परिसम्पत्ति विवाद में दिखा, धामी के नेतृत्व में सुरक्षित है उत्तराखंड का भविष्य

उत्तराखंड के अब तक के सबसे युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वो कर दिखाया, जो उत्तराखंड के दिग्गज सीएम भी 21 सालों में नहीं कर पाए, इसकी मुख्य वजह युवा मुख्यमंत्री की युवा सोच और सरलता से मसले सुलझाने वाली वो बुद्धिमता है, जो किसी को भी अपना कायल बना सकती है।
उत्तर प्रदेश के अलग होने के बाद उत्तराखंड को 21 सालों तक अपने हक के लिए इंतजार करना पड़ा। यह कार्य राज्य के गठन के तुरंत बाद हो जाना चाहिए था, लेकिन दोनों राज्यों के नेताओं और नौकरशाहों के बीच कई बार की बैठकों के बाद भी इस मामले में सहमति नहीं बन सकी। उस वक्त भी नहीं, जब दोनों राज्यों की सत्ता की बागडोर बीजेपी के हाथों में थी। ऐसे दौर कई बार आये, लेकिन मसला सुलझ नहीं सका। हालांकि इससे पहले ही ये विवाद आपसी सुलह-समझौते की संभावनाओं को दरकिनार करते हुए सुप्रीम कोर्ट तक जा पहुंचा था। दोनों राज्यों के बीच विवाद बढ़ने पर करीब एक दशक पहले सुप्रीम कोर्ट को दखल देकर यथास्थिति कायम रखने के आदेश देने पड़े थे।

राजनैतिक नहीं बल्कि पारिवारिक समझौते से हल हुआ परिसंपत्ति विवाद
समय बीतता गया और साल दर साल मुख्य सचिव से लेकर मुख्यमंत्री स्तर तक बैठकों के दौर चलता रहा। इस सब क़वायदों के बाद नतीजा वही ढाक के तीन पात। वक्त गुजरने के साथ-साथ यूपी से अपने अधिकार वाली सम्पत्तियों को हासिल करने की उम्मीद कमजोर पड़ती जा रही थी। योगी सरकार के कार्यकाल में भी शीर्ष स्तर पर बैठकें हुईं, लेकिन कामयाबी सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री धामी ने हासिल की।
मुख्यमंत्री धामी ने परिसम्पत्तियों विवाद की पहली बैठक में ही कह डाला कि “यूपी और उत्तराखंड बड़े भाई छोटे भाई की तरह हैं, और आज ही और विवाद का हल निकाल दिया जाए” धामी की सूझबूझ और सटीक तर्कों से योगी आदित्यनाथ संतुष्ट नज़र आए और “ऑन दा स्पॉट” फ़ैसला हो गया। धामी की ये विशेषता उनकी सरलता और मिठास के साथ मिलकर एक ऐसे सफर का आगाज करती हैं जो आम आदमी के ख्वाबों से जुड़ा है।
ये पूरा घटनाक्रम सब उस दौर में हुआ है, जब उत्तराखंड का आवाम यूपी के साथ सम्पत्तियों का न्यायसंगत बंटवारा होने की राह देखते देखते निराश होने लगा था। ऐसे दौर में सीएम सिंह धामी की यह ऐतिहासिक कामयाबी लोगों के दिलों में यह विश्वास पैदा करने वाली है कि उत्तराखंड अब ऐसे हाथों में है, जो राज्य के हितों की रक्षा करना जानते हैं।

