हेमकुंड यात्रा से जुड़े प्रकरण को सांप्रदायिक रंग देने वालों पर होगी कार्रवाईः बगोली

हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान हाल ही में सामने आए एक विवादित प्रकरण को लेकर उत्तराखण्ड सरकार ने स्पष्ट किया है कि मामले को किसी भी प्रकार से धार्मिक विवाद का स्वरूप देना उचित नहीं है। प्रकरण को सांप्रदायिक रंग देने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

सचिव गृह शैलेश बगोली ने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह मामला दोनों पक्षों के बीच विवाद एवं भावनात्मक आवेश से जुड़ा प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में सभी धर्मों और आस्थाओं का समान सम्मान है तथा राज्य की सांस्कृतिक विरासत सद्भाव, शांति और परस्पर सम्मान की रही है। सरकार किसी भी कीमत पर इस सौहार्दपूर्ण वातावरण को प्रभावित नहीं होने देगी।

सचिव गृह ने बताया कि आईजी गढ़वाल को मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच के निर्देश दिए गए हैं। सभी पक्षों को सुनने के बाद तथ्यों के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। वहीं, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर से भी पूरे प्रकरण की स्टेटस रिपोर्ट तलब की गई है।

श्रद्धालुओं एवं आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए शिकायत निवारण तंत्र को और मजबूत किया जा रहा है। वर्तमान में संचालित चारधाम सेल को हेमकुंड साहिब यात्रा से भी जोड़ा जाएगा और यात्रा अवधि तक यह व्यवस्था 24×7 कार्य करेगी।

शैलेश बगोली ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से मामले को भ्रामक एवं सांप्रदायिक रंग देकर देवभूमि उत्तराखण्ड का माहौल खराब करने का प्रयास करने वाले तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश आईजी गढ़वाल को दिए गए हैं। अफवाह, भ्रामक सूचना या सामाजिक वैमनस्य फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार एवं पुलिस प्रशासन सभी श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा, सम्मान एवं सुविधाओं के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसी भी अप्रिय घटना या विवाद का निस्तारण विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत किया जाएगा तथा कानून को हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।

सचिव गृह ने सभी श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों और संबंधित पक्षों से संयम बनाए रखने तथा किसी भी शिकायत या विवाद की स्थिति में प्रशासन और पुलिस द्वारा स्थापित वैधानिक व्यवस्था का सहारा लेने की अपील की है।

युवा शक्ति ही विकसित उत्तराखंड के संकल्प को साकार करने का सबसे बड़ा आधारः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर, चंपावत में आयोजित “युवा संवाद युवा शक्ति, उत्तराखंड की प्रगति” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर स्थानीय जनता एवं युवाओं ने मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने युवाओं के साथ संवाद करते हुए उनके विचारों, सुझावों एवं विभिन्न विषयों से जुड़े प्रश्नों को सुना और उनका उत्तर दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा किसी भी राज्य और राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। उत्तराखंड के युवा प्रतिभाशाली, ऊर्जावान और नवाचार की क्षमता से भरपूर हैं। उनके सामर्थ्य के बल पर ही विकसित उत्तराखंड के संकल्प को पूरा किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज विश्व के सबसे युवा देशों में शामिल है और यही युवा ऊर्जा देश को आत्मनिर्भर एवं विकसित राष्ट्र बनाने की क्षमता रखती है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने युवाओं को केवल अवसर तलाशने वाला नहीं, बल्कि अवसर देने वाला बनाने की दिशा में कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया और खेलो इंडिया जैसे अभियानों ने युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोले हैं। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना जैसी पहलों से युवा स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए रोजगार, स्वरोजगार, कौशल विकास और नवाचार को प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, युवा प्रोत्साहन योजना और ग्रामीण कौशल विकास योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर दिए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय उत्पादों को पहचान दिलाने के लिए “एक जनपद, दो उत्पाद” योजना और “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड के माध्यम से कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि स्टेट मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, नई पर्यटन नीति, होम स्टे योजना, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार योजना जैसी योजनाओं से युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार की स्पष्ट नीति और पारदर्शी व्यवस्था के कारण उत्तराखंड में बेरोजगारी दर में उल्लेखनीय कमी आई है। साथ ही, पिछले साढ़े चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी सेवाओं में अवसर मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की मेहनत और योग्यता के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय न हो, इसके लिए राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। अब भर्ती प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ संचालित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में खेल संस्कृति को भी लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन ने यह साबित किया है कि देवभूमि अब खेलभूमि के रूप में भी अपनी पहचान बना रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों के युवाओं को शिक्षा, खेल और आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज सहित विभिन्न संस्थानों के माध्यम से युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार “नो पेंडेंसी” के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। घोषणाओं को धरातल पर उतारने के लिए बजट जारी कर योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत, नवाचार एवं सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का युवा ही नए उत्तराखंड का निर्माता है और उनकी प्रगति में ही प्रदेश की प्रगति निहित है।

