रूद्रपुर में सीएम ने दिए निर्देश, ग्राम सभाओं में मेडिकल टीम जाकर करे जांच


रूद्रपुर में एक दिवसीय भ्रमण पर पंहुचे प्रदेश के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने एपीजे अब्दुल कलाम सभागार कलेक्ट्रेट में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर जिले में कोविड संक्रमण की रोकथाम, उपचार एवं उससे बचाव आदि हेतु किए जा रहे कार्यों के साथ ही आगामी मानसून काल के मद्देनजर पूर्व तैयारी तथा जनपद में संचालित विकास कार्यों की विस्तृत रूप से जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु अधिक से अधिक सैम्पलिंग बढ़ाई जाए। इस हेतु सभी ग्राम सभाओं में मेडिकल टीम जाकर जांच करे। जांच के दौरान लक्षण वाले प्रत्येक व्यक्ति को तत्काल दवा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें एवं ग्राम स्तर पर निगरानी टीम को और अधिक एक्टिव रखते हुए संक्रमण की रोकथाम हेतु कार्य करें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था मुहैया कराना सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के साथ ही आगामी वर्षा के दौरान जल जनित रोग, डेंगू की रोकथाम हेतु व्यापक स्तर पर सभी नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में नगर निकाय व पंचायती विभाग सेनेटाइजेसन का कार्य लगातार जारी रखें, साथ ही जनता को इसके प्रति जागरूक भी करें। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में जिला चिकित्सालयों, सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केद्रों में भी में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव में कोरोना से संबंधित आवश्यक दवा की किट का भी वितरण शीघ्रता से कराया जाये।

मुख्यमंत्री ने सभी विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधियों से कहा कि गांव में जाकर लगातार दवाई एवं अन्य स्वास्थ्य सम्बन्धी सुविधाओं की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी लेते रहें। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु कड़ाई से कर्फ्यू का अनुपालन कराना सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि ब्लैक फंगस की रोकथाम को दृष्टिगत रखते हुए राज्य सरकार ने इंजेक्शन की पर्याप्त व्यवस्था कर ली है एवं कोविड-19 की तीसरी लहर से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। उन्होने कहा कि आवश्यकतानुसार अस्पतालों के साथ ही होटल, धर्मशाला की भी व्यव्स्था करना सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने कोविड कन्ट्रोल रूम का निरीक्षण भी किया, कन्ट्रोल रूम की व्यस्थाओं की सराहना करते हुए होम आईशोलेशन में रह रहे मरीजों से विडियो कॉल के माध्यम से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली एवं जल्द स्वस्थ्य होने की कामना की। उन्होने कहा कि कोविड संक्रमण में जो बच्चे अनाथ हो गये है ऐसे बच्चों को 3000 रुपए प्रतिमाह दिए जायेंगे। उन्होने कहा कि ऐसे अनाथध्असहाय बच्चे जब तक बालिग न हो तब तक जिलाधिकारियों की देखरेख में रहेंगें ताकि उनकी सम्पत्ति को कोई भी नुकसान न पहुंचा सके। उन्होने कहा कि कोरोना संक्रमण में बजट की कोई कमी नही है जिसके लिए जिलाधिकारी को भी अधिकार दिये गये है कि वह अपने फण्ड से भी इस महामारी में खर्च कर सकते है।

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा आगामी मानसून काल के मद्देनजर सम्बन्धित अधिकारियों से आगामी मानसून के लिए तैयारियों की जानकारी ली। उन्होने निर्देश दिए कि सभी विभाग किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने हेतु पूर्व तैयारी करते हुए अलर्ट रहें तथा किसी भी प्रकार की आपदा की घटना होने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य किए जाये, सभी तहसील व थाना स्तर पर आवश्यक उपकरण राहत पैकेट आदि की भी व्यवस्था के साथ ही राहत कैम्प चिह्नित कर उनमें आवश्यक व्यवस्था पूर्व से रखी जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए सहयोग से कार्य करें। विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान उन्होंने पेयजल, ऊर्जा विभाग, लोक निर्माण विभाग,सिंचाई समेत विभिन्न कार्यदाई संस्थाओं के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह निर्माण कार्यों को समयबद्धता से पूर्ण करें। अधिकारी मुख्यालय में न बैठकर फील्ड में जाकर विकास कार्यों को आगे बढ़ाएं, कार्य धरातल पर दिखने चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी एवं जन प्रतिनिधि एक दूसरे के पूरक हैं वह मिलकर कार्य कर जिले को विकास के क्षेत्र में आगे ले जाएं। वह एक टीम भावना के साथ कार्य करें।

बैठक में सांसद अजय भट्ट, विधायक राजकुमार ठुकराल, राजेश शुक्ला, हरभजन सिंह चीमा, प्रेम सिंह राणा एवं पुष्कर सिंह धामी ने जिले के विकास के संबंध में अपनी बात रखी। उन्होने कहा कि जिनका राशन कार्ड अभी तक ऑनलाइन नही हुआ है उन लोगों को भी राशन देना सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार का मकसद है कि प्रदेश में कोई भी भुखा न रहे।
बैठक में जिलाधिकारी रंजना राजगुरू व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दलीप सिंह कुंवर ने प्रजेन्टेशन के माध्यम से जिले में कोविड संक्रमण एवं डेंगू की रोकथाम हेतु किए जा रहे कार्यों के अतिरिक्त वर्तमान में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं के एवं आगामी मानसून काल के दौरान किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने हेतु की गई पूर्व तैयारी के साथ ही जिले में संचालित विकास कार्यों के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी।

इस अवसर पर प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज, परिवहन मंत्री यशपाल आर्य, शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय, सांसद अजय भट्ट, विधायक राजकुमार ठुकराल, राजेश शुक्ला, सौरभ बहुगुणा, प्रेम सिंह राणा, पुष्कर सिंह धामी, आदेश चैहान, कुमाऊं आयुक्त अरविन्द सिंह हयांकि, डीआईजी कुमाऊ अजय रौतेला, मेयर रूद्रपुर रामपाल, जिलाध्यक्ष शिव अरोरा, मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु खुराना, नोडल अधिकारी हॉस्पिटल मैनेमेंट बंशीधर तिवारी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 डीएस पंचपाल, अपर जिलाधिकारी उत्तम सिंह चैहान, जगदीश चन्द्र काण्डपाल आदि उपस्थित थे।

ऋषिकेशः एआरटीओ कार्यालय पर ढोल बजाकर सरकार का खिलाफ परिवहन व्यवसाईयों का प्रदर्शन

परिवहन व्यवसाईयों ने अपनी अनदेखी का आरोप सरकार पर लगाते हुए सात जून को प्रदेशभर में प्रदर्शन का ऐलान किया हैं। प्रदेशभर में सात जून को सभी व्यवसाई अपने-अपने क्षेत्र के एआरटीओ दफ्तर में ढोल और घंटे बजाकर सरकार विरोधी प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद भी सरकार नहीं मानी तो उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

उत्तराखंड परिवहन महासंघ की बैठक में प्रदेशभर से परिवहन संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने शिरकत की। कोरोना महामारी के कारण वर्ष 2020-21 में हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति के साथ अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई। सर्वसम्मति महासंघ के अध्यक्ष सुधीर राय को समिति बनाने के लिए अधिकृत किया गया। निर्णय लिया कि सरकार को विभिन्न मांगों का ज्ञापन सौंपा गया था। दुर्भाग्य है कि सरकार द्वारा वाहन स्वामी व परिवहन कंपनियों के प्रति कोई भी सहानुभूति पूर्वक निर्णय नहीं लिया। परिवहन कारोबारी आहत है।

एक स्वर में परिवहन कंपनियों और व्यसायियों के हित में सरकार से निर्णायक लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया। गढ़वाल टैक्सी यूनियन अध्यक्ष विजयपाल सिंह रावत ने कहा कि परिवहन महासंघ से जुड़े समस्त परिवहन कंपनियां सरकार के खिलाफ असहयोग आंदोलन करेगी। मौके पर यातायात पर्यटन विकास संघ के उपाध्यक्ष नवीन रमोला, जीएमओ संचालक बलवीर सिंह रौतेला, रूपकुंड पर्यटन विकास संघ अध्यक्ष भूपाल नेगी, ऑटो यूनियन अध्यक्ष सुनील चैधरी, गढ़वाल मंडल संचालक विनोद भट्ट, जीप कमांडर यूनियन अध्यक्ष बलवीर सिंह नेगी, करण पंवार, प्यार सिंह गुनसोला, योगेश उनियाल, दाताराम रतूड़ी, हरीश नौटियाल हेमंत डंग, हरिद्वार से चंद्रकांत शर्मा, गिरीश भाटिया, सुनील जायसवाल अध्यक्ष पंचपुरी टेंपो यूनियन, बैचेन गुप्ता, अमित पाल, राजेंद्र लांबा, भोला दत्त जोशी, मदन कोठारी, बृजभानु प्रकाश गिरी आदि मौजूद रहे।

