को सरकारी वकील नियुक्त किया है।
अब वे इस मामले की अदालत में पैरवी करेंगे। बता दें कि अंकिता हत्याकांड को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुरू से एक्शन मोड में नजर आए। पहले मामले की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री धामी ने इस मुकदमे को राजस्व पुलिस से रेगुलर पुलिस को ट्रांसफर कराया। साथ ही परिजनों के साथ अभिभावक की तरह खड़े रहे और परिवार को 25 लाख की आर्थिक सहायता भी प्रदान की। सरकार की ओर से तत्काल एसआईटी गठित की गई। विपक्ष ने एसआईटी के बजाय मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की। जिसे हाईकोर्ट ने खारिज किया।

मुख्य सचिव ने सड़क निर्माण से संबंधित विभागीय बैठक ली

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने लोक निर्माण विभाग, शहरी विकास विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, एनएचएआई और बीआरओ को अपने अधिकार क्षेत्र में सड़कों के निर्माण में प्लास्टिक वेस्ट के प्रयोग के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सचिवालय में सड़क निर्माण से सम्बन्धित विभागों के साथ आयोजित बैठक में यह निर्देश दिए गए।

मुख्य सचिव ने विभागों के लिए लक्ष्य निर्धारित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरी विकास विभाग इसके लिए उपयुक्त प्लास्टिक वेस्ट उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपने अपने स्तर पर भारतीय सड़क कांग्रेस (आईआरसी) के मानकों के अनुरूप उचित मात्रा में प्लास्टिक वेस्ट का प्रयोग सुनिश्चित करेंगे। पीएमजीएसवाई भारत सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार प्लास्टिक वेस्ट का प्रयोग करता रहेगा।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु एवं अपर सचिव विनीत कुमार सहित, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, वन विभाग, एनएचएआई, पीएमजीएसवाई, शहरी विकास विभाग एवं बीआरओ के अधिकारी उपस्थित थे।

नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन को लेकर मुख्य सचिव ने की बैठक

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में सचिवालय में नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित हुई। मुख्य सचिव ने नई शिक्षा नीति लागू किए जाने हेतु सभी प्रकार की तैयारियां सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये।

मुख्य सचिव ने कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम का कैलेंडर तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि सुधार एवं सुझावों के लिए लगातार हितधारकों से तालमेल बनाकर सुझाव लिए जाएं। इसके लिए मैकेनिज्म तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों को प्रारंभिक अवस्था में पहचान किए जाने की दिशा में भी कार्य किया जाए। उन्होंने इसके लिए व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने आंगनवाड़ी में बालवाटिकाओं हेतु पाठ्यक्रम लगातार अपडेट किए जाने के भी निर्देश दिए।

बैठक के दौरान बताया गया कि आधारभूत पठन कौशल एवं गणितीय ज्ञान के मूल्यांकन हेतु ‘प्रगति‘ ऐप तैयार कर लिया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के परिप्रेक्ष्य में कक्षा एक में प्रवेश लेने वाले छात्रों हेतु स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम ‘‘आरोही‘‘ तैयार कर प्रदेश के समस्त राजकीय विद्यालयों में प्रारम्भ कर ली गई है। ‘बालवाटिका‘ शिक्षक हस्तपुस्तिका एवं ‘बालवाटिका‘ अभ्यास पुस्तिका ( स्वास्थ, संवाद, एवं सृजन) तैयार कर विद्यालय स्तर पर वितरित की जा चुकी हैं। प्रथम चरण में एक ही विद्यालय परिसर में स्थित 4457 आंगनवाडी केन्द्रों में बाल वाटिका प्रारम्भ की जा चुकी है।

