मुख्यमंत्री ने किया कलाकारों का सम्मान, प्रसून जोशी रहे शामिल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के अध्यक्ष एवं प्रसिद्ध गीतकार प्रसून जोशी ने भेंट की। इस अवसर पर कला एवं साहित्य क्षेत्र से जुड़े सुधीर पाण्डे, शालिनी शाह, प्रवीन काला, अमित जोशी, राजेश शाह, वरूण ढ़ौढ़ियाल एवं गौरव ने भी भेंट की। मुख्यमंत्री ने सभी कलाकारों को सम्मानित भी किया।
केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के अध्यक्ष एवं प्रसिद्ध गीतकार प्रसून जोशी ने देहरादून में सांस्कृतिक केंद्र शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में फिल्मांकन की ओर फिल्मकारों का रूझान तेजी से बढ़ा है। उन्होंने यहां पर सांस्कृतिक केंद्र के साथ ही रिसर्च सेंटर बनाने का सुझाव भी दिया। इस सांस्कृतिक केंद्र में लिटरेचर फेस्टिवल एवं वर्कशॉप का आयोजन भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड पर आधारित विभिन्न कहानियों एवं यहां की कला व संस्कृति को अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की दिशा में भी हमें प्रयास करने होंगे। कलाकारों ने राज्य में वेब सीरीज के लिए सब्सिडी देने का सुझाव भी दिया, जिससे यहां फिल्म जगत से जुड़े लोगों का और आकर्षण बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड का नैसर्गिक सौन्दर्य फिल्मकारों को देवभूमि उत्तराखण्ड आने के लिए आकर्षित कर रहा है। राज्य में फिल्मांकन के लिए राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहयोग दिया जायेगा। फिल्म जगत से जुड़े लोगों के जो भी सुझाव प्राप्त होते हैं, उन सुझावों को पूरी गम्भीरता से लिया जाता है।

कैंपा के कार्यों में तेजी लाएं अधिकारीः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में सशक्त उत्तराखण्ड / 25 के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए वन विभाग एवं लोक निर्माण विभाग द्वारा तैयार की गई अल्प, मध्य एवं दीर्घकालिक रोडमैप की समीक्षा की।
वन विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि कैम्पा के तहत होने वाले कार्यों में और तेजी लाई जाय। यह सुनिश्चित किया जाय कि कैम्पा के तहत प्राप्त हो रही धनराशि का समय पर एवं सही तरीके से उपयोग हो। वन सम्पदाओं से लोगों की आजीविका में वृद्धि करने की दिशा में लगातार प्रयास किये जाएं। अखरोट, बांस एवं औषधीय पौधों को बढ़ावा देने के लिए मिशन मोड में कार्य किये जाएं। बांज, सागोन, पॉपुलर को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य किये जाएं। पिरूल नीति से लोगों की आजीविका बढ़ाने के लिए और प्रयास किये जाएं।
मुख्यमंत्री ने बैठक में वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि हरेला पर्व पर प्रदेश में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया जाए। फलदार एवं औषधीय पौधों के रोपण पर विशेष ध्यान दिया जाय। वृक्षारोपण के लिए जन सहभागिता का होना जरूरी है। इसके लिए सामाजिक संगठनों एवं लोगों का पूरा सहयोग लिया जाए। जल संरक्षण एवं जल स्रोतों के पुनर्जीवीकरण की दिशा में विशेष ध्यान दिया जाय। जल संचय के लिए तालाबों के निर्माण की दिशा में वन विभाग द्वारा कार्य किये जाएं। मानव वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए लगातार प्रयास किये जाएं।
वन विभाग की समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि विभाग द्वारा 2026-27 तक आर्थिकी को दुगुना करने के लिए ईको टूरिज्म गन्तव्यों का विकास किया जा रहा है। वन पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किये जा रहे हैं। लीसा उत्पादन में वृद्धि के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। निजी भूमि में स्थित वृक्षों के पातन की प्रक्रिया के सरलीकरण की दिशा में कार्य किये जा रहे हैं।
लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में हो रहे विकास, मन्दिर माला मिशन के तहत हो रहे कार्यों, विभिन्न शहरों के विकास एवं भविष्य की सम्भावनाओं को देखते हुए सड़कों के निर्माण एवं विस्तार की दिशा में कार्य किये जाए। तकनीकि सर्वें के साथ सड़कों के विकास के सुनियोजित तरीके से कार्य किये जाएं। मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्देश दिये कि सड़क निर्माण के साथ ही ड्रेनेज की व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएं। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि रोड कटिंग के समय प्राकृतिक जल स्रोत प्रभावित न हों। सड़कों के किनारे फलदार वृक्ष लगाये जाएं।
मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान बारिश से प्रदेश के विभिन्न मार्गों पर सड़क बाधित होने की स्थिति में लोक निर्माण विभाग द्वारा की गई तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिये कि बारिश के कारण यदि सड़क बाधित होती है तो, उनको तुरंत सुचारू करने के लिए पूरी व्यवस्थाएं रखी जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी पुराने पुलों का भी सर्वे किया जाए। सड़क निर्माण के लिए विभिन्न स्थानों पर जो वन भूमि के प्रकरण चल रहे हैं, उनके समाधान के लिए कार्यों में और तेजी लाई जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों के निर्माण एवं सुधारीकरण से संबंधित जो भी कार्य चल रहे हैं, वे सभी निर्धारित समयावधि में पूर्ण किये जाए, इसके लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाय। उन्होंने सचिव लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिये कि विभाग की ओर से भारत सरकार को जो भी प्रस्ताव भेजे जाने हैं, वे शीघ्र उपलब्ध कराये जाएं।
बैठक के दौरान जानकारी दी गई कि लोक निर्माण विभाग में अगले दो वर्षों में 03 हजार किमी मार्गों का डामरीकरण करने, 3500 किमी मार्गों के नवीनीकरण के कार्य करने का लक्ष्य रखा गया है। दीर्घकालिक योजनाओं के तहत देहरादून, हरिद्वार, रुद्रपुर एवं हल्द्वानी रिंग रोड का निर्माण किया जायेगा। मानसखण्ड योजना के लिए मार्गों के निर्माण हेतु प्रथम चरण के कार्यों की कार्यवाही गतिमान है। वर्षा काल में विभिन्न मार्गों पर 400 जेसीबी लगायी गई है, इनको जीआईएस से कनेक्ट किया गया है।
बैठक में वन मंत्री सुबोध उनियाल, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव डॉ. पंकज कुमार, प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) अनूप मलिक, अपर सचिव विजय कुमार जोगदाण्डे, लोक निर्माण एवं वन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

23 नग रेलवे स्टेशन रोशनाबाद से बरामद, अग्रिम कार्यवाही जारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर आज स्थानीय प्रशासन एवं राज्य कर विभाग की संयुक्त टीम द्वारा आकस्मिक निरीक्षण के दौरान दून एक्सप्रेस से क्रमशः 48 नग लीज एवं 08 नग पार्सल तथा शताब्दी एक्सप्रेस से 17 नग पाये गये शताब्दी एक्सप्रेस में पाये गये नगों में से 03 नग अखबार के पाये गये, जिसकी जांच की उपरान्त सही पाये गये 03 नग अखबार के अवमुक्त कर दिये गये। शेष 4808114 कुल 70 नगो के संबंध में विभागीय एवं स्थानीय प्रशासन की टीम द्वारा कब्जे में लेते हुए अग्रिम कार्यवाही की जारी है। इसी तरह हरिद्वार रेलवे स्टेशन में भी विभागीय अधिकारी द्वारा कार्यवाही की गयी जिसमें कुल 23 नग रेलवे स्टेशन से रोशनाबाद विभागीय कार्यालय अग्रिम कार्यवाही हेतु ले जाया गया।

