पांच सौ का नोट दो और लाखों कमाओ

नोटबंदी के दौरान मार्केट से बाहर किए गए 500 रुपए के कई पुराने नोट एक लाख रुपए से भी ज्‍यादा कीमत में बिक रहे हैं। इन नोटों को ईबे.कॉम पर ऑनलाइन ऑक्‍शन में डाला गया है। ये नोट अपने खास लकी नंबर के चलते इतनी ऊंची कीमत पर बिक रहे हैं। सबसे ज्‍यादा कीमत 786 नंबर वाले नोटों की है। इस नंबर के 500 रुपए के एक नोट की कीमत तो 1 करोड़ रुपये लगाई गई। एक ओर तो सरकार ने 500 और 1000 रुपए के नोटों पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है। सरकार ने इसके लिए एक नया कानून भी बनाया है। जिसके तहत आप पुराने 10 के नोट अपने पास रख सकते हैं। ज्‍यादातर लोगों ने ये 500 और 1000 के नोट बैंक में जमा भी कर दिए थे। अगर गलती से आप के पास कोई नोट बच गया है तो आप के पास लखपती बनने का सुनहरा मौका है।
शर्त ये है कि आपका यह नोट कुछ खास होना चाहिए। ऑनलाइन साइटों पर आप नजर डालें तो 500 रुपए के कई पुराने नोट बिकने के लिए डिस्‍प्‍ले किये गये हैं। ये नोट अपने खास नंबर जैसे 1234 या 420 या 786 के चलते ऊंची कीमत में बिक रहे हैं। 786 नंबर वाले 500 रुपये के नोटो की कीमत 1 करोड़ रुपये तक लगाई गई है। कुछ नोट 1 लाख रुपए के आसपास हैं। मार्केट में आए 500 रुपए के नए नोट भी सेल के लिए रखे गए हैं। आरबीआई की ओर से पहले से जारी किए गए नोट भी सेल पर रखे गए हैं। इसमें अशोक स्‍तंभ से जुड़ नोटों के अलावा 1 रुपए और 2 रुपए के वो नोट भी शामिल हैं जो अब बिकने बंद हो गए हैं।

प्रशासनिक अधिकारी बनने का मौका न गवायें

हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग (एचपीपीएससी) ने कई तरह के कुल 287 पदों पर भर्तियों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। ये भर्तियां हिमाचल प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों के लिए हैं। आरक्षण से जुड़े सभी लाभ केवल हिमाचल प्रदेश के मूल निवासियों को प्राप्त होगा। अन्य राज्यों के उम्मीदवार अनारक्षित श्रेणी के माने जाएंगे। आयोग ने इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं। योग्य और इच्छुक अभ्यर्थी 31 जुलाई तक ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं। आयोग पदों की संख्या बढ़ा या फिर घटा सकता है। पद, योग्यता और आवेदन की पूरी जानकारी के लिए आगे पढ़ें :
असिस्टेंट प्रोफेसर, कुल पद : 02
विषय के अनुसार रिक्तियों का विवरण
इम्यूनो हीमेटोलॉजी एंड बल्ड ट्रांसफ्यूजन, पद : 01 (अनारक्षित)
योग्यता : मान्यता प्राप्त संस्थान या यूनिवर्सिटी से इम्यूनोलॉजी में डीएम या इम्यूनो-हीमेटोलॉजी एंड ब्लड ट्रांसफ्यूजन में एमडी हो। या
पैथोलॉजी/ बैक्टीरियोलॉजी/हीमेटोलॉजी में एमडी डिग्री के साथ शिक्षण में दो साल का अनुभव प्राप्त हो। या इम्यूनो-हीमेटोलॉजी एंड ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग में स्पेशल ट्रेनिंग ली हो।
मेडिकल ऑन्कोलॉजी, पद : 01
योग्यता
-एमबीबीएस डिग्री हो।
-मेडिकल ऑन्कोलॉजी में डीएम या मेडिसिन/ रेडियोथेरेपी/पीडियाट्रिक्स में एमडी के साथ मेडिकल ऑन्कोलॉजी में दो साल स्पेशल ट्रेनिंग ली हो।
अनुभव : पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद संबंधित स्पेशिएलिटी में लेक्चरर/रजिस्ट्रार/डेमोंस्ट्रेटर/ रेजिडेंट के तौर पर शिक्षण में तीन साल का अनुभव हो।
अधिकतम आयु : 45 साल।
वेतनमान : 37,400 रुपये से 67,000 रुपये। ग्रेड पे 8900 रुपये मिलेगा।
नियुक्ति का स्थान : डिपार्टमेंट ऑफ मेडिकल एजुकेशन
सूचना : दो या तीन वर्षीय डीएम या एमसीएच डिग्री को शिक्षण के अनुभव के तौर पर गिना जाएगा।
मेडिकल ऑफिसर (डेंटल), पद : 26 (अनारक्षित-14)
योग्यता : डेंट सर्जरी में बैचलर डिग्री हो। साथ ही स्टेट डेंटल काउंसिल में पंजीकरण हो।
अधिकतम आयु : 45 वर्ष।
मासिक वेतन : 26,250 रुपये।
नियुक्ति का स्थान : डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर
असिस्टेंट प्रोफेसर (कॉलेज कैडर), पद : 204
विषय के अनुसार रिक्तियों का विवरण
इंग्लिश, पद : 15
हिस्ट्री, पद : 14
संस्कृत, पद : 02
कॉमर्स, पद : 52
इकोनॉमिक्स, पद : 13
हिंदी, पद : 15
मैथ्स, पद : 03
पोलिटिकल साइंस, पद : 15
फिजिक्स, पद : 03
केमिस्ट्री, पद : 02
पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, पद : 01
म्यूजिक (इंस्ट्रूमेंटल), पद : 30
म्यूजिक (वोकल), पद : 28
एजुकेशन, पद : 03
जियोलॉजी, पद : 06
फिजिकल एजुकेशन, पद : 01
तबला, पद : 01
योग्यता (पद के अनुसार)

शेष विषयों के लिए
-अच्छे एकेडमिक रिकॉर्ड और न्यूनतम 55 फीसदी अंक या समकक्ष ग्रेड के साथ संबंधित विषय में मास्टर डिग्री हो।
-फाइन आर्ट्स (कर्मिशयल आर्ट्स, ड्राइंग, पेंटिंग, स्कल्पचर) के लिए अच्छे एकेडमिक रिकॉर्ड और न्यूनतम 55 फीसदी अंक या समकक्ष ग्रेड के साथ फाइन आर्ट्स में मास्टर डिग्री हो।
-एससी/ एसटी वर्ग के उम्मीदवारों को तय अंक प्रतिशत में पांच फीसदी की छूट प्राप्त है। एससी/ एसटी वर्ग के उम्मीदवार मास्टर डिग्री 50 फीसदी अंकों से उत्तीर्ण होने पर भी इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
-जिन उम्मीदवारों ने सितंबर 1991 से पहले अपनी मास्टर डिग्री पास की हो, उन्हें पीएचडी डिग्री के अंक प्रतिशत में पांच फीसदी की छूट प्राप्त है।
-यूजीसी या सीएसआईआर द्वारा आयोजित नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट या राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित समकक्ष परीक्षा पास की हो।
-यूजीसी की ओर से वर्ष 2009 में जारी किए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार जो अभ्यर्थी संबंधित विषय में पीएचडी की डिग्री प्राप्त कर चुके हैं, वे नेट/ स्लेट/ सेट पास न होने के बावजूद आवेदन कर सकते हैं।
फिजिकल एजुकेशन के लिए
-अच्छे एकेडमिक रिकॉर्ड और न्यूनतम 55 फीसदी अंकों के साथ फिजिकल एजुकेशन में मास्टर डिग्री हो या स्पोर्ट्स साइंस में मास्टर डिग्री हो।
-यूनिवर्सिटी/ इंटर- यूनिवर्सिटी कॉलेज स्तर या इंटर कॉलेज प्रतियोगिताओं में राज्य/ राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिनिधित्व करने का रिकॉर्ड हो।
-नेट/ स्लेट/सेट में उत्तीर्ण हो।
-यूजीसी की ओर से वर्ष 2009 में जारी किए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार जो अभ्यर्थी संबंधित विषय में पीएचडी की डिग्री प्राप्त कर चुके हैं, वे नेट/ स्लेट/ सेट पास न होने के बावजूद आवेदन कर सकते हैं।
-फिजिकल फिटनेस टेस्ट पास हो।
फिजिकल टेस्ट का प्रारूप
पुरुषों के लिए
-30 वर्ष से ऊपर के उम्मीदवारों को 1800 मीटर की दौड़ या वॉक टेस्ट को 12 मिनट में पूरा करना होगा।
-40 से ऊपर के उम्मीदवारों को 1500 मीटर की दौड़ या वॉक टेस्ट को 12 मिनट में पूरा करना होगा।
-45 वर्ष से ऊपर के उम्मीदवारों को 1200 मीटर की दौड़ या वॉक टेस्ट को 12 मिनट में पूरा करना होगा।
-50 वर्ष से ऊपर के उम्मीदवारों को 800 मीटर की दौड़ या वॉक टेस्ट को 12 मिनट में पूरा करना होगा।
महिलाओं के लिए
-30 वर्ष से ऊपर के उम्मीदवारों को 1000 मीटर की दौड़ या वॉक टेस्ट को 12 मिनट में पूरा करना होगा।
-40 वर्ष से ऊपर के उम्मीदवारों को 800 मीटर की दौड़ या वॉक टेस्ट को 12 मिनट में पूरा करना होगा।
-45 वर्ष से ऊपर के उम्मीदवारों को 600 मीटर की दौड़ या वॉक टेस्ट को 12 मिनट में पूरा करना होगा।
-50 वर्ष से ऊपर के उम्मीदवारों को 400 मीटर की दौड़ या वॉक टेस्ट को 12 मिनट में पूरा करना होगा।
अधिकतम आयु : 45 वर्ष।
मासिक वेतन : 21,600 रुपये।
नियुक्ति का स्थान : डिपार्टमेंट ऑफ हायर एजुकेशन
स्पेशल पोस्ट ग्रेजुएट टीचर, पद : 08
विषय के आधार पर रिक्तियों का विवरण
हिंदी, पद : 02 (अनारक्षित)
अंग्रेजी, पद : 02 (अनारक्षित)
हिस्ट्री, पद : 02 (अनारक्षित)
होम साइंस, पद : 02 (अनारक्षित)
योग्यता
-द्वितीय श्रेणी के अंकों के साथ संबंधित विषय में मास्टर डिग्री हो। डिग्री स्तर पर हिंदी एक विषय के तौर पर पढ़ा हो।
-स्पेशल एजुकेशन में बीएड हो। या
स्पेशल एजुकेशन में पीजी डिप्लोमा के साथ जनरल एजुकेशन में बीएड हो या
स्पेशल एजुकेशन में डिप्लोमा के साथ जनरल एजुकेशन में बीएड डिग्री हो। या
-सेकण्डी लेवल टीचर ट्रेनिंग कोर्स किया हो।
-रीहैब्लिटेशन काउंसिल ऑफ इंडिया में रजिस्ट्रेशन हो।
मासिक वेतन : 14,500 रुपये।
नियुक्ति का स्थान : डिपार्टमेंट ऑफ सोशल जस्टिस एंड इम्पावरमेंट

असिस्टेंट प्रोफेसर (फॉर्मेसी), पद : 11 (अनारक्षित-06)
स्पेशलाइजेशन के अनुसार रिक्तियां
फार्माकोलॉजी, पद : 02 (अनारक्षित)
फार्मास्यूटिकल्स, पद : 03 (अनारक्षित-02)
फार्माकोग्नोसी, पद : 03 (अनारक्षित-01)
फार्मास्यूटिकल केमिस्ट्री, पद : 03 (अनारक्षित-01)
योग्यता : संबंधित ब्रांच में स्पेशलाइजेशन के साथ फॉर्मेसी में बैचलर और मास्टर डिग्री हो। बैचलर या मास्टर डिग्री 60 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण हो।
आयु सीमा : न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम 45 वर्ष।
मासिक वेतन : 35,000 रुपये।
एसोसिएट प्रोफेसर, कुल पद : 16
इंजीनियरिंग विषय के अनुसार रिक्तियों का विवरण
सिविल इंजीनियरिंग, पद : 04 (अनारक्षित)
मेकेनिकल इंजीनियरिंग, पद : 04 (अनारक्षित)
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, पद : 01 (अनारक्षित)
इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग, पद : 05 (अनारक्षित)
कंप्यूटर इंजीनियरिंग, पद : 02 (अनारक्षित)
योग्यता : प्रथम श्रेणी के अंकों के साथ संबंधित इंजीनियरिंग में बीई/ बीटेक और एमई/ एमटेक डिग्री हो। या
बीई/ बीटेक या एमई/ एमटेक और पीएचडी डिग्री हो।
-शिक्षण/ शोध/ इंडस्ट्री में न्यूनतम पांच साल का अनुभव प्राप्त हो।
आयु सीमा : न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम 45 वर्ष।
वेतनमान : 37,400 से 67,400 रुपये। ग्रेड पे 9000 रुपये मिलेगा।
असिस्टेंट प्रोफेसर, कुल पद : 16
इंजीनियरिंग विषय के अनुसार रिक्तियां
सिविल इंजीनियरिंग, पद : 07 (अनारक्षित)
मेकेनिकल इंजीनियरिंग, पद : 05 (अनारक्षित-03)
इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग, पद : 03
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, पद : 01
योग्यता : संबंधित इंजीनियरिंग में बीई/ बीटेक और एमई/ एमटेक डिग्री हो। बीई/ बीटेक और एमई/ एमटेक डिग्री में कोई भी एक डिग्री 60 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण हो।
अधिकतम आयु : 45 वर्ष।
मासिक वेतन : 35,000 रुपये।
नियुक्ति का स्थान (उपर्युक्त तीन पद): डिपार्टमेंट ऑफ टेक्निकल एजुकेशन, वोकेशनल एंड इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग
माइनिंग ऑफिसर, पद : 01 (अनारक्षित)
योग्यता : जियोलॉजी या अप्लाइड जियोलॉजी में एमएससी डिग्री हो या जियोलॉजी/अप्लाइड जियोलॉजी में बीएससी ऑनर्स डिग्री हो। या
माइनिंग इंजीनियरिंग में बीई डिग्री हो। या
धनबाद के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ माइन्स से अप्लाइड जियोलॉजी में डिप्लोमा के साथ माइनिंग में तीन साल का अनुभव प्राप्त हो।
अधिकतम आयु : 45 वर्ष।
मासिक वेतन : 14,500 रुपये।
नियुक्ति का स्थान : डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्रीज

डिस्ट्रिक्ट पब्लिक रिलेशन ऑफिसर/ इंफॉर्मेशन ऑफिसर, पद : 02 (अनारक्षित)
योग्यता : जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन/ पब्लिक रिलेशन/ पब्लिक रिलेशन एंड एडवर्टाइजिंग में बैचलर डिग्री हो। या
जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन / पब्लिक रिलेशन/ पब्लिक रिलेशन एंड एडवर्टाइजिंग में पीजी डिग्री/ डिप्लोमा हो।
-गवर्नमेंट डिपार्टमेंट या पब्लिक सेक्टर अंडरटेक्निक में पब्लिक रिलेशन/ जर्नलिज्म/मास कम्यूनिकेशन में तीन साल का कार्यानुभव हो। या न्यूजरपेपर/ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में तीन साल कार्य करने का अनुभव हो।
आयु सीमा : न्यूनतम 18 वर्ष और 45 वर्ष।
मासिक वेतन : 15,700 रुपये।
नियुक्ति का स्थान : डिपार्टमेंट ऑफ इंफॉर्मेशन एंड पब्लिक रिलेशन
असिस्टेंट टाउन प्लानर, पद : 01 (अनारक्षित)
योग्यता : प्लानिंग में मास्टर डिग्री हो या एमटेक गो या अर्बन प्लानिंग/ सिटी प्लानिंग/टाउन प्लानिंग/ हाउसिंग प्लानिंग/ कंट्री प्लानिंग/रूरल प्लानिंग/ इंफ्रास्टक्चर प्लानिंग/ट्रांसपोर्ट प्लानिंग/ रूरल एंड अर्बन प्लानिंग/ इंवायरन्मेंटल प्लानिंग में पीजी डिग्री हो। या
प्लानिंग में बीई/ बीटेक डिग्री हो। साथ ही अर्बन प्लानिंग/ सिटी प्लानिंग/टाउन प्लानिंग/ हाउसिंग प्लानिंग/ कंट्री प्लानिंग/रूरल प्लानिंग/ इंफ्रास्टक्चर प्लानिंग/ट्रांसपोर्ट प्लानिंग/ रूरल एंड अर्बन प्लानिंग/ इंवायरन्मेंटल प्लानिंग में तीन साल का अनुभव प्राप्त हो।
अधिकतम आयु : 45 वर्ष।
मासिक वेतन : 21,000 रुपये।
नियुक्ति का स्थान : डिपार्टमेंट ऑफ टाउन एंड कंटरी प्लानिंग
असिस्टेंट डायरेक्टर, पद : 02
योग्यता : जूलॉजी या फिशरीज साइंस में बीएससी डिग्री हो। फिशरीज मैनेजमेंट और डेवलपमेंट में पांच साल का अनुभव प्राप्त हो। या
जूलॉजी या फिशरीज में मास्टर डिग्री। फिशरीज मैनेजमेंट और डेवलपमेंट में पांच साल का अनुभव प्राप्त हो।
अधिकतम आयु : न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम 45 वर्ष।
मासिक वेतन : 14,700 रुपये।
नियुक्ति का विभाग : डिपार्टमेंट ऑफ फिशरीज
चयन प्रक्रिया : स्क्रीनिंग टेस्ट या परीक्षा/पर्सनैलिटी टेस्ट/इंटरव्यू के माध्यम से योग्य उम्मीदवार चुने जाएंगे।
-स्क्रीनिंग टेस्ट में ऑब्जेक्टिव या डिस्क्रिप्टिव प्रश्न रहेंगे। प्रश्नों को हल करने के लिए उम्मीदवारों को दो घंटे का समय मिलेगा। टेस्ट में नेगेटिव मार्किंग भी है। प्रत्येक गलत उत्तर देने पर एक चौथाई अंक काट लिए जाएंगे।
-अंतिम चयन पर्सनैलिटी टेस्ट या इंटरव्यू में प्रदर्शन के आधार पर होगा।
-अनारक्षित वर्ग को इंटरव्यू में उत्तीर्ण होने के लिए 45 अंक लाना होगा।
आवेदन शुल्क
-400 रुपये। शुल्क का भुगतान पंजाब नेशनल बैंक की किसी शाखा में ई-चालान या ई-पेमेंट (डेबिट/क्रेडिट कार्ड) से करना होगा।
-आवेदन शुल्क के भुगतान का विकल्प संस्थान की वेबसाइट से ऑनलाइन आवेदन के दौरान प्राप्त होगा।

अधिक जानकारी यहां
टोल फ्री नंबर : 1800-180-8004
फोन : 0177-2624313, 2629739
ऑनलाइन रिक्रूटमेंट एप्लीकेशन से संबंधित समस्याओं के लिए इस नंबर 0177-2629738 पर संपर्क करें।

अधिक जानकारी के लिए लॉगऑन करें- http://www.hppsc.hp.gov.in/hppsc/

जेफ बेजोस ने माइक्रोसॉफ्ट के बिल गेट्स को पीछे छोड़ा

दुनिया की सबसे बड़ी ई कॉमर्स कंपनी अमेजन के सीईओ जेफ बेजोस दुनिया के सबसे अमीर शख्स बन गए हैं। उन्होंने दशकों से इस खिताब को कब्जाए माइक्रोसॉफ्ट प्रमुख बिल गेट्स को पीछे छोड़ा दिया है। फोर्ब्स के मुताबिक, बेजोस की कुल परिसंपत्ति 90.6 अरब डॉलर तक पहुंच गई है, जो गेट्स की कुल परिसंपत्ति 90.1 अरब डॉलर से ज्यादा है।
गुरुवार को अमेजन डॉट कॉम के शेयरों में 1.6 फीसदी उछाल आया और उनकी संपत्ति दो अरब डॉलर ज्यादा बढ़ गई। इसी के साथ ही उन्होंने गेट्स को पीछे छोड़ दिया। गेट्स को माइक्रोसॉफ्ट के सह संस्थापक के तौर पर जाना जाता है। 61 वर्षीय गेट्स 2013 से ही दुनिया के सबसे अमीर शख्स बने हुए थे।
अमेजन ने हाल ही में दूसरी तिमाही के नतीजे पेश किए हैं। उसकी बिक्री 22 फीसदी बढ़ने के साथ 37 अरब डॉलर पार कर गई है। दुनिया की सबसे बड़ी रिटेल कंपनी अमेजन ने स्पेस कंपनी ब्लू ओरिजन समेत कई क्षेत्रों में अपने पांव पसारे हैं।

किताबें बेचने वाला आज सबसे दौलतमंद
कभी ऑनलाइन किताबों की बिक्री से कारोबार शुरू करने वाले बेजोस ने हाल ही में होल फूड मार्केट कंपनी को 13 अरब डॉलर में खरीदा है। जेफ बेजोस वाशिंगटन पोस्ट अखबार का भी वह संचालन करते हैं। भारत से लेकर मैक्सिको तक उनके कारोबार का विस्तार है। वह हाइपरलूप ट्रेन चलाने की परियोजना पर भी काम कर रहे हैं।

ट्रेन की टिकट सस्ती होने के आसार

रेलवे में खाने को लेकर आए दिन कोई न कोई शिकायत मिलती रहती है। ऐसे में बहुत से यात्री चाहते थे कि टिकट के साथ खाना लेना अनिवार्य नहीं होना चाहिए। अगर आप भी ऐसे लोगों में से हैं जो ट्रेन का खाना पसंद नहीं करते हैं, तो आपके लिए रेलवे एक बड़ी खुशखबरी लेकर आया है।
खाने के नहीं देने होंगे पैसे बुधवार को रेलवे ने घोषणा करते हुए कहा है कि अब आपको ट्रेन टिकट खरीदते समय खाने के पैसे देना जरूरी नहीं होगा। यह नया नियम 26 जुलाई से प्रभावी हो चुका है। इसका फायदा सबसे अधिक उन लोगों को होगा, जिन्हें ट्रेन का खाना पसंद नहीं आता था और वह उसका पैसा नहीं देना चाहते थे। अब आप टिकट बुक करते समय चाहें तो खाने का पैसा दें या चाहें तो खाने को टिकट से हटा दें, आपकी मर्जी।
इन ट्रेनों में मिलेगी सुविधा रेलवे ने कैटरिंग को फिलहाल 31 प्रीमियम ट्रेनों में वैकल्पिक बनाया है। इन 31 प्रीमियम ट्रेनों में 7 राजधानी, 6 शताब्दी और दूरंतो शामिल हैं। फिलहाल रेलवे की तरफ से उन 31 प्रीमियम ट्रेनों में इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चलाया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि इन ट्रेनों की टिकटें सस्ती हो जाएंगी, क्योंकि आपके लिए खाने के पैसे देना वैकल्पिक कर दिया जाएगा।
ये भी होगा बदलाव कैटरिंग सेवा को बेहतर बनाने के लिए आईआरसीटीसी यात्रियों से उनके फीडबैक लेगी। इसके अलावा, भारतीय रेलवे के तहत चल रहे 100 किचन को आईआरसीटीसी को दे दिया जाएगा और साथ ही 20 नए मॉडर्न किचन भी खोले जाएंगे। यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है ताकि आईआरसीटी के ग्राहकों को बेहतर सेवाएं दी जा सकें।

आयकर रिटर्न दाखिल करने में इन बातों का रखें ध्यान

फाइल करने में केवल 4 दिन बाकी हैं। जानें, इतने कम दिन बचने के बाद भी आखिर आप कैसे आसानी से इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर सकते हैं। फाइल करने से पहले ध्यान रखें कि सभी जरूरी दस्तावोज आपके पास हों। किन-किन दस्तावेजों की आपको जरूरत पड़ने वाली है, ये आपकी आय पर निर्भर करेगा। आमतौर पर जो दस्तावेज चाहिए होते हैं उनमें आपके एंप्लॉयर द्वारा दिया गया फॉर्म 16, बचत खाते और फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिले इंटरेस्ट के स्टेटमेंट्स, टीडीएस सर्टिफिकेट, सभी कटौतियों के प्रूफ, होम लोन पर दिए गए इंटरेस्ट का स्टेटमेंट आदि।
यदि आपने पिछले फाइनैंशल इयर में नौकरी बदली है तो आपको दो फॉर्म 16 की जरूरत होगी। एक फॉर्म 16 आपको मौजूदा एंप्लॉयर से लेना होगा, इसके अलावा एक फॉर्म पिछले एंप्लॉयर से लेना होगा। ज्यादातर लोग दो फॉर्म 16 को लेकर परेशान रहते हैं। ऐसी स्थिति में आमतौर पर टैक्सपेयर्स की परेशानी यह रहती है कि वह टीडीएस को किस तरह से काउंट करें।

फॉर्म 26 से करें सर्टिफिकेट्स का मिलान
ज्यादातर सैलरीड एंप्लॉयीज को एंप्लॉयर्स से सैलरी टैक्स कटौती के बाद ही मिलती है। यह सुनिश्चित करने के लिए आपके टीडीएस की हर किस्त एंप्लॉयर की ओर से सरकारी खाते में जमा हुई है या नहीं। आपको टीडीएस सर्टिफिकेट में दिए गए अमाउंट को देखना होगा और फॉर्म 26 चेक करना होगा। फॉर्म 26 के तहत सालाना टैक्स क्रेडिट स्टेटमेंट होता है, जिसके तहत आपके नाम पर जमा हुए सारे टैक्स का ब्योरा दर्ज होता है।

फाइल करने से पहले चुकाएं सारे ड्यूज
आईटीआर फाइल करने से पहले अपनी ओर चुकाए जाने वाले सारे टैक्स का ब्योरा जान लें। एक बार जब आप अपनी ओर से चुकाए जाने वाले टैक्स का पूरा ब्योरा जान लेंगे तो फिर आप इसमें से टीडीएस को घटाकर बाकी बचे बैलेंस का भुगतान कर सकेंगे। बचे हुए टैक्स को आप नेट बैंकिंग के जरिए या फिर बैंक की शाखा में जाकर चालान के जरिए चुका सकेंगे। अपने ड्यूज चुकाने के बाद एक बार फॉर्म 26 भी चेक करें कि उसमें यह दिख रहा है या नहीं। हालांकि आमतौर पर टैक्स पेमेंट के कई दिनों बाद ही यह फॉर्म 26 में दिखता है।

आईटीआर फाइल करने से पहले यह जरूर चेक कर लें कि आपके लिए कौन सा फॉर्म जरूर है। ऐसा न करने पर यह डिफेक्टिव रिटर्न माना जाएगा। यदि आप अपने लिए जरूरी फॉर्म के अलावा किसी और फॉर्म का इस्तेमाल करते हैं तो इनकम टैक्स ऐक्ट की धारा 139 (9) के तहत आपको नोटिस भी मिल सकता है। डिपार्टमेंट से मिले नोटिस में आपको तय समय में दोबारा आईटीआर भरने के लिए भी कहा जा सकता है। यदि आप तय समय में रिवाइज्ड आईटीआर नहीं भर पाते हैं तो माना जाएगा कि आपने कभी आईटीआर फाइल ही नहीं किया।

इंपोर्ट ड्यूटी घटने से सोने की कीमत में आ सकती है कमी

कम होते व्यापारिक घाटे के चलते केंद्र सरकार सोने की इंपोर्ट ड्यूटी घटाने का फैसला कर सकती है। वाणिज्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। सोने पर आयात शुल्क घटाए जाने से स्थानीय मार्केट में कीमतें कम होंगी और मांग में इजाफा हो सकता है। बीते करीब 6 सप्ताह से सोने की कीमतें अपने उच्चतम स्तर पर चल रही हैं। जून में पहली बार कीमतों में मामूली गिरावट के बाद अब एक बार फिर से इजाफे का दौर है।
1 जुलाई से गोल्ड ज्वैलरी पर सेल्स टैक्स बढ़ाने का फैसला लिए जाने के बाद सोने की स्मगलिंग बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में सरकार इस पर लगाम लगाने के लिए इंपोर्ट ड्यूटी कम करने का फैसला ले सकती है। भारतीय वाणिज्य मंत्रालय के जॉइंट सेक्रटरी मनोज द्विवेदी ने कहा, फिलहाल चालू खाता घाटे में सुधार हो रहा है और इंपोर्ट ड्यूटी घटाने का फैसला बजट में ही लिया जाना चाहिए था। कॉमर्स मिनिस्ट्री ने वित्त मंत्रालय से सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी घटाने का फैसला होना है। हालांकि यह साफ नहीं है कि मंत्रालय की ओर से कब यह फैसला लिया जाएगा। इस मामले पर वित्त मंत्रालय के प्रवक्ता ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। चालू खाता घाटे में सुधार के लिए केंद्र सरकार ने अगस्त, 2013 में गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी 10 पर्सेंट करने का फैसला लिया था।

श्रमिकों को मिलेगा नया न्यूनतम वेतन का लाभ

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नए वेतन विधेयक (नए वेज कोड बिल) को मंजूरी दे दी है, जिससे देशभर में चार करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। इसमें मजदूरों से जुड़े चार कानूनों को मिलाया गया है, इससे सभी क्षेत्रों में न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित होगी।
बताया जा रहा है कि वेतन लेबर कोड बिल में न्यूनतम मजदूरी अधिनियम 1948, वेतन भुगतान कानून 1936, बोनस भुगतान अधिनियम 1965 और समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976 को एक साथ जोड़ा गया है। मसौदे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्रीय कैबिनेट द्वारा मंजूरी दी गई है।
इस विधेयक में केंद्र सरकार को सभी क्षेत्रों के कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन निर्धारित करने का अधिकार देने की बात कही गई है। साथ ही उसके फैसले को सभी राज्यों को मानना होगा। हालांकि, केंद्र सरकार द्वारा तय की गई न्यूनतम मजदूरी से अधिक राज्य सरकारें अपने-अपने क्षेत्र के हिसाब से बढ़ा सकती हैं। इस बिल को 11 अगस्त को समाप्त हो रहे मानसून सत्र के दौरान संसद में पेश किया जाएगा।
नए न्यूनतम मजदूरी मानदंड सभी कर्मचारियों पर लागू होगा। फिलहाल केंद्र और राज्य का निर्धारित न्यूनतम वेतन उन कर्मचारियों पर लागू होता है, जिन्हें मासिक 18,000 रुपए तक वेतन मिलता है। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार सभी उद्योगों के श्रमिकों के लिए एक न्यूनतम वेतन तय हो सकेगा। इसमें वो भी शामिल हो जाएंगे, जिन्हें 18,000 रुपए से अधिक वेतन मिलता है।
इससे पहले, श्रम मंत्री बंडारु दत्तात्रेय ने राज्यसभा को लिखित जवाब दिया कि श्रमिकों पर द्वितीय राष्ट्रीय आयोग ने सिफारिश की है कि मौजूदा मजदूर कानूनों को व्यापक रूप से कामकाज के आधार पर चार या पांच लेबर कोड्स में बांटा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंत्रालय मजदूरी पर चार लेबर कोड्स को ड्राफ्ट करने वाला है, जिसमें औद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा, कल्याण और सुरक्षा, और कामकाजी परिस्थितियां, शामिल हैं।

पंतजलि के सहयोग से बदलेगी प्रदेश के किसानों की आर्थिकी

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और बाबा रामदेव की मौजूदगी में राज्य सरकार और पतंजलि के बीच सहयोग कार्यक्रम पर विस्तृत विचार विमर्श किया गया। इस दौरान मुख्य रूप से 5 क्षेत्रों में आपसी सहयोग पर सहमति बनी।
मुख्यमंत्री आवास पर हुए इस कार्यक्रम में उत्तराखण्ड को जैविक कृषि और जड़ीबूटी राज्य बनाना, राज्य के मोटे अनाज की व्यवसायिक खपत को बढ़ाना, राज्य में आयुष ग्रामों की स्थापना करना, एक विशाल गोधाम (गाौ शाला) की स्थापना करना और पर्यटन को बढ़ावा देना सम्मिलित है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि यह सारे सेक्टर राज्य की समृद्धि और खुशहाली की दृष्टि से गेम चेंजर साबित होंगे। इन सारे क्षेत्रों में संभावनाओं पर अभी तक काफी विचार-विमर्श हुआ है, लेकिन अब इस क्षेत्र में कुछ कर दिखाने की जरूरत है। उन्होंने ये भी कहा कि सरकार कड़े और साहसिक फैसले लेने से नहीं हिचकेगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वो एक महीन के अन्दर सभी क्षेत्रों में ठोस कार्ययोजना तैयार करें, जिसको लेकर ठीक एक महीने बाद समीक्षा बैठक की जाएगी और ठोस कार्ययोजना के आधार पर राज्य सरकार और पतंजलि के बीच आवश्यक समझौते भी किये जायेंगे। मुख्यमंत्री का कहना है कि जड़ीबूटी, औद्यानिकी, योग, आयुर्वेद और पर्यटन से राज्य के लोगों की आमदनी बढ़ाने पर कार्य किया जायेगा। पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन रोकना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना बहुत आवश्यक है।

किसानों की मदद करेगा पतंजलि
इस दौरान स्वामी रामदेव ने कहा कि पतंजलि संस्थान उत्तराखण्ड के किसानों को उनके उत्पादों के लिए प्रतिवर्ष एक हजार करोड़ रूपये से अधिक का भुगतान करने में सक्षम है। सिक्किम जिसे हाल ही में ऑर्गेनिक स्टेट का दर्जा दिया गया है, उससे कही अधिक भूभाग पर उत्तराखण्ड में ऑर्गेनिक खेती हो रही है।

नए पर्यटक स्थलों पर स्थापित होंगे पतंजलि आयुष ग्राम
कहा कि पतंजलि राज्य के उत्पादों के लिए बाईबैक सिस्टम बना रहा है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के 13 जिले 13 नये पर्यटन स्थल बनाने के लक्ष्य की सराहना करते हुए स्वामी रामदेव ने कहा कि सभी नये पर्यटन स्थलों पर पतंजलि आयुष ग्राम की स्थापना में सहयोग देने को तैयार है।

विशाल गौशाला तैयार करने की योजना
यह भी कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से एक विशाल गोशाला की स्थापना करने की योजना है, जिसमें 40 से 60 लीटर दूध देने वाली गायों की नस्ल तैयार की जायेगी। वहीं कार्यक्रम में मौजूद आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि पतंजलि की रिसर्च लैब और अन्य सुविधाओं को आयुर्वेद के शोधार्थियों और शिक्षकों के लिए खोला जायेगा। पतंजलि के 300 से अधिक वनस्पति विज्ञानी राज्य की एक-एक जड़ीबूटी और पौधे का सर्वेक्षण कर उनका डॉक्यूमेंटेशन कर सकते हैं।

अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने गुपचुप तरीके से गजट नोटिफिकेशन जारी किया

देहरादून।
समूह ‘ग’ की परिधि में आने वाले ग्राम्य विकास विभाग में ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारी के पदों पर निर्धारित योग्यता तकनीकी तरीके से बढ़ा कर पहाड़ के युवाओं को इन पदों से दूर करने का षडयत्र उजागर हुआ है। इसके लिए योग्यता में बदलाव लाने वाले प्रावधानों को गुपचुप तरीके से गजट नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है। निकट भविष्य में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पास ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारी के सैकड़ों पदों का अधियाचन पहुंचा है। इन पदों से सीधे तौर पर पहाड़ में पढ़ने वाले अधिकांश छात्र बाहर हो जाएंगे।
ग्राम्य विकास अधिकारी के जिन पदों पर अब तक इंटरमिडिएट अर्हता थी। अब उसे स्नातक कर दिया गया है। स्नातक में भी कृषि, विज्ञान, अर्थशास्त्र, कामर्स होना अनिवार्य है। पहाड़ों में विज्ञान के शिक्षकों का नितांत अभाव है, इसलिए जो विज्ञान पढ़ता है मैदानों में ही आता है। इंटरमिडिएट में कृषि विषय किसी भी पहाड़ के इंटर कालेज में नहीं है, यही स्थिति कामर्स की भी है। इस तरह ग्राम्य विकास अधिकारी के लिए इस तरह की अर्हता तय कर पर्वतीय क्षेत्र के अभ्यर्थियों को सीधे तौर पर इससे बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।
इसके लिए बाकायदा गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। निकट भविष्य में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ग्राम विकास अधिकारी के 400 से अधिक पदों पर भर्ती करने का जा रहा है। इन पदों की भर्ती के लिए यह नई अर्हता लागू हो जाएगी। इसका मतलब यह है कि पहाड़ के इंटर कालेजों में पढ़ने वाले छात्र छात्राए इन पदो के लिए पहली ही सीढ़ी में अनर्ह हो जाएंगे। क्योंकि इंटर में जिन छात्रों के पास कृषि, विज्ञान, अर्थशास्त्र, कामर्स विषय होंगे वही ग्रेज्युयेशन में इन विषयों के साथ पढ़ेगा। पहाड़ से इंटर मिडिएट करके आने वाला छात्र इन विषयों को कैसे पढ़ पाएगा?
उत्तराखंड के निवासियों की भर्ती के लिए अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का गठन किया गया था। जो राज्य गठन के पंद्रह साल बाद हो पाया। अब इस आयोग के दायरे में आने वाले सबसे अधिक पदों पर इस तरह की अर्हता लगाकर एक क्षेत्र विशेष के लोगों को बड़ी चोट पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
गौरतलब है कि उत्तराखंड अधिकांश मामलों में उत्तर प्रदेश की नकल करता रहा है। जबकि उत्तर प्रदेश में परंपरा रही है कि यदि किसी पद की योग्यता में बदलाव करना आवश्यक हो तो उसके लिए बाकायदा कमेटी का गठन किया जाता है। कमेटी इसके समाज के सभी वर्गों में पढ़ने वाले प्रभावों का आंकलन करती है, साथ ही कई बार जन सुनवाई कर जन सामान्य के पक्ष को भी सुना जाता रहा है। इसके बाद ही योग्यता में परिवर्तन किया जाता है। उत्तराखंड में कुछ अधिकारी अपनी मानसिकता थोपकर इस तरह के निर्णय ले रहे हैं। चुपचाप गजट नोटिफिकेशन जारी कर परीक्षा के ठीक पहले उसे सामने लाया जा रहा है, ताकि प्रभावित पक्ष को इसका विरोध करने का भी मौका तक न मिले। एक क्षेत्र विशेष के युवाओं को टारगेट कर ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारी के पदों से पूरी तरह उन्हें दरकिनार करने की यह कार्यवाही निंदनीय है। गौरतलब है कि इस पदों पर अर्हताएं शासन स्तर पर तय होती हैं, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग इसे लागू करता है।

आम आदमी को ट्राई दे रहा सौंगात, दो रुपये में इंटरनेट कनेक्शन

भारत के आम नागरिकों के लिए खुशखबरी! टेलीकॉम रेगुलेटर (ट्राई) भारत में पब्लिक वाई-फाई सुविधा देने की योजना पर काम कर रहा है। इन वाई-फाई हॉटस्पॉट्स को पब्लिक डेटा ऑफिस (पीडीओ) के नाम से जाना जाएगा। ये पीडीओ फोन बूथ की तरह ही होंगे। इस पॉयलट प्रोजेक्ट में हिस्सा लेने के लिए ट्राई ने कंपनियों को आमंत्रित किया है।
इन वाई-फाई के प्लान्स शुरुआत में 2 रुपये से लेकर 20 रुपये तक होंगे। ट्राई का कहना है कि इससे भारत के लोगों को आसानी से सस्ता इंटरनेट उपलब्ध होगा और नेटवर्क से लोड भी कम हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट का मकसद वाई-फाई ऐक्सेस नेटवर्क इंटरफेस पर बेस्ड ओपन सिस्टम तैयार करना है, जिसके लिए आवेदनकर्ताओं से सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे। ट्राई दो-तीन दिन के भीतर आर्किटेक्चर डॉक्युमेंट जारी करने जा रहा है। इस सिस्टम से छोटी-छोटी दुकानों पर भी कंपनियां ऐसे पीओडी बना पाएंगी। इसके लिए किसी भी तरह के लाइसेंस की जरूरत तो नहीं होगी लेकिन टेलीकॉम विभाग के पास रजिस्ट्रेशन और यूजर्स का केवाईसी लेना जरूरी होगा।
इस पॉयलेट प्रोजेक्ट में हिस्सा लेने के लिए कंपनियां 25 जुलाई तक अपनी डीटेल्स भेज सकती हैं। इस प्रोजेक्ट के बाद भारत में वाई-फाई हॉटस्पॉट की संख्या 31000 हो जाएगी।
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