इस अवसर पर सचिव रविनाथ रमन, हरिचंद्र सेमवाल, अपर सचिव योगेन्द्र यादव एवं महानिदेशक शिक्षा बंशीधर तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने जाना चमोली घटना के घायलों का हाल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एम्स ऋषिकेश जाकर जनपद चमोली की दुखद घटना में घायल हुए 06 घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने घायलों की शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। मुख्यमंत्री ने घायलों के समुचित इलाज के संबंध में एम्स के चिकित्सकों से भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने घायलों के इलाज में कोई कमी न रहे, इसकी भी चिकित्सकों से अपेक्षा की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी घटना की जानकारी प्राप्त होते ही चमोली के लिए रवाना हो गये थे, किन्तु मौसम की खराबी के कारण उन्हें वापस आना पड़ा। उसके बाद मुख्यमंत्री ने एम्स ऋषिकेश जाकर घायलों का हालचाल जाना।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जनपद में हुई दुखद घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए मृतकों की आत्मा की शांति एवं उनके परिवारजनों को दुःख की इस घड़ी में धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चमोली जनपद में बिजली के करंट लगने से 16 लोगों के हताहत होने की सूचना मिली है। जिलाधिकारी चमोली को घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जिम्मेदारी तय करते हुए दोषी और लापरवाह पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जायेगी। बचाव दल घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। 6 घायलों को हेलीकॉप्टर द्वारा एम्स ऋषिकेश में भर्ती किया गया है। सरकार और प्रशासन के द्वारा राहत एवं बचाव कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली घटना में मृतकों के आश्रितों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 1-1 लाख रुपए की राहत राशि अविलंब प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने फोन कर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से चमोली घटना के संबंध में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं। घायलों को एम्स ऋषिकेश हेलीकॉप्टर से लाया गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय को भी घटना की पूरी जानकारी दी गई है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिलाधिकारी चमोली ने अपर जिलाधिकारी चमोली को एक सप्ताह के अन्दर घटना की विस्तृत मजिस्ट्रियल जांच करने के आदेश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस घटना की विस्तृत जांच के साथ ही इसमें पाई जाने वाली लापरवाही के जिम्मेदार लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सभी गंभीर घायलों को हेलीकॉप्टर से इलाज के लिए एम्स ऋषिकेश लाया गया है। मुख्यमंत्री जिला प्रशासन से हर अपडेट की जानकारी ले रहे हैं।

एम्स, ऋषिकेश में भर्ती घायलों में महेश कुमार पुत्र रूपदास, नरेन्द्र लाल पुत्र असीम दास, आनन्द पुत्र गम्मालाल, सुशील कुमार पुत्र सुदामा लाल, संदीप मेहरा पुत्र सुलोचन, पीआरडी रामचन्द्र पुत्र पुष्कर लाल शामिल है।

स्मार्ट सिटी के कार्यों से मंत्री नाखुश, फटकार लगाकर दिया दो दिन का अल्टीमेटम

शहरी विकास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने देहरादून स्मार्ट सिटी द्वारा किये जा रहे कार्यों का ओचक निरीक्षण किया। इस दौरान स्मार्ट सिटी के कार्यों में कई खामियां मिलने पर अधिकारियों को जमकर फटकार लगी। जिसको दुरुस्त करने को अधिकारियों ने मंत्री डॉ अग्रवाल ने 2 दिन का समय मांगा।

मंगलवार को डॉ अग्रवाल ईसी रोड पहुंचे, जहाँ से चकराता रोड होते हुए बिंदाल पुल से आगे तक पैदल चलकर फुटपाथ, वाटर सप्लाई, ड्रेनेज, सड़क, डक्ट आदि कार्यों का निरीक्षण किया। डॉ अग्रवाल ने यहाँ सड़क किनारे बड़े नालों में पानी भरने, स्लैब न डालने तथा आड़े तिरछे निकले सरियों को लेकर अधिकारियों की जमकर क्लास ली।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि जहाँ एक ओर सरकार देहरादून नगर सहित पूरे प्रदेश के विकास के लिए सराहनीय कार्य कर रही है, मगर अधिकारियों की कार्यशैली संतोषजनक नहीं है। उन्होंने निरीक्षण के दौरान स्थानीय नागरिकों से भी स्मार्ट सिटी के कार्यों का फीडबैक लिया। जिसके बाद कार्याे को शीघ्र करने के निर्देश दिए।

इसके बाद डॉ अग्रवाल ने अधिकारियों को गुणवत्तापरक व समय पर काम न करने के साथ सुरक्षात्मक दृष्टि से काम न होने पर कड़ी फटकार लगाई। डॉ अग्रवाल ने मौजूदा अधिकारियों को निर्देशित कर कहा कि जल्द ही सड़क किनारे बड़े नालों पर आवश्यकतानुसार स्लैब डाला जाए। जहाँ स्लैब नहीं बन पाने पर निर्माण कार्य क्षेत्र में बेरिकेडिंग लगाई जाए। साथ ही ड्रेनेज कार्य के बगल में गड्ढे भरने को कहा। जिसके लिए डॉ अग्रवाल से अधिकारियों ने 2 दिन का समय मांगा।

डॉ अग्रवाल ने यूपीसीएल के अधिकारियों से भी समन्वय बनाकर आवश्यकतानुसार बीच पोल को हटाने के निर्देश दिए।

इस मौके पर चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर जगमोहन चौहान, प्रोजेक्ट मैनेजर प्रवीण कुश, अधीक्षण अभियंता अनिल पांगती, यूपीसीएल के अधीक्षण अभियंता गौरव सकलानी, लोनिवि के सहायक अभियंता तनुज कांबोज, कनिष्ठ अभियंता वर्तिका आदि उपस्थित रहे।

एसीएस ने दिए जल्द बालश्रम, भिक्षावृति तथा बाल विवाह समाप्त करने हेतु ठोस एक्शन प्लान बनाने के निर्देश दिए

