डीजीपी ने चुनाव को लेकर दिये अहम निर्देश

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव का काउंटडाउन शुरू हो गया है। ऐसे में चुनाव को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्क तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस महकमे ने कमर कस ली है। लेकिन पुलिस प्रशासन के सामने कोविड के तेजी से फैलते संक्रमण के चलते चुनौतियां भी बढ़ गई है। ऐसे में फ्रंटलाइन में तैनात पुलिसकर्मियों को भी बूस्टर डोज लगाई जा रही है। इसी कड़ी में डीजीपी अशोक कुमार ने भी खुद कोविड बूस्टर डोज लगाकर अभियान को शुरू किया।
उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव में सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर केंद्रीय पैरामिलिट्री फोर्स की 25 कंपनियों की टुकड़ियां उत्तराखंड पहुंच चुकी है। जबकि, संवेदनशील और अतिसंवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च भी निकाला जा रहा है। सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म पर किसी तरह की अराजकता, सांप्रदायिक और वोट बैंक के लिए गुमराह करने वाले पोस्ट पर भी नजर रखी जा रही है।
पुलिस विभाग ने अलग से जिलेवार इंटेलिजेंस सेल के साथ ही सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को अपग्रेड कर मुस्तैदी से निगरानी के लिए रखा है। डीजीपी अशोक कुमार के मुताबिक, सोशल मीडिया के जरिए माहौल खराब करने आदि की शिकायत सामने आने पर उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। ताकि शांति और निष्पक्ष तरीके से चुनाव संपन्न कराई जा सके.उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार के मुताबिक, चुनाव के दरमियान अराजकता, सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने वाले और क्रिमिनल बैकग्राउंड से जुड़े लोगों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। चुनाव से पहले हथियार बंदूक, पिस्टल जैसे लाइसेंसी असलहा धारकों समेत आपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़े लोगों पर गुंडा एक्ट, गैंगस्टर वारंट, तामील कराने और उन्हें शांति व्यवस्था के लिए थाने स्तर पाबंद करने जैसे कानूनी कार्रवाई भी तेजी से सुनिश्चित की जा रही है।
डीजीपी अशोक कुमार का कहना है कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार राज्य के सभी जिलों में प्रभारियों को कड़े दिशा निर्देश देकर कानून व्यवस्था की सुदृढ तैयारी की जा रही है। जिलेवार सुरक्षा नोडल अधिकारी नियुक्त करने के साथ ही पर्याप्त संख्या में पुलिस सुरक्षा बलों की अलग-अलग स्थानों में तैनाती सुनिश्चित की जा रही है। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील चुनाव इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल और फ्लैग मार्च निकाल कर जनता को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव का संदेश दिया जा रहा है। फ्रंटलाइन पुलिसकर्मियों को कोविड बूस्टर डोजः डीजीपी अशोक कुमार के मुताबिक, कोविड-19 की लहर जिस तरह से तेजी से फैल रही है, ऐसे में चुनाव ड्यूटी को कराना एक अलग से चुनौती बनी हुई है, लेकिन इसके बावजूद महामारी में फ्रंटलाइन वॉरियर्स के रूप में काम कर रहे पुलिसकर्मियों को वैक्सीन की बूस्टर डोज दी जा रही है।

महिला को गंगा के तेज बहाव से सुरक्षित बाहर निकाला

डोईवाला की एक महिला मुनिकीरेती में हनुमान घाट पर अचानक बहने लगी। सूचना पर जल पुलिस और बोट चालक ने महिला को बचाने के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया। महिला को गंगा के तेज बहाव से सुरक्षित बाहर निकाला।
मुनिकीरेती थाना पुलिस के मुताबिक हनुमान घाट से एक महिला गंगा में बहने लगी। इस दौरान सूचना पर जल पुलिस और मौके पर मौजूद बोट चालक तत्काल महिला को बचाने में जुट गए। कुछ दूरी पर महिला अनिता पुत्री नारायण सिंह निवासी शुगर मिल खत्ता, डोईवााल को गंगा के तेज बहाव से बचा लिया। मुनिकीरेती थाना वरिष्ठ उपनिरीक्षक रमेश सैनी ने बताया कि महिला मंगलवार को घर से अनबन के चलते मुनिकीरेती में पहुंची थी। परिजनों से संपर्क कर मामले की जानकारी दे दी है। महिला को बचाने वाली टीम में जल पुलिस के जवान सुभाष ध्यानी, विदेश चौहान, रविंद्र सिंह, पुष्कर रावत, महेंद्र रावत, बोट चालक रामप्रकाश शर्मा, अंकित कुकरेजा आदि शामिल रहे।

कार्यकर्ताओं ने लोगों को कांग्रेस की नीतियों के प्रति जागरूक किया

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर कांग्रेस जन संपर्क अभियान चला रही है। मंगलवार को कांग्रेस नेताओं ने ऋषिकेश के ग्रामीण क्षेत्रों में जनसपंर्क चलाया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने लोगों को कांग्रेस की नीतियों के प्रति जागरूक किया।
मंगलवार को एआईसीसी सदस्य जयेंद्र रमोला ने ग्रामीण क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान चलाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की पहल हमेशा बूथों को मजबूत करने की रही है। हमारा बूथ मजबूत होगा, तो निश्चय ही हमारा क्षेत्र मजबूत होगा। कांग्रेस गरीबों व असहाय लोगों की पार्टी है। भाजपा ने महंगाई, र्भ्रष्टाचार और जनविरोधी नीतियों से देशवासियों को परेशान करने का काम किया है। अब कांग्रेस की जीत पक्की है। कांग्रेस जिला महामंत्री जितेन्द्र त्यागी ने कहा कि ऋषिकेश में 15 सालों से भाजपा के विधायक हैं, बावजूद इसके कोई विकास कार्य नहीं किए गए हैं। मौके पर जिला बूथ प्रभारी गजेन्द्र विक्रम शाही, रवि राणा, दीपक नेगी, कुंवर सिंह गुसाईं, मनोज मिश्रवाण, अंजली, लक्ष्मी, सुदेश, अल्का क्षेत्री आदि मौजूद रहे।

उत्तराखंड में भाजपा राज के दौरान यूथ में आई निराशा-राजे सिंह नेगी

आम आदमी पार्टी ऋषिकेश ने चुनावी महासंग्राम के लिए युवा मोर्चा का गठन किया है। इसमें संदीप कुमार शर्मा अध्यक्ष और साहिल को महामंत्री बनाया गया है।
मंगलवार को हरिद्वार मार्ग स्थित आप कार्यालय में कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी राजे सिंह नेगी ने नवनियुक्त पदाधिकारियों का स्वागत किया। कहा कि संदीप कुमार शर्मा अध्यक्ष, साहिल महामंत्री, रवीन्द्र तिवारी सह सचिव, भानु वर्मा एवं राजेंद्र प्रसाद वशिष्ठ वरिष्ठ उपाध्यक्ष, दिनेश गुप्ता और राजेंद्र चौहान उपाध्यक्ष बनाए गये हैं। सोशल मीडिया प्रभारी के रूप में ऋषभ को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कहा कि भाजपा के शासनकाल में उत्तराखंड के यूथ में निराशा आई है, उनका विश्वास टूटा है। हमारी यूथ विंग युवाओं में एक नई उम्मीद पैदा करेगी। मौके पर संगठन मंत्री दिनेश असवाल, दिनेश कुलियाल, चंद्रमोहन भट्ट, सुनील सेमवाल, सुनील वर्मा, अर्जुन शर्मा, सरदार निर्मल सिंह, सीता पयाल, उषा बुडाकोटी, सुषमा राणा पुष्पा पांडेय, सुनीता चौहान, प्रभात झा, विक्रांत भारद्वाज, पंकज गुसाईं आदि उपस्थित रहे।

टूट रहे रिकॉर्ड, आज मिले कोरोना के 2127 केस

उत्तराखंड में कोरोना के सारे रिकॉर्ड टूटने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मंगलवार को जारी हेल्थ रिपोर्ट में प्रदेशभर में 2127 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। प्रदेश में एक्टिव केसों की संख्या बढ़कर 6603 हो गई है। आईआईटी रुड़की में कोरोना के 13 केस भी आए हैं। मंगलवार को दून मेडिकल कॉलेज में भर्ती एक संक्रमित मरीज की मौत हो गई, जिससे राज्य में कोरोना संक्रमण के बाद मरने वाले मरीजों की कुल संख्या 7430 हो गई है। राज्य के विभिन्न अस्पतालों व होम आईसोलेशन में रह रहे 416 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है जिसके बाद अब एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 6603 हो गई है।
हेल्थ बुलेटिन के आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक 991 कोरोना केस राजधानी देहरादून में मिले हैं। नैनीताल 451, हरिद्वार 259, उधमसिंह नगर 189, पौड़ी 48, उतरकाशी 13, टिहरी 35, बागेश्वर 04, अलमोड़ा 43, पिथौरागढ़ 30, रुद्रप्रयाग 13, चंपावत 26 और चमोली जिले में कोरोना के 25 नए केस आए हैं। कोरोना के बढ़ते केसों के बीच हेल्थ विभाग पहले से ज्यादा अलर्ट मोड पर आ गया है। संदिग्धों की पहचान करन उन्हें आइसोलेट किया जा रहा है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

संक्रमण दर 10 फीसदी के करीब
मंगलवार को कारोना के अत्यधिक मरीज मिलने से राज्य में एक बार फिर कोरोना संक्रमण की दर दस फीसदी के करीब चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है। राज्यभर की लैब से 21 हजार से अधिक सैंपलों की जांच रिपोर्ट आई जिसमें 2127 नए मरीज मिले हैं। जबकि 25 हजार 371 मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। राज्य में कोरोना की तीसरी लहर के दौरान पहली बार मंगलवार को 25 हजार से अधिक सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। अभी तक सरकार ने एक दिन में 25 हजार जांच का लक्ष्य तय किया था लेकिन अब इसे बढ़ाए जाने की जरूरत महसूस हो रही है।

संक्रमण दर में देहरादून टॉप पर
पहली और दूसरी लहर की तरह ही कोरोना की तीसरी लहर में भी देहरादून जिला कोरोना संक्रमण में सबसे आगे चल रहा है। एसडीसी फाउंडेशन की आरे से मंगलवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार पिछले एक सप्ताह में देहरादून संक्रमण के मामले में राज्य में पहले स्थान पर है। देहरादून में इस दौरान 11 प्रतिशत से अधिक की संक्रमण दर रही है। नैनीताल में 10 प्रतिशत, पौड़ी में पांच प्रतिशत के करीब, हरिद्वार में 3.27 प्रतिशत संक्रमण दर है। इसके अलावा राज्य के अन्य जिलों में अभी संक्रमण दर कम है। हालांकि इन जिलों में सैंपलों की जांच भी बेहद कम हो पा रही है।

80 पर्यटकों सहित रिकॉर्ड 117 लोग संक्रमित मिले
तीर्थनगरी ऋषिकेश में मंगलवार को कोरोना के रिकॉर्ड नए मामले सामने आए। लक्ष्मणझूला और ऋषिकेश क्षेत्र में 80 पर्यटकों समेत 117 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। संक्रमितों में ऋषिकेश रोडवेज डिपो का एक कर्मचारी भी शामिल है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी के होमआइसोलेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
लक्ष्मणझूला क्षेत्र के कोविड नोडल अधिकारी डा. राजीव कुमार ने बताया कि क्षेत्र में 80 पर्यटकों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव मिली है। संक्रमित पर्यटक दिल्ली, गाजियाबाद, मोदीनगर, रुड़की, राजस्थान आदि इलाके के रहने वाले है। इनकी एक दिन पहले जांच की गई थी। ये सभी लोग वापस लौट चुके है। इसके साथ ही यमकेश्वर और लक्ष्मणझूला क्षेत्र के 13 स्थानीय लोगों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव मिली है। स्थानीय लोग को मिलाकर कुल 93 कोरोना के नए केस क्षेत्र में मिले हैं।
वहीं, सरकारी अस्पताल ऋषिकेश में बीते सोमवार को 126 लोगों ने आरटीपीसीआर टेस्ट कराया था। सभी के सैंपल जांच के लिए एम्स ऋषिकेश भेजे गए थे, इनकी रिपोर्ट मंगलवार को मिली। स्वास्थ्य पर्यवेक्षक एसएस यादव ने बताया कि 24 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। संक्रमित बापूग्राम, 20 बीघा, आवास विकास कॉलोनी, श्यामपुर, गंगा नगर, शिवलोक कॉलोनी, इंदिरानगर, सुमन विहार, मनीराम रोड, तपोवन, हीरालाल मार्ग, ढालवाला आदि क्षेत्रों के निवासी हैं। बताया कि सभी ने बुखार, जुकाम और खांसी की शिकायत होने पर जांच करायी थी।

आखिरी समय में सरकार ने मृत्यंजय मिश्र की बहाली कर विवाद को दिया जन्म

उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के आरोपी अफसर मृत्युंजय मिश्रा को बहाल करके प्राइम पोस्टिंग देने के मामले में उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार सवालों के घेरे में आ गयी है। विजिलेंस ने शासन को लिखे पत्र में कहा है कि आयुर्वेद विवि के कुलसचिव के पद पर मृत्युंजय मिश्रा की पोस्टिंग उचित नहीं है। क्योंकि मिश्रा के खिलाफ जांच के बाद केस अदालत में ट्रायल पर है।
बता दें कि इस मुक़दमे में गवाह भी आयुर्वेद विवि के अधिकारी हैं। ऐसे में यदि मिश्रा यहां कुलसचिव रहेंगे तो गवाहों पर दबाव बनाने की आशंका रहेगी। विजिलेंस की चिट्ठी के बाद इस मामले में शासन के अधिकारियों के साथ ही विभागीय मंत्री हरक सिंह रावत की भूमिका संदिग्ध होने के साथ पूरी सरकार कटघरे में आ गयी है। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए बस इतना ही कहा कि वह इस मामले को दिखवा रहे हैं।
आपको बता दें कि सरकार ने डा मृत्युंजय कुमार मिश्रा का निलंबन समाप्त कर उन्हें उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलसचिव पद पर बहाल कर दिया है। साथ ही डा. मिश्रा को निलंबन अवधि का वेतन भुगतान नियमानुसार करने के आदेश भी दिए गए हैं। आयुष शिक्षा सचिव चंद्रेश कुमार ने इस संबंध में आदेश जारी किया।
आदेश में बताया गया कि डा मिश्रा के खिलाफ 25 जुलाई, 2018 से जारी सतर्कता जांच के क्रम में विभागीय स्तर पर जांच अधिकारी की नियुक्ति और विभागीय अनुशासनिक जांच कराने को शासन ने औचित्यपूर्ण नहीं पाया है। डा. मिश्रा का निलंबन इस प्रतिबंध के साथ समाप्त किया गया है कि सतर्कता विभाग की जांच रिपोर्ट प्रशासनिक विभाग को प्राप्त होने पर गुण दोष के आधार पर यथोचित कार्यवाही की जाएगी। मृत्युंजय मिश्रा को 27 अक्टूबर, 2018 को कुलसचिव पद से निलंबित कर आयुष शिक्षा सचिव कार्यालय से संबद्ध किया गया था। तीन दिसंबर, 2018 को मिश्रा को गिरफ्तार कर जिला कारागार में भेजा गया था।
उधर, आयुष शिक्षा सचिव ने अलग आदेश जारी कर आयुर्वेद विश्वविद्यालय में ही कुलसचिव पद पर अस्थायी रूप से तैनात किए गए डा राजेश कुमार अदाना को उप कुलसचिव का प्रभार दिया गया है। नियमित उप कुलसचिव की तैनाती तक यह प्रभार सौंपा गया है। डा राजेश कुमार को इस प्रभार के लिए अलग से वेतन-भत्ते देय नहीं होंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।

हरीश रावत की प्रेस वार्ता, कहा-14 फरवरी को भाजपा की विदाई निश्चित

पूर्व मुख्यमंत्री व प्रदेश कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष हरीश रावत ने सरकार पर चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया। उन्‍होंने कहा बैकडेट पर तबादले और राजनीतिक नियुक्तियां की गईं। चुनाव आयोग से शिकायत की गई। उन्‍होंने आबकारी व तबादलों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्‍होंने प्रदेश मुख्यालय में पत्रकारों से वार्ता में ये बात कही।
प्रदेश कांग्रेस चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि कहा कि 14 फरवरी को राज्य से भाजपा की विदाई निश्चित है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले पांच साल में राज्य का विकास ठप हो गया है। रविवार को राजपुर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की उपस्थिति में हरिद्वार के पूर्व जिला पंचायत सदस्य विजेंद्र चौधरी व लक्सर से गन्ना विकास परिषद के चेयरमैन चौधरी राजेंद्र सिंह ने अपने 59 समर्थकों के साथ कांग्रेस का दामन थामा। सभी को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पार्टी की सदस्यता दिलाई।
पार्टी की सदस्यता दिलवाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में शामिल होने वालों की संख्या से साफ जाहिर होता है कि भाजपा के कुशासन से समाज का हर तबका त्रस्त हो चुका है। पिछली कांग्रेस सरकार के समय जिन जनहित की योजनाओं को शुरू किया गया था, भाजपा ने सत्ता में आते ही उन्हें बंद कर दिया। कांग्रेस को सत्ता सौंपकर राज्य में विकास के पहियों को चलाना चाहती है। इस अवसर पर चौधरी उदयवीर, चौधरी पुलकित, सचिन कुमार, विनोद चौधरी उपस्थित रहे।

बूस्टर डोज का अभियान शुरु, इन्हें लगेगी वैक्शीन

कोरोना संक्रमण के बाद अब देश, विदेश में नए वैरिएंट के आने से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। कोरोना वैक्सीन के बाद अब नए वैरिएंट से बचने के लिए बूस्टर डोज (प्रीकॉशन डोज) लगनी शुरू हो गई है। पूरे देश के साथ ही उत्तराखंड में भी इसकी शुरुआत 10 जनवरी से हो गई है। इसके लिए पहले 60 आयु वर्ग के ऊपर वाले लोगों का टीकाकरण हो रहा है। टीकाकरण केंद्र में स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां चाक-चौबंद हैं। बूथों पर 20 प्रतिशत वैक्सीन तीसरी डोज के लिए उपलब्ध है।
इसके लिए पहले हेल्थ वर्कर और फ्रंट लाइन में कार्य कर रहे लोगों का टीकाकरण हुआ। इस डोज को लगाने से पहले उनके पास कोरोना वैक्सीन के नौ महीने पूरे होना वाला सर्टिफिकेट का होना अनिवार्य है। बिना नौ महीने पूरे करने वालों को यह डोज नहीं लगाई जाएगी। यह डोज अभी 60 आयु वर्ग के ऊपर वाले लोगों को लगाई जा रही है।

प्रदेश में 16 जनवरी 2021 से शुरू हुआ था कोविड टीकाकरण अभियान
प्रदेश में 16 जनवरी 2021 से कोविड टीकाकरण अभियान शुरू हुआ था। सबसे पहले स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंटलाइन वर्करों को वैक्सीन लगाई गई। जिसके बाद मार्च महीने से 60 से अधिक आयु के लोगों का टीकाकरण शुरू किया गया। कोरोना संक्रमण बढ़ने से केंद्र सरकार ने बुजुर्गों, हेल्थ वर्करों और फ्रंटलाइन वर्करों को प्रीकॉशन डोज के रूप में तीसरा टीका लगाने का निर्णय लिया है।
देहरादून के जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. कुलदीप मर्ताेलिया ने बताया कि बुजुर्गों, स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंट लाइन वर्करों को 10 जनवरी से तीसरा टीका लगाया जा रहा है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली थीं। टीकाकरण बूथों पर तीसरी डोज के लिए 20 प्रतिशत वैक्सीन अलग से उपलब्ध रहेगी। जिन लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज लगाने के लिए नौ महीने या 39 सप्ताह का समय हो गया है। उन्हें ही तीसरी डोज लगाई जाएगी।

एक सप्ताह में 46 प्रतिशत किशोरों को लगी पहली डोज
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 15 से 18 वर्ष के 2.88 लाख से अधिक किशोरों को वैक्सीन की पहली डोज लगाई जा चुकी है। जो लक्ष्य का 46 प्रतिशत है।

सीएम ने टपकेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सुबह टपकेश्वर मंदिर में पूजा अर्चना की एवं भगवान शिव का जलाभिषेक कर प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान भोलेनाथ हमारे आराध्य देव हैं। आज भगवान की शरण में आया हूं। भगवान भोलेनाथ से कामना करता हूं प्रदेश नई ऊंचाइयों को छुए। प्रदेश के विकास एवं जनता की कुशलता की कामना की।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा देश में एक बार फिर कोरोना महामारी का प्रसार तेजी से हो रहा है। हम सबको सतर्क रहने के साथ कोरोना गाइडलाइंस का पूरी तरह पालन करना चाहिए। किसी भी प्रकार के लक्षण दिखने पर अपनी जांच करवाएं और आवश्यकता होने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लें। सावधानी ही कोरोना से सबसे बड़ा बचाव है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा राज्य सरकार द्वारा अस्पतालों में समुचित प्रबंध किए गए हैं। ऑक्सीजन सिलेंडर दवाएं वह अन्य उपकरण अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में हैं। आम जनता को जागरूक करने को लेकर एक बार फिर व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है।
विधानसभा चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भाजपा ने 5 साल में राज्य में अभूतपूर्व विकास कार्य किये है। जनहित से जुड़ी तमाम योजनाओं को शुरू किया है। जनता विकास के नाम पर भाजपा को वोट देगी और हम 60 पर का जो नारा है उसको साकार करेंगे।

लोकायुक्त पर भाजपा-कांग्रेस का रुख ढुलमुल

उत्तराखंड में 100 दिन में लोकायुक्त का गठन करने का वादा कर सरकार में आई भाजपा पांच साल में भी इस ख्वाब को साकार नहीं कर पाई। न केवल भाजपा बल्कि इससे पहले कांग्रेस का रुख भी लोकायुक्त के प्रति ढुलमुल ही रहा है। करीब आठ साल से लेाकायुक्त के अधर में लटके होने से दोनों ही दल सवालों के कठघरे में हैं। लोकायुक्त के लिए उत्तराखंड को अब अगली सरकार का इंतजार करना होगा। नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा लोकायुक्त पर भाजपा का ढोंग सामने आ चुका है। वर्ष 2017 में लोकायुक्त को पारित कराने के लिए पूरा विपक्ष सहमत था। ऐसा पहली बार हुआ कि विपक्ष तो बिल के समर्थन में थी और सरकार खुद ही उसे प्रवर समिति को भेज रही थी। कांग्रेस सत्ता में आने पर लोकायुक्त पर जनभावनाओं के अनुसार निर्णय करेगी।

भाजपा ने किया था 100 दिन में बनाने का वादा
वर्ष 2017 के विधानसभा में भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में 100 दिन में लोकायुक्त बनाने का वादा किया था। भाजपा ने कांग्रेस के बनाए एक्ट में संशोधन करते हुए नया ड्राफ्ट तैयार किया। और फिर बाद में इसे विधानसभा की प्रवर समिति को सौंप दिया गया। तब तक यह बिल विधानसभा की संपत्ति है। इस पर आगे कार्यवाही बढ़ृ ही नहीं पाई।

लोकायुक्त पर कब क्या हुआ…
राज्य में लोकायुक्त अधिनियम वर्ष 2011 में पारित किया गया था। तत्कालीन भाजपा सरकार के सीएम मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी (रि) इस एक्ट को लाए थे। खंडूड़ी का लोकायुक्त काफी अधिकार संपन्न और सख्त था। वर्ष 2012 में प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद कांग्रेस की सरकार बनी। इस बीच राष्ट्रपति भवन से एक्ट का मसौदा मंजूर होकर आ गया। इसे सरकार को 180 दिन में लागू करना था। कांग्रेस ने खंडूड़ी के एक्ट में परिवर्तन करते हुए नया एक्ट तैयार किया। इससे खंडूड़ी का लोकायुक्त ठंडे बस्ते में चला गया और कांग्रेस भी पांच साल तक अपना एक्ट लागू न कर पाई।

लोकायुक्त दफ्तर पर हो रहे करोड़ों रुपये खर्च
भले ही उत्तराखंड में लोकायुक्त का गठन आठ साल से अधर में हैं। लेकिन लोकायुक्त के दफ्तर के रखरखाव पर हर साल करोड़ों रुपये का खर्च बदस्तूर जारी है। 24 दिसंबर 2013 से अब तक 13 करोड़ रुपये से अधिक की राशि लोकायुक्त कार्यालय के स्टॉफ के वेतन, रखरखाव आदि पर खर्च हो चुके हैं। यह खर्च अभी भी जारी है। साथ ही 1500 से ज्यादा मामले सुनवाई के लिए भी लंबित हैं।