विधानसभा में पुस्तकालय और वेबसाईट का राज्यपाल ने किया लोकार्पण

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने विधानसभा में उत्तराखण्ड विधानसभा के नवनिर्मित पुस्तकालय एवं नवीन वेबसाइट का लोकार्पण किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उपस्थित रहे। नवनिर्मित पुस्तकालय में लगभग 20 हजार से ऊपर पुस्तकों का समावेश किया गया है। इस विशिष्ट पुस्तकालय में संविधान एवं कानून, लोक प्रशासन और सामान्य ज्ञान सहित विभिन्न विषयों से संबंधित महत्वपूर्ण पुस्तकें उपलब्ध रहेंगी। इसके साथ-साथ देश-विदेश के प्रमुख लेखकों की पुस्तकों का भी समावेश किया गया है जो ई-लाइब्रेरी के रूप में डिजिटल और प्रिंट दोनों रूपों में उपलब्ध रहेगी। राज्यपाल ने अपनी ओर से विधानसभा पुस्तकालय हेतु 108 पुस्तकें देने की घोषणा की।
पुस्तकालय एवं वेबसाइट के लोकार्पण के अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि लोकतंत्र के इस मंदिर में माँ सरस्वती के मंदिर की स्थापना किया जाना अपने आप में अलग है। उन्होंने कहा कि पुस्तकों में माँ सरस्वती का वास होता है। पुस्तकालय एक प्रकार से ज्ञान के मंदिर ही हैं और यह ज्ञान का मंदिर हमारी सोच, विचार और धारणा को निरंतर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाता है। हमें हर एक जिज्ञासा और हर एक प्रश्न का उत्तर पुस्तकों से प्राप्त होता है। राज्यपाल ने पुस्तकालय की स्थापना के लिए विधानसभा अध्यक्ष को बधाई दी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड विधानसभा के विधायकगणों को जहां एक ओर संसदीय कार्यों में सहायता मिलेगी वहीं दूसरी ओर पुस्तकालय में उपलब्ध विशिष्ट पुस्तकों के अध्ययन से उन्हें सामाजिक कार्यों में भी लाभ होगा।
राज्यपाल ने कहा कि इसके साथ-साथ टेक्नोलॉजी को अपनाते हुए नवीन वेबसाइट को अपडेट और आधुनिक बनाया है। तकनीकी का विकास बहुत बड़े स्तर पर प्रारंभ हो गया है, हमें आधुनिक तकनीक को मानवता की सेवा, देश की प्रगति और लोगों की भलाई के लिए हर क्षेत्र में लागू करना होगा। वर्तमान समय में टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजीटाइजेशन, सोशल मीडिया और मास मीडिया के साथ जुड़ना बहुत जरूरी है। आधुनिक भारत, विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के सपनों को पूरा करने के लिए नवीन तकनीकों का अपनाना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विधानसभा में नवनिर्मित पुस्तकालय के लोकार्पण एवं नवीन वेबसाइट लांच होने से यहां पर संसदीय परंपराओं के ज्ञान एवं अन्य महत्वपूर्ण आवश्यक जानकारियों के लिए विधानसभा में लोगों को एक ऐसा स्थान मिल गया है, जहां पर ज्ञान वर्द्धन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा में इस पुस्तकालय के माध्यम से सभी निर्वाचित सदस्य अपनी संसदीय समस्याओं के समाधान के साथ ही संसदीय परंपराओं एवं सदन के भीतर होने वाली कार्यवाहियों की बारीक से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। विधानसभा में पुस्तकालय की बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण का आभार व्यक्त किया। संसदीय परंपराओं एवं ज्ञान पर आधारित पुस्तकों का समावेश इस पुस्तकालय में किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुस्तकों के माध्यम से नियमित तरीके से अध्ययन करने की आदत सभी की होनी चाहिए। पुस्तकें हमारे दिमाग के लिए खुराक का कार्य भी करती हैं। उलझनों को सुलझाने में भी पुस्तकें अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकों से कार्यसूची के अनुसार सदन की कार्यवाही की जानकारियां एवं पुराने अभिलेखों से अनेक लोगों का मार्गदर्शन होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज शैक्षिक सुविधाओं के विस्तार और साक्षरता की उच्च दर से समाज में सभी क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर परिवर्तन आया है।
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा कि पुस्तकालय की स्थापना की प्रेरणा उन्हें अपनी माँ से मिली। चरित्र के निर्माण में पुस्तकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि विधानसभा स्थित पुस्तकालय में अभी 20 हजार से अधिक पुस्तकों का संग्रहण किया गया, इसे और बढ़ाया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस पुस्तकालय के माध्यम से लोगों को संसदीय परंपराओं की जानकारी एवं संविधान की सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त करने में बहुत मदद मिलेगी। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि हमारा प्रयास है कि यहां पर पुस्तकों का संकलन इतना बढ़ाया जाय कि, शोधकर्ताओं को भी यहां पर बुला सकें। उन्होंने कहा कि विधानसभा स्थित पुस्तकालय के लिए जो लोग भी पुस्तकें दान करना चाहते हैं, कर सकते हैं।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि विधानसभा में एक अच्छे पुस्तकालय की जरूरत काफी समय से महसूस हो रही थी। उन्होंने बेहतर पुस्तकालय की व्यवस्था के लिए विधानसभा अध्यक्ष के प्रयासों की सराहना की। पुस्तकें मानवीय मूल्यों की धरोहर है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं राज्य आन्दोलनकारियों के देश एवं प्रदेश के योगदान की जानकारी भी लोगों को मिले। इन महानुभावों के जीवन चरित्र पर आधारित पुस्तकों का समावेश भी पुस्तकालय में होना चाहिए।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल, सुबोध उनियाल, डॉ. धन सिंह रावत, सभापति पुस्तकालय समिति शहजाद सहित अनेक विधायकगण, उच्चाधिकारी एवं विधानसभा के अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।

