जौनसार भाबर प्राकृतिक सुंदरता के साथ अपनी मेहनतकश, सरल और स्वाभिमानी जनता के लिए जाना जाता हैः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी केदार सिंह स्टेडियम, नागथात, देहरादून में आयोजित जौनसार बावर लोक सांस्कृतिक महोत्सव एवं क्रीड़ा समारोह-2026 में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. केदार सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान समरजेंस मोटर मार्ग का चौड़ीकरण और डामरीकरण का कार्य किए जाने, प्राथमिक विद्यालय नागथात को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित किए जाने, वि.ख. चकराता के बागी -खेड़ा -कोटा- तपलाड मार्ग में यमुना नदी पर 60 मी. स्पैन पुल का निर्माण कार्य किए जाने, चकराता के क्यारापुल – डामटा – म्यूँडा मोटर मार्ग के कि.मी. 22 से छामरी एवं जाखणी तक मोटर मार्ग का निर्माण कार्य, विकासखंड कालसी के अंतर्गत ग्राम सकरोल से ग्राम भोड़ा-भालनू एवं उटेल होते हुए द्वितीय सिद्ध पीठ श्री महासू महाराज थैना तक मोटर मार्ग का निर्माण कार्य , वि.ख. चकराता के अंतर्गत ग्राम खबऊ के अन्तर्गत खेड़ा रमारका- कुन्ना – बुराष्टी में यमुना नदी से पम्पिंग पेयजल योजना बनाए जाने, वि.ख चकराता के जगथान बुरायला मार्ग से ग्राम उदांवा तक सडक निर्माण को च्डळैल् में प्रस्तावित किए जाने एवं क्षेत्र की कनेक्टिविटी को और मजबूत करने के लिए द्वीना से बिसोई खुना अलमान तक नए संपर्क मार्ग का निर्माण कार्य किए जाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने महासू देवता को नमन करते हुए कहा कि जौनसार बावर सांस्कृतिक पुनरूत्थान समिति पिछले 33 वर्षों से इस उत्सव के माध्यम से धरोहर को बचाने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा जौनसार भाबर प्राकृतिक सुंदरता के साथ अपनी मेहनतकश, सरल और स्वाभिमानी जनता के लिए जाना जाता है। यहां की लोक संस्कृति, एकता की भावना को बढ़ावा एवं भविष्य की पीढ़ियों को अपनी संस्कृति से जुड़े रहने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा जौनसार- बावर में उन्हें उत्तराखण्ड की मूल आत्मा के साक्षात दर्शन होते हैं। जौनसार की संस्कृति, परंपराएँ, सरलता, आत्मीयता और प्रकृति के प्रति सम्मान, राज्य की समृद्ध विरासत है।

मुख्यमंत्री ने कहा जौनसार के रासो की थाप, हारूल की गूंज और बौंद जैसी महान परंपराएं उत्तराखंड, के साथ पूरे देश का गौरव हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में जनजातीय समाज के सम्मान, शिक्षा और समग्र विकास के लिए कई ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं। देश में जनजातीय समुदायों के लिए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान, वन धन योजना, प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन जैसी अनेक योजनाएँ लागू की गईं हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आदिवासी समाज की नीतियां और नियति दोनों बदली हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने उत्तराखंड जनजातीय महोत्सव के माध्यम से संस्कृति व विरासत को एक मंच देने का प्रयास किया है। सरकार ने प्रतिवर्ष जनजातीय खेल महोत्सव आयोजित करने का भी निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान के अंतर्गत प्रदेश के 128 जनजातीय गांवों को चिन्हित किया है। जिसके तहत इन गांवों में सड़क, बिजली, पानी और इंटरनेट जैसी हर बुनियादी सुविधा पहुंचाकर इनका कायाकल्प करने का काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कालसी, मेहरावना, बाजपुर और खटीमा में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। जिसके माध्यम से जनजातीय बच्चों को निःशुल्क विश्वस्तरीय आवासीय शिक्षा की सुविधा मिल रही है। बाजपुर और चकराता में भी नए एकलव्य आवासीय विद्यालयों का निर्माण कार्य जारी है। जनजातीय समाज के बच्चों को पढ़ाई के लिए सरकार, प्राथमिक स्तर से लेकर स्नातकोत्तर स्तर तक छात्रवृत्ति भी प्रदान कर रही है। शैक्षिक विकास के लिए वर्तमान में 16 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय भी संचालित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा जनजातीय समुदाय की बेटियों के विवाह के लिए ₹ 50 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। जनजातीय शोध संस्थान के लिए 1 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड की स्थापित की गई है जौनसार बावर क्षेत्र में सड़कों, पानी और बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए लगातार काम कर रही है। चकराता के विकास के लिए राज्य सरकार ने लगभग 39 करोड़ रुपये की 56 योजनाओं को मंजूरी दी थी। इनमें से 51 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं। शेष 5 योजनाओ को भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। पूरे क्षेत्र की सड़कों को मजबूत करने के लिए 1,300 करोड़ रुपये से ज्यादा की योजनाओं पर काम चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग 707 और 707। का चौड़ीकरण युद्धस्तर पर जारी है। कालसी-चकराता मार्ग पर जजरेड के पास भूस्खलन की समस्या का स्थायी समाधान किया जा रहा है। न्यू चकराता टाउनशिप हय्यो डांडा पंपिंग योजना पर लगभग 229 करोड़ रुपये की लागत से काम चल रहा है। जिससे भविष्य में पानी की कभी कमी नहीं होगी। श्री महासू देवता मंदिर परिसर के भव्य विकास के लिए 120 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक मास्टर प्लान पर विकास कार्य भी गतिमान है।