विंटर पर्यटन को बढ़ावा देगी राज्य सरकार-सतपाल महाराज

उत्तराखंड के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा है कि चार धाम की यात्रा के बाद अब हमारा ध्यान प्रदेश में विटंर टूरिज्म को प्रमोट करने पर है। हजारों लोग उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को देखने आते हैं इसलिए हम ऐसे डेस्टिनेशन को प्रचारित कर रहे हैं जो लोगों की आस्था से भी जुड़े हों। इसके साथ ही पर्यटक सर्दियों में उत्तराखंड की वादियों का लुत्फ भी उठा सकेंगे। सतपाल महाराज ने प्रगति मैदान में चल रहे अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में शुक्रवार को उत्तराखंड डे का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर सतपाल महाराज ने कहा कि व्यापार मेले में उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत की छटा देखने को मिल रही है। लोगों का उत्साह देखकर लग रहा है ​कि उत्तराखंड के उत्पाद लोगों को बहुत पसंद आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हथकरघा तथा हस्तशिल्प उत्पाद, बाल मिठाई, पहाड़ी दालें, मसाले तथा जड़ी-बूटियां, शहद बैम्बू प्राकृतिक रेशा रामबॉस तथा भीमल से बने उत्पाद भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। ​कोविड19 के पश्चात पहली बार आयोजित हो रहे भारतीय अंतराष्ट्रीय व्यापार मेले में राज्य दिवस के अवसर पर सतपाल महाराज ने बताया कि राज्य सरकार राज्य में निवेश को बढ़ावा देने तथा रोजगार सृजन के लिए कृत संकल्प है। राज्य में निवेश अनुकूल वातावरण तैयार कर अधिकाधिक निवेश आक​र्षित करने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है। एकल खिड़की व्यवस्था के अंतर्गत् उद्योगों को निर्धारित समय सीमा में सभी प्रकार की स्वीकृतियां तथा अनापत्तियां प्रदान किए जाने हेतु एकल खिड़की अधिनियम लागू किया गया है। इज आफ डुइंग बिजनेस कार्यक्रम में राज्य देश के अग्रणी औद्योगिकी राज्यों के साथ शीर्ष राज्यों में शामिल है। महाराज ने कहा कि शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गंगा मैया के प्रवास मुखबा और यमुना मैया के लिए खरसाली गांव को विशेष रूप से सजाया जाता है।
सतपाल महाराज ने कहा कि एक ओर जहां बड़े निवेशकों को आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार प्रयास कर रही है वहीं दूसरी ओर स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए राज्य के युवाओं विशेषकर कोविड 19 से प्रभावित राज्य के प्रवासियों के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना तथा नैनो स्वरोजगार योजना लागू की गई है। हरित प्रदेश की अवधारणा को मूर्त रूप देने में सरकार सतत प्रयत्नशील है और मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना लागू ​की गई है।
राज्य के समस्त जनपदों के पोटेंशियल को देखते हुए एक जनपद दो उत्पाद योजना लागू की गई है​ जिससे राज्य के विशिष्ट उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान स्थापित करने में सफल होंगे। पर्यटन के क्षेत्र में राज्य की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान है राज्य सरकार प्रसिद्व पर्यटन स्थलों के अतिरिक्त 13 जनपद 13 डेस्टिनेशन के अंतर्गत तेजी से कार्य कर रही है।
बुनियादी ढांचे के अंतर्गत राज्य में रेल लाइन, वायुसेवा तथा राजमार्गों के निर्माण के क्षेत्र तेजी से कार्य किया जा रहा है। इस वर्ष मेले की थीम है आत्मनिर्भर भारत और राज्य सरकार इसी तर्ज पर आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में सरकार निरंतर काम कर रही है।
भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में प्रगति मैदान के हॉल नंबर 4 में उत्तराखंड पैवेलियन में इस वर्ष हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद के तत्वाधान में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों के कुल 34 स्टाल लगे हैं। इस वर्ष मेले का मुख्य आकर्षण उत्तराखंड के शिल्प आधारित सोवेनियर उत्पाद हैं, जिन्हें उत्तराखंड सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा विस्तृत स्तर पर शोध एवं भ्रमण कर राज्य के परंपरागत विभागों में पर्यटन, हिमाद्री, हिलांस, बैम्बू बोर्ड, खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड, ग्राम विकास एवं सिडकुल मुख्य रूप से प्रतिभाग कर रहे हैं।
इस अवसर पर मुख्य सचिव, उत्तराखंड शासन एस.एस संधू, महानिदेशक एवं आयुक्त उद्योग रोहित मीणा निदेशक उद्योग सुधीर चंद्र नौटियाल, उप निदेशक उद्योग शैली डबराल, उप निदेशक, राजेंद्र कुमार, मेलाधिकारी के.सी. चमोली, प्रदीप सिंह नेगी, गिरिश चंद्र आदि उपस्थित थे।