भारी बारिश के दृष्टिगत राज्य सरकार ने जारी किए आपदा राहत दूरभाष नम्बर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेश में बीते दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण राज्य के विभिन्न स्थानों एवं हिमाचल प्रदेश में फंसे उत्तराखण्ड के नागरिकों की सहायता के लिए राज्य सरकार द्वारा आपदा राहत नम्बर जारी किए गए हैं।
प्रदेश के विभिन्न जिलों में रविवार से हो रही भारी बारिश के चलते कई जिलों में नुकसान हुआ है और जगह-जगह पर लोग फंसे हुए हैं। सीमावर्ती हिमाचल प्रदेश में भी बारिश से जन जीवन अस्त व्यस्त हुआ है। हिमाचल में भी उत्तराखंड के तमाम लोग फंसे हुए हैं। इन परिस्थितियों को मद्देनजर रखते हुए उत्तराखंड सरकार की ओर से आपदा राहत नंबर जारी किए गए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आमजन से अपील और अनुरोध किया है कि प्रदेश के सभी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के दृष्टिगत समस्त प्रदेशवासियों एवं तीर्थयात्री अनावश्यक यात्रा करने से बचें। उन्होंने कहा कि वे स्वयं राज्य आपदा कंट्रोल रूम तथा जिलाधिकारियों से सभी जनपदों से सड़क मार्ग एवं बारिश की स्थिति के बारे में जानकारी ले रहे हैं। इसके अलावा, समस्त जनपदों में ज़िला प्रशासन एवं एसडीआरएफ को हाई-अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
सहायता हेतु निम्न नंबरों पर लोग कर सकते हैं संपर्क
9411112985, 01352717380, 01352712685, इसके अतिरिक्त व्हाट्सएप नंबर- 9411112780 पर भी लोग मैसेज कर सकते हैं।

मौन सत्याग्रह पर कांग्रेस स्थिति करे स्पष्ट, राहुल का गुणगान या यूसीसी विरोध?

