एम्स ऋषिकेशः में अब ’स्पोर्ट्स इंजरी क्लीनिक’ की सुविधा भी उपलब्ध

उत्तराखंड के युवाओं और खेल प्रतिभाओं के लिए अच्छी खबर है। स्पोर्टस इंजरी के दौरान चोटिल होने वाले खिलाड़ियों व युवाओं के उपचार की सुविधा के लिए अब एम्स ऋषिकेश में स्पोर्ट्स इंजरी क्लीनिक की सुविधा शुरू कर दी गई है। संस्थान में उपलब्ध इस सुविधा का खासतौर से उन खिलाड़ियों को मिल सकेगा जो खेल के दौरान चोटिल अथवा गंभीर घायल हो जाते हैं।

राज्य में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, मगर अभी तक खेल आयोजनों में खिलाड़ियों द्वारा अपने प्रदर्शन के दौरान कईमर्तबा उनके घुटने, कंधे और कूल्हे के लीगामेंट्स, साकेट से संबंधित चोट लगने पर उन्हें उत्तराखंड में बेहतर इलाज नहीं मिल पाता था। वजह उत्तराखंड में अभी तक स्पोर्ट्स इंजरी के समुचित उपचार के लिए कोई विशेष अस्पताल अथवा क्लीनिक नहीं था और न ही अभी तक यहां स्पोर्ट्स इंजरी के समुचित इलाज की ही सुविधा थी। मगर अब एम्स ऋषिकेश में यह सुविधा शुरू हो गई है। जिसके तहत प्रथम चरण में संस्थान में ’विशेष स्पोर्ट्स इंजरी क्लीनिक’ का संचालन शुरू किया गया है। यहां स्पष्ट कर दें कि विभिन्न खेलों में प्रदर्शन के दौरान या किसी वाहन दुर्घटना में घायल लोगों के घुटने, कंधे और कूल्हे के लीगामेंट्स अथवा साकेट का इलाज एम्स ऋषिकेश में पहले से उपलब्ध है। जबकि इसी कड़ी में अब संस्थान द्वारा खिलाड़ियों से जुड़े ऐसे मामलों के मद्देनजर एक स्पेशल ’स्पोर्ट्स इंजरी क्लीनिक’ की शुरुआत की गई है।

निदेशक एम्स प्रो. रविकांत ने इस बाबत बताया कि खिलाड़ियों और युवाओं में इस तरह की समस्याएं आम होती जा रही हैं। लिहाजा इस दिक्कतों को देखते हुए एम्स में शीघ्र ही ’स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर’ खोला जाना प्रस्तावित है। जिसके अंतर्गत पहले चरण में स्पोर्ट्स इंजरी क्लीनिक की सुविधा शुरू की गई है। कि स्पोर्ट्स इंजरी क्लीनिक में मरीजों के उपचार के लिए ट्रामा सर्जरी विभाग, ऑर्थोपेडिक्स विभाग और फिजिकल मेडिकल विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सकों की संयुक्त टीम उपलब्ध कराई गई है। जिससे स्पोर्ट्स इंजरी से ग्रसित राज्य के खिलाड़ियों और युवाओं का एम्स ऋषिकेश में ही समुचित इलाज किया जा सके।

निदेशक प्रो. रवि कांत जी के अनुसार उत्तराखंड एवं अन्य राज्यों के आर्मी ट्रेनिंग सेंटर और स्पोर्ट्स ट्रेनिंग सेंटर के सहयोग से सेना के जवानों, खिलाड़ियों तथा अन्य लोगों को इस केंद्र में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।

इस बाबत विस्तृत जानकारी देते हुए ट्रामा सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. मोहम्मद कमर आजम ने बताया कि स्पोर्ट्स इंजरी को लिगामेन्ट्स इंजरी भी कहा जाता है। लिगामेन्ट्स इंजरी के दौरान व्यक्ति का घुटना टूट जाना अथवा उसके घुटनों के जोड़ों का संतुलन बिगड़ जाने की समस्या प्रमुख है। इसके अलावा कई बार घुटनों के ज्वाइन्ट्स भी अपनी जगह से खिसक जाते हैं। यह जोड़ एक हड्डी को दूसरी हड्डी से आपस में जोड़ने का काम करते हैं। मगर एक्सरे या सीटी स्कैन में इसका पता नहीं चल पाता है।

