सीएम धामी ने उत्तराखंड सीएसआर डायलॉग’ कार्यक्रम में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ किया संवाद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन में आयोजित उत्तराखंड सीएसआर डायलॉग’ कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से उत्तराखंड की विकास यात्रा में सहयोग करने की अपील की है।

मुख्यमंत्री ने कॉर्पाेरेट जगत के प्रतिनिधियों, विभिन्न केंद्रीय उपक्रमों के अधिकारियों, सीएसआर पार्टनर्स, उद्योग एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि हमारे धर्म ग्रंथों में भी लिखा गया है कि तीर्थ स्थलों पर किए गए दान पुण्य का विशेष महत्व है। इसलिए कॉरपोरेट समूहों द्वारा देवभूमि उत्तराखंड में, सीएसआर के तौर पर दिए गए योगदान का महत्व भी बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि देवभूमि में जन्म लेना का अवसर तो ईश्वर देता है, लेकिन हर कोई देवभूमि में कर्म कर अपना योगदान दे सकता है। इसलिए सभी लोगों को इसका लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बहुत से समूह सीएसआर के तहत शानदार काम कर रहे हैं। उन्होंने उत्तराखंड में स्थापित अन्य समूहों से भी अपना सीएसआर उत्तराखंड में ही खर्च करने की अपील की।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ये कार्यक्रम कोई औपचारिक बैठक नहीं बल्कि देवभूमि उत्तराखंड के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का एक साझा संकल्प है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में कौशल विकास, सड़क सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, ग्राम विकास तथा शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए किए गए हैं। साथ ही देश के प्रतिष्ठित कॉर्पाेरेट समूहों ने उत्तराखंड के लिए कई नए प्रोजेक्ट्स की घोषणा भी की है।

उत्तराखंड की विकास संबंधित चुनौतियां भिन्न

इस मौके मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की अपनी विशिष्ट परिस्थितियाँ हैं, उत्तराखंड एक पर्वतीय और सीमांत प्रदेश है। यहां की पारिस्थितिकी अत्यंत संवेदनशील है, इसलिए इस राज्य की विकास संबंधी चुनौतियाँ भी अन्य राज्यों से भिन्न हैं। यहां ज्यादा संसाधन और मेहनत खर्च करनी पड़ती है। इसलिए हमारे लिए समग्र विकास का अर्थ केवल सड़कें, भवन और आधारभूत संरचनाएँ खड़ी करना ही नहीं है बल्कि रोजगार सृजन, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच समन्वय स्थापित करना है। इसलिए राज्य को ऐसा विकास चाहिए जो पहाड़ों की संवेदनशीलता का सम्मान करे, साथ ही जंगलों और नदियों को भी सुरक्षित रखने के साथ ही युवाओं को राज्य के भीतर ही रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस उद्देश्य की प्राप्ति में कॉरपोरेट जगत का अनुभव, संस्थागत क्षमता, आधुनिक प्रबंधन शैली और सामाजिक कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

औद्योगिक विकास को समर्पित सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार उत्तराखंड को औद्योगिक विकास के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसी क्रम में वर्ष 2023 में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया, जिसमें राज्य को 3.56 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। इसमें से अब तक 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने में सफलता मिल चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने व्यापार को सुगम बनाने के लिए लाइसेंसिंग प्रोसेस को आसान करते हुए जहां एक ओर सिंगल विंडो सिस्टम की व्यवस्था लागू की है। वहीं औद्योगिक नीति, लॉजिस्टिक नीति, स्टार्टअप नीति और डैडम् नीति सहित 30 से अधिक नीतियां लाकर उद्योगों को एक बेहतरीन और सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने का काम किया है। इसके साथ ही राज्य में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए इनक्यूबेशन सेंटर्स की स्थापना और 200 करोड़ रुपए के वेंचर फंड की व्यवस्था भी की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के इन्हीं प्रयासों से नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य इंडेक्स में उत्तराखंड ने देश में प्रथम स्थान हासिल किया है। इसके साथ-साथ, उत्तराखंड को श्ईज ऑफ डूइंग बिजनेसश् में श्एचीवर्सश् तथा स्टार्टअप रैंकिंग में श्लीडर्सश् की श्रेणी प्राप्त हुई है।

पारदर्शी नितियों का लाभ मिला उद्योगों को

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि किसी भी राज्य में अच्छा औद्योगिक माहौल तब तक नहीं बन सकता जब तक कि शासन में पारदर्शिता न हो। इसीलिए, प्रदेश सरकार ने प्रदेश के इतिहास में पहली बार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए बीते वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की है। राज्य सरकार की पारदर्शिता का सीधा लाभ उद्यमियों को मिल रहा है। उन्हें अब योजनाओं की स्वीकृति, जमीन आवंटन, औद्योगिक लाइसेंस या अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में किसी भी अनावश्यक बाधा या भ्रष्टाचार का सामना नहीं करना पड़ता है।

मुख्यमंत्री ने उद्यमी को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को देश के अग्रणी “इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली स्टेट” के रूप में स्थापित करने के लिए संकल्पित है। उन्होंने उम्मीद व्यक्त करते हुए कहा कि कॉर्पाेरेट कुशलता और प्रदेश सरकार की पारदर्शी नीतियां मिलकर एक ऐसी श्सस्टेनेबल इकोनॉमीश् का निर्माण करेंगी, जो पूरे देश के लिए एक उदाहरण बनेगी।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, खजान दास, विधायक उमेश शर्मा काऊ, उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, सचिव विनय शंकर पांडेय, एमडी सिडकुल डॉ. सौरभ गहरवार, अपर सचिव मनमोहन मैनाली शामिल हुए।

इनके साथ हुआ एमओयू
किया, हुंडई, लर्नेंट दृ इंफोशिस फाउंडेशन, ओएनजीसी, आईटीसी, महेंद्रा लास्ट माइल मोबिलिटी लिमिटेड, आदित्य बिरला कैपिटल, फिनोलेक्स, पैनोसोनिक।

डीएम बोले, उद्योग मित्रों की समस्याओं का समाधान करना हमारी प्राथमिकता

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में आज ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में जिला उद्योग मित्र समिति की बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि उद्योग मित्रों की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण करना जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक विकास की दिशा में उद्योग क्षेत्र एक गेम चेंजर की भूमिका निभाता है तथा औद्योगिक विकास से रोजगार सृजन के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि औद्योगिक आस्थानों से संबंधित वे समस्याएं, जिनका समाधान लंबे समय से लंबित है और जिनके संबंध में शासन को पूर्व में पत्राचार किया जा चुका है, उन्हें “मिसिंग लिंक” के रूप में चिह्नित करते हुए पुनः शासन को प्रेषित किया जाए ताकि उनका उचित समाधान हो सके।

बैठक में औद्योगिक आस्थान सेलाकुई में निर्माणाधीन 220 केवी विद्युत स्टेशन की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान यूपीसीएल अधिकारियों ने अवगत कराया कि आगामी दो से तीन दिनों के भीतर विद्युत स्टेशन पूर्ण रूप से सक्रिय हो जाएगा। इस पर जिलाधिकारी ने संतोष व्यक्त करते हुए परियोजना को निर्धारित समय में संचालित करने के निर्देश दिए।

औद्योगिक क्षेत्रों में विद्युत शटडाउन की समस्या पर जिलाधिकारी ने महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र (जीएमडीआईसी) को निर्देशित किया कि उद्योगपतियों एवं यूपीसीएल अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित कर शटडाउन का पूर्व निर्धारित समय तय किया जाए, जिससे उत्पादन गतिविधियों पर न्यूनतम प्रभाव पड़े। उन्होंने उद्योगों की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु एक समर्पित व्हाट्सएप ग्रुप बनाने के भी निर्देश दिए, जिसमें उद्योग मित्र अपनी समस्याएं सीधे साझा कर सकें। स्मार्ट मीटरों में रीडिंग जंप होने के कारण उपभोक्ताओं को अधिक विद्युत बिल आने की शिकायतों पर जिलाधिकारी ने यूपीसीएल अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही जीएमडीआईसी को इस संबंध में शासन को विस्तृत पत्र प्रेषित करने को कहा।

औद्योगिक क्षेत्र मोहब्बेवाला में सड़कों पर विक्रम वाहनों की अवैध पार्किंग तथा सब्जी एवं रेहड़ी-फड़ी विक्रेताओं द्वारा किए जा रहे अतिक्रमण पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस एवं नगर निगम अधिकारियों को आद्यौगिक आस्थानों में नियमित अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के उपरांत पुनः अतिक्रमण करने वाले व्यक्तियों के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत श्रमिकों एवं कामगारों के कौशल विकास पर विशेष बल देते हुए सभी औद्योगिक इकाइयों को अपने कर्मचारियों का ऑनलाइन पंजीकरण कराकर कौशल अभिवृद्धि कार्यक्रमों से जोड़ने के निर्देश दिए।

बैठक में औद्योगिक भूमि के दुरुपयोग का मामला भी प्रमुखता से उठा। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन प्रकरणों में उद्योग स्थापना के उद्देश्य से भूमि आवंटित की गई है, लेकिन लंबे समय से उद्योग स्थापित नहीं किए गए हैं अथवा आवंटन उद्देश्य से भिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, ऐसे मामलों की गहन जांच की जाएगी। इसके लिए उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को एक विशेष टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने जीएमडीआईसी को निर्देशित किया कि ऐसे सभी प्रकरणों की स्पष्ट एवं तथ्यात्मक आख्या चार दिनों के भीतर प्रस्तुत की जाए। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि नियमों के विपरीत कार्य पाए जाने अथवा जांच में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज की जाएगी।

बैठक में विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से संबंधित समस्याओं एवं उनके समाधान पर विस्तृत चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए तथा औद्योगिक विकास को गति देने के लिए समन्वित एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अध्यक्ष उत्तराखण्ड उद्योग संघ पंकज गुप्ता, सदस्य राज्य स्तरीय उद्योग मित्र समिति शांतनु बिष्ट, महाप्रबन्धक मीना बोरा सहित उद्योग मित्र समिति के सदस्य एवं सम्बन्धित विभगाों के अधिकारी एवं उद्योगपति उपस्थित रहे।

स्टार्टअप इंडिया रैंकिंग में उत्तराखण्ड को मिला ‘लीडर’ दर्जा

भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) द्वारा जारी States’ Startup Ecosystem Ranking (5वां संस्करण) में उत्तराखण्ड को मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने में ‘लीडर’ के रूप में मान्यता प्रदान की गई है। इस उपलब्धि के लिए राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के अवसर पर उत्तराखण्ड सरकार के उद्योग विभाग को Certificate of Appreciation प्रदान किया गया।
इस सम्मान से यह स्पष्ट होता है कि उत्तराखण्ड में स्टार्टअप नीति के जरिए नवाचार, उद्यमिता, निवेश प्रोत्साहन और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने में कामयाब रहा है, जिसे अब राष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा रहा है। उत्तराखंड की उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल के तौर पर भी देखा जा रहा है।
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*यह सम्मान उत्तराखण्ड के लिए गर्व का विषय है। हमारी सरकार ने स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल नीतियां, सरल प्रक्रियाएं और मजबूत इकोसिस्टम विकसित किया है। राज्य के युवाओं में नवाचार की अद्भुत क्षमता है और सरकार हर स्तर पर उन्हें सहयोग प्रदान कर रही है। यह उपलब्धि प्रदेश के सभी उद्यमियों, स्टार्टअप्स और अधिकारियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है।*
*पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड*

सीएम ने औद्योगिक विकास व विभिन्न उद्यम विभाग के द्वितीय संकलन पुस्तक का किया विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड की रजत जयंती वर्ष में औद्योगिक विकास तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा शासनादेशों का द्वितीय संकलन पुस्तक का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास एवं रोजगार संवर्द्धन में औद्योगिक विकास विभाग एवं एमएसएमई की नीतियों की बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इस संकलन से नीति निर्माण की प्रक्रिया में सरलता आयेगी। यह पुस्तक भविष्य के लिए भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होने के साथ-साथ राज्य में निवेश प्रस्तावों व इन्वेस्टर्स मीट आदि आयोजनों के लिए भी शासनादेशों का यह संकलन अत्यन्त उपयोगी सिद्ध होगा। औद्योगिक विकास विभाग द्वारा दूसरी बार संकलन का प्रकाशन किया जाना, निःसंदेह प्रशंसनीय कार्य है।

मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि राज्य में निवासरत युवाओं/युवतियों को स्वरोजगार अपनाने के लिए भी यह पुस्तक अत्यन्त लाभकारी सिद्ध होगी तथा अधिक से अधिक युवाओं को स्वरोजगार के प्रति प्रेरित करने में मददगार साबित होगी।

इस अवसर पर सचिव उद्योग विनय शंकर पाण्डेय एवं महानिदेशक उद्योग सौरव गहरवार के साथ ही विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम के सुपुर्द किया राष्ट्रीय स्तर पर मिले व्यापार सुधार कार्य योजना के तहत टॉप अचीवर्स पुरस्कार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सचिवालय में सचिव उद्योग विनय शंकर पाण्डेय ने प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर व्यापार सुधार कार्य योजना 2024 के तहत पांच प्रमुख सुधार श्रेणियों में प्रदेश को प्राप्त टॉप अचीवर्स पुरस्कार भेंट किया।

राज्य को मिला यह पुरस्कार नई दिल्ली में आयोजित उद्योग समागम 2025 में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल द्वारा उद्योग सचिव विनय शंकर पाण्डेय को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया गया था। यह अचीवर्स पुरस्कार उत्तराखंड को देश में व्यवसाय प्रवेश, निर्माण परमिट सक्षमकर्ता, पर्यावरण पंजीकरण, निवेश सक्षमकर्ता एवं श्रम विनियमन सक्षमकर्ता जैसे पाँच सुधार क्षेत्रों में सर्वाेच्य उपलब्धि प्राप्त करने के लिए प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने इसे राज्य की व्यवसाय सुगमता के लिये महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर राज्य को यह पुरस्कार मिलना गर्व की बात है। जो व्यापार सुधार कार्य योजना के लिये राज्य के सतत प्रयासों का प्रतिफल है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने सतत और समावेशी विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है। इन सुधारों का उद्देश्य न केवल निवेश में तेजी लाना है, बल्कि पारिस्थितिक अखंडता और समान विकास को भी बनाए रखना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास प्रदेश की समृद्धि और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों का माध्यम बन रहा है। बी.आर.ए.पी. 2024 में देश के शीर्ष राज्यों में स्थान पाना निवेशकों को उत्तराखंड की ओर आकर्षित करेगा और राज्य की आर्थिक प्रगति को नई गति प्रदान करेगा।

इस अवसर पर महानिदेशक उद्योग सौरव गहरवार उपस्थित थे।

उद्योग समागम दिल्ली में उत्तराखंड को मिले पांच प्रमुख सुधार श्रेणियों के टॉप अचीवर्स पुरस्कार

उत्तराखण्ड को व्यापार सुधार कार्य योजना BRAP 2024 के अंतर्गत पांच प्रमुख सुधार श्रेणियों में टॉप अचीवर्स पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, जो देश में किसी भी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश द्वारा प्राप्त सर्वोच्च संख्या है।

नई दिल्ली में आयोजित उद्योग समागम 2025 में व्यापार सुधार कार्य योजना BRAP 2024 के अंतर्गत उत्तराखंड के उत्कृष्ट प्रदर्शन को मान्यता देते हुए इस पुरस्कार की घोषणा की गई। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल द्वारा उत्तराखंड सरकार के उद्योग सचिव विनय शंकर पांडे और महानिदेशक एवं आयुक्त उद्योग डॉ. सौरभ गहरवार को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद भी उपस्थित थे।

उत्तराखंड को देश में व्यवसाय प्रवेश, निर्माण परमिट सक्षमकर्ता, पर्यावरण पंजीकरण, निवेश सक्षमकर्ता एवं श्रम विनियमन सक्षमकर्ता जैसे पाँच सुधार क्षेत्रों में सर्वाेच्य उपलब्धि प्राप्त करने वाला राज्य माना गया है। जो उत्तराखंड की व्यवसाय सुगमता (ईओडीबी) यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यात्रा में 2015 में 23वें स्थान से लेकर BRAP 2024 के तहत सुधारों में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनने की यह महत्वपूर्ण यात्रा हैं।

पुरस्कार प्राप्त करते हुए उद्योग सचिव विनय शंकर पांडे ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल मार्गदर्शन एवं सतत पर्यवेक्षण में पांच सुधार क्षेत्रों में शीर्ष उपलब्धि प्राप्त करने वालों के रूप में मान्यता प्राप्त होना और राष्ट्रीय स्तर पर सूची में शीर्ष स्थान प्राप्त करना उत्तराखंड के लिए गर्व का क्षण है। जो 2015 में 23वें स्थान से लेकर आज राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त करना, पारदर्शिता, दक्षता और निवेशक केंद्रितता में हमारी प्रगति को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि राज्य ने आवेदन जमा करने और ऑनलाइन भुगतान से लेकर रीयल टाइम ट्रैकिंग, अंतिम मंजूरी, नवीनीकरण और प्रोत्साहन वितरण तक, संपूर्ण अनुमोदन जीवनचक्र को कवर करने वाली प्रक्रियाओं के पूर्ण डिजिटलीकरण के माध्यम से अपने व्यवसाय सुविधा पारिस्थितिकी तंत्र को बदल दिया है। राज्य में वर्तमान में 20 से अधिक विभागों में 200 से अधिक सेवाएं एकल खिड़की प्रणाली के माध्यम से ऑनलाइन प्रदान की जाती हैं, जिससे भौतिक संपर्क बिंदुओं में उल्लेखनीय कमी आई है और पारदर्शिता बढ़ी है। राजस्व, श्रम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, विकास प्राधिकरण, वन, सिंचाई, जल संस्थान और विद्युत जैसे प्रमुख विभाग इस प्रणाली में एकीकृत है।

सचिव उद्योग ने कहा कि निवेशकों को और अधिक सहायता प्रदान करने के लिए राज्य ने उत्तराखण्ड सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ इन्वेस्टमेंट, स्टार्टअप एंड एंटरप्रेन्योरशिप (यूके-एसपीआईएसई) की स्थापना की है, जो निवेशकों की सुविधा और संपूर्ण परियोजना सहायता के लिए एक समर्पित टीम है। राज्य में व्यावसायिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर विशेष ध्यान दिया रहा है। उत्तराखंड ने सतत और समावेशी विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी उजागर किया है। इन सुधारों का उद्देश्य न केवल निवेश में तेजी लाना है, बल्कि पारिस्थितिक अखंडता और समान विकास को भी बनाए रखना है।
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हमारा लक्ष्य राज्य को औद्योगिक निवेश के लिए देश का अग्रणी गंतव्य बनाना है। BRAP 2024 में सर्वोच्च पुरस्कार मिलना हमारी नीतिगत पारदर्शिता, उद्योग-अनुकूल वातावरण और निवेशकों के विश्वास का प्रमाण है। औद्योगिक विकास प्रदेश की समृद्धि और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों का माध्यम बन रहा है। BRAP 2024 में देश के शीर्ष राज्यों में स्थान पाना निवेशकों को उत्तराखंड की ओर आकर्षित करेगा और राज्य की आर्थिक ग्रोथ को नई गति देगा।
पुष्कर सिंह धामी- मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड

जीएसटी ग्राहकों को जागरूक करने की योजना बिल लाओं इनाम पाओं का 31 को होगा मेगा लक्की ड्रा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में जी.एस.टी. ग्राहक ऑनलाइन इनाम योजना ’बिल लाओ, इनाम पाओ’ का मेगा लक्की ड्रॉ शुक्रवार 31 अक्टूबर को आयोजित किया जायेगा।

यह जानकारी देते हुए विशेष आयुक्त राज्य कर आई. एस. बृजवाल ने बताया कि विभाग द्वारा ग्राहकों को सामान का बिल लेने के संबंध में जागरूक करने के उद्देश्य से जी.एस.टी. के अन्तर्गत जी.एस.टी. ग्राहक ऑनलाइन इनाम योजना ‘बिल लाओ, इनाम पाओ’ संचालित की गई थी। योजना का मेगा लकी ड्रॉ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में ए०पी०जे० अब्दुल कलाम भवन के कैबिनेट हॉल में दिनांक 31.10.2025 को दोपहर 12 बजे निकाला जायेगा। जिसमें विजेताओं की घोषणा की जायेगी।

स्वदेशी अपनाओ तथा जीएसटी की नई दरों के साथ बाजार भ्रमण पर सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के कुँआवाला बाजार में स्वदेशी अपनाओ तथा जीएसटी की नई दरों के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु जनजागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत बाजार भ्रमण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने दुकानदारों एवं स्थानीय नागरिकों से बातचीत कर उन्हें स्वदेशी उत्पादों के उपयोग के लाभों और कर प्रणाली में हाल ही में लागू की गई नई दरों के संबंध में जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वदेशी उत्पादों को अपनाना न केवल आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह स्थानीय कारीगरों, लघु उद्योगों और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ाता है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि दैनिक जीवन में अधिक से अधिक स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग करें और विदेशी उत्पादों पर निर्भरता कम करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दरों में किए गए संशोधन का उद्देश्य आम जनता की सुविधा और व्यापारिक गतिविधियों को सरल बनाना है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी और सरल कर प्रणाली के माध्यम से प्रदेश की आर्थिकी को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि जन-जागरूकता और लोगों की सक्रिय भागीदारी से ही स्वदेशी अपनाओ अभियान को व्यापक सफलता मिलेगी और राज्य की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।
इस अवसर पर विधायक श्री बृजभूषण गैरोला भी मौजूद थे।

सीएम धामी ने जीएसटी बचत उत्सव के तहत विभिन्न दुकानों का किया भ्रमण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में जीएसटी बचत उत्सव के तहत विभिन्न दुकानों का भ्रमण किया। इस अवसर पर उन्होंने व्यवसायियों से बातचीत भी की। मुख्यमंत्री ने जीएसटी की नई दरों के लागू होने पर प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया तथा इस ऐतिहासिक निर्णय को जनता के हित में बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी स्लैब में व्यापक सुधार किए गए हैं। नई दरों की वजह से प्रदेश के लाखों परिवारों और छोटे व्यापारियों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने व्यापारियों व दुकानदारों से मिलकर फीडबैक प्राप्त किया और सभी से घटे हुए जीएसटी का लाभ आमजन तक पहुंचाने के लिए आग्रह किया। उन्होंने स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भर भारत अभियान में भागीदारी सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी जागरूकता के लिए प्रदेश में यह अभियान 29 सितम्बर तक चलाया जाएगा, जिसमें मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों की सहभागिता रहेगी। उन्होंने कहा अधिक से अधिक लोग नए जीएसटी स्लैब के फायदे समझें और इसका लाभ उठा सकें, इसके लिए स्थान-स्थान पर जानकारी साझा की जाएगी।

राजपुर रोड में भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहार सीजन से पहले जीएसटी की नई दरें लागू होने से लोगों की बचत बढ़ेगी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय देशवासियों के हित के लिए ऐतिहासिक व क्रांतिकारी सिद्ध होगा।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, राज्य मंत्री विनय रुहेला, भाजपा के महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल मौजूद थे।

व्यापारियों से बोले सीएम, घटे जीएसटी का लाभ आम जन तक पहुँचाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज देहरादून के प्रेमनगर में आयोजित जीएसटी बचत उत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। यह आयोजन देशभर में जीएसटी दरों में की गई कटौती को लेकर जनजागरूकता फैलाने और जनता को इसके प्रत्यक्ष लाभों से अवगत कराने के उद्देश्य से किया गया।

मुख्यमंत्री धामी ने आज शाम देहरादून के प्रेमनगर स्थानीय बाज़ार पहुंचकर व्यापारियों से मुलाकात कर नए जी.एस.टी स्लैब के बारे में फीडबैक लिया एवं व्यापारियों से आम जन को भी घटे हुए जी.एस.टी के बारे में जानकारी देने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने जनता से किया संवाद

मुख्यमंत्री ने विभिन्न प्रतिष्ठानों में जाकर दुकानदारों से फीडबैक भी लिया। मुख्यमंत्री ने व्यापारियों से स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा हम स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देकर भारत के लोगों और भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करें।

मुख्यमंत्री ने बड़ी संख्या में जनता से मुलाकात कर उनको घटे हुए नेक्स्ट जनरेशन जी.एस.टी के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने आम जनता को राहत पहुंचाने के लिए कई आवश्यक उत्पादों और सेवाओं पर जी.एस.टी स्लैब में कमी की है। जिसका सीधा लाभ देश के आम जनता को मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने जनता से अधिक से अधिक स्वदेशी एवं स्थानीय उत्पादों की खरीददारी करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने से हमारे कुटीर उद्योग, स्थानीय कारोबारियों को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे प्रदेश एवं देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। उन्होंने कहा जब हम अपने स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देंगे, तभी हमारे ग्रामीण एवं शहरी उद्यमी सशक्त होंगे और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी ने स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों को अपनाकर समाज और प्रदेश के विकास में योगदान देना है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में आर्थिक सुधार और जनकल्याण एक साथ चल रहे हैं। ळैज् दरों में कमी से हर वर्ग को राहत मिली है गृहिणियों से लेकर छोटे व्यापारियों तक, हर कोई इससे लाभान्वित हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ‘जीएसटी बचत उत्सव’ जैसे कार्यक्रमों से जनता को सीधे संवाद का अवसर मिलता है, और वे सरकार की नीतियों के लाभों को नज़दीक से महसूस कर पाते हैं।

जनता ने जताया प्रधानमंत्री मोदी का आभार

कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों ने जीएसटी में दी गई राहत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दैनिक जीवन से जुड़े उत्पादों पर कर दरों में कमी से घरेलू बजट पर बोझ कम हुआ है, जिससे आमजन को वास्तविक राहत मिली है।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की जोड़ी को बताया भरोसेमंद

कार्यक्रम में नागरिकों ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री धामी की जोड़ी पर लोगों को पूरा विश्वास है। इस जोड़ी ने जनता को विकास, सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के मार्ग पर आगे बढ़ाया है।

कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में आम नागरिक, व्यापारी, महिलाएं, युवा और वरिष्ठजन उपस्थित रहे, जिन्होंने जीएसटी दरों में कटौती को ‘डबल इंजन सरकार’ द्वारा जनता को दिया गया उपहार बताया।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, प्रदेश मंत्री आदित्य चौहान एवं अन्य लोग मौजूद रहे।