समाज की बेहतरी के लिए गुरु के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए-अग्रवाल

विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने सिख धर्म के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह के जन्म दिवस के अवसर पर आज हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा ऋषिकेश और सिंह सभा गुरुद्वारा गढ़ी श्यामपुर में माथा टेक कर उनका भावपूर्ण स्मरण किया। इस अवसर पर उन्होंने गुरु गोविंद सिंह के त्याग को अद्वितीय बताया। अग्रवाल ने गुरुद्वारा सिंह सभा गढ़ी श्यामपुर में पंगत के साथ बैठकर लंगर भी छका।
प्रेमचन्द अग्रवाल ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह सिख पंथ के दसवें और अंतिम सिख गुरु थे। जो 9 साल की उम्र में गुरु के रूप में उदित हुए। अग्रवाल ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह ने जाति वर्ग के भेद को दूर कर खालसा पंथ की स्थापना की। उन्होंने कहा कि गुरु गोविंद सिंह समाज और धर्म के ऐसे योद्धा थे जिन्होंने जीवन पर्यंत अपने संपूर्ण परिवार को धर्म के लिए समर्पित कर दिया।
अग्रवाल ने कहा कि सामाजिक मान्यताओं की विभिन्न विषमताओं के साथ लड़ने की क्षमता गुरु गोविंद सिंह के अंदर थी। वह ऐसे योद्धा थे, जो हर सामाजिक बुराई का डटकर मुकाबला करते थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने सिख पंथ के माध्यम से ऐसे स्वाभिमानी लोग तैयार किए जो अपने धर्म व समाज के लिए हमेशा अडिग रहे।
इस अवसर पर क्षेत्र में हुए विकास कार्यों को लेकर गढ़ी श्यामपुर स्थित सिंह सभा गुरुद्वारे में अग्रवाल को गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों ने सरोपा भेंट कर सम्मानित भी किया।
इस अवसर पर सरदार लक्ष्मण सिंह, राजपाल पवार, सरदार बृजपाल सिंह, सरदार कुलवंत सिंह, सरदार हरबंस सिंह, सरदार जसपाल सिंह, केसर सिंह गुसाईं, जोगिंदर सिंह सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

14 फरवरी भाजपा सरकार की विदाई का दिन-खरोला

कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला ने चुनाव आयोग की ओर से 14 फरवरी को मतदान का दिन तय किए जाने का स्वागत किया और दावा किया कि उत्तराखंड की जनता इस दिन भाजपा सरकार की विदाई करेगी।
खरोला ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा चुनाव की तिथियों का राज्य की जनता उत्साहपूर्वक प्रतीक्षा कर रही थी। राज्य की जनता में चुनाव को लेकर भारी जोश है। यही जोश और उत्सुकता इस बात का द्योतक है कि राज्य में परिवर्तन की बयार बह रही है।
खरोला ने स्थानीय विधायक और विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल पर आरोप लगाते हुए कहा कि 5 साल वे सत्ता की मलाई खाने में लगे रहे और आखरी समय चुनाव आने से पूर्व ऋषिकेश विधानसभा की जनता को बरगलाने के लिए घोषणा पर घोषणा करते रहे, पर वे इस बात से अनजान है कि ऋषिकेश विधानसभा की जनता उनकी इस राजनितिक चाल को समझ चुकी है और कई बार देख चुकी है और आगामी विधानसभा चुनाव में अपने वोट की चोट से विधायक का अहंकार दूर करेगी।
खरोला ने कहा कि 15 साल में जो भाजपा के स्थानीय विधायक ऋषिकेश विधानसभा का विकास ना कर पाए आचार संहिता लगने के 2 घंटे पूर्व करोड़ो रूपये की कोरी घोषणाये करके उन्होंने अपनी इच्छाशक्ति का परिचय दे दिया।
2012-2017 चुनाव के भांति इस बार 2022 के चुनाव से पूर्व जिस तरह की बड़ी-बड़ी घोषणाएं करने का काम प्रेमचंद्र अग्रवाल ने किया है उससे स्पष्ट होता है यहां घोषणाएं भी पिछली घोषणाओं के जैसी साबित होगी। जहां ऋषिकेश में नया डिग्री कॉलेज, मल्टी स्टोरी पार्किंग, ऋषिकेश को जिला बनाना, संजय झील का निर्माण, गंगा की धारा को त्रिवेणी घाट तक लाना, ट्रांसपोर्ट नगर का निर्माण, आढ़त बाजार का निर्माण करना जैसी घोषणा है। पिछले वर्षों में भी उनके द्वारा की जा चुकी है जिसमें से एक भी घोषणा आज तक पूरी नहीं हुई। उन्होंने दावा किया कि ऋषिकेश विधानसभा में परिवर्तन की बयार बह रही है और 10 मार्च के बाद 11 मार्च को ऋषिकेश विधानसभा के विकास के लिए नया सूर्याेदय होगा।

आज फिर से कोरोना के मामले में आयी तेजी, मिले 1560 नए मामले

उत्तराखंड में बीते 24 घंटों में 1560 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। शनिवार को किसी मरीज की मौत नहीं हुई है। आज देहरादून जिले में 537 संक्रमित मिले हैं। कुल संक्रमितों की संख्या 349472 हो गई है। प्रदेश की रिकवरी दर 96 प्रतिशत घट कर 95.05 प्रतिशत हो गई है। वहीं, सैंपल जांच के आधार पर संक्रमण दर 10.26 प्रतिशत पहुंच गई है। अब प्रदेश में कुल सक्रिय मामलों की संख्या 3254 हो गई है।
हरिद्वार में 303 , नैनीताल में 404, पौड़ी में 24, ऊधमसिंह नगर में 37, बागेश्वर में 13, अल्मोड़ा में 52, चमोली में 08, टिहरी में 28, चंपावत में 46, पिथौरागढ़ में 82, रुद्रप्रयाग में छह और उत्तरकाशी जिले में 20 जिले में एक संक्रमित मिले हैं। जबकि 270 मरीजों ने संक्रमण को मात दी है। इन्हें मिलाकर अब तक 332173 लोग स्वस्थ हो चुके हैं।

शिक्षण संस्थानों में भी तेजी से फैल रहा कोरोना
देहरादून जिले में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अब संस्थानों में सामूहिक रूप से कोरोना संक्रमण का प्रसार होने लगा है। आरटीओ कार्यालय में दस कर्मचारी, एफआरआई डीम्ड विवि में दस छात्र-छात्रा और कोरोनेशन अस्पताल में 10 मरीज, नर्सिंग कॉलेज में सात छात्राओं की रिपोर्ट कोरोना संक्रमित पाई गई है। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. राजीव दीक्षित ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि आरटीओ कार्यालय में एक कर्मचारी की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद जांच कराई गई थी। जिनमें 10 की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है, एफआरआई डीम्ड में 8 छात्र, दो कर्मी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। एफआरआई में कुछ छात्र हरिद्वार से आने पर संक्रमित मिले थे। उसके बाद जांच कराने पर अन्य की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। सभी को होम आइसोलेशन में रहने के लिए निर्देशित कर दिया गया है। अतिरिक्त एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं। दून अस्पताल में लेब में भी 10 कर्मचारी पॉजिटिव मिले हैं।

