हनीप्रीत पुछताछ में बिल्कुल सहयोग नहीं कर रही

हरियाणा पुलिस हनीप्रीत के नार्को टेस्ट की तैयारी कर रही है। इससे पहले पंचकुला के पुलिस कमिश्नर एएस चावला ने खुलासा किया था कि हनीप्रीत पूछताछ में कोई सहयोग नहीं कर रही है। अगर वह ऐसा ही करती रही तो वे कोर्ट से उसकी रिमांड बढ़ाने के लिए अपील करेंगे और जरूरत पड़ी तो उसका नार्को टेस्ट भी कराएंगे। पुलिस को पता चला है कि फरारी के दौरान हनीप्रीत ने 17 सिम कार्ड इस्तेमाल किए, जिनमें तीन विदेशी सिम भी शामिल थे।
कमिश्नर चावला ने बताया कि पुलिस ने हनीप्रीत की गिरफ्तारी से ठीक पहले एक शख्स को पकड़ा था, जिसने हनीप्रीत के बारे में जानकारी दी थी कि वह कहां छिपी हुई है। पुलिस ने हनीप्रीत को 6 दिन की रिमांड पर लिया है। उससे लगातार पूछताछ की जा रही है।
जिसका जिम्मा पंचकूला की आईजी ममता सिंह संभाल रही हैं। खबर ये भी है कि पुलिस हनीप्रीत से सच उगलवाने के लिए उसका नार्को टेस्ट भी करवा सकती है। इसके लिए पंचकूला कोर्ट में नार्को टेस्ट करवाने के लिए पुलिस अर्जी लगाने की तैयारी में है। दरअसल, पूछताछ के दौरान लगातार पुलिस के सवालों से बच रही है। वह बार-बार अपने बयान भी बदल रही है।
पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। इसलिए हनीप्रीत से सच उगलवाने के लिए पुलिस उसका नार्को टेस्ट करवाना चाहती है, जिसकी मांग एक पूर्व सेवादार ने भी की है। इसी बीच पंचकूला पुलिस ने पंजाब के भवानीगढ़ पुलिस से सहयोग की मांग की है। उनका कहना है कि मीडिया की गाड़ियां उनका पीछा कर रही हैं।
इसलिए उनको भवानीगढ़ थाने में कुछ देर के ठहराव के लिए जगह चाहिए। इस पर पंजाब पुलिस ने कहा कि उनको हर तरह का सहयोग दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर पुलिस प्रोटेक्शन भी दी जाएगी। हनीप्रीत और सुखदीप को लेकर पुलिस भवानीगढ थाने में पहुंची और वहां के गेट बंद कर दिए गए थे।
इसके बाद हरियाणा और पंजाब पुलिस हनीप्रीत और सुखदीप को लेकर बठिंडा की नई बस्ती की गली नंबर 5 के उस मकान में पहुंची, जहां पर हनीप्रीत को रखा गया था। इस घर का ताला बंद था। पुलिस ताला तोड़कर अंदर गई। आपको बता दें कि हनीप्रीत पर राष्ट्रद्रोह और हिंसा भड़काने सहित कई आरोप हैं।

पीएम बोले एक बार उत्तराखंड की यात्रा जरूर करे

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हरिपुरकलां स्थित गुजराती पाटीदार समाज की कुल देवी उमिया माता मंदिर ट्रस्ट धर्मशाला का उद्घाटन किया। धर्मशाला उद्घाटन कार्यक्रम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियों कॉफ्रेंस के माध्यम से सम्बोधित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से चारधाम यात्रा पर आने की अपील की। उन्होंने कहा कि जीवन में एक बार देवभूमि उत्तराखंड की यात्रा जरूर करें। प्रधानमंत्री ने लगभग 150 की संख्या में आये मंदिर ट्रस्ट सदस्यों सहित बड़ी संख्या में हरिद्वार पहुंचे पटेल समाज के लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि समय की बाध्यता के कारण वह कार्यक्रम में प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित नहीं हो सके हैं, उन्होंने सभी को धर्मार्थ के इस पुण्य कार्य के लिए शुभकामनायें दी है। उन्होंने कहा कि भारत में पुरातन काल से ही तीर्थो की यात्रा और धार्मिक पयर्टन की संस्कृति रही है। सदियो से ऐसे यात्रियों के लिए धर्मशालाऐं और सराय बनाये जाने की हमारी परम्परा रही है। उन्होंने भारत की इस परम्परा को आगे बढ़ाने के लिए सभी को बधाई दी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हरिद्वार एक विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है, यहां विश्व के कोनेकोने से आने वाले यात्रियों को धर्मशाला का लाभ मिलेगा। उन्होंने उत्तराखण्ड सरकार व भारत सरकार दोनों की ओर से पाटीदार समाज के इस प्रयास की सरहाना की। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पूरे उत्तराखण्ड राज्य की ओर से गुजरात प्रदेश से आये नागरिकों का अभिनन्दन किया। उन्होंने उमिया मां मदिर ट्रस्ट द्वारा इस धार्मिक कार्य के लिए उत्तराखण्ड का चयन करने पर प्रसन्नता जतायी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पाटीदार समाज द्वारा आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री के विचारों को सुनने का एक ओर अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि देशभर में हीरा व्यवसाय के लिए प्रसिद्ध ऊॅझा के नागरिकों की पहचान देश ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में है। विश्व भर में गुजराती समाज के लोग अपनी व्यवसायिक सूझबूझ के लिए अलग स्थान रखते है। उन्होंने कहा कि लोकहित के लिए पाटीदार समाज द्वारा किये गयेे परमार्थ के इस कार्य का लोकापर्ण करते हुए काफी प्रसन्नता हो रही है। मुख्यमंत्री ने स्वच्छता अभियान की चर्चा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी का आह्वान का प्रभाव अब हर जगह दिखाई देने लगा है। सफाई अभियान अब घर से निकल कर गलियों, मोहल्लों, सड़कों व गांवों आदि में नजर आने लगा है। इस अवसर पर ट्रस्ट की ओर से दानदाताओं को भी सम्मानित किया गया।

भीड़ ने लिया सांप्रदायिकता का रूप, अवैध संबंध के चलते हुयी हत्या

मंगलवार को ट्रेन से कटे युवक की हत्या का मामला तूल पकड़ने लगा है। दरअसल युवक की हत्या कर उसे पटरी पर फेंका गया। जिससे यह प्रतीत हो कि युवक की ट्रेन से कटकर मौत हो गयी। यह बात जब क्षेत्रवासियों को पता चली तो उन्होंने सभी आरोपियों की तत्काल गिफ्तारी की मांग को ले कर प्रदर्शन किया और देखते ही देखते यह प्रदर्शन उग्र होकर सांप्रदायिकता का रूप ले लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने रायवाला बाजार में कुछ दुकानों को निशाना बनाया और तोड़फोड़ की। लोगों ने आरोपियों को पकड़ने में हीलाहवाली बरतने का आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया।
इस दौरान पत्थरबाजी में एक महिला व एक युवक जख्मी हुए। तोड़फोड़ व आगजनी का प्रयास कर रहे लोगों को पुलिस ने बल प्रयोग कर खदेड़ा। रायवाला बाजार व अन्य संवेदनशील जगहों पर पीएसी की तीन प्लाटून तैनात की गई हैं। आसपास के थानों से भी पुलिस बल रायवाला में तैनात किया गया है।
गुरुवार को गौहरीमाफी निवासी लक्ष्मण सिंह पुत्र निहाल सिंह की हत्या के एक आरोपी की गिरफ्तारी की बात सामने आते ही कई हिंदू संगठनों के लोग बड़ी संख्या में रायवाला थाने में एकत्र हो गए। इन लोगों ने हत्याकांड में अन्य लोगों के भी शामिल होने का संदेह जताया और सभी को तत्काल गिफ्तार करने की मांग करते हुए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने बाजार बंद कराने की कोशिश की। इनमें से कुछ प्रदर्शनकारी अचानक उग्र हो उठे और दुकानों व कुछ घरों में घुस कर तोड़फोड़ करने लगे। देखते ही देखते पूरे बाजार में अफरातफरी का माहौल बन गया। इस दौरान हुई पत्थरबाजी में एक महिला आबिदा और एक युवक साबीर जख्मी हो गए। प्रदर्शनकारियों ने खेल मैदान के किनारे लगे खोखे उखाड़ कर फेंक दिए।
इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। करीब एक दर्जन वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर स्थिति को काबू पाया। एसडीएम ऋषिकेश हरगिरी, एसपी ग्रामीण सरिता डोबाल, एएसपी श्वेता चौबे, पुलिस क्षेत्राधिकारी मंजूनाथ टीसी, समेत कोतवाल ऋषिकेश, कोतवाल हरिद्वार व थानाध्यक्ष रानीपोखरी भी मय फोर्स मौके पर मौजूद रहे। एसपी ग्रामीण सरिता डोभाल ने बताया कि युवक की हत्या से लोग आक्रोशित थे।
फिलहाल पीएसी की तीन प्लाटून और आसपास के थानों की पुलिस संवेदनशील जगहों पर तैनात की गई है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। वहीं विधान सभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने भी रायवाला थाने पहुंचकर पुलिस अधिकारियों से कानून व्यवस्था को लेकर निर्देशित किया। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

नन्हीं लड़की से किया रेप, आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली के मालवीय नगर में एक स्कूल के अंदर मासूम छात्रा से रेप की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। पीड़िता छात्रा ने परिजनों को आपबीती सुनाई, तो वे लोग सन्न रह गए। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी कर्मचारी के खिलाफ केस दर्ज गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस द्वारा इस मामले की जांच की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, राजधानी के मालवीय नगर थाना स्थित निरंकारी स्कूल में कक्षा एक की छात्रा के साथ उसके स्कूल के कर्मचारी ने टॉयलेट में रेप की वारदात को अंजाम दिया। वारदात के बाद पीड़िता की हालत बिगड़ने पर इसका खुलासा हुआ है। परिजनों की सूचना पर पहुंच पुलिस ने पीड़िता की मेडिकल जांच कराई हैं।
पुलिस के मुताबिक, पीड़िता के परिजनों की तहरीर पर आरोपी स्कूल कर्मचारी के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 और पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पीड़िता की मेडिकल जांच के साथ ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। स्कूल के कर्मचारियों और प्रसाशन से भी पूछताछ हो रही है।

अब इस आशियाने पर सचिन नहीं रह पाएंगे

क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर जब भी उत्तराखंड की सैर को आते थे, तो मसूरी जाना में ही रूकते थे। मसूरी में वह अपने बेहद करीबी दोस्त एवं उद्योगपति संजय नारंग के आशियाना ढहलिया बैंक परिसर पर ठहरते थे, लेकिन यही आशियाने पर छावनी परिषद लंढौर प्रशासन ने जेसीबी चलवा दी है। कानूनी लड़ाई जीतने के बाद परिषद ने विरोध के बीच इस तीन मंजिला बंगले के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। नारंग पर परिसर में अवैध तरीके से निर्माण कराने का आरोप है।
अदालत के फैसले के क्रम में छावनी परिषद की टीम सीईओ जाकिर हुसैन और एसडीएम मीनाक्षी पटवाल की अगुआई में ढहलिया बैंक परिसर पहुंची। पुलिस और अतिक्रमण हटाओ दल इससे पहले ही वहां पहुंच गया था, लेकिन मुख्य प्रवेश द्वार पर तैनात सुरक्षा गार्डो ने उन्हें परिसर में घुसने से रोक दिया। गार्डो ने धक्का-मुक्की भी की। एसडीएम, सीईओ और पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप पर टीम परिसर में दाखिल हुई और वहां मौजूदा गार्ड एवं अन्य स्टाफ को बाहर निकालकर जेसीबी से ध्वस्तीकरण शुरू किया। 30 मजदूरों समेत 45 सदस्यीय टीम अवैध निर्माण तोड़ने में जुटी है। एहतियातन वहां सुरक्षा बल तैनात है।
क्या था पूरा मामला
संजय नारंग ने 2009 में कैंट बोर्ड से 2800 वर्गफीट में फैले ढहलिया बैंक परिसर की मरम्मत की इजाजत मांगी थी। बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष मेजर जनरल रणबीर यादव ने बोर्ड के बहुमत के आधार पर नारंग को इसकी अनुमति दे दी, लेकिन कुछ समय बाद ही तत्कालीन सीईओ अशोक चौधरी इसे नियमों के विरुद्ध बताते हुए मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में ले आए। इस बीच, नारंग ने पुराना निर्माण ध्वस्त कर परिसर में नया निर्माण कार्य शुरू कर दिया। बोर्ड अधिकारियों ने कार्य रुकवाने के आदेश दिए पर अमल नहीं हुआ। कुछ ही अंतराल में नारंग ने परिसर में तीन मंजिला भवन खड़ा कर डाला। सिविल न्यायालय और सत्र न्यायालय के बाद मामला नैनीताल हाई कोर्ट तक पहुंचा। नैनीताल हाई कोर्ट ने बीती 5 सितंबर को ढहलिया बैंक में हुए अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण के आदेश दिए। इसके खिलाफ संजय नारंग ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष याचिका डाली, लेकिन उन्हें वहां से भी राहत नहीं मिली। 18 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के ध्वस्तीकरण के आदेशों को बरकरार रखा। नारंग को 12 दिनों के भीतर बंगला खाली करने को कहा। वैसे नारंग ने 90 दिनों की मोहलत मांगी थी, पर अदालत ने इसे नहीं माना।
नहीं ली गयी निर्माण के समय अनुमति
ढहेलिया बैंक परिसर के पास ही रक्षा मंत्रालय का संस्थान (इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी मैनेजमेंट) भी है। इसकी वजह से इस पूरे इलाके को अति संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। यहां किसी भी निर्माण से पहले संस्थान की अनुमति लेनी अनिवार्य है, लेकिन संजय नारंग ने इसे भी नजरअंदाज किया।
ध्वस्त से पूर्व ही हटा लिये थे कीमती सामान
सुप्रीम कोर्ट से राहत न मिलने के बाद से ही संजय नारंग ने इस आलीशान बंगले से अपना सामान शिफ्ट करना शुरू कर दिया था। कमरों में केवल दरवाजे और खिड़कियों की चौखट लगी मिलीं। यही नहीं, बंगले के अगले हिस्से में दीवारों पर लगाया गया कीमती सामान भी उतरवा लिया था। कुछ मजदूर छत पर लगी पठाल (पत्थर) भी उतारते मिले।
ढहलिया बैंक परिसर में बेसमेंट सहित तीन मंजिला निर्माण ध्वस्त किया जाना है। इसमें एक सप्ताह अधिक समय भी लग सकता है।

अंग्रेजों के जमाने की कंडी रोड होगी पहली ग्रीन रोडः हरक

कबीना मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने भाजपा मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों को आपस में जोड़ने वाली कंडी रोड को अब सरकार ग्रीन रोड के रूप में विकसित करने जा रही है। इसका जिम्मा इको टूरिज्म कारपोरेशन को सौंप दिया गया है।
डा. रावत ने यह दावा किया है कि ग्रीन रोड कांसेप्ट की देश की यह पहली सड़क होगी। हालांकि पिछले साल नवंबर में हरियाणा के पटौदी में ग्रीन रोड का शिलान्यास हो चुका है।
डॉ. रावत ने कहा कि राजाजी और कार्बेट नेशनल पार्क से गुजरने वाले इस वन मार्ग (कंडी रोड) को केंद्र सरकार के ग्रीन रोड कांसेप्ट में शामिल किया गया है। जल्द ही इस प्रस्ताव को स्टेट वाइल्डलाइफ बोर्ड से पास कराने के बाद नेशनल वाइल्डलाइफ बोर्ड में ले जाया जाएगा। उम्मीद जताई कि जल्द ही इस प्रक्रिया को पूरा करा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले माह से इस सड़क का सर्वे प्रारंभ हो जाएगा। इसके लिए 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था कर दी गई है।
बता दें कि वन विभाग के अधीन कंडी रोड को आम यातायात के लिए खोलने की मांग पिछले तीन दशक से अधिक समय से चली आ रही है। अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही कंडी रोड रामनगर से कालागढ़, कोटद्वार व लालढांग (हरिद्वार) को सीधे जोड़ती है।
इस सड़क के बन जाने पर यह राज्य के दोनों मंडलों गढ़वाल व कुमाऊं को राज्य के भीतर ही सीधे जोड़ेगी। वर्तमान में ऐसा कोई मार्ग न होने के कारण उप्र के बिजनौर क्षेत्र से होकर गुजरना पड़ता है। ऐसे में समय के साथ ही टैक्स के रूप में धन की हानि भी उठानी पड़ती है।
हालांकि, कंडी रोड को खोलने के लिए कसरत लंबे समय से चल रही है, लेकिन वन एवं वन्यजीवों से संबंधित कानून इसके आड़े आते रहे हैं। पूर्ववर्ती खंडूड़ी सरकार के कार्यकाल में भी इस मार्ग के लिए बाकायदा धन भी स्वीकृत हुआ, लेकिन वन कानूनों की अड़चन दीवार बनकर खड़ी हो गई। नतीजतन, मामला लटक गया। अब फिर से राज्य में भाजपा की सरकार बनी तो मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी इस सड़क को अपनी पहली प्राथमिकता बताया।
ग्रीन रोड में सड़क निर्माण की इस तकनीक में सड़क बनाते समय इसमें तारकोल समेत दूसरे प्रदूषण फैलाने वाले तत्वों का प्रयोग नहीं किया जाता। सीमेंट अथवा लकड़ी के बीम जमीन में बिछाकर बाकी हिस्से को मिट्टी और रेत से तैयार किया जाता है।

सीएम त्रिवेंद्र ने किया सूचना पुस्तिका का विमोचन

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सचिवालय में उत्तराखंड राज्य के सरकारी बैंकिंग कार्य के भारतीय रिजर्व बैंक देहरादून द्वारा आरंभ किए जाने का उद्घाटन किया। ज्ञातव्य हो कि इससे पहले उत्तराखण्ड राज्य के सरकारी बैकिंग कार्य भारतीय रिजर्व बैंक की कानपुर शाखा से निष्पादित किए जाते थे। इस अवसर पर बधाई देते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार हेतु बैंकिंग कार्यालय देहरादून में प्रारंभ होना एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे राज्य सरकार के वित्त एवं बैंकिंग कामकाज में सहूलियत होगी, साथ ही आर्थिक प्रगति में तेजी आएगी। वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि इससे रिजर्व बैंक और राज्य सरकार के मध्य बेहतर तालमेल बनाने में मदद मिलेगी। राज्य गठन के बाद से राज्य में बैंकिंग सेवाओं में 4 गुना की बढ़ोत्तरी हुई है। राज्य सरकार आर्थिक संतुलन को बनाए रखने के लिए लगातार प्रयासरत है। प्रधान मुख्य महाप्रबंधक भारतीय रिजर्व बैंक एस. रामास्वामी ने आश्वासन दिया कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा राज्य के विकास में पूर्ण सहयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी बैंकिंग प्रभाग के प्रदेश में होने से कोषागारों, उपकोषागारों एजेंसी बैंक को एवं भारतीय रिजर्व बैंक के बीच बेहतर तालमेल से कार्य हो सकेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र द्वारा उत्तराखण्ड गवर्नमेंट बैंकिंग बिजनेस की जानकारी उपलब्ध कराने हेतु भारतीय रिजर्व बैंक की ‘‘सूचना पुस्तिका‘‘ का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर सचिव वित्त अमित नेगी, भारतीय रिजर्व बैंक देहरादून के महाप्रबंधक सुब्रत दास एवं रिजर्व बैंक के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

अन्ना जल्द शुरू करेंगे जनआंदोलन

जनलोकपाल के लिए आंदोलन करने वाले समाजसेवी अन्ना हजारे अब मोदी सरकार के खिलाफ विरोध का बिगुल बजाने वाले हैं। लोकपाल की नियुक्ति न होने के चलते अन्ना ने आंदोलन का ऐलान किया है। रायपुर में अन्ना हजारे ने कहा है कि वो जल्द ही मोदी सरकार के खिलाफ जन आंदोलन खड़ा करेंगे। उन्होंने कहा, केंद्र में नई सरकार को साढ़े तीन साल हो गए, बावजूद इसके अब तक लोकपाल की नियुक्ति नहीं की गई है।
व्यक्ति या पार्टी के खिलाफ नहीं
इस ऐलान के साथ ही अन्ना ने ये भी साफ कर दिया कि वह किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं है।. मगर, लोकपाल की नियुक्ति में देरी स्वीकार्य नहीं है।
अन्ना ने ये भी साफ किया कि उन्होंने कभी किसी राजनीतिक दल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन नहीं किया। अन्ना ने कहा, मैंने हमेशा राष्ट्रहित में आवाज उठाई है।
देश की अर्थव्यवस्था बिगड़ी
अन्ना हजारे ने लोकपाल के अलावा देश की अर्थव्यवस्था पर भी टिप्पणी की। अन्ना ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था हर दिन बिगड़ती जा रही है। जिसके चलते महंगाई बढ़ रही है।
हाल ही में गांधी जयंती के अवसर पर अन्ना हजारे दिल्ली पहुंचे थे। यहां राजघाट पर बापू को श्रद्धांजलि देने के बाद उन्होंने एक दिन का सत्याग्रह किया था। जिसके बाद उन्होंने जनलोकपाल का मुद्दा फिर से उठाने की बात कही थी। अन्ना ने ये भी कहा था उनके आगामी आंदोलन में वही लोग हिस्सा लें, जिन्हें भविष्य में राजनीतिक दल में न जाना हो। इसके लिए उन्होंने आंदोलन में शामिल होने वालों से बाकायदा एफिडेविट मांगने की बात कही है।

हनीप्रीत की एक ही रट, निर्दोष हूं

पुलिस शिकंजे में हनीप्रीत की हालत बिगड़ गई है। पंचकूला के चंडी मंदिर थाने में बंद हनीप्रीत के सीने में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया है। एक सफाईकर्मी ने बताया कि हनीप्रीत हवालात में एकटक दीवार की निहारते हुए खोई हुई है। उसकी पहली रात भारी बेचौनी में गुजरी है। कल आधी रात में उसका मेडिकल टेस्ट भी कराया गया।
38 दिन से सारी दुनिया की नजरों से ओझल रही हनीप्रीत अब मीडिया और उसके सवालों से बच नहीं सकी। कभी कैमरे पर तरह की अदाओं से इतराने वाली और 21 तरह के किरदार बदलने वाली हनीप्रीत मीडिया से बचने के लिए चेहरा ढंके तेज कदमों से भागती जा रही थी। उससे कई सवाल हुए, लेकिन वो एक ही रट लगाए है कि वो बेकसूर है।
पुलिस की कड़ी घेराबंदी में मेडिकल कराने आधी रात में सिविल अस्पताल पहुंची हनीप्रीत को अपने बचाव के लिए भी पुलिसवालों का ही सहारा लेना पड़ा। हनीप्रीत के साथ पकड़ी गई उसकी साथी और डेरा समर्थक बठिंडा की रहने वाली सुखदीप का भी मेडिकल टेस्ट कराया गया है। हनीप्रीत के अंदर अब मीडिया का सामना करने का ताब नहीं बचा है।
हनीप्रीत पुलिस थाने की हवालात के सख्त फर्श पर रातभर चैन से सो भी नहीं सकी। सारी रात उसे याद आता रहा सुनारिया जेल में बंद राम रहीम और सताता रहा अपने अंजाम का खौफ. हनीप्रीत के हालात बदले तो तस्वीर बदल गई। 25 अगस्त से पहले राजरानी जैसे ऐशो-आराम की जिंदगी गुजारने वाली हनीप्रीत कानून से छिपती दर-दर भटकती रही।
हनीप्रीत को उसकी एक महिला साथी के साथ तीन अक्टुबर की दोपहर 3 बजे पुलिस ने पकड़ा। इसके बाद पुलिस हनीप्रीत और उस महिला को करीब 4 बजे पंचकूला के सेक्टर-23 में बने चंडी मंदिर थाने लाई। करीब एक घंटा कागजी कार्यवाही के बाद हनीप्रीत से पूछताछ शुरू हुई। पहले राउंड की ये पूछताछ करीब 2 घंटे चली। इसके बाद उसका हवालात से सामना हुआ।

हिमाचल के लोगों ने किया है देश के लिए बलिदानः मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में एम्स की नींव रख दी है. उन्होंने इसके अलावा ऊना में आईआईआईटी, कांगड़ा मे सेल के प्रोसेसिंग यूनिट की भी नींव रखी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि आज मैं आठ मंजिला सभा को संबोधित कर रहा हूं। देश में कृषि क्रांति लाने के लिए बिलासपुर का काफी बड़ा योगदान है। मोदी बोले कि हिमाचल के लोगों ने देश के लिए काफी बलिदान दिया है।

रैली में पीएम मोदी ने कहा कि आज एक ही कार्यक्रम में 1500 करोड़ रुपए के काम की शुरुआत की। हिमाचल में एम्स का बनना सिर्फ यहां का लाभ ही नहीं बल्कि यहां आने वाले टूरिस्टों को भी लाभ ही मिलेगा। पीएम ने कहा कि यहां पर फेफड़े और सांस की बीमारी एक बड़ी समस्या है, एम्स बनने से उनको काफी फायदा पहुंचेगा। यहां के वीर जवानों को भी इससे लाभ पहुंचेगा। एम्स के कैंपस में एक साथ 3000 लोगों को रोजगार मिलेगा। हमारी सरकार ने टीकाकरण के लिए इंद्रधनुष योजना चलाई, अगर ये योजना दूसरे देश में होती तो तारीफ होती, लेकिन हमारे देश में लोगों को देर से समझ आता है।
750 बिस्तर वाले इस अस्पताल का निर्माण करीब 1350 करोड़ रुपये की लागत से होगा। यहां स्वास्थ्य सेवाओं के अलावा नर्सिंग, स्नातक और स्नातकोार स्तर पर मेडिकल शिक्षा भी मुहैया करायी जाएगी। गौरतलब है कि हिमाचल में कुछ दिनों बाद चुनाव होना है।