भालू हमले की घटना का सीएम ने लिया संज्ञान पीड़ित छात्राओं से की वार्ता, हौसले की तारीफ

जनपद चमोली के विकास खण्ड पोखरी अंतर्गत विद्यालय परिसरों के समीप घटित भालू हमले की घटनाओं को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अत्यंत गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय दिया है। मुख्यमंत्री ने भालू हमले में घायल हुए पीड़ित छात्र से दूरभाष पर सीधी बातचीत कर न केवल उसका हालचाल जाना, बल्कि उसे ढांढस बंधाते हुए शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार इस कठिन घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और उपचार एवं सुरक्षा के हर स्तर पर किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घटना के दौरान अदम्य साहस, सूझबूझ और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए भालू से बच्चों की जान बचाने वाली साहसी छात्राओं दिव्या और दीपिका से भी बातचीत की। मुख्यमंत्री ने छात्राओं की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में जिस साहस, धैर्य और जिम्मेदारी का परिचय उन्होंने दिया है, वह पूरे प्रदेश के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की घड़ी में अपनी जान की परवाह किए बिना अन्य बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना असाधारण साहस का उदाहरण है। उन्होंने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि राज्य सरकार ऐसे साहसी बच्चों को सदैव प्रोत्साहित करेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिला प्रशासन एवं वन विभाग को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से गश्त बढ़ाई जाए, विद्यालयों, आंगनबाड़ियों एवं आबादी वाले क्षेत्रों के आसपास सुरक्षा के अतिरिक्त पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो, इसके लिए सभी आवश्यक व प्रभावी कदम उठाए जाएं।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि घायल छात्र को उचित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता प्रदान की जाए। उन्होंने अधिकारियों से नियमित निगरानी बनाए रखने और स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर विश्वास कायम करने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार के लिए बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और नागरिकों की जान-माल की रक्षा के लिए सरकार हर परिस्थिति में पूरी प्रतिबद्धता और कठोरता के साथ कार्य करेगी।

दून आईएसबीटी, दिल्ली जाने वाला गेट मिला बंद, नपे एआरएम, डीएम ने दिए कड़ी कार्यवाही के निर्देश

जिलाधिकारी सविन बंसल ने आज अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने यातायात व्यवस्था, पार्किंग, निकासी मार्ग एवं अव्यवस्थित गतिविधियों का गहन जायजा लिया तथा संबंधित विभागों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने हरिद्वार बाईपास की तरफ आईएसबीटी फ्लाई ओवर के समीप सड़क किनारे खाली बड़ी खाली जगह पर टाइल्स लगाकर सुव्यवस्थित पार्किंग विकसित करने के निर्देश दिए, जिससे यात्रियों एवं आमजन को जाम की समस्या से राहत मिल सके। दिल्ली जाने वाली बसों के लिए बनाए गए निकासी गेट के बंद पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की तथा एमडीडीए को तत्काल गेट खोलने के निर्देश दिए। पूर्व में दिए गए निर्देशों का अनुपालन न होने पर उन्होंने संबंधित एआरएम के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने फ्लाईओवर के नीचे अवैध कट बंद करते हुए सुरक्षित क्रॉसओवर बनाए जाने के निर्देश दिए। साथ ही फ्लाईओवर के नीचे व्यवस्थित पार्किंग विकसित करने तथा निकासी गेट के समीप बनी पुलिस चौकी को अन्यत्र स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आईएसबीटी गेट के पर किए गए निर्माण को ध्वस्त कर निकासी गेट को पूर्ण रूप से सुचारू करने के निर्देश भी दिए गए। ताकि यातायात सुचारू रूप से संचालित हो सके। जिलाधिकारी ने आरटीओ को सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े वाहनों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएच) के अधिकारियों को आईएसबीटी के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे टाइल्स लगाकर पार्किंग विकसित करने के निर्देश दिए। इसके लिए जिलाधिकारी द्वारा मौके पर ही आवश्यक धनराशि की स्वीकृति भी प्रदान की गई।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आईएसबीटी क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, अतिक्रमण अथवा यातायात बाधा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और निर्देशों के अनुपालन में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम नमामी बंसल, पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार, नगर मजिस्टेट प्रत्युष सिंह, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, संभागीय परिवहन अधिकारी अनिता चमोला, एमडीडीए, एनएच के अधिकारी उपस्थित रहे।

