केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय मंत्री से मिले सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केन्द्रीय मंत्री, भारी उद्योग मंत्रालय, डॉ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से क्षेत्रीय सम्पर्क योजना के अंतर्गत हरिद्वार से हैलीकॉप्टर के माध्यम से हवाई सेवाएं प्रदान किये जाने हेतु हैलीपोर्ट बनाये जाने के लिए भारत हैवी इलैक्ट्रिकल लिमिटेड की भूमि राज्य सरकार को निःशुल्क उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार धार्मिक आस्था का केन्द्र बिन्दु होने के दृष्टिगत यहां वर्ष पर्यन्त तीर्थयात्रियों एवं देश विदेश से सैलानियों का आवागमन होता रहता है। क्षेत्रीय सम्पर्क योजना के अंतर्गत हरिद्वार से हैलीकॉप्टर के माध्यम से हवाई सेवाएं प्रदान किये जाने हेतु हैलीपोर्ट बनाये जाने के लिए भारत हैवी इलैक्ट्रिकल लिमिटेड की भूमि की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से उक्त चयनित भूमि राज्य सरकार को निःशुल्क उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।

इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु, अपर मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन, सचिव शैलेश बगोली भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से भेंट की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह से शिष्टाचार भेंट की और राज्य से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री से अनुरोध किया कि उत्तराखण्ड राज्य में समय-समय पर आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध मेलोंध्पर्वों पर तैनात होने वाले केन्द्रीय सुरक्षा बलों की तैनातीध्व्यवस्थापन पर होने वाले व्यय को पूर्वोत्तर राज्योंध्विशेष श्रेणी के राज्य की भाँति (केन्द्रांश रू राज्यांश) 90 रू 10 के अनुपात में भुगतान की व्यवस्था निर्धारित की जाए।

मुख्यमंत्री ने राज्य के सीमित आर्थिक संसाधनों के दृष्टिगत उत्तराखण्ड राज्य में समय-समय पर तैनात केन्द्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती के फलस्वरूप लम्बित देय धनराशि रूपये 47.29 करोड़ को अद्यतन विलम्ब शुल्क सहित छूट प्रदान करने का भी अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड से नेपाल तथा चीन की सीमा लगी है, जहां स्थित गांव दुर्गम भौगोलिक परिस्थिति तथा आर्थिक अवसरों की कमी के कारण वीरान हो रहे हैं। इन क्षेत्रों में इनर लाईन प्रतिबंध हटाये जाने से पर्यटन के अपार अवसर खुलेंगे तथा क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढने से वहां से पलायन रूकेगा। इससे संवेदनशील क्षेत्रों में बेहतर सीमा प्रबन्धन में भी सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री से चमोली जिले के नीति घाटी और उत्तरकाशी के नेलोंग घाटी (जाडूंग गांव) को इनर लाईन प्रतिबन्ध से हटाये जाने के प्रस्ताव पर विचार करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से कोविड की तीसरी लहर के दृष्टिगत राज्य सरकार की तैयारियों, चार धाम यात्रा, कांवङ यात्रा पर भी विचार विमर्श किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के प्राकृतिक आपदा की अत्यधिक संवेदनशीलता के दृष्टिगत विभिन्न महत्वपूर्ण बिन्दु राज्य सरकार द्वारा भारत सरकार को संदर्भित किये गये हैं। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री से राज्य के लिये 02 एयर एंबुलेन्स, ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैण में आपदा प्रबन्धन शोध संस्थान की स्थापना, आपदा प्रभावित गाँवों का विस्थापन एसडीआरएफ निधि के अन्तर्गत अनुमन्य किये जाने के साथ ही आपदा में लापता व्यक्तियों को मृत घोषित किये जाने हेतु स्थायी व्यवस्था स्थापित किये जाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने राज्य आपदा जोखिम प्रबन्धन कोष घटकों के लिए दिशा-निर्देश तैयार करते समय विशेष रूप से पर्वतीय राज्यों की वस्तुस्थिति पर ध्यान दिये जाने का भी आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में राज्य आपदा मोचन निधि के अन्तर्गत केन्द्रांश की द्वितीय किस्त अवमुक्त किये जाने का भी अनुरोध किया।

