निशुल्क मोबाईल टैबलेट योजना से 2 लाख 65 हजार विद्यार्थी होंगे लाभान्वित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज राजपुर रोड, देहरादून में निःशुल्क मोबाईल टैबलेट योजना के क्रियान्वयन हेतु आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विद्यालय की 100 छात्राओं को निःशुल्क टैबलेट प्रदान किये। शनिवार को यह कार्यक्रम प्रदेश के सभी 70 विधानसभाओं में आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज राजपुर रोड में ऑडिटोरियम बनाया जायेगा।
प्रदेश में लगभग 2 लाख 65 हजार विद्यार्थियों को पढ़न-पाढ़न हेतु राज्य सरकार द्वारा निःशुल्क टैबलेट खरीद हेतु प्रति विद्यार्थी को डीबीटी के माध्यम से 12 हजार रूपये की धनराशि उपलब्ध कराई जा रही है। इसी क्रम में टैबलेट खरीद हेतु राजकीय स्कूलों के 10वीं, 12वीं के 1 लाख 59 हजार विद्यार्थियों को डीबीटी द्वारा धनराशि दी गई है।
मुख्यमंत्री ने सभी को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कोरोना काल में ऑनलाईन पढ़ाई के लिए बच्चों को पढ़ाई के लिए काफी परेशानियों को सामना करना पड़ा। बच्चों की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा उनके लिए टैबलेट उपलब्ध करवाये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी वे बच्चों के बीच जाते हैं, तो उनकी बचपन की यादें ताजा हो जाती हैं। उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में अपने उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए सबको समय का सदुपयोग करना होगा। उन्होंने कहा कि जीवन में जो भी कार्य करें, पूर्ण मनोयोग से करें। विकल्प रहित संकल्प के साथ सबको जीवन में आगे बढ़ना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत एक युवा देश है। देश की 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयु वर्ग की है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश तेजी से प्रगति के पथ पर अग्रसर है। भारत आत्मनिर्भर भारत बन रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शिक्षा के गुणात्मक सुधार के लिए राज्य सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। डिजिटल लर्निंग के अन्तर्गत राज्य के 500 स्कूलों में वर्चुअल कक्षाएं चलाई जा रही हैं। 600 अन्य स्कूलों में भी शीघ्र ये सेवाएं शुरू की जायेंगी। राज्य के 709 राजकीय विद्यालयों में 1418 स्मार्ट कक्षाएं स्थापित की जा रही हैं, यह कार्य 15 जनवरी 2022 तक पूर्ण कर लिया जायेगा। राज्य सरकार की ओर से सभी राजकीय विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क पाठ्य पुस्तक उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। राजकीय स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए भी निःशुल्क बैग एवं जूते उपलब्ध कराये जा रहे हैं। छात्रहित में राज्य स्तरीय छात्रवृत्ति की धनराशि बढ़ाई गई है। शिवानन्द नौटियाल राज्य योग्यता छात्रवृत्ति की धनराशि को प्रतिमाह 250 रूपये से बढ़ाकर 1500 रूपये किया गया है तथा लाभार्थी विद्यार्थियों की संख्या भी 11 से बढ़ाकर 100 की गई है। श्रीदेव सुमन छात्रवृत्ति की धनराशि भी 150 रूपये से बढ़ाकर 1 हजार रूपये की गई है। मुख्यमंत्री प्रतिभा प्रोत्साहन योजना के तहत 12वीं कक्षा के मेधावी विद्यार्थियों को 2500 रूपये की छात्रवृत्ति 5 साल तक दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से अपील की कि कोविड के नये वेरिएंट ओमीक्रोन से बचाव के लिए सतर्कता जरूरी है। उन्होंने कहा कि कोविड एप्रोप्रिएट विहेवियर का पालन जरूर करें। कोरोना से बचाव के लिए सरकार द्वारा पूरी तैयारी की गई है, लेकिन इससे बचाव के लिए सतर्कता बहुत जरूरी है।
इस अवसर पर सचिव शिक्षा आर. मीनाक्षी सुन्दरम, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आर. राजेश कुमार, शिक्षा महानिदेशक वंशीधर तिवारी, माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीमा जौनसारी, निदेशक एससीईआरटी आरके कुंवर, मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून डॉ. मुकुल कुमार सती, प्रधानाचार्या राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज राजपुर रोड प्रेमलता बौड़ाई, स्कूल की शिक्षिकाएं एवं छात्राएं मौजूद रहे।

