कांग्रेस ने 9 बूथों पर आज फिर चलाया सत्यापन कार्य

ऋषिकेश विधानसभा में कांग्रेस द्वारा बूथ स्तर पर वोटर लिस्ट का वितरण और जांच करने का कार्य किया गया। आज ग्रामसभा छिद्दरवाला, साहबनगर, चकजोगीवाला व जोगीवाला माफ़ी के नौ बूथों पर कार्य किया गया। जिसमें सभी बूथ कमेटियों को वोटर लिस्ट सौंपी गई व उसमें सभी वोटरों के नाम व त्रुटियों को जांच करने के लिये कहा गया। इस प्रक्रिया में मुख्य रूप से युवा कांग्रेस के विधानसभा प्रभारी नवदीप हुड्डा मौजूद रहे।
इस अवसर पर एआईसीसी के सदस्य जयेन्द्र रमोला ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता बूथ स्तर पर पहुंच कर बूथ गठन के साथ कांग्रेस को 2022 के विधानसभा चुनाव में जिताने के लिये पूर्ण रूप से तैयारी कर रहा है। उन्होंने बताया कि आज बैठक कर हमने वोटर लिस्ट वितरण व जांच कार्यक्रम अभियान के तहत कार्यकर्ताओं द्वारा लोगों से घर घर जाकर मिलने का कार्य किया। लोगों से विधानसभा चुनाव में जनविरोधी भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने का आहवान किया।
रमोला ने बताया कि कांग्रेस से नये लोगों के जोड़ने के बाद उनको बूथों की जानकारी भी देने का कार्य किया जा रहा है।
वहीं, युवा कांग्रेस विधानसभा प्रभारी नवदीप हुड्डा ने कहा कि जनसंपर्क अभियान में बड़ी संख्या में लोग कांग्रेस से जुड़ रहे है। उन्होंने कहा कि महिलाएं और युवाओं को ज्यादा रुझान देखने को मिल रहा है। ऐसे में आगामी चुनाव में कांग्रेस को जीत मिलने और राज्य में सरकार बनाने की संभावनाएं ज्यादा प्रबल हो गई है।
बैठक में ज़िला बूथ प्रभारी गजेन्द्र विक्रम शाही, ब्लॉक अध्यक्ष बरफ सिंह पोखरियाल, ज़िला महासचिव गोकुल रमोला, ग्राम प्रधान ध्यान सिंह असवाल, ब्लॉक महिला कांग्रेस अध्यक्ष अंशुल त्यागी, हरि सिंह राणा, पूरण चन्द रमोला, आशा सिंह चौहान, कुंवर गुसाँई, रवि राणा, अमन पोखरियाल, दीपक नेगी, मोहन डोबलियाल, प्रवीन बिष्ट, कमल बिष्ट, टीका राम व्यास, प्रीति नेगी, मनोज पंवार, हरभजन सिंह चौहान, जितेन्द्र त्यागी, राकेश बगियाल, सोहन सिंह थलवाल, राकेश गौड, कैलास नौटियाल, धन बहादुर, रोशन व्यास, रमेश चौहान, बादल थापा, विजय थापा, आशु नेगी सहित कई कांग्रेस जन मौजूद थे।

