दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जिला स्तरीय समितियां बनाने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु की अध्यक्षता में मंगलवार को राज्य सड़क सुरक्षा कोष प्रबन्ध समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक के दौरान परिवहन विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग और लोक निर्माण विभाग के वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए विभिन्न प्रस्तावों को अनुमोदन किया गया।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने प्रदेशभर में चिल्ड्रन ट्रैफिक पार्क बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने देहरादून, नैनीताल, हरिद्वार और उधमसिंह नगर जैसे अधिक ट्रैफिक दबाव वाले क्षेत्रों से इसकी शुरुआत किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चे बहुत जल्दी सीखते हैं और उसे जिन्दगी भर याद रखते हैं। इससे बच्चों में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और आने वाले समय में देश और प्रदेश को ट्रैफिक नियमों के प्रति जिम्मेदार नागरिक मिलेंगे।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि दुर्घटनाओं को रोकने हेतु रोड इंजीनियरिंग वर्क्स के लिए प्रत्येक जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समितियां बनाई जाएं। इन समितियों में स्टेक होल्डर विभागों को भी शामिल कर संवेदनशील क्रॉसिंग अथवा पॉइंट्स का ट्रीटमेंट प्लान तैयार कर सुधारीकरण किया जाए।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को 10 से 15 मिनट की विडियोज बनाकर स्कूलों में बच्चों को दिखाए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को प्रदेश की सड़कों में शीघ्र से शीघ्र ब्लैक स्पॉट को ठीक किए जाने और क्रैश बैरियर लगाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने दुर्घटना सम्भावित क्षेत्रों में साइनेज आदि की उचित व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर सचिव अरविंद सिंह ह्यांकी, एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर वी. मुरूगेशन, सचिव विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव गृह रिद्धिम अग्रवाल सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

कांवड़ यात्रा को दुर्घटना रहित बनाने के लिए सघन चेकिंग अभियान चलाया

कांवड़ यात्रा को दुर्घटना रहित बनाने के लिए परिवहन विभाग ने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कर सड़कों पर दौड़ने वाले वाहनों पर कार्रवाई की। ओवरलोडिंग, रेट लिस्ट चस्पा नहीं करने पर 4 वाहनों को सीज और 21 वाहनों का चालान किया है।
सोमवार शाम एआरटीओ प्रवर्तन मोहित कोठारी के नेतृत्व में विभागीय टीम ने ऋषिकेश क्षेत्र के तहत आईएसबीटी, हरिद्वार बाईपास मार्ग पर योग नगरी रेलवे स्टेशन के सामने, टीएचडीसी, आईडीपीएल, गुमानीवाला एवं सत्यनारायण आदि क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान चलाया। मोटर व्हीकल ऐक्ट का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर शिकंजा कसा। परिवहन कर अधिकारी अनिल कुमार भारती ने बताया कि सघन चेकिंग अभियान के दौरान ओवरलोडिंग, किराया सूची चस्पा नहीं करने और कागजात की कमी पर 21 व्यावसायिक वाहनों का चालान किया है। जबकि परमिट, इंश्योरेंस, ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होने पर चार वाहन सीज किए हैं। सीज वाहनों को एआरटीओ में खड़ा कर दिया गया है।
इससे पहले हरिद्वार बाईपास मार्ग स्थित एआरटीओ कार्यालय में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन मोहित कोठारी ने ऑटो, विक्रम और ई-रिक्शा यूनियन पदाधिकारियों की बैठक ली। इसमें उन्होंने सभी को यातायात नियमों का पालन करने और वाहनों में किराये की रेट लिस्ट चस्पा करने के निर्देश दिए। रेट लिस्ट चस्पा नहीं होने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।

मौसम विभाग की चेतावनी पर मुख्य सचिव ने अलर्ट रहने को कहा

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने उत्तराखण्ड के विभिन्न हिस्सों में भारी से बहुत भारी वर्षा के दृष्टिगत कमिश्नर गढ़वाल एवं कुमाऊं सहित सभी जिलाधिकारियों को सभी आवश्यक कदम उठाते हुए आने वाली चुनौती के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने भारी बारिश की सम्भावना को देखते हुए प्रत्येक स्तर पर सतर्कता बरते जाने एवं सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के भी निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र एवं सभी जिला आपातकालीन परिचालन केंद्रों में सभी विभागों द्वारा सक्षम स्तर के नोडल अधिकारियों को तैनात किए जाने के निर्देश दिए ताकि आपदा जैसी परिस्थितियों में नोडल अधिकारी निर्णय लेने एवं निर्देश देने हेतु अधिकृत हों।

मिनिमम रिस्पांस टाइम किया जाए सुनिश्चित-मुख्य सचिव
मुख्य सचिव ने पूरे मानसून काल में आपदा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर सडकें टूटने अथवा धंसने की स्थिति में सड़कों पर यातायात सुचारू करने हेतु जेसीबी एवं पोकलैंड मशीनें तैनात किए जाने के निर्देश दिए हैं ताकि आम जनता को आवागमन में कोई परेशानी का सामना ना करना पडे़। उन्होंने पेयजल व विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे मानसून के दौरान विद्युत एवं पेयजल सुचारू रखने हेतु दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अभी से उपकरण अथवा सामग्री स्टोर करें ताकि मानसून के दौरान विद्युत एवं पेयजल बाधित होने पर तत्काल सुचारू किया जा सके।

नदियों एवं बैराजों के जलस्तर पर रखी जाए पैनी नजर
मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के निर्देश दिये कि वे वर्षाकाल में नदियों व बैराजों के जलस्तर पर पैनी नजर रखने के साथ ही बाढ़ चौकियों को सक्रिय करते हुये नदियों का जलस्तर बढ़ने पर चेतावनियां एवं मुनादी आदि जारी करने हेतु व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए ताकि जानमाल की हानि को रोका जा सके। उन्होंने सभी राजस्व उपनिरीक्षक, ग्राम विकास अधिकारियों एवं ग्राम पंचायत अधिकारियों को भी अपने-अपने कार्यस्थलों में बने रहने हेतु निर्देशित किया है। साथ ही, सभी चौकियों एवं थानों में भी आपदा सम्बन्धी उपकरणों एवं वायरलैस सहित हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।

खाद्यान्न एवं संचार की समुचित व्यवस्था की जाए सुनिश्चित
मुख्य सचिव ने वर्षा काल के दौरान अथवा आपदा जैसी परिस्थितियों हेतु चिन्हित खाद्यान्न गोदामों में खाद्यान्न की समुचित मात्रा की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने हेतु निर्देश दिए। उन्होंने आपदा के दृष्टिगत दुर्गम स्थलों में दूरसंचार व्यवस्था सुचारू बनाए रखने हेतु एस०डी०आर०एफ० द्वारा उपलब्ध कराए गए सैटेलाइट फोन्स को भी एक्टिव रखने हेतु निर्देश दिए। साथ ही, पैरामेडिकल स्टाफ, दवाईयों एवं आवश्यक उपकरणों की समुचित मात्रा सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने जनसामान्य से भी अपील की है कि भारी बारिश की सम्भावना को देखते हुए अत्यधिक आवश्यक होने पर ही बाहर निकलें। उन्होंने श्रद्धालुओं से भी चारधाम यात्रा एवं कांवड़ यात्रा पर मौसम के अनुसार ही निकलने की सलाह दी है।
मुख्य सचिव के निर्देश पर सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा द्वारा सभी जिलाधिकारियों एवं आपदा से सम्बन्धित विभागाध्यक्षों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उनके स्तर पर की गई तैयारियों के संबंध में विचार विमर्श कर की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा की। सचिव आपदा प्रबंधन ने मैदानी जिलों के जिलाधिकारियों से बाढ़ चौकियों के साथ बाढ़ नियंत्रण टीमों के गठन के साथ ही आवश्यकता के दृष्टिगत बोट आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने आपदा प्रभावितों को खाद्यान्न एवं पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था के साथ ही पशुओं के चारे आदि को भी समय से प्रबंधन करने को कहा। सचिव आपदा प्रबंधन द्वारा पर्वतीय जनपदों के जिलाधिकारियों से भी आपदा प्रबंधन से संबंधित तैयारियों की समीक्षा की तथा उनके स्तर पर की गई व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने सभी डेमों के निरीक्षण करने, नदियों में पानी बढ़ने की स्थिति की त्वरित सूचना प्रेषण, साइरन सिस्टम, वायरलेस सिस्टम को भी प्रभावी बनाने को कहा। आपदा की स्थिति में बल्क एसएमएस की भी व्यवस्था बनाये जाने के उन्होंने निर्देश दिये, उन्होंने जरूरत पड़ने पर हेलीकॉप्टर की व्यवस्था बनाये जाने की बात कही।
सचिव आपदा द्वारा आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के साथ ही सिंचाई, लोक निर्माण, पेयजल, विद्युत, खाद्यान्न, स्वास्थ्य आदि विभागों के प्रमुखों से भी वार्ता कर व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की तथा सभी से समन्वय के साथ कार्य करने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को धनराशि उपलब्ध करायी जा चुकी है। सभी जिलाधिकारियों ने सचिव आपदा को अवगत कराया कि उनके स्तर पर एहतियातन आवश्यक व्यवस्थायें कर दी गई है।

कांग्रेस नेता जयेंद्र रमोला ने पुराना रेलवे मार्ग को खोलने की उठाई मांग

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेन्द्र रमोला ने पार्षदगणों के साथ ऋषिकेश रेलवे स्टेशन के समीप रोड में बड़े गड्डों में लोगों के चोटिल होने के कारण क्षतिग्रस्त रोड़ की मरम्मत ने होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने इस बाबत पुराने रेलवे मार्ग को खोलने की डीएम देहरादून से मांग करते हुए ज्ञापन भेजा है।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेंद्र रमोला ने कहा कि नटराज चौक से रेलवे स्टेशन जानी वाली सड़क पर कई जगह गड्ढ़े होने पर स्थानीय निवासियों को बहुत असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
बताया कि इस मार्ग पर बहुत अधिक ट्रेफ़िक भी है यहाँ से एंबुलेंस के माध्यम से मरीजों का भी आवागमन अधिक मात्रा में होता हैं। कभी भी अप्रिय घटना होने की आशंका जताई। उन्होंने कांवड यात्रा को देखते हुऐ वैकल्पिक मार्ग को खोलने की मांग की।

पार्षद एडवोकेट राकेश सिंह ने कहा कि इस खस्ताहाल सड़क के कारण क्षेत्रीय लोग प्रगति विहार, इंदिरा नगर, आशुतोष नगर, समस्त शहरवासी आए दिन चोटिल हो रहे हैं लेकिन ना रेलवे विभाग टूटी सड़क संज्ञान ले रहा है नहीं पीडब्ल्यूडी इसे बना रहा है, अगर शीघ्र इस क्षतिग्रस्त मार्ग को ठीक नहीं किया गया तो समस्त क्षेत्रीय जनता आंदोलन करेगी, और जब तक पुरानी मार्ग की मरम्मत नहीं हो जाती, तब तक पुरानी रोड खोली जाए।
ज्ञापन देने में पार्षद भगवान सिंह पंवार, पार्षद जगत सिंह नेगी के हस्ताक्षर हैं।

अतिक्रमण के नाम पर व्यापारियों का शोषण नहीं होने दिया जाएगाः ललित मोहन मिश्र

नगर अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि गत दिनों राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण डोईवाला द्वारा कुछ दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए हैं यह वह दुकानदार हैं। जिनको अभी तक अतिक्रमण के नोटिस कभी नहीं आये।

यह भी कहा कि जब अभी तक रोड का स्पष्ट पैमाना ही नहीं है राजमार्ग प्राधिकरण के पास सड़क संबंधी कोई नक्शा ही नहीं है तो वह इस प्रकार के नोटिस कैसे जारी कर सकता है यह भी कहा कि पूर्व में अधिशासी अभियंता रुड़की द्वारा जो प्रकाशन किए हैं उसमें यह रोड मात्र 40 फीट की दर्शाई गई है इस पैमाने से बहुत दूर आने वाले व्यापारियों को नोटिस किस प्रकार जारी किया जा सकता है उन्होंने कहा कि बिना व्यापारियों को विश्वास में लिए की गई किसी भी कार्रवाई का नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल पुरजोर विरोध करेगा।

मिश्र ने कहा पहले राजमार्ग प्राधिकरण व्यापार मंडल को विश्वास में ले स्पष्ट मानचित्र दिखाएं उसके बाद ही किसी कार्रवाई के बारे में विचार करें।
ललित मोहन मिश्र ने कहा कि व्यापार मंडल किसी भी अतिक्रमण का समर्थन नहीं करता है किंतु अतिक्रमण के नाम पर किसी भी व्यापारी का शोषण नहीं होने दिया जाएगा।

उन्हें पुनः दोहराया बिना वार्ता के राजमार्ग प्राधिकरण कोई कार्रवाई ना करें। जिसे अनावश्यक समस्या उत्पन्न हो।

धामों में मोबाइल, पर्स मंदिर के अंदर ले जाने पर पूरी तरह नियंत्रित करने की मांग

श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने प्रदेश के मुख्य सचिव एसएस संधू को पत्र लिखकर श्री केदारनाथ एवं श्री बदरीनाथ मंदिरों के निकट क्लॉक रूम बनाने का सुझाव दिया है, ताकि मंदिर में दर्शन हेतु जा रहे तीर्थयात्रियों के मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैग इत्यादि वहां जमा हो सकें।
उल्लेखनीय है कि विगत दिवस बीकेटीसी ने श्रद्धालुओं की संख्या में कमी को देखते हुए केदारनाथ मंदिर के गर्भ गृह में प्रवेश की छूट दे दी थी। ऐसे में कतिपय शरारती तत्वों द्वारा गर्भ गृह का वीडियो बनाकर इंटरनेट पर वायरल कर दिया गया। जिस पर श्रद्धालुओं व तीर्थपुरोहितो ने कड़ी आपत्ति जताई है।
वीडियो बनाकर वायरल होने की घटना पर बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र ने भी कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने इस मामले में मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह को प्रकरण की जांच कर वहां ड्यूटी पर तैनात कार्मिकों से स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही अजेंद्र ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर श्री केदारनाथ व श्री बदरीनाथ मंदिर की सुरक्षा की दृष्टि से एहतियाती कदम उठाने को कहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान यात्रा काल में अब तक लाखों लोग दोनों धामों की यात्रा कर चुके हैं। कतिपय यात्री मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैग इत्यादि के साथ मंदिर में प्रवेश कर जाते हैं, जो मंदिर के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए उचित नहीं है। लिहाजा, दोनों मंदिरों के निकट क्लॉक रूम बनाया जाए। जहां पर यात्रियों के मोबाइल, बैग इत्यादि सामान जमा कर सकें।

पुराने रेलवे स्टेशन के पास क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत की मांग

पुराने रेलवे स्टेशन के पास क्षतिग्रस्त सड़क को लेकर कांग्रेसियों ने नाराजगी जताई है। उन्होंने डीआरएम को ज्ञापन भेजकर सड़क बनवाने की मांग की। सड़क बनने तक वैकल्पिक मार्ग खोले जाने की मांग भी की।
मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ऋषिकेश रेलवे स्टेशन मास्टर के माध्यम से डीआरएम को ज्ञापन भेजा। एआईसीसी सदस्य जयेंद्र रमोला ने कहा कि गौरा देवी चौक से पुराने रेलवे स्टेशन को जोड़ने वाली सड़क क्षतिग्रस्त है। इससे यहां आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। पार्षद राकेश सिंह ने कहा कि इस खस्ताहाल सड़क के कारण प्रगतिविहार, इंदिरानगर, आशुतोषनगर आदि जगहों के लोगों को परेशानी हो रही है। यहां न ही रेलवे विभाग और न पीडब्ल्यूडी इस सड़क को बनवा रहा है। कहा कि अगर जल्द ही इस सड़क का निर्माण नहीं किया गया तो क्षेत्रवासी आंदोलन करेंगे। वरिष्ठ नागरिक देवेश्वर प्रसाद रतूड़ी ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। कहा कि जब तक सड़क बन नहीं जाती, तब तक यहां वैकल्पिक मार्ग को खोला जाए।
ज्ञापन देने वालों में पार्षद भगवान सिंह पंवार, पार्षद जगत सिंह नेगी, मनीष मिश्रा, शेर सिंह रावत, नरेंद्र सिंह नेगी, गंभीर भंडारी, आदित्य झा, दिग्विजय कैन्तुरा आदि शामिल रहे।

चक जोगीवाला और साहब नगर के नदी किनारे बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का भौतिक निरीक्षण

कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने चक जोगीवाला, साहब नगर के नदी किनारे बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का भौतिक निरीक्षण किया। इस मौके पर मानसून से पूर्व सौंग और जाखन नदी के जल को गांव की उपजाऊ भूमि तक आने से रोकने के लिए चैनललाइजेशन के साथ जीआई वायरक्रेट लगाने के निर्देश दिए गए। साथ ही मौके पर निदेशक राजाजी नेशनल पार्क से दूरभाष पर वार्ता भी की।
सोमवार को मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल चक जोगीवाला और साहबनगर के बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में पहुंचे। डा. अग्रवाल ने कहा कि ग्राम चक जोगीवाला और साहबनगर आबादी क्षेत्र में फैला हुआ है। वर्षाकाल के दौरान सौंग और जाखन नदी की बाढ़ से यहां की आबादी प्रभावित होती है।
बताया कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद से नदी का बहाव किसानों की उपजाऊ भूमि की ओर हो गया। जिसके चलते गांव में निवासरत लोगों को खेती बाड़ी का खतरा पैदा हो जाता है।
डा. अग्रवाल ने बताया कि इस क्षेत्र में 450 मीटर लंबी सुरक्षा दीवार का निर्माण होना है, जो बाढ़ सुरक्षा का कार्य करेगी और उपजाऊ क्षेत्र में नदी का बहाव को आने से रोकेगी। बताया कि यह कार्य मानसून के बाद प्रारंभ किया जाएगा।
बताया कि वर्तमान में मानसून से पूर्व इस वर्ष बाढ़ से निपटने को चैनललाइजेशन के साथ जीआई वायरक्रेट लगाई जा रही है, जो नदी से बायें तट की सुरक्षा करेगी। उन्होंने अधिकारियों को जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही मौके पर निदेशक राजाजी नेशनल पार्क से दूरभाष पर वार्ता भी की।
डा. अग्रवाल ने बताया कि नदी के बहाव को किनारे से दूसरी दिशा में परिवर्तित करने के लिए सीसी पर स्पर बनाये जाएंगे। बताया कि यह कार्य 493.37 लाख की लागत से नाबार्ड के द्वारा किया जायेगा।
इस मौके पर सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता डीसी उनियाल, सहायक अभियंता अनुभव नौटियाल, कनिष्ठ अभियंता दिनेश कुमार, ब्लॉक प्रमुख भगवान सिंह पोखरियाल, पूर्व जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र नेगी, प्रधान साहबनगर सोबन सिंह कैंतुरा, क्षेत्र पंचायत सदस्य अमर खत्री, अम्बर गुरुंग, माया राम पैन्यूली, शैलेन्द्र रांगड़, धनेश नेगी, धर्म सिंह चौहान सहित ग्रामीण आदि उपस्थित रहे।

नगर निगम प्रशासन पर स्थानीय लोगों की उपेक्षा का आरोप

उत्तराखंड जन विकास मंच ने लाल पानी बीट स्थित गुलरानी क्षेत्र में प्रस्तावित ट्रंचिंग ग्राउंड का विरोध किया है। मंच सदस्यों ने नगर निगम प्रशासन पर स्थानीय लोगों की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने उत्तराखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन को ज्ञापन भेजकर प्रस्तावित ट्रंचिंग ग्राउंड से होने वाली मुश्किलों को उठाया है।
सोमवार को उत्तराखंड जन विकास मंच के बैनर तले कई लोग ऋषिकेश तहसील में एकत्रित हुए। उन्होंने एसडीएम के माध्यम से उत्तराखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन आरके सुधांशु को ज्ञापन प्रेषित किया। मंच के अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने कहा कि लाल पानी बीट स्थित गुलरानी क्षेत्र में नगर निगम ऋषिकेश की ओर से ट्रंचिंग ग्राउंड बनाया जाना प्रस्तावित है। यह प्रस्तावित ट्रंचिंग ग्राउंड आबादी क्षेत्र से मात्र 10 मीटर की दूरी पर स्थित है। नगर निगम प्रशासन ने स्थानीय आबादी की उपेक्षा करते हुए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों के विपरीत एकपक्षीय फैसला लिया है। इसके चलते भविष्य में हवा, मिट्टी और पानी प्रदूषित होने की संभावना बनी हुई है।
समिति संयोजक सत्य कपरूवान ने कहा कि किसी भी दशा में प्रस्तावित ट्रंचिंग ग्राउंड आबादी क्षेत्र में नहीं बनना चाहिए। सह संयोजक मनोज गुसाईं ने कहा कि पूर्व में भी इस ट्रंचिंग ग्राउंड को लेकर उन्होंने और सभी जनप्रतिनिधियों ने जन सुनवाई के दौरान अपना विरोध प्रकट किया था, लेकिन अचानक नगर निगम द्वारा प्रस्तावित ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए निविदाएं आमंत्रित करना ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के लोगों के साथ एक छलावा है। इसका हम सभी विरोध करते हैं। ज्ञापन देने वालों में जनार्दन नवानी, कोषाध्यक्ष विनोद पोखरियाल, धर्मेंद्र सिंह, लालमणि रतूड़ी, पूर्व बीडीसी सदस्य वीर सिंह नेगी, फतेह सिंह, राकेश थपलियाल, अजय कुमार वर्मा, यतेंद्र थपलियाल, भूपेंद्र भट्ट, कुंवर सिंह आदि उपस्थित रहे।

सड़क और पेयजल लाइन के लिए मंत्री का आभार जताया

कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डा. प्रेमचंद अग्रवाल से शिवाजी नगर के नागरिकों ने पार्षद जयेंश राणा के नेतृत्व में मुलाकात की। इस मौके पर समस्या से सम्बंधित ज्ञापन भी सौपा। इस मौके पर पार्षद ने शिवाजी नगर में सड़क व पेयजल लाइन के लिए मंत्री का आभार भी जताया।
रविवार को बैराज रोड स्थित कैंप कार्यालय में हुई मुलाकात में पार्षद जयेश राणा ने बताया कि आईडीपीएल से आने वाली नहर जो कि शिवाजी नगर से होते हुए गंगा नदी में जाती थी। कई वर्षाे से इस नहर में आईडीपीएल से कोई पानी नहीं आ रहा है। बताया कि वर्षाकाल तथा लोगो के घरों का पानी इस नहर में जमा हो रहा है। जिससे यहां निवासरत नागरिकों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है।
पार्षद जयेश राणा ने बताया कि नहर से उठने वाले दुर्गंध के चलते स्थानीय लोगो को जीना दुश्वार हो गया है। बताया कि नगर में आए दिन जानवर व इंसान गिरकर चोटिल हो रहे हैं। साथ ही वर्षाकाल में पानी ओवरफ्लो होकर लोगों के घरों में घुस रहा है।
पार्षद ने मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल को ज्ञापन देकर नहर में जमे पानी की निकासी करने तथा नहर की चौड़ाई को कम करवाने की मांग की। कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डा. प्रेमचंद अग्रवाल जी ने सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया।
ज्ञापन देने वालों में पार्षद जयेश राणा, मुन्नी राजपूत, कृष्णा सिंह नेगी, आशीष राय, संजू, नैन सिंह रावत (सेना मेडल), रोशन सजवान, जितेंद्र सिंह रावत, अरविंद रावत, जलम सिंह रावत, धर्म सिंह रावत, डबल सिंह पंवार, संतोष पाण्डेय, सिद्धार्थ त्रिपाठी, सौरव धीमान, लक्ष्मी चौहान, ममता रतूड़ी आदि लोग मौजूद थे।