इस अवसर पर उत्तराखण्ड के मुख्य सचिव डॉ एस एस संधु, अपर मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन, सचिव शैलेश बगोली भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से भेंट की

उत्तराखंड के सबसे युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मुलाकात की। मौके पर उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन-2 के अन्तर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन परियोजनाओं के लिए उत्तराखण्ड राज्य के बजट आवंटन को 89 करोड़ रूपये से बढ़ाते हुए 150 करोड़ रूपये करने का अनुरोध किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य के 07 नगर निकायों के 08 लीगैसी वेस्ट व पुराने डम्प साईट के प्रसंस्करण और निस्तारण योजनाओं के लिये अवशेष केन्द्रांश की धनराशि अवमुक्त करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से स्वच्छ भारत मिशन-2 के अन्तर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन परियोजनाओं हेतु उत्तराखण्ड राज्य के बजट आवंटन को 89 करोड़ रूपये से बढ़ाते हुए 150 करोड रूपये करने का अनुरोध किया ताकि ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन के अंतर्गत उक्त योजनाओं का शीघ्र कियान्वयन किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के मार्गदर्शन एवं सहयोग से उत्तराखण्ड सरकार द्वारा स्वच्छ भारत मिशन शहरी के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों को गंभीरता से पूर्ण किये जाने के प्रयास किये जा रहे हैं। आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में उत्तराखण्ड राज्य के 07 नगर निगमों के 08 लीगैसी वेस्ट-पुराने डम्प साईट के प्रसंस्करण एवं निस्तारण की डी०पी०आर० कुल योजना लागत रू० 126.53 करोड़, एस०एच०पी०सी० (स्टेट हाई पॉवर कमेटी) से अनुमोदित कराकर स्वीकृति के लिये भारत सरकार को प्रेषित की गई है। उक्त 07 नगर निकायों के 08 लीगैसी वेस्टध्पुराने डम्प साईट के प्रसंस्करण एवं निस्तारण की डी०पी०आर० हेतु रू0 48.78 लाख की धनराशि भारत सरकार द्वारा अवमुक्त की गयी है।
स्वच्छ भारत मिशन-2 के अन्तर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन परियोजनाओं हेतु भारत सरकार द्वारा उत्तराखण्ड राज्य को 89 करोङ रूपए का बजट आवंटन किया गया है। उत्तराखण्ड राज्य के 07 नगर निगमों के 08 लीगैसी वेस्ट-पुराने डम्प साईट एवं अन्य नगर निकायों के प्रसंस्करण एवं निस्तारण हेतु लगभग रू० 126 करोड तथा अन्य निकायों की ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन योजनाओं हेतु लगभग रू0 24 करोड़ की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से उक्त 07 नगर निकायों के 08 लीगैसी वेस्ट-पुराने डम्प साईट के प्रसंस्करण एवं निस्तारण योजनाओं हेतु अवशेष केन्द्रांश की धनराशि अवमुक्त करते हुए स्वच्छ भारत मिशन-2 के अन्तर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन परियोजनाओं हेतु उत्तराखण्ड राज्य के बजट आवंटन को 89 करोड़ रूपए से बढ़ाते हुए 150 करोड रूपए किये जाने का अनुरोध किया।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड के मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु, अपर मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन, सचिव शैलेश बगोली भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री से की शिष्टाचार भेंट


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। उत्तराखण्ड के सीएम पद की शपथ के बाद प्रधानमंत्री से शिष्टाचार भेंट करने आए मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड राज्य के विकास में केन्द्र सरकार के सहयोग पर प्रधानमन्त्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड तीव्र गति से विकास पथ पर आगे बढ रहा है।