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।

राज्य के 4400 श्रमिको ंके खाते में सीएम ने श्रम बोर्ड की योजनाओं के तहत वितरित की 11 करोड़ की धनराशि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के 4400 से अधिक श्रमिक लाभार्थियों के खाते में डीबीटी के माध्यम से लगभग 11 करोड़ रुपये की धनराशि का अंतरण किया।

मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बोर्ड की विवाह उपरांत सहायता, मृत्यु उपरांत अनुदान, प्रसूति सुविधा तथा शिक्षा सहायता योजनाओं के लाभाथियों के खाते में वन क्लिक के माध्यम से यह राशि वितरित की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग को निर्देश दिए कि श्रमिक कल्याण योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा विभिन्न क्षेत्रों में शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों को योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के कार्यस्थलों के निकट ही आवश्यक सामग्री वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे उन्हें सुविधाजनक तरीके से लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण, उनके आश्रित बच्चों की शिक्षा को प्रोत्साहन तथा जीवनोपयोगी सामग्री के वितरण हेतु विशेष शिविरों के आयोजन पर भी जोर दिया। उन्होंने सभी योजनाओं के संचालन में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने और सूचना प्रौद्योगिकी के अधिकाधिक उपयोग के निर्देश दिए। साथ कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि केवल पात्र श्रमिकों को ही योजना का लाभ मिले।

इस अवसर पर जानकारी दी गई कि बोर्ड द्वारा पिछले एक वर्ष में 24,323 श्रमिकों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से कुल 93 करोड़ 6 लाख रुपये की अनुदान राशि वितरित की जा चुकी है।
इस अवसर पर कैलाश पंत (राज्य सलाहकार, संविदा बोर्ड), गीता रावत (अध्यक्ष, सतर्कता समिति), मोहिनी पोखरिया (उपाध्यक्ष, राज्य सतर्कता समिति), अपर सचिव विनीत कुमार, उप श्रम आयुक्त विपिन कुमार, सहायक श्रम आयुक्त शैलेश सती, वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञ दुर्गा चमोली उपस्थित हुए। कार्यक्रम का संचालन श्रम आयुक्त प्रकाश चन्द्र दुम्का द्वारा किया गया।

चारधाम यात्रा को मिलने जा रही नई मजबूती, रुद्रप्रयाग के रतूड़ा में बनने जा रहा आधुनिक राज्य अतिथि गृह

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप चारधाम यात्रा मार्ग पर बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जनपद रुद्रप्रयाग के रतूड़ा क्षेत्र में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह के निर्माण को लेकर शुक्रवार को राज्य सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। सचिव राज्य संपत्ति विभाग डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में अतिथि गृह की कार्ययोजना, डिजाइन और निर्माण संबंधी विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

चारधाम यात्रा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जा रहे इस राज्य अतिथि गृह के निर्माण के लिए रतूड़ा में 0.375 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है। यह परियोजना मुख्यमंत्री की घोषणाओं में शामिल है, जिसके चलते इसे सर्वाेच्च प्राथमिकता पर पूरा करने का निर्णय लिया गया है। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि परियोजना की विस्तृत कार्ययोजना (डीपीआर) शीघ्र तैयार कर शासन को उपलब्ध कराई जाए, ताकि निर्माण कार्य समयबद्ध ढंग से शुरू किया जा सके।

आधुनिक पहाड़ी वास्तुकला का होगा समावेश
बैठक के दौरान सचिव राज्य संपत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने कार्यदायी संस्था प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग, रुद्रप्रयाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रस्तावित भवन को आधुनिक पहाड़ी शैली में विकसित किया जाए। भवन के निर्माण में स्थानीय वास्तुकला, प्राकृतिक परिवेश और पर्वतीय क्षेत्रों की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाए, जिससे यह संरचना उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को भी प्रतिबिंबित कर सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान आवश्यकताओं के साथ-साथ भविष्य में बढ़ने वाले उपयोग को देखते हुए पर्याप्त संख्या में कक्ष, बैठक कक्ष, वीआईपी सुविधाएं, पार्किंग, सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का समुचित प्रावधान किया जाए। इससे राज्य अतिथि गृह केवल सरकारी उपयोग तक सीमित न रहकर राज्य की प्रतिष्ठित आवासीय परिसंपत्तियों में शामिल हो सकेगा।

