सीएम के निर्देश-अगले तीन माह विशेष सतर्कता बरती जाये

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में आपदा प्रबंधन की समीक्षा करते हुए कहा कि रेस्पोंस टाईम कम से कम होना चाहिए। आपदा की स्थिति में राहत व बचाव कार्य तत्काल शुरू हो जाने चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आपदा से संबंधित किसी भी चुनौती से निपटने के लिए हर दम अलर्ट रहने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन की दृष्टि से अगले तीन माह महत्वपूर्ण हैं। आपदा की चुनौतियों से निपटने के लिए जिलाधिकारी अधिकांश निर्णय अपने स्तर पर लें। जिन समस्याओं का समाधान जिलास्तर पर नहीं हो पा रहा है, उन्हें ही शासन तक भेजा जाय। उन्होंने सभी विभागों को समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड आपदा की दृष्टि से संवेदनशील राज्य है। आपदा के दृष्टिगत अगले तीन माह अधिकारियों की छुट्टी विशेष परिस्थिति में ही स्वीकृत की जाए। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि जिलों में आपदा प्रबंधन के लिए जो धनराशि दी जा रही है, उसका आपदा मानकों के हिसाब से अधिकतम उपयोग हो, यह सुनिश्चित किया जाए। आपदा प्रभावितों को आपदा मानकों के हिसाब से मुआवजा यथाशीघ्र मिले। आपदा प्रबंधन के दृष्टिगत रिस्पांस टाइम कम से कम हो। बारिश या भूस्खलन से सड़क, बिजली, पानी की आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में कम से कम समय में आपूर्ति सुचारू की जाय। यह सुनिश्चित किया जाए कि आपदा की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों में जेसीबी की पर्याप्त व्यवस्था हो एवं उनके ट्रैकिंग सिस्टम की व्यवस्था की जाए। सभी सैटेलाईट फोन चालू अवस्था में रहें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य के पर्वतीय जनपदों एवं आपदा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों के लिए खाद्य सामग्री, आवश्यक दवाओं एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की पूर्ण व्यवस्था रखी जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर एसडीआरएफ की टीमें बढ़ायी जाए। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि जिन जनपदों में ड्रेनेज सिस्टम की समस्याएं हैं, ड्रेनेज प्लान शीघ्र भेजें। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि शासन स्तर पर जो बैठकें होती हैं, उससे पूर्व संबंधित विषयों पर जिलाधिकारी सभी विभागों की बैठक करें, ताकि शासन स्तर पर होने वाली बैठक में जिला स्तर पर आने वाली सभी परेशानियों को रखा जा सके।
मुख्यमंत्री वाहन दुर्घटना में मृतक परिजनों को दिये जाने वाले मुआवजे में वृद्धि का प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन के साथ ही चारधाम यात्रा एवं कांवड़ यात्रा भी महत्वपूर्ण है। इस वर्ष चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा से जुड़े जनपदों के अधिकारियों को निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाए कि चारधाम यात्रा सुव्यवस्थित चले। कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी हरिद्वार, देहरादून, टिहरी एवं पौड़ी को पुलिस के साथ निरन्तर समन्वय बनाने के निर्देश दिये।
बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु, डीजीपी अशोक कुमार, प्रमुख वन संरक्षक विनोद कुमार सिंघल, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, डॉ. रंजीत सिन्हा, कमिश्नर कुमांऊ दीपक रावत, डीआईजी कुमांऊ डॉ. नीलेश आनंद भरणे, सभी जिलाधिकारी, एस.एस.पी एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम ने 77 अतिसंवेदनशील स्थलों पर क्रेश बैरियर लगाने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चमोली, उत्तरकाशी, रूद्रप्रयाग, टिहरी एवं पौड़ी के चारधाम यात्रा मोटर मार्ग पर चिह्नित 77 अतिसंवेदनशील स्थलों पर क्रेश बैरियर लगाए जाने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में कैबिनेट मंत्री लोक निर्माण विभाग सतपाल महाराज और कैबिनेट मंत्री परिवहन विभाग चंदनराम दास को अर्द्ध शासकीय पत्र लिखकर चिह्नित संवेदनशील स्थलों पर दो चरणों में क्रेश बैरियर लगाने के लिए कहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा मार्गों में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली क्षति की रोकथाम एवं दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को गहरी खाई में गिरने से बचाने हेतु क्रेश बैरियर लगाये जाने की नितान्त आवश्यकता है। चारधाम यात्रा मार्ग पर अभी भी कई ऐसे अति संवेदनशील स्थल मौजूद हैं, जहा 2 क्रेश बैरियर के मध्य काफी फासला है, जो कि उक्त दुर्घटनाओं को रोकने में अपर्याप्त हैं। पुलिस विभाग द्वारा जनपद चमोली, उत्तरकाशी, रूद्रप्रयाग टिहरी एवं पौड़ी के चारधाम यात्रा मोटर मार्ग पर 77 अतिसंवेदनशील स्थलों को चिन्हित किया गया हैं।
मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्री लोक निर्माण विभाग सतपाल महाराज और कैबिनेट मंत्री परिवहन विभाग चंदनराम दास को इन अतिसंवदेनशील स्थलों में से शीर्ष-10 स्थलों पर शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर प्रथम फेस में 10 क्रैश बैरियर लगवाने एवं तत्पश्चात् शेष 67 स्थलों पर भी क्रैश बैरियर लगवाने के लिए अपने स्तर से तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने को कहा है।

पैर फिसलने के कारण गंगा में डूब रहे चार लोगों को सकुशल बचाया


त्रिवेणी घाट में गंगा नदी में स्नान कर रहे चार युवकों का पैर फिसलने से डूबने पर समय रहते जल पुलिस के जवानों ने सकुशल बचाया है।
पहली घटना आज शाज चार बजे की हैं जब राजस्थान का 28 वर्षीय रितेश जंगीर पुत्र प्रेमराज पैर फिसलने पर डूबने लगा, जल पुलिस के जवान नायक अनिल पाल, विनोद सेमवाल, संतोष कुमार, विपिन काला ने समय रहते बचा लिया।

दूसरी घटना शाम छह बजकर 10 मिनट की है। जब वंश अग्रवाल पुत्र सतीश कुमार, मोहमद कैफ पुत्र शफीक कैफ का तेज बहाव में पैर फिसला और वह डूबने लगे। तभी उनका मित्र हितेश चौधरी पुत्र ऋषि पाल उन्हें बचाने को नदी में डूब पड़ा। वह भी डूबने लगा।

चीख पुकार सुनकर मौके पर मौजूद जल पुलिस व आपदा राहत दल की टीम ने तुरंत गंगा नदी में छलांग लगाकर उन्हें बचा लिया
बचाव दल मे नायक अनिल पाल, विनोद सेमवाल, संतोष कुमार, विपिन काला, हरीश शामिल रहे।

मुख्यमंत्री ने कुम्हार हस्तकला को बढ़ावा देने के लिए मिट्टी के गिलास में चाय पी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में ‘‘कुम्हारी कला ‘‘ को पुनर्जीवित करने को लेकर बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रदेश में कुम्हारी कला को अधिक से अधिक बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने कहा कि कुम्हारी कला समृद्ध एवं प्राचीन हस्तकला है। उतराखण्ड में अनेक परिवार इस कला से जुड़े हैं। भारत सरकार की ‘‘कुम्हार सशक्तिकरण योजना” का उद्देश्य कुम्हारी कला को पुनर्जीवित करना एवं समाज के सबसे कमजोर वर्गों में से एक कुम्हार समुदाय को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त कर विकास की मुख्यधारा में वापस लाना है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि कुम्हारों को उन्नत किस्म के मिट्टी के उपकरण बनाने के लिए पर्याप्त मात्रा में मिट्टी उपलब्ध हो, इसके लिए ऐसी मिट्टी वाली भूमि का चिन्हीकरण किया जाए। चिन्हित भूमि से कुम्हारों को आवश्यकतानुसार एवं मानकों के हिसाब से निःशुल्क मिट्टी उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुम्हार हस्तकला को राज्य में बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री आवास एवं सचिवालय में मिट्टी से बने गिलासों में चाय देने की शुरूआत की जाए। इसे व्यापक स्तर पर प्रदेश भर में बढ़ावा दिया जाए। मुख्यमंत्री एवं अधिकारियों ने सचिवालय में मिट्टी के गिलासों में चाय पीकर इसकी शुरूआत की। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि 3 माह में कुम्हारी कला की अगली बैठक आयोजित की जायेगी, कुम्हारी कला को बढ़ावा देने के लिए राज्य में क्या प्रयास किये गये, इसकी समीक्षा की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुम्हारी हस्तकला को बढ़ावा देने के लिए एक पोर्टल बनाया जाए। इस विद्या से जुड़े लोगों के सुझावों को ध्यान में रखते हुए, उन्हें हर सम्भव मदद दी जाए। देश के विभिन्न क्षेत्रों में हुनर हाटों में हस्तकला से जुड़े लोगों को भेजा जाए। कुम्हारी कला को राज्य में बढ़ावा देने के लिए इस क्षेत्र से जुड़े लोगों के उचित प्रशिक्षण की व्यवस्था भी हो। उन्होंने कहा कि कुम्हार हस्तकला इकोलॉजी के लिए भी अच्छा है। कुम्हार हस्तकला को सीएम स्वरोजगार योजना में भी जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना जरूरी है, दीपावली के पर्व पर कुम्हारों द्वारा निर्मित दिये एवं अन्य उत्पादों की खरीद के लिए लोगों को प्रेरित भी किया जाए।
बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव बीवीआरसी पुरूषोत्तम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, महानिदेशक उद्योग रणवीर सिंह चौहान, अपर सचिव आनन्द श्रीवास्तव, निदेशक उद्योग सुधीर चन्द्र नौटियाल, माटी कला बोर्ड के उपाध्यक्ष शोभाराम प्रजापति उपस्थित रहे।

नगर पालिका ने छापेमारी अभियान चलाया

चारधाम यात्रा के मद्देनजर नगर पालिका मुनिकीरेती-ढालवाला ने सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग और कूड़ा फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की। इस दौरान 12 चालान काटकर 2900 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
पालिकाध्यक्ष रोशन रतूड़ी और ईओ तनवीर मारवाह के निर्देश पर मंगलवार शाम नगर पालिका के वर्क एजेंट जितेंद्र सजवाण के नेतृत्व में पालिका की क्विक रिस्पांस टीम खारास्रोत आस्था पथ पर पहुंची। यहां घाट किनारे कतार से लगी रेहड़ियों में सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग करने और आस्था पथ में कूड़ा फैलाने वालों के खिलाफ छापेमारी अभियान चलाया गया। औचक कार्रवाई से रेहड़ी विक्रेताओं में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान क्यूआरटी ने 12 चालान किए। कुल 2900 रुपये का जुर्माना वसूला गया। इस दौरान क्यूआरटी ने रेहड़ी विक्रेताओं से सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग न करने और कूड़ा न फैलाने की अपील भी की। टीम में ज्योति पसपोला, मनोज, प्रमोद, सतेंद्र आदि शामिल रहे।

लालपानी बीट में कूड़ा निस्तारण का विरोध, ज्ञापन भेजा

उत्तराखंड जन विकास मंच ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को उप जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित किया गया। मंच के अध्यक्ष आशुतोष शर्मा व संरक्षक महावीर उपाध्याय ने बताया कि नगर निगम ऋषिकेश द्वारा लाल पानी बीट में कचरा निस्तारण की कार्य योजना बनाई जा रही है। लेकिन उक्त स्थल के समीप बसी आबादी के नागरिकों द्वारा निरंतर विरोध दर्ज किया जा रहा है। इससे आने वाले समय में उनके आसपास की हवा, मिट्टी तथा पानी प्रदूषित होना तय है। जिससे उनके व उनके बच्चों का भविष्य खराब होना तय है। नगर निगम द्वारा आम नागरिकों का पक्ष सुने बिना एकपक्षीय कार्यवाही की गई तथा उस समय उक्त जनसुनवाई का भारी विरोध हुआ था। जिसके संबंध में अखबारो में सूचना प्रमुखता से छपी थी।
देहरादून के शीशम बाड़ा प्लांट का उदाहरण अपने आप में सबके सामने दृष्टिगोचर है कि वहां पर कूड़ा निस्तारण नहीं किया गया तथा कूड़े का पहाड़ खड़ा हो गया। जिससे आसपास के लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। देहरादून जैसे नगर निगम द्वारा जब यह प्रक्रिया कुशलतापूर्वक प्रभावी रूप से लागू नहीं की जा सकी तो तृतीय श्रेणी के नगर निगम ऋषिकेश द्वारा उक्त कूड़ा निस्तारण को प्रभावी रूप से किया जाना अपने आप में संदेह जनक है। क्षेत्र के गरीब आम नागरिकों के भविष्य को देखते हुए नगर निगम के उक्त ट्रेंचिंग ग्राउंड को कहीं अन्यत्र शिफ्ट करने का कष्ट करें। जिससे नागरिकों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके तथा ऋषिकेश जैसे पावन शहर को कूड़े के ढेर व वायु, जल प्रदूषण से मुक्त रखा जा सके।
अवगत कराना है कि ऋषिकेश से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर नगर निगम हरिद्वार के सराय स्थित प्लांट में बड़े पैमाने पर भूमि उपलब्ध है। तथा वहां कूड़ा निस्तारण प्लांट स्थापित किया गया है। यदि नगर निगम ऋषिकेश का कूड़ा कंपैक्ट मशीनों का प्लांट वहां लगाया जाता है तो वह एक उचित विकल्प होगा। ऋषिकेश चार धाम यात्रा का प्रवेश द्वार है इसके पूर्व में पतित पावनी मां गंगा पश्चिम में देहरादून का वन क्षेत्र उत्तर में टिहरी गढ़वाल जिला एवं दक्षिण में गुमानीवाला, रायवाला तथा हरिद्वार जिले की सीमा लगती है। अतः नगर निगम ऋषिकेश का विस्तार दक्षिणी सीमा में ही हो सकता है।
इसके साथ ही उत्तराखंड सरकार द्वारा नगर निगम रुड़की में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट प्लांट लगाने का प्रयास किया जा रहा है। यदि इसी प्रकार प्लांट नगर निगम हरिद्वार के सराय प्लांट में स्थापित किया जाए तो आसपास के निकायों का समस्त कूड़ा उक्त वेस्ट टू एनर्जी प्लांट को दिया जा सकता है। जिससे प्लांट को पर्याप्त कूड़ा ना मिलने के कारण होने वाले अवरोधों से बचा जा सकेगा तथा पर्याप्त कूड़ा प्राप्त होने से वेस्ट एनर्जी प्लांट प्रभावी रूप से कार्य कर सकेगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम ऋषिकेश द्वारा लाल पानी बीट में बनाए जाने वाले ट्रेचिंग ग्राउंड आदि की कार्यवाही को तत्काल प्रभाव से रोकते हुए वहां के नागरिकों के जीवन की रक्षा करने की जा सके। ऊपर बताए गए विकल्पों में से किसी पर विचार करते हुए कार्रवाई कराने की कृपा करें।
ज्ञापन प्रेषित करने वालों में विनोद पोखरियाल, देवेंद्र दत्त बेलवाल, चंदन सिंह राणा, धर्मेंद्र कुमार, धर्म सिंह छेत्री, सुंदर जीना, मनवीर भंडारी, लाल सिंह बोरा आदि मौजूद रहे।

मासूम का फिसला पैर, गंगा के तेज बहाव में बही, लापता

मुनिकीरेती के शीशमझाड़ी क्षेत्र में एक आश्रम के घाट के पास पांच साल की मासूम बच्ची गंगा के तेज बहाव में बह गई। सूचना पर एसडीआरएफ की टीम मौके पहुंची और बच्ची की तलाश को गंगा में सर्च ऑपरेशन चलाया। लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल पाया।
कैलाश गेट चौकी प्रभारी योगेश पांडेय ने बताया कि रविवार सुबह दिल्ली का एक परिवार वेदांत आश्रम घाट पर स्नान कर रहा था। इस दौरान परिवार की पांच वर्षीय बच्ची आशी पुत्री अमरनाथ निवासी अशोक नगर, दिल्ली का अचानक पैर फिसला और वह पानी के तेज बहाव में बह गई। जब तक उसे बचाने का प्रयास करते देखते ही देखते वह गंगा की तेज लहरों में ओझल हो गई। घटना के बाद लोगों ने इसकी सूचना पुलिस दी। सूचना पाकर एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू किया। लेकिन मासूम बच्ची का कहीं पता नहीं चल पाया। एसडीआरएफ उपनिरीक्षक कविंद्र सजवाण ने बताया कि सोमवार को फिर से सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा।

खदरी खड़कमाफ में थम नहीं रही हाथी की आमद

श्यामपुर की न्याय पंचायत ग्राम सभा खदरी खड़क माफ आबादी वाले क्षेत्र में हाथी की आमद थमने का नाम नहीं ले रही है।

आज सुबह पांच बजे चोपड़ा फार्म, भागीरथी पुरम, खदरी रोड पर हाथी विचरण करता नजर आया,जिसकी सारी चहलकदमी क्षेत्र पंचायत सदस्य बीना चौहान के कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई। इससे पूर्व हाथी 8 और 20 मई को भी दस्तक दे चुका है।

क्षेत्र पंचायत सदस्य बीना चौहान ने कहा हाथी बाउंड्री वॉल तोड़कर क्षेत्र में घुस रहा है, वन विभाग के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, हाथी खुलेआम क्षेत्र में अपनी दस्तक दे रहा है, आये दिन फसलों को नुकसान हो जा रहा है।

स्थानीय नागारिक समाजिक कार्यकर्ता नवीन नेगी ने बताया हाथी की आमद क्षेत्र में लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे ग्रामीणों की फसलों को काफी नुकसान पहुंच रहा है।वन विभाग अपनी ‌लापावाही से बाज नहीं आ रहे। आबादी वाले क्षेत्र में जनता की सुरक्षा के लिए अभी तक कोई प्रबंध नहीं किए गए हैं वन विभाग के द्वारा।

उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीणों में हाथी की दहशत से भय बना हुआ है‌, आबादी वाले क्षेत्र में विशालकाय हाथी के आने से लोगों में डर का माहौल पैदा हो रखा है। हाथी की अमाद को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

मंत्री से केंद्रीय विद्यालय के लिए भूमि उपलब्ध कराने की उठी मांग

ऋषिकेश में केंद्रीय विद्यालय खोले जाने की मांग को लेकर पार्षद सुंदरी कंडवाल के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने शहरी विकास मंत्री व क्षेत्रीय विधायक से मुलाकात की।

वीरभद्र भाजपा मंडल महामंत्री व नगर निगम पार्षद सुंदरी कंडवाल ने बताया कि लगातार मीडिया के जरिए केंद्रीय विद्यालय के बंद होने की सूचना मिल रही है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय विद्यालय ऋषिकेश विधानसभा की एक पहचान ही नहीं बल्कि शिक्षा का मुख्य केंद्र बिंदु भी है। यहां से अभी तक अध्ययन कर चुके हजारों छात्रों ने देशभर में विद्यालय का नाम रोशन किया है।

निगम पार्षद सुंदरी कंडवाल ने बताया कि केंद्रीय विद्यालय में शिक्षा के साथ ही बच्चों के शारीरिक और बौद्धिक सहित संस्कार युक्त शिक्षा प्रदान की जाती है। ऐसे में विद्यालय के बंद होने पर विधानसभा के लिए शिक्षा के क्षेत्र में अपूरणीय क्षति होगी।

पार्षद कंडवाल ने बताया कि वर्तमान में इस विद्यालय से करीब 1200 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। कहा कि ट्रिपल इंजन की सरकार है का शिक्षा पर विशेष जोर है। उन्होंने केंद्रीय विद्यालय को खोलने के लिए भूमि उपलब्ध कराने की मांग की।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया। ज्ञापन देने वालों में उषा लखेड़ा, सुनीता कुकरेती, संगीता कुकरेती, प्रतिमा रावत, सरोज चौहान, अंजू देवी, विमला देवी, माया घले आदि महिलाएं उपस्थित रही।

शहरी विकास मंत्री को व्यापारियों ने बताई अपनी पीड़ा

कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक प्रेमचंद अग्रवाल से नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र के नेतृत्व में व्यापारियों के एक दल ने मुलाकात की। इस मौके पर व्यापारियों ने कैबिनेट मंत्री के समक्ष भरत विहार खसरा संख्या 279/1 में निर्माण कार्य स्थानीय प्रशासन द्वारा रोके जाने का विषय रखा।

बैराज रोड स्थित कैंप कार्यालय में व्यापारी नेता ललित मोहन मिश्र ने बताया कि भरत विहार में खसरा संख्या 279/1 में व्यापारियों द्वारा छोटे-छोटे जमीन के कुछ टुकड़े पूर्व में खरीदें गये थे। बताया कि इस भूमि पर रास्ते के लिए 18 फरवरी 2020 को अनापत्ति प्रमाण पत्र तत्कालीन एसडीएम ऋषिकेश ने दिया था। इसी क्रम में वर्ष 2021 में इस भूमि के कुछ छोटे टुकड़ों को बेचा भी गया है।

बताया कि जो भूमि जिलाधिकारी के नाम दर्ज है उसका खसरा संख्या 279/12 है। बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर स्थानीय प्रशासन व्यापारियों को खरीदी गई भूमि पर निर्माण नहीं करने दे रहा है। इस संबंध में व्यापारियों ने विक्रेता से भूमि की स्थिति स्पष्ट करने को कहा। जिस पर विक्रेता ने भूमि से जुड़े वर्ष 1959 के राजस्व अभिलेखों में दर्ज दस्तावेज दिखाए। जिसका नगर निगम संपत्ति संख्या 168हरिद्वार मार्ग , रकबा 4.3360 हेक्टेअर है।

व्यापारियों ने कैबिनेट मंत्री को बताया कि अपनी भूमि पर निर्माण कार्य न होने के कारण मानसिक रूप से परेशान हैं। उन्होंने मंत्री जी से मामले का संज्ञान लेकर निस्तारण करने की मांग की।

इस संबंध में कैबिनेट मंत्री जी ने सकारात्मक कार्यवाही की बात कही।

मुलाकात करने वालों में रमाकांत गुप्ता, हेमंत सुनेजा, ललित अग्रवाल, अवनीश गुप्ता, रंगपाल सिंह, शंभू पासवान, आशू डंग, रवि जैन, महेश किंगर, प्रदीप गुप्ता आदि व्यापारी मौजूद रहे।