दो दिन से लगातार अतिवृष्टि से प्रभावित लोगों की बीच मौजूद हैं मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य के अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में पूरे समर्पित भाव से जनता के बीच मौजूद हैं। लगातार दूसरे दिन पीड़ितों के बीच पहुंचकर उन्होंने राहत और बचाव कार्य का जायजा लिया। तूफानी दौरा कर वह हर उस स्थान पर पहुंच रहे हैं जहां के लोगों पर प्रकृति ने कहर बरपाया है। जब हल्द्वानी से मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर टेक ऑफ नहीं कर पाया तो समय जाया किए बगैर वह सड़क मार्ग से ही प्रभावित इलाकों के लिए निकल पड़े। कई बार उन्होंने ट्रैक्टर में बैठकर भी निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री से प्रेरित होकर समूची सरकारी मशीनरी चौबीस घण्टे एक्टिव मोड में है। इधर, मुसीबत की इस घड़ी में मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर पीड़ित जनता राहत महसूस कर रही है।
सैनिक पुत्र धामी में दैवीय आपदा से जूझने में सेना के जवान वाला जज्बा देखने को मिल रहा है। रात-दिन तूफानी दौरे, त्वरित फैसले और कड़क मॉनिटरिंग से युवा मुख्यमंत्री ने अपने कौशल का परिचय दिया है। बीते 17 और 18 अक्टूबर को आई मूसलाधार बारिश ने उत्तराखण्ड के कई जिलों में तबाही मचा दी। प्रभावित इलाकों में युद्धस्तर पर बचाव और राहत कार्य चलाया जा रहा है। सेना के तीन हेलीकॉप्टर भी इस मिशन में जुटे हुए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं ग्राउंड जीरो पर उतर कर बचाव और राहत कार्य की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
बीते मंगलवार को उन्होंने गढ़वाल मण्डल के प्रभावित स्थानों में जाकर अपना दौरा शुरू किया जो अब कुमाऊं मण्डल में जारी रहा। पीड़ित जनता से मिलकर मुख्यमंत्री लगातार उनका हौसला बढ़ा रहे हैं। रेस्क्यू अभियान की खुद अगुवाई करके उन्होंने पूरे ’सरकारी सिस्टम’ को राहत के काम में झोंक रखा है।
मंगलवार की देर रात तक प्रभावित लोगों दुख-दर्द बांटने के बाद बुधवार की सुबह हल्द्वानी में उन्होंने ’जनता दरबार’ लगाया और स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं। अधिकांश समस्याओं का ’एट दि स्पॉट’ समाधान किया गया। अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि आपदा प्रभावित लोगों की हर संभव मदद की जाए। उनकी समस्या का समाधान किया जाए और आवश्यक जरूरतें पूरी की जाएं। जनता दरबार के बाद मुख्यमंत्री प्रभावित क्षेत्रों के लिए निकले पर हल्द्वानी में उनका हेलीकॉप्टर टेक ऑफ नहीं हो पाया। मुख्यमंत्री सड़क मार्ग से ही चले गए। रुद्रपुर, काशीपुर, हल्द्वानी व आसपास के तमाम क्षेत्रों का उन्होंने सघन भ्रमण किया।
मुख्यमंत्री ने खटीमा के बाढग्रस्त प्रतापपुर व नौसर में ट्रेक्टर द्वारा पहुंचकर बाढ़ पीड़ित लोगों का हाल चाल जाना व किसानों से वार्ता की। उन्होने किसानो से कहा कि सरकार द्वारा हर सम्भव सहयोग किया जायेगा। इसके बाद मुख्यमंत्री बण्डियां सत्रहमील होते हुये खटीमा में मेलाघाट रोड स्थित रेलवे कांसिग के पास दुकानदारों से मिलकर उनका हाल चाल जाना। तद्पश्चात उन्होंने मेलाघाट रोड स्थित पकड़िया में स्थानीय लोगों से मुलाकात की। अपना घरबार व फसल गंवा चुके लोगों से मिलकर उन्हें ढाढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आपदा से हुए नुकसान का अतिशीघ्र आंकलन पर प्रभावितों को उचित मुआवजा दिया जाए। जो लोग बेघर हो गए हैं उनके आवास और भोजन की व्यवस्था की जाए। जिलाधिकारियों को बचाव व राहत अभियान की कमान अपने हाथ में लेने और हर घण्टे इसकी प्रगति से अपडेट रहने को कहा गया है।
खटीमा के पश्चात् मुख्यमंत्री ने चंपावत एवं तल्ला रामगढ़ के आपदाग्रस्त क्षेत्रों का हवाई व स्थलीय निरीक्षण तथा भिकियासैंण का हवाई निरीक्षण करने के पश्चात् अतिवृष्टि से क्षेत्र में हुई हानि का ब्यौरा लिया।
मुख्यमंत्री के साथ राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री डा. धन सिंह रावत, केन्द्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट और शासन-प्रशासन के उच्च अधिकारी मौजूद रहे।