डालनवाला पुलिस स्टेशन में लापरवाही पर मुख्यमंत्री का कड़ा प्रहार, अव्यवस्था और गंदगी पर मुख्यमंत्री सख्त

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित डालनवाला पुलिस स्टेशन के औचक निरीक्षण के दौरान थानेदार के ड्यूटी से अनुपस्थित पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से उन्हें लाइन हाजिर करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि कानून व्यवस्था और जनसेवा जैसे संवेदनशील दायित्वों में किसी भी स्तर की लापरवाही अक्षम्य अपराध है और ऐसे मामलों में तत्काल एवं कठोर कार्रवाई की जाएगी।

विभिन्न बैठकों के उपरांत मुख्यमंत्री धामी अचानक पुलिस स्टेशन पहुंचे और वहां की संपूर्ण कार्यप्रणाली का गहन निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री के औचक निरीक्षण से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और मौके पर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति सामने आई।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस स्टेशन में आए कई शिकायतकर्ताओं से सीधे बातचीत की और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए कि शिकायतों को औपचारिकता नहीं बल्कि उत्तरदायित्व समझकर दर्ज किया जाए तथा उनका तत्काल, निष्पक्ष और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री महिला हेल्प डेस्क पर भी पहुंचे और वहां मौजूद महिला फरियादियों से बातचीत कर उनकी शिकायतों की जानकारी ली। उन्होंने महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, गोपनीयता और त्वरित कार्रवाई को अनिवार्य बताते हुए किसी भी प्रकार की ढिलाई पर सख़्त कार्रवाई की चेतावनी दी।

मुख्यमंत्री ने एफआईआर रजिस्टर का विस्तृत निरीक्षण करते हुए दर्ज मामलों पर की गई कार्रवाई, फॉलोअप की स्थिति तथा लंबित प्रकरणों की जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने ड्यूटी रजिस्टर और उपस्थिति रजिस्टर का भी निरीक्षण कर कर्मियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने थाने में स्थित कारागार में गंदगी और अव्यवस्था पर गहरी नाराज़गी व्यक्त की और तत्काल समुचित साफ-सफाई एवं मानकों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस थाने की स्थिति ही शासन-प्रशासन की कार्यसंस्कृति को दर्शाती है।

मुख्यमंत्री ने वाहन जांच अभियान, वेरिफिकेशन ड्राइव तथा अपराध नियंत्रण को लेकर चल रही कार्रवाई की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि इन अभियानों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही क्षेत्र की ट्रैफिक व्यवस्था पर गंभीर असंतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने विस्तृत जांच कर जिम्मेदारी तय करने के आदेश दिए।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून तत्काल पुलिस स्टेशन पहुंचे और मौके पर स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रारंभ की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का सख़्त शब्दों में कहा कि “ *कानून व्यवस्था से जुड़ा प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी जनता के प्रति जवाबदेह है। जनसेवा में लापरवाही, अनुशासनहीनता या संवेदनहीनता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। पुलिस व्यवस्था में सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनहित में सख़्त से सख़्त कार्रवाई करने से सरकार पीछे नहीं हटेगी।”*

डीएम दरबार: बेटे ने धोखे से बनाई वसीयत, माता मुन्नी देवी की शिकायत पर भरण पोषण एक्ट में वाद हुआ दर्ज

जिलाधिकारी सविन बसंल ने ऋषिपर्णा सभागार में जनता दर्शन कार्यक्रम में जन समस्याएं सुनी। दूर दराज से भारी संख्या में पंहुचे लोगों ने घरेलू व जमीन विवाद, सीमांकन, ऋण माफी, आर्थिक अनुदान, भरण पोषण, प्रमाण पत्र आदि से जु़ड़ी 176 समस्याएं रखी। जिलाधिकारी ने मौके पर ही कई मामलों का ऑन द स्पॉट निस्तारण किया साथ ही कुछ प्रकरणों को इससे जुड़े विभागों को अग्रसारित करते हुए विधि सम्मत त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उच्च प्राथमिकता पर उनका समाधान करना सुनिश्चित करें।

बेटी ने ही कर दी घोखाधडी। चलने फिरने में असमर्थ 93 वर्षीय बुजुर्ग प्रेम सिंह ने अपनी ही बेटी पर धोखाधडी कर उनके बैंक से ही 10 लाख निकालने की शिकायत पर लीड बैंक अधिकारी को जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। वहीं बुजुर्ग मुन्नी देवी ने बताया कि पति की मृत्यु की बाद उनके छोटे बेटे ने घर की सारी संपत्ति एवं बैंक खातों में जमा पूंजी धोखे से वसीयतनामा बनाकर अपने नाम कर दी है। इस पर डीएम ने भरण पोषण एक्ट में वाद दायर करते हुए वसीयतनामा की विधिक जांच कराने के निर्देश दिए। पंडितवाडी निवासी 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला लता त्यागी ने बहू द्वारा घर कब्जा करने और घर से निकालने की शिकायत पर भी भरण पोषण एक्ट में वाद दायर कराया गया। दुर्गा नगर निवासी बजुर्ग राधा ने बताया कि उन्होंने एमडीडीए चन्द्रनगर कॉलोनी में अपनी बेटी को रहने के लिए घर दिया था, लेकिन पिता की मृत्यु के बाद बेटी ने उस धोखे से उस घर ही कब्जा कर फर्जी तरीके से रजिस्ट्री करवा दी है। इस पर डीएम ने एडीएम को सब रजिस्ट्रार से रिपोर्ट तलब कराई।

विधवा नेहा ने ऋण माफ करने की गुहार लगाते हुए बताया कि उनके पति ने बैंक से 5 लाख का ऋण लिया था। करंट लगने से उनके पति की आकस्मिक मृत्यु हो गई है। तीन साल तक बैंक किस्त नियमित जमा की है। परंतु उनके पास कोई काम नहीं होने के कारण वो किस्त भरने में असमर्थ है। जिस पर लीड बैंक अधिकारी को जांच के निर्देश दिए गए।

शारीरिक रूप से दिव्यांग वकील साहनी ने बताया कि उनकी अभी तक दिव्यांग पेंशन नहीं लगी है। इस पर 80 प्रतिशत दिव्यांग व्यक्ति की मौके पर ही पेंशन स्वीकृत की गई। वहीं 70 वर्षीय बुजुर्ग इन्दु राजवंशी ने वृद्धावस्था पेंशन की लगने की समस्या पर उनका आय प्रमाण पत्र बनाने के लिए मौके पर ही आवेदन कराया गया।

विधवा पिंकी देवी ने अपनी गरीबी का हवाला देते हुए आर्थिक सहायता चाहने पर एसडीएम को जांच कर प्रकरण प्रस्तुत करने को कहा गया। अपना इलाज कराने में असमर्थ विधवा एकादशी देवी ने उपचार के लिए आर्थिक सहायता की गुहार पर एसडीएम को जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया। गरीब महिला सर्वेश एवं माहेश्वरी देवी ने प्रधानमंत्री आवास की गुहार लगाई। परिवार की कमजोर आर्थिकी का हवाला देते हुए सपना ने नर्सिंग की पढ़ाई जारी रखने के लिए आर्थिक सहायता की मांग की। जिस पर डीपीओ को प्रकरण की जांच करने को कहा गया।

एक पैर से दिव्यांग रेखा देवी ने पुत्री की शादी के लिए आर्थिक सहायता की गुहार पर ओसी क्लेक्ट्रेट को जांच करवा के प्रकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। साथ ही समाज कल्याण अधिकारी को महिला का दिव्यांग प्रमाण पत्र भी बनाने को कहा गया।

अठूरवाला निवासी अनीता चौहान ने जिलाधिकारी से गुहार लगाएगी दैवीय आपदा के दौरान उनका मकान ध्वस्त हो गया है उन्होंने पुनर्विस्थापन की टीम से गुहार लगा जिस पर जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी एवं निदेशक टीडीसी पुनर्वास को कार्रवाई के निर्देश दिए।

