पीएम के साहसिक निर्णय से देश सुरक्षित महसूस कर रहाः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित मुख्यमंत्रियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिग में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के समय पर लिए गए साहसिक निर्णय से देश आज खुद को सुरक्षित महसूस कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कोविड-19 के दृष्टिगत समय-समय पर प्रधानमंत्री के साथ ही अन्य केन्द्रीय मंत्रियों, कैबिनेट सचिव एवं अन्य विभागीय सचिवों द्वारा दिये गये मार्ग दर्शन के लिये भी आभार व्यक्त किया।

लॉकडाउन में गरीबों के लिए की गई व्यापक व्यवस्था
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि लॉकडाउन के दौरान राज्य का कोई भी गरीब व्यक्ति भूखा नहीं सोया है। राज्य सरकार के साथ ही सामाजिक स्तर पर इसकी व्यापक व्यवस्था की गई है। कोविड-19 की रोकथाम के लिये राज्य में लगभग 500 डॉक्टरों की तैनाती की गई तथा इतने ही पैरामेडिकल स्टॉफ की व्यवस्था गई। राज्य के 13 जिलों में से 11 जिलों में आई.सी.यू., वेंटिलेटर एवं बाईपैप की व्यवस्था तथा पैरामेडिकल स्टॉफ के प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है ताकि किसी भी असामान्य परिस्थिति का सामना किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कोरोना के मामले 45 दिनों में डबल हो रहे हैं तथा रिकवरी रेट 67.6 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि राज्य में 68 पोजिटिव मामले हैं जिनमें से 46 व्यक्ति स्वस्थ होकर घर लौट गये हैं।

45 हजार प्रवासियों को स्पेशल ट्रेन से लाया जा चुका है वापस
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक राज्य में 45 हजार प्रवासियों को वापस लाया गया है। जिसका व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया गया है। पुणे व सूरत से भी ट्रेन द्वारा लोगों को वापस लाया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा लगभग 2 लाख श्रमिकों के खाते में 2,000 रू0 की धनराशि जमा करायी गयी है। लगभग 3500 उद्योगों में 45 प्रतिशत क्षमता के साथ कार्य आरम्भ किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में श्रमिक कानूनों में सुधार किया गया है। कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग की दिशा में पहल की गई है। मुख्यमंत्री ने उद्योगों की भांति किसानों को सिंगल विंडो सिस्टम की तरह पोर्टल तैयार किये जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि किसान मजबूत होगा तो आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि खनन के चुगान में बड़ी संख्या में श्रमिकों की आवश्यकता रहती है। इसके लिये भी एन.जी.टी से अनुमति प्रदान करने में प्राथमिकता दिये जाने की अपेक्षा मुख्यमंत्री ने की।

ग्रीन जोन में पर्यटन को अनुमति दी जाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आवासीय विद्यालयों को खोलने की अनुमति प्रदान करने के साथ ही वित्तीय सीमितता एवं टैक्स कलेक्शन में हो रही कमी के कारण ऋण सीमा को 3 प्रतिशत से 4 प्रतिशत किया जाए। कंटेनमेंट जोन के बाहर आर्थिक गतिविधियों को अनुमति दी जाए। राज्य के अन्दर ग्रीन जोन के बीच में सीमित पर्यटन गतिविधियां अनुमन्य की जाए। राज्य के द्वारा मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना पीएमईजीपी के स्वरूप पर प्रारम्भ कर दी गई है।

मनरेगा के अंतर्गत मानक गतिविधियों में होम स्टे एवं अन्य गतिविधियां भी अनुमन्य की जाए। मनरेगा के अंतर्गत अल्पावधि कृषि गतिविधियों को भी अनुमन्य किया जाना चाहिए। व्यक्तिगत लाभ की श्रेणी में पुरुष जॉब कार्ड धारक को फार्म उत्पादन प्रसंस्करण यूनिट का निर्माण अनुमन्य किया जाए (वर्तमान में यह एनआरएलएम स्वयं सहायता समूह की महिलाओं हेतु ही अनुमन्य है।) मनरेगा के पैटर्न पर शहरी क्षेत्रों में मजदूरों हेतु एक नई योजना लाई जानी चाहिए।

राज्य में काफी संख्या में प्रवासी आ रहे हैं जिनके पास कोई राशन कार्ड नहीं है। भारत सरकार द्वारा 01 अप्रैल के उपरांत राशन कार्ड बनाने पर मनाही की गई है। यह लोग अत्यंत गरीब है एवं राज्य में इनकी संख्या करीब 03 लाख के आसपास है। इनके जीवनयापन का भी कोई तत्काल साधन नही है। अतः इनके राशन कार्ड बनाने अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एस0डी0आर०एफ0 की धनराशि से कोविड-19 के प्रबन्धन तथा अवस्थापना सृजन से सम्बन्धित समस्त खर्चे को अनुमन्य किया जाना चाहिए।

कुंभ क्षेत्र में गैस लाइन डालने को मिली हरी झंडी

राज्य सरकार ने लॉकडाउन के दौरान गेल को गैस पाइप लाइन डालने का काम शुरू करने की हरी झंडी दे दी है। गेल को कुंभ क्षेत्र और अखाड़ों के अंदर तक गैस पाइप लाइन पहुंचानी है। विदित हो कि लॉकडाउन के चलते कुंभ के सभी काम रोक दिए गए थे। अब तक तो हरकी पैड़ी और व्यस्त बाजार क्षेत्र तक गैस पाइप लाइन डालने का काम पूरा हो गया होता।
राज्य सरकार के अनुमति पत्र को जिलाधिकारी ने कार्य शुरू की परमिशन देने के लिए मेलाधिकारी कुंभ के पास भेज दिया है। मेन रोड पर आर्यनगर से शहर कोतवाली तक और निष्काम सेवा ट्रस्ट भूपतवाला से कांगड़ा मोड़ हरकी पैड़ी के पास तक गैस पाइप लाइन डाली जा चुकी है।

15 किलोमीटर की लाइन डलवानी है
रेलवे रोड से सप्तसरोवर तक और देश रक्षक से आईटीआई जगजीतपुर तक कुंभ एरिया में लगभग 15 किलोमीटर ट्रंक लाइन दो महीने के अंदर डालनी है। इस काम के लिए मई व जून का ही समय गेल के पास है। इसके बाद मानसून में काम नहीं होगा और मानसून समाप्त होने के तुरंत बाद खुदी सड़कों का पुनर्निर्माण व सुदृढ़ीकरण कार्य किया जाना है।
गेल के परियोजना प्रबंधक प्रंजय जोशी ने बताया कि उत्तरी हरिद्वार में भारतमाता मंदिर से रेलवे रोड तक लगभग आठ किमी और देश रक्षक चैक से आईटीआई जगजीतपुर तक एरिया में लगभग छह किमी मेन ट्रंक लाइन डालने का काम प्राथमिकता में है। राज्य सरकार ने अनुमति दे दी है और सोमवार तक मेला प्रशासन से अनुमति मिलने की उम्मीद है। मंगलवार से काम शुरू हो जाएगा।

चारधाम यात्रा की बुकिंग रद्द करवा रहे यात्रियों को जीएमवीएन दे रहा सुविधा

वैश्विक महामारी के कारण जहां देशव्यापी लाॅकडाउन हो रहा है, इसी बीच विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा की बुकिंग भी रद्द हो रही है। गढ़वाल मंडल विकास निगम को मिली बुकिंग में एक करोड़ 25 लाख की बुकिंग अभी तक रद्द हो चुकी है। जीएमवीएन के यात्रा कार्यालय को बुकिंग रद्द करने के लिए अभी तक दो हजार ईमेल मिल चुकी हैं। इसके अलावा रोजना काॅल आ रही हैं।
जीएमवीएन की ओर से यात्रियों को बुकिंग रद्द नहीं करने की अपील की जा रही है। जीएमवीएन ने यात्रियों को सुविधा दी है कि वे अपनी बुकिंग का अगले दो वर्षों में समयानुसार उपयोग कर सकते हैं। 26 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम के कपाट खुल रहे हैं। जबकि 29 अप्रैल को केदारनाथ व 30 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा शुरू हो जाएगी।

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना के पहले स्टेशन पर स्पेशल ट्रेन का ट्रायल

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना के योग नगरी रेलवे स्टेशन पर सीसीआरएस स्पेशल ट्रेन का ट्रायल किया गया। ट्रायल का निरीक्षण करने पहुंचे रेल सुरक्षा आयुक्त ने ट्रेन का ट्रायल सफल रहा या नहीं, इस पर कुछ नहीं बोला। वहीं डीआरएम मुरादाबाद मंडल का कहना है कि ट्रायल सफल रहा, लेकिन इसकी फाइनल रिपोर्ट रेल सुरक्षा आयुक्त देंगे। वहीं, सूत्रों के अनुसार स्टेशन में रेल लाइन के समीप कुछ खामियां पाई गई हैं।
गौरतलब है कि पिछले काफी लंबे समय से योग नगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन में ट्रेन के ट्रायल के लिए रेलवे विकास निगम वीरभद्र रेल लाइन और स्टेशन का कार्य जोरों से किया जा रहा था। इसके बाद मंगलवार को यहां स्टेशन मेें रेल सुरक्षा आयुक्त शैलेश कुमार पाठक के नेतृत्व में सीसीआरएस स्पेशल ट्रेन के संचालन का ट्रायल किया गया।
इसके बाद ट्रायल की रिपोर्ट भी पेश की जानी थी। मगर रिपोर्ट पेश करने के बजाय मौके पर उपस्थित सभी आला अधिकारी चुप्पी साध गए। वहीं, संपर्क साधने पर डीआरएम मुरादाबाद तरुण प्रकाश ने बताया कि उनके अनुसार सीसीआरएस स्पेशल का ट्रायल सफल रहा है। वहीं, सूूत्रों के अनुसार प्लेटफार्म नंबर एक का टीनशेड काफी बाहर निकला हुआ है। समीप में रेल लाइन के ऊपर विद्युत लाइन होने से ट्रेन के संचालन के दौरान करंट का खतरा बना हुआ है।

बर्फबारी और बारिश ने बढ़ाई परेशानी, ठंड लौटी

होली के दिन प्रदेश के कई इलाकों में चटख धूप खिली रही, लेकिन आज मौसम ने ऐसी करवट ली कि ठंड का अहसास हो गया। राजधानी देहरादून सहित मैदानी इलाकों में सुबह से बादल छाए रहे। वहीं, मंगलवार को कहीं-कहीं बारिश भी हुई है।
चमोली जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में आज तड़के बर्फबारी हुई और निचले क्षेत्रों में बारिश हुई। बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, रुद्रनाथ, घांघरिया के साथ ही अन्य ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने की सूचना है। फिर ठंड लौटी आई है। श्रीनगर क्षेत्र में बादल छाए हुए हैं। यहां तेज हवांए चल रही हैं।
नैनीताल हल्के बादल छाए हैं। पिथौरागढ़ में हल्के बादलों के साथ धूप खिली है। पंतनगर में बादलों के साथ सूरज की आंख मिचैली जारी हैं।

बारिश और ठंड से परेशान हो रहे लोग
अभी बारिश और ठंड लोगों को और सता सकती है। आईआईटी के वैज्ञानिकों के अनुसार हरिद्वार जिले में 12 से 14 मार्च के बीच ओलावृष्टि और गरज के साथ कुल 47 मिमी बरसात होने की संभावना है। अधिकतम तापमान 22 से 25 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान आठ से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। आईआईटी के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा केंद्र के अनुसार अधिकतम सापेक्षिक आर्द्रता 80-90 प्रतिशत और न्यूनतम सापेक्षिक आर्द्रता 40 से 50 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है।

ओलावृष्टि और गरज के साथ बारिश की संभावना
11 मार्च को उत्तर-पश्चिम तथा 12-14 मार्च को दक्षिण-पूर्व दिशा से छह से 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। वहीं पौड़ी गढ़वाल जनपद में 12-14 मार्च के बीच कुल 38 मिमी बरसात होने की संभावना है। देहरादून जनपद में 12-14 मार्च के बीच ओलावृष्टि और गरज के साथ कुल 60 मिमी बरसात होने की संभावना है। उन्होंने सलाह दी है कि किसान 14 मार्च तक सिंचाई, कीटनाशकों के छिड़काव तथा उर्वरकों के उपयोग को रोक दें।
निचले, गहरे स्तर के खेतों से पानी की अत्यधिक मात्रा को निकालने के लिए जल निकास की उचित व्यवस्था करें। साथ ही दुधारू पशुओं को संतुलित आहार दें। ओलावृष्टि व बरसात के पूर्वानुमान को देखते हुए पशुधन को खुले में न छोड़ें।

पर्वतीय जिलों का विकास सरकार की प्राथमिकताः मुख्यमंत्री

चंपावत जिले के भ्रमण पर पंहुचे मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने चंपावत जिले को कई सौगातें दी। इस अवसर पर उन्होंने जिला मुख्यालय के गोल्ज्यू मैदान में तीन दिवशीय चंपावत महोत्सव में प्रतिभाग किया गया। इस दौरान उन्होंने जिले के विकास हेतु 116 करोड़ 26 लाख रुपये की लागत के कुल 33 कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। जिसमें 64 करोड़ 21 लाख 17 हजार की कुल 17 योजनाओं का शिलान्यास तथा 52 करोड़ 4 लाख 63 हजार रुपये की लागत के 16 कार्यों का लोकार्पण किया गया।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा जनपद के विकास हेतु विभिन्न घोषणाएं की जिसमें चम्पावत मुख्यालय में पार्किंग का निर्माण, विकास खण्ड लोहाघाट के विसुंग के टाड़ खेल मैदान में चहार दीवारी का निर्माण, पाटी के राजकीय इंटर कॉलेज मुलाकोट व लोहाघाट के राजकीय इंटर निडिल में दो दो अतिरिक्त कक्षा कक्ष्यों का निर्माण, स्यामलाताल का सौंदर्यीकरण किए जाने, सुखी ढांग डांडामिनार सड़क में 30 किलोमीटर सड़क का डामरीकरण कराए जाने के साथ की चम्पावत को पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित किए जाने की घोषणाएं की गईं। इसके अतिरिक्त माननीय मुख्यमंत्री ने जनपद चम्पावत जो लिगांनुपात में पूरे देश में पिछड़ा हुवा था इन वर्षों में जिले में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसे अभियान चलाकर सभी के सहयोग से वर्तमान में लिंगानुपात प्रति हजार 974 हो जाने पर बधाई देते हुए इस सराहनीय व उल्लेखनीय कार्य करने वाले सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, महिलाओं को 10 -10 हजार रुपये पुरुस्कार की घोषणा देते हुए जिलाधिकारी चम्पावत व टीम को बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेले में विभिन्न विभागों आदि के द्वारा जो भी स्टाल लगाए गए हैं उससे जिले के विकास की झलक दिखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि मेलों का स्वरूप बदलना चाहिए मेले में ग्रामीण क्षेत्र के जो उद्यमी हैं विभिन्न पैदावार कर रहे हैं उनके उत्पाद मेले में प्रदर्शित हों,ताकि मेले में आने वाले युवाओं को वह दिखे ओर उससे प्रेरित हों। उन्होंने कहा कि मेलों के माध्यम से लोगों को विशेष रूप से युवाओं को इन उत्पादों के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई जाय। उन्होंने कहा कि युवाओं में जो ब्यवसायिकता की कमी व अभाव है इस प्रकार के मेलों के आयोजन से युवाओं में ब्यवसायिकता के गुण सीख सकते हैं, यहां के युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है।
कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री विगत दिनों जनपद के जी.आई.सी रोड निवासी शहीद राहुल रैंसवाल के घर गए जहां उन्होंने उनके परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि उनके पुत्र ने देश की सेवा में अपना जो योगदान दिया उससे सम्पूर्ण राज्य उन्हें हमेशा याद रखेगा। उन्होंने कहा कि वीर सहीद की धर्मपत्नी को उनकी योग्यता के अनुसार सरकारी नोकरी प्रदान की जाएगी। इससे पूर्व जनपद आगमन पर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा न्याय के देवता गोल्ज्यू के मंदिर जाकर पूजा अर्चना कर ईश्वर से प्रदेश की खुशहाली की कामना कर आशीर्वाद लिया ।
इस अवसर पर विधायक चंपावत कैलाश गहतोड़ी, लोहाघाट पूरन फर्त्याल, अध्यक्ष जिला पंचायत ज्योति राय, दर्जा राज्य मंत्री हयाद माहरा, जिलाधिकारी सुरेन्द्र नारायण पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

मौसम का फिर बिगड़ा मिजाज, बर्फबारी और ओलावृष्टि का अलर्ट

उत्तराखंड के कई इलाकों में आज और कल भारी बारिश और बर्फबारी हो सकती है। कुछ इलाकों में बिजली गिरने का अलर्ट भी जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि होने के भी आसार हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, प्रदेशभर के कई इलाकों में आज मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा। राज्य के ज्यादातर स्थानों में गरज और चमक के साथ बारिश हो सकती है। वहीं, तीन हजार मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ भी गिर सकती है।
राजधानी देहरादून और उसके आसपास के इलाकों में आंधी और बारिश के साथ ओले भी गिर सकते हैं। मौसम विभाग ने कई क्षेत्रों में बिजली गिरने का अनुमान भी जताया है। मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार एक मार्च को भी ज्यादातर स्थानों पर मौसम इसी तरह का बना रहेगा। उसके बाद हालांकि मौसम में सुधार होगा। बारिश के बावजूद राजधानी में तापमान सामान्य बना रहने की उम्मीद है।

केदारनाथ में बर्फ हटाने का कार्य शुरु
केदारनाथ यात्रा तैयारियों के तहत प्रशासन के दिशा-निर्देशन में यात्रा मैनेजमेंट फोर्स (वाईएमएफ) का 60 सदस्यीय दल गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर चरणबद्ध बर्फ सफाई में जुट गया है। शुक्रवार को भीमबली से रामबाड़ा के बीच बर्फ को काटकर रास्ता बनाने का कार्य शुरू किया गया है।
यात्रा मैनेजमेंट फोर्ट (वाईएमएफ) के 44 जवानों समेत 60 सदस्यीय दल बीते एक सप्ताह से भीमबली में डेरा जमाए हुए है। पहले चरण में जंगलचट्टी से भीमबली तक पैदल मार्ग पर जमा हल्की बर्फ को साफ किया गया। दूसरे चरण में शुक्रवार को भीमबली से रामबाड़ा के बीच बर्फ को काटकर रास्ता बनाने का कार्य शुरू किया गया है।
2013 की आपदा के बाद निर्मित नए मुख्य मार्ग के बजाय डेढ़ किमी वैकल्पिक मार्ग पर पांच से छह फीट तक बर्फ है, जिसे साफ करने में दिक्कतें आ रही हैं। क्योंकि यहां घना जंगल होने से धूप कम पड़ती है, जिससे बर्फ की मोटी परत कठोर हो चुकी है। सहायक अभियंता (एई) दीपचंद्र नवानी ने बताया कि एक माह में मरम्मत के सभी कार्य पूरे कर दिए जाएंगे।

दिल्ली-हरिद्वार-देहरादून के लिए चलेगी तेजस ट्रेन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने नई दिल्ली में रेल मंत्री पीयूष गोयल से भेंट कर उत्तराखण्ड में रेल सुविधाओं के विस्तार पर चर्चा की। बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए रेल मंत्री ने बताया कि उत्तराखण्ड की रेल परियोजनाओं के लिए बजट की कमी नहीं आने दी जाएगी। मुख्यमंत्री के अनुरोध पर नई दिल्ली-हरिद्वार-देहरादून के लिए समस्त आधुनिक सुविधाओं से युक्त तेजस ट्रेन को सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है। पाथ-वे उपलब्ध होते ही इसे शुरू कर दिया जाएगा। उत्तराखण्ड में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर काम दिखने लगा है। इसके लिए उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री और उनकी टीम की प्रशंसा की जानी चाहिए। हमें दूसरे राज्यों में जो समस्याएं आती है, उत्तराखण्ड में नहीं आई। पूरा प्रयास रहेगा कि अगले ढ़ाई वर्ष में श्रीनगर गढ़वाल तक रेल पहुंचा दी जाए। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना में इनोवेटिव काम किया जाएगा। वर्ष 2021 मे हरिद्वार में होने वाले कुम्भ मेले के लिए रेलवे विभाग, प्रयागराज की भांति ही पूरी तैयारी करेगा। देहरादून, हरिद्वार स्टेशनों की सुरक्षा और यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी।दून रेलवे स्टेशन का आधुनिकीकरण इस वर्ष नवम्बर तक कर दिया जाएगा। जल्द ही रेलवे के उच्च अधिकारियों के दल को उत्तराखण्ड भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री का आभार व्यक्त किया।

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना से सम्भावित यातायात के लिए मजबूत तंत्र जरूरी
इससे पूर्व बैठक में मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाईन परियोजना की वर्तमान प्रगति से केन्द्रीय मंत्री को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि 126 किमी0 लम्बी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन के अन्तर्गत फॉरेस्ट लैंड को नॉन फॉरेस्ट लैंड में परिवर्तन को स्वीकृति मिल गयी है। उन्होंने कहा कि 167 हेक्टेयर प्राईवेट रेवेन्यू लैंड का अधिग्रहण कर लिया गया है। परियोजना के लिए जियो टैक्नीकल इन्वेस्टीगेशन भी पूर्ण हो गयी है। इसके अन्तर्गत एक आरयूबी (रोड अंडर ब्रिज) एवं एक आरओबी (रोड ओवर ब्रिज) को तैयार कर लिया गया है, जिन्हें नियमित यातायात के लिए खोल दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री से कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इस क्षेत्र में रेल यातायात में वृद्धि होना स्वाभाविक है। इसे देखते हुए हरिद्वार-रायवाला अथवा हरिद्वार-देहरादून के मध्य रेल लाइन का दोहरीकरण किया जाना चाहिए, साथ ही, पुराने ऋषिकेश में भारी माल लादने व उतारने एवं कंटेनरों से लदे रेल वैगनों के रूकने के लिए एक रेल कंटेनर डिपो स्थापित किए जाने की भी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि देहरादून व योग नगरी ऋषिकेश स्टेशन के मध्य सीधी रेल सेवा उपलब्ध कराने के लिए लक्सर की भांति रायवाला स्टेशन से पहले डाइवर्जन लाइन का निर्माण किये जाने की भी जरूरत है।

रूड़की-देवबंद रेल परियोजना
मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री को बताया कि देवबन्द-रूड़की रेल लाईन परियोजना को विशेष रेल प्रोजेक्ट का दर्जा प्रदान किया गया है। उक्त योजना को भारत सरकार द्वारा वर्ष 2018 में 50ः50 प्रतिशत के रेलवे एवं उत्तराखण्ड राज्य के मध्य अंशदान के रूप में स्वीकृत दी गयी है। उत्तराखण्ड सरकार द्वारा परियोजना हेतु राज्य सरकार का अंशदान के रूप में वर्तमान तक कुल रू0 261.61 करोड़ की धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा अब तक अवमुक्त धनराशि को पर्याप्त मानते हुए परियोजना की अवशेष धनराशि का वित्त पोषण रेल मंत्रालय अथवा भारत सरकार द्वारा वहन किए जाने का अनुरोध किया।

नई रेल लाईनों की स्वीकृति का अनुरोध
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रेल मंत्री से लालकुंआ-खटीमा, टनकपुर-बागेश्वर और काशीपुर-धामपुर नई रेल लाईनों की स्वीकृति का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि उक्त तीनों रेल लाईनों का पर्वतीय क्षेत्र के विकास और सामरिक दृष्टि से काफी महत्व है। लालकुआं-शक्तिफार्म-सितारगंज-खटीमा नई रेल परियोजना को स्वीकृति देते हुए इसका शत प्रतिशत वित्त पोषण केंद्र द्वारा किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिथौरागढ़ व बागेश्वर क्षेत्र में आर्थिक विकास की गति को तेज करने, पर्यटक के विकास और सस्ती परिवहन सुविधा के लिए टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन की नितांत आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने काशीपुर से धामपुर वाया जसपुर नई रेल लाइन का भी शत प्रतिशत वहन केंद्र सरकार से करने का आग्रह किया। बैठक में रेल मंत्रालय और उत्तराखण्ड के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी का दौर फिर शुरू

मौसम के करवट बदलते ही उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी का दौर फिर शुरू हो गया। चारधाम समेत नैनीताल व मसूरी की चोटियों पर हिमपात हुआ है। जबकि, प्रदेश के अधिकांश इलाकों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश ने ठंड बढ़ा दी है। औली और फूलों की घाटी में भारी हिमपात हुआ है। मौसम के बदले तेवरों ने प्रदेशभर में फिर कड़ाके की ठंड लौट आई है। तापमान के गोता लगाने और बर्फीली हवाएं चलने से ठिठुरन बढ़ गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार शनिवार को भी मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की संभावना है। अधिकांश इलाकों में बारिश और बर्फबारी के साथ ही ओलावृष्टि के आसार हैं।
शुक्रवार को उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में एक बार फिर भारी हिमपात हुआ। धनोल्टी के आसपास की पहाड़ियों पर सफेद चादर बिछ गई। इसके अलावा मसूरी में मूसलाधार बारिश ने ठंड में इजाफा कर दिया। वहीं, चंपावत में बारिश के कारण सुबह छह बजे टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्वाला और बनलेख के पास चट्टान खिसककर सड़क पर आ गई। इससे मार्ग करीब पांच घंटे तक बंद रहा।
प्रदेश के अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान लुढ़ककर सामान्य से नीचे पहुंच गया है, जिससे दिन के समय भी ठिठुरन बनी रही। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के जम्मू एंड कश्मीर व हिमाचल पहुंचने के चलते उत्तराखंड में बादलों ने डेरा जमा लिया है। ऐसे में शनिवार को भी अधिकांश इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है। मैदानी क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ ही ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई। केंद्रीय राज्य मंत्री वीके सिंह का हेलीकॉप्टर खराब मौसम के चलते देहरादून से उड़ान नहीं भर सका। केंद्रीय राज्य मंत्री को हवाई मार्ग से दून से श्रीनगर और उसके बाद गौचर जाना था। मौसम खराब होने के कारण उन्हें सड़क मार्ग से ही श्रीनगर जाना पड़ा।

सैलानियों के लिए खुशखबरी, एक बार फिर हो सकती है बर्फबारी

उत्तराखंड में एक बार फिर बारिश और बर्फबारी हो सकती है। मौसम विभाग ने 19 और 20 फरवरी को प्रदेशभर में बारिश और बर्फबारी का अनुमान जताया है।
मौसम विभाग की ओर से रसाप्ताहिक बुलेटिन जारी करके बताया गया कि 17 और 18 फरवरी को प्रदेशभर में मौसम साफ रहेगा। उसके बाद 19 और 20 फरवरी को फिर मैदानी इलाकों में हल्की बारिश और पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी का अनुमान जताया है। इससे तापमान फिर गोता खा सकता है। हालांकि 21 फरवरी से दोबारा मौसम साफ हो जाएगा। वहीं रविवार को प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में आंशिक बादल छाए रहे। जहां शनिवार को दिन का अधिकतम तापमान 27 डिग्री था, वहीं रविवार को गिरकर 24.8 डिग्री पर आ गया।
वहीं, केंद्रीय खेल मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार को औली की वादियों का जमकर लुत्फ उठाया। आईटीबीपी और गढ़वाल मंडल विकास निगम के अधिकारियों के साथ उन्होंने औली की बर्फीली ढलानों का निरीक्षण किया।
केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने रविवार सुबह आईटीबीपी जवानों के साथ बर्फ की ढलानों पर दौड़ लगाकर जवानों को फिट इंडिया का संदेश दिया। उन्होंने औली के विकास को लेकर अधिकारियों के साथ चर्चा भी की। रिजिजू अपने दो दिवसीय दौरे पर शनिवार को औली पहुंचे थे। उन्होंने यहां स्नो स्कूटर की सवारी करने के साथ ही औली के प्राकृतिक सौंदर्य को भी करीब से निहारा।
केन्द्रीय मंत्री ने औली के विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि औली बहुत खूबसूरत स्थान है, लेकिन इसे विकसित करने की जरूरत है। यहां अभी भी कई कमियां हैं, जिन्हें दूर करना केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकता है।