एनजीटी और पर्वतीय मानकों का रखा जाएगा ध्यान
बैठक में पर्यावरणीय और तकनीकी मानकों के अनुपालन पर भी विशेष जोर दिया गया। सचिव राज्य संपत्ति ने निर्देश दिए कि भवन की नदी से दूरी राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के मानकों के अनुरूप निर्धारित की जाए। इसके अलावा भवन की ऊंचाई तथा निर्माण संबंधी सभी मानदंड पर्वतीय क्षेत्रों के निर्धारित नियमों के अनुसार सुनिश्चित किए जाएं। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए तथा परियोजना को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाया जाए। शासन स्तर पर इसकी नियमित निगरानी भी की जाएगी।

चारधाम यात्रा और प्रशासनिक गतिविधियों को मिलेगा लाभ
विशेषज्ञों के अनुसार रुद्रप्रयाग जनपद चारधाम यात्रा का प्रमुख केंद्र है। केदारनाथ धाम जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं, वीआईपी आगंतुकों तथा विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों की आवाजाही को देखते हुए राज्य अतिथि गृह का निर्माण अत्यंत उपयोगी साबित होगा। इससे आपदा प्रबंधन, प्रशासनिक बैठकों तथा राज्य अतिथियों के ठहरने की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी। बैठक में शासन स्तर से अपर सचिव एवं राज्य संपत्ति अधिकारी लक्ष्मण सिंह, उप सचिव हनुमान प्रसाद तिवारी तथा कार्यदायी संस्था की ओर से अधिशासी अभियंता इन्द्रजीत बोस और सहायक अभियंता ओमप्रकाश चन्द्र उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मंशा के अनुरूप राज्य की परिसंपत्तियों को आधुनिक और उपयोगी स्वरूप प्रदान किया जा रहा है। रतूड़ा में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह चारधाम यात्रा तथा प्रशासनिक आवश्यकताओं की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना है। हमारा प्रयास है कि इसे आधुनिक पहाड़ी वास्तुकला, उच्च गुणवत्ता और पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाए। अधिकारियों को विस्तृत डीपीआर शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि निर्माण कार्य समयबद्ध ढंग से शुरू होकर निर्धारित अवधि में पूरा किया जा सके।
– डॉ. आर. राजेश कुमार, सचिव राज्य संपत्ति विभाग

प्रधानमंत्री मोदी ने देशभर में 15 लाख से अधिक युवाओं को ₹2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि की वितरितः धामी

मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास देहरादून में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग करते हुए योजना के लाभार्थी नियोक्ताओं एवं लाभार्थी कर्मचारियों को सम्मानित किया।

देशभर के विभिन्न राज्यों में एक साथ आयोजित इस कार्यक्रम को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया और योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को प्रोत्साहन राशि वितरित की। प्रधानमंत्री द्वारा लगभग ₹2,400 करोड़ की राशि देशभर के 15 लाख से अधिक युवाओं एवं श्रमिकों को प्रदान की गई।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह अवसर राष्ट्र निर्माण के उस संकल्प का हिस्सा बनने का है जिसकी नींव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए रखी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा वर्ष 2025 में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश के करोड़ों युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का शुभारंभ किया गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज इस महत्वाकांक्षी योजना की दूसरी किस्त जारी किए जाने का गौरवपूर्ण अवसर है। इसके अंतर्गत देशभर के 15 लाख से अधिक युवाओं और श्रमिक साथियों को ₹2400 करोड़ की राशि वितरित की जा रही है। उत्तराखंड में भी विभिन्न प्रतिष्ठानों से जुड़े लगभग 6 हजार कर्मचारियों और 900 से अधिक नियोक्ताओं को ₹24 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि हस्तांतरित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से केंद्र सरकार पहली बार रोजगार प्राप्त करने वाले युवाओं को ₹15 हजार तक की सहायता राशि उपलब्ध करा रही है। वहीं, युवाओं को रोजगार देने वाले संस्थानों को प्रोत्साहित करने के लिए चार वर्षों तक प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी पर प्रतिमाह ₹3 हजार तक की सहायता राशि प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने इस योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देवभूमि उत्तराखंड की जनता की ओर से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने के साथ-साथ औद्योगिक संस्थानों को भी प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि भारत की युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी पूंजी है। युवाओं की प्रतिभा, परिश्रम और संकल्प के बल पर भारत को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाया जा सकता है। यदि युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा और अवसर मिले तो भारत पुनः विश्व गुरु के रूप में स्थापित हो सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवा शक्ति को राष्ट्र शक्ति मानते हुए विकसित भारत के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है। स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, फिट इंडिया और नई शिक्षा नीति जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को उनकी क्षमता के अनुरूप अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी युवाओं को सशक्त, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार ने केवल योजनाएं घोषित नहीं की हैं बल्कि उन्हें धरातल पर उतारने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए नई स्टार्टअप नीति लागू की गई है। कौशल विकास को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री युवा प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना और दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य विकास योजना के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर दिए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से ₹3.56 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से ₹1 लाख करोड़ से अधिक के प्रस्तावों को धरातल पर उतारने में सफलता मिली है।