हरिद्वार रेलवे स्टेशन से उठाये गये समस्त माल भौतिक सत्यापन करने के उपरान्त यह सुनिश्चित कर लिया जायेगा कि रेलवे के माध्यम से आयात किया जा रहा समस्त माल बिल / ई-वे बिल से आच्छादित है। इन सभी नगों की अनुमानित मूल्य 50-60 लाख रुपए तक है । रेलवे स्टेशन पर स्थित गोदाम की पड़ताल पर यह पाया गया वहाँ पर स्थित सीसीटीवी कमरे भी २ माह से खराब है जिससे कि कुछ रेलवे कर्मचारियों की भूमिका के संबंध में सक्षम प्राधिकारियों के स्तर से जाँच की संस्तुति की जा रही है। उपरोक्त के अतिरिक्त, राज्य कर विभाग प्रवर्तन इकाई देहरादून में तैनात संयुक्त आयुक्त उपायुक्त तथा सचल दल सहायक आयुक्त को तत्काल प्रभाव से मुख्यालय संबद्ध करते हुए निलंबन एवं अनुशासात्मक कार्यवाही की संस्तुति की गई है।

हरिद्वार में भजन संध्या में शामिल हुए सीएम, कांवड़ियों को किया संबोधित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार स्थित डामकोठी में हरिद्वार पुलिस द्वारा आयोजित भजन संध्या कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रावण मास की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान भोलेनाथ हम सभी पर अपना आशीर्वाद और उत्तराखंड पर अपनी दिव्य दृष्टि बनाये रखे। उन्होंने कहा आज मुख्य सेवक के रूप में मुझे कावड़ियों की सेवा करके जो शांति मिली है, वह भोलेबाबा के साक्षात आशीर्वाद स्वरूप है। सभी शिवभक्तों की सेवा ही शिव की सेवा है। सैंकड़ो किलोमीटर दूर से पैदल चलकर शिवभक्त धर्मनगरी से गंगाजल ले जाकर भोलेनाथ का अभिषेक करते हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि शिवभक्त बिना थके, बिना रुके, बम बम भोले के जयकारे लगाते हुए अपने गंतव्य की और निरंतर बढ़ रहे हैं। उन्होनें कहा आदरणीय प्रधानमंत्री का देश में चौतरफा गुणगान हो रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड में चौमुखी विकास हो रहा है। हरिद्वार से दिल्ली या फिर देहरादून के बीच बड़े-बड़े हाईवे का निर्माण कार्य हुआ है। जिससे कांवड़ मेले के दौरान घण्टो जाम से राहत मिली है और कांवड़ियों को सुरक्षित गंतव्य तक भेजा जा रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आने वाले समय में कांवड़ मेले का स्वरूप और भी भव्य और दिव्य हो, इसके लिए और भी बेहतर प्रयास किये जायेंगे। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में धर्मनगरी हरिद्वार भी वाराणसी और अयोध्या की भांति आने वाले समय में और भी अधिक भव्य और दिव्य रूप में नजर आएगी। आज जिस तरह काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के साथ ही महाकाल लोक कॉरिडोर बनने के बाद वहां पर्यटन के साथ ही रोजगार बढ़ा है। उसी प्रकार धर्मनगरी भव्य और दिव्य बनेगी। जिससे यहां भी पर्यटन के साथ साथ रोजगार के अवसर सृजित होंगे। हम आदरणीय प्रधानमंत्री के नेतृत्व में धर्मनगरी को विश्व पटल पर एक नई पहचान दिलाएंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र से कांवड़ मेले के लिए विशेष पैकेज की मांग की है। राज्य सरकार ने पिछले साल कावड़ में बजट की व्यवस्था की थी। केंद्र सरकार से कांवड़ मेले के लिए विशेष पैकेज मिलने पर हम कांवड़ यात्रा को भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की पहचान दिलाने में अवश्य सफल होंगे।

