बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नही होने दूंगा-खरोला

कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला ने बताया कि आज ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत देहरादून रोड पर मालवीय मार्ग में स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय नंबर 7 जो भारत की आजादी से पूर्व से यहां पर चल रहा है, स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों के द्वारा शिकायत किए जाने पर आज स्कूल के निरीक्षण के दौरान पता चला की स्कूल में 2 कमरों में 85 बच्चे पढ़ रहे है जो अत्यधिक निंदनीय है। अभिभावकों द्वारा बताया गया कि कुछ समय से कुछ लोगों के द्वारा स्कूल के बच्चों को छत पर जाने नहीं दिया जा रहा है और विद्यालय के छत पर बने शौचालय को भी बंद कर दिया गया है।
खरोला ने कहा कि जहा एक तरफ सरकार बच्चो की पढ़ाई को प्रोत्साहन देने के लिए कई योजनाओं से सरकारी स्कूलों को अपग्रेड करने के लिए तमाम घोषणाए करती रहती है उनके विपरीत जमीनी हकीकत में सरकारी स्कूलो की हालत बद से बदतर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार स्लोगन तो बहुत अच्छे दे रही है लेकिन हकीकत कुछ ओर ही है।
खरोला ने कहा कि क्षेत्र के सांसद केंदीय शिक्षा मंत्री रह चुके है और स्थानीय विधायक विधानसभा के अध्यक्ष है परन्तु तब भी ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के सरकारी विद्यालयो की दशा निंदनीय है, यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। खरोला ने कहा कि स्कूल के शिक्षक और स्टाफ के द्वारा पूर्व में एसडीएम ऋषिकेश थाना प्रभारी तहसीलदार को इस घटना के विषय में जानकारी दी जा चुकी थी परंतु सभी सक्षम अधिकारी एक दूसरे के ऊपर बात को डालने का कार्य कर रहे रहे। जब यह खबर उन्हें अभिभावकों द्वारा मिली तब मैंने वहां जाकर सारी स्थिति को देखा और सभी अभिभावकों के साथ ऋषिकेश कोतवाली जाकर इस विषय में बात की और वहीं से ऋषिकेश तहसीलदार से भी फोन पर वार्ता की गई। जिसके बाद खरोला ने कहा कि मालवीय मार्ग में स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय पर भूमाफियाआंे द्वारा हो रहे अत्याचार के लिए एसडीएम सभी सक्षम अधिकारियों से यह कहा गया कि यदि जल्द ही इस स्कूल के शौचालय का रास्ता और छत पर जाने का मार्ग नहीं खोला गया तो कांग्रेस उन सभी दलित परिवार के बच्चों के लिए लड़ाई लड़ने के लिए विवश होगी।
खरोला ने कहा कि अगर जल्द प्रशासन कोई कदम नहीं उठाता तो कांग्रेस उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी। इस दौरान उनके साथ ऋषि पोसवाल, सोनू पांडे, दीपक धमांदा आदि मौजूद रहे।

गौला पुल को जल्द से जल्द चालू करवाना प्राथमिकता-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सुबह क्षतिग्रस्त गौला पुल का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा गौला पुल पूरे क्षेत्र के आवागमन के लिए अति महत्वपूर्ण है। जिस दिन से यह पुल क्षतिग्रस्त हुआ है उसी दिन से हमारा प्रयास है कि पुल जल्द से जल्द चालू किया जा सके। नियमों को शिथिल किया गया है। पुल का कार्य युद्धस्तर पर होगा ताकि पुल जल्द चालू हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनता के साथ है प्रभावितों की हर संभव मदद की जायेगी। उन्होने कहा मूलभूत सुविधाएं विद्युत, पेयजल, सड़क, स्वास्थ तुरन्त बहाल किये जा रहे है। सरकार आपदा कार्याे की लगातार मॉनिटरिंग भी कर रही है।
निरीक्षण दौरान प्रभारी एवं ग्राम्य विकास मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द, आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ धन सिंह रावत, मेयर डॉ. जोगेन्द्र पाल सिंह रौतेला, मण्डलायुक्त सुशील कुमार, डीआईजी नीलेश आनन्द भरणे, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

आईडीपीएल में किरायेदारों को नोटिस पर भड़के लोग, कांग्रेस ने दिया समर्थन

आवासीय कल्याण समिति आईडीपीएल द्वारा कई परिवारों को बेदख़ल करने के नोटिस के विरोध और नगर निगम क्षेत्र में आईडीपीएल क्षेत्र को सम्मिलित करने को लेकर आईडीपीएल के राम मन्दिर बाज़ार में करवा चौथ के दिन व्रती महिलाओं ने प्रबंधन के खिलाफ सांकेतिक धरना दिया। एआईसीसी के सदस्य जयेन्द्र रमोला ने भी धरने पर पहुंचकर लोगों को अपना समर्थन दिया।
इस अवसर पर जयेन्द्र रमोला ने कहा कि जहां एक और पूरे देश में मातृ शक्ति करवाचौथ का व्रत रख कर अपने घरों पर पूजा पाठ कर रही हैं। वहीं, दूसरी ओर आईडीपीएल क्षेत्र की मातृ शक्ति अपने अधिकारों व अपने घरों को बचाने के लिए यहा धरने पर बैठी हैं। उन्होंने कहा कि मैं पूछना चाहता हुं कि कुछ माह पूर्व जो सरकार के द्वारा आईडीपीएल कारख़ाने में ऑक्सीजन प्लांट को चलाने के लिए सेना के इंजीनियरों को कार्य सौंपा था और इसमें लाखों रुपये भी खर्च हुए परंतु क्या आज वहां पर ऑक्सीजन का उत्पादन हो रहा हैं। अगर उत्पादन हो रहा हैं तो प्लांट को क्यों बंद करवाया जा रहा हैं और अगर उत्पादन नही हो रहा है तो क्यों लाखों रुपयों के साथ साथ सेना का समय क्यों बर्बाद किया गया। जबकि उस समय क्षेत्रीय विधायक व क्षेत्रीय सांसद ने इस प्लांट को लेकर अपनी पीठ थप-थापने का काम किया था।
समिति के अध्यक्ष रामेश्वरी चौहान व सचिव सुनील कुटलैहडिया ने कहा कि चाहे जो हो जाये आने वाले कुछ दिनों में इस आंदोलन को वृहद स्तर पर चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आईडीपीएल प्रबंधन के साथ-साथ सरकार में बैठे जनप्रतिनिधियों को भी चेताया जायेगा। उन्होंने कहा कि अगर हमे नगर निगम में सम्मिलित नहीं किया गया या हमें बेघर करने का प्रयास किया गया तो इसका परिणाम आगामी चुनाव में भुगतना पड़ेगा।
धरने पर बैठने वाले समिति के सचिव सुनील कुटलैहडिया, रामेश्वरी चौहान, सारिका कुटलैहडिया, नंदनी भंडारी, कल्पना चौहान, संगीता उनियाल, मंजू रावत, सारिका सिंह, पूजा, सरोज, अनिता, सुधा, कुसुम थापा, उर्मिला, आदित्य, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष दीपक गौनियाल, वैभव, नीलम चंदानी, मौली कर्माकर, सूरज कुकरेती, सुमित्रा बिष्ट आदि धरने पर बढ़ी संख्या में महिलायें व वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे।

आखिर सीएम क्यो हुए सीएम भावुक और अधिकारियों से क्या बोले

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आपदा कार्यों को संवेदनशील होकर पूरी गंभीरता से लेते हुए पूरे मनोयोग से अधिकारी कार्य करें ताकि उन्हें व सरकार को जनता याद रखे। उन्होंने आपदा कार्यों को शीघ्र दुरूस्त करने हेतु जनपद नैनीताल व ऊधम सिंह नगर को आपदा मद से 50 करोड़ की धनराशि देने की घोषणा मुख्यमंत्री ने की।
मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस काठगोदाम में आपदा कार्यों की समीक्षा बैठक लेते हुए कहा कि आपदा से पीड़ित एवं प्रभावित परिवारों को उनके पारिवारिक सदस्यों की भॉति चिन्तन करते हुए शीघ्राति शीघ्र राहत पहुंचाना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि आपदा के इस दौर में किसी ने अपना बेटा-बाप, मां-बहन एवं पारिवारिक सदस्य खोये हैं, परिवार में एक भी सदस्य के जाने से परिवार की परिस्थिति एवं दिनचर्या बदल जाती है, इसको संवेदनशील होकर सोचते हुए शीघ्रता से सभी प्रभावितों को राहत पहुंचाना सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिये कि अधिकारी कार्यों को समयबद्ध तरीके से धरातल पर लाना सुनिश्चित करें कोई भी ढिलाई बरदाश्त नहीं की जायेगी। लापरवाही करने वाले अधिकारियों को कतई बख्शा नहीं जायेगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नियमित कार्यों के स्थान पर आपदा सम्बन्धित कार्यों को प्राथमिकता से करें ताकि जनता को राहत मिल सके व जनजीवन सामान्य हो सके। उन्होंने कहा कि सड़के, बिजली, पानी व संचार व्यवस्थाऐं स्थायी रूप से बहाल न होने तक तुरन्त वैकल्पिक व्यवस्थाओं से बहाल की जायें तथा स्वास्थ्य सेवाएं भी दुरूस्त रखी जाये। धन की कोई कमी नहीं है, कार्यों को समयबद्धता, गुणवत्ता व पारदर्शिता से किये जायें। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावितों को सहायता राशि तत्काल वितरित करें ताकि पीड़ितों को राहत मिल सके। जिस पर जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि जनपद में 99 लाख की सहायता राशि वितरित की जा चुकी है जिसमें 17 मृतकों के परिवार शामिल हैं, और प्रभावितों का सहायता राशि वितरित की जा रही है।
आपदा प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न एवं आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनी रहे, इस पर पैनी नज़र रखे तथा इसमें कोई कमी नहीं होनी चाहिए। आवश्यकतानुसार हैली सेवा का उपयोग करते हुए प्रभावितों राहत सामाग्री उपलब्ध करायी जाये। मुख्यमंत्री निर्देश दिये कि काश्तकारों की फसल हानि का आंकलन मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए शीघ्रता से करें ताकि उन्हें भी मुआवजा राशि तुरन्त दी जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मण्डल में दुर्घटना सम्भावित पेड़ों के कटान की प्रक्रिया को और अधिक सरल करने हेतु वनाधिकारियों से वार्ता करते हुए खतरा बने पेड़ों का कटान कराने के निर्देश आयुक्त कुमाऊॅ मण्डल को दिये ताकि संभावित दुर्घटना से बचा जा सके। उन्होंने चोपड़ा गांव में आबादी क्षेत्र के ऊपर अटके बड़े-बड़े बोल्डरों को हटाने की व्यवस्था कराने के निर्देश जिलाधिकारी को दिये। उन्होंने चुकम में आपदा के दौरान बेघर हुए परिवारों के लिए टैण्ट की व्यवस्था करने के साथ ही खाद्य सामाग्री भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि वर्षाकाल में नहरों, गूलों के पानी का रूख कस्बो व घरों की ओर हो गया है, इसे रोकने हेतु कार्य योजना बनाने के निर्देश सिंचाई विभाग के अभियंताओं को दिये। वर्षाकाल में पेयजल हेतु उपयोग करने वाले पानी में एलम, ब्लीचिंग पाउडर के साथी क्लोरीनाइजेशन करना सुनिश्चित करें ताकि जनता को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके, इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिये कि जल भराव वाले क्षेत्रों में दवा का छिड़काव करें ताकि डेंगू व अन्य जल जनित बीमारियों से बचा जा सके।
मुख्यमंत्री ने सिडकुल के पास चोरगलिया-सितारगंज मार्ग को गड्डामुक्त करने हेतु सिडकुल से धनराशि लोनिवि को तुरन्त हस्तान्तरित कराने के निर्देश मण्डलायुक्त को दिये। उन्होंने लोनिवि को निर्देश दिये कि 7 नवम्बर से पहले सड़क को गड्डामुक्त करना सुनिश्चित करें। उन्होंने गोला पुल-सर्किट हाउस के मध्य गड्डायुक्त सड़क पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिशासी अभियंता को तुरन्त गड्डामुक्त करने के निर्देश दिये।
केन्द्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि अधिकारी कार्यों को गंभीरता से लें, समय की बरबादी न करें तथा आदेशों को गंभीरता से लेते हुए आपदा कार्य त्वरित गति से पूर्ण करे। उन्होंने कहा विभागीय अधिकारियों को जो भी धनराशि, उपकरण आदि चाहिए उसकी मांग जिलाधिकारी को दें, धनराशि की कोई कमी नहीं है।
बैठक में काबीना मंत्री बंशीधर भगत, धनसिंह रावत, जनपद प्रभारी मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द, विधायक दीवान सिंह बिष्ट, नवीन दुम्का, जिला पंचायत अध्यक्ष बेला तोलिया, मेयर डॉ.जोगेन्द्र पाल सिंह रौतेला सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

अल्मोड़ा जिले के दुरस्थ गांवों में पहुंचे सीएम, प्रभावित परिवारों से मिलें

मुख्यमंत्री ने विगत दिनों हुई आपदा में मृतकों के परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने हीराडूंगरी निवासी रेखा देवी की पुत्री अरोमा सिंह के मलबे में दबने के कारण हुई मृत्यु पर उनकी माता से मिलकर गहरा दुःख व शोक संवेदना व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने ग्राम सिराड पहुॅचकर चन्दन सिंह की पत्नी लीला देवी के मलबे में दब जाने से मृत्यु होने पर उनके परिवारजनों से मिलकर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावितों से मुलाकात कर कहा कि अतिवृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रदेश सरकार हर सम्भव सहायता कर रही है। उन्होंने कहा कि आपदा के समय सरकार हर पीड़ित व्यक्ति के साथ खड़ी है और सभी लोग अपने-अपने स्तर से काम कर रहे है। उन्होंने आपदा प्रभावित स्थलों का मुआयना करते हुए जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि आपदा मद से इन स्थलों पर सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जाय।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने पुलिस लाईन में समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों में लापरवाही ना बरती जाए तथा बचाव व राहत कार्यों में तेजी से काम किया जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि शीघ्र अति शीघ्र आपदा प्रभावित इलाकों में राशन व्यवस्था समेत मूलभूत आवश्यकताओं की व्यवस्था की जाए। जिन परिवारों को विस्थापित किया जाना है उनके लिए स्थान का जल्द से जल्द चयन कर उन्हें विस्थापित की जाने की कार्रवाई की जाए। संचार, सड़क, बिजली तथा पानी जैसी मूलभूत आवश्यकताओं समेत सभी व्यवस्थाओं को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए। जिससे लोगों को मुसीबत का सामना ना करना पड़े। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि 07 नवम्बर तक सड़कों को गडढ़ा मुक्त किया जाय।
जिलाधिकारी वन्दना सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय मार्ग व राज्य मार्ग यातायात हेतु खोल दिए गये है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र की बन्द सड़कों को 26 अक्टूबर तक पूर्णरूप से खोल दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि आपदा से हुई क्षति में सभी को मुआवजा वितरित कर दिया गया है। जनपद में आपदा राहत कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। साथ ही सड़क, पैदल मार्ग, पेयजल लाईन, संचार एवं विद्युत आपूर्ति का कार्य तेजी के साथ किया जा रहा है और सभी परिसम्पत्तियों को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
इस दौरान आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ धन सिंह रावत, विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान, सांसद अजय टम्टा, नगरपालिका अध्यक्ष प्रकाश चन्द्र जोशी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित थे।

आपदाग्रस्त क्षेत्रों में मूलभूत सुविधायें निर्धारित समय में पूरी की जाये-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद पिथौरागढ़ में तहसील धारचूला पंहुचकर आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेते हुए आपदा प्रभावितों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने आपदा प्रभावितों को राहत राशि के चैक भी वितरित किए।
मुख्यमंत्री ने तहसील धारचूला मुख्यालय एवं जिला मुख्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर आपदा राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को तत्काल राहत, पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण के कार्यों को तेजी से करने के निर्देश दिए।
उन्होंने क्षेत्र के मृतक व्यक्तियों के प्रति दुःख एवं संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि दुःख की, इस घड़ी सरकार उनके साथ खड़ी है और उनकी हर संभव मदद करेगी। धारचूला में मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावितों को कुल 23 लाख रुपये की धनराशि के चैक वितरित किए।
धारचूला के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिला मुख्यालय पंहुचकर नैनीसैनी एयरपोर्ट के विश्राम गृह में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर आपदा से हुए नुकसान की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राहत, बचाव एवं पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुए रिस्टोरेशन कार्य कराए जाय। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न समेत आवश्यक सामग्री की आपूर्ति नियमित रूप से की जाय। जनपद में सड़क, संचार, विद्युत तथा पेयजल समेत सभी मूलभूत सुविधाओं को यथाशीघ्र दुरुस्त करते हुए स्वास्थ्य एवं शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त रखा जाय,ताकि जनता को किसी भी प्रकार की समस्या न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बंद सड़कों को खोले जाने का कार्य युद्ध स्तर पर किया जाय। इस हेतु अतिरिक्त मशीनरी को लगाया जाय। उन्होंने निर्देश दिये कि जिले में आगामी 7 नवम्बर तक सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त किए जाने का लक्ष्य रखा गया है, इस हेतु यथाशीघ्र कार्य प्रारम्भ किया जाप, साथ ही उन्होंने सभी सड़क मार्गों में झाड़ी कटान व नाली निर्माण का भी कार्य कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि कृषि,औद्यानिकी को भी जितनी क्षति हुई है, उसका भी तुरंत आंकलन किया जाय।
जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान ने जनपद में विगत दिनों तेज बारिश से हुए नुकसान और प्रशासन द्वारा किए गए राहत, बचाव एवं पुनर्निर्माण कार्यों के बारे में जानकारी दी। विगत दिनों हुई भारी वर्षा से जनपद में कुल 105 सड़कें बंद हो गई थी जिसमें से 66 सड़कों को यातायात हेतु खोल दिया गया है। शीघ्र ही सभी सड़कों को यातायात हेतु खोल दिया जाएगा। जिले में उच्च हिमालयी क्षेत्र में फसे लगभग 120 पर्यटकों को हैलीकॉप्टर से सुरक्षित निकाल लिया गया है। इसके अतिरिक्त 108 क्षतिग्रस्त पेयजल लाईनों में से 87 लाईनों को अस्थाई रूप से सुचारू कर दिया गया है, भारी वर्षा से जिले के कुल 580 गाँवों में विद्युत व्यवस्था बाधित हो गई थी जिसमें से 559 गांवों में विद्युत व्यवस्था सुचारू कर दी गई है।
बैठक से पहले, मुख्यमंत्री एवं सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों आदि के द्वारा सभी दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। तहसील पिथौरागढ़ के ग्राम सटगल निवासी भगवान राम तथा छाना पांडेय निवासी निर्मला पांडेय को क्रमशः 48 हजार तथा 39 हजार 900 रुपये के चेक वितरित किए गए। बैठक के उपरांत मुख्यमंत्री द्वारा जनता की समस्याएं भी सुनी। इस दौरान उन्होंने कहा कि मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर प्रदेश में अलर्ट जारी करते हुए सभी पूर्व तैयारियां की गई जिस कारण प्रदेश में हुई इस भीषण वर्षा में जनहानि को कम कर पाए। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही पुनर्निर्माण के कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे, इस हेतु तेजी से कार्य किया जा रहा है।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री बिशन सिंह चुफाल, डॉ. धन सिंह रावत, विधायक चंद्रा पंत, मीना गंगोला, अध्यक्ष जिला पंचायत दीपिका बोहरा, अध्यक्ष नगर पालिका राजेन्द्र रावत, अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक मनोज सामंत, सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि व विभागों के अधिकारी आदि मौजूद रहे।

चंपावत पहुंचे सीएम, पीड़ित परिवारों को बधांया ढ़ाढंस

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज आपदा प्रभावित जनपद चम्पावत में हालात का जायजा लिया। उन्होंने चम्पावत के तेलवाडा में जाकर आपदा में मृतकों के परिजनों से मिलकर उनके प्रति संवेदना व्यक्ति की। मुख्यमंत्री ने दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उनकी पीड़ा को समझती है तथा इस मुश्किल घड़ी में सरकार पीड़ितों एवं आम जनमानस के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से पीड़ितों को हर संभव मदद दी जाएगी। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि जनपद में आपदा प्रभावितों को जल्द से जल्द मुवावजे देने की कार्रवाई पूरी की जाए।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस में समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों में लापरवाही ना बरती जाए तथा कहा कि बचाव व राहत कार्यों में तेजी से काम किया जाएं।
उन्होंने निर्देश दिए कि शीघ्र, अति शीघ्र आपदा प्रभावित इलाकों में राशन व्यवस्था समेत मूलभूत आवश्यकताओं की व्यवस्था की जाए। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि आपदा से निपटने के लिए उपकरणों की आवश्यकता है तो क्रय कर लिए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए की जिन परिवारों को विस्थापित किया जाना है, उनके लिए स्थान का जल्द से जल्द चयन कर उन्हें विस्थापित की जाने की कार्रवाई जल्द से जल्द की जाए। कहा की युद्ध स्तर पर कार्य करें। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों का भू सर्वेक्षण किया जाए। जिसमे एडीएम को उसका नोडल अधिकारी बनाया जाए। प्रशासन को निर्देश दिए कि आपदा ग्रस्त लोगों को हर सम्भव सहयोग दिया जाए।
उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि जनपद में संचार, सड़क, बिजली तथा पानी जैसी मूलभूत आवश्यकताओं समेत सभी व्यवस्थाओं को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए।
जिलाधिकारी विनीत तोमर ने जनपद में राहत कार्यों के बारे में जानकारी दी। इस दौरे पर मुख्यमंत्री के साथ आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक पूरण फर्त्याल, कैलाश गहतोड़ी तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि समेत अन्य मौजूद रहे।

संयुक्त कार्रवाई में चेन स्नेचिंग गैंग का शातिर गिरफ्तार

कोतवाली पुलिस और एसओजी ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए चेन स्नेचिंग गैंग के एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसके पास से एक देसी तमंचा, 2 जिंदा कारतूस समेत लूटी हुई चेन बरामद की है। जबकि वारदात में शामिल आरोपी का बेटा फरार चल रहा है।
कोतवाली पुलिस के मुताबिक भट्टोवाला, श्यामपुर निवासी मनीष व्यास पुत्र स्व. दिनेश व्यास ने शिकायत दर्ज करायी थी कि 14 अक्तूबर को उनकी मां विजयलक्ष्मी व्यास घर से शादी समारोह में शामिल होने रायवाला गई थी। वे शादी से शाम के समय पैदल ही घर वापस आ रही थी। इसीबीच भट्टोवाला प्राइमरी स्कूल के समीप पीछे से बाइक में सवार दो लोगों ने उनके गले से सोने की चेन झपटी और धक्का देकर फरार हो गए। बदहवास हालत में घर पहुंची मां ने घटना की जानकारी दी।
मुकदमा दर्ज करने के बाद बदमाशों की धरपकड़ में जुटी पुलिस ने घटनास्थल से लेकर आसपास लगे 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की गई। सुराग हाथ लगने पर पुलिस ने मुख्य मार्गों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने गढ़ी श्यामपुर तिराहे के पास एक आरोपी को पकड़ लिया। उसके कब्जे से महिला से छीनी गई सोने की चेन, देसी तमंचा, दो जिंदा कारतूस बरामद किए। पुलिस ने आरोपी की पहचान इरफान पुत्र स्व. असगर अली निवासी ग्राम शिवदासपुर, रामपुर मनिहारन, सहारनपुर, यूपी के रूप में करायी है। बताया कि वारदात में शामिल आरोपी का पुत्र दानिश फरार है। ये लोग वर्तमान में ज्वालापुर, हरिद्वार में रहते हैं।

छापेमारी अभियान में 10 चालान, 28 सौ रूपए का राजस्व वसूला

नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला ने क्षेत्र में कूड़ा फैलाने, प्लास्टिक का प्रयोग करने और गंदगी करने वालों के विरूद्ध छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान कुल दस चालान किए गए, जिनसे कुल 28 सौ रूपए का राजस्व वसूला गया।
शुक्रवार को कर निरीक्षक अनुराधा गोयल और सफाई निरीक्षक भूपेंद्र सिंह पंवार के नेतृत्व में पालिका की टीम मुनिकीरेती बस पार्किंग पहुंची। यहां कूड़ा फैलाने, प्लास्टिक का प्रयोग करने और गंदगी करने वाले फुटकर रेहड़ी विक्रेताओं और दुकानदारों के खिलाफ छापेमारी अभियान चलाया गया। इसके बाद कैलाश गेट में टीम ने छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान कुल दस चालान, सात कूड़ा फेंकने, एक प्लास्टिक का प्रयोग करने और तीन थूकने पर चालान किए गए। जिनसे कुल 28 सौ रूपए का राजस्व वसूला गया। इस दौरान कर निरीक्षक ने सभी से कूड़ा न फैलाने, प्लास्टिक का प्रयोग न करने और जगह-जगह न थूकने की अपील भी की। छापेमारी अभियान में सुपरवाईजर जितेंद्र सिंह सजवाण भी मौजूद थे।

पानी की टंकी में चढ़े कर्मचारी, सालभर से वेतन नही अब नौकरी से निकालने से है नाराज

गीता भवन आयुर्वेद संस्थान के कर्मचारियों ने आज पानी की टंकी पर चढ़कर जमकर हंगामा किया। सूचना मिलने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। आरोप है कि संस्थान ने उन्हें बेवजह नौकरी से निकाल दिया है और एक साल से तनख्वाह भी नही दी है।
आज सुबह स्वर्गाश्रम जोंक क्षेत्र में एक पानी की टंकी पर गीता भवन आयुर्वेद संस्थान के कर्मचारी चढ़ गए। हंगामा करते हुए गीता भवन प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन करने लगे। इनमें से कुछ कर्मचारी ऊपर से कूदकर जान देने की धमकी देते हुए भी दिखाई दिए। सूचना मिलने के बाद पुलिस प्रशासन और स्थानीय नेता आनन-फानन में मौके पर पहुंचे। सभी ने कर्मचारियों को वार्ता के लिए नीचे बुलाने की बात कही, मगर कर्मचारी पानी की टंकी से नीचे उतरने को तैयार नहीं हुए। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि गीता भवन आयुर्वेद संस्थान को हरिद्वार स्थित सिडकुल एरिया में शिफ्ट कर दिया गया है। कुछ कर्मचारियों को नौकरी से इस दौरान निकाल दिया है। अब उन्हें गीता भवन में आवंटित कमरे भी खाली करने के लिए नोटिस दिए जा रहे हैं। आरोप है कि संस्थान ने उनकी एक साल से तनख्वाह भी रोक रखी है। ऐसे में उनके सामने सुसाइड करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा है। कई कर्मचारियों के बीवी और बच्चे भी रिश्ते नाते तोड़ कर जा चुके हैं। समाचार लिखे जाने तक पुलिस प्रशासन कर्मचारियों को टंकी से नीचे उतारने के लिए वार्ता करने में लगी रही। वहीं, कुछ नेता भी कर्मचारियों के समर्थन में पुलिस से बहस करते हुए नजर आए हैं।