किसान संगठन धरना समाप्त कर पीएम पर विश्वास जताये-बंसल

राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गुरु नानक देव के प्रकाश उत्सव पर तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा पर सभी किसान संगठनों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट करना चाहिए और अब धरने को समाप्त कर देना चाहिए व अपने नियमित कामों में लगना चाहिए। सासंद बंसल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में यह भी बात कही कि यह सभी कानून विशुद्ध रूप से और पूरी ईमानदारी के साथ किसानों के हित में लगाए गए थे। लेकिन कुछ किसानों को यह समझ नहीं आए या हम उनको नहीं समझा पाए। अब किसानों के हित को ध्‍यान में रखते हुए आगामी संसद सत्र में इनको वापस लेने का फैसला लिया है।
राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास सबका प्रयास का यह सटीक उदाहरण है। मोदी सरकार देशहित में जनहित में काम करती आई है व देश के धरना देने वाले किसान संगठनों की मांग को भी आज माना गया है। उन्होंने कहा कि देश के किसानों के विकास को यह सरकार प्रतिबद्ध है। किसानों की आए दुगुनी करना का संकल्प खुद पीएम ने लिया है व उसके विभिन्न प्रयास जारी है जिनके सकारात्मक परिणाम दिखने लगे हैं।
सासंद ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष बस गुमराह करने का काम कर रहा है व राजनीतिक लाभ के लिए काम कर रहा है पर जनता सब देख रही है व जानती है कि कौन विकास की गाथा लिख रहा है व देश के सर्वांगीण विकास को यह सरकार प्रतिबद्ध है। सासंद बंसल ने कहा कि भाजपा को समाज के सभी वर्गों का अप्रत्याशित समर्थन मिला है। साथ ही युवाओं का अपार समर्थन भी हर्ष का विषय है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार का हर क्षण देश के लोगों के कल्याण तथा समृद्धि को समर्पित है। पीएम मोदी सवा सौ करोड़ भारतीयों को सबल बनाने में विश्वास रखते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग मोदी विरोध करतें करते देश विरोधी हो गए हैं पर मोदी सरकार ने इन सबकी दुकान बंद कर देश को विकास पथ पर आगे बढ़ाने का काम किया है।
सासंद राज्यसभा उत्तराखंड नरेश बंसल ने इस मुद्दे पर आंदोलन कर रहे किसानों को घर वापस लौटने की भी अपील की है।उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की ने इस मुद्दे पर आंदोलन कर रहे किसानों को घर वापस लौटने की भी अपील की है। प्रधानमंत्री ने कानून वापस लेने की घोषणा करते हुए कहा कि हम किसानों के हित में यह तीनों कानून लेकर आए थे, ताकि छोटे किसानों को और ताकत मिले। सालों से ये मांग देश के किसान और विशेषज्ञ, अर्थशास्त्री मांग कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि शायद उन्ही की तपस्या में कोई कमी रह गई ।
सासंद बंसल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने नरेंद्र मोदी ने आज के मौके पर यह ऐलान कर देश के आंदोलनरत किसानों को बहुत बड़ी खुशी दी है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद भी दिया है।

सीएम ने लिया आध्यात्मिक गुरु प्रेम सुगंध से आशीर्वाद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को चम्पावत स्थित नखुडा (खरही) में साक्षी फाउंडेशन के आध्यात्मिक गुरु प्रेम सुगंध से उनके साधना केंद्र पर जाकर भेंट कर आशीर्वाद लिया।
इस अवसर पर मीडिया से वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड के मध्य 21 सालों से जो मामले लंबित पड़े थे, उन सब पर सहमति बन गई है। इसके लिए उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया। दोनों राज्यों के बीच परिवहन, सिंचाई, आवास, पर्यटन तथा लंबित परिसम्पतियों के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण बैठक हुई, सभी मामलों पर दोनों राज्यों की सहमति बनी।
इस दौरान सांसद अजय टम्टा, विधायक पूरण फर्त्याल, जिलाधिकारी चम्पावत विनीत तोमर भी उपस्थित रहे।

सिंचाई योजनाओं को सीएम ने दी वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य सैक्टर से पोषित नलकूप एवं नहर निर्माण मद के अंतर्गत 4 नई योजनाओं हेतु 4.67 करोड़ रूपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
इस सम्बन्ध में सचिव सिचांई हरिचन्द्र सेमवाल द्वारा जारी शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि राज्य सैक्टर की नलकूप एवं नहर निर्माण मद के अन्तर्गत 4 नई योजनाओं में जनपद नैनीताल के विकासखण्ड हल्द्वानी के ग्राम हरिपुर नायक में 1 संख्या राजकीय नलकूप निर्माण की योजना हेतु 49.46 लाख रूपये, ग्राम पीपलपोखरा नं.-2 में राजकीय नलकूप के पुनर्निर्माण हेतु 49.48 लाख रूपये, ग्राम हैडागज्जर में एक सिंचाई नलकूप के निर्माण हेतु 48.32 लाख रूपये तथा जनपद नैनीताल के विकासखण्ड हल्द्वानी के ग्राम हल्चूचौड जैराम में एक सिंचाई नलकूप के निर्माण हेतु 39.74 रूपये की वित्तीय स्वीकृति शामिल है।