उन्होंने कहा कि उद्योगों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत किया गया है। औद्योगिक नीति, लॉजिस्टिक नीति, स्टार्टअप नीति और डैडम् नीति सहित 30 से अधिक नीतियां लागू कर राज्य में उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि काशीपुर में अरोमा पार्क, सितारगंज में प्लास्टिक पार्क, काशीपुर में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर और पंतनगर में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क जैसी परियोजनाओं पर कार्य किया गया है। साथ ही रुद्रपुर, सेलाकुई और हरिद्वार में डैडम् उद्यमियों के लिए प्लग एंड प्ले मॉडल पर फ्लैटेड फैक्ट्रियां स्थापित की गई हैं।

उन्होंने कहा कि किच्छा फार्म में एक हजार एकड़ से अधिक भूमि पर स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जनपद, दो उत्पाद योजना, हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड, स्टेट मिलेट मिशन, फार्म मशीनरी बैंक, एप्पल मिशन, नई पर्यटन नीति, नई फिल्म नीति, होम स्टे, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से स्थानीय संसाधनों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का परिणाम है कि राज्य की आर्थिकी में डेढ़ गुना से अधिक वृद्धि हुई है और पिछले एक वर्ष में राज्य की ळैक्च् में 7.23 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। राज्य की प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है तथा रिवर्स पलायन में भी सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों की रैंकिंग में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। वहीं ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में राज्य को एचीवर्स और स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी प्राप्त हुई है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने युवाओं को रोजगार से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। पिछले साढ़े चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का अधिकतम लाभ उठाएं और अपनी प्रतिभा, कौशल एवं नवाचार की शक्ति को पहचानते हुए केवल अवसरों की प्रतीक्षा न करें, बल्कि स्वयं अवसरों का सृजन करने का संकल्प लें।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के युवा अपने परिश्रम और समर्पण से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक उमेश शर्मा काउ, विधायक सविता कपूर, आयुक्त भविष्य निधि उत्तराखंड देहरादून सहित बड़ी संख्या में लाभार्थी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

सीएम धामी की बड़ी कार्रवाई, हरिद्वार भूमि खरीद घोटाले में पूर्व नगर आयुक्त की बर्खास्तगी और तत्कालीन डीएम पर मेजर पनिशमेंट की संस्तुति

भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद प्रकरण में बड़ी और कड़ी कार्रवाई की है।

प्रकरण में तत्कालीन नगर आयुक्त हरिद्वार नगर निगम वरुण चौधरी को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर की संस्तुति की गई है। वहीं, तत्कालीन जिलाधिकारी हरिद्वार कर्मेंद्र सिंह को अपने पदीय दायित्वों एवं कर्तव्यों के समुचित निर्वहन में गंभीर लापरवाही का दोषी मानते हुए उनके विरुद्ध दीर्घ शास्ति (मेजर पनिशमेंट) अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया है। दोनों अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (क्वच्ज्) को संस्तुति भेजी जा रही है।

इसके अलावा, उस समय कार्यरत एसडीएम अजयवीर सिंह के विरुद्ध परनिंदा प्रविष्टि दर्ज करने तथा उनकी तीन वेतनवृद्धियां रोकने के निर्देश भी दिए गए हैं।