योग गुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि यह काल सनातन संस्कृति का स्वर्णिम काल चल रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड अपनी संस्कृति विरासत को विश्व में पहुंचाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा श्रावण मास का यह महोत्सव शक्ति एवं भक्ति का दिव्य संगम है।

इस दौरान कार्यक्रम में गीता धामी, सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, विधायक मदन कौशिक, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, प्रसिद्ध गायक हंसराज रघुवंशी, विधायक आदेश चौहान, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

हरिद्वार में मुख्यमंत्री धामी ने की कावड़ियों पर पुष्प वर्षा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शंकराचार्य चौक, हरिद्वार में कावड़ पट्टी का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न राज्यों से आए कावड़ियों से प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं के बारे में फीडबैक लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कावड़ियों पर पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश के विभिन्न इलाकों से आए कावड़ियों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने उनसे सरकार द्वारा की गई विभिन्न व्यवस्थाओं के बारे में फीडबैक भी लिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शंकराचार्य चौक स्थित अस्थाई चिकित्सा शिविर का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि कावड़ियों के स्वास्थ्य संबंधित पर्याप्त व्यवस्था विभिन्न स्थानों पर सुनिश्चित हो। साथ ही कावड़ पट्टी के प्रत्येक स्थान पर साफ़ सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। पैदल जा रहे कावड़ियों की सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाए।

आस्था एवं विकास से सनातन संस्कृति के संरक्षण का कार्य किया जा रहा हैः मुख्यमंत्री धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ओम पुल, निकट डामकोठी, हरिद्वार स्थित गंगा घाट में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए विभिन्न प्रदेशों से देवभूमि उत्तराखण्ड आये शिवभक्त कावड़ियों के चरण धोकर एवं उन्हें सम्मान स्वरूप गंगाजल भेंट कर उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने डामकोठी में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छ कावड़ यात्रा का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश के विभिन्न राज्यों से उत्तराखंड आए कावड़ियों का स्वागत करते हुए कहा कि हरिद्वार पूरे देश की श्रद्धा का केंद्र है। इस पवित्र जगह मां गंगा एवं भगवन भोलेनाथ का विशेष आशीर्वाद है। श्रावण मास में कावड़ यात्रा का विशेष महत्व है। राज्य सरकार को कावड़ियों का स्वागत करने का सौभाग्य मिला है। कावड़ यात्रा को सुगम सुरक्षित बनाकर सरकार इस यात्रा में कावड़ियों का सहयोगी बनकर कार्य कर रही है। कावड़ियों की सेवा करना सभी के लिए पुण्य का काम है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने कावड़ यात्रा के लिए विभिन्न स्थानों पर स्वास्थ्य कैंप, शौचालय, पार्किंग, टीन शेड, विश्राम स्थल की पर्याप्त व्यवस्था की है। पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष व्यवस्थाओं को और अधिक सुधारा गया है। उन्होंने कहा पिछले वर्ष कावड़ यात्रा में करीब चार करोड़ कावड़िए उत्तराखंड आए। भगवान भोलेनाथ की कृपा से पिछले वर्ष की यात्रा सकुशल संपन्न हुई। उन्होंने कहा इस वर्ष भी बड़ी संख्या में कांवड़ियों के उत्तराखंड आने का अनुमान है। जिसके लिए शासन प्रशासन पूरी तरह तैयार है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव है। उनके नेतृत्व में भव्य एवं दिव्य केदारनाथ का निर्माण हुआ है। बद्रीनाथ में मास्टर प्लान पर कार्य चल रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ, महाकाल जैसे विभिन्न मंदिरों का पुनर्निर्माण कार्य भव्यता के साथ चल रहा है। उन्होंने कहा आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए कार्यों का उल्लेख विश्व स्तर पर हो रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज राज्य में चौतरफा सड़कों का जाल बिछ रहा है। सरकार आस्था एवं विकास से सनातन संस्कृति के संरक्षण का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा सभी कांवड़ श्रद्धालु गंगा जल लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। कांवड़ मेले के सुचारू प्रबंधन के लिए मुख्यमंत्री ने सामाजिक संस्थाओं, स्वयं सेवी संस्थाओं, के कार्यों की भी सराहना की।
इस दौरान कार्यक्रम में सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, विधायक मदन कौशिक, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, विधायक आदेश चौहान, पूर्व विधायक संजय गुप्ता एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

