सीएम धामी ने खेत में किया श्रमदान, किया कृषि परंपराओं के महत्व को रेखांकित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने निजी आवास नगला तराई स्थित खेत में स्वयं टिलर चलाकर खेत की जुताई की तथा खेत में गोबर की प्राकृतिक खाद डालकर जैविक एवं पारंपरिक खेती को बढ़ावा देने का संदेश दिया। इस दौरान उनकी माता बिशना देवी भी उनके साथ उपस्थित रहीं।

मुख्यमंत्री ने खेत में श्रम करते हुए किसानों के परिश्रम और कृषि परंपराओं के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि खेती केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आत्मा है। आधुनिक तकनीक के साथ पारंपरिक और प्राकृतिक खेती को अपनाकर कृषि को अधिक समृद्ध एवं टिकाऊ बनाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोबर की खाद जैसी प्राकृतिक पद्धतियां भूमि की उर्वरता बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर जैविक एवं प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को आधुनिक बनाने और जैविक उत्पादों को प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान कृषि, ग्रामीण संस्कृति और प्रकृति से जुड़ी हुई है। राज्य सरकार पारंपरिक खेती, बागवानी, प्राकृतिक कृषि और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को सहायता उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को भी खेती और ग्रामीण विकास से जोड़ना समय की आवश्यकता है।

मंदिर परिसर पर श्रमदान कर सीएम धामी ने दिया स्वच्छता का संदेश

खटीमा स्थित पूर्णागिरि मंदिर परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वच्छता अभियान चलाते हुए मंदिर परिसर में साफ-सफाई की तथा ष्एक पेड़ मां के नामष् अभियान के अंतर्गत पौधरोपण किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि स्वच्छ और स्वस्थ उत्तराखंड के निर्माण के लिए सभी नागरिक अपने घर, मोहल्ले और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लें तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाकर प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण जनभागीदारी से ही एक जनआंदोलन का रूप ले सकते हैं।

खटीमा में प्रबुद्ध वर्ग बैठक में मुख्यमंत्री ने विकसित उत्तराखंड के निर्माण में सहभागिता का किया आह्वान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा के निजी होटल में आयोजित प्रबुद्धजनों के साथ संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने शिक्षा, चिकित्सा, पर्यटन, कृषि, साहित्य, उद्योग, अध्यात्म आदि विषयों पर अपने विचार एवं सुझाव साझा किए।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि ज्ञान, चेतना और सांस्कृतिक विरासत की भूमि है। उन्होंने कहा कि समाज का प्रबुद्ध वर्ग राष्ट्र और समाज को दिशा देने वाली सबसे महत्वपूर्ण शक्ति है, जिसके विचार आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का निर्माण करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रबुद्धजन समाज के “ओपिनियन मेकर्स” होते हैं और उनके सुझाव राज्य के विकास की मजबूत आधारशिला बन सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र के साथ विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में देश ने सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। गरीब कल्याण अन्न योजना, जनधन योजना, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी), उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने कई ऐतिहासिक और साहसिक निर्णयों को साकार होते देखा है। धारा-370 हटाने, भव्य राम मंदिर निर्माण, तीन तलाक से मुस्लिम महिलाओं को मुक्ति दिलाने और नागरिकता संशोधन कानून जैसे फैसलों ने नए भारत की मजबूत इच्छाशक्ति को प्रदर्शित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश के समग्र विकास, सुशासन और सांस्कृतिक पहचान को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, खेल और हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में तेजी से कार्य किए जा रहे हैं। साथ ही विभिन्न नई नीतियों के माध्यम से विकसित उत्तराखंड का मजबूत रोडमैप तैयार किया गया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू कर ऐतिहासिक कदम उठाया है, जिससे समाज में समानता और सामाजिक न्याय को मजबूती मिली है। साथ ही युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए देश का सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया, जिसके परिणामस्वरूप हजारों युवाओं को पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरियां प्राप्त हुई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगा विरोधी कानून लागू करने का उद्देश्य प्रदेश में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना तथा देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का निर्माण केवल सरकारें नहीं करतीं, बल्कि समाज की सोच, नागरिकों की सहभागिता और सामूहिक प्रयास उसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं। उन्होंने प्रबुद्ध वर्ग से आह्वान किया कि वे अपने अनुभव, ज्ञान और सुझावों से उत्तराखंड के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के हर वर्ग से सकारात्मक सुझाव लेकर नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक, चिकित्सक, उद्योगपति, समाजसेवी और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ अपने अनुभवों से समाज और राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह बैठक केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि विकसित उत्तराखंड के निर्माण का एक वैचारिक मंच है।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी प्रबुद्धजनों का आभार व्यक्त करते हुए विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड के निर्माण के महाअभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बंडिया स्थित निजी रिसोर्ट में आयोजित मुख्य सेवक जन संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का फूल-मालाओं एवं तिलक लगाकर भव्य स्वागत किया गया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते वर्षों में भारत ने विकास, आधारभूत संरचना, अर्थव्यवस्था, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। आज भारत विश्व पटल पर एक सशक्त राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी “विकल्प रहित संकल्प” के मूल मंत्र के साथ प्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सिंचाई, खेल एवं शहरी विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करना, देश का सख्त नकल विरोधी कानून लागू करना तथा भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए शुद्ध एवं पारदर्शी मतदाता सूची आवश्यक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करें, पात्र मतदाताओं के नाम सूची में जुड़वाने और त्रुटियों के सुधार में सहयोग करें, ताकि कोई भी पात्र मतदाता मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती संस्थाओं पर विश्वास और जनभागीदारी से आती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करने का आह्वान किया।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने रिसोर्ट में आयोजित टिफिन बैठक में पदाधिकारियों के साथ मध्याह्न भोजन किया एवं कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने संगठन को भाजपा की सबसे बड़ी शक्ति बताया।