प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री बनने पर पुष्कर सिंह धामी को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि युवा नेतृत्व में राज्य का तेजी से चहुँमुखी विकास होगा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को राज्य से संबंधित ज्वलंत मुद्दों के बारे मे बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री को कोविड की सम्भावित तीसरी लहर को देखते हुए राज्य सरकार की तैयारियों के बारै में अवगत कराया। साथ ही चारधाम यात्रा, कांवङ यात्रा पर भी चर्चा की। प्रधानमंत्री से मुख्यमंत्री की वार्ता निर्धारित 15 मिनट से अधिक 1 घंटा 15 मिनट तक चली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ धाम में कुल 108 करोङ 78 लाख रूपये की लागत से द्वितीय चरण के निर्माण व पुनर्निर्माण कार्य आरम्भ किए जाने हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से श्री केदारनाथ धाम में द्वितीय चरण के निर्माण व पुनर्निर्माण कार्यों के शिलान्यास-वर्चुअल शिलान्यास के लिए समय प्रदान करने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र के सहयोग से राज्य में हेल्थ सेक्टर में सुधार के लिये अनेक महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। एम्स ऋषिकेश उत्तराखण्ड को केन्द्र सरकार की महत्वपूर्ण देन है। कोविड महामारी से लङाई में इसकी बङी भूमिका रही है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए कुमायूं मण्डल में भी इसी प्रकार के एक एम्स की स्थापना का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इसके लिए भूमि उपलब्ध कराएगी। कुमायूं में एम्स की स्थापना से विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं से क्षेत्र की जनता लाभान्वित हो सकेगी।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से राष्ट्रीय महत्व की लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना के शीघ्र क्रियान्वयन के लिये आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति की स्वीकृति प्रदान करवाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 300 मेगावाट की लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना से यमुना नदी में जल उपलब्धता बढ़ेगी एवं छः राज्य उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखण्ड एवं हिमाचल प्रदेश लाभान्वित होंगे। इस परियोजना को समस्त स्वीकृतियाँ प्राप्त है एवं भारत सरकार के आर्थिक मामलों की कैबीनेट समिति की स्वीकृति प्राप्त होना शेष है, जिसके उपरान्त परियोजना का निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड देश के अग्रणी राज्यों में स्थान बना रहा है। निर्धारित समय से एक घंटा अधिक समय दिये जाने पर आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उत्तराखण्ड की जनता के प्रति प्रधानमन्त्री के लगाव एवं चिंतन का परिचायक है।

उत्तराखंडः चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से शीघ्र होगी पैरा मेडिकल स्टाफ की भर्ती

देहरादून। राज्य के मेडिकल कालेजों में स्टाफ की कमी को शीघ्र दूर किया जायेगा। फैकल्टी की भर्ती में आ रही दिक्कतों के मध्यनजर सेवा नियमावली में संशोधन किया जायेगा। जिसमें भर्ती की अधिकतम आयु सीमा एवं अन्य बिन्दुओं पर संशोधन प्रस्ताव शीघ्र कैबिनेट में लाया जायेगा। कोरोना की संभावित तीसरी लहर के मध्यनजर प्रत्येक मेडिकल कालेज में बच्चों के लिए 100-100 बेड आरक्षित रखे जायेंगे। उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से सभी मेडिकल कालेजों में शीघ्र पैरा मेडिकल स्टाफ की तैनाती की जायेगी।

यह बात सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने आज विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष में चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान कही। उन्होंने कहा कि राज्य के मेडिकल कालेजों में फैकल्टी की भर्ती में अधिकतम आयु सीमा 42 वर्ष होने के कारण अनुभवी चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो पा रही है। इस समस्या को देखते हुए विभागीय अधिकारियों को मेडिकल कालेजों की सेवा नियमावली संबंधी सभी समस्याओं को हल निकालते हुए संशोधित सेवा नियमावली शीघ्र कैबिनेट में लाने के निर्देश दिये गये। इसके साथ ही उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से पैरा मेडिकल स्टाफ की जल्द से जल्द भर्ती कराने को कहा गया है। देहरादून, हल्द्वानी एवं श्रीनगर मेडिकल कालेजों के प्राचार्यों को कोरोना की संभावित तीसरी लहर के मध्यनजर बच्चों के लिए 100-100 बेड तैयार रखने को कहा गया है साथ ही कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट की रोकथाम के लिए भी प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिये हैं।