एक फोन कॉल से दूर होगी देहरादून के नागरिकों की समस्याः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में ‘अपणि सरकार’ नागरिक सेवाएं आपके द्वार योजना का फ्लैग ऑफ किया। देहरादून के नागरिकों को एक फोन कॉल पर अपणि सरकार पोर्टल की नागरिक सेवाएं उनके द्वार पर उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों को उनके घर पर जाकर जन सेवा केन्द्र के माध्यम से सेवाएं उपलब्ध कराये जाने की शुरूआत की गई है, यह सेवा जल्द ही राज्य के अन्य स्थानों पर भी शुरू की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है की नागरिक सेवाओं का लाभ आम जन को उनके घर पर ही मिल जाए। अभी तक 575 सेवाएं ऑनलाइन रूप से अपणि सरकार पोर्टल पर उपलब्ध करायी जा रही हैं।
वर्तमान में पायलट रूप में यह सेवा देहरादून शहर के 100 वार्डों में नजदीकी सी.एस.सी केंद्र के संचालकों द्वारा उपलब्ध करायी जाएगी। सूचना प्रौद्योगिकी, सुराज व विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत आई.टी.डी.ए ने “डोर स्टेप डिलीवरी” हेतु सी.एस.सी-एस.पी.वी को यह जिम्मेदारी सौंपी है। देहरादून शहर के सी.एस.सी संचालकों को पुलिस वेरिफिकेशन के उपरांत पहचान-पत्र जारी किए गए हैं। इस सेवा का लाभ उठाने के लिए नागरिक 18009110007 टोल फ्री नंबर पर फोन कर सकते हैं। नागरिकों की सुविधानुसार घर पर ही आवेदन लिया जाएगा तथा संबंधित प्रमाण पत्र / अभिलेख घर पर ही उपलब्ध कराया जाएगा।
सचिव शैलेश बगौली ने बताया कि इस सेवा की तीन माह की समीक्षा उपरांत पूरे प्रदेश में इस सेवा को उपलब्ध कराये जाने का लक्ष्य है। भविष्य में दूर दराज क्षेत्रों में निवास करने वाले वरिष्ठ नागरिकों को इस सेवा से विशेष लाभ होगा।
आई.टी.डी.ए. निदेशक नितिका खण्डेलवाल ने जानकारी दी कि सी.एस.सी. द्वारा केंद्र व राज्य की सरकारी सेवाओं के अलावा व्यावसायिक सेवाएँ जैसे बीमा, शिक्षण, बैंकिंग, पेंशन, डिजी पे, टेली-हेल्थ, टेली-लॉ भी नागरिकों को ग्राम स्तर तक उपलब्ध करायी जा रही हैं।
इस अवसर पर विधायक शिव अरोरा, सचिव विनोद कुमार सुमन, अपर निदेशक आई.टी.डी.ए. गिरीश चंद्र गुणवंत, व आईटीडीए एवं सीएससी-एसपीवी उत्तराखण्ड के अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने की साइकिलिस्ट आशा मालवीय के यात्रा उद्देश्य की सराहना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में साइकिलिस्ट आशा मालवीय ने भेंट की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महिला सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से आशा मालवीय द्वारा साइकिल यात्रा के माध्यम से जागरूकता फैलाये जाने के प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि मनुष्य किसी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए दृढ़ संकल्प होकर कार्य करता है, तो उसमें सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने आशा मालवीय के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की आशा मालवीय महिला सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से देशभर में साइकिल यात्रा के माध्यम से जागरूकता का कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा यात्रा की शुरूवात 01 नवम्बर 2022 से मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से की गई और यह यात्रा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में सम्पन्न जायेगी। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के दौरान भारत के 28 राज्यों में कुल 25 हजार कि.मी. की यात्रा तय की जायेगी। इस यात्रा के दौरान उनके द्वारा अभी तक 23 राज्यों में 19700 कि.मी. की दूरी तय की जा चुकी है। उनकी यात्रा का उत्तराखण्ड 24 वां राज्य है।

