कराटे में अनुराग और हर्षपाल को मंत्री डॉ अग्रवाल ने प्रदान की ब्लैक बेल्ट डिग्री

मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने आईएसकेओआई इण्डिया द्वारा कराटे की बेल्ट टेस्ट परीक्षा के उत्तीर्ण परीक्षाथियों को डिप्लोमा व डिग्री प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि तीर्थनगरी में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। आज के युवा वर्ग को खेलों की ओर अग्रसर होना चाहिए जिससे उनमें बुरी आदतें नहीं आयेंगी और उनका मानसिक व शारीरिक विकास होगा।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि आत्म सुरक्षा के लिए जूडो, कराटे, ग्रेपलिंग जैसे खेल आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आज के परिवेश को देखते हुए प्रत्येक अभिभावकों को अपनी बिटियाओं, छोटे बच्चों को इसके प्रशिक्षण की ओर आकर्षित करना चाहिए।

इस अवसर पर आई. एस. के. ओ. आई. इण्डिया के मुख्य प्रशिक्षक व तकनीकी निदेशक शिहान विश्वनाथ राजपूत ने बताया कि उक्त परीक्षा में अनुराग भद्री व हर्षपाल 5 साल की निरन्तर कड़ी मेहनत कर ब्लैक बेल्ट की डिग्री प्राप्त कर शैम्पाई की उपाधि प्राप्त की।

इस अवसर पर ऑरेन्ज बेल्ट परीक्षा पास करने वाले खिलाड़ियों में सुहाना, वंश कुमार, वीरा, अंशिका, आस्था, कृतिका नेगी, विजेन्द्र बिष्ट तथा येलो बेल्ट परीक्षा ताजेन्द्र सिंह द्वारा उत्तीर्ण करने पर डॉ अग्रवाल ने सम्मानित किया।

इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता संजय शास्त्री, राज्य आंदोलनकारी सरोज डिमरी, पार्षद विकास तेवतिया सहित परीक्षाथियों के अभिभावक मौजूद रहे।

श्रावण मास की नीलकंठ यात्रा को लेकर पुलिस अलर्ट, हुई बैठक

श्रावण मास की श्री नीलकंठ महादेव मंदिर यात्रा के दौरान पैदल मार्ग पर जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है। जिसको देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने शाम छह बजे से सुबह पांच बजे तक को बंद रखने का निर्णय लिया है। पैदल मार्ग का यह क्षेत्र राजाजी टाइगर रिजर्व वन क्षेत्र के अंतर्गत आता है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी गढ़वाल श्वेता चौबे ने कावड़ यात्रा के दौरान क्षेत्र में ट्रैफिक प्लान की जानकारी देते हुए बताया कि पैदल मार्ग पर पार्क प्रशासन को नियमित गश्त बढ़ाने के लिए कहा गया है। बैराज-चीला शक्ति नहर पर कावड़ यात्रियों के नहाने के कारण दुर्घटनाओं को रोकने के लिए फोर्स की तैनाती अलग से की जा रही है।

कांवड़ मेले के दौरान वाहनों के जाने का मार्ग
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाये रखने हेतु श्री नीलकंठ महादेव मन्दिर जाने के लिए ऋषिकेश- मुनिकीरेती-गरुड़ चट्टी- पीपलकोटी- नीलकंठ मंदिर मार्ग को निर्धारित किया गया है।

कांवड़ मेले के दौरान वाहनों के जाने का मार्ग
मंदिर से वापसी में निकासी हेतु नीलकंठ – पीपलकोटी- गरुड़ चट्टी- बैराज बाईपास- पशुलोक बैराज- ऋषिकेश-हरिद्वार मार्ग निर्धारित किया गया है।

श्री नीलकंठ मन्दिर आने का पैदल मार्ग
मेले के सामान्य दिनों में रामझूला व जानकी पुल कांवड़ यात्रियों के लिये खुले रहेंगे। भीड़ की अधिकता होने पर यात्रियों के लिये ऋषिकेश- रामझूला- बागखाला- पुण्डरासू- नीलकंठ मन्दिर का मार्ग निर्धारित किया गया है।

पैदल वापसी का मार्ग
श्री नीलकंठ मन्दिर से वापस जाने हेतु श्री नीलकंठ मन्दिर- पुण्डरासू- बागखाला- जानकी पुल- ऋषिकेश मार्ग निर्धारित किया गया है।

वाहनों के अव्यवस्थित रूप से खड़े पाए जाने पर उन्हें हटाने के लिए क्रेन की व्यवस्था की गयी है। साथ ही नीलकंठ क्षेत्र में पार्किंग फुल होने की दशा में वाहनों को पीपल कोटी- दिउली मार्ग पर डायवर्ट कर पार्क कराया जाएगा। 15 से 17 जुलाई तक मेला क्षेत्र में भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगायी गयी है।

मेला क्षेत्र में 894 अधिकारी और कर्मचारी तैनात
सम्पूर्ण मेला क्षेत्र की सुरक्षा के दृष्टिगत कांवड़ मेले में लगा 894 अधिकारी और कर्मचारियों की तैनाती की गई है।

जनपद का कुल फोर्स- 551

अपर पुलिस अधीक्षक एक, क्षेत्राधिकारी दो, निरीक्षक पांच, थानाध्यक्ष 11, उप निरीक्षक 27, महिला उपनिरीक्षक आठ, अपर उप निरीक्षक 15, हेड कांस्टेबल 80, कांस्टेबल 91, महिला कांस्टेबल 20, होमगार्ड 207, पीआरडी 84,