इस अवसर पर दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, रणजीत सिंह नामधारी, किशन सिंह किन्ना, दर्जा राज्य मंत्री हुकम सिंह कुंवर, मोहन पाठक, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद जोशी, जिला पंचायत सदस्य सागर सिंह धामी, पूर्व विधायक प्रेम सिंह राणा, अध्यक्ष नगर पंचायत नानकमत्ता प्रेम सिंह टुरना, सांसद प्रतिनिधि रविंद्र राणा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र, अपर पुलिस अधीक्षक उत्तम सिंह नेगी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं जनता उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने दिवंगत निशानेबाज जसपाल राणा के आवास पहुंचकर व्यक्त की शोक संवेदना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज पद्मश्री से सम्मानित एवं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त निशानेबाज स्वर्गीय जसपाल राणा के देहरादून आवास पर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय जसपाल राणा के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों को इस दुःख की घड़ी में धैर्य एवं संबल प्रदान करने की कामना की।

मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिवारजनों से भेंट कर उन्हें सांत्वना दी और ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने की प्रार्थना की।

राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की 70वीं बैठक में कुंभ मेला हरिद्वार के लिए मिली 115.61 करोड़ की धनराशि

राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) की कार्यकारी समिति की 70वीं बैठक में हरिद्वार कुंभ मेला-2027 के लिए प्रस्तावित “एकीकृत स्वच्छता, ठोस एवं तरल अपशिष्ट तथा जनस्वास्थ्य प्रबंधन योजना” के लिए 115.61 करोड की धनराशि स्वीकृत की गई है।

₹ 115.61 करोड की लागत वाली यह परियोजना पूर्णतः केंद्रीय क्षेत्र के अंतर्गत प्रस्तावित है। परियोजना का उद्देश्य कुंभ मेले के दौरान आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ, सुरक्षित एवं पर्यावरण अनुकूल व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

इस धनराशि से कुम्भ मेले के लिए 13,915 शौचालय, 8,065 यूरिनल तथा 2,000 स्नानगृह स्थापित किए जाने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 4,840 कूड़ादान, 31.38 लाख लाइनर बैग, 491 अपशिष्ट संग्रहण वाहन, 2 ट्रैश बूम, 15 घाट सफाई मशीनें, 190 स्प्रेइंग मशीन एवं ट्रैक्टर, 55 फॉगिंग मशीनें, 30 घास काटने की मशीनें, कीटनाशक, पीपीई किट, प्राथमिक उपचार किट तथा सड़क सफाई हेतु आवश्यक उपभोग्य सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।

इस योजना में अपशिष्ट प्रबंधन के लिए ट्रांसफर स्टेशन सुविधाओं, गैस आधारित शवदाह गृह तथा फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना का भी प्रावधान किया गया है। साथ ही निगरानी एवं प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने हेतु क्लाउड-आधारित डैशबोर्ड विकसित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन द्वारा स्वीकृत की गई धनराशि से हरिद्वार में 2027 में आयोजित होने वाले कुम्भ मेले में स्वच्छता, ठोस अपशिष्ठ तथा जन स्वास्थ्य प्रबन्धन के साथ ही निगरानी एवं प्रबन्धन को सुदृढ बनाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इसके लिए केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री का भी आभार व्यक्त किया।

अर्न्तराष्ट्रीय सेमीनार के आयोजन से उत्तराखण्ड की दालचीनी को वैश्विक स्तर पर मिलेगी पहचानः गणेश

कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने परफ्यूमरी एवं सगन्ध अनुसंधान एवं विकास सस्थान सेलाकुई, देहरादून में दालचीनी प्रवर्धन, सतत खेती एवं कटाई उपरांत प्रौद्योगिकियों में नवाचार विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार एवं कार्यशाला का शुभारम्भ किया।

कृषि मंत्री द्वारा अपने सम्बोधन में सिनामन पर अर्न्तराष्ट्रीय सेमीनार के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इससे उत्तराखण्ड की दालचीनी का वैश्विक स्तर पर प्रचार-प्रसार होगा। उन्होंने कहा कि महक कान्ति नीति के अन्तर्गत दालचीनी की खेती के विकास में वैज्ञानिक तरीके से कार्य किया जायेगा। इस सेमीनार में श्रीलंका, इण्डोनेशिया एवं भारत के प्रतिष्ठित सस्थानो से सिनामन के विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों, एरोमा उद्योगों से जुडे उद्यमियों के साथ-साथ राज्य में सिनामन की खेती कर रहे किसान सम्मिलित हुये है, जिससे किसानों को विशेषज्ञों के अनुभव का लाभ होगा तथा सिनामन की खेती में अधिक लाभ प्राप्त किया जा सकेगा।
इस अवसर पर डा० सुरेन्द्र नारायण पाण्डे, सचिव, कृषि एवं कृषक कल्याण द्वारा बताया गया कि महक कान्ति नीति के अन्तर्गत किसानों को सिनामन एवं अन्य सगन्ध फसलों की खेती हेतु नीति तैयार की गयी है। इस नीति के सफल क्रियान्वयन से राज्य में सगन्ध सेक्टर का टर्नओवर रु० 1180 करोड प्रतिवर्ष किये जाने का लक्ष्य रखा गया है।

निदेशक, परफ्यूमरी एवं सगन्ध अनुसंधान एवं विकास संस्थान डॉ. नृपेन्द्र चौहान द्वारा राज्य में सगन्ध सेक्टर में किये जा रहे प्रयासों के सम्बन्ध में सक्षिप्त में अवगत कराया गया तथा साथ ही बताया गया कि वृहद स्तर पर सगन्ध खेती के विस्तार हेतु राज्य सरकार द्वारा उत्तराखण्ड महक कान्ति नीति 2026-36 तैयार की गयी जिसके अन्तर्गत आज की कार्यशाला के विषय दालचीनी की खेती जनपद नैनीताल एवं चम्पावत में 5200 है० क्षेत्रफल में किये जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके अन्तर्गत 20800 किसानों को लाभान्वित किया जायेगा।

इस अवसर पर विशिष्ठ अतिथि के रुप में उपस्थित योगेश दूबे, अध्यक्ष फेगरेन्स एण्ड फ्लेवर एसोसियेशन ऑफ इण्डिया, मुम्बई, सुनीत गोयल, अध्यक्ष इन्शेसियल ऑयल एसोसियेशन आफ इण्डिया, नोयडा तथा रोहित सेठ, अध्यक्ष, सुगन्ध व्यापार संघ नई दिल्ली द्वारा काशीपुर, ऊधम सिंह नगर में स्थापित किये जा रहे एरोमा पार्क के प्रगति के सम्बन्ध में अपने सम्बोधनों में अवगत कराया गया और साथ ही उनके द्वारा एरोमा पार्क में मिलने वाले प्रोत्साहन योजनाओं के लाभ की सीमा को बढाने का अनुरोध किया गया।

कार्यक्रम में श्रीलंका से आये चिन्धका विदाना पथिराना, उपनिदेशक, नेशनल सिनेमन रिसर्च एंड ट्रेनिग सेटर, मुदिता जयतिलका, निदेशक, प्योर सिनेमन एक्सपोर्ट्स, श्रीलंका, डॉ. सेटियारी मरवान्तो. रिसर्च सेंटर फॉर एस्टेट क्रॉप्स, इंडोनेशिया के साथ-साथ देश के अनेक प्रतिष्ठित संस्थानो जैसे स्पाइसेज बोर्ड ऑफ इंडिया, आई०सी०ए०आर० एवं सी०एस०आई०आर के संस्थान, एफ०एस०एस०ए०आई०. डाबर इण्डिया लि० गाजियाबाद, हार्पेक श्रीनगर गढ़वाल आदि संस्थानों के विशेषज्ञ उपस्थित रहे। उक्त के अतिक्ति कृषि, उद्यान, रेशम, बायोटेक आदि विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

सिनामन सेमीनार के तकनीकी सत्र में आज श्रीलंका एवं इण्डोनेशिया से आये विशेषज्ञों द्वारा अपने अपने देश में सिनामन की उन्नत प्रवर्धन एवं नर्सरी तकनीक तथा बाजार पर व्याख्यान दिया गया। तदोपरान्त अण्डमान एवं निकोबार स्थित आई०सी०ए०आर० संस्थान से आये विशेषज्ञ डा० अजित वमन द्वारा उन्नत एग्रोनोमिक प्रैक्टिसेस् से खेती एव प्रवर्धन पर अपने अनुभव साझा किये गये। सेमीनार के दौरान पारडी द्वारा स्टॉल पर्दशन के माध्यम से श्रीलंका, इण्डोनिशिया एवं भारत के अन्य राज्यो के सिनामन के उत्पादों का भी प्रर्दशन किया गया।

इस अवसर पर प्रताप सिह गुसाई, उपाध्यक्ष, राज्य औषधीय पादप बोर्ड उत्तराखण्ड, सोना सजवाण, उपाध्यक्ष, जडी-बूटी सलाहकार समिति, डॉ० आनन्द श्रीवास्तव, अपर सचिव, कृषि एवं कृषक कल्याण तथा संस्थान के समस्त वैज्ञानिक एवं कार्मिक आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डा० पंकज बिजल्वाण द्वारा किया गया।

अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिस अपनाएगा उत्तराखंड, परियोजनाओं की निगरानी और शिकायत निस्तारण होगा और मजबूत

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के विजन को आगे बढ़ाते हुए उत्तराखंड रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (रेरा) में व्यापक सुधारों की तैयारी शुरू हो गई है। सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में रेरा की कार्यप्रणाली, परियोजनाओं की निगरानी, शिकायत निस्तारण, बिल्डरों के पंजीकरण तथा अवैध प्लॉटिंग और निर्माण पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव और निर्देश दिए गए।

रेरा से संबंधित समीक्षा बैठक में कार्यों की प्रगति, उपलब्धियों और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने निर्देश दिए कि देश के विभिन्न राज्यों जैसे महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, दिल्ली, असम और हिमाचल प्रदेश में लागू रेरा व्यवस्थाओं का तुलनात्मक अध्ययन कर उत्तराखंड के लिए सर्वाेत्तम व्यवस्थाएं अपनाई जाएं। इसके लिए एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर राज्य में लागू किए जाने वाले सुधारों का खाका तैयार किया जाएगा।

सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने समीक्षा बैठक में रेरा के ऑनलाइन पोर्टल को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से एकीकृत करने का सुझाव भी दिया गया, जिससे परियोजना पंजीकरण और अनुमोदन प्रक्रियाएं अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध हो सकें।

सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने समीक्षा बैठक में यह भी प्रस्तावित किया गया कि रेरा पंजीकरण के बाद जारी प्रमाणपत्र में स्पष्ट रूप से यह उल्लेख किया जाए कि स्वीकृत मानचित्र में किसी भी प्रकार का परिवर्तन करने से पहले संबंधित परियोजना के कम से कम दो-तिहाई आवंटियों की सहमति लेना अनिवार्य होगा। इससे फ्लैट और प्लॉट खरीदारों के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी। इसके अलावा राज्य में बिल्डर और प्रमोटर पंजीकरण व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने पर भी चर्चा हुई। प्रमोटरों द्वारा पूर्व में विकसित की गई परियोजनाओं का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया, जिससे खरीदारों को डेवलपर के ट्रैक रिकॉर्ड की जानकारी मिल सके।

अवैध प्लॉटिंग पर रेरा की नजर, प्राधिकरणों के साथ साझा होगी कार्रवाई की सूचना

समीक्षा बैठक में राज्यभर में बढ़ रही अवैध प्लॉटिंग और बिना स्वीकृति के निर्माण गतिविधियों पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। सचिव आवास ने कहा कि विभिन्न विकास प्राधिकरणों से ऐसे मामलों की सूचनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इस पर रेरा स्तर से किस प्रकार प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है, इसके लिए विस्तृत अध्ययन करने के निर्देश दिए गए। साथ ही यह भी तय किया गया कि जिन निर्माणों के विरुद्ध विकास प्राधिकरणों द्वारा सीलिंग, ध्वस्तीकरण या अन्य कार्रवाई की जाती है, उनकी सूचना रेरा को भी उपलब्ध कराई जाए। इससे खरीदारों को संभावित जोखिम वाली परियोजनाओं की जानकारी मिल सकेगी और रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी।

बैठक में परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए स्पष्ट टाइमलाइन तय करने पर भी जोर दिया गया ताकि निवेशकों और खरीदारों को अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े।

रेरा के वर्तमान प्रभारी अध्यक्ष नरेश मठपाल ने बैठक में बताया कि 500 वर्ग मीटर से अधिक भूखंड क्षेत्रफल अथवा आठ से अधिक निर्मित इकाइयों वाली सभी रियल एस्टेट परियोजनाओं के लिए विज्ञापन, बुकिंग, आवंटन तथा क्रय-विक्रय से पूर्व रेरा में पंजीकरण कराना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि परियोजना और एजेंट पंजीकरण के लिए प्राप्त आवेदनों के निस्तारण हेतु 30 कार्य दिवस की समय-सीमा निर्धारित की गई है।

रेरा की उपलब्धियों पर जानकारी देते हुए वर्तमान प्रभारी अध्यक्ष नरेश मठपाल ने बताया गया कि वर्ष 2017 में गठन के बाद से अब तक राज्य में 689 रियल एस्टेट परियोजनाएं पंजीकृत हो चुकी हैं। हिमालयी राज्यों में परियोजना पंजीकरण के मामले में उत्तराखंड दूसरे स्थान पर है। वहीं 510 पंजीकृत रियल एस्टेट एजेंटों के साथ राज्य पहले स्थान पर है।

शिकायत निस्तारण के क्षेत्र में भी रेरा का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा है। प्राधिकरण को अब तक 1342 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 86 प्रतिशत का निस्तारण किया जा चुका है। सीएम हेल्पलाइन और सीपीग्राम्स के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण भी किया गया है।

बैठक में बैंक अकाउंट डायरेक्शन-2025 के क्रियान्वयन की जानकारी भी दी गई। इसके तहत प्रत्येक रियल एस्टेट परियोजना के लिए तीन अलग-अलग बैंक खाते खोले जाने का प्रावधान किया गया है, जिससे परियोजना निधियों की निगरानी और वित्तीय अनुशासन को मजबूत किया जा सके। बैठक में संयुक्त सचिव आवास धीरेंद्र कुमार सिंह, अनु सचिव नरेंद्र सिंह रावत, अनुभाग अधिकारी राहुल सुन्दरियाल सहित सदस्य पंकज कुलश्रेष्ठ, सहायक अभियंता आनंद शंकर और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

राज्य सरकार रियल एस्टेट क्षेत्र में पूर्ण पारदर्शिता, जवाबदेही और उपभोक्ता हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध- डॉ. आर. राजेश कुमार

सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी के नेतृत्व में राज्य सरकार रियल एस्टेट क्षेत्र में पूर्ण पारदर्शिता, जवाबदेही और उपभोक्ता हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। समीक्षा बैठक में हमने अन्य राज्यों की सफल व्यवस्थाओं का अध्ययन कर उत्तराखंड में सर्वाेत्तम प्रथाओं को लागू करने पर चर्चा की है। हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक परियोजना नियमानुसार संचालित हो और आम नागरिकों को सुरक्षित एवं भरोसेमंद निवेश का वातावरण मिले। अवैध प्लॉटिंग, अनधिकृत निर्माण और नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सभी संबंधित एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। साथ ही रेरा की प्रक्रियाओं को अधिक सरल, डिजिटल और समयबद्ध बनाया जाएगा ताकि निवेशकों, गृह खरीदारों और डेवलपर्स को पारदर्शी व्यवस्था का लाभ मिल सके। राज्य में रियल एस्टेट सेक्टर को सुव्यवस्थित, जवाबदेह और जनहितकारी बनाने के लिए आवश्यक सुधारों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

एसआईआर को लेकर 18 जून तक सौ प्रतिशत फार्म वितरण एवं डिजिटाइजेशन में तेजी लाने के निर्देश

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदाडे ने आज ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में जनपद देहरादून के निर्वाचन अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर विधानसभावार विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) उपस्थित रहे।

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी आरओ एवं ईआरओ को निर्देशित किया कि वे प्रतिदिन प्रातः एवं सायंकाल दो बार पोर्टल पर लॉगिन कर एसआईआर कार्यों की समीक्षा करें तथा प्रगति की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि 18 जून 2026 तक शत-प्रतिशत फार्म वितरण का कार्य पूर्ण कर संबंधित विवरण पोर्टल पर अद्यतन किया जाए। साथ ही जो फार्म पूर्ण रूप से भरकर प्राप्त हो चुके हैं, उन्हें तत्काल पोर्टल पर अपलोड किया जाए।

उन्होंने सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी को निर्देशित किया कि जिन क्षेत्रों में प्रगति अपेक्षाकृत कम है, वहां विशेष कार्ययोजना तैयार कर संबंधित आरओ एवं ईआरओ के साथ समन्वय स्थापित किया जाए। कम प्रगति के कारणों का विश्लेषण कर संबंधित बीएलओ को आवश्यक प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान करते हुए कार्यों में तेजी लाई जाए।

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि हाउसिंग सोसायटियों, कार्यालय परिसरों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर विशेष शिविर आयोजित कर अधिकाधिक नागरिकों को अभियान से जोड़ा जाए। उन्होंने व्यापक जनजागरूकता के लिए विभिन्न माध्यमों से प्रचार-प्रसार बढ़ाने तथा मतदाताओं को फार्म भरने हेतु प्रेरित करने पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि फार्म वितरण कार्य को निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने के साथ-साथ डिजिटाइजेशन कार्यों को भी प्रतिदिन निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप संपादित किया जाए। जिन मतदान केंद्रों पर प्रगति धीमी है, वहां संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से निगरानी करते हुए बीएलओ एवं तकनीकी स्टाफ के साथ समन्वय स्थापित कर विलंब के कारणों का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में अवगत कराया गया कि जनपद में कुल 13,76,813 मतदाता हैं। अब तक 3,27,236 ईएफएस फार्मों का वितरण किया जा चुका है तथा 16,748 फार्मों का डिजिटाइजेशन पूर्ण हुआ है। शेष 10,49,577 ईएफएस फार्मों का वितरण 18 जून तक किया जाना है, जबकि 13,60,065 फार्मों का डिजिटाइजेशन किया जाना शेष है।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार, उप जिलाधिकारी विनोद कुमार, अपूर्वा सिंह, कुमकुम जोशी, उप जिलाधिकारी डोईवाला अपर्णा सिंह, उप जिलाधिकारी चकराता, तहसीलदार विकासनगर विवेक राजौरी, तहसीलदार सदर सुरेन्द्र सिंह, तहसीलदार प्रदीप नेगी, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेन्द्र देवली सहित संबंधित आरओ एवं ईआरओ उपस्थित रहे। जबकि आरओ मसूरी/संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद सहित अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े रहे।

प्रधानमंत्री के ऐतिहासिक कार्यकाल को लेकर राज्यभर में होंगे जनसंपर्क एवं जनकल्याण कार्यक्रम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के देश के सबसे अधिक कार्यकाल वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने के ऐतिहासिक अवसर पर राज्यभर में विभिन्न जनसंपर्क, जनजागरूकता एवं जनकल्याण कार्यक्रमों का प्रभावी आयोजन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा जनहित में किए गए कार्यों, विकास योजनाओं एवं उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सभी कार्यक्रमों का व्यापक स्तर पर आयोजन किया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 12 से 14 जून तक प्रदेश में अचीवमेंट एग्जीबिशन का आयोजन किया जाए। प्रदर्शनी में केंद्र एवं राज्य सरकार की प्रमुख उपलब्धियों, विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा महत्वपूर्ण निर्णयों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया जाए, ताकि आमजन को सरकार की विकास यात्रा और उपलब्धियों की समग्र जानकारी प्राप्त हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक विकासखंड स्तर पर जन कल्याण शिविर आयोजित किए जाएं। इन शिविरों में आयुष्मान भारत, पीएम सूर्य घर योजना, लखपति दीदी सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों एवं आम नागरिकों से संवाद स्थापित किया जाए। साथ ही योजनाओं की जानकारी देने, पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित करने तथा जनसमस्याओं के समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि 12 जून को सभी जनपदों में जिला स्तरीय प्रेस वार्ताएं आयोजित की जाएं। इन प्रेस वार्ताओं के माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकार की प्रमुख उपलब्धियों, विकास कार्यों तथा प्रस्तावित कार्यक्रमों की रूपरेखा मीडिया के समक्ष प्रस्तुत की जाए, ताकि आमजन तक सही एवं व्यापक जानकारी पहुंच सके।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को केंद्र एवं राज्य सरकार की उपलब्धियों पर आधारित विस्तृत प्रस्तुतीकरण तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह प्रस्तुतीकरण तथ्यपरक, जनोपयोगी एवं सहज रूप में तैयार किया जाए तथा इसे विभिन्न माध्यमों से आम जनता तक उपलब्ध कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभारी मंत्री अपने-अपने जनपदों एवं क्षेत्रों में संवाद कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इन कार्यक्रमों में केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों एवं विकास कार्यों की जानकारी जनता तक पहुंचाने के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्धजनों एवं विभिन्न वर्गों के साथ संवाद स्थापित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास, सुशासन, आधारभूत संरचना, जनकल्याण एवं वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं। राज्य सरकार भी प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में जनहित एवं विकास के संकल्पों को तेजी से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यक्रमों का आयोजन पूर्ण समन्वय, व्यापक जनसहभागिता एवं प्रभावी प्रचार-प्रसार के साथ सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री धामी ने ‘मेरी योजना’ पुस्तक ऑडियो क्लिप का अनावरण किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने क्रियान्वयन विभाग द्वारा तैयार की गई ‘मेरी योजना’ पुस्तक के ऑडियो क्लिप का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पुस्तक में विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं को एक ही स्थान पर संकलित किया गया है, जिससे आम नागरिकों को योजनाओं की जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुस्तक में केंद्र एवं राज्य सरकार की जनहितकारी योजनाओं के साथ-साथ स्वरोजगार, कौशल विकास, शिक्षा तथा अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़ी योजनाओं की पात्रता, लाभ और आवेदन प्रक्रिया को सरल एवं सहज भाषा में प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए विभाग लगातार नवाचार करें तथा शासनादेशों को भी आमजन की समझ के अनुरूप सरल भाषा में जारी किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सबसे अधिक समय तक कार्यकाल वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार लगातार नए कानूनों और नीतियों से देश की तरक्की को मजबूत आधार प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड को विशेष सहयोग प्राप्त हुआ है तथा केंद्र सरकार राज्य के विकास कार्यों के लिए निरंतर वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। इसके परिणामस्वरूप सड़क, रेल, हवाई संपर्क, स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है तथा दूरस्थ क्षेत्रों तक भी विकास की पहुंच सुनिश्चित हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार की कार्यशैली के कारण प्रदेश की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हुई है और प्रति व्यक्ति आय में निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य सरकार मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, महक क्रांति योजना, एरोमा वैली, मिशन एप्पल तथा अन्य रोजगारपरक योजनाओं के माध्यम से युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार एवं आजीविका के नए अवसर सृजित कर रही है।

इस मौके पर सचिव कार्यक्रम क्रियान्वयन दीपक कुमार ने कहा कि ये ऑडियो संस्करण, आकाशवाणी सहित अन्य रेडियो स्टेशन पर प्रसारित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इससे पहले विभाग मेरी योजना पुस्तक के चार संस्करण प्रकाशित कर चुका है। साथ ही इसका डिजिटल संस्करण भी जारी किया जा चुका है।

इस अवसर पर महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी भी मौजूद थे।