सीएम के निर्देश पर सरकारी विभागों में पदों की तस्वीर जल्द आएगी सामने

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के निर्देश पर शासन सभी विभागों में चल रही भर्ती प्रक्रियाओं को ब्योरा खंगालने में जुट गया है। इससे यह जानकारी हाथ लग जाएगी कि भविष्य में कितने और पदों पर भर्ती प्रक्रिया आयोजित की जा सकती है।

प्रदेश में इस समय विभिन्न विभागों में पद रिक्त चल रहे हैं। इनकी कुल संख्या को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। शासन कई बार रिक्त पदों को लेकर विभागों से जानकारी लेता रहता है लेकिन शासन को आधी अधूरी ही जानकारी मिलती है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत समय-समय पर भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर जानकारी लेते रहे हैं। अभी तक लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ चयन सेवा आयोग के पास भर्ती आवेदनों की जानकारी सरकार के पास है।

प्रदेश में इस समय तकरीबन 45 विभाग हैं। इन विभागों में रिक्त पदों के संबंध में विस्तृत जानकारी शासन को नहीं मिल पाई है। जिनकी जानकारी मिली है उनमें से राजस्व, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास, उच्च शिक्षा, न्याय, वन व राज्य कर विभागों में सबसे अधिक पद रिक्त चल रहे हैं। सरकार इन्हें कई बार रिक्त पदों को भरने के निर्देश जारी कर चुकी है।

अब शासन सभी विभागों से रिक्त पदों को भरने के संबंध में अभी तक की गई कार्रवाई का ब्योरा तलब कर रहा है। विभागों से कहा गया है कि वे बताएं कि कितने पदों पर भर्ती के लिए अधियाचन लोक सेवा अथवा अधीनस्थ चयन आयोग को भेजे गए हैं। इस पर क्या कार्रवाई हुई है। अभी तक विभाग में कितने पद रिक्त चल रहे हैं और इन्हें भरने के लिए विभाग की क्या योजना है। माना जा रहा है कि सारी जानकारी मिलने के बाद शासन को प्रदेश में रिक्त पदों को लेकर एक सही तस्वीर मिल जाएगी।

स्पीकर प्रेमचंद से मिला ‘उत्तरांचल प्रधानाचार्य परिषद’ का शिष्टमंडल

विधानसभा अध्यक्ष से आज ‘उत्तरांचल प्रधानाचार्य परिषद’ के एक शिष्टमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। शिष्टमंडल ने अशासकीय विद्यालयों में कार्यरत समस्त प्रभारी प्रधानाचार्य को पदोन्नत कर प्रधानाचार्य के पदों पर यथावत रखने के संबंध में अपना प्रार्थना पत्र सौंपा। साथ ही आवश्यक कार्यवाही की मांग की।

उत्तरांचल प्रधानाचार्य परिषद के शिष्टमंडल ने विधानसभा अध्यक्ष को अवगत किया कि प्रदेश में वर्तमान समय में मान्यता प्राप्त अशासकीय विद्यालय में कार्यरत वरिष्ठतम प्रवक्ताओं द्वारा प्रभारी प्रधानाचार्य के उत्तरदायित्व का निर्वहन किया जा रहा है। राज्य सरकार के शासनादेश संख्या 969 दिनांक 28 अक्टूबर, 2020 के अनुसार ऐसे सभी प्रभारी प्रधानाचार्य को अपने मौलिक प्रवक्ता पद पर प्रत्यावर्तीत किया जा रहा है। इस संदर्भ में संगठन द्वारा विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष शासनादेश के क्रम में पूर्व से कार्यरत सभी प्रभारी प्रधानाचार्य को दीर्घ सेवा के आधार पर डाउनग्रेड पदोन्नति दिए जाने एवं मात्र एक बार नियमों में शिथिलीकरण प्रदान करने हेतु विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष प्रार्थना पत्र सौंपा गया।