हरीश रावत ने कांग्रेस की सत्ता वापसी के लिए कार्यकर्ताओं में भरा जोश

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा है कि जनवरी में कांग्रेस प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी जायेगी। कहा कि उत्तराखंड की जनता के इस बार भाजपा को सत्ता से बाहर करने का मन बना चुकी है। भाजपा के अंदर इस समय संग्राम मचा है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस चुनाव में भारी बहुमत से जीत दर्ज करेगी।
ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र में शनिवार को मतदाता जागरूकता अभियान पदयात्रा के समापन पर पहुंचे पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि इस समय भाजपा में अंदर झगड़ा चल रहा है। इससे राज्य को नुकसान हो रहा है। सत्तारूढ़ दल बुरी तरह से आपस में उलझा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि खनन और भ्रष्टाचार चल रहा है। पद बिक रहे हैं। अब जनता कांग्रेस को ही सत्ता में देखना चाहती है। कहा कि जनवरी में कांग्रेस प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी जायेगी। राज्य में आधे से अधिक सीटों पर सहमति बन चुकी है। उन्होंने महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर सरकार पर हमला बोला। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गौदियाल ने कहा कि राज्य में जन आक्रोश को लेकर भाजपा परेशान है। इसलिये भाजपा नेता लगातार उत्तराखंड धमक रहे हैं। महंगाई, बेराजगारी और भ्रष्टाचार से परेशान जनता भाजपा को सबक सिखाने को तत्पर है। इस दौरान रेलवे मार्ग स्थित नीरज भवन से त्रिवेणीघाट तक मतदाता जागरूकता अभियान पदयात्रा निकाली गई। यह रेलवे मार्ग, घाट चौक होकर त्रिवेणीघाट पर संपन्न हुई। त्रिवेणीघाट पर पूर्व सीएम हरीश रावत के साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गंगा आरती भी की। इसमें बड़ी संख्या में कांग्रेसी शामिल हुये। इस अवसर पर पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण, पूर्व ब्लॉक प्रमुख डा.केएस राणा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष टिहरी अंबिका सजवाण, पूर्व पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा, जयेन्द्र रमोला, महंत विनय सारस्वत, सुधीर राय, सरोज देवराडी, पार्षद मनीष शर्मा, संजय गुप्ता, प्यारेलाल जुगरान, सोनू पाण्डेय, दीपक धमांदा, राव शाहीद अहमद, मुर्सलीन, उर्मिला नौटियाल, अरविंद जैन, सतेन्द्र रावत समेत अन्य मौजूद रहे।

रावत ने चुनावी बिगुल फूंका
दिल्ली से लौटने के बाद पूर्व सीएम हरीश रावत ने अपनी चुनावी यात्रा का पहला पड़ाव ऋषिकेश को बनाया। यहां पार्टी प्रत्याशी का चेहरा घोषित करने को लेकर स्थानीय राजनीति कई खेमों में बंटी हुई है। रावत ने ‘राजपथ की चाहत रखने वालों को यहां परोक्ष रूप से प्रत्याशी को लेकर संकेत भी दिया। हालांकि किसी भी अनापेक्षित विवाद से बचने के लिए उन्होंने वही ट्रिक इस्तेमाल किया जो हाईकमान ने उनके साथ दिल्ली में किया था। कार्यक्रम के आयोजक कांग्रेस प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला को उन्होंने कार्यक्रम के दौरान बगलगीर बनाये रखा।

ऋषिकेश में फ्री मोबाइल टैबलेट वितरण योजना का शुभारंभ

ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र में शनिवार को प्रदेश सरकार की फ्री मोबाइल टैबलेट वितरण योजना का शुभारंभ हुआ। विस अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि ऑनलाइन शिक्षा को देखते हुए सरकार आर्थिक रूप से जरूरतमंद छात्रों को टैबलेट दे रही है।
शनिवार को राजकीय इंटर कॉलेज आईडीपीएल में कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में विस अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने प्रदेश सरकार की फ्री मोबाइल टैबलेट वितरण योजना के तहत छात्रों को टैबलेट बांटे। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण शिक्षा पूरी तरह से ऑनलाइन हो गई है। छात्रों को मोबाइल, टैबलेट एवं लैपटॉप के माध्यम से पढ़ाई करनी पड़ रही है। ऐसे में कई छात्र ऐसे हैं जो आर्थिक तंगी के कारण लैपटॉप, टैबलेट या फिर स्मार्टफोन नहीं खरीद सकते। उन छात्र-छात्राओं के लिए सरकार द्वारा इस योजना का शुभारंभ किया गया है। प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य कर रही है, इससे स्कूल में अध्ययन करने वाले छात्र-छात्राओं का स्तर ऊपर उठाया जा सके। कहा कि प्रदेश के 2 लाख 75 हजार छात्रों को टैबलेट वितरित किए जाने हैं। उन्होंने 25 विद्यार्थियों को साइकिल क्रय हेतु चेक वितरित किए। इस दौरान उन्होंने एनसीसी के 100 कैडेटों को एक-एक हजार रुपये, सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले 46 छात्र-छात्राओं को दो-दो हजार रुपये एवं सांस्कृतिक शिक्षिका को पांच हजार रुपये देने की घोषणा की।
मौके पर स्कूल के प्रधानाचार्य राजीव लोचन सिंह, पार्षद विपिन पंत, मंडल अध्यक्ष अरविंद चौधरी, पार्षद सुंदरी कंडवाल, पार्षद गुरविंदर सिंह, पार्षद लक्ष्मी रावत, नोडल अधिकारी विजय यादव, नीरजा गोयल, डॉ. शक्ति जोशी, रमाशंकर विश्वकर्मा, हरेंद्र राणा, मोनिका रौतेला, कोमल तोमर, ललित मोहन जोशी, विजय पाल सिंह, सुशील रावत आदि उपस्थित रहे।

एसबीएम इंटर कॉलेज का वैक्सीन टीम ने किया निरीक्षण

तीन जनवरी को 15 से 18 वर्ष की आयु के किशोरों को कोविड वैक्सीन उनके स्कूल में ही लगेगी। इसके तहत शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सर्वाधिक छात्र संख्या वाले एसबीएम इंटर कॉलेज में पहुंचकर तैयारियों को जायजा लिया। साथ ही स्कूल प्रबंधन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
शनिवार को राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश के नर्सिंग ऑफिसर राहुल सक्सेना टीम के साथ हरिद्वार रोड स्थित एसबीएम इंटर कॉलेज पहुंचे। यहां प्रधानाचार्य मेजर गोविंद सिंह रावत के साथ कक्षा कक्षों का निरीक्षण किया। कॉलेज में वैक्सीनेशन रूम बनाने के लिए रूम चिह्नित किया गया। नर्सिंग ऑफिसर ने बताया कि वैक्सीनेशन रूम ऐसी जगह बनेगा, जहां वैक्सीनेशन के लिए आने वाले छात्र-छात्राओं को किसी तरह की दिक्कत नहीं हो। बताया कि वैक्सीनेशन को एक उत्सव के रूप में मनाने की भी योजना बनाई गई।
विद्यालय के नोडल अधिकारी रंजन अंथवाल ने विद्यार्थियों को बताया कि वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। यह केवल एक इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने वाली प्रक्रिया है। विद्यालय में लगभग 1250 छात्र-छात्राओं का वैक्सीनेशन होना है। मौके पर उप प्रधानाचार्य यमुना प्रसाद त्रिपाठी, डा. सुनील दत्त थपलियाल, प्रवीन रावत, विकास नेगी, धनजंय रांगड़, रमेश बुटोला आदि मौजूद रहे।

उच्च शिक्षा में नरेन्द्रनगर को मिलेगी नई पहचान, लॉ कॉलेज को कैबिनेट ने दी मंजूरी

नरेंद्रनगर और आसपास क्षेत्रों के विद्यार्थियों को कानून की पढ़ाई करने हेतु अब देहरादून व अन्य दूरस्थ जगहों पर नहीं जाना होगा। नरेंद्रनगर में ही लॉ (विधि संस्थान) की पढ़ाई की जा सकेगी। बीते दिनों हुई कैबिनेट की बैठक में इसके निर्माण हेतु मंजूरी दी जा चुकी है। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि जल्द ही शासन से वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद नरेंद्रनगर में लॉ कॉलेज का निर्माण किया जाएगा। इस पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने कैबिनेट मंत्री का आभार व्यक्त किया है।
नरेंद्रनगर पालिका अध्यक्ष राजेंद्र विक्रम सिंह पंवार ने कहा कि नरेंद्रनगर में लॉ कॉलेज का निर्माण होने से स्थानीय युवाओं हेतु रोजगार के अधिक अवसर खुलेंगे। साथ ही गढ़वाल के युवाओं को अब कानूनी पढ़ाई के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। नगर पालिका अध्यक्ष रोशन रतूड़ी ने कहा कि कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल की विकासपरक सोच से ही यह कार्य संभव हो पाया है, उनके नेतृत्व में नरेंद्रनगर विधानसभा में लगातार विकास हो रहे हैं। ऋषिकेश मंडी अध्यक्ष विनोद कुकरेती व ब्लॉक प्रमुख राजेंद्र भंडारी ने नरेंद्रनगर में लॉ कॉलेज के निर्माण हेतु कैबिनेट में स्वीकृति मिलने पर मंत्री सुबोध उनियाल को धन्यवाद दिया है।

कोरोना और नए वैरियंट की रोकथाम को लेकर सीएम ने दिये निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सायं मुख्यमंत्री आवास में कोविड 19 एवं नये वेरिएंट ओमीक्रॉन की रोकथाम के साथ ही प्रदेश में 15 से 18 वर्ष तक आयु के बच्चों को कोविड 19 टीकाकरण की कार्य योजना की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सम्बन्धित विभागों के समेकित प्रयासों से हम कोविड 19 की पहली व दूसरी लहर का सामना करने में सफल हुए हैं। उन्होंने कहा कि नये वेरिएंट ओमीक्रॉन का प्रभाव धीरे-धीरे बढ़ता दिखाई दे रहा है। इसके लिये सभी अस्पतालों में प्रभावी व्यवस्थायें कर ली जाए। इसे गम्भीरता से लेने की उन्होंने जरूरत बतायी। उन्होंने रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डों पर राज्य के बाहर से आने वालों की जांच की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिये। बैठक में सभी जिलाधिकारी भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड 19 की दूसरी वैक्सीनेशन डोज भी शत प्रतिशत सभी को लगाई जाए इसके लिये अभियान चलाया जाए। इसी प्रकार 15 से 18 साल तक के बच्चों का 3 जनवरी से शुरू होने वाले टीकाकरण अभियान की सभी जिलाधिकारी एवं शिक्षा, प्राविधिक शिक्षा सहित अन्य सम्बन्धित विभाग प्रभावी कार्य योजना तैयार कर लें। इसके लिये मेगा वैक्सीनेशन कैम्प पहले की तरह संचालित किये जाए। एक दिन में एक लाख वैक्सीनेशन का लक्ष्य निर्धारण की बात मुख्यमंत्री ने कही। इसके लिये व्यापक जन जागरूकता के प्रकार के भी निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में स्थापित किये जाने वाले डायलिसिस सेंटरों की स्थापना भी एक सप्ताह में करने के निर्देश देते हुए कहा कि इसके लिये अविलंब सभी आवश्यक अवस्थापना सुविधाओं तथा मानव संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश के 15 से 18 वर्ष आयु के लगभग 6.50 लाख बच्चों का टीकाकरण किया जाना है। इसके लिये सभी विधानसभा क्षेत्रों की स्कूलों में बच्चों की टीकाकरण की व्यवस्था 3 जनवरी से 9 जनवरी के मध्य आयोजित की जानी है। उन्होंने कहा कि जिन अस्पतालों में वार्ड बॉय के पद खाली हैं वहां पर आउटसोर्स के माध्यम से व्यवस्था की जाए ताकि अस्पतालों के स्तर से टीकाकरण के साथ ही उपचार आदि में कोई कठिनाई न हो।
सचिव स्वास्थ्य डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय ने सभी जिलाधिकारियों से बच्चों के टीकाकरण अभियान को सफलतापूर्वक संचालन के लिये प्रभावी कार्य योजना के साथ कार्य करने को कहा। इसके लिये हफ्ते में दो दिन महाअभियान के रूप में संचालन के साथ इसका साप्ताहिक कार्यक्रम भी निर्धारण करने को कहा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जो कार्य योजना तैयार की गई है। उसके अनुसार कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि इसके बाद फ्रंट लाइन वर्करों को प्रिकोशन डोज लगायी जानी है। उन्होंने कहा कि 60 साल से अधिक उम्र वालों को भी प्रिकोशन डोज लगाये जाने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने जिलाधिकारियों से अपेक्षा की कि बच्चों के टीकाकरण में सभी बच्चे शामिल हो जाए इसकी व्यवस्था की जाए। इसके लिये कोवैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करायी जा रही है। उन्होंने जिलाधिकारियों से कंट्रोल रूम तथा आइसोलेशन सेंटरों को क्रियाशील बनाये जाने तथा टेस्टिंग बढ़ाये जाने पर भी ध्यान देने को कहा।
बैठक में कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, विधायक सुरेश राठौर, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, एस.ए मुरूगेशन, एच.सी. सेमवाल, अपर सचिव आशीष श्रीवास्तव, जिलाधिकारी देहरादून आर. राजेश कुमार, महानिदेशक सूचना रणवीर सिंह चौहान, महानिदेशक शिक्षा बंशीधर तिवारी, महानिदेशक स्वास्थ्य तृप्ति बहुगुणा सहित अन्य अधिकारी एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

