विधानसभा में सत्ता और विपक्ष के लोगों ने जनरल को दी श्रद्धांजलि

सीडीएस जनरल बिपिन रावत के युद्ध कौशल से चीन और पाकिस्तान घबराते थे। आज वह हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी बहादुरी के किस्से सदियों तक लोगों के जेहन में रहेंगे। गुरुवार को बिपिन रावत के गृह राज्य में उत्तराखंड में हर कोई दुखी था। शोक सभाओं को दौर जारी था। उत्तराखंड के कई इलाकों में बाजार बंद रखे गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत सभी मंत्री, विधायकों और राजनीतिक दलों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी। इस दौरान लोग भावुक दिखाई दिए। सीडीएस रावत के निधन को राज्य और देश की बड़ी क्षति करार दिया। देहरादून स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में, श्रीनगर गढ़वाल विवि में, कोटद्वार, उत्तरकाशी और पौड़ी सहित पूरे राज्य में सीडीएस स्व. बिपिन रावत को श्रद्धांजलि दी गई। उनके पैतृक गांव में भी शोक सभा का आयोजन किया गया। जहां आसपास के गांव के लोग भी पहुंचे।
वहीं उत्तराखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र गुरुवार से शुरू हो गया है। आज पहले दिन सीडीएस बिपिन रावत को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन को स्थगित कर दिया गया। जिसके बाद मुख्यमंत्री दिल्ली रवाना हो गए। वह दिल्ली में जनरल बिपिन रावत की अंत्येष्टि में शामिल होंगे। सत्र का पहला दिन सीडीएस जनरल बिपिन रावत के निधन पर शोक संवेदना और श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए समर्पित रहा। इस क्रम में शीतकालीन सत्र के प्रथम दिवस पर आज सदन में प्रवेश करने से पूर्व उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व अन्य मंत्री विधायकों ने जनरल बिपिन रावत के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। इसके अलावा सत्र की अवधि एक दिन बढ़ाई गई है। 11 दिसंबर को भी सदन संचालित किया जाएगा। कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में सदन की कार्यवाही का एजेंडा तय किया गया।
विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने जनरल बिपिन रावत के असामयिक निधन पर शोक व्यक्त करते हुए पहले दिन श्रद्धांजलि अर्पित करने का प्रस्ताव रखा, जिस पर समिति के सदस्यों ने सहमति प्रकट की। बुधवार को विधानसभा भवन स्थित सभागार में स्पीकर अग्रवाल की अध्यक्षता में दलीय नेताओं और कार्य मंत्रणा की बैठक में निर्णय लिया गया कि शोक संवेदना के साथ ही सदन पूरे दिन के लिए स्थगित रहेगा। सदन की गैलरी में सभी सदस्यों की ओर से स्व.विपिन रावत के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। पहले दिन शोक संवेदना व्यक्त कर सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और भारतीय सेना के अधिकारियों व सैनिकों की हेलीकॉप्टर हादसे में मृत्यु बेहद दुखद और पीड़ादायी है। जनरल रावत के निधन से देश ने वीर सपूत खो दिया। वह भारत राष्ट्र और उत्तराखंड के गौरव थे। गुरुवार को सदन में जनरल रावत को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीडीएस जनरल बिपिन रावत के आकस्मिक निधन पर प्रदेश में तीन दिन (9 से 11 दिसंबर) का राजकीय शोक घोषित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड निवासी सीडीएस जनरल रावत अपनी विलक्षण प्रतिभा, परिश्रम, अदम्य साहस व शौर्य के बल पर सेना के सर्वाेच्च पद पर पहुंचे। जनरल रावत ने देश की सुरक्षा व्यवस्था और भारतीय सेना को नई दिशा दी। सीमाओं की सुरक्षा और देश की रक्षा के लिए उनके द्वारा कई साहसिक निर्णय लिए गए। साथ ही सैन्य बलों के मनोबल को हमेशा ऊंचा बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनरल रावत के आकस्मिक निधन से न सिर्फ उत्तराखंड बल्कि देश की अपूरणीय क्षति हुई है। हम सबको अपने इस महान सपूत पर हमेशा गर्व रहेगा। उन्होंने दुर्घटना में दिवंगतों की आत्मा की शांति और शोक संतप्त स्वजनों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।
भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ जनरल बिपिन रावत जवाबी कार्रवाई के एक्सपर्ट थे। सैम मानेक शॉ के बाद वह दूसरे ऐसे जनरल थे जो युद्ध रणनीति में माहिर थे और स्वयं युद्ध क्षेत्रों में पहुंचते थे। उनके रणनीतिक कौशल के चलते चीन और पाकिस्तान की सेनाएं भी उनसे घबराती थीं। यह कहना है कि सेना के ले. कर्नल (रिटायर्ड) एसपी गुलेरिया का। कर्नल गुलेरिया ने कहा कि चीन ने भूटान और सिक्किम के बॉर्डर पर गतिविधियां बढ़ाईं लेकिन जनरल बिपिन रावत की रणनीति ने चीन को भूटान के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई करने से रोके रखा।
सीमा पर चल रहीं गतिविधियों को रोकने के लिए उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक भी कराई। मेजर जनरल रहने के दौरान यूएनओ में शांति सेना का भी उन्होंने नेतृत्व किया था। उनका युद्ध करने का जो तरीका था, वह अपने आप में अनूठा था। वे दुर्गम और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में युद्ध का विशेष अनुभव रखते थे। सेनाध्यक्ष रहने के दौरान उन्हीं की रणनीति से पाकिस्तान की सीमा से घुसपैठ की घटनाओं में कमी आई और सीमा पर जवानों की मौतों में कमी आई। उनके अनुभव और कौशल से ही पाकिस्तान और चीन को डर था कि उनकी सेनाएं जनरल बिपिन की रणनीति के सामने नहीं टिक पाएंगी।
कर्नल गुलेरिया ने कहा कि जनरल रावत ने सुरक्षा के क्षेत्र में देश के लिए बहुत कुछ किया। उनका निधन देश के लिए बहुत बड़ी क्षति है। देश को उनकी कमी हमेशा खलेगी। सीडीएस जनरल बिपिन रावत वर्ष 2017 में थल सेनाध्यक्ष रहने के दौरान सीमांत पिथौरागढ़ जिले में भी आए थे। तब उन्होंने पूर्व सैनिकों की समस्याओं को भी सुना था और उन्हें समस्याओं के समाधान करने का भरोसा भी दिया था। सेना ब्रिगेड में अधिकारी, जवानों और सेवानिवृत्त सैनिकों को संबोधित करने के दौरान उन्होंने भूतपूर्व सैनिकों और वीरांगनाओं का पूरा ध्यान रखने का आश्वासन दिया था। उन्होंने इसके लिए सेना के अधिकारियों को भी पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों से पूरा मेल-मिलाप रखने के निर्देश दिए थे।

