अल्मोड़ा जिले के दुरस्थ गांवों में पहुंचे सीएम, प्रभावित परिवारों से मिलें

मुख्यमंत्री ने विगत दिनों हुई आपदा में मृतकों के परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने हीराडूंगरी निवासी रेखा देवी की पुत्री अरोमा सिंह के मलबे में दबने के कारण हुई मृत्यु पर उनकी माता से मिलकर गहरा दुःख व शोक संवेदना व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने ग्राम सिराड पहुॅचकर चन्दन सिंह की पत्नी लीला देवी के मलबे में दब जाने से मृत्यु होने पर उनके परिवारजनों से मिलकर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावितों से मुलाकात कर कहा कि अतिवृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रदेश सरकार हर सम्भव सहायता कर रही है। उन्होंने कहा कि आपदा के समय सरकार हर पीड़ित व्यक्ति के साथ खड़ी है और सभी लोग अपने-अपने स्तर से काम कर रहे है। उन्होंने आपदा प्रभावित स्थलों का मुआयना करते हुए जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि आपदा मद से इन स्थलों पर सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जाय।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने पुलिस लाईन में समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों में लापरवाही ना बरती जाए तथा बचाव व राहत कार्यों में तेजी से काम किया जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि शीघ्र अति शीघ्र आपदा प्रभावित इलाकों में राशन व्यवस्था समेत मूलभूत आवश्यकताओं की व्यवस्था की जाए। जिन परिवारों को विस्थापित किया जाना है उनके लिए स्थान का जल्द से जल्द चयन कर उन्हें विस्थापित की जाने की कार्रवाई की जाए। संचार, सड़क, बिजली तथा पानी जैसी मूलभूत आवश्यकताओं समेत सभी व्यवस्थाओं को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए। जिससे लोगों को मुसीबत का सामना ना करना पड़े। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि 07 नवम्बर तक सड़कों को गडढ़ा मुक्त किया जाय।
जिलाधिकारी वन्दना सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय मार्ग व राज्य मार्ग यातायात हेतु खोल दिए गये है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र की बन्द सड़कों को 26 अक्टूबर तक पूर्णरूप से खोल दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि आपदा से हुई क्षति में सभी को मुआवजा वितरित कर दिया गया है। जनपद में आपदा राहत कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। साथ ही सड़क, पैदल मार्ग, पेयजल लाईन, संचार एवं विद्युत आपूर्ति का कार्य तेजी के साथ किया जा रहा है और सभी परिसम्पत्तियों को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
इस दौरान आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ धन सिंह रावत, विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान, सांसद अजय टम्टा, नगरपालिका अध्यक्ष प्रकाश चन्द्र जोशी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित थे।