प्रो. आजम ने बताया कि जब मरीज की हड्डी घिस जाती है तो बाद में उसे उस जगह दर्द होने लगता है। स्पोर्ट्स इंजरी क्लीनिक में ऐसे ही लोगों का इलाज किया जाएगा। संबंधित रोगी स्पोर्ट्स इंजरी की ओपीडी में अपनी जांच करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस स्पेशल क्लिनिक में पंजीकरण की सुविधा के लिए शीघ्र ही एक व्हाट्सएप नंबर जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्पोर्ट्स इंजरी के मरीजों का इलाज संस्थान में पूर्व से ही किया जा रहा है। लेकिन सेवाओं के विस्तारीकरण के तहत अब विभाग द्वारा विशेष स्पोर्ट्स इंजरी क्लीनिक शुरू किया गया है। यह क्लीनिक दैनिकतौर पर ओपीडी के समय संचालित होगा। उन्होंने बताया कि साईकिलिंग, स्केटिंग, क्रिकेट, फुटबॉल, वाॅलीबॉल, बास्केटबॉल आदि खेलों में जिन खिलाड़ियों का घुटना अथवा कोहनी टूट जाती है, उन्हें इस सुविधा से विशेष लाभ होगा। खिलाड़ियों के लिए गेट ट्रेनिंग लैब अथवा रोबोटिक रिहैब मशीन भी एम्स में उपलब्ध है। प्रो. आजम ने बताया कि बीते वर्ष 2020 में एम्स के ट्रामा विभाग में 438 लोगों की लिगामेन्ट्स सर्जरी की जा चुकी है। जबकि पिछले ढाई साल के दौरान लिगामेन्ट्स इंजरी वाले लगभग 2000 लोगों का उपचार किया गया है। जिनमें ज्यादातर मामले बाइक से गिरकर अथवा फिसलकर घुटना टूट जाने की शिकायत वाले लोगों के रहे हैं। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों के लिए यह उपचार योजना के तहत निःशुल्क उपलब्ध है।

स्पोर्ट्स लिगामेन्ट्स इंजरी के लक्षण-
लिगामेन्ट्स इंजरी होने पर एक हड्डी को दूसरी हड्डी से जोड़ने वाले घुटने का जोड़ टूट जाता है। जिससे चलते समय पैरों का बेलेंस बिगड़ना, व्यक्ति का संतुलित होकर न चल पाना, कंधा दर्द करना, सीढ़ी चढ़ने-उतरने में दिक्कत होना, पैरों से लचक कर चलना, हाथ का ठीक तरह से ऊपर न उठना और काम करते हुए हड्डी में दर्द रहना इसके प्रमुख लक्षण हैं।

बाल सदन के जरिए एक दिन की सीएम सृष्टि गोस्वामी ने चलाई सरकार


राष्ट्रीय बालिका दिवस पर एक दिन की मुख्यमंत्री सृष्टि गोस्वामी बेहद आत्मविश्वास से लबरेज दिखी। बाल सदन के जरिये सरकार भी चलायी और कई विभागों की समीक्षा की। वाकपटु व हाजिरजवाब सीएम सृष्टि ने अपनी बौद्धिकता से भी दिल जीता।

उत्त्तराखण्ड की विधानसभा में रविवार को सीएम सृष्टि ने हनक और बेलौस अंदाज में एक दिन पूरी सरकार चलाई। दोपहर 12 बजे से सीएम ने अपने एजेंडे को मूर्त रूप देते हुए शाम को पत्रकारों को ब्रीफ भी किया।
बतौर ‘मुख्यमन्त्री’ सृष्टि ने कॉलेज आने जाने वाली लड़कियों की सुरक्षा के बाबत डीजीपी को ‘निर्देश” दिए। इसके अलावा नशे की बढ़ती प्रवृति पर रोक लगाने के लिए कॉलेज के 500 मीटर के दायरे में किसी भी नशायुक्त सामग्री के बेचने पर पाबंदी भी लगाई।

सीएम की भूमिका निभाने के बाद सृष्टि ने पत्रकारों के सवालों के सधे जवाब दिये। कहा कि उन्हें आज नायक फिल्म की याद आयी। लेकिन वो फिल्म थी जबकि यह हकीकत है। विभागीय समीक्षा के बाबत पूछे गये सवाल के जवाब में मनोनीत सीएम सृष्टि ने कहा कि कुछ काम ठीक हो रहे हैं।
सीएम की अध्यक्षता में विधान सभा में बाल विधायक सदन का आयोजन किया गया। बाल सदन में विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी और 13 विभागों ने अपना विभागीय प्रस्तुतिकरण दिया।

विभागीय समीक्षा और प्रस्तुतिकरण से पूर्व मनोनीत मुख्यमंत्री की अनुमति से बाल सदन का आयोजन किया गया। जिसमें नेता प्रतिपक्ष आसिफ हसन ने सदन में सरकार के समक्ष प्रश्न उठाये। जिनका मनोनित मुख्यमंत्री तथा उनकी अनुमति से अन्य मंत्री और बाल विधायकों द्वारा नेता प्रतिपक्ष के सवालों का क्रमवार उत्तर दिया गया ।

इसके पश्चात बाल विकास विभाग द्वारा विभागीय प्रस्तुतिकरण प्रस्तुत करते हुए महिला, बच्चों, दिव्यंगजनों, निराश्रितों आदि के हित में सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनओं तथा उनके कल्याण के लिए उठाये गये कदम की जानकारी दी। इस दौरान महिला व बच्चों से सबन्धित अपराध तथा उनका उन्मूलन तथा महिला एवं बच्चों के समुचित विकास के लिए उठाये गये कदमों की बात कही।
लोक निर्माण विभाग द्वारा राज्य में किये जा रहे पुल, सडक, तथा अन्य सम्पर्क निर्माण कार्यो से अवगत कराया। सिंचाई विभाग द्वारा सूर्याधार झील तथा अन्य संचालित व निर्मित्त की जा रही परियोजनाओं का प्रस्तुतिकरण दिया गया। पुलिस विभाग द्वारा अपराधों की प्रकृति तथा उनके उन्मूलन हेतु उठाये गये प्रयासों तथा अभिनव स्टेप्स से अवगत कराया। उन्होने बाल अपराध की रोकथाम, साईब्रर क्राईम रोकथाम, नशा मुक्ति अभियान, आपरेशन सत्य, तथा बाल तस्करी मुक्ति हेतु आपरेशन स्माईल के उदाहरण प्रस्तुत किये।

इसके अतिरिक्त उद्योग, उरेडा, स्मार्ट सिटी, शिक्षा, आदि विभागो ने भी विभागीय प्रस्तुतिकरण दिया।
इस दौरान मा. उच्च शिक्षा मंत्री (आज के मुख्यमंत्री प्रतिनिधि) ने अपने सम्बोधन में कहा कि इस तरह के आयोजन से बालिकाओं के आत्म विश्वास में वृद्धि होती है साथ ही सरकार की कार्यशैली तथा उनकी विशिष्ट प्रक्रियाओं से व्यवहारिक रूप मे अवगत होने का भी अवसर प्राप्त होता है।

मनोनीत मुख्यमंत्री सृष्टि गोस्वामी द्वारा इस दौरान सदन में महिला एवं बाल संरक्षण तथा विभिन्न विकास कार्यो के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण सुझाव साझा किये। उन्होने बालिकाओं को विद्यालय आने जाने के लिए वाहनों में सुरक्षित माहौल बनाने, धरेलू हिंसा, नशाखोरी और बाल अपराधों पर लगाम लगाने तथा महिलाओं को सूरक्षित, सहज और सर्व स्वीकार्य वतावरण बनने के सुझाव दिये।

बाल विधायकों में मनोनीत मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष के अलावा मनोनीत गृह मंत्री कुमकुम पन्त, जान्हवी, हरेन्द्र, चिराग, मानसी, ऋतिका आदि ने समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया।

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने उत्तराखण्ड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमंती उषा नेगी ने भी अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बालिकाओं व बच्चों को इस तरह के बाल सदन में अवसर देने पर उनको जीवन में और आगे बढने और कुछ करने की प्रेरणा मिलती है साथ ही शासकीय और प्रशासनिक कार्यप्रणाली का भी ज्ञान होता है।

बाल विकास में अपर सचिव झरना कमठान ने बाल सदन का विधिवत समापन किया।

बाल मुख्यमंत्री का बनना बालिकाओं का सम्मान- त्रिवेंद्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर राज्य विधानसभा में बाल विधायक सदन में बालिका सुश्री सृष्टि गोस्वामी को एक दिन की बाल मुख्यमंत्री मनोनीत कर बाल सदन की कार्यवाही का आयोजन किया जाना प्रदेश की बालिकाओं का सम्मान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन बालिकाओं को समाज में अपनी पहचान बनाने में भी मददगार होते हैं। उन्होंने कहा कि आज के बालक कल के नागरिक हैं। हमारे ये भावी कर्णधार देश को बेहतर दिशा की ओर ले जायें इसके लिये आवश्यक है कि इन्हें सम-सामयिक विषयों के साथ ही विधायिका के स्तर पर होने वाले कार्यों की जानकारी रहे। इस प्रकार के आयोजन युवाओं को समाज के प्रति अपने दायित्वों के निर्वहन की भी प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि आज हमारी बेटियां आगे बढ़कर अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी कामयाबी का प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने बाल सदन द्वारा एक दिन के लिये मनोनीत मुख्यमंत्री सुश्री सृष्टि गोस्वामी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए ऐसे आयोजनों को उपयोगी बताया है।

महाकुंभ को लेकर केंद्र सरकार ने जारी की गाइडलाइन, अधिक पढ़ें…

केंद्र सरकार ने महाकुंभ को लेकर अपनी गाइडलाइंस जारी की है। केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि मेले में ऐसे हेल्थ केयर वर्कर को ही ड्यूटी पर तैनात करें, जिन्हें वैक्सीन दे दी गई हो। साथ ही कुंभ मेले में ड्यूटी करने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों को वैक्सीन लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं

करवाना होगा रजिस्ट्रेशन
केंद्र सरकार की तरफ से जारी गाइडलाइन के मुताबिक महाकुंभ में आने वाले सभी भक्तों और श्रद्धालुओं को अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। इसके साथ ही कोरोना नेगेटिव मेडिकल सर्टिफिकेट लाना भी जरूरी होगा। गाइडलाइन में गर्भवती महिलाओं, 65 साल से अधिक उम्र के लोगों, 10 साल से कम उम्र के बच्चे और गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों को महाकुंभ में नहीं आने के लिए प्रेरित करने की बात कही गई है। गौरतलब है कि, धर्मनगरी हरिद्वार को महाकुंभ के लिए खूब सजाया और संवारा जा रहा है। जगह-जगह दीवारों पर पेंटिंग्स की जा रही हैं, सड़कों का निर्माण हो रहा है। संत-महात्माओं के लिए टेंटों की व्यवस्था की जा रही है और अब ये भी माना जा रहा है कि 27 फरवरी से कुंभ की शुरुआत हो जाएगी. ऐसे में प्रशासन के पास महीने भर का वक्त बचा है और कई काम अधूरे भी पड़े हैं।

जिला योजना में सभी जिलों को सीएम त्रिवेंद्र ने जारी की शत प्रतिशत धनराशि

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने वित्तीय वर्ष 20-21 में प्राविधानित जिला योजना के तहत अवशेष राशि 65.50 करोड़ जारी करने पर सहमति दी है। चालू वित्त वर्ष में जिला योजना के तहत कुल 665.50 करोड़ के प्रावधान के सापेक्ष 600 करोड़ की राशि पहले ही सभी जिलों को अवमुक्त की जा चुकी है।

यह राशि जिलाधिकारियों के निर्वतन पर रखी जाएगी। इसमें सामान्य, एससीपी और टीएसपी के तहत अनुदान राशि दी जाती है। चालू वित्त वर्ष में जिला योजना के तहत बजट में कुल 665.50 करोड़ का प्रावधान किया गया था। 600 करोड़ की राशि जिलों को पहले ही जारी हो चुकी है। अब शेष राशि 65.50 करोड़ भी जारी कर दी गई है। मुख्यमंत्री की सहमति के बाद इस वित्तीय वर्ष में जिला योजना में शत प्रतिशत राशि जारी हो जाएगी। इससे चालू वित्त वर्ष के जिला योजना के अवशेष कार्य पूरे हो सकेंगे।

इसमें नैनीताल को 4 करोड़, 59 लाख 38 हजार 120 रुपए, उधमसिंह नगर को 4 करोड़ 85 लाख 54 हजार 230 रुपए, अल्मोड़ा को 4 करोड़ 89 लाख 18 हजार 125 रुपए, पिथौरागढ़ को 4 करोड़ 69 लाख, 71 हजा 545 रुपए, बागेश्वर को 3 करोड़ 90 लाख 24 हजार 115 रुपए, चंपावत को 3 करोड़ 81 लाख 88 हजार 140 रुपए, देहरादून को 6 करोड़ 51 हजार 200 रुपए, पौड़ी को 7 करोड़, 88 लाख 96 हजार 535 रुपए, टिहरी को 6 करोड़ 25 लाख65 हजार 895 रुपए, चमोली को 4 करोड़ 86 लाख 4 हजार 155 रुपए, उत्तरकाशी को 5 करोड़ 98 हजार 575 रुपए, रुद्रप्रयाग को 3 करोड़ 80 लाख 60 हजार 310 रुपए और हरिद्वार को 4 करोड़ 40 लाख 80 हजार 55 रुपए जारी करने पर सहमति दी गई है।

मसूरी विधानसभा क्षेत्र के तहत धोरणखास वार्ड संख्या 5 के ब्रह्मवाला खाला में 0.900 किमी लंबे मार्ग के पुनर्निर्माण व सुधार कार्य के लिए मुख्यमंत्री ने 75.84 लाख की स्वीकृति दी है।
रुद्रपुर, डोईवाला व चंबा में मिनी स्टेडियम बनेंगेः उधमसिंह नगर के मुख्यमंत्री ने युवा कल्याण विभाग के तहत राजकीय इंटर कालेज रुद्रपुर शक्तिफार्म में मिनी स्टेडियम के निर्माण के लिए 99.15 लाख की स्वीकृति दी है। इसमें से पहली किश्त के रूप में 39.66 लाख अवमुक्त करने के निर्देश दिए हैं। डोईवाला में मिनी स्टेडियम के लिए 49.56 लाख की स्वीकृति दी गई है।