भाजपा ने कांग्रेस के प्रस्तावित गांधी स्मारक पर मौन सत्याग्रह पर निशाना साधते हुए कहा कि उसे स्पष्ट करना चाहिए कि वह अपने पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का गुणगान के लिए मौन सत्याग्रह कर रही है अथवा यूसीसी का विरोध कर रही है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि कांग्रेस दुविधा की स्थिति मे है और विकास कार्यों के जरिये खुद को साबित कर रही भाजपा की उपलब्धियां पच नही रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी भाजपा के निशाने पर नही, बल्कि जनता ने उन्हे माफ नही किया है। उन्होंने कहा कि विदेशों मे भारत की छवि को धक्का पहुंचाने की उनकी नाकाम कोशिश को पूरे देश और दुनिया ने देखा। देश मे लोकतंत्र को लेकर जब लोगों ने तवज्जो नही दी तो वह विदेश यात्रा पर निकल गए। कांग्रेस कभी सर्जिकल स्ट्राइक के जरिये सैनिकों के मनोबल पर प्रहार करती रही तो कभी संविधान को लेकर अनाप शनाप कथन अथवा हर उस कार्य की अगुवाई करती रही है जो देश के खिलाफ हो। वहीं कांग्रेस नेताओं के बेतुके बोल जो कि देश कि अस्मिता पर चोट करती है। भट्ट ने कहा कि राहुल गांधी को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता भी सविधान से ही मिली और उन्हे सजा भी संविधान के दायरे मे मिली है। उन्हें जो भी सजा मिली वह उनके और अदालत के बीच का विषय है, लेकिन सार्वजनिक जीवन मे संसदीय भाषा और आचरण जरूरी होता है और उनसे यह चूक बार बार होती रही है। कांग्रेस उनके प्रति सहानुभूति बटोरने की फिराक मे है, लेकिन इससे उसे कुछ हासिल नही होने वाला है। सनातनी आवरण और आडंबर से कुछ हासिल नही होने वाला, क्योंकि जनता सब जानती और समझती है।

एनआरसी बिल को लेकर भी कांग्रेस खलनायक की भूमिका मे रही है और अब समान नागरिक कानून को लेकर वह विरोध का वातावरण बना रही है।

उन्होंने कहा कि भाजपा मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए यूसीसी को लेकर नही लायी, बल्कि यह भाजपा के चुनाव घोषणा पत्र का हिस्सा भी है। वैश्विक महंगाई और कोरोना की चुनौतियों के बावजूद देश की अर्थ व्यवस्था पर असर न पड़ना और 80 करोड़ जनता को मुफ्त राशन देना बड़ी उपलब्धि है। आज देश मे तरक्की और रोजगार के अवसर खुल रहे है तो विदेशों मे भारत की साख पहले की तुलना मे बढ़ी है। कांग्रेस को अपने नेता के गुणगान के बजाय बेहतर कार्याे को प्रोत्साहन और अपनी नाकामयाबियों से बचने के लिए दुसरो पर दोष मढ़ने से बचना चाहिए। खुद को पीड़ित दिखाना आज कांग्रेस मे एक दौर शुरू हो गया है।

जीएसटी परिषद की 50वीं बैठक में शामिल हुए मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल


जीएसटी परिषद की 50वीं बैठक केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित की गयी। बैठक में उत्तराखण्ड राज्य का प्रतिनिधित्व वित्त मंत्री डॉ प्रेम चंद अग्रवाल द्वारा किया गया। बैठक में विभिन्न विषयों यथा विधि समिति द्वारा संस्तुत विषयों तथा फिटमेंट समिति द्वारा संस्तुत विषयों पर विस्तृत चर्चा की गयी।

बैठक में राज्य द्वारा वर्ष 2022-23 के लिए रु0 2 करोड़ तक के वार्षिक टर्नओवर वाले व्यापारियों के लिए वार्षिक रिटर्न दाखिल करने में छूट दिए जाने, जीएसटीआर 3 बी तथा जीएसटीआर 2 ए में अंतर होने पर आईटीसी दिए जाने की सुविधा वर्ष 2017-18 तथा वर्ष 2018-19 की भांति एक निश्चित सीमा के अधीन दिनांक 01 अप्रैल, 2019 से दिनांक 31 दिसम्बर, 2021 तक के लिए जारी रखने तथा जीएसटी ट्रिब्यूनल के गठन से सम्बंधित कार्यवाही प्रारम्भ किये जाने के परिप्रेक्ष्य में ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष तथा सदस्यों की नियुक्ति तथा सेवा की शर्तों से सम्बंधित नियमों पर सहमति व्यक्त की गयी।

बैठक में फिटमेंट समिति द्वारा की गई संस्तुतियों के अंतर्गत कर दरों के संबंध में स्पष्टीकरण जारी किए जाने तथा कतिपय विसंगतियों को दूर किये जाने पर विचार विमर्श किया गया, जिसका राज्य द्वारा समर्थन किया गया।

वित्त मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल द्वारा जीएसटी सम्बन्धी विवादों के निपटारे के लिए जीएसटी ट्रिब्यूनल के गठन का मार्ग प्रशस्त करने के लिए माननीय वित्त मंत्री महोदया, भारत सरकार का हार्दिक आभार व्यक्त किया गया तथा जीएसटी परिषद को यह अवगत कराया गया कि राज्य में जीएसटी ट्रिब्यूनल की राज्य पीठ का गठन देहरादून में प्रस्तावित किया गया है।