प्रदेश का समग्र विकास हमारी प्राथमिकताः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देहरादून के एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य के समग्र विकास की दिशा में की जा रही पहल एवं विभिन्न सम सामाजिक विषयों पर अपने विचार रखें तथा समाज सेवा के क्षेत्र में सराहनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश का समग्र विकास हमारी प्राथमिकता है। उत्तराखण्ड धर्म आध्यात्म एवं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत वाला प्रदेश है। इसके मूल स्वरूप को बनाये रखने के लिये प्रयास किये जा रहे हैं। हमारा प्रदेश 2025 तक देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होने के साथ ही नशा मुक्त प्रदेश बने इस दिशा में भी हमारे प्रयास निरन्तर जारी है। उन्होंने कहा कि नशा हमारे युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रहा हैं। युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए युवाओं को नशे से दूर रखना समाज के हित में है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में अच्छा कार्य व्यवहार, अच्छी कार्य संस्कृति, सुशासन, सेवा, संकल्प और गुड गवर्नेंस का कार्य अगर किसी ने किया है तो वो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान की प्रेरणा देकर समाज में स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता तथा गंदगी से होने वाली अनेक बीमारियों से छुटकारा दिलाने का कार्य किया है। इस अभियान के तहत देश में 12 करोड़ शौचालय बनाये जा चुके है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व का ही प्रतिफल है कि पिछले नौ सालों में देश के हर वर्ग का कल्याण हुआ है और भारत का मान देश के साथ ही विदेशों में भी बढ़ा है। आजादी के बाद के वर्षों की तुलना में पिछले नौ वर्षों के दौरान विकास के सभी मापदंडों के आधार पर हम कह सकते हैं, हमारे देश ने हर क्षेत्र में जबरदस्त प्रगति की है, जिसका लोहा आज संपूर्ण विश्व मान रहा है।

13 जिलों में 07 स्थानों पर पुनर्विलोकन बोर्ड का गठन, धामी सरकार की बड़ी उपलब्धि

देहरादून। केंद्र सरकार की हरी झंडी के बाद आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अगवाई में कैबिनेट ने मानसिक स्वास्थ्य नियमावली पर अपनी मुहर लगा दी है। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग के खाते में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। स्वास्थ्य विभाग का जिम्मा संभालने के बाद से मंत्री डॉ धन सिंह रावत इस पर गंभीरता से काम कर रहे थे। केन्द्र में कई बार उन्होंने इसकी पैरवी की। स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने पूरी टीम के साथ इस पर गंभीरता से काम किया और केन्द्र की मुहर के बाद राज्य कैबिनेट ने भी इस पर अपनी मुहर लगा दी। आपको बता दें स्वास्थ्य सचिव बनने के बाद से डॉ आ राजेश कुमार ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाने के साथ केन्द्र की योजनाओं को राज्य में तेजी से धरातल पर उतारने में कामयाबी हासिल की है। राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं और केन्द्रीय स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति पर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री के साथ ही समय-समय पर केन्द्र सरकार से आये अधिकारियों ने भी तारीफ की है।

स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने इस उपलब्धि के लिए महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ विनीता शाह सहित पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य नियमावली के गठन से पहले इसके लिए सरकारी और गैरसरकारी, बुद्वजीवी वर्ग, समाजिक कार्यों से जुड़े लोगों की राय ली गई। जिसके बाद इसके फाइनल ड्राफट पर मुहर लगी।

स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य नियमावली की मंजूरी के बाद राज्य में अब नशा मुक्ति केंद्र, मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के साथ मानसिक रोग विशेषज्ञ, नर्सों, मनोचिकित्सकीय सामाजिक कार्यकर्ताओं को पंजीकरण करना अनिवार्य होगा। लेकिन मानसिक रोग विशेषज्ञों से पंजीकरण शुल्क नहीं लिया जाएगा। केंद्र सरकार ने 2017 में मानसिक स्वास्थ्य देखरेख अधिनियम लागू किया था। साथ ही राज्यों को भी इस अधिनियम के तहत मानसिक स्वास्थ्य नीति और नियमावली बनाने के निर्देश दिए गए थे। अधिनियम के तहत 2019 में सरकार ने राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण का गठन किया। लेकिन नियमावली न होने के कारण प्राधिकरण काम नहीं कर पा रहा था। बीते माह स्वास्थ्य विभाग की ओर से नियमावली का प्रस्ताव केंद्र सरकार की अनुमति के लिए भेजा गया था। केंद्र सरकार ने नियमावली का परीक्षण करने के बाद मंजूरी दे दी है। आज कैबिनेट में इस नियमावली को मंजूरी मिल गई।

मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों को देना होगा पंजीकरण शुल्क
प्रदेश में संचालित नशा मुक्ति केंद्र या मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों को अनिवार्य रूप से प्राधिकरण में पंजीकरण करना होगा। इसके लिए शुल्क भी लिया जाएगा। एक साल के अस्थायी लाइसेंस के लिए दो हजार रुपये शुल्क होगा। इसके बाद स्थायी पंजीकरण के लिए 20 हजार शुल्क देना होगा।

इन नियमों का भी करना होगा पालन
नशा मुक्ति केंद्र मानसिक रोगी को कमरे में बंधक बना कर नहीं रख सकते हैं। डॉक्टर के परामर्श पर नशा मुक्ति केंद्रों में मरीज को रखा जाएगा और डिस्चार्ज किया जाएगा। केंद्र में फीस, ठहरने, खाने का मेन्यू प्रदर्शित करना होगा। मरीजों के इलाज के लिए मनोचिकित्सक, डॉक्टर को रखना होगा। केंद्र में मानसिक रोगियों के लिए खुली जगह होनी चाहिए। जिला स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य समीक्षा बोर्ड के माध्यम से निगरानी की जाएगी। मानसिक रोगी को परिजनों से बात करने के लिए फोन की सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा कमरों में एक बेड से दूसरे बेड की दूरी भी निर्धारित की गई है।

13 जनपदों के 07 स्थानों पर पुनर्विलोकन बोर्डों का गठन
मानसिक स्वास्थ्य देखरेख अधिनियम-2017 को भारत सरकार द्वारा दिनांक 29 मई, 2018 को अधिसूचित कर दिया गया था, जिसको उत्तराखण्ड सरकार द्वारा मूल रूप में अधिकृत कर लिया गया है। इस अधिनियम का मूल उद्देश्य मानसिक रोग से ग्रस्त व्यक्तियों के अधिकारों, उनके उचित उपचार एवं संरक्षण करना है। इस अधिनियम के अन्तर्गत राज्य सरकार द्वारा राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण एवं उत्तराखण्ड के 13 जनपदों के 07 स्थानों पर पुनर्विलोकन बोर्डों का गठन कर दिया गया है। इनमें हरिद्वार जनपद में एक, देहरादून जनपद में एक, उधमसिंह नगर जनपद के रूद्रपुर में एक, पौड़ी गढ़वाल, रूद्रप्रयाग, और चमोली जनपद का सेंटर श्रीगर गढ़वाल में, टिहरी गढ़वाल और उत्तरकाशी जनपद का न्यू टिहरी में और बागेश्वर, पिथौरागढ़ व चंपावत जनपद का पिथौरागढ में बोर्ड का गठन किया गया है।

इस अधिनियम के आलोक में राज्य सरकार द्वारा मानसिक स्वास्थ्य देखरेख नियम, मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों (नशामुक्ति केन्द्रों सहित ) के लिए नियम विनियम एवं मानसिक रोग से ग्रस्त व्यक्तियों के अधिकार इत्यादि को तैयार कर लिया गया है एवं भारत से अनुमोदन प्राप्त कर मंत्री परिषद् में राज्य में प्रख्यापित करने हेतु प्रेषित किया गया, जोकि आज दिनांक 07.07.2023 को सम्पन्न हुई मंत्री परिषद की बैठक में सभी नियमो विनियमों को प्रख्यापित करने को मंजूरी दे दी गई है।

सभी मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों (नशामुक्ति केन्द्रों सहित) मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों (नैदानिक मनोवैज्ञानिकों, मानसिक स्वास्थ्य नर्सों एवं मनशचिकित्सीय सामाजिक कार्यकर्ताओं) को राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण कार्यालय में पंजीकृत होना अनिवार्य है। मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों के अस्थाई पंजीकरण हेतु न्यूनतम राशि रू0 2,000/- का प्राविधान है एवं मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का पंजीकरण निःशुल्क किया जाना है।

इन नियम विनियमों के प्रख्यापित हो जाने के पश्चात सभी मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों (नशामुक्ति केन्द्रों सहित ) को इसमें दिये गये नियम – विनियमों के अनुरूप संस्थानों का संचालन करना होगा। मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों (नशामुक्ति केन्द्रों सहित) की समय-समय पर जांच एवं निरीक्षण करने का प्रावधान भी इसमें निहित है। जिसमें किसी मानसिक स्वास्थ्य संस्थान द्वारा गैर अनुपालन या प्रावधान का उल्लंघन किया जाता है तो ऐसी स्थित में ऐसा न करने पर अधिनियम में दण्ड का प्रावधान है।

नियमों का उल्लंघन करने पर 2 साल की जेल या 50 हजार जुर्माना
नियमावली में नियमों का उल्लंघन करने पर मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों ( नशामुक्ति केन्द्रों सहित) द्वारा प्रथम उल्लघन पर 5,000/- से 50,000/- रूपये, दूसरे उल्लघन पर 2,00,000/- रूपये व बार-बार उल्लघन पर 5,00,000/- रूपये का जुर्माना दण्ड के रूप में प्राविधान है। ऐसे मानसिक स्वास्थ्य संस्थान (नशामुक्ति केन्द्रों सहित) जो पंजीकृत नहीं है, में कार्य करने वाले मानसिक स्वास्थ्य वृत्तिकों पर 25,000/- रूपये तक जुर्माना दण्ड के रूप में प्राविधान है। यदि कोई व्यक्ति अधिनियम के अधीन बनाये गये नियम या विनियम के उपबंधों का उल्लंघन करता है तो ऐसी स्थिति में उस व्यक्ति को प्रथम उल्लघंन पर छह माह की जेल या 10,000/- रूपये का जुर्माना अथवा दोनों व बार-बार उल्लघन पर दो वर्ष की जेल या 50,000/- रूपये से 5,00,000/- रूपये जुर्माना अथवा दोना दण्ड के रूप में प्राविधान है। इन नियम विनियमों के प्रख्यापित होने से राज्य में मानसिक रोग से ग्रस्त व्यक्तियों को उच्च गुणवत्तायुक्त उचित उपचार प्राप्त हो सकेगा एवं अवैध संस्थानों पर नियंत्रण हो पायेगा। भारत सरकार एवं राज्य सरकार इस क्षेत्र में कार्य करने हेतु कृतसंकल्प है।