लोस, विस के बाद निकाय चुनाव में भी करें भाजपा का समर्थन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि नगर निगमों को 1500 करोड़ रूपये दिये गये है। 2000 कर्मियों की भर्ती भी नगर निकायों में की जाएगी। जिसमें पर्यावरण मित्र तथा अन्य स्टाफ होगा। नगर निकायों में जो नए क्षेत्र मिलाए गए है, आने वाले 10 सालों तक उनसे कोई टैक्स ( होम टैक्स आदि) नहीं लिया जायेगा। 

उन्होंने जनता से अपील की, कि जिस तरह से लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों को समर्थन दिया, उसी तरह आने वाले निकाय चुनाव में भी दें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार निकाय में दो हजार स्टाफ की भर्ती करने जा रही है। जिसमें पर्यावरण मित्र व अन्य स्टाफ होगा। कार्यक्रम के दौरान परिसीमन के बाद 24 निकायों में सीमा विस्तार की नाराजगी को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री ने टैक्स माफी और विकास कार्यो को गति देने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि सरकार जीरो टोलरेंस पर काम कर रही है। ऐसे में राज्य को लोकायुक्त की जरूरत महसूस नहीं होगी। इसके शुरुआती परिणाम देखने को मिल रहे हैं। गैरसैंण में बजट सत्र को ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की जरूरतों के अनुरूप राज्य का बजट तय हुआ है। इस बजट से राज्य के विकास को नई गति मिलेगी। भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार काम कर रही है। इसमें जनता का सहयोग चाहिए। उन्होंने कहा कि एनएच मुआवजा घोटाले में फंसे लोग अब कार्रवाई की डर से पैसा वापस कर रहे हैं। अब तक दो करोड़ रुपये वापस आ गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द पानी की समस्या खत्म होगी। सभी को ग्रेविटी वाटर का लाभ दिया जायेगा। देहरादून के 43 गांवों में इसकी शुरुआत की जा रही है। इससे 60 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष बिजली का खर्चा बचेगा, और जनता को स्वच्छ जल उपलब्ध हो सकेगा।

योगी सरकार कर रही बीएसपी के वोट बैंक में सेंध लगाने की तैयारी

फूलपुर और गोरखपुर उपचुनाव में हार और सपा-बसपा के बीच बढ़ती दोस्ती को सियासी मात देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महादलित का मास्टर कार्ड खेला है। योगी ने विधानसभा के बजट सेशन में कहा कि जरूरत पड़ने पर महादलित और अति पिछड़ों को आरक्षण देने पर विचार किया जा सकता है। साफ है कि योगी आदित्यनाथ ने इस चाल से बीएसपी के वोट बैंक में सेंध लगाने की तैयारी कर दी है।

उपचुनाव में बीजेपी के बिगड़े समीकरण के मद्देनजर योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर गैर यादव ओबीसी और गैर जाटव दलित को साधने की कवायद की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस कार्ड के जरिए सपा-बसपा की बढ़ती नजदीकियों के चलते एकजुट हो रहे दलित-पिछड़ों के वोटबैंक में सेंधमारी की तैयारी की है। गुरुवार को विधानसभा के बजट अभिभाषण में योगी आदित्यनाथ ने सूबे के अतिपिछड़ों और महादलितों को अलग से आरक्षण देने पर विचार करने की बात कही है।

गौरतलब है कि बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लालू यादव के दलित वोटबैंक में इसी फॉर्मूले से सेंध लगाई थी और अपना वोट बैंक तैयार किया था। इसी का नतीजा है कि वे मौजूदा दौर में बिहार की सत्ता में काबिज हैं।

सीएम ने एक वर्ष के कार्यकाल पर आभार जताया

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने राज्य सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर प्रदेश वासियों का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में राज्य सरकार ने उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए समाज के हर वर्ग का उत्थान करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। किसान, महिला और गांव सरकार की नीतियों के केंद्र में हैं। पहाड़ से पलायन रोकना, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देना, बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसर प्रदान करना सरकार की प्राथमिकताएं हैं। मात्र कोरी घोषणाएँ नहीं की गयी हैं, बल्कि ऐसी घोषणाएं की गयी हैं, जिन्हें पूरा किया जा सकता है।

सीएम बोले ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। राज्य के 99.60 प्रतिशत ग्राम विद्युतीकृत हो गये हैं। विगत एक वर्ष में 51 दूरस्थ गाँव विद्युतीकृत किए गए एवं शेष 21 गाँव मार्च के अन्त तक विद्युतीकृत हो जाएंगे।

एक वर्ष में 552 नई बस्तियों को पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की गयी है। 572 नये स्थानों पर हैण्डपम्प लगाए गए हैं। 1273 ग्रामीण पेयजल योजनाओं का सुदृढ़ीकरण एवं जीर्णोद्धार किया गया है। प्रदेश में 3837 चाल-खाल, जलकुण्ड, फार्म पॉण्ड का निर्माण किया गया है। देहरादून में सूर्यधार झील परियोजना का कार्य शुरू हो गया है। देहरादून में रिस्पना नदी व अल्मोड़ा में कोसी नदी के पुनर्जीवीकरण हेतु अभियान प्रारम्भ हो चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में पिछले एक वर्ष में लगभग 600 अतिरिक्त चिकित्सकों को पर्वतीय क्षेत्रों में नियुक्त किया गया। इनमें 239 बॉन्डधारी चिकित्सकों की भी नियुक्ति भी सम्मिलित हैं। मैदानी क्षेत्रों में सुविधा जनक स्थानों पर वर्षों से जमें डाक्टरों की संबद्धता समाप्त कर उन्हें वापस मूल स्थानों पर तैनात किया गया है।

राज्य की महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए भी सरकार सदैव प्रयासरत है। 15 ग्रॉथ सेंटरों में महिलाओं को एलईडी उपकरण निर्माण की टेªनिंग दी जा रही है। सामाजिक रूप से कमजोर एवं निराश्रित महिलाओं के लिये एक लाख तक ऋण मात्र एक प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध कराया जा रहा है। एकल महिलाओं के लिये सखी ई-रिक्शा योजना शुरू की गयी है। इसके साथ ही प्रथम स्पर्श सैनेटरी नैपकिन उत्पादक इकाई शुरू कर दी गयी है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय दो गुनी करने हेतु शुरू की गयी योजना के अन्तर्गत अब तक सवा लाख से अधिक किसानों को लगभग 600 करोड रूपये का ऋण मात्र 02 प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध कराया जा चुका है। पर्वतीय क्षेत्र में छोटी एवं बिखरी जोतों की चकबन्दी का निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अन्तर्गत स्टेट कम्पोनेंट में देश का पहला प्रशिक्षण केन्द्र उत्तराखण्ड में खोला गया है। एमएसएमई के क्षेत्र में 2951 ईकाइयों की स्थापना की गयी है, जिससे लगभग 17 हजार से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है। राज्य में सेण्ट्रल इंस्टिट्यूट ऑफ प्लास्टिक्स इंजीनियरिंग एण्ड टैक्नोलॉजी के लिये भवन एवं भूमि चिन्ह्ति कर ली गयी है, जिसमें इस वर्ष से कक्षाओं की शुरूआत कर दी जाएगी।

सिंगल विण्डो सिस्टम के अन्तर्गत लगभग 2500 करोड रूपये के 460 निवेश प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई है। नई स्टार्ट अप नीति-2018 भी लागू कर दी गयी है। उद्यमियों को नये उद्यमों हेतु भूमि खरीदने की अनुमति अब जिला स्तर से ही प्राप्त हो जाएगी।

उन्होंने बताया कि राज्य के विकास के लिये रोडमैप निर्धारित करते हुए हमने लक्ष्य 2020 के अन्तगर्त 2020 तक राज्य की सभी योजनाओं में डीबीटी लागू करने, राजस्व दोगुना करने, 05 हजार होम स्टे का निमार्ण, 01 लाख युवाओं को स्किल्ड बनाने, 200 स्टार्ट अप आरम्भ करने, 04 लाख 35 हजार वंचित परिवारों में से कम से कम एक व्यक्ति प्रति परिवार को जीविका के साधन देने, सर्विस सेक्टर में 01 लाख नए रोजगार उत्पन्न करने, सभी ग्राम पंचायतों में ऑप्टिकल फाईबर कनेक्टिविटी देने जैसे लक्ष्य रखे है।

जानिए किसने कहा राजनीति बेहद कठिन, मगर मैं कर सकता हूं बदलाव…

सुपरस्टार रजनीकांत चेन्नई स्थित एक कॉलेज में छात्रों से कहा कि वे एक अच्छी सरकार चला सकते हैं। उन्होंने कहा कि अब जयललिता नहीं रहीं, करुणानिधि भी बीमार हैं। उन्होंने एमजीआर का नाम लेते हुए कहा कि मैं उनकी तरह राज्य की सेवा कर सकता हूं। उन्होंने कहा कि एमजीआर जैसे लोग हजारों साल में एक बार पैदा होते हैं।

एमजीआर एजुकेशनल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट में एमजीआर की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद रजनीकांत ने छात्रों से बातें कीं। रजनीकांत ने इस मौके पर एमजी रामचंद्रन की ही तरह सफेद धोती और शर्ट पहना था।

छात्रों से उन्होंने कहा कि मैं जानता हूं कि राजनीति का रास्ता बेहद कठिन है, लेकिन मैं एक अच्छी सरकार का नेतृत्व कर सकता हूं। उन्होंने एमजीआर के शासन का जिक्र करते हुए कहा कि मैं राज्य की जनता को एक बार फिर से वैसी ही सरकार दे सकता हूं. ईश्वर मेरे साथ है और मुझे विश्वास है कि मैं राज्य में ये बदलाव ला सकता हूं।

रजनीकांत ने कहा कि एम करुणानिधि, जीके मुप्पनर और दूसरे नेताओं के साथ मेरे अच्छे संबंध रहे हैं। इन लोगों से मैंने राजनीति सीखी है। राजनीति के रास्ते में तमाम मुश्किलें, कठिनाइयां और दिक्कतें आती हैं। इसका रास्ता कांटों से भरा हुआ है, लेकिन आपका नजरिया साफ हो, तो आप सब कुछ पार कर सकते हैं।

रजनीकांत ने इस दौरान उन लोगों को भी जवाब दिया जो कलाकारों के राजनीति में आने पर सवाल उठा रहे हैं। रजनीकांत ने कहा कि मैं स्वागत की उम्मीद नहीं करता, लेकिन आप हतोत्साहित क्यों कर रहे हैं। मैं अभी सिर्फ 67 साल का हूं. राजनेता अपना काम ठीक से नहीं कर रहे हैं, इसलिए हमें राजनीति में आना पड़ रहा है। पिछले साल के आखिरी दिन रजनीकांत ने राजनीति में आने का ऐलान किया था।

त्रिपुरा में भाजपा कार्यकर्ताओं ने शुरू की मारपीट, जानिए किस को तोड़ा?

त्रिपुरा में भारतीय जनता पार्टी के शानदार प्रदर्शन के बाद सत्ता पर काबिज होने जा रही पार्टी कार्यकर्ताओं ने राज्य में तोड़फोड़ और मारपीट करना शुरू कर दिया। उन्होंने वामपंथी स्मारकों को तोड़ा है। आरोप है कि बीजेपी समर्थकों ने साउथ त्रिपुरा डिस्ट्रिक्ट के बेलोनिया सबडिविजन में बुलडोजर की मदद से रूसी क्रांति के नायक व्लादिमीर लेनिन की मूर्ति को ढहा दिया गया। साम्यवादी विचारधारा के नायक लेनिन की मूर्ति तोड़े जाने के बाद से वामपंथी दल और उनके कैडर नाराज हैं।

आपको बता दें कि त्रिपुरा राज्य में बीजेपी की जीत के बाद राज्य के कई इलाकों से तोड़फोड़ और मारपीट की जा रही है। बीजेपी-आइपीएफटी कार्यकर्ता हिंसा पर उतारू हो चुके हैं। वे न सिर्फ वामपंथी दफ्तरों में तोड़फोड़ कर रहे हैं बल्कि कार्यकर्ताओं के घरों पर भी हमला कर उन्हें निशाना बना रहे हैं।

बीजेपी कार्यकताओं ने व्लादिमीर लेनिन की मूर्ति भी ढहा दी। त्रिपुरा के एसपी कमल चक्रवर्ती (पुलिस कंट्रोल) ने जानकारी दी कि सोमवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे बीजेपी समर्थकों ने बुलडोजर की मदद से चौराहे पर लगी लेनिन की मूर्ति ढहा दी। एसपी के मुताबिक बीजेपी समर्थकों ने बुलडोजर ड्राइवर को शराब पिलाकर इस घटना को अंजाम दिया। फिलहाल पुलिस ने ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है और बुलडोजर को सीज कर दिया है।

हमें डराने की कोशिश की जा रही

इस घटना पर सीपीआई(एम) ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए नाराजगी जताई है। साथ ही वामपंथी कैडरों और दफ्तरों पर हुए हमलों की लिस्ट जारी करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर उनके कार्यकर्ताओं को डराने और उनके मन में खौफ पैदा करने का आरोप लगाया है। साथ ही कहा कि ये हिंसक घटनाएं प्रधानमंत्री द्वारा बीजेपी को लोकतांत्रिक बताने के दावों का मजाक है।

जानिए कौन हैं व्लादिमीर लेनिन

रूसी क्रांति के नायक व्लादिमीर लेनिन ने वर्ष 1893 से रूस के साम्यवादी विचारधारा का प्रचार शुरू किया था। लेनीन को कई बार जेल भेजा गया था और निर्वासित भी किया गया। ‘प्रलिटरि’ एवं ‘इस्क्रा’ के संपादन के अतिरिक्त वर्ष 1898 में उन्होंने बोल्शेविक पार्टी की स्थापना की। वर्ष 1905 की क्रांती के उनके प्रयास असफल रहे, लेकिन वर्ष 1917 में उन्होंने रूस के पुननिर्माण योजना बनाई और सफल हुए। उन्होंने केरेन्सकी की सरकार पलट दी और 7 नवम्बर, 1917 को लेनीन की अध्यक्षता में सोवियत सरकार बनी। लेनिन की कम्युनिस्ट सिद्धांत और कार्यनीति लेनिनवाद के नाम से जानी जाती है। आज के वामपंथ विचारधारा और कार्यशैली में इनके सिद्धांतों का अहम योगदान है।

कथा करता है एक, भंडारे का प्रसाद सभी को मिलता हैः मोदी

बीजेपी की संसदीय दल की बैठक में पीएम मोदी ने सत्यनारायण की कथा जिक्र किया। पीएम ने कहा कि सत्यनारायण की कथा का प्रसाद कथा सुनने और न सुनने वाले दोनों ही लोगों को मिलता है। पीएम को इशारा साफ था कि ऐसा कब चलेगा कि वे मेहनत करते रहें और सांसद प्रसाद खाकर निकलते रहें।

बीजेपी की संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहां एक ओर मिशन 2019 की तैयारियों की योजना बनाई, वहीं सांसदों को मेहनत करने की भी नसीहत दी। पीएम के मुताबिक भगवान सत्यनारायण की कथा का पाठ एक आदमी करता है और भंडारे का प्रसाद सभी को मिलता है। मतलब साफ था कि पीएम ने सांसदों को सिर्फ प्रसाद खाने की आदत छोड़ खुद भी कथा का हिस्सा बनने की सलाह दे डाली।

पीएम ने कहा कि सांसदों को भी मेहनत करनी होगी और जनता से जुड़ना होगा। संसदीय दल की बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने सांसदों को कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करने का भी मंत्र दिया। इस मंत्र के तहत बीजेपी सांसद अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर बूथ स्तर पर टिफिन मीटिंग करेंगें।

बैठक में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने लोकसभा और राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान पीएम के भाषण पर विपक्ष के व्यवहार की निंदा की। अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी जिस तरह की राजनीति की शुरुआत कर रहे हैं, उस तरह की राजनीति वे नहीं कर सकते हैं।

राज्य में कृषि के लिये केंद्र से मिले छह हजार करोड़

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत आम बजट में किसानों को सौगात देने और गावों, महिलाओं, मजदूरों को समर्पित बजट को लेकर केंद्र सरकार का आभार जताया। साथ ही कहा कि केंद्र और राज्य सरकार जनता के हित के लिए काम कर रही है।

राज्य के किसानों द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करते हुए सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आम बजट 2018 में केंद्र सरकार द्वारा किसानों को दी गई सौगात पर पीएम मोदी, वित्त मंत्री अरुण जेटली और कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह को धन्यवाद दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को कृषि और उससे संबंधित विभागों के लिए छह हजार करोड़ रुपये की धनराशि मिली है।

बजट में 145 करोड़ रूपये खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में कोल्ड स्टोरेज बनाने के लिए मिला है। इसके लिए 55 हजार मैट्रिक टन फल और सब्जियों के अतिरिक्त उत्पादन की आवश्यकता पड़ेगी। उन्होंने कहा कि 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करने के प्रधानमंत्री के लक्ष्य का पूरा करने के लिए उत्पादन बढ़ाने और आधुनिक कृषि पर बल देने की जरूरत है। वहीं उन्होंने प्रदेश में पण्डित दीन दयाल किसान कल्याण योजना की भी बात की। उन्होंने कहा कि इसके तहत प्रदेश के लघु और सीमांत किसानों को मात्र दो प्रतिशत ब्याज पर एक लाख रूपये तक का ऋण दिया जा रहा है। इस योजना के तहत राज्य सरकार ने पिछले चार माह में 560 करोड़ रूपये किसानों के लिए दिये हैं।

इस दौरान सीएम ने किसानों से आह्वान किया कि वो अच्छी आमदनी के लिए अपना बाजार (अपणु बाजार) की अवधारणा पर बल दें। किसान उपभोक्ताओं को सीधे उत्पादों की मार्केंटिंग करेंगे तो इससे किसानों की आमदनी में भी वृद्धि होगी और उपभोक्ताओं को भी डायरेक्ट मार्केटिंग से फायदा होगा। उन्होंने कहा कि किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ उठाएं और फसलों एवं पशुओं का बीमा जरूर करवाएं। इसके साथ ही सीएम ने कई अन्य योजनाओं से किसानों को अवगत कराया।

एनडीए से अलग होगी शिवसेना

बीजेपी के सबसे बड़ी पुरानी सहयोगी पार्टी शिवसेना ने उसके साथ आगे की सियासी राह पर नहीं चलने का फैसला किया है। बीजेपी-शिवसेना दोस्ती में टूट गई है। शिवसेना 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के साथ चुनाव नहीं लड़ने का बकायादा ऐलान किया है। इतना ही नहीं 2019 में ही महाराष्ट्र में होने वाले विधानसभा शिवसेना अकेले चुनाव लड़ेगी।

शिवसेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा कि मैं वचन देता हूं कि अपने दम पर देश के सभी राज्यों में चुनाव लड़ेंगे। चाहे जीतें या हारे, लेकिन चुनाव अपने दम पर ही लड़ेंगे। शिवसेना ने आज पार्टी कार्यकारणी मिटिंग में प्रस्ताव पास करके बीजेपी से अलग चुनाव लड़ने का फैसला किया है। शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि प्रस्ताव पास किया गया है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र की सभी लोकसभा और सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। उन्होंने कहा कि हम अकेले दम पर लड़ेंगे तो 25 लोकसभा सीटें और 150 विधानसभा सीटें जीतने का दावा किया है। जबकि महाराष्ट्र में कुल 48 लोकसभा और 288 विधानसभा सीटें है, जबकि शिवसेना के पास मौजूदा समय में 63 विधायक हैं और 18 लोकसभा सदस्य हैं। शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक में उद्धव ठाकरे ने कहा कि पांच साल पहले लोग सोचते थे कि मैं पार्टी का नेतृत्व कैसे करूंगा। मुझे नेतृत्व करने में कभी कोई परेशानी नहीं आई, क्योंकि मेरे पास मजबूत और मेहनती सेना थी, जो पार्टी के सब कुछ बलिदान करने को तैयार रहते हैं। उन्होंने कहा कि आदित्य ठाकरे को आप लोगों ने अब नेता बना दिया है। पार्टी बनाई जाने के बाद मुझे पहली बैठक याद दिलाती है कि विरासत को आगे रखना महत्वपूर्ण था। उद्धव ठाकरे ने कहा कि मुझे कोई परवाह नहीं कि इसे कोई राजवंश राजनीति कहता है। राजवंश और विरासत के बीच अंतर है।

उद्धव ने कहा कि कार्यकराणी में पारित किए गए सभी प्रस्ताव सिर्फ औपचारिकता नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल अगर आज जीवित होते तो फिर पाकिस्तान ही अस्तित्व में नहीं होता।

मोदी के नोटबंदी से लेकर जीएसटी तक शिवसेना ने कड़ा विरोध किया है। इतना ही नहीं मोदी द्वारा तीन तलाक विरोधी लाए बिल की भी शिवसेना ने मुखालफत किया है। इतना ही नहीं सपा और बसपा द्वारा ईवीएम को लेकर उठाए सवाल पर भी सिवसेना बीजेपी से अलग खड़ी नजर आई।

बता दें कि शिवसेना बीजेपी की सबसे पुरानी सहयोगी पार्टी रही है। जब बीजेपी के संग कोई साथ चलने को तैयार नहीं था। तबसे शिवसेना बीजेपी के साथ है। अब इस दोस्ती में दरार पड़ती हुई नजर आ रही है और दोनों की राह जुदा हो रही है।

पाक की करतूतों से राजनाथ को आया गुस्सा, कहा घर में घुसकर मारेंगे

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत की दुनिया में अब एक मजबूत देश के रूप में छवि बन चुकी है और हिंदुस्तान ने पूरी दुनिया को संदेश दे दिया है कि वह सरहद के इस पार ही नहीं बल्कि जरूरत पड़ने पर उस पार भी घुसकर दुश्मन को मार सकता है।

राजनाथ ने भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ के एक दिवसीय महाधिवेशन को संबोधित करते हुए पाकिस्तान का जिक्र किया और कहा कि भारत अपने पड़ोसी के साथ अच्छे संबंध रखना चाहता है, लेकिन पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। मैं आपको यकीन दिलाना चाहता हूं कि पूरे हिन्दुस्तान का मस्तक हमारी सरकार कभी झुकने नहीं देगी।

उन्होंने कहा, भारत अब दुनिया में कमजोर नहीं बल्कि एक ताकतवर देश के रूप में जाना जाता है। आज से कुछ महीने पहले पाकिस्तान के कुछ आतंकवादी भारत की सीमा में घुस आए थे और उन्होंने हमारी सेना के जवानों पर रात में कायरतापूर्ण हमला करके 17 सैनिकों की जान ले ली थी, उसके बाद हमारे प्रधानमंत्री हमारे साथ बैठे और उन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए फैसला किया।

घर में घुसकर मार सकते हैं पाकिस्तान को

गृह मंत्री ने कहा, उसके बाद हमारे बहादुर सैनिकों ने कैसा करिश्मा किया, यह आपको बताने की जरूरत नहीं है। पाकिस्तान की धरती पर जाकर आतंकवादियों का सफाया करने में वे पूरी तरह कामयाब रहे, हमने सारी दुनिया को यह संदेश दे दिया कि हम केवल इस पार ही नहीं, जरूरत पड़ी तो उस पार भी जाकर मार सकते हैं। भारत के अंदर यह ताकत पैदा हो गई है।

उन्होंने कहा कि आर्थिक दृष्टि से भी यदि देखा जाए तो भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत की प्रतिष्ठा भी अंतरराष्ट्रीय जगत में तेजी से आगे बढ़ रही है। हमारे प्रधानमंत्री ने कई ऐसे महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मोदी की अगुवाई में देश की अर्थव्यवस्था बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है और अब अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्री तथा विशेषज्ञ भी इसे स्वीकार करते हैं।

राजनाथ सिंह ने रेलवे माल गोदाम श्रमिकों की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि सबसे बड़ी बात यही है कि आपकी समस्याओं का अब तक समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह रेल मंत्री तथा श्रमिक संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठकर चर्चा करेंगे।

गृह मंत्री ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि अपने पसीने से रेलवे को बड़ी आमदनी कराने वाले रेलवे माल गोदाम श्रमिकों में से बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं, जिनकी पिछली पीढ़ियां भी रेलवे श्रमिक ही थे, मगर उन्हें इसके बावजूद उनके पास कोई पहचान-पत्र नहीं है और ना ही रेलवे के अस्पतालों में चिकित्सा की सुविधा प्राप्त है। वह इन समस्याओं का समाधान कराने की पूरी कोशिश करेंगे।

रामू की फिल्म पर बैन लगाने की हुई मांग, पोर्न स्टार निभा रही है मुख्य किरदार

हाल ही में रामगोपाल वर्मा ने अपनी अपकमिंग मूवी गॉड सेक्स एंड ट्रुथ का ट्रेलर जारी किया। ट्रेलर काफी बोल्ड है। इस फिल्म के जरिए रामगोपाल, बॉलीवुड में पोर्न स्टार मिया माल्कोवा को लॉन्च कर रहे हैं। फिल्म का ट्रेलर आने के बाद से ही इस पर बहस भी छिड़ गई है। मामला राजनीतिक रूप लेता नजर आ रहा है। दक्षिण भारत में बीजेपी की एक महिला मोर्चा की लीडर ने रामगोपाल की फिल्म पर बैन लगाने की मांग की है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी महिला मोर्चा की एक नेता करी नागलक्ष्मी ने इसे लेकर विजयवाड़ा के सूर्यापेट थाने में शिकायत भी दर्ज कराई है। करी ने सवाल किया है कि इस गंदी फिल्म के जरिए राम गोपाल वर्मा देश के युवाओं को क्या संदेश देना चाहते हैं?

पोर्न स्टार मिया की हिन्दी फिल्म का ट्रेलर जारी, रामू बना रहे हैं फिल्म

करी ने दावा किया कि फिल्म भारत में विवाह की व्यवस्था पर असर डाल सकती है और युवाओं का करियर तबाह कर सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक करी की रामगोपाल वर्मा की फिल्म के खिलाफ करी की इस शिकायत पर राज्य के कई बीजेपी नेताओं ने भी समर्थन किया है।

अमेरिका की मशहूर पोर्न स्टार मिया माल्कोवा फिल्म में लीड रोल कर रही हैं। हाल ही में जारी हुए फिल्म के पोस्टर और ट्रेलर में उनका बेहद बोल्ड लुक नजर आया है। सोशल मीडिया में इसकी खूब चर्चा हुई।

फूड चेन में काम करती थी ये लड़की, 16 की उम्र में बनी एडल्ट स्टार

इससे पहले साउथ के सुपरस्टार विजय की मर्सल को लेकर ऐसी ही स्थिति देखी गई थी। तब तमिलनाडु की बीजेपी ईकाई ने फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। उनका आरोप था फिल्म में नोटबंदी और जीएसटी को लेकर गलत जानकारियां दी जा रही हैं। विवाद तूल पकड़ने की वजह से विजय के फिल्म की खूब पब्लिसिटी हुई और बॉक्स ऑफिस पर कमाई के मामले में मर्सल अब तक उनके करियर की बेस्ट फिल्म साबित हुई।