आपदाग्रस्त क्षेत्रों में मूलभूत सुविधायें निर्धारित समय में पूरी की जाये-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद पिथौरागढ़ में तहसील धारचूला पंहुचकर आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेते हुए आपदा प्रभावितों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने आपदा प्रभावितों को राहत राशि के चैक भी वितरित किए।
मुख्यमंत्री ने तहसील धारचूला मुख्यालय एवं जिला मुख्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर आपदा राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को तत्काल राहत, पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण के कार्यों को तेजी से करने के निर्देश दिए।
उन्होंने क्षेत्र के मृतक व्यक्तियों के प्रति दुःख एवं संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि दुःख की, इस घड़ी सरकार उनके साथ खड़ी है और उनकी हर संभव मदद करेगी। धारचूला में मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावितों को कुल 23 लाख रुपये की धनराशि के चैक वितरित किए।
धारचूला के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिला मुख्यालय पंहुचकर नैनीसैनी एयरपोर्ट के विश्राम गृह में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर आपदा से हुए नुकसान की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राहत, बचाव एवं पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुए रिस्टोरेशन कार्य कराए जाय। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न समेत आवश्यक सामग्री की आपूर्ति नियमित रूप से की जाय। जनपद में सड़क, संचार, विद्युत तथा पेयजल समेत सभी मूलभूत सुविधाओं को यथाशीघ्र दुरुस्त करते हुए स्वास्थ्य एवं शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त रखा जाय,ताकि जनता को किसी भी प्रकार की समस्या न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बंद सड़कों को खोले जाने का कार्य युद्ध स्तर पर किया जाय। इस हेतु अतिरिक्त मशीनरी को लगाया जाय। उन्होंने निर्देश दिये कि जिले में आगामी 7 नवम्बर तक सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त किए जाने का लक्ष्य रखा गया है, इस हेतु यथाशीघ्र कार्य प्रारम्भ किया जाप, साथ ही उन्होंने सभी सड़क मार्गों में झाड़ी कटान व नाली निर्माण का भी कार्य कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि कृषि,औद्यानिकी को भी जितनी क्षति हुई है, उसका भी तुरंत आंकलन किया जाय।
जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान ने जनपद में विगत दिनों तेज बारिश से हुए नुकसान और प्रशासन द्वारा किए गए राहत, बचाव एवं पुनर्निर्माण कार्यों के बारे में जानकारी दी। विगत दिनों हुई भारी वर्षा से जनपद में कुल 105 सड़कें बंद हो गई थी जिसमें से 66 सड़कों को यातायात हेतु खोल दिया गया है। शीघ्र ही सभी सड़कों को यातायात हेतु खोल दिया जाएगा। जिले में उच्च हिमालयी क्षेत्र में फसे लगभग 120 पर्यटकों को हैलीकॉप्टर से सुरक्षित निकाल लिया गया है। इसके अतिरिक्त 108 क्षतिग्रस्त पेयजल लाईनों में से 87 लाईनों को अस्थाई रूप से सुचारू कर दिया गया है, भारी वर्षा से जिले के कुल 580 गाँवों में विद्युत व्यवस्था बाधित हो गई थी जिसमें से 559 गांवों में विद्युत व्यवस्था सुचारू कर दी गई है।
बैठक से पहले, मुख्यमंत्री एवं सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों आदि के द्वारा सभी दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। तहसील पिथौरागढ़ के ग्राम सटगल निवासी भगवान राम तथा छाना पांडेय निवासी निर्मला पांडेय को क्रमशः 48 हजार तथा 39 हजार 900 रुपये के चेक वितरित किए गए। बैठक के उपरांत मुख्यमंत्री द्वारा जनता की समस्याएं भी सुनी। इस दौरान उन्होंने कहा कि मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर प्रदेश में अलर्ट जारी करते हुए सभी पूर्व तैयारियां की गई जिस कारण प्रदेश में हुई इस भीषण वर्षा में जनहानि को कम कर पाए। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही पुनर्निर्माण के कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे, इस हेतु तेजी से कार्य किया जा रहा है।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री बिशन सिंह चुफाल, डॉ. धन सिंह रावत, विधायक चंद्रा पंत, मीना गंगोला, अध्यक्ष जिला पंचायत दीपिका बोहरा, अध्यक्ष नगर पालिका राजेन्द्र रावत, अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक मनोज सामंत, सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि व विभागों के अधिकारी आदि मौजूद रहे।

चंपावत पहुंचे सीएम, पीड़ित परिवारों को बधांया ढ़ाढंस

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज आपदा प्रभावित जनपद चम्पावत में हालात का जायजा लिया। उन्होंने चम्पावत के तेलवाडा में जाकर आपदा में मृतकों के परिजनों से मिलकर उनके प्रति संवेदना व्यक्ति की। मुख्यमंत्री ने दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उनकी पीड़ा को समझती है तथा इस मुश्किल घड़ी में सरकार पीड़ितों एवं आम जनमानस के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से पीड़ितों को हर संभव मदद दी जाएगी। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि जनपद में आपदा प्रभावितों को जल्द से जल्द मुवावजे देने की कार्रवाई पूरी की जाए।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस में समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों में लापरवाही ना बरती जाए तथा कहा कि बचाव व राहत कार्यों में तेजी से काम किया जाएं।
उन्होंने निर्देश दिए कि शीघ्र, अति शीघ्र आपदा प्रभावित इलाकों में राशन व्यवस्था समेत मूलभूत आवश्यकताओं की व्यवस्था की जाए। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि आपदा से निपटने के लिए उपकरणों की आवश्यकता है तो क्रय कर लिए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए की जिन परिवारों को विस्थापित किया जाना है, उनके लिए स्थान का जल्द से जल्द चयन कर उन्हें विस्थापित की जाने की कार्रवाई जल्द से जल्द की जाए। कहा की युद्ध स्तर पर कार्य करें। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों का भू सर्वेक्षण किया जाए। जिसमे एडीएम को उसका नोडल अधिकारी बनाया जाए। प्रशासन को निर्देश दिए कि आपदा ग्रस्त लोगों को हर सम्भव सहयोग दिया जाए।
उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि जनपद में संचार, सड़क, बिजली तथा पानी जैसी मूलभूत आवश्यकताओं समेत सभी व्यवस्थाओं को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए।
जिलाधिकारी विनीत तोमर ने जनपद में राहत कार्यों के बारे में जानकारी दी। इस दौरे पर मुख्यमंत्री के साथ आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक पूरण फर्त्याल, कैलाश गहतोड़ी तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि समेत अन्य मौजूद रहे।

केन्द्रीय पर्यटन एवं रक्षा राज्य मंत्री से मिले विस अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल

विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने दिल्ली में केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने उत्तराखंड में पर्यटन एवं तीर्थाटन के विकास पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि पर्यटन गतिविधियों को और बढ़ाने से राज्य का आर्थिक विकास संभव है।
विस अध्यक्ष ने कहा कि उत्तराखंड सैन्य बहुल और पर्यटन प्रदेश है। कोविड के चलते पर्यटन गतिविधियों पर असर पड़ा है। हालांकि अभी कुछ स्थितियां सुधरनी शुरू हो गईं हैं। पर्यटन ही उत्तराखंड की आर्थिकी की रीढ़ है। लिहाजा पर्यटन के क्षेत्र में केंद्रीय योजनाओं का प्रदेश को भरपूर लाभ मिलना चाहिये। दोनों नेताओं के बीच प्रदेश में पर्यटन एवं तीर्थाटन गतिविधियों को बढ़ाने को लेकर बातचीत हुई। वहीं, केन्द्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि राज्य में नए पर्यटन स्थलों को चयनित करने सहित पर्यटन विकास की अन्य संभावनाओं को तलाशा जा रहा है। राज्य के पर्यटन विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। इसके बाद विस अध्यक्ष ने दिल्ली में ही पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद रमेश पोखरियाल निशंक से भी मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना। उन्होंने बताया कि दोनों के बीच उत्तराखंड के विकास को लेकर वार्ता हुई।

समाजसेवी भगतराम कोठारी का विद्यालय ने किया सम्मान

आवास विकास स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज ऋषिकेश में पूर्व राज्यमंत्री भगत राम कोठारी (अध्यक्ष गन्ना एवं चीनी विकास उद्योग बोर्ड) एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रसाद पांडेय ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में कोठारी ने कहा कि मां सरस्वती के मंदिर में आना मेरे लिए सौभाग्यशाली दिन है, यह विद्या मन्दिर संस्कार व शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अग्रणी भूमिका निभा रहा है और यहां के सम्मानित शिक्षक भी विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने के लिए निरन्तर प्रयासरत है, साथ ही सभी विद्यार्थियों को आशीर्वाद दिया।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रसाद पांडेय ने कोठारी को शुभकामना संदेश प्रेषित किया और शॉल ओढ़ाकर तथा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम का संचालन रामगोपाल रतूड़ी ने किया। इस अवसर पर वीरेंद्र कंसवाल, नरेन्द्र खुराना, सतीश चौहान, कर्णपाल बिष्ट, नंदकिशोर भट्ट, विनय सेमवाल, अनिल, आरती आदि उपस्थित रहे।

ऋषिकेश विधानसभा में बदलाव के दिख रहे सकारात्मक संकेत-रमोला

नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नम्बर 4 में एआईसीसी के सदस्य जयेन्द्र रमोला की अध्यक्षता में आज वोटर लिस्ट वितरण का कार्य किया गया। इसके तहत वार्ड नं. 4 में विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र बूथ स्तर पर महिलाओं व युवाओं के साथ संवाद कर दो बूथों पर वोटर की जांच कार्य को शुरु किया गया। जिसमें छूटे व नये वोटों को जोड़ने के लिये रणनीति बनाई गई।
इस अवसर पर जयेन्द्र रमोला ने कहा कि वोटर लिस्ट वितरण व सत्यापन का कार्य लगातार जारी रखते हुए नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या चार में अधिक से अधिक महिलाओं व युवाओं को बूथ स्तर पर जोड़ने का कार्य किया गया। बैठक में बड़ी संख्या में महिलाओं व युवाओं ने भागीदारी की। इसके साथ-साथ आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी चर्चा की गई ।
रमोला ने कहा कि आज महंगाई ने आमजन की कमर तोड़ दी है और महंगाई से सबसे अधिक परेशान मातृ शक्ति हुई है। आज रसोई का बजट बिगड़ गया है। एक तरफ रोजगार ठप्प हो गया है, बेरोज़गारी चरम पर है लेकिन भाजपा सरकार इन हालातों पर कुछ नही बोल पा रही है।
पार्षद शकुंतला शर्मा ने कहा कि अब समय आ गया है कि मातृ शक्ति को जागना पड़ेगा और सबको एकजुट होकर भाजपा को 2022 प्रदेश से और 2024 में देश से हटाने का कार्य करना पड़ेगा।
कार्यक्रम में युवा कांग्रेस विधानसभा प्रभारी नवदीप हुड्डा, ब्लॉक महिला कांग्रेस अध्यक्ष अंशुल त्यागी, परीक्षा धीमान, सुधीर कुमार, रेनू शर्मा, राज देवी, श्रेष्ठा देवी, जितेन्द्र त्यागी, ओमप्रकाश शर्मा, जयपाल बिट्टू, बिक्रम, सुधीर रावत, सुबोध कुमार, चन्द्रपाल, कुन्ती धीमान, रामकुमार, नीरज शर्मा, शीनू शर्मा, मनीष कुमार, प्रदीप कुमार सहित लोग उपस्थित रहे।