नैनीताल जिले में भारी बारिश से जान माल का भारी नुकसान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को जिले में भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने आपदा से हुए नुकसान की जानकारी दी। जिले में चल रहे आपदा राहत कार्यों से भी अवगत कराया।
जिलाधिकारी गर्ब्याल ने सीएम को बताया कि जिले में विगत दिनों मूसलाधार वर्षा होने के कारण लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, जल संस्थान, लघु सिंचाई की बड़े पैमाने पर राजकीय परिसम्पत्तियां क्षतिग्रस्त हुई हैं। जिनका प्राथमिक आंकलन 102 करोड़ रुपये किया गया है। विस्तृत आंकलन जारी है। मुख्यमंत्री ने पुनर्निमाण कार्य शुरू कराने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए। आपदा के दौरान हुई जनहानि, पशु हानि, भवन हानि व फसल हानि का मुआवजा व सहायता राशि तुरन्त आपदा पीड़ितों को देने के निर्देश भी सीएम ने दिए। जिलाधिकारी गर्ब्याल ने मुख्यमंत्री को बताया कि रामनगर के वन ग्राम सुन्दरखाल के 30 परिवारों को वायुसेना के हेलीकॉप्टर एयलिफ्ट किया गया। लालकुआं में बाढ़ से प्रभावित 97 परिवारों को गुरुद्वारे में शिफ्ट किया गया है। क्षेत्र में राहत शिविर साथ ही सहायता राशि बांटी जा रही है। रामनगर के चुकम गांव नदी के तेज बहाव के कारण प्रभावित हो गया था। राफ्टों के माध्यम से रेस्क्यू कार्य किया जा रहा है। गांव में राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। तल्ला रामगढ़ में फंसे यात्रियों के भोजन की व्यवस्था स्थानीय स्तर पर की जा रही है। अतिरिक्त राशन किट उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

मजदूरों के पार्थिव शरीर बिहार जाएंगे
डीएम ने बताया कि ग्राम चौखुटा में 5 मजदूरों की मृत्यु हो गई थी। उनके पार्थिव शरीर को बिहार तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा बिहार के अधिकारियों से वार्ता की जा रही है। मजदूरों के पार्थिव शरीर को दिल्ली भेजा जा रहा है।

कैंची मार्ग में फंसे 500 यात्रियों को निकाला
गर्ब्याल ने बताया कि गत दिवस कैंची-भवाली मार्ग के अवरूद्ध होने से 150 वाहनों में लगभग 500 यात्री फंसे हुए थे। जिनको रेस्क्यू कर निकाला गया। मार्ग हल्के वाहनों के लिए खोल दिया गया है।

मलबे में दबे चार शवों को निकाला
डीएम ने बताया कि बोहराकोट रामगढ़ में मलबे में फंसे दो व्यक्तियों के शव को एनडीआरएफ की टीम ने निकाल लिया है। कैंची में मलबे में फंसे दो शवों को भी निकाल लिया गया है।

जरूरतमंद लोगों को कपड़े, खाद्य सामग्री और आवश्यक वितरित की

खुशियां संस्था एवं सिंधी लेडीज क्लब ने संयुक्तरुप से श्री चंद्रेश्वर महादेव मंदिर के प्रांगण में कैम्प का आयोजन किया। कैंप के माध्यम से दोनों संस्थाओं ने जरूरतमंद लोगों को कपड़े, खाद्य सामग्री एवं आवश्यक वितरित की। इस दौरान आसपास क्षेत्र के जरुरतमंद लोगों ने कैंप का लाभ उठाया।
इस अवसर पर खुशियां संस्था की अध्यक्षा नीलम मिश्रा, सिंधी लेडीज क्लब की अध्यक्षा भावना सिंधी, सीमा रानी ,माया चंदानी, मोहिनी अरोड़ा, सीमा खत्री, तारा शाह, ज्योति डे, निर्मला, बलराम शाह, तृप्ता, अंशुल आदि लोग उपस्थित रहे।