विधानसभा अध्यक्ष के प्रयासों से आईडीपीएल का आक्सीजन प्लांट हुआ शुरू


ऋषिकेश में वर्षों से बंद पड़े आईडीपीएल के आक्सीजन प्लांट को आज से गति मिल गई। आज से आक्सीजन का उत्पादन होना आरंभ हो गया है। इसमें विधानसभा अध्यक्ष व स्थानीय विधायक प्रेमचंद अग्रवाल का बहुत बड़ा हाथ है। उन्हीं के अथक प्रयासों से यह सभी संभव हो सका। उनकी पहल का परिणाम आज नगर के लोगों को मिल गया है। जिसके लिए आज वीर भद्र मंडल के जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों द्वारा विधानसभा अध्यक्ष का विशेष आभार व्यक्त किया गया।

अवगत करा दें कि आईडीपीएल स्थित ऑक्सीजन प्लांट में ऑक्सीजन उत्पादन का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है, विधानसभा अध्यक्ष द्वारा ऑक्सीजन प्लांट को शुरू करने के लिए भरसक प्रयास किए गये थे।इस संबंध में उनके द्वारा लगातार मुख्यमंत्री एवं अन्य संबंधित नेताओं से वार्ता भी की गई थी। वहीं कई बार विधानसभा अध्यक्ष ने ऑक्सीजन प्लांट का निरीक्षण कर सेना के इंजीनियरों का उत्साहवर्धन भी किया गया था।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने सेना के इंजीनियरों का आभार व्यक्त किया है, उन्होंने कहा कि सेना के इंजीनियरों की टीम द्वारा दिन रात मेहनत कर वर्षों से बंद पड़े ऑक्सीजन प्लांट को शुरू किया गया है, जिसे की प्रारंभ करना आईडीपीएल प्रशासन द्वारा असम्भव बताया जा रहा था। कहा कि सेना के इंजीनियरों ने अपने जज्बे एवं दृढ़ संकल्प से इस मुश्किल काम को संभव किया है। उन्होंने आईडीपीएल के कर्मचारियों के सहयोग की भी सराहना की है। कहा कि आईडीपीएल ऑक्सीजन प्लांट को शुरू करने का श्रेय सेना के इंजीनियरों एवं आईडीपीएल के प्रशासन को जाता है।

विधानसभा अध्यक्ष का कहना है कि कोरोना की पहली लहर से लेकर अभी तक उन्होंने आईडीपीएल फैक्ट्री में जीवन रक्षक दवाओं के उत्पादन एवं ऑक्सीजन प्लांट को शुरू कराने का अपना एक मकसद बना दिया था जिसके लिए वह दिन रात गम्भीर रूप से प्रयास कर रहे थे। उन्होंने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि ऑक्सीजन प्लांट के शुरू होने से आज उन्हें सफलता हासिल हुई है।विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि कोरोना काल में ऑक्सीजन प्लांट में ऑक्सीजन के उत्पादन प्रारंभ होने से राज्य में ऑक्सीजन की किल्लत पूर्ण होगी। विधानसभा अध्यक्ष ने इस सम्बंध में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत का भी आभार व्यक्त किया है। इस दौरान आईडीपीएल के जीएम से दूरभाष पर वार्ता कर जानकारी ली एवं उनका भी आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर वीरभद्र मंडल के मंडल अध्यक्ष अरविंद चैधरी ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विधानसभा अध्यक्ष कोरोना काल में जरूरतमंद लोगों की सेवा में तत्पर है वही उनके द्वारा आईडीपीएल में ऑक्सीजन प्लांट को शुरू करने को लेकर लगातार प्रयास किए गए जिसका परिणाम है कि आज ऑक्सीजन प्लांट शुरू हो गया है।

इस अवसर पर नगर निगम पार्षद सुंदरी कंडवाल, महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष रजनी बिष्ट, पूर्व मंडल अध्यक्ष रमेश चंद शर्मा, महिला मोर्चा मंडल उपाध्यक्ष निर्मला उनियाल, सोशल मीडिया प्रभारी राहुल कुकरेती, गीता मित्तल, ओबीसी मंडल महामंत्री माया घले, जगदीश भंडारी, पुनीता भंडारी, होम राज गुप्ता, विवेक चतुर्वेदी, रविंद्र कश्यप सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

आरटीपीसीआर रिपोर्ट में गड़बड़ी पाए जाने पर पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लिया, जांच शुरू


फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट की सूचना पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने ढालवाला चेकपोस्ट पर छापेमारी की । इस मामले में संलिप्त एक युवक को पुलिस ने हिरासत में लिया है, जिससे पूछताछ जारी है।

घटनाक्रम के अनुसार शुक्रवार दोपहर को कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने ढालवाला स्थित स्वास्थ्य विभाग की चेकपोस्ट में पहुंचे। यहां पर छापामारी की कार्रवाई करते हुए उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और एंटीजन रैपिड टेस्ट की रिपोर्टों का गहनता से निरीक्षण किया। इस दौरान मौके पर मौजूद हरियाणा के चार युवकों ने कैबिनेट मंत्री को बताया कि यहां चेकपोस्ट पर घंटेभर में ही उन्हें आरटीपीसीआर रिपोर्ट बनाकर दी गई है। जिसके बाद कैबिनेट मंत्री का पारा सातवें आसमान पर जा पहुंचा। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना स्वास्थ्य और पुलिस प्रशासन के आलाधिकारियों को दी। इसके साथ ही उक्त प्रकरण के जांच के निर्देश दिए। जिसके बाद आनन- फानन में मौके से पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

इस दौरान पालिकाध्यक्ष रोशन रतूड़ी, मंडी समिति अध्यक्ष विनोद कुकरेती, मुनिकीरेती थाना निरीक्षक कमल मोहन भंडारी, वरिष्ठ उपनिरीक्षक सदानंद पोखरियाल, चैकी प्रभारी आशीष कुमार मौजूद थे।

फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट बनाने वालो की शिकायत मिल रही थी। जोकि गंभीर मामला है। जिसके बाद शुक्रवार को ढालवाला चेकपोस्ट पर छामामारी की कार्रवाई गई। जहां पर फर्जीवाड़ा का मामला पकड़ में आया। मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए गए।
सुबोध उनियाल, कैबिनेट मंत्री

सीएम ने दिवंगत पत्रकारों के परिजनों को 90 लाख रूपए की आर्थिक सहायता को दी स्वीकृती

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने पत्रकार हित मे बड़ा निर्णय लेते हुए 18 दिवंगत पत्रकारगणों के आश्रितों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। इनमे से कुछ पत्रकारों की मृत्यु कोविड संक्रमण से हुई है। मुख्यमंत्री रावत ने यह निर्णय पत्रकार कल्याण कोष के अन्तर्गत आपदाग्रस्त पत्रकारों एवं उनके आश्रितों को आर्थिक सहायता दिये जाने हेतु गठित समिति की संस्तुति पर लिया है। मुख्यमंत्री इस समिति के अध्यक्ष हैं। पत्रकार कल्याण कोष के गठन के उपरांत यह एक मुश्त सबसे बड़ी सहायता राशि 90 लाख रुपए है।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार पत्रकार हितों के प्रति सदैव सजग रही है। राज्य सरकार कोविड काल मे दिवंगत हुए पत्रकारगणों के परिजनों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि पत्रकार कल्याण कोष से 18 दिवंगत पत्रकारगणों के आश्रितों को पांच- पांच लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। महानिदेशक सूचना को निर्देश दिए गए है कि जिन मामलों में आवेदन प्राप्त नहीं है या अभिलेख पूर्ण नही है, उनको भी आर्थिक सहायता दिए जाने हेतु सभी औपचारिकताएँ शीघ्र पूरी कर ली जाय।

महानिदेशक सूचना रणबीर सिंह चैहान ने बताया कि पत्रकार कल्याण कोष हेतु गठित समिति की बैठक विगत 01 जून 2021 को आहूत की गई थी, जिस पर आज मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है। महानिदेशक ने बताया कि समिति के समक्ष राज्यभर से 18 प्रस्ताव आये थे, जिन्हें आर्थिक सहायता दिये जाने की संस्तुति समिति द्वारा की गई है। समिति के सम्मुख 08 प्रस्ताव ऐसे भी आये थे, जिनके अभिलेख पूर्ण नही पाये गये। इसके लिए सभी जिला सूचना अधिकारियों को निर्देश दिये गये कि अपूर्ण आवेदन पत्रों को पूर्ण करते हुए 15 दिनों में मुख्यालय को प्रेषित करे, ताकि अगली बैठक में आर्थिक सहायता दिये जाने पर विचार किया जा सके।

महानिदेशक सूचना ने बताया कि मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के निर्देश पर पत्रकारों के हित में कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। इस बैठक में गैर सरकारी सदस्यगण भी उपस्थित थे, जिनकी सहमति से आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।

बैठक में गैर सरकारी सदस्य के रूप में पत्रकार संगठनों के प्रतिनिधि बीना उपाध्याय, योगेश भट्ट, त्रिलोक चन्द्र भट्ट उपस्थित थे, जबकि रमेश पहाड़ी द्वारा वर्चुअल-दूरभाष के माध्यम से बैठक में प्रतिभाग किया गया। इस अवसर पर अपर निदेशक डॉ. अनिल चन्दोला, उप निदेशक नितिन उपाध्याय आदि उपस्थित थे।

अधिकारियों की बैठक कर बोले स्पीकर, टोल प्लाजा का शीघ्र समाधान निकाला जाए


हरिद्वार देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर नेपाली फॉर्म तिराहे के पास टोल प्लाजा ना बनाये जाने को लेकर स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने बैराज रोड स्थित कैंप कार्यालय पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के क्षेत्रीय अधिकारी सी के सिन्हा एवं परियोजना निदेशक पंकज मोर्या के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों से टोल प्लाजा बनाने को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि जनता के ऊपर बेवजह टैक्स का भार न सौंपा जाए।उन्होंने कहा कि इसके बनने से जहाँ लोगों को अनावश्यक आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ेगा वहीं समय की बर्बादी भी होगी। अपने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नेपाली फॉर्म के पास किसी भी हालत में टोल प्लाजा बनाने की आपत्ति है । उन्होंने कहा कि इसके लिए पुनः प्रदेश के मुख्यमंत्री से वार्ता करेंगे साथ ही पुनः लोक निर्माण विभाग के सचिव आरके सुधांशु को भी दूरभाष पर वार्ता की और निर्देश दिया है कि इसका शीघ्र समाधान निकाला जाए।

बैठक में एनएचएआई के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा है कि एक ही प्रोजेक्ट में दो जगह टोल प्लाजा लगाना न्यायोचित नहीं है। उन्होंने अधिकारियों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जब हरिद्वार देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर फ्लाईओवर एवं राष्ट्रीय राजमार्ग का कार्य गतिमान था उस दौरान भी अधिकारियों द्वारा नेपाली फार्म टोल प्लाजा के बारे में जनप्रतिनिधियों को अवगत नहीं कराया गया, जोकि अधिकारियों की लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस मामले में विभागीय अधिकारियों द्वारा जन प्रतिनिधियों के साथ कोई भी समन्वय नहीं बनाया गया है, जो उचित नहीं है।

कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बिना सलाह मशवरा के इस प्रकार का निर्णय लेना उचित नहीं है। उन्होंने कहा है कि व्यापक जनहित को देखते हुए नेपाली फार्म में टोल प्लाजा नहीं बनाना चाहिए और यह निर्णय विभाग को वापस लेना होगा।

विश्व साइकिल दिवस पर रेड राइडर्स ने कुंजापुरी मंदिर में की कोरोना मुक्ति की प्रार्थना

