ब्रह्मलीन महंत प्रदीप दास महाराज को उनके कार्यो के लिए याद किया

ब्रह्मलीन महंत प्रदीप दास महाराज की द्वितीय पुण्यतिथि के अवसर पर कबीर चौरा आश्रम में श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंन्द महाराज ने की।
इस अवसर पर संतों ने कहा कि प्रदीप दास महराज ने जो वृक्ष लगाया आज वह फल फूल रहा है। उनके उत्तराधिकारी के रूप में महंत कपिल मुनि महाराज के द्वारा गुरु परंपरा को सदैव आगे बड़ा रहे है। उनके द्वारा गौ सेवा अन्न क्षेत्र निर्धन असहाय लोगों की मदद निरंतर चल रही है।
कार्यक्रम में हरिद्वार और ऋषिकेश के महामंडलेश्वर रिशेश्वार नन्द, महामंडलेश्वर जगदीश आनंद, महामंडलेश्वर हठयोगी, महाराज महंत दुर्गा दास महाराज, महंत हरि बल्लभ दास केशवानंद, आनंदमय, आशुतोष, परमानंद, महंत बलवीर सिंह, महंत प्रकाशानंद, रतन स्वरूप, महंत विनय सारस्वती, महंत रवि प्रपन्नाचार्य, महाराज महंत शिवानंद, महंत निर्मल दास, गोपाल गिरी, रामानुजाचार्य, गोपालाचार्य, हर्षवर्धन शर्मा, महंत वत्सल शर्मा आदि ने उन्हें श्रद्धांजली अर्पित की।

संतों के सानिध्य में ही व्यक्ति के उत्तम चरित्र का निर्माण होता है-खरोला

कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला ने जानकारी देते हुए बताया कि आज ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कबीर चौराहा आश्रम में स्व. प्रदीप दास महाराज की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में सम्मलित होकर उनकी स्मृति को नमन करते हुए अपने विचार रखे।
खरोला ने कहा कि श्रद्धांजलि समारोह की अध्यक्षता महामंडलेश्वर हरिचेतनानंद महाराज ने की और कार्यक्रम के आयोजक महंत कपिल मुनि और सैकड़ो की संख्या ने संत समाज समारोह में उपस्थित रहा।
खरोला ने कहा कि स्व. प्रदीप दास महाराज समाज के लिये सोचते और उसके भले के लिये प्रयास करते थे और धर्मकर्म के काम के साथ ही समाज को आधुनिक बनाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
खरोला ने कहा कि संतो का जीवन गंगा नदी के सामान होता है जिस प्रकार माँ गंगा का जल जिस-जिस स्थान से जाता है वह की भूमि, वातावरण को शुद्ध कर देती है उसी प्रकार संत के चरण जिस जिस स्थान से होकर जाते है वहा की भूमि और वहा के लोगो की सोच और वातावरण को शुद्ध करने का काम करते है।
खरोला ने कहा कि राष्ट्र की एकता अखंडता बनाए रखने में संत महापुरुषों की निर्णायक भूमिका रही है। संत महापुरुष ही अपना पूरा जीवन लोक कल्याण के कार्यों और भक्तों के कल्याण के लिए ईश्वर की भक्ति में समर्पित करते हैं। खरोला ने कहा कि संतों से ही भारतीय संस्कृति की पहचान है। संतों के सानिध्य में ही व्यक्ति के उत्तम चरित्र का निर्माण होता है।

ऋषिकेश विधानसभा में आसराहीन बुजुर्गों को जल्द मिलेगी छत

रायवाला और आसपास के क्षेत्रों के आसराहीन बुजुर्गों को जल्द छत मिलेगी। गुरुवार को विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने रायवाला क्षेत्र में 5 करोड़ की लागत से बनने वाले वृद्ध आश्रम का शिलान्यास किया है।
समाज कल्याण विभाग की ओर से स्वीकृत वृद्ध आश्रम का शिलान्यास करते हुए विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि दुर्भाग्यवश जिन वृद्धजनों को परिवार ने त्याग दिया और जो आसराहीन हैं, उन सभी लोगों के लिए यह आश्रम वरदान साबित होगा। कहा कि वृद्ध आश्रम भवन का निर्माण ग्रामीण विकास विभाग करेगा।
मौके पर जिला समाज कल्याण अधिकारी गोवर्धन सिंह, आरडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता तेजपाल सिंह, अवर अभियंता राजेश थपलियाल, बृजपाल सिंह, प्रधान रोहित नौटियाल, सागर गिरी, भाजपा मंडल अध्यक्ष गणेश रावत, जिला पंचायत सदस्य दिव्या बेलवाल, अंजना चौहान आशीष जोशी, बबीता रावत, सतपाल सैनी, सपना गुसाईं, ऋषिराम शर्मा, गोपाल रावत, बबीता, कमल कुमार, लक्ष्मी गुरुंग, तुलसी पांडे, अजय पांडे, महेंद्र प्रताप आदि मौजूद रहे।