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सम्बन्धित विभागों को एनजीओ के साथ मिलकर राज्य से जल्द से जल्द बालश्रम, भिक्षावृति तथा बाल विवाह समाप्त करने हेतु सटीक एक्शन प्लान बनाने के निर्देश दिए हैं। एसीएस राधा रतूड़ी ने कहा कि बालश्रम व भिक्षावृति से मुक्त हुए बच्चों का संस्थागत पुनर्वास के स्थान पर अपने परिवारों में ही पुनर्वास को प्राथमिकता दी जाए। बालश्रम व बाल भिक्षावृति को रोकने के लिए सम्बन्धित विभागों व एनजीओं को स्थायी समाधान (सस्टेनबल सोल्यूशन) पर काम करना होगा।

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिव समाज कल्याण, सचिव विद्यालयी शिक्षा, सचिव श्रम, पुलिस अधिकारियों सहित राज्य में बाल संरक्षण एवं कल्याण के लिए कार्य कर रहे विभिन्न गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) के प्रतिनिधियों के साथ राज्य में बालश्रम, भिक्षावृति एवं बाल विवाह को समाप्त करने के लिए एक ठोस कार्ययोजना बनाने के सम्बन्ध में बैठक लेते हुए निर्देश दिए कि प्रदेश में ऐसे कमजोर परिवारों (वलरेनबल फैमिली) को चिन्हित किया जाना जरूरी हैं जिनकी खराब आर्थिक स्थिति के कारण बच्चें बालश्रम व भिक्षावृति की ओर बढ़ रहे हैं। ऐसे चिन्हित परिवारों को सरकार द्वारा संचालित सभी सामाजिक एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करवाया जाना चाहिए। इसके साथ ही एसीएस ने स्कूलों से ड्रॉप आउट बच्चों, स्कूलों में गैरहाजिर रहने वाले बच्चों, आउट ऑफ स्कूल बच्चों का एक सटीक डाटाबेस भी जल्द ही तैयार करने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान राज्य में बालश्रम, भिक्षावृति एवं बाल विवाह को जल्द से जल्द समाप्त करने के लिए शासन स्तर पर एक हाई पॉवर कमेटी के गठन पर भी चर्चा की गई। इस कमेटी में बाल संरक्षण के लिए कार्य कर रहे गैर सरकारी संगठनों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इसके साथ ही बैठक में भिक्षावृति में लिप्त आउट ऑफ स्कूल बच्चों के लिए स्पेशल स्कूलों व मोबाइल स्कूलों को प्रोत्साहित करने पर भी विचार किया गया।

बैठक में सचिव राधिका झा, डा. रविनाथ रमन, मेजर योगेंद्र यादव, विशेष सचिव गृह रिद्धिम अग्रवाल, अपर सचिव गृह निवेदिता कुकरेती, अपर सचिव अमनदीप कौर, आनंद स्वरूप, डीआईजी पी रेणुका देवी, बचपन बचाओं आंदोलन से मनीष शर्मा, सुरेश उनियाल तथा विभिन्न एनजीओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

सीएम ने आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम से ली प्रदेश में अतिवृष्टि क जानकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय स्थित आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम से प्रदेश में हो रही अतिवृष्टि की जानकारी ली। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से फोन पर वार्ता कर निर्देश दिए कि हर चुनौती का सामना करने के लिए प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा जाय। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी आपदा की स्थिति में लोगों को शीघ्र राहत मिले, इसके लिए पूरी तैयारी रखी जाए। जनपदों में खाद्य सामग्री, आवश्यक दवाइयों एवं अन्य आवश्यक सामग्री की पूरी व्यवस्था रखी जाए। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वर्षा के कारण सड़क, विद्युत, पेयजल व्यवस्थाएं बाधित होने की दशा में, सभी व्यवस्थाएं संबंधित विभागों से तत्काल सुचारू की जाय।

मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन को निर्देश दिए कि लक्सर, खानपुर एवं प्रदेश के अन्य ऐसे स्थानों जहां पर कम बरसात के बावजूद भी जलभराव की समस्याएं आ रही हैं, ऐसे स्थानों के लिए ड्रेनेज की उचित व्यवस्था हो, इसके लिए दीर्घकालिक प्लान बनाया जाय। सभी जिलाधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए रखने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए हैं, ताकि जनपदों में कुछ भी आवश्यकता पड़ने पर शीघ्र उपलब्ध कराई जा सके। मुख्यमंत्री ने सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ द्वारा तैनात की गई फोर्स के बारे में भी जानकारी ली।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत सिन्हा, अपर सचिव सविन बंसल, एसीईओ आपदा प्रबंधन रिद्धिम अग्रवाल एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।