विश्व साईकिल दिवस के मौके पर ऋषिकेश साईकिल क्लब के रेड राइडर्स साईकिल चलाकर कुंजापुरी मंदिर पहुंचे। यहां सभी ने मंदिर में दर्शन किए और संपूर्ण विश्व को कोरोना मुक्त करने की प्रार्थना की।

क्लब के सदस्य जयेन्द्र रमोला ने बताया कि पिछले वर्ष हुए लॉक डाउन में कुछ लोगों ने मिलकर रेड राइडर्स के नाम से साइकिल के दौरे शुरू किए। ऋषिकेश से हरिद्वार, देहरादून डाटकाली मन्दिर, टपकेश्वर मंदिर, कोडराना, मालाखुंटी, क्यार्की और चीला तक के टास्क बनाकर साइकिल से दूरी तय की गई। विश्व साइकिल दिवस के मौके पर सुबह क्लब के सभी सदस्यों रेड राइडर्स ने एकत्र होकर ऋषिकेश से कुंजापुरी मंदिर तक की दूरी तय की। जयेंद्र रमोला ने कहा कि महामारी के इस दौर में सभी को कम से कम आधा घंटे साइकिल जरूर चलानी चाहिए। इससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता विकसित होती है, जो कि कोरोना से लड़ने के लिए अति आवश्यक है। बताया कि क्लब में 25 से 60 साल की उम्र के सदस्य शामिल हैं। रेड राइडर्स नीरज शर्मा ने कहा कि कोरोना काल से बहुत से लोगों ने साइक्लिंग शुरू की है। इसका परिणाम यह रहा कि साइक्लिंग करने वाले अधिकांश लोग कोरोना संक्रमित होने के बावजूद सुरक्षित रहे। एम्स में नेत्र चिकित्सक रेड राइडर्स डा. नीति गुप्ता ने बताया कि ऋषिकेश साइकिल क्लब से जुड़े उन्हें कुछ माह ही हुए हैं। रोज वह 30 से 60 किलोमीटर की दूरी साइकिल से तय करते हैं। ऋषिकेश से कुंजापुरी मंदिर तक साइकिल से जाना एक विशिष्ट उपलब्धि है।

इस ट्रेक में रेड राइडर्स जितेन्द्र बिष्ट, सरदार बूटा सिंह, पंकज अरोड़ा, यशपाल चैहान, विपिन शर्मा, शैलेष भण्डारी, मनोज रावत, नरेन्द्र कुकरेजा, विपिन बबलू, दीपक नेगी, देवेन्द्र राजपूत, विक्रम शेडगे, राजेश सूद, हरीश दरगन, दिग्विजय तोमर शामिल थे।

विक्रम, आटो चालक करेंगे सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, बोले बुरे दौर से गुजर रहे

उत्तराखंड विक्रम टैम्पो महासंघ की बैठक हुई। बैठक में महासंघ के अध्यक्ष महंत विनय सारस्वत ने कहा कि राज्य सरकार की हठधर्मिता के कारण विक्रम, आटो, टैक्सी मालिक एवं चालक परेशान हैं। कोरोनाकाल में उनके समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। इससे चालक और वाहन मालिकों के परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच गये हैं। सरकार ने न ही चालकों को आर्थिक सहायता दी और न ही कोविड गाइडलाइन में कोई छूट दी है। इससे वाहन चालक और वाहन मालिक नाराज हैं।

इसलिए मजबूर होकर शुक्रवार को महासंघ द्वारा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा। मौके पर विक्रम यूनियन लक्ष्मणझूला के अध्यक्ष त्रिलोक भंण्डारी, श्रीनिवास पाण्डेय, वीरेंद्र सिंह सजवाण, हरिमोहन, ऑटो यूनियन अध्यक्ष राजेन्द्र लाम्बा, उपाध्यक्ष संजय आर्य, टैक्सी यूनियन अध्यक्ष विजयपाल सिंह रावत, विक्रम यूनियन रामझूला के सचिव पंकज वर्मा, उपाध्यक्ष अमित पाल, पंचपुरी ऑटो विक्रम यूनियन हरिद्वार के संरक्षक सत्यनारायण शर्मा, विक्रम यूनियन डोईवाला के अध्यक्ष विजय यादव आदि मौजूद थे। उधर, उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ऋषिकेश के अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र ने परिवहन कारोबारियों को अपना समर्थन दिया है।

शहीद राकेश डोभाल की स्मृति में बना स्मृति द्वार, स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने किश शिलान्यास

बीते वर्ष जम्मू कश्मीर के बारामुला सेक्टर में शहीद हुए ऋषिकेश के सपूत राकेश डोभाल की स्मृति को चिरस्थाई रखने के लिए स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने गंगानगर में शहीदी स्मृति द्वार का विधिवत पूजा अर्चना कर शिलान्यास किया। मौके पर स्पीकर ने कहा कि शहीद की स्मृति में बनने वाला यह द्वार युवा पीढ़ी को देशभक्ति की प्रेरणा देता रहेगा

गंगानगर में चार लाख रुपये की विधायक निधि से निर्मित होने वाले शहीदी स्मृति द्वार का शिलान्यास शहीद राकेश डोभाल की 10 वर्षीय सुपुत्री दित्या डोभाल ने नारियल फोड़कर किया। कार्यक्रम के अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा है कि जम्मू कश्मीर के बारामुला सेक्टर में 13 नवंबर 2020 को पाकिस्तानी आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में बीएसएफ के सब इंस्पेक्टर 39 वर्षीय राकेश डोभाल शहीद हो गए थे। उनके इस बलिदान के स्मृति में शहीदी द्वार का निर्माण किया जाएगा ताकि आने वाली पीढ़ियां शहीद से प्रेरणा लेकर देश के लिए समर्पित भाव से कार्य कर सकें।

कहा कि शहीदों का बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाता उन्होंने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देकर देश की सीमाओं को सुरक्षित रखने का कार्य किया है। कहा कि शहीद के परिजनों के साथ आज संपूर्ण देश खड़ा है।

इस अवसर पर शहीद के भाई प्रकाश चंद डोभाल, पत्नी संतोषी डोभाल, पुत्री दित्या डोभाल, पार्षद शिव कुमार गौतम, पार्षद राजू नरसिम्हा, संजीव पाल, बृजपाल राणा, राकेश अरोड़ा, दुर्गेश जाटव, भाजपा के मंडल महामंत्री सुमित पंवार, अरुण बडोनी आदि उपस्थित थे।

सरकार ने इंटरमीडिएट की परीक्षा निरस्त करने का लिया फैसला


मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की सहमति के पश्चात् शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डे ने कोविड-19 के दृष्टिगत प्रदेश में भी इण्टरमीडिएट परीक्षा निरस्त करने की घोषणा की है। इस सम्बन्ध में बुधवार को सचिवालय में शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डे की अध्यक्षता में बैठक भी आयोजित हुई। बैठक में मुख्य सचिव ओम प्रकाश, सचिव शिक्षा आर मीनाक्षी सुन्दरम, महानिदेशक शिक्षा विनय शंकर पाण्डे सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रदेश में भारत सरकार एवं सीबीएसई बोर्ड द्वारा राष्ट्रहित में लिये गये निर्णय एवं दिशा निर्देशों के अनुसार प्रदेश में इण्टरमीडिएट परीक्षा को निरस्त किया जायेगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि इण्टरमीडिएट में किसी भी छात्र को अनुतीर्ण नही किया जायेगा। इस सम्बन्ध में सीबीएसई बोर्ड के मानको एवं निर्णय के अनुसार प्रदेश में भी तदनुसार कार्ययोजना तैयार करने के भी उन्होंने निर्देश दिये तथा सीबीएसई द्वारा अपनायी गई प्रक्रिया का अनुपालन किये जाने की बात कही।

बैठक के पश्चात् मीडिया से वार्ता करते हुए शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डे ने बताया कि देश में कोरोना के हालात देखते हुए केन्द्र सरकार एवं सीबीएसई बोर्ड ने छात्रो, शिक्षकों एवं अभिभावकों एवं राष्ट्रहित में इण्टरमीडिएट परीक्षा को निरस्त करने का निर्णय लिया गया है उसका वे स्वागत करते हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत द्वारा दिये गये निर्देशों के क्रम में वे प्रदेश में इण्टरमीडिएट परीक्षा निरस्त करने की घोषणा करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का यह निर्णय कोविड 19 के दृष्टिगत प्रदेश, छात्रों शिक्षकों एवं अविभावकों के व्यापक हित में लिया गया है।