इसमें से पहली किश्त के रूप में 19.82 लाख अवमुक्त करने को हरी झंडी दी है। चंबा में मिनी स्टेडियम के निर्माण के लिए 99.36 लाख की वित्तीय स्वीकृति देते हुए पहली किश्त 39.74 लाख जारी करने पर सहमति दी है। इन कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने और विलंब या किसी भी अन्य दशा में आगणन पुनरीक्षण पर विचार नहीं करने की शर्त के साथ यह सहमति दी गई है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अल्पसंख्यक विकास निधि योजना के तहत विभिन्न कार्यों के ले 29.83 लाख की वित्तीय स्वीकृति दी है। साथ ही अल्पसंख्यकों के विकास के कार्यों को चालू वित्तीय वर्ष में समय से पूरा करने के निर्देश भी दिए हैं।

चयनित स्थान पर ही होगा चंपावत में जेल निर्माणः मुख्यमंत्री ने चंपावत कारागर के लिए चयनित भूमि पर ही कारागार का निर्माण करने पर सहमति दी है। इसके लिए गृह विभाग की ओर से स्थानीय निवासियों की सहमति के बाद भूमि क्रय की गई तथा उसकी चारदीवारी का निर्माण किया गया। इस पर अब तक 2.4 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। अब इस कारागार को अन्यत्र स्थानांतरित नहीं किया जाएगा।

पुलिस कार्मिकों के कल्याण के लिए मुख्यमंत्री ने 1 करोड़ का बजट प्राविधान किए जाने की मांग के प्रस्ताव पर सहमति दी है। इससे पुलिस कार्मिकों को पुरस्कार इत्यादि दिए जाएंगे। उत्तरकाशी की पुलिस लाईन ज्ञानसू में प्रस्तावित टाईप-दो के दो आवासीय भवनों के निर्माण के लिए भी मुख्यमंत्री ने 55.07 लाख का अनुमोदन दिया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय बागेश्वर के प्रथम तल पर फेब्रिकेटेड स्ट्रक्चर का निर्माण कार्य के लिए 99.62 लाख की वित्तीय स्वीकृति दी है।

फाइनेंसर व भाजपा नेता के पिता के मर्डर केस में एसएसपी देहरादून ने किया खुलासा


आज वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के कार्यालय पर राजकुमार गुप्ता मर्डर केस को लेकर प्रेस वार्ता की गई। एसएसपी डॉ योगेंद्र सिंह रावत ने आरोपियों की पहचान सुरेश चैधरी पुत्र स्वर्गीय मुंशी राम निवासी ग्राम गुरदासपुर थाना स्योहारा बिजनौर हाल निवासी सुमन विहार बापू ग्राम आईडीपीएल के रूप में कराई जबकि इसके दो अन्य साथी इंद्रपाल सिंह उर्फ पप्पू पुत्र जयपाल सिंह हाल निवासी छाबरा फार्म मनसा देवी श्यामपुर ऋषिकेश व राजकुमार पुत्र स्वर्गीय बाबूराम निवासी शक्तिनगर चक्कर रोड कोतवाली शहर जिला बिजनौर के रूप में कराई।

क्या था मामला
बीते 15 जनवरी को भाजपा नेता रूपेश गुप्ता ने अपने पिता फाइनेंसर राजकुमार गुप्ता की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले में करीब 100 से अधिक नंबरों की कॉल डिटेल व 55 सीसीटीवी फुटेज खगाली। जिसमें मृतक के साथ जाते आरोपियों को देखा गया।

कैसे दिया घटना को अंजाम
15 जनवरी की रात को आरोपियों ने मृतक को स्मृति वन के जंगल में ले जाकर रस्सी से गला घोट कर हत्या कर दी। 16 जनवरी की सुबह 3रू30 बजे एक वाहन में रखकर श्यामपुर के कच्चे रास्ते से होते हुए मंडावर बिजनौर ले गए यहां सुनसान इलाका इनाम पुर रजवाड़े के किनारे पेट्रोल डालकर जला दिया। बिजनौर उत्तर प्रदेश की पुलिस को एक आध जला शव बरामद हुआ उस दौरान शव की शिनाख्त नहीं हो पाई इसके चलते 19 जनवरी को यूपी पुलिस ने मृतक का अंतिम संस्कार हिंदू रीति रिवाज से कर दिया।

घटना में उपयुक्त सामानों का विवरण
एसएसपी योगेंद्र सिंह रावत ने बताया कि घटना में प्रयुक्त वाहन, गुमशुदा की स्कूटी, हत्या करने के बाद शव को जलाने के लिए पेट्रोल में प्रयोग की गई प्लास्टिक की बोतल तथा शव को छिपाने के लिए प्रयोग में लाई गई काली पन्नी बरामद की है।

देवडोलियों के आयोजन को लेकर हुई बैठक

श्री देवभूमि लोक संस्कृति विरासतीय शोभायात्रा समिति द्वारा कुंभ महापर्व 2021 में देव डोलियों के दिव्य,भव्य एवं सुरक्षित स्नान व शोभायात्रा के आयोजन को लेकर बैठक हुई। इस दौरान देवी देवताओं के आमंत्रण को लेकर दायित्व बांटे गए।

भरत मंदिर, झण्डा चैक में आयोजित बैठक की शुरूआत स्वस्ति वचन से हुई। महिलाओं द्वारा पारंपरिक वेशभूषा में मङ्गल गीत प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए समिति के परमाध्यक्ष व पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहन सिंह रावत गॉंववासी ने कहा कि यह कार्यक्रम हमारी आस्था एवं विश्वास का प्रतीक है। जो हमारी सांस्कृतिक विरास्त एवं लोकपरम्परा को संरक्षित रखें हुए है। उन्होंने कहा कि इस पुनीत कार्यक्रम को हमने दिव्य एवं अविस्मरणीय बनाना है। उपाध्यक्ष बंशीधर पोखरियाल ने सभी प्रतिनिधियों को उनके दायित्व की जानकारी दी।

संजय शास्त्री, दीप शर्मा (पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष) ने कहा कि योगनागरी ऋषिकेश व धर्मनगरी हरिद्वार में होने वाले महा उत्सव को से ऐतिहासिक बनाया जायेगा। कार्यक्रम का संचालन प्रवक्ता डॉ. धीरेंद्र रांगड़ ने किया।

बैठक में सभी ने तय किया कि कोविड-19 को देखते हुए मास्क, सैनिटाइजर की व्यवस्था के साथ ही सामाजिक दूरी के नियमों का पालन किया जायेगा। वहीं, विभिन्न क्षेत्रों से पधारे प्रतिनिधियों को दायित्व सौपते हुए देवी देवताओं के आमंत्रण हेतु गजेन्द्र सिंह कंडियाल, भगवान सिंह रांगड़ एवं द्वारिका प्रसाद भट्ट के नेतृत्व में तीन टीमों का गठन किया गया। जो टिहरी, उत्तरकाशी, प्रतापनगर, पौड़ी, चकरोता, रुद्रप्रयाग, चमोली, कोटद्वार, नैनीताल, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा आदि के देवस्थानों पर जाकर संपर्क करेगी। मांगलिक गीत की सुंदर प्रस्तुति दर्शनी भंडारी,शशि कण्डारी, सुरेश उनियाल एवं मीना मंदवाण ने दी।

श्रीभरत मंदिर के महंत वत्सल महाराज व हर्षवर्धन शर्मा ने 24 अप्रैल को आगन्तुक देवडोली का श्री भरत मन्दिर परिवार द्वारा मंदिर प्रंगङ्ग में सम्मान व स्वागत की सहमति प्रदान की।
बैठक नागेन्द्र गिरी महाराज, कुँवर ठाकुर भवानी प्रताप, पूर्व राज्यमंत्री उषा रावत, आशाराम व्यास, रंगकर्मी बलदेव राणा, हर्षमणी व्यास, लक्ष्मी प्रकाश सेमवाल,पुष्पा ध्यानी, विजयपाल रांगड़, सुनील कोठियाल, आशीष कुकरेती आदि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में सरोज डिमरी, विमला रावत, बी सी पंत, लक्ष्मी प्रसाद सेमवाल, उषा भंडारी,सूरत सिंह रौतेला, रमेश पैन्यूली, सुरेंद्र भंडारी, निर्मला शर्मा, विनय उनियाल,विशाल मणि पैन्यूली, विजय प्रसाद मैठानी, यतेंद्र कंडियाल आदि उपस्थित थे।

एसओजी पुलिस के हत्थे चढ़ा वन्य जीव तस्कर, लाखो में बेचता था गुलदार की खाल

गरूड़ चट्टी के पुल से एसओजी टिहरी की टीम ने एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति को गुलदार की खाल के साथ अरेस्ट किया है। मौके पर वन विभाग की टीम ने मुनिकीरेती पुलिस को तहरीर दी और भारतीय वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 संशोधन 2006 में मुकदमा दर्ज कराया।

बता दें टिहरी एसएसपी तृप्ति भट्ट के निर्देश पर जनपद में जगह-जगह अवैध नशा के साथ आपराधिक व्यक्ति के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। टिहरी एसओजी की टीम को आज वन्यजीव तस्करी के संबंध में जानकारी मिली। पुलिस गरुड़ चट्टी पुल के पास पहुंची तो 55 वर्षीय प्रकाश पुत्र घनश्याम निवासी ग्राम भूखंडी, पट्टी तल्ला उदयपुर, थाना लक्ष्मण झूला, जनपद पौड़ी गढ़वाल को गुलदार की चितकबरा रंग की खाल के साथ गिरफ्तार किया।

एसओजी प्रभारी आशीष कुमार ने खाल की पहचान करने के लिए मौके पर वन विभाग की टीम को बुलाया। डिप्टी रेंजर बलबीर सिंह पंवार व वन दरोगा अनुज उपाध्याय ने गुलदार की खाल होना बताया। साथ ही आरोपी के खिलाफ तहरीर भी दी। पुलिस ने आरोपी पर भारतीय वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 संशोधन 2006 में मुकदमा दर्ज किया हैं। बताया कि गुलदार की उम्र 5 से 6 वर्ष के बीच है।

पुलिस टीम में एसओजी प्रभारी उप निरीक्षक आशीष कुमार, हेड कांस्टेबल योगेंद्र सिंह, कांस्टेबल उबैदुल्ला शामिल रहे।

आशा कार्यकत्रियों को मिलेगी 2.71 करोड़ की प्रोत्साहन राशि, सीएम ने की घोषणा

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रदेश में कार्यरत 565 नई आशा कार्यकत्रियों को वर्ष 19-20 और 20-12 की प्रोत्साहन राशि 2.71 करोड़ जारी करने को हरी झंडी दे दी है। साथ ही वर्ष 20-21 में जिलों में 367 नई आशा कार्यकत्रियों की नियुक्ति के लिए चयन की भी सहमति दी है।

चिकित्सा स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से मुख्यमंत्री को प्रदेश में कार्यरत 565 नई आशा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन राशि दिए जाने के लिए प्रशासनिक स्वीकृति किए जाने का प्रस्ताव उपलब्ध कराया था। कार्मिक विभाग ने भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार आशा कार्यकत्रियों के चयन किए जाने का परामर्श इस शर्त के साथ प्रदान किया जाना प्रस्तावित किया कि इसमें पहले वित्त विभाग की सहमति ली जाए। मुख्यमंत्री ने बतौर वित्त मंत्री इस प्रस्ताव पर सहमति दी है। साथ ही वर्ष 20-21 में 367 नई आशा कार्यकत्रियों की नियुक्ति के लिए चयन प्रक्रिया को भी हरी झंडी दे दी है। इन आशा कार्यकत्रियों की नियुक्ति होने पर 88 लाख 8 हजार प्रतिवर्ष वित्तीय भार पड़ेगा।

उत्तरकाशी और चमोली में पीएचसी के लिए स्वीकृतिः मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुपालन में जिला उत्तरकाशी के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (टाइप दृए) जखोल के प्रथम चरण के निर्माण कार्य के लिए 11.16 लाख तथा चमोली जिले के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (टाईप-ए) नंदप्रयाग के भवन निर्माण के लिए प्रथम चरण के निर्माण कार्यों के लिए 13.17 लाख की राशि जारी करने पर मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सहमति दी है।

गैरसैंण अस्पताल में 20 अतिरिक्त बेड बनेंगेः मुख्यमंत्री
त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सीएम घोषणा के अनुपालन में चमोली जिले के अंतर्गत उपजिला चिकित्सालय, गैरसैंण में 20 अतिरिक्त बेड के निर्माण के लिए 36.93 लाख की अवमुक्त करने की स्वीकृति दी है। इसके लिए ग्रामीण निर्माण विभाग को कार्यदायी संस्था बनाया गया है।

चंपावत के सिलिंगटाक में टी टूरिज्म हट की मरम्मत होगीः मुख्यमंत्री ने चंपावत के अंतर्गत 13 डिस्ट्रिक्ट 13 न्यू डेस्टिनेशन योजना में सिलिंगटाक में स्थित टी टूरिज्म हट की मरम्मत व्यू प्वाइंट, कैफेटेरिया, टिकिट हाउस तथा फैंसिंग कार्य के ले 105.50 लाख (1 करोड़ 5 लाख 50 हजार) की स्वीकृति दी है। यह राशि तीन चरणों में 40-40-20 प्रतिशत के आधार पर जारी की जाएगी। चालू वित्तीय वर्ष में इसके लिए 42.50 लाख की राशि अवमुक्त किए जाने पर मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दी है।

कार्बेट और राजाजी टाईगर रिजर्व पार्कों का संरक्षण व विकासः चालू वित्तीय वर्ष में राज्य सैक्टर योजना में कार्बेट और राजाजी टाईगर रिजर्व पार्कों का संरक्षण और विकास करने के लिए मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 6 करोड़ की धनराशि आवंटित करने पर मोहर लगा दी है। इस योजना पर दोनों रिजर्व पार्कों में काम भी शुरू हो गया है।

कोटाबाग में 5 किमी लंबी धमोला नहर का जीर्णोंद्धार होगाः मुख्यमंत्री ने राज्य सेक्टर पोषित नहर निर्माण मद के अंतर्गत जिला नैनीताल के विकासखंड कोटाबाग में 5.296 किलोमीटर लंबी धमोला नहर व हेड के जीर्णोंद्धार की योजना के लिए 107.92 लाख की स्वीकृति के साथ चालू वित्तीय वर्ष में पहली किश्त के रूप में 43.16 लाख की राशि अवमुक्त करने पर सहमति दी है। सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग की ओर से इसका प्रस्ताव भेजा गया है।

टापू में फंसे आठ लोगों को जल पुलिस ने कड़ी मशक्कत से बचाया

मुनिकीरेती में आठ लोगों की जान तब आफत में आ गई, जब गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से सभी टापू में फंस गए। मौके पर चीख पुकार मच गई। गनीमत रही कि जल पुलिस के जवानों से समय रहते राफ्ट से रेस्क्यू अभियान चलाया और सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।

दरअसल, अलग-अलग क्षेत्रों के आठ लोग जिनमें सिमरन निवासी रायवाला, सलीना राणा, कनू क्षेत्री दोनों निवासी डोईवाला, विवेक थापा निवासी मियांवाला, देवेंद्र, महेन्द्र दोनों निवासी गुड़गांव, बीरबल सिंह, हर्ष दोनों निवासी शीशमझाड़ी दोपहर दो बजे करीब जानकी सेतु के समीप गंगा नदी में बने टापू पर पहुंचे। सभी घूमने में व्यस्त रहे, तभी अचानक करीब दो बजकर 35 मिनट पर गंगा का जलस्तर अचानक बढ़ गया। जलस्तर बढ़ने के बाद मौके पर चीख पुकार मच गई। तभी जल पुलिस के जवानों ने राफ्ट से अभियान चलाया और काफी मशक्कत करने के बाद सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।

जल पुलिस के जवानों में उत्तम सिंह, सुनील रावत, मनोज बिष्ट और शिवम सिंह शामिल रहे।

सोशल मीडिया काॅर्डिनेटर की सक्रियता से युवाओं की समस्याओं का हो रहा निराकरण

मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया काॅर्डिनेटर नितिन सिंह रावत इन दिनों लगातार युवाओं से सपंर्क कर संवाद स्थापित कर रहे है। दूरस्थ क्षेत्रों में जाकर उनकी समस्याएं सुनना और उनका निराकरण करने के लिए मुख्यमंत्री से मिलना उनके दिनचर्या का हिस्सा है। अपने दैनिक कार्यक्रमों में से वह प्रतिदिन मुख्यमंत्री की विधानसभा के क्षेत्रों में युवाओं से संपर्क कर एक टीम का गठन भी कर रहे है। इस दौरान युवाओं से संवाद कर सरकार के कार्यों की चर्चा और उन्हें बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए सरकार और क्षेत्र के लोगों के बीच पुल का माध्यम बनकर कार्य कर रहे है।
नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के जन्म दिवस पर नितिन रावत आज डोईवाला विधानसभा के दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्र इठारना पहुंचे। यहां नव युवक मंगल दल के सदस्यों ने उनका स्वागत किया।

खास बात यह रही कि इठारना गांव के साथ ही मतसी, केमट, मानकी, गोनेन्ड क्षेत्र के युवा यहां पहुंचे थे। नितिन रावत ने सरकार के द्वारा किये जा रहे कार्यो और युवाओं के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं की युवाओं को जानकारी दी। उन्होंने सरकार के द्वारा किये जा रहे कार्यों को धरातल पर परखा। युवाओं ने उन्हें बताया कि क्षेत्र में मुख्यमंत्री के द्वारा कई कार्य किये जा रहे है। क्षेत्र की जनता भी उनके कार्यों से सतुंष्ठ है।
गौरतलब है कि नितिन रावत मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया के अलावा उनके क्षेत्र के कार्यों का भी संपादन करते है। मुख्यमंत्री के बेहद करीबी माने जाने वाले नितिन रावत ईमानदार कार्यप्रणाली और साफ छवि के युवा है। माना जाता है कि मुख्यमंत्री तक क्षेत्र की समस्या पहुंचना और सही जानकारी देने से मुख्यमंत्री को काफी मदद मिलती है।
इस अवसर पर बालावाला, शमशेर गढ़ और आगरखाल के युवाओं की टीम ने भी उनसे मुलाकात की और अपने क्षेत्र की समस्याओं से उन्हें अवगत कराया। इस मौके पर राजीव रावत, मोंटी रावत, सोहन, मोहन, दिनेश, मयंक, रश्मि नेगी, ज्योति सहित सैकंड़ों की संख्या में युवा मौजूद रहे।