उत्तराखंड में 14 फरवरी को चुनाव, 10 मार्च को परिणाम

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब सहित पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों का ऐलान आज चुनाव आयोग ने कर दिया है। उत्तराखंड में 14 फरवरी को मतदान होगा। 21 जनवरी को अधिसूचना जारी होगी। 28 जनवरी को नामांकन का अंतिम दिन होगा। नामांकन पत्रो की जांच 29 जनवरी और नाम वापसी के लिए 31 जनवरी का दिन निर्धारित किया गया है। पांचों राज्यों के परिणाम 10 मार्च को आयेंगे। नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि किसी भी राज्य में रैलियों और रोड शो के आयोजन की परमिशन नहीं होगी। इसके अलावा किसी नुक्कड़ सभा का आयोजन भी सार्वजनिक स्थानों पर नहीं किया जा सकेगा। साइकिल रैली और बाइक रैली जैसी चीजों पर भी रोक रहेगी। कई नियमों का ऐलान करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चन्द्रा ने कहा कि उम्मीदवार ऑनलाइन नामांकन भी दाखिल कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि गोवा, पंजाब और उत्तराखंड में एक फेज में चुनाव होगा।
यूपी में पहले चरण का मतदान 10 फरवरी को होगा। 14 फरवरी को दूसरे मतदान का चुनाव होगा। पंजाब और उत्तराखंड में 14 फरवरी को मतदान होगा। यूपी में 20 फरवरी को तीसरे चरण का मतदान होगा। यूपी में 23 फरवरी को चौथे चरण का मतदान होगा। यूपी में 27 फरवरी को पांचवे चरण का मतदान होगा। मणिपुर में दो चरणों में मतदान होगा। चुनाव आयुक्त ने कहा कि मीडिया का चुनाव में अहम रोल है। मीडिया हमारा दोस्त है। आपके जरिए हमारी बातें लोगों तक पहुंचती है। नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जाएगी। कोरोना नियमों का सख्ती से पालन करना अनिवार्य होगा। वहीं, उत्तराखंड सहित तीन राज्यों में उम्मीदवार 40 लाख ही चुनाव खर्च कर पाएंगे। डिजिटल और वर्चुअल तरीके से चुनाव प्रचार होगा। पदयात्रा और रोड शो, साइकिल रैली और बाइक रैली नहीं होगी। 15 जनवरी तक इन पर रोक रहेगी। चुनाव आयुक्त ने कहा कि जीत के बाद जश्न या विजय जुलूस की इजाजत नहीं होगी। डोर टू डोर कैंपने के लिए पांच लोगों की ही इजाजत रहेगी। कोरोना गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन किया जाएगा। किसी भी तरह के नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। चुनाव आयुक्त ने कहा हम मेडिकल एक्सपर्ट्स से सलाह भी ले चुके हैं। सभी चुनाव कर्मी फ्रंटलाइन कर्मी हैं। पोलिंग बूथ पूरी तरह से सैनिटाइज होगा। पोलिंग की टाइमिंग एक घंटे से ज्यादा होगी। चुनाव आयोग ने लोगों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में मतदान की अपील की है।
पांच राज्यों में मतदान की घोषणा के बाद चुनाव की अधिसूचना तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। चुनाव आयुक्त ने बताया कि 80 प्लस और दिव्यांग और कोविड प्रभावित के लिए पोस्टिंग बैलेट की व्यवस्था बनेगी। उम्मीदवारों के लिए आपराधिक जानकारी देना जरूरी होगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि 5 जनवरी को मतदाता की सूची डाली गई थी। 24.9 लाख मतदाता की पहली बार वोट डालेंगे।