गौरतलब है कि हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद मामले के सामने आते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाया था। प्रारंभिक जांच में अनियमितताओं के संकेत मिलने पर तत्कालीन जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह और पूर्व नगर आयुक्त वरुण चौधरी सहित कई अधिकारियों को निलंबित किया गया था। इसके बाद विशेष जांच और ऑडिट के माध्यम से पूरे प्रकरण की गहन पड़ताल कराई गई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि शासन-प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित सर्वाेपरि है तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई जारी रहेगी।

धामी सरकार की इस कार्रवाई को राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है, जिसने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनधन के दुरुपयोग और पद के दुरुपयोग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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हरिद्वार भूमि खरीद प्रकरण में बड़ा एक्शन, 10 लोगों पर दर्ज होगा अभियोग
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस के संकल्प के तहत हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद प्रकरण में बड़ी कार्रवाई की गई है। विजिलेंस की विस्तृत जांच में आपराधिक षड्यंत्र एवं धोखाधड़ी के माध्यम से भूमि क्रय-विक्रय कर नगर निगम को आर्थिक क्षति पहुंचाने के आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए गए हैं।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली राज्य सतर्कता समिति की संस्तुति पर मामले में संलिप्त अधिकारियों, कर्मचारियों तथा भूमि विक्रेताओं के विरुद्ध अभियोग दर्ज किए जाने का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा अनुमोदन किया गया है। जांच में दोषी पाए गए व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।

अभियोग दर्ज किए जाने वाले व्यक्तियों में तत्कालीन नगर आयुक्त वरुण चौधरी, तत्कालीन सहायक नगर आयुक्त रविन्द्र कुमार दयाल, तत्कालीन कर अधीक्षक लक्ष्मीकान्त भट्ट, तत्कालीन सहायक अभियन्ता एवं प्रभारी अधिशासी अभियन्ता आनन्द सिंह मिश्राण, तत्कालीन सम्पत्ति लिपिक वेदपाल तथा तत्कालीन मानचित्रकार दिनेश काण्डपाल शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त भूमि विक्रेता एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों में सुमन देवी, जितेन्द्र कुमार, अभिषेक यादव तथा सुजीत कुमार सिंह के विरुद्ध भी अभियोग दर्ज किया जाएगा।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार और अनियमितताओं में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। शासन की प्राथमिकता पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन सुनिश्चित करना है तथा दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई जारी रहेगी।

सीएस ने दिए विभागों को अपने त्रैमासिक लक्ष्य निर्धारित करते हुए आईएफएमएस पोर्टल पर शीघ्र अपलोड करने के निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में विभिन्न विभागों के वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत केंद्र पोषित योजनाओं, वाह्य सहायतित योजनाओं, नाबार्ड और स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट योजनाओं की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को अपने त्रैमासिक लक्ष्य निर्धारित करते हुए आईएफएमएस पोर्टल पर शीघ्र अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने वित्त विभाग को नाबार्ड के अंतर्गत पशुपालन, फिशरीज आदि आजीविका से संबंधित विभागों में बजट की कोई सीलिंग ना रखे जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आजीविका से संबंधित इन योजनाओं को वाइब्रेंट विलेज में भी अधिक से अधिक प्रयोग किया जाए, ताकि इन क्षेत्रों में अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराया जा सके।

मुख्य सचिव ने नियोजन और वित्त विभाग को सभी विभागों से समन्वय बनाते हुए लगभग 2 से 3 हज़ार करोड़ के प्रस्तावों को तैयार रखे जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि योजनाओं को शोर्ट लिस्ट करते हुए प्राथमिकता के आधार पर टेंटेटिव लिस्ट तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि विभागों द्वारा भी लगातार अच्छे प्रस्ताव तैयार करते हुए शासन को भेजे जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि किस योजना के लिए फंडिंग कहाँ से की जाएगी इस पर आगे विचार कर लिया जाएगा परंतु विभागों द्वारा प्रस्ताव तो लगातार तैयार किए जाने चाहिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए आधारभूत संरचनाओं के विकास में विशेष ध्यान दिया जाए। इसके लिए नाबार्ड के अंतर्गत ग्रामीण अवसंरचना विकास कोष के तहत की जा सकती है। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग को स्कूल और अस्पताल भवनों को सुदृढ़ किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग को सौंग और जमरानी बांध निर्माण कार्य की फाइनेंसियल टाइमलाइन तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टाइमलाइन निर्धारित कर लगातार मॉनिटरिंग की जाए ताकि टाइमलाइन का अनुपालन किया जा सके।

मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग और उत्तराखण्ड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण न्त्म्क्। को पीएम कुसुम प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान अभियान का लाभ अधिक से अधिक किसानों को पहुँचाये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए प्रमुख सचिव ऊर्जा को सिंचाई और न्त्म्क्। के साथ शीघ्र समन्वय बैठक आयोजित किये जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग को प्रदेश के चारधाम यात्रा मार्गों सहित अन्य सभी महत्त्वपूर्ण यात्रा मार्गों को ईवी चार्जिंग स्टेशन से संतृप्त किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा की प्रदेश में आने वाले पर्यटक अपने इलेक्ट्रिक व्हीकल लेकर यात्रा कर सकें इसके लिए इन चार्जिंग स्टेशंस की लोकेशन को गूगल मैप पर भी प्रदर्शित किया जाए ताकि लोगों का लंबे पहाड़ी रास्तों पर इलेक्ट्रिक व्हीकल लाने का विश्वास पैदा हो सके।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, पीसीसीएफ कपिल लाल, सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. बी.वी.आर. सी. पुरुषोत्तम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ . वी. षणमुगम, डॉ. आर. राजेश कुमार, सी. रविशंकर, युगल किशोर पंत एवं डॉ. एस.एन. पाण्डेय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

डीएम बोले, उद्योग मित्रों की समस्याओं का समाधान करना हमारी प्राथमिकता

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में आज ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में जिला उद्योग मित्र समिति की बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि उद्योग मित्रों की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण करना जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक विकास की दिशा में उद्योग क्षेत्र एक गेम चेंजर की भूमिका निभाता है तथा औद्योगिक विकास से रोजगार सृजन के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि औद्योगिक आस्थानों से संबंधित वे समस्याएं, जिनका समाधान लंबे समय से लंबित है और जिनके संबंध में शासन को पूर्व में पत्राचार किया जा चुका है, उन्हें “मिसिंग लिंक” के रूप में चिह्नित करते हुए पुनः शासन को प्रेषित किया जाए ताकि उनका उचित समाधान हो सके।

बैठक में औद्योगिक आस्थान सेलाकुई में निर्माणाधीन 220 केवी विद्युत स्टेशन की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान यूपीसीएल अधिकारियों ने अवगत कराया कि आगामी दो से तीन दिनों के भीतर विद्युत स्टेशन पूर्ण रूप से सक्रिय हो जाएगा। इस पर जिलाधिकारी ने संतोष व्यक्त करते हुए परियोजना को निर्धारित समय में संचालित करने के निर्देश दिए।

औद्योगिक क्षेत्रों में विद्युत शटडाउन की समस्या पर जिलाधिकारी ने महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र (जीएमडीआईसी) को निर्देशित किया कि उद्योगपतियों एवं यूपीसीएल अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित कर शटडाउन का पूर्व निर्धारित समय तय किया जाए, जिससे उत्पादन गतिविधियों पर न्यूनतम प्रभाव पड़े। उन्होंने उद्योगों की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु एक समर्पित व्हाट्सएप ग्रुप बनाने के भी निर्देश दिए, जिसमें उद्योग मित्र अपनी समस्याएं सीधे साझा कर सकें। स्मार्ट मीटरों में रीडिंग जंप होने के कारण उपभोक्ताओं को अधिक विद्युत बिल आने की शिकायतों पर जिलाधिकारी ने यूपीसीएल अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही जीएमडीआईसी को इस संबंध में शासन को विस्तृत पत्र प्रेषित करने को कहा।

औद्योगिक क्षेत्र मोहब्बेवाला में सड़कों पर विक्रम वाहनों की अवैध पार्किंग तथा सब्जी एवं रेहड़ी-फड़ी विक्रेताओं द्वारा किए जा रहे अतिक्रमण पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस एवं नगर निगम अधिकारियों को आद्यौगिक आस्थानों में नियमित अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के उपरांत पुनः अतिक्रमण करने वाले व्यक्तियों के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत श्रमिकों एवं कामगारों के कौशल विकास पर विशेष बल देते हुए सभी औद्योगिक इकाइयों को अपने कर्मचारियों का ऑनलाइन पंजीकरण कराकर कौशल अभिवृद्धि कार्यक्रमों से जोड़ने के निर्देश दिए।

बैठक में औद्योगिक भूमि के दुरुपयोग का मामला भी प्रमुखता से उठा। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन प्रकरणों में उद्योग स्थापना के उद्देश्य से भूमि आवंटित की गई है, लेकिन लंबे समय से उद्योग स्थापित नहीं किए गए हैं अथवा आवंटन उद्देश्य से भिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, ऐसे मामलों की गहन जांच की जाएगी। इसके लिए उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को एक विशेष टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने जीएमडीआईसी को निर्देशित किया कि ऐसे सभी प्रकरणों की स्पष्ट एवं तथ्यात्मक आख्या चार दिनों के भीतर प्रस्तुत की जाए। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि नियमों के विपरीत कार्य पाए जाने अथवा जांच में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज की जाएगी।

बैठक में विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से संबंधित समस्याओं एवं उनके समाधान पर विस्तृत चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए तथा औद्योगिक विकास को गति देने के लिए समन्वित एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अध्यक्ष उत्तराखण्ड उद्योग संघ पंकज गुप्ता, सदस्य राज्य स्तरीय उद्योग मित्र समिति शांतनु बिष्ट, महाप्रबन्धक मीना बोरा सहित उद्योग मित्र समिति के सदस्य एवं सम्बन्धित विभगाों के अधिकारी एवं उद्योगपति उपस्थित रहे।

फिर सफल होंगे सीएम धामी के प्रयास, मेरठ से लक्ष्मणझूला ऋषिकेश तक चलेगी हाई स्पीड नमो भारत ट्रेन

मेरठ के मोदीपुरम से ऋषिकेश के पास लक्ष्मणझूला तक हाई स्पीड नमो भारत ट्रेन (आरआरटीएस) का सपना सच होने जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से, उत्तराखण्ड, यूपी और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के बीच आरआरटीएस ट्रेन के मौजूदा नेटवर्क को मेरठ से ऋषिकेश तक विस्तार देने पर सहमति बन गई है। परियोजना की डीपीआर के लिए जल्द सर्वे होने जा रहा है।

इसी वर्ष फरवरी माह में दिल्ली से मेरठ के मोदीपुरम तक हाईस्पीड नमो भारत ट्रेन का संचालन शुरू हो चुका है। इस हाईस्पीड ट्रेन को मोदीपुरम से ऋषिकेश तक विस्तार देने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार प्रयासरत रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर प्रस्ताव भी सौंपा था। इसके बाद इस ट्रेन को मोदीपुरम से ऋषिकेश में लक्ष्मणझूला तक विस्तार देने पर सहमति बन गई है। परियोजना को गति देने के लिए उत्तराखण्ड सरकार अपर सचिव रीना जोशी को नोडल अधिकारी नियुक्त कर चुकी है, इसी तरह एनसीआरटीसी ने अपना नोडल नियुक्त कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार भी परियोजना पर सहमति दे चुकी है। इसके बाद अब कुल 150 किलोमीटर प्रस्तावित ट्रैक की डीपीआर तैयार करने के लिए सर्वे शुरु होने जा रहा है।

प्रस्तावित परियोजना के मुताबिक मेरठ के मोदीपुरम स्टेशन से नया ट्रैक शुरू होगा, जो मुजफ्फरनगर होते हुए, उत्तराखण्ड की सीमा में प्रवेश करेगा। इसके बाद ये ट्रैक रुड़की, हरिद्वार में हर की पैड़ी होते हुए, ऋषिकेश के अंतिम छोर लक्ष्मणझूला तक पहुंचेगा। इसका 72 किमी का हिस्सा उत्तर प्रदेश में और 78 किमी का हिस्सा उत्तराखण्ड में आएगा।

इससे उत्तराखण्ड आने वाले तीर्थयात्रियों सहित दिल्ली जाने वाले उत्तराखण्ड के लोगों का भी नया आधुनिक ट्रांसपोर्ट विकल्प मिल पाएगा। वर्तमान में दिल्ली से ऋषिकेश जाने में सड़क मार्ग से करीब पांच से छह घंटे का समय लगता है। नमो भारत ट्रेन (160 किमी/प्रति घंटे की रफ्तार) के शुरू होने के बाद यह सफर सिर्फ ढाई से तीन घंटे में पूरा हो जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मेरठ से ऋषिकेश तक नमो भारत ट्रेन सेवा का विस्तार उत्तराखण्ड की कनेक्टिविटी को नई दिशा देगा। इससे तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को तेज, सुरक्षित एवं आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। राज्य सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और एनसीआरटीसी के साथ लगातार समन्वय कर रही है। हमारा प्रयास है कि उत्तराखण्ड में बेहतर रेल और परिवहन अवसंरचना के माध्यम से विकास तथा रोजगार के नए अवसर सृजित हों

