प्रसिद्ध बग्वाल मेले का संचालन राज्य सरकार करेगी-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चंपावत की लोहाघाट विधानसभा के देवीधुरा में 21.56 करोड़ की विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने लोगो की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए देवीधुरा स्थित मॉ वाराही धाम में लगने वाले प्रसिद्ध बग्वाल मेले का संचालन राज्य सरकार द्वारा किए जाने के साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा लोहाघाट विधानसभा हेतु 39.70 करोड़ की विभिन्न विकास योजनाओं की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास की विभिन्न योजनाओं के शिलान्यास एवं लोकार्पण से क्षेत्र वासियों को इनका लाभ मिलेगा। उनेंने कहा कि हर क्षेत्र का विकास ही हमारा ध्येय है। उन्होंने कहा कि हम आगे भी देवीधुरा क्षेत्र के विकास हेतु हमेशा तत्पर रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक युवा को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के लिए हमारी सरकार प्रयासरत है।
मुख्यमंत्री ने नव निर्मित राजकीय आदर्श महाविद्यालय देवीधुरा के भवन का लोकार्पण करते हुए विद्यालय में बीएससी, बीकॉम, कक्षाएं शुरू करने की घोषणा की। लोहाघाट नगर पंचायत को नगर पालिका का दर्जा देने, लोहाघाट पीजी कालेज में स्नातकोत्तर स्तर पर समाज शास्त्र व इतिहास विषय सृजित करने आदि की भी घोषणा की। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि उनकी आशाओं एवं आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए राज्य सरकार पूरा प्रयास करेगी। महाविद्यालय के भवन लोकार्पण के अवसर पर मुख्यमंत्री ने महाविद्यालय के कक्षा-कक्षों आदि का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने जिन 5 योजनाओं का लोकार्पण किया उनमें भारत सरकार द्वारा पोषित ’रूसा’ परियोजना के अंतर्गत आदर्श महाविद्यालय (मॉडल कॉलेज) के भवनों का निर्माण लागत कुल 10.47 करोड़, नाबार्ड के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट के विकासखंड पाटी में शाल टांण मोटर मार्ग से माँ शिलादेवी मंदिर तक सड़क मार्ग का सुधारीकरण कार्य लागत रूपये 1.73 करोड़, राज्य योजना के अंतर्गत जनपद चंपावत के विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट के अंतर्गत तिमलागुंठ पीपलढींग मोटर मार्ग का पुनःर्निर्माण व सुधारी करण कार्य लागत रू. 1.91 करोड़ है। राज्य योजना के अंतर्गत जनपद चंपावत के विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट के विकासखंड पाटी में काठगोदाम खुटानी लोहाघाट पंचेश्वर मोटर मार्ग से ग्राम सभा गहतोडा में झाड़सिरतोली तक मोटर मार्ग का निर्माण लागत 1.86 करोड़ खसकांड़े सोलर पंपिंग पेयजल योजना 104.24 लाख शामिल है।
इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री द्वारा जिन 4 योजनाओं का शिलान्यास किया गया उनमें राज्य योजना के अंतर्गत जनपद चंपावत की विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट के अंतर्गत पाटी छत्तरदयार गुम मोटर मार्ग का पुनर्निर्माण व सुधारीकरण का कार्य लागत 1.15 करोड़, विकासखंड पाटी में छिनकाछीना सिमलखेत मोटर मार्ग के जालछीना से ग्राम कजीना के गहत्वाड़ तक मोटर मार्ग का निर्माण लागत 99.47, विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट के अंतर्गत टाक बैंड से कुंडीमाहरा मोटर मार्ग सुधारीकरण का कार्य लागत 1.12 करोड़ है। लोहाघाट डिग्री कॉलेज से गंगनौला- नसखौला होते हुए पोखरीबोरा मोटर मार्ग का पुनर्निर्माण एवं सुधार कार्य लागत रू. 1.29 करोड़ शामिल है ।
मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट के लिये की गई 39.70 करोड़ की घोषणा में लोहाघाट नगर के लिये लिफ्ट पेयजल योजना के लिये 16.92 करोड़, दिगाली चौड के लिये लिफ्ट पंपिंग योजना हेतु 3.87 करोड़, विकासखण्ड पाटी में लधिया नदी के बांये एवं दायें पार्श्व में स्थित ग्राम परेवा गागरी एवं कुल्यालगांव के साथ ही बाराकोट के ग्राम बोतडी में बाड़ सुरक्षा कार्यों हेतु 11.66 करोड तथा विकासखण्ड लोहाघाट, बाराकोट तथा पाटी विभिन्न सड़कों के लिये निर्माण हेतु 7.25 करोड़ की धनराशि शामिल है।
इससे पूर्व देवीधुरा पहुंचने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सर्वप्रथम विश्व प्रसिद्ध मां वाराही धाम के दर्शन एवं पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। उसके बाद मुख्यमंत्री ने आदर्श महाविद्यालय देवीधुरा पहुंचने पर पौधारोपण भी किया।
मुख्यमंत्री के साथ मौजूद कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि महाविद्यालय देवीधुरा के रूप में क्षेत्रीय जनता को एक मॉडल कॉलेज मिल रहा है। इससे क्षेत्र के युवाओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सुविधा होगी। लोहाघाट विधायक पूरन फर्त्याल ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि युवा मुख्यमंत्री के नेतृत्व में लोहाघाट विधानसभा विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।
इस अवसर पर सांसद अजय टम्टा, प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार, जिला पंचायत अध्यक्षा ज्योति राय, अपर जिलाधिकारी त्रिलोक सिंह मर्ताेलिया सहित अन्य विभागीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

सोमवार को जारी हुई राज्य सरकार की नई एसओपी, ये बंदिशें हैं बरकरार

राज्य सरकार ने कोरोना कर्फ्यू आगामी 24 अगस्त तक बढ़ा दिया है। सोमवार को इस बाबत नई एसओपी जारी कर दी गई है। जिसमें कोई बदलाव नहीं किया है। सभी नियम और शर्तें पहले जैसी ही रखी गईं हैं।
मुख्य सचिव एवं राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुखबीर सिंह संधू ने कोविड कर्फ्यू के संबंध में सोमवार को आदेश जारी कर दिया है।

ये बंदिशें हैं बरकरार
– कोरोना वैक्सीन की डबल डोज लेने के 15 दिन की रिपोर्ट पर राज्य में प्रवेश।
– कोविड वैक्सीन की डबल डोज न लेने वालों के लिए 72 घंटे की आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट जरूरी।
– विवाह समारोह में 50 लोगों के शामिल होने की शर्त लागू।
– शवयात्रा में भी 50 से अधिक लोग शामिल नहीं हो सकेंगे।

सैलून और स्पा 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खुले
प्रदेश में सभी स्पा और सैलून खोलने की अनुमति है। सभी स्पा व सैलून 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खुले हैं। इससे पहले जिम, शॉपिंग मॉल, सिनेमा हॉल व स्वीमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थियेटर, ऑडिटोरियम व इनसे संबंधित सभी गतिविधियां 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खोलने की अनुमति है।

होटलों में स्पा खुलेंगे
सरकार ने होटलों में स्थित कॉन्फ्रेंस हाल, स्पा व जिम को भी 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खोलने की अनुमति है।
सरकारी गैर सरकारी प्रशिक्षण संस्थान भी खुले
प्रदेश में 18 वर्ष से ऊपर के प्रशिक्षुओं के लिए सरकारी और गैरसरकारी प्रशिक्षण संस्थान कोविड प्रोटोकॉल के अनुपालन के साथ खोलने की अनुमति है।
रात्रि कर्फ्यू जारी रहेगा
प्रदेश में रात्रि कर्फ्यू जारी रहेगा।
बाजार सुबह आठ बजे से रात नौ बजे तक खुलेंगे।
नगरीय क्षेत्रों में स्थित होटल रेस्तरां, भोजनालय व ढाबे रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक बंद रहेंगे।

चुनावी साल में धामी सरकार सभी को लुभाने का कर रही प्रयास

राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में शहरी विकास विभाग के इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई।
उत्तराखंड में करीब 584 अवैध मलिन बस्तियां 2024 तक नहीं हटाई जा सकेंगी। हाईकोर्ट ने इन्हें हटाने का आदेश दिया था, लेकिन 2018 में राज्य सरकार ने दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने के लिए कानून बना दिया था। अक्तूबर 2021 में यह कार्रवाई स्थगित रखने की अवधि खत्म हो रही है। अब प्रदेश मंत्रिमंडल ने इसे तीन साल के लिए बढ़ा दिया है।

कैबिनेट के इस फैसले से अवैध मलिन बस्तियों में 1.80 लाख घरों में रह रहे 11 लाख लोगों को राहत मिलेगी। प्रदेश मंत्रिमंडल ने शहरी विकास विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

प्रस्ताव के तहत उत्तराखड नगर निकाय एवं प्राधिकरणों के लिए विशेष प्रावधानों के अंतर्गत 2018 की धारा 4 निकायों में अनधिकृत निर्माण से संबंधित दंडात्मक कार्रवाई को आगामी तीन वर्षों तक स्थगित रखा जाएगा। मंत्रिमंडल में 22 प्रस्ताव आए, जिनमें से एक पर निर्णय नहीं हुआ।

जाति प्रमाण पत्र से हटेगा पूर्वी पाकिस्तान
प्रदेश मंत्रिमंडल ने ऊधमसिंह नगर जिले के सितारगंज, गदरपुर, दिनेशपुर और रुद्रपुर में रह रहे बंगाली समुदाय के लोगों को बड़ी राहत दी है। पिछले करीब 60 साल से यहां रह रहे लोगों के जाति प्रमाण पर पूर्वी पाकिस्तान लिखा जा रहा है। प्रस्ताव के तहत अब ऐसे लोगों के जाति प्रमाण पत्र पर पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित के स्थान पर पूर्वी बंगाल से विस्थापित शब्द का इस्तेमाल होगा। इस फैसले से बंगाली समुदाय के करीब पौने तीन लाख लोगों को राहत मिलेगी।

5300 करोड़ का अनुपूरक बजट आएगा
विधानसभा के मानसून सत्र में प्रदेश सरकार करीब 5300 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश कर सकती है। प्रदेश मंत्रिमंडल ने वित्त विभाग के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। साथ ही प्रस्ताव में जरूरी संशोधन के लिए मुख्यमंत्री को अधिकार भी दे दिए।

विधवा की पुत्री के विवाह के अनुदान की अर्हता बढ़ी
प्रदेश में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व सामान्य वर्ग की विधवा पेंशन ले रही विधवा की बेटी की शादी के लिए अनुदान की वार्षिक आय की अर्हता 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 48 हजार कर दी गई है। कैबिनेट ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। योजना के तहत 51 हजार का विवाह अनुदान दिया जाता है।

रोडवेज कर्मचारियों के वेतन के प्रस्ताव को मंजूरी
प्रदेश मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड परिवहन निगम के कर्मचारियों के वेतन के लिए 13.88 करोड़ के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। निशुल्क यात्रा व्यय की प्रतिपूर्ति को मिलाकर कुल 16.17 करोड़ रुपये रोडवेज को देने का फैसला हुआ।

कैबिनेट के प्रमुख फैसले
– उत्तराखंड डेरी विकास अधीनस्थ सेवा नियमावली 2021 का गठन।
– बदरीनाथ धाम व केदारनाथ मास्टर प्लान के कार्यों की प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसट्रक्शन (पीएमसी) आईएनआई डिजाइन स्टूडियो प्रा.लि. कंसलटेंसी एजेंसी को।
– बदरीनाथ धाम मास्टर प्लान चरण एक में नौ सरकारी कार्यालय ध्वस्त होंगे।
– नई उत्तराखंड लेखा परीक्षा नियम संग्रह लागू होगा।
– राजकीय नर्सिंग कॉलेज बाजपुर में 70 नए पदों का सृजन होगा।
– हिमालयन गढ़वाल विश्व विद्यालय का नाम संशोधन कर महाराजा अग्रसेन हिमालयन विवि होगा।
– उच्च शिक्षा के तहत सभी श्रेणी प्रातःकालीन, गेस्ट टीचर, संविदा टीचर, नितांत स्थायी टीचर का 35 हजार रुपये समान मानदेय।
– उत्तराखंड सिंचाई विभाग में मेट (समूह ग) सेवा नियमावली बनाई गई। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से भरा जाएगा पद।
– राज्य में यूएसनगर के जलाशयों में 200 मेगावाट के फ्लोटिंग पावर संयंत्र लगाने के फैसले को वापस लिया।
– उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में समीक्षा अधिकारी एवं वैयक्तिक सहायक के पदों पर संविलियन नियमावली 2021 को मंजूरी।
– 622 में से शेष बची 25 मदिरा की दुकानों के लिए 50 प्रतिशत राजस्व निर्धारित, आवंटन के समय लिया जाएगा अधिभार।
– उत्तराखंड केंद्रीय विद्युत नियामक प्रतिवेदन 2004 की धारा 104 व 105 के वित्तीय वर्ष के लेखा जोखा विधान मंडल के पटल पर आएगा।
– उत्तराखंड माल सेवा कर 2021 विधेयक को पुनर्स्थापित कर विधान मंडल के पटल पर रखा जाएगा।
– हल्द्वानी में वाणिज्यिक वादों के निपटारे के लिए वाणिज्यिक न्यायालय का गठन होगा।

उपनल कर्मचारियों का मसला फिर लटका, मलिन बस्तियों पर मेहरबानी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार शाम को कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। 23 अगस्त से शुरू हो रहे विधानसभा मानसून सत्र के लिए सरकार ने 5374 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट को मंजूरी दी है। सचिवालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में 21 प्रस्तावों में से 20 पर मुहर लग गई। कैबिनेट मंत्रियों ने मलिन बस्तियों को तीन साल और सुरक्षा कवच देने का फैसला लिया है। उत्तराखंड की 584 मलिन बस्तियों को तीन साल के लिए अतिक्रमण हटाओ अभियान से सुरक्षा कवच मिल गया।

सरकार ने मलिन बस्तियों में वर्ष 2024 तक अतिक्रमण न हटाने का निर्णय किया है। वर्ष 2018 में भी सरकार तीन साल तक अतिक्रमण अभियान से अलग रखने का निर्णय किया था। वह अवधि इस साल अक्टूबर में समाप्त हो रही थी। जाति प्रमाणपत्र में बंगाली समुदाय से पूर्वी पाकिस्तान शब्द भी हटाया जाएगा। कैबिनेट मीटिंग में डिग्री कॉलेज का मामले पर भी विचार-विमर्श किया गया। सरकार ने प्रदेशभर के डिग्री कालेज के गेस्ट टीचर का मानदेय बढ़ाकर 35 हजार रुपये प्रतिमाह करने का फैसला लिया है। अब तक यह दर अलग-अलग थी।

दूसरी तरफ, उपनल कर्मचारियों के मानदेय संशोधन का मामला एक बार फिर लटक गया जिसके बाद कर्मचारियों में इससे नाराजगी है। काफी लंबे से मांगों के निस्तारण नहीं होने की वजह से कर्मचारियों में रोष है। उपनल कर्मचारियों के मानदेय का प्रस्ताव कैबिनेट एजेंडे में शामिल न होने पर मंत्रियों ने अफसरों की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई। उपनल सब कमेटी अध्यक्ष श्रम मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत, सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने दो टूक कहा कि जब प्रस्ताव समय पर आने ही नहीं है तो फिर सब कमेटी बनाने का लाभ ही क्या?

बेटी की शादी में के लिए आसानी से मिलेगी सहायता
कैबिनेट ने विधवा महिला की बेटी की शादी के लिए अनुदान प्राप्त करने के लिए सालाना पारिवारिक आय सीमा 15 हजार से बढ़ाकर 48 हजार कर दी है। आय सीमा बढ़ने से अधिक पात्र महिलाएं योजना का लाभ उठा पाएंगी। प्रदेश में विधवा पेंशनर को प्रति माह 12 सौ रुपए की पेंशन प्रदान की जाती है। इसके साथ ही सरकार ऐसी महिलाओं की बेटी की शादी के लिए पचास हजार रुपए की सहायता प्रदान करती है। लेकिन इसके लिए पारिवारिक आय सीमा अब तक 15 हजार रुपए सालाना थी, अब इसे 48 हजार सालाना कर दिया गया है। प्रदेश में इस श्रेणी में एक लाख 78 हजार महिला पेंशनर हैं।

लोक सुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने उठाई रोजगार और विकास की मांग

दून और मसूरी के बीच बनने वाले रोपवे निर्माण में स्थानीय लोगों का पक्ष जानने के लिए उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (यूटीडीबी) ने उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सौजन्य से लोक सुनवाई का आयोजन किया गया। लोक सुनवाई में सभी उपस्थित ग्रामीणों ने पूर्णरूप से प्रोजेक्ट को लगाये जाने पर सहमति के साथ ही समर्थन प्रदान किया। इसके अलावा स्थानीय व्यक्तियों को रोजगार के अवसर प्रदान करने के साथ ही क्षेत्र के विकास की मांग भी की गई।

कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए एडीएम जीसी गुणवंत की अध्यक्षता में सोमवार को पुरकुल स्थित प्राचीन शिव मंदिर में लोक सुनवाई का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि यह रोपवे दोनों शहरों के लिए रोमांच और पर्यटन की नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाला साबित होगा। वहीं, सबसे पहले मैसर्स मसूरी स्काई कार कम्पनी प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारियों ने ग्रामीणों को रोपवे से होने वाले लाभ और परियोजना के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।

ग्रामीणों ने मांग करते हुए कहा कि रोपवे से सृजित होने वाले रोजगार के अवसर में ग्रामीणों को प्राथमिकता देने के साथ क्षेत्र के विकास के लिए भी काम किया जाए। जिस पर अवगत कराया गया कि ग्रामीणों को रोजगार के मौके उपलब्ध कराने के साथ क्षेत्र का विकास भी तेजी से होगा। रोपवे के निर्माण से बड़े पैमाने पर ढांचागत विकास होगा, जिससे मौजूदा क्षेत्रों की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। साथ ही मसूरी में भी इससे जुड़े कई विकास कार्य होंगे, जिसका पर्यटकों और स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा। रोपवे से पर्यटक सुरक्षित व प्रदूषण मुक्त सफर कर सकेंगे। इसके साथ ही दून और मसूरी के बीच सुंदर प्राकृतिक दृश्य भी देख सकेंगे। रोपवे से एक घंटे में दो हजार यात्री दोनों ओर सफर कर सकते हैं। दिन भर में रोपवे का 10 घंटे तक संचालन किया जाएगा। वहीं इस मौके पर यूटीडीबी के अधिकारियों ने ग्रामीणों को वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना और दीन दयाल उपाध्याय होमस्टे योजना के लिए आवेदन करने के बारे में भी बताया गया।

यूटीडीबी के निदेशक प्रशांत कुमार आर्य ने कहा रोपवे निर्माण के लिए ग्रामीणों ने विशेष सहयोग देने के साथ सहमति भी जताई है। इसके लिए क्षेत्र के ग्रामीण बधाई के पात्र हैं। पुरकुल गांव में रोपवे बनने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने के साथ क्षेत्र का तेजी से विकास होगा। विभाग इस दिशा में तेजी से काम कर रहा है।

एशिया का दूसरा सबसे लंबा रोपवे होगा दून से मसूरी रोपवे
देहरादून और मसूरी के बीच बनने वाला यह रोपवे देश का सबसे लंबा (5.5 किमी) तथा एशिया का दूसरा सबसे लंबा रोपवे होगा। यह हांगकांग के गोंगपिंग 360 (5.7 किमी) से महज सौ मीटर ही छोटा है।

पर्यटकों को मिलेगी सुविधा, पर्यावरण का होगा बचाव
रोपवे निर्माण से पर्यटक दून से मसूरी 15-18 मिनट में पहुंच जाएंगे। इससे मसूरी में लगने वाले ट्रैफिक के साथ ही सुरक्षित एवं पर्यावरणीय दृष्टि से यात्रियों को सुविधाजनक यातायात का साधन सुलभ होगा।

इस मौके पर पर्यटन विभाग के वरिष्ठ शोध अधिकारी एसएस सामंत, जिला पर्यटन अधिकारी अतुल भंडारी, देहरादून जिला पर्यटन अधिकारी जसपाल सिंह चौहान, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्याम सिंह पुंडीर, क्षेत्र पंचायत सदस्य कनिका रावत, उपेन्द्र सिंह थापली, पूर्व अध्यक्ष मंडी परिषद, गोदावरी थापली, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सहित होटल एसोसिएशन मसूरी और होटल एसोसिएशन देहरादून के पदाधिकारी मौजूद रहे।

महत्वपूर्ण 11 फैसलों पर शिक्षा मंत्री ने लगाई मुहर

राज्य सचिवालय में शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय ने प्रदेश शिक्षा विभाग के महानिदेशक बंशीधर तिवारी, निदेशक प्राथमिक, माध्यमिक, एससीईआरटी एवं विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय ने प्रदेश में शिक्षा एवं शिक्षा व्यवस्था के उन्नयन हेतु सम्बंधित अधिकारियों को निम्नवत निर्देशित किया।
अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में स्क्रीनिंग परीक्षा के पश्चात शिक्षकों की तैनाती की स्थिति, शिक्षकों के शेष रिक्त पदों को भरने हेतु योजना, प्रधानाचार्य की तैनाती विषयक, अनुश्रवण की योजना, नवीन प्रवेशओं की स्थिति, व्यापक प्रचार प्रसार के संबंध में ।
प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों/प्रधानाचार्य के रिक्त पदों को भरने हेतु योजना के संबंध में।
प्रदेश के शून्य/अति न्यून संख्या वाले हाईस्कूल/इंटर कॉलेजों एवं उनमें कार्यरत अध्यापकों की सूचना तथा समीक्षा के संबंध में।
वन केंपस वन स्कूल के संबंध में पूर्व दिए गए निर्देशों के अनुपालन की स्थिति के संबंध में।
राजीव गांधी नवोदय विद्यालय तथा राजीव गांधी अभिनव विद्यालयों के संबंध में पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की स्थिति के संबंध में।
प्रदेश में प्रस्तावित फीस एक्ट के संबंध में।
प्राथमिक शिक्षक भर्ती के संबंध में।
वर्तमान शैक्षणिक सत्र हेतु समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत विद्यालयों हेतु महत्वपूर्ण योजनाएं, प्राप्त बजट की स्थिति तथा योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु समृद्धि कार्य योजना के संबंध में।
सी.आर.पी/बी.आर.पी. की तैनाती के संबंध में।
छात्र-छात्राओं को पुस्तकें उपलब्ध कराने हेतु धनराशि की डीबीटी की स्थिति के संबंध में।
आगामी 27 अगस्त को वर्चुअल माध्यम से राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के अभिभावकों से वर्चुअल संवाद के संबंध में।

प्रीतम बोले जन आशीर्वाद नहीं, प्रायश्चित यात्रा निकाले भाजपा

उत्तराखंड में भाजपा की जन आशीर्वाद यात्रा पर नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने सवाल खड़े किये हैं। प्रीतम सिंह ने कहा भाजपा सरकार ने उत्तराखंड की भोली भाली जनता को डबल इंजन के सपने दिखाकर ठगने का काम किया है। जनता को पता चल चुका है कि ये डबल हीं बल्कि डब्बा इंजन है। झूठे वायदों और दावों का जो लॉलीपॉप भाजपा उत्तराखंड की जनता को पिछले साढ़े चार साल से दिखा रही थी वह सत्ता से वेदखल होने के बाद भाजपा नेताओं के टाइमपास के काम आयेगा। प्रीतम ने कहा भाजपा नेताओं को शर्म आनी चाहिए जो जनता से कह रहे हैं कि हमें आर्शीवाद दो। नेता प्रतिपक्ष का कहना है कि आर्शीवाद छोड़ो, उनको तो प्रायश्चित यात्रा निकालनी चाहिए। कान पकड़ने चाहिए, माफी मांगनी चाहिए। जवाब देना चाहिए कि जो वायदे किए थे, वे साढ़े चार साल में पूरे क्यों नहीं किए।

प्रीतम सिंह ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि विधानसभा चुनावों से पूर्व जो वायदे जनता से किए थे, सत्ता में आने के बाद उनमें से एक भी वायदा पूरा नहीं किया है। बढ़ती मंहगाई से आम आदमी त्रस्त है। बेरोजगार आज भी बेरोजगार है, किसान सड़कों पर है। मातृ शक्ति का अपमान हो रहा है, कर्मचारी आंदोलनरत है, व्यापारी वर्ग की कमर टूट गई है। तो आखिर किस बात के लिए जनता भाजपा को आशिर्वाद दे। इस बात के लिए कि भाजपा झूठ बोलकर सत्ता में आई, तीन-तीन मुख्यमंत्री थोपने के लिए आशिर्वाद दे या फिर डबल इंजन बोलकर डब्बा इंजन देने के लिए।

नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि जिस प्रकार भाजपा ने पिछले साढ़े चार साल में जनता को छलने का काम किया है, उसके लिए भाजपा को प्रदेश में जन आशीर्वाद यात्रा के बजाय जनता से माफ़ी मांग प्रायश्चित यात्रा निकालनी चाहिए। भाजपा को उस व्यापारी परिवार से मांगनी चाहिए जिसने कैबिनेट मंत्री के जनता दरबार में आत्महत्या की थी। भाजपा को उस महिला शिक्षिका से मांफी मांगनी चाहिए जिसको भाजपा के मुख्यमंत्री ने जनता दरबार से धक्के देकर बाहर निकला गया था। भाजपा को उन बेरोजगार युवाओं से माफ़ी मांगनी चाहिये जिनको रोजगार देने की बात वह पिछले साढ़े चार साल से कह रही है। उन तीर्थपुरोहितों से माफी मांगनी चाहिए जिनको विश्वास में लिए बिना देवस्थानम बोर्ड का गठन कर दिया गया। भाजपा के झूठे दावों और वायदों की लिस्ट गिनाते गिनाते सुबह से शाम हो जायेगी। जनता जाग चुकी है और वह 2022 में भाजपा की विदाई यात्रा निकालने को आतुर बैठी है।

साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए निम का प्रशिक्षण शिविर शुरु

उत्तराखंड में साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए देश-दुनिया को दर्जनों नामचीन पर्वतारोही देने वाले उत्तरकाशी स्थित नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) प्रदेश के युवाओं को कम ऊंचाई पर ट्रेकिंग, पहाड़ पर चढ़ने और राहत व बचाव की बारीकियां सिखाएंगे। सात दिन तक चलने वाले कम ऊंचाई पर ट्रेकिंग गाइड प्रशिक्षण कार्यक्रम का सोमवार को शुभारंभ हुआ।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने यूटीडीबी व निम के संयुक्त तत्वावधान में चलने वाले सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले रहे अभ्यर्थियों को शुभकामनाऐं दी। पर्यटन मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में साहसिक खेलों की अपार संभावनाऐं हैं। साहसिक पर्यटन उत्तराखंड के पर्यटन उद्योग में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी रखता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण के लिए रोजगार सृजित करने में अहम भूमिका निभाएगा। यह राज्य के साहसिक पर्यटन क्षेत्र मंू एक नवीनतम कदम है, जो राज्य में साहसिक पर्यटन को नई ऊचाईयां देगा। इससे उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन को एक नई पहचान मिलेगी। प्रदेश भर के युवाओं को इससे जोड़कर उन्हें साहसिक खेलों में भविष्य बनाने में मदद मिलेगी।

यूटीडीबी के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (साहसिक पर्यटन) कर्नल अश्विन पुंडीर ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर बताया कि प्रदेश में स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से ट्रेकिंग ट्रक्शन सेंटर होम स्टे अनुदान योजना को लागू किया गया था। योजना के तहत प्रदेश के छह जिलों में 13 ट्रेकिंग ट्रक्शन सेंटर में 73 गांवों को अधिसूचित किया गया है। इन अधिसूचित गांवों से इच्छुक युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए विभाग की ओर से निम के साथ मिलकर सात दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। पहले चरण में पिथौरागढ़, बागेश्वर, चमोली, रुद्रप्रयाग और टिहरी गढ़वाल के 49 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए निम और यूटीडीबी के बीच जुलाई माह में समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए थे।

उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में कम ऊंचाई पर ट्रेकिंग गाइड प्रशिक्षण के लिए 4 बैच संचालित किए जाने प्रस्तावित है, जिसमें लगभग 260 युवा व युवतियों को स्वरोजगार से जोड़े जाने की योजना है। प्रशिक्षण का पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद युवाओं को निम और यूटीडीबी द्वारा संयुक्त रूप से पाठ्यक्रम पूर्णता प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर मयूर दीक्षित जिलाधिकारी उत्तरकाशी, ले. कर्नल योगेश धूमल, वाइस प्रिंसिपल नेहरू पर्वतारोहण संस्थान, रनवीर सिंह नेगी थल क्रीड़ा विशेषज्ञ, जगमोहन सिंह रावत मुख्य प्रशिक्षक नेहरू पर्वतारोहण संस्थान, प्रकाश खत्री जिला पर्यटन अधिकारी उत्तरकाशी, निम क्यूरेटर विशाल रंजन मौजूद रहे।

इंडियन आइडल 12 के विजेता बने पवनदीप राजन, उत्तराखंड में खुशी की लहर

इंडियन आइडल 12 को अपना फाइनली विनर मिल गया है। इस सीजन की जीत का सेहरा पवनदीप राजन के सिर पर बंधा है। वहीं, दूसरे नंबर पर अरुणिता कांजीलाल रही हैं। इंडियन आइडल 12 का फिनाले रविवार को दोपहर 12 बजे से रात 12 बजे चला। इस सीजन का विनर मिलने से पहले कई शानदार परफॉर्मेंस देखने को मिली।
पवनदीप राजन को इंडियन आइडल 12 की ट्रॉफी के साथ 25 लाख रुपये का चेक और एक कार इनाम के तौर पर मिली है। पवनदीप राजन के पहले और अरुणिता कांजीलाल के दूसरे नंबर के अलावा सायली कांबले, मोहम्मद दानिश, निहाल तारो और शनमुखप्रिया क्रमशः तीसरे, चौथे, पांचवे और छठे स्थान पर रहे।
गौरतलब है कि पवनदीप राजन, अरुणिता कांजीलाल, सायली कांबले, मोहम्मद दानिश, शनमुखप्रिया और निहाल तारो इंडियन आइडल 12 फिनाले के छह कंटेस्टेंट थे। शो में हिमेश रेशमिया, सोनू कक्कड़ और अनु मलिक जज किया। जबकि फिनाले को आदित्य नारायण के अलावा जय भानुशाली ने होस्ट किया।
सिंगिंग रियलिटी शो इंडियन आइडल का 12वां सीजन खत्म हो चुका है। शो के फिनाले में विनर की घोषणा से पहले जावेद अली, मनोज मुंतशिर, उदित नारायण और कुमार सानू और अल्का याग्निक जैसे कई दिग्गज शामिल हुए।

सीएमएस की पहल-कोरोना योद्धाओं से कराया ध्वजारोहण

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पहली बार शांति प्रपन्न शर्मा राजकीय चिकित्सालय में सीएमएस डा. विजयश भारद्वाज एवम् सफाई नायक (कोरोना योद्धा) दिनेश पारछा और् कमल कुमार के द्वारा सामूहिक रूप से 75वें स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण किया गया। सीएमएस की इस नई पहल का सभी लोगों ने स्वागत करते हुए बधाई दी है।
बतातें चले कि कोरोना के प्रभावी होने पर न सिर्फ सरकारी अस्पताल बल्कि कई बार समाजिक रुप से आवश्यकता पड़ने पर दिनेश पारछा और कमल कुमार अपनी टीम के द्वारा कार्य करते रहे है। उनकी कर्तवयपरायणता को देखते हुए दोनों सफाई नायकों कोरोना योद्धा सम्मान के रुप में प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
रविवार को राजकीय चिकित्सालय में डा. विजयश भारद्वाज द्वारा सफाई कर्मचारियों से तिरंगा झंडा फहराए जाने की नीति ने प्रधानमंत्री की सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास को सार्थक बनाया। वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी सामाजिक मंचों से प्रधानमंत्री की नीति को आगे बढ़ाने का आह्वाहन किया है। जिससे समाज के हर वर्ग को प्रतिनिधित्व करने का मौका मिले।