मनमोहन सरकार से दुगुना किया खर्च मगर नहीं रूकी घटनाएं

आतंकवाद के खिलाफ लड़ने को लेकर बड़ी-बड़ी बातें करने वाली केंद्र सरकार के तीन वर्षो के कार्यकाल में जम्मू एवं कश्मीर में आतंकी घटनाएं बढ़ी हैं। सूचना के अधिकार द्वारा गृह मंत्रालय से मांगी गई सूचना के मुताबिक, बीते तीन वर्षो में जम्मू एवं कश्मीर में 812 आतंकी घटनाएं हुईं, जिनमें 62 नागरिक और 183 भारतीय जवान शहीद हो गए।
बीती मनमोहन सरकार के आखिर के तीन वर्षो के कार्यकाल में कुल 705 आतंकी घटनाओं में 59 नागरिक एवं 105 जवान शहीद हुए थे।
अधिकारी ने बताया कि इसी दौरान मनमोहन सरकार के अंतिम तीन वर्ष में गृह मंत्रालय ने आतंकवाद से लड़ने के लिए तकरीबन 850 करोड़ रुपये जारी किए, जबकि मोदी सरकार के समय गृह मंत्रालय ने 1,890 करोड़ रुपये इस बाबत जारी किए।
गृह मंत्रालय के लोक सूचना अधिकारी ने जवाब में बताया, मई, 2011 से मई, 2014 के बीच में जम्मू एवं कश्मीर में 705 आतंकवादी घटनाएं हुईं, जिसमें 59 आम नागरिक मारे गए एवं 105 जवान शहीद हो गए, जबकि मोदी सरकार अर्थात मई, 2014 से मई, 2017 तक 812 आतंकवादी घटनाएं हुईं, जिनमें 62 नागरिक मारे गए एवं 183 जवान शहीद हो गए।
उत्तर प्रदेश के नोएडा निवासी आरटीआई कार्यकर्ता रंजन तोमर ने गृह मंत्रालय से हासिल सूचना के आधार पर बताया कि उन्होंने गृह मंत्रालय से चार सवाल पूछे थे। मोदी की सरकार के आने के तीन साल एवं उसके पहले मनमोहन सिंह सरकार के आखिरी तीन साल में जम्मू एवं कश्मीर में कितनी आतंकवादी गतिविधियां हुई एवं उनमें कितने आम नागरिक एवं कितने जवान शहीद हुए? उन्होंने कहा, तीसरा सवाल यह था कि इस दौरान आतंकवादी गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए गृह मंत्रालय ने मनमोहन सरकार के अंतिम तीन वर्ष में कितनी धनराशि जारी की एवं चौथा प्रश्न था कि मोदी सरकार ने प्रथम तीन वर्ष में कितनी धनराशि जारी की।
राजनाथ बोले, रोज मार रहे 5-6 आतंकी
इससे इतर केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में हर रोज पांच से छह आतंकवादी सुरक्षा बलों के हाथों मारे जा रहे हैं। एक कार्यक्रम में राजनाथ ने कहा कि सेना, अर्धसैनिक बलों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अनवरत प्रयासों के चलते जम्मू-कश्मीर में हर दिन पांच-छह आतंकवादी मारे जा रहे हैं। मैं उनकी तारीफ करता हूं।

रेप माना जाएगा, नाबालिग पत्नी से संबंध बनाने पर

नाबालिग पत्नी से शारीरिक संबंध बनाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने को बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि नाबालिग पत्नी से शारीरिक संबंध बनाना रेप का अपराध है। कोर्ट ने फैसले में कहा है कि सहमति से सेक्स करने की उम्र बनाने को कम नहीं किया जा सकता है। 15 से 18 साल की पत्नी से शारीरिक संबंध बनाना रेप की श्रेणी में आएगा। कोर्ट ने फैसले में कहा है कि पत्नी पुलिस के पास शिकायत कर सकती है। कोर्ट ने इस प्रावधान को पोक्सो के साथ जोड़ा है।
दरअसल आईपीसी 375 (2) कानून का यह अपवाद कहता है कि अगर कोई 15 से 18 साल की पत्नी से संबंध बनाता है तो उसे दुष्कर्म नहीं माना जाएगा। केन्द्र सरकार ने कोर्ट में कानून की तरफदारी करते हुए कहा कि संसद ने सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए इस कानून को नहीं छेड़ा। देश में आर्थिक रूप से पिछड़े समाज में आज भी बाल विवाह के मामले देखने को मिलते हैं।
बता दें कि देश में विवाह की उम्र महिलाओं के लिए 18 और पुरुषों के लिए 21 साल रखी गई है। इससे कम उम्र में हुई शादी को जुर्म माना गया है। इंडियन पीनल कोर्ड के तहत मामले में दो साल की सजा हो सकती है। बावजूद इसके देश के बड़े शहरों में बाल विवाह का आंकड़ा 0.7 फीसदी बढ़ा है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में इसका ग्राफ 0.3 फीसदी घटा है।
डब्ल्यूसीडी मंत्रालय द्वारा दायर हलफनामे के अनुसार देश में साल 2014 से 16 के बीच 1785 मामले रजिस्टर हुए और 4,777 लोगों की गिरफ्तारी हुई। हालांकि इसमें सिर्फ 274 को ही अपराधी साबित किया जा सका।with a minor wife

सीएम ने की मलेशिया के राजदूत से मुलाकात

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से सचिवालय में भारत में मलेशिया के राजदूत दातो हिदायत अब्दुल हमीद ने इंडियन एंटरप्रेन्योर चौंबर्स ऑफ मलेशिया के प्रतिनिधिमंडल के साथ मुलाकात की। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने मलेशिया के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए उन्हें उत्तराखंड में पर्यटन, शिक्षा और अन्य द्विपक्षीय व्यापार के क्षेत्रों में निवेश करने का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार राज्य के सभी 13 जनपदों में 13 नए पर्यटन स्थल विकसित करने की योजना पर कार्य कर रही है। यह 13 नए पर्यटन स्थल राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में भविष्य के विकास की आधारशिला होंगे। मलेशिया के 13 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड में शिक्षा के क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर विचार करने के साथ ही पर्यटन, विशेष रूप से होटल और रीसॉर्ट्स के क्षेत्र में रुचि दर्शाई। मुख्य सचिव एस. रामास्वामी ने प्रतिनिधिमंडल को उत्तराखंड में एक विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर पर विचार करने को कहा। मुख्यमंत्री ने अब्दुल हमीद को श्रीबदरीनाथ धाम की अनुकृति स्मृति चिन्ह के रूप में भेंट की। इस अवसर पर आई.ई.सी.एम. के अध्यक्ष भारत अजमेरा सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे। उत्तराखंड सरकार की ओर से मुख्य सचिव एस. रामास्वामी के साथ सचिव मुख्यमंत्री अमित नेगी और राधिका झा भी बैठक में उपस्थित रहीं।

कठिन परिस्थिति में सीआरपीएफ का अहम योगदान

मेरठ पहुंचे केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथा सिंह ने कहा कि रैपिड एक्शन फोर्स के पांच और नई बटालियन का गठन होगा। जल्द ही यह नई बटालियन पहली जनवरी से काम करेगी। यह बात उन्होंने आरएएफ-108 बटालियन के सिल्वर जुबली समारोह में बोले।
उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी देश की सीमा और विभिन्न क्षेत्रों में सीमा सुरक्षा बल (सीआरपीएफ) और रैपिड एक्शन फोर्स के जवान काम करते हैं। उन्होंने कहा कि देश में आर्थिक प्रगति तभी होगी जब सांप्रदायिकता, क्षेत्रवाद, जातिवाद और अराजकता को समाप्त किया जाएगा। उन्होंने रैपिड एक्शन फोर्स के 5 और नई बटालियन गठित करने की घोषणा की। यह नई बटालियन 1 जनवरी से काम करने लगेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2022 नए भारत के निर्माण का संकल्प लिया गया है। देश की सुरक्षा कानून व्यवस्था में जवानों को जान भी गंवानी पड़ती है, इसके लिए सरकार ने एक जनवरी 2016 से कम से कम एक करोड़ की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि अब केंद्रीय सुरक्षा बलों को वर्दी की जगह प्रतिवर्ष 10000 रुपये नकद दिए जाएंगे। उन्होंने रैपिड एक्शन फोर्स के 25 साल पूरे होने पर बधाई दी और कहा कि जब भी देश के किसी भी भाग में जरूरत पड़ती है तो फोर्स के जवान कानून-व्यवस्था में सरकार को मदद करती है। हालात बिगड़ने की स्थिति में राज्य सरकार की मांग सबसे पहले रैपिड एक्शन फोर्स की होती है।

962 करोड़ की लागत से बने पुल का पीएम ने किया शिलान्यास

पीएम मोदी अपने गुजरात दौरे में कई बड़ी परियोजनाओं की सौगात देने वाले हैं। द्वारका में पीएम मोदी ने द्वारका में ओखा और बेत द्वारका के बीच पुल का शिलान्यास किया। राष्ट्रीय राजमार्ग-51 पर बनने वाले इस पुल की परियोजना लागत 962 करोड़ रुपये है।

पीएम मोदी इस दौरान जिन परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, उनमें राष्ट्रीय राजमार्ग-51 के 116.24 किलोमीटर लंबे पोरबंदर-द्वारका खंड को चार लेन बनाना और 370 करोड़ रुपये की लागत से राष्ट्रीय राजमार्ग-51 के 93.56 किलोमीटर लंबे गडू-पोरबंदर खंड को 2/4 लेन का बनाना शामिल है।
इसके अलावा 2893 करोड़ रुपये की लागत से राष्ट्रीय राजमार्ग-47 एवं राष्ट्रीय राजमार्ग-27 के 201.31 किलोमीटर लम्बे अहमदाबाद-राजकोट खंड को छह लेन का बनाया जाएगा।
मोदी गुजरात के राजकोट में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे, छह लेन वाले अहमदाबाद-राजकोट राष्ट्रीय राजमार्ग और चार लेन वाले राजकोट-मोरबी राज्य मार्ग की आधारशिला रखेंगे।
पीएम मोदी सुरेंद्रनगर के जोरावरनगर एवं रतनपुर इलाकों में अत्याधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग संयंत्र तथा पेयजल आपूर्ति पाइपलाइन भी राज्य को समर्पित करेंगे।
गांधीनगर में प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान की शुरुआत करेंगे। इस अभियान का मकसद ग्रामीण इलाकों में लोगों को डिजिटल तौर पर साक्षर बनाना है।
गांधीनगर में ही आईआईटी-गांधीनगर की नयी इमारत का भी उद्घाटन किया जाएगा।

दो लाख तक की खरीददारी पर पैन कार्ड जरूरी नहीं

केंद्र सरकार के इशारे पर शुक्रवार को हुई जीएसटी परिषद की बैठक में सर्राफा कारोबारियों को लेकर बड़ा फैसला हुआ है। साथ ही छोटे कारोबारियों को भी सरकार ने राहत दी है। काउंसिल ने कम्पाउडिंग स्कीम के नियमों में बदलाव करते हुए सीमा बढ़ा दी है। कम्पाउडिंग स्कीम की सीमा 75 लाख से 1 करोड़ कर दी गई है। साथ ही व्यापारियों को तिमाही रिटर्न दाखिल करने की छूट दी गई है।
सर्राफा कारोबारियों को भी राहत दी गई है। अब 2 लाख रुपये की तक की खरीदारी पर पैन देना जरूरी नहीं होगा, पहले 50 हजार रुपये से ज्यादा की खरीदारी पर पीएएन देना अनिवार्य था।
वहीं डेढ़ करोड़ रुपये तक के टर्न ओवर वाले व्यापारियों को तिमाही रिटर्न दाखिल करने की छूट दी गई है। पहले हर महीने रिटर्न दाखिल करने का प्रावधान था।
काउंसिल की बैठक में शामिल बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने ट्वीट कर जानकारी देते हुए कहा कि पीएमएलए एक्ट से सर्राफा कारोबार को बाहर कर दिया है। अब डेढ़ करोड़ टर्नओवर वाले व्यापारी तीन महीने में रिटर्न दे सकते हैं। साथ ही रिवर्स चार्ज की व्यवस्था को 31 मार्च तक स्थगित कर दिया गया है।
क्यों पड़ी बदलाव की जरूरत?
जीएसटी के जरिए वैल्यू ऐडड टैक्स (वैट) की बेकार हो चुकी कर प्रणालू को बदलने का कदम उठाया जा चुका है, लेकिन बीते तीन महीनों के दौरान देश में छोटे-बड़े कारोबारियों को इस नई कर व्यवस्था के तहत जाने में बड़ी दिक्कतों का सामना कर पड़ रहा है। जीएसटी काउंसिल की इस बैठक में इन्हीं दिक्कतों को दूर करने के लिए अहम फैसले लिए जाएंगे।
जीएसटी में बदलाव को लेकर मोदी ने क्या कहा था?
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा था कि जीएसटी लागू करने में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए केन्द्र सरकार जीएसटी कानून में बड़े फेरबदल करने की पक्षधर है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि कारोबार को राहत पहुंचाने और नई टैक्स व्यवस्था जीएसटी को जल्द से जल्द ट्रैक पर बैठाने के लिए उन सभी अड़चनों को हटाने की पहल की जाएगी जिससे कारोबारियों को परेशानी हो रही है।
क्यों सुधार चाहती है सरकार
जीएसटी को सामान्य होने में कम से कम छह महीने से एक साल का समय लगेगा। जीएसटी के सफल क्रियान्वयन के साथ ही भारत बड़ी आर्थिक शक्तियों के समूह में शामिल हो जाएगा और लोगों का जीवन स्तर बेहतर होगा। लिहाजा, केन्द्र सरकार जल्द से जल्द जीएसटी कानून में सुधार कर इसे वन नेशन वन टैक्स के लिए पूरी तरह से तैयार करने जा रही है।

त्रिवेन्द्र बोले पीएम का लक्ष्य किसानों की आय दुगना करना

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पंतनगर विश्वविद्यालय के गांधी हाल में 102वें अखिल भारतीय किसान मेले का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि वैज्ञानिकों को राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों की ओर भी ध्यान देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए किसानों को विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही है। उन्होंने वैज्ञानिकों से खेती की नई और आधुनिक तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने को कहा। उन्होंने ऐरोमैटिक प्लांट्स की खेती की विश्व स्तर पर बढ़ती मांग को देखते हुए कहा कि इन पौधों की खेती की उन्नत तकनीकें किसानों को सुलभ कराने पर बल दिया जाए। छोटे स्तर पर पॉलिहाऊस में बेमौसमी खेती की भी उन्होंने आवश्यकता जतायी। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड के किसानों की आय को बढ़ाने हेतु उपाय किये जाने एवं पर्वतीय क्षेत्रों से युवाओं के पलायन को रोकने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार पर ध्यान देने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषको को 01 लाख तक का ऋण 02 प्रतिशत ब्याज दर पर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तराई बीज निगम की साख को पहले की तरह लाने के लिए बुद्धिजीवियो व वैज्ञानिको के सुझाव लिये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने मेले में लगाई गई उद्यान प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने खेती में अभिनव प्रयोग करने और उल्लेखनीय सफलता के लिए राज्य के विभिन्न जनपदों से चुने गये 09 प्रगतिशील कृषकों को प्रतीक चिन्ह् व प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वाले किसानों में प्रदीप रस्तोगी, ग्राम भोगपुर, जिला उधमसिंह नगर, सुनील कुमार, ग्राम थिथकी कवादपुर, जिला हरिद्वार, नरेन्द्र गोबाड़ी, ग्राम भटेरी, जिला पिथौरागढ़, खुशाल सिंह, ग्राम मुंदोली, जिला चमोली, नरेन्द्र सिंह मेहरा, ग्राम देवली मल्ला, जिला नैनीताल, परवीन कुमार, ग्राम शाहपुरकल्यानपुर, जिला देहरादून, महेश चन्द्र काण्डपाल, ग्राम कोटयूडा, जिला अल्मोड़ा, पंकज तिवारी, ग्राम अथखण्डी, जिला चम्पावत एवं रंजना रावत, ग्राम भीरी (ऊखीमठ), जिला रूद्रप्रयाग सम्मिलित थे। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.ए.के.मिश्रा ने कहा कि कृषि लागत में कमी एवं कृषि उत्पादकता में वृद्वि के द्वारा किसानों की आय दोगुना करने के लिए विश्वविद्यालय प्रयासरत है। उन्होंने बताया की वर्ष में दो बार आयोजित होने वाले विश्वविद्यालय के किसान मेले में हजारों की संख्या में किसान भाग लेते हैं, जो उत्तराखण्ड के अतिरिक्त विभिन्न प्रदेशों व नेपाल से भी आते हैं। उन्होंने किसानों को फलों एवं सब्जियों, जिनको अधिक समय तक भण्डारित नहीं किया जा सकता, के मूल्यवर्धित उत्पाद बनाये जाने की सलाह दी, जिससे उनकी आय में वृद्वि हो सके। साथ ही कृषि अधारित व्यवसाय, जैसे मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन, मुर्गी पालन, पशुपालन, मछली पालन, इत्यादि को अपनाये जाने को कहा।

गांधी की हत्या पर एससी की सुनवाई अब 30 को…

महात्मा गांधी पर तीन गोलियां चलाई गई थीं, लेकिन क्या चौथी गोली भी थी जिसे नाथूराम गोडसे के अलावा किसी और ने चलाया था? ऐसे कई सवालों को लेकर उच्चतम न्यायालय में दायर एक याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई।
सुप्रीम कोर्ट ने अब महात्मा गांधी हत्याकांड की फिर से जांच कराने की इस याचिका पर अब 30 अक्टूबर को सुनवाई करेगा। इस मामले में पूर्व एएसजी अमरेंद्र शरण एमिकस क्यूरी होंगे। वहीं शुक्रवार को कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कई सवाल किए। कोर्ट ने पूछा इस हत्याकांड में दो दोषियों को फांसी हो चुकी है और मामले से जुड़े तमाम लोग मर चुके हैं। ऐसे में इसका कानूनी औचित्य क्या होगा? कोर्ट ने पूछा कि क्या इस मामले में कोई नया सबूत है ?
आपको बता दें कि यह याचिका अभिनव भारत, मुंबई के शोधकर्ता और ट्रस्टी पंकज फडनिस ने फाइल की है। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में गांधी की मौत को इतिहास का सबसे बड़ा कवर-अप बताते हुए केस को दोबारा से खोलने की मांग की गई है।
याचिका में अनुरोध किया गया है कि नया जांच आयोग गठित करके गांधी की हत्या के पीछे की बड़ी साजिश का खुलासा किया जाए। याचिका में गांधी की हत्या की जांच के बारे में भी सवाल उठाए गए हैं जिसमें कहा गया कि क्या यह इतिहास में मामला ढकने की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक है और क्या उनकी मौत के लिए विनायक दामोदर सावरकर को जिम्मेदार ठहराने का कोई आधार है या नहीं।
अभिनव भारत मुंबई के शोधार्थी और डाक्टर पंकज फडनिस की ओर से दायर याचिका में दावा किया गया कि वर्ष 1966 में गठित न्यायमूर्ति जे एल कपूर जांच आयोग साजिश का पता लगाने में पूरी तरह नाकाम रहा। यह साजिश राष्ट्रपिता की हत्या के साथ पूरी हुई।
गांधी की हत्या को दोषियों को 15 नवंबर 1949 को फांसी पर लटकाया गया था जबकि सावरकर को सबूतों के अभाव में संदेह का लाभ दिया गया। सावरकर से प्रेरित होकर अभिनव भारत, मुंबई की स्थापना 2001 में हुई थी और इसने सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए काम करने का दावा किया था।

चर्चित राधे मां की तस्वीर से पुलिस पर हुयी कार्यवाही

इस देश में बाबाओं की शामत आई हुई है। बड़े-बड़े बाबा सत्संगी महफिल से दूर जेल में बंद पड़े हैं। मगर ऐसा पहली बार हुआ है जब बाबाओं की इस जमात के बीच एक मां को लेकर विवाद खड़ा हो गया है और ये मां हैं राधे मां। जो कभी भक्तों की गोद में जाने, तो कभी किस करने, कभी आई लव यू बोलने तो कभी अपने कपड़ों को लेकर सुर्खियों बटोरती रहीं। इस बार उन्होंने कुछ अलग किया है। इस बार वह खुद थाने गईं और थाने में जाकर सीधे एसएचओ की कुर्सी विराजमान हो गईं। ये अलग बात है कि राधे मां की इस कृपा के बाद एसएचओ समेत छह पुलिस वाले नप गए।
राधे मां की जो तस्वीरें दिल्ली के एक थाने से बाहर आईं वो सबको हैरान कर देंगी। तस्वीर में विवादास्पद धर्मगुरु राधे मां दिख रही हैं। कमरे में कुछ पुलिस वाले भी भक्त की मुद्रा में नजर आ रहे हैं। धर्म अच्छा है। आध्यात्म भी अच्छा है। भक्ति करना और महिलाओं की इज्जत करना तो बहुत ही अच्छा है, लेकिन ये क्या कि भक्ति करते-करते कोई सरकारी अफसर इतना आगे निकल जाए कि उसे भक्ति की जगह और अपनी ड्यूटी के डेकोरम या फिर यूं कहें कि नियम कानूनों का ख्याल ही ना रहे।
दिल्ली के विवेक विहार थाने के तस्वीरें उसी का सुबूत हैं। अक्सर विवादों में घिरी रहने वाली धर्मगुरु राधे मां पूरे ठसके से थानेदार की कुर्सी पर बैठी और कैसे थानेदार संजय शर्मा हाथ जोड़कर उसके सामने खड़े रहे। ये वही राधे मां हैं जो हाथ में त्रिशूल लेकर अपने भक्तों के बीच अजब-गजब मुद्रा को लेकर चर्चित रहती हैं।
थाने के जिस कमरे में एसएचओ की कुर्सी पर इंस्पेक्टर संजय शर्मा को होना चाहिए था, उस कुर्सी पर राधे मां विराजमान थी। खाकी वर्दी की इज्जत से बेपरवाह दारोगा साहब भक्त की मुद्रा में हाथ जोड़े राधे मां के सामने अभिभूत से खड़े थे। वर्दी के ऊपर एसएचओ ने मातारानी की चुनरी डाल रखी है। मानो वो अपने कर्तव्यों के मंदिर यानी थाने में ना होकर किसी देवी के मंदिर में खड़े हों। जब थाने के मुखिया का ये हाल हो तो फिर दूसरे पुलिसवाले कैसे पीछे रहते। राधे मां का आशीर्वाद लेने के लिए वो भी कतार में लग गए।
विवेक विहार थाने की ये तस्वीर नवरात्रि के दौरान महाअष्टमी की है। थाने के एक कांस्टेबल का कहना है कि राधे मां रामलीला में आई थी। काफी भीड़ जुटने की वजह से एसएचओ संजय शर्मा उन्हें थाने ले आए।
राधे मां का विवादों से चोली दामन का रिश्ता रहा है। कभी वो अपने तंग कपड़ों की वजह से चर्चे में रहती हैं, कभी संत का चोला पहन कर अश्लीलता फैलाने के इल्जाम की वजह से, तो कभी आधी रात को किसी को फोन कर डराने धमकाने की वजह से। फिर भी राधे मां के भक्तों में आम लोगों से लेकर कई सेलिब्रिटीज तक शामिल हैं।
राधे मां की शादी पंजाब के होशियारपुर में हुई थी। पति की मिठाई की दुकान थी, लेकिन धंधे में घाटा क्या हुआ, पति ने कमाई के लिए खाड़ी देशों का रुख कर लिया। इधर, राधे मां एक बाबा के संपर्क में आ गई और दीक्षा लेकर सीधे बब्बो से राधे मां बन गई और फिर तो राधे मां ने ऐसे-ऐसे कारनामे किए, जो सुर्खियां बनती रहीं।