डीएम देहरादून ने कन्ट्रोल रुम का निरीक्षण कर दिए निर्देश

देहरादून के जिलाधिकारी/मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्मार्ट सिटी लि0 डॉ आर राजेश कुमार ने स्मार्ट सिटी के कन्ट्रोल रूम सहस्त्रधारा रोड आईटी पार्क में स्मार्ट सिटी परियोजना के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक से पूर्व जिलाधिकारी/मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कन्ट्रोलरूम का निरीक्षण कर कार्यप्रणाली का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

जिलाधिकारी/मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्मार्ट सिटी लि0 ने स्मार्ट सिटी कन्ट्रोलरूम में लगाये गये मॉनिटिरिंग सिस्टम के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त करने पर बताया गया कि वर्तमान समय में शहर के 129 स्थानों पर पर स्मार्ट सिटी लि0 के कैमरों द्वारा नजर रखते हुए मॉनिटरिंग की जा रही है, जिसमें 49 स्थानों पर ई चालन की व्यवस्था बनाई गई है। जिसमें मुख्यतः यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले, ओवर स्पीड, गलत दिशा में वाहन चलाना, यातायात सिग्नल तोड़ने, नो पार्किंग जोन में वाहन खड़ा करने वालो पर नजर रखी जा रही है तथा शेष स्थानों को भी ई-चालान प्रक्रिया से जोड़ने की प्रक्रिया गतिमान जिस पर जिलाधिकारी ने मॉनिटिरिंग सिस्टम को व्यवहारिक बनाते हुए सिग्नल तोड़ने वालो, ओवर स्पीड, गलत दिशा में वाहन चलाने, नो पार्किंग क्षेत्र में वाहन खड़ा करने तथा मॉनिटिरिंग के दौरान यदि किसी व्यक्ति की गतिविधि संदिग्ध लगा रही हैं इसकी तत्काल सूचना पुलिस विभाग को दी जाय।

उन्होंने कहा कि तकनीकी का इस प्रकार इस्तेमाल किया जाय कि समय रहते किसी समस्या से निपटा जाय ताकि दुर्घटना/घटना घटित होने के बाद। उनकी मॉनिटिरिंग की जा सके। उन्होंने कहा कि शहर में प्रमुख स्थानों, सड़कों मौहल्लों में और अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाते हुए इसके मॉनिटिरिंग के लिए स्टाफ भी बढायें। उन्होंने कहा कि दूरसंचार कम्पनी से समन्वय करते हुए कनैक्टिविटी बढाई जाय ताकि नेटवर्क की समस्या के कारण मॉनिटिरिंग में व्यवधान उत्पन्न ना हो। उन्होंने कहा कि शहर के सभी चौराहों, मुख्य सड़कों, प्रमुख स्थानों को ई-चालान व्यवस्था से जोड़ा जाए। जिलाधिकारी/सीईओ स्मार्ट सिटी ने कहा कि लगाये गये कैमरों से शहर की प्रत्येक गतिविधि को मॉनिटिर किया जाय साथ ही शहर में गंदगी फैलाने, खुले स्थानों पर कूड़ा डालने वालों पर भी नजर रखी जाय निगरानी के दौरान ऐसे व्यक्तियों के विरूद्ध चालान की कार्यवाही करने हेतु नगर निगम को सूचना प्रेषित की जाय।

बैठक में स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने बताया कि शहर के कई स्थानों पर पेड़ बड़े होने से मॉनिटरिंग में दिक्कत आ रही है जिस पर जिलाधिकारी ने ऐसे स्थानों को चिन्हित करते हुए पेड़ों की लोपिंग के लिए प्रभागीय वनाधिकारी को पत्र प्रेषित करने के निर्देश दिये।

जिलाधिकारी/मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्मार्ट सिटी लि0 डॉ आर राजेश कुमार ने स्मार्ट सिटी परियोजना के अधिकारियों को स्मार्ट सिटी परियोजना के अन्तर्गत हो रहे निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ प्रगति बढाने को कहा तथा निर्माण कार्यों के लिए खोदी गई सड़कों तेजी से कार्य पूर्ण करते हुए समतलीकरण एवं गड्डामुक्त करें ताकि जनमानस को किसी प्रकार की समस्या का सामना ना करना पड़े। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की योजना पर कार्य करें जिससे जनमानस को सहूलियत हो।