मेरा बूथ मेरा गौरव अभियान के तहत कांग्रेस ने हरिपुरकलां में बैठक की

कांग्रेस के ‘मेरा बूथ मेरा गौरव अभियान के तहत बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव 2022 में जीत का परचम लहराने की रणनीति पर मंथन किया गया। मौके पर विधानसभा क्षेत्र के सबसे अंतिम बूथ हरिपुरकला ग्रामसभा के 180 बूथ पदाधिकारी शामिल रहे।
गुरुवार को हरिपुरकला में आयोजित बैठक में एआईसीसी मेंबर जयेंद्र रमोला ने कहा कि ‘मेरा बूथ मेरा गौरव कार्यक्रम के तहत प्रत्येक बूथ पर जाकर बूथ के पदाधिकारियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ आमजन से संपर्क कर बूथों को मजबूत किया जा रहा है। दावा किया कि मातृ शक्ति और युवाओं के सहयोग से इस बार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस विजय प्राप्त करेगी ।
पूर्व प्रधान सविता शर्मा ने कहा इस बार कांग्रेस की रणनीति बूथ स्तर पर काफी मजबूत है और कांग्रेस के कार्यकर्ता पार्टी की जीत को सुनिश्चित करने के लिए घर-घर जाकर संपर्क साध रहे हैं। मौके पर जिला बूथ प्रभारी गजेन्द्र विक्रम शाही, पूर्व प्रधान प्रेमलाल शर्मा, इकाई अध्यक्ष मुकेश मनौड़ी, शंभू रणाकोटि, शैलेंद्र गोस्वामी, मीनाक्षी, हरीश थपलियाल, देवेंद्र नेगी, अशोक कुमार, सुरेंद्र दत्त, मनोज, जीएस पेटवाल, सुरेंद्र उनियाल, संजय रावत, भारत लखेड़ा, सुबोध नवानी, गणेश कोठारी, रतनमणी पोखरियाल, नन्दनी असवाल, निर्मला गौड़, पूजा, शांति, सरोजिनी आदि मौजूद रहे।