कृषि कानून रद्द होने पर आम आदमी पार्टी ने हर्ष जताया

केंद्र के तीन नए विवादित कृषि कानून रद्द होने पर आम आदमी पार्टी ने हर्ष जताया है। इस खुशी में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोगीवाला माफी स्थित गुरुद्वारे में माथा टेकने के बाद मिठाईयां वितरित कर जश्न मनाया।
इस अवसर पर विधानसभा प्रभारी राजे सिंह नेगी ने कहा कि देश के किसानों की मांगों एवं लंबे आंदोलन के आगे आखिरकार केंद्र की मोदी सरकार को झुकना ही पड़ा। केंद्र सरकार का बैक फुट पर आकर कृषि कानून को वापस लेने का निर्णय देश के किसानों की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी शुरू से ही कृषि कानून के विरोध में थी। इसके लिए पार्टी की ओर से किसानों को हर संभव समर्थन भी दिया गया था।
पार्टी के विधानसभा प्रभारी नेगी ने कहा कि यदि केंद्र सरकार की आंखें इस और जल्दी खुल जाती तो 700 किसानों की जान बचाई जा सकती थी फिर भी, यह बड़ा कदम है। शायद भारत के इतिहास में पहली बार, सरकार एक आंदोलन के कारण तीन कानून वापस ले रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को उन तमाम किसान परिवारों से माफी मांगनी चाहिए जिन्होंने इस आंदोलन की वजह से अपनी जान गंवाई। सरकार का किसानों के साथ एक साल तक ऐसा व्यवहार करना गलत था। खुशी जताने वालों में संगठन मंत्री दिनेश असवाल, सह संगठन मंत्री दिनेश कुलियाल, किसान मोर्चा अध्यक्ष गुरुप्रीत सिंह, जिला उपाध्यक्ष चंद्रमोहन भट्ट, सोशल मीडिया प्रभारी सुनील सेमवाल, अधिवक्ता लालमणि रतूड़ी, देवराज नेगी, अंग्रेज कुमाई, जय प्रकाश भट्ट, प्रभात झा, अश्वनी सिंह, सरदार कुलवीर सिंह, परमजीत सिंह, सरदार कर्म सिंह समेत दर्जनों लोग शामिल थे।

कांग्रेस बूथ कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण शिविर की तैयारियां जांची

ऋषिकेश में शनिवार को श्रीभरत मंदिर परिसर में कांग्रेस बूथ कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण शिविर आयोजित होगा। जिसमें ऋषिकेश के 171 बूथों के कांग्रेस कार्यकर्ता प्रशिक्षण लेंगे।
शुक्रवार को श्री भरत मन्दिर परिसर झण्डा चौक में कांग्रेस पदाधिकारियों ने निरीक्षण किया। कांग्रेस के प्रदेश चुनाव प्रशिक्षण कार्यक्रम के अध्यक्ष विजय सारस्वत ने कहा कि बूथ स्तर तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं को चिन्हित कर उन्हें बूथ के कार्यों के बारे में प्रशिक्षण व जानकारियां दी जा रही है। कहा कि 20 नवंबर को श्रीभरत मंदिर परिसर में ऋषिकेश विधानसभा के बूथ प्रशिक्षण शिविर होगा। जिसमें ऋषिकेश के 171 बूथों के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण लेगें। प्रशिक्षण शिविर के संयोजक जयेन्द्र रमोला ने बताया कि तैयारियों को पूर्ण कर ली गयी हैं। मौक़े पर डा. केएस राणा, जय सिंह रावत, महंत विनय सारस्वत, पार्षद राकेश मिंया, वरूण शर्मा आदि उपस्थित थे।

अज्ञात वाहन की टक्कर से महिला की मौत

रायवाला थाना पुलिस के मुताबिक शुक्रवार सुबह पुलिस को कंट्रोल रूम से सूचना मिली कि मोतीचूर फ्लाईओवर के पास एक महिला बेसुध हालत में पड़ी है। उसके बाद घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे लिया और मृतका की शिनाख के प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली। फिलहाल शव को पुलिस ने हरिद्वार स्थित राजकीय चिकित्सालय की मोर्चरी में पहचान 72 घंटे के लिए रखवा दिया है।
रायवाला थानाध्यक्ष भुवन चंद्र पुजारी ने बताया जांच पड़ताल में पता चला कि कार नंबर यूके07 डीटी 6853 के सामने आने से महिला की मौत हुई है। चालक फरार चल रहा है। जिसकी तलाश की जा रही है। बताया जा रहा है कि महिला मानसिक रूप से विक्षिप्त थी, उसकी पहचान के लिए आसपास के थाना क्षेत्रों में सूचना प्रेषित कर दी गई है।