पौड़ी में आधुनिक विज्ञान संग्रहालय का सीएम धामी ने किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद पौड़ी गढ़वाल के भ्रमण के दौरान जनपद मुख्यालय स्थित श्रीनगर रोड पर जिला प्रशासन द्वारा विकसित आधुनिक विज्ञान संग्रहालय का लोकार्पण तथा रामलीला मैदान में आयोजित कंडोलिया महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनपद को ₹110.55 करोड़ की लागत वाली 19 विकास योजनाओं की सौगात देते हुए 14 योजनाओं का शिलान्यास एवं 5 योजनाओं का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने श्रीनगर रोड स्थित जिला विज्ञान संग्रहालय का विधिवत लोकार्पण किया तथा संग्रहालय में विकसित की गयी विज्ञान आधारित गतिविधियों और प्रयोगात्मक शिक्षण व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने संग्रहालय का भ्रमण कर विभिन्न वैज्ञानिक सिद्धांतों पर आधारित इंटरएक्टिव मॉडलों, वैज्ञानिक प्रदर्शनों, एवं आधुनिक उपकरणों का अवलोकन किया। विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने संग्रहालय में स्थापित वैज्ञानिक प्रदर्शनों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान बच्चे उत्साहित नजर आए। मुख्यमंत्री ने स्वयं भी कई प्रदर्शनियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा विज्ञान, अंतरिक्ष, ऊर्जा, पर्यावरण एवं तकनीकी नवाचारों से संबंधित प्रदर्शनों का अवलोकन करते हुए कहा कि ऐसे विज्ञान संग्रहालय बच्चों में जिज्ञासा, अनुसंधान की भावना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला विज्ञान संग्रहालय केवल प्रदर्शनी स्थल नहीं, बल्कि यह संग्रहालय विद्यार्थियों और युवाओं के लिए एक आधुनिक विज्ञान शिक्षण एवं नवाचार केंद्र के रूप में कार्य करेगा। यहां बच्चे विज्ञान को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखकर प्रयोगों और गतिविधियों के माध्यम से प्रत्यक्ष रूप से समझ सकेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह संग्रहालय जनपद के विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, जिज्ञासा और नवाचार का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा तथा वैज्ञानिक चेतना के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

मुख्यमंत्री ने इसके बाद कंडोलिया मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने रामलीला मैदान पहुंचकर कंडोलिया पौड़ी महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा कंडोलिया महोत्सव को सरकारी कार्यक्रम के अंतर्गत राजकीय महोत्सव के रूप में विकसित किये जाने की घोषणा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कंडोलिया महोत्सव उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और युवा प्रतिभाओं को नई पहचान देने का सशक्त माध्यम है। आज जनपद के विकास में एक नया अध्याय जुड़ा है। इस अवसर पर लगभग 110 करोड़ रुपये की लागत से 19 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं क्षेत्र के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास और विरासत दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। चारधाम यात्रा लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है तथा अब तक लाखों श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य विकास को पहाड़ के अंतिम छोर तक पहुंचाना है और इसी सोच के साथ हाउस ऑफ हिमालय, एक जनपद-दो उत्पाद योजना, मिलेट मिशन, नई पर्यटन एवं फिल्म नीति, स्वरोजगार तथा होमस्टे योजनाओं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के हितों की रक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए राज्य सरकार ने देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। पिछले चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को पूर्ण पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की सनातन संस्कृति, मूल स्वरूप और सामाजिक सौहार्द की रक्षा सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से समान नागरिक संहिता (यूसीसी), धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा विरोधी कानून तथा सख्त भू-कानून जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने पौड़ी और श्रीनगर क्षेत्र में संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की पहली एनसीसी अकादमी, एनआईटी परिसर, गंगा संस्कृति केंद्र, सिंगटाली पुल, पौड़ी-श्रीनगर मार्ग चौड़ीकरण, झील निर्माण, ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक तथा खेल अवस्थापना से जुड़ी परियोजनाएं क्षेत्र के विकास को नई दिशा प्रदान करेंगी और रोजगार व पर्यटन की संभावनाओं को भी बढ़ाएंगी।

इस अवसर पर विधायक राजकुमार पोरी, दलीप सिंह रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला, नगर पालिकाध्यक्ष हिमानी नेगी, ब्लॉक प्रमुख अस्मिता नेगी, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष पं. राजेंद्र अण्थवाल, जिलाधिकारी पौड़ी स्वाति भदौरिया, एसएसपी सर्वेश पंवार, सीडीओ अशोक जोशी एवं अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे।