सार्वजनिक की जाएगी खाद्य तेल के नमूनों की जांच रिपोर्ट

सूबे में खाद्य तेलों में मिलावट के खिलाफ खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा प्रदेशव्यापी अभियान चलाया जायेगा। यह अभियान भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के अंतर्गत पैन इण्डिया कार्यक्रम के तहत संचालित किया जायेगा। जिसकी शुरुआत प्रदेशभर में आगामी एक अगस्त से की जाएगी। एक पखवाड़े तक संचालित इस अभियान के तहत राज्यभर से खाद्य तेलों के नमूने एकत्रित किये जायेंगे, जिन्हें जांच के लिये भेजा जायेगा। विभागीय जांच के उपंरात इकट्ठा किये गये खाद्य तेल के सैंपल रिपोर्ट सार्वजनिक की जायेगी। खाद्य पदार्थों में बढ़ती मिलावटखोरी को देखते हुये विभागीय अधिकारियों को सूबे में खाद्य पदार्थों की सैपलिंग एवं टेस्टिंग बढ़ाने के निर्देश दे दिये गये हैं।
सूबे स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि खाद्य तेलों में मिलावटखोरी रोकने के उद्देश्य से भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण द्वारा संचालित पैन इण्डिया कार्यक्रम के तहत प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाया जायेगा। डॉ रावत ने बताया कि आगामी एक अगस्त से इस विशेष अभियान की शुरूआत की जायेगी, जिसे प्रदेशभर में पखवाड़े भर संचालित किया जायेगा, जिसके निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेशव्यापी इस अभियान के अंतर्गत स्थानीय एवं ब्रांडेड खाद्य तेलों के नमूनों को एकत्रित किया जायेगा, जिसके बाद विभाग द्वारा इकट्ठा किये गये खाद्य तेल के नमूनों की जांच की जायेगी। डॉ. रावत ने बताया कि जांच में आर्जिमोन ऑयल, मिनरल ऑयल के अलावा खाद्य तेलों के लिये निर्धारित मानकों का गहन विश्लेषण किया जायेगा, इसके साथ ही खाद्य तेल में इस्तेमाल ट्रांस फैट की मात्रा की भी जांच की जायेगी। डॉ. रावत ने बताया जांच के लिये एकत्रित खाद्य तेल के नमूनों की रिपोर्ट सार्वजनिक की जायेगी ताकि लोगों को पता चल सके कि जिस तेल का इस्तेमाल वह अपने आहार में कर रहे हैं वह कितना शुद्ध और सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी रोकने के लिये विभागीय अधिकारियों को खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग एवं टेस्टिंग बढ़ाने के निर्देश दिये गये हैं। इसके साथ ही शुद्ध, सुरक्षित एवं पौष्टिक आहार के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिये अधिकारियों को समय-समय पर जन जागरूकता अभियान संचालित करने को कहा गया है। खाद्य तेल के बार-बार प्रयोग में लाने से होने वाले खतरों के प्रति भी लोगों को सचेत करने को कहा गया है। डॉ. रावत ने कहा खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी के खिलाफ सघन अभियान चलाये जायेंगे।

मुख्य सचिव ने खाद्य पदार्थों में मिलावट को रोकने के दिए निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में फूड सेफ्टी एण्ड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की राज्य स्तरीय सलाहकार समिति की प्रथम बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए सभी सम्बन्धित विभागों और हितधारकों को आपसी सहयोग के साथ कार्य करना होगा।
मुख्य सचिव ने सैंपलिंग और टेस्टिंग बढ़ाए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट को रोकने हेतु कड़े कदम उठाए जाएं। इसके लिए मोबाइल टेस्टिंग वैन की संख्या बढ़ाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने सही, सुरक्षित और पोषक आहार हेतु अभियान में आमजन की भागीदारी सुनिश्चित किए जाने पर बल दिया। उन्होंने राज्य के छोटे-बड़े होटल एवं रेस्टोरेंट के हाइजीन सर्टिफिकेशन पर जोर देते हुए इसे अभियान के रूप में चलाए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि होटल्स को भी हाइजीन रेटिंग प्राप्त करने एवं होटल के बाहर अथवा साइनबोर्ड में प्रदर्शित करने हेतु जागरूक किया जाए, साथ ही लोगों को भी जागरूक किया जाए कि वे हाइजीन रेटिंग देखकर ही होटल रेस्टोरेंट में जाएं।
मुख्य सचिव ने कहा कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण द्वारा संचालित ’ईट राइट अभियान’ के उद्देश्य को पूर्ण करने के लिए लोगों को सही भोजन, बेहतर भोजन के विषय में अवगत कराए जाने हेतु प्रयास किए जाएं। विडियोज एवं जिंगल्स के माध्यम से आमजन के साथ ही होटल, रेस्तरां आदि से सम्बन्धित लोगों को भी मौसमी, जैविक तरीके से उगाई गई साग-सब्जियों, तेल, नमक एवं चीनी के कम उपयोग वाले उत्पादों की बिक्री के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कैपेसिटी बिल्डिंग पर फोकस करते हुए होटल रेस्टोरेंट से जुड़े लोगों को ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से लगातार प्रशिक्षण दिए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि इस्तेमाल किए गए खाद्य तेल के डिस्पोजल और अन्यत्र प्रयोग पर विशेष ध्यान देते हुए इसका लगातार प्रचार प्रसार किया जाए। इसके लिए प्रत्येक होटल रेस्टोरेंट संचालक को खाद्य तेल को बार-बार प्रयोग करने से होने वाले खतरों से अवगत कराते हुए प्रयोग किए जा चुके खाद्य तेल के डिस्पोजल की उचित जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
बैठक के दौरान सचिव राधिका झा ने बताया गया कि मार्च 2022 तक 13777 लीटर यूज्ड कुकिंग ऑयल एकत्र किया गया जिससे आईआईपी देहरादून ने 7000 लीटर बायोडीजल और 6000 लीटर बायोजेट फ्यूल तैयार किया गया।
सचिव राधिका झा ने बताया कि पिछले 2-3 वर्षों में राज्य सरकार खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में लगातार बेहतर कार्य कर रही है। खाद्य सुरक्षा की दृष्टि से राज्य शीर्ष 10 राज्यों में शामिल है। वर्ष 2019-20 में राज्य की 17वीं रैंक थी जो वर्ष 2020-21 में 14वीं हो गई। वर्ष 2021-22 में राज्य की रैंक 7वीं है। उन्होंने कहा कि कैपेसिटी बिल्डिंग के लिए 28 ट्रेनिंग सेशन किए गए जिसमें लगभग 2600 लोगों को प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही प्रवर्तन, निरीक्षण, नमूना अभियोजन और न्यायनिर्णयन की लगातार निगरानी की जा रही है।
इस अवसर पर महिला एवं बाल कल्याण विभाग, शिक्षा विभाग, खाद्य आपूर्ति, कृषि एवं अन्य सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी भी उपस्थित रहे।

स्पेशल टास्क फोर्स को पेपर धांधली मामले में मिली बड़ी सफलता

उत्तराखण्ड राज्य में अधीनस्थ चयन सेवा आयोग उत्तराखण्ड देहरादून द्वारा वर्ष 2021 में स्नातक स्तरीय परीक्षाऐं संचालित कराई गई थी। परीक्षा में राज्य के करीब 1.60 लाख युवाओं द्वारा बढ चढ कर भाग लिया गया था। परीक्षा परिणाम के बाद कई छात्र संगठनों द्वारा उक्त परीक्षा के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका को लेकर मुलाकात की और ज्ञापन प्रेषित किया गया था।
मुख्यमंत्री द्वारा मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित निर्णय लेते हुए उक्त परीक्षा की अनियमित्ताओं के सम्बन्ध में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए जिस पर थाना रायपुर में मु0अ0सं0 289/2022 धारा 420 भा0द0वि0 पंजीकृत किया गया।
पुलिस महानिदेशक के आदेशानुसार थाना रायपुर से उक्त विवेचना स्पेशल टास्क फोर्स उत्तराखण्ड पुलिस को त्वरित कार्यवाही हेतू स्थानान्तरित की हुई। पुलिस उपमहानिरीक्षक एसटीएफ के मार्गदर्शन में, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्पेशल टास्क फोर्स उत्तराखण्ड द्वारा अलग-अलग टीमें बनाकर परीक्षा अनियमित्ताओं के सम्बन्ध में गोपनीय जानकारी कर गिरफ्तारी हेतु बताया गया जिस पर टीमों द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए वर्ष 2021 अधीनस्थ चयन सेवा आयोग उत्तराखण्ड द्वारा संचालित की गई परीक्षा में अनियमित्ताओं के सम्बन्ध में जांच कर साक्ष्य संकलन करते हुए अभी तक कुल 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।
गहनतापूर्वक पूछताछ करने पर अभियुक्तगणों द्वारा बताया गया कि मनोज जोशी पुत्र श्री बालकिशन जोशी निवासी ग्राम मयोली, थाना दनिया, जिला अल्मोडा वर्ष 2014-2015 से वर्ष 2018 तक रायपुर स्थित अधीनस्थ चयन सेवा आयोग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (पीआरडी) के रूप में तैनात था। वर्ष 2018 में विभागीय शिकायत पर उक्त कर्मचारी को आयोग से हटा दिया गया। इससे पूर्व यह कर्मचारी 12 वर्ष तक लखनऊ सूर्या प्रिंटिंग प्रेस में कार्य कर चुका था। जयजीत दास पुत्र विमल दास निवासी पण्डितवाडी, थाना कैण्ट, देहरादून आउटसोर्स कम्पनी आर0एम0एस0 टेक्नोसोल्यूसन इण्डिया प्रा0लि0 के माध्यम से कम्पयूटर प्रोग्रामर के रूप में वर्ष 2015 से कार्यरत् था तथा उक्त कम्पनी द्वारा अधीनस्थ चयन सेवा आयोग के गोपनीय कार्य किये जाते थे जिस कारण जयजीत दास की जान पहचान मनोज जोशी उपरोक्त से हुई थी। उक्त एसएससी आयोग कार्यालय में मनोज जोशी पुत्र रमेश जोशी निवासी ग्राम पाटी, जिला चम्पावत का भी परीक्षाओं के कार्यक्रम के सम्बन्ध में जानकारी हेतु आना जाना लगा रहता था जिस कारण उक्त की पहचान मनोज जोशी पुत्र बालकृष्ण जोशी उपरोक्त से हो गई थी।
मनोज जोशी पुत्र रमेश जोशी के द्वारा भी विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी की जा रही थी जिस कारण उसका अभियुक्त कुलवीर सिंह चौहान पुत्र सुखवीर सिंह निवासी चांदपुर बिजनौर उ0प्र0 द्वारा करनपुर डालनवाला में संचालित डेल्टा डिफेन्स कोचिंग इन्स्टीटयूट/एकेडमी सेन्टर में कोंचिग ली जा रही थी और बाद में वहा पढ़ाने का कार्य भी किया गया था। डेल्टा डिफेन्स कोचिंग इन्स्टीटयूट/एकेडमी सेन्टर में कुलबीर डायरेक्टर के पद पर था।
डायरेक्टर कुलवीर के माध्यम से शूरवीर सिंह चौहान पुत्र अतर सिंह चौहान नि0 कालसी, देहरादून की पहचान मनोज जोशी पुत्र रमेश जोशी से हुई। सितारगंज में गौरव नेगी पुत्र गोपाल सिंह निवासी नजीमाबाद किच्छा, ऊधमसिंह नगर की मुलाकात मनोज जोशी पुत्र रमेश जोशी से हुई थी जो कि किच्छा में ही प्राईवेट स्कूल में शिक्षक था तथा ग्रुप सी में स्नातक स्तर की परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था शूरवीर व कुलवीर द्वारा अपने जान पहचान के परीक्षार्थियों के सम्बन्ध में मनोज जोशी पुत्र रमेश जोशी को बताया था जिसपर मनोज जोशी उपरोक्त द्वारा मनोज जोशी पुत्र बालकिशन जोशी के साथ मिलकर कम्पयूटर प्रोग्रामर जयजीत दास उपरोक्त से पेपर लीक कराने के सम्बन्ध में बताकर जयजीत दास को मनोज के माध्यम से 60 लाख रूपये दिये थे।
जयजीत दास द्वारा यूकेएसएससी में जाकर पेपरों की सेटिंग और अन्य तकनीकी कार्यों के कारण परीक्षा के प्रश्न एक्सट्रैक्ट कर लेता था फिर उन प्रश्नों को मनोज जोशी पुत्र बालकिशन उपरोक्त के माध्यम से मनोज जोशी पुत्र रमेश जोशी, कोचिंग डायरेक्टर कुलवीर सिंह चौहान, शूरवीर सिंह चौहान, गौरव आदि के माध्यम से परीक्षा में शामिल परीक्षार्थियों को परीक्षा की तिथि से 1 दिन पहले रामनगर स्थित एक रिसोर्ट में मनोज के नाम से 3 कमरे बुक कराकर उक्त रिसोर्ट में उक्त लीक प्रश्नों को याद कराकर छात्रों को अगली सुबह एग्जाम सेंटर तक छोड़ दिया जाता था।
अभियुक्त जयदीप की निशानदेही पर उनके कब्जे से लगभग 37.10 लाख रूपये कैश बरामद हुआ जो उनके द्वारा विभिन्न छात्रों से लिया गया था।

ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए ग्राम सेवक की अवधारणा पर कार्य किये जाये-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग की बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन को रोकने के उद्देश्य से बने इस आयोग को नाम पलायन निवारण आयोग रखा जाए। आयोग की सिफारिशों का बेहतर तरीके से क्रियान्वयन हो सके इसके लिए मुख्यमंत्री ने अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाने के निर्देश दिये जिसमें आयोग के सदस्य भी होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए एक ग्राम एक सेवक की अवधारणा पर कार्य किये जाएं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार अनेक जन कल्याणकारी योजनाओं पर कार्य कर रही है। राज्य के विकास से संबंधित नये विषयों को आगे बढ़ाया जा रहा है। 2025 में उत्तराखण्ड राज्य स्थापना की रजत जयंती मनायेगा। ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग तब तक किस-किस क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है, उन क्षेत्रों में कार्ययोजना के साथ ही कार्य एवं उपलब्धि धरातल पर दिखे, इस दिशा में विशेष ध्यान दिया जाए। किसी भी बैठक का आउटपुट आना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पलायन आयोग द्वारा अपनी रिपोर्ट के माध्यम से जो सुझाव दिये जा रहे हैं, उन सुझावों को अमल में लाने के लिए संबंधित विभागों द्वारा ठोस कार्ययोजनाएं बनाई जाए। जनकल्याणकारी योजनाओं का लोगों को अधिक से अधिक लाभ मिले, इसके लिए प्रक्रियाओं के सरलीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन को रोकने के लिए गांवों पर केंद्रित योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के संसाधन बढ़ाने एवं अवस्थापना विकास से संबंधित केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का आम जन को पूरा लाभ मिले। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य में सड़क, रेल कनेक्टिविटी के साथ अवस्थापना विकास के क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहे है। उन्होंने कहा कि राज्य में ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग को अपने उद्देश्यों और लक्ष्यों को पूरा करने के लिए सीमित दायरा न हो। अधिकांश लोगों को आजीविका से कैसे जोड़ा जा सकता है, इस दिशा में विशेष ध्यान दिया जाए।
ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. एस.एस. नेगी ने कहा कि ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग द्वारा राज्य सरकार को 18 रिपोर्ट प्रस्तुत की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि काफी लोगों का रूझान रिवर्स माइग्रेशन की दिशा में बढ़ा है। इस अवसर पर ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग के सदस्यों ने भी राज्य के समग्र विकास के लिए किन क्षेत्रों में अधिक ध्यान देने की जरूरत है, अपने सुझाव दिये।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द बर्द्धन, सचिव शैलेश बगोली, विशेष सचिव डॉ. पराग मुधुकर धकाते, अपर सचिव आनन्द स्वरूप, सदस्य ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग अनिल शाही, रंजना रावत, सुरेश सुयाल, दिनेश रावत एवं राम प्रकाश पैन्यूली उपस्थित रहे।

जीरो जोन घोषित करने से वाहनों का संचालन ठप लगाया उत्पीड़न का आरोप

विक्रम, ऑटो और ई-रिक्शा संचालकों ने टिहरी पुलिस प्रशासन पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। इसके विरोध में उन्होंने शुक्रवार को वाहनों के संचालन बंद कर दिया। ऑटो-विक्रम न चलने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। दोपहर बाद पुलिस के आश्वासन पर ऑटो-विक्रम का संचालन शुरू हो पाया।
चंद्रभागा पुल से ब्रह्मानंद मोड़ तक जीरो जोन घोषित किए जाने से शहर के टेंपो और ई रिक्शा चालक नाराज हो गए। उन्होंने टिहरी पुलिस प्रशासन पर मनमानी करने का आरोप लगाते तिपहिया वाहनों का संचालन बंद कर दिया। अपनी मांगे पूरी नहीं होने तक अनिश्चितकाल हड़ताल पर रहने की चेतावनी दी है। दोपहर बाद टिहरी पुलिस प्रशासन के आश्वासन के बाद ऑटो-विक्रम का संचालन शुरू हो पाया। इससे पहले गढ़वाल विक्रम टैम्पों वैलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों ने हरिद्वार मार्ग स्थित कार्यालय में बैठक की। जिसमें एसोसिएशन के अध्यक्ष महंत विनय सारस्वत ने कहा कि टिहरी पुलिस प्रशासन विक्रम चालकों के साथ ही ई-रिक्शा संचालकों का भी उत्पीड़न कर रहा है। मौके पर रामझूला विक्रम यूनियन अध्यक्ष सुनील कुमार, महामंत्री पंकज शर्मा, कोषाध्यक्ष गोविन्द पयाल, पूर्व अध्यक्ष फेरू जगवानी, प्रवीण नौटियाल, लक्ष्मण झूला विक्रम यूनियन के अध्यक्ष त्रिलोक भंडारी, महामंत्री अरूण कुमार, उपाध्यक्ष विक्रम यूनियन ऋषिकेश वीरेंद्र सिंह सजवाण, कोषाध्यक्ष हरिमोहन टीटू, सुरेश जाटव, आटो युनियन बस अड्डा के अध्यक्ष राजेन्द्र लाम्बा, संरक्षक आशुतोष शर्मा, ई रिक्शा के अध्यक्ष संजय शर्मा, मनीष कोहली, आटो यूनियन ऋषिकेश के उपाध्यक्ष सोहन गौनियाल, सचिन अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।

कांवड़ यात्रा में सहयोग करें ऑटो-विक्रम वाले
नरेंद्र नगर के सीओ आरके चमोली ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से समय-समय पर बदलाव किए जाने के निर्णय बैठकों में लिए गए थे। जिन पर अब अमल करने का समय आया है। कांवड़ियों की भीड़ बहुत अधिक है। इसलिए सहयोग मांगते हुए ब्रह्मानंद मोड़ से चंद्रभागा तक जीरो जोन बना दिया गया है। इसमें नाराज होने वाली बात नहीं होनी चाहिए। चालकों को कावड़ यात्रा में अपना सहयोग देना चाहिए।

कांवड़ियों को हुई परेशानी
ऑटो-विक्रम न मिलने से कांवड़िये भड़क उठे। उन्होंने हरिद्वारमार्ग स्थित कोयलघाटी के पास धरना शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस के हाथ-पैर फूल गए। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और उन्हें समझाया। कांवड़ियों को बसों से हरिद्वार की ओर रवाना कर उन्हें शांत किया। इस दौरान टेंपो यूनियन के पदाधिकारियों की टिहरी पुलिस के साथ वार्ता भी हुई। सकारात्मक वार्ता होने के बाद फिलहाल टेंपो चालकों ने हड़ताल स्थगित कर दी है।

जांच में 11 फर्मों के बड़े सिंडिकेट का पता चला, 23.4 करोड़ की जीएसटी चोरी पकड़ी

केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) ने उत्तराखंड में संगठित तरीके हो रहे करोड़ों के जीएसटी फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। दिल्ली और उत्तराखंड की 11 फर्मों में छापेमारी कर 23.4 करोड़ का जीएसटी फर्जीवाड़ा पकड़ा। इसमें फर्जी तरीके से 4.2 करोड़ रुपये के आईटीसी क्रेडिट लेने की कोशिश को नाकाम किया है।
सीजीएसटी उत्तराखंड आयुक्त दीपांकर ऐरन ने बताया कि, धोखाधड़ी से जीएसटी रिफंड प्राप्त करने की जानकारी की जांच के बाद सामने आया कि देहरादून स्थित सॉफ्टवेयर और आईटी सोल्युशन फर्म मैसर्स टेक ग्रोथ एंटरप्राइजेज फर्जीवाड़े में शामिल हैं। जांच में 11 फर्मों के एक बड़े सिंडिकेट का पता चला।
इसमें दिल्ली की चार और उत्तराखंड की सात फर्में शामिल हैं। इसमें ज्यादातर फर्में देहरादून में पंजीकृत हैं। तीन फर्मों का जीएसटी पंजीकरण निलंबित कर दिया गया है। साथ ही दिल्ली की फर्मों पर कार्रवाई के लिए दक्षिण दिल्ली सीजीएसटी कार्यालय को पत्र भेज दिया गया है।

उत्तराखंड में इन फर्मों पर हुई कार्रवाई
इसमें उत्तराखंड की मैसर्स टेक ग्रोथ एंटरप्राइजेस, मैसर्स जेनटिया सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन, मैसर्स ब्रूकफील्ड वर्ल्ड वाइड सॉल्यूशन, मैसर्स प्रोटेक्ट्स वर्ल्ड वाइड सॉल्यूशन, मैसर्स खिंडा टेक सॉफ्टवेयर सिस्टम और मैसर्स बैकबोन सॉफ्टवेयर सिस्टम शामिल हैं।

कई जिले में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना

मौसम विभाग ने उत्तराखंड में अगले तीन दिनों कहीं कहीं भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 24 जुलाई को कहीं कहीं भारी बारिश का यलो अलर्ट रहेगा। उसके बाद बारिश में कमी आने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक गुरुवार, शुक्रवार व शनिवार को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल व पिथौरागढ़ जिले में कहीं कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।
इसके लिए ऑरेंज अलर्ट रखा गया है। मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि संवेदनशील इलाकों में हल्का से मध्यम भूस्खलन, चट्टान गिरने के कारण कहीं कहीं सड़कों व राजमार्गों में अवरोध कटाव हो सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में अतिप्रवाह व निचले इलाकों में जलभराव से मुसीबत बढ़ सकती है।
लोगों से भारी बारिश के समय घर में या सुरक्षित जगहों पर ही रहने का सुझाव दिया गया है। प्रशासन व आपदा दस्तों, बाढ़ नियंत्रण टीमों को सतर्क रहने को कहा है। वहीं 24 को यलो अलर्ट के साथ उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ में कहीं कहीं भारी बारिश की संभावना है।

उत्तराखंड में पिछले 24 घंटों में 21.1 एमएम बारिश
मौसम विभाग ने राज्य में पिछले 24 घंटों में कुल 21.1 एमएम बारिश दर्ज की। जो सामान्य से 53 फीसदी अधिक है। मौसम विभाग के अनुसार इनमें बागेश्वर में 47, चमोली में 28.1, पिथौरागढ़ में 42.7, रुद्रप्रयाग में 28.1, उधमसिंहनगर में 17.4, नैनीताल में 28.1, हरिद्वार में 19.9 एमएम बारिश दर्ज की गई।

देहरादून में हुई झमाझम बारिश
देहरादून शहर में तड़के व सुबह के समय अशिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश हुई। इससे शहर के तापमान में काफी गिरावट आ गई। दून में बुधवार को अधिकांश तापमान 27.9 डिग्री सेल्सियस के साथ 2 कम व न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस के साथ सामान्य रहा। पिछले 24 घंटों में दून में 32 एमएम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने 26 जुलाई तक शहर में आंशिक रुप से बारिश की संभावना जताई है। बुधवार को शहर व आसपास के हिस्सों में जमकर बारिश हुई। इसमें जॉलीग्रांट, सहस्त्रधारा, करनपुर, झाझरा में बुधवार तड़के काफी बारिश हुई। दिन के समय भी कई जगह बारिश रही।

कूड़ा निस्तारण प्लांट आबादी क्षेत्र से कहीं और लगाया जाये-ब्लॉक प्रमुख डोईवाला

उत्तराखंड जन विकास मंच ट्रेचिंग ग्राउंड विरोध संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल लालपानी बीट में आबादी क्षेत्र में प्रस्तावित ट्रेचिंग ग्राउंड के विरोध में डोईवाला ब्लॉक पंचायत के प्रतिनिधियों से मिला। इस अवसर पर डोईवाला ब्लॉक के ब्लाक प्रमुख भगवान सिंह पोखरियाल ने कहा कि नगर निगम ऋषिकेश द्वारा लालपानी बीट पर प्रस्तावित ट्रेचिंग ग्राउंड से ग्रामीण क्षेत्र की काफी बड़ी आबादी प्रतिकूल रूप से प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि वे अपने स्तर से प्रयास करेंगे कि यह कूड़ा निस्तारण प्लांट आबादी क्षेत्र से कहीं और अन्यत्र लगे।
समिति के कोषाध्यक्ष स्वरूप सिंह पुंडीर ने कहा कि टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज द्वारा पर्यावरण प्रभाव आकलन का सर्वे करते समय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों का पालन नहीं किया गया। इतनी बड़ी आबादी की उपेक्षा की जिसका सभी क्षेत्रवासी पुरजोर विरोध करते हैं। मंच के द्वारा साप्ताहिक हस्ताक्षर अभियान के अंतर्गत चौथे दिन शाम 5 से 7 गुर्जर बस्ती में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में समिति के संयोजक सत्य कपरूवान, ग्राम प्रधान गुमानीवाला दीपिका व्यास, रुकमा व्यास, रीना रागढ़, पूर्व प्रधान सतीश रावत, आशुतोष शर्मा, मनोज गुसाई, विनोद पोखरियाल, गजेंद्र गोसाई, देवेंद्र दत्त बेलवाल, सतपाल राणा, रमेश भट्ट, धर्मेंद्र सिंह, विपिन शर्मा, धर्म सिंह क्षेत्री, नत्थी लाल सेमवाल आदि शामिल रहे।

कैबिनेट मंत्री अग्रवाल ने छिद्दरवाला में नेशनल हाईवे-74 का निरीक्षण किया

कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने नेशनल हाईवे-74 छिद्दरवाला का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
मंगलवार को छिद्दरवाला नेशनल हाईवे-74 का निरीक्षण करने पहुंचे मंत्री डॉ अग्रवाल ने एनएच प्रोजेक्ट मैनेजर पंकज मौर्य को निर्देशित करते हुए कहा कि चौराहे पर अधिकांश सड़क दुर्घटना के मामले आते है, इसके लिए यहाँ पर ट्रैफिक सिग्नल लगाया जाए। कहा कि आम आदमी के लिए हाईवे के किनारे छुटी हुई सर्विस लेन बनाई जाए, जिससे पैदल और दुपहिया वाहनों के लिए आवागमन में सहूलियत हो।
डॉ अग्रवाल को मौके पर ग्रामीणों ने हाईवे पर कट न होने के कारण लंबी दूरी तय करने का मामला भी उठाया। इसके लिए मंत्री डॉ अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने यह भी कहा कि जहां भी कट लगाया जाए, वहां पर्याप्त रोशनी की भी व्यवस्था हो।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि नालियों से ओवरफ्लो होकर पानी आसपास लोगों के घरों में न जाये, इसके इंतज़ाम किये जायें। कहा कि एनएच द्वारा जो छोटी सड़क बनाने से रह गयी, उसको बनाया जाए।
इस मौके पर हाईवे बनाने के दौरान जिन लोगों ने अपनी जमीन दी, उनके मुआवजे का भी विषय उठा। इसके लिए डॉ अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देशित करते कहा कि इस तरह के मामले में पात्र लोगों को मुआवजा दिया जाए।
इस मौके पर एनएच के एटीआई एके मित्तल, पूर्व जिपंस देवेंद्र नेगी, पूर्व जिपंस विमला नैथानी, पूर्व जिपंस अनिता राणा, मण्डल महामंत्री भूपेंद्र रावत, ग्राम प्रधान जोगीवाला माफी सोबन सिंह कैंतुरा, बलविंदर सिंह, महिला मोर्चा अध्यक्ष समा पंवार, अम्बर गुरुंग, हरीश कक्कड़, किसान मोर्चा महामंत्री कुलवीर बिष्ट, दीपक थापा, हरीश पैन्यूली, रोशन कुड़ियाल सहित आदि ग्रामीण व महिलाएं मौजूद रही।

मुख्य सड़क पर पड़ने वाले धर्मकांटा में सीसीटीवी लगाने के निर्देश

राज्य में जीएसटी संग्रह बढ़ाने को लेकर विभागीय अधिकारियों के साथ वित्त मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने बैठक की। इस दौरान जीएसटी चोरी करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। साथ ही बड़े जीएसटी स्टेक होल्डर्स को सम्मानित कर उसे प्रोत्साहित करने के भी निर्देश दिए।
मंगलवार को रिंग रोड स्थित आयुक्त कर कार्यालय के मीटिंग हाल में बैठक आयोजित हुई। इसमें मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि राज्य का कर बढ़ाना हमारी प्राथमिकता में होना चाहिए। इसके लिए विभागीय अधिकारी युद्ध स्तर पर कार्य करें। उन्होंने कहा कि राज्य में कर चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने और ऐसे लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करने के उद्देश्य से एफआईआर दर्ज कराई जाए। इससे कर चोरी की घटनाओं को रोक पाना आसान होगा।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि कुमायूं में कर चोरी की शिकायत मिल रही है। इसके लिए ऑडिट करें और ऐसे लोगों की पहचान कर कार्यवाही करें। कहा कि यदि कोई विभागीय अधिकारी की इसमें संलिप्तता भी पाई जाती है तो उनके विरुद कार्यवाही करने से गुरेज न करें।
व्यापारियों को जीएसटी की सही जानकारी मिल सके, इसके लिए सभी व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ बैठक करें, इस बैठक में निचले स्तर तक बात पहुंचाने की दिशा में काम करें। सम्भव हो तो बैठक में डीलर को भी बुलाया जाए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मुख्य सड़क पर पड़ने वाले धर्मकांटा में सीसीटीवी लगाए, जिससे मालवाहक वाहनों की सही जानकारी मिल सके। कहा कि जीएसटी के जिस भी सेंटर से कम राजस्व प्राप्त हो रहा है उसकी निरंतर समीक्षा करें।
बैठक में डॉ अग्रवाल ने देश में सबसे पहले सर्विस चार्ज को लेकर जागरूकता फैलाने पर विभागीय अधिकारियों को बधाई दी। कहा कि जो लोग अब भी सर्विस चार्ज ले रहे हैं और उसे टर्न ओवर का पार्ट नहीं बना रहे हैं, उनकी पहचान की जाए।
इस मौके पर अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन, विभागीय सचिव दिलीप जावलकर, आयुक्त कर इकबाल अहमद सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।