केन्द्रीय कैबिनेट का निर्णय, धारचूला में महाकाली नदी पर बनेगा पुल

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में संपन्न कैबिनेट बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय के संबंध में अनुराग ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत द्वारा धारचूला में महाकाली नदी पर पुल का निर्माण किया जाएगा। उक्त संबंध में शीघ्र दोनों देशों के मध्य एमओयू साइन किया जाएगा। उक्त पुल का निर्माण 3 वर्षों में पूर्ण किया जाएगा।
धारचूला में भारत-नेपाल के मध्य पुल निर्माण से धारचूला के सीमांत निवासियों के साथ-साथ सीमान्त नेपाली नागरिकों को भी फायदा होगा जिससे भारत-नेपाल के रोटी-बेटी एवं व्यापारिक संबंधों को मजबूती मिलेगी।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारत सरकार का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इससे भारत व नेपाल के रिश्ते और मजबूत होंगे।
उल्लेखनीय है छारछुम (धारचूला) व धाप (नेपाल) के मध्य लगभग 110 मीटर टू-लेन सड़क पुल के निर्माण हेतु पीडब्ल्यूडी द्वारा मिट्टी की जांच/हाइड्रोलॉजी विश्लेषण हेतु डीपीआर, आईआईटी दिल्ली को भेजी गई थी।

विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का प्रदेश में कृषि मण्डी शुल्क कम करने तथा व्यापारियों की अन्य समस्याओं के समाधान का आश्वासन देने पर विभिन्न उद्योग एवं व्यापार से जुड़े संगठनों ने आभार व्यक्त कर उन्हें सम्मानित किया।
गुरूवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में सांसद नरेश बंसल के नेतृत्व में आये प्रदेश उद्योग व्यापार मण्डल, दून व्यापार मंडल, किराना मर्चेंट एसोसिएशन, राइस मिलर्स एसोसिएशन, फ्लोर मिलर्स एसोसिएशन, टिंबर मर्चेंट एसोसिएशन, सर्राफा एसोसिएश, केमिस्ट एसोसिएशन आड़त बाजार आदि संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं कृषि मंत्री सुबोध उनियाल का स्वागत करते हुए उनका आभार जताया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उद्योग एवं व्यापार से जुड़े लोगों की समस्याओं के समाधान का बेहतर रास्ता निकाला जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योग व व्यापार सही ढंग से चले इसके लिये राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है तथा उनके हित में निर्णय ले रही है। राज्य सरकार ने लगभग हर समस्या का समाधान का रास्ता निकाला है। सरकार सभी की समस्याओं के समाधान का प्रयास कर रही है। व्यवधान नहीं समाधान हमारा उद्देश्य है। उद्योग व्यापार से जुड़ी समस्याओं के निराकरण के लिये कमेटी भी बनायी है। प्रदेश में उद्योग व व्यापार अच्छे ढंग से चलेंगे तो उसका लाभ सभी को होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने राज्य हित में लगभग 600 फैसले लिये हैं। उन्हें धरातल पर उतारने के प्रयास हो रहे हैं। राज्य में प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना पर 60 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। इसी प्रकार कई हितकारी निर्णय लिये गये हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 21 वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक बताया है। राज्य के विकास के लिये जो भी प्रयास किये जाने हैं वह किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य का समग्र विकास हमारा ध्येय है इसमें सभी को सहयोगी बनाना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास में केन्द्र सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है। राज्य की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये केन्द्र सरकार द्वारा प्राथमिकता दी जा रही है।
कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि कृषि कानूनों की वापसी तक डेढ़ साल तक प्रदेश में मण्डी शुल्क समाप्त रहा है। उन्होंने कहा कि मण्डी किसानों के उत्पादों के विपणन की व्यवस्था के साथ ही वहां कई लोगों को रोजगार भी मिला है। हमारा प्रयास है कि मण्डी भी चलती रहे तथा व्यापारियों की समस्याओं का भी समाधान हो।
इस अवसर पर विपिन नागलिया, विनय गोयल, विश्वास डाबर, सुरेंद्र जैन, रमेश गोयल, रामगोपाल बंसल, सुनील मैसोन, राजेन्द्र प्रसाद गोयल, विनोद गोयल, राम गोपाल आदि सहित बड़ी संख्या में उद्यमी एवं व्यापारीगण उपस्थित रहे।

