मौसम विभाग का अलर्ट, तेज आंधी के आसार

अगले 12 घंटों के दौरान प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में बारिश होने का अनुमान है। पहाड़ी इलाकों में ओले गिरने और तेज बौछारें पड़ने के आसार हैं। मैदानी इलाकों में 70 किमी की गति से आंधी चल सकती है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार से 12 घंटे तक प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में बादल छाये रहने का अनुमान है। अधिकांश इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश की भी संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश की संभावना ज्यादा है। राज्य के लगभग सभी पहाड़ी इलाकों में बारिश होगी।
कुछ इलाकों में ओले भी गिर सकते हैं। दूसरी ओर मैदानी इलाकों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से आंधी चलेगी। आंधी की अधिकतम रफ्तार 70 किमी प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती है।

बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब की चोटियों पर हुई बर्फबारी
राजधानी दून में बादल छाये रहने का अनुमान है। दिनभर में कुछ दौर की बारिश और तेज रफ्तार आंधी चल सकती है। मौसम केंद्र के अनुसार अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री की कमी हो सकती है। इससे अधिकतम तापमान सामान्य से कम हो जाएगा।
बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की ऊंची चोटियों पर मंगलवार को तड़के बर्फबारी हुई। जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश होने से मौसम में ठंडक आ गई है। सोमवार को देर रात बारिश शुरु हो गई थी, जो मंगलवार को सुबह पांच बजे थमी। बदरीनाथ धाम में भी बारिश होने से ठंड बढ़ गई है। मौसम में आए परिवर्तन से स्थानीय लोगों के साथ ही तीर्थयात्रियों को गरमी से राहत मिल गई है।
बारिश के कारण बदरीनाथ हाईवे पर ऑल वेदर रोड परियोजना निर्माण से उड़ रही धूल भी फिलहाल थम गई है। मंगलवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। हालांकि शाम पांच बजे धूप खिलने के साथ ही मौसम सामान्य हो गया।

सरकार की इच्छा शक्ति से समय पर बनकर तैयार हुआ फ्लाईओवर

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 72 पर आईएसबीटी के समीप 2-लेन वाई शेप फ्लाईओवर का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में रिकार्ड संख्या पर्यटक आ रहे हैं। इससे हमारे राज्य के युवाओं के लिए रोजगार की सम्भावनाएं बढ़ी हैं। परंतु पर्यटकों की बढ़ती संख्या के अनुरूप आधारिक संरचना के विकास और पर्यटन सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर और ध्यान देना होगा। आने वाले समय में श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए यात्रा सुगम हो सके, इस पर कार्ययोजना बनाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आईएसबीटी के फ्लाईओवर से देहरादून में ट्रैफिक जाम से कुछ निजात मिलेगी और सुलभ यातायात की सुविधा मिलेगी। इसका निर्माण निर्धारित समय के भीतर किया गया है। यहां 100 मीटर सर्विस रोड़ विकसित की जाएगी। देहरादून में स्थित फ्लाईओवरों के नीचे के स्थान का जनहित में सदुपयोग करने के लिए विचार किया जाएगा। प्रेमनगर देहरादून के लिए बोटलनेक था, वहां सड़क चैड़ीकरण किया जा रहा है। इसके लिए 18 करोड़ रूपए स्वीकृत भी हो चुके हैं। आईएसबीटी के समीप हरिद्वार बाईपास की ओर 33 करोड़ 26 लाख रूपए लागत से बने इस फ्लाईओवर की लम्बाई 387.25 मीटर, पहुंच मार्ग की लम्बाई 210 मीटर व कुल लम्बाई 597.25 मीटर है।
इस अवसर विधायक विनोद चमोली, मेयर सुनील उनियाल गामा, अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश, मुख्य अभियंता एनएच हरिओम शर्मा आदि मौजूद थे।

उत्तराखंड में पर्यटन और धार्मिक तीर्थाटन का बड़ा महत्व: मुख्यमंत्री

भारत में माॅरीशस के उच्चायुक्त जे. गोवर्द्धन ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से मुख्यमंत्री आवास में शिष्टाचार भेंट की। श्री केदरानाथ एवं श्री बदरीनाथ की यात्रा पर आये गोवर्द्धन ने उनकी सुखद यात्रा के प्रति मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र का आभार व्यक्त किया। माॅरीशस के उच्चायुक्त गोवर्द्धन ने मुख्यमंत्री को माॅरीशस आने का भी निमन्त्रण दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने तथा चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। केदारनाथ पुनर्निमाण का कार्य अन्तिम चरण में है। चारधाम आॅलवेदर रोड का कार्य तेजी से किया जा रहा है। हेली सेवायें उपलब्ध करायी गई है। इससे राज्य में आने वाले पर्यटकों के साथ ही चार धाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं को काफी सुविधा होने का ही प्रतिफल है कि आज लाखों की संख्या में लोग उत्तराखण्ड आ रहे है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रवासी हमारे अच्छे अम्बेसडर बन सकते है। इस दिशा में भी राज्य सरकार द्वारा पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री ने माॅरीशस के लोगों का अपनी जड़ों से जुड़ने के लिए किये जा रहे प्रयासों की भी सराहना की उन्होंने कहा की माॅरीशस के लोगों ने भोजपुरी के साथ ही भारत की अन्य भाषाओं को भी बढ़ावा देने का प्रयास किया है। उनका कहना था कि भाषा ही संस्कृति की वाहक होती है।
माॅरीशस के उच्चायुक्त जे. गोवर्द्धन ने माॅरीशस से चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को रियायत देने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड का नैसर्गिक प्राकृतिक सौन्द्रर्य पर्यटन की दृष्टि से अनुकूल तो है ही यहां के चार धाम करोड़ो लोगों की आस्था के केन्द्र भी है। उन्होंने बताया कि माॅरीशस की आबादी 13 लाख है जबकि प्रतिवर्ष 13 लाख पर्यटक वहां आते है उन्होंने पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग की भी बात कही। उन्होंने कहा कि माॅरीशस के लोगों की गंगा के प्रति की बड़ी आस्था है। जे. गोवर्द्धन ने माॅरीशस सरकार द्वारा भोजपुरी सहित अन्य भाषाओं के विकास के प्रति किये जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी तथा इस सम्बन्ध में प्रकाशित विभिन्न पुस्तकें भी मुख्यमंत्री को भेंट की। इस अवसर पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

पर्वतारोहियों की तलाश को रवाना हुई एसडीआरएफ की टीम

मुनस्यारी (पिथौरागढ़) से नंदा देवी ईस्ट 7434 मीटर की ऊंची चोटी फतह करने गए छह विदेशी पर्वतारोहियों सहित एक भारतीय लापता हो गया हैं। यह दल नंदा देवी फतह को 13 मई को रवाना हुआ था। वहीं, लापता होने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और तहसील प्रशासन ने राजस्व दल और एसडीआरएफ की टीम को मौके के लिए रवाना कर दिया है।

मैसर्स हिमालयन रन एवं ट्रेक लिमिटेड नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित इस पर्वतारोहण अभियान में ब्रिटेन, संयुक्त राज्य अमेरिका और आस्ट्रेलिया के सात पर्वतारोही शामिल हैं। जिसमें टीम लीटर इंग्लैंड के मार्टिन मैक्रन हैं। दल में जॉन मैक्लॉरेन, रूपर्ट ह्रवेल, रिचर्ड पायने निवासी यूके, रूथ मैक्क्रेन निवासी आस्ट्रेलिया, एंथोनी सूडेकम, रोनाल्ट बरमेल निवासी यूएसए और चेतन पांडेय भारतीय पर्वतारोहण संस्थान के लाइजन ऑफिसर शामिल हैं। दल 13 मई को मुनस्यारी से रवाना हुआ। दल को शनिवार एक जून को मुनस्यारी लौटना था।

जानकारी के मुताबिक दल के सदस्य जब 6000 मीटर से अधिक की ऊंचाई पर थे तब से लापता हैं। जिसकी सूचना जिला प्रशासन को दे दी गई है। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और मुनस्यारी तहसील प्रशासन सक्रिय हो गए हैं। जिलाधिकारी डॉ. वीके जोगदंडे ने मुनस्यारी तहसील प्रशासन को निर्देश जारी कर दिए हैं। एसडीएम मुनस्यारी आरसी गौतम ने राजस्व दल व आपदा प्रबंधन दल को मौके पर जाने के लिए भेज दिया है।

बीमा सुविधा की जानकारी न होने पर वंचित रह जाते है पर्यटक

ऋषिकेश पूरे देश सहित विदेशों में भी राफ्टिंग के लिए प्रसिद्ध है। यहां प्रत्येक वर्ष कोने-कोने से लोग राफ्टिंग का लुत्फ उठाने के लिए पहुंचते है। मगर, क्या आप जानते है राफ्टिंग के दौरान कुछ ऐसी जानकारी भी है जो आपको बताई नहीं जाती है। आइए हम आपको बताते है क्या है वह जानकारी

ऋषिकेश में करीब 480 राफ्टों का संचालन होता है। प्रत्येक राफ्ट से 8496 रुपये सालाना बीमा पॉलिसी के रूप में जमा कराया जाता है। इस हिसाब से सालाना 40 लाख 78 हजार की बीमा राशि यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को लगातार अदा की जाती है। दिलचस्प यह है कि पर्यटकों की सुरक्षा के नाम पर जमा हो रही इस राशि का फायदा बीत 10 साल में किसी यात्री को नहीं मिल पाया है।

राफ्टिंग करने वाले प्रत्येक व्यक्ति का बीमा दो लाख रुपये निर्धारित होता है। अमूमन राफ्टिंग करने आए अधिकांश लोगों को इसकी जानकारी नहीं होती। पॉलिसी के अनुसार साल भर में दो राफ्टों में 20 लोगों का चालीस लाख रुपये का बीमा होता है। पर्यटन विभाग के नियमों के अनुसार एक राफ्ट में 8 पर्यटक, एक गाइड और एक हेल्पर राफ्टिंग कर सकते हैं। एक राफ्ट और 10 लोगों की वार्षिक बीमा रकम 8496 रुपये राफ्टिंग कंपनियों की ओर से जमा कराई जाती है। राफ्टिंग के दौरान हादसे में मृत्यु हो जाने पर दो लाख रुपये मृतक के नॉमिनी को अदा करने का प्रावधान है।

तीन साल में तीन मौतें
पुलिस के अनुसार बीते तीन साल में राफ्टिंग के दौरान तीन मौतें हो चुकी हैं। इनमें सभी बाहरी प्रदेशों के पर्यटक थे। अक्टूबर 2017 में चेन्नई की सुभाषनी, दिसंबर 2018 में सुल्तानपुर यूपी से ऐश्वर्य प्रताप सिंह और बीते फरवरी माह में एक 60 वर्षीय महिला की राफ्ट पलटने से मौत हो गई थी। जागरुकता के अभाव में किसी नॉमिनी ने बीमा की रकम पाने के लिए क्लेम ही नहीं किया।

वहीं, गंगा नदी राफ्टिंग रोटेशन समिति के अध्यक्ष दिनेश भट्ट का कहना है कि गंगा में राफ्टिंग के दौरान सुरक्षा हमारा पहला कर्तव्य है। पर्यटकों को राफ्टिंग में भेजने से पहले ही राफ्टिंग कंपनियों के द्वारा मौखिक रूप से बीमा की जानकारी दी जाती है। जबकि यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के प्रबंधक विवेक पुरी कहते है कि बीते 10 वर्षों में राफ्टिंग के दौरान हुई दुर्घटना के करीब चार मामले आए हैं। राफ्टिंग के दौरान केवल मृत्यु होने पर ही दो लाख रुपये मृतक के नॉमिनी को दी जाती है। इसमें राफ्टिंग कंपनी के माध्यम से बीमा की रकम के लिए आवेदन करना होता है।

चारधाम यात्राः सहायता केंद्र शुरू, प्रत्येक विभाग के एक कर्मी रहेगा मौजूद

उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा में जाने के लिए अन्य राज्यों से तीर्थनगरी पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए एक मई से बीटीसी परिसर में हेल्प डेस्क शुरू होगी। इस डेस्क पर विभिन्न विभागों के कर्मचारी तैनात रहेंगे, जो अपने विभाग की शिकायतों का निस्तारण करेंगे। यह सहायता केंद्र सुबह छह से रात आठ बजे तक खुला रहेगा।

बस ट्रांजिट कंपाउंड स्थित पर्यटन विभाग के कार्यालय में उप जिलाधिकारी प्रेमलाल के नेतृत्व में बैठक आयोजित हुई। बैठक में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ. अनिता चमोला ने बाहरी राज्यों की बसों में यहां से सवारियां बैठाने पर रोक लगाने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बॉर्डर चौक पोस्ट पर वाहनों की चेकिंग कर यात्री सूची मांगी जाएगी। यदि ग्रीन कार्ड सही पाया गया तो चौकपोस्ट से परिवहन विभाग का होलोग्राम व मोहर लगाई जाएगी। यात्री सूची न दिखा पाने पर बाहरी राज्यों का ग्रीन कार्ड जब्त किया जाएगा। इसके अलावा बस को सीज कर पूरे यात्रा सीजन के लिए उसे ब्लैक लिस्ट किया जाएगा।

गढ़वाल आयुक्त वीबीआरसी पुरुषोत्तम ने पूर्व में हुई बैठक में सभी विभागों को यात्रियों की सुविधा के लिए एक कंट्रोल रूम बनाने को कहा था। इस मामले में सोमवार को हुई बैठक में यह तय हुआ कि एक मई से चारधाम यात्रा सीजनल सहायता केंद्र के नाम से हेल्प डेस्क शुरू होगी। इसमें प्रशासन सहित परिवहन, पर्यटन, पुलिस, संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति, नगर निगम, रोडवेज का एक-एक कर्मचारी बैठेगा। इससे जिस यात्री को जिस विभाग से शिकायत होगी। उससे वह विभाग मौके पर ही सुनवाई करेगा। यह सहायता केंद्र सुबह छह से रात आठ बजे तक खुला रहेगा।

स्लोगन बोर्ड से तीर्थ यात्रियों को करेंगे जागरूक
बैठक में यह सवाल उठा कि बीटीसी परिसर पर कुछ ट्रेवल एजेंसियों के एजेंट अनधिकृत रूप से घूमते हैं, जो यात्रियों को डायवर्ट करने का काम करते हैं। इसके लिए उप जिलाधिकारी प्रेमलाल ने कहा कि बीटीसी परिसर पर जगह-जगह अनधिकृत ट्रेवल एजेंटो से सावधान, कृप्या बस की बुकिंग रोटेशन के काउंटर से ही कराए आदि स्लोगन लिखे बोर्ड लगाए जाएंगे।
ड्राइविंग के इन बातों का ध्यान रखना होगा

एआरटीओ डॉ. अनिता चमोला ने कहा कि यात्रा शुरू होने में हफ्ते भर का समय शेष रह गया है। ऐसे में बस चालकों के लिए परिवहन विभाग ने कुछ जरूरी दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। कोई भी बस चालक चप्पल पहनकर गाड़ी नहीं चलाएगा। चालक आठ घंटे से ज्यादा ड्राइविंग नहीं करेगा। बस में ओवर लोडिंग नहीं की जाएगी। इसके अलावा यात्रा को दस दिन के बजाये नौ दिन में पूरा करने के लिए ओवर स्पीड पर भी नियंत्रण करने को कहा गया है। यात्रा के दौरान बस चालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वह नशा न करें। साथ ही ड्राइविंग के दौरान मोबाइल इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध रहेगा।

अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के शुभारंभ पर कैलाश खेर ने दी संगीतमय प्रस्तुति

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने योग को भारत की विशिष्ट पहचान बताया है। उन्होंने कहा कि योग में मन और चित की मलिनता को दूर करने की ताकत है। योग ने मनुष्य की सुख शान्ति की राह प्रशस्त की है। महान ऋषि पतंजलि ने योग के माध्यम से लोगों को जीने की राह दिखाई है। हर मनुष्य का परम लक्ष्य सुख और शांति की प्राप्ति है, योग के द्वारा हमारे ऋषियों ने इसकी राह प्रशस्त की है।
मुख्यमंत्री ने गुरूवार को ऋषिकेश स्थित गंगा रिसोर्ट में उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद एवं गढवाल मण्डल विकास निगम के संयुकत तत्वाधान में 1 मार्च से 7 मार्च तक आयोजित हो रहे अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश को योग की राजधानी बताते हुए कहा कि योग के द्वारा आज दुनिया में हमारी विशिष्ट पहचान बनी है। यह आत्मा को परमात्मा से मिलाने का सेतु भी है। योग जोडने का कार्य करता है। इसी का प्रतिफल है कि आज दुनिया योग को अपना रही है तथा योग के लिये दुनिया भारत की ओर देख रही है। योग ने देश व दुनिया को स्वस्थता का भी संदेश दिया है। हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी दुनिया में योग को विशेष पहचान दिलाने का कार्य किया है। जिससे आज भारत गौरवान्वित है। इसने दुनिया में भारत की पहचान बनाने का कार्य किया है। योगाचार्यों ने भी योग को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयः….. अर्थात सब सुखी हो, सब निरोगी रहें हमारा धेय वाक्य रहा है। देश व दुनिया को इस लक्ष्य तक पहुंचाने की ताकत योग में है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने बीटल आश्रम (चैरासी कुटिया) का भी भ्रमण किया तथा वहां पर योग की शिक्षाओं एवं क्रियाओं की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। मुख्यमंत्री गंगा आरती में भी शामिल हुए।
इस अवसर पर विधान सभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल ने करो योग रहो निरोग का सन्देश देते हुए लोगों को योग अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष योग महोत्सव के लिए अधिक रजिस्ट्रेशन होने पर प्रसन्नता जाहिर की।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने उत्तराखण्ड में पर्यटन विभाग की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पर्यटन विभाग योग एवं अध्यात्म के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने 7 मार्च तक आयोजित हो रहे अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव 2019 के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस योग महोत्सव के लिए लगभग 1200 रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। देश-विदेश के 44 योगाचार्य इस योग महोत्सव में आमंत्रित हैं।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि यह अन्तराष्ट्रीय योग महोत्सव दुनिया में योगा के प्रचार प्रसार में दुनिया के अन्दर ऋषिकेश को योगा की राजधानी बनने के साथ ही योगा के प्रचार प्रसार में अह्म भूमिका निभा रहा है। हम यह चाहते है कि योगा के क्षेत्र में भारत में जो विधाये एवं ज्ञान प्राप्त है वह पूरी दुनिया को मिले। उन्होंने कहा कि योग का अपने आप में बहुत महत्व है। आदि काल से योग ने हम सब को अपनी संस्कृति से जोड़ के रखा हुआ है। आज योग का महत्व पूरी दुनिया ने माना है। योग के क्षेत्र में भारत विश्व गुरू बने इसके लिये हम प्रयासरत है।

पर्यटन मंत्री ने कहा कि पर्यटन को बढावा देने के लिये राज्य सरकार होम स्टे योजना का विकास कर रही है। मुख्यमंत्री ने सन् 2020 तक 5000 होम स्टे का लक्ष्य रखा है। आज हम द्रोणागीरी एवं चोपता जैसे मनमोहक स्थलों का नाम सुनते हैं तो वहां जाना चाहते है परन्तु रहने की सुविधा जैसी परेशानियों के मद्देनजर हमें सोचना पड़ता है। होम स्टे जैसी योजना इन स्थलों को दुनिया के नजर में लाने में महत्वपूर्ण साबित होगी। अभी तक हम 875 होम स्टे रजिस्टर्ड कर चुके हैं। और हमारा लक्ष्य है कि उत्तराखण्ड के जो सुदूर क्षेत्र, रिमोर्ट एरिया है जो पर्यटन के क्षेत्र से काफी मनमोहक है रहने की असुविधा न हो इस वजह से होम स्टे जैसी योजना का विकास किया जा रहा है।
सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर ने देश विदेश से आये योग उपासकों का स्वागत करते हुए कहा कि ऋषिकेश में पिछले तीन दशक से यह आयोजन हो रहा है जो हमारी पहचान बन गया है। हमारा उद्देश्य शास्वत एवं प्रमाणिक योग को जन-जन तक पहुंचाना है। इस महोत्सव के माध्यम से योेग की साधना एवं इस क्षेत्र में सहयोग देने वाले लोगों को पहचान दिलाने का भी कार्य किया जा रहा है।

इस अवसर पर योग गुरू सिद्धार्थ कृष्णा द्वारा योग सूत्र का पाठ किया गया। गायक कैलाश खैर द्वारा भजन की प्रस्तुति दी गयी।
इस अवसर पर अध्यक्ष गढ़वाल मण्डल विकास निगम महावीर रांगड़, नगर निगम ऋषिकेश की मेयर अनीता ममगाई, अध्यक्ष नगर पालिका मुनि की रेति रौशन रतूड़ी, ज्योति नीरज खैरवाल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल योगन्द्र सिंह रावत आदि उपस्थित थे।

औली में नेशनल स्कीइंग प्रतियोगिता का शुभारंभ

विश्व प्रसिद्ध हिमक्रीडा केन्द्र औली में तीन दिवसीय नेशनल नाॅर्डिक एवं एल्पाईन स्कीइंग और स्नो वोर्डिंग प्रतियोगिता का रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मंगलवार को मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने विधिवत शुभारंभ किया। इस प्रतियोगिता में आर्मी, आईटीबीपी, हिमांचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, दिल्ली तथा उत्तराखण्ड की टीमें प्रतिभाग कर रही है। आईटीबीपी के व्यू प्वाइंट प्रांगण में आयोजित उद्घाटन समारोह में सभी टीमों ने राष्ट्रीय घ्वज के साथ नेशनल प्रतियोगिता मनाली के विजयी खिलाडी अतुल भट्ट की अगुवाई में मार्च पास कर मुख्य अतिथि को सलामी दी। इस दौरान प्रसिद्व लोक गायक दरवान नैथवाल, पूनम सती एवं उनकी टीम ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने विश्व प्रसिद्व औली में नेशनल स्कीइंग प्रतियोगिता के आयोजन की जमकर सराहना करते हुए औलम्पिक एसोशिएसन आॅफ इंडिया, उत्तराखण्ड औलम्पिक एसोशिएशन, आईटीबीपी और प्रशासन को बधाई दी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि औली के विश्व प्रसिद्ध स्कीईंग ढलानों को अन्तराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के पूरे प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग और औलम्पिक एसोशिएसन आॅफ उत्तराखण्ड के प्रयास निश्चय ही शीतकालीन खेलों को विश्व मानचित्र में इस प्रमुख स्थान दिलाने में समर्थ होंगे।

क्षेत्रीय विधायक महेन्द्र भट्ट ने औली को अन्तराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने हेतु आईओए और यूओए के प्रयासों के लिये धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि औली में हर वर्ष स्कीइंग प्रतियोगिताऐ होनी चाहिए। कहा कि औली की प्रसिद्व ढलानों में जहाॅ देश के कोने-कोने से आये खिलाडियों को अच्छा प्रशिक्षण मिलेगा वही स्थानीय खिलाडियों को भी इससे काफी कुछ सीखने को मिलेगा।
मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में भरपूर सम्भावनाएं है। कहा कि प्रदेश में साहसिक खेल गतिविधियों को बढाने तथा पर्यटन की सम्भावनाओं के लिए निरन्तर प्रयास किये जा रहे है। सीएस ने कहा कि पिछले वर्ष भी औली में फिस रेस के आयोजन के लिए पूरे प्रयास किये गये थे, लेकिन बर्फ न पडने के कारण गेम का आयोजन नही हो सका। उन्होंने कहा कि अन्तराष्ट्रीय मानकों के अनुसार औली में स्कीइंग प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर स्लोप की सुविधा मौजूद है। उन्होंने कहा कि शासन की ओर से हर वर्ष औली में कोई न कोई खेल का आयोजन कराया जायेगा, ताकि राज्य और देश की प्रतिभाओें को पूर्ण विकसित होने का मौका मिले।
पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने बताया कि औली के 1300 मीटर स्नो स्लोप पर तीन दिवसीय नेशनल नाॅर्डिक एवं एल्पाईन स्कीइंग और स्नोबोर्डिंग प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। प्रतियोगिता के पहले दिन 1100 मीटर दूरी की सुपर जांइट सलाम स्नो रेस (सुपर जी) प्रतियोगिता संपन्न हुई। जिसमें एसएससीबी आर्मी टीम के देवेन्द्र गुरंग ने 55.66सेंकड में रेस पूरी कर पहला स्थान हासिल किया। जबकि हिमांचल प्रदेश की टीम के प्रतिभागी हीरा लाल ने 56.58 सेकंड में तथा एसएससीबी आर्मी के त्वेसिंह ने 57.03 सेकंण्ड में रेस पूरी करते हुए क्रमश दूसरा और तीसरा स्थान पर रहे। इससे पूर्व आईटीबीपी के जवानों ने औली स्की स्लोप पर अनके स्कीइंग खेल करतब भी दिखाये, जिसका दर्शकों ने जमकर आनंद उठाया। औली मे सुपर जी और क्रासकन्टी महिला और पुरूष वर्ग की स्कीइंग प्रतियोगिता संपन्न हुई।

उन्होंने बताया कि सुपर जे पुरूष वर्ग मे एसएससीबी आर्मी के देवेन्द्र गुरंग पहले, हिमाचल के हीरा लाल दूसरे, एसएससीबी आर्मी त्वेसिंग तीसरे स्थान पर रहे। महिला वर्ग मे संध्या, आंचल और वर्षा ने क्रमशः पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। ये तीनो हिमाचल के खिलाड़ी हैं। क्रासकन्टी 15 किलोमीटर स्कीइंग में पुरूष वर्ग में मन बहादुर गुरंग, रमीज अहमद, टी हुसैन ने क्रमशः पहला दूसरा.और तीसरा स्थान हासिल किया। ये तीनो खिलाड़ी एसएससीबी आर्मी के खिलाड़ी है। वही महिला वर्ग की क्रासकन्टी स्कीइंग में बबीता, भावना खोलिया तथा पार्वती खम्पा ने क्रमशः पहला दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया। ये तीनो खिलाड़ी आईटीबीपी टीम से है।
इस दौरान गढवाल मंडल आयुक्त डा. बीवीआरसी पुरूषोत्तम, उत्तराखण्ड ओलंपिक एशोसिएशन के महासचिव डी के सिंह, जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया, पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह, उत्तराखण्ड ओलंपिक एशोसिएशन के प्रवीण शर्मा, तकनीकि सलाहकार शिव पैनोली, आईटीबीपी स्कीइंग और माउंटनेयरिंग स्थान के प्राचार्य डीआईजी एस चैहान, नगर पालिका जोशीमठ के पूर्व अध्यक्ष रामकृष्ण सिंह रावत सहित गणमान्य नागरिक व जनप्रतिनिधि, देश विदेश से आये पर्यटक व स्थानीय लोग मौजूद रहे।

टिहरी झील को पर्यटन की दृष्टि से और विकसित करेंगे

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को टिहरी में तीन दिवसीय टिहरी लेक महोत्सव-2019 का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि टिहरी झील हमारे लिये अनमोल धरोहर की तरह है, जिसमें देश-विदेश के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करने की क्षमता है। इस झील में हमे उत्तराखण्ड के बच्चों का भविष्य नजर आता है। प्रदेश के युवाओं के बेहतर भविष्य एवं संकल्पना को साकार करने के लिये झील महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमें प्रदेश को पर्यटन प्रदेश के रूप में विकसित करना है। खर्चीलें टूरिस्ट यहां आयेंगे तो इस क्षेत्र की आर्थिकी को और मजबूती मिल सकती है। उन्होंने कहा कि हमें विश्वास है कि जो व्यक्ति टिहरी झील को देखेगा वह बार-बार यहां आयेगा। गत वर्ष 13 राज्यों के प्रतिभागी टिहरी झील महोत्सव में आये थे और इस बार 24 राज्यों के प्रतिनिधि इस महोत्सव में प्रतिभाग कर रहे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा 13 जिले 13 डेस्टीनेशन की योजना पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई टिहरी क्षेत्र को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए सरकार प्रयासरत हैं। डोबरा-चांठी पुल के निर्माण के बाद टिहरी के दोनो ओर होटल, रिजोर्ट एवं शिक्षण संस्थान बनेगें। इससे पर्यटकों को अधिक सुविधाये उपलब्ध हो सकेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि टिहरी में आवागमन को सुगम बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने एक मुश्त रूपये 88 करोड़ डोबरा-चांठी पुल निर्माण के लिए अवमुक्त किये हैं। ऑलवेदर रोड़ पर भी कार्य चल रहा है। ऑलवेदर रोड़ बनने के बाद ऋषिकेश से नई टिहरी पहुंचने में मात्र डेढ घण्टे का समय लगेगा। टिहरी झील में सी प्लेन उतारने के लिए भारत सरकार द्वारा सर्वेक्षण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। शीघ्र ही टिहरी झील में सी प्लेन उतारा जायेगा। अगले आने वाले 10-15 वर्षो में टिहरी का एक नया स्वरूप सामने आयेगा जो निश्चित रूप से देश व दुनिया को अपने ओर आकर्षित करने में मददगार रहेगा।
गंगा नदी की स्वच्छता एवं निर्मलता बनाये रखने का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने ‘‘यह कल-कल बहती गंगा की धारा क्या कहती….. ‘‘ पंक्तियों के माध्यम से पवित्रगंगा का स्मरण किया। उन्हांने कहा कि गंगा नदी हमें त्याग व समर्पण सीखाती है निर्मलता का संदेश देती है। हम सभी को गंगा की निर्मलता एवं स्वच्छता को बनाये रखने में योगदान देना होगा। उन्होंने टिहरी की जनता से अतिथि सत्कार की भावना विकसित करने की भी अपील की ताकि अधिक से अधिक पर्यटक टिहरी भ्रमण पर आने के लिए प्रेरित हों।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नई टिहरी साहसिक खेल अकादमी का नाम एवरेस्ट विजेता स्व दिनेश सिंह रावत के नाम पर रखे जाने की घोषणा की।

उन्होंने मां राजेश्वरी महिला स्वयं सहायता समूह को सिलाई व्यवसाय, जागृति महिला वचन समूह को डेरी व्यवसाय एवं भगवती महिला स्वयं सहायता समूह को अगरबत्ती उद्योग विकसित करने के लिए जीरो प्रतिशत ब्याज पर रूपये पांच-पांच लाख के ऋण के चेक वितरित किये।
इस अवसर पर जनपद के प्रभारी मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि टिहरी झील क्षेत्र के विकास के लिए प्रदेश सरकार द्वारा गत वर्षो से अभिनव प्रयास किये जा रहें है।
पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने अपने सम्बोधन में कहा कि शासन की सोची समझी रणनीति के तहत ही टिहरी लेक महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। सरकार का मकसद टिहरी झील क्षेत्र की सूरत बदलना है। इस महोत्सव के माध्यम से देश-विदेश के पर्यटकों का ध्यान टिहरी क्षेत्र की ओर आकर्षित करना हैं। जिसके लिए शासन और प्रशासन कार्य कर रहा हैं।
कार्यक्रम को टिहरी सांसद मालाराज लक्ष्मी शाह एवं क्षेत्रीय विधायक धन सिंह नेगी ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर विधायक विजय सिंह पंवार व शक्तिलाल शाह, गढवाल मण्डल विकास निगम के अध्यक्ष महाबीर सिंह रांगड, जिला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवाण, स्वामी चिदानंद मुनी, जिलाधिकारी सोनिका, पुलिस अधीक्षक डॉ योगेन्द्र सिंह रावत, मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगांई आदि उपस्थित थे।

स्प्रिंग कार्निवाल से जिले में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा: मुख्यमंत्री

ऊधमसिंह नगर स्प्रिंग कार्निवाल के तहत रविवार को हरिपुरा बौर जलाशय में एक सादे समारोह में नेशनल जल क्रीडा प्रतियोगिताएं प्रारम्भ हुई। कार्यक्रम के शुरूआत में पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुये जवानों व राजोरी में शहीद हुये मेजर चित्रेश बिष्ट की आत्मा की शान्ति हेतु दो मिनट का मौन रख कर श्रद्धांजलि दी गई। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा इस समय आतंकी हमले के कारण शोक का माहोल है। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में बाहरी राज्यों से भी छात्र-छात्राएं भी प्रतिभाग कर रहे हैं, उनकी हौशला अफजाई हेतु वे यहां आये है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखण्ड पर्यटन प्रदेश है। यहां साहसिक पर्यटन की अपार सम्भावनाये है।प्रदेश में पर्यटन की गतिविधियों को बढाने के लिये 13 जिलों में 13 नए डेस्टिनेशन का विकास किया जा रहा है। इसी योजना के अन्तर्गत जल क्रीडाओं हेतु हरिपुरा बौर जलाशय को चिन्हित कर पर्यटन हेतु विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। टिहरी को भी वाटर स्पोर्टस के डेस्टिनेशन के तौर पर विकसित किया गया है। प्रदेश में नैनीताल व मंसूरी का पर्यटन के क्षेत्र में पुराना इतिहास है। राज्य में नये पर्यटन स्थलों का विकास हो इस दिशा में पहल की जा रही है। राज्य में सड़क, रेल व हवाई सेवाओं के विकास से प्रदेश के प्रति पर्यटकों का रूझान बढा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद उधमसिंह नगर जलाशयों का जनपद है, यहा वाटर स्पोर्टस की अपार सम्भावनाये है। हमारे पास प्रकृति की दी हुई अपार सम्पदा है, उनका उपयोग होना अब शुरू हुआ है। भविष्य में हरिपुरा बौर जलाशय साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में काफी उपयोगी होगा। उन्होने कहा कि हम सभी को नई सोच के साथ भविष्य की परिकल्पनाओं को साकार करना होगा।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय ने कहा कि इस तरह के आयोजनो से इस क्षेत्र में जहां पर्यटकों को आवागमन बढेगा वही इस क्षेत्र के लोगों को रोजगार भी उपलब्ध होगा। उन्होने कहा जिला प्रशासन द्वारा नेशनल जल क्रीडा प्रतियोगिता हेतु कम समय में सभी अवस्थापना सुविधा उपलब्ध करायी है।
जिलाधिकारी डा. नीरज खैरवाल ने बताया जल क्रीडा प्रतियोगिता में रूची लेने वाले छात्र-छात्रओं को पूर्व में प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण भी दिया गया। इस नेशनल जल क्रीडा प्रतियोगिता में चंडीगढ, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमांचल प्रदेश, झारखण्ड,इण्डियन आर्मी, दिल्ली, मध्य प्रदेश, गोआ व जनपद उधमसिंह नगर की टीमों द्वारा भाग लिया गया।
इस अवसर पर खटीमा विधायक पुष्कर सिंह धामी, पूर्व सांसद बलराज पासी, मण्डलायुक्त राजीव रौतेला, भारतीय ओलम्पिक संघ के महासचिव व एशियन खो-खो फेडरेशन के अध्यक्ष राजीव मेहता, उत्तराखण्ड ओलम्पिक संघ के महासचिव डा. डीके सिंह, सिल्वर मेडल विजेता श्वेता सैलिंग, सीडीओ मयूर दीक्षित आदि उपस्थित थें।