तहसीलदार के ड्राइवर और दिल्ली के टैक्सी चालक का विवाद थाने में पहुंचा

कोतवाली पुलिस के मुताबिक टिहरी जनपद के जाखणीधार तहसील में तैनात तहसीलदार के सरकारी ड्राइवर दौलत राम नैथानी ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे वे सरकारी वाहन से हरिद्वार जा रहे थे। इसी बीच तहसील रोड स्थित गौरा देवी चौक पर मामूली विवाद में दिल्ली नंबर की टैक्सी डीएल12सी 5877 के चालक ने उन पर धारधार हथियार से हमला कर लहूलुहान कर दिया। साथ ही लात घूसों भी मारे।
वहीं, इस मामले में टैक्सी चालक सर्वेंद्र रावत ने भी आरोप लगाया कि दोनों गाड़ियां आपस में टच हो गई थी। जिस वजह से विवाद हुआ। प्रशासन की हनक दिखाते हुए तहसीलदार के ड्राइवर ने 20 से 30 लोगों के साथ मिलकर उनके साथ मारपीट की।
कोतवाली वरिष्ठ उपनिरीक्षक डीपी काला ने बताया कि मामले में दोनों पक्ष कोतवाली में पहुंचे। उनकी शिकायत पर जांच की जा रही है।

गुरु नानक सिखों के ही गुरु ही नहीं, पूरे विश्व के भी गुरु है-विस अध्यक्ष

श्री गुरुनानक देव महाराज का 552वां प्रकाश उत्सव श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा में धूमधाम से मनाया गया। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा प्रदेश के खुशहाली की कामना की।
गुरुद्वारा सिंह साहिब के तत्वावधान में रेलवे रोड़ स्थित नानक निवास में दोपहर को दीवान सजाया गया। हजारों लोगों ने गुरुग्रंथ साहिब के सम्मुख मत्था टेका व गुरु की अमृत वाणी सुनी। गुरु का अटूट लंगर भी छका। भक्तों ने शंख ध्वनि और घंटा घडियालों के साथ पूजन अर्चन की गई। इसी बीच गुरुनानक देव के जयकारों से जहां प्रांगण गूंज उठा, वहीं भक्ति भजनों से कार्यक्रम स्थल गुंजायमान रहा। भक्ति भजनों से समां बांधा।
इस अवसर पर विस अध्यक्ष अग्रवाल ने गुरुपर्व दी सुब नु लाख लाख बधाई दी। उन्होंने कहा कि गुरु नानक जंयती कार्तिक पूर्णिमा के दिन पूरे देश में बड़े ही उत्साह के साथ मनाई जाती है। आज के दिन को प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है। गुरु नानक सिखों के ही पहले गुरु ही नहीं है, बल्कि पूरे विश्व के भी गुरु हैं। उन्होंने कहा कि गुरू नानक देव ने अपने उपदेशों से साम्प्रदायिक एकता और सद्भाव की ज्योति जलाई थी। गुरू नानक देव का जीवन एवं उनके सिद्धान्त हमें उदारता अपनाने और अहंकार से दूर रहने की सीख देते हैं। गुरु नानक ने सार्थक जीवन के तीन संदेश दिए, जिसमें भगवान के नाम का जप करना, कड़ी मेहनत करना और जरूरतमंदों की मदद करना शामिल है।
इस अवसर पर सिंह सभा के अध्यक्ष सरदार गोविंद सिंह, सरदार मंगा सिंह, सरदार गोल्डी सिंह पार्षद, पूर्व पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा, सरदार इंदर सिंह, सरदार बूटा सिंह, परमवीर सिंघल, इंद्रपाल सिंह, प्रेम सिंह, सरदार गुरविंदर सिंह, सरदार अमरप्रीत सिंह, सरदार अमनदीप, हरीश आनंद, रामकुमार संगर, सुमित सेठी, सरदार परमजीत सिंह, बिना देवी, कमलेश जैन, कपिल गुप्ता, हैप्पी सेमवाल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।