विभागीय मंत्री ने कहा कि मेडिकल कालेजों में सफाई व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए साथ ही आउट सोर्स के माध्यम से तैनात सफाईकर्मियों की उपस्थित भी सुनिश्चित की जाय। सभी मेडिकल कालेजों को प्रत्येक दिन अपना मेडिकल बुलेटिन जारी करने के भी निर्देश दिये गये। इस कार्य के लिए जनसंपर्क अधिकारी अथवा किसी सक्षम अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपने को कहा गया। बैठक में मेडिकल कालेजों में संचालित छात्रावासों के रख रखाव एवं भोजन व्यवस्था को भी दुरूस्त बनाने के निर्देश दिये गये। डा. रावत ने 15 अगस्त से पहले पिथौरागढ़ एवं हरिद्वार में स्वीकृत मेडिकल कालेजों के भूमि पूजन व शिलान्यास तथा नवम्बर माह से अल्मोड़ा एवं रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज को संचालित करने के लिए कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश अधिकारियों को दिये। बैठक में महाधिवक्ता एस. एन. बाबुलकर ने भी शिरकत की उन्होंने मेडिकल कॉलेजों के संचालन में आ रही कानूनी अडचनों पर विभागीय अधिकारियों को विधिक राय दी।

बैठक में महाधिवक्ता उत्तराखंड सरकार एस. एन. बाबुलकर, सचिव स्वास्थ्य एवं निदेशक चिकित्सा शिक्षा पंकज कुमार पाण्डेय, कुलपति एच.एन.बी. मेडिकल विश्वविद्यालय प्रो. हेम चंद्र, चेयरमैन उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड डा. डी.एस. रावत, अपर निदेशक चिकित्सा शिक्षा विभाग डा. आशुतोष सयाना, प्रधानाचार्य राजकीय मेडिकल कालेज हल्द्वानी डा. चन्द्र प्रकाश भैसोड़ा, प्रधानाचार्य राजकीय मेडिकल कालेज श्रीनगर डा. सी.एम.एस. रावत, प्रधानाचार्य मेडिकल कालेज हरिद्वार डा. प्रदीप भारती गुप्ता, प्रभारी प्राचार्य मेडिकल कालेज अल्मोड़ा डा. ए.के. आर्य, उप निदेशक चिकित्सा शिक्षा डा. एम. के. पंत, सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

जन समस्याओं को सीएम ने जाना, ज्यादातर समस्याओं का मौके पर कराया निस्तारण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता दर्शन हॉल में जन समस्याओं को सुना। लोगों ने सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, आर्थिक सहायता से संबंधित समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जन समस्याओं के त्वरित निदान के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लें। मुख्यमंत्री ने अधिकांश समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण के निर्देश अधिकारियों को दिए। दीर्घावधि के कार्यों में भी उन्होंने तेजी लाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं के समाधान के साथ ही रोजगार, महिला सशक्तिकरण एवं उत्तराखंड के ग्रामीण विकास पर भी राज्य सरकार का विशेष फोकस है।

एम्स निदेशक ने की सीएम से शिष्टाचार भेंट, की 200 एकड़ भूमि की मांग

एम्स ऋषिकेश के निदेशक प्रोफेसर रविकांत ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। साथ ही मौके पर एम्स के विस्तारीकरण के लिए 200 एकड़ भूमि की मांग की कर डाली। वहीं, उन्होंने एम्स में कोविड 19 की संभावित तीसरी वेब के मद्देनजर की गई जरुरी तैयारियों से अवगत कराया।

एम्स निदेशक ने सीएम को बताया कि कोविड की तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर संस्थान में की गई जरुरी तैयारियों से अवगत कराया, उन्हें बताया गया कि आईडीपीएल में संचालित डीआरडीओ के 400 बेड के अस्पताल के अतिरिक्त थर्ड वेब के मद्देनजर एम्स में मरीजों के लिए बच्चों के लिए 100 बेड का एनआईसीयू व वयस्कों के लिए 200 अतिरिक्त बेड्स का वेंटिलेटर युक्त आईसीयू तैयार किया है। जिसमें वल्र्ड क्लास सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही कोविड 19 थर्ड वेब से निबटने के लिए डीआरडीओ के अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सकों, नर्सिंग ऑफिसर्स, तकनीकि स्टाफ आदि मैनपावर का उपयोग संस्थान में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि चूंकि कोरोना वायरस बार बार अपने स्वरूप में बदलाव कर रहा है और हरबार और अधिक आक्रामकरूप अ​ख्तियार कर रहा है, लिहाजा हमें वेंक्सीनेशन पर जोर देना होगा। साथ ही कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए हमें जब​ तक दोनों डोज नहीं लगें व उसके दो महीने बाद तक भी अनिवार्यरूप से मास्क को पहनना होगा। उन्होंने कहा कि यदि हम सभी लोग यह जरुरी सावधानियां बरतते हैं तो कोविड थर्ड वेब को टाला जा सकता है। बहरहाल एम्स कोविड की तीसरी लहर के मुकाबले व मरीजों को मुकम्मल उपचार देने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
निदेशक ने मुख्यमंत्री को बताया कि एम्स की अब तक करीब आधी परियोजना ही बनकर तैयार हो पाई है। जबकि समग्र परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए विस्तारीकरण हेतु संस्थान को 200 एकड़ अतिरिक्त भूमि की नितांत आवश्यकता है। जिसके लिए राज्य सरकार को पूर्व में प्रस्ताव भेजकर भूमि उपलब्ध कराने की मांग की जा चुकी है, मगर अरसे बाद भी इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। जिससे परियोजना का विस्तारीकरण लंबित है। उन्होंने बताया कि इससे मरीजों को कई आवश्यक उपचार देने में तकनीकि दिक्कतें पेश आ रही हैं और कई मर्तबा मरीजों को अतिरिक्त उपचार के लिए अन्यत्र एम्स संस्थानों के लिए रेफर करना पड़ता है। लिहाजा निदेशक एम्स ने उनसे एम्स परियोजना के विस्तारीकरण के लिए जल्द से जल्द 200 एकड़ अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।

बताया गया कि मुख्यमंत्री के स्तर से इस दिशा में जल्द कार्रवाई अमल में लाने की बात कही गई है,जिससे एम्स जैसी परियोजना के विस्तारीकरण में अनावश्यक विलंब से मरीजों को किसी तरह की दिक्कतें नहीं आएं।

मुफ्त बिजली घोषणा चुनावी जुमलाः डा. राजे

आम आदमी पार्टी ने राज्य सरकार द्वारा घरेलू खपत के लिए 100 यूनिट पूरी बिजली देने की घोषणा को चुनावी जुमला बताया है। पार्टी के जिला मीडिया प्रभारी डॉ राजे सिंह नेगी ने कहा कि अपने खिसकते जनाधार और आम आदमी पार्टी के तेजी के साथ बढते जनाधार को देखते हुए भाजपा को मुफ्त बिजली की घोषणा करने को विवश होना पड़ा है।

कहा कि ऊर्जा मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि राज्य में घरेलू खपत के लिए 100 यूनिट तक फ्री बिजली दी जाएगी और उसके बाद 101 यूनिट से 200 यूनिट तक 50 प्रतिशत रियायत के साथ बिजली उपलब्ध होगी। विडंबना यह भी है की अभी ऊर्जा विभाग से ही प्रस्ताव नहीं बना, सिर्फ विभाग समीक्षा बैठक में आनन फानन यह में घोषणा कर दी गई।

सरकार इस प्रस्ताव को कैबिनेट में कब पारित करेगी यह भी अभी स्पष्ट नहीं है। आप प्रवक्ता डा. नेगी ने कहा कि जब उत्तराखंड में घरेलू बिल ही 2 माह में आते हैं तो प्रत्येक माह में 100 यूनिट की घोषणा अपने आप ही हास्यास्पद है। उन्होंने कहा कि जब दिल्ली जैसा प्रदेश जहां बिजली का कोई उत्पादन नहीं वहां प्रति माह 200 यूनिट फ्री है तो फिर जिस प्रदेश में बिजली का उत्पादन होता है तो वहां की जनता के साथ धोखा क्यों? उन्होंने कहा कि कम से कम 250 से 300 यूनिट बिजली फ्री होनी चाहिए और यह काम सिर्फ आम आदमी पार्टी की सरकार ही कर सकती है।

विस चुनाव में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बूते भाजपा को चटाई जाएगी धूलः रमोला


अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी सदस्य जयेन्द्र रमोला ने बूथ स्तर पर कांग्रेस की मजबूती को लेकर ऋषिकेश विस क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्र में लोगों के साथ बैठक कर आगामी विधानसभा चुनाव 2022 पर परिचर्चा की और आगे की रणनीति के लिये उनसे सुझाव माँगे।

जयेन्द्र रमोला ने कहा कि देश व प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी, महँगाई व भ्रष्टाचार से आज प्रदेश का हर नागरिक आजिज आ चुका है परन्तु भाजपा द्वारा चार साल में केवल मुख्यमंत्री बदलने के अलावा कोई काम नहीं किया आज हर व्यक्ति भाजपा सरकार की नाकामियों से आजिज आ चुका है इसीलिए अब गाँव गाँव में लोगों से मिलकर बूथों पर टीमों का गठन कर आगामी विधानसभा चुनाव के लिये बूथ स्तर तक तैयारी की जा रही है जिससे इस बार ऋषिकेश विधानसभा में भाजपा को धूल चटाई जा सके ।
रमोला ने बताया कि हम सभी लोगों से मिलकर सुझाव ले रहे हैं व उनके सुझावों चुनावी तैयारियों में कितने किफायती है उसपर मंथन कर उस पर कार्य किया जायेगा।

ग्रामीण क्षेत्र पूर्व सैनिक कुंवर सिंह गुसाँई ने कहा कि ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र की जनता को भाजपा की रोजगार विरोधी व कमीशन खोर सरकार के बारे मे जनता को रूबरू करना अति आवयक है भाजपा की ये सरकार सिर्फ घोषणा करना जानती है नाकि उसको अमल करती है इसीलिय आज प्रति वर्ष दो करोड़ का रोजगार देने वाली सरकार ने करोड़ों के राजगीर छीन लिये हैं।

बैठक के उपरांत सभी लोगों ने आगामी 2022 के चुनाव में कांग्रेस को मजबूत करने का संकल्प लिया।

मौके पर गोकुल रमोला, महेन्द्र सिंह राणा, प्रमोद राणा, सतपाल असवाल, अन्नू मेहरा, संजय कैन्तुरा, कुलदीप राणा, रेखा मेहरा, रेखा केन्तुरा, कुन्नू राणा, रवीन्द्र राणा, मनोज पंवार, गौरव सिंह, भीम सिंह, राजवीर कुमार, हरभजन सिंह, जीवन रावत आदि उपस्थित रहे।

कांग्रेस प्रदेश की संस्तुति पर सुधीर राय बने कांग्रेस कार्यकारी नगर अध्यक्ष


सुधीर राय ऋषिकेश महानगर कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष बनाए गए हैं। उनका मनोनयन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने किया है। उनके मनोनयन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हर्ष जताया है।

गुरुवार को देहरादून में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने ऋषिकेश के सुधीर राय को मनोनयन पत्र सौंपा। उन्होंने सुधीर राय को ऋषिकेश महानगर कांग्रेस कमेटी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया। कहा कि पार्टी के प्रति निष्ठा और समाजसेवा के कार्यों को देखते हुए मनोनयन किया गया है। उन्होंने सुधीर राय से पार्टी की विचारधारा को आगे बढ़ाने और कांग्रेस की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने को कहा। मौके पर मौजूद जयराम आश्रम के अध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी, कांग्रेस प्रदेश महासचिव विजय सारस्वत, पूर्व पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा आदि मौजूद रहे।