विधानसभा अध्यक्ष ने उत्तरांचल प्रधानाचार्य परिषद के प्रार्थना पत्र के संबंध में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को पत्र लिखकर प्रार्थना पत्र में उल्लेखित बिंदुओं पर विचार कर मान्यता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में कार्यरत समस्त प्रभारी प्रधानाचार्य को पदोन्नति हेतु आवश्यक कार्यवाही करने का अनुरोध किया। इस अवसर पर विधानसभाध्यक्ष ने उपस्थित प्रभारी प्रधानाचार्यों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी पदोन्नति के संबंध में सकारात्मक हल निकाला जाएगा।

इस अवसर पर एसडीएम इंटर कॉलेज रायवाला के प्रभारी प्रधानाचार्य राम प्रसाद नैथानी, पंजाब सिंध क्षेत्र इंटर कॉलेज के प्रभारी प्रधानाचार्य ललित किशोर शर्मा, भरत मंदिर इंटर कॉलेज के प्रभारी प्रधानाचार्य गोविंद सिंह रावत मौजूद थे।

कृषि सुधार कानून को लेकर किसानों को बरगलाना उचित नहींः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि कृषि सुधार कानून किसानों के हित में लाए गए कानून है। कृषि विज्ञानी स्वामीनाथन कमीटी की रिपोर्ट पर कार्यवाही किये जाने की लम्बे समय से मांग की जा रही थी, उसी रिपोर्ट के आधार पर यह कानून बनाये गये हैं जो किसानों के व्यापक हित में हैं। इसमें किसानों के लिए अनेक विकल्प रखे गये हैं, पहले केवल मण्डी ही खरीदारी करती थी, आज उसके लिए ओपन मार्केट की व्यवस्था की गई है।

उन्होंने कहा कि इस मामले में किसानों को बरगलाना उचित नहीं है। देश में खाद्यान्न के क्षेत्र में स्वावलम्बन एवं हरित क्रांति लाने के लिए कृषि क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा अवसंरचना निर्माण हेतु एक लाख करोड़ रूपये की कोष की स्थापना की गई है तथा किसाने की आर्थिक बेहतरी के लिए पीएम किसान सम्मान निधि योजना लागु की गई है जिसमें 6000 रूपये प्रतिवर्ष किसानों को उपलब्ध कराये जा रहे हैं। एमएसपी पर खरीद को लगातार सुढ़ढ किया गया है। इससे किसानों को खेती, बीज व पानी की आधुनिक तौर तरीके की सुविधा उपलब्ध हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय दुगुनी करने का जो भारत सरकार का लक्ष्य रखा गया है उसके लिये राज्य सरकार द्वारा प्रभावी प्रयास किये जा रहे हैं। किसानों को मण्डी के साथ ही कहीं भी उत्पादों को बेचने की आजादी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में औद्यानिक फसले ज्यादा है। प्रदेश में उधम सिंह नगर की कुछ घटनाओं को छोड़कर किसानों द्वारा कही भी प्रर्दशन नही किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों से उनके द्वारा वार्ता कर उनकी समस्या का समाधान किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि एमएसपी समाप्त करने के सम्बन्ध में किसानों में भ्रम फैलाने का प्रयास हो रहा है जबकि एमएसपी कही भी समाप्त नही की जा रही है। किसानों का एमएसपी पर धान क्रय किया गया है तथा एमएसपी पर क्रय की व्यवस्था जारी है, इसके बावजुद भी किसानों को भ्रमित किये जाने का प्रयास किया जा रहा है। किसानों के वास्तवित हित के लिए केन्द्र हो या राज्य सरकार किसानों के हितों को प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की सरकारी गन्ना मिलों द्वारा गन्ना किसानों को सौ प्रतिशत गन्ना मूल्य का भुगतान कर दिया गया है। धान मूल्य का भुगतान ऑनलाईन 24 घण्टे के अन्दर ही बिल प्राप्त होते ही आरटीजीएस के माध्यम से उनके खाते में जमा की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहली बार हुआ है कि नये पैराई सत्र से पहले गन्ना किसानो को उनके गन्ना मूल्य का भुगतान किया गया है। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र की इकबालपुर शुगर मिल जो बन्द हो गई थी जिससे 22,500 किसान जुड़े थे, राज्य सरकार ने इस मिल को 36 करोड़ की गारन्टी देकर खुलवाया है ताकि किसानों को उनके गन्ना मूल्य का भुगतान हो सके। राज्य में खाद्य की सब्सिडी दो साल पहले से ही दी जा रही है। किसानों को 03 लाख तक का ऋण एवं किसानों समुहों को 05 लाख तक का ऋण बिना ब्याज का दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के दृष्टिगत राज्य में लौटे प्रवासियों में से 30 प्रतिशत ने खेती में रूचि दिखाई है। इससे वर्षों से ऐेसे खेतों में खेती शुरू हुई है जो बंजर पड़े थे। ऐसे लोगों के लिए स्वरोजगार के लिए अनेक योजनाये चलाई गई है। इसके लिए जिला योजना में भी 40 प्रतिशत धनराशि जिसका योग 250 करोड़ होता है, प्राविधानित की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना बीमारी की रोकथाम के लिए वैक्सीन को लेकर राज्य में जिला एवं ब्लॉक स्तर पर टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इस संवेदनशील कार्य के लिए कूल चैन की जरूरत है उसके लिए आवश्यक उपकरण जनवरी तक राज्य को उपलब्ध हो जायेंगे। कूल चैन स्थापित करना हमारी प्राथमिकता है इसके लिए अनुभवी टीम हमारे पास है। वैक्सीन आते ही इसको लगाने का कार्य आरंभ कर दिया जायेगा।

आईसोलेट में रह रहे व्यक्तियों की माॅनिटरिंग हेतु आईवीआरएस का हुआ ट्रायल

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में जनपद हरिद्वार के लिए कोविड-19 के कारण आईसोलेट में रह रहे व्यक्तियों की मॉनिटरिंग हेतु इंटरएक्टिव वॉइस रिस्पोंस सिस्टम (आईवीआरएस) के ट्रायल रन का शुभारम्भ किया।

इस आईवीआरएस प्रणाली के द्वारा कोविड-19 के कारण आईसोलेशन में रह रहे व्यक्तियों की मॉनिटरिंग की जाएगी। सिस्टम द्वारा पूछे गए सवालों की प्रतिक्रिया के अनुसार सभी समस्याएं एवं जानकारियां सिस्टम में दर्ज हो जाएंगी। इस प्रणाली के माध्यम से लक्षण, टेस्टिंग एवं फॉलो-अप से सम्बन्धित प्रश्न पूछे जाते हैं। उनके उत्तरों के अनुसार सभी समस्याओं के निराकरण हेतु सम्बन्धित नोडल अधिकारियों को सूचित कर तत्काल मेडिकल सहायता उपलब्ध करायी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने आईसोलेशन में रह रहे एक व्यक्ति से फोन पर बात कर उनके स्वास्थ्य का हाल जाना और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड से संक्रमित व्यक्ति की मॉनिटरिंग करना तो आवश्यक है, परन्तु यह भी सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित के अनुसार सुविधाजनक समय पर सम्पर्क किया जाए। फीडबैक लेने के दौरान आइसोलेशन में रह रहे व्यक्ति को कम से कम परेशानी हो।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी हरिद्वार से कहा कि हरिद्वार में मंदिरों में प्रयोग होने के बाद फूलों की अत्यधिक बर्बादी होती है। इसके लिए एक सिस्टम विकसित किया जाना चाहिए कि यह फूल उसके बाद भी प्रयोग हो सकें। इनका प्रयोग धूप व अगरबत्ती बनाने में किया जा सकता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के समक्ष चंडीघाट में साउंड एण्ड लाईट शॉ का भी प्रस्तुतिकरण किया गया। इसके साथ ही, जिला प्रशासन हरिद्वार की ओर से कोरोना वॉरियर्स के लिए समर्पित वीडियो सौंग ‘‘कोटि कोटि नमन‘‘ को भी लाँच किया गया। उन्होंने कहा कि हम सब जान रहे हैं कि कोरोना से लड़ने में हमारे कोरोना वॉरियर्स ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वह सारा जोखिम आपके लिए, मेरे लिए, हमारे लिए उठा रहे हैं। कोरोना वॉरियर्स के लिए समर्पित यह गाना उनका हौसला बढ़ाने में सहायक होगा।

मौके पर मेयर देहरादून सुनील उनियाल गामा, मुख्यमंत्री के आईटी सलाहकार रविन्द्र दत्त पेटवाल एवं एसएसपी हरिद्वार सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस भी उपस्थित थे।

देहरादून में हुआ इलेक्ट्रिक बस का ट्रायल रन, सीएम ने किया फ्लैग ऑफ

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास में देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा देहरादून शहर में इलेक्ट्रिक बस का ट्रायल रन का फ्लैग ऑफ कर शुभारम्भ किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने देहरादून की जनता को बधाई देते हुए कहा कि यह एक अच्छी शुरुआत हुई है, और पर्यावरण की दृष्टि से यह उत्तराखण्ड के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी देहरादून के अन्तर्गत इस वित्तीय वर्ष में 30 बसें चलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। हमारा यह भी प्रयास रहेगा कि धीरे-धीरे मसूरी, ऋषिकेश और हरिद्वार तक इन इलेक्ट्रिक बसों को चलाया जाए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार का भी प्रयास है कि वर्ष 2030 तक पूरे देश को इलेक्ट्रिक बसों की ओर लाया जाए।

इस अवसर पर मेयर देहरादून सुनील उनियाल गामा, विधायक गणेश जोशी एवं सीईओ स्मार्ट सिटी देहरादून आशीष श्रीवास्तव भी उपस्थित थे।

आपरेशन थर्ड आई के तहत ऋषिकेश क्षेत्र में लगेे 54 सीसीटीवी कैमरे

डीआईजी व एसएसपी देहरादून अरूण मोहन जोशी के निर्देश पर ऋषिकेश कोतवाली क्षेत्र में आपरेशन थर्ड आई के तहत 54 नाइट विजन के सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। कोतवाली प्रभारी रितेश शाह ने बताया कि 17 दिसंबर तक यह अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान कैमरे लगाये जाने के स्थान, कैमरे की गुणवत्ता, बैकअप एवं फोकस पर विशेष ध्यान दिये जाने तथा थाने की चीता मोबाईल को कैमरों के सम्बन्ध में रजिस्टर तैयार किये जाने के निर्देश दिये गए।

कहा कि सीसीटीवी कैमरों की एक प्रमुख उपयोगिता अपराध की रोकथाम भी है। वर्तमान समय में सीसीटीवी कैमरों की उपयोगिता को अनदेखा नही किया जा सकता है। अप्रत्यक्ष रूप से ही सही परन्तु सीसीटीवी कैमरों से हम अपने आप को सुरक्षित कर सकते है।

टापू में फंसे होने की सूचना से पुलिस प्रशासन में मचा हड़कंप, कड़ी मशक्कत के बाद बचाया

आज दोपहर करीब पौने दो बजे स्वामी नारायण घाट पर शाहजहांपुर के पांच लोग टहल रहे थे। वह इस दौरान गंगा के बीच बने टापू पर पहुंच गए। इसी बीच गंगा का जलस्तर बढ़ गया और चीफ पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने यह देख तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना पाकर जल पुलिस के जवान अन्य फोर्स के साथ पहुंचे और काफी मशक्कत करने के बाद पांचों लोगों को सुरक्षित टापू से बाहर निकाला। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने राहत की सांस ली।

एसएसआई रमेश सैनी ने सभी की पहचान विशाल शर्मा पुत्र जयचन्द्र शर्मा, विकास शर्मा पुत्र राम स्वरूप शर्मा, राकेश पुत्र अमर नाथ, आदित्य पुत्र एसके शर्मा और गोपाल पुत्र राम नरेश शर्मा के रूप में कराई है। बताया कि सभी एक ही परिवार के सदस्य हैं जिनका पता दुर्गा टाकीज शाहजहाँपुर है। रेस्क्यूू में कांस्टेबल सुभाष ध्यानी , बिदेश चैहान, गजपाल सिंह, गोताखोर पुष्कर रावत और पियूष चैहान शामिल रहे।

पश्चिम बंगाल सरकार में हुई लोकतंत्र की हत्या, राष्ट्रपति से कार्रवाई की मांग

ऋषिकेश के भाजपाईयों ने पश्चिम बंगाल में हुई बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित सह महामंत्री शिवप्रकाश, महासचिव व बंगाल प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय, प्रदेश अध्यक्ष बंगाल दिलीप घोष के काफिले में हमला की घोर निंदा की। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने उप जिलाधिकारी ऋषिकेश के जरिए पत्र राष्ट्रपति को सौंपा।

भाजपा नेता प्रकांत कुमार के नेतृत्व में कार्यकर्ता तहसील परिसर पहुंचे। प्रकांत कुमार ने कहा कि काफिले में शामिल कार के ऊपर ईंट पत्थर से टीएमसी कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया हमला लोकतंत्र की हत्या करने जैसा है। कहा कि यह देश लोकतांत्रिक है। यहाँ हर किसी व्यक्ति को अपनी अभिव्यक्ति को व्यक्त करने का पूरा अधिकार है परंतु ममता सरकार टीएमसी के द्वारा ऐसा करने वालों को रोका जा रहा है और उन पर हमला भी करवाया जा रहा है, जो कि लोकतांत्रिक खतरा बन रहा है। आज की स्थिति को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है की वहाँ की जनता भी अपने आप को सुरक्षित नहीं समझती है।

इस दौरान ज्ञापन के जरिए कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से घटना का संज्ञान लेते हुए टीएमसी सरकार व उनको सह देने वालों के खिलाफ उचित व अतिशीघ् कार्यवाही करने की मांग की। मौके पर मनीष अग्रवाल, अक्षय खैरवाल, दुर्गेश कुमार, अमन कुकरेती, नितिन शर्मा आदि उपस्थित रहे।

स्व. प्रेम सिंह बिष्ट सदैव आदर्श जनप्रतिनिधि के रूप में रहेंगे स्मरणः अनिता

पूर्व ग्राम प्रधान स्व. प्रेम सिंह बिष्ट की स्मृति में बनने वाले द्वार का मेयर अनिता ममगाईं ने शिलान्यास किया। आज आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि स्व. बिष्ट जी सदैव आदर्श जनप्रतिनिधि के रूप में स्मरण किए जाएंगे। वह सच्चे जनप्रतिनिधि है, इसलिए आज भी वह लोगों के दिलों में जिंदा है। कहा कि स्व. बिष्ट जी ने अपने सम्पूर्ण जीवन काल में लोगों के उत्थान के लिए कार्य किए।पीड़ितों के दर्द को अपना दर्द समझने वाले स्व प्रेम सिंह बिष्ट ने अहंकार व आडम्बर से रहित होकर सच्चे अर्थो में लोक सेवक की भावना से कार्य किया। सड़क, बिजली, पानी व स्वास्थ्य पर उन्होंने सदैव ध्यान दिया। उनके अनुकरणीय कार्यो को सदैव याद रखा जाएगा।

शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान सहायक अभियंता आनंद मिश्रवान, स्थानीय पार्षद विजेंद्र मोघा, पार्षद विपिन पंत, पार्षद राजेंद्र बिष्ट, पार्षद वीरेंद्र रमोला, पार्षद जयेश राणा, पार्षद विजय बडोनी, पार्षद राजेश दिवाकर, पार्षद लक्ष्मी रावत, पार्षद अनीता प्रधान, पार्षद गुरविंदर सिंह, प्रदीप धस्माना, गोविंद सिंह रावत, विकास सेमवाल, प्रिया धक्काल, अनिल, मोर सिंह, राजीव राणा, गौरव कैंथोला, संजय बिष्ट, रंजन अंथवाल, सुग्रीव द्विवेदी, विजया भट्ट, मोनिका भट्ट, उषा नेगी, रमेश बेलवाल, सरदार पूरण सिंह, दर्शन सिंह राणा, मनोज पाठक, चंद्रशेन, वीरेंदर सिंह आदि मौजूद रहे।

पिता की स्मृति में पार्षद पुत्र ने बांटे ट्रैक सूट
पूर्व प्रधान व पिता स्वर्गीय प्रेम सिंह बिष्ट की पुण्यतिथि पर इंदिरा नगर ऋषिकेश के प्राइमरी स्कूल में पुत्र पार्षद राजेंद्र सिंह बिष्ट ने कक्षा 1 से 5 तक के सभी 46 बच्चों को ट्रैक सूट वितरित किए गए। पार्षद राजेंद्र प्रेम सिंह बिष्ट ने कहा कि अपने पिता की पुण्य स्मृति में वह निरंतर समाज के लिए कुछ ना कुछ समाज उपयोगी कार्य उनकी याद में करते रहेंगे,
ट्रैक सूट वितरण कार्यक्रम में श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य डीबीपीएस रावत, पूर्व जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी सजवाण, ज्योति सजवाण, विद्यालय की वरिष्ठ शिक्षिका मंजुला शर्मा, खड़क सिंह थापा, सुरेश पाल, डॉक्टर अखिलेंद्र शर्मा, उप प्रधान हरीश उप्रेती, संजय सिंह बिष्ट, बृजेश सिंह बिष्ट, इंद्रसेन गर्ग, सुनील पूल, अमित वैष्णव, पंकज सिंघल, अजय गोयल आदि उपस्थित रहे।

स्पीकर प्रेमचंद ने सड़क निर्माण कार्यों की प्रगति रिपोर्ट जांची

ऋषिकेश विधानसभा में निर्माणाधीन सड़क निर्माण कार्यों की प्रगति को लेकर आज स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने कैंप कार्यालय में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता विपुल सैनी मौजूद थे।

स्पीकर ने अधिकारियों से रायवाला क्षेत्र के अंतर्गत निर्माणाधीन सड़कों की प्रगति आख्या प्राप्त की। वहीं नटराज चैक से डोईवाला तक जाने वाले मोटर मार्ग के बीच में सात मोड़ पर होने वाले निर्माण कार्य के संबंध में भी जानकारी प्राप्त करते हुए चर्चा की। स्पीकर ने अधिकारियों से क्षेत्र के अंतर्गत बनने वाली विभिन्न सड़कों के टेंडर प्रक्रियाओं के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी स्वीकृत सड़कों की टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कर निर्माण कार्य प्रारंभ किये जाए।

कहा कि जो भी सड़क निर्माण कार्य क्षेत्र में हो रहे है वह गुणवत्तापूर्ण कराया जाए,समस्त कराये जाने वाले कार्य की जांच करायी जाये और यदि गुणवत्ता में कमी मिलती है तो कार्यवाही की जाएगी। साथ ही जिन सड़क निर्माण कार्य में लॉकडाउन के कारण देरी हुई है उनका निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर पूर्ण करा लिया जाए और जिन सड़कों का पैच वर्क कराया जाना है, उन्हें भी समय सीमा के अंतर्गत पूर्ण कर लिया जाए।