केन्द्रीय उत्पाद शुल्क में छूट प्राप्त करने वाली इकाइयों को राज्य सरकार द्वारा प्रतिपूर्ति करने सम्बन्धी मामले में माननीय वित्त मंत्री महोदय द्वारा यह अवगत कराया गया कि अवशेष 42 प्रतिशत की प्रतिपूर्ति राज्य सरकार द्वारा किये जाने की दशा में राज्य पर रू० 2376 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा तथा राज्य द्वारा ऐसी धनराशि की प्रतिपूर्ति करनी होगी, जो राज्य के राजकोष में प्राप्त ही नही हुई है। इस परिप्रेक्ष्य में उनके द्वारा उक्त प्रतिपूर्ति राज्य स्तर से सम्भव नहीं हो पाने के विषय में अवगत कराया गया।

बैठक में श्री दिलीप जावलकर सचिव वित्त तथा डा0 अहमद इकबाल आयुक्त राज्य कर सहित अन्य विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

महिलाओं और बच्चों के विरूद्ध मामलों की जांच के आंकड़ों को तरीके से करें तैयारः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में महिलाओं एवं बच्चों के विरूद्ध होने वाले अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिये है। उन्होंने इस संबंध में सही तथ्यों से आम जनता को अवगत कराने तथा इन मामलों की जांच एवं सजा आदि के आंकड़ों को भी सही ढंग से तैयार किये जाने के निर्देश दिये है।
बैठक में मुख्य सचिव डॉ.एस.एस.संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, सचिव मुख्यमंत्री विनय शंकर पाण्डे, अपर सचिव न्याय सुधीर कुमार सिंह, सहित पुलिस एवं गृह विभाग के उच्च अधिकारी उपस्थित थे।
मंगलवार को सचिवालय में प्रदेश में महिलाओं एवं बाल अपराध की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि महिलाओं एवं बच्चों के विरूद्ध होने वाले अपराधों में अपराधी को समय पर सजा मिले इसके लिये ऐसे प्रकरणों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के अधीन लाये जाने की व्यवस्था पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने अभियोजन विभाग की मजबूती के लिये अन्य राज्यों की व्यवस्थाओं का भी अध्ययन करने के निर्देश दिये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं से संबंधित अपराधों में पुलिस जांच त्वरित और समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित की जाए। ऐसे मामलों की विवेचना में किसी प्रकार की कमी न रहने पाए। साथ ही न्यायालयों में भी प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए। ताकि अपराधी किसी दशा में बचने न पाएं। प्रदेश में ऐसा माहौल बने कि कोई भी अपराध करने की सोच भी न पाएं। शिकायतकर्ता महिलाओं से भी समय-समय पर फीडबैक लिया जाए। महिला अपराधों से संबंधित मामलों की जनपदों में जिलाधिकारी स्तर पर लगातार समीक्षा की जाए। विवेचना और पैरवी में कमी पाए जाने पर तत्काल उन कमियों को दूर करने के प्रयास किये जाये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं एवं बच्चों के प्रति अपराधों को रोकने के लिए जन सहभागिता भी जरूरी है। इस संबंध में महिलाओं एवं बच्चों से जुड़े संगठनों से भी नियमित सम्पर्क रखा जाए। सिस्टम इस प्रकार का हो कि महिलाओं का इसके प्रति विश्वास बढ़े और वे अपनी शिकायतें बिना संकोच के दर्ज करा सकें।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में गौरा शक्ति योजना के तहत थाना स्तर पर महिला हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। जनपद व राज्य स्तर पर महिला काउंसिल सेल गठित किया गया है। प्रत्येक थाने में एक महिला उपनिरीक्षक तथा चार महिला कांस्टेबल की तैनाती की गई है। साथ ही महिला अपराधों की विवेचना महिला अधिकारी द्वारा किये जाने की व्यवस्था है।
प्रदेश में बाल अपराधों पर नियंत्रण हेतु प्रत्येक जनपद में विशेष किशोर पुलिस इकाई, बाल कल्याण पुलिस अधिकारी प्रत्येक जनपद में बाल मित्र थाने की स्थापना तथा पॉक्सो के पर्यवेक्षण हेतु स्पेशल टास्क फोर्स गठित की गई है। ऑपरेशन मुक्ति के तहत 2017 से अब तक प्रदेश में 7670 बच्चों का सत्यापन तथा 3603 बच्चों का विद्यालयों में दाखिला किया गया है। जबकि ऑपरेशन स्माइल के तहत 2015 से 2021 के मध्य 2221 बच्चे तथा 604 महिलायें बरामद की गई।

सीएम ने बरसात से प्रभावित क्षेत्रों का किया औचक निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बरसात से प्रभावित क्षेत्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आई.एस.बी.टी देहरादून में सड़क पर जल भराव को देखते हुए मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी देहरादून को निर्देश दिये कि जल भराव के कारणों की जाँच की जाय एवं जो भी अधिकारी इसमें दोषी पाये जाते हैं, उन पर सख्त कारवाई की जाए। ड्रेनेज की समस्या का शीघ्र समाधान करवाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए।

मुख्यमंत्री ने इसके बाद चन्द्रबनी देहरादून का स्थलीय निरीक्षण किया। चन्द्रबनी में एक कॉलोनी में जंगल से पानी आने की वजह से जलभराव की स्थिति आई। स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां पर सुरक्षा दीवार का काम पूरा न होने के कारण यह समस्या आ रही है। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी देहरादून को निर्देश दिये कि इस समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए। यदि लोगों को खाद्यान्न एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की जरूरत पड़ेगी, तो इसकी समुचित व्यवस्था की जाय।

निरीक्षण के दौरान आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका एवं जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे।

भारी को देखते हुए सभी अधिकारी 24 घंटे एक्टिव मोड में रहेः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून, सचिवालय स्थित आपदा कन्ट्रोल रूम में औचक निरीक्षण कर, प्रदेश भर में जारी बारिश की स्थिति का जायजा लिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आपदा प्रबंधन विभाग में जिन भी अधिकारियों की ड्यूटी लगी है। उनकी भूमिका ऐसे समय में अत्यधिक महत्वपूर्ण है। उन्होने कहा सभी अधिकारी 24 घंटे एक्टिव मोड में रहे। सभी जिलों के साथ परस्पर समन्वय एवं संवाद कायम कर काम करें। उन्होंने कहा आपदा काल के दौरान लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जायेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश भर में नदियों के वर्तमान जलस्तर के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा जो नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। वहां के प्रशासन को अलर्ट किया जाए एवं नदी के आसपास रहने वाले लोगों को अति शीघ्र सुरक्षित स्थानों में भेजा जाए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश भर में सड़कों की स्थिति सहित चार धाम यात्रा एवं कांवड़ यात्रा के संचालन के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा बाधित सड़कों को तुरंत खोला जाए। जिन स्थानों पर पर्यटक फंसे हैं, उन्हें निकालकर सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिलाधिकारी पिथौरागढ़ से फ़ोन में वार्ता कर दारमा, व्यास सहित अन्य घाटियों की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी चमोली से फोन में वार्ता कर मलारी में हुए भूस्खलन, के बारे में जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी हरिद्वार एवं उत्तरकाशी से दूरभाष के माध्यम से संबंधित जिलों में बारिश से हुए नुकसान के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री धामी ने सभी जिला अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जिन भी स्थानों में लोग फंसे हैं उन्हें अति शीघ्र निकालने की व्यवस्था की जाए साथ ही उनके रहने खाने की पर्याप्त व्यवस्था हो। जिला स्तर पर कोई भी कमी होने पर तुरंत शासन को सूचित किया जाए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आपदा की दृष्टि से संवेदनशील जनपदों में विशेष सावधानियां सुनिश्चित करने हेतु निर्देश जारी किये जाए। साथ ही उन जनपदों की लगातार मॉनिटरिंग हो।

उत्तरकाशी के साल्ड गांव में जगन्नाथ मंदिर का होगा पुनरुद्धार, धर्मेंद्र प्रधान ने बताया दिलचस्प किस्सा

सोशल मीडिया आजकल कई ऐसी धरोहर को हमारे सामने लाने का काम करता है, जिनके बारे में हमें अधिक पता नहीं होता. कुछ ऐसा ही उत्तराखण्ड के उत्तरकाशी जिले में हुआ,यहाँ के साल्ड गांव में जगन्नाथ मंदिर में स्थित प्राचीन जगन्नाथ मंदिर का अब विकास होगा. दरअसल केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने आज उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के दौरान इस मंदिर का जिक्र किया. उन्होंने बताया की कैसे उन्हें ओड़िशा की अभिनेत्री सब्यसाची और अर्चिता से इस मंदिर के बारे पता चला.

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया दिलचस्प किस्सा-
दरअसल साल भर पहले उड़ीसा के एक व्यक्ति जनार्दन महापात्र देहरादून गए थे. अपनी बेटी की एडमिशन का वहां दाखिला कराना था. इस दौरान उन्हें जगन्नाथ मंदिर की तलाश थी. इसी क्रम में वह उत्तरकाशी के मान्यता
12 वी सदी के जगन्नाथ मंदिर में गए. इसके बाद उन्होंने सब्यसाची और अर्चिता को बताया. उन्होंने जब इसको लेकर ट्वीट किया तो इसपर मेरा धर्मेंद्र प्रधान का ध्यान गया. उन्होंने इस संदर्भ में उत्तराखंड के सीएम पुष्कर धामी से बात की. आज केंद्रीय मंत्री वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के दौरान सीएम पुष्कर धामी ने इस परिसर को विकसित करने की बात कही है ,यह एक भारत श्रेष्ठ भारत का बेहतर उदाहरण है !
प्रधानमंत्री मोदी अपने उत्तराखंड दौरे पर कह चुके हैं, ‘यह दशक उत्तराखंड का होगा !
केंद्रीय शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर धामी को परिवार सहित महाप्रभु जगन्नाथ पुरी ओड़िसा दर्शन के लिए आंमंत्रित किया’
प्रधानमंत्री मोदी अपने उत्तराखंड दौरे पर कह चुके हैं, ‘यह दशक उत्तराखंड का होगा।

संबित पात्रा ने की मुख्यमंत्री धामी से शिष्टाचार भेंट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सोमवार को मुख्यमंत्री आवास देहरादून में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ संबित पात्रा ने शिष्टाचार भेंट की।
इस दौरान डॉ संबित पात्रा ने मुख्यमंत्री से उत्तराखण्ड के उत्तरकाशी जिले के साल्ड गांव में 12वीं शताब्दी में आदि गुरु शंकराचार्य जी द्वारा स्थापित श्री जगन्नाथ मंदिर के बारे में विस्तार से चर्चा की।
डॉ संबित पात्रा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से श्री जगन्नाथ मंदिर, उत्तरकाशी में नियमित रूप से पूजा-अर्चना, मंदिर को ए.एस.आई से संरक्षण एवं महाप्रभु के भोग के लिए उचित व्यवस्था किए जाने का आग्रह किया। उन्होंने मंदिर क्षेत्र में पर्यटन की दृष्टि से मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के विषय पर भी विस्तृत चर्चा की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डॉ संबित पात्रा को श्री जगन्नाथ मंदिर, उत्तरकाशी के विकास में हर संभव मदद हेतु आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत की अवधारणा से श्री जगन्नाथ मंदिर, उत्तरकाशी को विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि श्री जगन्नाथ मंदिर उत्तराखंड राज्य के साथ पूरे देश की धरोहर है। उन्होंने कहा जगन्नाथ मंदिर उत्तरकाशी का संरक्षण कर उसका नव निर्माण कार्य एवं विस्तारीकरण किया जाएगा।
इस दौरान भाजपा नेता सतीश लखेड़ा भी मौजूद रहे।

बारिश की स्थिति जानने को प्रधानमंत्री ने किया सीएम धामी को फोन

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर उत्तराखंड में भारी बारिश के दृष्टिगत प्रदेश की स्थिति के बारे में जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने जान-माल की क्षति, सड़कों की स्थिति सहित चार धाम यात्रा, कृषि, किसान और फसलों की स्थिति तथा कांवड़ यात्रा के संचालन के बारे में जानकारी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री ने भारी बारिश से विभिन्न स्थानों पर हुए जन धन की हानि और बाधित सड़कों के साथ ही चार धाम यात्रा और कांवड़ यात्रा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने किसानों और फसलों की स्थिति के बारे में भी बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन, एसडीआरएफ, पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर काम कर रहे है। जगह जगह जेसीबी मशीनें तैनात की गई है ताकि बाधित सड़कों को तुरंत खोला जा सके। उच्च स्तर से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
प्रधानमंत्री ने केंद्र से पूरे सहयोग के प्रति मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया।