केन्द्र सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने पर सीएम ने किया विशिष्ट लोगों से संपर्क

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को केंद्र सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर विशेष संपर्क अभियान के तहत महानगर देहरादून के दो विशिष्ट नागरिकों से मुलाकात की। उक्त क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पद्मश्री डॉ. बसंती बिष्ट से डिफेंस कॉलोनी, देहरादून स्थित उनके निजी आवास में जाकर मुलाकात की। साथ ही मुख्यमंत्री ने श्री झंडा साहिब में महंत देवेंद्र दास महाराज से भेंट की। इस दौरान केंद्र सरकार द्वारा किए गए विभिन्न कार्य पर विस्तार से चर्चा हुई।

प्रदेश के ग्रोथ इंजन को बढ़ाने में उद्योगों का महत्वपूर्ण योगदान-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को राजपुर रोड, देहरादून स्थित एक निजी होटल में बी.एन.आई देहरादून द्वारा आयोजित बी.एन.आई दून ई-3 एक्सपो बिजनेस कॉन्क्लेव कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बिजनेस नेटवर्क इंटरनेशनल (बीएनआई) दून ई-3 एक्सपो में उपस्थित सभी उद्यमियों का स्वागत करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में निवेश करने वाले उद्यमी उत्तराखंड के विकास के सारथी एवं प्रदेश की प्रगति के वाहक हैं। बीएनआई दून एक्सपो केवल उत्पादों और सेवाओं का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह हमारे राज्य में पनप रही उद्यमशीलता की भावना और नवीन मानसिकता का प्रमाण है। उत्तराखंड राज्य में सभी प्रकार के व्यवसाई अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन कर सकते हैं, सार्थक संबंध बना सकते हैं और नए अवसर तलाश सकते हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश के ग्रोथ इंजन को दौड़ाने के लिए सरकार और उद्योग जगत के बीच एक उचित समन्वय बेहद आवश्यक है। हमारे एक-एक उद्यमी की उपलब्धि हमें आत्मनिर्भरता की ओर ले जा रहे है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारे देश की अर्थव्यवस्था दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है। नरेंद्र मोदी द्वारा नए भारत के निर्माण का संकल्प लिया गया है, जो अब पूरा होता दिखाई दे रहा है। आज पूरी दुनिया भारत को सक्षम, रचनाशील, बदलाव के लिए तैयार एक अभिनव आर्थिक इकोसिस्टम के रूप में देख रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड भी भारत की आर्थिक प्रगति में एक प्रमुख सहभागी बने और अग्रणी राज्यों में हमारा स्थान सुनिश्चित हो। इसके लिए सरकार कार्यरत है। राज्य सरकार निरंतरता के साथ अभावों को अवसरों में बदलने का कार्य कर रही है। राज्य सरकार प्रदेश को निवेश के लिए एक सर्वाधिक पसंदीदा गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए भी प्रयासरत है। राज्य में निवेश के लिए बेहतर कानून व्यवस्था, स्वच्छ पर्यावरण, रेल, सड़क तथा वायु परिवहन की सुविधा, सस्ती एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति तथा जल संसाधन उपलब्ध हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड में ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण, फार्मा, आयुष और कल्याण, जैव प्रौद्योगिकी, आईटी, पर्यटन, ग्रीन एनर्जी तथा सेवा क्षेत्र में कार्य किया जा रहा हैं। हमारी उद्योग अनुकूल नीतियों का परिणाम स्वरूप आज देश की विख्यात कंपनियां प्रदेश की प्रगति में अपना योगदान दे रही है। राज्य सरकार की नीतियों में प्रमुख रूप से मेगा औद्योगिक और निवेश नीति, एम.एस.एम.ई. नीति, मेगा टेक्सटाइल पार्क पॉलिसी, स्टार्टअप नीति, पर्यटन नीति, आयुष नीति, सौर ऊर्जा नीति, अरोमा पार्क नीति, इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण नीति, एयरोस्पेस एवं डिफेंस पॉलिसी, सूचना प्रौद्योगिकी नीति और निर्यात नीति शामिल है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना भी अति महत्वपूर्ण है। इसी कड़ी में हमने ’’एक जनपद-दो उत्पाद’’ योजना को लागू किया जिसका उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करना, उन्हें आजीविका का प्रमुख साधन बनाना है। संकल्प से सिद्धि के इस सकारात्मक और पारदर्शी माहौल में, उत्तराखंड के प्रत्येक निवेशक के लिए अवसरों का विस्तार हो रहा है।
इस दौरान कार्यक्रम में मेयर सुनील उनियाल गामा, महानगर अध्यक्ष भाजपा सिद्धार्थ अग्रवाल, सुनील, राहुल, प्रकाश, रितु मौर्य, प्रगति एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज से लोगों ने लिया आशीर्वाद

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज अपने दो दिवसीय प्रवास पर योग नगरी ऋषिकेश पहुंचे। यहां पहुंचने पर महामंडलेश्वरों, संतों एवं स्थानीय लोगों द्वारा उनका स्वागत किया गया। ऋषिकेश में अपने पहले कार्यक्रम में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी विवेकानंद सरस्वती ने स्वामी नारायण घाट में गंगा आरती में सम्मलित हुए।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों को शंकराचार्य स्वामी आविमुकातेश्वरानंद सरस्वती ने कर्म और भाग्य को परिभाषित करते हुए कहा कि भाग्य फलित होता है। उन्होंने बसुदेव और नंद का उदाहरण दिया। गंगा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गंगा जल स्पर्श मात्र से ही सभी राग द्बेष से मुक्त हो जाते हैं।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि गंगा जल और सामान्य जल में अंतर है। कहा कि पानी के प्रछालन से शरीर की गंदगी दूर होती है लेकिन गंगा जल मन के मेल को धोती है। उन्होंने संतो से आहवान किया कि अपने व्यवहार मे सरल और तरलता लाएं। राग द्बेष से दूर रहकर आदर्श प्रस्तुत करें और समाज का मार्गदर्शन करें।
इस अवसर पर स्वामीनारायण आश्रम के सुनील भगत ने शंकराचार्य स्वागत एवं अभिनंदन किया। महामंडलेश्वर अभिषेक चैतन्य हरिद्वार के महंत प्रेमानंद शास्त्री ज्योतिर्मठ के प्रभारी ब्रह्मचारी मुकुंदानंद, स्वामी सहजानंद, ब्रह्मचारी श्रवणानंद, ज्योर्तिमठ के मीडिया प्रभारी डॉ बृजेश सती, ब्रह्म कपाल तीर्थ पुरोहित पंचायत के अध्यक्ष उमेश सती, अजय पांडे, कार्यक्रम के सह संयोजक रवि प्रपन्नाचार्य, स्वामीनारायण आश्रम के पीआरओ सौरभ राणा कोटी, जोशीमठ के पूर्व ब्लाक प्रमुख प्रकाश रावत मौजूद रहे।

डीएम देहरादून से मंत्री अग्रवाल ने जताई नाराजगी

क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने जी-20 के अंतर्गत किये जा रहे निर्माण कार्य को पूर्व में तय डेटलाइन 20 जून तक पूर्ण न किये जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने मौके से ही जिलाधिकारी देहरादून सोनिका को दूरभाष पर वार्ता कर सभी अधिकारियों को निर्माण कार्य पूर्ण होने तक यही कैम्प करने के निर्देश दिये। साथ ही अति शीघ्र निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
शनिवार को डॉ अग्रवाल ने त्रिवेणी घाट पर निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने यहां अधिकारियों के समक्ष नाराजगी जताते हुए कहा कि अति शीघ्र निर्माण कार्य पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी प्रकार का समझौता ना हो और निर्माण कार्यों को परमानेंट किया जाए, इसकी सुनिश्चिता की जाए। साथ ही निर्देश दिए कि मैनपावर बढ़ाते हुए रात्रि में भी निर्माण कार्य किए जाएं।
डॉ अग्रवाल ने निर्देशित किया कि विभाग स्थाई प्रकृति के कार्य करें तथा जो कार्य किए जा रहे हैं उनके रखरखाव की भी पूर्ण व्यवस्था बना ली जाए। उन्होंने नगर निगम ऋषिकेश के अधिकारियों को निर्देशित किया कि साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें तथा नियमित सफाई कार्य सुनिश्चित किए जाएं।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी सुश्री झरना कमठान, सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया, उप जिलाधिकारी ऋषिकेश सौरभ असवाल, नगर आयुक्त राहुल गोयल, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग धीरेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता सिंचाई दिनेश उनियाल, अधिशासी अभियंता यूपीसीएल शक्तिलाल, एसडीओ सिंचाई अनुभव नौटियाल सहित मण्डल अध्यक्ष सुमित पंवार, जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा कविता शाह, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य बृजेश शर्मा, पार्षद रीना शर्मा, शिव कुमार गौतम, प्रदीप कोहली, जिला कार्यालय प्रभारी देवदत्त शर्मा, रूपेश गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष युवा मोर्चा शिवम टुटेजा, मण्डल महामंत्री युवा मोर्चा अभिनव पाल, उषा जोशी, सुधा असवाल, भावना किशोर गौड़ आदि उपस्थित रहे।

15 दिन के भीतर पंकज हत्या मामले की जांच करेगी पुलिस, सीएम ने दिए निर्देश


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद हरिद्वार के ग्राम बेलडा निवासी पंकज पुत्र सुरेश की हत्या एवं अनुसूचित जाति के लोगों पर की जा रही पुलिस कार्यवाही की जांच 15 दिन के अन्दर किये जाने के निर्देश आयुक्त गढ़वाल मण्डल तथा पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र को दिये है। इस प्रकरण में आज प्रदेश कांग्रेस के प्रतिनिधि मण्डल ने भी मुख्यमंत्री से वार्ता कर प्रकरण की निष्पक्ष जांच का अनुरोध किया। इस अवसर पर उपस्थित मृतक पंकज के परिजनों को मुख्यमंत्री ने सात्वनां प्रदान कर इस घटना की निष्पक्षता के साथ जांच करने का आश्वासन दिया।

इस संबंध में अतर सिंह अपर सचिव गृह द्वारा आयुक्त गढ़वाल एवं पुलिस महानिरीक्षक को प्रेषित पत्र में स्पष्ट किया गया है कि सुरेश पुत्र फुल्ला, निवासी-बेलडा, थाना कोतवाली सिविल लाईन, रूड़की, हरिद्वार द्वारा प्रेषित पत्र के क्रम में पंकज पुत्र सुरेश की हत्या एवं अनुसूचित जाति के लोगों पर पुलिस द्वारा की जा रही कार्यवाही के संबंध में बिन्दुवार कार्यवाही किये जाने का अनुरोध किया गया है तथा जांच आख्या 15 दिन के भीतर शासन को उपलब्ध कराने की अपेक्षा की है।

उक्त प्रार्थना पत्र पर मुख्यमंत्री द्वारा प्रकरण की जांच 15 दिन के भीतर पूर्ण किये जाने के निर्देश दिये गये है।

सीएम बोले, भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखण्ड हमारा लक्ष्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड को भ्रष्टाचार मुक्त बनाना हमारा लक्ष्य है। उत्तराखण्ड भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश बने इसके लिये मुख्यमंत्री द्वारा कड़े निर्देश भी जारी किये गये हैं। सर्तकता विभाग को घूसखोरी एवं कदाचार के मामलों में प्रभावी नियंत्रण के लिये भी सजगता से कार्य दायित्वों के निर्देश मुख्यमंत्री द्वारा दिये गये हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में सतर्कता विभाग द्वारा भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने तथा भ्रष्ट अधिकारियों एवं कर्मचारियों को चिन्हित कर उनके विरूद्ध कार्यवाही करने की राज्य सरकार की सुस्पष्ट प्रतिबद्धता को दृष्टिगत रखते हुए कठोर निर्णय लिये जा रहे हैं।
मौजा जाखन कोचर कॉलोनी जाखन पश्चिम ऑफिसर्स कॉलोनी राजपुर रोड़ पर गलत तरीके से जमीनों पर अवैध कब्जा किये जाने के प्रकरण में दोषी अभियुक्तों सेवा निवृत्त लेखपाल मौजा जाखन तहसील सदर देहरादून, कुशाल सिंह राणा पुत्र स्व. जूरा सिंह तथा अभियुक्त राजेन्द्र डबराल पुत्र स्व. इंद्रमणि डबराल के विरूद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोजन चलाने की अनुमति दी गई।
जमीन की सही रिपोर्ट लगाने के एवज में रिश्वत मांगने के संदर्भ में अभियुक्त महिपाल सिंह लेखपाल तहसील लक्सर जिला हरिद्वार के विरूद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के अंतर्गत अभियोजन चलाये जाने, रजनीश कुमार पांडे, हाल वरिष्ठ भंडारक गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति अर्जित किये जाने के संबंध में अभियोग पंजीकृत किये जाने की अनुमति दी गई है। भूपेन्द्र कुमार मुख्य महाप्रबंधक वित्त उत्तराखण्ड परिवहन निगम के विरुद्ध पद का दुरुपयोग करने, भ्रष्टाचार में लिप्त रहने इत्यादि की खुली सतर्कता जांच की अनुमति दी गयी है।

प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव ने की धामी से मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रमुख सचिव डॉ.पीके मिश्रा, सलाहकार अमित खरे, उप सचिव मंगेश घिल्डियाल ने शिष्टाचार भेंट की।

इस दौरान प्रमुख सचिव डॉ.पीके मिश्रा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट बद्रीनाथ मास्टर प्लान के अन्तर्गत संचालित पुनर्निर्माण कार्यों पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें उपहार स्वरूप स्थानीय उत्पाद भेंट किए।

उल्लेखनीय है कि प्रमुख सचिव डॉ. पीके मिश्रा, सलाहकार अमित खरे, उप सचिव मंगेश घिल्डियाल द्वारा चमोली पहुंच बद्रीनाथ में चल रहे पुनर्निर्माण एवं सौन्दर्यीकरण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया था।

इस दौरान अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, विशेष कार्याधिकारी केदारनाथ बद्रीनाथ रिडेवलपमेंट वर्क्स भाष्कर खुल्बे भी उपस्थित रहे।

निम के साइक्लिंग दल को सीएम ने फ्लैग आफ कर किया रवाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैंप कार्यालय, मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने हेतु उत्तराखंड भ्रमण में जा रहे निम (NIM) के MTB Cycling Expedition दल को फ्लैग ऑफ कर रवाना किया।
उल्लेखनीय है केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई ‘वाइब्रेंट विलेज स्कीम’ के अंतर्गत सीमांत गांव के व्यापक विकास और चिन्हित सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार, स्थानीय स्तर पर रोजगार, पर्यटन को बढ़ाने, स्वस्थ भारत अभियान के तहत युवा वर्गों में साहसिक क्रियाकलापों के साथ स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से निम द्वारा उक्त अभियान का आयोजन किया जा रहा है।
उक्त अभियान में कुल 06 सदस्य है। यह अभियान प्रदेश के 11 जिलों से गुजरते हुये सम्पन्न होगा। इस आभियान का शुभारंभ जधोंग गांव (Vibrant Village) से होगा। जिसमे कुल लगभग 1064 किलोमीटर की साइक्लिंग की जायेगी। इस अभियान के दौरान गढ़वाल व कुमाऊ दोनों मण्डलों में स्थित गढवाल विश्वविद्यालय, कुमाऊ विश्वविद्यालयों के छात्रों, एवं फैकल्टी मेंबर्स के साथ साहसिक क्रियाकलापों के साथ रोजगार का सृजन ‘‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’’ की धारणा के साथ संवाद व परिचर्चा भी सम्मिलित है।
इस दौरान कार्यक्रम में कर्नल अंशुमान भदौरिया प्रधानाचार्य निम, मेजर देवल बाजपेयी, उप प्रधानाचार्य निम, श्री राकेश राणा, श्री दीप बहादुर शाही, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम की अपील, नशा मुक्त भारत के लक्ष्यों की पूर्ति के लिए लें शपथ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नशा मुक्त भारत के लक्ष्यों की पूर्ति हेतु सभी प्रदेश वासियों से शपथ लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नशा हमारे युवाओं का भविष्य बरबाद कर रहा है। समाज के साथ युवाओं के बेहतर भविष्य के लिये सभी को नशा मुक्ति की दिशा में पहल करनी होगी।

ज्ञातव्य है कि “नशामुक्त भारत“ के लक्ष्य की पूर्ति हेतु गृह मंत्रालय, भारत सरकार के नियंत्रणाधीन नारकोटिक्स कन्ट्रोल ब्यूरो द्वारा मादक पदार्थों के विरूद्ध एंटी ड्रग ई-प्लेज अभियान शुरू किया गया है, जिसमें उत्तराखण्ड राज्य से मात्र 0.47 प्रतिशत व्यक्तियों द्वारा ही ई-शपथ ली गयी है, जो कि अत्यन्त ही न्यून है तथा इसमें सुधार किये जाने की आवश्यकता है।

उक्त के दृष्टिगत मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु द्वारा समस्त अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, प्रभारी सचिव को जारी पत्र में स्पष्ट किया है कि दिनांक 26 जून को “विश्व ड्रग्स दिवस के अवसर पर जनता को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों से जागरूक करने के उद्देश्य से तथा मादक पदार्थों से दूर रहने हेतु प्रोत्साहित करने के दृष्टिगत प्रदेश के समस्त शासकीय विभागों में कार्यरत कार्मिक https://pledge.mygov.in लिंक के माध्यम से अपने परिवारजनों सहित ई-प्लेज लिया जाना सुनिश्चित करते हुये अन्य लोगों को भी ई-प्लेज हेतु प्रोत्साहित करेंगे।

प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर के निर्माण और विकास कार्यों की निगरानी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय से वर्चुअल माध्यम से देवप्रयाग स्थित केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर में स्वामी करपात्री जी महाराज के स्मृति में वेद शास्त्र अनुसंधान केंद्र का उद्घाटन किया।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह देवभूमि के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है कि संस्कृत के क्षेत्र में श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर बहुत कम समय में बड़ा नाम बन गया है। यह परिसर केंद्र सरकार की उत्तराखण्ड को बड़ी सौगात है। देव वाणी संस्कृत के प्रचार और प्रसार के लिए ऐसे विश्व विद्यालय महत्वपूर्ण हैं। आशा है क़ि यहां अध्ययन करने वाले छात्र स्वामी करपात्री जी महाराज की तरह ही दृढ़संकल्पी, एवं त्यागी बनेंगे। युवाओं को स्वामी करपात्री महाराज से त्याग, संकल्पबद्धता और धर्म रक्षा की प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम चाहते हैं कि प्राचीन ज्ञान के क्षेत्र में प्रसिद्ध उत्तराखण्ड की आध्यात्मिक भूमि अपने वैभव को पुनः प्राप्त करे और हमारी संस्कृति और संस्कृत का प्रचार प्रसार हो। इसके लिए यह विश्वविद्यालय उत्तराखंड ही नहीं वरन देश की महत्त्वपूर्ण धरोहर है। पहले उत्तराखण्ड के पहाड़ी क्षेत्रों के बच्चों को संस्कृत की उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए वाराणसी, जयपुर, केरल, हरिद्वार इत्यादि जैसे शहरों में जाना पड़ता था, इससे उनका समय और धन बहुत व्यय होता था। इस परिसर के खुलने से यह समस्या हमेशा के लिए दूर हो गयी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस परिसर पर विशेष फोकस है। प्रधानमंत्री कार्यालय लगातार इस परिसर के निर्माण और विकास कार्यों की निगरानी करता है। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संस्कृत और उत्तराखंड के प्रति प्रेम का सबसे बड़ा उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास है कि संस्कृत के माध्यम से रोजगार भी मिले। उत्तराखण्ड देवभूमि के साथ ही वेदभूमि भी है। भारत ने विश्वभर में वेदों का ज्ञान दिया, इसी कारण हम विश्वगुरु कहलाये। वेद हमारी पहचान हैं। इस पहचान को हम तभी कायम रख पाएंगे जब संस्कृत का प्रचार और प्रसार पूरे भारत वर्ष में होगा। हम उत्तराखंड की शिक्षा में संस्कृत का समावेश करना चाहते हैं। संस्कृत का संरक्षण और प्रचार-प्रसार तभी हो सकता है, जब उसे रोजगार से जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम संस्कृत को जानेंगे तो अपनी संस्कृति को भी जान पाएंगे और अपनी संस्कृति को प्रेम करने तथा अपनाने वाला व्यक्ति ही जीवन में प्रगति कर पाता है। सरकार उत्तराखंड की संस्कृति के साथ साथ देववाणी संस्कृति के प्रचार और प्रसार के लिए “विकल्प रहित संकल्प“ के साथ निरंतर कार्य करती रहेगी।
इस अवसर पर कार्यक्रम स्थल पर विधायक विनोद कंडारी, स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी, युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वाराखेड़ी, परिसर के निदेशक डा. पीवीबी सुब्रह्मण्यम एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।