ठीक होकर आने का वादा किया था, लेकिन साथ छोड़ दिया- मुख्यमंत्री

‘मैं निश्चित रूप से वापस आऊंगा, पर अब उनका पार्थिव शरीर वापस आ रहा है’ कैबिनेट सहयोगी प्रकाश पंत से आखिरी मुलाकात को याद कर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भावुक होकर फफक पड़े। उन्होंने प्रकाश पंत से जुड़ी कुछ यादों को साझा कर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुआ एक वीडियो बुधवार शाम को जारी किया। मुख्यमंत्री ने पंत की संसदीय प्रणाली की समझ और उनके कार्यशैली को याद किया। मुख्यमंत्री बोले, ‘राज्य गठन के बाद अंतरिम सरकार बनी तो बात आई कि विधानसभा अध्यक्ष किसे बनाया जाए। मैंने डा. मुरली मनोहर जोशी को सुझाया कि प्रकाश पंत को बनाते हैं। उस समय मैं प्रदेश संगठन देख रहा था। जोशी जी का एक संशय था कि इतनी कम उम्र में प्रकाश विधानसभा का कार्य देख पाएगा। मैंने उन्हें समझाया, जिसके बाद वे मान गए। उनकी संसदीय कार्यों की मजबूत समझ से इतिहास में लंबी लकीरें खींची हैं।
वे न केवल मर्यादाओं की चिंता करते थे बल्कि उस पर चलते भी थे’। मुख्यमंत्री ने उनकी कार्यकुशलता और विनम्रता को लेकर कई रोचक बातें बताईं। अपनी बात समाप्त करने से पहले मुख्यमंत्री ने पंत जी से आखिरी मुलाकात को याद किया तो वे भावुक हो गए। उन्होंने अंत में कहा कि ‘मैं बहुत दुखी हूं’। इतना कहने के बाद वे फफक ही पड़े। प्रकाश पंत ने जब सोशल मीडिया पर अपने स्वास्थ्य में आ रहे सुधार के संबंध में एक वीडियो पोस्ट किया तो अपने प्रशंसकों के चेहरे खिल उठे। सभी उनके सेहत को लेकर चिंतित थे और हर जुबान पर एक सवाल तैर रहा था कि प्रकाश पंत जी को आखिर क्या हुआ? पंत ने संदेश में कहा था कि उनके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है और सेवा के भाव लेकर वे पुनः उपस्थित होंगे।

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अनिल बलूनी के सहारे कौन चला रहा परिर्वतन की अफवाह!

पंत जी आप अमर रहेंगे, हम सभी के दिलों में! – बंसल।

20 सूत्रीय कार्यक्रम के उपाध्यक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल ने प्रदेश के वित्त मंत्री प्रकाश पंत के आकस्मिक निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शान्ति तथा शोक संतप्त परिजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है।
नरेश बंसल ने अपने शोक संदेश में कहा कि प्रकाश पंत केवल एक राजनेता के तौर पर नहीं बल्कि आकर्षक व्यक्तित्व के धनी थे उनकी कमी सदैव खलेगी। सदन में सबको साथ लेकर चलने की उनकी कुशलता, वित्तीय मामलों का ज्ञान और विपक्ष के हर तीखें वार का एक मीठी मुस्कान से जवाब देना, ये सब अब उनकी यादों में रहेगा। शांत, सौम्य और सरल स्वभाव के धनी प्रकाश पंत ने अपने लम्बे राजनैतिक जीवन में प्रदेश के गठन और बाद में प्रदेश को एक नई दिशा देने में बड़ी भूमिका निभायी। उनके निधन से प्रदेश एवं हमारे भाजपा संगठन ने एक बहुत बड़ा व्यक्तित्व को खो दिया।
नरेश बंसल ने बताया कि मुख्यमंत्री ने स्व0 प्रकाश पंत के सम्मान में प्रदेश में तीन दिन का राजकीय शोक तथा गुरूवार 6 जून को प्रदेश में एक दिन के राजकीय अवकाश की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को राज्य के प्रगति की जानकारी दी