सैन्य धाम का नाम जनरल रावत के नाम पर रखने की मांग

सीडीएस जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और अन्य सैन्य अधिकारियों के निधन पर कांग्रेस ने श्रद्धांजलि सभा आयोजित की। कांग्रेस प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला ने सैन्यधाम का नाम जनरल रावत के नाम पर रखने की मांग राज्य सरकार से की।
गुरुवार को दून रोड पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में कांग्रेसियों ने जनरल रावत के निधन पर शोक जताया। खरोला ने कहा जनरल रावत का निधन देश और विशेष रूप से उत्तराखंड के लिए अपूर्णीय क्षति है। कहा कि उत्तराखंड बोर्ड के पाठ्यक्रम में जनरल रावत के देश के प्रति योगदान को शामिल किया जाए। मौके पर सुधीर राय, मदन मोहन शर्मा, अरविन्द जैन, भगवान सिंह पंवार, मधु जोशी, राजेन्द्र गैरोला, उमा ओबराय, अशोक सडाना, जितेन्द्र पाल पाठी, जतिन जाटव, अभिषेक शर्मा, जयपाल सिंह, जीतेन्द्र यादव, सोनू पाण्डेय, एकांत गोयल, राहुल पाण्डेय आदि मौजूद रहे।

उत्तराखंड जन विकास मंच ने सीडीएस सहित 13 लोगों के निधन पर शोक जताया

उत्तराखंड जन विकास मंच द्वारा बिजली, पानी व नगर निगम ऋषिकेश के द्वारा संपत्ति कर बढ़ोतरी के विरोध स्वरूप होने वाला प्रस्तावित धरना चीफ ऑफ द डिफेंस स्टाफ विपिन रावत, उनकी पत्नी समेत अन्य 13 सैन्य अधिकारियों की विमान दुर्घटना में असमय निधन के पश्चात आंदोलन 3 दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया।
मंच के अध्यक्ष आशुतोष शर्मा व सचिव लेखराज भंडारी ने कहा कि विमान हादसे में विपिन रावत का निधन राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति है। वे भारत के पहले सीडीएस थे, उन्होंने भारत के बहुत से कठिन सैन्य अभियानों में अपनी नेतृत्व क्षमता साबित की थी। उन्होंने भारत सरकार से मांग की, कि सरकार विपिन रावत जी को मरणोपरांत देश का सर्वाेच्च सम्मान भारत रत्न प्रदान करें। मंच के सभी सदस्यों व श्रद्धांजलि सभा में शामिल सभी लोगों ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए 2 मिनट का मौन रखा।
मंच के संरक्षक हरि सिंह भंडारी जी व जतिन जाटव ने देश के प्रथम सीडीएस विपिन रावत और अन्य सैन्य अधिकारियों की विमान हादसे मे असमय मृत्यु पर शोक प्रकट किया और प्रभु से प्रार्थना की कि उनके परिवार को ईश्वर इस अपार कष्ट को सहने की शक्ति प्रदान करें।
इस अवसर पर श्रद्धांजलि देने वालों में विनोद शर्मा, विपिन शर्मा राजेंद्र पाल, मनीष चौहान, राजू गुप्ता, बेचन गुप्ता अंशुल अरोड़ा, नवीन भंडारी, रवि धमांदा, हिमांशु बड़ौला, राजेश राजभर, अर्जुन भंडारी, प्रदीप राजभर, हरेंद्र भंडारी, शेर सिंह, सुभाष मद्धेशिया, अनूप गुप्ता, कीमत गुप्ता, विनोद साहनी, शकल साहनी, महेंद्र, हरिनारायण, अनिल गुप्ता, संजीव, आलोक जैन आदि उपस्थित रहे।