जानिए, इस साल की आखिरी कैबिनेट के फैसले

राज्य में भाजपा सरकार की इस साल की आखिरी कैबिनेट बैठक आज सचिवालय में संपन्न हुई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में 26 मामले प्रस्तुत किए गए। इस दौरान पुलिस के 4600 ग्रेड पे के मामले में कैबिनेट ने मुख्यमंत्री को अधिकृत किया। इसके साथ ही कई अन्य फैसलों पर भी मुहर लगी।

इन फैसलों पर लगी मुहर-
– पीआरडी के मामले में सीएम अधिकृत किया।
– अस्पतालों में ओपीडी शुल्क नहीं बढ़ेगा, सरकारी अस्पतालों में ओपीडी की पर्ची पर सालाना 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी नहीं होगी।
– राज्य के सभी महाविद्यालयों में हर विकासखंड के एक इंटर कॉलेज में 214 योग प्रशिक्षितों को आउट सोर्स पर लगाने का फैसला किया।
– वृद्धा एवं विधवा पेंशन को 1200 से बढ़ाकर 1400 रुपए किया।
– नियमित नियुक्ति से प्रभावित अतिथि शिक्षकों को उनके गृह जनपद में नियुक्ति दी जाएगी।
– महिला अतिथि शिक्षकों को मातृत्व अवकाश की मांग देय होगी।
– नगर निकायों की सीमा विस्तार के बाद विस्तारित क्षेत्र में कमर्शियल टैक्स के संबंध में सीएम को अधिकृत किया।
– नरेंद्रनगर में विधि संस्थान खोलने के लिए कैबिनेट की मंजूरी।
– वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना में अब पैसा सीधे लाभार्थी के खाते में जाएगा।
– हर जिले में डिस्ट्रिक टूरिज्म कमेटी बनाने का निर्णय लिया गया।
– नए महाविद्यालय में शिक्षकों के खाली पदों पर प्रधानचार्य 35 हजार रुपए प्रति माह पर अतिथि शिक्षकों की तैनाती कर सकेंगे।
– हड़ताल पर रहे मनरेगा कर्मचारियों को हड़ताल अवधि का वेतन मिलेगा। छुट्टियां एडजस्ट होंगी।

सीएम ने प्रदेशवासियों से अपील कर सहयोग मांगा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कोविड-19 एवं नये वेरिएंट ओमीक्रॉन के रोकथाम के संबंध में प्रदेश वासियों से अपील की है कि हम सभी भली भांति परिचित हैं कि कोविड-19 संक्रमण अभी पूरी तरह से गया नहीं है। कम मात्रा में ही सही किन्तु आज भी कोविड-19 से ग्रसित रोगी औसतन लगभग 30 से 50 की संख्या में प्रतिदिन रिपोर्ट हो रहे हैं। जबकि आज 88 मामले दर्ज हुए हैं। इस वायरस के नये स्वरूप निरन्तर ही हमारे लिये चिंता का विषय बने रहते हैं। इस स्थिति में भी हम सबको मिलकर पूर्ण जन सहयोग व पूरी शक्ति के साथ इस महामारी से लड़ना है, अपना एवं अपनों का बचाव करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस सम्बन्ध में अपनी तरफ से पूरी तैयारी कर रही है। कोविड-19 व उसके नये वेरिएंट ओमीक्रॉन को लेकर घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन इसकी रोकथाम हेतु सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। कोविड से बचाव के उपायों को हमें छोड़ना नहीं है वरन पूरी शिद्दत के साथ उसका पालन करना है।
मुख्यमंत्री ने अपील की है कि सभी लोग अनिवार्य रूप से मास्क लगाएं, साबुन पानी अथवा हैन्ड सेनीटाइज़र से हाथों को निरन्तर साफ करें भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें, सर्दी-जुकाम के लक्षण होने पर जांच करवायें एवं आस-पास के लोगों को भी जागरूक करें। उन्होंने कहा कि देश भर में कोविङ-19 के रोगियों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। उत्तराखण्ड राज्य में भी औसतन मामूली बढ़ोतरी दर्ज हुई है। कोविड को पुनः महामारी का रूप लेने से रोकने के लिये पूर्ण प्रयास किये जा रहे हैं।
राज्य में कुल तीन सौ दो (302) सक्रिय रोगी हैं। कुछ को प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों एवं अधिकांश लक्षणहीन रोगियों को होम आइसोलेशन में रखकर निगरानी करते हुये उपचार प्रदान किया जा रहा है। राज्य का रिकवरी रेट 95.98 प्रतिशत है। राज्य में कोविड-19 उपचार हेतु पर्याप्त आइसोलेशन ब्रेड ऑक्सीजन सपोर्ट बेड, आई०सी०यू० बेड, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सिलेंडर व ऑक्सीजन कॉन्सेन्ट्रेटर उपलब्ध है। साथ ही प्रदेश में इकहत्तर (71) ऑक्सीजन जनरेशन प्लान्ट कार्यशील है एवं सत्रह (17) ऑक्सीजन जनरेशन प्लान्ट स्थापना का कार्य गतिमान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य में कोविड-19 टीकाकरण में भी प्रबल रूप से कार्यवाही की गई है। वर्तमान में कोविड-19 टीकाकरण की प्रथम डोज 100 प्रतिशत लोगों को प्रदान की जा चुकी है व द्वितीय डोज भी यानि पूर्ण टीकाकरण 82 प्रतिशत लोगों को दिया जा चुका है। राज्य में दिनांक 3 जनवरी, 2022 से कोविड-19 टीकाकरण का अगला चरण 15 से 18 वर्ष (वर्ष 2007 या उससे पूर्व जन्मे) तक के समस्त बच्चों का वैक्सीनेशन एवं दिनांक 10 जनवरी, 2022 से स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं एवं फ्रंट लाइन वर्कर तथा 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग को मोर्बिडिटी वाले नागरिकों का वैक्सीनेशन किया जाएगा। 30 दिसम्बर, 2021 तक उत्तराखण्ड राज्य में चार (04) कोविड-19 ओमीक्रॉन वेरिएंट रोगी की पुष्टि हुई है। चारों ही रोगी अब कोविड मुक्त हैं एवं पूर्णतयः स्वस्थ हैं। ओमीक्रॉन को फैलने से रोकने के लिये सभी प्रयास किये जा रहे है। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि सभी प्रदेश वासियों के सम्मिलित सहयोग से हम इस नये वेरिएंट को फैलने से रोकने में सफल होंगे।

नया वर्ष राज्य के सभी नागरिकों के लिए उत्साह और उमंग लेकर आये-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी प्रदेशवासियों को नववर्ष 2022 की बधाई दी है। नववर्ष की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों के सुख, शांति व समृद्धि की कामना की है। आने वाला वर्ष हम सभी के जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में बहुत से ऐसे काम हुए हैं, जो कि पहले मुमकिन नहीं लग रहे थे। पिछले पांच वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा एक लाख करोड़ रूपए से अधिक की विभिन्न परियोजनाएं प्रदेश के लिए स्वीकृत हुई हैं। इनमें बहुत सी योजनाओं पर काम हो गया है या काम तेजी से चल रहा है। हमने कनेक्टिविटी को विकास का मूल मानकर कार्य किया है। पहाड़ पर रेल का जो स्वप्न उत्तराखण्ड की कई पीढ़ियां वर्षों से देख रहीं थीं वो भी अब साकार होता प्रतीत हो रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाईन और टनकपुर-बागेश्वर रेललाइन परियोजना भी इसी का उदाहरण है। केदारनाथ, बदरीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री की सड़क कनेक्टीवीटी में सुधार के लिए 889 किलोमीटर की चारधाम सड़क परियोजना पर काफी कुछ काम किया जा चुका है। जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जा रहा है। ऊधमसिंहनगर में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट विकसित किया जा रहा है। एक तरफ राज्य के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने का काम किया जा रहा है वहीं पर्यटन, रोजगार और पलायन जैसे विषयों पर भी ठोस रणनीति बना कर प्रो एक्टिव मोड़ में कार्य किये जा रहे हैं। हमारी होम स्टे योजना पर्यटन और पर्यटन केंद्रित रोजगार के क्षेत्र में नित नए आयाम स्थापित कर रही है। उत्तराखण्ड देवभूमि ही नहीं, वीरभूमि भी है। देहरादून में भव्य सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण कर इसे पहले से भी अधिक भव्यता प्रदान की गई। यहां परम पूज्य आदि गुरू शंकराचार्य की समाधि का पुनर्निर्माण किया गया। हाल ही में प्रधानमंत्री ने पांच हजार सात सौ सैंतालीस करोड़ रूपये की लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना का शिलान्यास किया। इस परियोजना से 300 मेगावाट जल विद्युत का उत्पादन होगा जिससे हमारा प्रदेश न केवल ऊर्जा के क्षेत्र में एक ’’पावर हाउस’’ बनेगा बल्कि हमारे यहां बड़े स्तर पर रोजगारों का सृजन भी होगा। साथ ही साथ इस परियोजना से 6 राज्यों को पीने का पानी भी उपलब्ध होगा। कुमाऊं संभाग में लगभग 500 करोड़ से अधिक की लागत से एम्स का सेटेलाईट सेंटर के प्रारम्भ होने के पश्चात उत्तराखण्ड भारत का वह पहला राज्य बन जाएगा जहां एम्स के अतिरिक्त एम्स का सेटेलाइट सेंटर भी स्थापित होगा। पहाड़ के दुर्गम क्षेत्रों तक उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के उद्देश्य से 455 करोड़ रुपये की लागत से पिथौरागढ़ में मेडिकल कॉलेज के निर्माण का मार्ग भी प्रशस्त हो गया है।
हमारी सरकार युवाओं के लिए समर्पित सरकार है। हमने 24 हजार सरकारी पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की है। राज्य की भर्ती परीक्षाओं में आवेदन शुल्क से राहत दी गई है। समूह-ख व ग के पदों पर चयन में अभ्यर्थियों को आयु सीमा में एक वर्ष की छूट दी गई है। संघ लोक सेवा आयोग, एन.डी.ए, सी.डी.एस एवं उसके समकक्ष लिखित परीक्षा पास करने पर परिवार की आर्थिक स्थिति के आधार पर अभ्यर्थी को साक्षात्कार की तैयारी के लिये 50 हजार रुपए की वित्तीय सहायता दी जा रही है। ऑनलाईन पढ़ाई को और सुगम बनाने के लिए राज्य के राजकीय स्कूलों के कक्षा 10 और 12 के छात्र-छात्राओं और गवर्नमेण्ट डिग्री कॉलेजों के छात्रों को टैबलेट के लिए डीबीटी द्वारा राशि उपलब्ध कराई जायेगी।
कोविड-19 की पहली और दूसरी लहर में हमारे कोविड-वारियर्स द्वारा सराहनीय काम किया गया। प्रोत्साहन व सम्मान राशि द्वारा हमारी सरकार ने इनके मनोबल को बढ़ाने का काम किया है। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद हमने कोविड से प्रभावित लोगों को जितना सम्भव हो सकता है, राहत पहुंचाने की पूरी कोशिश की है। प्रदेश में कोविड-19 से प्रभावित पर्यटन, परिवहन व संस्कृति क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए लगभग 200 करोड़, चिकित्सा क्षेत्र के लिए 205 करोड़ जबकि महिला स्वयं सहायता समूहों और राज्य सरकार की स्वरोजगार योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों को 118 करोड़ रूपए का कोविड राहत पैकेज दिया जा रहा है। लाभार्थियों के खातों में डीबीटी द्वारा राहत राशि पहुंचनी भी शुरू हो गई है। प्रदेश में कोविड से प्रभावित परिवारों के निराश्रित बच्चों को वात्सल्य योजना का सहारा दिया गया है। ऐसे बच्चों को 21 वर्ष की आयु तक 3000 रुपये प्रति माह दिये जायेंगे। राज्य सरकार इन बच्चों का एक अभिभावक की तरह पूरा संरक्षण करेगी।
प्रधानमंत्री की प्रेरणा से दुनिया का सबसे बड़ा कोविड वैक्सीनेशन अभियान ‘सबको वैक्सीन-मुफ्त वैक्सीन’ देश में संचालित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड पूर्ण रूप से पात्र लाभार्थियों को कोविड-19 वैक्सीन की प्रथम डोज लगाये जाने वाला राज्य बन गया है। शत प्रतिशत दूसरी डोज का लक्ष्य भी जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा। हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। प्रत्येक जिले में आक्सीजन प्लांट प्रारम्भ किए गए हैं। हमने राज्य में निशुल्क जांच योजना प्रारम्भ की है। इसके तहत मरीजों को 207 प्रकार की पैथेलॉजिकल जांचों की निशुल्क सुविधा मिल रही है। आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना में 44 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री जी के ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान को आगे बढ़ाते हुए हमने मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना की शुरूआत की है। इसके तहत प्रथम दो बालिकाओं के जन्म पर माता और नवजात कन्या शिशु को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट उपलब्ध कराई जा रही है। हमारी सरकार ने आंगनबाड़ी बहनों के मानदेय में बढ़ोतरी की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने हर विभाग से अगले दस साल का रोड मैप मंगवाया है, ताकि हम भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप राज्य के विकास का खाका खींच सकें। उत्तराखण्ड को लेकर हमारी नीति और नीयत दोनों ही स्पष्ट हैं, ईमानदार हैं। जिस विकास पथ पर अपना उत्तराखण्ड बढ़ चला है, हमें इस यात्रा को रुकने नहीं देना है। हमने अपने प्रदेश को, राज्य की रजत जयंती वर्ष 2025 तक भारत का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 2 वर्षों में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में कोविड से सफलापूर्वक लड़ाई लड़ी है। अभी भी हमें सावधानी बरतनी है। पूरे विश्व ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में कोविड से निपटने के लिये किये गये कार्यों की सराहना की है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से नये वर्ष का उत्सव मनाते समय कोविड गाइडलाइन का पालन करने की अपील की है।

उत्तराखंड में बीजेपी नेताओं को बड़ा संदेश दे गए मोदी

हल्द्वानी में पीएम मोदी ने गुरुवार को उत्तराखंड को 17,500 करोड़ रुपए की 23 परियोजनाओं का तोहफा दिया तो विधानसभा चुनाव से पहले कई राजनीतिक संदेश भी दे गए। कार्यक्रम के दौरान ना सिर्फ उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की तारीफ की, बल्कि सीएम के कंधे पर हाथ रखकर शाबासी भी दी। पीएम मोदी संग धामी की इस तस्वीर के सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि पीएम मोदी ने जिस तरह यूपी में योगी के कंधे पर हाथकर पार्टी में मुख्यमंत्री के खिलाफ गुटबाजी में जुटे नेताओं को संदेश दिया था, कुछ उसी तरह का मैसेज उन्होंने उत्तराखंड में भी बीजेपी नेताओं को दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देहरादून में आयोजित जनसभा के बाद गुरुवार को हल्द्वानी में हुई जनसभा के दौरान भी एक बार फिर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की तारीफ की। सेना के हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर में बैठने से पहले पीएम मोदी ने सीएम धामी के कंधे पर हाथ रखकर शाबासी दी और उनके अंगुली के फ्रैक्चर की सुध लेते हुए अपने हाथ का ख्याल रखने की बात भी कही। यहां एमबी इंटर कॉलेज के मैदान में आयोजित रैली में पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड की खुलकर मदद करने के लिए पीएम का आभार व्यक्त किया। सीएम धामी ने कहा कि उनकी सरकार जिस तेजी से विकास कार्य कर रही है और जनहित के निर्णय ले रही है, उसके पीछे प्रधानमंत्री मोदी का मार्गदर्शन और केंद्र से उत्तराखंड को निरंतर मिल रही मदद खास वजह है।
यहीं नही मोदी ने ताली बजाकर सीएम के भाषण को सराहा। पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में 2017 के विधानसभा चुनाव में बहुमत हासिल करने के बाद भी बीजेपी का सफर आसान नहीं रहा है। बीजेपी को 5 साल में तीन चेहरों पर दांव खेलना पड़ा। पहले त्रिवेंद्र रावत और फिर तीरथ सिंह रावत के बाद पुष्कर सिंह धामी को चेहरा बनाया गया। उत्तराखंड के सबसे युवा मुख्यमंत्री के तौर पर धामी के लिए पार्टी को एकजुट रखना भी चुनौती है। हाल ही में कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत की नाराजगी की खबर सामने आई थी। बताया जा रहा है कि हरक अपने इस्तीफे की पेशकश कर चुके थे, लेकिन धामी डैमेज कंट्रोल में कामयाब रहे।