राज्य के विकास में युवाओं की भूमिका अहम-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सांय मुख्यमंत्री आवास में वर्चुअल रोजगार एवं उद्यमिता संवाद आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड बोधिसत्व विचार श्रृंखला की पांचवी संगोष्ठी को सम्बोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बोधिसत्व विचार श्रृंखला की रोजगार एवं उद्यमिता संवाद संगोष्ठी में तकनीकी दक्षता प्राप्त कर रहे छात्रों एवं विषय विशेषज्ञ शिक्षकों, विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार के माध्यम से समाज को नई राह दिखाने वाले युवा उद्यमियों के विचार इस विचार श्रृंखला को नई दिशा देने में प्रभावी भूमिका निभायेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास उत्तराखण्ड को ब्राण्ड मॉडल बनाने का भी कार्य करेंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड तकनीकी विश्वविद्यालय द्वारा कैम्पस सलेक्शन न होने वाले छात्रों को प्रशिक्षित करने के प्रयासों की सराहना की तथा ऐसे छात्रों को लेटर ऑफ इन्ट्रेन भी प्रदान किये, उन्होंने कहा कि ऐसे छात्रों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के प्रयास युवाओं के भविष्य को संवारने में मददगार होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य स्थापना के दो दशक के बाद उत्तराखण्ड युवा राज्य बन चुका है। पिछले दो दशकों में राज्य के विकास के लिये सतत प्रयत्न किये गये हैं, जिनका असर धरातल पर दिखाई भी दे रहा है। इन दशकों में राज्य के विकास का आधारभूत ढ़ांचा बनाने के लिये भी कई पहलुओं पर प्रयोग हुए हैं। प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिये एक दूरगामी योजना बनाने के लिये समाज के विभिन्न वर्ग के लोगों एवं विषय विशेषज्ञों को सहयोगी बनाने का हमारा प्रयास है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे लोगों ने देश व दुनिया में अनेक क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा एवं योग्यता से अपनी पहचान बनायी है। राज्य के सर्वांगीण विकास की रूपरेखा के निर्धारण में विभिन्न क्षेत्रों के विषय विशेषज्ञों एवं प्रबुद्ध जनों को सहयोगी बनाये जाने का हमारा प्रयास है। इसके लिये इस विचार श्रृंखला की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि इस श्रृंखला में प्राप्त होने वाले सुझाव व विचार उत्तराखण्ड को 2025 में रजत जयंती वर्ष के अवसर पर राज्य को देश का श्रेष्ठ व अग्रणी राज्य बनाने में मददगार होंगे, इसके लिये सभी विभागों का आगामी 10 सालों का रोड मैप भी तैयार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अच्छी स्कूल हो, शिक्षा का बेहतर वातावरण हो, स्वास्थ्य सुविधाओं का विकास हो, राज्य के आय के संसाधनों की वृद्धि के साथ ही मूलभूत सुविधाओं के विकास पर कैसे नियोजित ढंग से व्यय हो, पलायन रूके, बेरोजगारी दूर हो इस प्रकार की ज्वलंत समस्याओं का हमें समाधान करना है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी सीमित है, इससे ही बेरोजगारी दूर नहीं होगी। इसके लिये स्वरोजगार की दिशा में पहल की गई है। विभिन्न विभागों के 24 हजार पदों के साथ ही पुलिस विभाग में रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की है। सरकारी नौकरी हजारों में है और बेरोजगारी लाखों में, यह विषय सभी के लिये सोचनीय है इसके लिये हम सबको सहयोगी बनना होगा। इसमें बुद्धिजीवियों, विषय विशेषज्ञों, समाजसेवियों, सभी को योगदान देना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन हमारी आर्थिकी का महत्वपूर्ण आधार है, इसके लिये राज्य में होम स्टे योजना को प्रभावी बनाया गया है। इनकी संख्या लाखों में पहुंचे इसके भी प्रयास किया जा रहा है।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पी.पी. ध्यानी ने कहा कि उत्तराखण्ड के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हों उन्हें तकनीकी दक्षता का बेहतर माहौल उपलब्ध हो, कैम्पस सलेक्शन न होने वाले छात्रों को कैम्पस में उनके प्रशिक्षण की व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे 250 छात्रों को संस्थान द्वारा प्रशिक्षित भी किया गया है।
संवाद कार्यक्रम में न्यूयार्क युनिवर्सिटी के डीन आशीष जोशी ने सुझाव दिया कि कम्यूनिटी हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावो देने के साथ ही राज्य के विकास का मॉडल तैयार किया जाना चाहिये इसमें हर क्षेत्र में कार्य करने वालों को सहयोगी बनाने के लिये रिसर्च सेंटर की स्थापना की बात उन्होंने कही। स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास से सम्बन्धित उद्यम से जुड़े सीएस डांगी ने राज्य के उत्पादों को पहचान दिलाने तथा विभिन्न क्षेत्रों के विषय विशेषज्ञों के बुद्धिजीवियों की टीम बनायी जाने तथा नवाचार के प्रति विशेष ध्यान देने पर बल दिया। युवा उद्यमी तरूण कुमार ने कहा कि उत्तराखण्ड में हेंडी क्राफ्ट को बढ़ावा देने की बड़ी संभावना है। कास्तकारों की आय तथा स्वरोजगार के अवसर इससे बढ़ सकेंगे। इसके साथ ही संवाद कार्यक्रम में तकनीकि प्रशिक्षण एवं कौशल विकास से जुड़े अमित गोस्वामी, आंचाल डाकिया ने अपने विचार साझा किये। प्रदेश के सभी प्रमुख संस्थानों के शिक्षक छात्र तथा देश के विभिन्न क्षेत्रों से विषय विशेषज्ञ इस संवाद कार्यक्रम से जुड़े थे।
कार्यक्रम के संयोजक एवं मुख्यमंत्री के मुख्य समन्वयक प्रो. दुर्गेश पंत ने बताया अब तक बोधिसत्व की 5 विचार श्रृंखलायें तथा 13 विचार गोष्ठी आयोजित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि विचार श्रृंखला में प्राप्त सुझावों को संकलित किया जायेगा तथा इससे भविष्य की योजना तैयार करने में मदद मिलेगी।

राज्यपाल ने अनिल चंद्र पुनेठा और विवेक शर्मा को शपथ दिलाई

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने बुधवार को राजभवन में अनिल चंद्र पुनेठा को राज्य मुख्य सूचना आयुक्त तथा विवेक शर्मा को राज्य सूचना आयुक्त के पद की शपथ दिलवाई।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने अनिल चंद्र पुनेठा को राज्य मुख्य सूचना आयुक्त तथा विवेक शर्मा को राज्य सूचना आयुक्त बनने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित भारतीय प्रशासनिक एवं पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारीगण एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

78 अवर अभियंताओं को नियुक्ति पत्र जारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड पॉवर कॉरपोरेशन लि. में अवर अभियंता के पद पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। पहले चरण में 78 अवर अभियंताओं को नियुक्ति पत्र आज जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री आवास में 12 अवर अभियंता को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। 16 अवर अभियंताओं का भी डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया गतिमान है, उनको भी जल्द नियुक्ति प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त शासन द्वारा अनफ्रीज किए गए 60 अवर अभियंता के पदों पर अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा नियुक्ति की कार्यवाही की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते कहा कि सभी पूर्ण मनोयोग से अपने कार्यों का निर्वहन करें। उन्होंने आशा व्यक्त की कि जनसेवा के लिए जो भी कार्य मिलता है, उसे सभी अभ्यर्थी कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी से समय पर पूर्ण करेंगे।
इस अवसर पर प्रबंध निदेशक यूपीसीएल एवं पिटकुल अनिल कुमार, परियोजना निदेशक यूपीसीएल अजय कुमार अग्रवाल, निदेशक परिचालन एम. एल प्रसाद, महाप्रबंधक मानव संसाधन के.बी चौबे, उप महाप्रबंधक मानव संसाधन अमित कुमार, वरिष्ठ कार्मिक अधिकारी जितेन्द्र कुमार एवं यूपीसीएल के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

