आखिर सीएम क्यो हुए सीएम भावुक और अधिकारियों से क्या बोले

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आपदा कार्यों को संवेदनशील होकर पूरी गंभीरता से लेते हुए पूरे मनोयोग से अधिकारी कार्य करें ताकि उन्हें व सरकार को जनता याद रखे। उन्होंने आपदा कार्यों को शीघ्र दुरूस्त करने हेतु जनपद नैनीताल व ऊधम सिंह नगर को आपदा मद से 50 करोड़ की धनराशि देने की घोषणा मुख्यमंत्री ने की।
मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस काठगोदाम में आपदा कार्यों की समीक्षा बैठक लेते हुए कहा कि आपदा से पीड़ित एवं प्रभावित परिवारों को उनके पारिवारिक सदस्यों की भॉति चिन्तन करते हुए शीघ्राति शीघ्र राहत पहुंचाना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि आपदा के इस दौर में किसी ने अपना बेटा-बाप, मां-बहन एवं पारिवारिक सदस्य खोये हैं, परिवार में एक भी सदस्य के जाने से परिवार की परिस्थिति एवं दिनचर्या बदल जाती है, इसको संवेदनशील होकर सोचते हुए शीघ्रता से सभी प्रभावितों को राहत पहुंचाना सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिये कि अधिकारी कार्यों को समयबद्ध तरीके से धरातल पर लाना सुनिश्चित करें कोई भी ढिलाई बरदाश्त नहीं की जायेगी। लापरवाही करने वाले अधिकारियों को कतई बख्शा नहीं जायेगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नियमित कार्यों के स्थान पर आपदा सम्बन्धित कार्यों को प्राथमिकता से करें ताकि जनता को राहत मिल सके व जनजीवन सामान्य हो सके। उन्होंने कहा कि सड़के, बिजली, पानी व संचार व्यवस्थाऐं स्थायी रूप से बहाल न होने तक तुरन्त वैकल्पिक व्यवस्थाओं से बहाल की जायें तथा स्वास्थ्य सेवाएं भी दुरूस्त रखी जाये। धन की कोई कमी नहीं है, कार्यों को समयबद्धता, गुणवत्ता व पारदर्शिता से किये जायें। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावितों को सहायता राशि तत्काल वितरित करें ताकि पीड़ितों को राहत मिल सके। जिस पर जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि जनपद में 99 लाख की सहायता राशि वितरित की जा चुकी है जिसमें 17 मृतकों के परिवार शामिल हैं, और प्रभावितों का सहायता राशि वितरित की जा रही है।
आपदा प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न एवं आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनी रहे, इस पर पैनी नज़र रखे तथा इसमें कोई कमी नहीं होनी चाहिए। आवश्यकतानुसार हैली सेवा का उपयोग करते हुए प्रभावितों राहत सामाग्री उपलब्ध करायी जाये। मुख्यमंत्री निर्देश दिये कि काश्तकारों की फसल हानि का आंकलन मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए शीघ्रता से करें ताकि उन्हें भी मुआवजा राशि तुरन्त दी जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मण्डल में दुर्घटना सम्भावित पेड़ों के कटान की प्रक्रिया को और अधिक सरल करने हेतु वनाधिकारियों से वार्ता करते हुए खतरा बने पेड़ों का कटान कराने के निर्देश आयुक्त कुमाऊॅ मण्डल को दिये ताकि संभावित दुर्घटना से बचा जा सके। उन्होंने चोपड़ा गांव में आबादी क्षेत्र के ऊपर अटके बड़े-बड़े बोल्डरों को हटाने की व्यवस्था कराने के निर्देश जिलाधिकारी को दिये। उन्होंने चुकम में आपदा के दौरान बेघर हुए परिवारों के लिए टैण्ट की व्यवस्था करने के साथ ही खाद्य सामाग्री भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि वर्षाकाल में नहरों, गूलों के पानी का रूख कस्बो व घरों की ओर हो गया है, इसे रोकने हेतु कार्य योजना बनाने के निर्देश सिंचाई विभाग के अभियंताओं को दिये। वर्षाकाल में पेयजल हेतु उपयोग करने वाले पानी में एलम, ब्लीचिंग पाउडर के साथी क्लोरीनाइजेशन करना सुनिश्चित करें ताकि जनता को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके, इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिये कि जल भराव वाले क्षेत्रों में दवा का छिड़काव करें ताकि डेंगू व अन्य जल जनित बीमारियों से बचा जा सके।
मुख्यमंत्री ने सिडकुल के पास चोरगलिया-सितारगंज मार्ग को गड्डामुक्त करने हेतु सिडकुल से धनराशि लोनिवि को तुरन्त हस्तान्तरित कराने के निर्देश मण्डलायुक्त को दिये। उन्होंने लोनिवि को निर्देश दिये कि 7 नवम्बर से पहले सड़क को गड्डामुक्त करना सुनिश्चित करें। उन्होंने गोला पुल-सर्किट हाउस के मध्य गड्डायुक्त सड़क पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिशासी अभियंता को तुरन्त गड्डामुक्त करने के निर्देश दिये।
केन्द्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि अधिकारी कार्यों को गंभीरता से लें, समय की बरबादी न करें तथा आदेशों को गंभीरता से लेते हुए आपदा कार्य त्वरित गति से पूर्ण करे। उन्होंने कहा विभागीय अधिकारियों को जो भी धनराशि, उपकरण आदि चाहिए उसकी मांग जिलाधिकारी को दें, धनराशि की कोई कमी नहीं है।
बैठक में काबीना मंत्री बंशीधर भगत, धनसिंह रावत, जनपद प्रभारी मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द, विधायक दीवान सिंह बिष्ट, नवीन दुम्का, जिला पंचायत अध्यक्ष बेला तोलिया, मेयर डॉ.जोगेन्द्र पाल सिंह रौतेला सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

अल्मोड़ा जिले के दुरस्थ गांवों में पहुंचे सीएम, प्रभावित परिवारों से मिलें

मुख्यमंत्री ने विगत दिनों हुई आपदा में मृतकों के परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने हीराडूंगरी निवासी रेखा देवी की पुत्री अरोमा सिंह के मलबे में दबने के कारण हुई मृत्यु पर उनकी माता से मिलकर गहरा दुःख व शोक संवेदना व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने ग्राम सिराड पहुॅचकर चन्दन सिंह की पत्नी लीला देवी के मलबे में दब जाने से मृत्यु होने पर उनके परिवारजनों से मिलकर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावितों से मुलाकात कर कहा कि अतिवृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रदेश सरकार हर सम्भव सहायता कर रही है। उन्होंने कहा कि आपदा के समय सरकार हर पीड़ित व्यक्ति के साथ खड़ी है और सभी लोग अपने-अपने स्तर से काम कर रहे है। उन्होंने आपदा प्रभावित स्थलों का मुआयना करते हुए जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि आपदा मद से इन स्थलों पर सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जाय।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने पुलिस लाईन में समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों में लापरवाही ना बरती जाए तथा बचाव व राहत कार्यों में तेजी से काम किया जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि शीघ्र अति शीघ्र आपदा प्रभावित इलाकों में राशन व्यवस्था समेत मूलभूत आवश्यकताओं की व्यवस्था की जाए। जिन परिवारों को विस्थापित किया जाना है उनके लिए स्थान का जल्द से जल्द चयन कर उन्हें विस्थापित की जाने की कार्रवाई की जाए। संचार, सड़क, बिजली तथा पानी जैसी मूलभूत आवश्यकताओं समेत सभी व्यवस्थाओं को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए। जिससे लोगों को मुसीबत का सामना ना करना पड़े। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि 07 नवम्बर तक सड़कों को गडढ़ा मुक्त किया जाय।
जिलाधिकारी वन्दना सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय मार्ग व राज्य मार्ग यातायात हेतु खोल दिए गये है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र की बन्द सड़कों को 26 अक्टूबर तक पूर्णरूप से खोल दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि आपदा से हुई क्षति में सभी को मुआवजा वितरित कर दिया गया है। जनपद में आपदा राहत कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। साथ ही सड़क, पैदल मार्ग, पेयजल लाईन, संचार एवं विद्युत आपूर्ति का कार्य तेजी के साथ किया जा रहा है और सभी परिसम्पत्तियों को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
इस दौरान आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ धन सिंह रावत, विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान, सांसद अजय टम्टा, नगरपालिका अध्यक्ष प्रकाश चन्द्र जोशी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित थे।

आपदाग्रस्त क्षेत्रों में मूलभूत सुविधायें निर्धारित समय में पूरी की जाये-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद पिथौरागढ़ में तहसील धारचूला पंहुचकर आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेते हुए आपदा प्रभावितों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने आपदा प्रभावितों को राहत राशि के चैक भी वितरित किए।
मुख्यमंत्री ने तहसील धारचूला मुख्यालय एवं जिला मुख्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर आपदा राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को तत्काल राहत, पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण के कार्यों को तेजी से करने के निर्देश दिए।
उन्होंने क्षेत्र के मृतक व्यक्तियों के प्रति दुःख एवं संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि दुःख की, इस घड़ी सरकार उनके साथ खड़ी है और उनकी हर संभव मदद करेगी। धारचूला में मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावितों को कुल 23 लाख रुपये की धनराशि के चैक वितरित किए।
धारचूला के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिला मुख्यालय पंहुचकर नैनीसैनी एयरपोर्ट के विश्राम गृह में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर आपदा से हुए नुकसान की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राहत, बचाव एवं पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुए रिस्टोरेशन कार्य कराए जाय। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न समेत आवश्यक सामग्री की आपूर्ति नियमित रूप से की जाय। जनपद में सड़क, संचार, विद्युत तथा पेयजल समेत सभी मूलभूत सुविधाओं को यथाशीघ्र दुरुस्त करते हुए स्वास्थ्य एवं शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त रखा जाय,ताकि जनता को किसी भी प्रकार की समस्या न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बंद सड़कों को खोले जाने का कार्य युद्ध स्तर पर किया जाय। इस हेतु अतिरिक्त मशीनरी को लगाया जाय। उन्होंने निर्देश दिये कि जिले में आगामी 7 नवम्बर तक सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त किए जाने का लक्ष्य रखा गया है, इस हेतु यथाशीघ्र कार्य प्रारम्भ किया जाप, साथ ही उन्होंने सभी सड़क मार्गों में झाड़ी कटान व नाली निर्माण का भी कार्य कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि कृषि,औद्यानिकी को भी जितनी क्षति हुई है, उसका भी तुरंत आंकलन किया जाय।
जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान ने जनपद में विगत दिनों तेज बारिश से हुए नुकसान और प्रशासन द्वारा किए गए राहत, बचाव एवं पुनर्निर्माण कार्यों के बारे में जानकारी दी। विगत दिनों हुई भारी वर्षा से जनपद में कुल 105 सड़कें बंद हो गई थी जिसमें से 66 सड़कों को यातायात हेतु खोल दिया गया है। शीघ्र ही सभी सड़कों को यातायात हेतु खोल दिया जाएगा। जिले में उच्च हिमालयी क्षेत्र में फसे लगभग 120 पर्यटकों को हैलीकॉप्टर से सुरक्षित निकाल लिया गया है। इसके अतिरिक्त 108 क्षतिग्रस्त पेयजल लाईनों में से 87 लाईनों को अस्थाई रूप से सुचारू कर दिया गया है, भारी वर्षा से जिले के कुल 580 गाँवों में विद्युत व्यवस्था बाधित हो गई थी जिसमें से 559 गांवों में विद्युत व्यवस्था सुचारू कर दी गई है।
बैठक से पहले, मुख्यमंत्री एवं सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों आदि के द्वारा सभी दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। तहसील पिथौरागढ़ के ग्राम सटगल निवासी भगवान राम तथा छाना पांडेय निवासी निर्मला पांडेय को क्रमशः 48 हजार तथा 39 हजार 900 रुपये के चेक वितरित किए गए। बैठक के उपरांत मुख्यमंत्री द्वारा जनता की समस्याएं भी सुनी। इस दौरान उन्होंने कहा कि मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर प्रदेश में अलर्ट जारी करते हुए सभी पूर्व तैयारियां की गई जिस कारण प्रदेश में हुई इस भीषण वर्षा में जनहानि को कम कर पाए। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही पुनर्निर्माण के कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे, इस हेतु तेजी से कार्य किया जा रहा है।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री बिशन सिंह चुफाल, डॉ. धन सिंह रावत, विधायक चंद्रा पंत, मीना गंगोला, अध्यक्ष जिला पंचायत दीपिका बोहरा, अध्यक्ष नगर पालिका राजेन्द्र रावत, अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक मनोज सामंत, सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि व विभागों के अधिकारी आदि मौजूद रहे।

चंपावत पहुंचे सीएम, पीड़ित परिवारों को बधांया ढ़ाढंस

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज आपदा प्रभावित जनपद चम्पावत में हालात का जायजा लिया। उन्होंने चम्पावत के तेलवाडा में जाकर आपदा में मृतकों के परिजनों से मिलकर उनके प्रति संवेदना व्यक्ति की। मुख्यमंत्री ने दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उनकी पीड़ा को समझती है तथा इस मुश्किल घड़ी में सरकार पीड़ितों एवं आम जनमानस के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से पीड़ितों को हर संभव मदद दी जाएगी। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि जनपद में आपदा प्रभावितों को जल्द से जल्द मुवावजे देने की कार्रवाई पूरी की जाए।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस में समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों में लापरवाही ना बरती जाए तथा कहा कि बचाव व राहत कार्यों में तेजी से काम किया जाएं।
उन्होंने निर्देश दिए कि शीघ्र, अति शीघ्र आपदा प्रभावित इलाकों में राशन व्यवस्था समेत मूलभूत आवश्यकताओं की व्यवस्था की जाए। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि आपदा से निपटने के लिए उपकरणों की आवश्यकता है तो क्रय कर लिए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए की जिन परिवारों को विस्थापित किया जाना है, उनके लिए स्थान का जल्द से जल्द चयन कर उन्हें विस्थापित की जाने की कार्रवाई जल्द से जल्द की जाए। कहा की युद्ध स्तर पर कार्य करें। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों का भू सर्वेक्षण किया जाए। जिसमे एडीएम को उसका नोडल अधिकारी बनाया जाए। प्रशासन को निर्देश दिए कि आपदा ग्रस्त लोगों को हर सम्भव सहयोग दिया जाए।
उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि जनपद में संचार, सड़क, बिजली तथा पानी जैसी मूलभूत आवश्यकताओं समेत सभी व्यवस्थाओं को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए।
जिलाधिकारी विनीत तोमर ने जनपद में राहत कार्यों के बारे में जानकारी दी। इस दौरे पर मुख्यमंत्री के साथ आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक पूरण फर्त्याल, कैलाश गहतोड़ी तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि समेत अन्य मौजूद रहे।

संयुक्त कार्रवाई में चेन स्नेचिंग गैंग का शातिर गिरफ्तार

कोतवाली पुलिस और एसओजी ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए चेन स्नेचिंग गैंग के एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसके पास से एक देसी तमंचा, 2 जिंदा कारतूस समेत लूटी हुई चेन बरामद की है। जबकि वारदात में शामिल आरोपी का बेटा फरार चल रहा है।
कोतवाली पुलिस के मुताबिक भट्टोवाला, श्यामपुर निवासी मनीष व्यास पुत्र स्व. दिनेश व्यास ने शिकायत दर्ज करायी थी कि 14 अक्तूबर को उनकी मां विजयलक्ष्मी व्यास घर से शादी समारोह में शामिल होने रायवाला गई थी। वे शादी से शाम के समय पैदल ही घर वापस आ रही थी। इसीबीच भट्टोवाला प्राइमरी स्कूल के समीप पीछे से बाइक में सवार दो लोगों ने उनके गले से सोने की चेन झपटी और धक्का देकर फरार हो गए। बदहवास हालत में घर पहुंची मां ने घटना की जानकारी दी।
मुकदमा दर्ज करने के बाद बदमाशों की धरपकड़ में जुटी पुलिस ने घटनास्थल से लेकर आसपास लगे 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की गई। सुराग हाथ लगने पर पुलिस ने मुख्य मार्गों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने गढ़ी श्यामपुर तिराहे के पास एक आरोपी को पकड़ लिया। उसके कब्जे से महिला से छीनी गई सोने की चेन, देसी तमंचा, दो जिंदा कारतूस बरामद किए। पुलिस ने आरोपी की पहचान इरफान पुत्र स्व. असगर अली निवासी ग्राम शिवदासपुर, रामपुर मनिहारन, सहारनपुर, यूपी के रूप में करायी है। बताया कि वारदात में शामिल आरोपी का पुत्र दानिश फरार है। ये लोग वर्तमान में ज्वालापुर, हरिद्वार में रहते हैं।

छापेमारी अभियान में 10 चालान, 28 सौ रूपए का राजस्व वसूला

नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला ने क्षेत्र में कूड़ा फैलाने, प्लास्टिक का प्रयोग करने और गंदगी करने वालों के विरूद्ध छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान कुल दस चालान किए गए, जिनसे कुल 28 सौ रूपए का राजस्व वसूला गया।
शुक्रवार को कर निरीक्षक अनुराधा गोयल और सफाई निरीक्षक भूपेंद्र सिंह पंवार के नेतृत्व में पालिका की टीम मुनिकीरेती बस पार्किंग पहुंची। यहां कूड़ा फैलाने, प्लास्टिक का प्रयोग करने और गंदगी करने वाले फुटकर रेहड़ी विक्रेताओं और दुकानदारों के खिलाफ छापेमारी अभियान चलाया गया। इसके बाद कैलाश गेट में टीम ने छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान कुल दस चालान, सात कूड़ा फेंकने, एक प्लास्टिक का प्रयोग करने और तीन थूकने पर चालान किए गए। जिनसे कुल 28 सौ रूपए का राजस्व वसूला गया। इस दौरान कर निरीक्षक ने सभी से कूड़ा न फैलाने, प्लास्टिक का प्रयोग न करने और जगह-जगह न थूकने की अपील भी की। छापेमारी अभियान में सुपरवाईजर जितेंद्र सिंह सजवाण भी मौजूद थे।

पानी की टंकी में चढ़े कर्मचारी, सालभर से वेतन नही अब नौकरी से निकालने से है नाराज

गीता भवन आयुर्वेद संस्थान के कर्मचारियों ने आज पानी की टंकी पर चढ़कर जमकर हंगामा किया। सूचना मिलने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। आरोप है कि संस्थान ने उन्हें बेवजह नौकरी से निकाल दिया है और एक साल से तनख्वाह भी नही दी है।
आज सुबह स्वर्गाश्रम जोंक क्षेत्र में एक पानी की टंकी पर गीता भवन आयुर्वेद संस्थान के कर्मचारी चढ़ गए। हंगामा करते हुए गीता भवन प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन करने लगे। इनमें से कुछ कर्मचारी ऊपर से कूदकर जान देने की धमकी देते हुए भी दिखाई दिए। सूचना मिलने के बाद पुलिस प्रशासन और स्थानीय नेता आनन-फानन में मौके पर पहुंचे। सभी ने कर्मचारियों को वार्ता के लिए नीचे बुलाने की बात कही, मगर कर्मचारी पानी की टंकी से नीचे उतरने को तैयार नहीं हुए। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि गीता भवन आयुर्वेद संस्थान को हरिद्वार स्थित सिडकुल एरिया में शिफ्ट कर दिया गया है। कुछ कर्मचारियों को नौकरी से इस दौरान निकाल दिया है। अब उन्हें गीता भवन में आवंटित कमरे भी खाली करने के लिए नोटिस दिए जा रहे हैं। आरोप है कि संस्थान ने उनकी एक साल से तनख्वाह भी रोक रखी है। ऐसे में उनके सामने सुसाइड करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा है। कई कर्मचारियों के बीवी और बच्चे भी रिश्ते नाते तोड़ कर जा चुके हैं। समाचार लिखे जाने तक पुलिस प्रशासन कर्मचारियों को टंकी से नीचे उतारने के लिए वार्ता करने में लगी रही। वहीं, कुछ नेता भी कर्मचारियों के समर्थन में पुलिस से बहस करते हुए नजर आए हैं।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार ने राहत व बचाव कार्य बेहतर ढंग से चलाया-अमित शाह

केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने प्रदेश के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर हालात का जायजा लिया। उनके साथ राज्यपाल उत्तराखण्ड ले.ज. (से.नि.) गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केन्द्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट, उत्तराखण्ड के आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ धन सिंह रावत व राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी भी थे।
इसके बाद राज्य अतिथि गृह, जौलीग्रांट में केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेश में आपदा की स्थिति और संचालित राहत व बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार देवभूमि की हर सम्भव सहायता करेगी। भविष्य में और बेहतर आपदा प्रबंधन के लिए क्या किया जा सकता है, राज्य सरकार इस संबंध में अपने सुझाव भेजे। आपदाग्रस्त व जलभराव वाले क्षेत्रों में मेडिकल टीमें भेजी जाएं ताकि किसी तरह की बीमारियों को फैलने से रोका जा सके। क्षतिग्रस्त बिजली लाईनों को पूरी तरह जल्द से जल्द ठीक की जाए। केंद्रीय व राज्य की एजेंसियों में बेहतर समन्वय देखने को मिला, इसे इसी प्रकार बनाए रखा जाए। बैठक में केन्द्रीय गृह मंत्री के समक्ष प्रस्तुतिकरण देते हुए बताया गया कि भारी बारिश का अलर्ट मिलने के तत्काल बाद मुख्यमंत्री स्तर पर समीक्षा की गई। तुरंत इन्सीडेंस रेस्पोंस सिस्टम को राज्य व जिला स्तर पर सक्रिय कर दिया गया। एहतियातन तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर रोक लिया गया। साथ ही स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया गया। विभिन्न माध्यमों से यात्रियों और जनसाधारण को भी अलर्ट किया गया। ट्रैकर्स को भी अलर्ट किया गया। नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी गई और आवश्यक कदम उठाए गए। आईएमडी के अनुसार सामान्य रूप से 1.1 मिमि बारिश होती है जबकि अभी 122.4 मिमि बारिश हुई। इन दो दिनों में सभी जगह रिकार्ड बारिश हुई। परंतु सही समय पर अलर्ट और तदनुसार एहतियात कदम उठाने से हानि को कम किया जा सका। प्रदेश में इस समय एनडीआरएफ की 17 टीमें तैनात हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्र से मिले सहयोग पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेना, एनडीआरएफ, सीडब्ल्यूसी, बीआरओ के साथ मिलकर राज्य सरकार आपदा की तीव्रता को कम कर सकी। लोगों को अधिक से अधिक राहत पहुंचाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। चारों धाम की यात्रा शुरू की जा चुकी है।
बैठक में केन्द्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट, उत्तराखण्ड के आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ धन सिंह रावत, मुख्य सचिव डॉ एस एस संधु, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी अशोक कुमार, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, सचिव एस ए मुरूगेशन, डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम, डीआईजी एसडीआरएफ रिद्धिम अग्रवाल उपस्थित थे। बैठक में भारत सरकार के अधिकारी भी उपस्थित थे।
बैठक के बाद केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस संकट की स्थिति में भारत सरकार हर तरीके से देवभूमि के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बहुत अच्छे से काम किया है। इस कारण से कम नुकसान हुआ है। आने वाले दिनों में भी इसी प्रकार का समन्वय रहेगा।
अमित शाह ने कहा कि दो घंटे के हवाई निरीक्षण और समीक्षा बैठक में स्थिति का जायजा लिया। यह बात स्पष्ट है कि भारत सरकार द्वारा सही समय पर अलर्ट करने से नुकसान को कम किया जा सका। 24 घंटे पहले चेतावनी मिलने से मुख्यमंत्री ने पूरे सिस्टम को एक्टिवेट किया। लोगों को भी अलर्ट कर दिया गया। चारधाम यात्रियों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया। इसी का परिणाम है कि अभी तक चारधाम यात्रियों में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। यात्रा अब शुरू भी कर दी गई है। सभी एजेंसियां समय पर सक्रिय हो गई थी। प्रधानमंत्री जी ने मुख्यमंत्री से बात कर समय पर राज्य को हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराए। भारत सरकार से हर सम्भव सहयोग दिया जा रहा है। सेंटर वाटर कमीशन और सिंचाई विभाग में अच्छा समन्वय रहा। अभी तक 64 दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु हुई हैं। कुछ लोग लापता हैं। ज्यादातर सड़कें खुल गई हैं। पेयजल, बिजली, टेलीफोन नेटवर्क की आपूर्ति भी काफी बहाल कर दी गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने राहत व बचाव कार्य बहुत अच्छे से चलाया। इससे बहुत सी जानों को बचाया जा सका। 3500 लोगो को रेस्क्यू किया गया जबकि 16 हजार लोगों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। एनडीआरएफ की 17 टीमें, एसडीआरएफ की 60 टीमें, पीएसी की 15 कम्पनियां और पुलिस के 5 हजार जवान आज भी बचाव व राहत में लगे हैं। जल्द ही सामान्य स्थिति हो जाएगी। नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। वास्तविक नुकसान का आंकलन पूरे सर्वे के बाद हो पाएगा। वैसे डिजास्टर फंड में उत्तराखण्ड को पहले से ही 250 करोड़ रुपए की राशि दी गई है। इससे काम किया जा रहा है।

नैनीताल जिले में भारी बारिश से जान माल का भारी नुकसान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को जिले में भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने आपदा से हुए नुकसान की जानकारी दी। जिले में चल रहे आपदा राहत कार्यों से भी अवगत कराया।
जिलाधिकारी गर्ब्याल ने सीएम को बताया कि जिले में विगत दिनों मूसलाधार वर्षा होने के कारण लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, जल संस्थान, लघु सिंचाई की बड़े पैमाने पर राजकीय परिसम्पत्तियां क्षतिग्रस्त हुई हैं। जिनका प्राथमिक आंकलन 102 करोड़ रुपये किया गया है। विस्तृत आंकलन जारी है। मुख्यमंत्री ने पुनर्निमाण कार्य शुरू कराने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए। आपदा के दौरान हुई जनहानि, पशु हानि, भवन हानि व फसल हानि का मुआवजा व सहायता राशि तुरन्त आपदा पीड़ितों को देने के निर्देश भी सीएम ने दिए। जिलाधिकारी गर्ब्याल ने मुख्यमंत्री को बताया कि रामनगर के वन ग्राम सुन्दरखाल के 30 परिवारों को वायुसेना के हेलीकॉप्टर एयलिफ्ट किया गया। लालकुआं में बाढ़ से प्रभावित 97 परिवारों को गुरुद्वारे में शिफ्ट किया गया है। क्षेत्र में राहत शिविर साथ ही सहायता राशि बांटी जा रही है। रामनगर के चुकम गांव नदी के तेज बहाव के कारण प्रभावित हो गया था। राफ्टों के माध्यम से रेस्क्यू कार्य किया जा रहा है। गांव में राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। तल्ला रामगढ़ में फंसे यात्रियों के भोजन की व्यवस्था स्थानीय स्तर पर की जा रही है। अतिरिक्त राशन किट उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

मजदूरों के पार्थिव शरीर बिहार जाएंगे
डीएम ने बताया कि ग्राम चौखुटा में 5 मजदूरों की मृत्यु हो गई थी। उनके पार्थिव शरीर को बिहार तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा बिहार के अधिकारियों से वार्ता की जा रही है। मजदूरों के पार्थिव शरीर को दिल्ली भेजा जा रहा है।

कैंची मार्ग में फंसे 500 यात्रियों को निकाला
गर्ब्याल ने बताया कि गत दिवस कैंची-भवाली मार्ग के अवरूद्ध होने से 150 वाहनों में लगभग 500 यात्री फंसे हुए थे। जिनको रेस्क्यू कर निकाला गया। मार्ग हल्के वाहनों के लिए खोल दिया गया है।

मलबे में दबे चार शवों को निकाला
डीएम ने बताया कि बोहराकोट रामगढ़ में मलबे में फंसे दो व्यक्तियों के शव को एनडीआरएफ की टीम ने निकाल लिया है। कैंची में मलबे में फंसे दो शवों को भी निकाल लिया गया है।

हवाई निरीक्षण के बाद मौके पर जाकर रेस्क्यू अभियान का सीएम कर रहे निरीक्षण

प्रदेश में पिछले दो दिनों से अतिवृष्टि के कारण उत्पन्न स्थिति का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी निरन्तर अनुश्रवण कर राहत एवं बचाव कार्यों के सम्बन्ध में अधिकारियों से जानकारी प्राप्त कर आवश्यक निर्देश भी दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने पीडितों को त्वरित राहत एवं अनुमन्य आर्थिक मदद के साथ ही तीर्थयात्रियों एवं पर्यटकों की सुविधा का भी ध्यान रखने के निर्देश दिये हैं।
मंगलवार को मुख्यमंत्री ने पूर्वाहन मे सचिवालय स्थित राज्य आपदा प्रबन्धन कन्ट्रोल रूम जाकर प्रदेश में अतिवृष्टि से हुए नुकसान की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से वीडियों कांफ्रेंसिंग के माध्यम से भी स्थिति का जायजा लिया।
उसके बाद मुख्यमंत्री ने गढ़वाल व कुमांऊ क्षेत्र के आपदा ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया तथा रूद्रप्रयाग के जिलाधिकारी से यात्रा व्यवस्थाओं तथा विभिन्न स्थानों पर रूके यात्रियों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि पीडितों के साथ ही यात्रियां को हर संभव सहयोग एवं सहायता उपलब्ध करायी जाय। उन्होंने बन्द मार्गाे को खोलने के भी निर्देश जिलाधिकारी को दिये।
दोपहर बाद मुख्यमंत्री ने एक बार फिर कुंमाऊ क्षेत्र के रामनगर, बाजपुर, किच्छा, सितारगंज आदि आपदा ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर पंतनगर एयरपोर्ट पर जिलाधिकारी के साथ एयर फोर्स, एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ के अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्याे के सम्बन्ध में विचार विमर्श किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने रूद्रपुर संजयनगर खेड़ा में उत्पन्न जल भराव की स्थिति का जायता लिया तथा प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होने जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने व रहने, भोजन आदि की समुचित व्यवस्था कराना सुनिश्चित करें। अतिवृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार द्वारा हर सम्भव सहयोग किया जायेगा। उन्होने कहा कि इस आपदा के कारण जिन परिवारों में जनहानि हुई है उनके आश्रितों को 4 लाख रूपये का मुआवजा दिया जायेगा। उन्होने पीङितों से मिलते हुए कहा कि सरकार द्वारा सभी जरूरी इंतजाम किये जा रहे हैं। उन्होने कहा कि यह एक दैवीय आपदा की घड़ी है, इस परिस्थितियों में सभी के सहयोग से इस आपदा से निपटा जायेगा। उन्होने रेस्क्यू मे लगे एनडीआरएफ, पुलिस के जवानों का हौसला भी बढ़ाया।
मुख्यमंत्री ने आपदा पीडितों को आश्वस्त किया कि संकट की इस घडी में राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है।
इसके पश्चात् मुख्यमंत्री सड़क मार्ग से हल्द्वानी पहुंचे तथा अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त हुए गोला नदी पुल का निरीक्षण किया तथा नदी से हुए नुकसान का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने प्रभावितों से मिलकर उनकी समस्यायें भी सुनी। मुख्यमंत्री ने पीडितों को हर सम्भव मदद का आश्वासन दिया।
सर्किट हाउस काठगोदाम में मुख्यमंत्री ने जनपद नैनीताल के अधिकारियों के साथ जनपद में आपदा से हुए नुकसान आदि की समीक्षा की तथा राहत एवं बचाव कार्यों में पूरे मनायोग एवं तत्परता के साथ सम्पादित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि हर पीडित की मदद करना हमारा उद्देश्य होना चाहिए। इस सम्बन्ध में कोई कोताही न बरती जाय। इस दौरान आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ धनसिंह रावत भी मुख्यमंत्री के साथ रहे।