देहरादून से भानिवयावाला, जौली होते हुए थानों तक परिवहन निगम, स्मार्ट सिटी या इलेक्ट्रिक बस सेवा न होने से क्षेत्रवासियों को हो रही परेशानी की शिकायत पर डीएम ने एडीएम से अभी तक बस सेवा शुरू न किए जाने की रिपोर्ट तलब की है। थानों में अवैध मस्जिद एवं अवैध रूप से चल रहे मदरसा की शिकायत पर अपर जिलाधिकारी ने एडीएम को जांच कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। कुडियाल के सदस्य क्षेत्र ने थानों क्षेत्र में फलदार एवं हरे भरे पेड़ों को अवैध तरीके से काटे जाने की शिकायत पर एडीएम को जांच कराने के निर्देश दिए। जोलियो के समस्त ग्राम वासियों ने ग्राम समाज, वन पंचायत की जमीन पर भू माफियाओं द्वारा अवैध कब्जा मुक्त करवाने पर तहसीलदार को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। ग्राम पंचायत झाझरा की भूमि पर अवैध रूप से झुग्गी-झोपड़ी बनाकर किए गए अतिक्रमण की शिकायत पर जांच के निर्देश दिए गए। कारगी ग्रंाट में ग्राम समाज की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत पर अपर नगर आयुक्त को त्वरित कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए। लोनिवि द्वारा दारागाड-कथियान मोटर मार्ग पर अनियमितता के साथ अवैध अतिक्रमण की शिकायत पर एसडीएम चकराता व अधिशासी अभियंता को संयुक्त जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। सुन्दरवाला निवासी ओमकार शर्मा ने 33 केबी विद्युत पोल एवं तारें भवन के ऊपर से हटवाने का अनुरोध पर अधिशासी अभियंता को नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करने को कहा गया।

पुनीत अग्रवाल ने घर से चोरी हुए आभूषण एवं नकदी की बरामदगी कराए जाने पर सीओ पुलिस को प्रकरण की स्वयं समीक्षा करते हुए तत्काल आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। मौ0 इकबाल, शाहिद, फहीम, फुरकाना, खुर्शीद अहमद, अगस्त में अतिवृष्टि व बाढ़ से घर क्षतिग्रस्त एवं बाथरूम टूट जाने आर्थिक अनुदान सहायता की गुहार लगाई।

इस दौरान पीडित लोगों ने भूमि का सीमांकन, रजिस्ट्री, अवैध कब्जा हटवाने से जुड़ी तमाम शिकायतें और समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखी। जनता दरबार में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, एसडीएम हरिगिरी, एसडीएम विनोद कुमार, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट सहित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

आईएसबीटी देहरादून में गंदगी देख सीएम लगाया झाडू, बोले अगली बार आऊंगा तो नहीं दिखनी चाहिए गंदगी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज दोपहर अचानक सचिवालय से सीधे आईएसबीटी देहरादून पहुंचकर वहाँ की व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री के अचानक पहुँचने से प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति बन गई। उन्होंने परिसर में स्वच्छता, यात्रियों की सुविधा, संचालन व्यवस्था और परिवहन प्रबंधन का बारीकी से निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कई स्थानों पर फैली गंदगी को देखकर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आईएसबीटी जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं झाड़ू उठाकर सफाई भी की और अधिकारियों को संदेश दिया कि स्वच्छता अभियान केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग और एमडीडीए के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आईएसबीटी परिसर की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। हर स्थान पर स्वच्छता संबंधी सूचना-पट लगाए जाएँ, यात्रियों को प्रदूषण, कचरा और धूल से मुक्त वातावरण मिले, यह सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी को विशेष रूप से निर्देश दिए कि आईएसबीटी में स्वच्छता और व्यवस्था सुधारने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर तत्काल क्रियान्वयन किया जाए।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने बसों की संचालन व्यवस्था, टिकट काउंटर, प्रतीक्षालय, पेयजल सुविधाओं, शौचालयों, दुकानों और सुरक्षा व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड एक प्रमुख पर्यटन एवं तीर्थ राज्य है, जहां प्रतिवर्ष करोड़ों की संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु आते हैं। इसलिए बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और परिवहन केंद्रों पर उच्च स्तरीय स्वच्छता और सुविधा व्यवस्था प्रदेश की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने आईएसबीटी में मौजूद यात्रियों से भी मुलाकात की, उनका हालचाल जाना और उनसे फीडबैक लिया। उन्होंने यात्रियों से पूछा कि यात्रा के दौरान उन्हें किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है और यहाँ की व्यवस्था में और क्या सुधार किए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रियों के सुझाव ही हमारी व्यवस्था सुधारने का बड़ा आधार होते हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शीघ्र ही पूरे प्रदेश में जनसहभागिता आधारित एक व्यापक स्वच्छता अभियान शुरू करने जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि अगली बार निरीक्षण के दौरान आईएसबीटी की सभी व्यवस्थाएँ पूरी तरह दुरुस्त दिखनी चाहिए, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान परिवहन विभाग और एमडीडीए के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

दिल्ली विस्फोट की घटना का संज्ञान लेकर सीएम धामी ने डीजीपी को हाई अलर्ट पर रहने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली में हुए विस्फोट की घटना को अत्यंत दुखद बताया है और इसमें हताहत एवं घायल हुए लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद एवं चिंता का विषय है।

मुख्यमंत्री ने इस घटना के मद्देनज़र राज्य के पुलिस महानिदेशक को पुलिस को हाई अलर्ट पर रहने, पूरी सतर्कता बरतने और राज्य की सीमाओं पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए तथा हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाए।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनता की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्थिति में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मकानों पर नंबर प्लेट लगाने संबंधी वायरल पत्र का सीएम धामी ने लिया संज्ञान, दिए जांच के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मकानों पर नंबर प्लेट लगाने के संबंध में जिला पंचायतराज अधिकारी, टिहरी गढ़वाल एवं उत्तरकाशी द्वारा जारी आदेशों को तत्काल प्रभाव से रद्द करने के साथ ही मामले की पूरी जांच कराने और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

उल्लेखनीय है कि टिहरी गढ़वाल एवं उत्तरकाशी जिले के जिला पंचायतराज अधिकारियों के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ भारत मिशन आदि कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार करने हेतु मकानों पर नम्बर प्लेट लगाने का कार्य एक बाहरी व्यक्ति को देने से संबंधित पत्र सोशल मीडिया में वायरल हुए थे।

मुख्यमंत्री ने उक्त प्रकरणों का संज्ञान लेते हुए इस संबंध में अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि सरकार के संकल्प के अनुरूप सभी योजनाएँ और कार्यक्रम जनहित, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ लागू होने आवश्यक हैं। सभी कार्यों में स्थानीय लोगों के रोजगार और हितों का पूरा ध्यान रखने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने दोहराया कि रू. 10 करोड़ तक के सरकारी अधिप्राप्तियों में स्थानीय लोगों को सर्वाेच्च प्राथमिकता दिए जाने हेतु सरकार के द्वारा जारी आदेशों का हर स्तर पर सख्ती से अनुपालन किया जाए।

सीएम धामी से मिला बेरोज़गार संघ का प्रतिनिधिमंडल

आज बेरोज़गार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सचिवालय में भेंट की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूकेएसएसएससी की हाल ही में आयोजित परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और सरकार इस मामले में पूरी सख्ती बरतेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेरोज़गार अभ्यर्थियों के हित सर्वाेपरि हैं और उनके हितों को सुरक्षित रखते हुए ही जरूरी निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मसूरी गोलीकांड की घटना उस समय के सत्ताधारी दलों के दमनकारी रवैये का प्रतीकः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मसूरी गोलीकांड की 31वीं बरसी पर आयोजित कार्यक्रम में शहीद राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवारजनों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश सरकार राज्य आंदोलनकारियों के सपनों का उत्तराखंड बनाने के लिए कृतसंकल्प होकर कार्य कर रही है।

मसूरी स्थित शहीद स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान मसूरी में शहीद हुए आंदोलनकारी बलबीर सिंह नेगी, बेलमती चौहान, हंसा धनाई, धनपत सिंह, राय सिंह बंगारी और मदन मोहन ममगई को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राज्य आंदोलनकारियों ने हमारे बेहतर भविष्य के लिए अपना वर्तमान दांव पर लगाकर उत्तराखंड के निर्माण में अपना अद्वितीय योगदान दिया। उन्होंने कहा कि 2 सितंबर 1994 का दिन राज्य के इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में अंकित रहेगा। इस दिन मसूरी की वीरभूमि पर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों को पुलिस की गोलियों का सामना करना पड़ा। यह घटना उस समय के सत्ताधारी दलों के दमनकारी रवैये का प्रतीक थी, जिन्होंने एक शांतिपूर्ण आंदोलन को निर्दयता के साथ कुचलने का प्रयास किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा राज्य आंदोलनकारियों के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करते हुए उनके और उनके आश्रितों के लिए सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया गया है। साथ ही शहीद आंदोलनकारियों के परिवारों के लिए 3000 रुपये मासिक पेंशन की सुविधा भी प्रारंभ की गई है। घायल और जेल गए आंदोलनकारियों को 6000 रुपये तथा सक्रिय आंदोलनकारियों को 4500 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पूर्व की सरकारों के समय में राज्य आंदोलनकारियों के केवल एक आश्रित के लिए क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था थी, परंतु अब नए कानून के अंतर्गत चिन्हित आंदोलनकारियों की परित्यक्ता, विधवा और तलाकशुदा पुत्रियों को भी इस आरक्षण का लाभ मिल सकेगा। यही नहीं, राज्य सरकार ने चिन्हित राज्य आंदोलनकारियों को पहचान पत्र जारी करने के साथ ही 93 आंदोलनकारियों को राजकीय सेवा में सेवायोजित भी किया है। इसी के साथ राज्य आंदोलनकारियों के बच्चों को स्कूलों और कॉलेजों में निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था और आंदोलनकारियों को सरकारी बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण भी लागू किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों का सपना था कि एक ऐसा उत्तराखंड बने जहां हमारी संस्कृति, भाषा और परंपराओं का संरक्षण हो। इसी उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने “समान नागरिक संहिता” लागू कर राज्य में सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और कर्तव्य सुनिश्चित कर दिए हैं। वहीं, प्रदेश के युवाओं को पारदर्शिता के साथ रोजगार के समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए देश का सबसे प्रभावी नकल विरोधी कानून लागू किया गया और 100 से अधिक नकल माफियाओं को जेल भेजा गया। इसके बाद उत्तराखंड में 25 हजार से अधिक युवाओं ने सरकारी नौकरियां पाने में सफलता प्राप्त की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार देवभूमि उत्तराखंड की डेमोग्राफी को बचाए रखने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसके लिए जहां एक ओर प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया, वहीं 9 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने दंगाइयों को सबक सिखाने के लिए सख्त दंगारोधी कानून बनाकर दंगों में होने वाले नुकसान की भरपाई भी उनसे ही करने का कार्य किया है। हाल ही में सरकार ने नया कानून लागू कर राज्य में मदरसा बोर्ड को समाप्त करने का निर्णय लिया है। इस कानून के लागू होने के बाद एक जुलाई 2026 के बाद उत्तराखंड में केवल वही मदरसे संचालित हो पाएंगे, जिनमें सरकारी बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। राज्य में अवैध रूप से संचालित ढाई सौ से अधिक मदरसों को भी बंद करवाया गया है। प्रदेश सरकार राज्य में सनातन संस्कृति को बदनाम करने वाले पाखंडियों के विरुद्ध ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के माध्यम से भी सख्त कार्रवाई कर रही है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने गढ़वाल सभा भवन जल्द बनाने और सिफन कोर्ट का मामला जल्द हल करने की बात कही तथा मसूरी में वेंडर जोन की घोषणा सहित अन्य मांगों पर भी शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड आंदोलन के प्रमुख चेहरा रहे स्वर्गीय इंद्रमणि बड़ोनी के जन्मशताब्दी समारोह को भी भव्य तरीके से मनाएगी।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मसूरी तहसील बनाने के लिए सीएम का आभार व्यक्त करने के साथ ही मसूरी की विभिन्न मांगों को मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी, दर्जाधारी सुभाष बड़थ्वाल, पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, पूर्व पालिकाध्यक्ष मनमोहन मल्ल सहित राज्य आंदोलनकारियों एवं बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी शामिल हुए।

जितेंद्र आत्महत्या प्रकरण के बाद सीएम ने परिजनों से फोन पर वार्ता कर प्रकट की शोक संवेदनाएं

पौड़ी जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया और एसएसपी लोकेश्वर सिंह ने आज मृतक जितेंद्र कुमार के परिजनों से मिलकर उनको मामले में अब तक हुई कार्रवाई से अवगत कराया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी परिजनों से फोन पर बातचीत कर गहरा दुःख व्यक्त किया और शोक संवेदनाएँ प्रकट करते हुए दिवंगत की आत्मा की शांति की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानून की सुसंगत धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पुलिस को मामले की गहन और तत्परता से जांच के निर्देश दिए।

ज्ञात हो कि पौड़ी कोतवाली क्षेत्र में युवक जितेंद्र कुमार ने आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पूर्व, उसने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कुछ व्यक्तियों पर रुपये ठगने का आरोप लगाया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी हिमांशु चमोली सहित पांच लोगों को देहरादून से गिरफ्तार किया है।