अचानक सेवाओं से हटाने पर कर्मचारियों का हंगामा, कनक धनाई ने संभाली कमान

शनिवार को ऋषिकेश एम्स परिसर में एम्स प्रशासन मुर्दाबाद के नारों से गूंज उठा। उत्तराखंड जनएकता पार्टी के संस्थापक सदस्य एवम ऋषिकेश विधानसभा सीट से प्रत्याशी कनक धनाई, निष्काषित 98 कर्मचारियों समेत सैकड़ों की संख्या में लोग एम्स परिसर में एकत्र हो विरोध के नारे लगाने लगे।
बता दें कि एम्स में रोजगार में भ्रष्टाचार एवम इलाज में अव्यस्थाओं को लेकर लोग आए दिन परेशान रहते हैं। एम्स से त्रस्त कर्मचारी पिछले कुछ दिनों से एम्स प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठे हैं। ऐसे में 98 कर्मचारियों को एक साथ नौकरी से निकाल दिया गया, उपरोक्त सूचना जैसे ही धनाई तक पहुंची वे तुरंत 98 निष्काषित कर्मचारियों समेत एम्स प्रसाशन का घेराव करने पहुंच गए एवम कर्मचारियों को निकाले जाने के स्पस्टीकरण को लेकर नारेबाजी करने लगे। इतने में उजपा के तमाम समर्थक एवम इलाज कराने आये हुए लोग भी प्रदर्शन में शामिल हो गए। लंबे समय की इंतज़ार के बाद जब कोई प्रतिक्रिया नही दी गई तो भीड़ प्रशासनिक कक्ष के बाहर पहुंचकर नारेबाजी करने लगी। स्थिति अनियंत्रित होती देख मौके पर पुलिस बल भी पहुँच गया। काफी देर तक बातचीत का आश्वाशन देकर भी जब कोई बातचीत करने हेतु नही आया तो प्रदर्शन उग्र हो गया। पुलिस ने भी जब स्थिति हात से निकलती देखी तो भारी मात्रा में पीएससी बुलानी पड़ी। परिस्थिति को भांपते हुए मौके पर तहसीलदार समेत उप जिला प्रशाशन भी पहुंच गया।
इस मौके पर कनक धनाई ने कहा कि एम्स में रोजगार में हो रही दलाली, स्वास्थ्य सुविधाओं में अव्यवस्थाओं एवम पार्किग में मची लूट को लेकर हम लंबे समय से समाधान एम्स अभियान चला रहे हैं। ऐसे में जैसे ही निकाले गए कर्मचारियों में से ही किसी ने सूचना दी कि टीडीएस कंपनी द्वारा 98 अटेंडेंट को एक साथ हटा दिया गया है तो हम सभी निष्काषित कर्मचारियों के साथ सुबह ही एम्स प्रशासन से जवाब मांगने आ गए। परंतु हमे बस लटकाया जा रहा है कोई संतोषजनक निष्कर्ष नहीं निकाला जा रहा, आवाज को दबाने हेतु पुलिस बल का सहारा लिया जा रहा है। परंतु हम सभी लोग बिना अपना हक लिए यहां से हटने वाले नहीं हैं।
एम्स प्रशासन की ओर से कार्यवाही हेतु 1 हफ्ते का समय मांगा गया है तथा यह निश्चित हुआ है कि 30 जनवरी तक 98 की अटेंडेंट की तनख्वाह यथावत मिलती रहेगी तथा निकाले गए अटेंडेंट को टीडीसी कंपनी उत्तराखंड में किसी भी विभाग में रोजगार मुहैया कराएगी।
मौके पर गुरुमुख सिंह, सोम अरोड़ा, हिमांशु पंवार, चंद्रकांत कलूडा़, रवि कलूडा़, शिवम प्रजापति, अभिषेक शर्मा, शिव प्रसाद रतूड़ी, नितिन पोखरियाल, अभिषेक रावत, निखिल वर्मा, सचिन सेमवाल समेत उजपा के तमाम कार्यकर्ता तथा इलाज कराने आये लोग एवम उनके परिजन प्रदर्शन में मौजूद रहे।

उत्तराखंड जन विकास मंच ने कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए आंदोलन स्थगित किया

उत्तराखंड जन विकास मंच का पानी, बिजली के मूल्य में बेतहाशा वृद्धि और नगर निगम द्वारा संपत्ति कर को संशोधित ना करके बोर्ड बैठक में सिर्फ छूट का अधिकारातीत प्रस्ताव पास करने के विरोध स्वरूप 27वें दिन सरकार द्वारा जारी कोविड-19 गाइडलाइन को मानते हुए धरने को स्थगित कर दिया गया।
मंच के अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने कहा कि उत्तराखंड के आम जन की मांगों को देखते हुए बिजली, पानी जैसे मूलभूत विषयों को लेकर आंदोलन शुरू किया गया था। इसके कुछ समय पश्चात ऋषिकेश नगर निगम द्वारा शहरी उपभोक्ताओं पर बड़े शहरों जैसा संपत्ति कर वसूला जाना मंच को अपने आप में अन्याय पूर्ण प्रतीत प्रतीत हुआ। जिसके पश्चात इन ज्वलंत विषयों को लेकर उत्तराखंड जन विकास मंच द्वारा नगर निगम संपत्ति कर के बिंदु को भी अपनी मांगों में सम्मिलित किया गया। मंच के पदाधिकारियों द्वारा कोविड गाइडलाइन को मानते हुए सर्वसम्मति से निर्णय लेकर आंदोलन को आज स्थगित कर दिया गया जिसे नई सरकार के गठन के कुछ समय उपरांत पुनः शुरू किया जाएगा।
इस अवसर पर राजू गुप्ता, बेचन गुप्ता, राजेंद्र पाल, आशीष पंडित, नवीन जैन आदि उपस्थित रहे।

