कांग्रेस का भाजपा सरकार पर महंगाई को बढ़ाने का आरोप, प्रदर्शन

कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ हल्ला बोला है। कांग्रेसियों ने बढ़ती महंगाई को लेकर नाराजगी जताई हैं। प्रदर्शनकारियों ने ऋषिकेश, ढालवाला, डोईवाला व अन्य जगहों पर प्रदर्शन कर महंगाई पर लगाम लगाने की मांग की।
रविवार को देहरादून रोड स्थित इंडीयन ऑयल के पेट्रोल पंप पर कांग्रेस कार्यंकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर पूर्व क़ाबिना मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण ने कहा कि भाजपा जनविरोधी सरकार है। वह महंगाई के बोझ तले गरीबों को मारना चाहती है। आए दिन गैस, पेट्रोल, डीजल सहित तमाम चीजों के दामों में इजाफा किया जा रहा है। कांग्रेस प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला ने कहा कि देश में महंगाई और भ्रष्टाचार से आम आदमी परेशान है।
प्रदेश महासचिव विजय सारस्वत ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के जरिए जनता का खून चूसा जा रहा है। यह हिटलरशाही सरकार जनता का शोषण करने में लगी है।
न्होंने महंगाई पर लगाम लगाने व युवाओं को रोजगार देने की मांग की।

प्रदर्शन करने वालों में नगर अध्यक्ष महंत विनय सारस्वत, कार्यकारी अध्यक्ष सुधीर राय, जयेन्द्र रमोला, लल्लन राजभर, शैलेंद्र बिष्ट, विजयपाल सिंह रावत, मनोज गुसाईं, यतेंद्र बिजल्वाण, पार्षद मनीष शर्मा, राकेश मियां, भगवान सिंह पंवार, जगत नेगी, मधु जोशी, जया रमोला, युवां कांग्रेस नगर अध्यक्ष जितेंद्र पाल पाठी, जयपाल सिंह, बिट्टू, अशोक शर्मा, सहदेव राठौर, नवीन चंद रमोला, बलबीर रौतेला, मुकेश नेगी, रुकम सिंह पोखरियाल, विक्रम भंडारी, भगवती सेमवाल, राहुल पांडे, इमरान सैफी, बूरहॉन अली, शाहरुख, सोनू पांडे, हिमांशु कश्यप आदि शामिल थे।

उधर, ढालवाला बाइपास मार्ग पर स्थित एक पेट्रोल पंप के पास कांग्रेसियों ने महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन किया। कांग्रेस टिहरी जिलाध्यक्ष हिमांशु बिजल्वाण ने कहा कि भाजपा सरकार जनविरोधी है। प्रदर्शन में नगर अध्यक्ष महावीर खरोला, रमेश उनियाल, दिनेश सकलानी, अनिल रावत, राजेंद्र राणा, दुर्गा राणा, विकास रयाल, संतोष पैन्यूली, संदीप भंडारी, लक्ष्मण राजभर, अमित चौहान, राधेश्याम, दीपक खत्री, गब्बर कैंतुरा, सोहन लाल, शिवम भट्ट, शिवराम रयाल, मुकेश चौहान, शूरवीर कैंतुरा, सुजीत कुड़ियाल आदि शामिल थे।

सीएम ने ओवरलोडिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चकराता क्षेत्र के अंतर्गत बुल्हाड़-बायला मार्ग पर हुए वाहन दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने ईश्वर से मृतकों की आत्मा को शांति और परिजनों को दुःख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को तेजी से राहत व बचाव कार्य करते हुए घायलों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि घायलों के उपचार के लिए एवं मृतकों के परिवारजनों को राज्य सरकार द्वारा हर संभव मदद दी जायेगी। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, गढ़वाल कमिश्नर एवं जिलाधिकारी देहरादून ने घटना स्थल का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी देहरादून को वाहन दुर्घटना की मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिये हैं। उन्होंने परिवहन विभाग को सख्त निर्देश दिये हैं कि वाहनों में ओवर लोडिंग न हो। यदि इस तरह की कोई बात आती है, तो संबधित पर कड़ी कारवाई की जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की घटनाएं दुबारा न हो, इसके लिए उन्होंने प्रदेश के लोगों से अपील की है ओवरलोडिंग न करें। हम सभी को स्वयं जागरूक होकर इस तरह की घटनाओं से बचना है।
वहीं, मुख्यमंत्री ने चकराता क्षेत्र में वाहन दुर्घटना में मृतक आश्रित को 50-50 हजार रुपये व गम्भीर घायल को 25-25 हजार रुपये की सहायता राशि मुख्यमंत्री राहत कोष से देने के निर्देश दिए हैं।

