बाइक और मोबाइल की लूट करने वाले युवक गिरफ्तार

कोतवाली पुलिस ने बाइक और मोबाइल लूट के आरोप में ऋषिकेश के दो युवकों को गिरफ्तार किया है। जिन्हें कोर्ट में पेश करने के बाद पुलिस ने जेल भेज दिया है।
कोतवाली पुलिस के मुताबिक, मंगलवार को राजेश कुमार पुत्र गंगाराम निवासी गली नंबर 14 शीशमझाड़ी, मुनिकीरेती ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि निर्मल आश्रम के पास से दो अज्ञात युवकों ने उनकी बाइक और मोबाइल लूट लिया है। जिसके बाद पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर संबंधित धारा में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मामले में बुधवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने जयराम आश्रम तिराहे से दो युवकों को बाइक के साथ गिरफ्तार कर लिया। कोतवाल रवि सैनी ने बताया कि हत्थे चढ़े युवकों की पहचान सुजल जाटव पुत्र देवेंद्र जाटव निवासी जाटव बस्ती, ऋषि प्रसाद पुत्र भुलाई प्रसाद निवासी चंद्रेश्वर नगर ऋषिकेश के रूप में हुई है। बताया कि दोनों को कोर्ट ने जेल भेज दिया है। पुलिस टीम में उप निरीक्षक शिव प्रसाद डबराल, कांस्टेबल संदीप छाबड़ी, सचिन कुमार शामिल रहे।

स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में 50 से अधिक लोगों ने किया रक्तदान

ऋषिकेश के वरिष्ठ व्यापारी एवं समाजसेवी रहे यशपाल अग्रवाल की स्मृति में व्यापार सभा भवन में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। शिविर में 50 से अधिक लोगों ने रक्तदान किया।
प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल और यशपाल अग्रवाल चौरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित शैक्षिक रक्तदान शिविर में लोगों ने बढ़ चढ़कर रक्तदान किया। शिविर का आयोजन एम्स अस्पताल के डॉक्टरों की टीम एवं मेडिकल स्टाफ की निगरानी में किया गया।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के संस्थापक यशपाल अग्रवाल ने जीवन पर्यंत व्यापारियों के हितों के लिए अपनी आवाज बुलंद की। अग्रवाल ने कहा कि विभिन्न संगठनों से जुड़कर पदों पर रहकर उन्होंने समाज के हित में कई महत्वपूर्ण कार्य किए।
वहीं, विधानसभा अध्यक्ष ने कहा की रक्त का कोई विकल्प नहीं है। दूसरों के जीवन को बचाने के लिए रक्तदान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि रक्तदान से बड़ा महादान कुछ भी नहीं है। अग्रवाल ने समाज में इस प्रकार के कार्य करने वाले विभिन्न संगठनों की भी सराहना की।
इस दौरान प्रांतीय उद्योग मंडल के चेयरमैन अनिल गोयल, व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष नरेश अग्रवाल, जिला महामंत्री सचिन गर्ग, ऋषिकेश व्यापार मंडल के अध्यक्ष ललित मोहन मिश्रा, महामंत्री प्रतीक कालिया, हर गोपाल अग्रवाल, सुभाष कोहली, नवल कपूर, गोपाल नारंग, जितेंद्र अग्रवाल, मनोज कालरा, ललित जिंदल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

एसवीएम इंटर कॉलेज ने वार्षिक उत्सव मनाया

ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आवास विकास स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के वार्षिक उत्सव और सम्मान समारोह का शुभारंभ विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने प्रतिभावान छात्र-छात्राओं एवं विभिन्न क्षेत्र में अपना विशेष योगदान देने वाले विशिष्टजनों व पूर्व सैनिकों को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इसके अलावा अग्रवाल ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले 126 छात्र-छात्राओं को अध्यक्ष विवेकाधीन कोष से एक-एक हजार रूपये देने की घोषणा भी की।
आयोजित कार्यक्रम के दौरान स्कूल के छात्र-छात्राओं द्वारा रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। वहीं स्कूल के प्रधानाचार्य द्वारा साल भर का स्कूल का लेखा-जोखा रखा गया। अग्रवाल ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सम्मान एवं पुरस्कार प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं को उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए शुभकामनाएं दी।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि किसी भी स्कूल का वार्षिक उत्सव समारोह उस संस्था की एक महत्वपूर्ण पहचान है। इस समारोह के दौरान संस्था के अंदर जो भी क्रियाकलाप एवं गतिविधियां पूरे साल के भीतर आयोजित की जाती है उनका उल्लेख होता है। अग्रवाल ने कहा कि सभी बच्चे हमारे कल के कर्णधार है। सभी अच्छा पढ़ लिखकर भारत के सहयोगी नागरिक बने इसके लिए बच्चों को संस्कारवान और अच्छे माहौल में उनकी परवरिश करने की आवश्यकता है। बेहतर कल के लिए बच्चों का आज सुरक्षित होना आवश्यक है एवं बच्चों के संतुलित और समग्र विकास से ही हम देश और समाज को खुशहाल बना सकते हैं।
विधानसभा अध्यक्ष ने उपस्थित छात्र छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि कोशिश करने वालों की हार नहीं होती और जो हार नहीं मानता, वही सफलता प्राप्त करके आगे बढ़ता है। निरन्तर आगे बढ़ने वाले ही जीवन में सफल होते हैं। उन्होंने शिक्षकों से भी आह्वान किया कि पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी से अपने कर्त्तव्य का निर्वहन करें।
इस अवसर पर प्रदेश निरीक्षक विजय पाल, महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर पंकज पंत, सत्य प्रसाद बंगवाल, प्रदेश निरीक्षक विनोद रावत, प्रधानाचार्य कुंज बिहारी भट्ट, प्रधानाचार्य रजनी रावत, प्रधानाचार्य शिशुपाल सिंह रावत, प्रधानाचार्य सुरेंद्र नेगी, प्रधानाचार्य पूनम अनेजा, पुरुषोत्तम बिजलवान, राकेश शर्मा, प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रसाद पांडे, सुशील अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य संजीव, महेंद्र सिंह, रामगोपाल रतूड़ी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

खटीमा में सुरई ईकोटूरिज्म जोन में जंगल सफारी का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में सुरई ईकोटूरिज्म जोन में जंगल सफारी का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने जंगल सफारी भी की। सुरई ईकोटूरिज्म जोन प्रदेश का पहला ऐसा ईकोटूरिज्म जोन है, जहां पर्यटक जंगल सफारी का लुत्फ उठा सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खटीमा व आसपास के क्षेत्र को पर्यटन मानचित्र में ऊंचा स्थान दिलाना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है। जैव विविधता और वन्य जीवों की मौजूदगी वाले तराई पूर्वी वन प्रभाग को योजनाबद्ध तरीके से विकसित कर उसके सुरई वन क्षेत्र को इको टूरिज्म जोन के रूप में तब्दील किया जाएगा, ताकि यहां के प्राकृतिक सौन्दर्य का उपयोग स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार मुहैया करवाने में किया जा सके।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वन कानून की जटिलताओं के कारण वनों के आसपास रहने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जिसमें उनकी खेती भी प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि इस कठिनाई को समझते हुए हमने निर्णय लिया है कि वन और वन्य जीवों को आर्थिकी से जोड़ते हुए स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर मुहैया करवाए जाएंगे। इसी सोच के साथ हमने बीते 1 अक्टूबर 2021 को सीएम यंग ईकोप्रिन्योर योजना देहरादून में लॉच की थी। इस योजना का क्रियान्वयन शुरू कर दिया गया है। शुरुआत के तौर पर खटीमा में सुरई ईकोटूरिज्म जोन विकसित कर उसमें जंगल सफारी प्रारम्भ की जा रही है। ग्राम समितियों के जरिए इस योजना का संचालन किया जाएगा। जंगल सफारी शुरू होने से जिप्सी मालिक, चालक और गाइड के रूप में स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। इसके लिए वन विभाग ने 30 जिप्सी संचालकों के साथ करार किया है। गाइड की भूमिका का सही निर्वहन करने के लिए कई युवकों को वन विभाग इसका प्रशिक्षण दे चुका है। सुरई ईकोटूरिज्म जोन में पर्यटकों की आमद से स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। पूरे प्रदेश में इस योजना को विस्तार दिया जाएगा ताकि वनों, वन क्षेत्रों और वन्य जीवों को हम अपनी कमजोरी नहीं ताकत बना सकें। उन्होंने कहा कि सीएम यंग ईको प्रिन्योर स्कीम के अंतर्गत नेचर गाइड, ड्रोन पायलट, वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर, ईकोटूरिज़्म, वन्यजीव टूरिज़्म आधारित कौशल को उद्यम में परिवर्तित किया जाएगा।

सुरई ईकोटूरिज्म जोन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की थी कि सुरई वनों की समृद्ध जैव विविधता को देखते हुए इसे क्षेत्र को सुरई इको टूरिज्म जोन (सुरई पारिस्थितिकी पर्यटन क्षेत्र) का स्वरूप प्रदान किया जाएगा। इसके दो लाभ होंगे पहला यह कि जनसहभागिता सुनिश्चित करते हुए जैव विविधता के धनी इसे क्षेत्र को संरक्षित किया जाएगा और दूसरा, इसके वन मार्गों को जंगल सफारी के लिए विकसित किए जाने से यहां रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। वन विभाग ने मुख्यमंत्री की इस घोषणा पर काम करते हुए सुरई वन क्षेत्र के वन मार्गों को जैव विविधता ट्रेल के रूप में विकसित कर दिया है। यह क्षेत्र 180 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। जिसके सीमा में पूर्व दिशा में शारदा सागर डैम, पश्चिम में खटीमा नगर, उत्तर में मेलाघाट रोड तथा दक्षिण में पीलीभीत टाइगर रिजर्व क्षेत्र सटा हुआ है। प्राकृतिक रूप से बेहद खूबसूरत इस वन क्षेत्र में साल के वृक्षों, चारागाह और पानी की प्रचुर मात्रा है। इन तमाम वजहों से यहां बाघों की आवाजाही बनी रहती है। इसके अलावा स्तनधारी जानवरों की लगभग 125, पक्षियों की 150 से अधिक और सरीसृपों को तकरीबन 20 प्रजातियां भी इस वन क्षेत्र में पाई जाती हैं। यहां के वन मार्गों को विकसित कर लगभग 40 किलोमीटर का ट्रेल जंगल सफारी के लिए तैयार कर लिया गया है, जिसमें जिप्सी में बैठकर पर्यटक दुर्लभ वन्य जीवों (रॉयल बंगाल टाइगर, भालू, चीतल, सांभर, काकड़, पैंगोलिन, कोरल सांप, पांडा आदि) का दीदार करने के साथ ही सुरम्य जंगलों, घास के मैदानों, प्राचीन शारदा नहर और सुन्दर तालाबों का लुत्फ उठा सकेंगे।