आंदोलनकारी मंच ने उनकी मांग को समर्थन देने पर जताया आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच के सदस्यों ने भेंट की। उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच के सदस्यों ने राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरी में आरक्षण देने से संबंधित पत्रावली पर अनुमोदन देने हेतु राज्यपाल महोदय से पुनः अनुरोध करने का कैबिनेट द्वारा लिये गये निर्णय पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राज्य आंदोलनकारियों की भावनाओं का सदैव सम्मान किया गया है। राज्य आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप प्रदेश का समग्र विकास हमारा ध्येय रहा है। उन्होंने सभी से राज्य के विकास में सहयोगी बनने की भी बात कही।
इस अवसर पर पूर्व दायित्वधारी रविंद्र जुगरान, ओमी उनियाल, राम लाल खंडूडी, जगमोहन सिंह, नेगी प्रदीप कुकरेती, चंद्र किरण राणा, पूरन सिंह लिंगवाल, राजेश पांथरी, जयदेव सकलानी, राजीव तलवार, क्रांति कुकरेती, धर्मेंद्र बिष्ट आदि उपस्थित रहे।

विकास कार्यो के लिए सीएम ने दी विभिन्न कार्यो को वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न विकास कार्यों हेतु वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र सोमेश्वर में मोटर मार्ग का पुनः निर्माण कार्य हेतु 1 करोड़ 35 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र सोमेश्वर में दो निर्माण कार्यों हेतु 1 करोड़ 82 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र पिथौरागढ़ में अम्बेडकर ग्राम सिलिंगया से अम्बेडकर ग्राम जाजर चिंगरी के तोक पन्नाचौड एवं छाती तक मोटर मार्ग का नव निर्माण कार्य हेतु 12 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र पुरोला में 02 कार्यों हेतु 28.70 लाख रूपये, राज्य योजनान्तर्गत विधानसभा क्षेत्र ज्वालापुर में विभिन्न 04 निर्माण कार्यों हेतु 2 करोड़ 18 लाख रूपये, जनपद हरिद्वार के विधानसभा क्षेत्र खानपुर में विभिन्न 12 निर्माण कार्यों हेतु 5 करोड़ 28 लाख रूपये, जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र सहसपुर के अन्तर्गत ग्राम नौगांव से कांसवाली कोठरी-भानवाला व बडोवाला मार्ग व माण्डूवाला में ओमप्रकाश के घर से होते हुए राजेन्द्र के घर तक मार्ग हेतु 91.63 लाख रूपये, जनपद उधमसिंह नगर के विधानसभा क्षेत्र रूद्रपुर के अंतर्गत विभिन्न 13 निर्माण कार्यों हेतु 5 करोड़ 30 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र चौबट्टाखाल में 03 कार्यों हेतु 86.56 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र नरेन्द्र नगर के अंतर्गत विभिन्न 02 निर्माण कार्यों हेतु 5 करोड़ 11 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र देवप्रयाग में विभिन्न 02 निर्माण कार्यों हेतु 7 करोड़ 74 लाख रूपये, जनपद चमोली के विधानसभा क्षेत्र बद्रीनाथ के अन्तर्गत विभिन्न 04 निर्माण कार्यों हेतु 6 करोड़ 12 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र केदारनाथ में मोटर मार्ग को जोड़ने हेतु लिंक मोटर मार्ग के नव निर्माण कार्य हेतु 25.85 लाख रूपये की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने जनपद पौड़ी गढ़वाल के विकासखण्ड बीरोंखाल की ललितपुर रसिया महादेव (जीओवी) पम्पिंग पेयजल योजना हेतु 10 करोड़ 89 लाख रूपये, जनपद पौड़ी गढ़वाल के विकासखण्ड एकेश्वर की भूमिया डांडा किनगोडीधार पम्पिंग पेयजल योजना हेतु 25 करोड़ रूपये, जनपद देहरादून की रायपुर शाखान्तर्गत राजीवनगर पेयजल योजना हेतु 93.86 लाख रूपये, जनपद अल्मोड़ा के विकासखण्ड द्वाराहाट की ईडा बाराखाम (जीओवी) पम्पिंग पेयजल योजना हेतु 5 करोड़ 87 लाख रूपये, नगरपालिका परिषद, टनकपुर में विभिन्न वार्डाे के 02 निर्माण कार्याे हेतु 1 करोड़ 67 लाख रूपये, राजकीय अटल उत्कृष्ट विद्यालयों के संचालन हेतु राज्य आकस्मिकता निधि से 1,11,47,900.00 लाख रूपये, थाना झनकईया में श्रेणी-तृतीय के 02 तथा श्रेणी-द्वितीय के 10 आवासों के निर्माण हेतु 2 करोड़ 84 लाख रूपये, पुलिस लाइन पौड़ी में बहुउद्देशीय भवन के सुदृढीकरण कार्य हेतु 4 करोड़ 9 लाख रूपये, थाना थलीसैंण, जनपद पौड़ी के 04 आवासों के निर्माण हेतु 99.56 लाख रूपये, जनपद पिथौरागढ़ के थाना गंगोलीहाट में श्रेणी-तृतीय के 04 एवं श्रेणी-द्वितीय के 10 आवासों के निर्माण हेतु 3 करोड़ 91 लाख रूपये, थाना गंगोलीहाट में अनावासीय/प्रशासनिक भवन के निर्माण हेतु 2 करोड़ 40 लाख रूपये,ग्राम प्रधानों को कोविड फण्ड से धनराशि प्रदान किये जाने हेतु 7,79,10,000.00 लाख रूपये की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जनपद अल्मोडा के विधानसभा क्षेत्र द्वाराहाट में कुल 03 कार्यों हेतु 1 करोड़ 48 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र चम्पावत के बिलासुपर से दुधौरी के तोक छूड़ा तक मोटर मार्ग का पुनर्निमाण एवं सुधारीकरण कार्य हेतु 3 करोड़ 85 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र चम्पावत के अन्तर्गत मंच तामली मोटर मार्ग से मुख्य तोक कारी तक मोटर मार्ग के नव निर्माण कार्य हेतु 58.19 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र बद्रीनाथ के अंतर्गत 02 विभिन्न निर्माण कार्यों हेतु 62.58 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र चौबट्टाखाल में विभिन्न 08 निर्माण कार्याे हेतु 1 करोड़ 95 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र नरेन्द्रनगर के विभिन्न 03 निर्माण कार्यों की हेतु 9 करोड़ 10 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र केदारनाथ के अन्तर्गत वरईधार से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र देडा होते हुये तल्ला बरंगाली तक मोटर मार्ग के निर्माण हेतु 6 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र रूद्रप्रयाग में मोटर मार्ग के विभिन्न 4 निर्माण कार्यों हेतु 2 करोड़ 25 लाख रूपये, विकासनगर जलोत्सारण योजना के अंतर्गत 600 एम०ए० व्यास की मेन ट्रंक लाईन बदलने की योजना हेतु 1 करोड़ 86 लाख रूपये,जनपद पौड़ी गढ़वाल के विकासखण्ड थलीसैंण की बीडा हंसुडी (जीओवी) पम्पिंग पेयजल योजना हेतु 12 करोड़ 90 लाख रूपये, जनपद हरिद्वार के विकासखण्ड लक्सर की सुल्तानपुर आदमपुर (टयूबवैल) पम्पिंग पेयजल योजना हेतु 8 करोड़ 10 लाख रूपये, प्राविधिक शिक्षा निदेशालय, श्रीनगर के भवन निर्माण हेतु 50 लाख रूपये के साथ ही जनपद उधमसिंह नगर के अंतर्गत गदरपुर बस अड्डे निर्माण कार्य हेतु 3 करोड़ 49 लाख रूपये की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

अन्त्योदय की भावना पर काम कर रही राज्य सरकार-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को खटीमा, ऊधमसिंह नगर में सरकार के 5 साल ‘नये इरादे-युवा सरकार’ प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में लगभग 74 करोड़ 32 लाख की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें 41 करोड़ 45 लाख के शिलान्यास एवं 32 करोड़ 87 लाख की योजनाओं के लोकार्पण शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को महालक्ष्मी किट एवं 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को मोबाईल टैबलेट प्रदान किये।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश में विकास के अनेक कार्य हो रहे हैं। पिछले पांच सालों में डबल इंजन की सरकार में जनहित में अनेक कार्य हुए हैं। सड़क कनेक्टिविटी, रेलवे कनेक्टिविटी एवं हवाई कनेक्टिविटी में तेजी से विस्तार हुआ है। स्वास्थ्य सुविधाओं, लंबे समय से लंबित प्रकरणों एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अनेक कार्य हुए हैं। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में केदारनाथ का पुनर्निर्माण किया गया है। बदरीनाथ में भी 250 करोड़ रूपये की योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। भारतमाला श्रृंखला के अन्तर्गत भी अनेक सड़कों पर कार्य चल रहा है। पिछले पांच वर्षों में केन्द्र सरकार से राज्य के लिए एक लाख करोड़ रूपये से अधिक परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊधमसिंह नगर में लगभग 500 करोड़ की लागत से एम्स का सैटेलाईट सेंटर स्थापित किया जा रहा है। ऋषिकेष एम्स में प्रतिदिन हजारों लोगों का ईलाज हो रहा है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में यह राज्य के लिए बड़ी सौगातें हैं। देश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में सबसे बड़ी योजना आयुष्मान भारत योजना चलाई जा रही है। राज्य में अटल आयुष्मान योजना से लोगों को स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुरक्षा कवच दिया गया है। टनकपुर-बागेश्वर रेललाईन के सर्वे के लिए भारत सरकार से सहमति मिल चुकी है। 2024 तक ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन निर्माण का कार्य पूर्ण हो जायेगा। देहरादून एयरपोर्ट को अन्तरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट बनाया जा रहा है। पंतनगर एयरपोर्ट को भी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाया जा रहा है। सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए केन्द्र सरकार से राज्य को पूरा सहयोग मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 6 माह पूर्व उन्हें राज्य के मुख्य सेवक की जिम्मेदारी दी गई। इन 6 माह में जनहित में 600 से अधिक निर्णय लिये गये। राज्य सरकार अन्त्योदय के सिद्धान्त पर कार्य कर रही है। समाज के अन्तिम पंक्ति पर खड़े लोगों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं चलाई जा रही हैं। राज्य में सीमित संसाधन होने के बावजूद भी कोरोना काल में लोगों की परेशानियों को देखते हुए हर क्षेत्र में लोगों को राहत देने का कार्य किया गया। स्वास्थ्य, परिवहन, संस्कृति एवं अन्य विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों को राहत दी गई। प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों को आयुसीमा में एक वर्ष की छूट दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के मुख्य सेवक बनने के पद ही उनकी पहली कैबिनेट में निर्णय लिया गया कि राज्य के विभिन्न विभागों में रिक्त सभी पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जायेगा। अनेक पदों पर भर्ती प्रक्रिया तेजी से गतिमान हैं। पुलिस विभाग में भी 1734 पदों पर भर्ती प्रक्रिया गतिमान है। राज्य में नई खेल नीति लाई गई है। खिलाड़ियों को अपनी खेल प्रतिभाओं को उजागर करने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए खेल नीति में उनको हर प्रकार की सुविधाएं दी गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खटीमा उनकी कर्मभूमि रही है। इस क्षेत्र के विकास के लिए हर संभव प्रयास किये गये हैं। इस क्षेत्र को शिक्षा का हब बनाने के लिए अनेक प्रयास किये गये हैं। क्षेत्र में केन्द्रीय विद्यालय, कैन्टीन की सुविधा एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र जनजाति बहुल क्षेत्र है, इसके दृष्टिगत क्षेत्र में एकलव्य आवासीय विद्यालय खोला गया है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार की कैबिनेट में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है कि भारत एवं नेपाल को जोड़ने वाले पुल का निर्माण 03 साल के अन्दर पूर्ण किया जायेगा। यह भारत एवं नेपाल के सबंधों को और मजबूत करने में काफी कारगर साबित होगा। भारत और नेपाल का रोटी-बेटी का संबंध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को 2025 तक देश के सर्वश्रेष्ठ राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए राज्य सरकार द्वारा पूरे प्रयास किये जा रहे हैं। इसके लिए बोधिसत्व कार्यक्रम के माध्यम से विषय विशेषज्ञों एवं प्रबुद्धजनों के सुझाव लिये जा रहे हैं। सभी विभागों से अगले 10 साल का रोडमैप बनाया जा रहा है।
सरकार के 5 साल ‘नये इरादे-युवा सरकार’ कार्यक्रम प्रदेश की सभी 70 विधानसभाओं में आयोजित किया गया। सभी मंत्रीगणों, विधायकगणों, सांसदगणों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यक्रम में प्रतिभाग कर सरकार की उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी।

कोविड के दौरान हर समाज के हर वर्ग को राहत दी गई-मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास से महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत प्रत्येक ग्राम स्तर पर कार्यरत आंगनवाड़ी कार्मिकों को प्रोत्साहन एवं मानदेय धनराशि का एकसाथ ऑनलाइन डीबीटी हस्तान्तरण किया। कार्यक्रम में महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने वर्चुअल प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 33717 कार्मिकों को माह दिसम्बर हेतु देय लगभग 24 करोड़ रुपये मानदेय का भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया। जिसमें 14495 आँगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों को 9300 प्रति कार्मिक की दर से लगभग 13.48 करोड़ एवं 14265 आँगनवाड़ी सहायिकाओं को 5250 प्रति कार्मिक की दर से लगभग 7.5 करोड़ तथा 4957 मिनी कार्यकर्त्रियों को 6250 प्रति कार्मिक की दर से लगभग 3 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
आंगनवाड़ी कार्मिक संगठनों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए प्रदेश सरकार द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों, मिनी कार्यकर्त्रियों एवं सहायिकाओं के मानदेय में क्रमशः 1800, 1500 एवं 1500 की वृद्धि की गई है। जिसके पश्चात उत्तराखंड देश में आँगनवाड़ी कार्मिकों को सर्वाधिक मानदेय देने वाला तीसरा राज्य हो गया है। कोरोना काल में आंगनवाड़ी कर्मियों द्वारा समर्पित भाव से किये गए कर्तव्य पालन के लिए प्रोत्साहन स्वरूप मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के क्रियान्वयन हेतु समस्त 33717 आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों, मिनी कार्यकर्त्रियों एवं सहायिकाओं को रु0 2000/- प्रति कार्मिक की दर से कुल रु0 6.74 करोड़ का ऑनलाइन डीबीटी हस्तांतरण भी किया गया।
मुख्यमंत्री घोषणा के क्रम में फ्रंट लाइन वर्कर के रूप में आंगनवाड़ी कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका के दृष्टिगत कोविड 19 के बचाव एवं रोकथाम हेतु सराहनीय प्रयास करने वाली कार्यरत कार्यकर्त्रियों एवं सहायिकाओं को प्रोत्साहन स्वरूप 5 माह तक रु0 2000 प्रतिमाह धनराशि के भुगतान की घोषणा की गई थी। जिसका क्रियान्वयन करते हुए माह सितंबर की प्रोत्साहन राशि अक्टूबर में माह अक्टूबर की राशि नवंबर में, माह नवंबर की राशि दिसम्बर में तथा माह दिसम्बर की प्रोत्साहन राशि आज कार्यक्रम के दौरान हस्तांतरित की गई। इसी प्रकार माह जनवरी की धनराशि फरवरी में हस्तांतरित की जाएगी। डीबीटी के माध्यम से इस धनराशि का हस्तांतरण इंडसइंड बैंक के सहयोग से किया गया ।
मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के अंतर्गत 3067 लाभार्थियों को रुपये 3000 प्रति लाभार्थी की दर से माह जनवरी हेतु कुल रूपये 92 लाख का ऑनलाइन डीबीटी हस्तान्तरण भी कार्यक्रम के दौरान किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कोविड काल में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में हर वर्ग के लोगों को राहत देने का कार्य किया गया। कोविड के दौरान सराहनीय कार्य करने वाले फ्रंट लाईन वर्कर को प्रोत्साहन राशि भी दी गई। राज्य में सीमित संसाधन होने एवं कोविड के कारण राजस्व में वृद्धि न होने के बावजूद भी समाज के हर वर्ग को राहत देने के प्रयास किये गये हैं। लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से समय पर भुगतान किया जा रहा है। स्वास्थ्य, चिकित्सा, संस्कृति, परिवहन एवं अन्य क्षेत्रों में कार्य कर रहे लोगों की हर संभव मदद की गई। जन समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये गये। समाज के अंतिम पंक्ति पर खड़े लोगों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं चलाई जा रही हैं।
इस अवसर पर सचिव महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास हरि चंद्र सेमवाल, निदेशक संस्कृति बीना भट्ट, स्टेट हेड इंडसइंड बैंक संदीप सेमवाल, रीजनल हेड आशीष गैरोला, महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास के उपनिदेशक डा एस के सिंह, कार्यक्रम अधिकारी एसके त्रिपाठी, भारती तिवारी, राज्य नोडल अधिकारी अखिलेश मिश्र, मुख्य परिवीक्षा अधिकारी महिला कल्याण निदेशालय मोहित चौधरी, अंजना, डॉ. कंचन नेगी तथा वर्चुअल माध्यम से सभी जिला कार्यक्रम अधिकारी, सीडीपीओ एवं प्रोबेशन अधिकारी उपस्थित रहे।