केन्द्रीय योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए मुनिकीरेती पालिका ने शिविर का आयोजन किया

नगर पालिका मुनिकीरेती-ढ़ालवाला में आज श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के सौजन्य से शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में नगर पालिका क्षेत्र के श्रमिकों का पंजीकरण किया गया गया। इसमें 180 श्रम कार्ड बनाए गए।
शिविर का शुभारंभ अधिशासी अधिकारी बद्री प्रसाद भट्ट ने किया। उन्होंने बताया कि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय केंद्र सरकार द्वारा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के राष्ट्रीय डेटाबेस के पोर्टल पर असंगठित श्रमिकों के पंजीकरण हेतु शिविर लगाया गया है। भविष्य में भी इस प्रकार के कैंप का आयोजन कर क्षेत्र के निवासियों को लाभ पहुंचाया जाएगा। इस दौरान शिविर में 180 श्रम कार्ड बनाए गए।
सहायक श्रम आयुक्त केके गुप्ता ने कहा कि इस श्रम कार्ड से आपदा की स्थिति में सहायता राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से श्रमिकों के बैंक खातों में स्थानान्तरित होगी। असंगठित कामगारों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का क्रियान्वयन, श्रमिकों को उनके कौशल विकसित करने और रोजगार के अवसर खोजने में मदद मिलेगी। एक पंजीकरण के बाद समय-समय पर पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होगी एवं पीएमएसबीवाई के तहत दुर्घटना बीमा का लाभ भी मिलेगा। मौके पर दीपक कुमार, सत्येंद्र, मनोज आदि उपस्थित रहे।

बन्द सड़कों को खोलने के लिये युद्धस्तर पर किया जाय कार्य-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार देर सांय तक मुख्यमंत्री आवास में सभी जिलाधिकारियों एवं आयुक्तों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आपदा राहत कार्यों, कोविड-19 वेक्सिनेशन, डेंगू एवं मलेरिया से बचाव आदि के सम्बन्ध में की जा रही व्यवस्थाओं की गहनता से समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि आपदा राहत कार्यों में तेजी लायी जाय, बन्द सड़को को खोलने के लिये आवश्यक उपकरणों एवं मानव संसाधन की व्यवस्था कर युद्धस्तर पर दिन रात कार्य किया जाय। उन्होंने निर्देश दिये कि गोला नदी के पुल की मरम्मत का कार्य 10 दिन में पूरा कर दिया जाय, इसके लिये जो भी आवश्यक व्यवस्थाये की जानी हो वह की जाय। उन्होंने कहा कि कार्यों में तेजी लाये जाने के लिये जन सुविधाओं के साथ व्यवहारिकता पर ध्यान दिया जाय। उन्होंने सड़कों की मरम्मत के साथ बिजली पानी एवं खाद्यान्न आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ ही ओवर रेटिंग पर प्रभावी नियन्त्रण पर ध्यान देने को कहा है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिये है कि अधिकारी अपने फोन किसी भी दशा में बन्द नहीं रखेंगे। उन्होंने कहा कि आपदा राहत एवं निर्माण कार्यों में लापरवाही पर सम्बन्धित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जायेगी। उन्होंने कहा कि शिकायतों एवं अफवाहों का उत्तर बेहतर कार्य प्रणाली में दिया जाय। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को यह भी निर्देश दिये कि क्षतिग्रस्त भवनों, पुस्तों एवं खेतो को हुए नुकसान का अलग से आकलन कर शीघ्र विवरण शासन को उपलब्ध कराया जाय ताकि आपदा मानकों में इसके लिये अतिरिक्त धनराशि की व्यवस्था के प्रयास किये जा सके।