सीएम ने 7162 लाख रुपये की विकास योजनाओं की सौगात दी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को चकरपुर, खटीमा में 489.77 लाख की लागत से विधानसभा क्षेत्र नानकमत्ता में चंदेली ग्राम समूह पेयजल योजना, 332.26 लाख की जंगल जोगीठर ग्राम समूह पेयजल योजना, 262.51 लाख की हरैय्या ग्राम समूह पेयजल योजना, 492.94 लाख रुपए लागत की झनकट में ग्राम समूह पेयजल योजना, 385.67 लाख की विधानसभा क्षेत्र खटीमा में खेतलसंडा मुस्ताजर ग्राम समूह पेयजल योजना, 306.21 लाख रुपए की नानकमत्ता में ड्योढ़ी ग्राम समूह पेयजल योजना, 435.91 लाख रुपए की बरकी डाडी में समूह पेयजल योजना, 485.14 लाख के खिलड़िया बगूलिया ग्राम समूह पेयजल योजना, 441.17 लाख के ग्रागी ग्राम समूह पेयजल योजना, विधानसभा क्षेत्र खटीमा के ग्राम गोसीकुआँ में 494.96 लाख की लागत से ग्राम समूह पेयजल योजना, 358.91 लाख से राजस्व पुलिस उपनिरीक्षक एंव राजस्व निरीक्षक हेतु पुरानी तहसील में कार्यालय भवन का निर्माण एंव भवन निर्माण, 490.21 लाख से राजस्व पुलिस उपनिरीक्षक एंव राजस्व निरीक्षक हेतु आवासीय भवन का निर्माण, 39.69 लाख से बिलहरी चकरपुर के आंतरिक मार्ग में इंटरलॉकिंग टाइल्स द्वारा निर्माण कार्य, 57.89 लाख की लागत से नगला तराई मेन बाजार व प्राइमरी स्कूल से जूनियर हाईस्कूल तक इंटरलॉकिंग टाइल्स द्वारा मार्ग निर्माण, 999.20 लाख रुपए से खटीमा के अंतर्गत एनएच 125 के दिये एंव बाए 25-25 कुल 50 किमी मार्गों का पुनः निर्माण (हॉटमिक्स द्वारा) भाग-2, 964.20 लाख रुपए से खटीमा के अंतर्गत एनएच 125 के दिये एंव बाए 25-25 कुल 50 किमी मार्गों का पुनः निर्माण (हॉटमिक्स द्वारा) भाग-1, 125.65 लाख की लागत से खटीमा शहर के प्रमुख मार्ग सितारगंज रोड, टनकपुर रोड, मेलाघाट रोड में बाढ़़ सुरक्षा हेतु आरसीसी नाली निर्माण कार्य का शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दौरान सभा को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड के साथ ही खटीमा विधानसभा का चौमुखी विकास कर रही है, यदि आज वे मुख्य सेवक की भूमिका में हैं तो इसका श्रेय खटीमा की जनता को जाता है। नामुमकिन से लगने वाले स्टेडियम का भूमि पूजन हो रहा है, यह विकास का जीता जागता उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा बनखंडी महादेव एवं मां पूर्णागिरि के आशीर्वाद से इस स्टेडियम के स्वीकृति हेतु कोई भी बाधा नहीं आई और वे लगातार आगे भी इस स्टेडियम के विकास हेतु प्रयास करते रहेंगे। उन्होंने इन 5 महीनों का कार्यकाल उत्तराखण्ड के भाइयों-बहनों की सेवा हेतु समर्पित किया है। सभी घोषणाओं के वित्तीय प्रबंधन के साथ-साथ उन को धरातल में उतारने का कार्य किया है। राज्य सरकार ने महाराणा प्रताप खेल विश्वविद्यालय बनाने की घोषणा की थी जिसे कैबिनेट के द्वारा स्वीकृति मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि वे पहले से ही योजना बनाकर चल रहे हैं कि जो भी घोषणा उनके द्वारा की जाय वह धरातल पर अवश्य उतरेगी। सरकार द्वारा समाज के हर वर्गों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं चलाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए राज्य में नई खेल नीति लाई गई है। प्रत्येक घोषणा के लिए पूर्व सुनियोजित तरीके से वित्तीय खर्च का प्रबंधन किया जा रहा है, जिससे हमारी सारी घोषणाएं धरातल पर उतर रही हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय से चली आ रही मांगों को देखते हुए पी.आर.डी जवानों उपनल कर्मियों , ग्राम प्रधानों , आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों , भोजन माताओं का मानदेय बढ़ाने का कार्य किया गया है, मानदेय बढ़ाना सिर्फ धनराशि देना नहीं है बल्कि यह हमारी भावना है आप लोगों के प्रति और आपके सेवा भाव के प्रति। उन्होंने कहा कि हमारा एक-एक पल, एक-एक क्षण राज्य राज्य की 125 लाख की जनता को समर्पित है।

सीएम ने किया खटीमा में सैनिक मिलन केन्द्र और सीएसडी कैंटीन का भूमि पूजन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में 162.26 लाख की लागत से बन रहे सैनिक मिलन केंद्र एवं 7 करोड़ 15 लाख की लागत से बन रहे सीएसडी कैंटीन का भूमि पूजन किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने खटीमा के ग्राम देवकला बनमुड़िया नाले में बाढ़ सुरक्षा कार्य किए जाने, ग्राम देवरी बाबा दरियानाथ प्रांगण में बहुउद्देशीय भवन निर्माण, ग्राम बिगराबाग, देवरी में आन्तरिक सी०सी० मार्ग निर्माण, नगर पालिका क्षेत्र खटीमा एल्केमिस्ट रोड वार्ड न० 12 आन्तरिक सी०सी० मार्ग निर्माण, सितारगंज रोड क्रॉसिंग से 4-। नहर बाई पटरी में 2 किलोमीटर तक मार्ग निर्माण, सितारगंज रोड परिहार मेडिकल स्टोर से आनंद आर्या के घर तक नाली व सी०सी० मार्ग निर्माण, ग्राम मझोला गाँव में झील से लेकर पोलीगंज की ओर 3 कि०मी० बड़े नाले का निर्माण, एवं खेतलखण्डा खाम वार्ड न. 12 पंचधाम कॉलोनी में मंदिर निर्माण किए जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कार्यदायी संस्था के अभियंताओं को निर्देशित करते हुए कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए तथा निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ किए जाएं। उन्होंने कहा कि सैनिक मिलन केंद्र तथा सीएसडी कैंटीन का डिजाइन भव्य व आकर्षक होना चाहिए। सीएसडी कैंटीन के खोलने हेतु स्वर्गीय जनरल विपिन रावत जी द्वारा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई थी, हम स्वर्गीय रावत जी को नमन करते हैं। उन्होंने सीएसडी कैंटीन निर्माण की मांग को सहजता और सरलता से स्वीकार करते हुए कार्य किया था। उन्होंने कहा कि जनरल रावत राज्य कि शान व सैनिकों की जान थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें आलोचनाओं से आगे बढ़ने तथा लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु शक्ति मिलती है। उन्होंने कहा कि किसी को भी आलोचनाओं से घबराए बिना अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ते रहना चाहिए। इस दौरान उन्होंने सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