अंतिम कैबिनेट बैठक में धामी सरकार ने लिए महत्वपूर्ण निर्णय

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में चल रही मंत्रिमंडल की बैठक खत्म हो गयी है। हालांकि, धामी सरकार की यह अंतिम मंत्रीमंडल की बैठक संपन्न हुई है। जिसमें तमाम विषयों पर चर्चा किया गया है। यही नहीं, मंत्रिमंडल की बैठक में 40 से ज्यादा प्रस्तावो पर मुहर लगी है। इसके साथ ही मंत्रिमंडल की बैठक में रात्रि कोविड कर्फ्यू के समय में बदलाव करते हुए रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक कर दिया है। यही नहीं, शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने कहा कि अगर परिस्थितियां भिन्न होती हैं तो राज्य सरकार कड़े से कड़े निर्णय लेने में पीछे नहीं हटेगी।

इन मामलों पर लगी मुहर……
– वृद्धावस्था पेंशन को 1200 से बढ़ाकर किया गया 15 सौ रुपए।
– शिक्षामित्रों के मासिक वेतन को 15000 से बढ़ाकर किया गया 20,000 रुपये।
– कृषि उद्यान विभाग के एकीकरण के लिए मुख्यमंत्री को किया गया अधिकृत।
– आंदोलनकारियों को सरकारी सेवाओं में आरक्षण दिए जाने के प्रस्ताव को एक बार फिर राजभवन भेजा जायेगा।
– शुगर मिलों के मृतक आश्रितों को दी जाएगी नौकरी।
– राज्य की स्वास्थ्य नीति को किया गया प्रत्याक्षित।
– गंगोलीहाट को नगर पालिका परिषद बनाए जाने पर बनी सहमति।
– प्राइवेट सुरक्षा नियमावली-2021 को मंत्रिमंडल से मिली मंजूरी।
– फाइनेंशियल हैंडबुक नियमावली- 2018 में किया गया संशोधन।
– लैंडस्लाइड एंड लिटिगेशन सेंटर उत्तराखंड में स्थापित किए जाने का लिया गया निर्णय।
– सभी पूर्व सैनिकों को अब नहीं देना होगा हाउस टैक्स।
– बिल्डिंग बायलॉज में किया गया संशोधन, पर्यटन के दृष्टिगत लिया गया है निर्णय।
– हल्द्वानी और हरिद्वार में बनाए गए 500 बेड के अस्पताल को मार्च 2022 तक के लिए दिया गया एक्सटेंशन।
– प्रदेश के 94 बगीचो की व्यवस्था को सुधारने के लिए इसे तीन कैटेगरी में बांटकर डिपार्टमेंटल/लीज पर देने पर चर्चा किया गया है, इसपर अंतिम फैसले के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है।
– स्टेट डाटा सेंटर पालिसी -2022 को प्रख्यापित करने का लिया गया निर्णय।
– पौधा सेंटर, सेलाकुई के कर्मचारियों का बढ़ाया गया मानदेय।
– उत्तराखंड उद्यान एवं खाद्य नियमावली-2022 को पारित करने का लिया गया निर्णय।
– उत्तराखंड जैविक कृषि नियमावली-2021 को प्रख्यापित करने का लिया गया निर्णय।
– नर्सरी एक्ट-2021 को प्रख्यापित करने का लिया गया निर्णय।
– किसानों को अधिक से अधिक इंश्योरेंस कवरेज दिए जाने को लेकर इंश्योरेंस किस्त में सब्सिडी देने का लिया गया निर्णय।
– मंडी कानून में किया गया संशोधन।
– रात्रि कोविड कर्फ्यू के समय में किया गया बदलाव, अब रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक रहेगा कर्फ्यू।
– कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले को देखते हुए लिया गया निर्णय।

पर्यावरण मित्रों को मानदेय बढ़ोत्तरी के साथ बीमा का भी मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में सफाई कर्मचारी आयोग के पूर्व अध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना के नेतृत्व बड़ी संख्या में उत्तराखण्ड स्वच्छकार कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों ने भेंट की। उन्होंने सफाई कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोत्तरी के साथ ही कर्मचारियों की अन्य कई समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पर्यावरण मित्रों (सफाई कर्मचारियों) का मानदेय 500 रू. प्रतिदिन किये जाने, पर्यावरण मित्रों हेतु 2 लाख रूपये के बीमे की व्यवस्था किये जाने तथा पर्यावरण मित्रों का सफाई-धुलाई भत्ता बढ़ाये जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने शहरी विकास विभाग के ढ़ांचे (पर्यावरण मित्रों सहित) पुनरिक्षित किये जाने की भी घोषणा की।
इस संबंध में उपसचिव मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा सचिव नगर विकास विभाग को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दे दिये गये हैं।