बैठक में स्मार्ट सीटी के सीजीएम श्रीराम मिश्रा, वित्तीय निंयत्रक अभिषेक आनन्द, एजीएम राम उनियाल सहित स्मार्ट सिटी के अधिकारी उपस्थित थे।

पर्यटन विभाग की पर्यटकों से अपील, पानी वाली जगहों से बचें

देेहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश और मौसम विभाग के एक सप्ताह के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (यूटीडीबी) ने उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों से पानी वाली जगहों में जाने से बचने की अपील की है। साथ ही मानसून में उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए पानी वाले पर्यटन स्थलों पर पुलिस बल को तैनात किया गया है।

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदेश को 30 जुलाई तक बारिश से राहत नहीं मिलने वाली है। वहीं, 28 से 30 जुलाई तक प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट जारी है। अगस्त माह के शुरूआत के दिनों में भी प्रदेश के कुछ पहाड़ी इलाकों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में तेज और लगातार हो रही बारिश से पानी वाले पर्यटन स्थलों का जलस्तर बढ़ रहा है।

देहरादून जिला पर्यटन अधिकारी (डीटीओ) जसपाल सिंह चैहान बताया कि लगातार हो रही बारिश से सहस्त्रधारा, गुच्चूपानी, मालदेवता समेत सभी पानी की जगह वाले पर्यटन स्थलों में जलस्तर बढ़ने से खतरा बना हुआ है। पर्यटकों से अपील है कि इन स्थानों पर जाने से पहले सुरक्षा के तमाम इंतजाम कर पूरी जानकारी प्राप्त कर लें। साथ ही नदी तट से उचित दूरी बनाने के साथ किसी भी स्थिति में पानी में न जाए। जिससे किसी भी परेशानी से बचा जा सकता है। पर्यटकों के साथ स्थानीय निवासियों से अपील है कि अगले एक सप्ताह तक इन स्थानों पर जाने से बचें।

लगातार हो रही बारिश से पानी वाली जगहों का जल स्तर बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अलगे एक सप्ताह तक पहाड़ी जिलों में भारी बारिश होने की आशंका है। ऐसे में पर्यटक किसी भी समस्या से बचने के लिए पहाड़ी इलाकों के पर्यटन स्थालों के साथ पानी वाली जगहों पर जाने से पहले पूरी जानकारी जुटा लें। पर्यटकों को सुरक्षित वातावरण देने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। राज्य में आने वाले पर्यटक शासन द्वारा जारी कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए उचित दूरी, मास्क व सेनेटाइजर का इस्तेमाल करें।
दिलीप जावलकर, पर्यटन सचिव

उत्तराखंड सचिवालय में हुई कैबिनेट की बैठक में 11 प्रस्तावों पर मुहर लगी


कैबिनेट ने शिक्षण संस्थानों को 1 अगस्त से सुबह 6 से दोपहर 12 बजे तक के स्कूलों को खोले जाने का फैसला लिया है।

इसके साथ ही 23 से 27 अगस्त तक विधानसभा सत्र होगा।

कैबिनेट ने कौसानी को क्षेत्र घोषित कर दिया है। इसके साथ ही कौसानी को नगर पंचायत बनाने के रूप में मंजूरी दे दी है।

पंतनगर में ग्रीनफील्ड एअरपोर्ट को लेकर भी चर्चा हुई, जिस पर कैबिनेट ने 6 महीने के अंदर DPR बनाने के निर्देश दिए हैं।साथ ही एयर इंडिया को कंसल्टेंट नियुक्त करने की भी मंजूरी दी है।

आर्थिक संकट से गुजर रहे छात्रों को यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा आयोजित परीक्षा में जिसमें प्रिमलरी टेस्ट का प्रावधान है। उसमें बच्चों को 50 हजार सहायता किया जाएगा। यानी राज्य सरकार अब 100 बच्चों को तैयारियों के लिए पैसा देगी।

सरकार द्वारा पर्यटन क्षेत्रों के तमाम लोगों को पैकेज के माध्यम से मदद करने की घोषणा को सरकार ने अनुमोदित किया।

सांस्कृतिक दलों को ₹2000 प्रति माह के हिसाब से 5 महीने तक सहायता दी जाएगी।

देहरादून एसीपी वेतन विसंगति सम्बन्धी प्रकरणों में फैसला लिया गया है। पूर्व चीफ सेक्रेटरी इंदु कुमार पांडेय के नेतृत्व में कमेटी बनी। इस रिपोर्ट के आधार पर सब कमेटी की रिपोर्ट बनेगी। अधिकतम तीन माह में मिलेगी रिपोर्ट।

ऊर्जा महकमे में जारी आंदोलन के बाबत बनी कमेटी।
अमिता जोशी,अरुन्द्र चैहान,वित्त अनुभाग के अफसर शामिल होंगे।

मेडिकल कॉलेज हरिद्वार, पिथौरागढ़, रुद्रपुर के प्राचार्य वित्तीय प्रशासनिक अधिकार के तहत खुद का वेतन, ऑफिस का खर्चा, पीए की सैलरी के लिए पैसा व्यक्तिगत हस्ताक्षर से ले सकते हैं।

वन भूमि की लीज से संबंधी नीति की लिपिकीय त्रुटि को ठीक करने की संस्तुति।

पर्यटन को पटरी पर लाने को 200 करोड़ की घोषणा को लेकर सीएम से मिले परिवहन व्यवसायी, जताया अभार

स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की। स्पीकर ने राज्य में कोविड-19 से प्रभावित पर्यटन और चार धाम यात्रा से संबंधित गतिविधियों से जुड़े लोगों के लिए 200 करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा किये जाने को लेकर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। मौके पर परिवहन व्यवसाय से जुड़े विभिन्न संगठनो के लोगों ने भी स्पीकर के संग मुख्यमंत्री से भेंटकर फूलमाला पहनाकर उनका आभार व्यक्त किया।

अवगत करा दें कि 9 जुलाई को स्पीकर ने मुख्यमंत्री से भेंट कर राज्य के परिवहन एवं पर्यटन से जुड़े व्यवसायियों को राहत पहुंचाने के संबंध में चर्चा वार्ता की थी। स्पीकर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उनकी बात को गंभीरता से लेते हुए परिवहन व्यवसायियों को राहत पहुंचाने का कार्य किया है। भेंटवार्ता के दौरान परिवहन व्यवसायियों ने मुख्यमंत्री एवं स्पीकर को पौधे भेंटकर एवं शाल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया।

स्पीकर ने कहा कि 200 करोड़ के राहत पैकेज से निश्चित रूप से राज्य में पर्यटन, होटल, परिवहन, पोर्टर समेत पर्यटन की अन्य गतिविधियों से जुड़े व्यवसायियों के साथ ही सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को राहत मिलेगी। कहा कि तीर्थाटन एवं पर्यटन उत्तराखंड राज्य की आर्थिक रीढ़ है, इस राहत सहायता से राज्य के लगभग लाखों लोगों को उनके बैंक खाते के माध्यम से सीधे राहत मिल सकेगी। स्पीकर ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि उत्तराखंड राज्य के गठन के उपरांत दिये जाने वाला अब तक का किसी भी सरकार द्वारा सर्वाधिक राहत पैकेज है।

इस अवसर पर स्पीकर ने मुख्यमंत्री से विभिन्न विषयों पर वार्ता करते हुए विशेषतौर पर उत्तराखंड में चारधाम यात्रा को सुचारू रूप से प्रारंभ किए जाने की अनुमति के लिए गंभीरता से विचार किये जाने की बात कही। कहा कि चारधाम के कपाट खुले हुए काफी समय हो चुका है परंतु चारधाम यात्रा की अनुमति न मिलने से जहॉ एक और लाखों श्रद्धालु गण दर्शन से वंचित हो रहे हैं वहीं दूसरी ओर तीर्थाटन से जुड़े लाखों कारोबारियों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।

इस अवसर पर यातायात और पर्यटन विकास सहकारी संघ लिमिटेड के अध्यक्ष मनोज ध्यानी, रूपकुंड पर्यटन कंपनी के अध्यक्ष भोपाल सिंह नेगी, टीजीएमओसी के उपाध्यक्ष यशपाल राणा, यातायात संघ के संचालक मनोहर सिंह रौतेला, जीएमओ के पर्यटन अधिकारी अनिल वरगली, मोटर मजदूर संघ के सदस्य जगदीश नौटियाल, ऋषिकेश टूर ट्रेवल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश बहुगुणा, यातायात संघ के संचालक योगेश उनियाल, अरुण बडोनी आदि उपस्थित थे।

उत्तराखंडः पर्यटन से जुड़े 50 हजार लाभार्थियों को 200 करोड़ रूपए का राहत पैकेज की घोषणा


देहरादून। प्रदेश में कोविड-19 के कारण विभिन्न पर्यटक गतिविधियों एवं चारधाम यात्रा की व्यवस्था में कार्यरत व्यक्तियों एवं उनके व्यवसाय पर सर्वाधिक प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। वर्तमान में चारधाम की यात्रा एवं अन्य पर्यटक स्थलों के बन्द होने की वजह से होटल व्यवसाय, परिवहन व्यवसाय पोटर एवं अन्य गतिविधियाँ लगभग ठप्प हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज घोषणा की कि विषम आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद राज्य सरकार ऐसे क्षेत्रों में कार्यरत व व्यवसायरत् व्यक्तियों के बैंक खाते में सीधे धनराशि हस्तान्तरित करेगी। इसके अतिरिक्त विभिन्न व्यवसायिक गतिविधियों हेतु लाईसेंस शुल्क आदि पर भी छूट प्रदान की जायेगी। इससे लगभग 01 लाख 64 हजार लाभार्थी व परिवार लाभान्वित होंगे। इसके लिए लगभग 200 करोड़ की व्यवस्था की गई हैं। इस पैकेज से पर्यटन क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों को मदद मिलेगी एवं राज्य की आर्थिकी में भी तेजी आयेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राहत एवं सहायता के अंतर्गत पर्यटन विभाग एवं अन्य विभागों में पंजीकृत पर्यटन व्यवसाय की विविध गतिविधियों के संचालन में संलग्न व्यक्तियों को 2000 रूपये प्रतिमाह की दर से 06 माह तक आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी, जिसके तहत 50,000 लाभार्थी लाभान्वित होंगे। उत्तराखण्ड पर्यटन यात्रा व्यवसाय नियमावली के अन्तर्गत पंजीकृत टूर ऑपरेटरों एवं एडवेंचर टूर ऑपरेटरों को 10,000 रूपये की दर से आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जायेगी, जिससे 655 लाभार्थियों को इसका लाभ प्राप्त होगा। वहीं पंजीकृत 630 रीवर गाईडस को 10,000 रूपये की दर से आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जायेगी।

टिहरी झील के अन्तर्गत पंजीकृत 93 बोट संचालकों को रूपये 10,000 की दर से आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जायेगी। पर्यटन विभाग में पंजीकृत और लाईसेंस नवीनीकरण शुल्क से भी छूट प्रदान की जायेगी, जिसमें 600 लाभार्थी लाभान्वित होंगे। कुल 301 पंजीकृत राफ्टिंग एवं एयरों स्पोर्टस सेवा प्रदाताओं को लाईसेंस नवीनीकरण शुल्क में छूट दी जाएगी। वहीं टिहरी झील के अन्तर्गत कुल 98 बोट संचालकों को नवीनीकरण में वित्तीय वर्ष 2021-22 हेतु नवीनीकरण शुल्क से छूट प्रदान की जायेगी। परिवहन विभाग के अन्तर्गत सार्वजनिक सेवायानों के चालकध्परिचालकध्क्लीनर को रू० 2000 की मासिक दर से कुल 06 माह आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी। इससे 103235 लाभार्थियों को योजना का लाभ प्राप्त होगा।

शहरी विभाग के अन्तर्गत नैनीताल जनपद के अन्तर्गत नैनी, नौकुचियाताल, भीमताल, सातताल एवं सडियाताल में पंजीकृत कुल 549 बोट संचालकों को रू० 10,000 की दर से आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी। शहरी विभाग के अन्तर्गत नैनीताल जनपद में नैनी झील के अन्तर्गत बोट नवीनीकरण शुल्क में 671 लाभार्थियों हेतु वित्तीय वर्ष 2021-22 में छूट प्रदान की जायेगी।

सांस्कृतिक दलों का रूपये 2000 प्रतिमाह की प्रोत्साहन धनराशि 05 माह तक दी जायेगी। इससे 6500 लाभार्थियों को लाभ मिलेगा। वन विभाग के अन्तर्गत ट्रैकिंग एवं पीक फीस पर छूट प्रदान की जायेगी। नैनीताल जनपद के अन्तर्गत नौकुचियाताल, भीमताल, सातताल एवं सडियाताल के अन्तर्गत बोट नवीनीकरण हेतु कुल 329 लाभार्थियों को शुल्क में वित्तीय वर्ष 2021-22 हेतु छूट प्रदान की जायेगी। वित्त विभाग के अन्तर्गत वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली एवं दीनदयाल उपाध्याय होमस्टे योजना हेतु ऋण पर 06 माह के लिये ब्याज प्रतिपूर्ति सहायता प्रदान की जायेगी।

कोरोनाकाल के चलते प्रदेश का पर्यटन उद्योग बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। ऐसे में संकट की इस घड़ी में 200 करोड़ रुपये का राहत पैकेज देकर सरकार ने पर्यटन उद्योग से जुड़े होटल मालिकों, सड़क किनारे के ढाबों, यात्राओं पर ले जाने वाले संचालकों और इस क्षेत्र से जुड़े हजारों अन्य लोगों को बड़ी राहत देने का काम किया है। पर्यटन उद्योग से जुड़े कारोबारियों और व्यापारियों की ओर से हम सरकार का आभार व्यक्त करते हैं।

– सतपाल महाराज, पर्यटन मंत्री

पर्यटन से प्रदेश भर के लाखों लोगों की रोजी रोटी जुड़ी है। सरकार का 200 करोड़ रुपये का यह राहत पैकेज संकट की इस घड़ी में पर्यटन उद्योग में जान फूंकने का काम करेगा। जिसका लाभ पर्यटन से जुड़े टूर ऑपरेटरों एवं एडवेंचर टूर ऑपरेटरों, बोट संचालकों, राफ्टिंग एवं एयरों स्पोर्टस सेवा प्रदाताओं सहित लाखों लोगों को सीधे तौर पर मिलेगा और पर्यटन को गति मिलेगी।

– दिलीप जावलकर, पर्यटन सचिव

जीएमवीएन की वेबसाइट से तीर्थयात्रियों ने हेली सेवा के लिए की थी बुकिंग, अब लौटाई जाएगी


कोरोना के बढ़ते मामलों को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा स्थगित करने का निर्णय लिया था। इसके फलस्वरूप जिन यात्रियों ने श्री केदारनाथ हेली सेवा के लिए अग्रिम बुकिंग करायी थी उन यात्रियों की धनराशि वापिस करने का उत्तराखंड सरकार ने निर्णय लिया है। पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने जीएमवीएन को तीर्थयात्रियों को टिकट की धनराशि लौटाने के निर्देश दिये हैं।

जीएमवीएन ने देहरादून के राजपुर रोड स्थित यस बैंक के शाखा प्रबंधक को पत्र लिखकर तीर्थयात्रियों की धनराशि हस्तांतरित करने का निर्देश दिया है। कहा ‘‘चारधाम यात्रा सदैव से ही देश-विदेश के लाखों तीर्थयात्रियों को उत्तराखंड की ओर आकर्षित करती रही है। हालांकि कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमण फैलने के खतरे और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार की ओर से इस साल चारधाम यात्रा को स्थगित करने का फैसला लिया गया है।’’

देश-विदेश के तीर्थयात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 17 मई से संचालित की जाने वाली हेली सेवा के लिए 2 अप्रैल 2021 से जीएमवीएन की वेबसाइट के माध्यम से टिकटों की अग्रिम ऑनलाइन बुकिंग शुरू की गई थी। जिसके लिए कई तीर्थयात्रियों की ओर से ऑनलाइन टिकटों की बुकिंग की गई थी।

जीएमवीएन के प्रबंध निदेशक आशीष चैहान ने बताया कि बुकिंग की धनराशि हेली ऑपरेटर्स की ओर से जीएमवीएन द्वारा ली जाती है, जो कि जीएमवीएन के यस बैंक लिमिटेड द्वारा संचालित खाते में हस्तांतरित होती है। आज यस बैंक को २०० रुपए की प्रोसेसिंग फीस छोड़ कर बाकी धनराशि यात्रियों के बैंक खातों में जमा करने के निर्देश दे दिए गए है ।

अब तक 11 हजार से अधिक यात्रियों ने हेली सेवा की बुकिंग की थी। इस फैसले से देश-विदेश के हजारों तीर्थयात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

16 फरवरी से महिंद्रा थार फेस्टिवल की शुरूआत, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

उत्तराखंड में पर्यटन की अपार संभावनाएं है, प्रदेश के सभी 13 जिलों में एक से बढ़कर एक पर्यटक स्थलों के अलावा कई विशेष खासियत हैं, जिससे देश दुनिया में उत्तराखंड को अलग पहचान मिलती है। इन्हीं सब बातों को देखते हुए उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले स्थित केदारघाटी में होटल इंडस्ट्री के तौर पर अपने देश दुनिया में अलग पहचान बना चुके हैं, क्लब रिट्रीट ग्रुप द्वारा केदारघाटी में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने के लिए महिंद्रा थार फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है। दो दिन तक चलने वाले इस फेस्टिवल की आगामी 16 फरवरी से शुरुआत होगी।

क्लब रिट्रीट ग्रुप के संचालक और कम उम्र के एट्रप्रन्योर जतिन बगवाड़ी ने बताया कि महिंद्रा थार फेस्टिवल 16 फरवरी को गुप्तकाशी में और 17 फरवरी को चोपता में आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन से केदार घाटी के अलावा आस-पास के इलाके भी एक्सप्लोर हो सकेंगे। इसके अलावा पर्यटक ऑफ रोड ड्राइविंग का मजा ले सकेंगे। इतना ही नही एडवेंचर टूरिज्म में दिलचस्पी रखने वाले पर्यटक के लिए केदार घाटी खास जगह बन जाएगी। जतिन की खास बात यह है कि समय-समय पर इस तरीके के आयोजन से केदारघाटी को गुलजार रखते हैं। वर्तमान में वे विलेज रिवर रिट्रीट गुप्तकाशी केदार रिवर रिट्रीट सीतापुर (गौरीकुंड), आईवीवाई टॉप श्रीनगर समेत आधे दर्जन रिसोर्ट का संचालन कर रहे हैं।

विस्तारीकरण के नाम पर टिहरी बांध विस्थापितों को न किया जाए दुबारा विस्थापित- निशंक

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण देहरादून हवाई अड्डा सलाहकार समिति की राज्य अतिथि गृह भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण में एक बैठक आयोजित की गई।
बैठक में समिति के अध्यक्ष देश के शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक की अध्यक्षता में हुई। बैठक में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण देहरादून हवाई अड्डा सलाहकार समिति के समक्ष निदेशक डीके गौतम ने एयरपोर्ट के विकास कार्यों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं के एजेंडे को रखा।
बैठक में डाॅ. निशंक ने देहरादून एयरपोर्ट के विस्तारीकरण एवं विकास के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने देहरादून एयरपोर्ट को देश का नंबर वन एयरपोर्ट बनाने के लिए हर सम्भव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने सभी फ्लाइट प्रबंधकों को सुझाव दिया कि देहरादून से रात्रि 9 बजे भी फ्लाइट जानी चाहिए। जिससे आम जनमानस को सुविधा मिल सके। उन्होंने जीएमवीएन और केएमवीएन के साथ मिलकर पर्यटन के लिए एक अच्छी सी योजना बनाने के निर्देश दिये।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड बहुत ही खूबसूरत जगह है इसके लिए एक हिमालय दर्शन योजना बनानी चाहिए। जिससे देश विदेश से आने वाले पर्यटकों को हिमालय दर्शन का अवसर मिले। बैठक में डीके गौतम ने बताया की अभी आने वाले समय में एयर टैक्सी नामक एक योजना शुरू होने वाली है जो चंडीगढ़ से हिसार के लिए शुरू होगी। इसमें लगभग 3 लोग जा पाएंगे और जिसका किराया लगभग ढाई हजार के करीब होगा।
केन्द्रीय मंत्री डाॅ. निशंक जी ने कहा की एयरपोर्ट को सुंदर और नंबर वन बनाने के लिए हमें पूरा प्रयास करना होगा और एयरपोर्ट विस्तारीकरण, विकास कार्य का कार्य तेजी से हो, इसमें ढिलाई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि टिहरी बांध विस्थापित पहले ही अपना घर बार छोड़कर यहां विस्थापित हुए हैं, विस्तारीकरण में दोबारा टिहरी बांध के विस्थापितों को घर ना छोड़ना पड़े, इस पर गहनता से विचार होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि एक हिमालयन लाइब्रेरी, एयरपोर्ट के सौजन्य से किसी स्थान पर बने और सीएसआर फंड द्वारा स्थानीय स्कूलों का विकास किया जाए। जिस पर एयरपोर्ट डायरेक्टर ने माजरी इंटर कॉलेज को गोद लेने को बात कही। उन्होंनेे कहा कि हमारी प्राथमिकता स्थानीय लोगों के प्रति संवेदना होनी चाहिए। स्थानीय लोगों को रोजगार मिले, किसी भी कारण से उनका रोजगार ना छीन पाए। वहीं, सलाहकार समिति सदस्य रविंद्र बेलवाल के द्वारा स्थानीय जन समस्याओं को लेकर केन्द्रीय मंत्री को अवगत कराया गया। जिस पर उन्होंने गंभीरता लेते हुए उक्त मार्ग को चैड़ा करने के लिए शीघ्र प्रयास करने के निर्देश दिए।
केन्द्रीय मंत्री ने एयरपोर्ट पर बीएसएनल की कनेक्टिविटी में सुधार हेतु केन्द्रीय राज्य मंत्री संजय धोत्रे से फोन पर वार्ता की। बैठक में डायरेक्टर ने एयरपोर्ट बिल्डिंग की आख्या प्रस्तुत की। उसके बाद डाॅ निशंक ने निर्माणाधीन नई टर्मिनल बिल्डिंग का भी निरीक्षण किया और कार्य को शीघ्र पूरे करने के निर्देश दिए।
बैठक में सदस्य रविन्द्र बेलवाल, संजीव चैहान, पूर्व मित्तल, राजीव तलवार, मोहन सिंह बर्निया, राजेंद्र सिंह खाती, एसडीएम लक्ष्मी राज चैहान, मनवीर चैहान आदि उपस्थित रहे।

कोटद्वार से श्रीनगर के बीच बनेगी ऑलवेदर रोड

ऑलवेदर रोड की तर्ज पर कोटद्वार से श्रीनगर तक हाईवे का निर्माण किया जाएगा। इसके तहत कोटद्वार से श्रीनगर तक हाईवे की चैड़ाई 12 मीटर होगी। एनएच के चैड़ीकरण और डामरीकरण का कार्य चार चरणों में किया जाएगा। कोटद्वार-पौड़ी-श्रीनगर हाईवे चारधाम यात्रा का वैकल्पिक मार्ग बनेगा और इसके बनने से यूपी, दिल्ली के पर्यटकों को आवाजाही में सुगमता होगी। यह बातें वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने पत्रकार वार्ता में कहीं।

वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने बताया कि कोटद्वार-पौड़ी-श्रीनगर हाईवे पौड़ी गढ़वाल जिले की लाइफ लाइन बनेगी। इस हाईवे के बनने से जिले में पलायन पर रोक लगेगी और टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि कोटद्वार से श्रीनगर तक हाईवे की चैड़ाई 12 मीटर होगी, जबकि मेरठ से कोटद्वार तक एनएच को फोर लेन बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि गत विधानसभा चुनाव के दौरान नितिन गडकरी ने एनएच को आलवेदर रोड की तर्ज पर निर्माण कराने की घोषणा की थी, जिसे सरकार जल्द पूरा करने जा रही है। कहा कि पहले चरण में सतपुली से अगरोड़ा के लिए वन भूमि क्लीयरेंस के साथ ही 82 करोड़ की धनराशि की स्वीकृति मिल चुकी है। अगले तीन-चार दिनों में टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कहा कि कोटद्वार से दुगड्डा के लिए 196 करोड़, दुगड्डा से गुमखाल के लिए 225 करोड़, गुमखाल से सतपुली के लिए 250 करोड़ और अगरोड़ा से श्रीनगर के लिए 280 करोड़ के प्राक्कलन को भी जल्द स्वीकृति मिल जाएगी। इस मौके पर वन मंत्री के ओएसडी विनोद रावत, पीआरओ सीपी नैथानी, सुरेंद्र सिंह गुसाईं, मुकेश नेगी आदि मौजूद रहे।

द्वितीय चरण में बनेंगी सुरंग
वन मंत्री ने कहा कि एनएच के चीफ और मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल की बैठक में वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया की जा रही है। द्वितीय चरण में दुगड्डा से सतपुली और सतपुली से खंडाह के लिए सुरंगें प्रस्तावित की जाएगी।

लोकपरंपरा व संस्कृति के रंगों से सराबोर हुई कुंभनगरी

हरिद्वारः कुंभ 2021 के लिए तैयार हो रही धर्म नगरी इस बार लोक परंपराओं व संस्कृति के रंगों से सराबोर हो उठी है। यहां दीवारों पर उकेरा गया धार्मिक आस्था, लोक परंपराओं व पौराणिक सांस्कृति का वैभव भी श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करेगा। सरकार की ओर से धर्मनगरी को सजाने-संवारने के साथ ही स्वच्छ बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि “राज्य सरकार दिव्य और भव्य कुम्भ के लिए प्रतिबद्ध है। प्रयास किए जा रहे हैं कि कुंभ में यहां आने वाले करोड़ों श्रद्धालु उत्तराखण्ड की लोक व सांस्कृतिक विरासत से भी रूबरू हों।“

प्रदेश में देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण व संवर्धन के लिए सरकार गम्भीरता से प्रयास कर रही है। हरिद्वार कुंभ-2021 को भी इसके लिए मुफीद मौका माना जा रहा है। इसके लिए चित्रकला को जरिया बनाया गया है। कुंभ क्षेत्र में सरकारी भवनों समेत पुल, घाट आदि की दीवारों को धार्मिक मान्यताओं के पौराणिक चित्रों व संस्कृति के रंग बिखेरते चित्रों से सजाया गया है। इसके पीछे भी मंशा यही है कि देश और दुनिया से आए श्रद्धालुओं के मन में आस्था भाव का तो जागृत हो ही वह यहां की परंपरा, संस्कृति और पौराणिक विरासत से भी रूबरू हो सकें। हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण के ‘पेंट माई सिटी’ कैम्पेन से धर्म नगरी की फिजा ही बदल दी गई है। यहां दीवारों व खाली स्थानों पर देवभूमि की परंपराओं और संस्कृति के बखरे पड़ें रंग देखने लायक है। कहीं देवी-देवताओं, धार्मिक परम्पराओं के तो कहीं लोक संस्कृति के चित्र सजीवता लिए हुए हैं। कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि कुंभ मेला क्षेत्र को चित्रकला से सजाने में विभिन्न संस्थाओं का सहयोग रहा है। सरकार की मंशा के अनुरूप मेक माय सिटी कैंपेन से धर्म नगरी में परंपराओं और संस्कृति के रंग भी देखने को मिलेंगे। कुंभ तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। इस बार का कुंभ दिव्य और भव्य होगा।