कोविड-19 वेक्सीनेशन की दूसरी डोज के लिये चलाया जाय व्यापक अभियान
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि कोविड-19 वेक्सिनेशन की शत प्रतिशत दूसरी डोज सभी को शीघ्रता से लग जाय, इसके लिये व्यापक अभियान संचालित किया जाय। उन्होंने कहा कि कोविड अभी गया नही है अभी इससे सभी को सतर्क रहने की जरूरत है।

डेंगू एवं मलेरिया से बचाव के लिये किये जाय प्रभावी प्रयास
मुख्यमंत्री ने डेंगू व मलेरिया की रोकथाम के लिये भी साफ सफाई पेयजल की स्वच्छता, दवा छिडकाव फागिंग की प्रभावी व्यवस्था बनाये जाने के निर्देश देते हुए कहा कि इसमें सभी नगर निकायों एवं नगर पंचायतों एवं ग्राम पंचायतों का सहयोग लिया जाय। इस दिशा में सभी प्रचार माध्यमों का उपयोग करने के साथ ही ग्राम प्रधानों के मोबाइल पर मेसेज की व्यवस्था बनायी जाय।
सभी शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई आदि की व्यवस्था के लिये टीमों का गठन कर नोडल अधिकारी नामित किये जाय इसके लिये राज्य स्तर पर भी नोडल अधिकारी नामित कर व्यवस्थाओं का प्रभावी अनुश्रवण किया जाय।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, डॉ. धन सिंह रावत, अपर मुख्य सचिव आनन्द वर्द्धन, सचिव अमित नेगी, डॉ. पंकज कुमार पाण्डे, विनोद कुमार सुमन, महानिदेशक स्वास्थ्य तृप्ति बहुगुणा सहित अन्य अधिकारी एवं आयुक्त कुमांउ व सभी जिलाधिकारी मौजूद रहे।

सीएम ने पौड़ी में सड़क की जांच करने और दोषियों को पर कार्रवाई करने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को जनपद पौड़ी के एक दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम के तहत विकास भवन सभागार में सम्बंधित अधिकारियों के साथ आपदा से क्षतिग्रस्त परिसम्पतियों तथा विकास कार्यों की समीक्षा बैठक ली। मुख्यमंत्री ने आपदा से हुई क्षति की जानकारी लेते हुए पुर्नस्थापना कार्य को लेकर सम्बंधित अधिकारियों को गंभीरता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग व पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को निर्देशित किया कि 24 घंटे के भीतर बंद सड़कों को खोलने का प्रयास करें तथा कहा कि जहां स्थिति ज्यादा खराब है वहां वैकल्पिक मार्ग बनाना सुनिश्चित करें। उन्होंने सम्बंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि 15 दिन के भीतर जनपद की समस्त सड़कों को गड्डा मुक्त बनाना सुनिश्चित करे, जिससे आम जनमानस को परेशानियों का सामना न करना पड़े। डेडलाइन को ध्यान में रखते हुए युद्ध स्तर पर कार्य करना सुनिश्चित करें। इस दौरान मुख्यमंत्री ने डुंगरीपंत-छांतीखाल-खेड़ाखाल मोटर मार्ग को लेकर जिलाधिकारी को जांच करने तथा दोषी पाये जाने वाले के विरूद्व निलंबन करने की कार्यवाही के निर्देष दिये।
मुख्यमंत्री ने क्षतिग्रस्त परिसंपतियों, अवरुद्ध मोटर मार्गों, क्षतिग्रस्त विद्युत और पेयजल लाइनों को जल्द से जल्द बहाल करने के भी आवश्यक दिशा निर्देष दिये। उन्होने कहा कि आपदा राहत कार्या में संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। साथ ही उन्होंने कोरोना काल तथा आपदा में त्वरित कार्यवाही हेतु जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सभी ने बेहतर कार्य किया है।
क्षेत्रीय विधायक ने बताया कि रेलवे परियोजना से जनासू गांव के सडक क्षतिग्रस्त हो रहे है जिसे जनमानस की सुगमता को दृष्टिगत रखते हुए ठीक किया जाय जिस पर मुख्यमंत्री श्री धामी ने जिलाधिकारी को निर्देषित करते हुए कहा कि रेलवे के अधिकारियों के साथ बैठक कर मामले का निस्तारण करें। इसके अलावा उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी से खाद्यान्न की जानकारी लेते हुए निर्देशित किया कि नवम्बर माह का राशन का उठान कार्य अतिशीघ्र करें तथा जनपद में संचालित हो रहा अन्न महोत्सवों में जन प्रतिनिधियों व अधिकारियों की भागीदारी अनिवार्य रूप से करें। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी से कोविड-19 की वैक्सीनेशन की जानकारी लेते हुए निर्देशित किया कि शिविरों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में भी वेक्सीनेशन अभियान को युद्ध स्तर पर चलाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि 18 अक्टूबर तथा 19 अक्टूबर 2021 को हुई अतिवृष्टि से लैंसडाउन व कोटद्वार क्षेत्रों में जल भराव की स्थिति उत्पन्न हुई है, उससे डेंगू जैसी बीमारियों फैलने की सम्भावनाएं हैं। उन्होंने सम्बंधित अधिकारी को निर्देशित उन स्थानों पर दवाई का छिड़काव तथा जन जागरूकता करना सुनिश्चित करें।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जनपद के विकास कार्याे की समीक्षा की जिस पर उन्होने विधायक निधि के खर्चे पर तेजी लाने हेतु विधायकों को अपने अपने प्रस्ताव शीघ्र दीपावली से पूर्व भेजने को कहा साथ ही मुख्य विकास अधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिये।
लोक निर्माण व पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पानी के पुराने स्रोतों पर निर्भर न रहकर नए स्रोत तलाशे। साथ ही उन्होंने चौबट्टाखाल विधानसभा के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीरोंखाल में पानी की समस्या को दूर करने तथा क्षेत्र की अवरुद्ध सड़को को शीघ्र खोलने को निर्देश सम्बंधित अधिकारियों को दिए।
उच्च शिक्षा व आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने श्रीनगर विधानसभा के अंतर्गत बंद सड़कों की जानकारी ली। उन्होंने सम्बंधित अधिकारी को निर्देशित किया कि जिन स्थानों पर मार्ग बंद है उसे तत्काल खोलना सुनिश्चित करें, जिससे आम जनमानस को परेशानियों का सामना न करना पड़ा। साथ ही उन्होंने निर्देशित किया की जिन सड़कों की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है उन पर कार्य प्रारम्भ करना सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने विगत 18 व 19 अक्टूबर को जनपद में हुई भारी अतिवृष्टि से हुए नुकसान की विभागवार जानकारी दी तथा अनुमानित धनराशि क्षति का आंकलन प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष शांति देवी, पौड़ी विधायक मुकेश सिह कोली, जिला अध्यक्ष संपत सिंह रावत, नगर पालिका अध्यक्ष यशपाल बेनाम, एसएसपी पी. रेणुका देवी, मुख्य विकास अधिकारी प्रशान्त कुमार आर्य, अपर जिलाधिकारी ईला गिरी सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

सीएम के निर्देश पर हेली एम्बुलेंस से चमोली के तीन मरीज देहरादून में हुए भर्ती

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जिला अस्पताल गोपेश्वर में भर्ती जलने से घायल तीन लोगों को हेली एम्बुलेंस द्वारा देहरादून लाकर कोरोनेशन अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।
आज मुख्यमंत्री आपदा ग्रस्त क्षेत्रों के निरीक्षण व आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए चमोली व पौङी जिलों के दौरे पर थे। मुख्यमंत्री शुक्रवार को चमोली में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों का हाल जान रहे थे। अस्पताल में मैठाणा गांव के 6 मरीज भर्ती थे जो गैस सिलेण्डर फटने के कारण बुरी तरह झुलस गए थे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए थे कि 30 प्रतिशत से अधिक बर्न मरीजों को तत्काल हेली एंबुलेंस से आज ही कोरोनेशन हॉस्पिटल देहरादून भेजा जाए।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला अस्पताल में भर्ती 6 मरीजों में से 3 मरीजों को रेफर कर हेली एंबुलेंस से देहरादून भेजा गया। कैलाश पुत्र कृपाल लाल उम्र 35 वर्ष तथा प्रिन्स कुमार पुत्र विजेन्द्र उम 29 वर्ष के घर पर गैस सिलेण्डर की आग में 30 प्रतिशत से अधिक बर्न हुए है। जबकि दृष्टि पुत्री विजेन्द्र कुमार उम्र 18 वर्ष जो की गर्भवती होने के साथ बर्न भी हुई है। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए आज रेफर किया गया और हेली एम्बुलेंस द्वारा देहरादून के कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया।