पहला गांव होगा, यूपी सीएम चकबंदी वाला

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के पौड़ी जिले में स्थित पैतृक गांव पंचूर को चकबंदी के लिए चुना गया है। यह फैसला उत्तराखंड सरकार द्वारा लिया गया है। यमकेश्वर का एक गांव पंचूर प्रदेश का पहला ऐसा गांव होगा, जहां चकबंदी प्रक्रिया शुरू की गई है।
डीएम पौड़ी सुशील कुमार विभागीय टीम को लेकर पंचूर गांव पहुंचे। यहां उन्होंने चकबंदी कार्य की विधिवत शुरुआत की। उन्होंने कहा कि जनपद पौड़ी के पंचूर गांव से चकबंदी कार्य शुरू किया गया है। चकबंदी लागू होने से ग्रामीण किसानों की बिखरी हुई जोत एक हो जाएगी। अलग-अलग स्थानों पर उनकी भूमि का एक ही स्थान पर एकीकरण कर दिया जाएगा।
जिससे ग्रामीण किसान को कृषि, विपणन, परिवहन कई मामले में लाभ पहुंचेगा। इस मौके पर यमकेश्वर के ब्लॉक प्रमुख कृष्णा नेगी ने कहा कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गांव और यमकेश्वर में बसे इस गांव को चकबंदी के लिए चुना जाना क्षेत्र वासियों के लिए सम्मान की बात है। डीएम ने कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों को स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्वच्छता की शपथ भी दिलाई। जिलाधिकारी तहसील मुख्यालय विथयानी में आयोजित तहसील दिवस में भी जनसमस्याएं सुनेंगे और दिव्यांग जनों को प्रमाणपत्र वितरित करेंगे।

बाप पर लगाया पुत्री ने दुष्कर्म का आरोप

उत्तराखंड के एक आइएएस पर अजमेर में रहने वाली एक युवती ने दुष्कर्म का आरोप लगाया है। यह युवती कोई ओर नहीं बल्कि आइएएस की पुत्री ही है। युवती ने कहना है कि उसके पिता उसे जान से मारने की धमकी दे रहे है और प्रताड़ित कर रहे है। युवती इन दिनों अजमेर में तांगा चलाते हुए दिख रही है, युवती अंग्रेजी भाषा में बात करते हुए सवारी को इधर से उधर ले जा रही है।
बताया जा रहा है कि आरोप लगाने वाली युवती आइएएस अफसर की गोद ली हुई बेटी है। उधर, उत्तराखंड के डीजीपी अनिल रतूड़ी का कहना है कि ऐसा कोई मामला अभी तक उनके संज्ञान में नहीं है। अगर कहीं जीरो एफआइआर हुई होगी तो वो भी यहां ट्रांसफर नहीं हुई है।
कमिश्नर रैंक के एक अधिकारी की बेटी ने उनपर यह आरोप एक समाचार एजेंसी को दिए बयान में लगाया है। इस बाबत जब संबंधित आइएएस अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने आरोप को सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना है कि उनकी पुत्री मानसिक रूप से बीमार है। कुछ साल पहले उसने नैनीताल में घुड़सवारी सिखाने वाले युवक पर भी आरोप लगा दिया था। इतना ही नहीं, दिल्ली के एक संस्थान में उसका दाखिला कराया गया था। वहां भी उसने संस्थान के कर्मचारियों पर इसी तरह का आरोप लगा दिया था, जिसके बाद मेरी पुत्री को संस्थान से निकाल दिया गया था।

टीवी सीरियल में होता है महिलाओं की छवि खराब का काम

देश में महिलाओं के खिलाफ हिंसा रोकने के लिए कानून और सख्त किए गए हैं साथ ही सरकार भी इस दिशा में कई कार्यक्रम चला रही है। बावजूद इसके देश में महिला उत्पीड़न और उनके खिलाफ होने वाली हिंसा की घटनाओं में कमी नहीं आई है। इस समस्या पर बोलते हुए बीजेपी सांसद पूनम महाजन ने कहा है कि देश में हर महिला के साथ कभी न कभी यौन दुर्व्यवहार हुआ है और मैं भी उनमें शामिल हूं।
बीजेपी के दिग्गज नेता प्रमोद महाजन की बेटी और उत्तरी मुंबई से बीजेपी सांसद पूनम महाजन ने आईआईएम अहमदाबाद में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने बताया कि वह बचपन में स्कूल के दौरान वर्ली से वर्सोवा जाने के लिए ट्रेन का उपयोग करती थीं और उस दौरान लोग कई बार गलत नजरों से आपको देखते हैं लेकिन इस दौरान आप खुद को कमजोर न समझें बल्कि उसका जवाब दें।
बीजेपी युवा मोर्चा की अध्यक्ष पूनम महाजन ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे हैं। वह राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री जैसे बड़े-बड़े पदों पर आसीन हो रही हैं और ऐसे में हमे बेचारी बनकर नहीं रहना है। अगर कोई भी आपके साथ किसी तरह की ज्यादती करता है तो उसे थप्पड़ मार दें।
पूनम महाजन ने कहा कि राजनीति में आने वाली महिलाएं साधारण नहीं रह सकतीं, उन्हें ताकत की जरुरत है और यह ताकत हमनें साबित करके दिखाई है। उन्होंने टीवी पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि टीवी सीरियल ने महिलाओं को छवि को खराब करने का काम किया है।

उत्तराखंड खुले में शौच से मुक्त होने वाला चौथा राज्य

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गांधी एवं शास्त्री जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास और गांधी पार्क में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की तस्वीरों और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के योगदान को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के साथ ही विभिन्न सामाजिक आंदोलनों में भी भारत को नेतृत्व प्रदान किया। महात्मा गांधी का स्वच्छ भारत का सपना आज पूरे देश का मिशन बन चुका है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी धन्यवाद दिया की उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान को घरघर तक पहुंचा दिया है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान में उत्तराखंड मजबूती के साथ अपने कदम आगे बढ़ा रहा है। उत्तराखंड देश का चौथा राज्य है जो ग्रामीण क्षेत्रों में ओडीएफ राज्य अर्थात खुले में शौच से मुक्त राज्य का दर्जा पा चुका है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के शहरी क्षेत्र मार्च 2018 तक ओडीएफ हो जाएंगे। मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री का भाव पूर्ण स्मरण करते हुए कहा कि उनके द्वारा दिया गया ‘‘जय जवानजय किसान‘‘ का नारा आज पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है। आज देश की मजबूती के लिए उसकी सुरक्षा में लगे जवानों और देश के अन्नदाता किसानों को हर तरह से खुशहाल और मजबूत रखना होगा।

आखिर क्यों नहीं मिल रही हनीप्रीत?

हनीप्रीत एक ऐसी पहेली बन गई। जो सुलझने का नाम नहीं ले रही। पिछले 35 दिनों से सात सूबों की पुलिस उसके पीछे पड़ी है, लेकिन हनीप्रीत का कोई अता-पता नहीं है। ऐसा तब है जबकि शहर-शहर उसके देखे जाने की खबरें आती रहती हैं, लेकिन जब तक पुलिस पहुंचती है, हनीप्रीत रफूचक्कर हो जाती है।
25 अगस्त को पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत से दोषी करार दिए जाने के बाद गुरमीत को जब रोहतक के सुनारिया जेल ले जाया जा रहा था, तब हनीप्रीत भी हेलीकॉप्टर पर उसके साथ बैठी थी। उसके बाद से हनीप्रीत की कोई तस्वीर सामने नहीं आई है, सिवाय दिल्ली में मिले सीसीटीवी के तस्वीर के।
जी हां, 25 अगस्त को आखिरी बार हेलीकॉप्टर पर हनीप्रीत नजर आई थी। इसके ठीक एक महीने बाद हनीप्रीत के वकील प्रदीप आर्या के लाजपतनगर स्थित दफ्तर के बाहर लगी सीसीटीवी से हरियाणा पुलिस ने ये वीडियो हासिल किया था, जिसमें एक बुर्केवाली लड़की एक वकील के साथ दिख रही है, जिसके हनीप्रीत होने का शक है।
हालांकि हनीप्रीत के वकील के मुताबिक, दिल्ली हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल करने के लिए हनीप्रीत जरूरी कागगात पर साइन करने उनके दफ्तर आई थी। राम रहीम की राजदार और डेरा सच्चा सौदा सिरसा की चेयरपर्सन विश्यना इंसां ने दावा किया है कि हनीप्रीत से उसका आखिरी बार संपर्क 26 अगस्त को हुआ था।
विपश्यना के मुताबिक, हनीप्रीत 25-26 अगस्त की दरम्यानी रात सिरसा डेरे में आई थी। उस वक्त डेरे में विपश्यना खुद मौजूद थी। डेरे में रात गुजारने के बाद हनीप्रीत बगैर बताए निकल गई। डेरा से आखिरी बार उसने अगले रोज यानी 27 अगस्त को संपर्क किया। उसके बाद से उसने किसी से कोई बात नहीं की है।
इस तरह 26 अगस्त से 2 अक्टूबर. पूरे 35 दिन बीत चुके हैं। हनीप्रीत की तलाश में पुलिस के हाथ खाली हैं, जबकि हर दूसरे और तीसरे दिन उसके ठिकानों को लेकर ढेरों दावे सामने आते रहे। सिरसा से लेकर हनुमानगढ़ तक, दिल्ली से लेकर नेपाल तक हर जगह खाक छान चुकी है पुलिस, लेकिन हनीप्रीत का कोई सुराग नहीं।

चोटी काट आरोपी पर तीन लाख का इनाम

दिल्ली, यूपी और राजस्थान सहित कई राज्यों में चोटी कटने घटनाएं बंद क्या हुई अब जम्मू-कश्मीर में शुरू हो गई हैं। कश्मीर में रहस्यमय तरीके से चोटी कटने के मामले सामने आ रहे हैं। इस वजह से महिलाओं और बच्चों में दहशत का माहौल बना हुआ है। कश्मीर पुलिस ने चोटी काटने वाले शख्स पर 3 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, कश्मीर से चोटी कटने के करीब 30 मामले सामने आए हैं। इससे परेशान होकर श्रीनगर के बाटमालू इलाके में लोगों ने जमकर हंगामा मचाया। यहां कुछ नकाबपोश लोगों ने घर के अंदर घुसकर एक महिला के चेहरे पर स्प्रे छिड़का और चोटी काटकर फरार हो गए। अनंतनाग जिले के एक गांव में अज्ञात शख्स एक घर की किचन में घुस गया।
वहां उसने कुछ स्प्रे छिड़का, जिसके बाद खाना बना रही 16 वर्षीय लड़की बेहोश हो गई। उसी दौरान उसकी चोटी काट ली गई। दूसरी तरफ, सिजीमर गांव में एक महिला की सोते हुए चोटी काट ली गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन कुछ हाथ नहीं लग पाया। कुलगाम जिले से 12 और अनंतनाग जिले से 2 चोटी काटने के मामले दर्ज हो चुके हैं।
यह मामला सीएम महबूबा मुफ्ती तक पहुंच गया है। इसे संज्ञान में आते ही उन्होंने पुलिस अधिकारियों से बात की। उन्होंने आरोपियों को पकड़ने के लिए स्पेशल टीम बनाने के लिए कहा है। इसके साथ ही चोटी काटने वाले आरोपी के सिर पर 3 लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है। स्थानीय महिलाओं और बच्चों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
बताते चलें कि बीते दिनों भारत के कई राज्यों में चोटी कटने के मामले सामने आए थे। दिल्ली के छावला गांव से शुरू हुआ यह मामला एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, यूपी, बिहार और कई अन्य राज्यों में अचानक फैल गया था। इन घटनाओं में पुलिस अभी तक कोई सुराग नहीं ढूंढ पाई है। चोटी काटने की अफवाहों में कई लोग अपनी जान तक गंवा चुके हैं।

हिंसा पीड़ितों के मुआवजे को ट्रिब्यूनल का गठन

रेप केस में सजा काट रहे राम रहीम की प्रॉपर्टी की रिपोर्ट हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट में पेश किया। हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश दिया कि इस बात की जांच की जाए कि राम रहीम द्वारा अस्पताल, स्कूल और अन्य इमारतें किसकी इजाजत से बनाई गई हैं? आयकर विभाग और ईडी को भी डेरा की आय और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच के आदेश दिए गए हैं।
हाइकोर्ट ने कहा कि पंचकूला हिंसा में जो 18 एफआईआर दर्ज की गई हैं, उनकी जांच एसआईटी से कराई जानी चाहिए। पंजाब और हरियाणा सरकार मुआवजा देने के लिए एक ट्रिब्यूनल का गठन करें। हरियाणा में फैली राम रहीम की प्रॉपर्टी की कीमत करीब 1600 करोड़ रुपये है। सूबे में 16 जिलों में डेरे की प्रॉपर्टी है, जिसमें सिरसा में 1453 करोड़ की प्रॉपर्टी है।
सरकारी वकील सत्यपाल जैन ने बताया कि हिंसा में हुए नुकसान की भरपाई को लेकर पंजाब और हरियाणा सरकार को ट्रिब्यूनल बनाने का आदेश दिया गया है। ये ट्रिब्यूनल तय करेगा कि कितना नुकसान हुआ है। इस नुकसान की भरपाई डेरा सच्चा सौदा से की जाएगी या नहीं। सिरसा में हुए डेरा के निर्माण कार्य पर भी हरियाणा सरकार को रिपोर्ट देनी है।
25 अगस्त को रेपिस्ट बाबा राम रहीम को दोषी ठहराए जाने के बाद हुई हिंसा में करीब 204 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था, जो सरकार उसकी संपत्ति से वसूलेगी। यह खर्च अभी बढ़ सकता है, क्योंकि सरकार ने लोगों के हुए नुकसान की डिटेल भी मांगी है। इसके लिए एफआईआर दर्ज करवाकर डिटेल दी जानी है। इसके साथ ही सरकारी संस्थाओं का नुकसान भी है।
इस 204 करोड़ रुपये में रोडवेज का 14 करोड़, उत्तरी रेलवे के 50 करोड़, सेना और अर्द्सैनिक बालों के 45 करोड़ और पंचकूला समेत प्रदेश भर में हिंसा और आगजनी का 95 करोड़ का नुकसान दिखाया गया है। हिंसा के बाद पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा दिए गए आदेश के बाद ही सरकार नुकसान का आंकलन करके इसे राम रहीम की संपत्ति से वसूलेगी।
डेरा के प्रॉपर्टी की कीमत
सिरसा-1453 करोड़
अंबाला- 32.20 करोड़
झज्जर- 29.11 करोड़
फतेहाबाद- 20.70 करोड़
जिंद- 19.33 करोड़
सोनीपत- 17.65 करोड़
कैथल- 11.16 करोड़
कुरुक्षेत्र- 7.42 करोड़
हिसार- 7.03 करोड़
भिवानी- 3.87 करोड़
यमुना नगर- 3.14 करोड़
कर्नाल- 6 करोड़
पानीपत- 2.82 करोड़
फरीदाबाद- 1.56 करोड़
रोहतक- 47 लाख
रेवाड़ी- 37 लाख
सिरसा डेरा के प्रॉपर्टी की डिटेल
1. डेरा सच्चा सौदा का पुराना भवन और एसी मार्केट
2. डेरा का नया भवन और उनमें ब्वॉयज स्कूल, गर्ल्स स्कूल और कॉलेज
3. क्रिकेट स्टेडियम
4. फाइव स्टार होटल
5. डेरा बाबा की गुफा (तेरावास)
6. एमएसजी इंटरनेशनल स्कूल
7. शाह सतनाम सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल
8. विभिन्न फैक्ट्रियां
9. एसएमजी प्रोडक्ट्स
10. फिल्म सिटी सेंटर
11. माही सिनेमा
12. कशिश रेस्टोरेंट
13. ऑर्गेनिक खेती के बाग-बगीचे
14. डेरे की शिक्षण संस्थाओं की वैन और अन्य गाड़ियां
15. शाही बेटियां आश्रम
16. खेल गांव (निर्माणाधीन)
दो कमरों से बनी करोड़ों की संपत्ति
सिरसा में स्थित छोटा डेरा वर्ष 1948 में शाह मस्ताना जी द्वारा स्थापित किया गया था। उस दौर में छोटे डेरा में 2 कमरे हुआ करते थे। इसमें से एक में स्वयं शाह मस्ताना जी रहते थे। इन कमरों को नीचे अंडरग्राउंड जीवन के अनुकूल बनाया गया था। उस समय एसी की व्यवस्था नहीं थी, इसलिए इन कमरों में गर्मियों में ठंडक और सर्दियों में गर्मी रहती थी।
ऐसे सामने आई बाबाजी की गुफा
शाह मस्ताना जी के सेवादार उस दौर में उस कमरे को गुफा बुलाते थे। इसके पीछे उनका तर्क था कि बाबाजी गुफा में एकांत में साधना में लीन रहते हैं। इसी गुफा शब्द की परंपरा गुरमीत राम रहीम के दौर तक भी प्रचलित है। बताया जाता है कि शाह मस्ताना जी के वक्त में डेरा के पास कुल 5 एकड़ जमीन थी। जो अब बढ़कर 1093 एकड़ हो चुकी है।
1990 में राम रहीम को मिली गद्दी
साल 1960 में सिरसा के ही गांव जलालआना के रहने वाले सरदार हरबंस सिंह को शाह मस्ताना जी ने नया नाम शाह सतनाम दे कर गद्दी पर बिठाया। इस गद्दी को संभालने वाले संत शाह सतनाम जी ने डेरा की परंपराओं को आगे बढ़ाया और अपने कार्यकाल में वे भी इसी छोटे डेरे में आवास करते थे। 23 सितंबर 1990 में शाह सतनाम जी ने राम रहीम को गद्दी सौंप दी।

किसने कहा कि बाबा की गुफा में गई हूं, बर्थडे पर बुलाया था

आइटम गर्ल राखी सावंत ने रेपिस्ट राम रहीम व उसकी मुंह बोली बेटी हनीप्रीत को लेकर एक नया खुलासा किया है। राखी के अनुसार हनीप्रीत उसे अपनी सौतन समझती थी और इसकी वजह यह थी कि उसका बाबा के करीब होना। राखी ने बताया कि वह बाबा के जीवन पर बन रही एक फिल्म में हनीप्रीत का किरदार निभा रही है और वहं बाबा की सब पोल खोल के ही दम लेंगी। उन्होंने राम रहीम के गुफा में जाने की बात स्वीकारी।

राम रहीम पर बन रही फिल्म अब होगा इंसाफ में राखी सावंत हनीप्रीत का किरदार निभा रही है। राखी ने कहा, मुझे ऐसा लगता है गुरमीत राम रहीम के साथ मेरे रिश्तों को लेकर हनीप्रीत मुझसे असहज थी। उसे आशंका थी कि मैं गुरमीत से शादी कर उसकी शौतन बन जाऊंगी।
हनीप्रीत गुरमीत रामरहीम की मुंह बोली बेटी है। पिछले दिनों राखी सावंत ने उसे लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए थे। राखी सावंत ने हाल ही में मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें हनीप्रीत इंसा का फोन आया था। उसने राखी से कहा कि तुम मेरी दोस्त हो, तुमसे यह उम्मीद नहीं थी कि तुम मुझ पर फिल्म बनाओगी।
राखी ने कहा था कि हनीप्रीत चार साल से उनकी दोस्ती थी। उन्होंने ही हनी को एक्टिंग, डासिंग और स्टाइलिंग सिखाई है। राखी ने कहा कि उन्होंने हनीप्रीत को पीआर कंपनी भी उपलब्ध कराई थी। बता दें कि राम रहीम के जीवन पर फिल्म बनाई जा रही है। इसमें रजा मुराद को राम रहीम के रोल के लिए चुना गया है जबकि आइटम नम्बर्स के लिए मशहूर राखी सावंत हनीप्रीत के रोल में होंगी।

माना जा रहा है कि फिल्म की कहानी राम रहीम के रंगीनियों और आपराधिक कहानियों पर आधारित होगी। राम रहीम के रॉक स्टार बनने से लेकर उसके जेल जाने तक की दिखाई जा सकती है। हनीप्रीत के साथ उसके रिश्तों को भी फिल्म में दिखाए जाने की उम्मीद है।
राम रहीम को सीबीआई कोर्ट ने हाल ही में 20 साल की सजा सुनाई है।

हॉस्टल बंद से बाहरी राज्यों के स्टूडेंट की बड़ी मुश्किलें

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में बढ़ती छेड़खानी की घटनाओं के खिलाफ विवाद जारी है। सुरक्षा की मांग कर रही छात्राओं के विरोध प्रदर्शन से शुरू हुआ बवाल थमने का नाम ही नहीं ले रहा। वहीं, प्रदर्शन के चलते पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। छात्र-छात्राओं को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्टूडेंट्स की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। कुछ विभाग में सेमेस्टर परीक्षाएं कैंसिल हो गई हैं।
परीक्षाएं हुई कैंसिल, हॉस्टल बंद होने से दिक्कत
बीएचयू में हो रहे बवाल के कारण सेमेस्टर परीक्षाएं आगे के लिए टाल दी गई है। सोमवार से कुछ सब्जेक्ट की परीक्षाएं होनी थी लेकिन अवकाश कर दिए जाने के कारण परीक्षाएं लंबित कर दी गई। अब छात्र-छात्राओं को नई तारीख का इंतजार करना है। वहीं स्टूडेंट्स को रविवार को हॉस्टल छोड़ने का नोटिस दे दिया गया, जिसके चलते स्टूडेंट्स को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
वाराणसी के बाहर के स्टूडेंट सबसे ज्यादा परेशान
प्रदर्शन के कारण वाराणसी के बाहर के स्टूडेंट सबसे ज्यादा परेशान है। अचानक से हॉस्टल बंद कर देने का नोटिस जारी कर दिया गया। उन्हें हॉस्टल खाली करने के लिए मजबूर किया गया। ऐसे में आनन-फानन सारा इंतजाम करना मुश्किलें पैदा करने वाला है। वाराणसी के बाहर की छात्राएं अचानक हॉस्टल छोड़ने के नोटिस से ज्यादा परेशान हैं। एक तरफ तो सुरक्षा की चिंता वहीं दूसरी ओर पैसों के आभाव में घर जाना उनकी दिक्कतें बढ़ाने वाला है। हॉस्टल में बिजली-पानी सप्लाई काट दी गई है।
मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, तमिलनाडु जैसे राज्यों के स्टूडेंट लौटे
हॉस्टल छोड़ने के नोटिस के बाद मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, तमिलनाडु जैसे राज्यों के स्टूडेंट लौटना पड़ा। बता दें कि विश्वविद्यालय के छात्रावास में करीब 25 हजार स्टूडेंट रहते हैं।
ऐसे शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन
विरोध प्रदर्शन की शुरुआत गुरूवार (21 सितंबर) से हुई। ऐसा तब हुआ आर्ट्स डिपार्टमेंट की एक छात्रा अपने हॉस्टल लौट रही थी। उसी वक्त मोटरसाइकिल सवार तीन लोगों ने कथित तौर पर उसका उत्पीड़न किया। छात्रा के मुताबिक, जब उसने उन लोगों का विरोध किया, तो तीन लोगों ने उसके साथ गाली-गलौज की और उसके बाद भाग गए। छात्राओं ने आरोप लगाया कि घटनास्थल से तकरीबन 100 मीटर की दूरी पर मौजूद सुरक्षा गार्डों ने उन लोगों को रोकने के लिए कुछ भी नहीं किया।
लगातार छेड़खानी का आरोप
बीएचयू की छात्राओं ने लगातार छेड़खानी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उन्हें कैंपस में लगातार ही छेड़खानी का सामना करना पड़ता है। विश्वविद्यालय प्रशासन असामाजिक तत्वों को रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।

हनीप्रीत बाबा से चाहती थी बच्चा

राम रहीम और हनीप्रीत को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। डेरे के एक पूर्व सेवादार ने सनसनीखेज खुलासा किया है कि राम रहीम अपनी हनीप्रीत से एक बच्चा चाहता था, जिसे वो डेरे प्रमुख बनाए। पूर्व सेवादार गुरदास सिंह तूर का आरोप है कि ये आइडिया खुद हनीप्रीत का था। वो नहीं चाहती थी कि राम रहीम के बाद डेरा का उतना बड़ा साम्राज्य उसके बेटे जसमीत सिंह इंसां को मिले।
गुरदास सिंह तूर के मुताबिक, राम रहीम के बाद डेरे में हनीप्रीत का दबदबा नंबर दो जैसा बन चुका था, इसलिए वो चाहती थी कि राम रहीम और उसका कोई बच्चा हो तो वही डेरे का मुखिया बने। राम रहीम भी इसके लिए राजी था और चाहता था कि बच्चे के पिता का नाम दुनिया की नजरों में विश्वास गुप्ता ही रहे, लेकिन उनकी चाल भांप कर विश्वास ने पहले ही तलाक लेकर इनके अरमानों पर पानी फेर दिया।
वहीं, इस मामले का एक और चश्मदीद सामने आया है, जो उस रात का गवाह है, जब शादी के बाद पहली बार हनी बाबा की गुफा में गई थी। राम रहीम के ड्राइवर रहे खट्टा सिंह के बेटे गुरदास सिंह हनीप्रीत और बाबा के रिश्तों के एक अहम चश्मदीद हैं। राम रहीम ने ही हनीप्रीत की शादी करवाई। उसके फौरन बाद एक रात हनीप्रीत को अपनी गुफा में रहने के लिए बुला लिया। गुरदास उस रात गुफा के बाहर तैनात था। गुरदास सिंह को उस रोज पहली बार शक हुआ था कि राम रहीम हनीप्रीत के साथ कुछ गलत करने जा रहा है। अगली सुबह हनीप्रीत बाबा की गुफा से रोती हुई बाहर निकली थी। उन दिनों खुद हनीप्रीत के दादा डेरे के खजांची हुआ करते थे। हनीप्रीत सीधे दादा के पास गई। उसकी ये हालत देख कर उसके दादा ने डेरे में काफी हंगामा किया। राम रहीम के खिलाफ खुल कर बोलने लगे, लेकिन उन्हें चुप करा दिया गया।
इस घटना के फौरन बाद हनीप्रीत डेरा छोड़ कर अपने घर फतेहाबाद के लिए निकल गई, लेकिन बाबा के कुछ गुर्गों ने हनीप्रीत का पीछा किया और हथियारों के दम पर उसे रास्ते में ही एक ढाबे से उठा कर डेरे पर वापस ले आए। ऐसा कहा जाता है कि उस दिन हनीप्रीत ने कसम खाई थी कि वो बाबा को बर्बाद करके दम लेगी। गुरदास को अब लगता है कि राम रहीम की तबाही के पीछे शायद हनीप्रीत की वो कसम ही है।