दीपावली तक श्रम विभाग नही करेगा कोई कार्रवाई, व्यापारियों को दिया आश्वासन

श्रम विभाग की कार्रवाई को लेकर नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने श्रम विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर केके गुप्ता से मुलाकात की।
इस दौरान व्यापारी नेता प्रतीक कालिया ने श्रम विभाग के अधिकारी को बताया कि इस समय त्योहारी सीजन चल रहा है। ऐसे में श्रम विभाग की कार्रवाई तर्कसंगत नही है। विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर व्यापारी नेताओं द्वारा रखे गए पक्ष के बाद श्रम विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर द्वारा कल शहर के व्यापारियों पर की गई कार्रवाई को स्थगित करने के अलावा दीपावली तक किसी भी तरह की फ्लाइंग ना करने का आश्वासन दिया।
इस दौरान तय हुआ कि दीपावली पर्व के निपटने के बाद व्यापार मंडल व श्रम विभाग के संयुक्त तत्वाधान में व्यापारियों की काउंसलिंग के लिए बाल श्रम कानून को लेकर एक गोष्ठी आयोजित की जाएगी।
इस दौरान उत्तराखंड श्रम बोर्ड के सदस्य विशाल कक्कड़, व्यापार सभा के कोषाध्यक्ष ललित जिंदल, व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष प्रदीप कोहली, राकेश वर्मा सहित श्रम विभाग के पूर्व डिप्टी कमिश्नर वाजपेई आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

सारी दवा खरीदो, एक नही दूंगा तीमारदार को कहकर लौटा दिया

एम्स रोड पर प्राइवेट मेडिकल स्टोर संचालक पर मरीज के तीमारदारों को दवा नहीं देने और बदसलूकी करने कि शिकायत पर ड्रग्स इंस्पेक्टर ने कार्रवाई की। ड्रग्स इंस्पेक्टर ने मेडिकल स्टोर से संबंधित दस्तावेज आदि की जांच की। बताया कि आरोप साबित होने पर लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।
शनिवार को ड्रग्स इंस्पेक्टर अनीता भारती देहरादून से ऋषिकेश एम्स रोड पहुंची। यहां एम्स संस्थान से सटे एक प्राइवेट मेडिकल स्टोर में पहुंचकर स्टोर संचालक से जवाब तलब किया। इस दौरान दवा का स्टॉक, एक्सपाइरी डेट आदि की जांच की। कार्रवाई से एम्स रोड पर मेडिकल स्टोर चला रहे संचालकों में हड़कंप की स्थिति रही। ड्रग्स इंस्पेक्टर अनीता भारती ने बताया कि एम्स रोड पर साईं मेडिकल स्टोर संचालक ने एम्स में भर्ती एक मरीज के तीमारदार को यह कहकर दवा नहीं दी कि सभी दवाई यहां से खरीदे। पर्चे में लिखी एक दवा नहीं दूंगा। जबकि तीमारदार पर्चे में लिखी अन्य दवाएं एम्स परिसर में खुले मेडिकल स्टोर से ले चुका था। एक दवा नहीं मिली तब वह बाहर मेडिकल स्टोर पर आया। ड्रग्स इंस्पेक्टर ने बताया कि एक दवा नहीं देना नियम विरुद्ध है। मामले की गहनता से जांच की जाएगी। साथ ही मेडिकल स्टोर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी खंगाली जाएगी। आरोप साबित होने पर स्टोर का लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।

मूलभूत मांगों को लेकर धरना दे रहे लोगों को कांग्रेस नेता रमोला ने समर्थन दिया

कृष्णा नगर व खाण्ड गांव क्षेत्र को नगर निगम क्षेत्र में शामिल करने की मांग को लेकर त्रिवेणी घाट गांधी स्तम्भ में दिये जा रहे धरने को एआईसीसी के सदस्य जयेन्द्र रमोला ने अपना समर्थन दिया।
इस अवसर पर जयेन्द्र रमोला ने कहा कि जहां एक ओर भाजपा जन आर्शीवाद रैली के माध्यम से जनता का आर्शीवाद मांग रही है। वहीं दूसरी ओर अपनी मूलभूत समस्याओं के लिये लोगों को धरने में बैठना पड़ रहा है। आज कृष्णानगर व खाण्ड गांव में रहने वाले लोग अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं। ये लोग ना तो नगरीय क्षेत्र में ना ही ग्रामीण क्षेत्र में शामिल हैं। ऐसे में यहां रह रहे लोगों को अपनी समस्याओं के लिये संघर्ष करना पड़ता है जबकि खाण्ड गांव के लोगों को तो दो बार विस्थापन का दंश झेलना पड रहा है। पहले टिहरी से रायवाला में विस्थापित हुऐ फिर रायवाला से हाइवे पर विस्थापित किये गये। लेकिन अभी तक इनको नगर निगम व ग्रामीण क्षेत्र में वोटिंग का अधिकार नहीं मिला। वहीं, कभी आईडीपीएल ऋषिकेश के व्यापार की रीढ़ होता था परन्तु आज सालों से बैठें जनप्रतिनियों की उदासीनता के कारण यहां की स्थिति बद से बदतर हो रही है। रमोला ने अपना व कांग्रेस पार्टी का पूर्ण समर्थन इस धरने को देते हुऐ कहा कि इस लड़ाई के लिये किसी भी स्तर पर जाकर अगर आंदोलन करना पड़ेगा तो हम तैयार हैं।

राजपाल खरोला ने स्थानीय ट्रांसपोर्टरों को रोजगार देने की मांग की

कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला ने आज ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत रेलवे विकास निगम कार्यालय के समीप हिल ट्रक ट्रांसपोर्ट महासंघ ऋषिकेश (गढ़वाल क्षेत्र) के बैनर तले 21 अक्टूबर से चल रहे धरने को अपना समर्थन दिया।
इस अवसर पर खरोला ने कहा कि कर्णप्रयाग-ऋषिकेश रेलवे प्रोजेक्ट के तहत जो भी कंपनिया अंडरटेकिंग कार्यरत है उन्होंने कुछ दिनों तक तो लोकल ट्रांसपोर्टर को तो कार्य दिया परन्तु जैसे डीजल के भाव बढे तो स्थानीय ट्रांसपोर्टरो ने कम्पनी से भाड़े बढाने की बात करी तो कंपनियों ने सारा काम बाहर की कंपनियों को दे दिया जिससे लोकल ट्रांसपोर्टर का सारा काम ही खत्म हो गया।
खरोला ने कहा कि सरकार ने बाहरी और लोकल भारी वाहनों के लिए भी अलग अलग मानक बना रखे है जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। वाहन स्वामी गत 9 दिन से धरने में बैठे है परतु रेलवे विकास निगम के अधिकारी इस विषय पर संज्ञान नहीं ले रहे है और ना ही उनका कोई आला अधिकारी एवं जिम्मेदार लोग अभी तक वार्तालाप करने पहुंचे।
खरोला ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा उतराखंड में चल रहे विभिन्न योजनाओं से लोकल के व्यवसायी और बेरोजगार बहुत खुश थे कि उन्हें काम मिलेगा परन्तु इसके विपरीत सभी बाहर की कम्पनियों का काम दे दिया गया और कंपनिया बाहरी राज्यों के लोगो को ही काम पर रख रही है जो राज्य के हित के लिए बिल्कुल भी नहीं है।
खरोला ने कहा कि सरकार को इसके प्रति गंभीर होने की जरूरत है और कर्णप्रयाग-ऋषिकेश रेलवे प्रोजेक्ट और अन्य प्रोजेक्ट में 8 प्रतिशत रोजगार स्थानीय वाहन स्वामियों को और स्थानीय ट्रांसपोर्टरों को देने का नियम बाहरी कंपनियों के लिए बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही रेलवे विकास निगम इस विषय पर कोई समाधान नहीं निकालता तो कांग्रेस उग्र आन्दोलन के लिए बाध्य होगी।

नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला ने चलाया छापेमारी अभियान

नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला ने क्षेत्र में कूड़ा फैलाने, प्लास्टिक का प्रयोग करने और गंदगी करने वालों के विरूद्ध छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान कुल छह चालान किए गए, जिनसे कुल 23 सौ रूपए का राजस्व वसूला गया।
कर निरीक्षक अनुराधा गोयल और सफाई निरीक्षक भूपेंद्र सिंह पंवार के नेतृत्व में पालिका की टीम 14 बीघा पुल स्थित चौराहे पर पहुंची। यहां कूड़ा फैलाने, प्लास्टिक का प्रयोग करने और गंदगी करने वाले फुटकर विक्रेताओं और दुकानदारों के खिलाफ छापेमारी अभियान चलाया गया। इसके बाद राजीव ग्राम, ढालवाला में टीम ने छापेमारी अभियान चलाया। अचानक छापेमारी की कार्रवाई को देख यहां दुकानदारों में अफरा-तफरी मच गई। कार्रवाई में कुल छह चालान, दो कूड़ा फेंकने, तीन प्लास्टिक का प्रयोग करने और एक थूकने पर किए गए। जिनसे कुल 23 सौ रूपए का राजस्व वसूला गया। इस दौरान कर निरीक्षक ने सभी से कूड़ा न फैलाने, प्लास्टिक का प्रयोग न करने और जगह-जगह न थूकने की अपील भी की। छापेमारी अभियान में सुपरवाईजर जितेंद्र सिंह सजवाण भी मौजूद रहे।

बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नही होने दूंगा-खरोला

कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला ने बताया कि आज ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत देहरादून रोड पर मालवीय मार्ग में स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय नंबर 7 जो भारत की आजादी से पूर्व से यहां पर चल रहा है, स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों के द्वारा शिकायत किए जाने पर आज स्कूल के निरीक्षण के दौरान पता चला की स्कूल में 2 कमरों में 85 बच्चे पढ़ रहे है जो अत्यधिक निंदनीय है। अभिभावकों द्वारा बताया गया कि कुछ समय से कुछ लोगों के द्वारा स्कूल के बच्चों को छत पर जाने नहीं दिया जा रहा है और विद्यालय के छत पर बने शौचालय को भी बंद कर दिया गया है।
खरोला ने कहा कि जहा एक तरफ सरकार बच्चो की पढ़ाई को प्रोत्साहन देने के लिए कई योजनाओं से सरकारी स्कूलों को अपग्रेड करने के लिए तमाम घोषणाए करती रहती है उनके विपरीत जमीनी हकीकत में सरकारी स्कूलो की हालत बद से बदतर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार स्लोगन तो बहुत अच्छे दे रही है लेकिन हकीकत कुछ ओर ही है।
खरोला ने कहा कि क्षेत्र के सांसद केंदीय शिक्षा मंत्री रह चुके है और स्थानीय विधायक विधानसभा के अध्यक्ष है परन्तु तब भी ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के सरकारी विद्यालयो की दशा निंदनीय है, यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। खरोला ने कहा कि स्कूल के शिक्षक और स्टाफ के द्वारा पूर्व में एसडीएम ऋषिकेश थाना प्रभारी तहसीलदार को इस घटना के विषय में जानकारी दी जा चुकी थी परंतु सभी सक्षम अधिकारी एक दूसरे के ऊपर बात को डालने का कार्य कर रहे रहे। जब यह खबर उन्हें अभिभावकों द्वारा मिली तब मैंने वहां जाकर सारी स्थिति को देखा और सभी अभिभावकों के साथ ऋषिकेश कोतवाली जाकर इस विषय में बात की और वहीं से ऋषिकेश तहसीलदार से भी फोन पर वार्ता की गई। जिसके बाद खरोला ने कहा कि मालवीय मार्ग में स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय पर भूमाफियाआंे द्वारा हो रहे अत्याचार के लिए एसडीएम सभी सक्षम अधिकारियों से यह कहा गया कि यदि जल्द ही इस स्कूल के शौचालय का रास्ता और छत पर जाने का मार्ग नहीं खोला गया तो कांग्रेस उन सभी दलित परिवार के बच्चों के लिए लड़ाई लड़ने के लिए विवश होगी।
खरोला ने कहा कि अगर जल्द प्रशासन कोई कदम नहीं उठाता तो कांग्रेस उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी। इस दौरान उनके साथ ऋषि पोसवाल, सोनू पांडे, दीपक धमांदा आदि मौजूद रहे।

गौला पुल को जल्द से जल्द चालू करवाना प्राथमिकता-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सुबह क्षतिग्रस्त गौला पुल का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा गौला पुल पूरे क्षेत्र के आवागमन के लिए अति महत्वपूर्ण है। जिस दिन से यह पुल क्षतिग्रस्त हुआ है उसी दिन से हमारा प्रयास है कि पुल जल्द से जल्द चालू किया जा सके। नियमों को शिथिल किया गया है। पुल का कार्य युद्धस्तर पर होगा ताकि पुल जल्द चालू हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनता के साथ है प्रभावितों की हर संभव मदद की जायेगी। उन्होने कहा मूलभूत सुविधाएं विद्युत, पेयजल, सड़क, स्वास्थ तुरन्त बहाल किये जा रहे है। सरकार आपदा कार्याे की लगातार मॉनिटरिंग भी कर रही है।
निरीक्षण दौरान प्रभारी एवं ग्राम्य विकास मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द, आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ धन सिंह रावत, मेयर डॉ. जोगेन्द्र पाल सिंह रौतेला, मण्डलायुक्त सुशील कुमार, डीआईजी नीलेश आनन्द भरणे, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

आईडीपीएल में किरायेदारों को नोटिस पर भड़के लोग, कांग्रेस ने दिया समर्थन

आवासीय कल्याण समिति आईडीपीएल द्वारा कई परिवारों को बेदख़ल करने के नोटिस के विरोध और नगर निगम क्षेत्र में आईडीपीएल क्षेत्र को सम्मिलित करने को लेकर आईडीपीएल के राम मन्दिर बाज़ार में करवा चौथ के दिन व्रती महिलाओं ने प्रबंधन के खिलाफ सांकेतिक धरना दिया। एआईसीसी के सदस्य जयेन्द्र रमोला ने भी धरने पर पहुंचकर लोगों को अपना समर्थन दिया।
इस अवसर पर जयेन्द्र रमोला ने कहा कि जहां एक और पूरे देश में मातृ शक्ति करवाचौथ का व्रत रख कर अपने घरों पर पूजा पाठ कर रही हैं। वहीं, दूसरी ओर आईडीपीएल क्षेत्र की मातृ शक्ति अपने अधिकारों व अपने घरों को बचाने के लिए यहा धरने पर बैठी हैं। उन्होंने कहा कि मैं पूछना चाहता हुं कि कुछ माह पूर्व जो सरकार के द्वारा आईडीपीएल कारख़ाने में ऑक्सीजन प्लांट को चलाने के लिए सेना के इंजीनियरों को कार्य सौंपा था और इसमें लाखों रुपये भी खर्च हुए परंतु क्या आज वहां पर ऑक्सीजन का उत्पादन हो रहा हैं। अगर उत्पादन हो रहा हैं तो प्लांट को क्यों बंद करवाया जा रहा हैं और अगर उत्पादन नही हो रहा है तो क्यों लाखों रुपयों के साथ साथ सेना का समय क्यों बर्बाद किया गया। जबकि उस समय क्षेत्रीय विधायक व क्षेत्रीय सांसद ने इस प्लांट को लेकर अपनी पीठ थप-थापने का काम किया था।
समिति के अध्यक्ष रामेश्वरी चौहान व सचिव सुनील कुटलैहडिया ने कहा कि चाहे जो हो जाये आने वाले कुछ दिनों में इस आंदोलन को वृहद स्तर पर चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आईडीपीएल प्रबंधन के साथ-साथ सरकार में बैठे जनप्रतिनिधियों को भी चेताया जायेगा। उन्होंने कहा कि अगर हमे नगर निगम में सम्मिलित नहीं किया गया या हमें बेघर करने का प्रयास किया गया तो इसका परिणाम आगामी चुनाव में भुगतना पड़ेगा।
धरने पर बैठने वाले समिति के सचिव सुनील कुटलैहडिया, रामेश्वरी चौहान, सारिका कुटलैहडिया, नंदनी भंडारी, कल्पना चौहान, संगीता उनियाल, मंजू रावत, सारिका सिंह, पूजा, सरोज, अनिता, सुधा, कुसुम थापा, उर्मिला, आदित्य, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष दीपक गौनियाल, वैभव, नीलम चंदानी, मौली कर्माकर, सूरज कुकरेती, सुमित्रा बिष्ट आदि धरने पर बढ़ी संख्या में महिलायें व वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे।