मकर संक्रांति पर्व पर हरकीपौड़ी हुई सील

मकर संक्रांति पर्व पर प्रतिबंध लगाने के बाद गुरुवार रात से हर की पौड़ी को सील कर दिया गया। जिस कारण श्रद्धालु गंगा स्नान को हर की पौड़ी में न जा सके। रात को हर की पौड़ी जाने वाले सभी मार्गों पर बेरीकेडिंग लगा दी गई थी। हर की पौड़ी पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर दी गई है। हर की की पौड़ी व साथ लगते घाटों पर स्थानीय लोग भी स्नान नहीं कर सकेंगे।
गुरुवार को जिले की सीमाओं में चिड़ियापुर, लाहड़पुर, नारसन, गोकलपुर व वीरपुर के रास्ते हरिद्वार स्नान को आ रहे श्रद्धालुओं को वापिस भेज दिया गया। सीमा पर पुलिस बाहरी राज्यों से आने वाली गाड़ियों में सवार यात्रियों को आने का कारण पूछ रहे थे। जिन लोगों ने स्नान की बात कही उन्हें सीमा से ही लौटा दिया गया। हालांकि मकर संक्रांति की पूर्व संध्या में हर की पौड़ी पर गंगा आरती में हजारों लोग शामिल हुए।

मकर संक्रांति पर खिचड़ी भोज का आयोजन
जगजीतपुर फूटबॉल ग्राउंड के निकट स्थित श्री बालाजी धाम, श्री सिद्धबलि हनुमान मंदिर एवं श्री नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी के महंत दिगंबर आलोक गिरी के सानिध्य में मकर संक्रांति पर्व पर खिचड़ी भोज का आयोजन किया जा रहा है। महंत आलोक गिरी ने बताया कि सूर्य का मकर राशि में प्रवेश करना मकर-संक्रांति कहलाता है। संक्रांति के लगते ही सूर्य उत्तरायण हो जाता है। मान्यता है कि मकर-संक्रांति से सूर्य के उत्तरायण होने पर देवताओं का सूर्याेदय होता है और दैत्यों का सूर्यास्त होने पर उनकी रात्रि प्रारंभ हो जाती है।

निशंक के सक्रिय होने से भाजपा को मिल रहा बल, मैनेजमेंट के गुरु माने जाते है पूर्व सीएम

पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने आज देहरादून से हल्द्वानी में आयोजित वर्चुअल पत्रकार वार्ता संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता भाजपा के ‘अबकी बार 60 पार’ की अपील पर मुहर लगाने वाली है। मौसम खराब होने के कारण वहाँ नहीं पहुँच पाने पर खेद जताने के बाद उन्होने विश्वास जताया कि लोग भाजपा द्धारा राज्य बनाने के लिए किए संघर्ष और उनकी पार्टी की सरकारों के विकास कार्यों को नहीं भूले हैं और न ही कॉंग्रेस पार्टी की राज्य निर्माण विरोधी सोच और उनकी सरकारों के कुशासन को।
देहरादून में बलबीर रोड स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय से वर्चुअली पत्रकारों से मुखातिब होते हुए पूर्व सीएम ने कहा कि राज्य निर्माण को लेकर भाजपा की भावना और प्रयास तभी से स्पष्ट नज़र आते हैं जब अविभाजित उत्तरप्रदेश के कार्यकाल में ही पार्टी ने उत्तरांचल को अलग प्रदेश संग़ठन का दर्जा दे दिया था। वहीं कॉंग्रेस को शर्म आनी चाहिए, जिन्होने हमेशा पृथक राज्य का विरोध किया। उत्तराखंड के सच्चे सपूत तो अटल जी थे जिन्होने राज्य की जनता के सम्मान में न केवल अलग राज्य की दशकों पुरानी मांग को पूरा किया साथ ही उसके विकास के लिए विशेष पैकेज भी दिया। कॉंग्रेस की सरकारों ने तो सूबे के लिए न कोई विकास का कार्य किया अपितु विशेष राज्य की सौगात को भी मनमोहन सरकार में तय अविधि से पहले ही वापिस ले लिया।
अपने मुख्यमंत्री काल के अनुभवों को याद करते हुए उन्होने कहा कि 100-200 करोड़ की योजनाओं के लिए भी उन्हे केंद्र की कॉंग्रेस सरकार के सामने गिड्गिड़ाना पड़ता था। वहीं आज मोदी सरकार ने 1 लाख करोड़ के कार्य राज्य में करवाए हैं, हाल में ही हल्द्वानी में लगभग 17.50 हज़ार करोड़ और देहरादून में 18.50 हज़ार करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण इसकी एक बानगी है। वहीं हल्द्वानी के लिए ही 2000 करोड़ के विकास योजनाओं को स्वीकृति दी, इतनी स्वीकृति तो कॉंग्रेस की सरकारों ने समूचे राज्य के लिए भी कभी नहीं दी होगी। आज बड़ी बेशर्मी से सैनिक प्रेमी होने का स्वांग रच रहे हैं। वहीं दिवंगत जनरल रावत को सड़क का गुंडा कहने वाले, सर्जिकल स्ट्राइक पर सबूत मांगकर भारतीय सेना के शौर्य का अपमान करने वाले, कश्मीर में हमारे जवानों को बलात्कारी कहने वाले इनकी पार्टी में खुलेआम बड़े-बड़े पदों पर बैठे हैं।
पीएम मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश की भाजपा सरकार द्धारा किए विकास कार्यों से राज्य अब उस मुकाम की और है जब वर्ष 2025 में राज्य रजत जयंती आते आते देश में उत्तराखंड का दशक होगा । केंद्र ने अटल आयुष्मान से देश में गरीबों के स्वास्थ्य की चिंता की तो प्रदेश सरकार ने उसे प्रत्येक राज्यवासी तक उसे पहुंचा दिया। चाहे उज्ज्वला से माँ बहनों को धुएँ से निजात दिलाने की बात हो या किसान सम्मान और श्रमिक कार्ड से प्रदेशवासियों का स्वाभिमान दिलाने की बात हो या फिर हर घर बिजली और हर नल पानी की बात हो ।विकास के सभी मोर्चों पर प्रदेश की भाजपा सरकार ने बेहतर कार्य किया है। उत्तराखंड की जनता देशभक्त है और वह नहीं भूल सकती कि उसके एक वोट से आज़ादी के समय से कश्मीर से धारा 370 हटाने की मांग पूरी हुई, एक वोट से पाकिस्तान में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक हुई, एक वोट से सैकड़ों वर्ष पुरानी राष्ट्रीय स्वाभिमान से जुड़ी श्री राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण की मांग पूरी हुई, एक वोट से तीन तलाक पर रोक लगी और मुस्लिम बहिनों को न्याय मिला । ऐसा और भी बहुत कुछ है जिससे साबित होता है मोदी जी ने और उनके मार्गदर्शन में चल रही प्रदेश की भाजपा सरकार ने जो कहा था वो किया है और अब जो कह रही है उसे भी अवश्य पूरा करेगी।
इस अवसर पर पूर्व सीएम निशंक के साथ प्रदेश कार्यालय से पार्टी प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार एवं राजेन्द्र भण्डारी, पुनीत मित्तल, कौस्तुभानन्द जोशी, अजीत नेगी आदि पार्टी पदाधिकारी मौजूद थे ।

उत्तराखंड में एक्‍टिव केस पहुंचे आठ हजार पार

कोरोना संक्रमण के लिहाज से उत्तराखंड में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। आज बुधवार को यहां कोरोना की स्थिति विस्फोटक रही। राज्‍य में कोरोना संक्रमण के 2915 नए मामले मिले हैं। सक्रिय मामले 8018 पहुंच गए हैं। इधर, तीन मरीज की मौत भी हुई है। उत्‍तराखंड में कोरोना के सक्रिय मामले बढ़कर 8018 तक पहुंच गए हैं। इससे अस्पतालों पर भी दबाव बढ़ रहा है। देहरादून जनपद में कोरोना के सबसे अधिक 3412 सक्रिय मामले हैं। इसके अलावा हरिद्वार में 1389, नैनीताल में 1625 व ऊधमसिंह नगर में 502 कोरोना के सक्रिय मरीज हैं।

खानपुर विधायक और बेटा संक्रमित
रुड़की में कोरोना संक्रमण का कहर बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक आज 152 मरीजों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। कोरोना संक्रमित मरीजों में खानपुर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चौंपिंयन, उनके पुत्र और सिविल अस्पताल रुड़की के रेडियोलॉजिस्ट भी शामिल हैं। इनके साथ मंगलौर कोतवाली व भगवानपुर थाने के कुछ पुलिस कर्मियों में कोरोना की पुष्टि हुई है।

कोटद्वार में कोरोना संक्रमित बुजुर्ग की मौत
राजकीय बेस चिकित्सालय कोटद्वार में भर्ती कोरोना संक्रमित एक बुजुर्ग की उपचार के दौरान मौत हो गई। चिकित्सालय प्रशासन ने कोरोना गाइडलाइन के तहत बुजुर्ग का अंतिम संस्कार करवाया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बजुर्ग के संपर्क में आने वाले अन्य व्यक्तियों की भी कोरोना जांच करवाई जा रही है। वहीं, बुधवार को दुगड्डा ब्लाक के अलग-अलग क्षेत्रों में रहने वाले 15 व्यक्तियों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है।

जिलेवार मिले कोरोना संक्रमित
अल्मोड़ा————85
बागेश्वर————34
चमोली ———— 27
चम्पावत ————119
देहरादून ————1361
हरिद्वार————374
नैनीताल————424
पौड़ी गढ़वाल ——131
पिथोरागढ़————70
रुद्रप्रयाग————09
टिहरी गढ़वाल——-63
यू.एस. नगर————217
उत्तरकाशी————01

जिलों में सक्रिय कोरोना संक्रमितों की स्थिति
अल्मोड़ा————128
बागेश्वर————55
चमोली ————115
चम्पावत ————216
देहरादून ————3412
हरिद्वार————1389
नैनीताल————1625
पौड़ी गढ़वाल ————194
पिथोरागढ़ ————194
रुद्रप्रयाग ————42
टिहरी गढ़वाल———–109
यू.एस. नगर————504
उत्तरकाशी————17
कुल ————— 8018

71 पयर्टक समेत 141 लोगों को कोरोना
तीर्थनगरी ऋषिकेश में कोरोना की रफ्तार कम नहीं हो रही है। बुधवार को संक्रमण के रिकार्ड 141 नए मामले सामने आए हैं। जिसमें लक्ष्मणझूला घूमने आए 71 पर्यटक भी शामिल हैं। जबकि सरकारी अस्पताल ऋषिकेश में हुई जांच में 46 में कोरोना की पुष्टि हुई है। यमकेश्वर ब्लॉक के नोडल अधिकारी डा. राजीव कुमार 71 पर्यटक कोरोना पॉजिटिव आए है। ये लोग दिल्ली, गुजरात, यूपी समेत अन्य राज्यों के रहने वाले है। सभी वापस लौट चुके हैं। उन्हें ट्रेस किया जा रहा है।
बताया कि पर्यटको के अलावा 9 स्थानीय लोगों में भी कोरोना की पुष्टि हुई है। वहीं, ऋषिकेश सरकारी अस्पताल के स्वास्थ्य पर्यवेक्षक ने बताया कि बीते मंगलवार को अस्पताल में 197 लोगों ने कोरोना जांच कराई थी। बुधवार को रिपोर्ट मिली है। 46 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। उधर, मुनिकीरेती में कोविड अधिकारी डा. जगदीश जोशी ने बताया कि 15 लोग पॉजिटिव निकले हैं। स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमितों के होमआइसोलेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

वर्चुअल रैलियों में तेजी लाने के लिए भाजपा ने बनाई ये रणनीति

कोरोना संक्रमण ने लोगों की जीवनशैली से लेकर सियासत तक गहरा असर छोड़ा है। अब इसका असर विधानसभा चुनावों पर भी दिख रहा है। इसकी काट निकालने के लिए राजनीतिक दलों ने डिजिटल माध्यम को हथियार बनाया है। कांग्रेस फिलहाज भाजपा से डिजिटिल माध्यम में आगे नजर आ रही है। वहीं अब भाजपा ने निर्णय लिया है कि उत्तराखंड की हर विधानसभा क्षेत्र में एक आईटी एक्सपर्ट को नियुक्त करेगी। भाजपा का यह फैसला चुनाव आयोग द्वारा 15 जनवरी तक रोड शो और रैलियों के आयोजन पर रोक लगाने के बाद आया है।

मोबाइल फोन पर भेजा जाएगा एक लिंक
उत्तराखंड भाजपा के महासचिव कुलदीप कुमार ने बताया कि पार्टी बूथ और राज्य स्तर पर सभी महत्वपूर्ण बैठकें करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। पार्टी ने पूरी योजना बना ली है। हम एक साथ एक हजार लोगों को वन-वे एड्रेस दे सकते हैं। इंटरैक्टिव वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर कम से कम 500 लोगों से जुड़ सकते हैं। बैठकों और कार्यक्रमों को मूर्त रूप देने के लिए देहरादून में एक स्टूडियो खोला जाएगा। जोकि एक-दो दिन में बनकर तैयार हो जाएगा। स्टूडियो में दो लोगों के बैठने का मंच होगा। निर्वाचन क्षेत्र के सभी लोगों को उनके मोबाइल फोन पर एक लिंक भेजा जाएगा। इसके जरिए लोग जुड़ सकते हैं।
कुलदीप कुमार ने कहा कि भाजपा ने राजधानी देहरादून में एक वॉर रूम आईटी सेल बनाने का भी प्रस्ताव रखा है। जिससे पार्टी एक बार में 15 वरिष्ठ नेताओं के साथ वर्चुअल बैठक कर सकती है। इसके जरिए पार्टी एक दिन में 10 से अधिक विधानसभा सीटों को कवर करने में सक्षम होगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय भाजपा नेताओं की रैली देहरादून कार्यालय से दिल्ली कार्यालय से जोड़कर संपन्न कराई जा सकेगी। जिसके बाद पार्टी के नेता विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों के लोगों को संबोधित कर सकेंगे। 70 सदस्यीय उत्तराखंड विधानसभा के चुनाव के लिए मतदान होगा। 14 फरवरी जबकि मतगणना 10 मार्च को होनी है।

कांग्रेस ने किशोर को अनुशासन हीनता के चलते सभी पदों से मुक्त किया

आज बुधवार को कांग्रेस ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय को चुनाव संबंधित समितियों समेत सभी पदों से हटा दिया है। इस संबंध में प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव ने आदेश जारी कर दिया है। किशोर उपाध्‍याय पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने और भाजपा के नेताओं से मुलाकात कर कांग्रेस की सरकार के खिलाफ मुहिम को कमजोर करने का आरोप लगाया गया है।

रात के अंधेरे में भाजपा नेताओं से मिले
उत्‍तराखंड विधानसभा चुनाव के मौके पर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के रात के अंधेरे में भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री और चुनाव प्रभारी से मुलाकात ने राजनीति को गर्मा दिया है। इससे कांग्रेस भी असहज नजर आ रही थी। वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने ऐसी किसी संभावना से इन्कार किया। उन्होंने कहा कि किशोर भाजपा जैसी सांप्रदायिक पार्टी में जाएंगे, ऐसा नहीं लगता।

कांग्रेस छोड़ने की चर्चाएं तेज
बता दें कि प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने चार जनवरी की रात भाजपा के प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार से उनके फ्लैट में मुलाकात की थी। इस दौरान वहां केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के चुनाव प्रभारी प्रल्हाद जोशी भी मौजूद थे। इस मुलाकात के बाद किशोर उपाध्याय के भाजपा में जाने की चर्चाएं तेज हो गईं थीं। दरअसल, बीते दिनों किशोर उपाध्‍याय भाजपा राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख व राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी से भी मिले थे। उनके भाजपा नेताओं से मुलाकात के बाद कांग्रेस छोड़ने की चर्चाएं तेज हो गए थी।

कांग्रेस चुनाव घोषणापत्र समिति की हुई वर्चुअल बैठक
कांग्रेस चुनाव घोषणापत्र समिति की वर्चुअल बैठक हुई। बैठक में समिति अध्यक्ष नवप्रभात व संयोजक सूर्यकांत धस्माना समेत सदस्यों ने शिरकत की। यह तय किया गया कि चुनाव घोषणापत्र में उपनल कर्मचारियों की मांगों को भी जगह दी जाएगी।

केंद्र और राज्य सरकार ने खींचा विकास का मजबूत खाका-धामी

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने कहा कि वह भाजपा की जीत के प्रति आश्वस्त हैं। उन्होंने कहा कि 2014 से लेकर अब तक केंद्र की मोदी सरकार ने करीब एक लाख करोड़ से अधिक की योजनाएं उत्तराखंड के लिए स्वीकृत की हैं। उनमें से कई पूरी हो चुकी हैं। कई पर काम चल रहा है। प्रधानमंत्री ने जहां देहरादून और हल्द्वानी में बारी-बारी से उत्तराखंड को 18 हजार करोड़, 17.5 हजार करोड़ की सौगात दी। उन्होंने कहा कि सड़कों का नेटवर्क हो या दिल्ली से देहरादून के बीच की दूरी, केंद्र और राज्य की सरकार ने मिलकर विकास का मजबूत खाका खींचा है।

सरकार ने 500 से अधिक फैसले लिए
सीएम धामी ने कहा कि कुछ लोग भले ही जनता को टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन को लेकर बरगलाने की कोशिश कर रहे हों लेकिन उनकी सरकार ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। देहरादून के एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ाने के साथ प्रदेश में नए हवाई मार्ग चिन्हित कर उड़ान शुरू की गईं। कई अन्य जगहों पर शुरुआत होने जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने 500 से अधिक फैसले लिए। इन फैसलों का वित्तीय प्रबंधन करते हुए आदेश जारी किए। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी चुनाव आयोग की सभी गाइडलाइंस का पालन करेगी। 2025 में रजत जयंती वर्ष तक निश्चित तौर पर वह उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदेश बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना हो या गरीब कल्याण योजना, भाजपा की सरकार ने अंतिम छोर तक इनका लाभ पहुंचाने पर फोकस किया है। आने वाला दशक उत्तराखंड का होगा। अटल जी ने उत्तराखंड बनाया था और मोदी के नेतृत्व में उसे संवारेंगे।

मैं उम्र में छोटा लेकिन सबका आशीर्वाद
मुख्यमंत्री धामी ने कहा सरकार ने पूरी पारदर्शिता के साथ काम किया है। रोजगार के सवाल पर सीएम धामी ने कहा कि हम हर विभाग के आंकड़े सबके सामने रखेंगे। हमने 24 हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। पुलिस में कई साल बाद भर्ती निकाली है। हमारे यहां कोई द्वेष नहीं है। मैं उम्र में छोटा जरूर हूं लेकिन मुझे सबका आशीर्वाद मिला हुआ है।

कांग्रेस के कारनामों और हमारी सरकार के कामों के बीच मुकाबला
कांग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि इस बार कांग्रेस के कारनामों और हमारी सरकार के कामों के बीच मुकाबला होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और करप्शन एक-दूसरे के पूरक हैं। करप्शन की जननी कांग्रेस है। लोकतंत्र के महापर्व में कांग्रेस के कारनामों और भाजपा के कार्यों के बीच मुकाबला होगा। उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और करप्शन एक-दूसरे के पूरक हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कांग्रेस और करप्शन एक दूसरे के पूरक हैं। उनके काले और खूनी पंजे को जनता जरूर सबक सिखाएगी। उन्होंने किया है, करती है, करेगी सिर्फ भाजपा का नारा देते हुए कहा कि कांग्रेस की हालत 900 चूहे खाकर बिल्ली हज को जाने वाली है। एक किताब पढ़ी थी फाउंटेन हेड, उत्तराखंड में करप्शन की फाउंटेन हेड यानी करप्शन की जननी कांग्रेस है। उन्होंने कहा कि जिनके घर शीशे के होते हैं, वह दूसरों पर पत्थर नहीं उछाला करते। उनकी सरकार में खनन का भ्रष्टाचार सबको याद है। जनरल बिपिन रावत पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले आज सैनिक हितों की बात करते हैं।

उत्तरायणी का त्योहार और मकर सक्रांति का पर्व हिन्दुओं के लिए है महत्वपूर्ण

उत्तराखंड में हर तीज-त्योहार का अपना अलग ही उल्लास है। यहां शायद ही ऐसा कोई पर्व होगा, जो जीवन से न जोड़ता हो। ये पर्व-त्योहार उत्तराखण्डी संस्कृति के प्रतिनिधि भी हैं और संस्कारों के प्रतिबिंब भी। हम ऐसे ही अनूठे पर्व ‘मकरैंण’ से आपका परिचय करा रहे हैं। यह पर्व गढ़वाल, कुमाऊं व जौनसार में अलग-अलग अंदाज में मनाया जाता है।
मकर संक्रान्ति का त्यौहार उत्तराखण्ड में उत्तरायणी, उत्तरैण आदि नामों से जाना जाता है। उत्तरायणी शब्द उत्तरायण से बना है। उत्तरायण मतलब जब सूर्य उत्तर की ओर जाना शुरू होता है। दरअसल, त्योहार एवं उत्सव देवभूमि के संस्कारों में रचे-बसे हैं। पहाड़ की ‘पहाड़’ जैसी जीवन शैली में वर्षभर किसी न किसी बहाने आने वाले ये पर्व-त्योहार अपने साथ उल्लास एवं उमंगों का खजाना लेकर भी आते हैं।
हिन्दुओं के सबसे पवित्र धार्मिक आयोजनों में से एक मकर सक्रांति भी है। सूर्य ग्रह के मकर राशि में प्रवेश करने के कारण मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। इस बार यह पर्व 14 जनवरी को पड़ रहा है। मकर संक्रान्ति के दिन गंगा स्नान और दान पुण्य का विशेष महत्व है। साल 1982 में उत्थान मंच में उत्तरायणी मेले का पहली बार आयोजन किया गया था। चार दशक बाद भी पूरे रीति-रिवाजों के साथ इस त्योहार को मनाया जाता है। भारत के अलग-अलग क्षेत्रों में मकर संक्रांति के पर्व को अलग-अलग तरह से मनाया जाता है। आंध्रप्रदेश, केरल और कर्नाटक में इसे “संक्रांति” कहा जाता है और तमिलनाडु में इसे “पोंगल पर्व” के रूप में मनाया जाता है। पंजाब और हरियाणा में इस समय नई फसल का स्वागत किया जाता है और लोहड़ी पर्व के रूप में मनाया जाता है। वहीं असम में “बिहू पर्व” के रूप में इस पर्व को उल्लास के साथ मनाया जाता है।
इस अवसर पर कुमाऊ क्षेत्र के बागेश्वर जिले में प्रसिद्ध उत्तरायणी कौथिक (मेला) का आयोजन किया जाता है। यह उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में आयोजित सबसे बड़े मेलों में से एक है और हर साल 14 जनवरी को आयोजित होने वाले मकर संक्रांति उत्सव के दौरान मनाया जाता है। उत्तरायणी महोत्सव उत्तराखंड के कुमाऊं और गढ़वाल दोनों क्षेत्रों में मनाया जाता है। मेले में आने वाले देश-विदेश के पर्यटक व स्थानीय लोग यहां पर होने वाली विभिन्न गतिविधियों के साथ मनोरंजन का भी आनंद लेते हैं। साथ ही, स्वादिष्ट भोजन का आनंद उठा सकते हैं और राज्य के हस्तनिर्मित शिल्प खरीद सकते हैं। भारत में सबसे लोकप्रिय मेलों में से एक के रूप में जाना जाता है, उत्तरायणी मेला बागेश्वर में शुरू हुआ, लेकिन अब उत्तराखंड के अंदर और बाहर विभिन्न शहरों में फैल गया है। यह त्योहार स्थानीय लोगों के लिए अपनी संस्कृति, विरासत, नृत्य और संगीत को प्रदर्शित करने का एक अवसर है।

यह है घुघुति की कथा
एक राजा था, जिसकी कोई संतान नहीं थी तो मंत्री हर वक्त इस षड्यंत्र में रहता था कि राजा के बाद राज्य उसे मिल जाए। लेकिन एक संत के आशीर्वाद से राजा को एक पुत्र की प्राप्ति हुई। प्रसन्न होकर रानी मां बेटे को एक माला पहना दी। युवराज थोड़ा बड़ा हुआ और खेलने-कूदने लगा। उसे ये माला बहुत प्रिय थी। रानी अपने बेटे को प्यार से घुघुतिया कहकर बुलाती थी। जब राजकुमार शैतानी करता तो वह कहती कि तंग मत कर नहीं तो तेरी माला कौंवे को दे दूंगी।
फिर वह कहने लगती, काले कौंवा काले घुघुति माला खा ले। यह सुनकर बहुत से कौंवे आ जाते थे। रानी मां उनके लिए भी रोटी और दाने डाल देती। धीरे-धीरे वे कौंवे राजकुमार के मित्र बन गए। उधर मंत्री का षड्यंत्र जारी था। एक दिन उसने राजकुमार का अपहरण कर लिया। जब मंत्री के साथी राजकुमार को लेकर जंगल जा रहे थे तो उसके रोने की आवाज सुनकर बहुत से कौवे आ गए। उन्होंने उसकी घुघती माला पहचान ली और गले से झपट कर उड़ गए। तभी से उत्तराखंड में घुघुती माला बनाए जाने की पंरपरा चल पड़ी। बच्चे घुघुती की बनी माला गले में डाल लेते हैं और कौवों को बुलाते हैं। काले कौवा काले घुघुति माला खा ले। उत्तराखंड की वादियों में ये आवाज आज भी गूंज रही है।

उत्तरायणी का त्यौहार जीवन में सकारात्मक सोच के साथ सदैव कर्म के पथ पर आगे बढ़ने की भी प्रेरणा देता है। यह पावन पर्व मांगलिक कार्यों के शुभारम्भ से भी जुड़ा है। भगवान सूर्य की आराधना का यह पर्व हम सबके जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करता है। कोरोना काल में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कोरोना गाइडलाइन का पालन कर पर्व मनाएं। शासन व प्रशासन की ओर से सुरक्षा के तमाम इंतजाम किए जा रहे हैं।
-दिलीप जावलकर, सचिव पर्यटन

श्रीमद्भागवत कथा कभी सम्पूर्ण नही होती, विश्राम के बाद दूसरे स्थान में शुरु हो जाती है-व्यास

गुमानीवाला कैनाल रोड़ गली नम्बर 6 में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ विधिविधान एवं शांति पूर्वक सम्पन्न हो गयी। इस अवसर पर कथा व्यास वैष्णवाचार्य पण्डित शिव स्वरूप आचार्य ने कहा कि प्रभु नाम संकीर्तन कथाएं कभी सम्पूर्ण नहीं होती बस स्थान परिवर्तन होता है। इसलिए कथा विश्राम लेती हैं। कथा विश्राम के अवसर पर ग्रामीणों ने कथा व्यास सहित कथा में सम्मिलि आचार्यों का अंग वस्त्र भेंटकर सम्मान किया।
कथा विश्राम के बाद भव्य भण्डारे का आयोजन किया गया। कथा के समापन पर ग्रामीणों ने राष्ट्रीय कथा वक्ता कथा व्यास वैष्णवाचार्य पण्डित शिव स्वरूप नौटियाल को सम्मानित कर राज्य के वाद्य यंत्र ढोल दमाऊ के साथ विदाई दी।
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य संजीव चौहान, आचार्य दिल मणि पैन्यूली, दर्शन लाल सेमवाल, दिनेश खण्डूरी, शिव प्रसाद सेमवाल, आचार्य महेश पन्त, उदय पैन्यूली, जगदीश नौटियाल, प्रमोद चौहान, धनी राम नौटियाल, नंद लाल यादव, रोशन लाल बेलवाल, विजय राम जोशी, पुष्कर सिंह रावत, मंगला देवी नौटियाल, अनुराधा, रेखा सिलस्वाल, शोभा नेगी, मंगसिरी रावत, सविता रतूड़ी, शिवि रतूड़ी आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

वर्चुअल संवाद में खरोला मार रहे बाजी, कांग्रेस कार्यकर्ताओं से कर रहे संवाद

कोरोना माहमारी की रोकथाम को लागू मानकों के तहत कांग्रेस प्रचार-प्रसार करेगी। साथ ही कांग्रेस लोगों को कोरोना नियमों के प्रति जागरूक भी करेगी।
बुधवार को कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला ने ऑनलाइन माध्यम से कार्यकर्ताओं संग बैठक की। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता अपने बूथ व क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार करेंगे। लेकिन इसके लिए चुनाव आयोग ने कोरोना माहमारी की रोकथाम हेतु कई मानक व नियम तय किए हैं। कांग्रेस कार्यकर्ता लोगों को अपने पक्ष में वोट देने के साथ ही कोरोना नियमों के प्रति भी जागरूक करेंगे। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश में बीते 15 सालों से भाजपा के विधायक हैं, लेकिन क्षेत्र में कोई विकास कार्य नहीं हुए हैं। इससे आम लोगों में कांग्रेस के प्रति रुझान है। अब जनता भाजपा के झूठे बहकावे में आने वाली नहीं है।

कोतवाली पुलिस ने आचार संहिता उल्लंघन का केस दर्ज किया

कोतवाली पुलिस ने आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में दो सियासी दलों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस के मुताबिक बुधवार को आगामी विधानसभा चुनाव के दृष्टिगत आदर्श आचार संहिता और कोविड नियमों के अनुपालन में कार्रवाई की गई। इसके तहत श्यामपुर फाटक से नीचे श्यामपुर खदरी रोड पर वार्ड नंबर एक खदरी खड़क माफ सड़क मार्ग पर सार्वजनिक संपत्ति विद्युत पोल और हरिद्वार बाईपास मार्ग पर मंसा देवी फाटक के पास जंगलात चौकी को जाने वाले मार्ग पर स्थित विद्युत पोल पर दो अलग-अलग राजनीतिक दलों का चुनाव संबंधी बोर्ड लगा पाया गया। लिहाजा कोतवाली पुलिस ने सार्वजनिक संपत्ति पर राजनीतिक पार्टियों का प्रचार प्रसार के मामले में उत्तराखंड लोक संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 2003 के तहत अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है।