उत्तराखंड में सरफ़ेस हाइड्रो कायनेटिक परियोजना का शुभारम्भ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पवलगढ में सरफ़ेस हाइड्रो कायनेटिक परियोजना का शुभारम्भ किया। यह परियोजना पूर्ण रूप से स्वदेशी तकनीक पर आधारित है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विकास खण्ड कोटाबाग के पवलगढ में कहा कि देव भूमि उत्तराखंड सम्पूर्ण विश्व में अपने परम पावन चार धाम, माँ गंगा, जिम कॉर्बेट तथा हमारे राज्य की विशिष्ठ परम्पराओं, धार्मिक संस्कृति के लिए जाना जाता है। उन्होने कहा कि इस कार्यक्रम के बाद, उत्तराखंड सम्पूर्ण विश्व में पूर्ण स्वदेशी सरफ़ेस हाइड्रो कायनेटिक टरबाइन तकनीक का प्रथम उपयोगकर्ता के रूप में भी जाना जाएगा जो की मेरे साथ-साथ समस्त उत्तराखंडियों के लिए एक गर्व का विषय है। आज रामनगर वन प्रभाग में ऊर्जा उत्पादन की जो तकनीक संचालित हो रही है वो 100 प्रतिशत पर्यावरण प्रदूषण मुक्त है तथा छोटी से छोटी पहाड़ी गूल से लेकर उत्तराखंड से निकलने वाली बड़ी से बड़ी नदियों से बिना कोई बांध बनाए या पानी को रोके चौबीसों घंटे, सातों दिन, बारह महीने सतत विद्युत् उत्पादन, न्यूनतम लागत में करने में सक्षम है। उन्होने कहा कि मुझे बताया गया है कि मेकलेक पिछले 8 वर्षों से उत्तराखंड में कार्यरत है एवं उनके अनुसार उत्तराखंड की नदियों तथा प्रवाहित जल धाराओं से लगभग 1500 मेगावाट विद्युत का उत्पादन उनके द्वारा निर्मित स्वदेशी सरफ़ेस हाइड्रो कायनेटिक तकनीक के माध्यम से किया जा सकता है क्योकि भारत की अधिकांश बारहमासी नदियों का उद्गम उत्तराखंड से ही होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उतराखंड सरकार ने युवाओं को स्वरोज़गार के लिए प्रेरित करने का हर सम्भव प्रयास किया है और ऐसी अनेकों अनुकरणीय योजनाओं का आरंभ किया है उसी के परिणाम स्वरूप उत्तराखंड का युवा आज कुछ अलग करने के जज्बे से मेहनत कर रहा है जिसका ही एक जीवंत उदाहरण आज हमारे बीच में है। उन्होंने कहा कि 15 किलोवाट विद्युत उत्पादन की सरफ़ेस हाइड्रो कायनेटिक परियोजना जिसका संचालन पवलगढ़ के ऐतिहासिक 111 वर्ष पुराने वन विश्राम भवन के प्रांगण में हुआ है, यह कोई साधारण जल विद्युत परियोजना का आरंभ मात्र नहीं है, यह देश के दो युवा वैज्ञानिकों नारायण तथा बलराम भारद्वाज की लगभग दस वर्षों के अथक परिश्रम से निर्मित पूर्णतः स्वदेशी तकनीक के माध्यम से नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक नए युग का आग़ाज़ है और मुझे पूर्ण विश्वास है कि वन विभाग उत्तराखंड सरकार के सहयोग से प्रारम्भ हुआ यह नवीन ऊर्जा का युग यहाँ रुकने वाला नहीं है। देश के हर राज्य के साथ-साथ सम्पूर्ण विश्व की सरकारें उत्तराखंड सरकार की इस पहल का अनुसरण करते हुए बिना किसी पर्यावरण प्रदूषण तथा नदियों एवं वन्य जीवन को बचाते हुए इस स्वदेशी तकनीक का उपयोग कर 100 प्रतिशत ग्रीन एनर्जी उत्पादित करने की योजना पर कार्य प्रारम्भ करेगी। उन्होने कहा कि पवलगढ़ में ही देख लीजिए, यह जो छोटी सी गूल यहाँ से बैल पड़ाव जा रही है ना जाने कितने किसानो के खेतों से हो कर जा रही है। अगर ऐसी छोटी-छोटी टरबाइन उस हर किसान को दे दी जाए जिसका खेत ऐसी नहर या नदी के आस-पास है तो में आशा करता हूँ वो हर किसान ऊर्जा के लिए आत्मनिर्भर हो जाएगा। हमारी सरकार, देश के यशस्वी प्रधान सेवक नरेंद्र भाई मोदी के “सबका साथ-सबका विकास” के सपने को साकार करने का हर संभव प्रयास उत्तराखंड की जनता के लिए करती आयी है और आगे भी करती रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार उत्तराखंड के मेरे किसान भाइयों तथा उन सभी पहाड़ी गावों के लिए इस स्वदेशी टरबाइन तकनीक का उपयोग कर एक ऐसी ऐतिहासिक योजना ले कर आएगी जिस से हर किसान के पास खुद का पावर प्लांट होगा और “हर किसान को पानी, हर घर को बिजली” उत्तराखंड राज्य की स्थापना से ले कर आज तक की सबसे कम दरों पर उपलब्ध होगा। मेरा मानना है कि सस्ती तथा अनवरत ऊर्जा की उपलब्धता हर क्षेत्र के विकास के लिए सबसे अहम संसाधन है। इसलिए आगामी योजनाओं में हमारी सरकार पहाड़ी गावों में भी नवीन उद्योगों का मार्ग प्रशस्त करने और रोज़गार के नवीन अवसर उत्पन्न करने के लिए “हर उद्यम के लिए सुगम ऊर्जा” योजना का प्रारूप तैयार करने के लिए कार्य करेगी जिसमें इस स्वदेशी तकनीक का भी समुचित उपयोग किया जाएगा। उन्होने कहा कि इस स्वदेशी तकनीक से उत्तराखंड वन विभाग को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक डॉ पराग मधुकर धकाते की पहल का में स्वागत करता हूँ ओर आशा करता हूँ कि वन विभाग उत्तराखंड इस तकनीक का उपयोग वन विभाग के अंतर्गत उन सभी स्थानो पर करेगा जहां इस तरह की बहती हुई जल धारायें उपलब्ध है। मेने ये अनुभव किया है कि उत्तराखंड के वनों में लगने वाली आग का एक बड़ा कारण जंगलों से हो कर जाने वाली बिजली की खुली तारों से हुए शॉर्ट सर्किट भी हो सकता है। आस पास की छोटी बड़ी नदियों नहरों से स्थानीय रूप से ही पर्यावरण तथा वन्य जीवों को बिना कोई नुक़सान पहुँचाये विद्युत उत्पादन की उत्तराखंड वन विभाग की यह पहल पूरी दुनिया के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत करेगी और जंगलों से जाने वाली बिजली की तारों का उपयोग सीमित करेगी जिस से वन विभाग का राजस्व बचेगा, जंगल आग से बचेंगे और जंगली जानवर तथा वन कर्मी करेंट लगने के ख़तरे से बचेंगे। इस ऐतिहासिक विश्व प्रथम स्वदेशी सूक्ष्म जल विद्युत परियोजना को मूर्तरूप देने की दिशा में अपना सहयोग देने के लिए में समस्त मेकलेक टीम के साथ-साथ मुख्य वन संरक्षक (कुमाऊँ) तेजस्विनी पाटिल, वन संरक्षक (हल्द्वानी सर्कल) दीपचंद आर्या, प्रभागीय वन अधिकारी चंद्र शेखर जोशी, रेंज अधिकारी (देचौरी रेंज) ललित जोशी एंव समस्त वन कर्मियों को बधाई देता हूँ। जनप्रतिनिधियों व जनता द्वारा मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी दिए गए। इसके उपरान्त मुख्यमंत्री द्वारा विश्राम गृह लाइब्रेरी का भी निरीक्षण किया।

राज्य के तीन पुलों का राजनाथ सिंह ने वर्चुअली लोकर्पण किया

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चार राज्यों व दो केंद्र शासित प्रदेशों में बीआरओ द्वारा निर्मित 24 पुल और तीन सड़कों का वर्चुअल लोकार्पण किया। इनमें उत्तराखण्ड में तीन पुल शामिल हैं। उत्तराखंड में तवाघाट-घतिया बगड़ को जोड़ने वाला घस्कू पुल, जौलजीबी मुनस्यारी को जोड़ने वाले गौरी गाढ पुल, सेमली ग्वालदम को जोड़ने वाला बदामगढ़ पुल का उद्घाटन किया गया। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी कार्यक्रम में वर्चुअल प्रतिभाग किया।
रक्षा मंत्री ने बधाई देते हुए कहा कि बीआरओ की सड़कें, टनल और पुलों ने आज स्थानों के बीच की दूरी और समय बहुत कम कर दिया है। यानि सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़े लोग दिल के पास तो हैं ही, दिल्ली के पास भी हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास की जरूरतों का केंद्र ने ध्यान रखा है। आज देश में इंफ्रास्ट्रक्चर और उसके माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, गरीबी उन्मूलन आदि के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। बीआरओ भी इसमें अपना योगदान दे रहा है। दूरदराज और सीमावर्ती इलाकों में सड़क, टनल, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे का निर्माण कर राष्ट्र की प्रगति में बीआरओ महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रहा है। शून्य से नीचे के तापमान और अत्यधिक ऊंचाई की अनेक चुनौतियों के बावजूद बीआरओ कार्मिकों के धैर्य, दृढ़ संकल्प और कर्मठता ने ऐतिहासिक काम कर दिखाया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कें न केवल सामरिक जरूरतों के लिये होती हैं, बल्कि राष्ट्र के विकास में, दूरदराज के क्षेत्रों की भी बराबर भागीदारी सुनिश्चित करती हैं। इस तरह ये पुल, सड़कें और सुरंगें हमारी सुरक्षा और सम्पूर्ण राष्ट्र को सशक्त करने में अपनी अहम भूमिका निभाती हैं। आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत देश के सीमावर्ती क्षेत्रों के 75 स्थानों पर बीआरओ कैफे स्थापित किये जाएंगे।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बीआरओ द्वारा निर्मित सड़कें और पुल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के विजन को पूरा करते हैं। उन्होंने कहा उत्तराखण्ड और यहाँ के सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को इसका लाभ मिलेगा। उत्तराखण्ड के सीमांत क्षेत्रों के विकास में बीआरओ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

रोजगार मेले में मुख्यमंत्री ने 42 युवाओं को दिए नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत एवं संसदीय कार्य, शहरी विकास मंत्री बंशीधर भगत ने संयुक्त रूप से वृहद कौशल एवं सेवायोजन रोजगार मेले का दीप प्रज्वलित कर शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 42 युवाओं एवं युवतियों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किये।
कौशल रोजगार मेले मे जनपदों से आये युवाओं एवं युवतियों को सम्बोधित करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी युवा ऊर्जावान हैं। युवा जिन क्षेत्रों में जायें वहां आपका नेतृत्व हो यही हमारी कामना है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा पूरे प्रदेश के जनपदों में रोजगार मेले का आयोजन लगातार किया जा रहा है। इन मेलों से युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे है। रोजगार मेले के लिए प्रदेश के बेरोजगार युवा घर बैठे पंजीकरण करा सकते है। मुख्यमंत्री ने कहा सरकार का मुख्य उद्देश्य रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार को बढाना है। उन्होंने कहा प्रदेश मे 3700 होम स्टे पंजीकृत हैं जिसके अन्तर्गत 8000 युवा एवं युवतियों को स्वरोजगार मिल रहा है। उन्होंने कहा प्रदेश मे लम्बे समय से पुलिस विभाग की भर्तियां नहीं निकली थी, सरकार ने 1764 पुलिस की भर्तियां निकाल दी हैं इसके साथ ही सभी विभागों की भर्तियां प्रारम्भ हो चुकी है। उन्होने कहा जिन विभागों में पद रिक्त है जल्दी से जल्दी भरने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा सरकार रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार के लिए वीर चन्द्र गढ़वाली योजना में धनराशि को 25 लाख तक बढ़ाने का प्रावधान किया है साथ ही होमस्टे में और सब्सिडी बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होने कहा सरकार ने सरकारी नौकरियों के लिए एक वर्ष की आयु सीमा बढ़ा दी है तथा प्रदेश में परीक्षा के फार्म के आवेदन शुल्क भरने के लिए आवेदक को कोई शुल्क नहीं देना होगा इसके साथ ही आईएएस, पीसीएस, एमबीबीएस, लोक सेवा आयोग की तैयारियों हेतु जो बच्चे प्री-क्वालीफाई कर देते है उन्हें आगे की तैयारियों हेतु 50 हजार रूपये सरकार द्वारा दिये जा रहे है।
मुख्यमंत्री ने कहा वोकल फॉर लोकल के लिए हमारी सरकार कटिबद्ध है। सरकार इसके लिए क्षेत्रीय उत्पादों को बाजार तक लाने के लिए स्वयं सहायता समूहों के द्वारा इसको बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के सभी युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ा जायेगा इसके लिए सरकार कृत संकल्प है।
एचएन इन्टर कॉलेज मे वृहद कौशल एवं सेवायोजन मेले में प्रदेश की 35 कंपनियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। रोजगार मेले में विभिन्न जनपदों से आये 1150 युवा एवं युवतियों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया। इस अवसर पर तीन कम्पनियों द्वारा 162 युवाओं का वर्चुअल ऑनलाइन इंटरव्यू कर 7 लोगों की नियुक्ति दी गई।
इसके उपरांत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने होटल क्रिस्टल परिसर में बतौर मुख्य अतिथि दीप प्रज्वलित करते हुये कार्यक्रम का शुभारम्भ कर प्रान्तीय उद्योग व्यापार मण्डल के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं एवं बधाई दी। उन्होंने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। व्यापार मण्डल द्वारा मुख्यमंत्री का स्मृति चिन्ह एवं शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की जो भी मांग है सरकार उनकी मांगों को पूरा करने का प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रत्येक वर्ग के हित के लिए कार्य कर रही है। व्यापार प्रदेश के विकास के लिए अहम है। इस अवसर पर नवनिर्वाचित अध्यक्ष योगेश शर्मा, उपाध्यक्ष सचिन गुप्ता, महामंत्री मनोज,गीता काण्डपाल संदीप सक्सेना आदि मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश अध्यक्ष नवीन शर्मा द्वारा किया गया।
रोजगार मेले में महापौर डॉ जोगेन्द्र पाल सिंह रौतेला, अध्यक्ष जिला पंचायत बेला तोलिया, जिलाध्यक्ष भाजपा, प्रदीप बिष्ट, ब्लाक प्रमुख रूपा देवी, प्रकाश हर्बाेला, शंकर कोरंगा के अलावा आयुक्त दीपक रावत, डीआईजी नीलेश आन्नद भरणे, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल,एसएसपी पंकज भटट,निदेशक सेवायोजन प्रशिक्षण विनोद गिरी गोस्वामी, संयुक्त निदेशक जेएम नेगी, उपनिदेशक चन्द्रकान्ता, स्मिता अग्रवाल, सहायक निदेशक वाई एस रावत, ममता चौहान, जिला सेवायोजन अधिकारी राजेश दुर्गापाल के साथ ही जनपदों से आये हजारों की संख्या में युवा एवं युवती रोजगार मेले में उपस्थित रहे।

ओपन यूनिवर्सिटी के छठें दीक्षांत समारोह में छात्रों को मिली डिग्रीयां

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह ने कहा कि राज्य के विश्वविद्यालयों के लिए स्वायत्तता तथा जवाबदेही दोनों ही जरूरी है। हमें उत्तरदायित्व से भी आगे बढ़कर स्व-उत्तरदायित्व की ओर जाना है। आत्मानुशासन बहुत जरूरी है। हमें अपने सिस्टम को इतना मजबूत बनाना है कि उसमें लीकेज के लिए कोई जगह न बचे।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि) गुरमीत सिंह, मंगलवार को हल्द्वानी में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत भी उपस्थित थे। अतिथियों द्वारा वैदिक मंत्रों के बीच दीप प्रज्ज्वलित कर दीक्षांत समारोह का शुभारम्भ किया गया।
राज्यपाल ने उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय हल्द्वानी के छठे दीक्षांत समारोह के अवसर पर 44 मेधावी छात्र छात्राओं को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया। राज्यपाल ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि विद्यार्थी अपने सोच विचार का स्तर बढ़ाएं, स्वयं पर भरोसा रखें साथ ही टीम वर्क में विश्वास रखें। सभी युवाओं से अपील की कि भारतीय संविधान में बताए हुए मौलिक कर्तव्य को पढ़े, समझे और उनका पालन करें। उन्होने कहा कि विद्यार्थियों का अर्जित ज्ञान तभी सार्थक होगा जब इसका लाभ समाज को मिलेगा, आत्मनिर्भर भारत, स्वच्छ भारत, डिजिटल भारत, समृद्ध भारत जैसे राष्ट्रीय अभियानों को सफल बनाने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
राज्यपाल ने कहा कि मुक्त विश्वविद्यालय की व्यवस्था एक लचीली, सरल और सुगम व्यवस्था है। उन्होने कहा कि सर्वे के अनुसार देश में उच्च शिक्षा के कुल पंजीकरण में 10 प्रतिशत से अधिक डिस्टेंस एजुकेशन का है। यह शिक्षा पद्धति शिक्षा प्राप्त करने का आदर्श माध्यम है। उन्होने कहा कि कोरोना के दौर ने हमें बहुत कुछ सिखा दिया है। ऑनलाइन और डिजिटल एजुकेशन का प्रचलन बढ़ गया है, आज यह हमारी जरूरत बन गई है, इससे मुक्त विश्वविद्यालय की अवधारणा को और भी अधिक मजबूती मिली है। शिक्षा तंत्र को डिजिटल और वर्चुअल मोड पर और भी अधिक मजबूत बनाने के लिए कार्य करना होगा। उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए इसे राज्य के हर कोने तक पहुंचाना होगा। राज्यपाल ने कहा कि पर्वतीय राज्य उत्तराखंड के दूरदराज इलाकों में डिस्टेंस एजुकेशन के माध्यम से उच्च शिक्षा पहुंचाने का लक्ष्य पूरा किया जा सकता है। उत्तराखंड के पर्वतीय तथा सीमांत क्षेत्रों के लिए डिस्टेंस एजुकेशन एक वरदान है।
राज्यपाल ने कहा कि डिस्टेंस एजुकेशन का पाठ्यक्रम नवीनतम, अद्यतन, प्रभावी तथा प्रासंगिक होना जरूरी है, पाठ्य सामग्री उच्च स्तरीय ज्ञान,गुणवत्तापूर्ण व बेहद सरल भाषा में होनी चाहिए।
इस अवसर पर राज्यपाल ने सच्चिदानंद भारती तथा प्रसिद्ध फोटोग्राफर अनूप शाह को मानद उपाधि से सम्मानित किया। राज्यपाल ने कहा कि सच्चिदानंद भारती राज्य में रिवर्स माइग्रेशन, वन तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सराहनीय कार्य कर रहे हैं। रिवर्स माइग्रेशन उत्तराखंड के लिए ज्वलंत मुद्दा है। उन्होंने कहा कि प्रसिद्ध फोटोग्राफर अनूप शाह ने अपनी उत्कृष्ट फोटोग्राफी के माध्यम से उत्तराखंड के संस्कृति, परंपराओं और प्राकृतिक सुंदरता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। उन्हें सम्मानित करके मैं स्वयं गर्व का अनुभव कर रहा हूं। उन्होंने सभी पदक विजेताओं को बधाई देते हुए सभी को नव वर्ष की शुभकामनाएं दी व शुभ समृद्धि कामना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी पदक विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि मैं इस छठे दीक्षांत समारोह में उपस्थित होकर गौरव का अनुभव कर रहा हूॅ। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी की आवश्यकताओं को देखते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का उद्देश्य चिंतनशील बहुमुखी प्रतिभा वाले रचनात्मक व्यक्तियों का विकास करना होना चाहिए। व्यक्तियो की समग्र विकास के उद्देश्य के लिए यह आवश्यक है कि विद्यालय शिक्षा से उच्चतर शिक्षा तक सीखने के प्रत्येक चरण में कौशल और मूल्यों का एक निर्धारित प्रारूप शामिल हो। इस दिशा में केन्द्र सरकार निरन्तर कार्यरत रही है। उन्होने कहा भारत विश्व का गुरू रहा है गुरू-शिष्य व गुरुकुल की परम्परा सिर्फ भारत में है। विश्व को शिक्षा पद्धति व ज्ञान देने का काम भारत ने किया है। धामी ने कहा कि वर्तमान अच्छा होगा तो निश्चित ही भविष्य भी अच्छा होगा। इसलिए वर्तमान को सक्षम बनाये। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नई खेल नीति बनाई गई है अब किसी भी बच्चे में योग्यता व क्षमता है तो उन्हे सरकार हर तरह से सहायता करेगी। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा है कि 21 वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक है जब प्रदेश 25 वर्ष का होगा अपने रजत जयन्ती मना रहा होगा तब हमारा प्रदेश देश में अग्रणी प्रदेश होगा। उन्होंने कहा कि मुक्त विश्व विद्यालय में आईटी अकादमी को विकसित करने में पूर्ण सहयोग दिया जायेगा तथा देहरादून में भी मुक्त विश्वविद्यालय का भी सशक्त परिसर बनाने में सरकार द्वारा पूर्ण सहयोग दिया जायेगा।
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दीक्षा समारोह में संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की प्रेरणा से बनाई गई नई शिक्षा नीति में सबको अच्छी शिक्षा, रोजगार परक शिक्षा, क्रेडिट बेस शिक्षा, चॉइस बेस शिक्षा,गुणात्मक शिक्षा को प्रमुखता दी गई है। मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश में बच्चों को टेबलेट देने की घोषणा की थी जिसका जीओ हो गया है जनवरी में टेबलेट की धनराशि डीबीटी के माध्यम से बच्चो के खाते डाले जायेगे। बच्चे अपने पसंद अनुसार खरीद सकेगे। उन्होंने सभी अतिथियों का स्वागत व अभिनन्दन किया।
कुलपति ओपी एस नेगी ने विस्तृत रूप से मुक्त विश्व विद्यालय के पाठ्यक्रमों, क्रियाकलापों की विस्तृत जानकारियां दी। उन्होने बताया कि इन दीक्षांत समारोह में 36 स्नातकों एंव परास्नातकों को स्वर्ण पदक, 3 को कुलाधिपति स्वर्ण पदक व 3 को स्मृति पदक के साथ ही 28432 को पदक वितरित किये गये। उन्होने बताया कि मुक्त विश्व विद्यालय में सरकार के सहयोग से 26 करोड़ धनराशि से अधिक के निर्माण कार्य प्रगति पर है।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष बेला तोलिया, महापौर डॉ. जोगेन्द्र पाल सिंह रौतेला, विधायक नवीन दुम्का, उपाध्यक्ष जिला पंचायत आनंद सिंह दरम्वाल, जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, प्रदेश प्रवक्ता प्रकाश रावत, प्रकाश हर्बाेला, शंकर कोरोंगा, अनिल कपूर डब्बू, सहित मण्डलायुक्त दीपक रावत, डीआईजी निलेश आनन्द भरणे, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पंकज भट्ट, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. संदीप तिवारी, कुलसचिव प्रो. एचएस नयाल, प्रो. गिरजा पाण्डे, प्रो. पीडी पंत, प्रो. जितेन्द्र पाण्डे,प्रो. रेनू प्रकाश, प्रो. आसी मिश्र सहित छात्र-छात्राएं मौजूद रही।