छिद्दरवाला में पेट्रोल पंप खुलने से राहत मिलीं

हरिद्वार-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर छिद्दरवाला में खुले अमरावती फिलिंग स्टेशन का शुभारंभ उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल एवं कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने संयुक्तरुप से किया।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि छिद्दरवाला क्षेत्र में पेट्रोल पंप खुलने से लोगों को राहत मिल सकेगी। कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि छिद्दरवाला में पेट्रोल पंप खुलने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही हरिद्वार देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर गुजरने वाले लोगों को सहूलियत भी होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व एवं सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के अभूतपूर्व प्रयासों से उत्तराखंड में सड़कों का जाल बिछाया गया है। उन्होंने कहा कि ऑल वेदर रोड उत्तराखंड के विकास में मील का पत्थर साबित होगी।
पेट्रोल पंप के उद्घाटन से पूर्व उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ने ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र में आने पर कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
इस अवसर पर पेट्रोल पंप की स्वामी एवं कांग्रेस की प्रदेश महामंत्री लक्ष्मी राणा, पूर्व दर्जा धारी सुरेंद्र मोघा, जिला महामंत्री सुदेश कंडवाल, मेयर अनीता मंमगाई, ब्लॉक प्रमुख भगवान सिंह पोखरियाल, मंडल अध्यक्ष गणेश रावत, हितेश शर्मा, राकेश अग्रवाल, विशाल कक्कड़, इंद्र कुमार गोदवानी, जिला पंचायत सदस्य दिव्या बेलवाल, ग्राम प्रधान शोबन कैंतुरा, पूर्व सदस्य जिला पंचायत विमला नैथानी, डॉ डीके श्रीवास्तव, रमन रांगड, प्रशांत चमोली, नितिन सक्सेना, प्रिंस रावत, समा पंवार, बलविंदर सिंह, ग्राम प्रधान भगवान सिंह महर, प्रधान रोहित नौटियाल सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

कांग्रेस ने शुरु किया, बूथ स्तर पर वोटर लिस्ट जांचने का कार्य

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेन्द्र रमोला की अध्यक्षता में आज बूथ स्तर पर वोटर लिस्ट को वितरण करने का कार्य किया गया। मौके पर युवा कांग्रेस के विधानसभा प्रभारी नवदीप हुड्डा उपस्थित रहे।
इस अवसर जयेन्द्र रमोला ने बताया कि हमनें बूथ स्तर पर पहुंच कर बूथ गठन के साथ-साथ बूथ पर वोटर लिस्ट वितरण का कार्य भी शुरू कर दिया है। इसका मुख्य उद्देश्य वोटर की पहचान करना, वोटर सूची में त्रुटियों का सुधार करना और छूटे वोटरों का नाम जुड़वाना शामिल है। हर मतदाता को मतदान कराने के लिए कांग्रेस यह मुहिम चला रही है।
रमोला ने बताया कि बूथ मज़बूती के साथ-साथ नये लोगों को संगठन से जोड़ने का कार्य भी किया जा रहा है। जल्द ही सभी बूथों पर वोटर लिस्टों का सर्वे कार्य पूरा कर घर-घर जाकर कांग्रेस का प्रचार शुरू किया जायेगा।
युवा कांग्रेस विधानसभा प्रभारी नवदीप हुड्डा ने कहा कि युवा कांग्रेस ने प्रदेश में लगभग चालीस सीटों पर अपने कॉर्डीनेटर लगाये हैं जिनके माध्यम से बूथों पर कमेटियां बनाकर आगामी विधानसभा चुनाव के लिये युवाओं व महिलाओं की टीम तैयार कर कांग्रेस के प्रत्याशी के पक्ष में बूथ स्तर पर कार्य लिया जायेगा।
बैठक में ज़िला बूथ प्रभारी गजेन्द्र विक्रम शाही, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष देवेन्द्र बेलवाल, ब्लॉक महिला कांग्रेस अध्यक्ष अंशुल त्यागी, गुमानीवीला इकाई अध्यक्ष हीरा सिल्सवाल, जितेन्द्र त्यागी, ज़िला सचिव लक्ष्मी उनियाल, सरोजिनी देवी, मंजू नाथ, शिवानी राणा, यशोदा राणा, स्वाती नौडियाल, शिवानी खत्री, हिमानी, पिंकी देवी, अनिस्का, आदित्य झा सहित कई कांग्रेसजन मौजूद रहे।

युवा सीएम के जज्बे को सलाम, 15 दिन के अंदर गौलापुल की क्षतिग्रस्त एप्रोच वॉल का होगा निर्माण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सुबह सर्किट हाउस काठगोदाम में जन समस्याएं सुनी। मुख्यमंत्री ने गौलापार क्षेत्रवासियों को आश्वस्त किया कि गौलापुल के क्षतिग्रस्त एप्रोच वॉल का निर्माण 15 दिन के भीतर प्रारम्भ कर दिया जायेगा। क्षेत्र के प्रधान संगठन भी क्षेत्र की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मिले, जिस पर मुख्यमंत्री ने प्रधानों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण किया जायेगा। उन्होंने कहा सरकार हमेशा जनता के साथ है उनकी मदद के लिए हमेशा तत्पर है। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में धैर्य बनाये रखें, समस्याओं का प्राथमिकता से निदान किया जायेगा।
इस अवसर पर आपदा प्रबन्धन मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, महापौर डॉ. जोगेन्द्रपाल सिंह रौतेला, सहित डीजीपी अशोक कुमार, आयुक्त सुशील कुमार, डीआईजी नीलेश आनन्द भरणे, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, अपर जिलाधिकारी अशोक जोशी के अलावा जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

हवाई निरीक्षण के बाद मौके पर जाकर रेस्क्यू अभियान का सीएम कर रहे निरीक्षण

प्रदेश में पिछले दो दिनों से अतिवृष्टि के कारण उत्पन्न स्थिति का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी निरन्तर अनुश्रवण कर राहत एवं बचाव कार्यों के सम्बन्ध में अधिकारियों से जानकारी प्राप्त कर आवश्यक निर्देश भी दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने पीडितों को त्वरित राहत एवं अनुमन्य आर्थिक मदद के साथ ही तीर्थयात्रियों एवं पर्यटकों की सुविधा का भी ध्यान रखने के निर्देश दिये हैं।
मंगलवार को मुख्यमंत्री ने पूर्वाहन मे सचिवालय स्थित राज्य आपदा प्रबन्धन कन्ट्रोल रूम जाकर प्रदेश में अतिवृष्टि से हुए नुकसान की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से वीडियों कांफ्रेंसिंग के माध्यम से भी स्थिति का जायजा लिया।
उसके बाद मुख्यमंत्री ने गढ़वाल व कुमांऊ क्षेत्र के आपदा ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया तथा रूद्रप्रयाग के जिलाधिकारी से यात्रा व्यवस्थाओं तथा विभिन्न स्थानों पर रूके यात्रियों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि पीडितों के साथ ही यात्रियां को हर संभव सहयोग एवं सहायता उपलब्ध करायी जाय। उन्होंने बन्द मार्गाे को खोलने के भी निर्देश जिलाधिकारी को दिये।
दोपहर बाद मुख्यमंत्री ने एक बार फिर कुंमाऊ क्षेत्र के रामनगर, बाजपुर, किच्छा, सितारगंज आदि आपदा ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर पंतनगर एयरपोर्ट पर जिलाधिकारी के साथ एयर फोर्स, एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ के अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्याे के सम्बन्ध में विचार विमर्श किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने रूद्रपुर संजयनगर खेड़ा में उत्पन्न जल भराव की स्थिति का जायता लिया तथा प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होने जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने व रहने, भोजन आदि की समुचित व्यवस्था कराना सुनिश्चित करें। अतिवृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार द्वारा हर सम्भव सहयोग किया जायेगा। उन्होने कहा कि इस आपदा के कारण जिन परिवारों में जनहानि हुई है उनके आश्रितों को 4 लाख रूपये का मुआवजा दिया जायेगा। उन्होने पीङितों से मिलते हुए कहा कि सरकार द्वारा सभी जरूरी इंतजाम किये जा रहे हैं। उन्होने कहा कि यह एक दैवीय आपदा की घड़ी है, इस परिस्थितियों में सभी के सहयोग से इस आपदा से निपटा जायेगा। उन्होने रेस्क्यू मे लगे एनडीआरएफ, पुलिस के जवानों का हौसला भी बढ़ाया।
मुख्यमंत्री ने आपदा पीडितों को आश्वस्त किया कि संकट की इस घडी में राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है।
इसके पश्चात् मुख्यमंत्री सड़क मार्ग से हल्द्वानी पहुंचे तथा अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त हुए गोला नदी पुल का निरीक्षण किया तथा नदी से हुए नुकसान का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने प्रभावितों से मिलकर उनकी समस्यायें भी सुनी। मुख्यमंत्री ने पीडितों को हर सम्भव मदद का आश्वासन दिया।
सर्किट हाउस काठगोदाम में मुख्यमंत्री ने जनपद नैनीताल के अधिकारियों के साथ जनपद में आपदा से हुए नुकसान आदि की समीक्षा की तथा राहत एवं बचाव कार्यों में पूरे मनायोग एवं तत्परता के साथ सम्पादित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि हर पीडित की मदद करना हमारा उद्देश्य होना चाहिए। इस सम्बन्ध में कोई कोताही न बरती जाय। इस दौरान आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ धनसिंह रावत भी मुख्यमंत्री के साथ रहे।

भारतीय सेना के जवानों ने रेस्क्यू कर बचाई 313 लोगों की जान

उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में भारी वर्षा के कारण मची तबाही के बीच सेना के जवान देवदूत बनकर राहत बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। मंगलवार को सेना के जवानों ने टनकपुर और नैनीताल से 313 लोगों का रेस्क्यू करते हुए सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इसमें महिलाओं के अलावा छोटे बच्चे भी शामिल थे। देहरादून स्थित उत्तराखंड सब एरिया मुख्यालय से सेना के विशेष अभियान की जानकारी साझा की गई। प्रेस को जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि भारी बारिश के कारण काली नदी टकनपुर में जल स्तर बढ़ गया। मंगलवार को इस नदी में बाढ़ आ गई। सेना ने तत्काल सुबह साढ़े आठ बजे मुख्यालय उत्तराखंड उप क्षेत्र और उत्तर भारत क्षेत्र के तत्वावधान में पंचशूल ब्रिगेड की जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री से दो बाढ़ राहत कॉलम जुटाए। इसके बाद टनकपुर के शारदा घाट गांव और अंबेडकर नगर गांव में राहत बचाव अभियान चलाया गया। करीब चार घंटे ये अभियान चला। इस दौरान 283 ग्रामीणों को बचाया गया। इसमें 89 पुरुष, 139 महिलाएं और 55 बच्चे शामिल थे। जम्मू और कश्मीर लाइट इन्फैंट्री के अतिरिक्त बचाव कॉलम किसी भी अप्रत्याशित आकस्मिकता से निपटने और नागरिक प्रशासन को आगे की सहायता के लिए बनबासा सैन्य स्टेशन पर स्टैंडबाय पर रखे गए हैं।
सेना के जवानों ने तल्लीताल नैनीताल में भी रेस्क्यू अभियान चलाया। यहां भी अचानक पानी बढ़ने और तेज बहाव के कारण कई दुकानदार अपनी-अपनी दुकानों में फंस गए। नैनीताल प्रशासन ने सहायता के लिए अनुरोध किया और सेना मौके पर पहुंच गई। पंचशूल ब्रिगेड की निगरानी और लक्ष्य प्राप्ति बैटरी से एक बाढ़ राहत कॉलम पंचशूल ब्रिगेड, मुख्यालय उत्तराखंड उप क्षेत्र और उत्तर भारत क्षेत्र के तत्वावधान में नैनीताल के तल्लीताल में बचाव अभियान चलाया गया। यहां छह घंटों में 30 लोगों को बचाया गया। इसमें दो बच्चे भी शामिल हैं। किसी भी अप्रत्याशित आकस्मिकता से निपटने के लिए नैनीताल मिलिट्री स्टेशन पर जवानों को मुस्तैद रखा गया है।

भारी बारिश से हुई तबाही, राहत और बचाव कार्यों में सेना के हेलीकाप्टर लगाये

प्रदेश में भारी बारिश के दौरान हुए भूस्खलन की घटनाओं में 40 लोगों की मौत हो गई। नैनीताल जिले में ही 25 लोगों की मौत हुई है। मरने वालों में 14 उत्तर प्रदेश और बिहार के मजदूर शामिल हैं। नैनीताल जिले के रामगढ़ ब्लॉक में 9 मजदूर घर में ही जिंदा दफन हो गए। जबकि, झुतिया गांव में ही एक मकान मलबे में दबने से दंपति की मौत हो गई, जबकि बेटा अभी लापता है। दोषापानी में 5 मजदूरों की दीवार के नीचे दबने से मौत हो गई।
नैनीताल जिले में ही क्वारब में 2, कैंची धाम के पास 2, बोहराकोट में 2 और ज्योलिकोट में एक की मौत हुई। अल्मोड़ा में छह लोगों की मलबे में दबने से मौत हुई है। जबकि, चंपावत में तीन और पिथौरागढ़-बागेश्वर में भी एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। बाजपुर में तेज बहाव में बहने से एक किसान की मौत हो गई। उधर, बारिश का पानी घर में घुसने से फैले करंट से किच्छा में यूपी के देवरिया के विधायक कमलेश शुक्ला के घर में फैला करंट फैलने से बहू की मौत हो गई। नैनीताल के ओखलकांडा और चम्पावत में आठ लोग लापता हैं।
दो दिन से हो रही बारिश से आपदा के चलते एसडीआरएफ की टीमें रातभर बचाव और राहत अभियान में जुटी रहीं। एसडीआरएफ ने इस दौरान छह सौ से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में कामयाबी हासिल की। प्रदेश भर एसडीआरएफ की 29 स्थानों पर पोस्ट हैं। मौसम विभाग की ओर से भारी बारिश की चेतावनी के बाद, सभी टीमों को पहले ही हाई अलर्ट पर रखा गया था। इसी क्रम में एसडीआरएफ कमांडेंट नवनीत भुल्लर कंट्रोल रूम में डटकर, रातभर राहत और बचाव अभियान की निगरानी करते रहे। इस दौरान बारिश से हो रहे नुकसान, सड़क मार्ग पर फंसे वाहनों, पैदल मार्गों पर फंसे यात्रियों की जानकारी जुटाकर उन तक टीमें पहुंचाने का काम किया गया। बल की टीमों ने गौमुख ट्रैकिंग रूट, केदारनाथ पैदल मार्ग के साथ ही जगह बाढ़ और मलबे में फंसे लोगों को बचाने का काम किया। मंगलवार दोपहर बाद तक बल की टीमों ने छह सौ लोगों को सुरक्षित निकालने में कामयाबी हासिल की।

केदारनाथ में ठंड से बाबा दंडी भारती की मौत
केदारनाथ में बीते कई सालों से रह रहे बाबा दंडी भारती का मंगलवार को निधन हो गया। बताया जा रहा है कि मंगलवार सुबह 5 बजे ठंड अधिक बढ़ने से उनकी मौत हुई है। उधर, रुड़की के लंढौरा में बारिश के दौरान एक दीवार गिरन जाने से नौ माह के बच्चे की मौत हो गई।

राहत-बचाव को मिले सेना के तीन हेलीकॉप्टर
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने बताया कि, सेना के तीन हेलीकॉप्टर को आपदा को लेकर संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया जा रहा है। सभी डीएम से बारिश की वजह से किसानों की फसलों को हुए नुकसान की रिपोर्ट मांगी गई है।

पुलिया टूटने से कई गांवों का संपर्क कटा
सोमवार सुबह से हुई मूसलाधार बारिश से गौला की बाढ़ ने पूरे किच्छा क्षेत्र जमकर तबाही मचाई। किच्छा डैम फाटक तेज बहाव से क्षतिग्रस्त गए। कई बस्तियां पानी में डूब गईं। पानी बस्तियों में घुसने से लगभग एक दर्जन घर क्षतिग्रस्त एवं एक पुलिया टूट गई। प्रशासन ने डूबी बस्तियों में बचाव कार्य चला कर लोगों को बाहर निकाला।