जनरल रावत ने भारतीय सेना में परिवर्तन के एक ऐतिहासिक दौर का नेतृत्व किया-विस अध्यक्ष

तमिलनाडु के कुन्नूर में हेलीकॉप्टर में सीडीएस जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और सशस्त्र बल के अन्य अधिकारियों के निधन पर बीस बीघा स्थित केदारेश्वर मंदिर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल सहित सभी लोगों द्वारा 2 मिनट का मौन रखकर सीडीएस जनरल बिपिन रावत एवं सभी दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
इस अवसर पर विधान सभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल ने जनरल बिपिन रावत के निधन को देश के लिए अपूरणीय क्षति बताया और कहा कि उत्तराखंड को अपने इस सपूत पर हमेशा गर्व रहेगा। देश की सुरक्षा में उन्होंने महान योगदान दिया है। उन्होंने कहा, देश की सीमाओं की सुरक्षा एवं देश की रक्षा के लिए उनके द्वारा लिए गए साहसिक निर्णयों एवं सैन्य बलों के मनोबल को सदैव ऊंचा बनाये रखने के लिए उनके द्वारा दिये गये योगदान को देश सदैव याद रखेगा। उन्होंने भारतीय सेना में परिवर्तन के एक ऐतिहासिक दौर का नेतृत्व किया। उन्होंने ने ईश्वर से शोक संतप्त परिजनों को यह दुख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
इस अवसर पर जीडी उनियाल, जगदीश भंडारी, के पी जोशी, गुरविंदर सिंह, मोहन चमोली, अनिल चमोली, प्रमिला त्रिवेदी, हेमलता चौहान, प्रेमलाल जुगरान, महेंद्र सिंह रावत, रविंद्र सिंह राणा वरिष्ठ नेता, कुलदीप पयाल, प्रमोद चमोली, राजेंद्र सिंह रावत, कस्तूरी देवी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

जनरल बिपिन रावत का निधन देश के लिए अपूरणीय क्षति-राजे नेगी

तमिलनाडु के कुन्नूर में हेलीकॉप्टर में सीडीएस जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और सशस्त्र बल के अन्य अधिकारियों के निधन पर आम आदमी पार्टी द्वारा नेपालीफार्म कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस मौके पर पार्टी विधानसभा प्रभारी राजे सिंह नेगी सहित सभी पदाधिकारियों द्वारा 2 मिनट का मौन रखकर सीडीएस जनरल बिपिन रावत एवं सभी दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
इस अवसर पर नेगी ने जनरल बिपिन रावत के निधन को देश के लिए अपूरणीय क्षति बताया और कहा कि उत्तराखंड को अपने इस सपूत पर हमेशा गर्व रहेगा। देश की सुरक्षा में उन्होंने महान योगदान दिया है। उन्होंने कहा, देश की सीमाओं की सुरक्षा एवं देश की रक्षा के लिए उनके द्वारा लिए गए साहसिक निर्णयों एवं सैन्य बलों के मनोबल को सदैव ऊंचा बनाये रखने के लिए उनके द्वारा दिये गये योगदान को देश सदैव याद रखेगा। उन्होंने भारतीय सेना में परिवर्तन के एक ऐतिहासिक दौर का नेतृत्व किया।
इस मौके पर संगठन मंत्री दिनेश असवाल, दिनेश कुलियाल, मनमोहन नेगी, चंद्रमोहन भट्ट, सरदार निर्मल सिंह, प्रभात झा, पंकज गुसाईं, विक्रांत भारद्वाज, अश्वनी सिंह, सुनील सेमवाल, साहिल नेगी, नरेन्द्र सिंह, सरदार गुरुप्रीत सिंह, देवराज नेगी, जगदीश कोहली, हिमांशु नेगी आदि उपस्थित रहे।

सुबोध का मानवीय चेहरा, घायल को अस्पताल में कराया भर्ती

पुरानी कहावत है कि जनता के दुख-दर्द को समझने वाला ही असली नेता है, इस कहावत को असल में चरितार्थ करते हुए नजर आते हैं सूबे के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल। अपने विधानसभा क्षेत्र समेत समूचे प्रदेश में जनता के सुख-दुख में पूर्ण रूप से सहयोग कर भागीदारी करना ही उनकी लोकप्रिय कार्यशैली को दर्शाता है। दरअसल गुरुवार को भी ऐसा ही एक वाक्या देखने को मिला, जब रास्ते में एक घायल व्यक्ति के लिए जल्दी एंबुलेंस न पहुंच पाने पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल उक्त व्यक्ति को अपने वाहन में बैठाकर अस्पताल ले गए व उसे भर्ती कराया। साथ ही उसके परिजनों को सूचित किया। इस पर घायल व्यक्ति के परिजनों समेत मौके पर उपस्थित सभी लोगों ने कैबिनेट मंत्री की जमकर प्रशंसा की और आभार जताया।
घटनाक्रम गुरुवार शाम का है, जब कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल देहरादून एक मीटिंग में शामिल होने के लिए ऋषिकेश-देहरादून मार्ग से जा रहे थे। इस दौरान साथ मोड़ के समीप कैबिनेट मंत्री को एक जगह भीड़ इकट्ठी दिखाई दी। मौके पर पहुंचकर कैबिनेट मंत्री ने देखा तो एक घायल व्यक्ति नजर आया। जो किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हो गया था। मौके पर उपस्थित लोगों ने कैबिनेट मंत्री को बताया की एंबुलेंस को सूचना दी जा चुकी है मगर अब तक नहीं पहुंच पाई है। जिसके बाद कैबिनेट मंत्री ने तत्काल घायल व्यक्ति को अपने वाहन में बिठाया और उसे हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट में भर्ती कराया। साथ ही घायल व्यक्ति के परिजनों को भी सूचित किया। पूछताछ में उन्होंने घायल व्यक्ति का नाम सुनील लिंगवाल निवासी ऋषिकेश बताया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री ने उक्त घायल व्यक्ति के इलाज हेतु चिकित्सकों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए।

कृष्णानगर कॉलोनी तिराहे के पास शव मिलने से सनसनी

कोतवाली पुलिस के मुताबिक आईडीपीएल गोल चक्कर, कृष्णानगर कॉलोनी तिराहे के पास गुरूवार सुबह लड़की बीनने जंगल में जारी महिलाओं ने एक युवती का शव देखा। जिसके बाद महिलाओं ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना पर पुलिस क्षेत्राधिकारी डीसी ढौंडियाल, कोतवाल रवि सैनी सहित अन्य पुलिसकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे। शव को कब्जे के लिया। पुलिस ने युवती के पास एक ट्रेन का टिकट बरामद किया। टिकट हरिद्वार से बना हुआ था, जिसमें जगन्नाथ पुरी, उड़ीसा तक सफर लिखा मिला। पुलिस क्षेत्राधिकारी डीसी ढौंडियाल ने बताया टिकट सिंतबर माह का है, जो कि कैंसिल हो चुका है। युवती की उम्र 22 से 25 वर्ष के साथ आसपास होगी। टिकट में युवती का नाम आरती भोई 28 अंकित है। युवती के गले में पड़ी चुन्नी के आधार पर मामला सुसाइड लग रहा है। बताया कि हत्या से भी इंकार नहीं किया जा सकता। मौके पर फोंरेसिक लैब की टीम को बुलाया गया। मौके पर टीम ने अहम साक्ष्य जुटाए हैं। जल्द युवती की पहचान कर मामले का खुलासा किया जाएगा।

दो से तीन दिन पुराना हो सकता है शव
पुलिस के अनुसार शव दो से तीन दिन पुराना है, मृतका युवती के शरीर पर कहीं पर चोट का निशान भी नहीं मिला। उसके शरीर पर कीड़े भी पड़ चुके हैं।

हाईकोर्ट ने कहा-अपने बच्चों को 24 घंटे इस हालत में रखकर देखें अधिकारी

हाईकोर्ट ने जेलों की दुर्दशा पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सुधार के संबंध में दिशा निर्देश दिए। बुधवार को कोर्ट ने गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि अधिकारी अपने बच्चों को 24 घंटे ऐसे हालत में वहां रखकर देखें। अभी हम 21वीं सदी में हैं, लेकिन जेलों की दशा देखकर ऐसा नहीं लगता। जेलों की हालत सेलुलर या अहमदनगर जेल से कम नहीं है। नैनीताल जेल व सब जेल हल्द्वानी हाईकोर्ट की नाक के नीचे हैं, वहां की स्थिति भी वैसी ही है। मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान व न्यायमूर्ति एनएस धानिक की खण्डपीठ ने चेरापल्ली तेलगांना जेल का उदाहरण भी दिया, जहां सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
खंडपीठ ने कहा कि छोटे अपराध में शामिल कैदियों को पैरोल पर क्यों नहीं छोड़ा जा रहा है? जिनकी सजा आधी से अधिक हो चुकी है व जिनका आचरण अच्छा है उन्हें भी पैरोल पर छोड़ने का विचार करें। हाईकोर्ट ने प्रदेश की जेलों में सीसीटीवी कैमरे व अन्य सुविधाओं को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह बातें कहीं। सुनवाई में गृह सचिव रंजीत सिन्हा व जेल महानिदेशक पुष्कर ज्योति वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए। खंडपीठ ने सरकार को निर्देश दिए कि जेलों की सुविधाओं को लेकर एक कमेटी का गठन कर सुझावों पर अमल करें। इसकी रिपोर्ट हर महीने के तीसरे सप्ताह में कोर्ट में पेश करें।
इस मामले में पूर्व में हुई सुनवाई में कोर्ट ने जेल महानिदेशक व गृह सचिव को निर्देश दिए थे कि वे सभी जेलों का दौरा करें और उसकी रिपोर्ट मय फोटोग्राफ कोर्ट में पेश करें। बुधवार को उनके द्वारा कोर्ट में शपथपत्र पेश किया गया। जिस पर कोर्ट सन्तुष्ट नहीं हुई। शपथपत्र व फ़ोटो देखने पर कोर्ट के समक्ष चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। हरिद्वार जेल की क्षमता 870 कैदियों की है जबकि वहां वर्तमान कैदी 1400 थे। इनके रहने के लिए 23 बैरक हैं। प्रति बैरक 65 कैदी रह रहे हैं। 65 महिला कैदियों के लिए एक ही बैरक है। चिकित्सा सुविधा के नाम पर डॉक्टर को फोन कर बुलाने की व्यवस्था, लकड़ियों पर खाना बनाना जाता है। सब जेल रुड़की में 200 की क्षमता है, वहां वर्तमान में 625 कैदी 8 बैरक में रह रहे हैं। प्रति बैरक 75 पुरुष और 18 महिला कैदी हैं। देहरादून जेल की क्षमता 518 है वहां वर्तमान में 1491 कैदी 26 बैरक में रह रहे हैं। प्रति बैरक 54 कैदी हैं।
वहीं 87 महिला कैदियों के लिए 2 बैरक हैं। सब जेल हल्द्वानी की क्षमता 535 है। यहां वर्तमान में 1736 कैदी 9 बैरक में रह रहे हैं। यहां प्रति बैरक 180 कैदी। रोटियां फर्श पर बनाई जाती हैं। नैनीताल जेल की क्षमता 70 है। यहां वर्तमान में 174 कैदी बिना किसी बैरक के रहते हैं और जमीन पर सोते हैं। अल्मोड़ा जेल की क्षमता 102 है जहां 325 कैदी 6 बैरक में रह रहे हैं। प्रति बैरक 52 कैदी रह रहे हैं। यहां 11 महिला कैदी हैं। जिला जेल चमोली में 114 कैदी बिना बैरक टिन सेड में सोते हैं। पिथौरागढ़, बागेश्वर, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग व चम्पावत की अपनी जिला जेल ही नहीं है। कोर्ट ने कहा कि लोहाघाट की जेल में कैदियों को जानवरों की तरह ठूंसकर रखा है। खाना बाथरूम में बन रहा है। कोर्ट ने जिला जज को निर्देश दिए कि इसका मौका मुयाना कर रिपोर्ट कोर्ट में पेश करें।

कोर्ट दिए निर्देश दिए
कोर्ट ने जेलों में सुविधाओं को लेकर सरकार को अहम दिशा निर्देश दिए हैं। इसमें कहा है कि नई जेलों का निर्माण करें, गढ़वाल मंडल में ओपन जेल, जेलों की मरम्मत के लिए बजट, कैदियों के रोजगार के लिए फैक्ट्रियां, बच्चों के लिए स्कूल, पर्याप्त स्टाफ की भर्ती, परमानेंट मेडिकल स्टाफ, साफ-सुधरे किचन व बाथरूम की व्यवस्था करें।

ये है याचिका
सन्तोष उपाध्याय व अन्य ने मामले में अलग-अलग जनहित याचिकाएं दायर की हैं। इनमें कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने 2015 में एक आदेश जारी कर सभी राज्यों से कहा था कि वे अपने राज्य की जेलों में सीसीटीवी कैमरे लगाएं और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएं। कोर्ट ने खाली पड़े राज्य मानवाधिकार आयोग के पदों को भरने के आदेश जारी किए थे। लेकिन पांच साल बीत जाने के बाद भी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि सरकार को निर्देश दिए जाएं कि वह सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी निर्देश का पालन करे।

राज्यपाल ने जनरल के साथ बिताये पलो को याद कर भावपूर्ण पोस्ट किया

जनरल बिपिन रावत, हमारे गौरव, देश के पहले सीडीएस। 50 साल तक दोस्त और साथी, एनडीए स्क्वैड्रन साथी का जाना, असहनीय क्षति। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने सीडीएस जनरल बिपिन रावत के दुर्घटना में असामयिक निधन पर अपनी पीड़ा कुछ इस तरह व्यक्त की। इंटरनेट मीडिया पर संक्षिप्त लेकिन भावपूर्ण पोस्ट में उन्होंने जनरल बिपिन रावत के साथ अपने कार्यकाल को भी याद किया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में ब्रिगेड कमांडर के रूप में उन्होंने साथ काम किया। कई पेशेवर काम भी दोनों ने साथ अंजाम दिए। उनका निधन बहुत बड़ा नुकसान है।
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने बीती नौ नवंबर को राज्य स्थापना दिवस पर जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत के साथ मुलाकात का जिक्र भी किया। जनरल रावत राज्यपाल के निमंत्रण पर राज्य स्थापना दिवस के मौके पर राजभवन पहुंचे थे। राज्यपाल ने कहा कि पेशेवर जीवन में दोनों के बीच कई सुंदर स्मृतियां रही हैं। अभी कुछ दिनों पहले ही दोनों ने उनका स्मरण किया था। जनरल रावत को उत्तराखंड के पौड़ी जिले का माटी पुत्र बताते हुए उन्होंने कहा कि उनका निधन असहनीय क्षति है। राज्यपाल ने दुर्घटना में मारे गए अन्य सैन्य अधिकारियों व कार्मिकों के निधन को त्रासदी करार दिया। उन्होंने दुर्घटना में घायल ग्रुप कैप्टन वरुण के जीवन की रक्षा के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है।

संतों ने दी मृतकों को श्रद्धांजलि
तमिलनाडु में हुए हेलीकाप्टर हादसे में सीडीएस जनरल बिपिन रावत और पत्नी मधुलिका रावत सहित सैन्य अधिकारियों की मौत पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने शोक जताया है। हरिद्वार के संतों ने भी अपनी शोक संवेदना जताते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि दी। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज (निरंजनी अखाड़ा) ने कहा कि जनरल बिपिन रावत उत्तराखंड की शान और मां भारती के सच्चे सपूत थे। उनके नेतृत्व में देश की सेना ने चीन और पाकिस्तान के सैनिकों को सीमाओं से पीछे धकेल कर रखा। उन्होंने हमेशा सेना का मनोबल बढ़ाया है। उनका निधन देश के लिए अपूर्णीय क्षति है। श्रीमहंत रोवद्र पुरी महाराज ने कहा कि यह हादसा पूरे देश के लिए दुखद है। जनरल रावत में अदभुत नेतृत्व क्षमता थी।