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने मीडिया से वार्ता करते हुए कहा कि भेंट के दौरान प्रधानमंत्री से उत्तराखण्ड के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। 2021 में होने वाले महाकुंभ, उत्तराखण्ड के हाइड्रो प्रोजेक्टों व अन्य विषयों को लेकर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने राज्य को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ जी के अपने अनुभवों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साझा किया।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि 2013 की आपदा से प्रदेश के अनेक हाइड्रो प्रोजेक्ट अटक गये थे, जिनमें अधिकांश कार्य हो चुके हैं, लेकिन विभिन्न कारणों से वे अभी तक पूर्ण नहीं हो पाये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि एनजीटी व अन्य एजेंसियों से सहयोग मिलता है तो हमारे ये प्रोजेक्ट जल्द पूरे होंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड लगभग एक हजार करोड़ रूपये की बिजली खरीदता है, इसके बावजूद भी उत्तराखण्ड सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध कराने वाला राज्य है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का केदारपुरी से विशेष लगाव होने व केदारनाथ जी के पुनर्निर्माण कार्यों के बाद चारधाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं के आगमन में तेजी से वृद्धि हुई है। औसतन 13 हजार से अधिक श्रद्धालु प्रतिदिन श्री केदारनाथ जी के दर्शन कर रहे हैं।

अनिल बलूनी के सहारे कौन चला रहा परिर्वतन की अफवाह!

सोशल मीडिया में अर्से से चल रही राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा पर राज्यसभा सदस्य और भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी ने विराम लगा दिया है। उन्होंने ऐसी अफवाहों को पूरी तरह निराधार बताया और कहा कि राज्य में प्रचंड बहुमत की स्थिर सरकार है। डबल इंजन का संकल्प उत्तराखंड के कायाकल्प के लिए कार्यरत है। फेसबुक पर अपनी पोस्ट में बलूनी ने लिखा-’’मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में सरकार राज्य की भावना के अनुरूप विकास के पथ पर आगे बढ़ रही है। मेरी कामना है कि राज्य का नेतृत्व विकास के नए आयाम छुए।’’

उत्तराखंड से राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद से अनिल बलूनी राज्य से जुड़े अहम सवालों को लेकर केंद्र में सक्रिय हैं। फिर चाहे वह कोटद्वार और उत्तरकाशी के अस्पतालों में आइसीयू की बात हो अथवा आइटीबीपी के अस्पतालों में आमजन को भी उपचार की सुविधा, काठगोदाम- देहरादून के बीच रेल सेवा, एनसीटीई एक्ट में संशोधन, मसूरी पेयजल योजना अथवा दूसरे कार्य, उन्होंने राज्य हित में कई अहम कार्य केंद्र के स्तर से अब तक करवाए हैं। इन्हें काफी सराहा भी गया।

इसके साथ ही उन्हें लेकर सोशल मीडिया में चर्चा भी शुरू हुई। इन चर्चाओं पर बलूनी ने फेसबुक पर पोस्ट कर ब्रेक लगाया है। उन्होंने लिखा कि कुछ महीनों से वह निरंतर देख रहे हैं कि सोशल मीडिया उत्तराखंड के राजनैतिक परिदृश्य पर अनेक चर्चाएं हो रही हैं। विशेषकर राज्य के नेतृत्व को लेकर कई पोस्ट हैं, जो कि पूर्णतरू निराधार हैं। बलूनी ने लिखा-मैं राज्यसभा सदस्य के नाते राज्य के विषयों पर निरंतर सक्रिय हूं। साथ ही पार्टी के मीडिया प्रमुख के नाते अपने दायित्व का निर्वह्न कर रहा हूं।

प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा दिए गए दायित्वों का निष्ठा से निर्वह्न मेरी प्राथमिकता है। ऐसे में सोशल मीडिया में राज्य के नेतृत्व के विषय में अस्तित्वहीन और निराधार चर्चा हमारी ऊर्जा को व्यय करती है। नेतृत्व द्वारा दिए दायित्व को सभी कार्यकर्ता सफलतापूर्वक निभा रहे हैं। मेरी कामना है कि उत्तराखंड प्रगति करे, विकास के आयामों को छुए और जन आकांक्षाओं को पूर्ण करे।

ऋषिकेश पार्षद रीता गुप्ता का जाति प्रमाणपत्र निरस्त

नगर निगम ऋषिकेश की महिला पार्षद रीता गुप्ता का जाति प्रमाणपत्र जांच के बाद निरस्त कर दिया गया है। इसके बाद शहरी विकास विभाग ने वार्ड नंबर-3 से विजयी रहीं पार्षद रीता गुप्ता का चयन निरस्त करने की घोषणा कर दी है।

शहरी विकास विभाग के सचिव शैलेश बगौली की ओर से जारी पत्र के अनुसार नगर निगम ऋषिकेश के वार्ड नंबर-3 दुर्गा मंदिर में आरक्षित श्रेणी (पिछड़ी जाति महिला) से विजयी प्रत्याशी रीना गुप्ता पत्नी प्रवीण गुप्ता का पिछड़ी जाति प्रमाणपत्र निरस्त हो गया है। इस आधार पर रीना गुप्ता का पार्षद पद रिक्त घोषित किया जाता है। बता दें, चुनाव के दौरान भी जाति प्रमाणपत्र पर आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं। मामला विचाराधीन होनेे के कारण पार्षद पद की दावेदारी पर रोक नहीं लगाई गई थी।

सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी देहरादून सुशील जोशी के अनुसार किसी भी स्थिति में पद रिक्त होने के बाद उपचुनाव का प्राविधान है। विशेष परिस्थितियों में कोर्ट के आदेश पर चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे प्रत्याशी को विजेता घोषित किया जा सकता है। इस मामले में मुख्य नगर आयुक्त चतर सिंह चौहान का कहना है कि आदेश की प्रति अभी प्राप्त नहीं हुई है। आदेश मिलने के बाद नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे।

दस साल पुराने मामले में कैबिनेट मंत्री हरक के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी

कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) विवेक श्रीवास्तव की अदालत से गैर जमानती वारंट जारी हुआ है। यह वारंट दस साल पुराने उत्तराखंड विधानसभा का घेराव कर हंगामा करने के मामले में जारी हुआ है। वन मंत्री के अलावा वारंट तीन अन्य के खिलाफ भी जारी किया गया है। यह सभी आरोपित सम्मन जारी होने के बाद भी तारीखों पर लगातार गैर हाजिर चल रहे थे। वहीं, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय सोमवार को कोर्ट में पेश हुए और उन पर आरोप भी तय कर दिए गए।

सहायक लोक अभियोजक अनूप कुमार ने अदालत को बताया कि दिसंबर 2009 में कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत, यशपाल आर्य और सुबोध उनियाल कांग्रेस में रहते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ विधानसभा कूच कर रहे थे। तब राज्य में भाजपा की सरकार थी। पुलिस ने इन सभी को रिस्पना पुल पर बेरिकेडिंग कर रोक लिया। इससे आक्रोशित नेताओं ने पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की और उत्तेजक नारे लगाए। इससे शांति व कानून व्यवस्था बिगड़ गई। मामले में उस समय 25 लोगों के खिलाफ नेहरू कॉलोनी थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया।

साल 2013 से इस मामले में सुनवाई चल रही है। बीते साल सितंबर माह में बीस आरोपितों पर आरोप तय कर दिए गए, जबकि हरक सिंह रावत, किशोर उपाध्याय, सतपाल ब्रह्मचारी, शंकर चंद रमोला और विनोद रावत के लगातार अनुपस्थित रहने के कारण इन सभी की पत्रावली अलग कर दी गई। सोमवार को मामले में सुनवाई थी, लेकिन किशोर उपाध्याय को छोड़ कोई भी अदालत नहीं पहुंचा। इस पर अदालत ने हरक समेत चार के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए।

उत्तराखंड भाजपा के लिए चाणक्य साबित हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत

उत्तराखंड की पांचों लोकसभा सीटें भाजपा की झोली में आने के बाद अब यहां मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत का कद भी बढ़ गया है। त्रिवेन्द्र सिंह रावत के मुख्यमंत्री रहते हुए प्रदेश की पांचों सीटें भाजपा के कब्जाई है। वहीं कांग्रेस को खाता खोलने का मौका भी नहीं दिया गया। कांग्रेस के कद्दावर नेता व पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को हराकर प्रदेश अध्यक्ष भाजपा अजय भट्ट का भी सीना चौड़ा हुआ है।

अजय भट्ट के चुनाव में चले जाने के बाद पांचों सीटों पर भाजपा के प्रचार की डोर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के हाथों में ही थी। उनके राजकाज और राजनीतिक कौशल को चुनावी कसौटी पर माना जा रहा था। सियासी हलकों में ये चर्चा आम थी कि यदि पांच में से एक भी सीट भाजपा के कब्जे से निकली तो इसका ठीकरा मुख्यमंत्री के सिर पर ही फूटेगा। सियासी जानकारों की मानें तो पांचों सीटों पर जीत दर्ज कर जहां भाजपा ने अपने वर्चस्व को बरकरार रखा तो वहीं मुख्यमंत्री चुनावों में अजेय बने रहने के रिकार्ड को भी बनाए रखने में कामयाब रहे। 2017 में भाजपा की सरकार बनने के बाद प्रदेश में थराली विधानसभा का उपचुनाव हुआ और उसके बाद शहरी निकायों के चुनाव हुए। इन दोनों ही चुनावों में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की प्रतिष्ठा दांव पर मानी गई। दोनों चुनावों में भाजपा ने जीत दर्ज की। लोकसभा चुनाव में भी उनकी प्रतिष्ठा को दांव पर माना जा रहा था।

अजय भट्ट का सियासी कद बढ़ा
नैनीताल लोस से हरीश रावत सरीखे खांटी राजनीतिज्ञ को मात देने वाले अजय भट्ट का भी कद बढ़ा है। प्रदेश अध्यक्ष की सफल भूमिका निभाने के बाद पार्टी ने उन पर दांव लगाया था। चुनाव जीतकर उन्होंने पार्टी के फैसले को सही साबित किया।

हिमाचल में भी दिलाई जीत
जनरल बीसी खंडूड़ी के राजनीतिक शिष्य तीरथ सिंह रावत ने गढ़वाल लोकसभा सीट पर शानदार जीत दर्ज की। उन्होंने खंडूड़ी के बेटे को हराकर पार्टी के फैसले को सही साबित किया। हिमाचल में चारों सीटों पर भाजपा की जीत का श्रेय भी तीरथ के खाते में दर्ज हुआ है। वे वहां प्रदेश प्रभारी थे, चुनाव के दौरान उन्होंने वहां डेरा जमा रखा था।

डॉ. निशंक ने दूसरी दफा जीता चुनाव
हरिद्वार लोकसभा सीट से चुनाव जीते डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक का भी कद बढ़ा है। वे लगातार दूसरा चुनाव जीते हैं। चुनाव शुरू होने से पहले उनकी सीट पर मुकाबला कड़ा माना जा रहा था। लेकिन हरीश रावत के नैनीताल लोस सीट पर जाने से उनकी चुनावी राह आसान मान ली गई थी।

लोकसभा चुनाव 2019ः लगातार दूसरी बार पांचों सीटे भाजपा कब्जाने में रही सफल

उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में एक बार पुनः परिणाम देखने को मिले। यहां लोकसभा की हरिद्वार सीट से भाजपा प्रत्याशी व पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, नैनीताल सीट से प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट, टिहरी सीट से माला राज्यलक्ष्मी शाह, पौड़ी सीट से राष्ट्रीय सचिव तीरथ सिंह रावत और अल्मोड़ा सीट से केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा निर्वाचित घोषित हुए।

भाजपा प्रत्याशियों की जीत का अंतर 2.33 लाख से 3.39 लाख मतों के बीच रहा। निशंक और टम्टा की यह लगातार दूसरी जीत है, जबकि माला राज्यलक्ष्मी शाह ने हैट्रिक लगाई है। भट्ट और रावत पहली बार संसद की सीढियां चढ़ेंगे। इसके साथ ही कांग्रेस का राज्य में सूपड़ा साफ हो गया। साख बचाने की उसकी मुहिम मोदी के नाम की सुनामी में गुम हो गई। पराजय का स्वाद चखने वालों में कांग्रेस के दिग्गजों में राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह, राज्यसभा सदस्य प्रदीप टम्टा शामिल हैं। चार सीटों पर महागठबंधन के प्रत्याशियों को मन मसोसकर रहना पड़ा।

राज्य में प्रथम चरण में हुए लोकसभा चुनाव के लिए 11 अपै्रल को मतदान हुआ था। दिग्गजों की मौजूदगी के चलते सभी सीटें वीआइपी की श्रेणी में शामिल थीं और नतीजों पर मुख्य प्रतिद्वंद्वियों भाजपा एवं कांग्रेस की नजरें टिकी हुई थीं। पांचों सीटों पर किस्मत आजमा रहे 52 प्रत्याशियों का ईवीएम में बंद पिटारा गुरुवार को मतगणना में खुला। जिला मुख्यालयों में सुबह आठ बजे से शुरू हुई मतगणना देर रात पूरी हुई। इसके साथ ही जनादेश को लेकर तस्वीर भी साफ हो गई। सभी सीटों पर भाजपा ने एक बार फिर कब्जा जमाकर पिछला प्रदर्शन दोहराने में कामयाबी हासिल की। इसके साथ ही राज्य में लोस चुनाव में लगातार दूसरी बार क्लीनस्वीप करने वाली भाजपा पहली पार्टी बन गई है।

लोकसभा क्षेत्र-नैनीताल
अजय भट्ट (भाजपा)-772195
हरीश रावत (कांग्रेस )-433099
नवनीत अग्रवाल (बसपा)-28455

लोकसभा क्षेत्र-हरिद्वार
रमेश पोखरियाल निशंक (भाजपा)-665674
अंबरीश कुमार (कांग्रेस)-406945
अंतरिक्ष सैनी (बसपा)-173528

लोकसभा क्षेत्र-अल्मोड़ा
अजय टम्टा (भाजपा)-444651
प्रदीप टम्टा (कांग्रेस)-211665

लोकसभा क्षेत्र-पौड़ी
तीरथ सिंह रावत (भाजपा)-506980
मनीष खंडूरी (कांग्रेस)-204311

लोकसभा क्षेत्र-टिहरी
माला राज्य लक्ष्मी शाह (भाजपा)- 565333
प्रीतम सिंह (कांग्रेस)-264747
ईवीएम की मतगणना पूरी होने के साथ ही भाजपा प्रत्याशियों ने अजेय बढ़त हासिल कर ली थी। रात साढ़े ग्यारह बजे तक पोस्टल बैलेट की गिनती के बाद नतीजे घोषित कर दिए गए।

नैनीताल सीट पर पहली बार चुनाव मैदान में उतरे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट रिकार्ड मतों से निर्वाचित घोषित किए गए। भट्ट ने 772195 मत हासिल कर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत (433099) को 339096 मतों के बड़े अंतर से पराजित किया।

अल्मोड़ा सीट पर भाजपा प्रत्याशी केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा ने 444651 मत हासिल लगातार दूसरी जीत दर्ज की। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी राज्यसभा सदस्य एवं कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप टम्टा को 211665 मत प्राप्त हुए।

हरिद्वार सीट पर भी भाजपा प्रत्याशी पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद रमेश पोखरियाल निर्वाचित घोषित किए गए। निशंक ने 665674 मत हासिल कर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के अंबरीष कुमार (406945) पर 258729 मतों से पराजित किया।

टिहरी सीट पर भाजपा प्रत्याशी सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह ने 565333 मत हासिल कर जीत दर्ज की। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह (264747) को 300587 मतों से हराया। माला राज्यलक्ष्मी शाह की लोस चुनाव में यह तीसरी जीत है। इससे पहले वह उप चुनाव और फिर 2014 में भी इस सीट पर जीती थी।

पौड़ी सीट पर भाजपा के राष्ट्रीय सचिव तीरथ सिंह रावत ने 302669 मतों से जीत हासिल की। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के मनीष खंडूड़ी (204311) को शिकस्त दी। उधर, रिकार्ड मतों से मिली जीत की खुशी में भाजपा ने जश्न मनाया, जबकि कांग्रेस खेमे में मायूसी छायी रही।

अनुशासनहीनता के आरोप में चैंपियन और कर्णवाल को पार्टी कमान का नोटिस

खानपुर हरिद्वार से विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन और झबरेड़ा हरिद्वार से विधायक देशराज कर्णवाल के बीच जुबानी जंग जगजाहिर है। मगर, इस बार पार्टी ने दोनों को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस भेज दिए है। पार्टी ने दोनों विधायकों के बयानों का संज्ञान लेते हुए सात दिन के भीतर जवाब मांगा गया है।

सोमवार को प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने पार्टी के प्रांतीय महामंत्रियों नरेश बंसल व खजानदास से विचार विमर्श किया। इसमें विधायकों को भेजे जाने वाले नोटिस का मजमून तैयार किया गया और फिर दोपहर बाद इन्हें भेज दिया गया।

भाजपा के प्रदेश मीडिया र्प्रमुख डॉ.देवेंद्र भसीन ने दोनों विधायक को नोटिस भेजे जाने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि दोनों विधायकों के मध्य जिस प्रकार से खुला विवाद चल रहा है और मीडिया में जो कुछ आ रहा है, उसे प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने गंभीरता से लिया है। अजय भट्ट ने साफ किया कि पार्टी अनुशासन के बूते ही आज विश्व में नंबर एक पार्टी बनी है। किसी को भी अनुशासन तोड़ने की इजाजत नहीं है।
चैंपियन को तीसरी बार नोटिस
भाजपा विधायक चैंपियन पूर्व में भी अपने विवादित बयानों के चलते सुर्खियों में रहे हैं। भाजपा नेतृत्व ने पूर्व में उन्हें दो बार नोटिस भेजे थे, लेकिन तब उनके द्वारा खेद प्रकट कर दिए जाने के बाद मसला शांत हो गया था। अब उन्हें तीसरी बार नोटिस भेजा गया है।

खानपुर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन का कहना है कि अभी नोटिस नहीं मिला है, लेकिन सुनने में जरूर आया है कि पार्टी ने नोटिस भेजा है। मुक्त अंदाज में मैं नोटिस का स्वागत करता हूं। मैं पार्टी का अनुशासित कार्यकर्ता हूं। मेरे लिए पार्टी माता की तरह है और मैं पुत्र की तरह सही तरह से जवाब दूंगा।

वहीं, झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल ने कहा कि जानकारी मिली है कि नोटिस जारी हुआ है, मगर अभी प्राप्त नहीं हुआ है। इसके मिलते ही जवाब दिया जाएगा। हालांकि, इस बीच मैंने सोमवार को देहरादून में प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात कर उनके समक्ष अपना पक्ष भी रखा।

प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट बोले, चैंपियन और देशराज को देंगे नोटिस

भाजपा विधायकों कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन और देशराज कर्णवाल के बीच छिड़ी जुबानी जंग अब भाजपा सख्त रुख अपनाने जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने रविवार को देहरादून पहुंचने पर मामले का संज्ञान लिया।

अजय भट्ट ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है। दोनों विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से भी इस बारे में राय मशविरा किया गया है। प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार रविवार को पार्टी के तीनों प्रांतीय महामंत्रियों के बाहर होने के कारण ये नोटिस सोमवार को भेजे जाएंगे। विधायक चौंपियन को भेजे जाने वाले नोटिस में उनके द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को लेकर रविवार को की गई टिप्पणी के अलावा कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज से हुई बातचीत का ऑडियो जारी करने के मामले को भी शामिल किया जाएगा।

अजय भट्ट ने कहा कि पार्टी में अनुशासन पहली सीढ़ी है। यदि अनुशासनहीनता ज्यादा हुई तो पार्टी ये परवाह नहीं करेगी कि कौन विधायक है और कौन नहीं। उन्होंने कहा कि यदि दोनों विधायकों से नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो पार्टी संविधान के अनुसार उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।