बाहरी जनपद से प्राप्त कुल फोर्स- 300

अपर पुलिस अधीक्षक एक, क्षेत्राधिकारी पांच, निरीक्षक तीन, थानाध्यक्ष तीन, उप निरीक्षक सात, महिला उपनिरीक्षक छह, अपर उप निरीक्षक 156, महिला अपर उप निरीक्षक दो हेड कांस्टेबल 38, कांस्टेबल 52, महिला कांस्टेबल 27, एक कम्पनी, दो प्लाटून, दो सैक्शन पीएसी

रिजर्व कुल फोर्स

निरीक्षक तीन, थानाध्यक्ष तीन, उपनिरीक्षक चार, महिला उपनिरीक्षक एक, अपर उपनिरीक्षक 18, महिला अपर उप निरीक्षक एक, हेड कांस्टेबल तीन

74 सीसीटीवी कैमरा और तीन ड्रोन की निगरानी
बीते वर्ष की तुलना में इस वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के यहां पहुंचने की संभावना है। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस प्रशासन की ओर से इस बार यहां अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात किया गया है। 74 सीसीटीवी कैमरा और तीन ड्रोन की निगरानी में मेला संचालित होगा। सुरक्षा व्यवस्था के तहत सम्पूर्ण मेला क्षेत्र को एक सुपर जोन, सात जोन व 23 सेक्टरों में विभाजित किया गया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी श्वेता चौबे ने ड्यूटी पर लगे समस्त पुलिस बल को परमार्थ निकेतन में ब्रीफिंग ली। पुलिस कप्तान ने कहा कि इंटरनेट मीडिया और विभिन्न माध्यम से अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी और सख्त कार्रवाई होगी।

सभी अधिकारी और कर्मचारी अनुशासित और संयमित होकर अपनी ड्यूटी दें। उन्होंने बताया कि पौड़ी जनपद के सम्पूर्ण मेला क्षेत्र को एक सुपर जोन, सात जोन व 23 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सुपर जोन में अपर पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी, जोन में पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी तथा सेक्टरों में निरीक्षक, थानाध्यक्ष, वरिष्ठ उपनिरीक्षक, उपनिरीक्षक एवं अपर उपनिरीक्षक स्तर के अधिकारियों को नियुक्त किया गया है।

उन्होंने बताया कि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की दो टीम, जल पुलिस,गोताखोर टीम, दो क्यूआरटी टीम, पीएससी फ्लड टीम के साथ-साथ आतंकी घटनाओं की रोकथाम हेतु एक टीम एंटी टेरेरिस्ट स्क्वाड को मेला क्षेत्र में चौबीस घण्टे के लिये एक्टिव रखा गया है।

बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार शेखर चंद्र सुयाल, अपर पुलिस अधीक्षक अनिल काला, सीओ श्रीनगर श्याम दत्त नौटियाल, सहायक सेनानायक एसडीआरएफ दीपक सिंह, पुलिस उपाधीक्षक सतर्कता अनिल मनराल, एसएस सामंत, सहायक सेनानायक पीटीसी सुनीता वर्मा, उप सेनानायक आइआरबी राजन सिंह आदि मौजूद रहे।

नई दिल्ली पहुंचे सीएम धामी, मीडिया से वार्ता में यूसीसी पर बोले ये…

नई दिल्ली पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड सदन में समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट बनाने वाली विशेषज्ञ समिति के सदस्यों से मुलाकात की। माना जा रहा है कि इस दौरान उन्होंने समिति के सदस्यों से ड्राफ्ट पर भी चर्चा की। मीडिया से वार्ता में उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट मिलने के बाद प्रदेश सरकार इसका विधिक परीक्षण करेगी। इसके बाद इसे प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह अन्य राज्यों से भी अपेक्षा करेंगे कि देवभूमि से समान नागरिक संहिता एक्ट बनाने का जो सिलसिला शुरू हुआ है, उसे वे भी लागू करें।

मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता के लिए गठित समिति को इस पर काम करते हुए एक वर्ष से अधिक का समय हो गया है। समिति ने विभिन्न धर्मों, राजनीतिक दलों व विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े व्यक्तियों से चर्चा की है। समिति ने ड्राफ्ट पूरा कर लिया है। कुछ समय बाद समिति इसे सरकार को सौंप देगी। सरकार विधिक परीक्षण करने के बाद इसे लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि जब इसका ड्राफ्ट सामने आएगा, तब इससे जुड़े सभी संशय दूर हो जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा कि समान नागरिक संहिता के ड्राफ्ट में उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थिति व दो अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे होने के कारण सामरिक दृष्टि का भी ध्यान रखा गया है। उत्तराखंड धर्म व संस्कृति का केंद्र है। इसलिए उत्तराखंड में रहने वाले लोगों के लिए एक समान कानून होना चाहिए।

लायंस क्लब ने हेल्थ चेकअप कैंप लगाकर किया डॉक्टर्स को सम्मानित

लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन द्वारा लायनिसटिक वर्ष 2023-2024 के प्रथम दिन पुष्कर मंदिर मार्ग पर एक हेल्थ चेकअप केम्प लगाया गया। जिसमे लगभग 80 लोगो का चेकअप किया गया।
क्लब अध्यक्ष लायन विकास ग्रोवर ने बताया कि प्रथम सुख निरोगी काया को साकार करने के लिए क्लब द्वारा आज हेल्थ चेक अप कैंप लगाया गया तथा लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक और खानपान को लेकर सचेत रहें तथा युवा पीढ़ी को जंक फूड से होने वाली समस्याओं के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया।
क्लब द्बारा आज डाक्टर्स डे के अवसर पर विकास गर्ग पैथेलोजिस्ट को सम्मानित भी किया गया।
क्लब संस्थापक ला ललित मोहन मिश्र ने बताया कि गत दिवस रायवाला स्तिथ एक रिज़ॉर्ट में हुए एक कार्यकम में विकास ग्रोवर को अध्यक्ष, विनोद अरोड़ा को सचिव तथा विनीत चावला को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया। कार्यक्रम में गत वर्ष 2022-2023 में उल्लेखनीय कार्यों के लिये विभिन्न सदस्यों को निवर्तमान अध्यक्ष रजत भोला, निवर्तमान सचिव मधुसूदन गनेरिवाला तथा निवर्तमान कोषाध्यक्ष घनश्याम डंग द्वारा सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर महेश किंगर, नवीन गांधी, कपिल गुप्ता, आशु डंग, जगमीत सिंह, अनुराग शर्मा, केशव मोहन अग्रवाल, हरजीत सिंह, रोहन खुराना, विनीत शर्मा, दिनेश अरोड़ा, हेमंत सुनेजा, अनिरुद्ध गुप्ता, अभिनव गुप्ता आदि उपस्थित थे।

राजनाथ सिंह से मिले सीएम धामी, रखी ये मांग

उत्तराखंड के मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ स‍िंह से मुलाकात की। इस दौरान मुख्‍यमंत्री धामी ने रक्षा मंत्री से प्रदेश के विकास से संबंधित विभिन्न समसामयिक विषयों पर विस्तृत चर्चा की। इसके साथ ही रानीखेत और लैंसडाउन में छावनी बोर्डों को भंग करने और सैन्य स्टेशनों से बाहर के क्षेत्रों को राज्य प्रशासन को हस्तांतरित करने का अनुरोध किया।

मुख्‍यमंत्री धामी ने जनपद रूद्रप्रयाग में पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए ईसीएचएस केंद्र खोले जाने के लिए संस्तुति प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही, रुद्रप्रयाग में सीएसडी कैन्टीन खोले जाने, जौलीग्रांट एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए एनआरटीओ की 4 एकड़ भूमि हस्तांतरित करने और राज्य सरकार को क्षेत्रीय संपर्क योजना की सेवाओं के संचालन के लिए जोशीमठ और धारचूला आर्मी हेलीपैड के उपयोग की अनुमति प्रदान करने के ल‍िए भी अनुरोध किया।

मुख्‍यमंत्री धामी ने बताया की केंद्रीय रक्षा मंत्री द्वारा प्रदेश को हर संभव सहयोग देने के आश्वासन द‍िया गया है।

राज्य सरकार भाषा संस्थान की स्वायत्तता को बरकरार रखते हुए इसके विकास के लिए करेगी हर संभव कार्य-मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सर्वे चौक स्थित आई.आर.डी.टी. सभागार में आयोजित उत्तराखण्ड भाषा संस्थान द्वारा आयोजित साहित्य गौरव सम्मान समारोह तथा लोक भाषा सम्मेलन में 9 साहित्यकारों को उत्तराखण्ड गौरव सम्मान से सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि सम्मानित हुये साहित्यकार अपनी साहित्यिक कृतियों से हमारी लोक भाषा का मान सम्मान बढ़ाते रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी वर्षों में भाषा संस्थान अपनी साहित्यिक एवं भाषाई गतिविधियों को व्यापक स्तर प्रदान करेगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा जिन साहित्यकारों को प्रतिष्ठित उत्तराखण्ड साहित्य गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया उनमें संतोष कुमार निवारी को चन्द्रकुंवर बर्त्वाल पुरस्कार, अमृता पाण्डे को शैलेश मटियानी पुरस्कार, प्रकाश चन्द्र तिवारी को डॉ. पीताम्बर दत्त बड़थ्वाल पुरस्कार, दामोदर जोशी ‘देवांशु’ को भैरव दत्त धूलिया पुरस्कार, राजेन्द्र सिंह बोरा उर्फ त्रिभुवन गिरी को गुमानी पंत पुरस्कार, नरेन्द्र कठैत को भजन सिंह ‘सिंह’ पुरस्कार, महावीर रवांल्टा को गोविन्द चातक पुरस्कार, गुरूदीप को सरदार पूर्ण सिंह पुरस्कार एवं राजेश आनन्द ‘असीर’ को प्रो. उन्नवान चिश्ती पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सभी सम्मानित साहित्यकारों को अंगवस्त्र, प्रशस्ति पत्र एवं 1 लाख की सम्मान राशि प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ऐसे आयोजनों से प्रदेश में स्थानीय भाषाओं के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में बोली जाने वाली बोलियों व उनमें रचे जा रहे साहित्य को भी प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि देश के अनेक साहित्यकारों ने हिन्दी को विश्व पटल पर स्थापित करने में महान योगदान दिया है। हिंदी एक उदार, ग्रहणशील और सहिष्णु भाषा तो है ही, ये भारत की राष्ट्रीय चेतना की संवाहिका भी है। यह हमारी परंपराओं और हमारी विरासत का बोध कराने वाला एक सतत अनुष्ठान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हिन्दी का विकास किसी अन्य भाषा या बोली की कीमत पर नहीं हो रहा है बल्कि आज भारत की सारी भाषाएं एक साथ आगे बढ़ रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में बच्चों को शुरूआती शिक्षा मातृभाषा में देने का प्राविधान किया गया है। इससे यह उम्मीद जगती हैं कि उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय प्रदेश में हिन्दी के साथ-साथ गढ़वाली, कुमाउनी, जौनसारी आदि बोलियों का भी विकास होगा। हमारे यहां गढ़वाली, कुमाउनी और जौनसारी बोलियां बोली जाती है परन्तु हमारे प्रदेश का हिन्दी के साथ गहरा लगाव है। उन्होंने इसे सुखद संयोग बताया कि साहित्य गौरव सम्मान पाने वाले साहित्यकारों में वे साहित्यकार भी शामिल हैं जो अनेक विशिष्ट बोलियों में रचना कर्म कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो समाज अपनी भाषा और बोलियों का सम्मान नहीं करता वह अपनी प्रतिष्ठा गवां देता है। अपनी भाषा व बोलियों को बचाने और उन्हें बढ़ाने के कार्य में आम लोगों की व्यापक सहभागिता की जरूरत है। इस महत्वपूर्ण कार्य को हम सभी को अपने घर के भीतर से आरम्भ करना होगा। विशेष रूप से बच्चों के साथ संवाद करते समय अपनी मातृभाषा और आम बोलियों का प्रयोग किया जाना चाहिए। वे स्वयं अपने बच्चों को अपनी भाषा व बोली सिखाने का प्रयास कर रहे है। इसमें सभी को सामूहिक रूप से प्रयास करना होगा। हमारी वैचारिक निष्ठा हिन्दी के प्रति रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में इस दिशा में प्रभावी प्रयास किये जा रहे है। आज आधिकारिक मंचों से लेकर शिक्षा तक में हिंदी को अभूतपूर्व स्थान दिया जा रहा है। मेडिकल और इंजिनयरिंग जैसे विषयों की पढ़ाई अब हिंदी में होना कोई स्वप्न नहीं है जबकि कुछ वर्ष पूर्व तक ये महज एक कल्पना थी। हिंदी के गौरव को बनाए रखना हम सभी का दायित्व है विश्वास व्यक्त किया कि हमारी युवा पीढ़ी हिंदी को एक नवीन स्तर देने का कार्य करेगी। हिंदी के विकास के लिए जब हम सभी मिलकर कार्य करेंगे, तभी हिन्दी को अपेक्षित सम्मान प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से लोक भाषाओं पर विद्वान साहित्यकारों के मध्य विचार-विमर्श किया जाएगा। जिससे हिंदी व अन्य लोक भाषाओं का संरक्षण, विकास और उत्थान हो सके। यहां प्राप्त साहित्यकारों के महत्वपूर्ण सुझावों को संस्थान अपनी भविष्य की कार्ययोजना में अवश्य सम्मिलित करेगा। अपनी स्थापना के बाद से उत्तराखण्ड भाषा संस्थान ने कई महत्वपूर्ण कार्य किये हैं। अब सरकार ने हिन्दी अकादमी, पंजाबी अकादमी, उर्दू अकादमी और लोक भाषा बोली अकादमी को एक छत के नीचे लाते हुए उत्तराखण्ड भाषा संस्थान को पुर्नगठित किया है। हमारी सरकार भाषा संस्थान की स्वायत्तता को बरकरार रखते हुए इसके विकास के लिए हर संभव कार्य करेगी। उन्होंने साहित्यकारों, भाषाविदों, शोधार्थियों से अनुरोध किया कि वे भाषा संस्थान के साथ मिलकर भाषाई विकास के लिए कार्य करें और इस संस्थान को देश के प्रतिष्ठित संस्थान के तौर पर विकसित करने के लिए मिलकर प्रयास करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड शैक्षिक व सांस्कृतिक रूप से प्रबुद्ध लोगों की भूमि है इसी के अनुरूप हमारे भाषा संस्थान की पहचान भी पूरे देश में होनी चाहिए। इसके लिये सामूहिक सहयोग एवं प्रयासों की भी उन्होंने जरूरत बताई है। उन्होंने कहा कि हमने उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों में सम्मिलित करने के लिये विकल्प रहित संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे है। सभी संचालित विकास योजनाओं का लाभ समय पर सभी को मिले इसका भी हमारा संकल्प है।
मुख्यमंत्री ने अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय वर्धा के पूर्व कुलपति प्रो. गिरीश्वर मिश्र द्वारा उत्तराखण्ड में समान नागरिक संहिता कानून बनाये जाने की दिशा में राज्य सरकार के सकारात्मक प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड सम्पूर्ण देश को शुद्ध जल, हवा व पर्यावरण प्रदान करने वाला प्रदेश है। यह ऋषियों मुनियों, तपस्वियों, महान साहित्यकारों व प्रबुद्धजनों की भूमि रही है। ऋषियों मुनियों द्वारा मंत्रो व ऋचाओं के जो शब्द यहां रचे गये वे कभी समाप्त नहीं होते। उन्ही की ऊर्जा का प्रतिफल है कि हमने इस दिशा में पहल की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता के लिये हमने 12 फरवरी, 2022 को जनता से वादा किया था कि हम समान नागरिक संहिता लायेंगे। उत्तराखण्ड देवभूमि है, गंगा-यमुना का प्रदेश है, वनों पर्वतों से आच्छादित है। दो-दो अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगा है। धर्म, अध्यात्म एवं संस्कृति का केन्द्र है। राज्य में कोई भी किसी पंथ, समुदाय, धर्म, जाति का हो सबके लिये एक समान कानून हो, इसके प्रयास किये गये है। उन्होंने कहा कि संविधान निर्माताओं में विद्धान लोग थे उन्होंने इसमें इसका प्राविधान किया है। उत्तराखण्ड की जनता ने किसी राजनैतिक दल को लगातार दूसरी बार सरकार बनाने का अवसर प्रदान कर, इस पर 2022 में अपनी मुहर लगाई। समान नागरिक संहिता लागू करने के लिये गठित समिति द्वारा डेढ़ साल में 02 लाख से भी ज्यादा लोगों के सुझाव, विचार लिये। सभी संगठनों, संस्थाओं, स्टेट होल्डरों से वार्ताकर इसका ड्राफ्ट लगभग तैयार किया जा रहा है। हमें जैसे ही यह ड्राफ्ट मिलेगा उसे देवभूमि में लागू करने का कार्य करेंगे। देश में एक विधान एक निशान एक प्रधान के साथ एक कानून की दिशा में हम आगे बढेंगे। इस दिशा में देश के अन्य राज्य भी आगे आयेंगे।
मुख्यमंत्री ोंने कहा कि स्वामी दयानन्द सरस्वती ने हिंदी की महानता से प्रभावित होकर कहा था कि हिंदी के द्वारा सारे भारत को एक सूत्र में पिरोया जा सकता है। एक भाषा के लिए लोकप्रियता और स्वीकारिता का इस से बड़ा मापक क्या होगा कि, भारत जैसे विशाल देश में अनेकों क्षेत्रीय भाषाएं और बोलियां होने के बावजूद हिन्दी किसी सदानीरा नदी की भांति स्वछंदता से प्रवाहित होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की विभिन्न भाषाओं के साथ सामंजस्य बिठा लेने की जितनी प्रबल शक्ति हिंदी में है उतनी किसी दूसरी भाषा में नहीं है। आज विश्व, हिंदी के सामर्थ को, इसके महात्म्य को पहचान रहा है और दुनिया के 100 से अधिक देशों में हिन्दी की स्वरलहरियां गूंज रही हैं। वर्ष 1977 में संयुक्त राष्ट्र संघ के अधिवेशन में जब भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने हिंदी में भाषण दिया था तो वो हम सभी के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था।
मुख्यमंत्री ने अटल की कविता ‘गूंजी हिन्दी विश्व में, स्वप्न हुआ साकार, राष्ट्र संघ के मंच से, हिन्दी का जयकार का उल्लेख कर कहा कि अटल जी हिंदी के बड़े उपासक थे और उन्होंने आजीवन इस भाषा की सेवा करने, इसको समृद्ध बनाने का प्रयास किया। आज हमें गर्व है कि उस महान हुतात्मा के दिखाए मार्ग पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में आगे बढ़ कर, हिंदी का वैश्विक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। वर्तमान में हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी विश्व भर में हिन्दी का माथा ऊँचा कर रहे हैं। भारत रत्न आदरणीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के बाद प्रधानमंत्री श्री मोदी जी ही दूसरे ऐसे नेता हैं जो वैश्विक संस्थाओं को हिन्दी में सम्बोधित करते हैं।

संविधान की आठवीं सूची में राज्य की समृद्ध भाषा बोलियों को स्थान मिले इसके भी किये जायेंगे प्रयास-भाषा मंत्री
इस अवसर पर भाषा विभाग के मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि साहित्य सृजन, समृद्ध लोक संस्कृति उत्तराखण्ड की परम्परा है। इस धरती ने साहित्यकारों को साहित्य सृजन की प्रेरणा देने का कार्य किया है। यहां का शांत एवं आध्यात्मिक वातावरण साहित्य एवं शिक्षा के लिये अनुकूल रहा है। राज्य में लोक भाषाओं को बढावा देने के लिये स्कूलों में इसे अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि बढ़ते शहरीकरण के इस दौर में लोगों को अपनी मातृभाषा के प्रति लगाव कुछ कम हुआ है। इसमें इस लगाव को बढावा देने के प्रयास करने होंगे। यह हम सभी के सामूहिक प्रयासों से ही संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि संविधान की आठवीं सूची में राज्य की समृद्ध भाषा बोलियों को स्थान मिले इसके भी प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड भाषा संस्थान नये प्रयोग एवं सुधारात्मक प्रयासों से विभिन्न भाषाओं के साहित्यकारों को आगे बढ़ाने का प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि अपनी भाषा बोली व संस्कृति को जिन्दा रखना बडी बात है।

उत्तराखण्ड साहित्य गौरव सम्मान भाषा एवं साहित्य सृजन को बढ़ावा देने की दिशा में है बड़ी पहल-प्रो. गिरीश्वर मिश्र
अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय वर्धा के पूर्व कुलपति प्रो. गिरीश्वर मिश्र ने कहा कि भाषा के कारण ही हमारा अस्तित्व है। भाषा का हमारे जीवन में दखल रहता है।जीवन का स्पंदन है भाषा। उन्होंने कहा कि आज के दौर में भाषा के प्रति जो गम्भीरता हमारे व्यवहार में होनी चाहिए, उसमें कमी आ रही है। हमें इस दिशा में सोचना होगा। उन्होंने उत्तराखण्ड साहित्य गौरव सम्मान की पहल की सराहना करते हुये इसे भाषा एवं साहित्य सृजन को बढ़ावा देने की दिशा में बडी पहल बताया। उन्होंने कहा कि हमारे मनीषियों ने किसी भी शुभ कार्य में मंगलाचरण की परम्परा को प्रमुखता दी है, इस प्रकार सबके मंगल की कामना हमारी परम्परा है। भाषा जोड़ने का कार्य तो करती ही है, अनेकता में एकता के भाव को भी इससे बढ़ावा मिलता है। भाषा मन, विचार और कर्म को एक साथ चलाने का भी माध्यम है। प्रो. मिश्र ने उत्तराखण्ड में समान नागरिक संहिता कानून बनाए जाने के लिये मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों की सराहना करते हुये इसे सबको साथ लेकर चलने की पहल बताया।

मनुष्य और जीवों में शब्द का ही अंतर है। मनुष्य अकेली प्रजाति है जो कल्पना कर सकती है-अनिल रतूड़ी
साहित्यकार एवं पूर्व पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी ने इस अवसर पर भाषा साहित्य एवं संस्कृति के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहलुओं पर विचार व्यक्त करते हुये कहा कि शब्द को ब्रह्म तथा ओम् शब्द को सृष्टि के अन्धकार दूर करने वाला बताया गया है। शब्द से ही साहित्य और भाषा का विकास हुआ है। मनुष्य और जीवों में शब्द का ही अंतर है। मनुष्य अकेली प्रजाति है जो कल्पना कर सकती है। उन्होंने कहा कि कुमाऊँ एवं गढवाल राजवंशो द्वारा अपने शासनकाल में कुमाऊं एवं गढवाली को अपनी राजभाषा बनाया गया था। इसके कई प्रमाण मिलते हैं। उन्होंने अपनी भाषा, बोली और संस्कृति को बढावा देने के प्रयासों की भी जरूरत बतायी। इससे राज्य निर्माण की अवधारणा साकार होने के साथ ही सांस्कृतिक मूल्यों के बेहतर संरक्षण में भी मदद मिलेगी।

उत्तराखण्ड भाषा संस्थान की निदेशक स्वाति एस. भदौरिया ने कहा कि उत्तराखंड भाषा संस्थान राज्य सरकार का एक ऐसा प्रयास है जिसके माध्यम से उत्तराखंड में भाषाओं के संरक्षण, उनके विस्तार और प्रोत्साहन संबंधी कार्यों को संपादित किया जा रहा है। अपने स्थापना के बाद से भाषा संस्थान ने विभिन्न शोध परियोजनाओं, भाषा एवं साहित्यिक संगोष्ठियों तथा सम्मान कार्यक्रमों के माध्यम से साहित्यकारों और जनसामान्य तक पहुंचने का प्रयास किया है।
उत्तराखंड राज्य अनेक भाषाओं, उपभाषाओं और बोलियों का प्रयोग करने वाला ऐसा क्षेत्र है जहां विपुल मात्रा में साहित्य रचा गया है और वर्तमान में भी रखा जा रहा है। उपर्युक्त के दृष्टिगत भाषा संस्थान सरकार की नीतियों के अनुरूप विभिन्न भाषाओं, उपभाषाओं और बोलियों के साहित्य को प्रोत्साहित करने के लिए सतत रूप से प्रयासरत है। इस अवसर पर विधायक खजान दास ने भी अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में विधायक मोहन सिंह बिष्ट, प्रमोद नैनवाल, सचिव भाषा विनोद प्रसाद रतूड़ी सहित बडी संख्या में साहित्यकार एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन साहित्यकार गणेश खुगशाल गणी ने किया।

कैबिनेट मंत्री अग्रवाल ने मोदी सरकार के 9 वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियां बताई

क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 9 वर्ष पूर्ण होने पर प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री के 9 साल के कार्यकाल को सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित बताया।
रेलवे रोड स्थित जिला भाजपा कार्यालय ऋषिकेश में प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में यह 9 साल का कार्यकाल सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित रहा है। अनेक जन कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के हर वर्ग के लोगों के लिए उनके नेतृत्व में योजनाएं चलाई जा रही हैं। बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक पटल पर अलग पहचान बनी है। विदेश यात्राओं में जिस तरह उनका सम्मान होता है, यह हर एक भारतीय का सम्मान है। आज पूरी दुनिया भारत को नई आशाओं के रूप में देख रही है।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का देवभूमि उत्तराखण्ड से विशेष लगाव है। उनके मार्गदर्शन में पिछले 9 सालों में उत्तराखण्ड में हर क्षेत्र में तेजी से कार्य हुए हैं। भारत माला परियोजना, ऑल वेदर रोड, रेल कनेक्टिविटी, शिक्षा, चिकित्सा, इन्फ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी के क्षेत्र में राज्य में तेजी से कार्य हुए हैं। केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्य पर तेजी से कार्य चल रहा है। बद्रीनाथ में मास्टर प्लान के तहत कार्य प्रगति पर हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपना हर क्षण देश सेवा के लिए समर्पित किया है।
डॉ अग्रवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में सरकार का पूरा ध्यान विकास के नवरत्नों पर है। इसमें पहला रत्न-केदारनाथ-बद्रीनाथ धाम में 1300 करोड़ रुपए से पुनर्निर्माण का कार्य, दूसरा रत्न-ढाई हजार करोड़ रुपए की लागत से गौरीकुण्ड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुण्ट साहिब रोपवे का कार्य, तीसरा रत्न- कुमायूं के पौराणिक मंदिरों को भव्य बनाने के लिये मानसखण्ड मंदिर माला मिशन का कार्य किया जा रहा है। इसके तहत पहले चरण में 16 मन्दिरों को शामिल किया गया है। चौथा रत्न-पूरे राज्य में होम स्टे को तेजी से बढ़ावा दिया जाना। पांचवा रत्न-राज्य में 16 ईको टूरिज्म डेस्टिनेशन का विकास, छठा रत्न-उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं का तेजी से विस्तार, उधमसिंह नगर में एम्स का सेटलाइट सेंटर भी बनाया जा रहा है। सातवां रत्न- करीब 2 हजार करोड़ रुपए की लागत वाली टिहरी लेक डेवलपमेंट परियोजना के कार्य किये जा रहे हैं। आठवां रत्न-ऋषिकेश-हरिद्वार का एडवेंचर टूरिज्म और योग की राजधानी के रूप में विकास किया जा रहा है और नौवा रत्न-टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन इस पर भी जल्द काम शुरू हो जाएगा।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने गरीबों की सेवा, वंचितों का सम्मान, नारी सशक्तिकरण, स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतरी इन्फ्रास्ट्रक्चर, तकनीकि के विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं अन्य अनेक क्षेत्रों में सराहनीय कार्य किये। उन्होंने बताया कि पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज, 11.88 करोड़ लोगों को नल से जल, स्वच्छ भारत अभियान के तहत 11.72 करोड़ शौचालयों का निर्माण किया गया और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया गया। देश में 48.27 करोड़ जन-धन खाते खोले गये, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 3 करोड़ से अधिक आवास दिये गये। देश में 37 करोड़ आयुष्मान भारत हेल्थ एकाउंट बने हैं। पीएम किसान सम्मान निधि के माध्यम से 11 करोड़ से अधिक किसानों को 6000 रूपये सालाना दिये जा रहे हैं। सभी को सस्ती एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कोविड काल में भारत ने दो स्वदेशी वैक्सीन बनाई, इससे भारतवासियों के अलावा अन्य देशों की मदद भी की गई। सड़क, रेल, हवाई कनेक्टिविटी का देश में तेजी से विस्तार हुआ। स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बनाने में हर क्षेत्र में तेजी से कार्य हुए।
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि भारत को प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जी-20 की अध्यक्षता करने का अवसर मिला है। प्रधानमंत्री के विस्तृत विजन की वजह से जी-20 की बैठकें देश के कोने-कोने में हो रही हैं। भारत की अर्थव्यवस्था पहले 11वें स्थान पर थी, जो प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व की वजह से पांचवें स्थान की अर्थव्यवस्था बन गयी है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में, आज अभूतपूर्व रूप से भारत का सांस्कृतिक उत्थान हो रहा है। सनातन संस्कृति का परचम विश्व में लहरा रहा है और हमारी आस्था के केन्द्रों का इतिहास और महत्व उसी गौरव के साथ प्रदर्शित किया जा रहा है, जिसके साथ इसे किया जाना चाहिए था।
इस मौके पर जिला अध्यक्ष भाजपा रविंद्र राणा, जिला उपाध्यक्ष दिनेश सती, मनोज ध्यानी, मंडल अध्यक्ष श्यामपुर दिनेश पयाल, पार्षद रीना शर्मा, मंडल अध्यक्ष रायवाला शिवानी भट्ट आदि उपस्थित रहे।

जी-20 के आयोजन को सफल बनाने पर कैबिनेट मंत्री अग्रवाल ने किया सम्मानित

वित्त एवं संदीय कार्य मंत्री डॉ0 प्रेम चन्द अग्रवाल ने विधान सभा स्थित कार्यालय कक्ष में जी-20 में सम्मिलित अधिकारियों तथा कर्मचारियों को सम्मानित किया।
मंत्री ने जी-20 में सम्मिलित अधिकारियों तथा कर्मचारियों को धन्यवाद करते हुए कहा कि आप सभी के अथक प्रयास से बहुत ही कम समय में हम जी-20 का सफल आयोजन कर पाये हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि प्रदेश को जी-20 की तीन बैठकों (एक रामनगर तथा दो ऋषिकेश में) के आयोजन का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
मंत्री ने कहा कि अधिकारियों के कुशल नेतृत्व तथा कर्मचारियों के उत्कृष्ठ कार्य एवं तत्परता के परिणामस्वरूप हम जी-20 जैसे अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों का सफल नेतृत्व कर पाये हैं। उन्होंने कहा कि जी-20 डेलिगेट्स के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर स्वागत से लेकर श्री गंगा आरती तक का कार्यक्रम बहुत ही अद्भुत एवं स्मरणीय रहा।
मंत्री ने कहा कि जी-20 के दौरान सड़क मार्ग, पेयजल सुविधा, लाईट, सीवर लाईन एवं सौन्दर्यीकरण का जो भी कार्य किया गया वह बहुत ही सराहनीय है। उन्होंने कहा कि श्रीगंगा आरती के आयोजन को लेकर त्रिवेणी घाट के सौन्दर्यीकरण का कार्य अद्भुत रहा।
मंत्री ने अधिकारियों तथा कर्मचारियों को सम्मानित करते हुए कहा कि यदि इच्छाशक्ति हो तो अल्प समयावधि में भी अच्छे से अच्छा आयोजन सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने स्थानीय निवासियों तथा पर्यटकों से अनुरोध किया कि जी-20 के दौरान किया गया सौन्दर्यीकरण को बनाये रखना हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर जिलाधिकारी, देहरादून सोनिका, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी, सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया, सीडीओ देहरादून झरना कमठान तथा जी-20 में सम्मिलित अधिकारी एवं कर्मचारी गण उपस्थित रहे।

धामी सरकार अपने चुनावी वायदे के करीब, समान नागरिक संहिता की रूपरेखा तैयार

उत्‍तराखंड सरकार द्वारा लाए जा रहे समान नागरिक संहिता की रूपरेखा तैयार हो चुकी है। इस मसौदे के तहत लड़कियों के लिए शादी की उम्र को बढ़ाकर 18 से 21 साल करने की शिफारिश रखी गई है। इसके अलावा राज्‍य में शादी के पंजीकरण को अनिवार्य करने का प्रावधान रखा गया है। वहीं लिव-इन रिलेशन में रहने वाले कपल बिना परिवार को इसकी जानकारी दिए ऐसा नहीं कर पाएंगे। उत्‍तराखंड के लिए मसौदा तैयार करने वाली सेवानिवृत न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई का कहना है कि ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है और जल्‍द ही इसे राज्‍य सरकार को सौंप दिया जाएगा।
उत्‍तराखंड समान नागरिक संहिता के मसौदे के तहत हलाला जैसी कुरीतियों को समाप्‍त कर दिया गया है। आमतौर पर मुस्लिम धर्म में शादी टूटने की स्थिति में इन प्रथाओं को अमल में लाया जाता है। राज्‍य में सभी धर्म के लोगों के लिए केवल कानून के माध्‍यम से तलाक लेना अनिवार्य होगा। बताया गया कि देश में अब केवल एक ही शादी की इजाजत होगी। चाहे पुरुष या महिला किसी भी धर्म के क्‍यों ना हो, उन्‍हें बिना तलाक लिए एक वक्‍त में दो पत्‍नी या पति रखने की इजाजत नहीं होगी।
उत्‍तराखंड के यूनिफॉर्म सिविल कोड कानून के मसौदे के तहत तलाक लेने की स्थिति में महिलाओं और पुरुषों को बराबरी का अधिकार दिया जाएगा। धर्म, जाति, पंथ के आधार पर भेदभाव किए बना महिलाओं और पुरुष के लिए तलाक लेते वक्‍त दिए गए तर्कों में समानता होगी। इतना ही नहीं, इस कानून के तहत उत्‍तरखंड में जनसंख्‍या नियंत्रण की भी योजना है। बताया गया कि नए समौदे में प्रत्‍येक कपल के लिए बच्‍चों की संख्‍या भी तय की गई है। यह कितनी होगी इसकी जानकारी अभी नहीं दी गई है।

जनप्रतिनिधियों ने किया मंत्री डा़ अग्रवाल का धन्यवाद, जी20 की गंगा आरती के लिए दी बधाई

तीर्थ नगरी में जी-20 के तहत गंगा आरती को सकुशल संपन्न कराने तथा ऋषिकेश का मान देश ही नहीं विदेशों में भी बढ़ाने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित भाजपा कार्यकर्ताओं ने क्षेत्रीय विधायक व वित्त व शहरी विकास, आवास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल का आभार प्रकट कर धन्यवाद ज्ञापन दिया। इस मौके पर डॉ अग्रवाल ने गंगा आरती के लिए प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री जी का आभार प्रकट किया। इसके बाद सामूहिक गंगा आरती की गई।

वरिष्ठ पार्षद शिव कुमार गौतम ने कहा कि जी-20 कार्यक्रम के तहत ऋषिकेश में गंगा आरती कराए जाने का श्रेय स्थानीय विधायक डॉ अग्रवाल को जाता है। उनके द्वारा गंगा आरती में विदेशी मेहमानों को लाकर तीर्थ नगरी का मान विदेशों में भी बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय विधायक के वित्त व शहरी विकास मंत्री होने का लाभ ऋषिकेश की जनता को मिला। उन्होंने कहा कि डॉ अग्रवाल के ही विभागों द्वारा जी-20 के अंतर्गत नगर का चहुमुखी विकास हुआ। उन्होंने कहा कि त्रिवेणी घाट अपने भव्य स्वरूप में दिखा जिससे विदेशी मेहमान भी उत्साहित नजर आए।

जिला उपाध्यक्ष दिनेश सती ने कहा कि वित्त मंत्री के नाते डॉ अग्रवाल ने विधानसभा सत्र में जी-20 के लिए बजट की कमी नहीं रखी। उनकी ओर से जी-20 के लिए 100 करोड रुपए तक का बजट रखा गया। कहा कि उनके ही विभाग एमडीडीए और शहरी विकास की ओर से नगर तथा त्रिवेणी घाट का सौंदर्य करण हुआ।

महिला मोर्चा की मंडल अध्यक्ष माधवी गुप्ता ने कहा कि त्रिवेणी घाट में शौचालय का पुनरुद्धार, टाइल्स का निर्माण, गंगा आरती स्थल का भव्यता, यहां पर प्रकाश की समुचित व्यवस्था, पार्किंग स्थल का सौंदर्य करण के अलावा बाजार में फ़साड़ योजना के तहत एक समान एक रंग के बोर्ड, सड़कों का निर्माण, नालियों की सफाई कर टैपिंग सहित जौली ग्रांट एयरपोर्ट तक किए गए विभिन्न कार्य डॉ अग्रवाल द्वारा कराए गए जिसके लिए ऋषिकेश सहित आसपास की जनता भी उनका आभार प्रकट करती है।

इस मौके पर व्यापारी नेता अखिलेश मित्तल ने कहा कि डॉ अग्रवाल की बदौलत आज डिवाइडर पौधों से गुलजार है। कहां की रघुनाथ मंदिर आज अपनी भव्यता पर है उन्होंने कहा कि पूर्व में डॉक्टर अग्रवाल द्वारा विधानसभा अध्यक्ष के समय सीपीए के सदस्यों के लिए भव्य गंगा आरती का आयोजन किया गया था।

इस मौके पर पूर्व दर्जाधारी कृष्ण कुमार सिंघल, बृजेश शर्मा, आंदोलनकारी सरोज डिमरी, मण्डल महामंत्री नितिन सक्सेना, जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा कविता शाह, वरिष्ठ पार्षद शिव कुमार गौतम, पार्षद रीना शर्मा, पार्षद राजेश दिवाकर, वीरेंद्र रमोला, राजू नरसिम्हा, दीपक बिष्ट, रूपेश गुप्ता, सचिन अग्रवाल, युवा मोर्चा मण्डल अध्यक्ष जगावर सिंह, महामंत्री अभिनब पाल, स्वाति शर्मा, अनिता तिवारी, उषा जोशी, हिमानी कौशिक, राजकुमारी पंत, रीता देवी, सुशीला देवी आदि सेकड़ो की संख्या में व्यापारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।