विस अध्यक्ष ने सीएम की घोषणाओं को धरातल में उतारने के दिए निर्देश

विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने विगत दिनों ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं पर अभी तक की गई शासकीय एवं विभागीय कार्यवाही की जानकारी के लिए विभिन्न विभागों के सचिव एवं उच्च अधिकारियों के संग बैठक की। बैठक के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों से सभी घोषणाओं पर उचित कार्यवाही करने के लिए एक समय सीमा निर्धारित की एवं उस पर शीघ्र शासनादेश जारी करने के निर्देश दिए जिससे जल्द ही घोषणाओं को धरातल पर उतारा जा सके।
विधानसभा भवन देहरादून में आयोजित बैठक के दौरान शहरी विकास, पर्यटन विभाग, सिंचाई विभाग, आवास विभाग, वन विभाग, ऊर्जा विभाग, युवा कल्याण विभाग एवं गृह विभाग के सचिव एवं संबंधित विभागों के उच्च अधिकारी मौजूद थे। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा 18 सितंबर को ऋषिकेश में संपन्न हुई जन आशीर्वाद रैली के दौरान की गई घोषणाओं पर विभाग द्वारा की गई कार्यवाही से संबंधित जानकारी प्राप्त कर अधिकारियों से चर्चा की। विधानसभा अध्यक्ष ने प्रत्येक घोषणा से संबंधित विभाग वार अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की एवं एक निश्चित समय सीमा तय कर अधिकारियों को घोषणाओं पर उचित कार्यवाही कर शासनादेश जारी करने एवं योजनाओं को धरातल पर लाने के निर्देश दिये।
अवगत करा दें कि 18 सितंबर को ऋषिकेश में जन आशीर्वाद रैली के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों को लेकर घोषणा की थी जिनमें संजय झील का सौंदर्यकरण कर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किए जाने, बैराज स्थित झील पर साहसिक पर्यटन एवं वाटर स्पोर्ट्स प्रारंभ कराए जाने, ऋषिकेश में बहुमंजिला पार्किंग का निर्माण कराए जाने, मां गंगा की धारा को निरंतर व व्यवस्थित स्वरूप में त्रिवेणी घाट पर लाए जाने, कैंपा योजना के अंतर्गत वनों से सटे गांव जैसे सत्यनारायण मंदिर से गौहरीमाफी, साहब नगर, भट्टोंवाला और रुषाफार्म में सड़क तथा विद्युत एवं अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने, गुलदार प्रभावित क्षेत्र रायवाला, साहबनगर, खदरी के निवासियों की जान माल की सुरक्षा का प्रबंध किए जाने, खदरी, लक्कड़घाट, गुमानीवाला, रुषा फार्म, भट्टूोंवाला, छिद्दरवाला आदि क्षेत्रों में हाथी व अन्य वन्यजीवों से सुरक्षा के प्रबंध किये जाने, बाढ़ प्रभावित क्षेत्र गौहरीमाफी, साहब नगर, ठाकुरपुर गढ़ीमयचक में बाढ़ सुरक्षा के लिए प्रभावी कार्यवाही यथाशीघ्र प्रारंभ किए जाने, ग्रामीण क्षेत्रों में हाईटेक मिनी स्टेडियम की स्थापना, छिद्दरवाला में सौंग नदी एवं जाखन नदी के संगम से सौंग नदी के बाएं तट पर साहबनगर गांव तक बाढ़ सुरक्षा योजना बनाए जाने, रायवाला नहर एवं पुराने शाखा गूलों के पुनरोद्धार व नई पक्की गूलों के निर्माण की योजना बनाये जाने, गौहरीमाफी नहर एवं पुरानी शाखा गूलों के पुनरोद्धार व नई पक्की गूलों के निर्माण किये जाने, महिला एवं पुरुषों हेतु हाईटेक शौचालय निर्माण किये जाने, आस्था पथ पर स्टैंडर्ड साइनेजेज, लाइटिंग, बैंचेस आदि की व्यवस्था किये जाने, ऋषिकेश को योगा हब के रूप में विकसित किये जाने एवं 20 करोड़ रुपए सड़क मार्गों के निर्माण के लिए, आईडीपीएल, कृष्णानगर को न उजाड़े जाने, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारियों का चिन्हीकरण कर प्रमाण पत्र जारी करने तथा शासकीय सेवाओं में क्षैतिज आरक्षण दिए जाने संबंधित मुख्य घोषणाएं की गई थी।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी घोषणा पर कार्यवाही पर लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही सभी घोषणाओं का शासनादेश कर धरातल पर उतारकर जनता को इसका लाभ मिलना चाहिए। इस अवसर पर बैठक में मौजूद घोषणाओं से संबंधित विभागीय सचिव एवं अधिकारियों ने विधानसभा अध्यक्ष को आश्वस्त करते हुए उनके द्वारा तय किए गए समय सीमा पर विभागीय कार्यवाही को पूर्ण करने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन, सचिव नेहा वर्मा, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव हरीश सेमवाल, सचिव विनोद कुमार सुमन, निदेशक राजाजी टाइगर रिजर्व डीके सिंह, निदेशक शहरी विकास ललित मोहन रयाल, अपर सचिव पर्यटन युगल किशोर पंत, रीजनल ऑफिसर एनएचएआई सीके सिंह,विभव मित्तल, विक्रम सिंह राणा, एसके टम्टा,जी एस रावत, आरसी कैलकुला, रचना थपलियाल, अनिरुद्ध भंडारी, चंद्र मोहन पांडे, शक्ति प्रसाद आदि सहित अनेक अधिकारी मौजूद रहे।

पर्यटकों का स्वागत करेंगे लाटा-लाटी, इंस्ट्राग्राम में बड़ी संख्या में है फॉलोवर

उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) में ‘लाटा-लाटी’ पर्यटकों का स्वागत करेंगे। साथ ही यहां पहुंचने वाले पर्यटकों को पहाड़ी संस्कृति से भी रूबरू कराएंगे। इसके अलावा ‘लाटा-लाटी’ राज्य के विभिन्न पर्यटक स्थलों का भी प्रचार करेंगे। जी हां
लाटी किरदार लाकर लोगों के बीच चर्चाओं में आईं कंचन जदली अब पर्यटन विभाग के लिए भी कार्टून बनाएंगी। पहाड़ी कार्टून चित्रों और गुदगुदाती पंचलाइन से कंचन ने लोगों को अपनी बोली-भाषा से जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया है। कंचन की इस कला ने सोशल मीडिया पर खूब धमाल मचाया है। जिसके बाद कंचन की लाटी आर्ट का सहारा कई विभाग अपनी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए ले रहे हैं।
इसी कड़ी में अब पर्यटन विभाग के गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) ने कंचन की लाटी आर्ट के माध्यम से पर्यटकों को उत्तराखंड की संस्कृति दिखाने का निर्णय लिया है। राज्य के पर्यटन स्थलों का भी लाटी के जरिए प्रचार-प्रसार किए जाने की तैयारी है।
कचंन को पर्यटन विभाग की ओर से इस संबंध में पत्र मिला है, जिसमें जीएमवीएन व शौचालयों में लाटी आर्ट का उपयोग किए जाने की बात कही गई। इससे पूर्व कंचन की लाटी आर्ट के जरिए समाज कल्याण विभाग ने नशामुक्ति के खिलाफ अभियान चलाया था। महिला एवं बाल कल्याण विभाग की ओर से भी कंचन की लाटी आर्ट का सहयोग लिया गया।
लाटी आर्ट की कंचन जदली ने कहा मैं कुछ समय पहले ही कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज से मिली थी और उन्हें मेरी आर्ट और आइडिया पसंद आया है। अपनी आर्ट के जरिए मैं अपने राज्य की संस्कृति को बढ़ाना चाहती हूं और मुझे लगता है कि पर्यटन व संस्कृति को बढ़ावा देने वाले हर विचार या व्यक्ति को सरकार का सहयोग दे रही है। सोशल मीडिया पर लाटी छाई हुई है। कंचन द्वारा मौसम, ईगास, फूलदेई और हरेला से जुड़े लाटी आर्ट बनाए गए हैं। बीते दिनों ईगास पर बनाई लाटी आर्ट भी खूब वायरल हुई थी। इंस्ट्राग्राम पर 15 हजार से ज्यादा लोग लाटी को फॉलो करते हैं।

विंटर पर्यटन को बढ़ावा देगी राज्य सरकार-सतपाल महाराज

उत्तराखंड के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा है कि चार धाम की यात्रा के बाद अब हमारा ध्यान प्रदेश में विटंर टूरिज्म को प्रमोट करने पर है। हजारों लोग उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को देखने आते हैं इसलिए हम ऐसे डेस्टिनेशन को प्रचारित कर रहे हैं जो लोगों की आस्था से भी जुड़े हों। इसके साथ ही पर्यटक सर्दियों में उत्तराखंड की वादियों का लुत्फ भी उठा सकेंगे। सतपाल महाराज ने प्रगति मैदान में चल रहे अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में शुक्रवार को उत्तराखंड डे का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर सतपाल महाराज ने कहा कि व्यापार मेले में उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत की छटा देखने को मिल रही है। लोगों का उत्साह देखकर लग रहा है ​कि उत्तराखंड के उत्पाद लोगों को बहुत पसंद आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हथकरघा तथा हस्तशिल्प उत्पाद, बाल मिठाई, पहाड़ी दालें, मसाले तथा जड़ी-बूटियां, शहद बैम्बू प्राकृतिक रेशा रामबॉस तथा भीमल से बने उत्पाद भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। ​कोविड19 के पश्चात पहली बार आयोजित हो रहे भारतीय अंतराष्ट्रीय व्यापार मेले में राज्य दिवस के अवसर पर सतपाल महाराज ने बताया कि राज्य सरकार राज्य में निवेश को बढ़ावा देने तथा रोजगार सृजन के लिए कृत संकल्प है। राज्य में निवेश अनुकूल वातावरण तैयार कर अधिकाधिक निवेश आक​र्षित करने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है। एकल खिड़की व्यवस्था के अंतर्गत् उद्योगों को निर्धारित समय सीमा में सभी प्रकार की स्वीकृतियां तथा अनापत्तियां प्रदान किए जाने हेतु एकल खिड़की अधिनियम लागू किया गया है। इज आफ डुइंग बिजनेस कार्यक्रम में राज्य देश के अग्रणी औद्योगिकी राज्यों के साथ शीर्ष राज्यों में शामिल है। महाराज ने कहा कि शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गंगा मैया के प्रवास मुखबा और यमुना मैया के लिए खरसाली गांव को विशेष रूप से सजाया जाता है।
सतपाल महाराज ने कहा कि एक ओर जहां बड़े निवेशकों को आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार प्रयास कर रही है वहीं दूसरी ओर स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए राज्य के युवाओं विशेषकर कोविड 19 से प्रभावित राज्य के प्रवासियों के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना तथा नैनो स्वरोजगार योजना लागू की गई है। हरित प्रदेश की अवधारणा को मूर्त रूप देने में सरकार सतत प्रयत्नशील है और मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना लागू ​की गई है।
राज्य के समस्त जनपदों के पोटेंशियल को देखते हुए एक जनपद दो उत्पाद योजना लागू की गई है​ जिससे राज्य के विशिष्ट उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान स्थापित करने में सफल होंगे। पर्यटन के क्षेत्र में राज्य की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान है राज्य सरकार प्रसिद्व पर्यटन स्थलों के अतिरिक्त 13 जनपद 13 डेस्टिनेशन के अंतर्गत तेजी से कार्य कर रही है।
बुनियादी ढांचे के अंतर्गत राज्य में रेल लाइन, वायुसेवा तथा राजमार्गों के निर्माण के क्षेत्र तेजी से कार्य किया जा रहा है। इस वर्ष मेले की थीम है आत्मनिर्भर भारत और राज्य सरकार इसी तर्ज पर आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में सरकार निरंतर काम कर रही है।
भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में प्रगति मैदान के हॉल नंबर 4 में उत्तराखंड पैवेलियन में इस वर्ष हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद के तत्वाधान में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों के कुल 34 स्टाल लगे हैं। इस वर्ष मेले का मुख्य आकर्षण उत्तराखंड के शिल्प आधारित सोवेनियर उत्पाद हैं, जिन्हें उत्तराखंड सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा विस्तृत स्तर पर शोध एवं भ्रमण कर राज्य के परंपरागत विभागों में पर्यटन, हिमाद्री, हिलांस, बैम्बू बोर्ड, खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड, ग्राम विकास एवं सिडकुल मुख्य रूप से प्रतिभाग कर रहे हैं।
इस अवसर पर मुख्य सचिव, उत्तराखंड शासन एस.एस संधू, महानिदेशक एवं आयुक्त उद्योग रोहित मीणा निदेशक उद्योग सुधीर चंद्र नौटियाल, उप निदेशक उद्योग शैली डबराल, उप निदेशक, राजेंद्र कुमार, मेलाधिकारी के.सी. चमोली, प्रदीप सिंह नेगी, गिरिश चंद्र आदि उपस्थित थे।

दिल्ली के युवकों के लिए भगवान बनीं जल पुलिस, डूबने से बचाया

मुनिकीरेती थाना अंतर्गत नीमबीच तपोवन में दिल्ली से घूमने आए दो युवक गंगा में नहाते समय डूबने लगे। सूचना पर जल पुलिस की टीम ने राफ्ट की मदद से पानी के तेज बहाव से बाहर निकाला। मुनिकीरेती थाना निरीक्षक कमल मोहन भंडारी के मुताबिक दिल्ली से 5 सदस्यों का एक दल राफ्टिंग के लिए ऋषिकेश आया था। इस दौरान रात्रि समाप्त होने के बाद वह तपोवन स्थित नीमबीच में नहाने लगे। इस दौरान उनमें 2 लोग गंगा के तेज बहाव में बहने लगे। इस दौरान युवकों की चीख-पुकार मचने पर जल पुलिस की टीम ने कुछ दूरी पर राफ्ट की मदद से सकुशल पानी के तेज बहाव से निकाल लिया। उनकी पहचान प्रशांत पुत्र मधुर शर्मा निवासी गली नंबर 5 मकान नंबर सी 109, मुक्कद नगर, दिल्ली, करम कुमार पुत्र देशराज सिंह, मकान नंबर 286 बी 9 करावल नगर, दिल्ली के रूप में हुई है। टीम में जल पुलिस के कांस्टेबल सुभाष ध्यानी, विदेश चौहान, रविंद्र तोमर, महेंद्र सिंह शामिल रहे।

धामी सरकार ने लक्ष्मणझूला पुल के निर्माण को दी वित्तीय स्वीकृति

बीते कुछ वर्षों से लंबित पड़ी नए लक्ष्मणझूला पुल के निर्माण की योजना को उम्मीदों के पंख लगते हुए नजर आ रहे हैं। इसके निर्माण हेतु धामी सरकार ने वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इस पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों और क्षेत्रवासियों ने कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल का आभार व्यक्त किया है।
नए लक्ष्मणझूला पुल के निर्माण को वित्तीय स्वीकृति मिलने पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि पूर्व में लक्ष्मणझूला पुल की भार वहन क्षमता कम होने के कारण उस पर पूर्ण रूप से आवाजाही बंद कर दी गई थी। इस कारण यहां के व्यापारियों और स्थानीय लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जिसके बाद स्थानीय व्यापारियों और लोगों ने यहां नए पुल के निर्माण की मांग की। उन्होंने बताया कि धामी सरकार की ओर से लक्ष्मणझूला पुल के समीप नए झूला पुल हेतु धनराशि को स्वीकृति मिल चुकी है।
नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला के अध्यक्ष रोशन रतूड़ी ने कहा कि लक्ष्मणझूला में नए पुल के निर्माण से क्षेत्र में पर्यटन संबंधी गतिविधियों में बढ़ोत्तरी होगी। जिससे यहां विभिन्न प्रकार के रोजगार के अवसर पैदा होंगे। लोक निर्माण विभाग नरेंद्रनगर के अधिशासी अभियंता मौहम्मद आरिफ खान ने बताया कि 6886.20 लाख रूपए की लागत से लक्ष्मणझूला में गंगा के उपर 132.30 मीटर लंबे झूला पुल का निर्माण किया जाना है। बताया कि यहां जमीन टेस्टिंग आदि के बाद नए पुल के निर्माण हेतु टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। दिसंबर से कार्य शुरू होने की उम्मीद है। कैबिनेट मंत्री का आभार व्यक्त करने वालों में तपोवन प्रधान चैन सिंह बिष्ट, पूर्व प्रमुख विनीता बिष्ट, क्षेत्र पंचायत सदस्य सुलोचना कपरूवान, क्षेत्र पंचायत सदस्य किरण, क्षेत्र पंचायत सदस्य अर्चना चौहान, त्रिलोक भंडारी, हरि सिंह रावत, राजेश शर्मा, अंशुल शर्मा आदि शामिल रहे।

विशेषज्ञों के 25 सदस्यों का दल चारधाम ट्रैक पर पुराने मार्गों की खोज करेगा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास से चारधाम के पुराने मार्गों को खोजने के लिए 25 सदस्यों के दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड (यूटीडीबी) ने ट्रैक द हिमालय के साथ मिलकर यह अभियान शुरू किया है। इसके तहत विशेषज्ञों के 25 सदस्यों का दल चारधाम ट्रैक पर पुराने मार्गों को खोजने के लिए 1200 किलोमीटर से अधिक का सफर तय करेगा। दल द्वारा यह अभियान लगभग 50 दिनों तक चलाया जायेगा। दल पुराने चार धाम और शीतकालीन चार धाम मार्ग को खोजने का काम करेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ट्रेकर्स को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह गर्व का क्षण है कि हमारे पास उत्तराखंड की पुरानी पगडंडियों का पता लगाने के लिए एक युवा बल है। यह पहल हमारी सदियों पुरानी विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। इस अभियान से उत्तराखंड में साहसिक खेलों को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान पर्यावरण जागरूकता फैलाने, होमस्टे, स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा देने में भी सहायक सिद्ध होगा।
इस अवसर पर पर सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर, अपर सचिव युगल किशोर पंत, मुख्य कार्यकारी अधिकारी कर्नल अश्विनी पुंडीर, अपर निदेशक विवेक सिंह चौहान, अपर निदेशक पूनम चंद मौजूद थे।

केन्द्रीय पर्यटन एवं रक्षा राज्य मंत्री से मिले विस अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल

विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने दिल्ली में केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने उत्तराखंड में पर्यटन एवं तीर्थाटन के विकास पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि पर्यटन गतिविधियों को और बढ़ाने से राज्य का आर्थिक विकास संभव है।
विस अध्यक्ष ने कहा कि उत्तराखंड सैन्य बहुल और पर्यटन प्रदेश है। कोविड के चलते पर्यटन गतिविधियों पर असर पड़ा है। हालांकि अभी कुछ स्थितियां सुधरनी शुरू हो गईं हैं। पर्यटन ही उत्तराखंड की आर्थिकी की रीढ़ है। लिहाजा पर्यटन के क्षेत्र में केंद्रीय योजनाओं का प्रदेश को भरपूर लाभ मिलना चाहिये। दोनों नेताओं के बीच प्रदेश में पर्यटन एवं तीर्थाटन गतिविधियों को बढ़ाने को लेकर बातचीत हुई। वहीं, केन्द्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि राज्य में नए पर्यटन स्थलों को चयनित करने सहित पर्यटन विकास की अन्य संभावनाओं को तलाशा जा रहा है। राज्य के पर्यटन विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। इसके बाद विस अध्यक्ष ने दिल्ली में ही पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद रमेश पोखरियाल निशंक से भी मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना। उन्होंने बताया कि दोनों के बीच उत्तराखंड के विकास को लेकर वार्ता हुई।

संजय झील से पर्यटन की अपार संभावनाएं, युवाओं को मिलेगा रोजगार-अग्रवाल

हरिद्वार मार्ग पर काले की ढाल के समीप प्रस्तावित संजय झील के सौंदर्यीकरण को लेकर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने वन विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान अग्रवाल ने ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वन क्षेत्र से सटे संपर्क मार्गों का कैंपा योजना के माध्यम से निर्माण किए जाने के संबंध में भी अधिकारियों को निर्देशित किया।
शनिवार को बैराज स्थित विधानसभा अध्यक्ष के कैंप कार्यालय में आयोजित बैठक में अग्रवाल ने अधिकारियों से संजय झील के सौंदर्यीकरण एवं विस्तारीकरण के संबंध में बनाई गई कार्ययोजना के संबंध में प्रगति आख्या ली।इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों पर नाराजगी भी व्यक्त करते हुए कहा कि संजय झील के सौंदर्यीकरण के संबंध में पहले भी अधिकारियों को इस पर शीघ्रता से कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया गया था।
इस अवसर पर प्रमुख मुख्य वन संरक्षक राजीव भरतरी ने विधानसभा अध्यक्ष को बताया कि उनके द्वारा संजय झील का निरीक्षण किया गया है साथ ही कई कार्य मौके पर प्रारंभ कर दिए गए हैं। उन्होंने अवगत किया कि संजय झील में प्रारंभिक कार्यों हेतु राज्य सेक्टर योजना के अंतर्गत 10 लाख रुपए की धनराशि प्रभाग को प्राप्त हो गई है जिससे झील के आसपास उगी खरपतवार को साफ किया जा चुका है ट्रेल का निर्माण कार्य, प्रवेश गेट का निर्माण, फेंसिंग कार्य प्रारंभ कराए जा रहे हैं।वर्तमान समय में संजय झील में वर्ड वाचिंग के कई कार्यक्रम भी आयोजित किए गए जा चुके हैं।
इस अवसर पर डीएफओ राजीव धीमान ने विधानसभा अध्यक्ष को अवगत किया कि संजय झील के सौंदर्यीकरण कार्य हेतु तकनीकी विशेषज्ञता को देखते हुए विस्तृत प्राकल्लन/आगणन तथा कार्ययोजना तैयार करने हेतु विशेषज्ञों की सेवाएं ली जानी प्रस्तावित है जिस पर 10 लाख रुपए की धनराशि का व्यय भी प्रस्तावित है। डीएफओ ने बताया कि 5 लाख रुपये की धनराशि प्रभाग को प्राप्त हो चुकी है इस धनराशि से संजय झील के सौंदर्यीकरण कार्य के लिए डीपीआर तैयार करने की कार्यवाही गतिमान है शीघ्र ही डीपीआर तैयार कर इसका प्रस्तुतिकरण किया जाना है।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि संजय झील प्राकृतिक रूप से अत्यंत सुंदर है व शहर के बीच में इस प्रकार के स्थान को विकसित करने से तीर्थाटन एवं पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही अध्यात्म के साथ-साथ पर्यटक भी इस स्थान का लुफ्त उठा सकेंगे। विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शीघ्र ही संजय झील के सौंदर्यकरण का कार्य प्रारंभ किया जाए जिससे लंबित इस योजना का लाभ स्थानीय लोगों को मिल सके। इस दौरान अग्रवाल ने ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वन क्षेत्र से सटे संपर्क मार्गों का कैंपा योजना के माध्यम से निर्माण किए जाने के संबंध में भी अधिकारियों से चर्चा की। अग्रवाल ने कहा कि वन क्षेत्र से सटे इन सभी संपर्क मार्गों का पक्का निर्माण करना अति आवश्यक है, क्योंकि संपर्क मार्ग पक्के ना होने के कारण स्थानीय लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
बैठक में वन विभाग के प्रमुख मुख्य वन संरक्षक राजीव भरतरी, राजाजी नेशनल पार्क के निदेशक डीके सिंह, डीएफओ राजीव धीमान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

फिल्म निर्माण के लिए 24 गांवों को होगा कायाकल्प

उत्तराखंड में पलायन के कारण खाली हो रहे नैनीताल जिले के वीरान गांवों में होम स्टे विकसित किए जा रहे हैं। अहमदाबाद की एक फर्म के साथ मिलकर उत्तराखंड के पर्यटन विभाग ने यह योजना शुरू की है। इसके तहत विभाग ने नैनीताल के पास कुंजखड़क गांव के आसपास के इलाकों को चिह्नित किया है, जहां कम्युनिटी बेस होम स्टे शुरू करने की तैयारी है। विभाग इन गांवों में खंडहर हो चुके मकानों को ठीक कर पर्यटकों को ठहरने की सुविधा देगा। योजना का मुख्य उद्देश्य पर्यटन विकास के साथ ही खाली गांवों का इस्तेमाल फिल्म निर्माण के लिए करने की भी योजना है।
पर्यटन विभाग के अनुसार, इस योजना के तहत नैनीताल जिले में करीब 24 गांव चिह्नित किए हैं। इनमें कुछ की पौराणिक व रोचक कहानियां हैं। कुछ बेहद अच्छी लोकेशंस पर स्थित हैं। फिल्म निर्माण के लिए भी योजना अच्छी साबित हो सकती है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा। पर्यटन विभाग ऐसे गांवों को स्थानीय लोगों के साथ ही निवेशकों की मदद से विकसित करेगा।

इटली के गांवों को देख कर बनाई योजना
उत्तराखंड पर्यटन विभाग को यह विचार विदेशों में इस तरह की पहल को देखकर आया है। इटली में कई पुराने खाली हो चुके गांवों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया गया है। जहां प्रतिवर्ष विश्वभर से बड़ी संख्या में पर्यटक घूमने जाते हैं। इसी तर्ज पर पर्यटन विभाग ने प्रदेश के ऐसे कुछ गांवों को चिह्नित करना शुरू किया है। उत्तरकाशी की नेलांग घाटी के जादूंग गांव और गर्तातोली की सीढ़ियों को इसी तर्ज पर विकसित किया गया है। यह गांव 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद खाली करा दिए गए थे।
वहीं, नैनीताल के जिलाधिकारी धीराज गर्ब्याल ने बताया कि पलायन रोकने को होम स्टे योजना काफी कारगर है। खाली हो चुके कई गांव बहुत अच्छी लोकेशन्स और इलाकों में स्थित हैं। इन्हें सही तरीके से विकसित किया जाए तो यह राज्य की आर्थिकी के साथ स्वरोजगार का सबसे अच्छा माध्यम बन सकते हैं। इस तरह लोग उत्तराखंड की कला संस्कृति से भी जुड़ पाएंगे।

पर्यटन गतिविधियों से रोजगार बढ़ाने को मुख्य सचिव ने की समीक्षा

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने सचिवालय में पर्यटन विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि माउंटेनियर्स और ट्रैकर्स के लिए रिस्टबैंड की व्यवस्था की जाए, ताकि उन्हें सैटेलाईट व अन्य माध्यमों से उनकी लोकेशन की जानकारी मिल सके। सर्च ऑपरेशन्स में इससे काफी सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि पर्वतारोहियों एवं ट्रैकर्स की सुरक्षा के लिए अन्य आवश्यक इंतजाम भी सुनिश्चित किए जाएं।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में चारधाम यात्रा सीजनल होती है, परन्तु ऑफ सीजन टूरिज्म की व्यापक सम्भावनाएं है। इन्हें तलाशते हुए योजनाएं तैयार की जाएं। उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सबसे पहले कनेक्टिविटी पर कार्य किया जाए। हेलीपैड्स एवं हेलीपोर्ट्स के निर्माण पर शीर्घ से शीघ्र कार्य किया जाए। पर्यटन स्थलों में हेलीपैड्स विकसित करने के लिए प्राथमिकता तय की जाए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में पर्यटन विकास की बहुत अधिक सम्भावनाएं हैं, परन्तु कनेक्टिविटी के कारण पिछड़ रहे हैं, उन क्षेत्रों में प्राथमिकता पर फोकस किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि यात्रा मार्गों पर हर 20-30 किलोमीटर पर पानी व टॉयलेट आदि की सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएं, ताकि यात्रियों और आमजन को परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए सुचारू संचालन के लिए छोटी-छोटी शॉप्स आदि की व्यवस्था की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों पर सभी उम्र के पर्यटकों के अनुसार सुविधाएं विकसित की जानी चाहिए। युवा वर्ग टेक्नोलॉजी का बहुत प्रयोग करता है। युवाओं को प्रत्येक जानकारी फोन पर चाहिए इसके लिए ऐसी ऐप और वेबसाईट तैयार की जाए जिस पर हर प्रकार की जानकारी उपलब्ध हो, परन्तु वृद्धों के लिए ऑफलाईन जानकारियों की व्यवस्था भी रखी जाए। ऐप और वेबसाईट को सिटीजन फ्रेंडली एवं ईज़ी टू यूज बनाया जाए। पर्यटन स्थलों को बच्चों के सैर-सपाटे के अनुरूप भी विकसित किया जाना चाहिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि पर्यटन विभाग द्वारा ऐसे क्षेत्रों में पर्यटन की सम्भावना होने के बावजूद, सुविधाओं के अभाव के कारण यह सब सम्भव नहीं हो पा रहा है, वहां रिसोर्ट विकसित किए जा सकते हैं, जिन्हें शुरुआत में जीएमवीएन एवं केएमवीएन के माध्यम से चलाकर प्रॉफिट गेनिंग होने पर बेचा जा सकता है और उस पैसे से नई जगह डेवेलप की जा सकती हैं। इससे प्रदेश में अनेक पर्यटन स्थल विकसित हो जाएंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे पर्यटन स्थलों को प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जाए।
मुख्य सचिव ने सभी कार्य योजनाओं पर समयबद्धता के साथ कार्य किया जाए। प्रत्येक कार्य के लिए समयसीमा पूर्व में ही निर्धारित की जाएं। प्रत्येक योजना को साप्ताहिक अथवा पाक्षिक मॉनिटरिंग की जाए, ताकि निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण हो सके। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को मार्केटिंग और पब्लिसिटी पर भी विशेष फोकस किए जाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर सचिव दिलीप जावलकर, अपर सचिव युगल किशोर पंत एवं सीईओ युकाडा स्वाति भदौरिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।