इस अवसर पर विधायक मुन्ना सिंह चौहान, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, दायित्वधारी गीता राम गौड़, मेला समिति के अध्यक्ष नरेश चौहान, महासचिव मेला समिति नरेन्द्र तोमर, खुशीराम जोशी, जयपाल सिंह तोमर, शूरवीर सिंह तोमर, बलवीर सिंह नेगी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम धामी ने एसआईआर के तहत भरा अपना गणना फॉर्म

उत्तराखण्ड में विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर कार्यक्रम के तहत सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी. आर. सी. पुरुषोत्तम ने गणना फॉर्म सौंपा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अवगत कराया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची के शुद्धिकरण हेतु यह अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत प्रदेश के सभी मतदाताओं को गणना फार्म उपलब्ध कराए जाएंगे। आगामी 7 जुलाई तक एक माह के समय में बीएलओ द्वारा मतदाताओं के गणना फार्मों को बीएलओ एप्प के माध्यम से डिजिटिलाइज किया जाएगा।

इस अवसर पर सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लगातार 12 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने पर मुख्यमंत्री धामी ने दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केंद्र में लगातार 12 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने पर, प्रधानमंत्री सहित देशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सशक्त, सक्षम और स्वाभिमानी भारत का सपना सच हो रहा है। साथ ही प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में देवभूमि उत्तराखंड भी नवोदय का संकल्प पूरा कर रही है।

अपने संदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज तीव्र विकास कर रहा है। पीएम आवास योजना के तहत चार करोड़ पक्के घर, 81 करोड़ लोगों को हर माह मुफ्त राशन, 60 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत के तहत निशुल्क उपचार की सुविधा और 40 लाख करोड़ रुपये का गारंटी मुक्त मुद्रा ऋणकृयह सब अंत्योदय को समर्पित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा मनीषी ही कर सकता है। उन्होंने कहा कि आजादी के पहले सात दशक तक देश में कुल 3.2 करोड़ घरों में ही नल से पेयजल आपूर्ति हो पा रही थी, अब यह आंकड़ा चार गुना से अधिक बढ़कर 16 करोड़ तक पहुंच गया है। 2014 तक देश के केवल 5 शहर ही मेट्रो ट्रेन से जुड़े थे, अब इन शहरों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है। मेट्रो रेल नेटवर्क भी 248 किलोमीटर से बढ़कर 1155 किलोमीटर हो गया है।

दुनिया का नेतृत्व कर रहा भारत
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत दुनिया को हर क्षेत्र में नेतृत्व प्रदान कर रहा है। दुनिया के कुल डिजिटल लेन-देन का 56 प्रतिशत अकेले भारत में हो रहा है। कभी अपनी रक्षा जरूरतों के लिए विदेशों पर निर्भर रहने वाला भारत आज रक्षा उत्पादन और निर्यात के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। अंतरिक्ष से लेकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्टार्टअप से लेकर सेमीकंडक्टर निर्माण तक, भारत आत्मनिर्भरता के नए अध्याय लिख रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी वंदन के अपने संकल्प को पूरा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेना में महिलाओं को स्थायी कमीशन दिया है। ऑपरेशन सिंदूर में भारत की यही नारी शक्ति दुश्मन देश पर भारी पड़ी। कभी देश बाह्य प्रायोजित आतंकवाद के साथ ही देश के अंदर पलने वाले नक्सल आतंक का शिकार था, आज देश नक्सल हिंसा को निर्णायक रूप से नियंत्रित करने के साथ-साथ सीमा पार स्थित आतंकी ढांचों को निशाना बनाने का साहस भी रखता है।

उत्तराखंड बना सबसे बड़ा लाभार्थी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत का जो राष्ट्रीय विजन आकार ले रहा है, उसका प्रभाव देश के प्रत्येक राज्य में दिखाई दे रहा है। उत्तराखंड इसका एक सशक्त उदाहरण है। उन्होंने कहा देवभूमि उत्तराखंड के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यकाल स्वर्णिम अक्षरों में लिखे जाने योग्य साबित हुआ है। केंद्र सरकार के सहयोग से आज उत्तराखंड में दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है, जबकि 13 हजार करोड़ रुपये की लागत से निर्मित दिल्लीदृदेहरादून एक्सप्रेस-वे ने दिल्ली दृ देहरादून के बीच दूरी और समय, दोनों को कम कर दिया है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से वर्तमान में सितारगंजदृटनकपुर, पौंटा साहिबदृदेहरादून, भानियावालादृऋषिकेश, काठगोदामदृलालकुआंदृहल्द्वानी बाईपास तथा रुद्रपुर बाईपास जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर भी कार्य जारी है।

रेल का सपना सच होने के करीब
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के विशेष प्रयासों आज ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना तेजी से पूर्णता की ओर बढ़ रही है, इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार ने टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन परियोजना को मंजूरी प्रदान कर दी है। प्रदेश के 11 रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में उत्तराखंड में हवाई सेवाएं भी सुदृढ़ हुई हैं। केंद्र सरकार के सहयोग से जॉलीग्रांट, पंतनगर और पिथौरागढ़ एयरपोर्ट का विस्तार किया जा चुका है। उड़ान योजना के तहत प्रदेश में 18 हेलीपोर्ट विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से 12 पर सेवाएं प्रारंभ हो चुकी हैं। वर्ष 2022 तक जहां राज्य में केवल दो हेलीपोर्ट थे, वहीं आज उनकी संख्या बढ़कर सात हो चुकी है। हेलीपैड की संख्या भी लगभग दोगुनी होकर 118 तक पहुंच गई है।

आध्यात्मिक पर्यटन को नई पहचान
अपने संदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से पर्वतमाला परियोजना के माध्यम से उत्तराखंड में रोपवे नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है। गौरीकुंड से केदारनाथ और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक रोपवे परियोजनाएं प्रदेश के पर्यटन और तीर्थाटन को नई दिशा देंगी। चारधामों के साथ-साथ उत्तराखंड के प्राचीन मंदिरों के पुनरोद्धार और पुनर्विकास को भी प्राथमिकता दी जा रही है। केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम पुनर्विकास परियोजनाएं तथा मानसखंड मंदिर माला मिशन इसके उत्कृष्ट उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से जमरानी, सौंग और लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है, जिससे सिंचाई, पेयजल और ऊर्जा के क्षेत्र में दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होंगे। किच्छा में एम्स सैटेलाइट सेंटर का कार्य प्रारंभ हो चुका है। एम्स ऋषिकेश में देश की पहली हेली एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई है, जो आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक अभिनव पहल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम सब विकसित भारत के अमृतकाल में प्रवेश कर चुके हैं, ऐसे में उत्तराखंड के प्रत्येक नागरिक का यह दायित्व है कि वह इस परिवर्तन यात्रा का सक्रिय सहभागी बने। तभी प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत वर्ष 2047 तक एक विकसित, आत्मनिर्भर और विश्व का मार्गदर्शन करने वाला राष्ट्र बन सकेगा।

मुख्यमंत्री स्तर पर मासिक एवं मुख्य सचिव स्तर पर प्रत्येक 10 दिन में होगी समीक्षा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समीक्षा बैठक में प्रगति पोर्टल के माध्यम से राज्य की विभिन्न महत्वपूर्ण अवसंरचना एवं विकास परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में परिवहन, ऊर्जा, लोक निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्ग, सीमा सड़क संगठन तथा अन्य विभागों की 6940 करोड़ की कुल 12 प्रमुख परियोजनाओं की विस्तार से जानकारी ली गई। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 2047 तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में सभी का योगदान जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि इन परियोजनाओं के कार्यों में और तेजी लाने के लिए मुख्यमंत्री स्तर पर प्रत्येक माह, मुख्य सचिव स्तर पर 10 दिनों में इसकी समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में देरी पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जायेगी और नियमानुसार सख्त कारवाई भी की जायेगी। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं पर 50 प्रतिशत तक कार्य हो चुका है, 15 अक्टूबर 2026 तक उन कार्यों को पूर्ण किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता सभी विकास परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करना है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं में भूमि हस्तांतरण, वन स्वीकृति, भूमि अधिग्रहण, क्षतिपूर्ति भुगतान अथवा अन्य प्रशासनिक कारणों से विलम्ब हो रहा है, उनके समाधान के लिए संबंधित विभाग समन्वित रूप से त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रगति पोर्टल को प्रभावी निगरानी तंत्र के रूप में उपयोग करते हुए प्रत्येक परियोजना की नियमित समीक्षा की जाए तथा लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में अनावश्यक विलम्ब से न केवल विकास कार्य प्रभावित होते हैं, बल्कि जनहित एवं आर्थिक गतिविधियों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। बैठक में रामनगर आईएसबीटी, रानीखेत बस टर्मिनल, ताड़ीखेत डिपो एवं कार्यशाला, बनबसा एवं रुद्रप्रयाग विद्युत उपकेंद्र परियोजनाओं, चारधाम सड़क परियोजनाओं, अस्कोट-लिपुलेख मार्ग, माणा पास सड़क परियोजना, हरिद्वार एवं काशीपुर क्षेत्र की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने वन भूमि हस्तांतरण, वन एवं पर्यावरणीय स्वीकृतियों, भूमि अधिग्रहण तथा क्षतिपूर्ति वितरण से संबंधित लंबित मामलों के शीघ्र समाधान के लिए संबंधित विभागों को स्पष्ट समयसीमा निर्धारित कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों को भी निर्देश दिये कि जनपद स्तर पर लंबित प्रकरणों की व्यक्तिगत निगरानी कर उनका त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा, सीमांत क्षेत्रों की सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं, विद्युत अवसंरचना तथा परिवहन सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाएं राज्य के समग्र विकास और जनता की सुविधाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन से पर्यटन, व्यापार, निवेश एवं रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक परियोजना के लिए उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा जिन परियोजनाओं की प्रगति अपेक्षित स्तर से कम है, उनके लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र परिणाम सुनिश्चित किए जाएं।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, डॉ. आर.मीनाक्षी सुंदरम, सचिव बृजेश कुमार संत, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, अपर सचिव डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, बंशीधर तिवारी, संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं वर्चुअल माध्यम से जिलाधिकारी उपस्थित थे।

हमारी सरकार कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रहीः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यू. पी.ई.एस बिधौली में उत्तराखंड न्यायाधीश संघ के वार्षिक सम्मेलन जूडिशियम 2.0ः इंक्लूज़न, एक्सेस एंड स्ट्रेंथनिंग में प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी, सुलभ, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाना सुशासन की मूल भावना है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक त्वरित एवं निष्पक्ष न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्मेलन की थीम समावेशिता, न्याय तक आसान पहुंच तथा न्यायिक संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित है, जो विकसित भारत के निर्माण के संकल्प से भी जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था में समाज के प्रत्येक वर्ग को समान अवसर एवं सम्मान मिलना चाहिए तथा न्याय तक पहुंच में भौगोलिक अथवा आर्थिक परिस्थितियां बाधक नहीं बननी चाहिए। विशेष रूप से उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को सरल एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि न्याय की सार्थकता उसकी निष्पक्षता और समयबद्धता में निहित है। न्याय में अनावश्यक विलंब से आमजन का विश्वास प्रभावित होता है, इसलिए न्यायिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी और समयबद्ध बनाने की दिशा में सतत प्रयास किए जाने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायपालिका लोकतंत्र का एक मजबूत स्तंभ है, जो नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने के साथ ही समाज में विश्वास एवं सुरक्षा की भावना को भी सुदृढ़ करती है। उन्होंने कहा कि कानून के शासन की सफलता न्यायपालिका के प्रति जनता के विश्वास पर निर्भर करती है और माननीय न्यायाधीश इस दायित्व का सफलतापूर्वक निर्वहन कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की न्यायिक व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाने के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम जैसे नए कानूनों के साथ-साथ ई-कोर्ट्स, नेशनल ज्यूडिशियल डेटा ग्रिड, डिजिटल केस मैनेजमेंट और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी व्यवस्थाओं ने न्यायिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाया है।

मुख्यमंत्री कहा कि राज्य सरकार भी न्यायालयों के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, डिजिटल कोर्ट, ई-फाइलिंग और वर्चुअल सुनवाई जैसी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। साथ ही राजस्व लोक अदालतों के माध्यम से वर्षों से लंबित मामलों का त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान किया जा रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। उन्होंने नकल विरोधी कानून, अवैध धर्मांतरण निरोधक कानून, दंगा रोधी कानून तथा भ्रष्टाचार एवं अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि इन प्रयासों से उत्तराखंड में कानून के राज को और अधिक मजबूती मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण और सभी नागरिकों को समान न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य में लागू समान नागरिक संहिता एक ऐतिहासिक कदम है, जिसकी देशभर में चर्चा हो रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ष्जूडिशियम 2.0ष् सम्मेलन न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी, सुलभ, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तथा विकसित एवं श्रेष्ठ उत्तराखंड के निर्माण के संकल्प को साकार करने में सहायक सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उत्तराखण्ड जज एसोसिएशन की कल्याण निधि के लिए 05 करोड़ की धनराशि रखे जाने की घोषणा की तथा एसोशिएशन की स्मारिका का विमोचन भी किया।

इस अवसर पर उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता, न्यायमूर्ति रविन्द्र मैठाणी, न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल, न्यायमूर्ति आलोक मेहरा, न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय, न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह, उत्तराखंड उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल योगेश कुमार गुप्ता, विभिन्न न्यायालयों के न्यायाधीश एवं गणमान्य उपस्थित थे।

काशीपुर के 25.19 करोड़ के विकास कार्यों का सीएम धामी ने किया लोकार्पण व शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से काशीपुर के 25.19 करोड़ के 03 विकास कार्यों शिलान्यास व 02 विकास कार्यों का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न विकास योजनाओं के शिलान्यास एवं लोकार्पण कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार काशीपुर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और आधुनिक आधारभूत सुविधाओं के विस्तार हेतु तेजी से कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि काशीपुर शहर को जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से लगभग 34 करोड़ रुपये की लागत से 8 प्रमुख चौराहों के निर्माण एवं सौंदर्यीकरण का कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। इसी क्रम में प्रथम चरण में दो महत्वपूर्ण चौराहों का शिलान्यास किया गया। उन्होंने बताया कि ननकाना साहिब जाने वाले मार्ग पर स्थित स्टेडियम तिराहे का नाम “ननकाना साहिब चौक” रखा जा रहा है, जिसके सौंदर्यीकरण हेतु 3 करोड़ 35 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। वहीं वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप चौक के सौंदर्यीकरण के कार्य के लिए 4 करोड़ 30 लाख स्वीकृत कर प्रथम चरण के कार्य भी प्रारंभ किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 16 करोड़ 81 लाख रुपये की लागत से काशीपुर-रामनगर मार्ग (छभ्-309) के मरम्मत एवं निर्माण कार्यों का भी शिलान्यास किया गया है। इसके अतिरिक्त काशीपुर स्टेडियम में 24 लाख रुपए की लागत से निर्मित आधुनिक ओपन जिम तथा 49.24 लाख रूपये की लागत से उधम सिंह नगर प्राधिकरण के क्षेत्रीय कार्यालय में बने प्री-फैब्रिकेटेड स्ट्रक्चर का भी लोकार्पण किया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में आधुनिक एवं मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी दिशा में राज्य सरकार भी सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और शहरी विकास से जुड़े कार्यों को तेजी से आगे बढ़ा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि काशीपुर कुमाऊँ क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण औद्योगिक एवं व्यावसायिक केंद्र है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा 133 एकड़ क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर पार्क विकसित किया जा रहा है, जिसमें 16 औद्योगिक इकाइयों का आवंटन हो चुका है। इससे युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उन्होंने बताया कि काशीपुर-रामनगर राजमार्ग को फोरलेन बनाए जाने हेतु 494 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि स्वीकृत की गई है। साथ ही 3 किलोमीटर लंबे मिनी बाईपास का निर्माण कार्य भी प्रारंभ हो चुका है, जिससे शहर को यातायात जाम से राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि काशीपुर, हरिद्वार और ऋषिकेश में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक की सुविधा भी प्रारंभ की गई है। साथ ही काशीपुर के ड्रेनेज सिस्टम और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मास्टर प्लान पर कार्य किया जा रहा है। लगभग 1950 करोड़ रुपये की लागत से पेयजल, सीवरेज, सड़क सुधार एवं सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों का काम केवल योजनाओं को लंबित रखना था, जबकि वर्तमान सरकार “नो पेंडेंसी” के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। हमारी सरकार शिलान्यास के साथ-साथ समयबद्ध तरीके से योजनाओं का लोकार्पण भी सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विकास की यह यात्रा निरंतर जारी रहेगी और जनता के सहयोग से उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प को अवश्य पूरा किया जाएगा।

इस कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से खटीमा से जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति व काशीपुर से विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, मेयर दीपक बाली सहित अन्य जनप्रतिनिधि व जनता जुड़े थे।

सीएम धामी ने भीमताल में पांच नए कूड़ा वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भीमताल नगर को साफ एवं स्वच्छ बनाए रखने के उद्देश्य से पांच नए कूड़ा वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भीमताल नगर पर्यटन एवं धार्मिक क्षेत्र में विख्यात है, यहॉं की झीले एवं प्राकृतिक सुन्दररता पर्यटकों को यहॉं खींच लाती है। नगर को साफ एवं स्वच्छ बनाए रखने हेतु आवश्यक सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का होना नितांत आवश्यक है, इसी उद्देश्य से यह कूड़ा वाहन नगर पालिका को उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि नगर के कूड़े का निस्तारण आसानी से हो सके। उन्होंने कहा कि नगर को स्वच्छ बनाए रखने के साथ ही कूड़े का समय पर निस्तारण आवश्यकीय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नगर निकायों में स्वच्छता अभियान के लिए कूड़ा वाहनों के साथ-साथ नए उपकरण भी दे रही है, ताकि नगरीय क्षेत्रों को स्वच्छ रखा जा सके।

इस दौरान शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा, भीमताल नगर पालिका अध्यक्ष सीमा टम्टा आदि मौजूद रहे।

सभी लोक निर्माण एवं अवसंरचना परियोजनाओं को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ प्राथमिकता पर पूर्ण करेंः सीएस

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में जनपद टिहरी गढ़वाल के समस्त जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ जनपदीय कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन द्वारा अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जनपद में चल रही सभी लोक निर्माण एवं अवसंरचना परियोजनाओं को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ प्राथमिकता पर पूर्ण किया जाए तथा आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों एवं अन्य सुविधाओं की मरम्मत कार्यों में तेजी लाई जाए। पेयजल, सीवर एवं जल निकासी जैसी मूलभूत सेवाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करते हुए पर्यटन क्षेत्रों में बढ़ती मांग के अनुरूप स्थायी समाधान विकसित किए जाएं। इसके साथ ही जल जीवन मिशन एवं अन्य पेयजल योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा कर लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण किया जाए।

बैठक में जिलाधिकारी टिहरी नितिका खण्डेलवाल द्वारा जनपद की प्रशासनिक व्यवस्था एवं जनसंख्या सहित विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। बैठक में सड़क नेटवर्क, मोटरेबल ब्रिज तथा लोक निर्माण विभाग की प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। ₹10 करोड़ से अधिक लागत की कुम्भ मेला से संबंधित सेक्शन रोड (नरेंद्रनगरदृ किनवानीदृ नीरगढ़) के पुनर्निर्माण एवं सुधार कार्य, जिसकी निविदा जारी हो चुकी है, के संबंध में जानकारी दी गई। मुख्य सचिव द्वारा कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। रामझूला सेतु के सुदृढ़ीकरण एवं सुरक्षात्मक कार्यों की भी समीक्षा की गई।

पीएमजीएसवाई फेस-4 के अंतर्गत स्वीकृत सड़कों एवं आपदा/बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत की स्थिति पर चर्चा हुई। सिंचाई विभाग द्वारा खंडवार नहरों, नलकूपों एवं लिफ्ट सिंचाई योजनाओं की जानकारी दी गई तथा क्षतिग्रस्त नहरों के संबंध में विस्तृत जानकारी मुख्य सचिव द्वारा प्राप्त की गई।

मुनि की रेती क्षेत्र में ₹40 करोड़ की वर्षा जल निकासी प्रणाली निर्माण कार्य की प्रगति पर चर्चा की गई। चंद्रभागा नदी में बाढ़ सुरक्षा हेतु चौनलाइजेशन कार्य अस्थायी रूप से किए जाने के बावजूद नदी तल का स्तर बढ़ने के कारण अतिरिक्त उपचारात्मक कार्यों की आवश्यकता बताई गई।

राजकीय पॉलिटेक्निक, नई टिहरी के निर्माण कार्य (टेंडर प्रक्रिया पूर्ण) को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश मुख्य सचिव द्वारा दिए गए। नई टिहरी मालरोड के सौंदर्यीकरण एवं फसाड कार्यों की जानकारी भी प्रस्तुत की गई।

जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल योजनाओं की प्रगति (हिंडोलखाल, मणि, चौरास, भरपूर, गजा, तपोवन नगर, कांडी ग्राम समूह, जलकुर एवं मुनि की रेती पंपिंग योजना) पर चर्चा की गई। साथ ही ₹10 करोड़ से अधिक की पेयजल योजनाओं की स्थिति से अवगत कराया गया।

जिलाधिकारी द्वारा देवप्रयाग एवं कीर्तिनगर क्षेत्र में पेयजल पंपिंग योजना की आवश्यकता तथा मुख्य पेयजल आपूर्ति संबंधी समस्याओं को भी रखा गया। नरेंद्रनगर सीवर लाइन योजना में 55 प्रतिशत भौतिक प्रगति की जानकारी दी गई। पर्यटन क्षेत्रों में जल आपूर्ति की बढ़ती मांग एवं रखरखाव हेतु बजट की कमी को प्रमुख चुनौती के रूप में चिन्हित किया गया। जनपद में एसटीपी एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की स्थिति के साथ-साथ होटलों हेतु पर्यावरण अनुकूल ग्रीन रेटिंग प्रणाली की जानकारी दी गई।

मुख्य विकास अधिकारी द्वारा फार्म बेस्ड एवं नॉन-फार्म एक्टिविटीज (ऋषिकेश, चम्बा आदि) के अंतर्गत फूड कार्ट एवं सड़क किनारे ईटरीज़ की योजनाओं से अवगत कराया गया। नॉन-फार्म सेक्टर में भिलंगना में प्रिंटिंग एवं लेबलिंग यूनिट, चम्बा में एग्री इनपुट एवं डेयरी फार्म, थौलधार में हर्बल ऑयल, देवप्रयाग में मशरूम यूनिट, कीर्तिनगर में मत्स्य उत्पादन, जौनपुर में प्लम एवं बकरी पालन, प्रतापनगर में पोल्ट्री एवं हर्बल गार्डन तथा नरेंद्रनगर में ड्रैगन फ्रूट उत्पादन जैसी गतिविधियों की जानकारी दी गई।

प्रभागीय वनाधिकारी नरेंद्रनगर द्वारा ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत पिरूल कलेक्शन (131 क्विंटल) की जानकारी दी गई। सीडीओ द्वारा प्रत्येक ब्लॉक में “माई ब्लॉक माई लाइब्रेरी” कार्यक्रम की प्रगति से अवगत कराया गया। बैठक में कृषि, मत्स्य, उद्यान, खेल, शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभागों की योजनाओं एवं उपलब्ध सुविधाओं के साथ-साथ संबंधित चुनौतियों पर भी विस्तृत चर्चा की गई।

इससे बैठक से पूर्व टीएचडीसी गेस्ट हाउस, भागीरथीपुरम के सभागार में एडीबी परियोजना के प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा बैठक मुख्य सचिव द्वारा की गई। पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल ने टिहरी झील क्षेत्र में सतत, समावेशी एवं जलवायु-अनुकूल पर्यटन विकास हेतु छह क्लस्टर दृ डोबरा चांटी, तिवाड़ गांव, कोटि कॉलोनी, नई टिहरी, मदन नेगी एवं लेक क्लस्टर कृ के संबंध में अवगत कराया गया।

इस अवसर पर सचिव लोक निर्माण विभाग पंकज पांडेय, एसएसपी श्वेता चौबे, एडीएम शैलेंद्र नेगी, आईएएस प्रशिक्षु ज्योति सहित समस्त जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव ने विद्यालय, आंगनबाड़ी केन्द्र, पुस्तकालय एवं खेल सुविधाओं का किया निरीक्षण

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने अपने दो दिवसीय जनपद भ्रमण कार्यक्रम के दूसरे दिन टिहरी गढ़वाल के बौराड़ी क्षेत्र में स्थित राजकीय मॉडल प्राथमिक विद्यालय, आंगनबाड़ी केन्द्र ढुंगीधार, श्रीदेव सुमन पुस्तकालय एवं बौराड़ी स्टेडियम का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

मुख्य सचिव द्वारा निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य जांच एवं टीकाकरण की नियमित एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन योजना, शैक्षणिक गुणवत्ता एवं मूलभूत सुविधाओं का सतत अनुश्रवण कर आवश्यक सुधार समयबद्ध रूप से किए जाएं, श्रीदेव सुमन पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकों, अभिलेखों एवं पांडुलिपियों का समुचित संरक्षण करते हुए अध्ययन हेतु बेहतर सुविधाएं विकसित की जाएं तथा बौराड़ी स्टेडियम एवं प्रस्तावित खेल सुविधाओं के निर्माण कार्यों को गुणवत्ता एवं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण किया जाए।

निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने आंगनबाड़ी केन्द्र ढुंगीधार में बच्चों की संख्या, उपलब्ध खेल सामग्री तथा बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे खाद्य एवं पोषण पदार्थों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर उन्होंने गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पोषण किट वितरित की तथा केन्द्र में बच्चों का वजन भी माप करवाया। उन्होंने एएनएम एवं आशा कार्यकर्त्रियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से आंगनबाड़ी केन्द्रों तथा बच्चों के घरों तक पहुंचकर बच्चों की स्वास्थ्य जांच एवं टीकाकरण सुनिश्चित करें।

इसके उपरांत मुख्य सचिव ने राजकीय मॉडल प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय में संचालित मध्यान्ह भोजन योजना, बच्चों के लिए उपलब्ध फर्नीचर, उपस्थिति पंजिका एवं अन्य शैक्षणिक व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। विद्यालय के शिक्षकों द्वारा दी गई जानकारी पर उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के प्रयासों की सराहना की।

मुख्य सचिव ने श्रीदेव सुमन पुस्तकालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पुस्तकालय की व्यवस्थाओं, पुस्तकों के रखरखाव, अभिलेखों, पंजीकरण व्यवस्था तथा दुर्लभ एवं प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण संबंधी जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्हें अवगत कराया गया कि उक्त पुस्तकालय को पुरानी टिहरी से विस्थापित कर वर्तमान स्थान पर स्थापित किया गया है। पुस्तकालय में राजशाही काल से लेकर आधुनिक विषयों तक की समृद्ध पुस्तकों का संग्रह उपलब्ध है, जिससे साहित्य प्रेमियों, शोधार्थियों एवं विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को लाभ मिल रहा है।

इसके पश्चात मुख्य सचिव ने बौराड़ी स्टेडियम का निरीक्षण किया तथा प्रस्तावित बैडमिंटन हॉल के निर्माण स्थल का अवलोकन किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्य सचिव, स्थानीय विधायक किशोर उपाध्याय, नगर पालिका परिषद टिहरी अध्यक्ष मोहन सिंह रावत, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने डाइजर क्षेत्र में जैकरेण्डा के पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे, मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी वी.पी. सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय गौरव, जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी पंकज तिवारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

डीएम डॉ. आशीष चौहान ने धरातल पर जानी कार्यों की प्रगति, भूमिगत विद्युत लाईन कार्यों को युद्धस्तर पर पूर्ण करने के निर्देश

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संग जीएमएस रोड स्थित बल्लीवाला फ्लाईओवर से कांवली रोड होते हुए सहारनपुर चौक तक उत्तराखण्ड पावर कॉर्पाेरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) द्वारा कराए जा रहे अंडरग्राउंड केबल बिछाने के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यों की धीमी प्रगति तथा पर्याप्त मैनपॉवर एवं मशीनरी न लगाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को चेतावनी देते हुए रोड कटिंग समिति की अनुमति शर्तों का परिपालन करते हुए 05 दिन के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। डीएम ने कार्यों की धीमी प्रगति पर यूपीसीएल के अधीक्षण अभियंता का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि कांवली रोड से सहारनपुर चौक तक विभिन्न स्थानों पर सड़क की खुदाई के उपरांत निर्माण सामग्री एवं मलबा अव्यवस्थित रूप से बिखरा हुआ है, जिससे आमजन को आवागमन में असुविधा हो रही है। इस पर उन्होंने यूपीसीएल के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए तत्काल सड़क किनारे पड़ी निर्माण सामग्री एवं मलबा हटाने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने यूपीसीएल के अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यस्थलों पर पर्याप्त संख्या में मैनपॉवर एवं मशीनरी की तैनाती सुनिश्चित की जाए तथा 500-500 मीटर पैच बनाते हुए प्रत्येक पैच पर कार्यों की गति बढ़ाते हुए आगामी पांच दिनों के भीतर अंडरग्राउंड केबल बिछाने का कार्य पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्य पूर्ण होने के उपरांत संबंधित मार्गों को शीघ्र सड़क पुनर्स्थापन (रोड रिस्टोरेशन) के लिए लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित किया जाए, ताकि सड़क मरम्मत का कार्य तत्काल प्रारंभ किया जा सके।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने यूपीसीएल को प्रतिदिन कार्य प्रगति की रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी शेष कार्यों को युद्धस्तर पर पूर्ण किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क पुनर्स्थापन एवं मरम्मत कार्य निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता के अनुरूप ही संपादित किए जाएं, ताकि जनमानस को बेहतर एवं सुरक्षित यातायात सुविधा उपलब्ध हो सके। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने गैल द्वारा गैस पाइपलाइन बिछाने हेतु ली गई कार्य अनुमति को शर्तों के अनुरूप पूर्ण करते हुए सड़क लोनिवि को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने लोनिवि के अधिकारियों को सड़कों को मानसून से पूर्व ठीक कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने तथा क्षेत्र में यातायात एवं नागरिक सुविधाओं को प्रभावित न होने देने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक परमेन्द्र डोभाल, अपर जिलाधिकारी वि/रा के.के मिश्रा, पुलिस अधीक्षक यातायात लोकेश सिंह, उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह, अधि0 अभि लोनिवि ओपी सिंह, यूपीसीएल के अधिकारियों सहित सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।